CBSE - MCQ Question Banks (के. मा. शि. बो . -प्रश्नमाला )

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Q. 159001 एक व्यक्ति 200 cm से कम दूरी पर रखी वस्तुओं को स्पष्ट रूप से नहीं देख सकता, 25 cm पर रखी गई वस्तुओं को स्पष्ट रूप से देखने के लिए उपयोग किए जाने वाले लेंस की क्षमता क्या होगी?


A. 28 cm

B. 30 cm

C. 28.5 cm

D. 29.5 cm

Right Answer is: C

SOLUTION


Q. 159002 15 cm की वक्रता त्रिज्या के अवतल दर्पण के सामने 20 cm पर एक वस्तु रखी हुई है। प्रतिबिंब की दूरी निम्न में से कौनसी होगी?


A. -20 cm

B. 40 cm

C. -12 cm

D. 60 cm

Right Answer is: C

SOLUTION


Q. 159003 15 cm की वक्रता त्रिज्या के अवतल दर्पण के सामने 10 cm पर एक वस्तु रखी जाती है। प्रतिबिंब का आवर्धन क्या है?


A. -4

B. -3

C. 3

D. 4

Right Answer is: B

SOLUTION


Q. 159004 वायु में एक बिंदु स्रोत से प्रकाश एक गोलाकार ग्लास सतह (अपवर्तनांक, n=1.5 तथा वक्रता त्रजया = 10 cm) पर पड़ता है। कांच की सतह से प्रकाश स्रोत की दूरी 200 cm है
Right Answer is: C

SOLUTION


Q. 159005 यदि जल का अपवर्तनांक 1/2 तथा वायु का अपवर्तनांक 3/4 है, तो वायु का अपवर्तनांक जल के सापेक्ष कितना होगा?


A.  3/2

B. 2/3

C. 2

D. 3/4

Right Answer is: B

SOLUTION


Q. 159006 एक वस्तु, एक उत्तल दर्पण के फोकस पर रखी है। यदि दर्पण की फोकस दूरी F है, तो दर्पण के ध्रुव से प्रतिबिंब की दूरी कितनी होगी?


A. F से कम

B. F

C. F से अधिक

D. 2F

Right Answer is: A

SOLUTION

एक उत्तल दर्पण में प्रतिबिंब की ध्रुव से दूरी सदैव वस्तु की ध्रुव से दूरी से कम होती है|


Q. 159007 जब प्रकाश एक माध्यम से दूसरे माध्यम में गमन करता है, निम्न में से कोनसा अभिलक्षण अपरिवर्तित रहता है
Right Answer is: C

SOLUTION

जब प्रकाश एक माध्यम से दूसरे माध्यम में गमन करता है, तो प्रकाश अपवर्तित होता है और अपवर्तन के दौरान आवृत्ति अपरिवर्तित रहती है ।


Q. 159008 काँच का बना एक उत्तल लेंस जल में डूबा हुआ है, वायु की तुलना में जल में उसकी क्षमता


A. लाल प्रकाश के लिए कम और नीले प्रकाश के लिए अधिक हो जाती है

Right Answer is: D

SOLUTION


Q. 159009 निम्नलिखित में से कौन सा प्रकाशीय संघटक सभी विपथन से मुक्त प्रतिबिंब बनाता है
Right Answer is: A

SOLUTION

एक समतल दर्पण से बना प्रतिबिंब गोलीय तथा वर्ण विपथन दोनों से स्वतंत्र होता है क्योंकि वह प्रकाश की किरणों को अभिसरित या अपसरित नहीं करता है|


Q. 159010 फ़ोकस दूरी 10 cm के एक उभयोत्तल लेंस को दो हिस्सों में काट दिया गया। दोनों भागों को दर्शाये गए तरीके से संपर्क में रखा जाता है। संयोजन की फ़ोकस दूरी होगी


A. 10 cm

B. 20 cm

C. 0

D. 5 cm

Right Answer is: C

SOLUTION

यहां, प्रत्येक भाग की फोकल दूरी 10 सेमी cm है। पहले भाग से गुज़रने के दौरान प्रकाश की किरणें नीचे की ओर अभिसरित होंगी परंतु दूसरे भाग से गुज़रने के दौरान वे समान रूप से ऊपर की ओर अपसरित करेंगी| इसलिए संयोजन की फोकल दूरी शून्य होगी।


Q. 159011 एक समतल दर्पण 30 cm प्रति सेकंड पर आपकी ओर आ रहा है। आप इसमें अपना प्रतिबिंब देख सकते हैं। आपका प्रतिबिंब किस गति से गमन करेगा?


A. 30 cm/s

B. 60 cm/s

C. 15 cm/s

D. 25 cm/s

Right Answer is: B

SOLUTION

मान लीजिए, दर्पण एवं वस्तु एक दूसरे से x दूरी पर हैं| इस कारण प्रतिबिंब से वस्तु की दूरी 2x (दोगुनी) होगी, क्योंकि एक समतल दर्पण में, दर्पण की वस्तु से तथा उसके प्रतिबिंब से दूरी समान होती है| इसलिए, अगर दर्पण x/t चाल से वस्तु की ओर बढ़ रहा है, तो प्रतिबिंब 2x/t (दोगुनी) चाल से वस्तु की ओर बढ़ेगी|


Q. 159012 हमारे पास एक समकोणीय प्रिज़्म है। इसका अपवर्तनांक 1.5 है। अगर हम एक किरण को सतह के लंबवत आपतित करें तो निम्न में से कौन सी परिघटना होगी?


A. परिक्षेपण

B. पूर्ण आंतरिक परावर्तन

C. अपवर्तन

D. परावर्तन

Right Answer is: B

SOLUTION

क्योंकि, अपवर्तनांक = 1.5 क्रांतिक कोण=sin-1(1/1.5)= 41.8o ज्यामिति से, प्रिज्म का आपतित कोण 45o होगा| क्योंकि यह कोण क्रांतिक कोण से अधिक है यहाँ पूर्ण आंतरिक परावर्तन होगा|


Q. 159013 प्रकाश की किरण एक सघन माध्यम से एक विरल माध्यम में प्रवेश करती है। विरल माध्यम में प्रकाश की गति सघन माध्यम के चार गुना है। पूर्ण आंतरिक परावर्तन के लिए क्रांतिक कोण क्या है?


A. sin–1 (1/4)

B. sin–1(1/2)

C. tan–1(1/4)

D. sin–1 (4)

Right Answer is: A

SOLUTION


Q. 159014


A.

B.

C.

D.

Right Answer is: B

SOLUTION


Q. 159015 अर्ध आयु और क्षय स्थिरांक के बीच संबंध है


A.

B.

C.

D.

Right Answer is: A

SOLUTION


Q. 159016 विखंडन शुरू करने के लिए प्रयुक्त कण है


A. प्रोटॉन 

B. न्यूट्रॉन

C. ऐल्फा

D. बीटा

Right Answer is: B

SOLUTION

अनावेशित न्यूट्रॉन, प्रतिकर्षण हुए बिना लक्षित नाभिक में गहराई से प्रवेश कर सकते हैं।
अन्य आवेशित कण नाभिक द्वारा स्थिर-वैद्युत्कीय रूप से विकर्षण करते है।


Q. 159017 नाभिकीय रिएक्टर में नियंत्रण छड़ के लिए उपयोग किया जाने वाला पदार्थ है


A. खारा पानी

B. कैडमियम

C. ग्रेफाइट

D. बेरीलियम ऑक्साइड

Right Answer is: B

SOLUTION

जब कैडमियम रॉड को रिएक्टर में डाला जाता है, तो विखंडन दर कम हो जाती है और जब उन्हें बाहर निकाला जाता है, तो विखंडन बढ़ता है।


Q. 159018 परमाणु का कौन सा हिस्सा रेडियोऐक्टिव विकिरण उत्सर्जित करता है?
Right Answer is:

SOLUTION

परमाणु का नाभिक रेडियोऐक्टिव विकिरण उत्सर्जित करता है।


Q. 159019
Right Answer is:

SOLUTION


Q. 159020 रेडियोऐक्टिव नाभिक से उत्सर्जित होने वाले विद्युत्चुम्बकीय विविकरण का नाम क्या है?
Right Answer is:

SOLUTION

रेडियोऐक्टिव नाभिक से उत्सर्जित होने वाले विद्युत्चुम्बकीय विविकरण का नाम ‘गामा किरण’ है?


Q. 159021 सूर्य तथा तारों में निरंतर उर्जा किस प्रक्रिया से उत्पन्न होती है?
Right Answer is:

SOLUTION

सूर्य तथा तारों में निरंतर उर्जा, ताप नाभिकीय अभिक्रियाओं से उत्पन्न होती है|


Q. 159022 किसी नाभिक की बंधन ऊर्जा को परिभाषित कीजिए।
Right Answer is:

SOLUTION

किसी नाभिक को अपने अवयव न्यूक्लियॉन में विभक्त करने के लिए न्यूनतम ऊर्जा की मात्रा बंधन ऊर्जा कहलाती है।


Q. 159023
Right Answer is:

SOLUTION

प्रोटॉन की संख्या परमाणु संख्या के बराबर होती है, Z = 92
इसके अलावा, न्यूट्रॉन की संख्या = A - Z
                        = 238-92
                        = 146


Q. 159024 किसी रेडियोऐक्टिव नमूने की अर्द्ध आयु तथा क्षय स्थिरांक के बीच सम्बन्ध दीजिए।
Right Answer is:

SOLUTION


Q. 159025 आपको दो न्यूक्लाइड तथा दिये गए हैं। क्या ये समान तत्व के समस्थानिक हैं? क्यों?
Right Answer is:

SOLUTION

हाँ, ये समान तत्व के समस्थानिक हैं, क्योंकि दोनों न्यूक्लाइड की परमाणु संख्या समान है।


Q. 159026 सूर्य में ऊर्जा के उत्पादन के लिए उत्तरदाई अभिक्रिया का नाम बताइए।
Right Answer is:

SOLUTION

नाभिकीय संलयन सूर्य में ऊर्जा के उत्पादन के लिए उत्तरदाई अभिक्रिया है।


Q. 159027 द्र्व्यमान क्षति किसे कहते है?
Right Answer is:

SOLUTION

नाभिक के द्र्व्यमान तथा न्यूक्लिऑन के द्र्व्यमान के बीच अंतर द्र्व्यमान क्षति के रूप में जाना जाता है।


Q. 159028 1eV का मान जूल में लिखिए।
Right Answer is:

SOLUTION

1eV = 1.602176565 x 10-19 J


Q. 159029 किसी नाभिक की त्रिज्या R एवं द्रव्यमान संख्या A में संबंध लिखिए।
Right Answer is:

SOLUTION


Q. 159030 किसी रेडियोएक्टिव पदार्थ की अर्ध आयु 10 दिन है। इस पदार्थ का क्षय नियतांक ज्ञात कीजिए।
Right Answer is:

SOLUTION


Q. 159031 अर्ध आयु से आप क्या समझते है ?
Right Answer is:

SOLUTION

किसी रेडियोऐक्टिव पदार्थ की मात्रा अर्थात् उसके परमाणुओं की संख्या जितने समयान्तराल में विघटन के कारण घटकर अपने प्रारम्भिक मान की आधी रह जाती है, वह समयान्तराल उस पदार्थ की अर्ध आयु कहलाता है।


Q. 159032 10 mg द्र्व्यमान के बराबर ऊर्जा क्या होती है?
Right Answer is:

SOLUTION

दिया गया है:-
द्र्व्यमान, m = 10 mg = 10 x 10-6 kg
हम जानते है कि,
  E = mc2
     E = 10 x 10-6 kg x ( 3 x 108 m/s)2
= 9 x 1011 J

 


Q. 159033
Right Answer is:

SOLUTION


Q. 159034 एक माध्यम (जिसका अपवर्तनांक 1.732 है) का ध्रुवित कोण होगा:


A.

B.

C.

D.

Right Answer is: C

SOLUTION

ध्रुवित कोण :


Q. 159035 किसी दिए गए माध्यम के लिए, ध्रुवीकरण कोण 600 है। इस माध्यम के लिए क्रांतिक कोण होगा


A. 35º16’

B. 53º16’

C. 55º16’

D. 75º16’

Right Answer is: A

SOLUTION


Q. 159036 आयाम 3 mm तथा 2 mm की दो तरंगें समान कला में एक बिंदु तक पहुँचती हैं। परिणामी आयाम होगा:


A. 13 mm

B. 5 mm

C. 1.5 mm

D. 1 mm

Right Answer is: B

SOLUTION

दिया गया है कि दो तरंगें सामान कला में बिंदु तक पहुंचते हैं,तो परिणामी आयाम होगा: = 3 mm + 2 mm = 5 mm


Q. 159037 जब यंग का द्विझिरी प्रयोग जल में किया जाता है, तो फ्रिंज चौड़ाई


A. अप्रभावित रहेगी

Right Answer is: B

SOLUTION


Q. 159038 केन्द्रीय उच्चिष्ठ की कोणीय चौड़ाई से आप क्या समझते हैं?
Right Answer is:

SOLUTION

केन्द्रीय उच्चिष्ठ के दोनों ओर प्रथम निम्निष्ठों के बीच की कोणीय दूरी को केन्द्रीय उच्चिष्ठ की कोणीय चौड़ाई कहते हैं।


Q. 159039 दूरदर्शक में तारों के प्रतिबिम्ब अस्पष्ट धब्बों के रूप में दिखाई पड़ते हैं, तीक्ष्ण बिन्दुओं की तरह नहीं। इसके पीछे क्या कारण है?
Right Answer is:

SOLUTION

प्रकाश के विवर्तन के कारण दूरदर्शक में तारों के प्रतिबिम्ब अस्पष्ट धब्बों के रूप में दिखाई पड़ते हैं, तीक्ष्ण बिन्दुओं की तरह नहीं।


Q. 159040 एक समतल तरंगाग्र काँच में गुजरता हुआ क्रांतिक कोण पर काँच-वायु अंतरापृष्ठ पर गिरता है
Right Answer is:

SOLUTION

जब प्रकाश किरण काँच-वायु अंतरापृष्ठ पर आपतन (iC) के क्रांतिक कोण पर आपतित होती है, तो यह पूर्ण आन्तरिक परावर्तन से गुजरेगी।


Q. 159041 जल रहे बल्ब, ट्यूब लाइट, तथा पृथ्वी पर गिरने वाले सूर्य प्रकाश द्वारा उत्पन्न तरंगाग्र के प्रकार बताइए?
Right Answer is:

SOLUTION

जल रहे बल्ब, बिन्दु स्त्रोत होता है इसलिए यह गोलीय तरंगाग्र उत्पन्न करता है।

ट्यूब लाइट प्रकाश का रेखीय स्त्रोत है जो बेलनाकार तरंगाग्र उत्पन्न करेगा। सूर्य प्रकाश द्वारा समतल तरंगाग्र उत्पन्न होता है।


Q. 159042 जब प्रकाश विरल माध्यम से सघन माध्यम मे गति करता है तो उसका वेग कम हो जाता है । इसके अलावा प्रकाश तरंगो द्वारा प्राप्त ऊर्जा मे कमी का क्या तात्पर्य है?
Right Answer is:

SOLUTION

माध्यम मे प्रकाश तरंगो द्वारा प्राप्त ऊर्जा इसके वेग से स्वतंत्र होती है तथा केवल प्रकाश की आवर्ती पर निर्भर करती है। क्योंकि अपवर्तन पर प्रकाश तरंग की आवर्ती अपरिवर्तित रहती है। इसलिए प्रकाश की ऊर्जा मे कोई कमी नहीं होती है।


Q. 159043 ब्रूस्टर का नियम लिखिए ।
Right Answer is:

SOLUTION

जब साधारण प्रकाश किसी पारदर्शी माध्यम पर आपतित होता है, तो एक विशेष आयतन कोण (ध्रुवण कोण) पर परावर्तित प्रकाश समतल ध्रुवित होता है | पारदर्शी माध्यम का अपवर्तनांक, n है तो ब्रूस्टर के नियम के अनुसार

n = tan ip


Q. 159044 यंग द्विझिरी प्रयोग में, यदि एकल प्रकाश स्त्रोत के स्थान पर दो पृथक लेकिन समरूप सोडियम लैम्प का प्रयोग करते है तो पर्दे पर क्या देखा जायेगा ?
Right Answer is:

SOLUTION

दो समरूप सोडियम लैम्पों से प्रकाश समान तरंग दैर्ध्य तथा समान आवृत्ति की प्रकाश तरंगे उत्सर्जित करेगा। परन्तु यह तरंगे सतत व्यतिकरण प्रतिरूप से निश्चित कला संबद्ध नहीं होती है। इस प्रकार, ये नियत कला में अध्यारोपित नहीं होगी और परिणाम स्वरूप सामान्य प्रकाश उत्पन्न होगा।


Q. 159045 पोलेरॉइड क्या है?
Right Answer is:

SOLUTION

पोलेरॉइड एक युक्ति है जिसका उपयोग समतल ध्रुवीकृत प्रकाश का उत्पादन करने के लिए किया जाता है।


Q. 159046 एक समतल तरंगाग्र एक उत्तल लेंस पर लम्बवत आपतित होती है। अपवर्तित तरंगाग्रों को आरेखित कीजिए।
Right Answer is:

SOLUTION

आरेखित तरंगाग्र निम्न दी गई हैं:


Q. 159047
Right Answer is:

SOLUTION


Q. 159048 क्या हाइगेंस सिद्धान्त ध्वनि तरंगो के लिए भी मान्य है? समझाइए।
Right Answer is:

SOLUTION

हाँ, हाइगेंस सिद्धान्त ध्वनि तरंगो के लिए मान्य है। हाइगेंस सिद्धान्त के अनुसार, तरंगाग्र पर प्रत्येक बिन्दु सूक्ष्म तरंगिका के द्वितीयक स्त्रोत के रूप में माने जा सकते है। जो तरंग के आगे की दिशा में बाहर फ़ैले होते है। उदाहरण के लिए, जब दो व्यक्ति एक दूसरे से बात कर रहे है। अन्य व्यक्ति दो व्यक्ति के बीच बात करने के आदान प्रदान को सीधे ही अलग नहीं कर सकता है क्योंकि विस्तृत तरंगाग्र पर सभी कण द्वितीयक तरंगिकाओं के स्त्रोत के रूप में व्यवहार करते हैं जो सभी विभिन्न दिशाओं में बाहर फ़ैल जाते है।


Q. 159049 प्रकाश के ध्रुवण की व्याख्या कीजिए तथा ध्रुवण तल की परिभाषा लिखिए।
Right Answer is:

SOLUTION

प्रकाश का ध्रुवण - सामान्य प्रकाश की तरंग में वैद्युत सदिश के कम्पन, तरंग की गति के लम्बवत तल में प्रत्येक दिशा में सममित रूप से होते हैं। जब कोई प्रकाश की तरंग किसी क्रिस्टल पर डाली जाती है तो प्रकाश की तरंग के केवल वे ही कम्पन बाहर निकल पाते हैं जो क्रिस्टल के अक्ष के समान्तर होते हैं, शेष कम्पन क्रिस्टल द्वारा रोक दिए जाते हैं । इस प्रकार क्रिस्टल से निकलने के पश्चात प्रकाश की तरंग के कम्पन तरंग की गति के लम्बवत तल में केवल एक ही दिशा में होते हैं ऐसी तरंग को समतल-ध्रुवित तरंग कहते हैं और इस परिघटना को प्रकाश का ध्रुवण कहते हैं।

ध्रुवण-तल - वह तल जिसमें प्रकाश के संचरण की दिशा स्थित हों तथा जो कम्पन तल के अभिलम्बवत हो ध्रुवण-तलकहलाता है।


Q. 159050 विकिरण के निम्नलिखित युग्मों के बीच एक अन्तर दीजिए:
(i) बैंगनी प्रकाश तथा पीला प्रकाश।
(ii) एक्स किरण तथा गामा किरण।
Right Answer is:

SOLUTION

(i) बैंगनी प्रकाश तथा पीला प्रकाश : यद्यपि दोनों विकिरणे प्रकाश के दृश्य स्पेक्ट्रम का भाग है। ये आवृत्ति(या तरंग दैर्ध्य) में परिवर्तित होते है।
(ii) एक्स किरण तथा गामा किरण: एक्स किरण परमाणु के आंतरिक कोश के इलेक्ट्रान के उत्तेजन द्वारा उत्पन्न होती है जबकि गामा किरण रेडियोएक्टिव नाभिक, कॉस्मिक विकिरण, तथा विनाशकारी प्रक्रियाओं द्वारा उत्पन्न होती है।


Q. 159051 दी गई तीव्रता का प्रकाश पोलेरॉइड पर आपतित हो रहा है। जब पोलेरॉइड को घुमाया जाता है, तो यह देखा गया कि प्रकाश की तीव्रता परिवर्तित होती है, तथा एक निश्चित विन्यास पर यह शून्य तक कम हो जाती है। आपतित प्रकाश की प्रकृति क्या है?
Right Answer is:

SOLUTION

आपतित प्रकाश पूर्णतया समतल ध्रुवित हो जाता है। जब आपतित प्रकाश के विद्युत क्षेत्र सदिश के कम्पन पोलेरॉइड के संचरण तल के समानान्तर होते है, तो यह पोलेरॉइड के माध्यम से संचरित होता है। जैसे ही पोलेरॉइड का विन्यास परिवर्तित किया जाता है, पोलेरॉइड का संचरण तल तथा विद्युत क्षेत्र सदिश के कम्पन अब और एक दूसरे के समानान्तर नहीं होते है तथा तीव्रता कम हो जाती है।


Q. 159052 एक एकल झिरी विवर्तन पैटर्न में, केंद्रीय अच्चिष्ठ की कोणीय चौड़ाई में परिवर्तन कैसे होता है, जब: - (a) झिरी की चौड़ाई कम हो जाती है। (b) झिरी तथा पर्दे के बीच की दूरी में वृद्धि होती है। (c) कम दृश्य तरंग दैर्ध्य के प्रकाश का उपयोग किया जाता है? प्रत्येक प्रकरण में अपना उत्तर सिद्ध कीजिए।
Right Answer is:

SOLUTION

उपरोक्त प्रश्न का उत्तर देने तथा समझाने के लिए हम निम्न सूत्र का उपयोग करेंगे:


Q. 159053 पूर्ण आंतरिक परावर्तन के संदर्भ में क्रांतिक कोण को परिभाषित कीजिए। काँच-वायु अन्तरापृष्ठ के लिए क्रांतिक कोण की गणना कीजिए, यदि काँच की सतह पर वायु में प्रकाश की किरण 15o से विचलित हो जाती है, जब आपतन कोण 45o होता है।
Right Answer is:

SOLUTION

क्रांतिक कोण: अभिलम्ब से मापा जाने वाला सबसे अधिक कोण जिस पर प्रकाश सघन माध्यम से विरल माध्यम में निकासित हो सकता है तथा अभिलम्ब पर सबसे लघु कोण जिस पर प्रकाश सघन माध्यम में पूर्ण रूप से परावर्तित हो जाता है उसे क्रांतिक कोण कहा जाता है।


Q. 159054 सर्दी के मौसम में, धुंध के कारण देखना कठिन हो जाता है क्योंकि


A. धुंध प्रकाश का परावर्तन करती है

Right Answer is: C

SOLUTION

चूंकि धुंध प्रकाश का प्रकीर्णन करती है, इस कारणवश प्रकाश की किरणें विभिन्न दिशाओं मे फैल जाती हैं तथा धुंध में देखना कठिन हो जाता है|


Q. 159055 एक व्यक्ति 4 मीटर प्रति सेकेंड की गति से समतल दर्पण की ओर चलता है। व्यक्ति के प्रतिबिंब की आपेक्षित गति व्यक्ति के सापेक्ष में निम्न में से कोनसी होगी?


A. 4 m/s

B. 8 m/s

C. 10 m/s

D. 2 m/s

Right Answer is: B

SOLUTION

प्रतिबिंब सदैव दर्पण के पीछे उतनी ही दूरी पर बनता है, जितना दूरी पर वस्तु दर्पण के सामने रखी होती है। इसलिए, वस्तु तथा उसका प्रतिबिंब दोनों एक ही वेग के साथ आगे बढ़ते हैं, परंतु विपरीत दिशा में। व्यक्ति के सापेक्ष में प्रतिबिंब की आपेक्षित गति = v + v= 2v


Q. 159056 न्यूटन के कणिका मॉडल के अनुसार निम्नलिखित में से कौन सा प्रकाश का गुण नहीं है?


A. प्रकाश एक सीधी रेखा में गमन करता है।

B. प्रकाश का वेग जल की तुलना में वायु के माध्यम में अधिक होता है

Right Answer is: B

SOLUTION

अपवर्तन की घटना को समझाने के लिए, न्यूटन ने कहा कि प्रकाश के कणों की गति हवा की तुलना में पानी या ग्लास में अधिक होनी चाहिए| यानी, प्रकाश के कणिका मॉडल से पता चलता है कि प्रकाश घनत्व माध्यम में तेजी से गमन करना चाहिए।


Q. 159057 यह निर्

इनमें से कौन सा गुण प्रकाश से संबन्धित नहीं है<div class= Right Answer is: B

SOLUTION

प्रकाश को गमन के लिए किसी माध्यम की आवश्यकता नहीं होती है।


Q. 159058 प्रकाश के अपवर्तन के दो नियमों के बारे में लिखिए।
Right Answer is:

SOLUTION

प्रकाश का अपवर्तन निम्न दो नियमों के अनुसार होता है-
1. आपतित किरण, अपवर्तित किरण तथा आपतन बिंदु पर अभिलम्ब तीनों एक ही तल में होते हैं।
2. दो निश्चित माध्यमों तथा दो निश्चित रंगों के प्रकाश के लिए आपतन कोण की ज्या तथा अपवर्तन कोण की ज्या का अनुपात एक नियतांक होता है।


Q. 159059 एक उत्तल लेंस की फ़ोकस दूरी कैसे बदलती है यदि एक के नीले वर्ण के प्रकाश के बजाय एक लाल वर्ण के प्रकाश का उपयोग किया जाता है?
Right Answer is:

SOLUTION


Q. 159060 किसी पारदर्शी पदार्थ का अपवर्तनांक, दृश्य प्रकाश के किस रंग के लिए सबसे अधिक तथा किस रंग के लिए सबसे कम होता है?
Right Answer is:

SOLUTION

किसी पारदर्शी पदार्थ का अपवर्तनांक, दृश्य प्रकाश के बैंगनी रंग के लिए अधिकतम तथा लाल रंग के लिए न्यूनतम होता है|


Q. 159061 किस दशा में एक लैंस की प्रथम फ़ोकस दूरी का मान उसकी द्वितीय फ़ोकस दूरी के मान के बराबर होते है।
Right Answer is:

SOLUTION

यदि लैंस के दोनों ओर के दोनों माध्यमों का अपवर्तनांक बराबर हो तो उसकी दोनो फ़ोकस दूरियों के मान बराबर होंगे।


Q. 159062 लेंस किसे कहते हैं?
Right Answer is:

SOLUTION

किसी अपवर्तक माध्यम का वह भाग जो दो गोलीय या एक गोलीय तथा एक समतल पृष्ठ से घिरा हो, को लेंस कहते हैं।


Q. 159063 भौतिक सिद्धांत का नाम दीजिए जिस पर प्रकाशिक तंतु आधारित है।
Right Answer is:

SOLUTION

प्रकाशिक तंतु, प्रकाश के पूर्ण आंतरिक परावर्तन की परिघटना पर आधारित है।


Q. 159064 अपवर्तनांक का मान किन कारणों पर निर्भर करता है?
Right Answer is:

SOLUTION

अपवर्तनांक निम्न कारणों पर निर्भर करता है: 1. दो माध्यमों की प्रकृति, तथा

2. उपयोग की गई प्रकाश का तरंगदैर्ध्य ।


Q. 159065 जब प्रकाश की किरण अपवर्तित होती है, तब इसकी आवृत्ति क्या होती है?
Right Answer is:

SOLUTION

आवृत्ति स्थिर रहती है।


Q. 159066 निर्वात में प

माध्यम के अपवर्तानांक को परिभाषित कीजिए <div class= Right Answer is:

SOLUTION

निर्वात में प्रकाश के वेग तथा माध्यम में प्रकाश के वेग का अनुपात, माध्यम का अपवर्तनांक कहलाता है।


Q. 159067 दो माध्यमों के सापेक्ष अपवर्तनांक का उनके निरपेक्ष अपवर्तनांक में क्या सम्बन्ध होता है?
Right Answer is:

SOLUTION


Q. 159068 एक पारदर्शी ठोस को समान अपवर्तनांक वाले द्रव में डालने पर क्या होगा?
Right Answer is:

SOLUTION

एक पारदर्शी ठोस को समान अपवर्तनांक वाले द्रव में डालने पर वह अदृश्य हो जायेगा। इसका कारण यह है कि ठोस तथा द्रव का अपवर्तनांक समान होने के कारण अपवर्तन नहीं होगा।


Q. 159069 काँच के एक 60o प्रिज़्म का अपवर्तनांक 1.5 है, तो अल्पतम विचलन के लिए आपतन कोण क्या होगा?
Right Answer is:

SOLUTION


Q. 159070 परावर्तन के नियम दीजिए।
Right Answer is:

SOLUTION

परावर्तन के दो नियम हैं :

1. परावर्तन कोण सदैव आपतन कोण के बराबर होता है।

2. आपतित किरण, परावर्तित किरण तथा परावर्तक पृष्ठ के आपतन बिंदु पर अभिलंब एक ही तल में होते हैं |


Q. 159071 क्रांतिक कोण के बारे में बताइए। क्रांतिक कोण किन चीज़ो पर निर्भर करता है?
Right Answer is:

SOLUTION

क्रांतिक कोण सघन माध्यम में वह आपतन कोण है जिसके लिए विरल माध्यम में अपवर्तन कोण 90o होता है|

क्रांतिक कोण का मान:

1. दोनों माध्यमों की प्रकृति तथा

2. प्रकाश के रंग पर निर्भर करता है।


Q. 159072 यदि काँच के एक पतले प्रिज़्म को पानी में डुबो दें तो सिद्ध कीजिए कि प्रिज़्म द्वारा उत्पन्न प्रकाश का न्यूनतम विचलन वायु के सापेक्ष केवल एक-चौथाई रह जायेगा
Right Answer is:

SOLUTION


Q. 159073 गोलीय दर्पणों के लिए कार्तीय चिन्ह परिपाटी दीजिए।
Right Answer is:

SOLUTION

गोलीय दर्पण के लिए कार्तीय चिन्ह परिपाटी :-

1. दर्पण पर आपतित प्रकाश किरणों की दिशा हमेशा बाईं ओर से दाईं ओर होती है।

2. आपतित प्रकाश की दिशा में मापी जाने वाली दूरियाँ धनात्मक ली जाती है।

3. आपतित प्रकाश की दिशा के विपरीत दिशा में मापी जाने वाली दूरियाँ ऋणात्मक ली जाती है।

4. मुख्य अक्ष के लम्बवत तथा ऊपर की ओर मापी जाने वाली दूरियाँ धनात्मक ली जाती है।

5. मुख्य अक्ष के लम्बवत तथा नीचे की ओर मापी जाने वाली दूरियाँ ऋणात्मक ली जाती है।


Q. 159074 प्रकाश के एक एकवर्णी स्रोत द्वारा प्रकाशित एक झिरी के कारण एक विवर्तन पैटर्न आरेखित कीजिए। तरंगदैर्ध्य 500 nm का प्रकाश,एक अनंत स्रोत से एक संकीर्ण झिरी जिसकी चौड़ाई 0.50 nm है पर गिरता है। झिरी से 2 m की दूरी पर रखे गए पर्दे पर, विवर्तन पैटर्न के केंद्रीय तरंग बैंड के दोनों तरफ,दो अदीप्त बैंडों के बीच की दूरी की गणना कीजिए।
Right Answer is:

SOLUTION

प्रकाश के एक एकवर्णी स्रोत द्वारा प्रकाशित एक झिरी के कारण एक विवर्तन पैटर्न है:


Q. 159075 तरंगाग्र क्या होते है? इनके महत्वपूर्ण गुणों का वर्णन कीजिए।
Right Answer is:

SOLUTION

माध्यम के सभी कणों द्वारा बना काल्पनिक पृष्ठ तरंगाग्र कहलाता है जिसमें स्थित सभी कण कम्पन की समान कला में होते है।

तरंगाग्र के गुण :

(i) तरंगाग्र पर सभी कण समान कला में कम्पन करते हैं।

(ii) सतत तरंगाग्रों के बीच नियत कलान्तर होता है।

(iii) तरंगाग्र तरंग की तरंग दैर्ध्य  के बराबर दूरी से पृथक होते हैं तथा इनके बीच का कलान्तर नियत होता है।

(iv) तरंग के संचरण की दिशा तरंगाग्र के लम्बवत होती है तथा यह प्रकाश किरण द्वारा प्रदर्शित किया जाता है।

(v) तरंगाग्र का आकार स्त्रोत की प्रकृति के अनुसार परिवर्तित होता है। बिन्दु स्त्रोत से उत्पन्न तरंगे गोलीय तरंगाग्र के रूप में होती है। स्त्रोत से उत्पन्न ये तरंगे अनंत पर तथा समतल तरंगाग्र के रूप में विशेष दिशा में गुजरती है। जब प्रकाश स्त्रोत रेखीय होता है, बेलनाकार अक्ष बनाने के लिए तरंगाग्र स्त्रोत के साथ प्रकृति में बेलनाकार होता है।


Q. 159076
Right Answer is:

SOLUTION

व्यतिकरण वह परिघटना है जिसमें एक माध्यम में प्रकाश ऊर्जा का पुनर्वितरण दो कला-सम्बद्ध स्रोतों से प्रकाश तरंगों के अध्यारोपण के कारण होता है। व्यतिकरण दो प्रकार के हो सकता हैं: - 1. सम्पोशी व्यतिकरण। 2. विनाशी व्यतिकरण। दिया गया है कि,


Q. 159077 निम्नलिखित चित्र प्रकाश के व्यतिकरण को देखने के लिए यंग के द्विझिरी प्रयोग के समान एक प्रायोगिक अवस्था दिखाता है। यहाँ SS2-SS1= ,(i) सम्पोशी (ii) विनाशी, व्यतिकरण की स्थिति लिखिए पथांतर के संदर्भ में किसी भी बिंदु P पर। क्या इस प्रायोगिक अवस्था में केंद्रीय फ्रिंज O बिंदु के ऊपर अथवा नीचे होगी? अपने उत्तर के समर्थन में कारण दीजिए।
Right Answer is:

SOLUTION


Q. 159078 एक इलेक्ट्रॉन परमाणु कक्षा n = 1 से कक्षा n = 4 तक अपनी स्थिति बदलता है, अवशोषित विकिरण का तरंगदैधर्य है-(R = रिडबर्ग का नियतांक)


A.

B.

C.

D.

Right Answer is: A

SOLUTION


Q. 159079 एक ऐल्फ़ा कण में होता है -


A. आवेश + e

B. आवेश -2e

C. एक ड्यूट्रान के समान द्रव्यमान

D. एक ड्यूट्रान के समान द्रव्यमान तथा अनुपात का आवेश

Right Answer is: D

SOLUTION

ड्यूट्रान परमाणु का आवेश = e ड्यूट्रान परमाणु का द्रव्यमान = 2mp ड्यूट्रान परमाणु का द्रव्यमान अनुपात का आवेश = e/2mp एक ऐल्फ़ा कण का आवेश = 2e एक ऐल्फ़ा कण का द्रव्यमान = 4mp ऐल्फ़ा कण के द्रव्यमान अनुपात का आवेश = 2e/4mp = e/2mp  


Q. 159080


A. लाइमैन

B. बामर

C. पाशन

D. ब्रैकेट

Right Answer is: B

SOLUTION

तरंगदैर्ध्य जो कि परमाण्विक स्पेक्ट्रम में विशेष समुच्चयों में उपस्थित होते हैं, स्पेक्ट्रमी श्रेणी कहलाते हैं। प्रत्येक श्रेणी में तरंगदैर्ध्य को एक सरल आनुभविक सूत्र द्वारा निर्दिष्ट किया जा सकता है जिसमें विभिन्न श्रेणियों के सूत्र के बीच महत्वपूर्ण समानता होती है तथा अवयव के पूर्ण स्पेक्ट्रम शामिल होते हैं। जेकब बामर ने हाइड्रोजन स्पेक्ट्रम के दृश्य भाग में इस प्रकार की पहली श्रेणी को देखा। इस श्रेणी को बामर श्रेणी कहते हैं|


Q. 159081 जब एक हाइड्रोजन परमाणु में इलेक्ट्रॉन सबसे भीतरी कक्षा में प्रवेश करते हैं, तो उत्सर्जित विकिरण निम्नलिखित श्रेणी में से किस से सम्बंधित हैं? -


A. पाशन

B. बामर

C. लाईमैन

D. ब्रैकेट

Right Answer is: C

SOLUTION

लाईमैन श्रेणी तब प्राप्त की जाती है जब कोई इलेक्ट्रॉन किसी बाहरी कक्षा से पहली कक्षा (n1=1) तक आता है।


Q. 159082 हाइड्रोजन परमाणु की निम्नतम अवस्था में ऊर्जा 13.6 eV है। इस अवस्था में इलेक्ट्रॉन की स्थितिज ऊर्जा क्या है?


A. 0 eV

B. -27.2 eV

C. 1 eV

D. 2 eV

Right Answer is: B

SOLUTION

निम्नतम अवस्था में ऊर्जा = P.E + K.E -13.6 eV = -2 E + E = - E इस प्रकार, E = 13.6 eV निम्नतम अवस्था में P.E = -2 E = - 27.2 eV


Q. 159083 हाइड्रोजन परमाणु का आयनन विभव 13.6 eV है। पहली उत्तेजित अवस्था में हाइड्रोजन परमाणु को आयनित करने के लिए कितनी ऊर्जा की आपूर्ति की जानी चाहिए?


A. 13.6 eV

B. 27.2 eV

C. 3.4 eV

D. 6.8 eV

Right Answer is: C

SOLUTION

nth अवस्था की आयनन ऊर्जा – En = (13.6)/n2 eV
पहली उत्तेजित अवस्था के लिए n = 2 और उस अवस्था में ऊर्जा है [ 13.6 / 22] eV = 3.4 eV


Q. 159084 बैंड स्पेक्ट्रम उत्सर्जित होते हैं -


A. H द्वारा

B. He द्वारा

C. H2 द्वारा

D. Na द्वारा

Right Answer is: C

SOLUTION

बैंड स्पेक्ट्रम अणुओं का गुण है|


Q. 159085


A.

B.

C.

D.

Right Answer is: C

SOLUTION


Q. 159086 निम्नलिखित में से रिडबर्ग नियतांक का गुण है -


A. यह सार्वत्रिक नियतांक है

Right Answer is: B

SOLUTION


Q. 159087 क्लासिकी सिद्धांत के अनुसार परमाणु का रदरफोर्ड मोडल में प्रस्तावित वृतीय पथ होगा –


A.

वृतीय

B. सीधी रेखा

C. परवलयिक

D. सर्पिल पथ

Right Answer is: D

SOLUTION

ऊर्जा के लगातार क्षय के कारण इलेक्ट्रॉन नाभिक की ओर एक सर्पिल पथ के साथ आगे बढ़ेगा।


Q. 159088 परिकल्पित बोर हाइड्रोजन परमाणु में इलेक्ट्रॉन का द्रव्यमान दोगुना कर दिया जाता है । प्रथम कक्षा की ऊर्जा Eo तथा त्रिज्या ro होगी (ao बोर त्रिज्या है)


A. Eo = - 27.2 eV ; ro = ao / 2

B. Eo = - 27.2 eV ; ro = ao

C. Eo = - 13.6 eV ; ro = ao / 2

D. Eo = - 13.6 eV ; ro = ao

Right Answer is: A

SOLUTION

r ∝ (1/ m), ro = (1/2) ao E ∝ m, Eo = 2 (-13.6) eV = - 27.2 eV


Q. 159089 इलेक्ट्रॉन तथा प्रोटोंस पर आवेश का मान आधा कर दिया जाता है
Right Answer is: D

SOLUTION

Re ∝ e4, जहाँ e = इलेक्ट्रॉन पर आवेश


Q. 159090


A.

B.

C.

D.

Right Answer is: C

SOLUTION


Q. 159091 एक-परमाणुक हाइड्रोजन की एक गैस पर इलेक्ट्रॉनों के प्रवाह से में बमबारी की जाती है जो 12.75 वोल्ट के विभवान्तर से, विरामावस्था से त्वरित होते हैं
Right Answer is: D

SOLUTION

इलेक्ट्रॉन प्रवाह की ऊर्जा = 12.75 eV| इलेक्ट्रॉन की निम्नतम अवस्था ऊर्जा है –13.6 eV यह ऊर्जा अर्जित होगी तथा कुल ऊर्जा है  –13.6 + 12.75 = –0.85 eV| चौथी कक्षा में इलेक्ट्रॉन की ऊर्जा के सांगत है।  जब इलेक्ट्रॉन चौथी कक्षा से नीचे की कक्षा तक जाता है तो यह ऊर्जा को उत्सर्जित करेगा।


Q. 159092 बोर ने अपना सिद्धांत प्रस्तुत करने की लिए प्रयोग किया -


A. रैखिक संवेग का संरक्षण

B. कोणीय संवेग का संरक्षण

C. क्वांटम आवृत्ति का संरक्षण

D. ऊर्जा का संरक्षण

Right Answer is: B

SOLUTION


Q. 159093 एक परमाणु की सबसे भीतरी कक्षा में इलेक्ट्रॉन का वेग है -


A. शून्य

B. मध्य

C. न्यूनतम

D. उच्चतम

Right Answer is: D

SOLUTION

एक परमाणु की कक्षा में इलेक्ट्रॉन का वेग कक्षा की त्रिज्या के व्युत्क्रमानुपाती है।


Q. 159094

हाइड्रोजन परमाणु की आयनन ऊर्जा ज्ञात कीजिए<div class= Right Answer is:

SOLUTION


Q. 159095
Right Answer is:

SOLUTION


Q. 159096 हाइड्रोजन स्पेक्ट्रम की विभिन्न श्रेणियों के लिये तरंगदैर्ध्‍य का सूत्र लिखिये। हाइड्रोजन परमाणु की प्रथम व सीमा रेखा के तरंगदैर्ध्‍य भी ज्ञात कीजिये।
Right Answer is:

SOLUTION


Q. 159097 बोहर की स्‍वयंसिद्धि का प्रयोग करते हुए, उत्‍सर्जित विकिरण की आवृत्ति के लिए व्‍यंजक ज्ञात करिए, जबकि हाइड्रोजन परमाणु में इलेक्‍ट्रॉन उच्‍च उर्जा अवस्‍था (क्‍वांटम संख्‍या ni) से निम्‍न अवस्‍था (nf) में अवस्‍थांतर से गुजरता है।
जब हाइड्रोजन परमाणु में इलेक्‍ट्रॉन, उर्जा अवस्‍था ni =4 से ni =3,2,1 में जाता है, तो उस वर्णक्रमीय श्रृंखला की पहचान करें, जो उत्‍सर्जन रेखा से सम्‍बन्धित है।
Right Answer is:

SOLUTION

एक इलेक्‍ट्रॉन उर्जा उत्सर्जित करता है जो कि, एक परमाणु द्वारा उच्च उर्जा अवस्था से निम्न उर्जा अवस्था में संक्रमण करतें समय, दो उर्जा स्तरों के बिच के अंतर के बराबर होता है| गणितीय रूप में,


Q. 159098 नाभिकीय रिएक्टर का संचालन क्रांतिक होता है, यदि गुणन कारक का मान


A. 1 होता है

Right Answer is: A

SOLUTION

किसी स्तर पर निकले न्यूट्रॉनों के द्वारा विखंडनों की संख्या का उसके पिछले स्तर पर निकले न्यूट्रॉनों के द्वारा विखंडनों की संख्या के साथ अनुपात, को गुणन कारक कहते हैं|
 


Q. 159099


A.

B.

C.

D.

Right Answer is: B

SOLUTION

ऐल्फा क्षयता के दौरान, मूल नाभिक की द्रव्यमान-संख्या 4 से कम हो जाती है तथा परमाणु संख्या 2 से कम हो जाती  है।
बीटा क्षयता के दौरान, मूल नाभिक के परमाणु संख्या 1 से बढ़ हो जाती  है।
गामा क्षयता के दौरान, मूल नाभिक के द्रव्यमान-संख्या तथा परमाणु संख्या में कोई परिवर्तन नहीं होता है|  


Q. 159100 नाभिकीय विखंडन के लिए सबसे उपयुक्त तत्व का परमाणु द्रव्यमान क्या होगा?


A. 11

B. 21

C. 92

D. 52

Right Answer is: D

SOLUTION

प्रति न्यूक्लियॉन बंधन-उर्जा, तत्व A 52 के लिए अधिकतम है।
इसलिए, यह परमाणु विखंडन के लिए सबसे उपयुक्त है।


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