CBSE - MCQ Question Banks (के. मा. शि. बो . -प्रश्नमाला )

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Q. 162001 आम संपत्ति संसाधन (सीपीआर) को परिभाषित करें।
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

आम संपत्ति संसाधन को समुदाय के प्राकृतिक संसाधन के रूप में परिभाषित किया जा सकता है। जहां हर सदस्य को उपयोग और निर्दिष्ट दायित्वों के साथ उपयोग का अधिकार किसी का भी उन पर संपदा अधिकारों के बिना होता है।


Q. 162002 भारत में उत्पादित प्रमुख तिलहनो का नाम बताइये।
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

भारत में उत्पादित प्रमुख तिलहन, मूंगफली सरसों, अलसी, अरंडी के बीज, कुसुम बीज, सोयाबीन, सूरजमुखी के बीज और कपास के बीज हैं।


Q. 162003 बागाती कृषि की कोई दो विशेषताएँ बताइये।
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

विशिष्ट कृषि उपजों का ही उत्पादन किया जाता है। उदा-केला, नारियल, रबड़ आदि।बागानों में ही कार्यालय, माल तैयार करने, सुखाने व श्रमिकों के निवास आदि होते हैं।


Q. 162004 भारत में कृषि के वाणिज्यीकरण के कम होने के पीछे मुख्य कारण क्या हैं?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

अधिकतर किसान अपनी आवश्यता के लिए फसलें उगाते हैं। इन किसानों के पास अपनी जरूरत से अधिक उत्पादन के लिए पर्याप्त भू-संसाधन नहीं हैं। अधिकतर उपांत तथा छोटे किसान खाद्यान्नों की कृषि करते हैं, जिनसे  केवल उनकी पारिवारिक जरूरतों की पूर्ती होती है। धीरे-धीरे अब देश में सिंचित क्षेत्रों में कृषि का आधुनिकीकरण और वाणिज्यीकरण हो रहा है।


Q. 162005 भारत में फसलों की उत्पादकता कम क्यों है?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

अंतराष्ट्रीय स्तर की अपेक्षा भारत में फसलों की उत्पादकता बहुत कम है। भारत में अधिकतर फसलों जैसे - चावल, गेहूं, कपास व तिलहन की प्रति हेक्टेयर पैदावार अमेरिका, रूस तथा जापान से बहुत कम है। देश के शुष्क क्षेत्रों में अधिकतर मोटे अनाज, दालें तथा तिलहन की खेती की जाती है तथा यहाँ इनकी उत्पादकता बहुत कम है।


Q. 162006 भारत में किस स्तर के किसानों की संख्या सर्वाधिक है?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

भारत में सीमान्त तथा छोटे किसानों की संख्या सर्वाधिक है। 60 प्रतिशत से अधिक किसानों के पास एक हेक्टेयर से छोटे भू जोत हैं और लगभग 40 प्रतिशत किसानों की जोतों का आकार 0.5 हेक्टेयर से भी कम है।


Q. 162007 उन प्राकृतिक और मानवीय कारकों की सूची दे जो एक क्षेत्र में भूमि के उपयोग के स्वरूप को निर्धारित करती है।
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

भूमि उपयोग के स्वरूप के कारकों का निर्धारण हैं:

प्राकृतिक कारक: स्थलाकृति, मिट्टी और जलवायु।

मानव परिबल: जनसंख्या का घनत्व, क्षेत्र पर व्यवसाय की अवधि, भूमि कार्यकाल प्रणाली और लोगों की तकनीकी स्तर पर।


Q. 162008 एक बार से अधिक बुवाई क्षेत्र का क्या महत्व है?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

एक वर्ष में एक से अधिक फसल उगाने के लिए एक बार से अधिक बोये जाने वाले क्षेत्र के इस्तेमाल को इंगित करता है। कृषि उत्पादकता बढ़ाने के लिए भूमि के उपयोग की इस श्रेणी के अंतर्गत क्षेत्र में वृद्धि करने की जरूरत है, चूँकि लगभग सभी कृषि योग्य भूमि का पहले से ही उपयोग किया गया है। इसलिए यह उत्पादकता बढ़ाने का सबसे अच्छा तरीका है 'एक बार से अधिक बुवाई क्षेत्र' की श्रेणी में अधिक क्षेत्र को डाल दिया जाता है।


Q. 162009 किस प्रकार की भूमि का खेती के लिए उपयोग उपलब्ध नहीं हैं?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

खेती के लिए नही उपलब्ध भूमि में शामिल हैं:

1) भूमि जिसे गैर कृषि के उपयोग के लिए रखा जाता है जैसे बस्तियाँ, सड़के, रेलवे या जल निकायों के तहत भूमि जैसे नदियाँ, झीले, नहरे, तालाब आदि। 

2) बंजर भूमि में सारी बंजर और पहाड़ों में अकृषिगत भूमि, पहाड़ी ढलानों, रेगिस्तान और चट्टानी क्षेत्रों में सभी को शामिल किया गया है।


Q. 162010 भूमि के संरक्षण के लिए कुछ उपायों की सूची दीजिए।
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

भूमि के संरक्षण के उपाय इस प्रकार है:

1.  वनीकरण

2. आश्रय बेल्ट का रोपण

3. रेत के टीलों का स्थिरीकरण

4. चैक डैम का निर्माण

5. चराई पर नियंत्रण

6. खनन गतिविधियों पर नियंत्रण

7. बंजर भूमि का प्रबंधन

8. औद्योगिक कचरे के उचित निपटान


Q. 162011 आप हरित क्रांति को कैसे परिभाषित करेंगे?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

अनाज की उच्च उपज किस्मों की शुरूआत से उत्पन्न कृषि उत्पादकता में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है, कीटनाशकों के उपयोग और बेहतर प्रबंधन तकनीकों को हरित क्रांति के रूप में जाना गया है।


Q. 162012 HYV का अर्थ और लाभ क्या है?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

HYV उच्च बीज की किस्म से सम्बंधित है। इन बीजों का मुख्य लाभ यह है परंपरागत बीजों की तुलना में वे अधिक उपज देते है। फसलों की परिपक्वता का समय कम है और वे ज्यादातर बाढ़ और सूखा प्रतिरोधी हैं। एकाधिक फसलों को भी आसानी से उगाया जा सकता है।


Q. 162013 पूँजीवादी खेती को हरित क्रांति से प्रोत्साहन मिला है, टिप्पणी लिखो।
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

हाँ, पूँजीवादी खेती प्रोत्साहन मिला देश के 10 से अधिक हेक्टेयर खेती बड़े किसानों द्वारा विभिन्न आदानों में बड़ी राशि के पैसे का निवेश करके हरित क्रांति से अधिकतम लाभ पाने के लिए जाती थी जैसे- HYV बीज, उर्वरक, मशीने आदि।


Q. 162014 गाँधी जी के ग्रामीण अधिवास के बारे में क्या विचार थे ?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

भारतीय गाँव बड़े पुराने हैं। ये भारतीय संस्कृति के मूल आधार माने जाते हैं। महात्मा गाँधी के शब्दों में, “यदि गाँव की प्राचीन सभ्यता नष्ट हो गयी तो देश भी अन्ततः नष्ट हो जाएगा”।


Q. 162015 मधुमक्खी के छत्ता के आकार के गांवों को बसाने का मुख्य उद्देश्य क्या होता है ?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

मधुमक्खी के छत्ते के आकार के गांवों का स्वरूप मधुमक्खियों के छत्ते की भांति होता है। हिंसक पशुओं व शत्रुओं से सुरक्षा पाने के लिए ही इस प्रकार के गाँव एक घेरे के रूप में बनाए जाते हैं।


Q. 162016 चौक पट्टी अधिवासों का निर्माण किस प्रकार होता है ?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

चौक पट्टी या चौराहों पर बने मकान दो सड़कों के मिलने अथवा चौराहों पर बसने के कारण होता है। इनकी गलियाँ और सड़के एक-दूसरे से समानान्तर होती है और ये परस्पर समकोण बनाती हैं।


Q. 162017 रेखीय या पंक्तिनुमा अधिवासो की मुख्य विशेषता क्या है ?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

रेखीय या पंक्तिनुमा अधिवास बहुधा किसी सड़क के दोनों ओर नदियों के ऊँचे उठे भागों, नहरों, किसी संकरी घाटी के समानांतर या किसी स्रोत के किनारे एक पंक्ति के रूप में बसे होते हैं। इस प्रकार के गाँव में मकान प्राय: एक या अनेक पंक्तियों में बने होते हैं।


Q. 162018 सघन ग्रामीण अधिवास किन क्षेत्रों में मिलते हैं?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

सघन ग्रामीण अधिवास सामान्यत: उन क्षेत्रों में मिलते हैं, जहाँ मनुष्य सामाजिक दृष्टि से अपने पूरे समाज के साथ मिलकर रहना पसंद करता है।


Q. 162019 अधिवासों के वर्गीकरण के क्या आधार हैं?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

मानव अधिवासों का सामान्य: वर्गीकरण उनकी स्थिति, प्रकार, स्वरूप, प्रतिरूप, भौतिक वातावरण, आर्थिक एवं सामजिक और सांस्कृतिक–तकनीकी तथ्यों के आधार पर किया जाता है।


Q. 162020 ग्रामीण और नगरीय बस्तियों में दो प्रमुख अंतर स्पष्ट कीजिए।
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

1. विरल रूप से अव्यवस्थित छोटी बस्तियां जो कृषि अथवा अन्य प्राथमिक क्रियाकलापों कें विशिष्टतम रखती है ग्रामीण बस्तियां कहलाती हैं2. ग्रामाीण बस्तियों में रहने वाली जनसंख्या प्राथमिक आर्थिक क्रियाओं पर निर्भर करती है जबकि नगरीय बस्तियो के लोग विविध प्रकार के काम धन्धो में लगे रहते है। ये विभिन्न सेवा क्षेत्रों में भी नियोजित रहते है।


Q. 162021 ग्रामीण बस्तियों को प्रभावित करने वाले दो कारक लिखिए।
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

1. जल आपूर्तिः- साधारणतः ग्रामीण बस्तियां नदियों, झीलों, झरनों आदि जल स्रोतो के समीप विकसित होती है ताकि वाहं के निवासियों को पीने, खाना बनाने, वस्त्र धोने, कृषि भूमि पर सिंचाई करने आदि के लिए आसानी से उपलब्ध हो सके।2. भूमिः- मनुष्य बसने के लिए उस स्थान का चुनाव करता है जहाँ भूमि कृषि कार्य के लिए उपयुक्त व उपजाऊ हो किसी क्षेत्र में प्रारंभिक आदिवासी उपजाऊ व समतल क्षेत्रों में बसते हैं।


Q. 162022 ग्रामीण एवं नगरीय अधिवासों में विभेद किजिए।
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

ग्रामीण अधिवास नगरीय अधिवास 1) ग्रामीण अधिवास कृषि तथा अन्य प्राथमिक कार्यो के प्रमुख केन्द्र होते है । 2) यह पशुपालन का कार्य करते है । 1) नगरीय अधिवासी में द्वितीय एवं तृतीय श्रेणी के व्यवसायी की प्रधानता होती है। 2) ये शिक्षा, व्यापार प्रशासन आदि विशिष्ट कार्य सम्पन्न होते है ।


Q. 162023 भारत में गन्दी बस्तियों की दो समस्याएँ लिखिए।
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

1) उच्च जनसंख्या घनत्व वाली यह गन्दी बस्तियाँ मूलतः न्यूनतम वांछित आवासीय क्षेत्र होते है, जहाँ जीर्ण-शीर्ण मकान, स्वास्थय की निम्न सुविधाएँ खुली हवा तथा प्रकाश जैसी आधारभूत आवश्यक चीजों का अभाव पाया जाता है। 2) यह क्षेत्र वस्तुतः बहुत ही भीड-भाड, पतली संकरी गलियों वाले क्षेत्र होते है। जिस कारण यहाँ के अल्प पोषित लोग विभिन्न रोगों एवं बीमारियों से ग्रस्त होते रहते है।


Q. 162024 भारत में ग्रामीण एवं नगरीय बस्तियों में अन्तर के दो मूल बिन्दु क्या है?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

अ) ग्रामीण बस्तियों का आकार छोटा तथा नगरीय बस्तियों का आकार बड़ा होता है।ब) ग्रामीण बस्तियों के लोग मुख्य रूप से कृषि तथा पशुपालन पर निर्भर होते है तथा नगरीय लोग निर्माण उद्योग, व्यापार तथा प्रशासन के कार्य करते है।


Q. 162025 विश्व व्यापार संगठन के दो कार्य लिखिये ।
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

अ) विश्व व्यापार संगठन एक ऐसा अन्तर्राष्ट्रीय संगठन है जो कि राष्ट्रों के मध्य वैश्विक नियमों का व्यवहार करता है । ब) यह विश्वव्यापी व्यापार तंत्र के लिए नियमों को नियत करता है ।


Q. 162026 यूरोप में ग्रामीण अधिवास किस प्रकार के हैं ?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

यूरोप में ग्रामीण अधिवास अत्यंत जटिल प्रकार के हैं। जिनमें खुले हुए एकांकी कृषि गृहों से लगाकर अत्यंत बड़े नगर स्थित हैं। उत्तर के अत्यंत कठोर वातावरण में ग्रामीण अधिवास छोटे और बिखरे हुए तथा दक्षिण में काली मिट्टी के क्षेत्रों में ये बड़े और सघन मिलते हैं।


Q. 162027 भारत में बड़े गाँव कहाँ मिलते है?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

अधिकतर गाँव उत्तरी भारत में सतलुज-गंगा के बड़े मैदान और दक्षिण में नदियों की घाटियों तथा डेल्टाई प्रदेशों में मिलते हैं। बड़े गांवों की अधिकता उत्तर-प्रदेश, महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु में है। इन राज्यों में कृषि का अन्य राज्यों की अपेक्षा अच्छा विकास हुआ है।


Q. 162028 एशिया की ग्रामीण बस्तियों के बारे में लिखो l
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

विशेषत: दक्षिणी-पूर्वी क्षेत्र में, ग्रामीण बस्तियाँ अधिक महत्वपूर्ण हैं। इनमें अधिकतर घनी बस्तियाँ पायी जाती हैं। जीवन और सम्पति की सुरक्षा की दृष्टि से बिखरे हुए भाग इन गांवों में कम ही मिलते हैं। चीन, जापान, भारत, श्रीलंका आदि देशों में 70 से 80 प्रतिशत जनसंख्या गांवों में ही निवास करती है। जिसका मुख्य उद्यम खेती करना है। चीन में 88 प्रतिशत जनसंख्या 90,000 से कम जनसंख्या वाली बस्तियों में निवास करती है। भारत की 80 प्रतिशत जनसंख्या गाँव में रहती है।


Q. 162029 ग्रामीण अधिवास किसे कहतें हैं?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

ग्रामीण अधिवास से तात्पर्य उस अधिवास से होता है, जिसके निवासी अपने जीवनयापन के लिए भूमि के विदोहन पर निर्भर करते हैंl  इनके निवासियों का मुख्य व्यवसाय कृषि करना, पशुपालन, मछलियाँ पकड़ना, लकड़ियाँ काटना आदि होता है l  


Q. 162030 प्रदूषण के विभिन्न प्रकार कौन-कौन से है । किसी एक प्रकार प्रदूषण के विभिन्न स्रोत लिखिए ।
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

प्रदूषकों के परिवहित एवं विसरित होने के माध्यम के आधार पर प्रदूषण को निम्न लिखित चार प्रकारों मं वर्गीकृत किया जाता है । 1) जल प्रदूषण 2) वायु प्रदूषण 3) भू-प्रदूषण 4) ध्वनि प्रदूषण जल प्रदूषण के प्रमुख स्रोत-वाहित मल निपटान, नगरीय वाही जल उद्योगों के विषाक्त कृषि भूमि के ऊपर से बहता बहिःस्त्राव तथा नाभिकीय ऊर्जा संयंत्र आदि।


Q. 162031 मापदण्ड एवं गुणवत्ता के आधार पर संचार साधनों को दो वर्गो में विभक्त किया जा सकता है
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

मापदण्ड एवं गुणवत्ता के आधार पर संचार साधनों को दो वर्गो में विभक्त किया जा सकता है- अ) वैयक्तिक - पत्रादि, दूरभाष (टेलीफान), तार (टेलीग्राम), फैक्स ई-मेल, इंटरनेट आदि। ब) सार्वजनिक - रेडियों, टेलीविजन, सिनेमा, उपग्रह, सेटेलाइट, समाचार पत्र, पत्रिकाएँ व पुस्तकें, जनसभाएँ, गोष्ठियाँ व सम्मेलन आदि।


Q. 162032 संहत बस्ती एवं प्रकीर्ण बस्ती के मध्य दो अंतर लिखिए ।
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

संहत बस्ती एवं प्रकीर्ण बस्ती के मध्य अंतर

 

संहत बस्तियाँ -

1. संहत बस्तियां उपजाऊ मैदानों में पाई जाती हैं

2. यहाँ लोगों का मुख्य व्यवसाय कृषि होता है

प्रकीर्ण बस्ती

1. यह बस्तियां पर्वतीय या उच्च भूमि एवं शुष्क तथा अर्ध शुष्क मरुस्थलों में पाई जाती हैं

2. मुख्य व्यवसाय पशुपालन लकड़ी काटना है


Q. 162033 ग्रामीण एवं नगरीय अधिवासी में विभेद किजिए ।
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

ग्रामीण अधिवास नगरीय अधिवास 1) ग्रामीण अधिवास कृषि तथा अन्य प्राथमिक कार्यो के प्रमुख केन्द्र होते है । 2) यह पशुपालन का कार्य करते है । 1) नगरीय अधिवासी में द्वितीय एवं तृतीय श्रेणी के व्यवसायी की प्रधानता होती है। 2) ये शिक्षा, व्यापार प्रशासन आदि विशिष्ट कार्य सम्पन्न होते है ।


Q. 162034 चावल को भारत की सबसे महत्वपूर्ण फसल क्यों कहा जाता है?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

चावल को भारत की सबसे महत्वपूर्ण खाद्य फसल माना जाता है चूँकि यह हमारी आबादी का आधे से अधिक के द्वारा भोजन के रूप में प्रयोग किया जाता है। चावल नम क्षेत्रों में रहने वाले भारतीयों के लाखों लोगों का मुख्य भोजन है। चीन के बाद भारत दुनिया में चावल का दूसरा सबसे बड़ा उत्पादक है।

यदि भारत खेती के ज्ञान और तकनीकी को चीन और इंडोनेशिया  की तरह  को अपना सकता है तो वह चावल का 100 मिलियन टन अतिरिक्त का उत्पादन कर सकता है जो 400 मिलियन लोगो के लिए हर साल पर्याप्त रूप से मुख्य भोजन को उपलब्ध करवा सकेगा।


Q. 162035 ज्वार प्रायद्वीपीय भारत के लिए एक महत्वपूर्ण फसल क्यों माना जाता है? इसके विकास के लिए जलवायु आवश्यकताओं का वर्णन करें?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

ज्वार चावल और गेहूं के बाद भारत के तीसरी सबसे महत्वपूर्ण फसल है। यह दक्कन के पठार के शुष्क क्षेत्रों में रहने वाले लोगों के लिए पर्याप्त भोजन प्रदान करता है। इसका प्रयोग देश के कई हिस्सों में चारे के रूप में भी किया जाता है। ज्वार भारत में खरीफ के साथ ही रबी फसल दोनों है। इसे 25 डिग्री सेल्सियस से लेकर और 30 डिग्री सेल्सियस के बीच तापमान की आवश्यकता होती है इसके सफल उत्पादन के लिए 55 सेमी की वार्षिक वर्षा की आवश्यकता होती है। ज्वार सूखी खेती का एक अच्छा उदाहरण है और सिंचाई के साथ उगाया जाता है।


Q. 162036 यह किसानों को सलाह दी जाती है कि वे फसल चक्र के दौरान दालों का उत्पादन करे। क्यों?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

जब अनाज फसले जैसे- चावल, गेहूं, मक्का आदि, मिट्टी में बड़े होते हैं, वे मिट्टी से नाइट्रोजन लवण का उपयोग करते है। यदि अनाज की एक और  फसल को उसी मिट्टी में उगाया जाता है, तो मिट्टी में नाइट्रोजन की कमी हो जाएगी।

दलहन फलीदार पौधे हैं, जो यह करने के लिए नाइट्रोजन वापस देने से मिट्टी की उर्वरा शक्ति का नवीनीकरण करते है। इस प्रकार अनाज के उत्पादन के बीच में दालों का उत्पादन से मिट्टी में  नाइट्रोजन की समृद्धता में वृद्धि होती है। इससे खाद्यान्न के उत्पादन में वृद्धि होगी।


Q. 162037 छोटे जोत कैसे कृषि विकास को सीमित कर रही हैं?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

छोटी जोत निम्न तरीकों में कृषि विकास को प्रतिबंधित करती है:

1)  वे नई कृषि आदानों को खरीदने के लिए या भारी निवेश करने के लिए पर्याप्त आय उत्पन्न नहीं करती है।

2) सुधार तकनीकों और बीज के साथ कोई वैज्ञानिक खेती नही हो सकती हैं।

3)  ये जोत समय, श्रम की बर्बादी और कम उपयोग की सिंचाई सुविधाओं का नेतृत्व करती है।


Q. 162038 उन राज्यों के नाम बताइये जहाँ फसल तीव्रता बहुत कम है।
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

फसल तीव्रता निम्नलिखित क्षेत्रों में बहुत कम है:

1. राजस्थान, गुजरात और महाराष्ट्र के शुष्क और अर्ध-शुष्क भूमि।

2. प्रायद्वीपीय पठार के राज्य में कर्नाटक, आंध्र प्रदेश, केरल और तमिलनाडु शामिल हैं।

3. मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ और उत्तर-पूर्वी भारत के पहाड़ी राज्यों के क्षेत्र।


Q. 162039 फसल चक्र पद्धति के क्या लाभ हैं?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

फसल चक्र के लाभ निम्नलिखित हैं:

1. यह कीट और रोग की समस्या को कम करता है।

2. इसे सुधारने या मिट्टी की उर्वरता बनाए रखने में मदद करता है।

3. मिट्टी के कटाव को प्रभावी ढंग से नियंत्रित किया जाता है

4. यह रासायनिक उर्वरकों के उपयोग कम कर देता है।

5. कई फसले केवल एक ही मिट्टी की तैयारी के साथ अनुक्रम में उगायी जा सकती है।

6. फसल खराब होने का जोखिम विभिन्न फसलों के बीच वितरित किया जाता है।


Q. 162040 कृषि के क्षेत्र में मिट्टी का कटाव की समस्या पर एक संक्षिप्त नोट लिखें।
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

मिट्टी के क्षरण की समस्या कृषि के क्षेत्र की प्रमुख चिंताओं में से एक है। हवा और पानी से कटाव, गिरावट के लिए मुख्य रूप से जिम्मेदार है लेकिन दोषपूर्ण कृषि प्रथाओं से समस्या बढ गयी है। यह अनुमान लगाया गया है कि भारत के कुल भौगोलिक क्षेत्र का 40% गंभीर रूप से मिट्टी का कटाव से प्रभावित है। इसने काफी देश की कृषि उत्पादकता को प्रभावित किया है; इसके अलावा मिट्टी का  कटाव पर्यावरण के लिए भी एक खतरा है। इसे प्रभावी ढंग से इन तरीकों के द्वारा नियंत्रित किया जा सकता जैसे वृक्षारोपण, मेंडबंदी, समोच्च जुताई आदि।


Q. 162041 मूंगफली की खेती के लिए भौगोलिक आवश्यकताओं का वर्णन करें और उत्पादन के प्रमुख क्षेत्रों में नाम बताइये।
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

मूंगफली की खेती के लिए भौगोलिक आवश्यकताऍ इस प्रकार हैं:

1. तापमान: 22 डिग्री सेल्सियस से 28 डिग्री सेल्सियस।

2. वर्षा: 50 सेमी से 75 सेमी और फूल चरण के दौरान समान रूप से वितरित किए जाने की जरूरत है।

3. मृदा: यह प्रकाश रेतीली मिट्टी में अच्छी तरह से बढ़ता है।

उत्पादन के क्षेत्र: गुजरात, आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु और कर्नाटक मुख्य मूंगफली उत्पादक क्षेत्र हैं कुल उत्पादन में लगभग 75% योगदान करते हैं। गुजरात, मूंगफली का प्रमुख उत्पादक है जो भारत की मूंगफली के 30% उत्पादन करता है।


Q. 162042 कॉफी की खेती के लिए भौगोलिक आवश्यकताओं का वर्णन करें और उत्पादन के प्रमुख क्षेत्रों में नाम बताइये।
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

मूंगफली की खेती की भौगोलिक आवश्यकताऍ इस प्रकार हैं:

1. तापमान: 15 डिग्री से 28 डिग्री सेल्सियस साल भर, ठंड इसके लिए हानिकारक है सीधे सूर्य की किरणों से दूर रखना चाहिए।

2. वर्षा: 125 सेमी से 250 सेमी और साल भर समान रूप से वितरित किए जाने की जरूरत है।

3. मृदा: ह्यूमस सामग्री से समृद्ध, मिट्टी अच्छी तरह से सूखी। यह ज्वालामुखी मिट्टी में अच्छी तरह से बढ़ता है।

उत्पादन के क्षेत्र: कर्नाटक, भारत में कॉफी का सबसे बड़ा उत्पादक क्षेत्र है जो भारत की कॉफी का 72% का उत्पादन करता है। केरल और तमिलनाडु के अन्य महत्वपूर्ण उत्पादक हैं। ओडिशा, पश्चिम बंगाल और उत्तर-पूर्वी राज्य भारत के छोटे कॉफी उत्पादक हैं।


Q. 162043 रतुनिंग पर एक संक्षिप्त टिप्पणी लिखें
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

यह कटाई की एक विधि है जिसमे पौधो के निचले हिस्सों को मिट्टी में जड़ों के बरकरार रहने के कारण बिना कटा हुआ छोड़ दिया जाता है। रतूनिंग भारत में बहुत लोकप्रिय है, और इस वजह से इसके उत्पादन कम है और परिपक्वता अवधि भी कम है। यह समय बचाता है और ताजा बुवाई की कोई ज़रूरत नहीं होती है इस प्रकार यह उत्पादन लागत को कम करती है। इस विधि का मुख्य दोष है कि उत्पादकता हर बीतते साल के साथ कम हो जाती है और यह विधि अधिकतम तीन साल के लिए किफायती है।


Q. 162044 भारतीय कृषि द्वारा सामना की जाने वाली प्रमुख समस्याएँ कौन सी हैं?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

भारतीय कृषि द्वारा सामना की जाने वाली प्रमुख समस्याओं का विवरण निम्न प्रकार है :

अनियमित मानसून पर निर्भरता :

भारत के अधिकांश भागों में आज भी कृषक खेती के लिए मानसून पर निर्भर रहते हैं जो कृषि की प्रमुख समस्या है। दक्षिण-पश्चिम मानसून की अनिश्चितता व अनियमितता से फसलों का उत्पादन प्रभावित होता है। कम वर्षा वाले क्षेत्रों में सूखा एक सामान्य परिघटना है लेकिन यहाँ कभी-कभी बाढ़ भी आ जाती है।

निम्न उत्पादकता :

अंतर्राष्ट्रीय स्तर की अपेक्षा भारत में फसलों की उत्पादकता कम है। भारत में अधिकतर फ़सलों जैसे - चावल, गेहूँ, कपास व तिलहन की प्रति हेक्टेयर पैदावार अमेरिका, रूस तथा जापान से कम है।

भूमि सुधारों की कमी :

भूमि सुधारों के लागू न होने के परिणामस्वरूप कृषि योग्य भूमि का असमान वितरण जारी रहा जिससे कृषि विकास में बाधा रही है।

खेतों का छोटा आकार  :

भारत में 60 प्रतिशत से अधिक किसानों के पास एक हेक्टेयर से छोटे भू जोत हैं। बढ़ती जनसँख्या के कारण इन जोतों का आकार और भी सिकुड़ रहा है। इसके अतिरिक्त भारत में अधिकतर भूजोत बिखरे हुए हैं। विखंडित व छोटे भूजोत आर्थिक दृष्टि से अलाभकारी हैं।

वाणिज्यीकरण का अभाव :

अधिकतर किसान अपनी आवश्यता के लिए फसलें उगाते हैं। इन किसानों के पास अपनी जरूरत से अधिक उत्पादन के लिए पर्याप्त भू-संसाधन नहीं हैं।

वित्तीय संसाधनों की कमी :

आधुनिक कृषि में लागत बहुत आती है। सीमान्त और छोटे किसानों की कृषि बचत बहुत कम या न के बराबर होती है।

व्यापक अल्प रोजगारी :

भारतीय कृषि में विशेषकर असिंचित क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर अल्प रोजगारी पाई जाती है। इन क्षेत्रों में ऋत्विक बेरोज़गारी है जो 4 से 8 महेन तक रहती है।

कृषि योग्य भूमि का निम्नीकरण :

भूमि संसाधनों का निम्नीकरण सिंचाई और कृषि विकास की दोषपूर्ण नीतियों से उतपन्न हुई समस्याओं में से एक गंभीर समस्या है। अभी तक लवणता व क्षारता से लगभग 8 मिलियन हेक्टेयर भूमि कुप्रभावित हो चुकी है अन्य 7 मिलियन हेक्टेयर भूमि जलक्रांतता के कारण अपनी उर्वरकता खो चुकी है।


Q. 162045 आर्द्रभूमि खेती और शुष्क खेती के बीच क्या अंतर है?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

आर्द्रभूमि खेती

शुष्क खेती

1. अधिक से अधिक 75 सेमी वार्षिक वर्षा प्राप्त क्षेत्रों में खेती आर्द्रभूमि खेती के रूप में जाना जाता है

1. कम से कम 75 सेमी वार्षिक वर्षा के साथ क्षेत्रों में खेती को शुष्क भूमि कृषि के रूप में जाना जाता है

2. आर्द्रभूमि खेती या बारिश सिंचित क्षेत्रों में, फसलों के लिए आवश्यकता की तुलना में अधिक पानी बरसात के मौसम में उपलब्ध है। अधिक पानी सिंचाई के लिए और भूमिगत जल भंडारण के लिए भंडारित किया जाता है।

2. शुष्क भूमि खेती में, यह बारिश के पानी का संरक्षण और खोजने के तरीके आवश्यक है और सूखे के प्रतिकूल प्रभाव को मध्यम करने का साधन है जैसे अवस्था।

3. गीले खेती पूर्वी भारत के बड़े हिस्से पर और कर्नाटक और केरल के कुछ हिस्सों को मिलाकर पश्चिमी घाट के ढलानों पर की जाती है।

3. भारतीय कृषि की एक तिहाई भूमि खेती सूखे के अंतर्गत आती है।

4. चावल, जूट, चाय और गन्ने की कृषि इस प्रकार की जाती हैं।

4. मोटे अनाज, बाजरा, दाल, तिलहन और कपास सूखी खेती की प्रमुख फसलें हैं।

5. बाढ़ आर्द्रभूमि क्षेत्र में एक आम समस्या है।

5. वर्षा का प्रतिशत हमेशा शुष्क क्षेत्र में बहुत कम रहेगा।


Q. 162046 एक देश में तीव्रता से फसल को बढ़ाने की रणनीति क्यों महत्वपूर्ण है जैसे भारत?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

फसल की तीव्रता एक कृषि वर्ष के दौरान एक ही खेत में फसलों की संख्या बढ़ाने से सम्बंधित है। पर्यावरण संरक्षण से उत्पन्न होने वाली सीमाओं, विशेष रूप से, वन संरक्षण कारण खेती के कई एकड़ के विस्तार की उम्मीद नहीं की जा सकती है। इसलिए कृषि उत्पादकता में सुधार आने वाले दिनों के लिए आवश्यक हो गया है। भारत जैसे देश में ही खेती के लिए उपलब्ध भूमि बहुत कम है लेकिन कृषि उत्पादन की मांग लगातार बढ़ रही है। इस प्रकार की मांग को पूरा करने के क्रम में यह उपलब्ध कृषि योग्य भूमि का सबसे अच्छा उपयोग करने के लिए बहुत महत्वपूर्ण है और ऐसा करने के क्रम में फसल की तीव्रता बहुत आवश्यक है। यह उच्च फसल तीव्रता भूमि संसाधनों का पूर्ण उपयोग के लिए न केवल वांछनीय है बल्कि यह ग्रामीण अर्थव्यवस्था में बेरोजगारी को कम करने के लिए भी आवश्यक है।


Q. 162047 आप दूसरी हरित क्रांति से क्या समझते हैं? समझाइये।
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

दूसरी हरित क्रांति स्थायी कृषि को करने से सम्बंधित है। इसका मतलब है कि तेजी से क्षय होने से प्राकृतिक संसाधनों की रक्षा और प्रदूषित और उत्पादन तकनीकों के प्रयोग माध्यम से की जाये,जो संरक्षण और फसलों के प्राकृतिक संसाधन आधार को बढ़ाऍ। बढ़ती जनसंख्या की खाद्य जरूरतों को पूरा करने की चुनौती और कृषि भूमि से उत्पादकता को ऊपर उठाने का कार्य केवल दूसरी हरित क्रांति ही कर सकती हैं। अब तक, दूसरी हरित क्रांति का दृष्टिकोण अनिश्चित है खाद्य आपूर्ति में वृद्धि वर्तमान में खेती की भूमि से आना चाहिए, क्योंकि उत्पादकता को  ऊपर उठाने के लिए नई प्रौद्योगिकियों  और बेहतर खेती के तरीकों की आवश्यकता होगी। इसके अतिरिक्त हरी प्रौद्योगिकियों और छोटे और सीमांत किसानों के लाभ के लिए विशेष रूप से शुष्क भूमि कृषि पर ध्यान केंद्रित करना होगा। मृदा स्वास्थ्य वृद्धि भी महत्वपूर्ण है। इसके अलावा, जल संचयन, जल संरक्षण और टिकाऊ और जल के समान उपयोग महत्वपूर्ण चिंता के विषय हैं।


Q. 162048 हरित क्रांति की उपलब्धियाँ क्या हैं?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

हरित क्रांति की उपलब्धियां:

1. कृषि उत्पादन और उत्पादकता में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। खाद्यान्नों का उत्पादन वर्ष 2003-04 में 21 करोड़ रुपये था।

2. देश खाद्यान्न उत्पादन में आत्मनिर्भर बन गया है।

3. किसानों की आय में वृद्धि हुई है और उनके जीवन स्तर में भी सुधार हुआ है।

4. दालों के उत्पादन 2003-04 में 1.49 करोड़ टन की वृद्धि हुई है, जो 1965-66 में 99 लाख टन था।

5. गेहूं के उत्पादन में छह गुना या 63 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि हुई।

6. चावल के उत्पादन में तीन गुना वृद्धि की गई है। चावल का उत्पादन 3.06 करोड़ टन से 8.64 करोड़ टन से बढ़ गया।

7. जीवन के अन्य क्षेत्रों में आय के स्तर में वृद्धि को गांवों में अधिक सक्रिय बनाया गया।

8. खाद्य सुरक्षा ने राष्ट्रों की वस्तु में अपनी प्रतिष्ठा बढ़ाने के लिए अन्य नीतियों को आगे बढ़ाने के लिए देश की मदद की।


Q. 162049 हरित क्रांति भारत के सभी भागों में समान रूप से सफल क्यों नहीं थी, कारण दे।
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

निम्न कारणों की वजह से हरित क्रांति भारत के सभी भागों में समान रूप से सफल नहीं हुई थी :

1. सिंचाई सुविधाएं सीमित थी। केवल पंजाब, हरियाणा और पश्चिमी उत्तर प्रदेश नहरों और नलकूपों का नेटवर्क है और इसलिए ये केवल हरित क्रांति का लाभ ले सकते थे। अन्य सभी राज्यों की उपेक्षा इसीलिए हो रही है क्योकि वे खाद्य फसलों के लिए बारिश पर निर्भर है।

2. अन्य क्षेत्रों में किसानों को तकनीक और किसानों को उपलब्ध सुविधाओं के बारे में पता नहीं था।

3. उर्वरक आसानी से उपलब्ध नहीं थे।

4. अच्छा और अधिक उपज देने वाली किस्म के बीज आसानी से उपलब्ध नहीं थे दोषपूर्ण भंडारण की व्यवस्था की है।

5. किसानों की गरीबी बीज, उर्वरक, ट्रैक्टर, कीटनाशकों आदि की विविधता उच्च उपज में एक बड़ी बाधा थी। 


Q. 162050 भारत में गेहूँ की खेती के लिए अनुकूल भौगोलिक दशाओं का उल्लेख कीजिए तथा उसकी खेती के प्रमुख क्षेत्रों का वर्णन कीजिए। [2+3]
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

गेहँ- आवश्यक भौगोलिक दशाएँ

तापमान-150 से 250 ब् तथा स्वच्छ मौसम

वर्षा- 50 से 75 सेमी

मिट्टी- हल्की दोमट या चिकनी दोमट

श्रम- पर्याप्त संख्या में श्रमिकों की आवश्यकता।

भारत में सतलज-यमुना का मैदानी क्षेत्र एवं ऊपरी गंगा का मैदान गेहूँ के प्रधान उत्पादक क्षेत्र है। यह क्षेत्र भारत का लगभग 70% गेहूँ उत्पन्न करता है।

भारत में गेहूँ उत्पन्न करने वाले राज्य

उत्तर प्रदेश- महारनपुर, मेरठ, मुजफ्फरनगर, बुलन्दशहर, मुरादाबाद, बिजनौर, रामपुर, बरेली सहित सभी पूर्वी जनपद ।

पंजाब- फिरोजपुर, लुधियाना, भटिण्डा, अमृतसर, संगरूर, पटियाला तथा गुरदासपुर आदि जिले।

हरियाणा- रोहतक, अम्बाला, हिसार, करनाल, सोनीपत, जीन्द आदि जिले।

मध्य प्रदेश- सागर, होशंगाबाद, भोपाल, ग्वालियर, उज्जैन, रीवा, जबलपुर आदि।

• अन्य राज्य- गुजरात, राजस्थान, महाराष्ट्र, बिहार, पश्चिम बंगाल, हिमाचल प्रदेश उल्लेखनीय है।


Q. 162051 दिखाऍ गए मानचित्र की मदद से भारत में उत्पादक क्षेत्रों के गेहूं के उत्पादन के बारे में बताएं।
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

भारत में गेहूं का उत्पादन कुल विश्व के उत्पादन का लगभग 12% है और चीन के बाद दूसरा सबसे बड़ा उत्पादक है। क्षेत्र और उत्पादन के संबंध में केवल चावल में वृद्धि करने पर यह दूसरे स्थान पर हैं। गेहूं की औसत उपज 1950-51 में प्रति हेक्टेयर 663 किलो से बढ़कर वर्ष 2006-07 में प्रति हेक्टेयर 2671 किलोग्राम हुई। उच्च उपज की वजह से बीज की उच्च उपज देने वाली किस्मों, गहन सिंचाई और उर्वरकों का उपयोग करना संभव हो गया है।

वर्तमान में कुल फसल के 33% गेहूं का उत्पादन हमारे देश में होता हैं। देश में गेहूं उत्पादन का लगभग 70% पंजाब, दिल्ली, हरियाणा और उत्तर प्रदेश से प्राप्त होता है। हालाँकि गेहूं का अधिकतम उत्पादन उत्तर प्रदेश में होता है, पंजाब दिल्ली (2685 किलो) के बाद प्रति हेक्टेयर उच्चतम औसत उपज (2,715 छ) देता है। औसत गेहूं की उपज भारत में प्रति हेक्टेयर केवल 1574 किलो है, जो दुनिया के अन्य देशों की तुलना में बहुत कम है।


Q. 162052 चावल उत्पादक क्षेत्रों को दिखाए गए नक्शे की मदद से भारत में चावल के उत्पादन पर चर्चा करें।
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

भारत दुनिया के सबसे बड़े चावल उत्पादकों में से एक है, पूरी दुनिया के 22% चावल का उत्पादन यहाँ किया जाता है। चावल, भारत की प्रमुख फसल है और देश के पूर्वी और दक्षिणी भागों के लोगों का मुख्य भोजन है। चावल का उत्पादन भारत में नियमित रूप से बढ़ रहा है। चावल उत्पादक देशों के बीच, भारत चीन और बांग्लादेश के अनुसरण के अनुसार सबसे बड़ा क्षेत्र (40.2 करोड़ डॉलर) हेक्टेयर है।चावल की औसत उपज में 1950-51 में प्रति हेक्टेयर 668 किलो से बढ़कर वर्ष 2006-07 में 2127 किलोग्राम प्रति हेक्टेयर की वृद्धि हुई। भारत के औसत चावल की उपज प्रति हेक्टेयर 1339 किलोग्राम है। भारत में चावल लगभग सभी राज्यों में उगाया जाता है। चावल हिमालय की घाटियों में भी उगाया जा सकता है 2,440 मीटर की ऊंचाई तक और सीढ़ीदार ढलानों पर यदि पानी पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध हो। भारत के पूर्वी क्षेत्र में भारत के कुल चावल उत्पादन के लगभग 50% का उत्पादन किया जाता है। पश्चिम बंगाल, असम, बिहार, ओडिशा और तमिलनाडु के कुछ भागों में, चावल की तीन फसलों में से एक में प्राप्त किया जाता हैं।


Q. 162053 भारतीय कृषि पर वैश्वीकरण के प्रभाव क्या है?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

विश्व अर्थव्यवस्था के साथ एक देश की अर्थव्यवस्था को एकीकृत करना वैश्वीकरण का अर्थ है। वैश्वीकरण अब दुनिया के लिए खुले भारतीय बाजार में फैल गया है। वैश्वीकरण की विशेष विशेषताएं इस प्रकार हैं:

1. विश्व अर्थव्यवस्था के साथ राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था की एकता।

2. अंतरराष्ट्रीय पूंजी निवेश करने के लिए राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था का खुलना जैसे किसी भी संलग्न कड़ी के बिना विदेशी प्रत्यक्ष निवेश और प्रतिस्पर्धा।

3. बहुराष्ट्रीय संगठनों को प्रवेश की अनुमति दे।

4. आयात और निर्यात पर से सभी प्रतिबंध हटाये जाये।

5. वस्तुओं और सेवाओं का उदारवादी अंतरराष्ट्रीय आंदोलन।


Q. 162054 एक अर्थव्यवस्था में परिवर्तन का मुख्य प्रकार क्या हैं? जो भूमि के उपयोग में परिवर्तन करता है।
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

अर्थव्यवस्था में परिवर्तन के तीन प्रकार मुख्य हैं जो भूमि उपयोग को प्रभावित करते है:

1. अर्थव्यवस्था का आकार: अर्थव्यवस्था के आकार में वृद्धि के साथ भूमि पर दबाव समय के साथ बढ़ जाएगा और सीमान्त भूमि उपयोग के अंतर्गत आ जाएगा। अर्थव्यवस्था का आकार सभी वस्तुओं के मूल्य और सेवा क्षेत्र की अर्थव्यवस्था में उत्पादन के संदर्भ में मापा जाता है जो जनसंख्या में वृद्धि से समय के साथ बढ़ती है और आय के स्तर भी बदल जाते हैं।

2. अर्थव्यवस्था की संरचना: अर्थव्यवस्था की संरचना में परिवर्तन देशों में बहुत आम है जैसे भारत। द्वितीयक और तृतीयक क्षेत्र आमतौर पर प्राथमिक क्षेत्र, विशेष रूप से कृषि क्षेत्र की तुलना में ज्यादा तेजी से बढ़ते है। इस प्रक्रिया में गैर कृषि का उपयोग करने के लिए कृषि उपयोग से भूमि के एक क्रमिक बदलाव का नतीजा होगा।

3.  कृषि के योगदान में गिरावट लेकिन भूमि पर दबाव में वृद्धि: कृषि गतिविधियों का योगदान को समय के साथ कम कर देता है लेकिन कृषि गतिविधियों के लिए भूमि पर दबाव कम नहीं होता।


Q. 162055 गन्ने की खेती को दक्षिणी भारत के राज्यों की ओर स्थानान्तरित क्यों किया जा रहा है?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

गन्ने की खेती दक्षिणी भारत के राज्यों की ओर स्थानान्तरित की जा रही है। यह इस तथ्य से स्पष्ट है कि पहले उत्तर भारत की चीनी के 90% का उत्पादन इस्तेमाल करने के लिए करता था जो अब 60-65% तक कम हो गया है। इसके लिए जिम्मेदार मुख्य कारण हैं:

1. प्रायद्वीपीय भारत में उष्णकटिबंधीय जलवायु है जो उत्तर भारत की तुलना में प्रति इकाई क्षेत्र को अधिक उपज देता है।

2. सुक्रोज सामग्री के दक्षिण में गन्ने के उष्णकटिबंधीय किस्म में भी अधिक है।

3. कटाई की अवधि भी दक्षिण की तुलना में उत्तर में बहुत लंबी भी है। उत्तरी राज्यों में उदाहरण के लिए कटाई की अवधि केवल चार महीने की है दक्षिणी राज्यों के मामले में, जबकि कटाई की अवधि लगभग आठ महीने की है।

4. सहकारी चीनी मिलों को बेहतर प्रबंधन उत्तर की तुलना में दक्षिण में मिला हैं।

5. दक्षिण में अधिकांश मिले नयी हैं जो आधुनिक मशीनों से लैस हैं।


Q. 162056 भारत में चीनी उद्योग का वर्णन निम्नलिखित शीर्षकों के अन्तर्गत कीजिए:
अ) स्थानीकरण के कारण ब) उद्योगों के प्रमुख केन्द्र
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

भारत में चीनी उद्योग की स्थापना में निम्नलिखित भौगोलिक कारकों का योगदान रहा है-
1- कच्चे माल के रूप में पर्याप्त गन्ने का उत्पादन
2- अनुकूल जलवायु
3- शक्ति के संसाधनों की उपलब्धता
4- सस्ते परिवहन साधनों की सुलभता ।

भारत के प्रमुख चीनी उत्पादक राज्य निम्नलिखित है-
1- महाराष्ट्र- इस राज्य का चीनी उत्पादन में भारत में प्रथम स्थान है। यह राज्य भारी की 30% से भी अधिक चीनी उत्पन्न करता है।
2- उत्तर प्रदेश- चीनी उत्पादन में उत्तर प्रदेश राज्य का भारत में द्वितीय स्थान है। इस राज्य में भारत का सबसे अधिक गन्ना उगाया जाता है।
3- कर्नाटक- कर्नाटक राज्य की गणना भारत के तीसरे प्रमुख चीनी उत्पादक राज्य के रूप में की जाती है।
4- बिहार- इस राज्य की चीनी उत्पादन में पाँचवाँ स्थान है।


Q. 162057 विश्व में रबर कृषि का वर्णन निम्नलिखित शीर्षकों के अन्तर्गत कीजिए:
अ. अनुकूल भौगोलिक दशाएँ
ब. उत्पादक क्षेत्र
स. अन्तरराष्ट्रीय व्यापार
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

विश्व में रबर कृषि :-
अ.अनुकूल भौगोलिक दशाएँ
1. तापमान - सामान्यतया 21 से 27 डिग्री सेल्सियस तापमान आवश्यक। अतः 800 मीटर से अधिक ऊंचाई पर रबड़ बागान अनुपस्थित। साथ ही पर्याप्त नमी भी आवश्यक
2 वर्षा - 250 सेमी समान वर्षा, समुद्री तट के किनारे अति उत्तम। नम सागरीय पवनें पौधों के विकास में सहायक व रस में वृद्धि करती हैं।
3.धरातल एवं मिटटी - सामान्यतया ढालू एवं सुप्रवाहित भूमि। गहरी, क्षाररहित दोमट मिटटी भी उपयुक्त ।
ब. उत्पादक क्षेत्र - विश्व की लगभग तीन-चौथाई रबड़ दक्षिणी-पूर्वी एशिया के मलेशिया, इंडोनेशिया व थाईलैंड में। अन्य उत्पादक देश भारत, श्रीलंका, लाइबेरिया, फिलीपींस,  नाइजीरिया वियतनाम, ब्राजील आदि देशों में।
भूमध्य रेखीय जलवायु का पौधा होने के कारण बागान भूमध्यरेखा के दोनों और 231/2 डिग्री अक्षांशों के मध्य उष्ण कटिबंधीय क्षेत्र में स्थित हैं।
स. अन्तरराष्ट्रीय व्यापार- विश्व के बड़े रबर निर्यातक देशों में मलेशिया(45 %), इंडोनेशिया (25 %), थाईलैंड (13 %) प्रमुख हैं । रबड़ आयातक देशों में संयुक्त राज्य अमेरिका, जापान, जर्मनी, कनाडा,भारत, रूस आदि हैं ।


Q. 162058 निर्माण

  भौम  जल का 92 उपयोग     उद्योग  करते हैं<div class= A.
B.
C.
D.

Right Answer is: C

SOLUTION

भारत में भौम जल का सर्वाधिक उपयोग कृषि में होता है| भौम जल का उद्योग में 2% और घरों में 9% उपयोग होता है|


Q. 162059 उत्तर भारत के किस क्षेत्र में जल की कमी पायी जाती है?


A.

जम्मू और कश्मीर के उत्तरी भाग

B.

हिमाचल प्रदेश

C.

पंजाब के उत्तरी भाग

D. हरियाणा

Right Answer is: A

SOLUTION

यह काफी ठंडा क्षेत्र है| इस क्षेत्र में जल अक्सर बर्फ के रूप में पाया जाता है|


Q. 162060 दिल्ली को पीने योग्य जल की आपूर्ति होती है:


A. रिहन्द बाँध से

B. तुंगभद्र बाँध से

C. हीराकुंड बाँध से

D. गंगा और यमुना नदियों से

Right Answer is: D

SOLUTION

दिल्ली को पीने योग्य जल की आपूर्ति गंगा, यमुना और भाखरा-व्यास प्रबंधन समिति से प्राप्त होता है|


Q. 162061 जल जो पृथ्वी के सतह पर सरिता, नदी, झील, इत्यादि के रूप में पाया जाता है, कहलाता है:


A.

अलवणीय जल

B.

धरातलीय जल

C.

समुद्री जल

D.

भौम जल

Right Answer is: B

SOLUTION

धरातलीय जल विभिन्न रूपों में पाया जाता है, जैसे तालाब, नदी, झील, आदि|


Q. 162062 भारत की पहली सिंचाई नहर है:


A.

इंदिरा गाँधी नहर

B.

यमुना नहर

C.

पूर्वी यमुना नहर

D.

सारदा नहर

Right Answer is: C

SOLUTION

पूर्वी यमुना नहर देश का सबसे पुराना सिंचाई नहर है| इसे पहले दोआब नहर कहा जाता था| इसका निर्माण सन 1830 ईस्वी में हुआ था|


Q. 162063 आंध्र प्रदेश में नीरू-मीरू कार्यक्रम क्या है?


A.

जल सफाई कार्यक्रम

B.

जल संग्रहण कार्यक्रम

C.

जल वितरण कार्यक्रम

D.

सिंचाई कार्यक्रम

Right Answer is: B

SOLUTION

नीरू-मीरू का अर्थ है ‘जल और आप’| यह एक जल संग्रहण कार्यक्रम है|


Q. 162064 वह दक्षिण भारतीय राज्य जिसमें भौम जल का सबसे अधिक उपयोग होता है:


A.

तामिलनाडू

B.

कर्नाटक

C.

आंध्र प्रदेश

D.

केरल

Right Answer is: A

SOLUTION

दक्षिण भारतीय राज्यों में तामिलनाडू में भौम जल का सबसे अधिक उपयोग होता है| तामिलनाडु ऐतिहासिक रूप से भारत का एक महत्वपूर्ण कृषि पर निर्भर राज्य रहा है|


Q. 162065 कुल धरातलीय जल का कितना प्रतिशत भाग भारत के उत्तरी मैदानी क्षेत्र में पाया जाता है?


A.

60%

B.

61%

C.

59%

D.

55%

Right Answer is: A

SOLUTION

भारत के उत्तरी मैदानी क्षेत्र में सबसे अधिक धरातलीय जल, मुख्यतः नदियों के रूप में पाया जाता है| ये नदियाँ बारहमासी होती हैं अर्थात ये कभी नहीं सूखतीं| 


Q. 162066 किस नदी की बेसिन गुजरात और मध्य प्रदेश दोनों राज्यों में पायी जाती है?


A. नर्मदा

B. तापी

C. चम्बल

D. साबरमती

Right Answer is: A

SOLUTION

नर्मदा नदी की बेसिन विन्ध्य और सतपूरा श्रृंखलाओं के बीच पायी जाती है| यह 98,796 वर्ग किमी क्षेत्र में वितरित है|


Q. 162067 भारत में सिंचाई का सबसे महत्वपूर्ण स्रोत है:


A.

नहर

B.

कुँए

C.

टंकी

D.

नदी

Right Answer is: A

SOLUTION

भारत में सिंचाई का सबसे महत्वपूर्ण स्रोत नहर हैं| भारत के कुल सींचित क्षेत्र के 56 प्रतिशत क्षेत्र पर नहरों द्वारा सिंचाई होती है|


Q. 162068 भारत में पीने योग्य जल की आपूर्ति कितने प्रतिशत नगरों में होती है?


A. 70%.

B. 80%.

C. 90%.

D. 60%.

Right Answer is: C

SOLUTION

भारत में पीने योग्य जल की आपूर्ति 90 प्रतिशत नगरों में होती है|


Q. 162069 मयूरकाशी और मिदनापुर नहर स्थित हैं:


A.

उत्तर प्रदेश में

B.

पश्चिम बंगाल में

C.

पंजाब में

D.

हरियाणा में

Right Answer is: B

SOLUTION

मयूरकाशी और मिदनापुर नहर पश्चिम बंगाल में स्थित हैं| पश्चिम बंगाल भारत में सिंचाई के क्षेत्र में अग्रणी हुआ करता था|


Q. 162070 भूमि का वह भाग जो दो नदियों को बांटता है, कहलाता है:


A.

डेल्टा

B.

लैगून

C.

जल-विभाजक

D.

ज्वारनदमुख

Right Answer is: C

SOLUTION

जल-विभाजक भूमि का वह भाग है जो दो नदियों को विभाजित करता है| बड़े जल-विभाजकों को कई बार नदी बेसिन भी कहा जाता है|


Q. 162071 राजस्थान और महाराष्ट्र में भौम जल के अत्यधिक दोहन के कारण किसका संकेन्द्रण हुआ है?


A. क्लोरीन

B. फ्लोराइड

C. आर्सेनिक

D. लेड

Right Answer is: B

SOLUTION

राजस्थान और महाराष्ट्र में भौम जल के अत्यधिक दोहन के कारण जल में फ्लोराइड का संकेन्द्रण हुआ है| अत्यधिक दोहन के कारण बिहार और पश्चिम बंगाल में आर्सेनिक का संकेन्द्रण हुआ है|


Q. 162072 भारत में पहली बार राष्ट्रीय जल नीति अपनाई गयी थी:


A.

1980 में

B.

1987 में

C.

1982 में

D.

1975 में

Right Answer is: B

SOLUTION

जल एक प्रमुख प्राकृतिक संसाधन, एक बुनियादी मानवीय आवश्यकता और एक बहुमूल्य राष्ट्रीय संपत्ति है। भारत में पहली बार राष्ट्रीय जल नीति 1987 में अपनाई गयी थी|


Q. 162073 भारत के किस राज्य में सबसे अधिक सींचित भूमि है?


A.

हरियाणा में

B.

पंजाब में

C.

उत्तर प्रदेश में

D.

पश्चिम बंगाल में

Right Answer is: B

SOLUTION

पंजाब में कुओं और नहरों का अच्छा नेटवर्क है, जो सिंचाई का महत्वपूर्ण स्रोत हैं|


Q. 162074 इनमें से कौन ऊर्जा का अनवीकरणीय स्रोत है?


A. पनबिजली ऊर्जा

B. सौर्य ऊर्जा

C. तापीय ऊर्जा

D. पवन ऊर्जा

Right Answer is: C

SOLUTION

तापीय ऊर्जा का उत्पादन कोयले को जलाने से होता है|


Q. 162075 भारत में कोयले के खानों को राष्ट्रीयकृत किया गया था:


A.

1992 में

B.

1980 में

C.

1972 में

D.

1968 में

Right Answer is: C

SOLUTION

भारत में कोयले की खानों को 1972 में राष्ट्रीयकृत किया गया था| कोयला महत्वपूर्ण खनिजों में से एक है|


Q. 162076 जल विद्युत् उत्पादन क्षमता सबसे कम पायी जाती है:


A.

मध्य भारत की नदियों में

B.

पश्चिम की तरफ बहती हुई नदियों में

C.

सिन्धु नदी में

D.

पूर्व की तरफ बहती हुई नदियों में

Right Answer is: A

SOLUTION

मध्य भारत की नदियों में सबसे कम जल विद्युत् उत्पादन क्षमता पायी जाती है, क्योंकि इनमें कम जल पाया जाता है|


Q. 162077 भारत में तेल क्षेत्रों की अधिकता है:


A.

असम में

B.

बिहार में

C.

राजस्थान में

D.

तमिलनाडू में

Right Answer is: A

SOLUTION

असम भारत का पहला राज्य था जहाँ तेल की खोज हुई| यह राज्य भारत में तेल का सबसे अधिक उत्पादन करता है|


Q. 162078 भारत का पहला नाभिकीय ऊर्जा संयंत्र स्थापित किया गया था:


A.

रावत भाटा में

B.

तारापुर में

C.

कैगा में

D.

कलपक्कम में

Right Answer is: B

SOLUTION

भारत का पहला नाभिकीय ऊर्जा संयंत्र तारापुर में स्थापित किया गया था| इस संयंत्र ने 1969 से ऊर्जा का उत्पादन का आरम्भ किया था| 


Q. 162079 रिलायंस पेट्रोलियम रिफाइनरी स्थित है:


A.

जामनगर में

B.

आनंद में

C.

अहमदाबाद में

D.

कोयली में

Right Answer is: A

SOLUTION

रिलायंस पेट्रोलियम गुजरात के जामनगर में स्थित है| यह भारत का एकमात्र पेट्रोलियम रिफाइनरी है जो निजी क्षेत्र में है|


Q. 162080 भारत में इसका उत्पादन बहुत कम है:


A.

तांबा

B.

माइका

C.

कोयला

D.

युरेनियम

Right Answer is: A

SOLUTION

भारत में तांबे का उत्पादन बहुत कम होता है| यह भारत के कई क्षेत्रों में पाया जाता है पर विभिन्न कारणों से निकाला नहीं जा सकता|


Q. 162081 ऊर्जा का वह अपरंपरागत स्रोत जिसका भविष्य भारत में उज्जवल है:


A. बायोगैस

B. पवन ऊर्जा

C. सौर्य ऊर्जा

D. भूतापीय ऊर्जा

Right Answer is: D

SOLUTION

जब पृथ्वी के गर्भ से मैग्मा निकलता है, तो अत्यधिक ऊष्मा निर्मुक्त होती है| इस ताप ऊर्जा को विद्युत् ऊर्जा में परिवर्तित किया जा सकता है | यह ऊर्जा भारत में एक प्रमुख ऊर्जा स्रोत के रूप में उभर रहा है|


Q. 162082 भारत का वह राज्य जो यूरेनियम में समृद्ध है:


A. झारखण्ड

B. राजस्थान

C. आंध्र प्रदेश

D. गोआ

Right Answer is: A

SOLUTION

यूरेनियम झारखण्ड में अधिक मात्रा में पाया जाता है| यहाँ यूरेनियम की प्रमुख खान टाटानगर से 26 किमी दक्षिण में स्थित जादूगोड़ा नामक स्थान पर है|


Q. 162083 खनिजों को परिभाषित करें।
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

खनिज भूगर्भीय प्रक्रियाओं के माध्यम से बने प्राकृतिक यौगिक हैं। "खनिज" शब्द में न केवल सामग्री की रासायनिक संरचना शामिल है बल्कि इसमें खनिज संरचनाऍ भी शामिल है। खनिजों के अध्ययन को खनिज कहा जाता है।


Q. 162084 खनिजों कितने प्रकार के होते हैं?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

खनिजों के दो प्रकार हैं:

1. धात्विक खनिज

2. अधात्विक खनिज

 

 


Q. 162085 तीन संगठनों के नाम बताइये जो कि भारत में खनिज संसाधनों के अन्वेषण और विकास में शामिल हैं।
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

संगठन हैं:

1. भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण

2. खनिज अन्वेषण निगम लिमिटेड (एमईसीएल)

3. भारतीय खनन ब्यूरो (आईबीएम)


Q. 162086 भारत में मुख्य खनिज क्षेत्रो के नाम बताइये।
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

भारत में खनिज मुख्य रूप से निम्नलिखित तीन क्षेत्रो में पाए जाते हैं और वे हैं:

1. उत्तर पूर्वी पठार

2. दक्षिण पश्चिमी पठार

3. उत्तर पश्चिमी क्षेत्र

 


Q. 162087 धातु खनिजों के दो प्रकार क्या हैं?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

धातु खनिजों के दो प्रकार हैं:

1. लौह धातु खनिज

2. अलौह खनिज

 

 

 


Q. 162088 किन्ही भी दो अलौह धातुओं के नाम बताइये।
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

कॉपर और बॉक्साइट गैर लौह धातुओं के दो उदाहरण हैं।


Q. 162089 दो लौह धातुओं के नाम बताइये।
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

दो लौह धातुऍ लौह और मैंगनीज हैं।


Q. 162090 कौनसा खनिज भूरे रंग के हीरे के रूप में जाना जाता है?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

लिग्नाइट भूरे रंग के हीरे के रूप में भी जाना जाता है।


Q. 162091 ऊर्जा के पारंपरिक स्रोत क्या हैं?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

ऊर्जा के स्रोत कोयला, पेट्रोलियम, प्राकृतिक गैस है जिनका उपयोग एक बड़े पैमाने पर मानव जाति द्वारा किया जाता है पहले के समय में इसे ऊर्जा के पारंपरिक स्रोतों के रूप में जाना जाता था।


Q. 162092 भारत में बिजली उत्पादन के इतिहास पर एक संक्षिप्त टिप्पणी लिखें।
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

भारत में बिजली उत्पादन 1897 में दार्जिलिंग में बिजली की आपूर्ति के कमीशन के साथ उन्नीसवीं सदी के अंत में शुरू हुई। आजादी से पहले, बिजली की आपूर्ति निजी क्षेत्र के हाथों में थी और शहरी केंद्रों तक ही सीमित थी। लेकिन आजादी के बाद, राज्य विद्युत बोर्डों का पंचवर्षीय योजनाओं के दौरान गठन किया गया जिसने पूरे देश में बिजली उद्योग के व्यवस्थित विकास के लिए ठोस प्रयास किए गए।


Q. 162093 बिजली की खपत का पैटर्न में भारत की आजादी के बाद कैसे बदल गया है?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

बिजली की खपत का पैटर्न आजादी के बाद काफी बदल गया है। बिजली की औद्योगिक खपत 62.6% से 34.8% नीचे चली गयी है। इसके विपरीत कृषि और घरेलू खपत काफी बढ़ गयी है।


Q. 162094 नागार्जुनसागर तथा तुंगभद्र परियोजनाएं किस नदी पर स्थित हैं?


A.

कावेरी

B.

कृष्णा

C.

महानदी

D.

गोदावरी

Right Answer is: B

SOLUTION

नागार्जुनसागर तथा तुंगभद्र परियोजनाएं कृष्णा नदी पर स्थित हैं| ये दोनों परियोजनाएं पनबिजली उत्पादन करती हैं और अतिरिक्त जल का भण्डारण भी करती हैं|


Q. 162095 कुल सींचित भूमि के कितने क्षेत्र में कुओं और ट्यूबवेल के द्वारा सिंचाई होती है?


A.

60.7%.

B.

60.8%.

C.

60.9%.

D.

61.7%.

Right Answer is: B

SOLUTION

डीज़ल और विद्युत् पम्प के आने के बाद कुओं और ट्यूबवेल के द्वारा सिंचाई होने वाला क्षेत्र 5.9 मिलियन हेक्टेयर से बढ़कर 33.3 मिलियन हेक्टेयर हो गया है|


Q. 162096 भारत में पुनः पूर्तियोग्य भौम जल संसाधन है:


A.

334 घन किमी

B.

432 घन किमी

C.

234.8 घन किमी

D.

543.3 घन किमी

Right Answer is: B

SOLUTION

भारत में कुल पुनः पूर्तियोग्य भौम जल संसाधन 432 घन किमी है| कुल पुनः पूर्तियोग्य भौम जल संसाधन का लगभग 46 प्रतिशत गंगा और ब्रह्मपुत्र बेसिनों में पाया जाता है|


Q. 162097 भारत के किस राज्य में कुँए और ट्यूब-वेल काफी संख्या में पाए जाते हैं?


A. नागालैंड

B. बिहार

C. गुजरात

D. तामिलनाडू

Right Answer is: C

SOLUTION

तटीय क्षेत्र होने के कारण यहाँ भौम जलस्तर ऊपर होता है|


Q. 162098 हरियाली क्या है?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

हरियाली, केंद्र सरकार द्वारा प्रायोजित एक वाटरशेड विकास परियोजना है। यह पीने, सिंचाई, मत्स्य पालन और वनीकरण के लिए पानी के संरक्षण के लिए ग्रामीण आबादी को सक्षम करना है। परियोजना लोगों के सहयोग से ग्राम पंचायत द्वारा क्रियान्वित की जा रही है।


Q. 162099 पानी के पुन: उपयोग में ताजे पानी की उपलब्धता में सुधार और पुनरावृत्ति कैसे की जा सकती है? दो बिन्दु बताये।
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

1) पानी की निम्न गुणवत्ता जैसे कि अपशिष्ट पानी का प्रयोग उद्योगों और अग्निशमन में ठंडा करने के लिए किया जा सकता है।

2) शहरी क्षेत्रों में पानी स्नान और बर्तन धोने के बाद और वाहनों बागवानी के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है।

 

 


Q. 162100 वर्षा जल संचयन लोगों की मदद कैसे करता है?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

1) इससे घरेलू उपयोग के लिए भूजल पर समुदाय निर्भरता कम हो जाती है।

2) यह पानी की जरूरत के लिए मांग/आपूर्ति के अंतर को कम करता है।

3) इससे भूजल को खीचने के लिए ऊर्जा की बचत होती है।

4) इससे भूजल तालिका में वृद्धि हो जाती है।


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