CBSE - MCQ Question Banks (के. मा. शि. बो . -प्रश्नमाला )

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Q. 162901 विदेशी विनिमय दर से आपका क्या समझते हैं? तीन कारण दीजिए कि क्यों लोग विदेशी मुद्रा हासिल करना चाहते हैं?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

विदेशी विनिमय दर वह दर है जिसमें किसी भी देश की मुद्रा को दूसरे देश की मुद्रा में बदला जा सकता है।

 

लोग विदेशी मुद्रा को तीन कारणों से अपने पास रखना चाहते हैं:

1.      आयातित वस्तुओं और सेवाओं का भुगतान करने के लिए।

2.      उपहार, दान आदि का अंतरण भुगतान करने के लिए|

घरेलू नागरिकों द्वारा निवेश करने के लिए और विदेश में ऋण देने के लिए।


Q. 162902 व्यापार शेष जब व्यापार संतुलन 5000 करोड़ रुपए का घाटा दिखाए और आयात का मूल्य है 9,000 करोड़, तब निर्यात का मूल्य क्या होता है?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

हम निर्यात की गणना इस प्रकार कर सकते हैं:

 व्यापार संतुलन: निर्यात का मूल्य – आयात का मूल्य

 –5,000 =  निर्यात का मूल्य  – 9,000

                

निर्यात का मूल्य = 9,000 – 5,000

 

                           =  4,000 करोड़


Q. 162903 अदायगी संतुलन में दृश्य और अदृश्य मदों से आपका क्या अभिप्राय है?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

दृश्य मदें: ये आयात और निर्यात की वे मदें हैं जो प्रकृति में भौतिक रूप से विद्यमान होती हैं| इनमें वस्तुओं का आयात और निर्यात  सम्मिलित हैं|

अदृश्य मद: ये आयात और निर्यात की वे मदें हैं जो प्रकृति में भौतिक रूप से विद्यमान नहीं होती हैं| इनमें परिवहन, यात्रा सेवाएं, दान, उपहार आदि सेवाएं सम्मिलित हैं|


Q. 162904 तेल की कीमतों में गिरावट से भारत के चालू खाते पर क्या प्रभाव पड़ेगा?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

भारत तेल का बड़ा आयातक है|तेल कीमतों में गिरावट से विदेशी मुद्रा के रूप में भारत की लागत घट जाएगी| इससे भारत आयात की मात्र कम किए बिना विदेशी विनिमय की बचत करने में सक्षम हो सकेगा| अत: इससे भारत के चालू खाते में सुधार होगा|


Q. 162905 अदृश्य मदों में क्या सम्मिलित होता है?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

अदृश्य मदों में निम्नलिखित सम्मिलित होता है:

(i)        बैंकिंग, यात्रा जैसी सेवाओं के लिए प्राप्तियां और भुगतान

(ii)      विदेशी निवेश पर आय प्राप्तियां और भुगतान

(iii)    उपहार, अनुदान आदि की प्राप्तियां और भुगतान

(iv)    विदेशी देशों में सरकार के व्यय जैसे दूतावासों पर व्यय, आदि|


Q. 162906 “विश्व की दूसरी अर्थव्यवस्थाओं के साथ संवाद विकल्पों को तीन तरीके से बढ़ा सकता है।” इन विकल्पों को सूचित करें
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

जब भारतीय नागरिक विदेशी उत्पाद खरीदतें हैं, तब आयात पर किया गया व्यय देश में उत्पादित वस्तुओं की समस्त माँग को कम करता है|

 

उसी प्रकार, विदेशों को घरेलू उत्पादित वस्तुओं के निर्यात से घरेलू समस्त माँग में वृद्धि होती है|

 

दूसरी अर्थव्यवस्थाओं के साथ व्यापारिक सम्बन्ध हमें तीन तरीकों से लाभ पहुंचाते हैं :

उपभोक्ताओं के लिए विदेशी एवं घरेलू वस्तुओं के बीच चयन करने का अवसर उत्त्पन्न होता है। इसे उत्पाद बाज़ार में सहलग्नता कहते हैं|

निवेशकों को विदेशी एवं घरेलू परिसंपत्तियों के बीच चयन करने का अवसर प्राप्त होता है। इसे वित्तीय बाज़ार सहलग्नता कहते हैं|

फर्मों को उत्पादन के स्थान की एवं श्रमिकों को काम करने के स्थान की स्वतंत्रता प्राप्त होती है| इसे कारक बाज़ार सहलग्नता कहते हैं|


Q. 162907 चालू खाते और पूंजी खाते के घटकों की व्याख्या करें
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

(i) चालू खाते के घटक हैं:

a)  वस्तुओं का आयात और निर्यात

b)  सेवाओं का निर्यात और आयात

c)  एक पक्षीय हस्तान्तरण

 

(ii) एक पूँजी खाते के घटकों के विभिन्न प्रकार हैं:

(a) निजी लेनदेन

(b) अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष से विदेशी मुद्रा की खरीद और दोबारा खरीद

(c) विदेशी निवेश 


Q. 162908 अदायगी संतुलन में असंतुलन के कारणों की व्याख्या करें?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

अदायगी संतुलन में असंतुलन के कारण हैं:

(I)  बड़े पैमाने पर विकास व्यय के कारण बड़े आयात करने से अदायगी संतुलन में घाटे की स्तिथि उत्पन्न होती है| ऐसा आयात शुल्कों में भरी कमी लाने से भी होता है|

(II) घरेलू बाज़ार में मुद्रा-स्फीति की ऊँची दर के कारण बढ़ी मात्रा में आवश्यक वस्तुओं का आयात करना पड़ता है| इसके कारण भी अदायगी संतुलन में घाटा उत्पन्न होता है| 

(III)  आयात प्रतिस्तापनों के विकास के कारण आयातों में कमी हो जाती है और इससे अदायगी संतुलन में असंतुलन होता है|

(IV)  तकनिकी या प्रबंधकीय परिवर्तनों के कारण लागत ढाँचे में अनुकूल या प्रतिकूल परिवर्तन हो सकते हैं| इससे निर्यातों को बढ़ावा या घटाव का सामना करना पड़ता है| इससे भी अदायगी संतुलन में असंतुलन आता है| 

(V) राजनीतिक अस्थिरता के कारण विदेशों से आने वाले प्रत्यक्ष निवेश तथा पोर्टफोलियो निवेश में कमी आती है| इसके कारण अदायगी संतुलन के पूँजी खाते में घाटा होता है|

(VI) स्वाद, फैशन और वरीयताओं में परिवर्तन के कारण विदेशी और देशीय मांग में बदलाव आते है जिसके कारण अदायगी संतुलन में असंतुलन उत्तपन होता है|


Q. 162909 उन चार श्रेणियों को बताएं जिसमें भुगतान शेष के लेनदेन वर्गीकृत किए जाते हैं। उनमें से एक को परिभाषित करें
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

लेन-देन के संतुलन को निम्नलिखित चार श्रेणियों में वर्गीकृत किया जाता है:

(I) दृश्य लेनदेन

(ii) अदृश्य लेनदेन

(Iii) एक पक्षीय हस्तान्तरण

(Iv) पूंजी हस्तांतरण

पूंजी हस्तांतरण : यह पूंजी प्राप्तियों और पूंजीगत भुगतान से संबंधित है। इनमें परिसंपत्तियों की बिक्री, उधारी, पूंजी भुगतान आदि सम्मिलित है। यह देशों के बीच पूंजी की छोटी और लंबी अवधि की गतिविधियों से संबंधित होते हैं।


Q. 162910

  स्थिर  और नम्य  विनिमय दर के  बीच अंतर  स्पष्ट करिए<div class= A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

स्थिर विनिमय दर

नम्य विनिमय दर

1. स्थिर विनिमय दर प्रणाली विदेशी मुद्रा की मांग और आपूर्ति में बदलाव से अप्रभावित रहती है।  

2. यह विनिमय दर सरकार द्वारा नियत राखी जाती है।

3. केन्द्रीय बैंक स्थिर विनिमय दर को बनाए रखने के लिए मुद्राओं को नियत मूल्य पर बेचते और खरीदता है। 

1. नम्य विनिमय दर प्रणाली विदेशी मुद्रा की मांग और आपूर्ति से निर्धारित होती है।  

2. यह विनिमय दर हर समय बदलती रहती है। 

3. यह केंद्रीय बैंक के हस्तक्षेप के बिना स्वतंत्र रूप से निर्धारित की जाती है।


Q. 162911 वे तीन विनिमय दर प्रणालियाँ क्या हैं जिनका पालन विदेशी विनिमय बाज़ार में किया जाता है? उनमें से एक को परिभाषित करें
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

तीन विनिमय दर प्रणाली है जिनका पालन विदेशी विनिमय बाज़ार में किया जाता है:

(I)       स्थिर विनिमय दर प्रणाली

(II)      नम्य विनिमय दर प्रणाली

(III)     प्रबंधित तिरती

 

प्रबंधित तिरती : प्रबंधित तिरती, नम्य विनिमय प्रणाली तथा स्थिर विनिमय प्रणाली का मिश्रण है| इस प्रणाली में केंद्रीय बैंक विनिमय दर को उदार बनाने के लिए विदेशी मुद्रा के क्रय-विक्रय करके हस्तक्षेप करता है|

 


Q. 162912 स्थिर विनिमय दर क्या है? इसके तीन गुण और तीन दोष बताएं
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

स्थिर विनिमय दर प्रणाली के अंतर्गत देश की सरकार या मौद्रिक प्राधिकरण मुद्रा की विनिमय दर को किसी स्तर पर “अधिकीलित” व स्थिर घोषित कर देती है|

 

स्थिर विनिमय दर प्रणाली के गुण:

(i) यह भविष्य की विनियम दर के बारे में निश्चिंतता प्रदान करती है और इस प्रकार अंतर्राष्ट्रीय व्यापार को प्रोत्साहित करने में सहायता करती है।

 

(ii) इस प्रणाली में अफवाह संबंधी गतिविधियों का नियंत्रण मौद्रिक अधिकारियों के द्वारा होता हैl

 

(iii)यह अंतर्राष्ट्रीय निवेशों को प्रोत्साहित करती है। यह लम्बी अवधि के पूँजी निवेश को प्रोत्साहित करती है।

 

स्थिर विनिमय दर प्रणाली के दोष:

(i) इस प्रणाली में देश में भारी मात्रा में विदेशी मुद्रा भंडार बनाए रखने की आवश्यकता होती है।

 

(ii) अंतर्राष्ट्रीय वस्तु मूल्यों में उतार चढ़ाव से अक्सर देश विनिमय दरों में बदलाव के लिए बाध्य हो जाते हैं। इस प्रकार स्थिर विनिमय दर बनाए रखना कठिन होता है और यह विदेशी मुद्रा भंडार पर भी दवाब डालता है।

 

(iii) यह विश्व के विभिन्न हिस्सों में पूँजी के आवागमन को प्रतिबंधित कर देता है। तदनुसार, अंतर्राष्ट्रीय वृद्धि की प्रक्रिया में समस्या आती है।


Q. 162913 भारत अदायगी संतुलन हमेशा संतुलन में रहता है और इसलिए सदैव संतोषजनक रहता है। चर्चा करें
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

लेखांकन भाव में, किसी भी देश का भुगतान शेष हमेशा संतुलित में होता है। इस प्रणाली में, प्राप्य और भुगतान हमेशा एक समान रहते हैं क्योंकि अदायगी संतुलन को चालू खाते और पूंजी खाते के हस्तांतरण के माध्यम पुनर्स्थापित किया जाता है। इसलिए, इस दृष्टिकोण से भुगतान का संतुलन हमेशा संतुलित करता है।

 

व्यावहारिक रूप से यह रूप से सत्य नहीं है। व्यावहारिक रूप से अदायगी संतुलन असंतुलित हो सकता है। चालू खातों के ऋणात्मक शेष को पूँजी खाते के धनात्मक शेष द्वारा पूरा किया जा सकता है| परन्तु क्योंकि इस प्रकार की संतुलन प्राप्ति पूँजी खाते में विदेशों से ऋण ले कर की जाती है इसलिए ऐसा करना आर्थिक तौर पर एक अच्छी स्तिथि नहीं हैइससे देश की विदेशों के साथ उधार पैदा होते हैं। अधिक उधार घरेलू तथा वैश्विक दोनों बाज़ारों में अर्थव्यवस्था के बुरे निष्पादन को प्रकट करता है|

इस प्रकार, सभी परिस्थितियों में अदायगी संतुलन संतोषजनक हो ऐसा हमेशा जरुरी नहीं।


Q. 162914 केन्‍द्रीय बैंक के 'सरकार के बैंकर' के कार्य का संक्षेप में वर्णन कीजिए।
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

सरकार के बैंकर के रूप में केन्‍द्रीय बैंक निम्‍नलिखित कार्य करता है:
1) यह सरकार की ओर से जमाएं प्राप्‍त करता है और सरकारी खाते में जमा चैकों और ड्राफ्टों को संग्रहित करता है। 
2) यह सरकार की ओर से भुगतान करता है।
3) यह सरकार को अल्‍पकालीन ऋण उपलब्‍ध करता है।
4) यह सरकार की ओर से विदेशी मुद्राओं को खरीदता और बेचता है।


Q. 162915 मुद्रा को विनियम के माध्‍यम के रूप में क्‍यों विकसित किया गया था?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

एक समय था जब मुद्रा का उपयोग नहीं होता था और तब वस्‍तुओं की दूसरी वस्‍तुओं के साथ प्रत्‍यक्ष अदला बदली होती थी। इस प्रकार की प्रणाली को विनिमय की वस्‍तु विनियम प्रणाली कहा जाता था। वस्‍तु विनियम प्रणाली में आवश्‍यकताओं के दोहरे संयोग, मूल्‍य के मापन और विभाज्‍यता जैसी कई कठिनाइयां थी। वस्‍तु विनियम प्रणाली की बाधाओं और कमियों के कारण विनियम के सामान्‍य माध्‍यम और मूल्‍य मापक के रूप में मुद्रा का आविर्भाव हुआ। वस्‍तुओं का अब मुद्रा के प्रयोग की मदद से विनियम होता है।


Q. 162916 यदि केन्‍द्रीय बैंक नकद आरक्षित अनुपात को बढ़ाता है तब क्‍या होगा?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

वाणिज्यिक बैंकों को नकद आरक्षित के रूप में अपनी जमाओं के एक निश्चित प्रतिशत केन्‍द्रीय बैंक में रखना पड़ता है। इसे वैधानिक न्‍यूनतम आरक्षित कहा जाता है। इस नकद आरक्षित से अधिक राशि को अतिरिक्‍त आरक्षित कहा जाता है। अतिरिक्‍त आरक्षित के आधार पर साख सृजन किया जाता है।

यदि केन्‍द्रीय बैंक परिवर्तनीय आरक्षित अनुपात को बढ़ाता है, तो वाणिज्यिक बैंकों को केन्‍द्रीय बैंक में अधिक धन रखना पड़ता है। इसलिए, अतिरिक्‍त आरक्षित की राशि कम हो जायेगी और वाणिज्यिक बैंकों का साख सृजन घट जायेगा।


Q. 162917 केन्‍द्रीय बैंक साख और मुद्रा आपूर्ति के नियंत्रक के रूप में कैसे कार्य करता है?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

केन्‍द्रीय बैंक का एक महत्‍वपूर्ण कार्य अपनी मौद्रिक नीति के माध्‍यम से साख और मुद्रा आपूर्ति को नियंत्रित करना है। केन्‍द्रीय बैंक के पास नोटों को जारी करने का और अरक्षित जमा अनुपात निर्धारित करने का काधिकार है| इस प्रकार यह अर्थव्‍यवस्‍था में मुद्रा की मात्रा को नियंत्रित कर सकता है। यह मुद्रा की आपूर्ति और साख को जमाओं और ऋणों पर ब्‍याज दर के नियंत्रण, वैधानिक तरलता अनुपात के नियंत्रण, प्रतिभूतियों के क्रय और विक्रय आदि जैसे मात्रात्‍मक उपायों और गुणात्‍मक उपायों को अपनाकर नियंत्रित करता है।


Q. 162918 मुद्रा के कार्यों की व्याख्या कीजिए।
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

मुद्रा के कार्य निम्नलिखित हैं -

  • वनिमय का माध्यम - मुद्रा विनिमय का माध्यम है। माध्यम का अर्थ है प्रत्येक वस्तु तथा सेवा का इसी के द्वारा क्रय-विक्रय होता है।
  • मूल्य का सामन्य मापदण्ड - यह सभी वस्तुओं तथा सेवाओं के मूल्य के मापन का कार्य करती है।
  • भावी भुगतान का मान - भविष्य में होने वाले भुगतान का स्तर हम मुद्रा को ही माना जाता है।
  • मूल्य का संचय - मुद्रा के इस गुण के कारण ही मूल्य संग्रह सम्भव हुआ, पूँजी का निर्माण हुआ तथा व्यापार व उद्योग-धंधों की उन्नती हुई।


Q. 162919 केन्‍द्रीय बैंक को व्‍यावसायिक बैंकों का अंतिम ऋणदाता क्‍यों माना जाता है? कारण स्‍पष्‍ट कीजिए।
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

केन्‍द्रीय बैंक को व्‍यावसायिक बैंकों का अंतिम ऋणदाता माना जाता है क्‍योंकि -

व्‍यावायिक बैंकों को अपनी चालू जमाओं तथा मुद्दती जमाओं का क्रमश: 5 प्रतिशत तथा 2 प्रतिशत केन्‍द्रीय बैंक के पास नकद कोष के रूप में रखना पड़ता है।

केन्‍द्रीय बैंक बैंकों को लाइसेंस देता है, बैंकों की संख्‍याओं पर नियंत्रण रखता है और व्‍यावसायिक बैंकों की ऋण नीति की जांच करता है।

केन्‍द्रीय बैंक व्‍यावसायिक बैंकों को सलाह व सुझाव भी देता है तथा उनका निरीक्षण भी करता है।

केन्‍द्रीय बैंक देश के व्‍यावसायिक बैंकों के आपसी लेन-देन संबंधी हिसाबों का निपटारा करने के लिए समाशोधन गृह का कार्य करता है।

केन्‍द्रीय बैंक व्‍यावसायिक बैंकों को आवश्‍यकता पड़ने पर आर्थिक सहायता प्रदान करता है।

केन्‍द्रीय बैंक अन्‍य बैंकों को बिलों की पुन: कटौती द्वारा तथा स्‍वीकृत प्रतिभूतियों की जमानत पर ऋण प्रदान करता है।


Q. 162920 आधुनिक अर्थव्यवस्था में बैंकों का क्या महत्त्व है?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

आधुनिक युग में बैंकों के महत्त्व को निम्नलिखित प्रकार से स्पष्ट किया जा सकता है-

1. पूंजी निर्माण- बैंक लोगों में बचत की आदत को प्रोत्साहित करता है। बैंक जनता की छोटी-छोटी बचतों को जमा करके पूंजी निर्माण करता है।

2. उद्योगों के विकास में सहायक- बैंक उद्योगों को कच्चा माल व मशीनरी खरीदने के लिए वित्तीय सहायता प्रदान करता है।

3. साख पत्रों का संग्रह करना- बैंक अपने ग्राहकों के चैक, विनिमय बिल, बैंक ड्राफ्ट, प्रतिज्ञा पत्रों आदि का रुपया वसूल कर ग्राहकों के खातों में जमा करता है।

4. धन का हस्तांतरण- बैंक अपने ग्राहकों का धन जहाँ वे चाहे वहां बिना जोखिम के भेज देता है। बैंक धन के हस्तांतरण को सरल और सुविधाजनक बनता है।

5. वित्तीय सलाहकार- बैंक अपने ग्राहकों को वित्तीय सम्बन्धी सलाह देकर उन्हें होने वाले जोखिमों का प्रति सर्तक करता है।

6. बहुमूल्य संपत्ति की सुरक्षा- बैंक अपने ग्राहकों को लाकर्स की सुविधा प्रदान करता है, जहाँ बहुमूल्य संपत्ति की सुरक्षा होती है।

7. मध्यस्थ का कार्य- बैंक अपने ग्राहकों की ओर से विदेशी व्यापारियों के विनिमय बिलों को स्वीकार करके उनका भुगतान करता है। बैंक अपने ग्राहक और विदेशी व्यापारियों के बीच मध्यस्थ का कार्य करता है। बैंक अपने ग्राहकों की ओर से बीमा किश्त, विद्युत बिल आदि का भुगतान करता है।

8. बचतकोप्रोत्साहन- बैंक बचत को प्रोत्साहित करने के लिए नई-नई आकर्षक योजनायें प्रस्तुत करता है। बैंक ग्राहकों की जमाओं की सुरक्षा करता है तथा जमाओं पर ब्याज भी देता है।


Q. 162921 केन्‍द्रीय बैंक के कार्यों के बारे में बताइए।
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

केन्‍द्रीय बैंक के कार्य हैं:

1. निर्गमन करने वाला बैंक - केन्‍द्रीय बैंक मुद्रा के नोटों का निर्गमन करता है। केन्‍द्रीय बैंक द्वारा जारी किये गये नोट विधिग्राह्य होते हैं

 

2. सरकार का बैंकर, वित्‍तीय एजेंट और सलाहकार - केन्‍द्रीय बैंक सरकार की ओर से भुगतान करने और सरकार की ओर से विदेशी मुद्राओं के क्रय और विक्रय जैसे कुछ कार्यों को करता है जिसे वाणिज्यिक बैंक आम जनता के लिए करते हैं।

 

3. बैंकों का बैंक - केन्‍द्रीय बैंक कई मायनों में बैंकों के बैंकर के रूप में वाणिज्यिक बैंकों की नकदी के संरक्षक, अंतिम ऋणदाता, समाशोधन एजेंट आदि जैसे कार्य करता है।

 

4. विदेशी मुद्रा भंडार का संरक्षक - विदेशी मुद्रा में उतार-चढ़ाव को कम करने के लिए सभी विदेशी मुद्राओं के लेन-देन को केन्‍द्रीय बैंक द्वारा संचालित किया जायेगा।

 

5. अंतिम ऋणदाता- केन्‍द्रीय बैंक वाणिज्यिक बैंकों को उस समय ऋण या अग्रिम राशियां उपलब्‍ध करता है जब उनके पास धन जुटाने के कोई अन्‍य साधन नहीं होते हैं।

 

6. स्‍थानांतरण और भुगतान के लिए समाशोधन गृह - क्‍योंकि केन्‍द्रीय बैंक वाणिज्यिक बैंकों के आरक्षित को अपने पास रखता है, इसलिए यह चैकों के हर संभव समाशोधन के लिए एक बैंक से दूसरे बैंक को धन स्‍थानांतरित करता है।

7. साख का नियंत्रक - केन्‍द्रीय बैंक के पास वाणिज्यिक बैंकों की साख सृजन को नियंत्रित करने के लिए कई साधन अर्थात् बैंक दर, खुले बाजार की क्रियाएं, परिवर्तनीय आरक्षित अनुपात, उपभोक्‍ता साख का नियमन आदि रहते हैं।

8. संवर्धक एवं विकास कार्य - केन्‍द्रीय बैंक देश में मजबूत बैंकिंग प्रणाली को प्रोत्‍साहित और विकसित करने के लिए उत्‍तरदायी है। आर्थिक विकास के लिए उचित मौद्रिक नीति को अपनाना भी केन्‍द्रीय बैंक के अंतर्गत आता है।

9. आर्थिक और सांख्यिकीय सूचनाओं का प्रकाशन - केन्‍द्रीय बैंक बैंकों और वित्‍तीय संस्‍थानों से समय समय पर आर्थिक और सांख्यिकीय सूचनाओं को एकत्रित एवं प्रकाशित करता है।


Q. 162922 अधि माँग को ठीक करने के लिए राजकोषीय निति के निम्नलिखित घटकों में से कौन-सा घटक अपनाया जा सकता है ?


A. सरकारी व्यय में वृद्धि

B. सार्वजनिक ऋण में कटोती

C. करों में वृद्धि

D. घाटा वित्तीयन में वृद्धि

Right Answer is: C

SOLUTION

अधि  मांग को ठीक करने के राजकोषीय नीति उपाय हैं : •                     करों में वृद्धि •                     सरकारी व्यय में कटोती •                     घाटा वित्तीयन में कटोती •                     सार्वजनिक ऋण में बढ़ोतरी


Q. 162923 न्यून माँग को ठीक करने के लिए मौद्रिक निति के निम्नलिखित घटकों में से कौन-सा घटक अपनाया जा सकता है ?


A. नकद आरक्षित अनुपात (CRR) में कटोती

B. खुले बाज़ार में सरकारी प्रतिभूतियों का विक्रय

C. ऋण की सीमांत आवश्यकता में वृद्धि

D. बैंक दरों में वृद्धि

Right Answer is: A

SOLUTION

न्यून मांग को सही करने के मौद्रिक नीति उपाय हैं : ·         बैंक दरों में कटोती ·         खुले बाज़ार में सरकारी प्रतिभूतियों का क्रय ·         नकद आरक्षित अनुपात (CRR) में कटोती ·         वैधानिक  तरलता अनुपात  (SLR) में कटोती ·         ऋण की सीमांत आवश्यकता में कटोती ·         साख राशनिंग का निष्कासन


Q. 162924 __________वे निवेष होते हैं जो आय में परिवर्तन के अनुसार होते हैं।


A. स्वायत्त निवेश

B. नियोजित निवेश

C. प्रेरित निवेश

D. वास्तिविक निवेश

Right Answer is: C

SOLUTION

निवेश दो प्रकार के  होते हैं: ·         प्रेरित निवेश तथा ·         स्वायत्त निवेश प्रेरित निवेश वे निवेश होते हैं जो आय में परिवर्तन के अनुसार होते हैं। स्वायत्त निवेश से अर्थ उस निवेश से होता है जो आय या उत्पादन के स्तर से परिवर्तित नहीं होता है।


Q. 162925 निम्नलिखित में से किसके कारण समग्र माँग (AD) में कमी नहीं होती है?


A.

आयातों में कमी

B.

निर्यातों में कमी

C.

निजी उपभोग व्यय में कमी

D.

सरकारी व्यय में कमी

Right Answer is: A

SOLUTION

समग्र मांग के चार घटक हैं: 1)  घरेलू उपभोग व्यय (C) 2)  निजी निवेश व्यय (I) 3)      सरकारी व्यय (G) तथा 4)      शुद्ध निर्यात (X-M) आयातों में कमी से समग्र माँग (AD) में वृद्धि  होती है|


Q. 162926 न्यून माँग से अभिप्राय उस स्थिति से है जब :


A. AD>AS (पूर्ण रोजगार के अनुरूप)

B. AD (पूर्ण रोजगार के अनुरूप)

C. अर्थव्यस्था में उत्पादन का स्तर स्थिर रहता है

D. इनमें से कोई नहीं

Right Answer is: B

SOLUTION

न्यून मांग से अभिप्राय उस स्तिथि से है जिसमें अर्थव्यवस्था में पूर्ण रोज़गार स्तर के अनुरूप समग्र मांग (AD) समग्र पूर्ति (AS) से कम होती है |


Q. 162927

  अवस्फितिक अन्तराल को   द्वारा  मापा जाता है <div class= A.
B.
C.
D.

Right Answer is: C

SOLUTION

अवस्फीतिक अन्तराल को पूर्ण रोजगार के अनुरूप समग्र मांग और अल्परोज़गार के अनुरूप समग्र मांगके बीच अंतर के रूप में परिभाषित किया गया है। न्यून मांग की परिस्थिति में अर्थव्यस्था में कम उत्पादन, कम आय और कम रोज़गार की अवस्था होती है | इस स्थिति को समष्टि अर्थशास्त्र में "अवस्फीति" कहा जाता है। अर्थव्यवस्था में जितनी अधिक न्यून मांग होती है उतना ही अधिक अवस्फीतिकर दबाव होता है |


Q. 162928 “न्यून माँग” और “अधि माँग” की अवधारणाओं को ___________ ने प्रस्तावित किया था
A.
B.
C.
D.

Right Answer is: B

SOLUTION

1929-1933 में महामंदी  के दौरान, एसी स्थिति उत्पन हुई , जहां समग्र मांग  समग्र पूर्ति की तुलना में बहुत कम थी । वह प्रोफेस्सर जॉन मेनार्ड किन्स  थे जिन्होंने “न्यून माँग” और “अधि माँग” की अवधारणाओं को प्रस्तावित किया था ।


Q. 162929 _______वह नीति है जिसके द्वारा केन्द्रीय बैंक मुद्रा का प्रवाह, साख की उपलब्धता और ब्याज दर को नियंत्रित करके अर्थव्यवस्था में आर्थिक स्थिरता को हासिल करता है
A.
B.
C.
D.

Right Answer is: C

SOLUTION

मौद्रिक नीति वह नीति है जिसके द्वारा केन्द्रीय बैंक  मुद्रा का प्रवाह, साख की उपलब्धता और ब्याज दर को नियंत्रित करके अर्थव्यवस्था में आर्थिक स्थिरता को हासिल करता है | यह समग्र मांग स्तर और संरचना को प्रभावित करती है।


Q. 162930 यदि निवेश में 200 से 400 तक की वृद्धि तथा आय में 2,000 से 4,000 तक वृद्धि होती है तो MPS _______ के बराबर होना चाहिए
A.
B.
C.
D.

Right Answer is: A

SOLUTION

Description: /stryde/uploadfiles/Image/-0001/11/30/20090708322131001247068198280101.gif K= 2000/200=10 K=1/MPS 10=1/MPS MPS=1/10=0.1


Q. 162931 यदि है, तो गुणक का मूल्य होगा :


A.

4

B.

2

C.

8

D.

6

Right Answer is: B

SOLUTION

गुणक K=1/MPS MPS=0.5 K= 1/0.5= 2


Q. 162932 निवेश गुणक =


A.

B.

C.

D.

Right Answer is: C

SOLUTION

निवेश में किये गये परिवर्तन के कारण आय में हुये परिवर्तन की दर निवेश गुणक होता है। इससे निवेश में हुये परिवर्तन के परिणामस्‍वरूप राष्‍ट्रीय आय में हुये परिवर्तन को मापा जाता है। गुणक का मान एक से अनंत तक परिवर्तित होता है।
इसे K द्वारा दर्शाया जाता है।
प्रतीकात्‍मक रूप में,    Description: /stryde/uploadfiles/Image/-0001/11/30/20090708322131001247068198280101.gif


Q. 162933

  S  रेखा बचत  वक्र का ढलान   के द्वारा प्रकट  होती है<div class= A.
B.
C.
D.

Right Answer is: B

SOLUTION

सीमांत बचत प्रवृत्ति आय में परिवर्तन के फलस्वरूप बचत में परिवर्तन के अनुपात को व्यक्त करती है। बचत वक्र की ढलान है 1-b =MPS


Q. 162934 औसत बचत प्रवृत्ति (APS) को परिभाषित कीजिए।
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

औसत बचत प्रवृत्ति आय के अनुपात में बचत की औसत दर अर्थात् कुल आय और कुल बचत का अनुपात है।

प्रतीकात्‍मक रूप में, APS = S/Y.


Q. 162935 अनैच्छिक बेरोजगारी से क्‍या तात्‍पर्य है?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

अनैच्छिक बेरोजगारी एक ऐसी स्थिति को दर्शाती है जहां लोग काम करने के लिए तैयार है और वर्तमान मजदूरी दर पर काम करने के लिए सक्षम है लेकिन काम खोजने में असमर्थ है।


Q. 162936 समग्र मांग से आप क्‍या समझते है?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

समग्र मांग एक वित्तीय वर्ष के दौरान आय के दिए गए स्तर पर देश में उत्पादित वस्तुओं तथा सेवाओं की खरीद पर वांछित व्यय या नियोजित व्यय है।

यह वह कुल राशि है जो लोग एक वित्तीय वर्ष  के दौरान वस्तुओं तथा सेवाओं की खरीद पर व्यय करने के लिए तैयार रहते हैं।


Q. 162937 अधि मांग को ठीक करने के लिए राजकोषीय नीति के अंतर्गत सरकार द्वारा क्‍या उपाय किये जाते हैं?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

अधि  मांग को ठीक करने के लिए राजकोषीय नीति के अंतर्गत सरकार द्वारा निम्‍नलिखित उपायों को अपनाया जाता है:

·         करों में वृद्धि

·         सरकारी व्यय में कटोती

·         घाटा वित्तीयन (डेफिसिट फाइनेन्सिंग) में कटोती

·         सार्वजनिक ऋण में बढ़ोतरी


Q. 162938 मांग में कमी के कारणों को सूचीबद्ध कीजिए।
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

मांग में कमी या न्यून मांग के कारण हैं:
·  निजी उपभोग व्‍यय में कमी
·  निवेश व्‍यय में कमी
·  निर्यातों में कमी/ आयात में वृद्धि
·  कर की दरों में वृद्धि


Q. 162939 यदि AS>AD है तब क्‍या होगा?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

जब AS>AD होता है तब उत्‍पादक अवांछित जमा स्‍टॉक से बचने के लिए अपने उत्‍पादन में कटौती कर देगे। इसके कारण अर्थव्‍यवस्‍था में बेरोजगारी होगी और अंतत: अर्थव्‍यवस्‍था में संतुलन को वापिस लाना होगा।


Q. 162940 समग्र पूर्ति से आप क्‍या समझते हैं?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

समग्र पूर्ति एक अर्थव्‍यवस्‍था में वस्‍तुओं और सेवाओं के कुल उत्‍पादन के सम्‍पूर्ण मूल्‍य को दर्शाती है। दूसरे शब्‍दों में, यह राष्‍ट्रीय उत्‍पाद के मूल्‍य अर्थात् राष्‍ट्रीय आय के बराबर होती है।


Q. 162941

  स्वायत्त  निवेश की  प्रक्रिया को  संक्षेप में  लिखें<div class= A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

स्वायत्त निवेश की प्रक्रिया:

स्वायत्त निवेश आय या उत्पादन मे किसी भी स्तर के लिए अपरिवर्तित रहता है।

निवेष की राश आय के सभी स्तरों पर एक समान रहती है।

यह नई तकनीक के आने से और जनसंख्या में वृद्धि के कारण परिवर्तित हो सकती है।

कीन्स के साधारण मॉडल में स्वायत्त निवेष को सरलता के लिए प्रयोग किया जाता है।


Q. 162942 MPC और MPS के बीच संबंध बताइए।
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

अब, MPC = C/Y

MPS = S/ /Y

चूंकि, Y = C + S

Y /Y =C/Y +S/ /Y

MPC + MPS =1


Q. 162943 देश की आय 200 करोड़ रूपये से 300 करोड़ रूपये तक बढ़ जाती है और बचत 30 करोड़ रूपये से 60 करोड़ रूपये तक बढ़ जाती है। MPS का परिकलन कीजिए।
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

MPS = ΔS/ΔY

ΔS = 60 - 30 = 30

ΔY = 300 – 200 = 100

MPS = 30/100

       = 0.3


Q. 162944 निम्‍न तालिका को पूरा कीजिए।
राष्‍ट्रीय आय (रू0) उपभोग (रू0) सीमांत उपभोग प्रवृत्ति (MPc) सीमांत बचत प्रवृत्ति (MPS)
400 500 600 700 240 320 395 465
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

राष्‍ट्रीय आय (रू0)

उपभोग (रू0)

सीमांत उपभोग प्रवृत्ति (MPC)

सीमांत बचत प्रवृत्ति (MPS)

400

240

-

-

500

320

.8

.2

600

395

.75

.25

700

465

.7

.3

ध्‍यान दीजिए: MPC = ΔC/ΔY और MPC + MPS = 1

या 1 – MPC = MPS


Q. 162945 20 करोड़ रूपये तक निवेश में वृद्धि के परिणामस्‍वरूप, राष्‍ट्रीय आय 100 करोड़ रूपये तक बढ़ जाती है। MPC को ज्ञात कीजिए।
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

Description: /stryde/uploadfiles/Image/-0001/11/30/200907089245800012470666742801em11em2.gif


Q. 162946 एक अर्थव्‍यवस्‍था में आय का वास्‍तविक स्‍तर 400 करोड़ रूपये है, जबकि आय के पूर्ण रोजगार का स्‍तर 800 करोड़ रूपये है। MPC .75 है। आय के पूर्ण रोजगार स्‍तर को प्राप्‍त करने के लिए आवश्‍यक निवेश वृद्धि का परिकलन कीजिए।
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

दिया हुआ है,
आय का वास्‍तविक स्‍तर = 400 करोड़ रूपये
आय का पूर्ण रोजगार स्‍तर = 800 करोड़ रूपये
MPC = .75

MPS = .25 ( क्‍योंकि MPC + MPS = 1)

     K = 1/MPS =1/.25 =4

     K =  ΔY / ΔI  = 400/ ΔI

    4 = 400/ ΔI   =   ΔI = 400/4  =100

इस प्रकार आय का पूर्ण रोजगार स्‍तर प्राप्‍त करने के लिए 100 करोड़ रूपये की निवेश वृद्धि आवश्‍यक है।


Q. 162947 संतुलन की अवधारणा को स्‍पष्‍ट कीजिए।
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

जब एक विशिष्‍ट कीमत स्‍तर पर कुल मांग कुल पूर्ति के बराबर होती है तब कुल मांग और कुल पूर्ति के बीच संतुलन होता है। संतुलन पर उत्‍पादित वस्‍तुओं और सेवाओं का कुल उत्‍पादन उन वस्‍तुओं और सेवाओं की कुल मांग के बराबर होता है। जिस कीमत पर कुल मांग कुल पूर्ति के बराबर होती है उसे संतुलन कीमत के रूप में जाना जाता है। संतुलन दो स्थितियों में हो सकता है:

1) पूर्ण रोजगार संतुलन: पूर्ण रोजगार संतुलन वह संतुलन होता है जहां सभी संसाधन पूर्ण रूप नियोजित होते हैं।
2) अल्‍प रोजगार संतुलन: अल्‍प रोजगार संतुलन वह संतुलन होता है जहां सभी संसाधन पूर्ण रूप से नियोजित नहीं होते है। कुछ संसाधन अनियोजित होते हैं।


Q. 162948 समग्र मांग के व्‍यवहार पर एक संक्षिप्‍त टिप्‍पणी लिखिए।
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

समग्र मांग किसी विशेष वर्ष के दौरान अर्थव्‍यवस्‍था में वस्‍तुओं और सेवाओं की कुल मांग को दर्शाती है। समग्र मांग के चार संघटक निजी उपभोग मांग, निजी निवेश मांग, वस्‍तुओं और सेवाओं के लिए सरकार की मांग और निवल निर्यात हैं। लेकिन सरलता के लिए, समग्र मांग को उपभोग मांग और निवेश मांग के संदर्भ में बताया जाता है। प्रतीकात्‍मक रूप में,

        AD = C + I
समग्र मांग की निम्‍नलिखित विशेषताएं हैं:

1) समग्र मांग आय के स्‍तर पर निर्भर करती है। जितनी अधिक आय होगी, उतनी अधिक समग्र मांग हो जायेगी।

2) आय के शून्‍य स्‍तर पर, समग्र मांग का कुछ न्‍यूनतम स्‍तर हमेशा रहता है क्‍योंकि उपभोग कभी भी शून्‍य नहीं होता है।

3) जैसे आय बढ़ती है, मांग भी बढ़ जाती है लेकिन आय के एक विशिष्‍ट स्‍तर के बाद, लोग अपनी आय का एक हिस्‍सा बचाना शुरू कर देते हैं। आय वृद्धि के पीछे व्‍यय होता है।


Q. 162949 एक आरेख की मदद से एक अर्थव्‍यवस्‍था में अधि माँग (माँग आधिक्य) की स्थि‍ति के बारे में बताइए।
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

अधि माँग से अभिप्राय उस स्तिथि से है जिसमें अर्थव्यवस्था में पूर्ण रोज़गार स्तर के अनुरूप समग्र मांग (AD) समग्र पूर्ति (AS) से अधिक होती है |

दिया गया चित्र अधि माँग की व्याख्या करता है|

·         OX अक्ष उत्पादन, आय और रोजगार को दर्शाता है |

·         OY अक्ष समग्र मांग को दर्शाता है |

·         AS समग्र पूर्ति वक्र है |

·         ADF वक्र पूर्ण रोज़गार के अनुरूप समग्र मांग को प्रकट करता है |

·         ADE वक्र अर्थव्यवस्था में पूर्ण रोज़गार स्तर से अधिक समग्र मांग को प्रकट करता है|

·         अधि माँग को पूर्ण रोजगार स्तर के अतिरिक्त इच्छित समग्र मांगतथा पूर्ण रोज़गार के अनुरूप इच्छित समग्र मांग के अंतर के द्वारा मापा जाता है |

·         चित्र में यह GF के बराबर है |

·         ADF समग्र मांग के पूर्ण रोजगार स्तर का संकेत देता है। यह MF के बराबर है।  

·         ADE अपने पूर्ण रोजगार स्तर के अतिरिक्त इच्छित समग्र मांगहै। यह MG के बराबर है।


Q. 162950 मांग की कमी को ठीक करने के लिए सरकार द्वारा उठाए गये मौद्रिक नीति के उपायों को विस्‍तार पूर्वक बताइए।
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

मांग की कमी (न्यून मांग) को ठीक करने के लिए सरकार द्वारा उठाए गये मौद्रिक नीति के उपाय निम्‍नलिखित हैं:
1. बैंक दर में कमी-  न्यून मांग की स्थिति में केंद्रीय बैंक, बैंक दरों में कटोती करता है| इससे वाणिज्यिक बैंकों से ऋण लेना सस्ता हो जाता है क्योंकि तब वाणिज्यिक बैंक अपनी ब्याज दर जिस पर वे उधार देते हैं को कम देते  हैं| यह लोगों को बैंकों से पैसे उधार लेने के लिए प्रोत्साहित करता है। इससे अर्थव्यवस्था में मुद्रा के प्रवाह में वृद्धि होती है | इस के कारण उपभोक्ताओं की क्रय शक्ति में भी वृद्धि होती है। फलस्वरूप  समग्र मांग में वृद्धि होती है |

2. खुले बाज़ार में सरकारी प्रतिभूतियों का क्रय- जब केंद्रीय बैंक खुले बाज़ार में सरकारी प्रतिभूतियों का क्रय करता है,  वाणिज्यिक बैंकों के पास रखें धर में वृद्धि होती है, उनकी ऋण एने की शमता में वृद्धि होती है , वे ब्याज़ दर कम कर देते हैं इससे अर्थव्यवस्था में मुद्रा का  प्रवाह बढ़ जाता है  फलस्वरूप  समग्र मांग में वृद्धि होती है |

3. नकद आरक्षित अनुपात (CRR) में कटोती - जब केंद्रीय बैंक नकद आरक्षित अनुपात (CRR) में कटोती करता है तब वाणिज्यिक बैंकों की ऋण देने की क्षमता बढ़ जाती हैं | इससे अर्थव्यवस्था में मुद्रा का  प्रवाह और निवश बढ़ जाता है | फलस्वरूप  समग्र मांग में वृद्धि होती है |

4. वैधानिक  तरलता अनुपात  (SLR) में कटोती  - जब केंद्रीय बैंक वैधानिक  तरलता अनुपात  (SLR) में कटोती करता है तब वाणिज्यिक बैंकों की ऋण देने की क्षमता बढ़ जाती हैं | इससे अर्थव्यवस्था में मुद्रा का  प्रवाह और निवश बढ़ जाता है  फलस्वरूप  समग्र मांग में वृद्धि होती है |

5. ऋण की सीमांत आवश्यकता में कटोती- जब केंद्रीय बैंक ऋण की सीमांत आवश्यकता में कटोती करता है , तब ऋण लेने वालों को उनकी प्रतिभूतियों के आधार पर और अधिक ऋण उपलब्ध होता है, इसके कारण उपभोक्ताओं की क्रय शक्ति में भी वृद्धि होती है। फलस्वरूप  समग्र मांग में वृद्धि होती है |

6. साख राशनिंग का निष्कासन- न्यून मांग की स्थिति में केंद्रीय बैंक साख राशनिंग को निश्तासित कर देता है , जिससे वाणिज्यिक बैंकों की ऋण देने की क्षमता बढ़ जाती हैं | इससे अर्थव्यवस्था में मुद्रा का प्रवाह और लोगों की क्रय शक्ति बढ़ जाती है | फलस्वरूप  समग्र मांग में वृद्धि होती है |


Q. 162951 गुणक की अवधारणा को एक उदाहरण सहित स्‍पष्‍ट कीजिए।
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

निवेश गुणक की अवधारणा को प्रोफेस्सर जॉन मेनार्ड किन्स द्वारा प्रतिपादित किया गया था। निवेश में किये गये परिवर्तन के कारण आय में हुये परिवर्तन की दर निवेश गुणक होता है। इससे निवेश में हुये परिवर्तन के परिणामस्‍वरूप राष्‍ट्रीय आय में हुये परिवर्तन को मापा जाता है। गुणक का मान एक से अनंत तक परिवर्तित होता है।
इसे K द्वारा दर्शाया जाता है।
प्रतीकात्‍मक रूप में,

   Description: /stryde/uploadfiles/Image/-0001/11/30/20090708322131001247068198280101.gif
 

DY = आय में परिवर्तन और

DI = निवेश में परिवर्तन

उदाहरण:

मान लो DI = 50 करोड़ रूपये है और DY = 200 करोड़ रूपये है

इसलिए,

 Description: /stryde/uploadfiles/Image/-0001/11/30/20090708322131001247068198280101em13em2.gif

K= 200/50

K= 4

इस प्रकार, गुणक का मान 4 है।


Q. 162952 ज्ञात कीजिए: (1) यदि गुणक 4 है, तो MPS का मान ज्ञात कीजिए।
(2) यदि APS = .75 है, तो APC के मान का परिकलन कीजिए।
(3) यदि MPS का मान .5 है, गुणक ज्ञात कीजिए
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

(1)   हम जानते हैं कि,

Description: /stryde/uploadfiles/Image/2009/07/08/20090708220013001247068086280101.gif

उपरोक्‍त सूत्र में k  का मान रखने पर, हमें प्राप्‍त होता है

Description: /stryde/uploadfiles/Image/2009/07/08/20090708220013001247068086280101em11em2.gif

4 MPS = 1

Description: /stryde/uploadfiles/Image/2009/07/08/20090708220013001247068086280101em12em2.gif

(2) हम जानते हैं कि, APC + APS = 1
उपरोक्‍त सूत्र में APS का मान रखने पर, हमें प्राप्‍त होता है
APC + .75 = 1
 APC = 1 - .75
         = .25

(3) हम जानते हैं कि,

Description: /stryde/uploadfiles/Image/2009/07/08/20090708220013001247068086280101em13em2.gif

उपरोक्‍त सूत्र में MPS का मान रखने पर, हमें प्राप्‍त होता है

Description: /stryde/uploadfiles/Image/2009/07/08/20090708220013001247068086280101em14em2.gif


Q. 162953 सीमांत उपभोग प्रवृत्ति (MPC) और सीमांत बचत प्रवृत्ति (MPS) के बीच अंतर बताइए। दोनों के बीच क्‍या संबंध है?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

आय में परिवर्तन के कारण उपभोग में परिवर्तन की दर सीमांत उपभोग प्रवृत्ति होती है।
प्रतीकात्‍मक रूप में,

 Description: /stryde/uploadfiles/Image/-0001/11/30/200907085056460012470683032801.gif .

MPC का मूल्‍य हमेशा 0 और 1 के बीच होता है।

आय में परिवर्तन के कारण बचत में परिवर्तन की दर सीमांत बचत प्रवृत्ति होती है।

प्रतीकात्‍मक रूप में,

. Description: /stryde/uploadfiles/Image/-0001/11/30/200907085056460012470683032801em11em2.gif

 MPS का मूल्‍य भी 0 और 1 के बीच रहता है। MPS का मूल्‍य MPC के मूल्‍य पर निर्भर करता है।

संबंध:
MPC और MPS के बीच संबंध होता है जिसमें इन दोनों का योग हमेशा एक के बराबर होता है।
प्रतीकात्‍मक रूप में, MPC + MPS = 1.

समीकरण बताता है कि MPC = 1 – MPS और MPS = 1 - MPC


Q. 162954 APC और MPC के बीच अंतर स्‍पष्‍ट कीजिए। क्‍या उनका मान एक से अधिक हो सकता है? कारण दीजिए।
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

कुल आय के कुल उपभोग व्‍यय के अनुपात को औसत उपभोग प्रवृत्ति कहा जाता है।
APC=C/Y
जहां, C = समग्र उपभोग
Y = समग्र आय
आय में परिवर्तन के कारण उपभोग में परिवर्तन की दर को सीमांत उपभोग प्रवृत्ति के रूप में परिभाषित किया जाता है। यह अतिरिक्‍त आय के उस भाग को दर्शाता है जिसे अतिरिक्‍त उपभोग पर व्‍यय किया गया है।

MPC = ∆C/∆Y

∆C = उपभोग में परिवर्तन

∆Y = आय में परिवर्तन

MPC = सीमांत उपभोग प्रवृत्ति

यदि पहले की बचतों को चालू वर्ष में उपभोग कर लिया जाता है या चालू वर्ष में उपभोग करने के लिए ली गयी उधार राशियों का उपयोग किया जाता है तो औसत उपभोग प्रवृत्ति का मान एक से अधिक हो सकता है। ऐसी स्थिति में उपभोग आय से अधिक हो सकता है और APC का मान एक से अधिक होगा।

MPC  हमेशा एक से कम और शून्‍य से अधिक होता है।


Q. 162955 निम्न में से कौन सा सरकारी बजट का एक उद्देश्य नहीं हैं?


A. आय और संपत्ति का पुनः वितरण

B. आर्थिक स्थिरता

C. सकल घरेलू उत्पाद संवृद्धि

D. सामाजिक अस्थिरता

Right Answer is: D

SOLUTION

सरकारी बजट का प्रयोग समाज के कल्याण के लिए किया जाता है |


Q. 162956 निम्नलिखित में से कौन-सी एक गैर कर प्राप्ति है?


A. उपहार के द्वारा प्राप्त धनराशी

B. बिक्री के द्वारा प्राप्त धनराशी

C. दान में प्राप्त धनराशी

D. उत्पाद के द्वारा प्राप्त धनराशी

Right Answer is: D

SOLUTION

विभिन्न देशों या अन्तर्राष्ट्रीय संस्थानों के द्वारा उपहार और दान दिए जाते जो किसी देश के लिए गैर कर प्राप्ति होती है |


Q. 162957 व्यक्ति की आय बढ़ने पर

  प्रगतिशील  कर वह है जो <div class= A.
B.
C.
D.

Right Answer is: B

SOLUTION

भारत में आय कर एक प्रगतिशील कर है |


Q. 162958 व्यक्ति की आय बढ़ने पर

  प्रतिगामी  कर वह है जो <div class= A.
B.
C.
D.

Right Answer is: B

SOLUTION

बिक्री कर एक प्रतिगामी कर है |


Q. 162959 वह कर, जिसका भार दूसरों के ऊपर आरोपित नहीं किया जा सकता ________ हैं
A.
B.
C.
D.

Right Answer is: B

SOLUTION

प्रत्यक्ष कर का एक उदाहरण है आय कर|


Q. 162960 वह कर जिसका भार या कराधान उसी व्यक्ति पर पड़ना है जिस पर वह कानूनी तौर पर लगाया जाता है, ___________ कहलाता है
A.
B.
C.
D.

Right Answer is: B

SOLUTION

प्रत्यक्ष कर का एक उदाहरण है आय कर|


Q. 162961 संपत्ति कर उत्पाद

    एक  अप्रत्यक्ष  कर है <div class= A.
B.
C.
D.

Right Answer is: B

SOLUTION

अप्रत्यक्ष कर वह कर हैं जिसमे कर का भार और भुगतान का दायित्व अलग अलग व्यक्तियों पर पड़ता है।


Q. 162962 आय कर उत्पाद शुल्क

    एक प्रत्यक्ष  कर है <div class= A.
B.
C.
D.

Right Answer is: A

SOLUTION

प्रत्यक्ष कर वह कर हैं जिसमे कर का भार और भुगतान का दायित्व एक ही व्यक्ति पर पड़ता है।


Q. 162963 ___________ वह कर है जो उत्पादन की विभिन्न अवस्थाओं में होने वाली मूल्य वृद्धि पर लगाया जाता है
A.
B.
C.
D.

Right Answer is: C

SOLUTION

मूल्य वृद्धि कर अप्रत्यक्ष कर का एक उदाहरण है |


Q. 162964 राजकोषीय घाटा =


A.

कुल व्यय उधार को छोड़कर कुल प्राप्तियाँ

B.

राजस्व व्यय राजस्व प्राप्तियाँ

C.

पूँजीगत व्यय पूँजीगत प्राप्तियाँ

D.

राजस्व व्यय पूँजीगत व्यय - राजस्व प्राप्तियाँ

Right Answer is: A

SOLUTION

राजकोषीय घाटा सरकार की उधार संबंधी आवश्यकताओं को दर्शाता है |


Q. 162965 भारत सरकार के बजट में निम्नलिखित में से कौन-सा राजस्व व्यय का एक अंग नहीं है?


A. ब्याज का भुगतान

B. सुरक्षा के लिए खरीदी गई वस्तुएँ

C. सरकार का वेतन बिल

D. निजी कर्मचारियों की आय

Right Answer is: D

SOLUTION

सरकार का बजट सरकार के अनुमानित आय और व्यय का विवरण होता है |


Q. 162966 पूँजीगत प्राप्ति सरकार की वह प्राप्ति है जिनसे :


A.

केवल देयता उत्पन्न होती है

B.

केवल परिसंम्पत्तियाँ कम होती हैं

C.

या तो देयता उत्पन्न होती है या तो परिसंम्पत्तियाँ कम होती हैं

D.

नाहीं देयता उत्पन्न होती है और नाहीं परिसंम्पत्तियाँ कम होती हैं

Right Answer is: C

SOLUTION

सार्वजनिक उपक्रम की बिक्री के उपरांत प्राप्त धनराशी पूंजीगत प्राप्ति का एक उदाहरण है |


Q. 162967 ऋणों की व

  सरकार  की पूँजीगत  प्राप्ति  नहीं हैं<div class= A.
B.
C.
D.

Right Answer is: D

SOLUTION

पूँजीगत प्राप्ति सरकार की वह प्राप्ति है जिनसे या तो देयता उत्पन्न होती है या तो परिसंम्पत्तियाँ कम होती हैं |


Q. 162968 पूँजीगत व्यय सरकार का वह अनुमानित व्यय है जो सरकार की:


A.

परिसंपति में वृद्धि करते हैं

B.

देयता को कम करते हैं

C.

या तो परिसंपति में वृद्धि करता हैं या देयता को कम करता है

Right Answer is: C

SOLUTION

विदेशों को दिया गया ऋण पूँजीगत व्यय होता है |।


Q. 162969 बजट घाटे की स्थिति में सरकार का बजट व्यय:


A.

बजट प्राप्तियों से कम होता है

B.

बजट प्राप्तियों से अधिक होता है

C.

बजट प्राप्तियों से बराबर होता है

D.

विदेशी ऋण से कम होता है

Right Answer is: B

SOLUTION

वह बजट जिसमें सरकार की अनुमानित प्राप्तियां उसके अनुमानित व्यय के कम होती हैं, घाटे का बजट कहलाता है ।


Q. 162970 भारत

    बजट के घाटे  को पूरा करने  का एक उपाय है <div class= A.
B.
C.
D.

Right Answer is: A

SOLUTION

सरकारी ऋण एक बोझ हैं क्योंकि इसका प्रभाव दो स्तरों पर होता हैं : ·         कर का भार अगली पीढ़ी को हस्तांतरित हो जाता हैं ·         पूँजी निर्माण और देश की वृद्धि दर में कमी हो जाती हैं|


Q. 162971 भावी पीढ़

    राजकोषीय  घाटे का  निहितार्थ  नहीं है<div class= A.
B.
C.
D.

Right Answer is: C

SOLUTION

सरकारी ऋण एक बोझ हैं क्योंकि इसका प्रभाव दो स्तरों पर होता हैं : ·         कर का भार अगली पीढ़ी को हस्तांतरित हो जाता हैं ·         पूँजी निर्माण और देश की वृद्धि दर में कमी हो जाती हैं|


Q. 162972 बजट संतुलन में तब होता है जब:


A.

कुल व्यय = कुल प्राप्तियाँ

B.

कुल व्यय < कुल प्राप्तियाँ

C.

कुल व्यय > कुल प्राप्तियाँ

D.

कुल व्यय = 0

Right Answer is: A

SOLUTION

संतुलित बजट वह बजट है जिसमें सरकार की अनुमानित प्राप्तियां उसके अनुमानित व्यय के बराबर होती है, संतुलित बजट कहलाती है।


Q. 162973 बचत का बजट वह बजट है जिसमें:


A.

सरकार की अनुमानित आय < सरकार का अनुमानित व्यय

B.

सरकार की अनुमानित आय > सरकार का अनुमानित व्यय

C.

सरकार की अनुमानित आय = सरकार का अनुमानित व्यय

D.

सरकार का अनुमानित व्यय= 0

Right Answer is: B

SOLUTION

संतुलित बजट वह बजट है जिसमें सरकार की अनुमानित प्राप्तियां उसके अनुमानित व्यय के बराबर होती है, संतुलित बजट कहलाती है।


Q. 162974 एक खुली अर्थव्यवस्था में राष्ट्रीय आय की गणना में, निर्यात से आयात से कम करके ...... प्राप्त होता है
A.
B.
C.
D.

Right Answer is: C

SOLUTION

जब निवल निर्यात धनात्मक होता है तो देश में अंतर्राष्ट्रीय लेनदेन से व्यापार अधिक्य होता है और जब यह ऋणात्मक है तो इसका अर्थ है देश को विदेशी व्यापार में घाटा हो रहा है।


Q. 162975 विदेशी विनिमय के हस्तांतरण कार्य किसका हस्तांतरण हैं?


A.

देशों के बीच सामान

B.

देशों के बीच सेवाएं

C.

देशों के बीच क्रय शक्ति

D.

देशों के बीच सोना

Right Answer is: C

SOLUTION

विदेशी विनिमय का अर्थ है देशों के बीच मुद्रा या क्रय शक्ति का हस्तांतरण। वह दर जिस पर एक देश दूसरे देश में मुद्रा का विनिमय करता है उसे विदेशी विनिमय की दर कहते हैं।


Q. 162976 साख, ऋण आदि के रूप में अंतर्राष्ट्रीय लेनदेन कहाँ अभिलेखित किए जाते हैं?


A.

चालू खाता

B.

पूंजी खाता

C.

व्यापारिक खाता

D.

लाभ और हानि खाता

Right Answer is: B

SOLUTION

पूंजी खाता विदेशी निवेश, ऋण, बैंकिंग, ऋण सेवाओं आदि में पूंजी के अंतर्राष्ट्रीय लेनदेन को अभिलेखित करता है| यह पूंजी के अंतर्वाह और बहिर्वाह का अभिलेख होता है जो देश की विदेशी परिसंपत्तियों और दायित्वों में परिवर्तन लाता है|


Q. 162977 स्पॉट बाज़ार वह बाज़ार है जिसमें विदेशी विनिमय दर ........ पर आधारित होती है
A.
B.
C.
D.

Right Answer is: A

SOLUTION

जब भी कोई मुद्रा वर्त्तमान मूल्यों पर बदली जाती है तो इसे स्पॉट बाज़ार कहते हैं| यह बाज़ार दैनिक प्रवृत्ति का होता है और इसमें विदेशी मुद्रा के भविष्य के लेनदेन नहीं होते हैं|


Q. 162978 अधिकीलित विनिमय दर प्रणाली किसके समरूप है?


A. रेंगती हुई अधिकीलित प्रणाली

B. जोखिम पूर्वोपाय कार्य

C. समतामूल्य

D. स्थिर विनिमय प्रणाली

Right Answer is: D

SOLUTION

अधिकीलित प्रणाली स्थिर विनिमय दर प्रणाली के समरूप होती है| यह वह दर है जिसे सोने या किसी अन्य मुद्रा के आधार पर स्थिर किया जाता है|


Q. 162979 अदायगी संतुलन में आर्थिक उद्देश्य से किए जाने वाले अंतर्राष्ट्रीय लेनदेन का खाता क्या कहलाता हैं?


A.

समायोजित संव्यवहार

B.

स्वायत्त मद

C.

आर्थिक मद

D.

पूंजी मद

Right Answer is: B

SOLUTION

वे मद जो अंतर्राष्ट्रीय लेनदेन को परिलक्षित करते हैं जिनका एक आर्थिक उद्देश्य होता है वे स्वायत्त मद होते हैं।


Q. 162980 एक नम्य विनिमय दर में विदेशी मुद्रा की तुलना में देश की मुद्रा में मूल्य में गिरावट होने की स्थिति को क्या कहते हैं?


A.

मूल्यह्रास

B.

मूल्यवृद्धि

C.

अधिमूल्यन

D.

अल्पमूल्यन

Right Answer is: A

SOLUTION

किसी भी मुद्रा का मूल्यह्रास विदेशी मुद्रा के आधार पर देश की मुद्रा के मूल्य में कमी होता है। यह बताता है कि देश की मुद्रा का मूल्य पहले की तुलना में कम हो गया है। मूल्य ह्रास नम्य विनिमय दर प्रणाली में होता है।


Q. 162981 एक स्थिर विनिमय दर में विदेशी मुद्रा की तुलना में देश की मुद्रा में मूल्य में गिरावट होने की स्थिति को क्या कहते हैं?


A.

मूल्यह्रास

B.

मूल्यवृद्धि

C.

अधिमूल्यन

D.

अल्पमूल्यन

Right Answer is: D

SOLUTION

जब किसी देश की सरकार स्थिर विनिमय दर प्रणाली के अंतर्गत विदेशी मुद्रा की तुलना में घरेलू मुद्रा के मूल्य में वृद्धि करती है तो इसे मुद्रा का अल्पमूल्यन कहते हैं|  


Q. 162982 एक स्थिर विनिमय दर प्रणाली में देश की मुद्रा के मूल्य में विदेशी मुद्रा के मूल्य की तुलना में वृद्धि को क्या कहते हैं?


A.

मूल्यह्रास

B.

मूल्यवृद्धि

C.

अधिमूल्यन

D.

अल्पमूल्यन

Right Answer is: C

SOLUTION

जब किसी देश में स्थिर विनिमय दर प्रणाली के अंतर्गत विदेशी मुद्रा की तुलना में घरेलू मुद्रा के मूल्य में वृद्धि करती है तो इसे मुद्रा का अधिमूल्यन कहते हैं। इसे उस देश की सरकार के द्वारा किया जाता है।


Q. 162983 एक नम्य विनिमय दर प्रणाली में देश की मुद्रा के मूल्य की विदेशी मुद्रा के मूल्य की तुलना में वृद्धि को क्या कहते हैं?


A.

मूल्यह्रास

B.

मूल्यवृद्धि

C.

अधिमूल्यन

D.

अल्पमूल्यन

Right Answer is: B

SOLUTION

मुद्रा की मूल्यवृद्धि का अर्थ है एक नम्य विनिमय दर प्रणाली में विदेशी मुद्रा की तुलना में देश की मुद्रा में वृद्धि होना। यह इंगित करता है कि घरेलू मुद्रा का मूल्य पहले की तुलना में कहीं अधिक है।


Q. 162984 विदेशी मुद्रा का प्रयोग क्यों किया जाता है?


A.

आंतरिक भुगतान के लिए

B.

प्रत्यक्ष भुगतान के लिए

C.

विदेशी भुगतान के लिए

D.

अप्रत्यक्ष भुगतान के लिए

Right Answer is: C

SOLUTION

अंतर्राष्ट्रीय भुगतान के लिए प्रयोग की गई मुद्रा को विदेशी मुद्रा कहा जाता है। भारत के लिए, अमरीकी डॉलर, ब्रिटिश पाउंड और जापानी येन कुछ विदेशी मुद्राएँ हैं।


Q. 162985 व्यापार संतुलन कैसे परिकलित किया जाता है?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

व्यापार संतुलन = वस्तुओं का निर्यात – वस्तुओं का आयात


Q. 162986 अंतरण अदायगी को आदायगी संतुलन के किस घटक में लेखांकित किया जाता है?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

अंतरण अदायगी को आदायगी संतुलन के चालू खाते के क्रेडिट में दर्ज करते हैं|


Q. 162987 अंतरण अदायगी से आप क्या समझते हैं?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

अंतरण-अदायगी ऐसी प्राप्तियाँ होती हैं, जो किसी देश के निवासियों को निःशुल्कप्राप्त होती है और उनके बदले में उन्हें वर्तमान में या भविष्य में कोई अदायगी नहीं करनी पड़ती है। उनमें प्रेषित धन, उपहार और अनुदान शामिल हैं।


Q. 162988 विदेशी स्टॉक्स और बंधपत्र की खरीद को आदायगी संतुलन के किस घटक में लेखांकित किया जाता है?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

विदेशी स्टॉक्स और बंधपत्र की खरीद विदेशी परिसंपत्तियों की खरीद है इसलिए इसे अदायगी संतुलन के पूंजी खाते में लेखांकित किया जाता है|


Q. 162989 मान लीजिए कि 10 अमेरिकी डॉलर को 500 रुपए की दर पर बदला जाता है। भारतीय मुद्रा के लिए विनिमय दर क्या है?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

$10 = रु 500

$1 = रु 500/$10 = रु 50

इस प्रकार विनिमय दर है: $1 = रु 50


Q. 162990 विदेशी विनिमय बाज़ार से आप क्या समझते हैं?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

एक ऐसा बाज़ार जो विभिन्न देशों की मुद्राओं के व्यापार को सुगम बनाता है उसे विदेशी विनिमय बाज़ार कहते हैं।


Q. 162991 अंतर्राष्ट्रीय मौद्रिक प्रणाली की स्थापना क्यों की गई?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

अंतर्राष्ट्रीय मौद्रिक प्रणाली की स्थापना अंतर्राष्ट्रीय लेनदेन में स्थिरता और प्रबंधन सुनिश्चित करने के लिए की गई थी। 


Q. 162992 भुगतान शेष खातों के चालू और पूंजी खातों के एक एक मद की सूची बनाएं
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

चालू खाते की एक मद है वस्तुओं का निर्यात और आयात| पूंजी खातों की एक मद है विदेशी प्रत्यक्ष निवेश|


Q. 162993 विदेशी मुद्रा की पूर्ति वक्र SS की प्रवणता ऊपर की ओर क्यों होती है?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

विदेशी विनिमय की कीमत में वृद्धि से निर्यात की जाने वाली घरेलू वस्तुओं की विदेशी मुद्रा के रूप में लागत घट जाती है|इससे निर्यात बढ़ जाता है और विदेशी मुद्रा की पूर्ति में वृद्धि होती है|


Q. 162994 संगठित व्यापर संतुलन और अदायगी संतुलन के बीच अंतर प्रदर्शित करिए।
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

व्यापर संतुलन और अदायगी संतुलन के बीच अंतर नीचे दिया गया है:

व्यापर संतुलन

अदायगी संतुलन

1.यह वस्तुओं के लेन-देन अभिलिखित करता है।

1.यह वस्तुओं और सेवाओं के लेन-देन अभिलिखित करता है।

2.यह पूँजी के लेन-देन का अभिलेखन नहीं करता।

2.यह पूँजी के लेन-देन अभिलिखित करता है।

3.यह चालू खाते के अंतर्गत आता है।

3.चालू खाता तथा पूँजी खाता, दोनों ही इसके अंतर्गत आते हैं।

4.व्यापर संतुलन में घाटा व अधिक्य, दोनों हो सकते हैं।

4.अदायगी संतुलन सदेव संतुलन में रहता है।


Q. 162995 भारतीय हस्तशिल्प उद्योगों के पतन ने ______ में वृद्धि की
A.
B.
C.
D.

Right Answer is: C

SOLUTION

वि-औद्योगीकरण के कारण भारत ब्रिटिश उद्योगों के उत्पादों के लिए एक विशाल बाजार बन गया।


Q. 162996 भारत के निर्यात और आयात पर अंग्रेजों द्वारा बनाए गए नियंत्रण का प्रकार था -


A.

सकारात्मक

B.

एकाधिकार

C.

सहायक

D.

चयनात्मक

Right Answer is: B

SOLUTION

ब्रिटिश सरकार ने भारत पर अपना एकाधिकार बनाकर ऐसी मौलिक आधारिक संरचनाओं का निर्माण करा तथा ऐसी विदेश व्यापार नीतियों का पालन किया जो उनका औपनिवेशिक हित पूरा करती थीं और भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए हानिकारक होंती थी।


Q. 162997 मशी

  पूँजीगत  उद्योग वे  उद्योग हैं  जो  करते हैं<div class= A.
B.
C.
D.

Right Answer is: A

SOLUTION

जो उद्योग मशीन और उपकरणों का उत्पादन करते हैं उनको पूंजीगत उद्योग कहा जाता है।


Q. 162998 1955 1806 1

  TISCO वर्ष   में निगमित  हुई<div class= A.
B.
C.
D.

Right Answer is: C

SOLUTION

TISCO, टाटा एंड स्टील कंपनी वर्ष 1907 में निगमित हुई|


Q. 162999 औपनिवेशिक काल के तहत जो माल निर्यात किए गए थे वे थे-


A. भोजन, पेय पदार्थ, तम्बाकू और कच्चा माल

B.

डायमंड, मसाले, चीनी

C.

कपास, गेहूं, चावल

D.

ऊन, हीरा, दालों

Right Answer is: A

SOLUTION

औपनिवेशिकरण के कारण निर्यात की मुख्य वस्तुएँ थीं-भोजन, पेय पदार्थ, तम्बाकू और कच्चा माल। सन 1913 में ये वस्तुएँ भारतीय निर्यात का 77 प्रतिशत थीं| 


Q. 163000 औपनिवेशिक शासन के दौरान जीवन प्रत्याशा थी -


A. 45 वर्ष

B. 54 वर्ष

C. 67 वर्ष

D. 32 वर्ष

Right Answer is: D

SOLUTION

आज़ादी से पहले सार्वजनिक स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी थी और गरीबी व्यापक रूप से फैली हुई थी जिसके कारण जीवन प्रत्याशा बहुत कम थी|


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