भारत की जनसंख्या(1991) के अनुसार: नगरीय बस्तियाँ वे हैं जहाँ नगर पालिका, निगम, छावनी बोर्ड या अधिसूचित शहर समिति वाले क्षेत्र मौजूद हैं तथा कम-से कम 5000 लोगों की आबादी व्याप्त है, कम-से-कम 75 प्रतिशत पुरुष आबादी गैर-कृषि क्षेत्रों में कार्यरत होने चाहिए तथा आबादी का घनत्व प्रति वर्ग किमी० पर 400 व्यक्ति होने चाहिए|
ग्रामीण बस्तियों का प्रतिरूप पर्यावरणीय स्थितियों और स्थान-स्थान पर भिन्नता पर निर्भर करता है| ग्रामीण बस्तियों के विभिन्न प्रतिरूप निम्नवत हैं:
1. रैखिक प्रतिरूप: इस प्रकार की बस्तियों के मकान सड़कों, रेल लाइनों, नदियों, घाटी के किनारे स्थित होते हैं। यूरोप में गांव प्रायः तटबंधों के किनारे स्थित होते हैं|
2. आयताकार एवं वृत्ताकार प्रतिरूप: वृत्ताकार प्रतिरूप झीलों व तालाबों, उच्च पहाड़ियों आदि क्षेत्रों के चारों ओर बस्ती बस जाने से विकसित होते हैं। सड़कें एक केंद्र से सभी दिशाओं में फैली हुई होती हैं| भारत में उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल तथा अफ्रीका व यूरोप में इसी तरह का प्रतिरूप विद्यमान है|
3. क्रॉस आकार का प्रतिरूप: क्रॉस आकार की बस्तियाँ सड़क के तिराहे पर स्थित होती हैं| मकान सभी दिशाओं में सड़कों के किनारे बनाये जाते हैं|
4. तारे के आकार का प्रतिरूप: कभी-कभी कई मार्ग आकर एक स्थान पर मिलते हैं| यहाँ आकार की बस्तियाँ विकसित होती हैं।

कार्यों के आधार पर नगरों को निम्न वर्गों में विभाजित किया जा सकता है:
1. प्रशासनिक नगर: इन नगरों में प्रशासनिक महत्ता होती है| ये नगर प्रशासनिक कार्यो के मुख्यालय के रूप में कार्य करते हैं|
2. सुरक्षा नगर: सैन्य गतिविधियों के केंद्र सुरक्षा नगर के रूप में जाने जाते हैं| ये किले, गैरिसन और नौसेना आधारित नगर होते हैं|
3. सांस्कृतिक नगर: ये नगर धर्म, शिक्षा और मनोरंजन आधारित होते हैं; जैसे अयोध्या, हरिद्वार, मक्का और अन्य धार्मिक नगर|
4. व्यावसायिक नगर: धनबाद, जमशेदपुर, कानपुर और कालगुर्ली आदि व्यापारिक नगर हैं| इन नगरों का विकास यहाँ के उद्योगों पर निर्भर करता है|
5. व्यापारिक या परिवहन नगर: कुछ नगर व्यापारिक नगर के रूप में विकसित हो चुके हैं , जबकि अन्य परिवहन नगर के रूप में हैं| लाहौर और आगरा व्यापारिक नगर हैं तथा मुग़लसराय और इटारसी परिवहन नगर के रूप में विकसित हैं|
संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम (यूएनडीपी) ने ‘नगरीय रणनीति’ में निम्न प्राथमिकताएं बताई हैं:
A.
प्राथमिक सेक्टर में
B.
द्वितीयक सेक्टर में
C.
तृतीयक सेक्टर में
D. चतुर्थक सेक्टर में
भारत एक प्रगतिशील, कृषि प्रधान देश है और इसकी जनसँख्या का 68% भाग प्राथमिक आर्थिक क्रियाकलापों में संलग्न है|
A.
चीनी-तिब्बती
B.
इंडो-आर्य
C.
आस्ट्रिक
D.
द्रविड़
भारत में इंडो-आर्य सबसे बड़ा भाषाई वर्ग है|
A.
1,210,193,422
B. 2,210,193,422
C. 1,910,193,422
D. 1,710,193,400
2011 की जनगणना के अनुसार भारत की जनसँख्या 1,210,193,422 है| भारत विश्व में चीन के बाद दूसरा सबसे बड़ी जनसँख्या वाला देश है|
A.
रोज़गार
B.
विवाह
C.
शिक्षा
D.
परिवार का पलायन
भारत में महिलाओं के प्रवास का प्रमुख कारण विवाह है| महिलाऐं विवाह के उपरान्त रहने के लिए अपने पति के निवास स्थान पर चली जाती हैं|
A.
पश्चिम
बंगाल
B. केरल
C. उत्तर प्रदेश
D. दिल्ली
भारत में दिल्ली का जनसँख्या घनत्व सबसे अधिक है| 2011 की जनगणना के अनुसार यहाँ का जनसँख्या घनत्व 11,297 व्यक्ति प्रति वर्ग किलोमीटर था|
A.
10%
B. 7%
C. 6%
D. 2.5%
2011 की जनगणना के अनुसार दिल्ली की कुल जनसँख्या का 97.5% भाग शहरों में और 2.5% भाग गाँव में निवास करता है|
A.
शहरी क्षेत्रों में
B.
गाँवों में
C.
पहाड़ी क्षेत्रों में
D. महानगरों में
भारत में लिंग अनुपात गावों में कम है| भारत के गावों में अब भी पुरुष प्रधान समाज है|
A.
गोआ
में
B. हिमाचल प्रदेश में
C. दिल्ली में
D. केरल में
केरल में लिंग अनुपात सबसे अधिक है| यहाँ प्रति 1000 पुरुषों पर 1084 महिलायें हैं| हरियाणा में लिंग अनुपात सबसे कम है| यहाँ प्रति 1000 पुरुषों पर 877 महिलायें हैं|
A.
मृत्यु
दर में
गिरावट
B. जन्म दर में गिरावट
C. शिशु मृत्यु दर में गिरावट
D. जीवन प्रत्याशा में वृद्धि
भारत की जनसँख्या वृद्धि दर 1.2% है (वर्ल्ड बैंक, 20 जनवरी, 2015)| ये दर वार्षिक जन्म दर और पलायन के दर से प्रभावित होती है|
A.
240
B.
340
C.
350
D.
475
वर्तमान में, 350 शहर ऐसे हैं, जिनकी जनसंख्या एक मिलियन (दस लाख) से अधिक है|
A.
जल
की उपलब्धता
पर
B.
भवनों की उपलब्धता पर
C.
उच्च तकनीक पर
D.
उपजाऊ भूमि पर
प्रपम्भिक शहरी बस्तियां मुख्य रूप से जल , भवनों की उपलब्धता और उपजाऊ भूमि पर आधारित होती थीं| आधुनिक शहरी बस्तियां इन आधारों से दूर स्थापित होती हैं|
A.
शहर
B.
महानगर
C. नगर
D. मेगा शहर
1915 में ‘महानगर’ शब्द का आविष्कार पैट्रिक गेड्स ने किया था| ग्रेटर लंदन, मैनचेस्टर, चिकागो और टोक्यो आदि महानगरों के कुछ उदाहरण हैं|
A.
200
B.
2000
C.
250
D.
450
डेनमार्क, स्वीडन और फिनलैंड में निम्न में से 2500 व्यक्तियों से अधिक के होने पर उस क्षेत्र को शहर कहा जायेगा|
A.
निरक्षरता
B.
स्थानीय एजेंसियों का दबाव
C.
अपर्याप्त वित्तीय संसाधन
D.
संचार की कमी
विकासशील राष्ट्रों के शहर कुछ सामाजिक बुराइयों से जूझ रहे हैं| अपर्याप्त वित्तीय संसाधन से विशाल जनसंख्या की आधारभूत आवश्यकताओं को पूरा करने में असफल हैं|
A.
कनाडा का
B.
भारत का
C.
ऑस्ट्रेलिया का
D.
चीन का
कम जनसंख्या के कारण ऑस्ट्रेलिया का कोई भी शहर विश्व के सबसे बड़े शहरों की सूची में नहीं है|
A.
10 हजार
B.
10 करोड़
C.
1 करोड़ से अधिक
D.
10 लाख
एक मेगा सिटी की जनसंख्या 1 करोड़ से अधिक होती है|
A.
नयी
दिल्ली
B. वेटिकन सिटी
C. पिट्सबर्ग
D. मियामी
तीर्थ स्थान; जैसे यरूशलेम, मक्का, वेटिकन सिटी, बेथलेहम, जगन्नाथ पुरी और वाराणसी आदि को धार्मिक नगर माना जाता है| ये शहरी केंद्र विशाल धार्मिक महत्व लिए होते हैं|
A.
औद्योगिक नगर
B.
खनन क्षेत्र
C.
धार्मिक नगर
D.
परिवहन नगर
मुग़ल सराय रेलवे स्टेशन भारत के सबसे व्यस्ततम रेलवे जंक्शन में से एक है| पूर्व और उत्तर-पूर्व की लगभग सभी रेलें इस स्टेशन से होकर गुजरती हैं|
A.
मलिन बस्तियां
B.
संहत बस्ती
C.
प्रकीर्ण बस्ती
D.
सहकारी समितियां
इस प्रकार की बस्तियाँ वे होती हैं जिनमें मकान एक दूसरे के समीप बनाए जाते हैं। इस तरह की बस्तयों का विकास नदी घाटियों के सहारे या उपजाऊ मैदानों में होता है। यहाँ रहने वाला समुदाय मिलकर रहता है एवं उनके व्यवसाय भी समान होते हैं।
1. जमशेदपुर
2. भिलाई
सांस्कृतिक एवं प्राकृतिक कारणों से जहाँ सुरक्षा की चिंता कम हो वहाँ इनका विकास होता है ।
आकृति एवं उपलब्ध सुविधाओं के आधार पर, नगरीय बस्तियों को निम्न प्रकारों में विभाजित किया जा सकता है:
एक मेगासिटी शब्दावली उन नगरों के लिए प्रयुक्त की जाती है जिनकी जनसंख्या मुख्य नगर व उपनगरों को मिलाकर एक करोड़ से अधिक हैं | सबसे पहले 1950 में न्यूयार्क ने मेगासिटी होने का श्रेय प्राप्त किया था|
नगरीय-ग्रामीण श्रंखला मानव जीवन की स्थिरता के लिए अधिक महत्वपूर्णमानी जाती हैं|
वर्ष 2014 में नगरीय क्षेत्रों की जनसंख्या वैश्विक जनसंख्या का 54 प्रतिशत थी, जो वर्ष 1960 के मुकाबले 34 प्रतिशत बढ़ गयी है और लगातार बढ़ रही है|
एक मानव बस्ती वह स्थान है, जहाँ अधिक या कम आवास स्थायी रूप से अवस्थित हों|
एक ग्रामीण बस्ती को मकानों या आवासों का समूह, कृषि भवन और समुदाय भवनों के रूप में परिभाषित किया जा सकता है, जहाँ के निवासी प्राथमिक रूप से कृषि कार्यों में लगे रहते हैं|
मानव बस्तियों के अध्ययन को मानव भूगोल का आधार माना जाता है क्योंकि किसी विशिष्ट प्रदेश में बस्तियों का प्रकार पर्यावरण के साथ मानवीय संबंध को प्रदर्शित करता है| मानव भूगोल का मुख्य उद्देश्य पर्यावरण के साथ मानवीय संबंध का अध्ययन करना है|

A.
अंतर्देशीय पत्तन
B.
नौसैनिक पत्तन
C.
तैल पत्तन
D. औद्योगिक पत्तन
कोच्चि तथा कारवाड़ भारत में ऐसे पत्तनों के उदाहरण हैं। ये केवल सामाजिक महत्त्व के पत्तन हैं। ये पत्तन युद्धक जहाजों को सेवाएँ देते हैं तथा उनके लिए मरम्मत कार्यशालाएँ चलाते हैं।
A.
भारत
B. बांग्लादेश
C. मलेशिया
D. म्यांमार
बांग्लादेश जूट का सबसे बड़ा उत्पादक राष्ट्र है| विश्व के कुल जूट उत्पादन का 40 प्रतिशत भारत और 50 प्रतिशत बांग्लादेश से प्राप्त होता है|
A.
लकड़ी का
B.
कागज की लुगदी का
C.
रसायनों का
D.
तेल का
नॉर्वे कागज की लुगदी का प्रमुख निर्यातक राष्ट्र है|
A.
गेंहू
B.
चावल
C.
मशीन
D.
कपड़े
क्योंकि सभी प्रमुख उत्पादक देश चावल के उपभोक्ता भी हैं|
A.
जनसंचार
में
B. परिवहन में
C. सूचनाओं में
D.
उत्पादन में
अंतर्राष्ट्रीय व्यापार उत्पादन में विशेषज्ञता का परिणाम है| यह विश्व की अर्थव्यवस्था के लिए लाभदायी है|
A.
इटली
B.
ईराक
C.
ईरान
D.
तुर्की
ईरान में अच्छी किस्म की अंगोरा भेड़ें पाई जाती हैं, जो कालीन उद्योग के लिए ऊन का एक अच्छा स्रोत हैं|
A.
35 प्रतिशत
B.
25 प्रतिशत
C.
15 प्रतिशत
D.
45 प्रतिशत
सेवा क्षेत्र में निर्यात लगातार तेजी से बढ़ रहा है| इसके अन्तर्गत व्यापार, यातायात, संप्रेषण, वित्त, पर्यटन, संस्कृति, मनोरंजन, लोक प्रशासन एवं लोक सेवा, सूचना, न्याय, स्वास्थ्य, शिक्षा आदि आते हैं।
A.
1980
B.
1970
C.
1994
D.
1999
उत्तर अमेरिकी मुक्त व्यापार समझौता (North American Free Trade Agreement) मेक्सिको, कनाडा और अमेरिका के बीच हुआ एक व्यापार समझौता है। यह 1 जनवरी, 1994 से प्रभाव में आया।
A.
1998
B.
2000
C.
2006
D.
2002
साफ्टा दक्षेस देशों के बीच मुक्त व्यापार का समझौता है| दक्षेस देश बांग्लादेश, भूटान, भारत, मालदीव, नेपाल, पाकिस्तान, अफगानिस्तान व श्रीलंका में यह समझौता एक जनवरी, 2006 प्रभावी हो गया|
A.
1792 में
B.
1807 में
C.
1818 में
D.
1892 में
ग्रेट ब्रिटेन में दास व्यापार 15वीं शताब्दी में दास व्यापार उभरकर सामने आया था| लगभग दो सौ वर्षों तक यह एक आकर्षक व्यापार बना रहा, जब तक कि इसे 1792 में डेनमार्क में, 1807 में ग्रेट ब्रिटेन में और 1808 में अमेरिका में समाप्त नहीं कर दिया गया
A.
बाजार में वस्तुओं की बिक्री और खरीद
B.
क्रेडिट आधार पर वस्तुओं की बिक्री और खरीद
C.
वस्तुओं और सेवाओं का प्रत्यक्ष विनिमय
D.
विचारों और सूचनाओं का विनिमय
वस्तु-विनिमय प्रणाली आदिम समाज की व्यापार की प्रारंभिक अवस्था थी|
A.
यूरोपीय देशों का
B.
अफ्रीकी देशों का
C.
दक्षिण-एशियाई देशों का
D.
पूर्वी एशियाई देशों का
दक्षिण-एशियाई क्षेत्रीय सहयोग संगठन (सार्क) दक्षिण एशिया के आठ देशों का आर्थिक और राजीतिक संगठन है| इसकी स्थापना 8 दिसंबर, 1985 में बांग्लादेश, भूटान, नेपाल, मालदीव, पकिस्तान, श्रीलंका और भारत द्वारा मिलकर की गयी|
A.
जनरल एग्रीमेंट ऑन ट्रेड एंड टैरिफ (GATT)
B.
आसियान ASEAN
C.
नार्थ अमेरिकन फ्री ट्रेड एसोसिएशन NAFTA
D.
लेटिन अमेरिकन इंटीग्रेशन एसोसिएशन LAIA
1948 में विश्व को उच्च सीमा शुल्क और विभिन्न प्रकार की अन्य बाधाओं से मुक्त कराने हेतु कुछ देशों के द्वारा जनरल एग्रीमेंट ऑन ट्रेड एंड टैरिफ (GATT) का गठन किया गया।
A.
देश के लिए कोई आयात और निर्यात नही
B.
निर्यात के मूल्य आयात के मूल्यों से अधिक
C.
आयात और निर्यात के मूल्य समान हो
D.
आयात के मूल्य निर्यात के मूल्यों से अधिक हो
व्यापार के संतुलन में अन्य देशों को निर्यात के मूल्य आयात के मूल्यों से अधिक होंगे|
A.
दो क्षेत्रों के मध्य संचार का आदान-प्रदान
B.
दो राष्ट्रों के मध्य माल का आदान-प्रदान
C.
महाद्वीपों के मध्य व्यापार
D.
दो राष्ट्रों के मध्य सूचनाओं का आदान-प्रदान
दो राष्ट्रों के मध्य माल के आदान-प्रदान को द्विपक्षीय व्यापार कहा जाता है| उनके मध्य निर्दिष्ट वस्तुओं के व्यापार के लिए समझौता होता है|
A.
स्विट्जरलैंड
B.
ऑस्ट्रेलिया
C.
फिनलैंड
D.
कनाडा
नाफ्टा का अर्थ है- उत्तरी अमेरिका मुक्त व्यापार संघ| इसके सदस्य राष्ट्र हैं- संयुक्त राज्य अमेरिका, कनाडा और मैक्सिको|
A.
1950 में
B.
1949 में
C.
1980 में
D.
1970 में
तेल निर्यातक देशों का संगठन (Organization of the Petroleum Exporting Countrie) में एशिया, अफ्रीका तथा दक्षिण अमेरिका के प्रमुख तेल उत्पादक व निर्यातक देश शामिल हैं जिनकी दुनिया के कुल कच्चे तेल में लगभग 77 प्रतिशत की हिस्सेदारी है| इसका मुख्यालय ऑस्ट्रिया के विएना में है|
A.
अफ्रीकी निवासियों पर
B.
अमेरिकन निवासियों पर
C.
यूरोपीय निवासियों पर
D.
जापानी निवासियों पर
पुर्तगाली, डच, स्पेनी और अंग्रेज अफ्रीकी निवासियों को बलपूर्वक नए खोजे गए अमेरिका में वृक्षारोपण के लिए श्रमिकों के रूप में ले जाते थे|
A.
569,83
B. 640,867
C. 345,670
D. 789,000
2011 की जनगणना के अनुसार भारत में गाँवों की कुल संख्या 640,867 थी, जिनमें से 597,608 (93.2%) गाँव बसे हुए थे|
A.
एशिया
B.
अफ्रीका
C.
उत्तरी अमेरिका
D.
दक्षिण अमेरिका
भारत की जनसँख्या अफ्रीका की जनसँख्या का लगभग डेढ़ गुना है| उत्तरी अमेरिका, दक्षिण अमेरिका और ऑस्ट्रेलिया की जनसँख्या को मिला दिया जाए तो भी वो भारत की जनसंख्या से कम है|
A.
1901-1911
B. 1911-1921
C. 1921-1951
D. 1951-1981
1951-1981 का काल में भारत ने तीव्र जनसँख्या वृद्धि दर्ज की| ये तीन दशक भारत में जनसँख्या विस्फोट की अवधि के रूप में जाने जाते हैं| यह देश में मृत्यु दर के तीव्र ह्रास और जनसँख्या की उच्च प्रजनन दर के कारण हुआ|
A.
60.87%
B. 65.37%
C. 45.98%
D. -0.58%
2011 की जनगणना के अनुसार नागालैंड की जनसँख्या 2001 में 19.90 लाख थी, जो 2011 में घटकर 19.79 लाख रह गयी| इस दशक में इसका जनसँख्या वृद्धि दर -0.58% रहा|
A.
पांच
गुना
B. दस गुना
C. ग्यारह गुना
D. आठ गुना
भारत की जनसँख्या 1901 में 23,83,96,327 थी, जो 2011 में बढ़कर 1,21,01,93,422 हो गयी|
A.
उत्तर
प्रदेश
B. गुजरात
C. गोआ
D. पंजाब
गोआ (62.2%) भारत का सबसे अधिक शहरीकृत राज्य है| इसके बाद सबसे अधिक शहरीकृत मिजोरम (52.1%) है|
A.
बेंगलुरु, लखनऊ, हैदराबाद, अहमदाबाद
B.
भोपाल, बेंगलुरु, लखनऊ, आगरा
C.
कानपुर, श्रीनगर, अमृतसर, गुवाहाटी
D.
मुंबई, कोलकाता, दिल्ली, चेन्नई
हालाँकि, भारत के सभी प्रमुख नगर आर्थिक रूप से विकसित हैं, पर चार प्रमुख महानगर मुंबई, कोलकाता, दिल्ली और चेन्नई हैं|
A.
पंजाब
B. महाराष्ट्र
C. उत्तर प्रदेश
D. तामिलनाडू
उत्तर प्रदेश के कुल जनसंख्या का 77.73% ग्रामीण क्षेत्रों में निवास करता है|
A.
600
B. 640
C. 670
D. 700
2011 की जनगणना में 640 जिले, 5767 तहसील, 7933 नगर और 600,000 से अधिक गावों को शामिल किया गया था|
A.
रोज़गार
B.
विवाह
C.
शिक्षा
D.
रोज़गार एवं सुरक्षा
लोग कम रोज़गार के अवसर और कम सुरक्षा वाले जगहों से अधिक रोज़गार और बेहतर सुरक्षा वाली जगहों पर पलायन करते हैं।
A.
उर्वर मिट्टी
B. वनस्पतियों के विभिन्न प्रकार
C. संचार की अच्छी सुविधा
D. सरकारी नीतियां
मिट्टी, स्थलाकृति, पानी की उपलब्धता जैसे बहुत से भौतिक कारक जनसँख्या के वितरण को प्रभावित करते हैं।
भारत में 1911 -1921 के दौरान ऋणात्मक जनसँख्या वृद्धि दर्ज की गयी थी। इस अवधि में जन्म दर और मृत्यु दर दोनों ऊँचे थे जिससे वृद्धि दर्ज निम्न बनी रही।
भारत में जनसँख्या की वृद्धि जिस दर से हो रही है उसके अनुसार अगले 36 वर्षों में देश की जनसँख्या दो गुनी हो जाएगी।
भारत की जनसँख्या की वृद्धि की वार्षिक वृद्धि दर 1.6 प्रतिशत है।
जनसँख्या वृद्धि दो समय बिन्दुओं के बीच किसी क्षेत्र विशेष में रहने वाले लोगों की संख्या में परिवर्तन को कहते हैं।
1) प्रसव पूर्व लिंग परीक्षण की सुविधा का अधिकाधिक प्रयोग । 2) महिला शिशु की तुलना के पुरूष शिशु के जन्म को वरीयता मिलना ।
भारत में भाषाओं के बोलने वाले चार भाषा परिवारों में द्रविण भाषा परिवार के अंतर्गत तमिलनाडु, कर्नाटक, केरल, आंध्र प्रदेश, मध्य प्रदेश, उड़ीसा, महाराष्ट्र, बिहार,पश्चिम बंगाल, मध्य प्रदेश क्षेत्र आते हैं। इस भाषा परिवार में देश की 20 प्रतिशत आबादी शामिल है।
भारत के मुख्य धार्मिक समूहों में हिन्दू, मुस्लिम, ईसाई, सिक्ख, बौद्ध, जैन आदि हैं।
भारतीय भाषाओं को बोलने वाले चार भाषा परिवारों ऑस्ट्रिक, द्रविण, चीनी-तिब्बती और भारतीय-यूरोपीय से जुड़े हुए हैं।
A.
उन्नति
B.
मांग
C.
मुक्ति
D.
परित्याग
‘विकास मुक्ति है।’ भूख, गरीबी, दासता, बँधुआकरण, अज्ञानता, निरक्षरता और किसी की अन्य प्रकार की प्रबलता से मुक्ति मानव विकास की कुंजी है। वास्तविक अर्थों में मुक्ति तभी संभव है जब लोग समाज में अपने सामथ्र्यों और विकल्पों के प्रयोग के लिए सशक्त हों और प्रतिभागिता करें।
A.
महिलावर्ग
B.
पुरुषवर्ग
C.
बच्चे
D.
वयस्क
समाज के हाशिए पर स्थित वर्गों में महिलाओं, अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और कृषि मजदूर आते हैं, जो बहुत सारे अधिकारों से बंचित रहते हैं|
A.
27.
B.
100.
C.
130.
D.
172.
संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम द्वारा जारी मानव विकास सूचकांक (188 देशों) में भारत 130वे स्थान पर है। रिपोर्ट में वर्ष 2014 में भारत इस सूचकांक के लिए 0.609 अंक मिला।
A.
मध्य प्रदेश और सिक्किम
B.
असम और त्रिपुरा
C.
अरुणाचल प्रदेश, मेघालय और नागालैंड
D.
उपरोक्त सभी
मध्य प्रदेश, सिक्किम, असम, त्रिपुरा, अरुणाचल प्रदेश, मेघालय, नागालैंड राज्यों की 30 प्रतिशत से अधिक जनसंख्या गरीबी की रेखा के नीचे है।
A.
पांच
B.
चार
C.
तीन
D.
दो
निर्धनों की सामर्थ्य में गिरावट के लिए तीन अंतर्संबंधित प्रक्रियाएँ कार्यरत है, जैसे – (क) सामाजिक सामर्थ्य में कभी, (ख) पर्यावरणीय सामर्थ्य में कभी और (ग) व्यक्तिगत सामर्थ्य में कभी
A.
अर्थशास्त्र
B.
लोग
C.
संसाधन
D.
परिवेश
1993 ई. की मानव विकास रिपोर्ट के अनुसार, विकास लोगों को केंद्र में रखकर होना चाहिए नाकि विकास को लोगों के बीच रखकर, जैसाकि पहले होता था।
A.
1993 ई.
B. 1994 ई.
C. 1996 ई.
D. 1997 ई.
1993 ई. की मानव विकास रिपोर्ट के अनुसार, प्रगामी लोकतंत्रीकरण और बढ़ता लोक सशक्तीकरण मानव विकास की न्यूनतम दशाएँ हैं।
A.
मानव विकास को परिभाषित करती है
B.
मानव विकास की सूचकों में संशोधन और परिवर्तन लाती है
यह रिपोर्ट न केवल मानव विकास को परिभाषित करती है व इसके सूचकों में संशोधन और परिवर्तन लाती है अपितु परिकलित स्कोरों के आधार पर विश्व के देशों का कोटि-क्रम भी बनाती है।
A.
0.06
B.
0.062
C.
0.602
D.
0.62
मानव विकास सूचकांक (HDI) के संयुक्त मूल्य 0.602 के साथ भारत मध्यम मानव विकास दर्शाने वाले (यूएनडीपी 2005) देशों की श्रेणी में आता है।
A.
दिल्ली
B. पंजाब
C. केरल
D.
बिहार
देश की राज्यों के गरीबी आंकड़ों से पता चलता है कि ओड़िसा और बिहार की कुल जनसंख्या का 40 फीसदी से अधिक लोग गरीबी रेखा से नीचे रहते हैं |
A.
आजादी
B.
अभाव
C.
खर्च
D.
प्रवास
गरीबी वंचित रहने तथा अभाव की एक अवस्था है। निरपेक्ष रूप से यह व्यक्ति की सतत, स्वस्थ और यथोचित उत्पादक जीवन जीने के लिए आवश्यक जरूरतों को संतुष्ट न कर पाने की असमर्थता को प्रतिबिंबित करती है।
A.
विश्व
बैंक
B. राज्य सरकार
C. मानव संसाधन विकास मंत्रालय
D. योजना आयोग
यू.एन.डी.पी. द्वारा चुने गए सूचकों का प्रयोग करते हुए भारत के योजना आयोग ने भी भारत के लिए मानव विकास रिपोर्ट तैयार की है। इसमें राज्यों और केंद्र-शासित प्रदेशों को विश्लेषण की इकाई के रूप में प्रयोग किया गया है।
A.
मनुष्य प्रकृति से दूर थे
आदि मानव संपूर्ण रूप से प्रकृति के ऊपर निर्भर थे क्योंकि उस समय विज्ञान और प्रौद्योगिकी के विकास बहुत कम था|
A.
गांव
B.
शहर
C.
राज्य और केंद्र-शासित प्रदेश
D.
देश
यू.एन.डी.पी. द्वारा चुने गए सूचकों का प्रयोग करते हुए भारत के योजना आयोग ने भी भारत के लिए मानव विकास रिपोर्ट तैयार की है। इसमें राज्यों और केंद्र-शासित प्रदेशों को विश्लेषण की इकाई के रूप में प्रयोग किया गया है।
A.
भारतीय योजना आयोग (वर्तमान में नीति आयोग नाम से परिचित है)
B.
संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम (UNDP)
C.
विश्व स्वास्थ्य संगठन
D.
विश्व परिवेश संगठन
मानव विकास के लिए सम्मिलित प्रयास की दिशा में सर्वाधिक व्यवस्थित प्रयास 1990 ई. में संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम (UNDP) द्वारा प्रथम मानव विकास रिपोर्ट का प्रकाशन है।
विकास के कुछ प्रतीक जो किसी समुदाय के विकास को निरूपित करते हैं, इस प्रकार से हैं:
· स्वतंत्रता
· आधुनिकीकरण
· कंप्यूटरीकरण
· औद्योगीकरण
· शिक्षा प्रणाली में सुधार
· बचाव और सुरक्षा
मानव विकास की अवधारणा में विकास के प्रत्येक पहलू शामिल हैं| इसमें आर्थिक वृद्धि, सामाजिक निवेश और व्यक्तियों का सशक्तिकरण शामिल है| इसके अंतर्गत आधारभूत आवश्यकताओं, सामाजिक सुरक्षा जाल तथा सभी व्यक्तियों की राजनीतिक व सांस्कृतिक स्वतंत्रता के नियम आते हैं|
कंप्यूटरीकरण, औद्योगीकरण, कुशल परिवहन और संचार नेटवर्क, विशाल शिक्षा प्रणाली, उन्नत और आधुनिक सुविधाऍ, सुरक्षा और व्यक्तियों की सुरक्षा के विकास के प्रतीक हैं।
पहली मानव विकास रिपोर्ट 1990 में संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम द्वारा प्रकाशित की गयी थी।
उच्च सूचकांक वाले देशों का मानव विकास सूचकांक मूल्य 0.8 से ऊपर है जबकि मध्यम सूचकांक मूल्य वाले देशो का सूचकांक मूल्य 0.5 से 0.799 के बीच पाया जाता हैं।
भारत का विश्व के मानव विकास सूचकांक के कोटिक्रम में 127 वाॅ स्थान है भारत में केरल राज्य कोटिक्रम में सर्वोच्च हैं।
स्वस्थ भौतिक पर्यावरण को लेकर आर्थिक सामाजिक और राजनैतिक स्वतन्त्रता तक सभी के मानव विकल्पों को सम्मिलित करते हुए लोगों के विकल्पों में विस्तार और उनके शिक्षा स्वास्थ्य सेवाओं तथा सशक्तिकरण के अवसरों में वृद्धि की प्रक्रिया मानव विकास कहलाती है।
एक करोड़ से अधिक जनसंख्या रखने वाला महानगरीय क्षेत्र मेगासिटी कहलाता है।
मानव विकास प्रतिवेदन 2005 के अनुसार उच्च सूचकांक मूल्य वाले वर्ग में 57 देश एवं मध्यम सूचकांक मूल्य वाले वर्ग में 88 देश सम्मिलित है ।
जबरन या आक्रामक रूप से किसी व्यक्ति की संप्रभुता में हस्तक्षेप की अनुपस्थिति ही उसकी स्वतंत्रता कहलाती है| एक मुक्त समाज के सदस्यों पर उनकी सार्वजनिक और निजी ज़िन्दगी का सम्पूर्ण प्रभुत्व होना चाहिए|
नव मथुसिअन, पर्यावरणविदों और कट्टरपंथी परिस्थिति विज्ञानियो का मानना था कि विकास ने केवल दुनिया के सीमित संसाधनों के कई उपयोगों में वृद्धि करने के लिए योगदान दिया है जिससे इन संसाधनों के लिए मांग में वृद्धि हुई है। इसलिये जनसंख्या और संसाधनों के बीच एक खुश और शांतिपूर्ण सामाजिक जीवन उचित संतुलन जरूरी है।