CBSE - MCQ Question Banks (के. मा. शि. बो . -प्रश्नमाला )

PreviousNext

Q. 162801 व्‍यय विधि द्वारा राष्‍ट्रीय आय को मापने के चरणों को लिखिए।
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

व्‍यय विधि द्वारा राष्‍ट्रीय आय के आंकलन में निम्‍नलिखित चरणों शामिल होते हैं:
1. अंतिम उत्‍पादों पर व्‍यय होने वाली सभी आर्थिक इकाइयों को चार समूहों में विभाजित किया जाता है।
(1) परिवार
(2) व्‍यवसायिक क्षेत्र
(3) सरकारी क्षेत्र
(4) शेष विश्‍व

2. अर्थव्‍यवस्‍था में अंतिम वस्‍तुओं और सेवाओं पर हुये अंतिम व्‍यय को चार व्‍यापक श्रेणियों में विभाजित किया जाता है:
(1) उपभोग व्‍यय
(2) निवेश व्‍यय
(3) सरकारी व्‍यय
(4) निवल निर्यात

3. इस चरण में अंतिम व्‍यय के घटकों की माप शामिल होती है जिसमे विदेशों से प्राप्त शुद्ध कारक आय जोड़कर राष्ट्रीय आय प्राप्त की जाती है |


Q. 162802 कर्मचारियों के पारिश्रमिक को परिभाषित कीजिए। इसके विभिन्‍न भाग क्‍या हैं?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

नकद या अन्‍य किसी प्रकार से अपने कर्मचारियों को मजूदरी, वेतन के रूप में उत्‍पादकों द्वारा किये गये भुगतान को मुआवजे के रूप में परिभाषित किया जाता है। सामाजिक सुरक्षा योजनाओं, दुर्घटना बीमा, जीवन बीमा आदि के योगदान में भी मुआवजे में शामिल होता है।

कर्मचारियों का पारिश्रमिक है:

* नगद मजदूरी और वेतन

* सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के लिए कर्मचारी का योगदान

अपने कार्य के लिए प्राप्‍त किये गये सभी भुगतान जिसमें मजूदरी और वेतन भी शामिल होते हैं।

मजूदरी किसी भी रूप में हो सकती है:

* नि:शुल्‍क आवास

* नि:शुल्‍क राशन

* नि:शुल्‍क चिकित्‍सा सुविधाएं

* अन्‍य दूसरी सुविधाएं


Q. 162803 निम्‍नलिखित समंकों की सहायता से राष्‍ट्रीय आय की गणना कीजिए:
(1) बाजार कीमत पर सकल राष्‍ट्रीय उत्‍पाद INR 1000 करोड़
(2) मूल्‍य ह्रास INR 200 करोड़
(3) अप्रत्‍यक्ष कर INR 150 करोड़
(4) अनुदान INR 250 करोड़
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

राष्‍ट्रीय आय की गणना-

कारक लागत पर राष्‍ट्रीय उत्‍पाद = (GDP) सकल घरेलू उत्‍पाद - अप्रत्‍यक्ष कर + अनुदान - मूल्‍य ह्रास

कारक लागत पर राष्‍ट्रीय उत्‍पाद = 1000 करोड - 150 करोड + 250 करोड - 200 करोड

कारक लागत पर राष्‍ट्रीय उत्‍पाद = INR 900 करोड़


Q. 162804 राष्ट्रीय आय मापने की उत्पाद विधि को समझाइये।
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

उत्पाद विधि- किसी अर्थव्यवस्था में एक वर्ष में उत्पादित सभी अंतिम वस्तुओं तथा सेवाओं के मौद्रिक मूल्य को जोड़ कर जो मूल्य प्राप्त होता है, वह सकल घरेलू उत्पादन कहलाता है। इस मूल्य में विदेशों से प्राप्त कारक आय को जोड़कर (या घटाकर) जो मूल्य प्राप्त होता है उसे सकल राष्ट्रीय उत्पाद कहते हैं। शुद्ध राष्ट्रीय आय प्राप्त करने के लिए सकल राष्ट्रीय उत्पाद में से मूल्य ह्रास तथा प्रतिस्थापन की राशि घटायी जाती है।

सावधानियां-

1. दोहरी गणना की गलती से बचने के लिए केवल अंतिम वस्तुओं और सेवाओं की कीमत को जोड़ा जाता है।

2. वर्ष विशेष में उत्पादित नर्इ पूंजी परिसम्पत्तियों को भी उसी वर्ष की राष्ट्रीय आय में जोड़ा जाता है।


Q. 162805 नीचे दिये गये समीकरणों को पूरा कीजिए। (i) GNPMP = NNPMP + _______
(ii) NNPMP = NDPMP + _______
(iii) GDPMP = GDPFC + ______
(iv) NNPFC = GDPMP + ______ -_______ - _____
(v) निवल अप्रत्‍यक्ष कर = _______ - _______
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

(i) GNPMP = NNPMP + मूल्‍यह्रास
(ii) NNPMP = NDPMP + विदेशों से प्राप्‍त निवल कारक आय
(iii) GDPMP = GDPFC + निवल अप्रत्‍यक्ष कर
(iv) NNPFC = GDPMP + विदेशों से प्राप्‍त निवल कारक आयमूल्‍यह्रासनिवल प्रत्‍यक्ष कर
(v) निवल अप्रत्‍यक्ष कर = अप्रत्‍यक्ष कर - सब्सिडी


Q. 162806 क्या पूँजी की हानि को राष्ट्रीय आय में शामिल किया जाता है ?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

पूँजी की हानि में प्राकृतिक आपदाओं जैसे भूकंप, बाढ़, सुनामी आदि तथा अनापेक्षित कारक जैसे चोरी, युद्ध आदि के कारण अचल संपत्ति के मूल्य की हानि शामिल होती है। उत्पाद का निवल मूल्य प्राप्त करने के लिए पूँजी की हानि का मूल्य, उत्पाद के सकल मूल्य से नहीं घटाया जाता है। ऐसा इसलिए किया जाता है क्योंकि यह हानि उत्पादन प्रक्रिया के दौरान नहीं होती है।


Q. 162807 निम्‍नलिखित आंकड़ों से, (क) आय विधि और (ख) व्‍यय विधि द्वारा राष्‍ट्रीय आय की गणना कीजिए।
(INR करोडों में)
(1) सरकारी अंतिम उपभोग व्‍यय 1000
(2) लाभ 700
(3) निवल अप्रत्‍यक्ष कर 110
(4) निजी अंतिम उपभोग व्‍यय 1500
(5) निवल निर्यात (-)20
(6) कर्मचारियों का मुआवजा 1200
(7) किराया 200
(8) ब्‍याज 270
(9) विदेशों से प्राप्‍त निवल कारक आय 30
(10) स्‍वनियोजित की मिश्रित आय 600
(11) सकल घरेलू पूंजी निर्माण 700
(12) निवल घरेलू पूंजी निर्माण 600
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

आय विधि द्वारा

राष्‍ट्रीय आय = कर्मचारियों का मुआवजा + किराया + ब्‍याज + लाभ + मिश्रित आय + विदेशों से प्राप्‍त निवल कारक आय

राष्‍ट्रीय आय = 1200 + 200 + 270 + 700 + 600 + 30

= INR 3000 करोड़

व्‍यय विधि द्वारा

राष्‍ट्रीय आय = निजी अंतिम उपभोग व्‍यय + सरकारी अंतिम उपभोग व्‍यय + निवल घरेलू पूंजी निर्माण + निवल निर्यात निवल अप्रत्‍यक्ष कर + विदेशों से प्राप्‍त निवल कारक आय

राष्‍ट्रीय आय = 1500 + 1000 + 600 + (-)20 – 110 + 30

= INR 3000 करोड़


Q. 162808 क्या निम्‍नलिखित को राष्‍ट्रीय आय के आंकलन में शामिल किया जाता है? व्‍याख्‍या करते हुए कारण बताइए
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

(i) विदेशी पर्यटकों द्वारा किया गया व्‍यय देश द्वारा किये गये निर्यात की तरह है। व्‍यय विधि द्वारा राष्‍ट्रीय आय का आकलन करते समय विदेशी पर्यटकों द्वारा किए गए व्‍यय को शामिल किया जाता है।
(2) एक कर्मचारी के लिए किराया मुक्‍त आवास पर अध्‍यारोपित किराये को राष्‍ट्रीय आय में शामिल किया जाता है क्‍योंकि यह उत्‍पादक सेवाएं प्रदान करने के लिए एक कर्मचारी किस्म के रूप में एक मुआवजा है।
(3) पेंशन एक व्‍यक्ति को उत्‍पादक सेवाओं के लिए नहीं बल्कि उसको वृद्धावस्‍था में जीवन यापन के लिए दी जाती है। वह केवल अंतरण आय जिसका  राष्‍ट्रीय आय में कोई योगदान नहीं होता हैं।


Q. 162809 मध्‍यवर्ती और अंतिम वस्‍तुओं को परिभाषित कीजिए। अंतिम उपयोग के आधार पर उनके बीच अंतर भी बताइए।
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

मध्‍यवर्ती वस्‍तुएं वे वस्‍तुएं होती है जिन्‍हें उपभोक्‍ताओं के लिए इस्‍तेमाल होने या बेचने से पहले परिवर्तित किया जाता है। ऐसी वस्‍तुएं ज्‍यादातर अंतिम वस्‍तुओं में परिवर्तित कर दी जाती हैं। मध्‍यवर्ती वस्‍तुओं की कीमत को राष्‍ट्रीय आय की गणना में शामिल नहीं किया जाता है। मकान बनाने में प्रयुक्‍त होने वाली र्इंटें, सीमेंट और लोहा मध्‍यवर्ती वस्‍तुएं हैं।

अंतिम वस्‍तुएं वे वस्‍तुएं है जिन्‍हें एक वर्ष के दौरान अंतिम उपयोगकर्ताओं को बेचा जाता है। ये वस्‍तुएं उपभोक्‍ताओं द्वारा अंतिम उपभोग के लिए और उत्‍पादकों द्वारा निवेश के लिए खरीदी जाती हैं, न कि पुनर्विक्रय के लिए। अंतिम वस्‍तुओं की कीमत को राष्‍ट्रीय आय की गणना में शामिल किया जाता है। कारें, टेलीविजन, कपडें आदि अंतिम वस्‍तुएं हैं।

मध्‍यवर्ती और अंतिम वस्‍तुओं के बीच अंतर केवल एक उत्‍पाद के आधार पर नहीं किया जाता है, बल्कि इसे अंतिम उपयोग के आधार किया जाता है। उदाहरण के लिए, जब नानबाई द्वारा आटा ब्रेड बनाने के लिए खरीदा जाता है, तब इसे एक मध्‍यवर्ती वस्‍तु कहा जाता है, लेकिन जब एक परिवार द्वारा उसी आटे को खरीदा जाता है, तब इसे अंतिम वस्‍तु कहा जाता है। इसी तरह, कारखानों में प्रयुक्‍त कोयला एक मध्‍यवर्ती वस्‍तु है, जबकि घर की रसोई में प्रयुक्‍त कोयला एक अंतिम वस्‍तु है।


Q. 162810 ''सकल घरेलू उत्‍पाद में प्रत्‍येक वृद्धि कल्‍याण का सूचक नहीं होती है।'' कथन को किन्ही तीन तर्कों के आधार पर स्‍पष्‍ट कीजिए।
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

सकल घरेलू उत्‍पाद और आर्थिक कल्‍याण में घनिष्‍ट संबंध है। कल्‍याण से अभिप्राय कुल कल्‍याण के उस भाग से है जिसे मुद्रा के रूप में व्‍यक्‍त किया जा सकता है अथवा मापा जा सकता है। सकल राष्‍ट्रीय उत्‍पाद अथवा सकल घरेलू उत्‍पाद में वृद्धि से आर्थिक कल्‍याण में प्राय: धनात्‍मक सम्‍बन्‍ध होता है। सकल घरेलू उत्‍पाद में वृद्धि से आर्थिक कल्‍याण में भी वृद्धि होती है। किन्‍तु सकल घरेलू उत्‍पाद और आर्थिक कल्‍याण निम्‍नलिखित कई घटकों पर निर्भर करता है।

(1) सकल घरेलू उत्‍पाद का आकार एवं प्रति व्‍यक्ति आय - यदि सकल घरेलू उत्‍पाद का आकार बढ़ता है, तो प्रति व्‍यक्ति आय भी बढ़ती है जिससे आर्थिक कल्‍याण में वृद्धि होती है तथा सकल घरेलू उत्‍पाद के आकार के घटने पर प्रति व्‍यक्ति आय भी घटती है जिससे आर्थिक कल्‍याण में कमी होती है।

(2) सकल घरेलू उत्‍पाद का वितरण- यदि सकल घरेलू उत्‍पाद का वितरण असमान है तथा इसका वितरण गरीबों के पक्ष में होता है तो आर्थिक कल्‍याण बढ़ेगा और यदि इसका वितरण धनवानों के पक्ष में होता है तो आर्थिक कल्‍याण कम होगा

(3) राष्‍ट्रीय आय का उपयोग या व्‍यय- यदि राष्‍ट्रीय आय का व्‍यय / उपयोग उत्‍पादक एवं स्‍वास्‍थ्‍यवर्धक कार्यों में किया जाता है तो आर्थिक कल्‍याण में वृद्धि होगी और यदि नशीली वस्‍तुओं के उपभोग, आदि पर व्‍यय किया जाता है तो आर्थिक कल्‍याण कम होगा


Q. 162811 आय के च

आय के चक्रीय  वर्तुल  प्रवाह का महत्त्व लिखिए <div class= A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

आय के चक्रीय ( वर्तुल ) प्रवाह का महत्त्व निम्नलिखित है :

  • राष्ट्रीय आय का अनुमान - निर्गत की सहायता से हम राष्ट्रीय आय का अनुमान लगा सकते हैं। आय तथा व्यय, आय के चक्रीय प्रवाह के पहलू हैं। उदाहरण के लिए- राष्ट्रीय आय कारक आय का कुल जोड़ या अर्थव्यवस्था में प्रवाहित वस्तुओं तथा सेवाओं के बाज़ार मूल्य का कुल जोड़ होता है।
  • आर्थिक गतिविधि का स्तर - यह समष्टि चर जैसे आय, बचत, उपभोग आदि के सन्दर्भ में सूचना प्रदान करता है। यह एक अर्थव्यवस्था में संतुलित आय के स्तर पर परिस्थितियों की व्याख्या करता है। उदाहरण के लिएः संतुलन के स्तर पर बचत और निवेश बराबर होते है |
  • इंजेक्शन तथा लीकेज का ज्ञान - यह चक्रीय प्रवाह में लीकेज तथा इंजेक्शन के सन्दर्भ में सूचना प्रदान करता है।
  • परस्पर निर्भरता की जानकारी - यह दर्शाता है कि कैसे अर्थव्यवस्था के विभिन्न क्षेत्र जैसे परिवार, फर्म, सरकार तथा शेष विश्व परस्पर जुड़े और निर्भर हैं।

 


Q. 162812 मुद्रा स्फीति को रोकने के लिए RBI को:


A.

आरक्षित नकद अनुपात को बढ़ाना चाहिए और सांविधिक तरलता अनुपात को कम करना चाहिए

Right Answer is: C

SOLUTION

मुद्रा स्फीति को कम करने के लिए सरकार को अर्थव्यवस्था में मुद्रा पूर्ति कम करनी चाहिए जिसके लिए वह आरक्षित नकद अनुपात और सांविधिक तरलता अनुपात , या रेपो रेट को बढ़ा कर बैंकों की ऋण के द्वारा मुद्रा सृजन की श्रमता को कम कर सकती है|


Q. 162813 सीमांत सांविधिक आवश्यकता में वृद्धि से, अर्थव्यवस्था में साख की उपलब्धता:


A.

कम होती है

B. बढ़ जाती है

C. अपरिवर्तित रहती है

D.

असीमित हॉट जाती है

Right Answer is: A

SOLUTION

सीमांत सांविधिक आवश्यकता में वृद्धि से बैंकों के पास कुल जमाओं में से क़ानूनी तौर पर ऋण देने की श्रमता कम हो जाती है|


Q. 162814 निम्न में से क्या मूल्यहास आरक्षित कोष की आवश्यकता होती हैं:


A.

माल-सूची निवेश के लिए

B.

विज्ञापन के लिए

C.

पुन:स्थापन निवेश के लिए

D. इनमें से कोई नहीं

Right Answer is: C

SOLUTION

मूल्यहास आरक्षित कोष का प्रयोग घिसी-पिटी स्थिर परिसंपत्त्तियों का पुन:स्थापन करना हैं|


Q. 162815 हिमाचल तथा मुंबई के बीच 120 किमी. प्रति घंटा की रफ़्तार से चलने वाली कार सम्मिलित करती हैं:


A.

केवल स्टॉक चरों को

B.

केवल प्रवाह चरों को

C.

स्टॉक तथा प्रवाह दोनों चरों को

D.

इनमें से कोई नहीं

Right Answer is: C

SOLUTION

कुछ स्टॉक चरों का प्रवाह पहलू भी होता हैं, उदहारण के लिए, समय के एक बिंदु पर पूँजी एक स्टॉक है किन्तु पूँजी के स्टॉक में वृद्धि अर्थात एक वर्ष के दौरान पूँजी निर्माण एक प्रवाह है|


Q. 162816 अर्थव्यवस्था के विभिन्न क्षेत्रों के बिच वस्तुओं तथा सेवाओं का प्रवाह निम्न में से क्या कहलाता हैं:


A. चक्रीय प्रवाह

B. मौद्रिक प्रवाह

C.

वास्तविक प्रवाह

D.

माल-सूचि प्रवाह

Right Answer is: C

SOLUTION

परिवार क्षेत्र से उत्पादक क्षेत्र की ओर कारक सेवाओं के प्रवाह अथवा उत्पादक क्षेत्र से परिवार क्षेत्र की ओर वस्तुओं तथा सेवाओं के वास्तिविक प्रवाह के उदाहरण माने जा सकते हैं |


Q. 162817 पूँजी का ब्याज मुद्रा का

    एक स्टॉक चर है<div class= A.
B.
C.
D.

Right Answer is: C

SOLUTION

दिल्ली तथा मनाली के बिच की दूरी स्टॉक चर हैं क्योंकि समय की एक विशेष बिंदु पर इसे मापा जाता हैं|


Q. 162818 किस चर के उदहारण में “परिवार की आय” आएगी:


A.

स्टॉक का

B.

स्टॉक तथा प्रवाह दोनों का

C.

प्रवाह का

D.

न ही स्टॉक का और न ही प्रवाह का

Right Answer is: C

SOLUTION

परिवार की आय प्रवाह हैं क्योंकि इसे प्रति इकाई समय अवधि में मापा जाता हैं|


Q. 162819 समय के एक निशिचत बिंदु पर मापी जाने वाली मात्रा को क्या कहते हैं:


A.

प्रवाह चर

B.

स्थिर सूचि

C.

स्टॉक चर

D.

इनमें से कोई नहीं

Right Answer is: C

SOLUTION

समय के एक बिंदु पर पूँजी एक स्टॉक है उदहारण जैसे संपत्ति, पूँजी आदि|


Q. 162820 प्रत्याशित अप्रचलन का कारण क्या हो सकता हैं :


A.

प्राकृतिक आपदाएँ

B.

माँग में परिवर्तन

C.

तकनीक में परिवर्तन

D.

दोनों (2) तथा (3)

Right Answer is: C

SOLUTION

तकनीक और मांग किसी भी समय बदली जा सकती हैं उत्पादन के अनुसार|


Q. 162821 अप्रत्याशित अप्रचलन का कारण क्या हो सकता हैं :


A.

प्राकृतिक आपदाएँ

B.

माँग में परिवर्तन

C.

तकनीक में परिवर्तन

D.

इनमें से कोई नहीं

Right Answer is: A

SOLUTION

प्राकृतिक आपदाएँ किसी भी समय आ सकती हैं जैसे भूकंप|


Q. 162822 निम्न में से मूल्यहास का क्या कारण हो सकता हैं:


A. सामान्य टूट-फूट

B. बाढ़ के कारण हानि

C. बाज़ार में आई गिरावट के कारण हानि

D. इनमें से कोई नहीं

Right Answer is: A

SOLUTION

समय के साथ वस्तुओं के मूल्य में गिरावट होती हैं|


Q. 162823 शुद्ध पूँजी निर्माण के कारण ______ है:


A. उत्पादन क्षमता में वृद्धि होती हैं

B. वमुल्यहास में वृद्धि होती हैं

C. लाभ में वृद्धि होती हैं

D. लागत में वृद्धि होती हैं

Right Answer is: A

SOLUTION

ज्यादा पूँजी से कम समय में वस्तुओं का ज्यादा उत्पादन होगा|  


Q. 162824 पू

   पूँजी  के स्टॉक में  वृद्धि को  क्या कहते है<div class= A.
B.
C.
D.

Right Answer is: C

SOLUTION

रिज़र्व बैंक और व्यवसाहिक बैंको की कार्यवाही से पूँजी के स्टॉक में पूँजी निर्माण होता हैं|


Q. 162825 पूँजीगत वस्तुएँ क्या हैं:


A.

जिनका उत्पादन प्रक्रिया में कुछ वर्षों तक प्रयोग किया जाता है

B.

जिनका उत्पादन प्रक्रिया में कई वर्षों तक प्रयोग किया जाता है

C.

जिनमे मूल्य्हास की हानि शामिल होती हैं

D.

दोनों (2) तथा (3)

Right Answer is: D

SOLUTION

पूँजीगत वस्तुएँ वेह वस्तुएँ हैं जिनका उत्पादन प्रक्रिया में कई वर्षों तक प्रयोग किया जाता है और जिनमे मूल्य्हास की हानि शामिल होती हैं क्योंकि इन वस्तुओं का इस्तेमाल निवेश के लिए किया जाता हैं|  


Q. 162826 मानवीय आवश्यकताओं को प्रत्यक्ष रूप से संतुष्ट करने वाली वस्तुएँ कहलाती है:


A. मध्यवर्ती वस्तुएँ

B. उपभोक्ता वस्तुएँ

C. पूँजीगत वस्तुएँ

D. इनमें से कोई नहीं

Right Answer is: B

SOLUTION

मानवीय आवश्यकताओं को प्रत्यक्ष रूप से संतुष्ट करने वाली वस्तुएँ उपभोक्ता वस्तुएँ कहलाती हैं क्योंकि इनका सीधा उपयोग आवश्यकताओं की संतुष्टि के लिए किया जाता हैं।


Q. 162827 ______ एक अर्ध-टिकाऊ वस्तु हैं:


A. कपडें

B. रेडियो

C. पेट्रोल

D.

दूध

Right Answer is: A

SOLUTION

कपडें एक अर्ध-टिकाऊ वस्तु हैं क्योंकि इनका उपयोग कुछ समय तक ही किया जा सकता हैं |


Q. 162828 फ्रिज, वाशिंग मशीन, ए.सी उदाहरण हैं:


A. अर्ध-टिकाऊ उपभोक्ता वस्तुओं के

B. टिकाऊ उपभोक्ता वस्तुओं के

C. एकल-उपयोग उपभोक्ता वस्तुओं के

D. पूँजीगत वस्तुओं के

Right Answer is: B

SOLUTION

फ्रिज, वाशिंग मशीन, ए.सी उदाहरण हैं टिकाऊ उपभोक्ता वस्तुओं के क्योंकि इन वस्तुओं का इस्तेमाल लम्बे समय तक किया जा सकता हैं |


Q. 162829 टैक्सी चालक द्वारा खरीदी हुई कार क्या कहलाएगी:


A. एक मध्यवर्ती वस्तु

B. एक पूँजीगत वस्तु

C. एक अंतिम वस्तु

D. दोनों (2) तथा (3)

Right Answer is: C

SOLUTION

टैक्सी चालक द्वारा खरीदी हुई कार पूँजीगत वस्तु ओर अंतिम वस्तु दोनों ही कहलाएगी क्योंकि वेह इसका प्रयोग खुद के उपभोग के लिए भी कर सकता हैं और निवेश के तोर पर भी|


Q. 162830 चीनी के उत्पादन में गन्ना कैसी वस्तु हैं:


A. एक पूँजीगत वस्तु हैं

B. एक अंतिम वस्तु हैं

C. एक मध्यवर्ती वस्तु हैं

D. इनमें से कोई नहीं

Right Answer is: C

SOLUTION

चीनी के उत्पाद में गन्ना एक मध्यवर्ती वस्तु हैं क्योंकि गन्ने के बिना चीनी का उत्पादन नही हो सकता| 


Q. 162831 परिवारों द्वारा उपयोग किए जाने वाले फल उदाहरण हैं:


A. उपभोग वस्तुओं के

B. मध्यवर्ती वस्तुओं के

C. पूँजीगत वस्तुओं के

D. इनमें से कोई नहीं

Right Answer is: A

SOLUTION

परिवारों द्वारा उपयोग किए जाने वाले फल उदाहरण हैं उपभोग वस्तुओं के क्योंकि वेह अंतिम उपभोग के लिए प्रयोग किए जाते हैं  और उनका निवेश नहीं किया जा सकता|


Q. 162832 प्रवाह किसी आर्थिक च

  प्रवाह  को परिभाषित  करें<div class= A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

प्रवाह किसी आर्थिक चर की वह मात्रा है जिसे किसी समय अवधि के दौरान मापा जाता है |


Q. 162833 जोन मेनार्ड कीन्स की पुस्तक का क्या नाम था?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

द जनरल थ्योरी ओफ एम्प्लोयमेंट, इंटरेस्ट एंड मनी |


Q. 162834 समविच्छेद बिंदु उस बिंदु पर प्राप्त होता है जहाँ:


A. Y = S

B. S = C

C. Y = C

D. C = 0

Right Answer is: C

SOLUTION

समविच्छेद बिंदु पर आय उत्पादन के बराबर होती है यह शून्य बचत की स्थिति को दर्शाता है। इसे समस्तर बिंदु भी कहा जाता है।


Q. 162835 यदि MPS = 0.3 तथा Y = 5,000 हो, तो S क्या होगा?


A. 1500

B. 300

C. 600

D. 900

Right Answer is: A

SOLUTION

MPS= DS/DY 0.3= DS/5000 DS= 5000 x 0.3 DS= 1500


Q. 162836 निम्नलिखित में से कौन-सा सही नहीं है?


A. MPC+MPS=1

B. 1- MPC = MPS

C.

1- MPS = MPC

D. MPS= 1+MPC

Right Answer is: D

SOLUTION

MPC+MPS=1, MPS= 1- MPC MPS बचत व्यय वक्र का ढलान है।


Q. 162837 उपभोग फलन में b धारणा से अभिप्राय है :


A. C के मूल्य से जब Y = 0

B. सीमांत बचत प्रवृत्ति

C. सीमांत उपभोग प्रवृत्ति 0

D. C के मूल्य से जब में Y स्थिर होता है

Right Answer is: C

SOLUTION

उपभोग फलन उपभोग और आय के बीच के फलनात्मक संबंधों को प्रदर्षित करता है। यहां C= उपभोग यह उपभोग व्यय की राषि है जब आय षून्य है। = स्वायत्त उपभोग b = सीमांत उपभोग प्रवृत्ति 0


Q. 162838 यदि उपभोग आय (Y) = Description: ru5,000 तथा (C) = Description: ru3000, तो औसत उपभोग प्रवृत्ति होगी


A. 750

B. 0.60

C. 250

D. 0.25

Right Answer is: B

SOLUTION

APC= C/Y APC= 3000/5000 = 0.60


Q. 162839 यदि MPC= 0.6 हो तो आय में Description: ru100 की वृद्धि होने पर उपभोग व्यय में कितना परिवर्तन होगा ?


A. 60

B. 50

C. 40

D. 90

Right Answer is: A

SOLUTION

MPC= DC/DY 0.6= DC/100 DC= 60


Q. 162840 2-क्षेत्रीय बंद अर्थव्यवस्था में समग्र माँग का अनुपात लगाया जाता है:


A. निजी उपभोग व्यय के रूप में

B. निजी उपभोग व्यय + निजी निवेश व्यय के रूप में

C. निजी निवेश व्यय + निजी उपभोग व्यय + सरकारी व्यय के रूप में

D. निजी उपभोग व्यय + सरकारी व्यय + निजी निवेश व्यय + शुद्ध निर्यातों के रूप में

Right Answer is: B

SOLUTION

2-क्षेत्रीय बंद अर्थव्यवस्था में समग्र माँग का अनुपात निजी उपभोग व्यय + निजी निवेश व्यय के रूप में लगाया जाता है|


Q. 162841 निम्न में से क्या एक खुली अर्थव्यवस्था में समग्र माँग को दर्शाता है ?


A. निजी / घरेलू उपभोग व्यय

B. निजी / घरेलू उपभोग व्यय + निजी निवेश व्यय + सरकारी व्यय + शुद्ध निर्यात

C. सरकारी व्यय + निजी निवेश व्यय

D. निजी निवेश व्यय

Right Answer is: B

SOLUTION

समग्र मांग एक वित्तीय वर्ष के दौरान आय के दिए गए स्तर पर देश में उत्पादित वस्तुओं तथा सेवाओं की खरीद पर वांछित व्यय या नियोजित व्यय है। समग्र मांग के चार घटक हैं: 1)  घरेलू उपभोग व्यय (C) 2)  निजी निवेश व्यय (I) 3)  सरकारी व्यय (G) तथा 4)      शुद्ध निर्यात (X-M)


Q. 162842 समग्र मांग वक्र के ऊपर की ओर खिसकने का क्‍या प्रभाव होगा?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

समग्र मांग वक्र के ऊपर की ओर खिसकने के परिणामस्‍वरूप राष्‍ट्रीय आय में वृद्धि होगी।


Q. 162843 गुणक और MPC के बीच क्‍या संबंध है?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

गुणक और MPC का एक दूसरे के साथ धनात्‍मक संबंध है।


Q. 162844 बंद अर्थव्‍यवस्‍था में समग्र मांग के दो मुख्‍य घटक कौन से हैं?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

उपभोग और बचत


Q. 162845 आय का संतुलन स्‍तर निर्धारित करने के लिए दो दृष्टिकोणों के नाम बताइए।
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

दो दृष्टिकोण हैं:
1. AS और AD दृष्टिकोण
2. S और I दृष्टिकोण


Q. 162846 अतिरिक्‍त/ अधि मांग के पीछे क्‍या कारण होता है?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

मौद्रिक पूर्ति में वृद्धि के कारण अर्थव्‍यवस्‍था में अतिरिक्‍त मांग  या अधि मांग हो जाती है।


Q. 162847 हम सरकार की व्‍यय और राजस्‍व नीति को क्‍या कहते हैं?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

राजकोषीय नीति


Q. 162848 स्वायत्त निवेश से क्‍या तात्‍पर्य है?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

स्वायत्त निवेष से अर्थ उस निवेष से होता है जो आय या उत्पादन के स्तर से परिवर्तित नहीं होता है।


Q. 162849 MPS का अधिकतम मूल्‍य क्‍या हो सकता है?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

चूंकि MPC + MPS = 1 होता है, यदि सम्‍पूर्ण आय को बचाया जाता है तो MPS का अधिकतम मान 1 के बराबर होगा। इसलिए, 0 < MPC < 1


Q. 162850 उपभोग फलन से क्‍या तात्‍पर्य है?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

उपभोग और आय के बीच के संबंध को उपभोग फलन कहा जाता है और इसे C= a+bY द्वारा दर्शाया जाता है।


Q. 162851 सीमांत बचत प्रवृत्ति से आप क्‍या समझते हैं?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

सीमांत बचत प्रवृत्ति आय में परिवर्तन के फलस्वरूप बचत में परिवर्तन के अनुपात को व्यक्त करती है।

प्रतीकात्‍मक रूप में,  MPS = ΔS/ΔY


Q. 162852 समग्र मांग के घटकों के नाम बताए।
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

समग्र मांग के चार घटक हैं:

1)      घरेलू उपभोग व्यय (C)

2)      निजी निवेश व्यय (I)

3)      सरकारी व्यय (G) तथा

4)      शुद्ध निर्यात (X-M)


Q. 162853 पूर्ण रोजगार से आप क्‍या समझते हैं?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

पूर्ण रोजगार एक ऐसी स्थिति को दर्शाता है जहां अर्थव्‍यवस्‍था में उपलब्‍ध सभी संसाधनों को पूर्ण रूप से प्रयुक्‍त या नियोजित किया जाता है।


Q. 162854 वित्तीय घाटा तथा ब्याज भुगतान के अंतर को _____ कहा जाता है
A.
B.
C.
D.

Right Answer is: B

SOLUTION

प्राथमिक घाटे का ऋणात्मक होना यह दर्शाता है कि सरकार को अभी भी ब्याज का भुगतान करना है |


Q. 162855 भारत के वित्तीय वर्ष की अवधि क्या है ?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

भारत में वित्तीय वर्ष 1 अप्रैल से दूसरे वर्ष के 31 मार्च की तक होता है |


Q. 162856 सरकार अपनी

  सरकारी  बजट का एक  उद्देश्य को  लिख <div class= A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

सरकार अपनी आय तथा व्यय निति द्वारा संवृद्धि के उच्च स्तर को प्राप्त करती है |


Q. 162857 राजस्व प्राप्तियों से आप क्या समझते हो ?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

राजस्व प्राप्तियाँ वह प्राप्तियाँ हैं जिसमे न तो कोई देयता उत्पन्न होती है और न ही परिसंपत्तियों में कमी आती है|


Q. 162858 राजस्व व्यय से आप क्या समझते हो ?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

राजस्व व्यय से अभिप्राय सरकार के उस व्यय से है जिससे न तो सरकार की परिसंपत्तियाँ उत्पन्न हैं और न ही यह व्यय सरकार की देयता को कम करता है|


Q. 162859 प्रत्यक्ष कर वह कर

  प्रत्यक्ष  कर की  परिभाषा दे <div class= A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

प्रत्यक्ष कर वह कर है जिस कर का अंतिम भार उसी व्यक्ति को वहन करना पड़ता है जिस पर वह कानूनी तौर पर आरोपित किया गया है|


Q. 162860 अप्रत्यक्ष कर वह

  अप्रत्यक्ष  कर की  परिभाषा दे <div class= A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

अप्रत्यक्ष कर वह कर हैं जिसमे कर का भार और भुगतान का दायित्व अलग अलग व्यक्तियों पर पड़ता है। उदाहरण

·         बिक्री कर

·         उत्पाद शुल्क


Q. 162861 पूँजीगत

  पूँजीगत  प्राप्तियों  की परिभाषा  दीजिए <div class= A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

पूँजीगत प्राप्तियाँ वह प्राप्तियाँ हैं जिनसे देयता उत्पन्न होती है या परिसंपत्तियाँ कम होती है


Q. 162862 पूँजीगत व्यय

  पूँजीगत  व्यय की  परिभाषा  दीजिए <div class= A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

पूँजीगत व्यय वह व्यय है जो सरकार की परिसंपत्तियों में वृद्धि करता है अथवा सरकार की देयता को कम करता है|


Q. 162863 i सरकार द्वा

  पूँजीगत  व्यय के दो  उदहारण  दीजिए<div class= A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

(i) सरकार द्वारा भूमि खरीदने पर व्यय,

(ii) केन्द्रीय सरकार द्वारा राज्य सरकारों को दिए गए ऋण|


Q. 162864 ब्याज का भुगतान एक राजस्व व्यय क्यों है?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

ब्याज के भुगतान को राजस्व व्यय इसलिए माना जाता है क्योंकि यह न तो देने वाले की देयता को कम करता है और न ही उसकी परिसंपत्तियों में वृद्धि करता है|


Q. 162865 विनिवेश सरकार की पूँजीगत प्राप्तियों क्यों है?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

विनिवेश सरकार की पूँजीगत प्राप्ति है क्योंकि यह परिसंपत्तियों में कमी करता है|


Q. 162866 संतुलित बजट व

  संतुलित  बजट की  परिभाषा  दीजिए<div class= A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

संतुलित बजट वह बजट है जिसमे सरकारी व्यय तथा सरकारी प्राप्तियाँ बराबर होती हैं| 


Q. 162867 राजकोषीय घाटा हमे क्या बताता है?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

राजकोषीय एक वित्तीय वर्ष के दौरान सरकार के कुल उधारों को प्रकट करता है|


Q. 162868 प्राथमिक घाटे से क्या अभिप्राय है?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

प्राथमिक घाटा राजकोषीय घाटे तथा ब्याज के भुगतान का अंतर है|

प्राथमिक घाटा = राजकोषीय घाटा ब्याज का भुगतान


Q. 162869 अधिशेष बजट से क्या अभिप्राय है?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

अधिशेष बजट वह बजट जिसमें सरकार की अनुमानित प्राप्तियां उसके अनुमानित व्यय के अधिक होती हैं, अधिशेष बजट कहलाता है ।


Q. 162870 शुल्क, लाइसेंस और परमिट से आप क्या समझते है ?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

शुल्क केवल एक अनिवार्य भुगतान है जो दाता के द्वारा विशिष्ट सेवाओं को प्राप्त करने के लिए की जाती है।

उदाहरणर भूमि पंजीकरण शुल्क पासपोर्ट शुल्क कोर्ट शुल्क जन्म और मृत्यु पंजीकरण शुल्क आदि |

जबकि लाइसेंस या परमिट शुल्क सरकार द्वारा किसी विशष्ट कार्य को करने की अनुमति देने के लिए प्राप्त की जाती हैं |

उदाहरण ड्राइविंग लाइसेंस शुल्क, आयात लाइसेंस शुल्क आदि |


Q. 162871

  कारण  सहित बताइए  कि  निम्नलिखित  कथन सही है या  गलत<div class= A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

i) यह कथन गलत है| विद्यालय की इमारत का निर्माण एक पूँजीगत व्यय है क्योंकि यह सरकार के लिए परिसंपत्ति का निर्माण करता है|
(
ii) यह कथन गलत है कि उपहार कर एक पूँजीगत प्राप्ति है क्योंकि इसके कारण न तो देयता उत्पन्न होती है और न ही सरकार की परिसंम्पत्तियों में कमी होती है|


Q. 162872

  एक  सरकारी बजट  में 4500  करोड़ का  प्राथमिक  घाटा है<div class= A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

प्राथमिक घाटा = राजकोषीय घाटा – ब्याज का भुगतान

4,500 करोड़ = राजकोषीय घाटा – 400 करोड़
राजकोषीय घाटा =
4900 करोड़


Q. 162873 सार्वजनिक वस्तुओं से क्या अभिप्राय है?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

सार्वजनिक वस्तुएँ वे वस्तुएँ होती हैं जो समाज के सभी वर्गों द्वारा सामूहिक प्रयोग के लिए होती हैं|
उदाहरण: राष्ट्रीय सुरक्षा तथा न्यायतंत्र|


Q. 162874 सरकार द्वारा केंद्रीय बैंक से उधार लेने पर अर्थव्यवस्था पर क्या प्रभाव पड़ता ?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

सरकार द्वारा केंद्रीय बैंक से उधार मुद्रा-स्फीति को बढ़ावा देती है क्योंकि मुद्रा की पूर्ति में वृद्धि की सामान्य कीमत स्तर पर प्रत्यक्ष प्रभाव होता है विशेषकर अल्पविकसित देशों में जहाँ उत्पादन क्षमता अत्यधिक सीमित होती है|  


Q. 162875 “पूँजीगत व्यय सरकार की परिसंपत्ति को बढ़ाता है या इसके दायित्व को कम करता है
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

यह कथन सही है| सरकार का पूँजीगत व्यय सरकार के लिए परिसंपत्तियाँ उत्पन्न करता है (पूँजीगत वस्तुओं की परियोजनाओं पर व्यय द्वारा) या इसके दायित्व को कम करता है (ऋणों की अदायगी द्वारा) |  


Q. 162876 रिकार्डो समतुल्यता से आप क्या समझते है ?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

रिकार्डो के अनुसार जब उच्च घाटे की स्थिति में लोग अधिक बचत करते हैं तो उसे समतुल्यता कहते हैं | ऐसा इसलिए कहा जाता है क्योंकि करारोपण और ऋण ग्रहण व्यय के लिए समतुल्य वित्त साधन हैं।

आज यदि सरकार ऋण लेकर व्यय में बढोत्तरी करती है उसका भुगतान भविष्य में करों की दर में वृद्धि करके किया जायेगा इसका अर्थव्यवस्था पर वैसा ही प्रभाव पड़ेगा जैसाकि सरकार आज करों की दर में वृद्धि करके सरकारी व्यय में वृद्धि करने पर पड़ता है |  


Q. 162877 निरंतर बढ़ती मंदी के कारण सरकार की राजस्व प्राप्तियाँ कम हो जाती हैं
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

आर्थिक मंदी वह स्थिति है जिसमें निम्न समग्र माँग के कारण निम्न निवेश होता है तथा इसलिए सकल घरेलू उत्पाद की संवृद्धि दर कम होती जाती है| जब सकल घरेलू उत्पाद की संवृद्धि दर गिरती है सरकार की कर प्राप्तियों (प्रत्यक्ष तथा अप्रत्यक्ष करों के द्वारा) में कमी होती है| अंतत: मंदी के दौरान सरकार प्राप्तियों का कम होना|


Q. 162878 जब सरकार अपने कर्मचारी के वेतन की पुनरावृति करती है, तब राजकोषीय घाटा में वृद्धि होती है जिसके कारण प्राथमिक घाटे में भी वृद्धि होती है
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

वेतन संरचना की पुनरावृति सरकार के राजस्व व्यय को बढाती है| इसका अर्थ होता है कि सरकार के राजकोषीय घाटे में वृद्धि होना | यदि ब्याज भुगतान समान रहता है तो राजकोषीय घाटे में वृद्धि के कारण प्राथमिक घाटे में भी वृद्धि होगी (राजकोषीय घाटा – ब्याज भुगतान = प्राथमिक घाटा )|


Q. 162879 सरकारी बजट संवृद्धि तथा स्थिरता की प्रक्रिया में कैसे योगदान देता है? अपना मत दीजिये
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

सरकारी बजट संवृद्धि में योगदान देता है क्योंकि बजट व्यय का एक महत्वपूर्ण प्रतिशत सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों की संवृद्धि तथा विस्तार पर खर्च किया जाता है| सरकार अनिवार्य वस्तुओं के उत्पादन के उच्च स्तर को बनाए रखने के लिए आर्थिक सहायता भी प्रदान करती है| स्थिरता को वित्तीय अनुशासन के द्वारा मुद्रा-स्फीति का समान करके तथा सरकार द्वारा उदारीकृत खर्च के द्वारा अवस्फीति का समान करके प्रोत्साहित किया जाता है | वित्तीय अनुशासन का लक्ष्य मुद्रा-स्फीति के दौरान समग्र माँग को कम करना होता है| उदारीकृत खर्च अवस्फीति के दौरान समग्र माँग को बढाता है इस प्रकार अर्थव्यवस्था में स्थिरता बनी रहती है |    


Q. 162880 निम्न सरकारी प्राप्तियों को राजस्व प्राप्तियों एवं पूँजीगत प्राप्तियों में वर्गीकृत कीजिए
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

(i) एक सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम के अंश की बिक्री से प्राप्ति एक पूँजीगत प्राप्ति है क्योंकि इसके कारण सरकार की परिसंपत्तियों में कमी होती है|
(
ii) जनता से ऋण एक पूँजीगत प्राप्ति है क्योंकि इसके कारण सरकार की देयता में वृद्धि होती है |
(
iii) सार्वजनिक उपक्रमों से लाभ एक राजस्व प्राप्ति है क्योंकि इसके कारण न तो कोई देयता उत्पन्न होती है और न ही सरकार की परिसंपत्तियों में कमी होती है |

(iv) सरकार द्वारा प्राप्त किया गया आयकर राजस्व प्राप्ति है क्योंकि इसके कारण न तो कोई देयता उत्त्पन्न होती है और न ही सरकार की परिसंपत्तियों में कमी होती है |


Q. 162881 राजस्व घाटे को क्यों कम किया जाना चाहिए ?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

राजस्व घाटा तब उत्त्पन्न होता है जब सरकार राजस्व व्यय को अनुत्पादक व्यय (जैसे – आर्थिक सहायता पर तथा देश के कानून एंव व्यवस्था और सुरक्षा से संबंधित खरीद पर किया गया व्यय) पर किया जाता है तथा राजस्व व्यय  राजस्व प्राप्तियों से अधिक होता है| अतः यह अर्थव्यवस्था में वस्तुओं एंव सेवाओं के प्रवाह में बिना कुछ जोड़े, राजकोषीय घाटे में योगदान करता है| राजस्व घाटा सरकार को उधार लेने के लिए के लिए या विनिवेश करने के लिए बाध्य करता है| उधार के कारण राष्ट्रीय ऋण में वृद्धि होती है| विनिवेश के कारण परिसंपत्तियों का स्वामित्व सार्वजनिक क्षेत्रोँ से निजी क्षेत्रोँ की ओर हस्तांतरित होता रहता है जिसका उद्देश्य केवल लाभ अर्जित करना होता है| यह घाटा न केवल वर्तमान के लिए वरन भविष्य के लिए भी संकट की स्थिति उत्पन्न कर देता है | अतः हम यह कह सकते हैं की राजस्व घाटा को कम किया जाना चाहिए|         


Q. 162882 सरकार किस प्रकार अपनी बजट नीति के द्वारा संसाधनों के आबंटन को प्रभावित कर सकती है?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

निम्नलिखित अवलोकन उजागर करते हैं कि किस प्रकार सरकार अपनी बजट नीति के द्वारा संसाधनों के आबंटन को प्रभावित कर सकती हैः
(
i) सरकार ऐसी वस्तुओं ( जैसे – मोटा कपड़ा) पर आर्थिक सहायता प्रदान कर सकती है जिनका उत्पादन समाज के निर्धन वर्गों के द्वारा किया जाता है| इसलिए संसाधनों को ‘धनी वर्ग के लिए वस्तुओं’ के उत्पादन से ‘निर्धन वर्ग के लिए वस्तुओं के उत्पादन की ओर स्थानांतरित किया जाता है

(ii) सरकार ‘जीवन-रक्षक ‘ दवाईयों जैसी अनिवार्य वस्तुओं के उत्पादन में निवेश को प्रेरित करने के लिए कर-मुक्तता (टैक्स हॉलिडे) दे सकती है|
(iii) सरकार अपने निवेशों को उत्पादन की अकुशल इकाइयों की ओर से हस्तांतरित  करके संसाधनों के आबंटन को प्रभावित कर सकती है| संसाधनों का आबंटन तब भी प्रभावित होगा जब सरकार सार्वजनिक वस्तुओं के उत्पादन पर किए जाने वाले निवेश में वृद्धि करती है|
(
iv) ऐसी वस्तुओं (जैसे शराब तथा सिगरेट) पर उच्च कर लगाया जा सकता है जिनका उत्पादन समाज के लिए हानिकारक होता है| तदनुसार, संसाधन सामाजिक उपयोगी गतिविधियों के उत्पादन की ओर वितरित होंगे |
(
v) सरकार खाद्य फसलों के पक्ष में अपनी समर्थन कीमत नीति (सपोर्ट प्राइस पालिसी) बनाती है बजटीय आबंटन बना सकती है| इससे संसाधन गैर-खाद्य फसलों से खाद्य फसलों की ओर स्थानांतरित होते है |


Q. 162883 निम्नलिखित आँकडों से राजस्व घाटा, राजकोषीय घाटा तथा प्राथमिक घाटा ज्ञात कीजिएः
मदें (INR करोड़ )
राजस्व व्यय 32,250
पूँजीगत व्यय 30,000
राजस्व प्राप्तियाँ 12,550
पूँजीगत प्राप्तियाँ (उधार रहित) 10,000
ब्याज भुगतान 7,000
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

राजस्व घाटा = राजस्व व्यय राजस्व प्राप्तियाँ पर्प्तियाँ
INR32,250 करोड़ – INR 12,550 करोड़

= INR19,700 करोड़
राजकोषीय घाटा = राजस्व व्यय + पूँजीगत व्यय - राजस्व प्राप्तियाँ - पूँजीगत प्राप्तियाँ (उधार रहित) = उधार
= 32,250 + 30000 - 12,550 - 10,000 = INR 39,700 करोड़
|प्राथमिक घाटा = राजकोषीय घाटा ब्याज भुगतान

= 39,700 करोड़ – 7,000 करोड़

= INR32,700 करोड़

राजस्व घाटा INR 19,700 करोड़ |

राजकोषीय घाटा = INR39,700 करोड़ |

प्राथमिक घाटा = INR32,700 करोड़|


Q. 162884 राजकोषीय घाटे में कटौती के कैसे की जाती है?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

राजकोषीय घाटे में कटौती निम्न प्रकार से की जा सकती हैं 

  • सरकारी घाटे में कमी करों में वृद्धि अथवा व्यय में कटौती करके की जा सकती है।
  • भारत में राजस्व में वृद्धि करने के लिए सरकार मुख्यतः प्रत्यक्ष करों को अपनाती हैं|
  • प्राप्तियों में बढ़ोतरी करने के लिए सरकार सार्वजनिक उपक्रमों के शेयरों बिक्री का माध्यम भी अपनाती है ।
  • हालाँकि सरकार का प्रमुख तरीका सरकारी व्यय में कटौती करने का है | यह सरकारी कार्यकलापों को सुनियोजित और सुनियोजित रूप से संचालित करके भी प्राप्त है।


Q. 162885 किस विनिमय दर के अंतर्गत केन्द्रीय बैंक उचित समझने पर विनिमय दर को नियंत्रित करने के लिए विदेशी मुद्रा का क्रय विक्रय करता है?


A. प्रबंधित तिरती

B. स्थिर विनिमय दर प्रणाली

C. तिरती विनिमय दर प्रणाली

D. अधिकीलित दर प्रणाली

Right Answer is: A

SOLUTION

प्रबंधित तिरती प्रणाली को जिसे त्रुटिबहुल प्रणाली के रूप में भी जाना जाता है, उसमें स्थिर और नम्य दोनों ही विनिमय दर प्रणालियों की विशेषताएं होती हैं।


Q. 162886 स्पॉट बाज़ार किसके चालू क्रय और विक्रय को परिलक्षित करता है?


A.

विदेशी विनिमय

B.

सेवाएं

C. स्थिर संपत्तियां

D.

संयंत्र और मशीनरी

Right Answer is: A

SOLUTION

स्पॉट बाज़ार विदेशी मुद्रा के क्रय और विक्रय को परिलक्षित करता है। यह विनिमय की स्पॉट दर को परिभाषित करता है।


Q. 162887 व्यापार संतुलन की तुलना में अदायगी संतुलन ...... है।


A. वृहद अवधारणा

B. संकुचित अवधारणा

C. कम महत्वपूर्ण

D. अधिक महत्वपूर्ण

Right Answer is: A

SOLUTION

अदायगी संतुलन एक वृहद अवधारणा है क्योंकि इसमें व्यापार संतुलन, सेवा संतुलन, एकतरफा हस्तांतरण संतुलन और पूंजी लेनदेन संतुलन सम्मिलित है।


Q. 162888 सामानों का आय

  अदायगी  संतुलन में   ऋण बतलाता है<div class= A.
B.
C.
D.

Right Answer is: A

SOLUTION

अदायगी संतुलन का ऋण विभिन्न मदों का खाता दिखाता है जिसके लिए देश ने शेष विश्व को भुगतान किया होता है। यही कारण हैं कि सामानों के आयात को ऋण में डाला जाता है।


Q. 162889 आय के ........ के साथ, घरेलू सामानों के लिए घरेलू मांग की तुलना में कुल घरेलू मांग ..............है।


A. बढ़ने, कम होती है

B. गिरने, अधिक होती है

C. बढ़ने से, अधिक होती है

D. गिरने, कम होती है

Right Answer is: C

SOLUTION

ऐसा इसलिए क्योंकि मांग में वृद्धि से आय का एक हिस्सा विदेशी सामानों पर खर्च हो जाता है।


Q. 162890 अंतर्राष्ट्रीय व्यापार के लिए ऋण को सुगम बनाने वाली प्रक्रिया को क्या कहते हैं?


A.

साख कार्य

B.

हस्तांतरण कार्य

C.

जोखिम पूर्वोपाय कार्य

D.

प्रबंधित तिरती

Right Answer is: A

SOLUTION

वह बाज़ार जिसमें कई देशों की राष्ट्रीय मुद्राओं को किसी दूसरे देश की मुद्रा में बदला जाता है, विनिमय किया जाता है या व्यापार किया जाता है उसे विदेशी विनिमय बाज़ार कहते हैं। विदेशी विनिमय बाज़ार जो अंतर्राष्ट्रीय व्यापार के लिए साख की व्यवस्था करते हैं उसे बाज़ार का साख कार्य कहते हैं।


Q. 162891 एक बंद अर्थव्यवस्था गुणक का परिकलन करें, जब c 0.7 हो और m 0.2 हो
A.
B.
C.
D.

Right Answer is: A

SOLUTION

बंद अर्थव्यवस्था गुणक =


Q. 162892 विभिन्न देशों के बीच ब्याज दरों में अंतर को क्या कहते हैं?


A. वास्तविक प्रभावी विनिमय दर

B. सांकेतिक प्रभावी विनिमय दर

C. ब्याज दर विभेदक

D. क्रय शक्ति समता

Right Answer is: C

SOLUTION

ब्याज दर विभेदक विनिमय दर की गतिविधियां निर्धारित करने में एक महत्वपूर्ण कारक है।


Q. 162893 किसी मुद्रा की औसत सापेक्ष क्रय शक्ति का माप क्या कहलाता है जिसकी व्याख्या विदेशी वस्तुओं की दी हुई टोकरी की एक इकाई का क्रय करने के लिए आवश्यक घरेलू वस्तुओं की मात्रा के रूप में की जाती है।


A.

त्रुटिपूर्ण विनिमय दर

B.

वास्तविक प्रभावी विनिमय दर

C.

विदेशी विनिमय दर

D.

सांकेतिक प्रभावी विनिमय दर

Right Answer is: B

SOLUTION

किसी दी गयी मुद्रा की सापेक्ष क्रय शक्ति का मापन प्रभावी विनिमय दर कहलाता है। जब हम विदेशी वस्तुओं की दी हुई टोकरी की एक इकाई का क्रय करने के लिए आवश्यक घरेलू वस्तुओं की मात्रा के रूप में विनिमय दर परिकलित करते हैं तो इसे वास्तविक प्रभावी विनिमय दर कहा जाता है|


Q. 162894 व्यापार संतुलन से आप क्या समझते हैं?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

व्यापार संतुलन दूसरे देशों के साथ वस्तुओं और सेवाओं के लेन-देन अभिलिखित करता है।


Q. 162895 विदेशी विनिमय दर क्या होती है ?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

यह वह दर होती है जिस दर पर एक देश की मुद्रा दूसरे देश की मुद्रा से बदली जाती है।


Q. 162896 विदेशी मुद्रा के माँग वक्र DD की प्रवणता नीचे की ओर क्यों होती है?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

विदेशी विनिमय की कीमत में वृद्धि से विदेशी वस्तुएँ खरीदने की रुपये के रूप में लागत में वृद्धि होती है|

इससे आयात में कमी आती है और विदेशी विनिमय की माँग कम हो जाती है|


Q. 162897 विदेशी मुद्रा क्या है?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

वह मुद्रा जिसे अंतर्राष्ट्रीय भुगतान करने के लिए प्रयोग किया जाता है उसे विदेशी मुद्रा कहते हैं।


Q. 162898 अदायगी संतुलन क

  अदायगी  संतुलन के दो  घटक बताइए<div class= A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

अदायगी संतुलन के दो घटक हैं:

(i) चालू खाता

(ii) पूंजी खाता


Q. 162899 किसी भी देश का अदायगी संतुलन क्या रिकोर्ड करता है?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

अदायगी संतुलन एक देश का विशव के बाकि देशों के साथ लेन-देन की लेखाओं का संक्षिप्त विवरण करता है।


Q. 162900 विदेशी विनिमय की आपूर्ति के स्रोत क्या हैं?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

विदेशी मुद्रा की अपूर्ति के विभिन्न सोत्र इस प्रकार हैं:

·      विदेशियों द्वारा घरेलू वस्तुओं तथा सेवाओं का क्रय

·      विदेशियों द्वारा देश में यात्रा विदेश में काम करने वाले भारतीय श्रमिकों के द्वारा भारत भेजी गई बचत एवं उपहार, और

·      विदेशियों द्वारा देश में परिसंपत्तियों का क्रय|


PreviousNext