वैश्विक शहर वैश्विक आर्थिक सिस्टम के नियंत्रक और कमान केंद्र होते हैं|
विश्व के तीन वैश्विक शहर इस प्रकार हैं:
1. लंदन
2. न्यू यार्क
3. टोक्यो

पर्यटन एक यात्रा है जो व्यापार की बजाय प्रमोद के उद्देश्यों के लिए की जाती है। कुल पंजीकृत रोजगारों तथा कुल राजस्व; सकल घरेलू उत्पाद का 40 प्रतिशतद्ध की दृष्टि से यह विश्व का अकेला सबसे बड़ा (25 करोड़) तृतीयक क्रियाकलाप बन गया है। इनके अतिरिक्त पर्यटकों के आवास, भोजन, परिवहन, मनोरंजन तथा विशेष दुकानों जैसी सेवा उपलब्ध कराने के लिए अनेक स्थानीय व्यक्तियों को नियुक्त किया जाता है। पर्यटन अवसंरचना उद्योगों, फुटकर व्यापार तथा शिल्प उद्योगों को पोषित करता है।
आधुनिक आर्थिक विकास में सेवाएँ एक महत्वपूर्ण तत्व होती हैं| उन्नत देशों में, सेवाएँ तीव्र गति से विकसित हो रही हैं तथा अधिक से अधिक लोग विनिर्माण क्षेत्र की अपेक्षा सेवा क्षेत्रों में रोजगार प्राप्त कररहे हैं| विकासशील देशों में भी, द्वितीयक क्षेत्रों की अपेक्षा सेवा क्षेत्र अधिक संख्या में लोगों को अपनी ओर आकर्षित कर रहा है| ऐसा मुख्य रूप से इसलिए होता है क्योंकि द्वितीयक क्षेत्रों की अपेक्षा सेवा क्षेत्रों में प्रति व्यक्ति आय अधिक है, जिससे लोग एक आरामदायक जीवन जी सकें| लेकिन अवस्था यह नहीं है| यदि आप असंगठित सेवा में कार्य करते हैं, जिससे नगरों के बेरोजगार ग्रामीण प्रवासियों को लाभ होता है| उन्हें अधिक घंटे कार्य करने के बाद भी कम मजदूरी दी जाती है| विकासशील देशों में अधिकतर महिलायेंअशिक्षित हैं| कम आर्थिक विकास के कारण, इन देशों में जन्म दर अधिक है| इसलिए, अधिकतर गरीब परिवारों में कई बच्चे होते हैं और वे अपने बच्चों को कम मजदूरी पर कार्य करने के लिए भेजते हैं| गृहणियां और बच्चे इन सेवा क्षेत्रों में शामिल नहीं होते हैं| इस प्रकार, हम कह सकते हैं कि विकासशील देशों में सेवा क्षेत्र विकसित देशों की अपेक्षा धीमी गति से विकसित हो रहे हैं|
सेवाएँ विभिन्न स्तरों पर दी जाती हैं, उनमें से कुछ उद्योगों के लिए होती हैं, कुछ लोगों के लिए होती हैं; जैसे सलाहकार और चिकित्सकों की तुलना में परिवहन तंत्र, किराने की दुकानें और कपड़े धोने के स्थान अधिक बड़े स्तर पर होते हैं| सेवाएँ उन व्यक्तिगत उपभोक्ताओं को प्रदान की जाती हैं, जो इनके खर्च को वहन कर सकें| उदहारणके लिए: माली, धोबी और नाई प्राथमिक शारीरिक श्रम करते हैं| अध्यापक, वकील और अन्य मानसिक श्रम करते हैं|
कई सेवाएं अब विनियमित की जा चुकी हैं| जैसे: राजमार्गों, पुलों का निर्माण और रख-रखाव, अग्निशमन विभाग का रख-रखावऔर शिक्षा प्रदान करना और उसका पर्यवेक्षण करना तथा सरकार या कंपनियों द्वारा दी जाने वाली ग्राहक सेवा| राज्य और संघ के कानूनों ने सेवाओं; जैसे परिवहन, दूरसंचार, विद्युत और जल आपूर्ति के विपणन की निगरानी और नियंत्रण के लिए निगमों को स्थापित किया है| स्वास्थ्य, अभियांत्रिकी, विधि (कानून) और प्रबंधन व्यावसायिक सेवाओं के अंतर्गत आती हैं|
संचार सेवाओं में शब्द और संदेशों, तथ्य और विचारों का हस्तानान्तरण शामिल है| व्यक्तिगत संदेशों को लिखने का आविष्कार यातायात के माध्यमों पर आधारित संचार स्थापित करने में मदद करता है| जहाँ नेटवर्क बेहतर है, वहां पर संचार संपर्क आसानी से स्थापित किया जा सकता है| मोबाइल दूरभाष और उपग्रहों के विकास ने स्वतंत्र संचार स्थापित किया है| दूरसंचार के विकास के कारण संचार के क्षेत्र में क्रांति आ गयी है| रेडियो और टेलीविज़न समाचार व चित्रों को एक विस्तृत दर्शकों तक पहुँचाने में मदद करते हैं| उपग्रह संचार अंतरिक्ष से पृथ्वी की सूचनाएँ प्रसारित करते हैं| इन्टरनेट ने वास्तव में वैश्विक संचार प्रणाली में क्रांति ला दी है|
विश्व
के कुल मोटर
मार्गों की
लंबाई केवल 150 लाख
किमी० है|
इसका 33
प्रतिशत
अकेले
उत्तरी अमेरिका
में है|
B.
50 मी० C.
65 मी० D.
80 मी०
राजमार्ग
सामान्यतः 80 मी०
चौड़े होते
हैं|
B.
1825 C.
1875 D.
1900 पहला सार्वजनिक रेलपथ 1825 में उत्तरी इंग्लैण्ड में स्टॉकटन और डिर्लिंगटन के मध्य खुला था| इसके बाद 19वीं शताब्दी में रेलवे परिवहन सबसे लोकप्रिय और तीव्र माध्यम बन गया| B.
इस्ताम्बुल
तक C.
बुडापेस्ट
तक D.
बेलग्रेड
तक
ओरियंट
एक्सप्रेस
स्ट्रासबर्ग,
म्यूनिख, विएना,
बुडापेस्ट
और बेलग्रेड
से होती हुई
पेरिस से
इस्ताम्बुल
तक चलती है|
B.
1866 C.
1854 D.
1872
स्वेज
नहर विश्व का
सबसे प्रमुख
जलमार्ग है| इसका
निर्माण
कार्य वर्ष 1869
में पूर्ण
हुआ था|
B.
संयुक्त
राज्य
अमेरिका में C.
कनाडा
में D.
रूस
में
सबसे
घना रेलपथ
नेटवर्क
संयुक्त
राज्य अमेरिका
में है| यह 278.3/100 वर्ग
किमी०
क्षेत्र में
फैला हुआ है|
B.
मथुरा
रोड C.
आसिफ
अली मार्ग D.
बहादुरशाह
जफ़र मार्ग
राष्ट्रीय
राजमार्ग 1 और 2
का निर्माण
शेरशाह सूरी
से करवाया था|
जनसंख्या
B.
शिपिंग
और
वायुमार्ग C.
भूमि
D.
परंपरा
मांग
और परिवहन
पर्यटन को
प्रभावित
करते हैं|
देश
के आकार से B.
अर्थव्यवस्था
के आकार से C.
कृषि
भूमि के आकार
से D.
जनसंख्या
के आकार से
परिवहन
की माँग
जनसंख्या के
आकार से
प्रभावित
होती है।
जनसंख्या का
आकार जितना
बड़ा होगा परिवहन
की माँग उतनी
ही अधिक
होगी।
शिक्षा
की B.
प्रौद्योगिकी
की C.
लोगों
के
स्वास्थ्य
की D.
शिल्प
उद्योगों की
पर्यटन;
आधारभूत
उद्योगों,
खुदरा
व्यापार और
शिल्प
उद्योगों की
वृद्धि में
सहायक है|
द्वितीयक
और तृतीयक
क्रियाकलापों
में मुख्य
अंतरयह है कि
विशेषज्ञ तृतीयक
क्रियाकलाप
प्रदान करते
हैं, जो
उत्पादन
तकनीक,
मशीनरी व फैक्ट्री
प्रक्रियाओं
की अपेक्षा
विशेष कौशल
और अनुभव व
क्रमिकों के
ज्ञान पर
निर्भर करता
है| विभागीय भंडार वस्तुओं की खरीद और भंडारों के विभिन्न अनुभागों में बिक्री के सर्वेक्षण के लिए विभागीय प्रमुखों को उत्तरदायित्व और प्राधिकार सौंप देते हैं। एक नोड दो अथवा अधिक मार्गों का संधि-स्थल, एक उद्गम बिंदु, एक गंतव्य बिंदु अथवा मार्ग का मिलान बिंदु होता है| प्रत्येक सड़क जो दो नोडों को जोड़ती है, योजक कहलाती है। चतुर्थ क्रियाकलापों में सूचना का संग्रहण, उत्पादन और प्रकीर्णन अथवा उत्पादन शामिल है| ये अनुसंधान, विकास और सेवाओं के उन्नत प्रकार पर केन्द्रित होती हैं|
उद्यमी चतुर्थ
एवं पंचम
क्षेत्र के
सशक्त
कार्यकर्ता
होते हैं| ये
जीवन की
गुणवत्ता,
रचनात्मकता
में विश्वास
और
व्यक्तिगत
महत्वों पर
बल देते हैं|
परिवहन
दूरी को
किलोमीटर या
मार्ग की
वास्तविक
दूरी में
मापा जा सकता
है| पंचम क्रियाकलाप वे सेवाएँ हैं जो नवीन एवं वर्तमान विचारों की रचना, उनके पुनर्गठन और व्याख्या; आँकड़ों की व्याख्या और प्रयोग तथा नई प्रौद्योगिकी का मूल्यांकन पर केन्द्रित होती हैं।
विश्वविद्यालय
शिक्षण चतुर्थ
सेवाओं का एक
उदाहरण है|
चतुर्थ
सेवाओं में
सूचनाओं का
संग्रहण,
उत्पादन और
विस्तार शामिल
है| चतुर्थ
क्रियाकलाप
अनुसंधान और
विकास पर
केन्द्रित
होती हैं तथा
इसमें
विशिष्ट
ज्ञान,
तकनीकी कौशल
और
प्रशासनिक
क्षमता के साथ
सेवाओं का
विशेष रूप
शामिल होता
है|
सेवाओं
के प्रमुख
अवयव
विज्ञापन,
कानूनी सेवा,
जनसंपर्क और
परामर्शी
हैं|
बाह्यस्रोतनसे
तात्पर्य कममूल्य
और बेहतर
गुणवत्ता के
लिए किसी
बाहर की
एजेंसी को
कार्य
सौंपना है| भूमध्यसागरीय तट के चारों ओर कोष्ण स्थान तथा भारत का पश्चिमी तट विश्व के लोकप्रिय पर्यटक गंतव्य स्थानों में से हैं।
फुटकरव्यापार
से संबंध माल
का विक्रय प्रत्यक्ष
रूप से
विक्रेताओं
को करना से है|हस्तशिल्प,
डाक, टेलीफोन,
इंटरनेट
द्वारा माल मंगाने
का आर्डर आदि
द्वारा
गैर-दुकान
थोक बिक्री
होती है|
नवोन्मेष
एक नयी सोच
होती है|
इसमें अधिक
प्रभावी
यंत्र अथवा
प्रक्रिया
होती है, जिसे
अधिक
प्रभावी उत्पाद,
सेवाओं,
तकनीकों आदि
से पूर्ण
किया जाता है|
द्वितीयक
क्रियाकलापों
में उच्च
स्तर के नवोन्मेष
की आवश्यकता
होती है|
भारत
के
मेट्रो-शहरों
में सेवा
क्षेत्र
सर्वाधिक
रोजगार
उपलब्ध कराता
है|
बाह्यस्रोतनका
अर्थ
विकासशील
देशों में बाहरी
एजेंसियों
को कार्य
देना है| ऐसा
अपनी कार्य
करने की
क्षमता को
बेहतर बनाने
के लिए तथा
उनके अपने
देश में
उत्पादित
सेवाओं के
मूल्य को कम
करने के लिए
किया जाता
है|व्यावसायिक
गतिविधियाँ बाह्यस्रोतित
होती हैं|
जैसे; BPO,KPO
और सूचना
प्रौद्योगिकी,
मानव संसाधन
तथा कॉल
सेंटर की
सेवाएं|बाह्यस्रोतनसे
भारत, चीन,
इजराइल तथा
कोस्टारिका जैसे
देशों में
कॉल सेंटरों
की संख्या
में बढ़ोत्तरी
हुई है|
व्यापारिक
केन्द्र
कस्बे या शहर
होते हैं, जो
किसी अन्य
स्थान से उत्पादों
की
खरीद-फरोख्त
और बिक्री
में लगे होते
हैं| इन
व्यापारिक
केन्द्रों
को निम्न
उपभागों में विभाजित
किया जा सकता
है: ग्रामीण
और नगरीय बाजार
केंद्र| i. दक्षिणी अमेरिका - ब्राजील में आमेज़न बेसिन स्थायी कृषि मुख्य रूप से उष्ण, आद्र, निम्न क्षेत्रो में, निम्न भूमियों में, अर्द्ध-उष्ण और शीतोष्ण कटिबंधीय पठारों पर तथा उष्णकटिबंधीय पहाडी पर की जाती है। इस प्रकार की कृषि भारत के असाम, नागालेंड, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश, मध्यप्रदेश, पश्चिमी घाट तथा राजस्थान के दक्षिणी-पश्चिमी भाग में की जाती है। यहाँ आदिवासी इस प्रकार की कृषि करते हैं। (i) वे प्रदेश जिनमे मुख्य रूप से केवल पशुपालन किया जाता है। खनन आर्थिक उद्देश्यों के लिए खनिजों की निकासी को दर्शाता है। खनन एक बहुत पुरानी आर्थिक गतिविधि और खनिज और धातुओं की संख्या है जो पृथ्वी से निकाले जाते है वे लौह अयस्क, बॉक्साइट, मैंगनीज, सोना, चांदी, चूना पत्थर, क्वार्ट्ज है। खनन का वास्तविक विकास औद्योगिक क्रांति के साथ शुरू हुआ और इसके महत्व लगातार बढ़ रहा है। निष्कर्षण के साधनो और अयस्क की प्रकृति पर निर्भर करता है खनन दो प्रकार का होता है: सतह और भूमिगत खनन। आयरन सबसे महत्वपूर्ण धातु है और यह वर्तमान अर्थव्यवस्था की रीढ़ की हड्डी के रूप में माना जाता है क्योंकि इसका औद्योगिक और निर्माण गतिविधियों में कठोरता; स्थायित्व; लोच के कारण बहुत काम आता है और इसे किसी भी आकार में ढाला जा सकता है। लौह कच्चे रूप में प्रकृति में पाया जाता है जो अयस्क के रूप में मिट्टी के रूप में जाना जाता है। लौह अयस्क अलग-अलग प्रकार के होते हैं: 1. हेमटाइट 2. मैग्नेटाइट 3. चूना पत्थर 4. साइडरिट। वन के किसी भाग को जलाकर साफ कर लिया जाता है। उस पर कृषि करने के पश्चात जब उसकी उर्वरा शक्ति नष्ट हो जाती है। तब एक अथवा दो वर्ष पश्चात उस कृषि क्षेत्र को छोडकर किसी और नई भूमि की खोज की जाती है और वहाँ कृषि की जाती है। इस प्रकार की कृषि में मक्का, ज्वार-बाजरा, जमीकंद तथा रतालू उत्पन्न किये जाते हैं । कृषि कार्यों के लिए किसी प्रकार के हल आदि की आवश्यकता नहीं होती, केवल खुरपी से ही भूमि खोदकर बीज डाल दिये जाते है। डेयरी दुधारू पशुओं के पालन का सबसे उन्नत और कुशल प्रकार है। यह पूँजी गहन है। पशु शेड, चारे के लिए भंडारण की सुविधा, चारा खिलाने और दुधारू मशीनों के लिए डेयरी फार्मिंग की लागत को जोड़ सकते हैं। विशेष जोर, पशु प्रजनन स्वास्थ्य देखभाल और पशु चिकित्सा सेवाओ पर है। यह अत्यधिक श्रम गहन है इसमें भोजन और दुधारू पशुओ की कठोर देखभाल शामिल है। इसका फसल जुटाने के मामले में वर्ष के दौरान ऑफ सीजन नहीं होता है। इसका अभ्यास शहरी और औद्योगिक केंद्रों के पास किया है जो ताजा दूध और डेयरी उत्पादों के लिए पड़ोस के बाजार प्रदान करते हैं। परिवहन के विकास, प्रशीतन, पास्चुरीकरण और अन्य संरक्षण प्रक्रियाओं ने विभिन्न डेयरी उत्पादों के भंडारण की अवधि बढ़ा दी है। लौह-अयस्क आधुनिक युग में सबसे महत्वपूर्ण और उपयोगी धातु है। प्रत्येक देश की आर्थिक समृद्धि और रक्षा क्षमता काफी हद तक लोहे पर निर्भर करती है। अच्छा लौह अयस्क निम्न देशों में पाया जाता है: 1. सीआईएस: रूस, यूक्रेन, कजाकिस्तान पहली रैंक पर है। वे दुनिया में लौह अयस्क के कुल उत्पादन का लगभग 27% का उत्पादन करते है। 2. चीन: यह लौह अयस्क के उत्पादन में शीर्ष स्थान पर है। 2003 में इसने 25 से अधिक करोड़ टन का उत्पादन किया। 3. ऑस्ट्रेलिया: यह तीसरे स्थान पर है। 4. भारत: यह चौथे स्थान पर है। महत्वपूर्ण उत्पादक राज्य बिहार, मध्य प्रदेश, कर्नाटक, उड़ीसा और गोवा हैं। इसके अलावा लौह अयस्क स्वीडन, फ्रांस, जर्मनी और ब्रिटेन में भी पाया जाता है।
निर्वाह कृषि : इस प्रकार की कृषि में कृषि क्षेत्र में रहने वाले स्थानीय लोग उत्पादों के संपूर्ण अथवा आंशिक भाग का उपयोग करते हैं। इसको दो भागों में वर्गीकृत किया जा सकता है : विशेषताएँ – (ख) गहन निर्वाह कृषि - यह कृषि मुख्यतः एशिया के धनी जनसंख्या वाले देशों में की जाती है । इसमें चीन, भारत, पाकिस्तान, बांग्लादेश, दक्षिण-पूर्वी एशियाई देश तथा जापान सम्मिलित हैं। जल-प्राप्ति के आधार पर कृषि के प्रकार जिन प्रदेशो में वर्षा का औसत 200 सेमी से अधिक होता है। वहाँ चावल उत्पन्न किया जाता है। चावल की दो से तीन फसलें उत्पन्न की जाती हैं। इस प्रकार की कृषि भारत, श्रीलंका, बांग्लादेश, पाकिस्तान, उत्तरी मंगोलिया, दक्षिणी कोरिया आदि देशों में की जाती है। भूमध्यसागरीय प्रकार की कृषि का विकास भूमध्यसागरीय जलवायु प्रदेशो में किया जाता है। यहाँ सर्दियों में वर्षा होती है, और ग्रीष्मऋतु सूखी रहती है। अत: यहाँ शीत-ऋतु और ग्रीष्म ऋतु में दो प्रकार की उपज उत्पन्न की जाती है। कुटीर
उद्योग B.
उपभोक्ता
उद्योग C.
आधारभूत
उद्योग D.
स्वच्छंद
उद्योग
जिन
उत्पादों का
उपयोग अन्य
माल तैयार
करने के लिए
किया जाता है,
आधारभूत
उद्योग
कहलाते हैं|
लौह और
इस्पात
उद्योग एक
आधारभोत
उद्योग है|
पेट्रोलियम
B.
कोयला
C.
पनविद्युत D.
हवाएं
प्राचीन
समय में,
कोयला
उद्योगों के
लिए ऊर्जा के
मुख्य स्रोत
के रूप में
कार्य करता
था आज के समय
में
पनविद्युत
और
पेट्रोलियम
कई उद्योगों
के लिए ऊर्जा
के मुख्य
स्रोत की
भांति कार्य
करते हैं|
लघु
उद्योग B.
कुटीर
उद्योग C.
बड़े
पैमाने के
उद्योग D.
उच्च
तकनीक
उद्योग
कुटीर
उद्योग
घरेलू
उद्योग होते
हैं| इसमें अपनी
जीविका
कमाने के लिए
स्थानीय
शिल्पकार कार्य
करते हैं|
कुटीर
उद्योग B.
लघु
उद्योग C.
बड़े
पैमाने के
उद्योग D.
विनिर्माण
उद्योग
कुटीर
उद्योग एक
हस्तशिल्प
उद्योग है|
इसमें शिल्पकार
काम करते हैं|
B.
‘स्टील
का कटोरा’ C.
‘जंग
का कटोरा’ D.
‘कोयले
का कटोरा’
पीट्सबर्ग
क्षेत्र का
महत्त्व अब
घट रहा है एवं
इस क्षेत्र
को ‘जंग
का कटोरा के
नाम से
पुकारा जाता
है।
B.
T. टेर्नब
C.
S. जैन्सन
D.
P. पीटरसन
सिलिकॉन
वैली के
विकास का
श्रेय T. टेर्नब को
दिया जाता है|
B.
चार
राज्यों से C.
पांच
राज्यों से D.
छह
राज्यों से
छोटा
नागपुर का
पठारीय
क्षेत्र
पूर्वी भारत में
स्थित है|
इसका अधिकतर
भार झारखंड
और उड़ीसा के
कुछ भागों,
पश्चिम बंगाल,
बिहार और
छत्तीसगढ़ से
घिरा हुआ है|
जल
परिवहन का एक
प्रमुख लाभ
यह है कि
इसमें मार्ग
की आवश्यकता
नहीं होती है|
यह स्थल की
तुलना में अधिक
सस्ता होता
है| जल परिवहन
में ऊर्जा की
लागत भी बहुत
कम आती है|
जलमार्गों
के दो प्रकार
अंतर्देशीय
जलमार्ग और
समुद्री
मार्ग हैं|
भारत,
जापान और चीन
में सघन रेल
लाइनें
व्याप्त हैं|
राष्ट्रीय
राजमार्ग-7, जो
वाराणसी को
कन्याकुमारी
से जोड़ता है,
भारत का सबसे
लम्बा
राष्ट्रीय
राजमार्ग है| घोड़े, कुत्ते, रेनडियर और ऊँट भारवाहक पशु हैं| घोड़ों का प्रयोग पश्चिमी देशों में भी भारवाही पशुओं के रूप में किया जाता है। कुत्तों एवं रेंडियरों का प्रयोग उत्तरी अमेरिका, उत्तरी यूरोप और साइबेरिया के हिमाच्छादित मैदानों में स्लेज को खींचने वेफ लिए किया जाता है। ऊँटों का प्रयोग मरुस्थलीय क्षेत्रों में कारवाओं के संचालन में किया जाता है।
स्टॉकटन
और
डिर्लिंगटन
रेलवे लाइन
ऐसी पहली
सार्वजनिक
रेलवे लाइन
थी, जिसने
विश्व
परिवहन में
क्रांति ला
दी|
1) मौजूदा
रेलवे
परिवहन
तंत्र में
सुधार की
आवश्यकता
व्यापार और
वाणिज्यिक
विकास के
कारण पड़ी| 2) उद्योगों
के तेजी से
विकास के
कारण भी
मौजूदा
परिवहन
तंत्र में सुधार
की आवश्यकता पड़ी|
वैंकूवर, सैन
फ्रांसिस्को,
लॉस
एंजेल्स,
कोबे(उत्तरी
अमेरिका),
शंघाई,
सिंगापुर और
हांगकांग(एशिया)
उत्तरी
प्रशांत
महासागर
मार्ग के
महत्वपूर्ण
पत्तन हैं|
पत्तनों
के चारों ओर
के
क्षेत्रों
को पृष्ठप्रदेशों
की संज्ञा दी
जाती है|
उत्तरी
प्रशांत
महासागर
मार्ग
द्वारा सम्बद्ध
प्रमुख
पत्तन इस
प्रकार हैं: 1) उत्तरी
अमेरिका के
पत्तन:
वैंकूवर,
सीएटल, पोर्टलैंड,
सैन
फ्रांसिस्को
और लॉस
एंजेल्स| 2) एशियाई
पत्तन:
योकोहामा,
कोबे, शंघाई,
हांगकांग,
मनीला और
सिंगापुर|
1) राहत
सुविधाएं:
प्रवणता
वाले मैदानी
क्षेत्र
रेलवे के
विकास के लिए
उपयुक्त
माने जाते हैं|
पर्वतीय और
पहाड़ी
क्षेत्रों
में रेलवे
लाइनों की
निर्माणिक
लागत बहुत
अधिक होतीहै| 2) आर्थिक
कारक: रेलवे
औद्योगिक
क्रांति का
एक उत्पाद है|
इसलिए,
अंतर्राष्ट्रीय
व्यापार का
विकास,
नगरीकरण और
जनसंख्या का
अधिक घनत्व
रेलवे के
विकास के लिए
अनुकूल कारक
होते हैं| कनाडा की यह रेललाइन 7,050 किमी लंबी है तथा इसका निर्माण 1886 में किया गया था| यह रेल लाइन पूर्व में हैलिपैफक्स से आरंभ होकर माँट्रियल, ओटावा, विनिपेग और कलगैरी से होती हुई पश्चिम में प्रशांत तट पर स्थित वैंकूवर तक जाती है| इसकी एक रेल लाइन विनिपेग से थंडरखाड़ी तक एक संवृत मार्ग को विश्व के सर्वाधिक महत्त्वपूर्ण जलमार्गों में से एक है| यह कनाडा की आर्थिक धमनी के नाम से जानी जाती है|
अंतर्देशीय
जलमार्गों की
प्रमुख हानि
यह है कि धीमी
गति के कारण
इनमें समय की
बर्बादी
होती है| इसलिए,
ये जलमार्ग
खराब होने
वाली
सामग्री;
जैसे फल, सब्जियां,
दुग्ध और
इनके
उत्पादों के
परिवहन के
लिए उपयुक्त
नहीं होते
हैं| एक अन्य
हानि यह है कि
अधिकतर
नदियाँ घनी
आबादी वाले
क्षेत्रों
से होकर बहती
हैं, जहाँ
परिवहन की
मांग सबसे
अधिक है| इस
प्रकार परिवहन
के सरल माध्यम
के इसके
उद्देश्य
में
कठिनाइयां
आती हैं| विश्व परिवहन के चार इनका उपयोग अंतर-प्रादेशिक या अंतरा-प्रादेशिक परिवहन के लिए किया जाता है और पाइपलाइन को छोड़कर प्रत्येक यात्रियों और माल दोनों का वहन करता है। किसी विधा की सार्थकता परिवहित की जाने वाली वस्तुओं और सेवाओं के प्रकार, परिवहन की लागतों और उपलब्ध विधा पर निर्भर करती है। एक सुप्रबंधित परिवहन तंत्र में ये विभिन्न विधायें एक-दूसरे की पूरक होती हैं। पनामा नहर पूर्व में अटलांटिक महासागर को पश्चिम में प्रशांत महासागर से जोड़ती है। इसका निर्माण पनामा जलडमरूमध्य के आर-पार पनामा नगर एवं कोलोन के बीच संयुक्त राज्य अमेरिका द्वारा कराया गया था, जिसने दोनों ओर के 8 किमी० क्षेत्र को खरीदकर इसे नहर मंडल का नाम दिया है| 1. इस नहर से अत्यधिक भारी माल बहुत ही सस्ती दरों पर परिवहित किया जाता है|
राजमार्ग
पक्की सड़कें
या राज-पथ
होते हैं, जो
दूरस्थ स्थानों
को आपस में
जोड़ते हैं| ये
राज्यों की राजधानियों
को आपस में
जोड़ते हैं और
सीमा
क्षेत्रों
को कवर करते
हैं| इनका
रख-रखाव
केन्द्रीय
सरकार
द्वारा किया
जाता है| भारत
में
राष्ट्रीय
राजमार्गों
की कुल
लम्बाई लगभग
65,000किमी० है|
ऐसे कई
राजमार्ग
हैं जो
प्रमुख
नगरों और
कस्बों को
आपस में
जोड़ते हैं|
उदहारण:
राष्ट्रीय
राजमार्ग-7
वाराणसी को कन्याकुमारी
से जोड़ता है|
यह देश का
सर्वाधिक
लम्बा
राजमार्ग है|
स्वर्णिम
चतुर्भुज या
महा
एक्सप्रेस-वे
चार
महानगरों
न्यू दिल्ली,
मुंबई,
चेन्नई और
कोलकाता को
आपस में
जोड़ते हैं| भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान वैज्ञानिकों ने उपग्रह तकनीक को धीमी व लगातार गति से विकास के पथ पर अग्रसर किया है| उपग्रह विकास के क्षेत्र में भारत ने 19 अप्रैल 1975 को अपने पहले उपग्रह आर्यभट्ट के उपग्रह का प्रक्षेपण किया| इसके बाद, भास्कर 1 का प्रक्षेपण जून, 1979 में किया गया| फिर भारत ने 18 जून 1981 को एप्पल (एरियन पैसेंजर पे लोड एक्सपेरीमेंट) का प्रक्षेपण एरियन रॉकेट द्वारा किया| पार महाद्वीपीय रेलमार्ग पूरे महाद्वीप से गुजरते हुए इसके दोनों किनारों को जोड़ते हैं। इनका निर्माण आर्थिक और राजनीतिक कारणों से भिन्न दिशाओं में लंबी यात्राओं की सुविधा प्रदान करने के लिए किया गया था। पार साइबेरियन रेलमार्ग, पार-कैनेडियन रेलमार्ग, ऑस्ट्रेलियाई पार महाद्वीपीय रेलमार्ग और ओरिएंट एक्सप्रेस आदि इसके कुछ उदहारण हैं| 1) इस रेलमार्ग से यूरोपीय रूस के औद्योगिक केन्द्रों से पूर्वी साइबेरिया के प्रदेशों तक अधिकतर मशीनरी और अन्य औजार का परिवहन किया जाता है|
1)
पारसाइबेरियन
रेलमार्ग उद्योगों की स्थिति को प्रभावित करने वाले कारक इस प्रकार हैं - 1. कच्चा माल - उद्योगों द्वारा प्रयुक्त कच्चा माल सस्ता और आसानी से सुलभ और परिवहन करने में आसान होना चाहिए। 2. श्रम - श्रम आपूर्ति उद्योगों के स्थान निर्धारण में एक महत्वपूर्ण कारक है। 3. प्रौद्योगिकी-अनुसंधान और विकास की रणनीति के माध्यम से तकनीकि नवाचार करना आधुनिक उद्योगों का एक महत्वपूर्ण पहलू हैं। 4. परिवहन और संचार - कारखाने के लिए कच्चा माल ले जाने के लिए त्वरित और कुशल परिवहन की सुविधा और बाजार तक तैयार माल को पहुंचाने की सुविधा उद्योगों के विकास के लिए आवश्यक हैं। 5. पूंजी निवेश-पूंजी निवेश उद्योगों के स्थान निर्धारण में एक महत्वपूर्ण कारक है। 6. बाजार विनिर्मित वस्तुओं के लिए एक बाजार के अस्तित्व उद्योगों के स्थान में सबसे महत्वपूर्ण कारक है। 7. शक्ति के साधन- वे उद्योग जिनमें अधिक शक्ति की आवश्यकता होती है वे ऊर्जा के स्त्रोतों के समीप लगाए जाते हैं, जैसे एल्यूमीनियम उद्योग। 8 बाज़ार- निर्मित वस्तुओं के लिए बाज़ार की उपलब्धता अत्यंत महत्वपूर्ण कारक है। विश्व के सभी उद्योगों के आधारस्तम्भ का निर्माण करते है, इसलिए, इसे आधारभूत उद्योग कहा जाता है। यह आधारभूत उद्योग है, क्योंकि यह अन्य उद्योगों के लिए कच्चा माल प्रदान करता है। लौह को ब्लास्ट फर्नेस में प्रगलन विधि से अयस्क निकाला जाता है। स्थान निर्धारण के कारक: 1. लौह और इस्पात उद्योग आम तौर पर कच्चे माल के स्रोत के पास स्थित होते है क्योंकि प्रगलन प्रक्रिया के दौरान उनका अत्यधिक वजन घटता है। 2. आयात और निर्यात के लिए एक विकसित परिवहन संचार की आवश्यकता 3. बड़ी पूंजी की आवश्यकता । 4. कुशल श्रम। लौह और इस्पात स्थान निर्धारण के कारक: 1. लौह और इस्पात उद्योग आम तौर पर कच्चे माल के स्रोत के पास स्थित होते है क्योंकि प्रगलन प्रक्रिया के दौरान उनका अत्यधिक वजन घटता है। 2. आयात और निर्यात के लिए एक विकसित परिवहन संचार 3. बड़ी पूंजी की आवश्यकता । वितरण :यह एक जटिल उद्योग है तथा उत्तरी अमेरिका,यूरोप एवं एशिया में इसका केंद्रीकरण है। यू.एस.ए.- यह उद्योग मुख्य रूप से उत्तर अप्लेशियन प्रदेश, महान झील क्षेत्र और अटलांटिक तट में स्थित है। यह अलाबामा में भी स्थित है। देश के आर्थिक विकास में विनिर्माण उद्योगों महत्वपूर्ण हैं क्योंकि : 1) ये कच्चे माल का अधिक उपयोगी और मूल्यवान वस्तुओं में रूपांतरण करते हैं। 2) ये पदार्थ की उपयोगिता और आकार बदलते हैं और इस तरह, इसका मूल्य और गुणवत्ता में वृद्धि करते हैं। 3) ये उद्योग देश के लोगों की प्रति व्यक्ति आय में वृद्धि करते हैं। 4) ये एक क्षेत्र के शहरीकरण में और लोगों के सामाजिक विकास में मदद करते हैं। 5) ये गरीबी हटाने और देश के लोगों के जीवन स्तर में वृद्धि करते हैं। 6) ये शिक्षा, स्वास्थ्य, संचार, बैंकिंग और प्रशासन जैसी सार्वजनिक सेवाओं के विकास में मदद करते हैं। ऊपरी
लगत बहुत कम
होती है
कई
विकासशील
देश भौगोलिक
सूचना तंत्र
पर आधारित
योजनाओं पर
कार्य करते
हैं; जैसे
संययुक्त
राज्य
अमेरिका और
जापान| ऊपरी
लागत बहुत कम होती
है, जिससे
यह सेवा
लाभदायक हो
जाती है|
कॉल
सेंटर B.
ई-लर्निंग
C.
होम
शोरिंग D.
सूचना
प्रौद्योगिकी
चतुर्थक
सेवाओं की
नवीन
प्रवृत्तियों
में ज्ञान
प्रक्रमण,
बाह्यस्रोतन
और हों
शोरिंग है, जो
बाह्यस्रोतन
का विकल्प है|
सरकारी
रोजगारों की
अधिकता के
कारण B.
बाह्य
प्रवास के
कारण C.
जीवन
स्तर में
सुधार के
कारण D.
जनसंख्या
की अधिकता के
कारण
जीवन
स्तर में
सुधार तथा
बढ़े हुए फरसत
के समय के
कारण अधिक
लोग विश्राम
के लिए अवकाश
पर जाते हैं|
75 प्रतिशत
से अधिक B.
70 प्रतिशत
C.
60 -
से 70 प्रतिशत
के मध्य D.
40 प्रतिशत
से कम
संयुक्त
राज्य
अमेरिका में 75
प्रतिशत
से अधिक लोग
सेवा
क्षेत्र में
संलग्न हैं|
B.
प्रोद्योगिकी
का C.
स्वास्थ्य
की रक्षा का D.
उद्योगों
का
अर्थव्यवस्था
का चतुर्थक
क्षेत्र ज्ञान
पर आधारित
अर्थव्यवस्था
का वर्णन करता
है तथा
अर्थव्यवस्था
का उपयोग
मीडिया, संस्कृति
और सरकार का
वर्णन करने
के लिए किया जाता
है|
B.
तृतीयक
क्रियाकलाप C.
चतुर्थ
क्रियाकलाप D.
द्वितीयक
क्रियाकलाप
चतुर्थक
क्रियाकलाप,
नई किस्म के
क्रियाकलाप
हैं, जिनका
विकास पिछले
कुछ वर्षों
में अधिक हुआ
है। ये बहुत
ही विशिष्ट तथा
जटिल प्रकार
के
क्रियाकलाप
हैं, जिनका
सम्बन्ध
ज्ञान से
संबंधित
क्रियाकलापों;
जैसे—शिक्षा,
सूचना,
शोध
व विकास से
है।
कनाडा
B.
स्कैंडेनेविया C.
ऑस्ट्रेलिया
D.
भारत
जब
सूचना
प्रद्योगिकी
के मामले में
विकसित राष्ट्र
वृद्धि कर
रहे हैं, तो
विकासशील
राष्ट्रों
की गति धीमी
है| विश्व में
इंटरनेट से
संपर्क के
मामले में
भारत विश्व
का सबसे
अच्छा राष्ट्र
नहीं है|
B.
भारत
C.
जापान
D.
इंडोनेशिया
जब
चिकित्सा
उपचार
अंतर्राष्ट्रीय
पर्यटन के
साथ मिश्रित
हो जाता है, तो
या चिकित्सा
पर्यटन के
नाम से जाना
जाता है|
महानगरों
में विश्व
स्तरीय
अस्पताल
स्थापित हैं,
जो पूरी दुनिया
के लोगों की
सेवा के लिए
हैं|
विनिर्माण
B.
सेवाएँ
C.
कृषि
D.
खनन
आर्थिक
विकास की
प्रारंभिक
अवस्था में,
बहुत अधिक
संख्या में
लोग
प्राथमिक
क्षेत्र में
कार्यरत हैं|
एक आर्थिक
रूप से
विकसित
राष्ट्र में क्रमिकों
के एक बड़ा
वर्ग तृतीयक
या सेवा क्षेत्र
में संलग्न
है और लोगों
का बहुत ही कम
अनुपात
द्वितीयक
क्षेत्र में
संलग्न है|
विनिर्माणिक
गतिविधियों
का ह्रास B.
प्रत्यक्ष
आबादी में
बढ़ता अनुपात C.
प्रत्यक्ष
उत्पादन का
बढ़ता अनुपात D.
विनिर्माणिक
गतिविधियों
में वृद्धि
आर्थिक
विकास की
प्रारंभिक
अवस्था में,
बहुत अधिक
संख्या में
लोग
प्राथमिक
क्षेत्र में
कार्यरत हैं|
जितने अधिक
लोग सेवा
क्षेत्र में कार्यरत
होंगे,
अर्थव्यवस्था
उतनी ही अधिक
विकसित होगी|
विज्ञापन
B.
विनिर्माण
C.
परिवहन
D.
व्यापार
पंचक
क्रियाओं का
संबंध
‘स्वर्ण कॉलर’
व्यवसाय से
है| उच्चतम
स्तर के
निर्णय लेने
तथा नीतियों
का निर्माण
करने वाले
पंचम
क्रियाकलापों
को निभाते
हैं।
विज्ञापन
B.
व्यापार
C.
कानूनी
सेवाएँ D.
परामर्श
कार्य
तृतीयक
क्रियाओं
में उत्पादन
और विनिमय
दोनों ही
शामिल है|
उत्पादन में
उपभोग की
जाने वाली
सेवाएँ आती
हैं और
उत्पादन की
गणना अप्रत्यक्ष
रूप से भत्ते
और वेतन के
रूप में की
जाती है|
ज्ञान प्रोग्रामिंग
संगठन में B.
संचार
सेवाओं में C.
ज्ञान
बाह्य
प्रक्रमण में
D.
ज्ञान
प्रक्रमण
संगठन में
संचार
सेवाओं में
शब्दों और
संदेशों, तथ्यों
और विचारों
का प्रेषण
सम्मिलित
है। लेखन के आविष्कार
ने संदेशों
को संरक्षित
किया और संचार
को परिवहन के
साधनों पर
निर्भर करने
में सहायता
की।
आयात
B.
वाहन
C.
मानव-शक्ति
D.
इमारतें
मानव-शक्ति
सेवा
क्षेत्र का
एक
महत्वपूर्व
घटक है|
तृतीयक
क्रियाओं
में कुशल
श्रम और व्यावसायिक
रूप से
प्रशिक्षित
विशेषज्ञों
की आवश्यकता
होती है|
कृषि
B.
विनिर्माण
C.
सेवा
D.
परिवहन
और व्यापार
अन्य
क्षेत्रों
में अवसर
बढ़ने के कारण, कृषि
क्षेत्र में
रोजगार का
अनुपात घट
रहा है|
विनिर्माण
B.
व्यापार
C.
सेवा
D.
आधारभूत
उद्योग
तृतीयक
क्रियाओं
में सेवाएँ
शामिल होती
हैं| उदाहरण:
जनसंचार,
दूरसंचार और
चिकित्सा
आदि|
लौह
प्रगलन B.
कपड़े
तैयार करना C.
मछली
पकड़ना D.
टोकरी
बनाना
मछली
पकड़ना एक
प्राथमिक
क्रिया है|
B.
ब्राजील
के काफ़ी
उत्पादक
प्रदेश। C.
ब्राजील
में अमेजन
वेसिन
प्रदेश। D.
राकी
पर्वत का
प्रदेश।
दक्षिणी
अमेरिका में
रेलमार्ग दो
प्रदेशों में
सघन हैं, जिसके
नाम हैं
अर्जेंटाइना
के पंपास तथा
ब्राजील के
काफ़ी
उत्पादक
प्रदेश।
B.
ब्राज़ील
में C.
संयुक्त
राज्य
अमेरिका में D.
भारत
में
विश्व
के कुल रोड
नेटवर्क का 33
प्रतिशत रोड
संयुक्त
राज्य
अमेरिका में
हैं|
B.
टोकियो
से जोड़ता
है। C.
मान्ट्रियल
से जोड़ता
है। D.
व्लादिवोस्तोक
से जोड़ता
है।
ट्रांस-साइबेरियाई
रेलमार्ग एक
प्रसिद्ध रेलमार्ग
है जो रूस की
राजधानी
मास्को को
रूस के
साइबेरिया
क्षेत्र से
गुज़रते हुए
सूदूर-पूर्वी
शहर
व्लादिवोस्तोक
से जोड़ता
है।
B.
5,000 वर्ष
पूर्व C.
3,000 वर्ष
पूर्व D.
4,000 वर्ष
पूर्व
लगभग
3000 वर्ष पूर्व
मानव ने बोझा
ढोने के लिए
घोड़ों और
खच्चरों का
उपयोग आरम्भ
किया|
B.
कुत्तो
एवं
रेंडियरों
का C.
बैलों
का ऊँटों का D.
बैलों
का कुत्तों
का
कुत्तो
एवं
रेंडियरों
का प्रयोग
उत्तरी अमेरिका, उत्तरी
यूरोप और
साइबेरिया
के
हिमाच्छादित
मैदानों में
स्लेज को
खींचने के
लिए किया जाता
है।
B.
60 लाख
किमी० C.
40 लाख
किमी० D.
10 लाख
किमी०
संयुक्त
राज्य
अमेरिका में 60 लाख
किमी० लंबा
सड़क नेटवर्क
है|
B.
2325 किमी० C.
2413 किमी० D.
2431 किमी०
A.
300
लाख किमी० हैSOLUTION
A.
30 मी०
SOLUTION
A.
1800SOLUTION
A.
म्यूनिख
तक SOLUTION
A.
1869SOLUTION
A.
ब्राज़ील
में SOLUTION
A.
ग्रैंड
ट्रंक रोड SOLUTION
A.
SOLUTION
A.
SOLUTION
A.
SOLUTION
B.
C.
D.
Right Answer is: SOLUTION
B.
C.
D.
Right Answer is: SOLUTION
B.
C.
D.
Right Answer is: SOLUTION
B.
C.
D.
Right Answer is: SOLUTION
B.
C.
D.
Right Answer is: SOLUTION
B.
C.
D.
Right Answer is: SOLUTION
B.
C.
D.
Right Answer is: SOLUTION
A.
B.
C.
D.
Right Answer is: SOLUTION
A.
B.
C.
D.
Right Answer is: SOLUTION
A.
B.
C.
D.
Right Answer is: SOLUTION
B.
C.
D.
Right Answer is: SOLUTION
B.
C.
D.
Right Answer is: SOLUTION
B.
C.
D.
Right Answer is: SOLUTION
B.
C.
D.
Right Answer is: SOLUTION
B.
C.
D.
Right Answer is: SOLUTION
B.
C.
D.
Right Answer is: SOLUTION
B.
C.
D.
Right Answer is: SOLUTION
B.
C.
D.
Right Answer is: SOLUTION
ii. लैटिन अमेरिका
iii. अफ्रीका
iv. दक्षिणी और दक्षिणी-पूर्वी एशिया
B.
C.
D.
Right Answer is: SOLUTION
B.
C.
D.
Right Answer is: SOLUTION
B.
C.
D.
Right Answer is: SOLUTION
(ii) वे प्रदेश जिनमें केवल खाधान्न उत्पन्न किया जाता है। अथवा अन्य कृषि उपजें प्राप्त की जाती हैं ।
(iii) प्रदेश जिनमें पशुपालन और कृषि उत्पादन को सामान रूप से महत्व दिया जाता है।
B.
C.
D.
Right Answer is: SOLUTION
B.
C.
D.
Right Answer is: SOLUTION
B.
C.
D.
Right Answer is: SOLUTION
B.
C.
D.
Right Answer is: SOLUTION
B.
C.
D.
Right Answer is: SOLUTION
B.
C.
D.
Right Answer is: SOLUTION
B.
C.
D.
Right Answer is: SOLUTION
(क) आदिकालीन निर्वाह कृषि - इसे स्थानांतरी कृषि के नाम से अधिक जाना जाता है । इसका प्रचलन मुख्यतः उष्ण कटिबन्धीय वनों तक ही सीमित है ।
स्थानांतरी कृषि के क्षेत्र - स्थानांतरी कृषि मुख्यतः निम्नलिखित तीन क्षेत्रों में की जाती है:
1. मध्य अफ्रीका में भूमध्य रेखा के दोनों ओर विश्व का सबसे बड़ा क्षेत्र है।
2. उत्तर-पूर्वी भारत (असम, मेघालय, मणिपुर, त्रिपुरा, नागालैण्ड व मिजोरम) तथा दक्षिण-पूर्वीएशिया।
3. मध्य अमेरिका तथा दक्षिणी अमेरिका।
1. स्थानान्तरी कृषि मुख्यतः भोजन प्राप्त करने के लिए ही की जाती है।
2. मक्का, कसावा, केला तथा शकरकन्द मुख्य फसलें है।
3. अधिकांश उपज का सेवन कृषक स्वयं ही कर लेता है तथा बिक्री के लिए कोई विशेष उपज नहीं बच पाता।
4. भूमि की वहन शक्ति बहुत कम होती है, जिस कारण प्रति हेक्टेयर तथा प्रति व्यक्ति उपज कम होती अतः यह कृषि कम जनसंख्या वाले इलाकों में की जाती है।
1. उच्च जनसंख्या घनत्व के कारण खेतों का आकार छोटा होता है ।
2. भूमि का गहन उपयोग किया जाता है।
3. कृषि का समस्त कार्य कृषक तथा उसके परिवार के सदस्य करते है ।
4. मशीनों का प्रयोग बहुत कम होता है ।
5. मिट्टी की उर्वरता को बनाए, रखन के लिए पशुओं के गोबर की खाद तथा हरी खाद का उपयोग किया जाता है।
6. प्रति इकाई उत्पादन अधिक परंतु प्रति कृषक उत्पादन कम होता है।
B.
C.
D.
Right Answer is: SOLUTION
i) तर कृषि - यह काँप मिट्टियो के प्रदेश में की जाती है। जहाँ वर्षा 200 सेमी से अधिक होती है। भारत में पश्चिमी बंगाल, मध्य और पूर्वी हिमाचल प्रदेश, मालाबार तट पर इस प्रकार की कृषि की जाती है। उत्तरी पूर्वी संयुक्त राज्य अमेरिका, इंडोनशिया, मलेशिया आदि देशों में इस प्रकार की कृषि की जाती है।
ii) आद्र कृषि - इसके अंतर्गत विश्व की कृषि योग्य भूमि का सर्वाधिक भाग आता है। जहाँ वर्षा 100 से 200 सेमी होती है तथा उपजाऊ काँप अथवा काली मीट्टी पायी जाती है। इस प्रकार की कृषि यूरोप, संयुक्त राज्य अमेरिका, एशिया के विस्तृत भागो में की जाती है।
iii) सिंचित कृषि - यह विश्व के मानसूनी अथवा अर्धशुष्क प्रदेशो में की जाती है। जहाँ वर्षा की मात्रा और समय अनिश्चित होता है। वर्षा कम अथवा मौसम विशेष में ही होता है। ऐसे क्षेत्रों में वर्षा की कमी की पूर्ति सिंचाई द्वारा की जाती है। इस प्रकार की कृषि भारत मध्य एशिया, मिस्र, इराक, चीन, संयुक्त राज्य अमेरिका के कैलिफोर्निया की महान घाटी अथवा आस्ट्रेलिया में की जाती है। सिचाई के द्वारा कपास, गेहूँ, चावल, गन्ना आदि फसलें उत्पन्न की जाती है।
iv) शुष्क कृषि - यह विश्व के उन प्रदेश में की जाती है जहाँ वर्षा 50 सेमी से भी कम होती है तथा सिचाई के लिए पर्याप्त मात्रा में जल उपलब्ध नही होता है। इस प्रकार की कृषि के अंतर्गत भूमि की गहरी जुताई कर दी जाती है। जिससे वर्षा का जल उसमे समा जाये और इसी जल के आधर पर फसल उत्पन्न की जाती है। इस प्रकार की कृषि में मोटा अनाज, राई, चारा तथा गेहूँ उत्पन्न किया जाते है। इस प्रकार की कृषि के मुख्य क्षेत्र संयुक्त राज्य अमेरिका, ग्रेट ब्रिटेन, कोलम्बिया की घाटी, आस्ट्रेलिया, कनाडा, पश्चिमी एशिया और भारत के पश्चिमी राज्य हैं।
B.
C.
D.
Right Answer is: SOLUTION
A.
SOLUTION
A.
SOLUTION
A.
SOLUTION
A.
SOLUTION
A.
‘धान
का कटोरा’SOLUTION
A.
F. टेर्मन
SOLUTION
A.
तीन
राज्यों से SOLUTION
B.
C.
D.
Right Answer is: SOLUTION
B.
C.
D.
Right Answer is: SOLUTION
B.
C.
D.
Right Answer is: SOLUTION
B.
C.
D.
Right Answer is: SOLUTION
A.
B.
C.
D.
Right Answer is: SOLUTION
B.
C.
D.
Right Answer is: SOLUTION
B.
C.
D.
Right Answer is: SOLUTION
B.
C.
D.
Right Answer is: SOLUTION
B.
C.
D.
Right Answer is: SOLUTION
B.
C.
D.
Right Answer is: SOLUTION
B.
C.
D.
Right Answer is: SOLUTION
A.
B.
C.
D.
Right Answer is: SOLUTION
B.
C.
D.
Right Answer is: SOLUTION
B.
C.
D.
Right Answer is: SOLUTION
A.
B.
C.
D.
Right Answer is: SOLUTION
2. यह अटलांटिक और प्रशांत महासागर को जोड़ने वाला सबसे छोटा मार्ग है|
3. इस नहर में जलबंधक तंत्र भी हैं|
4. इसके रख-रखाव में बहुत कम लागत आती है|
B.
C.
D.
Right Answer is: SOLUTION
A.
B.
C.
D.
Right Answer is: SOLUTION
टेलीविज़न कार्यक्रम के लिए उन्नत सूचना प्रौद्योगिकी के साथ INSAT 1A और INSAT 1B उपग्रह भारत में आये| इनकी स्थापना अंतरिक्ष में क्रमशः 1982 व 1983 में की गयी थी|
भारतीय सम्पूर्ण मौसम उपग्रह METSAT की स्थापना वर्ष 2002 में की गयी थी, जो मौसमी स्थितियों के बारे में मूल्यवान सूचनाएँ प्रदान करता है|
B.
C.
D.
Right Answer is: SOLUTION
B.
C.
D.
Right Answer is: SOLUTION
2) यह रेल लाइन उद्योगों के विकास में सहायक है| इससे साइबेरिया में कच्चे माल और ऊर्जा के संसाधनों को पश्चिम से पूर्व में परिवहित किया जाता है|
3) नौगम्य नदियाँ; जैसे वोल्गा, ओबी और कामा आदि ट्रांस-शिपमेंट के महत्वपूर्ण केंद्र बिंदु हैं|
4) यह रेल लाइन रूस के एकीकरण और राजनीतिक स्थिरता में भी महत्वपूर्ण भूमिका अदा करती है| A.
B.
C.
D.
Right Answer is: SOLUTION

2) पार-कैनेडियनराजमार्ग
3) ऑस्ट्रेलियाई
पारमहाद्वीपीयरेलमार्ग

4) स्वेज
नहर
B.
C.
D.
Right Answer is: SOLUTION
B.
C.
D.
Right Answer is: SOLUTION
यूरोप: ब्रिटेन, जर्मनी, फ्रांस, बेल्जियम, लक्ज़ेमबर्ग, नीदरलैंड अग्रणी निर्माता हैं। महत्वपूर्ण स्टील केन्द्रों में ग्रेट ब्रिटेन में बर्मिंघम और शैफील्ड हैं। अन्य में फ्रांस, मास्को, तुला, डूइसबर्ग, डोरटमुंड, एसेन, आदि आते हैं।
एशिया- एशिया में महत्वपूर्ण केन्द्रों में नागासाकी और टोक्यो, जापान में योकोहामा, चीन में शंघाई, तियनस्तिन और वूहान शामिल हैं। । भारत में जमशेदपुर, कुल्टी, बुरहानपुर, दुर्गापुर, राउरकेला, भिलाई, बोकारो, सलेम और भद्रावती प्रमुख केंद्र हैं।
B.
C.
D.
Right Answer is: SOLUTION
A.
SOLUTION
A.
SOLUTION
A.
SOLUTION
A.
SOLUTION
A.
ज्ञान
पर आधारित
अर्थव्यवस्था
का SOLUTION
A.
प्राथमिक
क्रियाकलापSOLUTION
A.
SOLUTION
A.
फिलीपीन्स
SOLUTION
A.
SOLUTION
A.
SOLUTION
A.
SOLUTION
A.
SOLUTION
A.
SOLUTION
A.
SOLUTION
A.
SOLUTION
A.
SOLUTION
A.
SOLUTION
A.
ब्राजील
के गन्ना
उत्पादक
प्रदेश।SOLUTION
A.
सोवियत
संघ में SOLUTION
A.
वैंकूवर
से जोड़ता
है।SOLUTION
A.
2,000
वर्ष पूर्व SOLUTION
A.
खच्चरों
का ऊँटों काSOLUTION
A.
50 लाख
किमी०SOLUTION
A.
2315 किमी०