CBSE - MCQ Question Banks (के. मा. शि. बो . -प्रश्नमाला )

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Q. 158901 ac वोल्टमीटर का उपयोग करके, घर में विद्युत रेखा में विभवान्तर 230V पाया गया। यदि रेखीय आवृत्ति प्रति सेकंड 50 चक्र है, तो लाइन वोल्टता का समीकरण होगा:


A. V = 230 sin (100 π t).

B. V = 325 sin (100 π t)

C. V = 440 sin (100 π t)

D. V = 115 sin (100 π t)

Right Answer is: B

SOLUTION


Q. 158902


A. 100 mA

B. 20 mA

C. 1 mA

D. 10 mA

Right Answer is: D

SOLUTION

संधारित्र परिपथ के प्रकरण में


Q. 158903 शक्ति गुणांक का न्यूनतम मान क्या है तथा यह कब उत्पन्न होता है?
Right Answer is:

SOLUTION

शक्ति गुणांक का न्यूनतम मान शून्य है। यह शुद्ध प्रेरकत्व तथा शुद्ध संधारित्र की स्थिति में उत्पन्न होता है।


Q. 158904 क्या प्रत्यावर्ती धारा को कम करने के लिए चोक कुंडली के बजाय संधारित्र का उपयोग करना सम्भव है?
Right Answer is:

SOLUTION

हाँ, प्रत्यावर्ती धारा को कम करने के लिए हम चोक कुंडली के बजाय संधारित्र का उपयोग कर सकते है। इसका कारण यह है कि किसी आदर्श संधारित्र में औसत शक्ति प्रति चक्र शून्य होती है।


Q. 158905 एक प्रत्यावर्ती उपकरण 220V, 50Hz से चिन्हित किया गया है। इसके तात्क्षणिक मान के लिए गणितीय व्यंजक व्युत्पन्न कीजिए।
Right Answer is:

SOLUTION


Q. 158906 प्रत्यावर्ती धारा के एक संपूर्ण चक्र पर माध्य मान क्या होगा ?
Right Answer is:

SOLUTION

प्रत्यावर्ती धारा का माध्य मान एक संपूर्ण चक्र पर शून्य होता है क्योंकि प्रत्यावर्ती धारा आधे चक्र के लिए धनात्मक तथा आधे चक्र के लिए ऋणात्मक होती है।


Q. 158907 एक संधारित्र तथा एक बल्ब प्रत्यावर्ती स्त्रोत से श्रेणीक्रम में जुड़े हुए हैं। प्रत्यावर्ती धारा की आवृत्ति बढ़ाने पर क्या होगा ?
Right Answer is:

SOLUTION

जैसे जैसे आवृत्ति बढ़ती है, संधारित्र का प्रतिघात कम होता जाता है तथा बल्ब के माध्यम से प्रवाहित धारा में वृद्धि होती है। इस प्रकार, बल्ब दीप्तिमान हो जाता है।


Q. 158908 यह ग्राफ़ प्रेरक 1 तथा 2 के प्रेरकीय प्रतिघात का आवृत्ति के साथ परिवर्तन दर्शाता है । दोनों प्रेरकों मे से किस प्रेरक का स्व - प्रेरकत्व अधिक है ?
Right Answer is:

SOLUTION


Q. 158909 दिष्ट धारा के लिए कुण्डली द्वारा प्रदान किया गया प्रतिरोध 13 है। अब, इसके माध्यम से प्रत्यावर्ती धारा प्रवाहित की जाती है तो इसका प्रतिरोध बढ़ेगा या घटेगा?
Right Answer is:

SOLUTION


Q. 158910
Right Answer is:

SOLUTION


Q. 158911 Q का अधिक मान अनुनाद के संदर्भ में क्या मायने रखता है?
Right Answer is:

SOLUTION

Q के अधिक मान का तात्पर्य है कि इसमें तीक्ष्ण अनुनाद है।


Q. 158912 25 mH का विशुद्ध प्रेरक 220 V के स्रोत से जुड़ा हुआ है। यदि स्रोत की आवृत्ति 50 Hz है तो परिपथ में प्रेरकीय प्रतिघात तथा rms धारा की गणना कीजिए?
Right Answer is:

SOLUTION

दिया गया है L=25mH=25x10-3H, EV=220V

हमें XL तथा IV के मान ज्ञात करने हैं :


Q. 158913 हम विद्युत अपघटन के लिए प्रत्यावर्ती धारा का उपयोग क्यों नहीं कर सकते हैं?
Right Answer is:

SOLUTION

विद्युत अपघटन के लिए निश्चित केथोड तथा एनोड की आवश्यकता होती है जबकि प्रत्यावर्ती धारा की स्थिति में, धारा की दिशा आवर्तिक रूप से परिवर्तित होती रहती है| इसका तात्पर्य यह है कि प्रत्यावर्ती धारा के साथ हमें निश्चित केथोड तथा एनोड नहीं प्राप्त होंगे|


Q. 158914 एक चुंबकीय सुई को एकसमान क्षेत्र में रखा जाता है। यह प्रभावी होता है-


A.

परिणामी बल तथा बल आघूर्ण के

B.

परिणामी बल लकिन बल आघूर्ण के नहीं

C.

बल आघूर्ण के लकिन परिणामी बल के नहीं

D.

शून्य परिणामी बल तथा शून्य आघूर्ण बल के

Right Answer is: C

SOLUTION

एकसमान क्षेत्र में,चुंबक के दोनों ध्रुवों पर बल बराबर और विपरीत होता है; इसलिए, चुंबक पर कार्यरत परिणामी बल शून्य है लेकिन बल आघूर्ण शून्य नहीं है।


Q. 158915 केंद्र से 4 सेमी की दूरी पर चुंबकीय प्रेरण और लंबाई 6 सेमी और चुंबकीय आघूर्ण 0.26 Am2 की चुम्बकीय छड के भूमध्य रेखा के साथ है -


A.

2.08 × 10-4 T

B.

2.08 × 10-3 T

C.

3.08 × 10-4 T

D.

2.08 × 10-5 T

Right Answer is: A

SOLUTION

यहाँ, d = 4 cm = 0.04 m, 2l = 6 cm, l = 3 cm = 0.03 m M = 0.26 Am2


Q. 158916 लोहे की आपेक्षित चुम्बकशीलता 5500 है, इसकी चुम्बकीय प्रवृति है -


A.

5500

B.

5499

C.

5501

D.

5500 x 10-2

Right Answer is: B

SOLUTION


Q. 158917 बल की चुम्बकीय रेखाएं :


A.

एक-दुसरे को बिलकुल नहीं काटती

B.

अनंत पर काटती हैं

C.

संतुलन बिंदु पर काटती हैं

D.

चुम्बक के अन्दर काटती हैं

Right Answer is: A

SOLUTION

बलों की चुंबकीय रेखाओं के किसी भी बिंदु पर खिंची गई स्पर्श रेखा उस बिंदु पर क्षेत्र की दिशा बताती है। यदि चुंबकीय रेखाएं एक दुसरे को काटती हैं, तो कटान बिंदु पर पर चुंबकीय क्षेत्र की दिशा एक नहीं रह जाती जोकि सम्भव नहीं है|


Q. 158918 चुंबकीय क्षेत्र की दिशा के साथ 30° लम्बाई का कोण बनाते हुए अनुचुम्बकीय पदार्थ की एक छड को चुंबकीय क्षेत्र में रखा जाता है। छड कैसे व्यवहार करेगा?


A. यह क्षेत्र के समांतर संरेखित होगा।

B.

यह क्षेत्र के लम्बवत संरेखित होगा।

C.

यह पहले की तरह समान रहेगा

D.

इसके व्यव्हार को नहीं जाना सकता है

Right Answer is: A

SOLUTION

चुंबकीय क्षेत्र रेखाएं अनुचुम्बकीय पदार्थ के माध्यम से गुजरना पसंद करती हैं। इसलिए, अनुचुम्बकीय पदार्थ की छड क्षेत्र के समांतर संरेखित होती है।


Q. 158919 एक प्रतिचुम्बकीय पदार्थ के परमाणु का परिणामी चुंबकीय आघूर्ण है-


A. शून्य

B. एक

C. अनंत

D. एक से अधिक

Right Answer is: A

SOLUTION

एक परमाणु में, प्रत्येक इलेक्ट्रॉन कक्षा में नाभिक के चारों ओर घूम रहे हैं| घूमने वाले इलेक्ट्रॉन को धारा के छोटे लूप के रूप में माना जा सकता है। इस प्रकार, इसमें कक्षीय चुंबकीय द्विध्रुवीय आघूर्ण होता है। इलेक्ट्रॉन को भी अपने अक्ष के चारों ओर एक स्पिन गति माना जाता है। इसके कारण,चुंबकीय आघूर्ण स्पिन इलेक्ट्रॉनों से जुड़ा हुआ है। एक प्रतिचुम्बकीय पदार्थ में, दोनों आघूर्ण प्रत्येक परमाणु के लिए एक-दूसरे को रद्द करते हैं। इसलिए, एक प्रतिचुम्बकीय पदार्थ के परमाणु का परिणामी चुंबकीय आघूर्ण शून्य है।


Q. 158920 चुंबकत्व की S.I इकाई है -


A.

टेस्ला मीटर / एम्पियर

B.

टेस्ला

C.

टेस्ला मीटर

D.

टेस्ला एम्पियर / मीटर

Right Answer is: A

SOLUTION

जब एक पदार्थ चुंबकीय क्षेत्र में रखा जाता है, तो क्षेत्र में कुल चुंबकीय क्षेत्र को निम्न दी गई अभिव्यक्ति के साथ व्यक्त किया जा सकता है।
चुंबकत्व का विमीय सूत्र L-1 A है तथा  S.I इकाई एम्पियर प्रति मीटर है|


Q. 158921 प्रतिचुम्बकत्व है -


A.

स्वतंत्र घन

B.

स्वतंत्र दबाव

C.

स्वतंत्र दबाव तथा ताप

D.

स्वतंत्र ताप

Right Answer is: D

SOLUTION

एक प्रतिचुम्बकीय नमूने में प्रत्येक अणु स्वयं में एक चुम्बकीय द्विध्रुव नहीं होता है। इसलिए, अणुओं की यादृच्छिक तापीय गति पर नमूना के चुंबकत्व को प्रभावित नहीं करता है। इसलिए, प्रतिचुम्बकत्व तापमान से स्वतंत्र है।


Q. 158922 निम्न में से कौन सा ट्रांसफार्मर के क्रोड़ के लिए सबसे उपयुक्त है?


A.

स्टील

B.

अलिनको

C.

नर्म लोहा

D.

लकड़ी

Right Answer is: C

SOLUTION

ट्रांसफार्मर के क्रोड़ में उच्च चुम्बकशीलता और कम निग्रहिता होनी चाहिए। इसके अलावा B-H वक्र छोटा होना चाहिए ताकि शैथिल्य के कारण ऊर्जा का नुकसान कम से कम हो।


Q. 158923 चुंबक का दैशिक गुण क्या है?
Right Answer is:

SOLUTION

चुंबक का एक पतला लंबा टुकड़ा, स्वतंत्रातापूर्वक लटकाए जाने पर, हमेशा भौगोलिक उत्तर-दक्षिण दिशा के अनुदिश ठहरता है। इसे चुम्बक का दैशिक गुण कहा जाता है।


Q. 158924 तापमान बढ़ने पर लौहचुंबकीय पदार्थों का क्या होता है?
Right Answer is:

SOLUTION

तापमान में वृद्धि के साथ; लौहचुंबकीय पदार्थ अनुचुंबकीय पदार्थों में परिवर्तित हो जाते हैं।


Q. 158925 एक प्रतिचुंबकीय पदार्थ के परमाणु का कुल चुम्बकीय आघूर्ण क्या है?
Right Answer is:

SOLUTION

एक प्रतिचुंबकीय पदार्थ के परमाणु का कुल चुम्बकीय आघूर्ण शून्य होता है|


Q. 158926 H के I या B के पश्चगामी की परीघट

शैथिल्य परिभाषित करें<div class= Right Answer is:

SOLUTION

H के I या B के पश्चगामी की परीघटना जब चुंबकीय पदार्थ चुंबकीयकरण के चक्र के अधीन होती है उसे शैथिल्य कहा जाता है।


Q. 158927 तापमान में वृद्धि के साथ एक अनुचुंबकीय पदार्थ की चुंबकीय प्रकृति के साथ क्या होता है?
Right Answer is:

SOLUTION

अनुचुंबकीय पदार्थ तापमान में वृद्धि के साथ अपनी चुंबकीय प्रकृति को खो देता है। ऐसा इसलिए है क्योंकि अनुचुंबकीय पदार्थों की चुंबकीय प्रवृत्ति तापमान के साथ व्युत्क्रमानुपाती रूप से परिवर्तित होती है।


Q. 158928 चुंबक को भूमध्य रेखा पर और ध्रुवों पर स्वतंत्र रूप से निलंबित कर दिया जाता है। उन्मुखीकरण की दिशा दें।
Right Answer is:

SOLUTION

भूमध्य रेखा पर, चुंबक खुद को पृथ्वी की सतह के समानांतर स्थापित करेगा। ध्रुवों पर, चुंबक लंबवत होगा।


Q. 158929 चुंबकीय क्षेत्र के अनुदिश स्थित होने पर चुंबकीय द्विध्रुवीय की स्थितिज ऊर्जा क्या होती है?
Right Answer is:

SOLUTION

स्थितिज ऊर्जा शून्य होगी। 


Q. 158930 द्विध्रुव अघूर्ण की दिशा क्या है?
Right Answer is:

SOLUTION

द्विध्रुव के दक्षिण ध्रुव से उत्तरी ध्रुव तक। 


Q. 158931 क्या एक छड़ चुंबक अपने क्षेत्र के कारण खुद पर अघूर्ण बल लगाता है?
Right Answer is:

SOLUTION

एक छड़ चुंबक अपने क्षेत्र के कारण खुद पर अघूर्ण बल नहीं लगाता है |


Q. 158932 आपतन कोण और दिकपात कोण के बीच अंतर क्या है।
Right Answer is:

SOLUTION

आपतन कोण या नमन कोण पृथ्वी के क्षैतिज अवयव HE एवं चुंबकीय प्रेरण BE के बीच कोण है| जबकि, दिकपात कोण किसी दिए गए स्थान पर चुंबकीय याम्योत्तर और भौगोलिक याम्योत्तर के बीच कोण है।


Q. 158933 क्या होता है यदि एक छड़ चुंबक को उसकी लंबाई के अनुदिश में टुकड़ों में काटा जाता है?
Right Answer is:

SOLUTION

जब एक छड़ चुंबक को लंबाई के अनुदिश टुकड़ों में काटने पर हमे दो चुंबक मिलते हैं, जिनमें प्रत्येक चुम्बक के उत्तर और दक्षिण ध्रुव होता हैं।


Q. 158934 समान त्रिज्या एवं समान आवेश वाली पारे की N बूंदें जुड़कर एक बड़ी बूंद बनाती हैं। बड़ी बूंद एवं छोटी बूंद के विभव का अनुपात


A. 1:2N1/3

B. 2N1/3:1

C. 1: N1/3

D. N1/3:1

Right Answer is: D

SOLUTION


Q. 158935 वायु से भरे एक समांतर पट्टिका संधारित्र को किसी विभवांतर पर आवेशित किया जाता है। इस संधारित्र के बीच में एक परावैद्युत की पट्टिका डाली जाती है। प्रारंभिक विभवांतर को बनाए रखने के लिए पट्टिकाओं पर पर आवेश तीन गुना बढ़ाया जाता है। संधारित्र की पट्टिकाओं का परावैद्युतांक


A. 8

B. 5

C. 3

D. 2

Right Answer is: C

SOLUTION

वायु से भरे समांतर पट्टिका संधारित्र का विभवांतर (V) = Q/C परावैद्युत से भरे समांतर पट्टिका संधारित्र का विभवांतर (V’) = V/k = Q/(kC) जब आवेश 3Q हो जाता है V=V’

 


Q. 158936 C2N-1m-2 इकाई है


A. विद्युत वैभव की

B. विद्युतशीलता की

C. विद्युत धारिता की

D. विद्युत क्षेत्र की

Right Answer is: C

SOLUTION

C2N-1m-2 = C(FV)(mJ-1)m-2  [क्योंकि F=C/V तथा N= J/m] अतः, C2N-1m-2 =C(FJC-1)(mJ-1) m-2  [क्योंकि V=J/C]            = Fm-1. यह विद्युतशीलता की इकाई है|


Q. 158937 समान विभव पर, एक वायु से भरे संधारित्र की तुलना में परावैद्युत से भरे संधारित्र पर संचित आवेश


A. समान होगा

B. कम होगा

C. अधिक होगा

D. शून्य होगा

Right Answer is: C

SOLUTION


Q. 158938 समान धारिता वाले चार संधारित्रों को श्रेणीक्रम में संयोजित किए जाने पर उनकी कुल धारिता C1 है और पार्श्वक्र्म में संयोजित करने पर उनकी धारिता C2 है
Right Answer is: D

SOLUTION

मान लीजिए प्रत्येक संधारित्र की धारिता C है|

 


Q. 158939 यदि एक संधारित्र की आवेशित पट्टिकाओं की दूरी कम कर दी जाए, तो पट्टिकाओं के बीच का विभान्तर


A. कम हो जाएगा

B. बढ़ जाएगा

C. अपरिवर्तित रहेगा

D. शून्य हो जाएगा

Right Answer is: A

SOLUTION

संधारित्र का विभवान्तर उसके विभव के व्युतक्रमानुपाती होता है और संधारित्र का विभव पट्टिकाओं की दूरी कम होने पर बढ़ जाता है, जिसके फलस्वरूप विभवान्तर कम हो जाता है|


Q. 158940 एक समांतर पट्टिका संधारित्र की पट्टिकाओं के बीच की दूरी d है
Right Answer is: C

SOLUTION


धातु की पट्टिका के अंदर विद्युत क्षेत्र शून्य होता है| अतः संधारित्र की पट्टिकाओं के बीच की प्रभावी दूरी कम हो जाती है, जिसके फलस्वरूप संधारित्र की धारिता बढ़ जाती है|


Q. 158941 एक समांतर पट्टिका संधारित्र, जिसकी पट्टिकाओं के बीच की दूरी 0.5 cm तथा धारिता 2 F है। इस संधारित्र की पट्टिकाओं का क्षेत्रफल


A.

B.

C.

D.

Right Answer is: A

SOLUTION


Q. 158942 A को कुछ आवेश

दो चालक A तथा B के विभव का अनुपात 23 है <div class= Right Answer is: B

SOLUTION


Q. 158943 नीचे दिए गए चित्र की प्रत्येक पट्टिका का क्षेत्रफल A m2 है तथा अविच्छिन्न पट्टिकाओं के बीच की दूरी d m है
Right Answer is: A

SOLUTION

यह चित्र दो संधारित्रों के पार्श्वक्र्म संयोजन को दर्शाता है। ऊपरी पट्टिका पहले संधारित्र की पहली पट्टिका बनाती है जबकि निचली पट्टिका दूसरे संधारित्र की पहली पट्टिका बनाती है और ये परस्पर जुड़ी हुई हैं। मध्यम पट्टिका दोनों संधारित्रों की दूसरी आम पट्टिका है।
तीन प्लेटों की नेट धारिता निम्न है

 


Q. 158944 धारिता ‘C’ के चार संधारित्र पार्श्वक्र्म में संयोजित हैं तथा ‘V’ वोल्ट के स्त्रोत से जुड़े हैं
Right Answer is: B

SOLUTION

क्योंकि सभी संधारित्रों की धारिता (C) है, तो पार्श्वक्र्म में संयोजित सभी संधारित्रों की कुल धारिता, C’ = 4C है| कुल संचित ऊर्जा = ½ C’ V2                     = ½ (4CV2)                     = 2CV2


Q. 158945 विद्युत आवेश को संचित करने के लिए


A. एक धातु की पट्टिका का उपयोग किया जाता है

Right Answer is: D

SOLUTION

एक संधारित्र एक ऐसी व्यवस्था है जिसमें दो चालक होते हैं जिनमें समान परंतु विपरीत आवेश संचित होते हैं ।


Q. 158946 एक गोलाकार पृथक चालक को घनात्मक रूप से आवेशित करने पर, उसका द्रव्यमान


A. घाट जाता है

Right Answer is: A

SOLUTION

घनात्मक रूप से आवेशित होने पर इलेक्ट्रॉनों की संख्या कम हो जाती  है। इस प्रकार, गोलाकार पृथक चालक इलेक्ट्रॉनों को खोकर घनात्मक रूप से आवेशित हो जाता है। इलेक्ट्रॉनों की संख्या में कमी होने से द्रव्यमान भी कम हो जाता है, क्योंकि एक इलेक्ट्रॉन के द्रव्यमान 9.1 x 10-31 किलो है।


Q. 158947 टेलिविजन की केबल की रचना में उपयोग होने वाली परिघटना


A. तापविद्युत प्रभाव है

Right Answer is: C

SOLUTION

स्थिरवैद्युत परिरक्षण, बाह्म विद्युत क्षेत्र से अंतरिक्ष के एक निश्चित क्षेत्र की रक्षा करने की परिघटना है। एक चालक के अंदर विद्युत क्षेत्र शून्य होता है, संवेदनशील उपकरणों की रक्षा के लिए हम उन्हें खोखले चालक के भीतर रखते  हैं।


Q. 158948 एक परिनालिका में जिसकी लम्बाई 0.4 m है तथा जिसमें तार के 500 फेरे हैं, 3 A की धारा है
Right Answer is: B

SOLUTION

धारावाही परिनालिका के केंद्र पर चुम्बकीय क्षेत्र का मान, क्षेत्र  परिनालिका की अक्ष के समान्तर है | परिनालिका के केंद्र पर अक्ष के लम्बवत रखी n फेरों की धारावाही कुंडली पर बल – आघूर्ण   


Q. 158949 ता

एक लम्बे सीधे तार में 12 ऐम्पियर की धारा बह रही है <div class= Right Answer is: B

SOLUTION

एक लम्बे सीधे धारावाही तार के कारण तार से r m की दूरी पर चुम्बकीय क्षेत्र की तीव्रता है : प्रश्नानुसार, तथा r= 48 cm = 0.48 m  


Q. 158950 त्रिज्या R के एक वृताकार कुण्डली के केंद्र पर चुंबकीय क्षेत्र Bo में धारा प्रवाहित होती है। कुण्डली के अक्ष पर केंद्र से वह दूरी जिस पर चुम्बकीय क्षेत्र Bo/8 होगा, वह दूरी है -


A.

8R

B.

C.

2R

D.

 

Right Answer is: D

SOLUTION

उपरोक्त समीकरण में Bo का मान डालने पर हमें प्राप्त होगा: दोनों तरफ वर्ग निकालने पर हमें प्राप्त होगा, घनमूल निकाल kr तथा हल करके हमें प्राप्त होगा


Q. 158951 200 MeV ऊर्जा वाला एक प्रोटॉन , दक्षिण से उत्तर में कार्यरत 5 T के चुंबकीय क्षेत्र में प्रवेश करता है। यदि प्रोटॉन इस क्षेत्र में ऊपर की ओर बढ़ता है, तो प्रोटॉन पर लगा बल होगा-


A.

B.

C.

D.

Right Answer is: B

SOLUTION


Q. 158952 एक स्थान पर जहाँ पृथ्वी के चुंबकीय क्षेत्र का क्षैतिज तथा लंबवत घटक बराबर है, वहाँ नति कोण है
Right Answer is: A

SOLUTION


Q. 158953 एक इलेक्ट्रॉन किसी हाइड्रोजन परमाणु के भीतर त्रिज्या R की कक्षा में वेग v से घूम रहा है। इसके केंद्र में चुंबकीय प्रवाह घनत्व होगा -


A.

B.

C.

D.

Right Answer is: A

SOLUTION

इलेक्ट्रॉन के लिए,


Q. 158954 एक समान चुंबकीय क्षेत्र में, एक प्रोटॉन और एक इलेक्ट्रॉन को समान गतिज ऊर्जा के साथ प्रक्षेपित किया जाता है। तब


A.

दोनों कण सरल रेखा के साथ-साथ चलेंगे

B.

इलेक्ट्रॉन तथा प्रोटॉन दोनों का गमन पथएकसमान वक्र होगा

C.

इलेक्ट्रॉन का गमन पथ, प्रोटोन से कम वक्र होगा

D.

इलेक्ट्रॉन का गमन पथ, प्रोटोन से अधिक वक्र होगा

Right Answer is: D

SOLUTION



अतः, इलेक्ट्रॉन का गमन पथ अधिक वक्र होगा|  


Q. 158955 कुछ इलेक्ट्रॉन एक चुंबकीय क्षेत्र में प्रवेश करते हैं, जो चुंबकीय क्षेत्र रेखाओं की दिशा के लंबवत है
A.
B.
C.
D.

Right Answer is: D

SOLUTION

पथ की त्रिज्या आवेशित कणों की चाल के अनुक्रमानुपाती होती है।तो, गति को दोगुना करने पर, पथ की त्रिज्या भी दोगुनी हो जाएगी।


Q. 158956 एक ऊर्ध्वाधर स्थिति में रखा गया एक सीधे चालक में धारा ऊर्ध्वाधर ऊपर की दिशा में है। इसके पूर्व में एक बिंदु P तथा इसके पश्चिम में दूसरी बिंदु Q, तार से बराबर दूरी पर स्थित हैं। यदि हम पृथ्वी के चुंबकीय क्षेत्र के प्रभाव की उपेक्षा करते हैं तो P पर चुंबकीय क्षेत्र होगा


A.

Q पर चुम्बकीय क्षेत्र से अधिक

B.

Q पर चुम्बकीय क्षेत्र से कम

C.

Q पर चुम्बकीय क्षेत्र के बराबर

D.

धारा की शक्ति के आधार पर Q से अधिक या कम

Right Answer is: C

SOLUTION

यदि हम पृथ्वी के चुंबकीय क्षेत्र के प्रभाव की उपेक्षा करते हैं तो P पर चुंबकीय क्षेत्र Q पर चुम्बकीय क्षेत्र के बराबर होगा|


Q. 158957 यदि यह तार

50 cm लम्बे तार में 20 A की धारा बह रही है<div class= Right Answer is: C

SOLUTION


Q. 158958 एक आवेश +Q ऊर्ध्वाधर ऊपर की ओर बढ़ रहा है। यह उत्तर में निर्देशित एक चुंबकीय क्षेत्र में प्रवेश करता है। आवेश पर आरोपित बल की दिशा होगी-


A. पूर्व

B. उत्तर

C. दक्षिण

D. पश्चिम

Right Answer is: D

SOLUTION

फ्लेमिंग के वाम हस्त नियम का उपयोग करके, हम कह सकते हैं कि आवेश पर बल पश्चिम की ओर निर्दिष्ट होता है।


Q. 158959 दस फेरों की दो सह केंद्रित कुंडलियाँ एक ही तल में अवस्थित हैं। उनकी त्रिज्या 20 cm तथा 40 cm है तथा वे क्रमशः 0.2 A तथा 0.3 A धारा को विपरीत दिशा में ले जाती हैं। केंद्र पर चुंबकीय क्षेत्र होगा -


A.

B.

C.

D.

Right Answer is: D

SOLUTION


Q. 158960 दो समानांतर तारों A तथा B द्वारा, क्रमशः 10 A तथा 2 A धारा विपरीत दिशाओं में गमन करती है। यदि तार A अनंतत: लम्बी है तथा तार B की लंबाई 2 m है, तो चालक B पर बल, जो A से 10 cm की दूरी पर है, होगा -


A.

B.

C.

D.

Right Answer is: C

SOLUTION


Q. 158961 एक इलेक्ट्रॉन एकसमान चुम्बकीय क्षेत्र में जिसका फ्लक्स-घनत्व 0.003 W/m2 है, की चाल से क्षेत्र के लम्बवत गमन करता है
Right Answer is: C

SOLUTION

हम जानते हैं कि:


Q. 158962 एक वृत्ताकार खंड की त्रिज्या r m है तथा वह अपने केंद्र पर का कोण बनाता है
Right Answer is: C

SOLUTION

धारावाही वृत्ताकार खंड के केंद्र पर चुम्बकीय क्षेत्र: यहाँ,


Q. 158963 लंबाई l का एक चालक B परिमाण के एक चुंबकीय क्षेत्र में रखा है। चालक से विद्युत धारा I गुजरती है। चालक द्वारा प्रभावी बल अनुक्रमानुपाती है:


A.

1/l

B.

1/B

C.

1/I

D.

I

Right Answer is: D

SOLUTION

F=BIL
इसलिए, 


Q. 158964 एक 2 MeV प्रोटॉन 2.5 T के एक समान चुंबकीय क्षेत्र में लम्बवत चल रहा है। प्रोटॉन पर बल है:


A.

8 x 10-12 N

B.

8 x 10-11 N

C.

2.5 x 10-11 N

D.

2.5 x 10-12 N

Right Answer is: A

SOLUTION


Q. 158965 50 cm की समान लंबाई के दो समान तारों को 1 m की दूरी पर रखा जाता है
A.
B.
C.
D.

Right Answer is: C

SOLUTION

चूंकि धारा एक ही दिशा में प्रवाहित हो रही है, इसलिए बल आकर्षक होगा|


Q. 158966 एक लम्बी सीधी तार जिससे विद्युत धारा प्रवाहित हो रही है, से 5 cm की दूरी पर उत्पन्न चुंबकीय क्षेत्र, का परिमाण B है। तार से 20 cm की दूरी पर चुम्बकीय क्षेत्र का परिमाण होगा -


A.

B/6

B.

B/4

C.

B/3

D.

B/2

Right Answer is: B

SOLUTION

एक लंबे सीधे तार में चुंबकीय क्षेत्र का परिमाण दूरी के व्युत्क्रमानुपाती होता है। इसलिए,दूरी चार गुणा बढ़ाने पर क्षेत्र एक-चौथाई हो जाता है, अर्थात (B/4)।


Q. 158967 एक असीमित लंबी सीधी पतली ट्यूब में धारा I प्रवाहित हो रही है। ट्यूब के अक्ष से दूरी r पर ट्यूब के अंदर एक बिंदु पर चुंबकीय प्रेरण होगा:


A.

शुन्य

B.

C.

D.

Right Answer is: A

SOLUTION

चूंकि वृत्त में कोई धारा परिबद्ध नहीं है, इसलिए ऐम्पियर के परिपथीय नियम से, वृत्त पर हर बिंदु पर चुंबकीय प्रेरण शून्य होता है। इसलिए, एक असीमित लंबी सीधी पतली ट्यूब के अंदर किसी भी बिंदु पर चुंबकीय प्रेरण शून्य है|


Q. 158968 परिपथ में एमिमीटर तथा वोल्टमीटर कैसे जोड़ा जाता है?
Right Answer is:

SOLUTION

एक परिपथ में एमिटर को श्रेणीक्रम में जोड़ा जाता है तथा वोल्टमीटर पार्श्वक्रम में जोड़ा जाता है|


Q. 158969 चुंबकीय क्षेत्र में एक गतिमान आवेश द्वारा अनुभवी बल कब अधिकतम होगा?
Right Answer is:

SOLUTION

जब विद्युत आवेश, चुम्बकीय क्षेत्र में लंबवत स्थानांतरित होता है तब वह अधिकतम बल का अनुभव करता है|


Q. 158970 चुंबकीय क्षेत्र में गतिमान आवेशित कणों द्वारा अनुभव किये जाने वाले बल का नाम बताएं
Right Answer is:

SOLUTION

लोरेंज बल, चुंबकीय प्रभाव क्षेत्र में गतिमान आवेशित कणों द्वारा अनुभव किये जाने वाला बल है|


Q. 158971 एक वर्ताकार खण्ड की त्रिज्या r मीटर है तथा वह अपने केंद्र पर 450 का कोण बनता है
Right Answer is:

SOLUTION

धारावाही वृताकार खण्ड के केंद्र पर चुम्बकीय क्षेत्र

 

दक्षिण हस्त नियम  के अनुसार, की दिशा खण्ड के तल के लम्बवत्त निचे कि और को है| खण्ड के सीधे भागों के कारण बिंदु O पर चुम्बकीय क्षेत्र शून्य है क्यूंकि इनके लिए


Q. 158972 एक लम्बे सीधे तार में विद्युत् धारा 15 A प्रवाहित हो रही है
Right Answer is:

SOLUTION

एक लम्बे सीधे तार में विद्युत् धारा के कारण तार से r मीटर की दूरी पर चुम्बकीय क्षेत्र, B की तीव्रता निम्न समीकरण द्वारा दी जाती है,

 


Q. 158973 गैल्वेनोमीटर का उपयोग इसी रूप में किसी परिपथ में प्रवाहित विद्युत् धारा को मापने के लिए एमिमीटर के भांति क्यों नहीं किया जा सकता है?
Right Answer is:

SOLUTION

गैल्वेनोमीटर का उपयोग इसी रूप में किसी परिपथ में प्रवाहित विद्युत् धारा को मापने के लिए एमिमीटर के भांति नहीं किया जा सकता क्योंकि इसके दो कारण हैं: (i) गैल्वेनोमीटर एक अत्यंत सुग्राही युक्ति है, यह µA कोटि की विद्युत् धारा के लिए पूर्ण पैमाना विक्षेप देता है|

(ii) विद्युत् धाराओं को मापने के लिए, गैल्वेनोमीटर को श्रेणीक्रम में जोड़ना होता है, क्योंकि इसका प्रतिरोध अधिक होता है जो परिपथ में प्रवाहित विद्युत् धारा के परिमाण को परिवर्तित कर देता है|


Q. 158974 एक लम्बे सीधे तार में विद्युत् धारा I प्रवाहित हो रही है
Right Answer is:

SOLUTION

एक लम्बे सीधे तार में विद्युत् धारा I प्रवाहित हो रही है| चुम्बकीय क्षेत्र, B का परिमाण दिया जाता है,

चुम्बकीय क्षेत्र रेखाएं विद्युत् धारावाही तार के साथ समकेंद्रित होती हैं|

 


Q. 158975 आवेशित कणों पर क्या बल होगा जब वे लम्बवत आरोपित चुम्बकीय क्षेत्र में गतिमान है?
Right Answer is:

SOLUTION

चुम्बकीय क्षेत्र में लम्बवत गतिमान आवेशित कणों पर कार्यरत चुम्बकीय बल अधिकतम होगा, यानी Fm = qvB होगा तथा इसकी दिशा आवेशित कण के वेग के लम्बवत होगी|


Q. 158976 साइक्लोट्रॉन किस सिद्धांत पर कार्य करता है?
Right Answer is:

SOLUTION

साइक्लोट्रॉन जिस सिद्धांत पर कार्य करता है वह यह है कि, एक चुम्बकीय क्षेत्र में सामान्य रूप से एक गतिमान आवेशित कण, चुम्बकीय लारेंज़ बल का अनुभव करता है, जिसके कारण कण एक वृताकार पथ में त्वरित होता है।


Q. 158977 किसी परमाणु में एक इलेक्ट्रॉन नाभिक के चारों ओर त्रिज्या की वृत्ताकार कक्षा में की एकसमान चाल से घूम रहा है
Right Answer is:

SOLUTION

r m त्रिज्या के वृत्ताकार चालक में i A की धारा प्रवाहित होने पर चालक के केंद्र पर चुम्बकीय क्षेत्र
यदि इलेक्ट्रॉन (आवेश e) t s में एक चक्कर लगाता है, तब धारा (= आवेश/समय)
परन्तु   जहाँ v इलेक्ट्रॉन की चाल है |
i का मान उपरोक्त समीकरण में रखने पर


Q. 158978 4 A तथा 5 A विद्युत् धारा, दो सीधे समानांतर तारों A तथा B जिनकी लम्बाई क्रमशः 20 m तथा 32 m में प्रवाह हो रहा है
Right Answer is:

SOLUTION


Q. 158979 गैल्वेनोमीटर में 55 Ω का प्रतिरोध है। 10 mA के विद्युत् धारा प्रवाहित होने पर यह पूर्ण पैमाने पर विक्षेपण देता है। इसे 1 A पढ़ने में सक्षम करने के लिए इसके साथ जोड़ा गया प्रतिरोध का परिमाण क्या है?
Right Answer is:

SOLUTION


Q. 158980 एक 10cm लम्बी तथा पतली परिनालिका में पतले तारों के 1 तह वाले 500 फेरे हैं
Right Answer is:

SOLUTION


Q. 158981 एक सीधी, क्षैतिज चालक छड़ जिसकी लम्बाई 0.06 m एवं द्रव्यमान 30 g है इसके सिरों पर जुड़े दो उर्ध्वाधर तारों पर लटकी हुई है
Right Answer is:

SOLUTION

(a) जब चुम्बकीय बल तार के वजन से संतुलित होता है, तो  तार में तनाव शून्य होता है|
(b) विद्युत् धारा की दिशा उत्क्रमित करने पर तनाव,
T= BIL + mg = mg + mg = 2mg
T= 0.6 N


Q. 158982 पूर्व-पश्चिम दिशा में स्थित एक लम्बे तार में 10 A की धारा पूर्व से पश्चिम की ओर है
Right Answer is:

SOLUTION

एक लम्बे तार के कारण जिसमें i ऐम्पियर धारा है, तार से r m की दूरी पर उत्पन्न चुम्बकीय क्षेत्र : 
जहाँ   
(i) तार में धारा i = 10 A है | इससे 10 cm (0.01 m) उत्तर की ओर क्षैतिज तल में चुम्बकीय क्षेत्र
 
तार में धारा की दिशा पूर्व से पश्चिम की ओर है| अत: दायें हाथ की हथेली का नियम नं 1 के अनुसार, उत्तर में स्थित बिंदु पर क्षेत्र की दिशा ऊध्र्व तल में नीचे की ओर होगी | 
(ii) तार से 20 cm (0.20 m) दक्षिण की ओर चुम्बकीय क्षेत्र
(iii) ऊध्र्व तल में तार से नीचे 40 cm (0.40 m) दूर 
 
क्षेत्र की दिशा क्षैतिज तल में दक्षिण की ओर होगी |
(iv) ऊध्र्व तल में तार के ऊपर 50 cm (0.50 m) दूर


Q. 158983 एक अनुचुम्बकीय पदार्थ के लिए,चुंबकीय क्षेत्र के रूप में चुंबकीय प्रवृति भिन्न होती है
/stryde/uploadfiles/Image/2009/02/26/2009022692596600123566382920292222.gif


A.

a

B.

b

C.

c

D.

d

Right Answer is: A

SOLUTION

एक अनुचुम्बकीय पदार्थ के लिए,भिन्न चुंबकीय क्षेत्र के साथ चुंबकीय प्रवृति स्थिर रहती है।


Q. 158984 एक आवेश का कण एक समान चुंबकीय क्षेत्र B में q वेग v के साथ चलता है। कण द्वारा प्रभावी चुंबकीय बल है-


A.

हमेशा शून्य

B.

शून्य नही

C. शून्य, यदि कण का वेग चुंबकीय क्षेत्र के लंबवत है।

D.

शून्य, यदि कण का वेग चुंबकीय क्षेत्र के सामानांतर है।

Right Answer is: D

SOLUTION

 


Q. 158985 चुम्बकीय ध्रुव पर नति कोण है -


A.

0o

B.

30o

C.

45o

D.

90o

Right Answer is: D

SOLUTION

चुंबकीय ध्रुवों पर नति कोण 90o है क्योंकि ध्रुवों पर क्षैतिज घटक शून्य होते हैं।  


Q. 158986 पृथ्वी के चुंबकीय क्षेत्र के क्षैतिज घटक और पृथ्वी के चुंबकीय उत्तर ध्रुव पर नति कोण, हैं -


A.

क्रमशः शून्य तथा अधिकतम

B.

क्रमशः अधिकतम तथा न्यूनतम

C.

अधिकतम

D.

क्रमशः न्यूनतम तथा शून्य

Right Answer is: A

SOLUTION

पृथ्वी चुंबकीय उत्तर ध्रुव पर, पृथ्वी के चुंबकीय क्षेत्र एच का क्षैतिज घटक पृथ्वी की सतह के लंबवत है यानी उर्ध्वाधर –


Q. 158987 एक बिंदु P पर चुंबकीय क्षेत्र एक लंबे, पतले और सीधे तार दूरी a पर स्थित धारा i प्रवाहित करते है - /stryde/uploadfiles/Image/2009/02/26/20090226981040001235657026202ca1.gif


A.

B.

C.

 

D.

Right Answer is: A

SOLUTION


Q. 158988 आंकड़े में दिखाए गए अनुसार, समान लंबाई के चार तार विभिन्न आकार P, Q, R, और S के लूप में घुमाए गए हैं। इन सभी लूपों को एकसमान चुंबकीय क्षेत्र में लटकाया गया है। सभी चार लूपों से धारा समान रूप से गुजरती है, तब - /stryde/uploadfiles/Image/2009/02/26/20070713202858001184326738202b3em11em2.gif


A.

लूप P पर युगल उच्चतम होगा

B.

लूप Q पर युगल उच्चतम होगा

C.

लूप R पर युगल उच्चतम होगा

D.

लूप S पर युगल उच्चतम होगा

Right Answer is: A

SOLUTION

बल आघूर्ण  क्षेत्रफल  चूंकि वृत्त का क्षेत्रफल सबसे बड़ा है और इसलिए लूप P (सर्कल) पर युगल सबसे बड़ा है।


Q. 158989 यदि संतुलन बिन्दुओं की दिशा चुम्बकीय की विषुवतीय रेखा पर है तो चुंबक के उत्तर ध्रुव के बिन्दुओं की दिशा होगी -


A.

भौगोलिक उत्तर

B.

भौगोलिक दक्षिण

C.

भौगोलिक पूरब

D.

भौगोलिक पश्चिम

Right Answer is: A

SOLUTION

जब पृथ्वी के भौगोलिक उत्तर की ओर अपने N-ध्रुव के साथ एक चुंबक रखा जाता है, तो संतुलन बिंदु चुंबक की विषुवतीय रेखा पर होते हैं। ऐसा इसलिए है क्योंकि, विषुवतीय रेखा पर चुंबक के चुंबकीय क्षेत्र की दिशा और पृथ्वी के क्षेत्र के क्षैतिज घटक एक दूसरे के विपरीत हैं। और संतुलन बिंदुओं पर, चुंबक के चुंबकीय क्षेत्र की परिमाण पृथ्वी के क्षेत्र के क्षैतिज घटक के बराबर होती है।


Q. 158990 ताप की चुम्बकीय प्रवृति स्वतंत्र है -


A.

केवल प्रतिचुम्बकीय पदार्थ पर

B.

केवल लौह चुम्बकीय पदार्थ पर

C.

केवल अनुचुम्बकीय पदार्थ  पर

D.

अनुचुम्बकीय तथा लौह चुम्बकीय पदार्थ पर  

Right Answer is: A

SOLUTION

प्रतिचुंबकीय पदार्थ की चुंबकीय प्रवृत्ति का मान सदैव ऋणात्मक होती है तथा यह तापमान के साथ परिवर्तित नहीं होती है।   


Q. 158991 चुंबकीय विषुवत रेखा पर नति कोण है-


A.

0o

B.

45o

C.

30o

D.

90o

Right Answer is: A

SOLUTION

चुंबकीय विषुवत रेखा पर, पृथ्वी का चुंबकीय क्षेत्र पृथ्वी की सतह के समानांतर है, जो क्षैतिज है, इसलिए: R=H,


Q. 158992 अनुचुम्बकीय पदार्थ कौन सा है-


A.

तांबा

B.

जल

C.

हाइड्रोजन

D.

ऑक्सीजन

Right Answer is: D

SOLUTION

अनुचुम्बकीय पदार्थ ऐसे पदार्थ है जो बाह्य चुम्बकीय क्षेत्र में रखे जाने पर क्षीण चुम्बकत्व प्राप्त कर लेते हैं|


Q. 158993 एक परिनालिका के क्रोड़ में भरे पदार्थ की आपेक्षित चुम्बकशीलता 200 है। परिनालिका के विद्युतीय रूप से पृथककृत फेरों में 2A की धारा प्रवाहित हो रही है। यदि इसकी फेरों की संख्या 1000 प्रति मीटर है, तो H की गणना कीजिये-


A.

  2x104 A/m

B.

  2x10-4 A/m

C.

  2x103 A/m

D.

 2x10-3 A/m

Right Answer is: C

SOLUTION

  H= nxI = 1000x2.0 =  2x103 (A/m)


Q. 158994 ऊष्मा विकिरणें विद्युत्चुंबकीय क्षेत्र के किस भाग का हिस्सा हैं?
Right Answer is:

SOLUTION

ऊष्मा विकिरणें अवरक्त तरंगों में पायी जाती हैं|


Q. 158995 एक समतल वैद्युत्चुंबकीय तरंग में विद्युत क्षेत्र 2X1010 Hz की आवृत्ती से ज्यावक्रिय रूप से दोलन करता है
Right Answer is:

SOLUTION


Q. 158996 धरती के वायुमंडल में ग्रीनहाउस प्रभाव की व्याख्या कीजिए
Right Answer is:

SOLUTION

दिन के समय में सूर्य से प्राप्त प्रकाश तथा ऊष्मा के कारण धरती गर्म हो जाती है| सूर्यास्त के पश्चात इसका विपरीत होता है, अर्थात्, अब धरती अवरक्त किरणें छोड़ने लगती है| ये किरणें वायुमंदल से मुक्त होने का प्रयास करती हैं किन्तु वायुमंडल में उपस्थित कार्बन-डाइऑक्साइड तथा जलवाष्प में फंस जाती हैं| यह प्रक्रिया धरती को रात्री में भी गर्म रखती है| इस प्रभाव को ग्रीनहाउस प्रभाव कहते हैं|

केवल ग्रीनहाउस प्रभाव के कारण, धरती स्वयं को रात्री में भी गर्म रख पाती है| यदि ग्रीनहाउस प्रभाव नहीं होता तो रात्री के समय सभी जीवों को अत्यधिक ठण्ड से गुज़रना पड़ता|


Q. 158997
Right Answer is:

SOLUTION


Q. 158998


A.

B.

C.

D.

Right Answer is: C

SOLUTION


Q. 158999 प्रकाश की किरण एक समतुल्य प्रिज़्म के माध्यम से गुजरती है जिसमें अपतित कोण उद्भव कोण के बराबर होता है। अगर अपतित कोण प्रिज़्म के कोण का 3/4 हो जाए, तो विचलन का कोण कितना होगा?


A. 60o

B. 30o

C. 90o

D. 45o

Right Answer is: B

SOLUTION

 


Q. 159000 एक समानांतर प्रकाश पुंज, फोकस दूरी F के उत्तल लेंस पर अपतित होता है। इसके बाद उत्तल लेंस एक फोकस दूरी F/2 के अवतल लेंस के संपर्क में रखा जाता है। प्रतिबिंब की प्रकृती एवं दूरी निम्न में से कौनसी होगी?


A. आभासी, v = F/2

B. वास्तविक, v = F

C. वास्तविक, v=F/2

D. आभासी, v =F

Right Answer is: D

SOLUTION

यह दर्शाता है की संयोजन एक F फोकस दूरी का अवतल लेंस है| इसलिए प्रतिबिंब आभासी होगा जो F दूरी पर बनेगा|    


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