जिला परिषद या जिला पंचायत पंचायती राज व्यवस्था का शीर्ष निकाय है। यह जिले में पंचायत समितियों के बजट को मंजूरी देता है और जाँच करता है उनके कार्यों के कुशल प्रदर्शन के लिए पंचायत समितियों के मुद्दों को दिशाऍ प्रदान करता है। पंचायत समितियों द्वारा तैयार की गयी विकास योजनाओं के साथ समन्वय स्थापित करता है। यह जिले में पंचायत समितियों के लिए राज्य सरकार द्वारा आवंटित की गई धनराशि वितरित करता है। यह जिले में स्थानीय अधिकारियों की गतिविधियों से संबंधित आंकड़े एकत्र करता है।
सरपंच की अनेक जिम्मेदारियां हैं जिनमें से कुछ इस प्रकार है: -
A.स्ट्रीट लाइट की देखभाल करना, गांवों में सड़कों का निर्माण और मरम्मत का कार्य और गांव में बाजारों, मेलों, त्योहारों और समारोहों का आयोजन करना।
B. गांवो में जन्म, मृत्यु और विवाह के रिकॉर्ड रखना।
C.पीने के पानी द्वारा सार्वजनिक स्वास्थ्य और स्वच्छता के लिए सुविधाएं प्रदान करना।
D.शिक्षा प्रदान करना। कृषि और पशुपालन के लिए विकास योजनाओं को लागू करना।
1. विकास खंड
2. बी. डी. सी. मेम्बर
3. ब्लाक प्रमुख
4. जिला पंचायत
5. जिला पंचायत के सदस्य
6. मुख्य विकास अधिकारी
A. पटवारी
B. जिला कलेक्टर
C. मुख्यमंत्री
D. सरपंच
भारत में राज्यों को जिलों में और जिलों को तहसीलों में बांटा गया है| जिले का प्रमुख जिला कलेक्टर होता है और राजस्वअधिकारी या तहसीलदार उसके अंतर्गत आते हैं|
A. छोटी सीमा
B. भूमि का भाग
C. पटवारी का कार्यालय
D. सामाजिक संगठन
‘बांध’ छोटी सीमाएं होती हैं, जो दो भूमियों को अलग करते हैं|
A. सरपंच के पास
B. पटवारी के पास
C. जिला कलेक्टर के पास
D. जिला आयुक्त के पास
पटवारी के खसरा रिकॉर्ड से हमें प्रत्येक गाँव में भूमियों के मालिकों के बारे में जानकारी प्राप्त होती है|
A. प्रशासनिक अधिकारी के लिए
B. प्रशासनिक अधिकारी के लिए
C. राजनीतिक दलों के लिए
D. भू-अभिलेखागारों के लिए
उप-क्षेत्र या तहसील एक स्तर पर ‘पटवारी’ शब्द का उपयोग भू-अभिलेखागारों के लिए किया जाता है|उसके कार्यों के अंतर्गत कृषि भूमियों का दौरा और रिकॉर्ड को बनाये रखना शामिल है|
A. भू-अभिलेख क्लर्क
B. सरकारी स्कूल का हेडमास्टर
C. गाँव में क़ानून और व्यवस्था का संरक्षक
D. पोस्ट मास्टर
उसके कार्यों के अंतर्गत कृषि भूमियों का दौरा और रिकॉर्ड को बनाये रखना शामिल है|
A. खसरा
B. फादर
C. खतियाँ
D. जांच
इसमें प्लाट के आधार पर मालिक का विवरण, क्षेत्र, वर्गीकरण, स्वामित्व में हिस्सा और उनकी स्थिति शामिल होती है|
A. सार्वजनिक अवमूल्यन प्रणाली
B. सार्वजनिक विकेंद्रीकरण प्रणाली
C. सार्वजनिक वितरण प्रणाली
D. सार्वजनिक प्रसार प्रणाली
सरकार द्वारा गरीब लोगों को अत्यधिक रियायती दरों पर भोजन (राशन) दिया जाता है| देशभर में राशन का वितरण दुकानों की एक श्रंखला द्वारा होता है, इन्हें राशन की दुकानें कहा जाता है|
A. 2002 में
B. 2003 में
C. 2004 में
D. 2005 में
हिन्दू उत्तराधिकार संसोधन अधिनियम, 2005 के अनुसार भूमि में पुत्र, पुत्री और माँ को भी समान अधिकार प्राप्त हैं|
A. सरपंच का
B. जिला कलेक्टर का
C. विधायकों का
D. पटवारी का
पटवारी न केवल भूमि की माप लेता है, बल्कि उनके रिकॉर्ड भी रखता है|
A. जिला कलेक्टर रिकॉर्ड
B. विधायक रिकॉर्ड
C. पटवारी के खसरा रिकॉर्ड
D. किसानों के रिकॉर्ड
पटवारी के खसरा रिकॉर्ड से हमें किसानों की भूमि-क्षेत्र के बारे में जानकारी प्राप्त होती है| किसानों के मध्य किसी भूमि विवाद के मामले में, पटवारी दोनों की भूमि की माप करता है और उन्हें ‘खसरा मानचित्र’ से मिलान करता है|
कुछ राज्यों में, किसानों के भू-अभिलेखों को कंप्यूटरीकृत किया गया है और उन्हें पंचायत कार्यालय में रखा जाता है|
हाँ, प्रत्येक व्यक्ति के लिए यह आवश्यक है कि वह अपनी भूमि के अभिलेख रखे| ये अभिलेख उसको भू-संबंधी विवादों को सुलझाने में मदद करते हैं|
B. राजस्व कलेक्टर, सरपंच और लेखपाल C. लेखपाल, पटवारी, कानूनगो और गाँव का अधिकारी D. लेखपाल पटवारी का प्रमुख कार्य भूमि की माप लेना और उसके अभिलेख रखना है| पटवारी को भिन्न-भिन्न राज्यों में भिन्न-भिन्न नामों से पुकारा जाता है; जैसे लेखपाल, पटवारी, क़ानूनगो और गाँव का अधिकारी|
B. तीन वर्ष C. चार वर्ष D. पांच वर्ष पंचायत का कार्यकाल पांच वर्ष का होता है, लेकिन इसे राज्य सरकार द्वारा पहले भी भंग किया जा सकता है|
B. सरकारी स्कूलों में हिन्दू बच्चों का आरक्षण C. अनुसूचित जातियों के लिए विशेषाधिकार D. विकलांगों के लिए लाभ हिन्दू उत्तराधिकार संसोधन अधिनियम, 2005 के अनुसार महिलाओं को परिवार के कृषि क्षेत्र में हिस्सेदारी का अधिकार प्राप्त हो गया| यह कानून भारत के सभी राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में लागू होता है|
B. निहित संपत्ति अधिनियम, 1965 C. जब्त संपत्ति अधिनियम, 1976 D. संपत्ति स्थानांतरण अधिनियम, 1882 संपत्ति के नए कानून के अनुसार, एक परिवार के सभी सदस्यों (पुत्र और पुत्री) को संपत्ति में समान अधिकार प्राप्त हैं|
B. लोगों को कृषि की शिक्षा देना C. उच्च वर्गों को ऋण देना D. भू-अभिलेख रखना पटवारी का मुख्य कार्य भूमि को मापना और भू-अभिलेख रखना है|
B. ब्लॉक C. ग्राम पंचायत D. जिला भारत में, सभी राज्यों को जिलों में बांटा गया है| प्रत्येक जिले को तहसील या तालुका में विभाजित किया गया है|
B. माता-पिता की आय C. घर D. शिक्षा आरंभिक दिनों में, महिलाओं को परिवार की संपत्ति का मालिकाना हक़ लेने के अधिकार नहीं था| इस नए क़ानून ने पिता की संपत्ति में बेटी को भी हक़ दिया|
जब किसान को बैंक से ऋण लेना होता है, तब उसे अपनी भू-अभिलेख की एक प्रति की आवश्यकता होती है| वह उस ऋण का उपयोग अपने खेत में कुंआ खोदवाने में कर सकता है|
B. जिला कलेक्टर C. मुख्यमंत्री D. सरपंच भारत में राज्यों को जिलों में और जिलों को तहसीलों में बांटा गया है| जिले का प्रमुख जिला कलेक्टर होता है और राजस्वअधिकारी या तहसीलदार उसके अंतर्गत आते हैं|
B. भूमि का भाग C. पटवारी का कार्यालय D. सामाजिक संगठन ‘बांध’ छोटी सीमाएं होती हैं, जो दो भूमियों को अलग करते हैं|
B. पटवारी के पास C. जिला कलेक्टर के पास D. जिला आयुक्त के पास पटवारी के खसरा रिकॉर्ड से हमें प्रत्येक गाँव में भूमियों के मालिकों के बारे में जानकारी प्राप्त होती है|
B. सरपंच के सचिव के लिए C. राजनीतिक दलों के लिए D. भू-अभिलेखागारों के लिए उप-क्षेत्र या तहसील एक स्तर पर ‘पटवारी’ शब्द का उपयोग भू-अभिलेखागारों के लिए किया जाता है|उसके कार्यों के अंतर्गत कृषि भूमियों का दौरा और रिकॉर्ड को बनाये रखना शामिल है|
B. सरकारी स्कूल का हेडमास्टर C. गाँव में क़ानून और व्यवस्था का संरक्षक D. पोस्ट मास्टर उसके कार्यों के अंतर्गत कृषि भूमियों का दौरा और रिकॉर्ड को बनाये रखना शामिल है|
B. फादर C. खतियाँ D. जांच इसमें प्लाट के आधार पर मालिक का विवरण, क्षेत्र, वर्गीकरण, स्वामित्व में हिस्सा और उनकी स्थिति शामिल होती है|
B. सार्वजनिक विकेंद्रीकरण प्रणाली C. सार्वजनिक वितरण प्रणाली D. सार्वजनिक प्रसार प्रणाली सरकार द्वारा गरीब लोगों को अत्यधिक रियायती दरों पर भोजन (राशन) दिया जाता है| देशभर में राशन का वितरण दुकानों की एक श्रंखला द्वारा होता है, इन्हें राशन की दुकानें कहा जाता है|
B. 2003 में C. 2004 में D. 2005 में हिन्दू उत्तराधिकार संसोधन अधिनियम, 2005 के अनुसार भूमि में पुत्र, पुत्री और माँ को भी समान अधिकार प्राप्त हैं|
B. जिला कलेक्टर का C. विधायकों का D. पटवारी का पटवारी न केवल भूमि की माप लेता है, बल्कि उनके रिकॉर्ड भी रखता है|
B. विधायक रिकॉर्ड C. पटवारी के खसरा रिकॉर्ड D. किसानों के रिकॉर्ड पटवारी के खसरा रिकॉर्ड से हमें किसानों की भूमि-क्षेत्र के बारे में जानकारी प्राप्त होती है| किसानों के मध्य किसी भूमि विवाद के मामले में, पटवारी दोनों की भूमि की माप करता है और उन्हें ‘खसरा मानचित्र’ से मिलान करता है|
कुछ राज्यों में, किसानों के भू-अभिलेखों को कंप्यूटरीकृत किया गया है और उन्हें पंचायत कार्यालय में रखा जाता है|
हाँ, प्रत्येक व्यक्ति के लिए यह आवश्यक है कि वह अपनी भूमि के अभिलेख रखे| ये अभिलेख उसको भू-संबंधी विवादों को सुलझाने में मदद करते हैं|
B. राजस्व कलेक्टर, सरपंच और लेखपाल C. लेखपाल, पटवारी, कानूनगो और गाँव का अधिकारी D. लेखपाल पटवारी का प्रमुख कार्य भूमि की माप लेना और उसके अभिलेख रखना है| पटवारी को भिन्न-भिन्न राज्यों में भिन्न-भिन्न नामों से पुकारा जाता है; जैसे लेखपाल, पटवारी, क़ानूनगो और गाँव का अधिकारी|
B. तीन वर्ष C. चार वर्ष D. पांच वर्ष पंचायत का कार्यकाल पांच वर्ष का होता है, लेकिन इसे राज्य सरकार द्वारा पहले भी भंग किया जा सकता है|
B. सरकारी स्कूलों में हिन्दू बच्चों का आरक्षण C. अनुसूचित जातियों के लिए विशेषाधिकार D. विकलांगों के लिए लाभ हिन्दू उत्तराधिकार संसोधन अधिनियम, 2005 के अनुसार महिलाओं को परिवार के कृषि क्षेत्र में हिस्सेदारी का अधिकार प्राप्त हो गया| यह कानून भारत के सभी राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में लागू होता है|
B. निहित संपत्ति अधिनियम, 1965 C. जब्त संपत्ति अधिनियम, 1976 D. संपत्ति स्थानांतरण अधिनियम, 1882 संपत्ति के नए कानून के अनुसार, एक परिवार के सभी सदस्यों (पुत्र और पुत्री) को संपत्ति में समान अधिकार प्राप्त हैं|
B. लोगों को कृषि की शिक्षा देना C. उच्च वर्गों को ऋण देना D. भू-अभिलेख रखना पटवारी का मुख्य कार्य भूमि को मापना और भू-अभिलेख रखना है|
B. ब्लॉक C. ग्राम पंचायत D. जिला भारत में, सभी राज्यों को जिलों में बांटा गया है| प्रत्येक जिले को तहसील या तालुका में विभाजित किया गया है|
B. माता-पिता की आय C. घर D. शिक्षा आरंभिक दिनों में, महिलाओं को परिवार की संपत्ति का मालिकाना हक़ लेने के अधिकार नहीं था| इस नए क़ानून ने पिता की संपत्ति में बेटी को भी हक़ दिया|
जब किसान को बैंक से ऋण लेना होता है, तब उसे अपनी भू-अभिलेख की एक प्रति की आवश्यकता होती है| वह उस ऋण का उपयोग अपने खेत में कुंआ खोदवाने में कर सकता है|
खण्ड समिति पंचायती राज का एक संगठन है जो कि खण्ड स्तर पर काम करती है।
पंचायत का शाब्दिक अर्थ पांच व्यक्तियों की एक समिति है।
गांव पंचायत के तीन अंगों में ग्राम सभा, ग्राम पंचायत और न्याय पंचायत हैं।
गांव पंचायत का मुख्य उद्देश्य ग्रामीणों की हालत में सुधार लाना और उन्हें आत्मनिर्भर बनाना है। यह जमीनी स्तर पर लोकतंत्र को मजबूत बनाने में मदद करता है। इसके जुड़वां उद्देश्य हैं:-लोकतांत्रिक विकेंद्रीकरण और स्थानीय भागीदारी। पंचायती राज प्रणाली में तीन स्तर ग्राम पंचायत, पंचायत समिति और जिला परिषद शामिल हैं। ग्राम पंचायत के पंच ग्राम सभा के प्रति जवाबदेह होते है इनके सदस्यों को ग्राम सभा द्वारा चुना जाता है। पंचायत समिति को खण्ड स्तर पर गठित किया जाता है। इसके अधिकार क्षेत्र में ग्राम पंचायतों के मुखिया आते हैं। पंचायत समिति के मुखिया खण्ड प्रमुख या प्रधान के रूप में जाना जाता है। ग्राम सभा ग्रामीण क्षेत्रों में गरीबी रेखा से नीचे के लोगों की सूची को मंजूरी और अंतिम रूप देती है। विभिन्न ग्राम पंचायतों के पंचो को हर साल उनके उत्कृष्ट कार्य के लिए केन्द्र सरकार द्वारा निर्मल ग्राम पुरस्कार के साथ सम्मानित किया जाता है।
ग्राम सभा ग्राम पंचायत को जिम्मेदार स्थानीय निकाय बनाने का महत्वपूर्ण कारक है। यह गलत कार्यो को करने से गांव पंचायत को रोकता है जैसे पैसे का दुरूपयोग। यह निर्वाचित सदस्यों पर नजर रखने में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
ग्राम सभा के सभी सदस्यों द्वारा सरपंच का चुनाव किया जाता है जो पंचायत अध्यक्ष होता है। सरपंच की सीटें उन महिलाओं के लिए आरक्षित होती हैं जो अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति से सम्बन्ध रखती हैं। सरपंच पंचायत की बैठकों की अध्यक्षता करता है।
ग्राम पंचायत के सदस्य गुप्त मतपत्र के माध्यम से ग्राम पंचायत के सदस्यो के द्वारा चुने जाते है। एक ग्राम पंचायत के निर्वाचित सदस्य की संख्या सात से इकतीस गांव की जनसंख्या के आधार पर भिन्न-भिन्न होती है।
वार्ड सदस्य (पंच) और सरपंच ग्राम पंचायत का निर्माण करते है। ग्राम पंचायत पांच वर्ष की अवधि के लिए चुनी जाती है।
प्रत्येक गांव में पंचायत को वार्डों अर्थात छोटे क्षेत्रों में विभाजित किया जाता है। प्रत्येक वार्ड के नागरिक प्रतिनिधि का चुनाव करते है। जो वार्ड सदस्य या पंच के रूप में जाने जाते है। सभी वार्ड सदस्य एक साथ पंचायत का निर्माण करते हैं।
जिला परिषद के मुख्य कार्यो में पंचायती राज की सभी गतिविधियों का समन्वय करना है। यह पंचायतों और समितियों के कार्यो में राज्य सरकार को सलाह देता है। यह अपने जिले के विकास के लिए योजनाऍ तैयार करता है।
जिला आयुक्त को कलेक्टर या जिला अधिकारी भी कहा जाता है। यह राज्य सरकार का प्रतिनिधि है। यह जिला प्रशासन को भी देखता है। यह जिले के सरकारी अधिकारियों के कार्यो में भी समन्वय स्थापित करता है। जिले में कानून व्यवस्था को बनाये रखने के लिए पुलिस प्रमुख रूप से जिम्मेदार होती है। पुलिस अधीक्षक जिले के पुलिस विभाग का प्रमुख होता है। उसके अधीन उप पुलिस अधीक्षक एवं थाने में नियुक्त इंस्पेक्टर और सबइंस्पेक्टर होते हैं, जिनके माध्यम से जिले की कानून व्यवस्था का संचालन होता है। जिले की भूमि व्यवस्था जैसे- भूमि माप, खसरा, खतौनी के रख-रखाव के लिए सरकार जिले में तहसीलदार, नायब तहसीलदार, कानून गो एवं लेखपाल की नियुक्ति करती है। इन अधिकारी एवं कर्मचारियों के माध्यम से सरकार जिले में भूमि व्यवस्था सम्बंधित कार्यों को संचालित करती है।
जिला परिषद या जिला पंचायत पंचायती राज व्यवस्था का शीर्ष निकाय है। यह जिले में पंचायत समितियों के बजट को मंजूरी देता है और जाँच करता है उनके कार्यों के कुशल प्रदर्शन के लिए पंचायत समितियों के मुद्दों को दिशाऍ प्रदान करता है। पंचायत समितियों द्वारा तैयार की गयी विकास योजनाओं के साथ समन्वय स्थापित करता है। यह जिले में पंचायत समितियों के लिए राज्य सरकार द्वारा आवंटित की गई धनराशि वितरित करता है। यह जिले में स्थानीय अधिकारियों की गतिविधियों से संबंधित आंकड़े एकत्र करता है। ग्राम सभा ग्राम पंचायत को अपनी जिम्मेदारी निभाने और जवाबदेह बनाने में एक महत्वपूर्ण कारक है। यह वो जगह है जहां ग्राम पंचायत के कार्यो के लिए सभी योजनाओं और नीतियों को लोगों के सामने रखा जाता है। ग्राम सभा गलत कार्यो को करने से पंचायत की जाँच करता है जैसे- पैसे का दुरूपयोग या कुछ लोगों का पक्ष रखना। यह निर्वाचित प्रतिनिधियों पर नजर रखने में और लोगों के लिए उन्हें जवाबदेह बनाने में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। जिन्हे यह निर्वाचित करता है।
स्थानीय सरकार स्थानीय लोगों के बीच आत्म निर्भरता की भावना विकसित करता है। यह पहल और सहयोग की भावना विकसित करता है। यह केन्द्र और राज्य प्रशासन चलाने में स्थानीय लोगों को प्रशिक्षण देता है। यह गति के साथ और न्यूनतम खर्च पर स्थानीय कार्यो को समाप्त करते है।
"वाटरशेड विकास कार्यक्रम' के उद्देश्य हैं: - क्षेत्र पंचायतों के कार्यों को करने के लिए सरकार कुछ कर्मचारी और अधिकारी नियुक्त करती है, नियुक्त किये गए इन लोंगो में खंड विकास अधिकारी प्रमुख होता है। खंड विकास अधिकारी अपने कर्मचारियों की सहायता से क्षेत्र पंचायत के सभी कार्यों की जिम्मेदारी निभाता है। सामान्यतः खंड विकास अधिकारी राज्य लोक सेवा आयोग द्वारा चयनित होता है।
सरपंच की अनेक जिम्मेदारियां हैं जिनमें से कुछ इस प्रकार है: - जिलाधिकारी जिले की शासन व्यवस्था का संचालन जिले के अन्य अधिकारीयों के साथ मिलकर करता है। जन शिकायतों का निवारण, जन प्रतिनिधियों से विचार विमर्श एवं जिले के अन्य विभागों के अधिकारियों के कार्यों की समीक्षा करना, जिले में हो रहे विकास कार्यों से शासन को अवगत कराना एवं किसी आपदा या दुर्घटना के होने पर राहत कार्यों के प्रगति का निरीक्षण करना जैसे कार्य जिलाधिकारी करता है। जिले के प्रशासन को सुचारू रूप से चलाने के लिए सरकार विभिन्न अधिकारियों की नियुक्ति करती है, जिसमें जिलाधिकारी प्रमुख होता है। उसके अलावा जिला विकास अधिकारी, पुलिस अधीक्षक, जिला वन अधिकारी, मुख्य चिकित्सा अधिकारी, बेसिक शिक्षा अधिकारी, चकबंदी अधिकारी, तहसीलदार, नायब तहसीलदार, कृषि अधिकारी एवं जल निगम अभियंता, लोक निर्माण अभियंता, जिला आबकारी अधिकारी तथा न्यायिक कार्यों के लिए न्यायधीशों की नियुक्ति की जाती है। B. सरकारी अधिकारियों को नुकसान पहुँचाना C. नागरिकों को निष्क्रिय करना D. लोकतंत्र में अपने प्रतिनिधियों को वापस बुलाना यह लोग सरकार के कामकाज में रुचि लेने के साथ-साथ आवश्यकता होने पर आलोचना में भाग लेते हैं। वे रैलियों, प्रदर्शनों और हस्ताक्षर अभियान के माध्यम से अपनी अस्वीकृति को दिखाते हैं।
B. स्थानीय, राष्ट्रीय और नगरीय स्तर। C. केंद्र, राज्य और स्थानीय स्तर। D. शहर, नगरीय और गांव स्तर।
राष्ट्रीय स्तर पूरे देश को संदर्भित करता है; राज्य स्तर पर पूरे राज्य को शामिल किया जाता है और स्थानीय स्तर पर गांवों और शहर शामिल हैं।
B. शहर के बाजार और बिजली सुविधाओं की भीड़ C. गांव के यातायात और अस्पताल नियंत्रण है D. शहर गांव से बड़ा तथा बाजार और बिजली की सुविधाओं की भीड़ एक शहर गांव से बड़ा होता है। यह बाजारों और परिवहन, पानी और बिजली की सुविधाओं भीड़-भाड़ होती है। लेकिन गांव में इन सुविधाओं की कोई जरूरत नहीं है।
B. पास के नाली या गली में C. कूड़ेदान में D. घर में मकान, होटल और रेस्तरां के पास नाली या गली में कचरे को फेका जाता हैं। सफाईकर्मी का कचरा इकट्ठा करना और चयनित फेंकने की जगह का स्थानान्तरण करने पर बड़ी परेशानी आती है ।
B. मंडल परिषद C. नगरपालिका परिषद D. नगरपालिका संगठन छोटे कस्बों में नगर निगम को नगरपालिका परिषद कहा जाता है।
B. लोग C. राजनीतिक दल D. सरपंच लोकतंत्र सरकार के कामकाज में नागरिकों की सक्रिय भागीदारी पर निर्भर करता है। लोकतांत्रिक भारत में, संप्रभु सत्ता लोगों के साथ होता है।
B. धोबी वाला C. चौकीदार D. सफाई कर्मचारी कबाड़ी वाला एक बैग, साइकिल या गाड़ी पर "कबाड़" के लिए चिल्लाते हुए कबाड़ के साथ सड़कों पर घूमता हैं। वे पैसे या बर्तन और कपड़े जैसे कुछ अन्य मदों के बदले में घरों से वस्तुओं को खरीदता है।
B. सुरक्षित C. स्थायी D. अस्थायी ठेका श्रमिक कंपनी के कर्मचारी नहीं होते है। उनको विशिष्ट कार्य या परियोजना के लिए काम पर रखा जाता है।
B. C. D. नगर निगम एक राज्य सरकार द्वारा गठित निकाय है जो कि शहर के विकास के लिए काम करता है जिसकी आबादी बीस हजार से अधिक हो। B. C. D. चंडीगढ़ भारत में साफ शहर है। B. C. D. सूरत चंडीगढ़ के बाद भारत में दूसरा सबसे साफ शहर बना हुआ है और इसका पूरा क्रेडिट सूरत नगर परिषद को जाता है। B. C. D. शहर में काम विभिन्न विभागों में बांटा गया है। जल विभाग, कचरा संग्रहण विभाग, सड़कों की देखभाल के लिए विभाग। B. स्थायी। C. अस्थायी। D. अन्य। श्रमिकों की सुरक्षा के उपाय करने के लिए मापक नहीं है। उनकी देखभाल नहीं की जाती हैं यदि वे काम करते वक्त घायल हो जाते हैं। यह परिषद के पैसे बचाने का एक उपाय है।
B. व्यक्ति जो कृषि भूमि का रिकॉर्ड रखता है। C. एक पार्षद समिति का एक सदस्य है। D.
एक शहर में निर्वाचित वार्ड पार्षद।
नगर पार्षद निर्वाचित सदस्य होते है। प्रत्येक पार्षद पास विशेष वार्ड का प्रभार होता है। वे उनके वार्ड के लोगों की समस्या को हल करने के लिए होते है। उदाहरण के लिये, किसी भी तरह के खतरनाक बिजली के तार नीचे लटक रहे हैं, तो पार्षद विद्युत प्राधिकरण से संपर्क करता है और आदेश प्राप्त करता है।
B. C. D. शहर को वार्डों में विभाजित किया गया है और उसकी देखभाल करने के लिए पार्षदो को चुना जाता है। B. C. D. लोकतंत्र सरकार का एक प्रकार है अर्थात लोगों द्वारा प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से शासन का संचालन किया जाता है। B. दान C. कर D. राजनीतिक दलों नगर निगम कर से धन एकत्र करते है।
B. ज़िला - कौंसिल C. नगर परिषद D. नगर संगठन छोटे शहरों में नगर निगम को नगर परिषद कहा जाता है।
B. विधायक। C. सरपंच। D. वार्ड पार्षद। वार्ड पार्षद केवल बजट तैयार नहीं करते बल्कि यह भी सुनिश्चित करते है कि अपने वार्ड की मांगों को परिषद के समक्ष रखे।
सहायक आयुक्त। B. उपायुक्त। C. आयुक्त। D. पार्षद। आयुक्त और प्रशासनिक स्टाफ नियुक्त किये जाते हैं जबकि पार्षद चुने जाते हैं।
पीठासीन
जिला न्यायाधीश को "मेट्रोपोलिटन सत्र न्यायाधीश" भी कहा जाता है। वह शहर में जिला अदालत की अध्यक्षता भी करता है। वह राज्य सरकार द्वारा महानगरीय क्षेत्रों में नामित होता है। सत्र न्यायाधीश ज़िले में सबसे ज़्यादा अपराध न्यायालय का प्रशासन या आयोजन करता है। जिला कलेक्टर तटीय क्षेत्रों के पास के गांवों में लोग मछली पकड़ कर अपनी आजीविका कमाते हैं। उनके घर समुद्र के करीब होते हैं और ये पंक्तियों में बेड़ा बांधकर और जाल के आसपास स्तिथ रहते है। लगभग 7 बजे समुद्र तट पर अनेक गतिविधियाँ होती हैं, इस समय कटमरैन उनकी पकड़ के साथ वापस आते है और महिलाऍ खरीदने के लिए इकट्ठा होती है और मछली बेचती हैं। मौसमी बेरोजगारी कृषि क्षेत्रों में बुनियादी तौर पर पायी जाती है। औद्योगिक क्षेत्रों में लोग साल भर सामान्य रूप से कार्यरत रहते हैं लेकिन यह कृषि के लिए सही नहीं है। इस तथ्य का कारण है कि कृषि कार्यों में श्रम की आवश्यकता केवल कुछ सत्रों के दौरान ही होती है। मौसम के बीच में, कृषि क्षेत्र के श्रमिक निष्क्रिय बने रहते है या कार्य पर लगे होने पर भी कोई उत्पादक कार्य नही करते है। (क) ग्राम प्रधान के चुनाव में प्रत्याशी बनने के लिए व्यक्ति का उस गाँव का निवासी होना चाहिए। ग्राम पंचायतें गाँव की दशा सुधारने के लिए गठित की गयी हैं। प्राथमिक स्वास्थ्य सुबिधाओं की व्यवस्था, शिक्षा के लिए विद्यालय की निगरानी, गाँवों में खड़न्जा लगवाना, पानी की निकासी के लिए नाली, बिजली और पीने के पानी आदि की व्यवस्था करना ग्राम पंचायतों के कार्य हैं। कृषि उत्पादकता को उचित विपणन सुविधाएँ देकर, बेहतर सिंचाई सुविधा का प्रावधान कर, भूमि पर आबादी के बोझ में कमी कर, कुटीर और लघु उद्योगों को प्रोत्साहित कर और सहकारी खेती के विकास द्वारा बढ़ाया जा सकता है। खेतिहर मज़दूरों के बढ़ने के कारण इस प्रकार हैं: - भारतीय किसानों की तीन समस्याएं निम्नलिखित हैं: -
A. ‘खसरा’ रिकॉर्ड में नियमित रूप से अपडेट किया जाता हैSOLUTION
A. हाँ, अभिलेख भूमि विवाद के मामले को सुलझाने में मदद करते हैंSOLUTION
A. अध्यक्ष, पंच, सरपंच और तहसीलदारSOLUTION
A. दो वर्षSOLUTION
A. परिवार की कृषि भूमि में महिलाओं की हिस्सेदारीSOLUTION
A. हिन्दू उत्तराधिकार संसोधन अधिनियम, 2005SOLUTION
A. गरीब लोगों को ऋण देनाSOLUTION
A. जिले का उप-विभाजनSOLUTION
A. कृषि भूमिSOLUTION
A. जब उसे अपनी भूमि पर कुंआ खोदने के लिए बैंक से ऋण की आवश्यकता होती हैSOLUTION
A. पटवारीSOLUTION
A. छोटी सीमाSOLUTION
A. सरपंच के पासSOLUTION
A. प्रशासनिक अधिकारी के लिए SOLUTION
A. भू-अभिलेख क्लर्कSOLUTION
A. खसराSOLUTION
A. सार्वजनिक अवमूल्यन प्रणालीSOLUTION
A. 2002 मेंSOLUTION
A. सरपंच काSOLUTION
A. जिला कलेक्टर रिकॉर्डSOLUTION
A. ‘खसरा’ रिकॉर्ड में नियमित रूप से अपडेट किया जाता हैSOLUTION
A. हाँ, अभिलेख भूमि विवाद के मामले को सुलझाने में मदद करते हैंSOLUTION
A. अध्यक्ष, पंच, सरपंच और तहसीलदारSOLUTION
A. दो वर्षSOLUTION
A. परिवार की कृषि भूमि में महिलाओं की हिस्सेदारीSOLUTION
A. हिन्दू उत्तराधिकार संसोधन अधिनियम, 2005 SOLUTION
A. गरीब लोगों को ऋण देनाSOLUTION
A. जिले का उप-विभाजनSOLUTION
A. कृषि भूमिSOLUTION
A. जब उसे अपनी भूमि पर कुंआ खोदने के लिए बैंक से ऋण की आवश्यकता होती हैSOLUTION
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A.स्ट्रीट लाइट की देखभाल करना, गांवों में सड़कों का निर्माण और मरम्मत का कार्य और गांव में बाजारों, मेलों, त्योहारों और समारोहों का आयोजन करना।
B. गांवो में जन्म, मृत्यु और विवाह के रिकॉर्ड रखना।
C.पीने के पानी द्वारा सार्वजनिक स्वास्थ्य और स्वच्छता के लिए सुविधाएं प्रदान करना।
D.शिक्षा प्रदान करना। कृषि और पशुपालन के लिए विकास योजनाओं को लागू करना।SOLUTION
SOLUTION
A. सरकार की नीतियों में रुचि लेना SOLUTION
A. राष्ट्रीय, राज्य और नगरीय स्तर पर। SOLUTION
A. गांव शहर के आकार की तुलना में छोटा होता हैSOLUTION
A. नजदीकी कुएं मेंSOLUTION
A. जिला परिषदSOLUTION
A. सरकारSOLUTION
A. कबाड़ी वालाSOLUTION
A. मूल्यांकितSOLUTION
A. SOLUTION
A. SOLUTION
A.
SOLUTION
A. SOLUTION
A. वैकल्पिक। SOLUTION
A. एक शहर का प्रशासनिक स्टाफ। SOLUTION
A. SOLUTION
A. SOLUTION
A. फंडSOLUTION
A. जिला परिषदSOLUTION
A. संसद के सदस्य।SOLUTION
A. SOLUTION
SOLUTION
SOLUTION
SOLUTION
SOLUTION
SOLUTION
1. ग्राम प्रधान के चुनाव में प्रत्याशी बनने के लिए व्यक्ति को उस गाँव का निवासी होना चाहिए।
2. ग्राम पंचायतों का गठन कम से कम १००० की आबादी पर होता है।
3. गाँव से सम्बंधित निर्णय ग्राम पंचायत अधिकारी लेता है।
4. पंचायत समित के सदस्यों की संख्या ०१ से १५ तक हो सकती है।SOLUTION
(ख) ग्राम पंचायतों का गठन कम से कम १००० की आबादी पर होता है। 
(ग) गाँव से सम्बंधित निर्णय ग्राम पंचायत अधिकारी लेता है। 
(घ) पंचायत समित के सदस्यों की संख्या ०१ से १५ तक हो सकती है। 
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अ. जनसंख्या में वृद्धि हुई है।
ब. कुटीर और हस्तशिल्प उद्योग की गिरावट आई है।
स. ऋणग्रस्तता में वृद्धि हुई है।
द. भूमि से छोटे किसानों और किरायेदारों की बेदखली। SOLUTION
क) सिंचाई के लिए पानी की उपलब्धता की कमी। बीज, रासायनिक उर्वरकों, कीटनाशकों, कीटनाशक आदि की अधिक उपज देने वाली किस्म बहुत महंगी हैं, किसानों के लिए यह खरीदना मुश्किल होता हैं।
ख) किसानों की अधिकांश जोत छोटी हैं जो अनार्थिक है।
ग), एक फसल की विफलता के मामले में बैंकों और निजी साहूकारों से लिए गए ऋणों के भुगतान में मुश्किल होती है। इसी क्रम में, कर्ज का भुगतान करने के लिए वे सस्ती दरों पर अपने उत्पाद बेचने के लिए मजबूर हैं।
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