“बालिका पठति।” वाक्य का बहुवचन में परिवर्तित रूप क्या होगा?
“बालिका पठति।” वाक्य का बहुवचन में परिवर्तित रूप होगा- “बालिकाः पठन्ति।”
बहुवचन किसे कहते हैं?
जिन शब्दों से दो से अधिक वस्तु या प्राणियों का बोध हो उसे बहुवचन कहते हैं।
उदाहरण- पुष्पाणि विकसन्ति।
नराः हसन्ति।
ते भ्रमन्ति।
द्विवचन किसे कहते हैं?द्विवचन शब्दों के उदाहरण दीजिए।
जिन शब्दों से दो वस्तु या प्राणियों का बोध हो उसे द्विवचन कहते हैं।
उदाहरण- बालकौ- बालकौ पठतः।
रामौ- रामौ गच्छतः।
तौ- तौ हसतः।
एकवचन किसे कहते हैं?एकवचन शब्दों के उदाहरण दीजिए।
जिन शब्दों से केवल एक वस्तु या प्राणी का बोध हो उसे एकवचन कहते हैं।
उदाहरण- सः – सः नमति।
सा – सा पठति।
त्वम् – त्वम् खादसि।
उत्तम पुरुष किसे कहते हैं?उत्तम पुरुष के उदाहरण दीजिए।
वाक्य में बात को कहने वाला व्यक्ति उत्तम पुरुष कहलाता है। उदाहरण-
उत्तम पुरुष, एकवचन - अहम् (मैं) – अहम् लिखामि।
उत्तम पुरुष, द्विवचन - आवाम् (हम दोनों) – आवाम् लिखावः ।
उत्तम पुरुष, बहुवचन - वयम् (हम सब) – वयम् लिखामः ।
यहाँ अहम्, आवाम् तथा वयम् तीनों ही उत्तम पुरुष के उदाहरण हैं।
मध्यम पुरुष किसे कहते हैं?मध्यम पुरुष के उदाहरण दीजिए।
वाक्य में बात सुनने वाला व्यक्ति मध्यम पुरुष कहलाता है। उदाहरण-
मध्यम पुरुष, एकवचन - त्वम् (तुम) – त्वम् गच्छसि।
मध्यम पुरुष, द्विवचन - युवाम् (तुम दोनों) – युवाम् गच्छथः।
मध्यम पुरुष, बहुवचन - यूयम् (तुम सब) – यूयम् गच्छथ।
यहाँ त्वम्, युवाम् तथा यूयम् तीनों ही मध्यम पुरुष के उदाहरण हैं।
प्रथम पुरुष किसे कहते हैं?उदाहरण दीजिए।
वाक्य में जिसके विषय में कुछ कहा जाय़ वह प्रथम पुरुषकहलाता है। उदाहरण-
प्रथम पुरुष, एकवचन - सः (वह) - सः पठति।
प्रथम पुरुष, द्विवचन - तौ (वे दोनों) – तौ पठतः।
प्रथम पुरुष, बहुवचन - ते (वे सब) – ते पठन्ति।
यहाँ सः, तौ तथा ते तीनों ही प्रथमपुरुष के उदाहरण हैं।
पुरुष किसे कहते हैं?संस्कृत भाषा में पुरुष कितने प्रकार के होते हैं?
क्रिया के करने वाले को ही कर्ता कहते हैं। क्रिया के जो कर्ता होते हैं वे ही पुरुष कहलाते हैं।संस्कृत भाषा में पुरुष तीन प्रकार के होते हैं- प्रथम पुरुष, मध्यम पुरुष, उत्तम पुरुष।
प्रथम पुरुष- जिसके विषय में कुछ कहा जाय।
मध्यम पुरुष- जो बात सुनने वाला हो।
उत्तम पुरुष- जो बात करने वाला हो।
वचन किसे कहते हैं?वचन कितने प्रकार के होते हैं?
शब्द के जिस रूप से किसी वस्तु के एक, दो या दो से अधिक होने का ज्ञान हो, उसे वचन कहते हैं। वचन तीन प्रकार के होते हैं- एकवचन, द्विवचन, बहुवचन।
एकवचन- एक वस्तु या प्राणी के लिए।
द्विवचन- दो वस्तुओं या प्राणियों के लिए।
बहुवचन- दो से अधिक वस्तुओं या प्राणियों के लिए।
निम्नलिखित सर्वनाम शब्दों के वचन तथा विभक्ति बताएँ-
1. तस्मिन्
2. यान्
3. एतस्य
4. अस्मासु
5. मह्यम्
1. तस्मिन् -------- एकवचन, सप्तमी विभक्ति
2. यान् -------- बहुवचन, द्वितीया विभक्ति
3. एतस्य -------- एकवचन, षष्ठी विभक्ति
4. अस्मासु -------- बहुवचन, सप्तमी विभक्ति
5. मह्यम् -------- एकवचन, चतुर्थी विभक्ति
नीचे दिए जा रहे शब्दों के रूप निर्देशानुसार बदलिए-
1. एतद् (द्वितीया विभक्ति, द्विवचन)
2. युस्मद (पंचमी विभक्ति, द्विवचन )
3. तद् ( षष्ठी विभक्ति, एकवचन)
4. सर्व (तृतीया विभक्ति, बहुवचन)
5. अस्मद् (द्वितीया विभक्ति, द्विवचन)
एतद् (द्वितीया विभक्ति, द्विवचन) एतौ
2. युस्मद (पंचमी विभक्ति, द्विवचन ) युष्मत
3. तद् ( षष्ठी विभक्ति, एकवचन) तस्य
4. सर्व (तृतीया विभक्ति, बहुवचन) सर्वैः
5. अस्मद् (द्वितीया विभक्ति, द्विवचन) आवाम्
सर्वनाम शब्द रूप ‘किम्’का प्रयोग कहाँ किया जाता है ?
सर्वनाम शब्द रूप ‘किम्’का प्रयोग प्रश्नवाचक वाक्यों में किया जाता है।
सर्वनाम शब्द रूप युष्मद् का पंचमी विभक्ति बहुवचन में क्या रूप बनेगा ?
सर्वनाम शब्द रूप युष्मद् का पंचमी विभक्ति बहुवचन में रूप बनेगा- युष्मत्।
पितामहः शब्द का स्त्रीलिंग बताइए।
पितामही
मातुली शब्द का पुल्लिंग बताइए।
मातुलः
मूषकः शब्द का स्त्रीलिंग बताइए।
मूषिका
विदुषी शब्द का पुल्लिंग बताइए।
विद्वान्
कवि शब्द का स्त्रीलिंग बताइए।
कवयित्री
कौन से शब्द स्त्रीलिंग में ही प्रयुक्त होते हैं?
आकारान्त शब्द स्त्रीलिंग में ही प्रयुक्त होते हैं।
“छात्रा पठति।”रेखांकित पद का लिंग बताइए।
स्त्रीलिंग
लिंग शब्द से किसका बोध होता है?
स्त्री अथवा पुरूष जाति का।
“बालिका गच्छति।”वाक्य को पुल्लिंगमें बदलिए।
बालकः गच्छति।
लिंग के भेद बताइए-
संस्कृत भाषा में लिंग तीन होते हैं-
1- पुल्लिंग
2- स्त्रीलिंग
3- नपुंसकलिंग
‘लिंग’ किसे कहते हैं?
जिन चिह्नों से यह बोध हो कि संज्ञा शब्द पुरुष जाति का है या स्त्री जाति का उसे ‘लिंग’ कहते हैं। जैसे- राम, लता, फल तथा पुस्तक आदि।
“बालकाः क्रीडन्ति।” वाक्य को स्त्रीलिंग में बदलिए-
बालिकाः क्रीडन्ति।
“सः ईशम् नमति।” वाक्य को पुल्लिंगमें बदलिए-
“सः ईशम् नमति।”
-------------- हाटम् गच्छति। भ्राता शब्द का स्त्रीलिंग खाली स्थान में भरिए-
भगिनी हाटम् गच्छति।
“मम मातामहः प्रातः उद्यानम् गच्छति।”वाक्य का लिंग परिवर्तन कीजिए-
मम मातामही प्रातः उद्यानम् गच्छति।
“सुता हाटम् गच्छति।”वाक्य का लिंग परिवर्तन कीजिए-
सुतः हाटम् गच्छति।
------------- लेखं लिखति। ‘लेखकः’शब्द का स्त्रीलिंग खाली स्थान में भरिए-
लेखिका लेखं लिखति।
“गायकः गीतं गायति।”वाक्य का लिंग परिवर्तन कीजिए-
गायिका गीतं गायति।
“शिक्षिका पाठयति।”वाक्य का लिंग परिवर्तन कीजिए-
शिक्षकः पाठयति।
पुल्लिंग शब्द बालक के सातों विभक्तियों तथा तीनों वचनों में रूप लिखिए-
बालक
|
विभक्ति |
एकवचन |
द्विवचन |
बहुवचन
|
|
प्रथमा |
बालकः
|
बालकौ
|
बालकाः
|
|
द्वितीया |
बालकम्
|
बालकौ
|
बालकान्
|
|
तृतीया |
बालकेन |
बालकाभ्याम्
|
बालकैः
|
|
चतुर्थी |
बालकाय |
बालकाभ्याम्
|
बालकेभ्यः
|
|
पंचमी |
बालकात्
|
बालकाभ्याम्
|
बालकेभ्यः
|
|
षष्ठी |
बालकस्य
|
बालकयोः |
बालकानाम्
|
|
सप्तमी |
बालके
|
बालकयोः
|
बालकेषु |
|
सम्बोधन |
हे बालक!
|
हे बालकौ! |
हे बालकाः!
|
स्त्रीलिंग शब्द रूप रमा के सातों विभक्तियों तथा तीनों वचनों में रूप लिखिए-
रमा
|
विभक्ति |
एकवचन |
द्विवचन |
बहुवचन |
|
प्रथमा |
रमा |
रमे |
रमाः |
|
द्वितीया |
रमाम् |
रमे |
रमाः |
|
तृतीया |
रमया |
रमाभ्याम् |
रमाभिः |
|
चतुर्थी |
रमायै |
रमाभ्याम् |
रमाभ्यः |
|
पंचमी |
रमायाः |
रमाभ्याम् |
रमाभ्यः |
|
षष्ठी |
रमायाः |
रमयोः |
रमाणाम् |
|
सप्तमी |
रमायाम् |
रमयोः |
रमासु |
|
सम्बोधन |
हे रमे! |
हेरमे! |
हे रमाः! |
ऐसे शब्द जो न तो पुरुष जाति के हों और न ही स्त्री जाति के नपुंसक लिंग कहलाते हैं।,
जैसे- पुस्तकम्- इदम् पुस्तकम् अस्ति।
फलम्- इदम् फलम् अस्ति।
पत्रम्- पत्राणि पतन्ति।
पुष्पम्- पुष्पाणि विकसन्ति।
जिन चिह्नों से यह बोध हो कि संज्ञा शब्द स्त्री जाति का है उसे ‘लिंग’ कहते हैं।
जैसे- लता- लता नृत्यति।
महिला- महिला भोजनम् पचति।
कलिका- कलिकाः विकसन्ति।
जिन चिह्नों से यह बोध हो कि संज्ञा शब्द पुरुष जाति का है उसे ‘लिंग’ कहते हैं।
जैसे- छात्रः- छात्रः पठति।
नरः- नरः गच्छति।
देवः- देवः नमति।
नीचे दिए गए बहुवचन शब्दों का एकवचन रूप लिखें-
1. पत्राणि --------------------
2. वृक्षौ --------------------
3. अश्वाः --------------------
4. लते --------------------
5. मती --------------------
1.पत्राणि ------------ पत्रं --------
2. वृक्षौ ----------- वृक्षः ---------
3. अश्वाः ----------- अश्वः ---------
4. लते ---------- लता ----------
5. मती --------- मति -----------
नीचे दिए गए शब्दों के बहुवचन रूप लिखें-
1. गजः -------------------------
2. वानरः -------------------------
3. लता -------------------------
4. बालकः -------------------------
5. नेत्रं -------------------------
नीचे दिए गए शब्दों में से उभयलिंगी, नपुंसकलिंगी एवं नित्य पुल्लिंगी शब्दों की पहचान कीजिए -
1. गजः ----------- गजाः -------------
2. वानरः ------- वानराः -------------
3. लता ----------- लताः --------------
4. बालकः ----- बालकाः ------------------
5. नेत्रं ----------- नेत्राणि ------------
‘बालकान्’शब्द में विभक्ति तथा वचन बताइए।
द्वितीया विभक्ति, बहुवचन।
‘नृत्यति’शब्द में पुरुष तथा वचन बताइए।
प्रथम पुरुष, एकवचन।
‘आवाम्’शब्द में पुरुष तथा वचन बताइए।
उत्तम पुरुष, द्विवचन।
‘गच्छथ’पद में पुरुष तथा वचन बताइए।
मध्यम पुरुष, एकवचन।
बहुवचन में स्त्रीलिंग शब्दों के उदाहरण दीजिए।
सारिकाः, शोभाः, पुस्तिकाः।
बहुवचन में पुल्लिंग शब्दों के उदाहरण दीजिए।
मुनयः, कवयः, भूपतयः।
बहुवचन में नपुंसकलिंग शब्दों के उदाहरण दीजिए।
पुस्तकानि, वस्त्राणि नेत्राणि।
द्विवचन में स्त्रीलिंग शब्दों के दो उदाहरण दीजिए।
रमे, माले।
द्विवचन में पुल्लिंग शब्दों के दो उदाहरण दीजिए।
छात्रौ, अश्वौ।
द्विवचन में नपुंसकलिंग शब्दों के दो उदाहरण दीजिए।
चक्रे, कमले।
एकवचन में स्त्रीलिंग शब्दों के दो उदाहरण दीजिए।
कलिका, रमा।
एकवचन में पुल्लिंग शब्दों के दो उदाहरण दीजिए।
नरः, सिंहः।
एकवचन में नपुंसकलिंग शब्दों के दो उदाहरण दीजिए।
पत्रम्, कन्दुकम्।
युवाम् शब्द में पुरुष तथा वचन में बताइए।
मध्यम पुरुष, द्विवचन।
ह्रस्व स्वर किसे कहते हैं?
जिन स्वरों का उच्चारण करने में कम समय लगता है, उन्हें ह्रस्व स्वर कहते हैं।
जैसे- अ, इ, उ, ऋ, लृआदि।
स्वरके कितने भेद हैं?
स्वर के तीन भेद हैं-
1- ह्रस्व स्वर
2- दीर्घ स्वर
3- प्लुत स्वर
स्वर किसे कहते हैं?
जो वर्ण बिना किसी अन्य वर्ण की सहायता के बोले जा सकें, उन्हें स्वर कहते हैं। जैसे- अ, आ, इ, ई, उ, ऋ, ए तथा ऐआदि।
वर्णके कितने भेद हैं?
वर्ण के तीन भेद हैं-
1- स्वरः
2- व्यंजनम्
3- अयोगवाहः
वर्णमाला किसे कहते हैं?
वर्णों के व्यवस्थित समूह को वर्णमाला कहते हैं। जैसे- क्,ख्, ग्, घ्, ङ्, च्, छ्, ज्,
झ् तथा ञ आदि।
संस्कृत भाषा में कितने स्वर प्रयुक्त होते हैं तथा उनके नाम बताइए।
संस्कृत भाषा में 13 स्वर प्रयुक्त होते हैं। उनके नाम हैं-
अ,आ,इ,ई,उ,ऊ,ऋ,ऋ,ए,ऐ,ओ,औ,अं,अ:,लृ आदि।
वर्ण किसे कहते हैं?
वह छोटी से छोटी ध्वनि जिसके टुकड़े न हो सके वर्ण कहलाती है।
पत्रम्, विज्ञानम्, स्वागतम्, फलम्तथा कक्षा शब्द का वर्ण विच्छेद कीजिए।
पत्रम्- प्+अ+त्+र्+अ+म्
विज्ञानम्- व्+इ+ज्+ञ्+आ+न्+अ+म्
स्वागतम्- स्+व्+आ+ग्+अ+त्+अ+म्
फलम्- फ्+अ+ल्+अ+म्
कक्षा- क्+अ+क्+ष्+आ
अनुनासिक वर्णों का उच्चारण करते समय ध्वनि शरीर के किस अंग से निकलती है?
अनुनासिक वर्णों का उच्चारण मुँह और नाक दोनों से होता है। इसलिए इन वर्णों काउच्चारण करते समय ध्वनि मुँह और नाक दोनों से निकलती है। जैसे-चाँद, कुआँ, आँख, गाँव, पाँव, दाँव, आँसू, चिड़ियाँ तथा दाँत आदि।
स्पर्श व्यंजन वर्णों को कितने वर्गों में बाँटा गया है?
स्पर्शव्यंजन वर्णों को पांच वर्गों में बाँटा गया है-
1- कवर्ग- क् ख् ग् घ् ङ्
2- चवर्ग- च् छ् ज् झ् ञ्
3- टवर्ग- ट् ठ् ड् ढ् ण्
4- तवर्ग- त् थ् द् ध् न्
5- पवर्ग- प् फ् ब् भ् म्
अयोगवाह किसे कहते हैं?
ऐसे वर्ण जिनकी गणना न स्वरों में होती है न व्यंजनों में तथा इनका उच्चारण सदैव स्वरों के बाद होता है, और ये व्यंजनों के साथ जुड़ते हैं। इन्हें अयोगवाह कहते हैं।
जैसे- अं, अःआदि।
प्लुत स्वर किसे कहते हैं?
जिन स्वरों के उच्चारण में ह्रस्व से तिगुना समय लगे, उन्हें प्लुत स्वर कहते हैं। इसके उच्चारण में अंतिम स्वर को खींचकर लम्बा कर दिया जाता है। उदाहरण-ओ3म् में ‘ओ3’प्लुत स्वर है।
निम्न शब्दों की पहचान करें-
1. नदियाँ एवं तिथियाँ --------------------
2. पर्वत एवं धातुएँ --------------------
3. भाषा एवं लिपियाँ --------------------
4. अनाज एवं गृह पुल्लिंग --------------------
5. द्रव्य एवं दिन --------------------
1. नदियाँ एवं तिथियाँ ------स्त्रीलिंग -------
2. पर्वत एवं धातुएँ ------पुल्लिंग ------
3. भाषा एवं लिपियाँ ------स्त्रीलिंग ------
4. अनाज एवं गृह पुल्लिंग ------पुल्लिंग -------
5. द्रव्य एवं दिन ------पुल्लिंग -------
नीचे दिए गए शब्दों में से उभयलिंगी, नपुंसकलिंगी एवं नित्य पुल्लिंगी शब्दों की पहचान कीजिए -
1. कलम ------------------------
2. प्रधानमंत्री --------------------
3. उल्लू -------------------------
4. राष्ट्रपति -----------------------
5. खरगोश -----------------------
नीचे दिए गए शब्दों में से उभयलिंगी, नपुंसकलिंगी एवं नित्य पुल्लिंगी शब्दों की पहचान कीजिए -
1. कलम ------------------------ नपुंसक लिंग
2. प्रधानमंत्री -------------------- उभयलिंग
3. उल्लू ------------------------ नित्य पुल्लिंग
4. राष्ट्रपति ---------------------- उभयलिंग
5. खरगोश ---------------------- नित्य पुल्लिंग
लिंग परिवर्तन करते समय नित्य स्त्रीलिंग शब्दों के साथ किस शब्द का प्रयोग करना चाहिए?
‘नर’शब्द का ।
लिंग परिवर्तन करते समय नित्य पुल्लिंग शब्दों के साथ किस शब्द का प्रयोग करना चाहिए?
‘मादा’शब्द का।
सम्राट् शब्द का स्त्रीलिंग बताइए।
सम्राज्ञी
वाक्य में क्रिया किसके अनुसार बदलती है?
संज्ञा या सर्वनाम के लिंग के अनुसार।
“वृक्षात् पत्राणि पतन्ति।”रेखांकित पद का लिंग बताइए।
नपुंसकलिंग
भार्या शब्द का पुल्लिंग बताइए।
भर्त्ता
जल चक्र किस विषय की किताब में पढ़ाया जाता है?
जल चक्र सामाजिक विज्ञान की किताब में पढ़ाया जाता है|
हमने पानी के बारे में क्या नहीं सोचा होगा?
हमने पानी के बारे में कभी नहीं सोचा होगा कि वह कहा से आता है और कहा चला जाता है|
ज़मीन की लालच में मानव ने क्या किया?
ज़मीन की लालच में मानव ने पेड़ काट दिए हैं|
यदि हमने जल चक्र का ठीक उपयोग नहीं किया तो क्या होगा?
यदि हमने जल चक्र का ठीक उपयोग नहीं किया तो एक दिन पानी की बहुत कमी हो जाएगी|
हमें आकाल और बाढ़ से बचने के लिए क्या क्या करना चाहिए?
हमें आकाल और बाढ़ से बचने के लिए पानी की बचत करनी चाहिए|
बरसात के मौसम में शहरों का क्या हाल होता है?
बरसात के मौसम में शहरों हर तरफ पानी भर जाता है|
रोज़ के झगड़े से बचने के लिए लोगों ने क्या किया?
रोज़ के झगडों से बचने के लिए लोग नलों के पाइप में मोटर लगवा लेते हैं|
हमने धरती को गुल्लक क्यों कहा? इसमें पानी कैसे जमा कर सकते है?
हमने धरती को गुल्लक इसलिए कहा है क्योंकि धरती भी गुल्लक के समान ही है| हमें इस गुल्लक में पानी की बचत करनी चाहिए| जिस प्रकार हम पैसों की बचत गुल्लक में करते हैं|
जब पानी बे वक्त आता है तो क्या-क्या होता है?
जब पानी बेवक्त आता है तो हर तरफ पानी ही पानी हो जाता है| यातायात में मुश्किलें आती हैं| बहुत सारी सुविधाएँ बाधित हो जातीं हैं|
समुद्र से उठी भाप बादल बनकर पानी में बदलती है| और फिर इन तीरों की सहायता से जल की यात्रा एक तरफ से शुरू होकर समुद्र में वापस मिल जाती है| इसे ही जलचक्र कहते हैं|
वाक्य बनाओ-
अर्थ लिखो –
नदी का पाट ढालू है|
आषाढ़ में नदी कैसी होती है?
आषाढ़ में नदियाँ पानी से भर जाती हैं|
नदी के किनारे ऊँचे हैं|
गर्मियों में नदी में कितना पानी होता है?
गर्मियों में नदी में घुटनों तक पानी होता है|
डॉ. रविन्द्रनाथ ठाकुर|
वर्षा ऋतु में दोनों पार क्या हो जाता है?
वर्षा ऋतु में दोनों पारों में हलचल मच जाती है| वर्षा के उत्सव में सारा शहर प्रसन्न हो उठता है|
आषाढ़ ऋतु में नदी में कोलाहल क्यों होता है?
आषाढ़ में नदी में पानी बढ़ जाता है| नदी की धरा तेज़ हो जाती है| जिस कारण नदी में कोलाहल मच जाता है|
पास की औरतें नदी के घाट पर क्या काम करती हैं?
पास की औरतें नदी के घाट पर लोटा-थाली माँजती हैं|
बच्चे नदी के पानी में कैसे मज़ा लेते है?
बच्चे नदी में नहाते हुए, गमछों में पानी भर-भर कर शरीर पर डालते हैं|
नदी के किनारे दिन-रात कैसे-कैसे जानवर अथवा पक्षी शोर मचाते हैं?
नदी के किनारे दिन भर मैना और रात भर सियार शोर मचाते हैं|
नदी के दूसरे किनारे आम का बगीचा और ताड़ के पेड़ लगे हैं| ताड़ों के वृक्ष के नीचे बाम्हन टोला बसा हुआ है|
वर्ष ऋतु में नदी का बहाव बहुत तेज़ होता है| नदी के आसपास बहुत हरियाली होती है| पक्षी करलव करते हैं| नदी कलकल करती हुई बहती है| चारों और हरियाली ही हरियाली होती है|
ग्रीष्म ऋतु में नदी में पानी बहुत कम होता है| क्योंकि गरमी बहुत होती है| तो सारा पानी सूख जाता है| नदी के किनारे की घास भी सूख जाती है| पक्षी भी कलरव नहीं करते हैं|जो थोडा सा पानी हिओता है वह बहुत गन्दा हो जाता है|
कविता की पंक्तियाँ पूरी करो-
अमराई दूजे किनारे__________,
छाँहों-छाँहों बाम्हन _________ अमराई दूजे किनारे और ताड़ वन छाँहों-छाँहों बाम्हन टोला बसा है सघन| कच्चे-कच्चे धार-कछारों पर उछल नहा लें, गमछों-गमछों पानी भर-भर अंग-अंग पर ढालें | तुक मिलाओ SOLUTION