A.
कोलकाता- हावड़ा
B.
कोलकाता- रिषड़ा
C.
कोलकाता-मेदिनीपुर
D.
कोलकाता-कोंनगर
कोलकाता-हावड़ा क्षेत्र भारत के औद्योगिक क्षेत्र के नाभिक रूप में जाना जाता है, क्योंकि भारत के जूट मिलों के प्रमुख सघनता इस हावड़ा और भतपारा क्षेत्र में पाया जाता है और साथ ही कोलकाता जैसा क्षेत्र जो अच्छी तरह से जलमार्ग, सड़कमार्ग और रेलवे से जुड़ा हुआ है।
A.
सोन घाटी
B.
महानदी बेसिन
C.
दामोदर घाटी
D.
सिंधु घाटी
भारत के दामोदर क्षेत्र में लौह अयस्क की अधिकतम सघनता पाया जाता है।
A.
रसायनों
B.
पॉलिमर
C.
फाइबर
D.
पेट्रोलियम
पालिमर्स का निर्माण एथलीन और प्रोपीलीन से होता है। ये पदार्थ कच्चे तेल के परिष्करण को प्रक्रिया के दौरान प्राप्त होते है। प्लास्टिक उद्योग में पालिमर्स को कच्चे माल के रूप में उपयोग करते है।
A.
20%
B.
19%
C.
23%
D.
12%
हथकरघा क्षेत्र में बुनाई तथा इससे संबंधित क्रियाकलापों में लगभग 65 लाख श्रमिकों को रोजगार मिला हुआ है। मुंबई के सूती वस्त्रों की भारत तथा विदेशों में बड़ी माँग है।
A.
निजी क्षेत्र
B.
सार्वजनिक क्षेत्र
C.
संयुक्त क्षेत्र
D.
अर्ध सरकारी क्षेत्र
हिन्दुस्तान मशीन टूल्स (एचएमटी) भारत की सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी है। इसकी स्थापना 1953 में भारत सरकार द्वारा यन्त्र उपकरण निर्माण उद्योग के रूप में की थी| हिन्दुस्तान मशीन टूल्स की, देश भर में, नौ स्थानों पर विनिर्माण ईकाईयां हैं|
A.
टाटा आयरन एंड स्टील कंपनी (TISCO)
B.
इंडियन आयरन एंड स्टील कंपनी (IISCO)
C.
स्टील अथॉरटी ऑफ इंडिया लि
D.
हिंदुस्तान स्टील लिमिटेड
बर्नपुर स्थित इस्को स्टील प्लांट (आईएसपी) एक एकीकृत इस्पात कारख़ाना है | पश्चिम बंगाल में बर्धमान जिले मे आसनसोल के निकट बर्नपुर में स्थित है। सन 1918 में कई हाथो से गुजरने के बाद 'इस्को' को 'बर्न एण्ड कम्पनी' द्वारा प्रोमोट किया गया। 1939 में बर्नपुर में इस्पात का विनिर्माण आरम्भ किया गया।
A.
1920
B. 1923
C. 1908
D. 1910
1923 में दक्षिण भारत के मैसूर राज्य के भद्रवती नामक स्थान पर भारत की प्रथम सार्वजनिक क्षेत्र की इकाई 'मैसूर आयरन एण्ड स्टील वक्र्स' की स्थापना की गई, जिसको वर्तमान में 'विश्वेश्वरैया आयरन एण्ड स्टील कंपनी लिमिटेड के नाम से जाना जाता है।
A.
लोहा और इस्पात उद्योग
B.
सूती वस्त्र उद्योग
C.
पेट्रोकेमिकल्स
D.
चीनी उद्योग
लौह एवं इस्पात उद्योग को भारत के अर्थव्यवस्था की रीढ़ माना जाता है। इस उद्योग में लगभग 90,000 करोड़ की पूंजी लगी हुई है और बड़ी संख्या में (5 लाख से अधिक लोगों)लोगों को रोजगार प्रदान करता है।
A.
1941
B.
1991
C.
1891
D.
1947
आंध्र प्रदेश और एशिया में सबसे तेज़ी से बढ़ रहे शहरों में से दूसरे सबसे बड़े यह शहर कुछ प्रमुख उद्योगों का संयंत्र केन्द्र है। इनमे से अधिक लोकप्रिय उद्योग है - पानी का जहाज़ (सबमैराइन संग्रहालय) बनाने का कारख़ाना।
A.
12%
B.
14%
C.
18%
D.
19%
सूचना प्रौद्योगिकी भारत के कुल निर्यात का 14% के लिए हुए है। बेंगलुरु सिलिकॉन पठार के रूप में सुपरिचित है क्योंकि यह भारत में सूचना प्रौद्योगिकी उद्योग का केंद्रस्थल है|
स्वामित्व के आधार पर उद्योगों का वर्गीकरण निम्न प्रकार से किया जा सकता है:
i. सार्वजनिक क्षेत्र
ii. निजी क्षेत्र
iii. संयुक्त व सहकारी क्षेत्र
पेट्रो- रसायन उद्योग के कुछ प्रमुख उत्पाद इस प्रकार हैं:
i) पॉलिमर
ii) संश्लेषित रेशम
iii) इलैस्ट्रोमर
iv) सरफेसटेंट इंटरमीडिएट
पेट्रो-रसायन उद्योग अपरिष्कृत (कच्चे)पेट्रोलियम पर आधारित होते हैं|
भारत में पंचवर्षीय योजनाओं की प्रमुख उपलब्धियां इस प्रकार हैं:
1. सकल राष्ट्रीय उत्पाद में वृद्धि: सकल राष्ट्रीय उत्पाद एक निश्चित समय में किसी राष्ट्र की अर्थव्यवस्था में सभी निर्मित वस्तुओं और सेवाओं का कुल बाजार मान होता है|
2. अर्थव्यवस्था के भिन्न क्षेत्रों में विकास: पंचवर्षीय योजनाओं की प्रमुख उपलब्धियों में से एक अर्थव्यवस्था के भिन्न क्षेत्रों में विकासहै| प्रत्येक पंचवर्षीय योजना पिछड़े वर्गों के विकास और परिवर्तन पर केन्द्रित रही है|
3. उपभोग की स्थिति में विकास: योजनाओं में उपभोग की स्थिति कई क्षेत्रों में विकसित हुई है|
4. गरीबी उन्मूलन कार्यक्रम की सफलता: गरीबी को गरीबी-रेखा से नीचे जीवन-यापन के प्रतिशत से व्यक्त किया जा सकता है|
5. रोजगार की स्थिति: रोजगार सृजन भी पंचवर्षीय योजनाओं की एक प्राथमिकता रह है| रोजगार के अवसरों की दर जनसंख्या की अपेक्षा में अधिक बढ़ी है|
सकल राष्ट्रीय उत्पाद में 7.6 गुना बढ़ोत्तरी हुई है| विकास दर 1950-51 से 2000-01 के मध्य 4.2 प्रतिशत प्रति वर्ष बढ़ी है|
A.
प्रायद्वीपीय भारत
B.
भारत के उत्तरी मैदानों
C.
उत्तर-पूर्व की पहाड़ी क्षेत्र
D.
पश्चिमी भारत
भारत के उत्तरी मैदान में समतल स्थलाकृति, सघन जनसंख्या, गहन औद्योगिक एवं कृषिक सक्रियता जैसे कारक ही इन क्षेत्रों में रेल मार्गों के सघनतम रेल नेटवर्क तथा विकास का मुख्य कारण हैं|
A.
दूरदर्शन
B.
आकाशवाणी
C.
भारतीय रेडियो
D.
भारतीय प्रसारण प्रणाली
सरकार ने रेडियो को, भारतीय प्रसारण प्रणाली के तहत 1930 में संचार का एक लोकप्रिय साधन के रूप में अपने नियंत्रण में लाया था। यह 1957 में और 1936 में आकाशवाणी नाम से बदल कर ऑल इंडिया रेडियो के नाम रखा गया था।
A.
7510 किलोमीटर
B.
7920 किलोमीटर
C.
6570 किलोमीटर
D.
9934 किलोमीटर
भारत में द्वीपों सहित एक विशाल समुद्र तट है, जिसका कुल लम्बाई 7,517 किलोमीटर।
A.
3
B.
10
C.
4
D.
5
राष्ट्रीय जलमार्ग 1 इलाहाबाद और हल्दिया के बीच में एवं राष्ट्रीय जलमार्ग 2 सादिया और धुबरी के बीच में तथा राष्ट्रीय जलमार्ग 3 कोट्टापुरम और कोल्लम के बीच स्थित स्थित हैं|
A.
इंसाट
B.
पीएसएलवी
C. आईआरएस
D. चंद्रयान
ध्रुवीय उपग्रह प्रमोचन वाहन (पीएसएलवी), विश्व के सर्वाधिक विश्वसनीय प्रमोचन वाहनों में से एक है। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के प्रक्षेपण यान पीएसएलवी ने 15/02/2017 श्रीहरिकोटा स्थित अंतरिक्ष केन्द्र से एक एकल मिशन में रिकार्ड 104 उपग्रहों का सफलतापूर्वक प्रक्षेपण किया।
A.
जनवरी 1989
B.
फ़रवरी 1999
C.
जनवरी 1999
D.
मार्च 1985
स्वर्णिम चतुर्भुज (Golden Quadrilateral) भारत का एक प्रसिद्ध राजमार्ग है जो 5,846 किलोमीटर लंबी सड़क नेटवर्क बनाने की एक परियोजना है, जो दिल्ली, मुंबई, कोलकाता और चेन्नई को आपस में जोड़ती है।
A.
राष्ट्रीय राजमार्ग 07
B.
राष्ट्रीय राजमार्ग 01
C.
राष्ट्रीय राजमार्ग 32
D.
राष्ट्रीय राजमार्ग 08
राष्ट्रीय राजमार्ग 7 (NH7) की कुल लंबाई 2369 किमी है। यह भारत का सबसे बड़ा राजमार्ग है, जो उत्तर प्रदेश के वाराणसी शहर को भारत के दक्षिणी कोने, तमिलनाडु के कन्याकुमारी शहर के साथ जोड़ता है।
A.
कोलकाता
B.
गोरखपुर
C.
मालीगांव
D.
बरौनी
पूर्वोत्तर रेलवे भारतीय रेल की एक इकाई है। इसकी स्थापना 1952 में हुई थी। इसका मुख्यालय गोरखपुर में स्थित है।
A.
रेडियो
B.
अखवार
C.
टेलीविज़न
D.
उपरोक्त सभी
जनसंचार (Mass communication) उन सभी साधनों के अध्ययन एवं विश्लेषण से है जो एक साथ बहुत बड़ी जनसंख्या के साथ संचार सम्बन्ध स्थापित करते हैं। यह सम्मिलित रूप से समाचार पत्र, पत्रिकाएँ, रेडियो, दूरदर्शन, चलचित्र से लिया जाता है जो समाचार एवं विज्ञापन दोनो के प्रसारण के लिये प्रयुक्त होते हैं।
A.
1835 ई. में
B.
1851 ई. में
C.
1853 ई. में
D.
1854 ई. में
भारत में रेलों की शुरुआत 1853 में अंग्रेजों द्वारा अपनी प्राशासनिक सुविधा के लिये की गयी थी | तब, पहली अप ट्रेन ने मुंबई से थाणे तक (34 कि॰मी॰ की दूरी) की दूरी तय की थी|
A.
अन्तर्देशीय जल परिवहन
B.
भारतीय रेलवे
C.
इण्डियन एयरलाइन्स
D.
टेल्को बसें
भारत की रेलमार्गों की कुल लम्बाई 63,465 किमी है। भारत में विशालतम सामानों के आन्तरिक परिवहन तथा यात्रियों के संचालन में रेल परिवहन का महत्त्वपूर्ण स्थान है। यह रोजाना लगभग 2.3 करोड़ लोगों को सफ़र करती है|
A.
पहला
B.
दूसरा
C.
चौथा
D.
पांचवा
भारत में रेलवे जाल का कुल लम्बाई है - 63,221 किलोमीटर
A.
राष्ट्रीय मार्ग-6
B.
राष्ट्रीय मार्ग -7
C.
राष्ट्रीय मार्ग-8
D.
राष्ट्रीय मार्ग- 1
ऐतिहासिक शेरशाह सूरी मार्ग का लोकप्रिय नाम है – ग्रांड ट्रंक रोड (जी. टी. रोड), जिसे शेरशाह ने 1542 ई. में निर्माण कराया था। यह सड़क वर्तमान में राष्ट्रीय मार्ग- 1 से जाना जाता है, जो कोलकाता से दिल्ली तक विस्तृत हैं |
A.
चंडीगढ़
- मनाली से लेह
B. मुंबई-गुजरात-दिल्ली
C. चंडीगढ़-शिमला
D. श्रीनगर - लेह
यह सड़क समुद्र तल से से ऊपर 4,270 मीटर के औसत ऊंचाई पर विस्तृत है। यहाँ 5359 मीटर की ऊंचाई पर खार्दूंग ला नामक एक गिरिपथ स्थित है।
A.
मैदानी
क्षेत्रों
में
B. पहाड़ी क्षेत्रों में
C. पठारों में
D. ठंडी क्षेत्रों में
छोटी लाइन रेलवे को संकीर्ण गेज रेलवे भी कहा जाता है | इसमें रेलवे ट्रैक 76.2 सेमी दो फुट 6 इंच। 61 सेमी दो फुट की होते हैं | यह लाइनों आम तौर पर पहाड़ी क्षेत्रों तक ही सीमित है, जैसे: शिमला, ऊटी, कांगड़ा, माथेरान आदि।
A.
पक्की सड़कों
B.
कच्ची सड़कें
C.
रेलवे
D.
जहाजों
रास्ते या कच्ची सड़कें प्राचीन काल से ही सबसे उपयोगी परिवहन साधन रहा है। परिवहन के अन्य साधनों के विकास देश की आर्थिक विकास पर निर्भर करते हैं, जैसे- प्रौद्योगिकी में वृद्धि से ही, परिवहन के नए तरीके पाए गए।
एन्नोर भारत के तमिल नाडु राज्य में चेन्नई बंदरगाह से 24 किमी उत्तर की ओर कोरोमंडल तट पर अवस्थित है। एन्नोर पोर्ट की प्राथमिक अवधारणा या कार्य था - चेन्नई बंदरगाह (मुंबई पोर्ट के बाद भारत का दूसरा सबसे बड़ा बंदरगाह) के उपग्रहीय बंदरगाह के रूप में विकसित करना तथा इस बन्दरगाह पर बढ़ते दबाव को कम करना था।
A.
रेलवे
B.
समुद्र
C.
सड़क
D.
रोपवे
भारत में विदेशी व्यापार के लगभग 95 प्रतिशत भाग बोझा के तहत और 70 प्रतिशत भाग मूल्य के तहत परिवाहित किये जाते हैं
A.
4.94.%.
B.
6.23.% .
C.
8.68.%.
D.
9.71.%.
भारत की रेलमार्गों में छोटी लाइनों की कुल लंबाई के 3,124 किमी है । छोटी लाइन को आम तौर पर पहाड़ी क्षेत्रों में पाया जाता है। इस प्रकार लाइनों की पटरियों के बीच दूरी 0.762m है।
जोन वह क्षेत्र होता है जो अन्य क्षेत्रों से कुछ ही मात्रा में भिन्न होता है|
वह क्षेत्र जो अन्य क्षेत्रों से भिन्न किन्तु सामान विशेषताओं वाला होता है, प्रदेश कहलाता है| हम प्रदेश को भौगोलिक स्थितियों से संबंधित समानता से परिभाषित कर सकते हैं| इसमें एक स्थान पर भौगोलिक घटनाओं में समरूपता पाई जाती है|
भारत में योजना आयोग का मुखिया प्रधानमंत्री होते हैं|
भारत में नियोजन का केन्द्रीयकृत रूप व्याप्त है| यह भारत सरकार के योजना आयोग के अंतर्गत आता है|
सततपोषणीय विकास का संबंध भविष्य की आवश्यकताओं से तुलना किये बिना ही वर्तमान की आवश्यकताओं को पूरा करना है|
'नियोजन' विचार की एक प्रक्रिया है, इसमें किसी योजना या कार्यक्रम के निर्माण अथवा किसी लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए कई कार्यों का क्रियान्वयन शामिल है|
भारत के सूखा संभावी क्षेत्रों में निम्न शामिल हैं:
अर्द्ध-शुष्क और शुष्क राजस्थान, गुजरात, पश्चिमी मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र का मराठवाड़ा क्षेत्र, आंध्र प्रदेश के रायलसीमा और तेलंगाना के पठार, कर्नाटक के पठार तथा तमिलनाडु के आतंरिक भाग|
पर्वतीय क्षेत्र विकास कार्यक्रमों की शुरुआत पांचवी पंचवर्षीय योजना में की गयी थी| इस कार्यक्रम में उत्तरांखण्ड के सभी पर्वतीय जिलों सहित 15 जिले, मिकिर पहाड़ी और असम के उत्तरी कछार पहाड़ियां, पश्चिम बंगाल का दार्जलिंग जिला और तमिलनाडु का नीलगिरी जिला शामिल हैं|
|
आर्थिक क्षेत्र |
योजना क्षेत्र |
|
1. एक आर्थिक क्षेत्र राज्य का वह खंड होता है, जो राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था को प्रदर्शित करता है| |
1.एक योजना क्षेत्रराज्य का वह खंड होता है, जिसपर आर्थिक विभाजन लागू होता है| |
|
2.प्राकृतिक परिस्थितियों तथा संसाधनों की एकरूपता के कारण इनकी प्रकृति आर्थिक क्षेत्रों का आधार हो सकती है| |
2. योजना क्षेत्र प्रशासनिक क्षेत्रों के सामान होते हैं, क्योंकि इनकी सांख्यिकी प्रशासन के स्तर पर एकत्रित की जाती है| |
|
3. आर्थिक क्षेत्र संसाधनों की एकरूपता एवं उनके उपयोगों के आधार पर सीमित होते हैं| |
3.एक योजना क्षेत्र में स्पष्ट एकरूप भौगोलिक तथा सामाजिक कारक विद्यमान होने चाहिए| |
|
|
|
पर्यावरण के मुद्दे पर संयुक्त राष्ट्र द्वारा पर्यावरण एवं विकास पर संयुक्त राष्ट्र विश्व आयोग की स्थापना नार्वे के प्रधानमंत्री ग्रो हार्लेम ब्रंटलैंड ने की थी| इस आयोग ने 1987में अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत की थी जिसे ‘हमारा साझा भविष्य’ ब्रंटलैंड रिपोर्ट कहा जाता है|
भारत में पांचवी पंचवर्षीय योजना में आरम्भ किये गए लक्ष्य क्षेत्र कार्यक्रम के कुछ उदाहरण इस प्रकार हैं: कमान नियंत्रित क्षेत्र विकास कार्यक्रम, सूखाग्रस्त क्षेत्र विकास कार्यक्रम बंजर भूमि विकास कार्यक्रम तथा पर्वतीय क्षेत्र विकास कार्यक्रम|
नियोजन के दो उपागम होते हैं: जैसे खंडीय नियोजन और प्रादेशिक नियोजन|
खंडीय नियोजन: खंडीय नियोजन में योजनाओं का निर्माण और क्रियान्वयन अथवा अर्थव्यवस्था के विभिन्न सेक्टरों जैसे: कृषि, सिंचाई, परिवहन, ऊर्जा के विकास के लिए कार्यक्रम बनाना शामिल है|
प्रादेशिक नियोजन: प्रादेशिक नियोजन वह नियोजन है, जिसमें योजनाकारों के लिए यह आवश्यक है कि वे एक स्थानिक परिप्रेक्ष्य अपनाएं। यह विकास में प्रादेशिक असंतुलन कम करने के लिए विकास का असमान प्रतिरूप सुनिश्चित करता है|
एकीकृत क्षेत्र दृष्टिकोण कार्यक्रम के अवयव इस प्रकार हैं:
i. पर्वतीय क्षेत्र विकास कार्यक्रम
ii. जनजातीय क्षेत्र विकास कार्यक्रम
iii. सूखाग्रस्त क्षेत्र विकास कार्यक्रम
iv. महानगर क्षेत्रीय योजना
भरमौर जनजातीय क्षेत्र में समन्वित जनजातीय विकासपरियोजना (आई.टी.डी.पी.)के सामाजिक लाभ इस प्रकार हैं:
i. गद्दी और भरमौर अनुसूचित जनजाति में शामिल हो गए थे|
ii. गद्दी जनजाति के लोगों के जीवन में सुधार हुए तथा भरमौर और हिमाचल प्रदेश के अन्य क्षेत्रों में विकास के स्तर में अंतर आया|
iii. यह क्षेत्र परिवहन के विकास, जनसंचार, कृषि और सम्बद्ध कार्यों की सर्वोच्च प्राथमिकता पर था|
तृतीय पंचवर्षीय योजना के उद्देश्य इस प्रकार हैं:
1) 5 प्रतिशत तक राष्ट्रीय आय में वृद्धि सुरक्षित करना तथा आगामी योजना वर्षों के लिए विकास की दर सुरक्षित करना|
2) खाद्यान्न के मामले में आत्मनिर्भर होना तथा उद्योग निर्यात की आवश्यकता को पूरा करने के लिए कृषि उत्पादकता में वृद्धि करना|
3) आधारभूत उद्योग जैसे इस्पात, रसायन, ईंधन और विद्युत का विस्तार करना तथा मशीन निर्माण क्षमता को बढ़ाना|
4) अवसरों की उत्तरोत्तर वृद्धि करना तथा आय व संपत्ति की असमानता में कमी लाना|
दूसरी पंचवर्षीय योजना के उद्देश्यों इस प्रकार हैं:
1) राष्ट्रीय आय में 25 प्रतिशत की बढ़ोत्तरी करना|
2) आधारभूत विकास और भारी उद्योग पर विशेष बल देकर औद्योगीकरण को बढ़ावा देना|
3) रोजगार के अवसरों का विस्तार
4) असमानता में कमी लाना|
दसवीं योजनावर्ष2002 में आरम्भ हुई और 31.03.2007 कोसमाप्तहोगयी|इसके निम्न उद्देश्य थे:
1) सकल घरेलू उत्पाद की वार्षिक विकास दर प्रतिवर्ष 8 प्रतिशत तक प्राप्त करना|
2) निर्धनता दर में 26 प्रतिशत से 21 प्रतिशत तक की कमी लाना|
3) 2007 तक सभी बच्चों के लिए अनिवार्य शिक्षा का प्रबंध करना|
4) बाल मृत्यु दर प्रति हजार 45 से 28 तक कम करना|
5) वन क्षेत्र भूमि 19 प्रतिशत से 25 प्रतिशत तक बढ़ाना|
6) लोगों के जीवन की गुणवत्ता में बेहतरी लाना|
1) SFDA: लघु कृषक विकास संस्था
2) DPAP: सूखाग्रस्त क्षेत्र विकास कार्यक्रम
3) CADP: कमान नियंत्रित क्षेत्र विकास कार्यक्रम
4) TADP: जनजातीय क्षेत्र विकास कार्यक्रम
सूखा संभावी क्षेत्र विकास कार्यक्रम (DPAP) का मुख्य उद्देश्य गैर-कृषि योग्य भूमि में विकास करना है| यह कार्यक्रम फसल प्रबंधन तकनीकों के द्वारा कृषि योग्य भूमि के उचित उपयोग पर भी केन्द्रित है| इसका उद्देश्य उचित प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन तकनीक के द्वारा पर्यावरणीय संरक्षण और पारिस्थितिकी संतुलन का उद्धार करना है| इसमें बाँध, सिंचाई परियोजनाएं, चारागाह विकास शामिल हैं| पिछड़े क्षेत्रों के विकास की राष्ट्रीय समिति ने इस कार्यक्रम के क्रियान्वयन की समीक्षा की|
लक्ष्य क्षेत्र नियोजन: वे क्षेत्र जो आर्थिक रूप से पिछड़े हुए हैं, उन्हें लक्ष्य क्षेत्र की संज्ञा दी जाती है| क्षेत्रीय असमानता या असंतुलन के शब्दों में भिन्न क्षेत्रों के विकास में बहुत अधिक बदलाव देखा जा सकता है| इस क्षेत्रीय असमानता या असंतुलन को कम करने के लिए योजना आयोग ने ‘लक्ष्य क्षेत्र’ तथा ‘लक्ष्य-समूह’ योजना उपागमों को प्रस्तुत किया है|
कुछ लक्ष्य-समूह कार्यक्रम इस प्रकार हैं:
1.कमान नियंत्रित क्षेत्र विकास कार्यक्रम
2.सूखाग्रस्त क्षेत्र विकास कार्यक्रम
3.बंजर भूमि विकास कार्यक्रम
4.पर्वतीय क्षेत्र विकास कार्यक्रम
5.लघु कृषक विकास संस्था (SFDA)
6.सीमान्त किसान विकास संस्था (MFDA)
भारतीय रेल नेटवर्क में तीन गेज होते हैं:
संचार के साधन:जो साधन समाचारों और सूचनाओं को एक व्यक्ति से हजारों किलोमीटर दूर दूसरे व्यक्ति तक पहुँचाने में मदद करते हैं, संचार के साधन कहलाते हैं|संचार के साधनों में डाक, टेलीग्राफ, टेलीफोन, फैक्स, टेलीप्रिंटर,प्रिंट मीडिया, रेडियो, टेलीविज़न, वायरलेस और उपग्रह आदि शामिल हैं| ये संसार को दुनिया में घटित घटनाओं को जानकारी प्रदान करते हैं|
व्यक्तिगत संचार: व्यक्तिगत संचार एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति तक सूचना और विचारों के आदान प्रदान में मदद करता है| यह कंप्यूटर के द्वारा व्यक्तिगत नेटवर्क या टेलीकॉम से तैयार किया जाता है| आधुनिक संचार की यह प्रौद्योगिकी भारत के आर्थिक और सामाजिक विकास में अत्यंत उपयोगी साबित होती है|
जन-संचार: इसका संबंध जनता तक या एक बहुत बड़ी संख्या के लोगों तक सूचना के संचार से है| जन-संचार के दो महत्वपूर्ण साधन इस प्रकार हैं:
1. प्रिंट मीडिया
2. इलेक्ट्रॉनिक मीडिया
संसार के किन्हीं दो भागों के मध्य पदार्थ या ऊर्जा का स्थानांतरण संचार कहलाता है| यह पदार्थ या ऊर्जा सूचना के वाहक हो सकते हैं| संचार को एक चैनल के माध्यम से सूचना की उत्पत्ति के स्थान से उसके गंतव्य स्थान तक संवहन के रूप में जाना जाता है|डाक सेवा, टेलीफोन, टेलीग्राफ और फैक्स सेवा, इन्टरनेट तथा उपग्रह आदि संचार के कुछ प्रमुख साधन हैं|
उत्तर-दक्षिण गलियारे का उद्देश्य जम्मू व कश्मीर के श्रीनगर से तमिलनाडु के कन्याकुमारी (कोच्चि-सेलम पर्वत स्कंध सहित) को 4,016 कि.मी. लंबे मार्ग द्वारा जोड़ना है। पूर्व एवं पश्चिम गलियारे का उद्देश्य असम में सिलचर से गुजरात में पोरबंदर को 3,640 कि.मी. लंबे मार्ग द्वारा जोड़ना है।
स्वर्णिम चतुर्भुज परियोजना भारत की सबसे बड़ी परियोजना है| यह भारत की एक महत्वाकांक्षी परियोजना है, जो राष्ट्रीय राजमार्गों के विस्तार से चार प्रमुख महानगरों को आपस में जोड़ती है|यह दिल्ली, मुंबई, कोलकाता और चेन्नई को जोड़ने वाला चार या छह लेन वाला 5,846 किमी० लम्बा एक्सप्रेस-वे है|

इस
परियोजना को
पूर्ण करने
का लक्ष्य
दिसम्बर, 2004 रखा
गया| और 31 जनवरी
2004 तक2,482 किमी०
लम्बा
एक्सप्रेस-वे
तैयार करा
लिया गया था|
स्वर्णिम
चतुर्भुज
परियोजना के
मार्ग इया
प्रकार हैं:
वर्तमान स्थिति:
स्वर्णिम चतुर्भुज परियोजना की वर्तमान स्थितिइस प्रकार हैं:
|
क्र.सं . |
मार्ग (रूट) |
राष्ट्रीय राजमार्ग |
तैयार लम्बाई (किमी०) |
कुल लम्बाई (किमी०) |
तैयार मार्ग का प्रतिशत |
दिनांक |
|
1. |
दिल्ली-कोलकाता |
राष्ट्रीय राजमार्ग-2 |
1318 |
1453 |
92.15 |
30 अप्रैल, 2007 |
|
2. |
दिल्ली-मुंबई |
राष्ट्रीय राजमार्ग- |
1419 |
1419 |
100 |
नवम्बर, 2006 |
|
3. |
मुंबई-चेन्नई |
राष्ट्रीय राजमार्ग-4 |
1240 |
1290 |
96.28 |
30 अप्रैल, 2007 |
|
4. |
कोलकाता-चेन्नई |
राष्ट्रीय राजमार्ग-5 |
1563 |
1684 |
92.93 |
30 अप्रैल, 2007 |
सड़क परिवहन के दोष निम्न हैं:
A.
1.3%
B.
0.6%
C.
0.9%
D. 0.7%
विश्व के कुल निर्यात में भारत का भाग 0.6% है|
A.
70%
B.
56%
C.
76%
D.
45%
रेडीमेड कपड़े भारत के निर्यातित विनिर्मित वस्तुओं में सबसे महत्वपूर्ण हैं|
A.
12.5%
B. 13.4%
C. 12.2%
D. 11.2%
कृषि उत्पाद भारत के निर्यात का 13.4% है| कृषि उत्पाद के निर्यातों में चाय प्रमुख है|
A.
मुंबई
B. राजस्थान
C. गोवा
D. कच्छ की खाड़ी
कांडला पत्तन कच्छ की खाड़ी के पश्चिमी किनारे पर स्थित है| इसे एक प्रमुख पत्तन के रूप में विकसित किया गया था| इसका निर्माण मुंबई पत्तन से दबाव कम करने के लिए किया गया था|
A.
पूर्वी यूरोप
B.
आसियान देश
C.
दक्षिण अमेरिका
D.
अफ्रीका
आसियान देशों में शामिल हैं – इंडोनेशिया, सिंगापुर, थाईलैंड, ब्रूनेई, मलेशिया, आदि|
A.
3.4%
B.
6.5%
C.
1.0%
D.
2.3%
भारत से खनिजों के निर्यात में घरेलू मांग में अधिकता के कारण कमी आई है|
A.
36.2%
B.
28.2%
C.
27.2%
D.
12.8%
भारत में पेट्रोलियम का उत्पादन इसकी खपत से कम होता है| इसलिए भारत को अन्य देशों से भारी मात्रा में पेट्रोलियम का आयात करना पड़ता है|
A.
मुंबई
B.
आगरा
C. चेन्नई
D.
गुजरात
मुंबई पत्तन एक प्राकृतिक पत्तन है| यह भारत का सबसे बड़ा पत्तन है और इसकी पश्चिमी तट पर स्थित है|
A.
आंतरिक
व्यापार
B. बाह्य व्यापार
C. अंतर्राष्ट्रीय व्यापार
D. स्थानीय व्यापार
दो या दो से अधिक देशों के बीच वस्तुओं का क्रय-विक्रय अंतर्राष्ट्रीय व्यापार कहलाता है| अधिकतर देश उन वस्तुओं का व्यापार करते हैं, जिनकी खपत या उत्पादन उन देशों में अधिक होती है|
A.
संयुक्त राज्य अमेरिका
B. यूनाइटेड किंगडम
C. चीन
D.
जर्मनी
संयुक्त राज्य अमेरिका अंतर्राष्ट्रीय व्यापार में भारत का सबसे भागीदार है|
A.
दक्षिण
अफ्रीका
B. नेपाल
C. चीन
D. म्यांमार
भारत अपना अधिकतर अंतर्राष्ट्रीय व्यापार समुद्री तथा वायु मार्ग से करता है| लेकिन, कुछ पड़ोसी देशों, जैसे नेपाल, भूटान, बांग्लादेश, पाकिस्तान, आदि से यह सड़क मार्ग से भी व्यापार करता है|
A.
राज्य सरकार
B.
केंद्र सरकार
C.
ओ.एन.जी.सी.
D.
भारतीय पत्तन आयोग
भारत में 12 प्रमुख पत्तन और 185 छोटे पत्तन हैं| प्रमुख पत्तनों से सम्बंधित नीतियां केंद्र सरकार बनाता है|
A.
पश्चिम बंगाल
B.
तमिलनाडु
C.
महाराष्ट्र
D.
गुजरात
तमिलनाडु में दो प्रमुख पत्तन स्थित हैं – चेन्नई और एन्नोर|
वे उद्योग जो उपभोग की वस्तुओं का विनिर्माण करते हैं, उपभोक्ता-वस्तु उद्योग कहलाते हैं| जैसे; चीनी, वनस्पति घी और जूते उपभोग की वस्तुओं के अंतर्गत आते हैं|
भारत में पहली सूती मिल 1854 में मुंबई में नानाभाई डावर द्वारा ‘बॉम्बे कताई मिल’ के नाम से स्थापित की गयी थी|
सूती वस्त्रों के उत्पादन के सन्दर्भ में विश्व में भारत तीसरे स्थान पर है|
श्रम प्रधान उद्योग वे उद्योग होते हैं जिसमें बहुत बड़ी संख्या में श्रमिक, प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से वस्तु-उत्पादन में लगे होते हैं|
स्वामित्व के आधार पर, उद्योगों को निम्न तीन क्षेत्रों में विभाजित किया जा सकता है:
1. सार्वजनिक क्षेत्र
2. निजी क्षेत्र
3. संयुक्त क्षेत्र उद्योग
संयुक्त क्षेत्र उद्योग वे उद्योग होते हैं जिनका स्वामित्व राज्य और कुछ निजी उद्योगपतियों/ फर्म्स के पास होता है|
‘विनिर्माण’ प्राथमिक उत्पादों को अधिक परिष्कृत और उपयोगी उत्पाद बनाने की एक प्रक्रिया है|
वे उपकरण जो पहियों पर घुमते हैं तथा इनका उपयोग परिवहन उद्योग में किया जाता है, रोलिंग स्टॉक कहलाते हैं| उदहारण: रेल-सड़कें कारें, ट्रैक्टर-ट्रेलर्स और ट्रक आदि|
जब एक विशेष क्षेत्र में कई उद्योग स्थापित होते हैं, उसे औद्योगिक समूह की संज्ञा दी जाती है|
कृषि-आधारित उद्योग कृषि संबंधी कच्चे माल पर आधारित होते हैं|
कच्चे माल की उपयोगिता के आधार पर उद्योगों को निम्न प्रकार से वर्गीकृत किया जा सकता है:
वस्त्र उद्योगों के मुंबई क्षेत्र से अहमदाबाद की ओर पलायन करने के निम्न कारण हो सकते हैं:
सार्वजनिक क्षेत्र (सरकारी) से निजी क्षेत्र (व्यवसाय) में स्वामित्व का हस्तानान्तरण करना निजीकरण कहलाता है| इसके प्रतिकूल किया जाने वाला हस्तानान्तरण किसी संपत्ति या उत्तरदायित्व का राष्ट्रीयकरण कहलाता है| निजीकरण का उद्देश्य निजी उद्यमियों को औद्योगिक विकास में भागीदरी के लिए बढ़ावा देना है| उद्योग, उद्यमियों को सौंपे गए हैं, ताकि उनके लिए उद्योग स्थापित करना आसान हो| इससेसरकारी एजेंसियों पर पड़ने वाला भार कम होता है तथा उद्योगों की विविधता और विकेंद्रीकरण में मदद मिलती है|
चीनी उद्योग को मौसमी उद्योग माना जाता है क्योंकि इस उद्योग पर आधारित कच्चा माल प्रकृति में मौसमी रूप से प्राप्त किया जाता है| गन्ने की फसल भी विशेष मौसम में उगाई जाती है| गन्ना पिराई के मौसम में ही चीनी मिलें भी कार्यरत होती हैं|

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रासायनिक उद्योग |
पेट्रो-रसायन उद्योग |
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1. रासायनिक उद्योग खनिज निक्षेप; जैसे नमक, पोटाश, नाइट्रेट और सल्फर पर निर्भर होते हैं| |
1. पेट्रो-रसायन उद्योग कोयले, गैस और पेट्रोलियम से प्राप्त होने वाले रसायनों पर निर्भर होते हैं| |
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2. रसायनों में सल्फ्यूरिक अम्ल, हाइड्रोक्लोरिक अम्ल, नाइट्रिक अम्ल और दाहक क्षार शामिल होते हैं| |
2. पेट्रो-रसायनों में विस्फोटक उर्वरक, प्लास्टिक, संश्लेषित रेशम और रबर शामिल होती हैं| |
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3. रासायनिक उद्योग कच्चे माल के संसाधनों की उपलब्धता के निकट स्थापित किये जाता हैं| |
3. पेट्रो-रसायन उद्योग तेल शोधशालाओं के निकट स्थापित किये जाते हैं| |
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भारत के लौह एवं इस्पात कारखानों निम्न हैं:
विनिर्मित वस्तुओं की प्रकृति के आधार पर उद्योगों को निम्न प्रकार से वर्गीकृत किया जा सकता है:
i. धातुकर्म उद्योग
ii. यान्त्रिक अभियांत्रिकीउद्योग
iii. रासायनिक एवं उससे संबंधित उद्योग
iv. वस्त्र उद्योग
v. खाद्य संसाधन उद्योग
vi. इलेक्ट्रॉनिक उद्योग
vii. विद्युत उत्पादन उद्योग
viii. संचार उद्योग
जिन स्थानों पर अधिक उद्योग स्थापित होते हैं, वह क्षेत्र औद्योगिक क्षेत्र के नाम से जाना जाता है|
भारत के प्रमुख औद्योगिक क्षेत्र:
1. मुंबई-पुणे क्षेत्र: यह क्षेत्र ठाणे से पुणे तक फैला हुआ है तथा नासिक और शोलापुर जिलों से भी सम्बद्ध है|
2. हुगली क्षेत्र: यह उत्तर में बांस्बेरिया से दक्षिण में बिरलानगर तक फ़ैल हुआ है|
3. बंगलूरू-तमिलनाडु क्षेत्र: यह बंगलूरू से लेकर विलुपुरम को छोड़कर तमिलनाडु के सभी भागों में फ़ैल हुआ है|
4. गुजरात क्षेत्र: यह अहमदाबाद और दक्षिण में वड़ोदरा से पश्चिम में जामनगर तक फैला हुआ है|
5. छोटानागपुर क्षेत्र: यह झारखंड उत्तरी ओडिशा और पश्चिमी पश्चिम बंगाल तक फैला हुआ है|
6. विशाखापट्टनम-गुंटूर क्षेत्र: यह जिला विशाखापट्टनमसे दक्षिण में कुरनूल और प्रकाशम जिलों तक फैला हुआ है|
7. गुणगांव-दिल्ली-मेरठ क्षेत्र: इसमें गुणगांव, दिल्ली, शाहदरा, फरीदाबाद, गाजियाबाद, मेरठ, मोदीनगर, अंबाला, आगरा और मथुरा शामिल हैं|
8. कोल्लम-तिरुवनंतपुरम क्षेत्र: यह क्षेत्र तिरुवनंतपुरम, कोल्लम, अल्वे, एर्नाकुलम और अलाप्पुझा तक फैला हुआ है|

A.
नियोजन
आयोग ने
B. ग्रामीण और शहरी विकास मंत्रालय ने
C. संयुक्त राष्ट्र संघ ने
D. पर्यावरण मंत्रालय ने
क्षेत्रीय और सामाजिक विषमताओं की प्रबलता को काबू में रखने के क्रम में योजना आयोग ने ‘लक्ष्य क्षेत्र’ तथा ‘लक्ष्य समूह’ योजना उपागमों को प्रस्तुत किया है|
A.
अन्न
का मूल्य बढ़
गया था
सन 1970 के बाद
भारत में
अन्न का आयात
हरित क्रांति
की सफलता के
कारण बंद कर
दिया गया था|
अन्न के आयात
के बदले फ़र्टिलाइज़र
और
पेट्रोलियम
का आयात होने
लगा|
विशाखापटनम
पत्तन B.
एन्नोर
पत्तन C.
तूतीकोरिन
पत्तन D.
चेन्नई
पत्तन
चेन्नई
पत्तन भारत
के पूर्वी तट
पर बने पुराने
पत्तनों में
से एक है| यह
मानव-निर्मित
पत्तन सन 1859 में
बनाया गया था|
यह बड़े
जहाजों के
लिए उपयुक्त
है|
भारत
अपना
निर्यात
लगभग 180 देशों
को करता है| हमारे
प्रमुख
निर्यात
कपड़े, मसाले,
हस्तशिल्प, इत्यादि
शामिल हैं|
पेट्रोलियम
तथा
पेट्रोलियम
उत्पाद B.
रसायन C.
सोना,
चाँदी और
बहुमूल्य पत्थर D.
रेडीमेड
कपडे
भारत
के प्रमुख
आयातित
उत्पाद सोना,
चाँदी, बहुमूल्य
पत्थर, मोती,
इत्यादि हैं|
B.
लखनऊ
में C.
जयपुर
में D.
मुंबई
में
सहार
(अंतर्राष्ट्रीय)
हवाई अड्डे
और सांता क्रुज़
(घरेलु) हवाई
अड्डे को
जोड़ा गया और
इसका नामकरण
17वीं शताब्दी
के मराठा
सम्राट
छत्रपति
शिवाजी के
नाम पर किया
गया|
75 प्रतिशत B.
60 प्रतिशत C.
45 प्रतिशत D.
25 प्रतिशत
भारत
में 12 प्रमुख
पत्तन और 185
छोटे पत्तन
हैं| भारत के
समुद्री
यातायात का
एक बड़ा
हिस्सा 12 प्रमुख
पत्तन
सँभालते हैं|
SOLUTION
A.
SOLUTION
A.
B.
C.
D.
Right Answer is: ASOLUTION
A.
SOLUTION
A.
बेंगलुरु
मेंSOLUTION
A.
SOLUTION