CBSE - MCQ Question Banks (के. मा. शि. बो . -प्रश्नमाला )

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Q. 167301 पृथ्वी का सबसे ऊँचा एव सबसे नीचा क्षेत्र कौन सा है ?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

हिमालय  में माउन्ट एवरेस्ट ( 8848 मीटर ) सबसे ऊँचा शिखर तथा  प्रशांत महासागर में मेरिआना गर्त (10,971 मीटर) सबसे गहरा है  l


Q. 167302 पृथ्वी का कुल क्षेत्रफल कितना है ?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

पृथ्वी का कुल क्षेत्रफल 510000000 वर्ग किलोमीटर है , इसमें से 14,88,40,000 वर्ग किलोमीटर महाद्वीपों के अंतर्गत आता  है l


Q. 167303 निफे से आप क्या समझतें हैं?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

यह परत पृथ्वी के केंद्र में पाई जाती हैं, और मुख्यतः निकेल तथा लोहे जैसी  भारी धातु से बनी हैं| अधिक तापमान एवं दाब के कारण यह गाढ़े तरल अवस्था में पाई जाती हैं l


Q. 167304 भूपर्पटी कितने भागों में विभाजित होती है ?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

भूपर्पटी दो भागो में विभाजित होती है

i) समुद्री - भूपर्पटी
ii) महाद्वीपीय - भूपर्पटी

 


Q. 167305 पृथ्वी की आन्तारिक परतें कौन- कौन सी हैं , क्रमबद्ध लिखिए
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

पृथ्वी की आन्तारिक परतें हैं l-
i. भूपर्पटी
ii. मेंटल - ऊपरी मेंटल तथा निचला मेंटल
iii. क्रोड़ - बाह्य क्रोड़ तथा आतंरिक क्रोड़|


Q. 167306 भूपर्पटी किसे कहतें हैं?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

पतली एवं ठोस परत जो पृथ्वी को बाहर से घेरे हुए हैं , भूपर्पटी कहलाती हैं  l इसकी मोटाई विभिन्न सतहों पर अलग - अलग होती हैं|


Q. 167307 भूकंप को परिभाषित करें।
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

भूकंप वे झटके हैं जो पृथ्वी की चट्टानों के माध्यम से थरथानेवाली तरंगों के पारित होने के द्वारा उत्पादित होता हैं।


Q. 167308 आप भूकम्प विज्ञान से क्या समझते हैं?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

विज्ञान जो भूकंप के बारे में अध्ययन करता है भूकम्प विज्ञान के रूप में जाना जाता है।


Q. 167309 केंद्र या अवकेंद्र किससे सम्बंधित है?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

केंद्र या अवकेंद्र उस क्षेत्र से सम्बंधित है जहां से पृथ्वी के अंदर एक जगह पर भूकंप की उतपत्ति होती है।


Q. 167310 उपरिकेंद्र से आप क्या समझते हैं?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

पृथ्वी की सतह पर एक बिंदु केंद्र के ऊपर ऊर्ध्वाधर होता है इसे भूकंप का केंद्र कहा जाता है।


Q. 167311 समभूकंप रेखा क्या है?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

समभूकंप रेखा वह रेखा है जिसमे बराबर भूकंप की तीव्रता के स्थान शामिल होते है।


Q. 167312 सहभूकंप रेखा से आपका क्या मतलब है?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

सहभूकंप रेखा वह रेखा है जिसमें वे स्थान शामिल हैं जो एक ही समय में भूकंप का अनुभव करते है।


Q. 167313 भूकम्प को प्राकृतिक आपदा क्यों कहा जाता है ?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

भूकम्प प्रकृति द्वारा उत्पन्न पृथ्वी की आन्तरिक हलचलों द्वारा आते हैं । इसीलिए भूकम्प को प्राकृतिक आपदा कहा जाता है ।


Q. 167314 लौह और अलौह खनिज के बीच किन्ही भी दो अन्तरो का उल्लेख कीजिये।
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

लौह खनिज

अलौह खनिज

खनिज पदार्थ जिनमे लौह सामग्री होती है और लौह और इस्पात उद्योग में उपयोग किया जाता है।

खनिज पदार्थ जिनमे लौह सामग्री नहीं होती है जैसे सोना, तांबा, निकल आदि।

ये क्रिस्टलीय चट्टानों में पाए जाते हैं।

ये  सभी प्रकार की चट्टानों में पाए जाते हैं।


Q. 167315 भारत में कौन सा क्षेत्र भारत में सबसे समृद्ध माना जाता है? इस क्षेत्र में पाये जाने वाले खनिजों के नाम बताइये।
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

उत्तर-पूर्वी पठारी क्षेत्र भारत का सबसे समृद्ध खनिज क्षेत्र है। खनिज पदार्थ जैसे लौह अयस्क, मैंगनीज, अभ्रक, बॉक्साइट, चूना पत्थर, तांबा, थोरियम, यूरेनियम, क्रोमियम, सिलिमेनाइट और फॉस्फेट इस इलाके में पाए जाते हैं।


Q. 167316 लोहे की कौनसा अयस्क सबसे अच्छा माना जाता है? यह भारत में कहाँ पाया जाता है?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

मैग्नेटाइट लौह अयस्क की सबसे अच्छी गुणवत्ता है इसमें 72 प्रतिशत शुद्ध लोहा होता है। इसमें चुंबकीय गुण भी पाये जाते है और आंध्र प्रदेश, झारखंड, गोवा, केरल, तमिलनाडु और कर्नाटक में पाया जाता है।


Q. 167317 उदाहरण के साथ खनिजों का वर्गीकरण दीजिए।
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION


Q. 167318 पृथ्वी की परत पर उपहार के रूप में महत्वपूर्ण खनिज पाइरॉक्सीन और अभ्रक की विशेषता पर का एक तुलनात्मक विचार दीजिये?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

पाइरॉक्सीन

अभ्रक

1) कैल्शियम, एल्यूमीनियम, मैग्नीशियम, लोहा और सिलिका शामिल होते हैं।

1) पोटेशियम, एल्यूमीनियम, मैग्नीशियम, लोहा और सिलिका शामिल होते हैं।

2)  पृथ्वी की परत के 10% का निर्माण करते है। 

2) पृथ्वी की परत के 4% का निर्माण करते है। 

3) उल्कापिंड में मिलते है। 

3) बिजली के उपकरणों में प्रयुक्त।


Q. 167319 अवसादी चट्टानों के गठन की विधा का वर्णन करें।
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

अवसादी चट्टानों उन सामग्रियों से बनती हैं कि जो कारको के क्षय द्वारा अनुकूल स्थल पर जमा होने से बनती हैं जैसे- नदी, पवन, ग्लेशियर और समुद्र की लहरे।

अवसादी चट्टानों का गठन

1. ढीला सामग्री परतों के रूप में जमा होती हैं।

2. स्तरीकरण मिट्टी की तरह अवसादों के रूप में जगह लेता है और गाद परतों में जमा होकर तलछटी पर बैठ जाती है।

3. ये ढीली सामग्री कठोर और चट्टानों परिवर्तित हो अवसादी चट्टानों के रूप में जानी जाती है।


Q. 167320 निम्नलिखित चट्टानों के प्रकार को आग्नेय, अवसादी और रूपांतरित चट्टानों में वर्गीकृत कीजिये। 1. बेसाल्ट 2. चूना 3.पेग्माटाइट 4. ग्रेनाइट
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

1. बेसाल्ट - आग्नेय चट्टान

2. चूना पत्थर - अवसादी चट्टान

3. पेग्माटाइट - आग्नेय चट्टान

4. ग्रेनाइट - रूपांतरित चट्टान

 


Q. 167321 खनिजों और चट्टानों के बीच अंतर कीजिये।
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

खनिज

चट्टाने

1) खनिज स्वाभाविक रूप से होने वाले यौगिक हैं जैसे-सिलिकेट, आक्साइड, कार्बोनेट या हाइड्रॉक्साइड।

1) यह एक या कई समूहों के खनिजों का एक समुच्चय है।

2) स्थायी भौतिक और रासायनिक गुण।

2) चट्टानों के भौतिक और रासायनिक गुणों में परिवर्तनशीलता। 

3) उदाहरण: स्वर्ण, रजत और तेल

3) उदाहरण: ग्रेनाइट, बेसाल्ट और संगमरमर


Q. 167322 आग्नेय चट्टानों के लक्षण क्या हैं?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

आग्नेय चट्टानों की मुख्य विशेषताऍ हैं-

1. ये चट्टानों में भारी मात्रा में पाए जाते हैं।

2. वे मूल में थर्मल हैं।

3. ये चट्टाने बेहद कठोर और प्रतिरोधी होती है।

4. वे क्रिस्टलीय हैं।

5. वे ज्वालामुखी मूल की होती हैं।

6. वे परतों में नहीं हैं।


Q. 167323 किन्ही भी तीन बिन्दुओ के आधार पर धात्विक और अधात्विक खनिजों के बीच अंतर बताइये।
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

धात्विक खनिज

अधात्विक खनिज

वे खनिज जो पिघलने पर धातुऍ प्रदान करती हैं, उन्हें धात्विक खनिज कहा जाता है।

वे खनिज पदार्थ जिसमे धातु तत्व शामिल नहीं है उन्हें अधात्विक खनिज कहा जाता है।

ये आम तौर पर आग्नेय चट्टानों में पाए जाते हैं।

ये ज्यादातर तलछटी चट्टानों में पाए जाते हैं।

वे कोमल और लचीले होते है।

वे न तो कोमल होते हैं और न ही पिघलाये जा सकते है।


Q. 167324 निम्नलिखित में से किसमे न्यूनतम ह्यूमस होता है?


A.

मरुस्थली मिट्टी

B.

लाल मिट्टी

C.

जलोढ़ मिट्टी

D.

काली मिट्टी

Right Answer is: A

SOLUTION

आर्द्र, उष्ण एवं भूमध्य रेखीय जलवायु में बैक्टेरियल वृद्धि एवं क्रियाएँ सघन होती हैं तथा मृत वनस्पति शीघ्रता से ऑक्सीकृत हो जाती है जिससे मृदा में ह्यूमस की मात्रा बहुत कम रह जाती है। भूरी मरुस्थली मिट्टी इसी श्रेणी में आती है।


Q. 167325 निम्नलिखित में से कौन एक मृदा में वायु प्रसार में सहायक है?


A.

सूक्ष्म जीव-जंतु

B.

मध्यम जीव-जंतु

C.

विशाल जीव-जंतु

D.

उपरोक्त सभी

Right Answer is: B

SOLUTION

मध्यम जीव-जंतु के अंतर्गत कीड़े जैसे जीव-जंतु आते हैं। वे मृदा में वायु प्रसार एवं खनिज तथा कार्बनिक पदार्थ के मिश्रण में सहायक हैं।


Q. 167326 अवसर्पण ------- है।


A.

पश्च आवर्तन के साथ शैल मलवा का फिसलन

B.

पश्च आवर्तन का बिना शैल के फिसलन

C.

भ्रंश के नीचे शैल बृहत का स्खलन

D.

कोई नहीं

Right Answer is: B

SOLUTION

ढाल, जिसपर संचलन होता है, के संदर्भ में पश्च-आवर्तन के साथ शैल-मलवा की एक या कई इकाइयों के फिसलन को अवसर्पण कहते हैं।


Q. 167327 निम्नलिखित में से कौन एक भूस्खलन के अंतर्गत शामिल नहीं है?


A.

अवसर्पण

B.

मलवा स्खलन

C.

शैल स्खलन

D.

सभी शामिल हैं।

Right Answer is: D

SOLUTION

ढाल, जिसपर संचलन होता है, के संदर्भ में पश्च-आवर्तन के साथ शैल-मलवा की एक या कई इकाइयों के फिसलन को अवसर्पण कहते हैं। पृथ्वी के पिंड के पश्च-आवर्तन के बिना मलवा का तीव्र लोटन या स्खलन मलवा स्खलन कहलाता है। मलवा स्खलन में खड़े या प्रलंबी फलक से मिट्टी मलवा का प्रायः स्वतंत्र पतन होता है। संस्तर जोड़ या भ्रंश के नीचे पृथक शैल के स्खलन को शैल स्खलन कहते हैं।


Q. 167328 निम्नलिखित में से कौन एक तीव्र बृहत् संचलन नहीं है?


A.

मृदा प्रवाह

B.

कीचड़ प्रवाह

C.

मलवा अवधाव

D.

मंद विरूपण

Right Answer is: D

SOLUTION

मंद विरूपण मध्यम तीव्र एवं मृदा से आच्छादित ढाल पर घटित होता है। इसमें पदार्थों का संचलन इतना मंद होता है कि इसका आभास करना कठिन होता है और दीर्घ कालिक पर्यवेक्षण से ही इसका पता चलता है।


Q. 167329 निम्नलिखित में से कौन एक मंद बृहत् संचलन नहीं है?


A.

मंद विरूपण

B.

मृदा सर्पण

C.

कीचड़ प्रवाह

D.

सभी

Right Answer is: C

SOLUTION

कीचड़ प्रवाह उद्गाररत या हाल में ही उद्गारित ज्वालामुखी के ढालों पर बहुधा पाये जाते हैं। ज्वालामुखीय राख, धूल एवं अन्य खंडित तत्त्व भारी वर्षा के कारण कीचड़ में परिवर्तित हो जाते हैं एवं ढालों पर कीचड़ की नदी या जिह्ना के रूप में प्रवाहित होते हैं। इनसे मानव अधिवासों को बहुत बड़ी क्षति पहुँचती है।


Q. 167330 निम्नलिखित में से कौन सा एक बृहत् संचलन का रूप नहीं है?


A.

बहाव

B.

स्खलन

C.

अवसर्पण

D.

विस्तार

Right Answer is: D

SOLUTION

भूस्खलन, बहाव, अवसर्पण, पतन बृहत् संचलन हैं। शुष्क क्षेत्रों अथवा उन क्षेत्रों में जहाँ पर्याप्त वर्षा के कारण मजबूत वनस्पति होती हैं वहाँ बृहत् क्षरण बहुत मंद दर से घटित हो सकता है।


Q. 167331 बृहत् संचलन क्या है?


A.

बड़े पैमाने पर पर लोगों का संचलन

B.

वह संचलन जो शैल मलवों को ढलानों के नीचे स्थानांतरित करता है।

C.

पशुओं का संचलन

D.

सभी

Right Answer is: B

SOLUTION

बृहत् संचलन के अंतर्गत वे सभी संचलन आते हैं, जिनमें शैलों का बृहत् मलवा गुरुत्वाकर्षण के सीधे प्रभाव के कारण ढाल के अनुरूप स्थानांतरित होता है।


Q. 167332 अपक्षय के लिए शैलों के प्रतिरोधक के मुख्य महत्वपूर्ण निर्धारक -------------- हैं।


A.

कठोरता

B.

दराज़बंदी

C.

पारगम्यता

D.

रंध्रमयता

Right Answer is: C

SOLUTION

अपक्षय के लिए शैलों के प्रतिरोधक के मुख्य महत्वपूर्ण निर्धारक विशिष्ट सतह क्षेत्र, रंध्रमयता आदि हैं।


Q. 167333 अपक्षय ---- के गठन में महत्त्वपूर्ण प्रक्रिया है।


A.

शैलों

B.

मृदाओं

C.

पत्थरों

D.

घाटियों

Right Answer is: B

SOLUTION

अपक्षय सामान्यतः शैल पदार्थ का रासायनिक एवं अन्य भौतिक विखण्डन जारी रहता है। यह पृथ्वी की सतह के निकट या शैल पदार्थों पर कार्य करने की विशिष्ट प्रक्रिया में शामिल होती है। अपक्षय मृदा गठन की एक महत्वपूर्ण प्रक्रिया है।


Q. 167334 भृगु का निर्माण कैसे होता है?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

समुद्री भृगु झुके हुए ढलान पर सीधे लहरों के टकराने से बनी उर्ध्वाकार ढलान है हाइड्रोलिक कार्रवाई, घर्षण और रासायनिक घोल सब चट्टान के आधार के पास उच्च जल स्तर की तलहटी में कटौती करने का काम करते है। लगातार नीचे की और कटाव और क्षय नीचे की तरफ पीछे हटने से चट्टानों के कारण बनती है।


Q. 167335 सर्क कैसे बनते हैं?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

पिघलती हुई बर्फ पहाड़ों की ढलानों पर अवसाद का उत्पादन करती है। जिससे सीढ़ीनुमा क्रम में घाटी का गठन होता है। ये सर्क के रूप में जाने जाते है।


Q. 167336 हिमानी धौत निक्षेप क्या होते हैं?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

हिमनदों के तल, किनारों या छोर पर बर्फ पिघलने से सरिताएँ बनती हैं। कुछ मात्रा में शैल मलबा इस पिघले जल से बनी सरिता में प्रवाहित होकर निक्षेपित होता है ऐसे हिमनदी जलोढ़ निक्षेप हिमानी धौत निक्षेप कहलाते हैं।


Q. 167337 भू-आकृतियों का कौन-सा प्रकार भारत के भारत के पूर्वी और पश्चिमी तट पर बाहुल्य रखता है?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

भारत के पश्चिमी तट की विशेषता उच्च प्रतिरोधी चट्टानी तट के रूप में है। पश्चिमी तट पर अपरदित भू-आकृतियां बहुतायत हैं और भारत का पूर्वी तट निम्न अवसादी तट है। इस तट पर आमतौर से तलछट भू-आकृतियों का बाहुल्य होता है।


Q. 167338 स्टैलेक्टाइट और स्टैलेग्माइट के बीच क्या अंतर है उन बिन्दुओं को लिखिए?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

स्टैलेक्टाइट विभिन्न मोटाइयों के लटकते हुए हिमस्तम्भ होते हैं। ये कंदरा की छत के पास मोटे होते हैं और अंत के छोर पर पतले होते हैं। स्टैलेग्माइट कंदराओं की छत से धरातल पर टपकने वाले चूना मिश्रित जल से बनते हैं।


Q. 167339 डेल्टा का गठन कैसे होता है?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

नदी अपने लाये हुए पदार्थों को समुद्र में किनारे बिखेर देती हैं। अगर यह भार समुद्र में दूर तक नहीं ले जाया गया हो तो यह तट के साथ ही शंकु के रूप में एक साथ फैल जाता है। डेल्टा का निक्षेप व्यवस्थित होता है और इनका जलोढ़ स्तरित होता है। अर्थात् मोटे पदार्थ तट के निकट व बारीक कण जैसे - चीका मिट्टी गाद आदि सागर में दूर तक जमा हो जाता है। जैसे-जैसे डेल्टा का आकार बढ़ता है, नदी वितरिकाओं की लंबाई बढ़ती जाती है और डेल्टा सागर के अदं र तक बढता रहता है। 


Q. 167340 हिमानी धौत मैदान क्या हैं?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

कुछ मात्रा में शैल मलबा इस पिघले जल से बनी सरिता में प्रवाहित होकर निक्षेपित होता है। ऐसे हिमनदी-जलोढ़ निक्षेप हिमानी धौत मैदान कहलाते हैं।


Q. 167341 आरोपित बल क्या संकेत मिलता है?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

विसर्पी रोधिकाएँ छोरों धाराओं के विकास के प्रारंभिक चरणों में मूल कोमल सतहों पर विकसित होकर और  कटाव या धीमी गति से होने के कारण यही  विसर्पी रोधिकाएँ आम तौर पर चट्टानों में घुस जाती हैं, वे जहां से शुरू होती है वही से निरंतर ऊपर नीचे बढ़ती रहती है। वे क्षेत्र के ऊपर सतहों मूल की स्थिति पर एक संकेत देती है जिन्होंने धाराओं को विकसित किया है।


Q. 167342 चूना पत्थर क्षेत्रों में पानी का भूमिगत प्रवाह सतह की तुलना में अधिक आम है। क्यों?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

चूना पत्थर क्षेत्रों में पानी का भूमिगत प्रवाह सतह की तुलना में अधिक आम है। इसकी वजह यह है चूना पत्थर के मुख्य घटक, कैल्शियम कार्बोनेट है जो शुद्ध पानी में घुलनशील है और कार्बोनेट पानी में आसानी से घुलनशील है। भूतल प्रवाह और जमीन में अंतःस्पंदन भंग और जोड़ों के साथ समाधान की प्रक्रिया शुरू होती है।


Q. 167343 'बरखान' बालू का टीले किस प्रकार के है? व्याख्या कीजिए।
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

बरखान एक अर्द्ध चंद्राकार आकार पवन की दिशा में बालू का टीले का आदर्श रूप है इसमें हवा ढलान की ओर दो क्षृंग होते है। यह हवा की दिशा में उन्नतोदर है। बरखान के सिरे इसके मध्य भाग की तुलना में अधिक तेजी से बढ़ते है, जो इसे एक अलग आकार देता है। बरखान के गठन के लिए दो आवश्यक शर्तें हैं- हवा के लगातार दिशा और रेत की सीमित आपूर्ति।


Q. 167344 आप 'वादी' शब्द से क्या समझते हैं?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

एक 'वादी' का ढलान तंग घाटी या गहरी घाटी को दर्शाता है। अचानक भारी वर्षा की स्तिथि में पानी बहुत ही तेज गति से बहता है और ऊर्ध्वाधर कटाव का कारण बनता है। इसके परिणामस्वरूप  गहरी और संकरी घाटियाँ बनती है। नदियाँ रेगिस्तान में इस गहरी घाटी से प्रवाहित होती है। हालांकि वे आम तौर पर यह पानी दूर पहाड़ों पर बर्फ के पिघलने से प्राप्त करती है। इस तरह ऊर्ध्वाधर तरफा समतल घाटियाँ 'वादी' या अल्जीरिया में 'चेबकास' के रूप में जानी जाती है ।


Q. 167345 'मेसा' और 'बुटी' के बीच अन्तर बताइए।
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

रेगिस्तान में जब चट्टानों के तल इस तरह से कटते हैं कि कठोर टोपी के सिरे सभी दिशाओं से कट जाते है तो यह शीर्ष पर सारणीबद्ध पहाड़ी रूप में प्रतिरोधी चट्टानों का एक समतल में सबसे ऊपर निर्माण करती है। इस समतल शीर्ष को 'मेसा' कहा जाता है।

जब 'मेसा' के शीर्ष बहुत ही संकीर्ण हो जाता है, तो इसे 'बूटी' कहा जाता है।

 


Q. 167346 'यारडांग' क्या है? इसका गठन कैसे होता है?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

तीव्रता, अनियमित रॉक पपड़ी की एक श्रृंखला है जो एक दूसरे से अलग ढलान में खांचो को 'यारडांग' के रूप में जाना जाता है। यह रूपों जहां हवा ऊर्ध्वाधर में तेजी से चलती है या थोड़ा मुश्किल से क्रमांतरण में प्ररेखन कठोर और नरम चट्टानों पर होती है। 'यारडांग' सामान्यतः, मंगोलिया के रेगिस्तान, सऊदी अरब, भारत आदि में पाए जाते हैं।

 


Q. 167347 छत्रक का गठन कैसे किया जाता है?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

मरुस्थलों में अधिकतर चट्टानें पवन अपवाहन व अपघर्षण द्वारा शीघ्रता से कट जाती हैं और कुछ प्रतिरोधी चट्टानों के घिसे हुए अवशेष जिन के आधार पतले व ऊपरी भाग विस्तृत और गोल, टोपी के आकार के होते है। जिन्हे छत्रक चट्टानों केव रूप में जाना जाता है।


Q. 167348 'आँधी' के निर्माण की प्रक्रिया की चर्चा करें।
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

कई रेगिस्तानी इलाकों में वनस्पति की कमी कारण तेज हवाओं के बवंडर का निर्माण होता है और ढीली और नरम चट्टानों को दूर उड़ा ले जाती है। परिणामस्वरूप एक तश्तरी के आकार के अवसाद का गठन होता है जो 'आँधी' के रूप में जाने जाते है। संयुक्त राज्य अमेरिका के नेब्रास्का और कोलोराडो में कई ऐसी आँधियाँ चलती हैं।

 


Q. 167349 रेत के टीलों के विभिन्न प्रकार का उल्लेख करो।
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

i) बरखान

ii) सीफ

iii) पैराबोलिक

iv) अनुप्रस्थ

v) अनुदैर्ध्य


Q. 167350 लैगून क्या है? एक उदाहरण के साथ इसके गठन का वर्णन करें।
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

जब रोधिका तथा स्पिट किसी खाड़ी के मुख पर निर्मित होकर इसके  मार्ग को अवरूद्ध कर देते हैं तब लैगून निर्मित होते हैं। वे अपेक्षाकृत समुद्र से उथले हैं और संकीर्ण निर्गम द्वारो के माध्यम से खुले समुद्र से जुड़े होते हैं। भारत के पूर्वी तट पर चिल्का झील एक झील है।


Q. 167351 समुद्र मेहराब और समुद्र स्टैक के बीच क्या अंतर है?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

समुद्री मेहराब

समुद्री स्टैक

उच्च अंतरीप पर दोनों पक्षों से लहरो द्वारा समुद्री गुफाओं के गठन के लिए काम करती है। जब विपरीत दिशा में दो गुफाऍ मिलती हैं तो इसके परिणामस्वरूप समुद्री मेहराब का गठन होता है।

भृगु के  निवर्तन से चट्टानों के कुछ अवशेष तटों पर अलग-थलग छूट जाते हैं। ऐसी अलग-थलग प्रतिरोधी चट्टानें जो कभी भृगु के भाग थे, समुद्री स्टैक कहलाते हैं।


Q. 167352 कैसे समुद्र की लहरे निक्षेपण के एक कारक के रूप में संचालित होती हैं?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

समुद्र की लहरे चार तरीकों से निक्षेपण के एक कारक के रूप में संचालित होती हैं:

i) हाइड्रोलिक कार्रवाई: इसमें लहरों द्वारा उठाई गयी मुक्त सामग्री और बिखरी हुई चट्टाने लहरों के टुकड़ो रूप में शामिल है। जैसे - विशाल पानी, भृगु के खिलाफ चट्टाने।

ii) अपरदन: जब ऊँचे चट्टानी तटों के सहारे तरंगें अवनमित होकर धरातल पर अत्यधिक बल के साथ प्रहार करती है और चट्टानों के अग्रतट तक खींचती है, इसे अपरदन कहा जाता है।

iii)  अपघर्षण:चट्टानों के टुकड़े एक दूसरे टकराते है और कम हो जाते हैं। इस कार्रवाई को अपघर्षण कहा जाता है।

iv) घोलीकरण: विलायक चट्टाने जैसे चूना पत्थर, डोलोमाइट और चॉक समुद्री लहरों की घोलीकरण की प्रक्रिया द्वारा घुल जाते हैं।

 


Q. 167353 डेलमेटियन तट और हफ्फ तट के बीच का अंतर बताइए।
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

डेलमेटियन तट

हफ्फ तट

1. वहाँ विकसित होते है जहां तट के समानांतर पर्वत श्रृंखला जलमग्न होती हैं

2. द्वीपों की श्रृंखला के साथ लंबी संकीर्ण पतली खाडी तट के समानांतर बनाता है

1. वहाँ विकसित होते है जहां बड़े रेत की लम्बी पट्टी तट के समानांतर होती हैं

2. लैगून पट्टी और तट के बीच जुड़े होते है इन्हे 'हफ्फ' के रूप में जाना जाता है


Q. 167354 उन बलों का नाम बताइए जो कि भौतिक अपक्षय का कारण है।
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

जो बल भौतिक अपक्षय का कारण है वह इस प्रकार है:

1) गुरुत्वाकर्षक बल, जैसे अत्यधिक ऊपर भार दबाव, एवं अपरूपण प्रतिबल

2) तापक्रम में परिवर्तन, क्रिस्टल रवों में वृद्धि एवं पशुओं के क्रियाकलापों के कारण उत्पन्न विस्तारण

3) शुष्कन एवं आर्द्रन चक्रो से नियंत्रित जल का दबाव।


Q. 167355 मिट्टी के गठन में अपेक्षित एक आवश्यक प्रक्रिया अपक्षय क्यों है?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

अपक्षय मिट्टी के गठन में अपेक्षित एक आवश्यक प्रक्रिया है:

1) चट्टानों का मलबा अपक्षय प्रक्रिया से उत्पन्न होता है।

2) यह अपक्षय मेंटल है जो मिट्टी के गठन में बुनियादी इनपुट है।


Q. 167356 कार्बोनेशन की प्रक्रिया कैसे चट्टानों के रासायनिक अपक्षय का कारण है?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

कार्बोनेट एवं बाई कार्बोनेट की खनिजों से प्रतिक्रिया का प्रतिफल कार्बोनेशन कहलाता है। यह फेल्सपार तथा कार्बोनेट खनिज को पृथक करने में एक आम सहायक प्रक्रिया है। जल द्वारा वायुमंडल एवं मृदावायु से कार्बन डाईऑक्साइड, अवशोषित की जाती है। इससे कार्बोनिक अम्ल का निर्माण होता है जो कि एक कम सक्रिय अम्ल के रूप में कार्य करता है। कैल्शियम कार्बोनेट एवं मैग्नीशियम कार्बोनेट, कार्बनिक एसिड में घुल जाते हैं तथा कोई अवशेष नहीं छोड़ते। इसके परिणामस्वरूप भूमिगत गुफाओं का निर्माण होता है।


Q. 167357 आपका भू-आकृतिक प्रक्रियाओं से क्या मतलब है? इसके प्रकार क्या हैं?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

धरातल के पदार्थों पर अंतर्जनित एवं बहिर्जनिक बलों द्वारा भौतिक दबाव तथा रासायनिक प्रक्रियाओं के कारण भूतल के विन्यास में परिवर्तन को भू-आकृतिक प्रक्रियाएँ कहते हैं। पटल विरूपण एवं ज्वालामुखीयता अंतर्जनित भू-आकृतिक प्रक्रियाएँ हैं, जो इससे पहले की इकाई में संक्षेप में विवेचित हैं। अपक्षय, वृहत क्षरण, अपरदन एवं निक्षेपण, बहिर्जनिक भू-आकृतिक प्रक्रियाएँ हैं।


Q. 167358 परिभाषित करें। 1) मलवा स्खलन 2) शैल स्खलन
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

पृथ्वी के पिंड के पश्च-आवर्तन के बिना मलवा का तीव्र लोटन या स्खलन मलवा स्खलन कहलाता है।

संस्तर जोड़ या भ्र्ंश के नीचे पृथक शैल बृहत् के स्खलन को शैल स्खलन कहते हैं।


Q. 167359 मलवा अवधाव एवं भूस्खलन अक्सर हिमालय में क्यों पाए जाते हैं?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

मलवा अवधाव एवं भूस्खलन अक्सर हिमालय में पाए जाते हैं इसके अनेक कारण हैं पहला, हिमालय, विवर्तनिक दृष्टिकोण से सक्रिय है। यह अधिकांशतः परतदार शैलों एवं असंघटित एवं अर्ध -संघटित पदार्थों से बना हुआ होता है। इसकी ढाल मध्यम न होकर तीव्र है।


Q. 167360 प्लेट टेक्टोनिक्स सिद्धांत ज्वालामुखी के गठन की व्याख्या कैसे करता है?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

टेक्टोनिक्स प्लेट सिद्धांत के अनुसार स्थलमंडल कई प्लेटों में विभाजित है। ये प्लेटें अलग अलग दिशाओं में आगे बढ़ती रहती हैं। पृथक प्लेटे महाद्वीपीय परत, समुद्री परत या दोनों हो सकती है। जब एक समुद्री प्लेट महाद्वीपीय प्लेट से टकराती है, सघन समुद्री प्लेट हल्का महाद्वीपीय प्लेट के नीचे होती है। नवीन प्लेटे मेंटल के नीचे चली जाती है और प्लेट का हिस्सा पिघल जाता है। पिघला हुई चट्टान सतह पर आती है और एक ज्वालामुखी विस्फोट जगह लेता है।


Q. 167361 उनके विस्फोट की आवृत्ति के आधार पर ज्वालामुखी के विभिन्न प्रकारों के बारे में बताएं।
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

उनके विस्फोट की आवृत्ति के आधार पर ज्वालामुखी तीन प्रकार के होते हैं:

(i) सक्रिय ज्वालामुखी - ये ज्वालामुखी लगातार अंतराल पर ज्वालामुखी पदार्थो को बाहर मुक्त करते रहते है जैसे- इटली का एटना और सिसिली द्वीप के स्ट्रोम्बोलि।

(ii) प्रसुप्त ज्वालामुखी - सुप्त ज्वालामुखी वे होते हैं जिनमे विस्फोट के एक लंबे समय तक नियमित रूप से नहीं होता है जैसे, इटली की वेसुवियस में लगभग 1500 वर्ष में केवल 10 बार विस्फोट हुआ है।

(iii)  विलुप्त ज्वालामुखी - जो ज्वालामुखी ऐतिहासिक समय में कभी नही उभरे है इन्हे विलुप्त ज्वालामुखी कहा जाता है। भविष्य विस्फोट की संभावना दूर हो जाती है उदाहरण के लिए, म्यांमार में पोपा।


Q. 167362 ज्वालामुखी के किन्ही भी छह फायदो का उल्लेख कीजिए।
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

ज्वालामुखी के लाभ इस प्रकार हैं -

(i) ज्वालामुखी तीव्र दबाव को निर्मुक्त करने में मदद करता है जो पृथ्वी के आंतरिक संरचना को मजबूत बनाता है। इस तरह वे हमारे लिए प्राकृतिक सुरक्षा वाल्व के रूप में काम करते हैं।

(ii) ये पृथ्वी की आंतरिक संरचना की जानकारी प्राप्त करने का प्रमुख स्रोत हैं।

(iii) ज्वालामुखी से निकलने वाले लावे से बहुत उपजाऊ काली मिट्टी का निर्माण होता है जो महत्वपूर्ण फसलों की खेती के लिए उपयोगी है जैसे कपास, गेहूं, गन्ना, तंबाकू आदि।

(iv) कई बहुमूल्य खनिज ज्वालामुखी विस्फोट से प्राप्त किये जाते हैं।

(v) खनिज गर्म झरने वाले ज्वालामुखी क्षेत्रों में पाए जाते हैं त्वचा रोगों के लिए उपयोगी होते हैं।

(vi) ज्वालामुखी झरने के रूप में प्राकृतिक सुंदरता, गर्म पानी के खनिज स्प्रिंग्स और गर्त झीले छोड़ देते है।


Q. 167363 ज्वालामुखी की प्रमुख हानियाँ क्या हैं?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

ज्वालामुखी की हानियाँ इस प्रकार हैं -

(i)  ज्वालामुखी की प्रकृति अत्यधिक विनाशकारी होती हैं और संपत्ति और जीवन की गंभीर क्षति का कारण होते है।

(ii) ज्वालामुखी भूकंप पैदा कर सकते है जो बहुत विनाशकारी होते है।

(iii) लावा प्रवाह कृषि भूमि के विनाश का कारण बनता है।

(iv) कई ज़हरीली गैसे ज्वालामुखी विस्फोट के समय में बाहर आ जाती है और पर्यावरण प्रदूषण का कारण बनती है।

(v) ज्वालामुखी विस्फोट समुद्र के अंदर समुद्री जीवन को हानि पहुँचता है।

(vi) ज्वालामुखी दुनिया के नक्शे में अचानक परिवर्तन का कारण है। काकाटोआ द्वीप वहाँ ज्वालामुखी विस्फोट का एक परिणाम के रूप में लगभग दुनिया के नक्शे से गायब हो गया है ।


Q. 167364 रासायनिक अपक्षय में शामिल प्रक्रियाओं को समझाइए।
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

रासायनिक अपक्षय में चार प्रक्रियाऍ शामिल है:

1) ऑक्सीकरण: वायुमंडलीय ऑक्सीजन चट्टानों को खनिजों के साथ जोड़ती है। परिणामस्वरूप हवा और पानी की उपस्थिति के कारण लौह युक्त चट्टानो में जंग लग जाता है। जिससे चट्टानो का क्षय शुरू हो जाता है और पाउडर धूल बन जाता है।

2) हाइड्रेशन: एल्यूमीनियम के साथ पानी की रासायनिक क्रिया खनिज पर प्रभाव डालकर चट्टानों के बाहरी आवरण को हाइड्रेशन की प्रक्रिया के माध्यम से हटाते है।

3) कार्बोनेशन: कार्बन डाइऑक्साइड के साथ मिश्रित वर्षा जल थोड़ा अम्लीय होता है और चूना पत्थर, चाक और संगमरमर की चट्टानों में घुल जाता है।

4) घोलीकरण: कुछ खनिज जैसे चट्टाने, नमक और जिप्सम पानी में घोल के रूप में घुल जाती हैं।


Q. 167365 जलयोजन को परिभाषित करें।
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

जलयोजन जल का रासायनिक योग है। खनिज स्वयं जल धारण करके विस्तारित हो जाते हैं एवं यह विस्तार पदार्थ के आयतन अथवा शैल में वृद्धि का कारण बनते हैं। कैल्शियम सल्फेट जल मिलने के बाद जिप्सम में परिवर्तित हो जाता है जो कैल्शियम सल्फेट की अपेक्षा अधिक अस्थायी होता है। यह प्रतिवक्रिया उत्क्रमणीय एवं लंबी होती है तथा इसके सतत् पुनरावृत्ति से शैलों में श्रांति हो जाती है जिसके फलस्वरूप उनमें विघटन हो सकता है।


Q. 167366 अपक्षय का क्या महत्व है?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

1) अपक्षय प्रक्रियाएँ शैलों को छोटे-छोटे टुकड़ों में तोड़ने के लिए उत्तरदायी होती हैं।

2) जैव मात्रा एवं जैव-विविधता प्रमुखतः वनों, वनस्पति की देन है तथा वन, अपक्षयी प्रावार की गहराई पर निर्भर करता है।

3) शैलों का अपक्षय एवं निक्षेपण मूल्यवान खनिज लोह अयस्क के समृद्धिंकरण एवं संकेद्रण में सहायक होता है।


Q. 167367 मिट्टी का गठन कैसे होता है?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

अपक्षय मिट्टी के गठन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। अपक्षय पदार्थ मिट्टी के निर्माण के लिए बुनियादी इनपुट है। अपक्षयित प्रावार या लाए गए पदार्थों के निक्षेप, बैक्टीरिया या अन्य निकृष्ट पौधे जैसे काई एवं लाइकेन द्वारा उपनिवेशित किए जाते हैं। जीव एवं पौधों के मृत्त अवशेष ह्यूमस के एकत्रीकरण में सहायक होते है बाद में पक्षियों एवं वायु द्वारा लाए गए बीजों से वृक्ष एवं झाडि़यों में वृद्धि होने लगती है। जानवर कणों को ऊपर लाते हैं, जिससे पदार्थों का पुंज छिद्रमय एवं स्पंज की तरह हो जाता है। इस प्रकार जल-धारण करने की क्षमता, वायु के प्रवेश आदि के कारण अंततः परिपक्व, खनिज एवं जीव-उत्पाद युक्त मृदा का निर्माण होता है।


Q. 167368 मिट्टी के गठन कारको के नाम बताइए?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

पांच बुनियादी कारक मिट्टी के गठन को नियंत्रित करते हैं। ये है:

1. जलवायु

2. स्थलाकृति

3. जनक पदार्थ

4. जैविक गतिविधि

5. समय।


Q. 167369 युवावस्था की मिट्टी प्रौढ़ावस्था से कैसे भिन्न है?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

मिट्टी के गठन की प्रक्रिया को संचालित करने के समय की लंबाई मिट्टी और रूपरेखा के विकास की परिपक्वता को निर्धारित करता है। मिट्टी परिपक्व हो जाती है जब सारी मिट्टी के गठन की प्रक्रिया एक रूपरेखा को विकसित करने के लिए पर्याप्त लंबे समय तक कार्य करती हैं। हाल ही में जमा मिट्टी इत्यादि से विकासशील मिट्टी को युवा मिट्टी माना जाता है और वे किसी सीमा को नही दर्शाती या केवल खराब क्षितिज का विकास करती है।


Q. 167370 यांत्रिक और रासायनिक अपक्षय के बीच अंतर बताइए।
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

यांत्रिक अपक्षय

रासायनिक अपक्षय

1) यह उनकी रासायनिक संरचना में बदलाव के बिना चट्टानों के विघटन के लिए जिम्मेदार है।

1) यह चट्टानों में मौजूद खनिजों पर हवा और पानी की कार्रवाई के कारण  चट्टानों के सड़ने या क्षय की प्रक्रिया के लिए जिम्मेदार है।

2) यह तापमान में परिवर्तन और पानी के दबाव कार्रवाई के कारण होता है।

2) उच्च तापमान और आर्द्रता चट्टानों के विघटित होने का कारण है। रासायनिक अपक्षय एसिड और गैसों की कार्रवाई का परिणाम है जैसे - ऑक्सीजन, कार्बन डाइऑक्साइड और हाइड्रोजन।

3) यह कारको के अपक्षय की वजह से आंतरिक और बाह्य तनाव के कारण चट्टानों का भौतिक रूप से टूटना है।

3)  यह प्रक्रिया है जो रासायनिक प्रतिक्रियाओं के माध्यम से ठोस चट्टानों के अपघटन या क्षय की ओर जाता है।


Q. 167371 भू-आकृतिक कारक क्या हैं?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

ये कारक गतिशील माध्यम है (बर्फ समूह, पवन, लहरे और धाराऍ, पानी का बहाव आदि) जो पृथ्वी की सामग्री को हटाते, एक स्थान से दूसरे स्थान पर ले जाते है और जमा करते है। जल, भूजल, ग्लेशियरों, पवन, लहरों और धाराओं आदि को भू-आकृतिक कारक कहा जा सकता है।


Q. 167372 अपक्षय को परिभाषित करें। अपक्षय की प्रक्रिया के विभिन्न प्रकार क्या हैं?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

यह मौसम और जलवायु के विभिन्न तत्वों की कार्रवाई के माध्यम से चट्टानों का यांत्रिक विघटन और रासायनिक अपघटन है । प्रक्रिया अपक्षय के तीन तरह के होते हैं। अर्थात,

i) रासायनिक प्रक्रिया का अपक्षय - इसमें समाधान, कार्बोनेशन, हाइड्रेशन, ऑक्सीकरण और कमी शामिल है जो चट्टानों को विघटित, भंग करने या ठीक क्लास्टिक स्लेट में उन्हें कम करने की कार्रवाई के लिए काम करता है।

ii) भौतिक अपक्षय प्रक्रिया - यह प्रक्रिया गुरुत्वाकर्षण बल, विस्तार बलों और पृथ्वी की सतह और पृथ्वी में चट्टानों पर पानी के दबाव पर निर्भर करती है।

iii)  जैविक अपक्षय प्रक्रिया - यह जीवों के विकास या गति के कारण खनिज को हटाने और अपक्षय पर्यावरण से आयनों और भौतिक परिवर्तन है। 


Q. 167373 भूस्खलन का गठन कैसे होता है?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

भूस्खलन में भूमि की गति की एक विस्तृत श्रृंखला शामिल है जैसे- चट्टान का गिरना, गहरी ढलान और उथले मलबे का बहाव। सामूहिक गति गुरुत्वाकर्षण बल की कार्रवाई के कारण होती है। यह शब्द इसलिए चट्टानों के द्रव्यमान की गति का वर्णन या मिट्टी के उच्च बिंदु से कम का वर्णन करने के लिए किया जाता है। ये तेज और प्रत्याक्ष गति हैं। इसमें अपेक्षाकृत सूखी सामग्री शामिल होती हैं। अलग द्रव्यमान का आकार और आकृति चट्टान की प्रकृति, अपक्षय और ढलवाँपन की डिग्री पर निर्भर करता है।


Q. 167374 अपशल्कन से ------ सम्बंधित है।


A.

शैलों का अपक्षय

B.

जंतुओं के क्रियाकलापों द्वारा शैलों का अपक्षय

C.

शैलों के संकिंद्रिक आवरण को हटाना

D.

किसी से भी नहीं।

Right Answer is: C

SOLUTION

यह शैलों के संकिंद्रिक आवरण को हटाने से सम्बंधित है। अपशल्कन शैलों में पाया जाता है, जो ऊष्मा का कुचालक है।


Q. 167375 तुषार वेजिंग का सामान्य लक्षण कहाँ होता है?


A.

नदीय द्वीप

B.

ग्लेशियर भूमि

C.

शुष्क भूमि

D.

उष्ण और आर्द्र क्षेत्र

Right Answer is: B

SOLUTION

हिमनद क्षेत्र में तुषार वेजिंग दैनिक होता है। इस प्रक्रिया में तुषार की दर महत्त्वपूर्ण होती है। जल का तीव्रता से हिमकरण इसके अचानक फैलाव एवं उच्च दबाव का कारण बनता है।


Q. 167376 विलयन, कार्बोनेटीकरण, जलयोजन तथा न्यूनीकरण ------ के भाग हैं।


A.

यांत्रिक अपक्षय

B.

रासायनिक अपक्षय

C.

भौतिक अपक्षय

D.

अपक्षय के किसी प्रकार से नहीं

Right Answer is: B

SOLUTION

अपक्षय प्रक्रियाओं का एक समूह जैसे कि विलयन, कार्बोनेटीकरण, जलयोजन, ऑक्सीकरण तथा न्यूनीकरण शैलों के अपघटन, विलयन अथवा न्यूनीकरण का कार्य करते हैं, जो कि रासायनिक क्रिया द्वारा सूक्ष्म अवस्था में परिवर्तित हो जाती हैं।    


Q. 167377 अपक्षय में ----------------


A.

पदार्थ में कोई संचलन नहीं होता है।

B.

पदार्थ एक स्थान से दूसरे स्थान तक संचलन करता है।

C.

पदार्थ का निक्षेपण संघटित हो जाता है।

D.

उपरोक्त में से कोई नहीं

Right Answer is: A

SOLUTION

पृथ्वी की सतह पर प्राकृतिक कारणों द्वारा चट्टानों के अपनें ही स्थान पर यांत्रिक विधी द्वारा टूटनें अथवा रासायनिक वियोजन की क्रिया को "अपक्षय" कहा जाता हैं।


Q. 167378 अपक्षय को -------- के रूप में परिभाषित किया जा सकता है।


A.

शैलों के यांत्रिक विखंडन

B.

जलवायु कारकों की सहायता से शैलों के विखंडन एवं विरूपण

C.

शैलों के रासायनिक अपघटन

D.

उपरोक्त सभी

Right Answer is: D

SOLUTION

अपक्षय को मौसम एवं जलवायु के कारकों के माध्यम से शैलों के यांत्रिक विखंडन एवं रासायनिक अपघटन के रूप में परिभाषित किया जा सकता है।


Q. 167379 मलवा अवधाव को शामिल किया जा सकता है :


A.

भूस्खलन के अंतर्गत

B.

तीव्र प्रवाही बृहत् संचलन के अंतर्गत

C.

मंद प्रवाही बृहत संचलन के अंतर्गत

D.

अवतलन के अंतर्गत

Right Answer is: B

SOLUTION

मलवा अवधाव, वनस्पति आवरणयुक्त या उससे वंचित आर्द्र प्रदेशों की विशेषता है। यह तीव्र ढालों पर संकीर्ण पथ के रूप में घटित होता है। मलवा अवधाव, कीचड़ प्रवाह से बहुत तीव्रतर होता है।


Q. 167380 निम्नलिखित में से कौन जलयोजन प्रक्रिया द्वारा प्रभावित होता है?


A.

ग्रेनाइट

B.

चीका मिट्टी

C.

क्वार्ट्ज़

D.

लवण

Right Answer is: D

SOLUTION

रंध्र क्षेत्र में समाहित लवण तीव्र एवं बार-बार जलयोजन से प्रभावित होकर शैल विभंग में सहायक होता है।


Q. 167381 निम्नलिखित में से कौन सी एक अनुक्रमिक प्रक्रिया है?


A.

निक्षेप

B.

ज्वालामुखी

C.

पटल-विरूपण

D.

अपरदन

Right Answer is: D

SOLUTION

अपक्षय, बृहत् क्षरण एवं अपरदन निम्नीकरण की प्रक्रियाएँ हैं। वस्तुतः यह अपरदन ही है जो धरातल में होने वाले अनवरत परिवर्तन के लिए उत्तरदायी है।


Q. 167382 मृदा पाशि्र्वका ----------सम्बंधित है।


A.

अपने क्षैतिज परतों से

B.

नीचे की तरफ से मृदा के खड़े भाग से

C.

मृदा अन्न के समूह से

D.

उपरोक्त में से किसी से नहीं।

Right Answer is: B

SOLUTION

मृदा पाशि्र्वका को नीचे की तरफ से मृदा के खड़े भाग के रूप में परिभाषित किया जा सकता है जहाँ मृदा आधारभूत चट्टान से मिलती है। 


Q. 167383 बृहत् संचलन में ------- सहायक है।


A.

मूसलाधार और प्रचुर मात्रा में वर्षा

B.

खड़ी ढलानें

C.

तीव्रता से झुके हुए संस्तर

D.

उपरोक्त सभी

Right Answer is: D

SOLUTION

असंबद्ध कमजोर पदार्थ, छिछले संस्तर वाली शैलें, भ्रंश, तीव्रता से झुके हुए संस्तर, खड़े भृगु या तीव्र ढाल, पर्याप्त वर्षा, मूसलाधार वर्षा तथा वनस्पति का अभाव बृहत् संचलन में सहायक होते हैं।


Q. 167384 अचानक बलों को परिभाषित करें।
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

बल जो एकाएक अपना प्रभाव दिखाते है अचानक बलों के रूप में जाने जाते है।


Q. 167385 उन बलों का नाम बताइए जो अप्रत्याशित बलों के तहत आते हैं।
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

अप्रत्याशित बलों के तहत आने वाले बल है

 

i) ज्वालामुखी

ii) भूकंप

 


Q. 167386 आप ज्वालामुखी से क्या समझते हैं?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

ज्वालामुखी पृथ्वी की परत में अचानक और अप्रत्याशित विस्फोट है जिसके माध्यम से मेग्मा, गैस, धूल, धुआं और ठोस पदार्थ बाहर आते हैं।


Q. 167387 आपका ज्वालामुखी के द्वार से क्या मतलब है?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

ज्वालामुखी विस्फोट के दौरान, सभी पदार्थ एक पाइप के माध्यम से अलग हो जाते हैं, जिसे द्वार या गर्दन के रूप में जाना जाता है।


Q. 167388 ज्वालामुखी गर्त क्या है?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

लावा पृथ्वी की सतह पर एक शंकु की तरह संरचना बनाते है जो ज्वालामुखी शंकु के रूप में जाने जाते है।


Q. 167389 आप गर्त से क्या समझते हैं?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

गर्त एक ज्वालामुखी शंकु के शीर्ष पर एक कीप के आकार का अवसाद है।


Q. 167390 आपका ज्वालामुखी से क्या मतलब है?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

एक छोटे सी भूपर्पटी खुलने के माध्यम से ज्वालामुखी पिघले हुए मेग्मा का गतिमान होना है उसे वेंट के रूप में जाना जाता है, पर या पृथ्वी की सतह की ओर। इस गति की वजह से पृथ्वी की सतह पर अंतर्भेदी और बहिर्भेदी ज्वालामुखी का गठन होता है।


Q. 167391 अनाच्छादन को परिभाषित करें।
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

सभी बहिर्जनिक भू-आकृतिक प्रक्रियाओं को एक सामान्य शब्दावली अनाच्छादन के अंतर्गत रखा जा सकता है। अपक्षय ,बृहत संचलन, अपरदन, क्षय इसमे शामिल है। 


Q. 167392 अपक्षय क्या है?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

यह बहिर्जनिक भू-आकृतिक प्रक्रिया है। यह मौसम और जलवायु के विभिन्न तत्वों की कार्रवाई के माध्यम से चट्टानों का यांत्रिक विघटन है।


Q. 167393 बृहत संचलन क्या है?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

बृहत् संचलन में शैल मलवा, चाहे वह शुष्क हो अथवा नम, गुरुत्वाकर्षण के कारण स्वयं आधारतल पर जाते हैं परंतु प्रवाहशील जल, हिमानी, लहरें एवं धाराएँ तथा वायु निलंबित मलवे को नहीं ढोते हैं। वस्तुतः यह अपरदन ही है जो धरातल में होने वाले अनवरत परिवर्तन के लिए उत्तरदायी है।


Q. 167394 'हम्माडा' क्या है?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

चट्टानी रेगिस्तान जो अपवहन घाटियों, आंधी और टीलो द्वारा चिह्नित होता हैं हम्माडा' या सहारा के रेगिस्तान में 'हमाडा' के नाम से जाना जाता है।


Q. 167395 सबसे बड़ा लोयस रेगिस्तान कहाँ पाया जाता है?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

हम उत्तरी चीन में लोयस रेगिस्तान के बड़े क्षेत्रों पा सकते हैं। इसमें लगभग 6,50,000 वर्ग कि.मी. का क्षेत्र और पट्टीनुमा परिदृश्य 90-300 मीटर की गहराई तक का शामिल है। 


Q. 167396 किन अलग नामों से उत्तरी अफ्रीका में पथरीले रेगिस्तान को जाना जाता हैं?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

पथरीले रेगिस्तान विभिन्न क्षेत्रों में अलग-अलग नामों से जाने जाते है। वे अल्जीरिया में 'रेग' और लीबिया और मिस्र में 'सेरिर' के रूप में जाने जाते हैं।


Q. 167397 तटीय चट्टानों की प्रकृति किस प्रकार कटाव को प्रभावित करती है?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

तट आमतौर पर नरम और कठोर चट्टानों से बने होते है। कठोर चट्टाने अपरदनरोधी होती हैं। इसीलिए अपरदन कठोर चट्टानों की तुलना में नरम चट्टानों में अधिक होता है।


Q. 167398 समुद्र की लहरों की कटावदार कार्रवाई के कारण कौनसी विशेषताओ का निर्माण होता हैं?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

समुद्र की लहरों की कटावदार कार्रवाई के कारण निम्न का निर्माण होता हैं:

(i) भृगु

(ii) कंदराऍ

(iii)  पतली खाडी

(iv) समुद्री मेहराब


Q. 167399 रेत स्पिट क्या हैं?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

रेत स्पिट रेत की संकीर्ण, लम्बी लकीरें हैं जो भूमि से संलग्न खाड़ी के सिरे तक निर्मित होती है।


Q. 167400 लहरो द्वारा गठित तटरेखा के प्रमुख प्रकार क्या हैं?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

लहरो द्वारा गठित तटरेखा के प्रमुख प्रकार हैं:

(i) फियोर्ड समुद्र तट

(ii) रिया तटरेखा

(iii) डेलमेटियन तट

(iv) हफ्फ तट


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