CBSE - MCQ Question Banks (के. मा. शि. बो . -प्रश्नमाला )

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Q. 163401 भारत और पाकिस्तान में, भारत विकास की प्रक्रिया में किस क्षेत्रक से किस क्षेत्रक की ओर अग्रसर हो रहा है?


A. प्राथमिक से विनिर्माण क्षेत्र की ओर

B. कृषि से सेवा क्षेत्र की ओर

C. सेवा से कृषि क्षेत्र की ओर

D. प्राथमिक से द्वितीयक क्षेत्र की ओर

Right Answer is: B

SOLUTION

भारत और पाकिस्तान में भारत और पाकिस्तान में विकास एवं रोजगार प्रदान करने के क्षेत्र में सेवा क्षेत्रक एक प्रमुख क्षेत्रक के रूप में उभर रहा है। 


Q. 163402 निम्न में किस देश में जीवन प्रत्याशा सर्वाधिक है?


A.

भारत

B.

पाकिस्तान

C.

चीन

D.

अफगानिस्तान

Right Answer is: C

SOLUTION

जीवन प्रत्याशा का अर्थ है एक नवजात द्वारा जिए जाने वाले जीवन के अनुमानित वर्ष। यह वर्ष 2013 के अनुसार चीन में 71.6 वर्ष के साथ सबसे अधिक है।


Q. 163403 नीचे दिए गए देशों में सबसे कम जनसँख्या वाला देश है?


A. भारत

B. चीन

C. पकिस्तान

D. दक्षिण आफ्रिका

Right Answer is: C

SOLUTION

इन देशों में सबसे कम जनसँख्या पाकिस्तान की है। पाकिस्तान की जनसंख्या भारत और चीन का दसवां हिस्सा है।


Q. 163404 1990 के दशक में पाकिस्तान की वृद्धि दर में गिरावट का एक कारण था _______
A.
B.
C.
D.

Right Answer is: B

SOLUTION

1990 के दशक में, पाकिस्तान में राजनीतिक अस्थिरता के कारण अर्थव्यवस्था में बहुत ही तेजी से गिरावट आई ।


Q. 163405 भारत और पाकिस्तान में दो आम सफलताएं क्या रही हैं?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

पाकिस्तान और भारत दोनों ही अपनी प्रतिव्यक्ति आय को दोगुना करने में सफल रहे हैं। दोनों ही देशों में गरीबी कम हुई है।


Q. 163406 क्षेत्रीय और आर्थिक समूहीकरण के कुछ उदाहरणों को बताएं।
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

कुछ क्षेत्रीय और आर्थिक समूहीकरण हैं दक्षेस, यूरोपीय संघ, आसियान, जी8, जी 20 आदि।


Q. 163407 “चीन विश्व की सबसे अधिक जनसंख्या वाला देश है, परन्तु इसका जनसंख्या घनत्व काफी कम है
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

चीन की जनसंख्या लगभग 1.3 बिलियन है, जो विश्व की जनसंख्या का लगभग 20 प्रतिशत है। इसके बावजूद चीन में जनसंख्या घनत्व काफी कम है क्योंकि यह चीन में इसके बड़े भूभाग के कारण अपेक्षाकृत रूप से काफी कम है, यह वहां पर प्रति वर्गकिलोमीटर 145 व्यक्ति हैं।


Q. 163408 चीन के ग्रेट लीप फारवर्ड से क्या अर्थ है?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

ग्रेट लीप फारवर्ड चीन में वृहद स्तर पर औद्योगीकरण करने के लिए नीति थी।


Q. 163409 मानव विकास सूचकांक 2013 के अनुसार भारत, पाकिस्तान और चीन की मानव विकास सूचकांक श्रेणी लिखें।
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

भारत, पकिस्तान और चीन मानव विकास सूचकांक 2013 में क्रमश: 135, 146  और  91  स्थान पर थे।


Q. 163410 चीन, भारत और पाकिस्तान में हो रहे नगरीकरण की दर पर प्रकाश डालें
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

नगरीकरण से अभिप्राय वैश्विक परिवर्तनों के कारण शहरी क्षेत्रों का विस्तार से होता है।

वर्ष 2013 में 53 प्रतिशत चीनी नागरिक षहरी क्षेत्रों में निवास करते थे । 32 प्रतिशत भारतीय जनसंख्या शहरों में निवास करती है जो पाकिस्तान की शहरी जनसंख्या के अनुपात के लगभग बराबर थे अर्थात 38 प्रतिशत।

चीन की तुलना में भारत और पाकिस्तान में नगरीकरण की गति बहुत ही धीमी थे।


Q. 163411 मानव विकास सूचकांक के साथ लोगों के सम्पूर्ण कल्याण को मापने के लिए किसे संज्ञान में लिया जाना चाहिए?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

स्वंतत्रता संकेतक को मानव विकास सूचकांक के साथ मानव कल्याण के साथ संज्ञान में लिया जाना चाहिए। स्वतंत्रता संकेतकों से अर्थ है सामाजिक और राजनीतिक निर्णय लेने में जनता की प्रतिभागिता।  


Q. 163412 मानव विकास सूचकांक से क्या अर्थ है?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

मानव विकास सूचकांक जीवन की गुणवत्ता के आधार पर विविध देशों के आर्थिक विकास को मापने के लिए एक संगठित सूचकांक है | जीवन प्रत्याशा, शिक्षा और प्रति व्यक्ति आय इसके प्रमुख उपागम है |


Q. 163413 मानव विकास सूचकांक कौन बनाता है?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

संयुक्त राज्य विकास मानव विकास सूचकांक तैयार करता है।


Q. 163414 शहरों की तुलना में ग्रामीण क्षेत्रों में श्रमिक जनसंख्या अनुपात अधिक क्यों होता है?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

इसके कारण इस प्रकार हैं –

1.      ग्रामीण क्षेत्रों में उच्च आय के अवसर कम होते हैं|

2.      अधिकांश व्यक्ति स्कूल, महाविद्यालय या किसी प्रशिक्षण संस्थान में नहीं जा पाते।

गरीबी के कारण गावं के लोगों कों कोई ना कोई काम करना पड़ता है|


Q. 163415 अल्पबेरोजगारी से क्या आप समझते हैं? ऐसे लोगों को पूर्ण रूप से रोजगार दिए जाने पर क्या होगा?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

अल्पबेरोजगारी वह स्तिथि है जिसमे लोग नौकरी तो कर रहे होते हैं लेकिन वे अपनी इच्छा या क्षमता से कम समय के लिए काम पाते हैं या वे अपनी योग्यता से कम स्तर का काम कर रहे होते हैं।

ऐसे लोगों को पूर्ण रूप से रोजगार दिए जाने पर उनकी आय एवं उत्पादकता में वृद्धि होगी| इससे उनके जीवन स्तर में वृद्धि होगी और वे मानसिक तौर पे सन्तुष्ट भी होंगे| साथ ही उत्पादन में वृद्धि होने से देश की अर्थिकव्यवस्था विकसित होगी|


Q. 163416 खुली बेरोजगारी और प्रच्छन्न बेरोजगारी के बीच अंतर करें।
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

खुली बेरोजगारी एक ऐसी स्थिति है जिसमें एक व्यक्ति जो काम करने में सक्षम और तैयार है, उसे एक प्रचलित मजदूरी दर पर काम करने का अवसर नहीं मिलता है। मान लीजिये कि 50 व्यक्ति काम करने के लिए तैयार हैं, लेकिन केवल 30 व्यक्तियों को ही काम मिल पाया हैं। इस प्रकार खुली बेरोजगारी के संख्या 20 है।

प्रच्छन्न बेरोजगारी ऐसी स्थिति होती है जिसमे किसी काम में आवश्यकता से अधिक श्रमिक कार्यरत होते हैं| ऐसी अवस्था में कुछ कार्यकर्ताओं को हटा देने पर भी कुल उत्पादन प्रभावित नहीं होता। उदाहरण के लिए –

·     मान लीजिए 6 किसान एक खेत में कार्य करते हैं।

·     वे साथ मिलकर, साल में 10 क्विंटल गेहूँ का उत्पादन कर लेते हैं।

अब हम इस गतिविधि से 2 किसानों को हटा देते हैं। अगर फिर भी एक साल की अवधि में अन्य बचे 4 किसान 10 क्विंटल गेहूँ का उत्पादन करने में सक्षम हैं तो इसका अर्थ यह है कि यहाँ प्रच्छन्न बेरोजगारी मौजूद है|


Q. 163417 भारत में बेरोजगारी की स्थिति की विशेषताएं बताइए।
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

भारत में बेरोजगारी की स्थिति की मुख्य विशेषताएं इस प्रकार हैं:

1.      भारत में ग्रामीण क्षेत्रों की तुलना में शहरी क्षेत्रों में बेरोजगारी बहुत अधिक है|

2.      महिलाओं के लिए बेरोजगारी की दर पुरुषों की तुलना में अधिक है।

3.      शहरी क्षेत्रों में महिला श्रम दर केवल 15% है जबकि ग्रामीण क्षेत्रो में यह 25% है। क्योंकि प्रायः शहरों में पुरुषों की आय गांव की तुलना में अधिक होती है, इसलिए शहरी महिलाओं को श्रम करने से निरुत्साहित किया जाता।

4.      अल्परोजगार की स्थिति महिला श्रमिकों में अधिक है।

5.      ग्रामीण क्षेत्र में बहुत से लोग खेतों में उत्पादन में कुछ योगदान दिए बिना ही काम करते हैं।

6.      शिक्षितों में बेरोजगारी बहुत अधिक है क्योंकि बहरत में शिक्षितों के लिए और कुशल श्रमिकों के लिए रोजगार अवसर कमी हैं। जबकि अकुशल श्रमिकों को बहुत ही आसानी से नौकरी मिल जाती है।


Q. 163418 श्रमबल, कार्यबल और बेरोजगारी से आप क्या समझते हिना और in तीनों के बीच क्या संबंध है?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

श्रम बल उन व्यक्तियों की संख्या है जो वर्तमान मजदूरी दर पर कार्य करने योग्य हैं और कार्य करने के  इच्छुक भी हैं। इसका अर्थ है, श्रम बल में जनसंख्या के कार्यरत एवं बेरोजगार, दोनों प्रकार के व्यक्ति सम्मिलित है। कार्यबल में वे व्यक्ति सम्मिलित होते हैं जो किसी ना किसी आर्थिक क्रिया में संलग्न हों जैसे वस्तुओं या सेवाओं का उत्पादन|

दूसरे शब्दों में रोजगारकृत श्रम बल को कार्यबल के रूप में जाना जाता है। विद्यार्थी, गृहणियों और बच्चों को श्रमबल में नहीं गिना जाता है।

अत: अगर हम श्रम बल में से काम कर रहे श्रमिकों की संख्या घटा दें तो हामी बेरोजगार व्यक्तियों की संख्या का पता चलेगा|

निम्नलिखित सूत्र से बेरोजगारी का पता लगाया जा सकता है:

बेरोजगारी = श्रम बल की संख्या – कार्यबल की संख्या


Q. 163419 भारत में कार्यबल के अनौपचारिककरण पर टिप्पणी करें।
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

भारत में दो प्रकार के श्रम हैं। एक तरफ वे श्रमिक हैं जिन्हें कम वेतन मिलता है और उन्हें नियमित कार्य भी नहीं मिलता है। और दूसरी तरफ वे श्रमिक हैं जिन्हें नियमित रूप से कार्य मिल रहा है और पर्याप्त वेतन भी मिलता है। अत: कार्यबल को दो श्रेणियों में विभाजित किया जा सकता है;(क)- औपचारिक कार्यबल और (ख)-अनौपचारिक कार्यबल। वे सभी श्रमिक जो सार्वजनिक क्षेत्र के प्रतिष्ठानों में और निजी क्षेत्र के प्रतिष्ठानों में कार्य कर रहे हैं और जिनमें दस से अधिक श्रमिक कार्यरत हों, उन्हें औपचारिक श्रमिक कहा जाएगा| इन श्रमिकों सामाजिक सुरक्षा व्यवस्था के लाभ मिलते हैं| वे सभी प्रतिष्ठान जों श्रमिकों को सामाजिक सुरक्षा व्यवस्था के लाभ नहीं देते, अनौपचारिक क्षेत्रक के अन्दर वर्गीकृत होते हैं| अनौपचारिक क्षेत्रक के प्रतिष्ठानों और उनके श्रमिकों की आय नियमित नहीं होती| उन्हें सरकार से किसी प्रकार का संरक्षण और नियमन नहीं मिलता। इस क्षेत्रक में कार्यरत श्रमिकों को बिना क्षति पूर्ति के ही काम से निकाल दिया जाता है| अनौपचारिक क्षेत्र में भारी संख्या में किसान और लघु उपक्रमों के स्वामी सम्मिलित हैं, जिनके पास नियुक्त श्रमिक नहीं होते हैं।

यह माना गया था कि जैसे जैसे देश की अर्थव्यवस्था विकसित होगी, अधिकाधिक श्रमिक औपचारिक क्षेत्रक में सम्मलित होते जाएगे। लेकिन वर्ष 2009 से 2012 तक भी केवल 6.34% श्रमिक ही औपचारिक क्षेत्रक में काम करते पाए गए| हालांकि अंतर्राष्ट्रीय श्रम संगठन के प्रयासों के आग्रह के चलते, भारत सरकार ने अनौपचारिक क्षेत्र का आधुनिकीकरण और अनौपचारिक क्षेत्र के श्रमिकों के लिए सामाजिक सुरक्षा उपायों के प्रावधानों को आरम्भ किया है।


Q. 163420 भारत में कार्य बल के क्षेत्रीय वितरण के हालिया रुझानों का विश्लेषण करें।
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

किसी भी अर्थव्यवस्था को अर्थशास्त्री तीन प्रमुख क्षेत्रों में विभाजित करते हैं। ये हैं: (क) प्राथमिक क्षेत्र (ख) द्वितीयक क्षेत्र और (ग) तृतीयक क्षेत्र।प्राथमिक क्षेत्रक में कृषि, खनन और उत्खनन जैसे औद्योगिक वर्ग सम्मलित हैं| द्वितीयक क्षेत्रक में विनिर्माण, विद्युत, गैस एवं जलापूर्ति और निर्माण कार्य जैसे औद्योगिक वर्ग सम्मलित हैं| सेवा क्षेत्रक में वाणिज्य, परिवहन और भंडारण तथा सेवाएँ जैसे औद्योगिक वर्ग सम्मलित हैं।

निम्नलिखित तालिका वर्ष 2011-12 के दौरान विभिन्न क्षेत्रों में कामकाजी व्यक्तियों के वितरण के प्रतिशत को प्रदर्शित करती है:

औद्योगिक श्रेणी

आवास का स्थान

लिंग

योग

ग्रामीण

शहरी

पुरूष

महिला

प्राथमिक क्षेत्र

द्वितीयक क्षेत्र

तृतीयक क्षेत्र

66.6

16.0

17.4

9.0

31.0

60.0

43.6

25.9

30.5

62.8

20.0

17.2

48.9

24.3

26.8

योग

100

100

100

100

100

यह तालिका स्पष्ट रूप से प्रदर्शित करती है कि भारत में अभी भी प्राथमिक क्षेत्रक ही रोजगार प्रदान करने का मुख्य क्षेत्र है जो लगभग 50% श्रमबल को रोजगार दे रहा है। द्वितीयक क्षेत्र केवल 24.3% लोगों को ही रोजगार प्रदान करता है और लगभग 26.8% श्रमिक ही सेवा क्षेत्र में कार्यरत हैं। यह तालिका यह भी प्रदर्शित करती है कि ग्रामीण क्षेत्रों में लगभग दो तिहाई कार्यबल प्राथमिक क्षेत्रक की गतिविधियों पर निर्भर है। लगभग 16% ग्रामीण श्रमिक द्वितीयक क्षेत्र में काम कर रहे हैं। सेवा प्रदाता लगभग 17% ग्रामीण श्रमिकों को रोजगार प्रदान करते हैं।

प्राथमिक क्षेत्र शहरी क्षेत्रों में मुख्य रोजगार प्रदाता नहीं है। शहरी क्षेत्रों में लोग मुख्यत: सेवा क्षेत्र में कार्य करते हैं। 60% शहरी श्रमिक सेवा क्षेत्र में कार्यरत हैं। द्वितीयक क्षेत्र 31% शहरी कार्यबल को रोजगार प्रदान करता है। हालांकि पुरुष और महिलाएं दोनों ही प्राथमिक क्षेत्र में भारी संख्या में कार्य कर रहे है, प्राथमिक क्षेत्र में महिलाऐं काफी काम कर रही हैं। प्राथमिक क्षेत्र में लगभग दो तिहाई महिलाऐं कार्यरत हैं, वहीं 45% पुरुष इस क्षेत्र में कार्यरत हैं।


Q. 163421 महिलाओं की तुलना में पुरुषों का श्रमिक-जनसंख्या अनुपात अधिक है। ऐसा क्यों है?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

श्रमिक-जनंसख्या अनुपात का प्रयोग यह सूचित करने के लिए किया जाता है कि जनसंख्या का कितना अनुपात किसी आर्थिक क्रिया में संलग्न होते हैं। वे सभी व्यक्ति जो किसी आर्थिक क्रिया में संलग्न होते हैं, श्रमिक कहलाते हैं।

भारत में श्रमिकों में पुरुषों की संख्या अधिक है। लगभग 70% श्रमिक पुरुष हैं और बाकी महिलाएं हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में ग्रामीण श्रमशक्ति का एक तिहाई हिस्सा महिलाएं हैं, लेकिन शहरी क्षेत्रों में महिलाओं की भागीदारी शहरी श्रमशक्ति का केवल पांचवा हिस्सा हैं। भारत में महिलाओं के द्वारा की जा रही कई गतिविधियों को आर्थिक गतिविधियाँ भी नहीं माना जाता है। इनमें खाना पकाना, बच्चों का पालनपोषण और घरेलू कार्य करना सम्मिलित हैं। इससे देश में महिला श्रमिकों की संख्या के बारे में भ्रम उत्पन्न होता है। क्योंकि महिलाओं के काम का भुगतान नहीं किया जाता इसलिए श्रमिकों की श्रेणी में नहीं गिना जाता है एक भी पैसा नहीं मिलता है।

उपलब्ध आंकड़ों से हम देख सकते हैं कि देश में कामकाजी पुरुषों की संख्या महिलाओं की संख्या से अधिक है। यह अंतर श्री क्षेत्रों में बहुत अधिक है। शहरी क्षेत्रों में हर 100 शहरी महिलाओं में केवल 15 महिलाएं आर्थिक गतिविधियों में संग्लन हैं, जबकि शहरी पुरुषों में यह आंकडा 55 है। सामान्य रूप से महिलाएं और शहरी महिलाएं वेतनभोगी कार्यों में हाथ नहीं बंटाती है क्योंकि:

क-      अमीर परिवार अपने घर की महिला सदस्यों को कार्य करने से हतोत्साहित करते हैं क्योंकि पुरुष आय अर्जित करने में सक्षम हैं।

ख-      काम की संकुचित परिभाषा होने के कारण कामकाजी महिलाओं की संख्या बहुत कम मानी जाती है।

 

 


Q. 163422 आज

  बेरोजगारी  के  दुष्परिणाम विस्तार  में बताएं<div class= A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

आज देश के सामने बेरोजगारी की समस्या सबसे बड़ी समस्या है क्योंकि इसके कई सामाजिक और आर्थिक दुष्परिणाम होते हैं |

1)      उत्पादक संसाधनों की बर्बादी: बेरोजगारी के कारण संसाधनों की बर्बादी होती है। मानव श्रम के व्यर्थ रहने से राष्ट्र का उत्पादन अपनी कुल श्रमता से कम रह जाता है| इसके कुल चार मुख्य प्रभाव होते हैं: 

Ø  समाज में उन वस्तुओं और सेवाओं की कमी हो सकती है जो बेरोजगार व्यक्ति उत्पन्न कर सकते थे। इसके परिणामस्वरूप राष्ट्रीय कल्याण प्रतिकूल रूप से प्रभावित होता है।

Ø  बेरोजगारी के कारण होने वाले मानव दिवसों के नुकसान की भरपाई नहीं की जा सकती क्योंकि यह भविष्य में प्रयोग करने के लिए उपलब्ध नहीं सकता। किसी समय पर व्यर्थ जो जाने वाला श्रम हमेशा के लिए खो जाता है।

Ø  अगर शिक्षित व्यक्तियो में बेरोजगारी अधिक है तो संसाधनों की बर्बादी की मात्रा अधिक होती है क्योंकि इससे  श्रमिकों में शिक्षा और कौशल में किए गए निवेश की बर्बादी होती है।

Ø  जब श्रमिक काफी लम्बे समय तक बेरोजगार रहते हैं तो इससे उनका कौशल और कार्य करने की आदत नष्ट होती है। कार्य और वेतन के अभाव के कारण उनके लिए पर्याप्त भोजन पाना कठिन हो जाता है। यह भी उनकी कुशलता और कमाने करने की क्षमता को विपरीत रूप से प्रभावित करता है।

2.          आय में असमानता: बेरोजगारी आय में असमानताओं का एक बहुत बड़ा स्रोत है। बेरोजगारी से गरीबी रेखा के नीचे रहने वाले व्यक्तियों की संख्या में वृद्धि हुई है। अत्यधिक बेरोजगारी की अवधि के दौरान, गरीबी की सीमा और आय में असमानताएं बढ़ती हैं।

3.          सामाजिक प्रभाव: बेरोजगारी न केवल एक आर्थिक बुराई है बल्कि यह एक सामाजिक बुराई भी है। यह सामाजिक असंतोष और तनाव में वृद्धि करती है। बेरोजगारी से समाज में शोषण की घटनाएं बढ़ती हैं। आर्थिक असुरक्षा के कारण श्रमिकों के पास अपने नियोक्ताओं की शोषणपूर्ण बरताव को सहने के अलावा कोई चारा नहीं बचता। बेरोजगारी से कई सामाजिक समस्याएं भी उत्पन्न होती हैं जैसे बेईमानी, भ्रष्टाचार, चोरी, आतंकवाद आदि। इसके परिणामस्वरूप, सामाजिक सुरक्षा को खतरा उत्पन्न होता है।

4.          सामाजिक प्रभाव: बहुकालीन और व्यापक बेरोजगारी से वर्तमान में सामाजिक आर्थिक प्रणाली के खिलाफ आक्रोश उत्पन्न होता है। राजनेता और असामाजिक समूह इन बेरोजगार लोगों का प्रयोग अपने स्वार्थी हितों की पूर्ति करने के लिए करते हैं। परिणामस्वरुप बेरोजगार लोगों में अराजकतावाद भावना उत्पन्न होती है। इससे समाज में उपद्रव की स्थिति भी उत्पन्न होने का खतरा बढ़ जाता है।

इस प्रकार बेरोजगारी आर्थिक, सामाजिक और राजनीतिक रूप से एक खतरनाक समस्या है।


Q. 163423 भारत में शहरी बेरोजगार और ग्रामीण बेरोजगार किस प्रकार भिन्न है?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

भारत में हम बेरोजगारी को प्रमुख रूप से दो श्रेणियों में विभाजित कर सकते हैं; ग्रामीण बेरोजगारी और शहरी बेरोजगारी|

i)  ग्रामीण बेरोजगारी – ग्रामीण क्षेत्रों में बेरोजगारी कम परिलक्षित होती है। ग्रामीण क्षेत्रों में, मौसमी और छिपी हुई बेरोजगारी वृहद स्तर पर मौजूद होती है। वर्ष में 4 से 6 माह तक भारी संख्या में ग्रामीण मजदूर या किसान बेकार रहते हैं क्योंकि कृषि एक मौसमी व्यवसाय है और ग्रामीण क्षेत्रों में जब कृषि का मौसम नहीं होता तब उसके एवज में दूसरे रोजगार के अवसर नही होते। इस प्रकार, मौसमी बेरोजगारी भारत में पाई जाने वाली बेरोजगारी का सबसे आम रूप है। प्रच्छन्न बेरोजगारी भी ग्रामीण क्षेत्रों में अधिक होती है क्योंकि भारत में रोज़गार के लिए अधिक मात्रा में जनसंख्या कृषि पर निर्भर करती है। भारत में कृषि आमतौर पर परिवार के सदस्यों के द्वारा की जाती है। इसके कारण कृषि में कार्यरत लोग आवश्यकता से अधिक होते हैं। अगर उन अतिरिक्त लोगों को कृषि से निकाल भी लिया जाए तो उत्पादन अप्रभावित रहेगा।

भारत में प्रच्छन्न बेरोजगारी मुख्यत इन कारणों से होती है – (क)- भारी संख्या में श्रम बल की उपलब्धता, (ख)- सहायक/वैकल्पिक व्यवसाय की अनुपलब्धता (ग)- पारिवारिक कृषि| अनुमान लगाने पर पाया गया है कि भारत में लगभग एक तिहाई कृषि श्रमिक छिपे हुए बेरोजगार हैं।

 

ii) शहरी बेरोजगारी- भारत में शहरी बेरोजगारी दो समूहों में विभाजित है:- शिक्षित बेरोजगारी और औद्योगिक बेरोजगारी|

() शिक्षित बेरोजगारी: शिक्षित बेरोजगार वे लोग होते हैं जो दसवीं उत्तीर्ण या उच्च शिक्षित होने के बावजूद रोज़गार नहीं प्राप्त कर पाते। ऐसे लोग खुले रूप से बेरोजगार होना कहलाते हैं। मगर कुछ शिक्षित लोग ऐसे भी होते हैं जो कार्यरत तो होते हैं लेकिन उनके काम का स्तर उनकी शिक्षा के अनुसार नहीं होता। शिक्षित बेरोजगारी मुख्यत: निम्न कारणों से उत्पन्न होती है-

i)                    देश में सामान्य शिक्षा का तेजी से विस्तार।

ii)                  त्रुटिपूर्ण शिक्षा प्रणाली जो लोगों को व्यावसायिक प्रशिक्षण नहीं देती|

() औद्योगिक बेरोजगारी: औद्योगिक बेरोजगारी से वे लोह पीड़ित होते हैं जो उद्योगों, खनन, परिवहन, व्यापार और निर्माण गतिविधियों में रोजगार पाने के इच्छुक होते हैं पर रोजगार नहीं प्राप्त कर पाते| रोजगार की तलाश में ग्रामीणों का औद्योगीकृत क्षेत्रों में प्रवासन ने भारत में औद्योगिक बेरोजगारी की समस्या को अधिक गंभीर बना दिया है। लेकिन हमारा औद्योगिक क्षेत्र अभी इतना सक्षम नहीं है कि यह इतनी मात्रा में ग्रामीण श्रमिकों को अवशोषित कर सके| साथ ही औद्योगिक क्षेत्रों में पूंजी सघन तकनीकों के अधिक इस्तेमाल से औद्योगिक बेरोजगारी में बढ़त हुई है


Q. 163424 संगठित क्षेत्र में महिलाओं के लिए रोजगार के बढ़ते अवसरों की महत्ता बताइए। रोज़गार बाज़ार में महिलाओं की भागीदारी को सुधारने के लिए कुछ उपाय भी बताइए।
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

भारत में बेरोजगारी की समस्या का सबसे बड़ा पहलू यह है कि यहाँ पर महिलाओं को या रोजगार बाज़ार में भाग लेने से निरोत्साहित किया जाता है या उन्हें कुछ सीमित क्षेत्रों में काम करने दिया जाता हैं। अगर महिलाओं के लिए रोजगार अवसरों में सुधार किया जाए तो भारत में रोजगार परिद्रश्य में सुधार होगा। असंगठित क्षेत्रों की तुलना में संगठित क्षेत्रों में रोजगार के अवसरों में वृद्धि होनी चाहिए क्योंकि संगठित क्षेत्र (निजी कोर्पोरेट और सार्वजनिक क्षेत्र) महिलाओं के लिए अधिक सुरक्षित और बेहतर भुगतान वाले रोजगार के अवसर प्रदान करते हैं।

वर्तमान में, संगठित क्षेत्र महिलाओं के लिए कुछ ही रोजगार अवसर प्रदान कर रहा है जिसके कारण महिलाओं की रोज़गार बाज़ार में भागीदारी कम है।

 

महिलाओं की श्रमशक्ति भागीदारी बढाने के लिए, निम्न उपायों की अनुशंसा की जा सकती है:

i)     महिला  कर्मचारियों को लेकर कर्मचारियों और नियोक्ताओं के मस्तिष्क में एक भेदभाव की भावना होती है। महिला कर्मचारियों को सम्मिलित किया जाना चाहिए और इस तरह के भेदभाव से उबरना चाहिए।

ii)   महिलाओं के लिए शिक्षा तथा प्रशिक्षण के अवसरों में वृद्धि होनी चाहिए। 

iii)  कामकाजी माहिलाओं के लिए आवासीय परिसर में वृद्धि की जानी चाहिए।

iv)  माओं के कामकाजी घंटों के दौरान क्रेच और शिशु देखभाल जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जानी चाहिए।

महिलाओं के रोजगार के पक्ष में हमें एक सकारात्मक सार्वजनिक विचार का निर्माण करना चाहिए। महिलाओं की शिक्षा, प्रशिक्षण और उनके घर से दूर काम करने से संबंधित परम्परागत भेदभाव को दूर करने के लिए लोगों की सोच को बदलने का प्रयास करना चाहिए|


Q. 163425 ऊर्जा, परिवहन और संचार किस आधारिक संरचना के उदाहरण हैं?


A.

केवल ग्रामीण आधारिक संरचना का

B.

केवल शहरी आधारिक संरचना का

C.

आर्थिक आधारिक संरचना का

D.

सामाजिक आधारिक संरचना का

Right Answer is: C

SOLUTION

आधारिक संरचना को दो श्रेणियों में विभाजित किया जा सकता है: आर्थिक आधारिक संरचना और सामाजिक आधारिक संरचना। आर्थिक आधारिक संरचना प्रत्यक्ष रूप से उत्पादन और वितरण को प्रभावित करती है।


Q. 163426 देश की आधारिक संरचना को विकसित करने का मुख्य उत्तरदायित्व किसका है?


A.

कम्पनी

B.

सरकार

C.

व्यक्ति

D.

अर्थशास्त्री

Right Answer is: B

SOLUTION

आधारिक संरचना के विकास के लिए सरकार उत्तरदायी है। निजी क्षेत्र यह कदम इसलिए नहीं उठाता हैं क्योंकि उनका लक्ष्य अधिकतम लाभ कमाना होता है । इसके अतिरिक्त औद्योगिक विकास के अत्यधिक निवेश की भी आवश्यकता होती है, जिसकी पूर्ति करने में निजी क्षेत्र अक्षम होता है।


Q. 163427 आर्थिक आधारिक संरचना का एक महत्वपूर्ण घटक है:


A.

शिक्षा

B.

स्वास्थ्य

C.

परिवहन

D.

आवास

Right Answer is: C

SOLUTION

आर्थिक आधारिक संरचना में ऊर्जा, परिवहन, संवाद आदि सम्मिलित है। सामाजिक आधारिक संरचना में शिक्षा, स्वास्थ्य और आवास सम्मिलित है।


Q. 163428 MTOE का विस्तृत रूप क्या होगा ?


A.

मिलियन टन्स ऑफ ऑयल ईक्वीवैलेन्ट

B. मिलियन टन्स ऑफ ऑयल एनर्जी (energy)

C. मिलियन कुल (total) ऑफ ऑयल ईक्वीवैलेन्ट

D. मध्यम टन्स ऑफ ऑयल ईक्वीवैलेन्ट

Right Answer is: A

SOLUTION

भारत में ऊर्जा के भिन्न स्रोतों को एक सर्वनिष्ठ इकाई ‘‘मिलियन टन्स ऑफ ऑयल ईक्वीवैलेन्ट (एम.टी.ओ.ई.)’’ में परिवर्तित किया जाता है। 


Q. 163429 सामाजिक आधारिक संरचना का एक महत्वपूर्ण घटक है:


A.

परिवहन

B.

संवाद

C.

शिक्षा

D.

ऊर्जा

Right Answer is: C

SOLUTION

सामाजिक आधारिक संरचना में शिक्षा, स्वास्थ्य और आवास सम्मिलित हैं। सामाजिक आधारिक संरचना समाज के कुल विकास और उसकी सभी आवश्यक आवश्यकताओं में सहायता करती है ।


Q. 163430 आधुनिक अर्थव्यवस्था का प्रभावी तरीके से काम करना निम्न में से किस पर निर्भर करता है?


A.

आधुनिकीकरण

B.

रोजगार अवसर

C.

मानव पूंजी निर्माण

D.

आधारिक संरचना

Right Answer is: D

SOLUTION

आधारिक संरचना औद्योगिक और कृषि उत्पादन, घरेलू और विदेशी व्यापार और वाणिज्य के मुख्य क्षेत्र में समर्थन सेवाएं प्रदान करती हैं और आधुनिक अर्थव्यवस्था के सुचारू रूप से परिचालन में मदद करती है ।


Q. 163431 भारत में कुल सकल घरेलू उत्पाद में से कितना प्रतिशत आधारिक संरचना पर निवेश किया जाता है
A.
B.
C.
D.

Right Answer is: A

SOLUTION

भारत का आधारिक संरचना पर कुल सकल घरेलू उत्पाद का 5% निवेश किया जाता है। निवेश का यह प्रतिशत चीन की तुलना में काफी कम है |


Q. 163432 सी.एफ.एल. एक सामान्य बल्ब की तुलना में कितने प्रतिशत बिजली की खपत कम करता है ?


A.

20%

B.

40%

C.

60%

D.

80%

Right Answer is: D

SOLUTION

काम्पैक्ट फ्ल्यूरोसेन्ट लैम्प्स (सी.एफ.एल.) के प्रयोग को प्रोत्साहित किया जाना चाहिए, क्योंकि यह साधारण बल्ब की तुलना में 80 प्रतिशत कम बिजली की खपत करता है।


Q. 163433 निम्न में से कौन सा ऐसा संकेतक है जो लोगों की असमय मृत्यु को प्रदर्शित करता हैं?


A. मातृत्व मृत्यु दर

B. विश्व रोग भार

C. रोग

D. जीवन प्रत्याशा

Right Answer is: B

SOLUTION

विश्व रोग भार एक संकेतक है जिसका प्रयोग किसी विशेष बीमारी के कारण समय से पूर्व लोगों के मरने की संख्या तथा बीमारी के कारण अशक्ता की स्थिति में बिताए गए वर्षों की संख्या ज्ञात करने के लिए होता है।


Q. 163434 पर्यावरण का अर्थ

  पर्यावरण  को परिभाषित  करें <div class= A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

पर्यावरण का अर्थ संसाधनों के भंडारण के रूप में और उत्पादन प्रणाली के हानिकारक उप-उत्पादों के अवशोषक के रूप में प्रकृति की क्षमता है। दूसरे शब्दों में, पर्यावरण का अर्थ है समस्त भूमंडलीय विरासत और सभी संसाधनों की समग्रता। इसमें हर प्रकार के जैविक और अजैविक तत्व सम्मिलित हैं, जो एक दूसरे को प्रभावित करते हैं। 


Q. 163435

  भूमि  के अपक्षय के  मुख्य  कारणों पर  प्रकाश  डालें<div class= A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

भूमि के अपक्षय के लिए उत्तरदायी कारण इस प्रकार हैं:

i)        वन विनाश के फलस्वरूप वनस्पति की हानि।

ii)      जलाऊ लकड़ी और चारे का निष्कर्षण अधारणीय रूप से ।

iii)    खेती-बाडी

iv)    वनों का अतिक्रमण।

v)      वन की आग और अत्यधिक चराई।

vi)    भूमि-संरक्षण हेतु समुचित उपायों को न अपनाया जाना।

vii)  अनुचित फसल-चक्र।

viii)कृषि रसायन जैसे, रसायनिक खाद और कीटनाशक का अनुचित प्रयोग।

ix)    सिंचाई व्यवस्था का अविवेकपूर्ण नियोजन और प्रबंधन।

x)      भूजल का पुनर्भरण क्षमता से अधिक उपयोग।


Q. 163436 मृदा क्षरण की अवधारणा की व्याख्या करें। इसके प्रकार के बारे में बताएं।
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

मृदा की उत्पादक और प्रजनन क्षमताओं के क्षरण को मृदा क्षरण के रूप में जाना जाता है। मृदा के क्षरण का मुख्य स्रोत है उर्वरकों एवं कीटनाशकों का अत्यधिक प्रयोग। मृदा क्षरण के निम्न प्रकार हैं:

i)        मृदा की लवणीयता और क्षारीयता: रासायनिक उपकरणों के अत्यधिक प्रयोग ने मृदा में कई प्रकार के अम्ल एवं क्षार संवर्धित कर दिए हैं। भूजल के प्रयोग ने लवणीयता की समस्या में वृद्धि की है।

ii)      वायु एवं जल क्षरण के साथ, मैदान अब रेगिस्तान में बदलते जा रहे हैं।

iii)    कीटनाशकों एवं तृणनाशकों के रसायनों ने मृदा, जल एवं अन्य इकाइयों को प्रदूषित कर दिया है।

iv)    सिंचाई के अत्यधिक प्रयोग ने खेतों में पानी के इकट्ठे होने में वृद्धि की है। इससे मृदा के लवण घटक में वृद्धि हुई है।


Q. 163437 पर्यावरण शब्द की व्याख्या करें। पर्यावरण के क्या कार्य होते हैं?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

पर्यावरण का अर्थ संसाधनों के भंडारण के रूप में और उत्पादन प्रणाली के हानिकारक उप-उत्पादों के अवशोषक/सफाई एजेंट के रूप में प्रकृति की क्षमता है। दूसरे शब्दों में, पर्यावरण का अर्थ है समस्त भूमंडलीय विरासत और सभी संसाधनों की समग्रता। इसमें हर प्रकार के जैविक और अजैविक तत्व सम्मिलित हैं, जो एक दूसरे को प्रभावित करते हैं।

पर्यावरण के निम्नलिखित कार्य हैं:

i)        पर्यावरण संसाधनों की पूर्ति करता है। पर्यावरण नवीकरणीय संसाधनों की निरंतर पूर्ति प्रदान करता है।

ii)      पर्यावरण अवशेष समाहित करता है।

iii)    पर्यावरण जननिक एवं जैव विविधता प्रदान कर जीवन को पोषण प्रदान करता है।

iv)    पर्यावरण प्राकृतिक द्रश्य जैसी सौंदर्य विषयक सेवाएं भी प्रदान करता है।

 


Q. 163438 पर्यावरण संसाधनों के संदर्भ मे पूर्ति-मांग प्रतिलोम की व्याख्या करें।
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

पर्यावरणीय संसाधनों की मांग लोगों के द्वारा उत्पादन और उपभोग उद्देश्य के लिए की जाती है, मगर पर्यावरणीय संसाधनों की पूर्ति प्रकृति के द्वारा की जाती है। औद्योगिक क्रान्ति से पहले, कम जनसंख्या और संसाधनों पर विकास का कम बोझ होने के कारण पर्यावरणीय संसाधनों की मांग अपनी धारण क्षमता के अंदर ही थी। औद्योगिक क्रान्ति के बाद पर्यावरणीय संसाधनों की मांग आश्चर्यजनक रूप से बढ़ गई अर्थात संसाधनों के पुनर्सृजन की दर से बहुत अधिक, जिसने माँग-पूर्ति संबंध पूरी तरह

से उलट डाला| मांग पूर्ति की तुलना में अधिक  है। पूर्ति-मांग प्रतिलोम की अवधारणा आज के युग की परिघटना है।


Q. 163439 व्याख्या करें कि किस प्रकार औद्योगीकरण पर्यावरण के प्रदूषण के लिए उत्तरदायी है?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

पर्यावरण को प्रदूषित करने के लिए औद्योगीकरण निम्नलिखित तरीके से उत्तरदायी है:

i)        धुंआ पैदा करने वाले कारखाने पृथ्वी पर जीवों के लिए खतरा उत्पन्न करते हैं।

ii)      औद्योगिक अपशिष्टों और रसायनों को नदियों में नालों के माध्यम से छोड़ा जाता है, जिससे जल प्रदूषण की समस्या उत्पन्न होती है।

iii)    मशीनें बहुत ही आवाज़ करती हैं जिससे ध्वनि प्रदूषण होता है।

iv)    भारी और हलके वाहनों के आने जाने से, पम्पसेट आदि को चलाने से ध्वनि प्रदूषण होता है।

v)      औद्योगीकरण ने जंगल के कवर को कम किया है

vi)    वाहन के यातायात ने वायु प्रदूषण को जन्म दिया है  


Q. 163440 नि

  धारणीय  विकास की  रणनीतियों  की चर्चा करें<div class= A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

निम्न रणनीतियों या क़दमों को धारणीय विकास हासिल करने के लिए अपनाया जा सकता है:

  1. ऊर्जा के गैर परंपरागत स्रोतों के उपयोग: थर्मल और हाइड्रों पॉवर संयंत्रों को वायु शक्ति और सौर किरणों द्वारा बदला जा रहा है । वायु शक्ति और सौर किरणें पारंपरिक ऊर्जा के अच्छे उदाहरण हैंपरन्तु तकनीकी ज्ञान के अभाव में इसका विस्तृत रूप में अभी तक विकास नहीं हो पाया है।
  2. ग्रामीण क्षेत्रों में एल.पी.जी. एवं गोबर गैस: ग्रामीण क्षेत्रों में लकड़ी, उपले और अन्य जैविक पदार्थों के ईंधन के रूप में इस्तेमाल किये जाने से उत्पन्न अवांछनीय स्थिति को सुधारने के लिए कम कीमत पर तरल पेट्रोलियम गैस LPG  और गोबर गैस प्रदान की जा रही है। यह वनों की कटाई, मवेशियों के गोबर के अपव्यय और वायु प्रदूषण को कम करने में मदद करता है।
  3. फोटोवोल्टीय सेल द्वारा सौर शक्ति: फोटोवोल्टिक सेलों के माध्यम से सौर ऊर्जा को बिजली में परिवर्तित किया जाता है| यह बिजली उत्पादन का एक सस्ता तरीका है| और यह प्रदूषण से मुक्त है|
  4. शहरी क्षेत्रों में उच्चदाब प्राकृतिक गैस (CNG): इसका बसों, कारों आदि जैसे सार्वजनिक परिवहन में और घरेलू गैस पाइपलाइनों में ईंधन के रूप में प्रयोग किया जाता है । और यह वायु प्रदूषण को कम करती है ।
  5. वायु शक्तिः  हवा मिलों द्वारा बिजली का उत्पादन किया जा सकता है।  उनसे पर्यावरण पर कोई प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ता।
  6. लघु जलीय प्लांट: मिनिहाइडल प्लांट झरनों की ऊर्जा से छोटी टरबाइन चलाते हैं। टरबाइन से बिजली का उत्पादन होता है, जिसका प्रयोग स्थानीय स्तर पर किया जा सकता है। यह पर्यावरण के अनुकूल है| इसके स्थानान्तरण में बिजली की हानि नहीं होती| यह ऊर्जा की स्थानीय मांग या उपभोग की आवश्यकताओं को पूरा करने में मदद करता है |
  7. जैविक कंपोस्ट खाद: कृषि उत्पादन बढ़ाने की कोशिश में कंपोस्ट खाद की अवहेलना और पूरी तरह से रासायनिक खाद का उपयोग करने के कारण भूमि पर बहुत प्रतिकूल प्रभाव पड़ा हैं। रासायनिक प्रदूषण से जल व्यवस्था, विशेषकर भूतल जल प्रणाली, दूषित हो रही है। पूरे देश में अब भारी संख्या में किसान विभिन्न जैविक अवशिष्टों जैसे, करकट से बनी कंपोस्ट खाद का उपयोग कर रहे हैं।
  8. जैविक-कीट नियंत्राण: अधिक उपज के लिए कीटनाशकों का त्यधिक उपयोग खाद्य उत्पादों, मिट्टी और पानी के श्रोतों पर प्रतिकूल प्रभाव का कारण बनता है| जैव कीट को उपयोग करने की रणनीतियों इस प्रकार हैं :पौधों के उत्पाद पर आधारित कीटनाशकों का उपयोग हो रहा है |जैसे नीम से अनेक प्रकार के कीट नियंत्राक रसायन बनाये गये हैं  और उनका उपयोग हो रहा है। मिश्रित फसल और एक ही भूमि पर लगातार कई वर्षों तक अलग-अलग फसलों के उत्पादन से भी किसानों को लाभ पहुँचा है।
  9. पारंपरिक ज्ञान व्यवहार: पारंपरिक प्रणालियों औद्योगिक प्रसंस्करण में शामिल दुष्प्रभावों से मुक्त होती हैं। उदाहरण के लिए: भारत में अनेक किस्म के औषधीय गुणों वाले पौधों है। अज के युग में पारंपरिक प्रणालियों जैसे, आयुर्वेदिक, यूनानी, तिब्बती व लोक प्रणालियों की मांग बढ़ रही हैं।


Q. 163441 भारत में पर्यावरण संकट के लिए उत्तरदायी कारक क्या हैं? वे सरकार के लिए किस तरह के संकट उत्पन्न करते हैं?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

भारत में पर्यावरण संकट के लिए उत्तरदायी कारक निम्नलिखित हैं:

i)     बढ़ती जनसंख्या: जनसंख्या में वृद्धि से उत्पादन और उपभोग दोनों के ही स्तर पर संसाधनों की मांग बढ़ जाती है जो पर्यावरण पर दबाव उत्पन्न करती है। बढ़ती हुई जनसंख्या से भोजन, आवास और परिवहन सुविधाओं में समस्याएं उत्पन्न हुए हैं।

ii)   वायु प्रदूषण: वायु प्रदूषण हवा की गुणवत्ता में कमी करता है। वायु प्रदूषण सार्वजनिक स्वास्थ्य को नुकसान पहुंचाता है। वायु प्रदूषण ने सार्वजनिक स्वास्थ्य पर भारी व्यय का बोझ बढ़ा दिया है।

iii) पानी का संदूषण: नदियों, नहरों, झील आदि में औद्योगिक कचरा और रसायन डाले जाने से पानी भारी मात्रा से संदूषित हो जाता है। पानी के संदूषण के कारण पानी से होने वाली बीमारियाँ फैलती हैं और मानव के साथ साथ पशुओं के जीवन को भी ख़तरा होता है। पानी के संदूषण ने पेयजल, सार्वजनिक स्वास्थ्य और पशु जीवन की रक्षा पर भारी व्यय में वृद्धि की है। 

iv)    समृद्ध उपभोग मानक: समृद्ध उपभोग मानकों ने संसाधनों के लिए मांग उत्पन्न की है और पर्यावरण पर दबाव डाला है। इनके कारण पर्यावरण के संरक्षण पर सरकारी व्यय में वृद्धि हुई है।

v)   निरक्षरता: निरक्षरता ने भारत में पर्यावरण की कई समस्याओं में वृद्धि की है। इसने विज्ञान और तकनीक के प्रचार प्रसार में और वैज्ञानिक द्रष्टिकोण के प्रचार में समस्याएं उत्पन्न की हैं। निरक्षर लोग आधुनिक विचारों का स्वागत नहीं करते हैं। इसके परिणामस्वरूप लोग पर्यावरण की समस्याओं में अधिक ध्यान नहीं देते हैं। सरकार को पर्यावरण के मुद्दों के प्रचार के लिए काफी भारी मात्रा में खर्च करना पड़ जाता है।

vi) औद्योगीकरण: औद्योगीकरण ने समाज की बढ़ती हुई मांगों को पूरा करना संभव किया है। उत्पादन के लिए भारी मात्रा में स्रोतों की समस्या होती है। औद्योगीकरण ने वायु प्रदूषण, जल प्रदूषण और ध्वनि प्रदूषण की समस्याओं का निर्माण किया है। भारत सरकार प्रदूषणों को कम करने के लिए भारी मात्रा में धन खर्च कर रही है।

vii)           शहरीकरण: शहरीकरण ने संसाधनों के दुरूपयोग और अत्यधिक उपयोग की समस्याओं का निर्माण किया है। पेड़ों की अंधाधुंध कटाई और भूमि पर दवाब के कारण शहरी क्षेत्रों में प्रदूषण की चुनौती है। सरकार को शहरी क्षेत्रों में सामाजिक संरचना का निर्माण करना चाहिए।  

viii)         वन आवरण में कमी: सरकार को वनीकरण को प्रोत्साहित करने के लिए काफी धन खर्च करना पड़ा है।

ix) वैश्विक उष्णता: वैश्विक उष्णता से अभिप्राय औद्योगिक क्रान्ति के बाद से ग्रीनहाउस गैसों में वृद्धि के परिणामस्वरूप पृथ्वी के औसत तापमान में धीरे धीरे होने वाली वृद्धि है। सरकार जीवाश्म ईंधन को जलाने और वनीकरण को नियंत्रित करने जैसे क़दमों को उठाकर बचावात्मक कदम उठा रही है।

 

 


Q. 163442 प्रदूषण क्या है? प्रदूषण की चर्चा उनके प्रकारों, कारणों, परिणामों के आधार पर करें और उन्हें कम करने के लिए कुछ उपायों का भी सुझाव दें।
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

पर्यावरण में किसी हानिकारक या जहरीले प्रभाव वाले पदार्थों के प्रवेश को प्रदूषण कहते हैं। प्रदूषण को प्राकृतिक संसाधनों की गुणवत्ता में अवांछित परिवर्तनों के रूप में भी बताया जा सकता है जो जीवित प्राणियों के लिए हानिकारक होते हैं।


विभिन्न प्रकार के प्रदूषण :

प्रदूषण के प्रकार

परिभाषा

कारण

परिणाम

सुझावात्मक कदम

वायु प्रदूषण

वायु प्रदूषण तब होता है जब हानिकारक तत्व हवा में घुल जाते हैं और हवा की गुणवत्ता को कम करते हैं।

i)      कारखानों से आने वाला धुंआ

ii)    विनिर्माण संयंत्रों से रसायन

i)        इससे लोगों के स्वास्थ्य को खतरा हो सकता है, जिससे भारी खर्च का बोझ बढ़ता है

ii)      ओजोन का क्षरण

i) जीवाश्म ईंधन का जलना कम होना चाहिए।

ii) वन्यकरण को प्रोत्साहित किया जाना चाहिए।

iii) गैर-संदूषित संसाधनों को ऊर्जा के लिए प्रयोग किया जाना चाहिए।

iv) बेहतर ऑटोमोबाइल इंजन को प्रयोग करना चाहिए।

v) कारखाने आवासीय क्षेत्रों से दूर स्थित होने चाहिए।

जल प्रदूषण

जल प्रदूषण तब होता है जब कुछ हानिकारक पदार्थ पानी में घुल कर पानी की भौतिक और रासायनिक विशेषताओं को इस तरह बदल देते हैं कि पानी को प्रयोग के लिए अनुपयोगी बना जाता है|

i)         रसायनों और औद्योगिक अपशिष्टों को नदियों, नहर और झीलों में डालना

ii)       कपड़ों, बर्तनों और जानवरों आदि को तालाबों में धोना

iii)     शहरों से मल के पानी को छोड़ा जाना

iv)     कृषि में कीटनाशक और उर्वरकों का बेंतहा प्रयोग

i)              इससे पानी से होने वाली कई बीमारियाँ उत्पन्न होती हैं जैसे पेचिश, टायफोइड, हैजा और अमीबा से होने वाली गंभीर बीमारियाँ।

ii)            जल प्रदूषण जलीय पौधों और पशुओं को प्रभावित करता है

iii)          मानव द्वारा जलीय पौधों और जीवों का सेवन करने से मानव को भी हानि होती है

i) कारखानों से निकलने वाले अपशिष्टों को नदी और सागर में नहीं फेंका जाना चाहिए।

ii) कागज़ की मिल और चमड़े के कारखाने से निकले अपशिष्टों को भूमि पर नहीं दबाना चाहिए।

iii) कारखाने के अपशिष्टों को पुनर्प्रयोग करना चाहिए।

iv) नदियों में सीवेज के निस्तारण की अनुमति नहीं होनी चाहिए। इसका शोधन होना चाहिए और मैले को खेतों में खाद की तरह प्रयुक्त किया जाना चाहिए।

ध्वनि प्रदूषण

ध्वनि प्रदूषण का अर्थ उन अवांछित और कर्कश शोर से होता है जो पर्यावरण को जीवों के लिए असुविधा उत्पन्न करते हैं।

यह औद्योगिक संस्कृति की एक आवश्यक बुराई है:

i)      मशीनों से बहुत ही तेज आवाज़ आती है जिससे ध्वनि प्रदूषण होता है

ii)    भारी और हलके वाहनों की गतिविधियों, पम्प आदि के चलने से ध्वनि प्रदूषण होता है

iii)  पटाखों की अप्रिय आवाजें

i) इससे लोग परेशान होते हैं

ii) इससे थकान, कुशलता में कमी, बेचैनी, सिरदर्द, मानसिक असंतुलन, सुनने और सोने की समस्या

आधुनिक सभ्य समाज में ध्वनि प्रदूषण की सीमा को नियंत्रित करने के लिए उच्चतम न्यायालय से कई दिशानिर्देश हैं।


Q. 163443 वनों के क्षरण से आप क्या समझते हैं? इसके कारण और प्रभाव क्या हैं?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

वनों के क्षरण का अर्थ है निरंतर काटे जाने के कारण पेड़ों की सघनता में कमी आना। वनों के क्षेरण के निम्नलिखित कारण हैं:

i)     ग्रामीण बेरोजगारी और गरीबी: बेरोजगारी और गरीबी के कारण, आदिवासी और ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों ने अपने खुद के उपयोग और जीवनयापन के लिए जंगलों का अत्यधिक दोहन शुरु कर दिया है।  लोग आय के लिए लकड़ी, तेंदू के पत्ते और जड़ीबूटी आदि इकट्ठे करने लगे हैं।

ii)   तेजी से बढ़ती जनसँख्या ने वन उत्पादों की मांग में जबरदस्त वृद्धि की है जैसे टिम्बर, लकड़ी की लुग्दी, जड़ी बूटी आदि। जंगलों को कृषि भूमि, उद्योग और आवास में बदला जा रहा है।

iii) जंगलों को पशुओं को चराने के लिए भी इस्तेमाल किया जा रहा है, जिसका परिणामस्वरूप पेड़ों की अत्यधिक हनी पहुची है।

iv) बड़े जंगल क्षेत्रों को बाँध बनाने के लिए काट दिया गया। बाँध के निर्माण से भूमि की गुणवत्ता को भी खतरा उत्पन्न हुआ है।

 

वनों के क्षरण के निम्न प्रभाव हैं:  

i)        वन आवरण के नुकसान से पहाड़ियों और पर्वतों को काफी नुकसान होता है। पेड़ों के गिरने के साथ ही मिट्टी ढीली हो जाती है और उर्वर मिट्टी हवा से उड़ जाती है और पानी के साथ बह जाती है और अंतत: नष्ट हो जाती है।

ii)      घने वन बारिश को आकर्षित करते हैं जो मिट्टी के नमी के स्तर में वृद्धि करती है। जहाँ वन आवरण नहीं होता है वहां पर बारिश कम होती है। वनों के क्षरण के परिणामस्वरूप मिट्टी के पानी तत्व कम हो जाते हैं।

iii)    विशेषज्ञों के अनुसार, वन आवरण का नुकसान वैश्विक उष्णता लिए उत्तरदायी है। कुछ गैस जैसे कार्बन डाई ओक्साइड, मीथेन और नाइट्रोजन ओक्साइड जो सौर ताप/धूप को आकर्षित करती हैं, वे वातावरण में फैल चुकी हैं और इससे तापमान बढ़ रहा है।अगर यहाँ जंगल होते तो पेड़ ऐसी गैसों को अवशोषित कर सकते थे।

iv)    एक जंगल वह स्थान है जहां पर हमें कई प्रकार के पौधे और पशु मिलते हैं। जंगलों के नष्ट होने से कई प्रकार के जीव गायब हो रहे हैं। विविध पौधों और पशुओं का नुकसान जैव विविधता का नुकसान है। आनुवांशिक संसाधनों के नुकसान से प्रकृति को नुकसान होता है और उसके परिणामस्वरुप हमें भी नुकसान होता है।


Q. 163444 पर्यावरण समस्याओं की जांच करने के तरीके बताएं
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

पर्यावरणीय समस्याओं को जांचने के निम्नलिखित तरीके हैं:

i)लोगों को पर्यावरण के विपरीत प्रभावों के बारे में जागरूक किया जा रहा है। आज विद्यार्थियों को पर्यावरण के विविध पहलुओं के बारे में बताया जा रहा है। सरकार नियमित रूप से समाचारपत्रों, टेलीविज़न और रेडियो में विज्ञापन देने के द्वारा लोगों को जागरूक कर रही है।  

ii) हमारे पर्यावरण की रक्षा के लिए कई क़ानून पारित किए गए हैं जैसे वन्यजीव अधिनियम और इनके साथ ही उच्चतम न्यायालय के निर्देश भी पारित किए गए हैं, जैसे लाउडस्पीकर पर प्रतिबंध आदि।

iii) सरकार साफ वातावरण पर काफी धन खर्च करती है। नगर निगम के द्वारा स्थापित संयंत्र गंदे पानी को साफ और शोधित करते हैं। शहरी क्षेत्रों में कूड़े का संकलन और सड़कों पर सफाई नगर निगमों के द्वारा ही किया जाता है। कई प्रकार की पुनुरुत्पादक गतिविधियाँ जैसे वृक्षारोपण और वनीकरण भी कई नागरिक इकाइयों के द्वारा किया गया वह निवेश है जिसके लिए सरकार प्रतिबद्ध है। पर्यावरण की रक्षा के लिए सरकार कई और कदम उठाती है जैसे पर्यावरणीय समस्याओं पर सूचनाओं का विस्तार, पर्यावरण पर शोध, बीमारियों से बचाव और पीने का सुरक्षित पानी आदि।

iv) सरकार कुछ वस्तुओं और सेवाओं पर कर लगाती है जो पर्यावरण को प्रदूषित करते हैं। यह  कर लोगों को पर्यावरण को प्रदूषित करने से रोकता है। जबकि दूसरी तरफ सरकार के द्वारा प्रदान की गयी कोई छूट, लोगों को पर्यावरण अनुकूल उत्पाद का निर्माण करने के लिए प्रेरित करती है। सौर चूल्हे पर सरकार के द्वारा दी गयी कोई छूट, उसकी कीमत को कम करती है और उसे गरीब लोगों के लिए सस्ता बनाती है।

v) पुन:चक्रण/पुनर्प्रयोग वह प्रक्रिया है जिसके द्वारा एक प्रयुक्त संसाधन को कई बार प्रयोग किया जा सकता है। उदाहरण के लिए कागज़, लोहा, कांच आदि। पुन:चक्रण दुर्लभ प्राकृतिक संसाधनों का पूरा लाभ उठाने में सहायता करता है। 

vi) स्थानापन्न का अर्थ उन वैकल्पिक संसाधनों का प्रयोग है जो दुर्लभ प्राकृतिक संसाधनों की तुलना में प्रचुर मात्रा में होते हैं। सीएनजी, एलपीजी और एथेनोल ने पेट्रोल और डीज़ल का स्थान ले लिया है।


Q. 163445 भारत, जापान, पाकिस्तान और चीन में से किस देश में वर्ष 2013 में सर्वाधिक जनसँख्या थी ?


A. भारत

B. पाकिस्तान

C. चीन

D. जापान

Right Answer is: B

SOLUTION

पाकिस्तान में बहुत ही कम जनसँख्या है, मगर पाकिस्तान में वार्षिक जनसंख्या वृद्धि दर भारत, चीन और जापान से कहीं अधिक है।


Q. 163446 एक संतान नीति किस देश में लागू हुई थी?


A.

भारत

B.

बांग्लादेश

C.

पाकिस्तान

D.

चीन

Right Answer is: D

SOLUTION

एक संतान नीति को वर्ष 1978 में चीनी सरकार ने जनसँख्या नियंत्रण के लिए लागू किया था | यह आधिकारिक रूप से एक विवाहित दंपत्ति को एक बच्चे से अधिक संतान तक सीमित करने से प्रतिबंधित करता है।


Q. 163447 मानव विकास सूचकांक के संकेतकों में से एक संकेतक है ______
A.
B.
C.
D.

Right Answer is: D

SOLUTION

निर्धनता रेखा से नीचे रहने वाले लोगों की संख्या मानव विकास सूचकांक के संकेतकों में से एक है। अन्य संकेतक हैं: शिशु मृत्यु दर, प्रौढ़ साक्षरता दर आदि |


Q. 163448 2014 के अनुसार, मानव विकास सूचकांक में भारत की श्रेणी है ____
A.
B.
C.
D.

Right Answer is: B

SOLUTION

मानव विकास सूचकांक के अनुसार भारत की श्रेणी 0.586 मान के साथ 135 वें स्थान पर है|


Q. 163449 निम्न में से किस देश में जीवन प्रत्याशा दर सर्वाधिक है?


A. भारत

B. पाकिस्तान

C. चीन

D. अफगानिस्तान

Right Answer is: C

SOLUTION

चीन में बेहतर चिकित्सा सुविधाओं के कारण जीवन प्रत्याशा 75.2 वर्ष सर्वाधिक है।


Q. 163450 25

  वर्ष  2013 में भारत में  शहरीकरण की  दर लगभग <div class= A.
B.
C.
D.

Right Answer is: B

SOLUTION

भारत में शहरीकरण की दर लगभग 32% है जबकि चीन में यह 53% है और पकिस्तान में यह 38% है।


Q. 163451 विशेष आर्थिक क्षेत्र किसे आकर्षित करने के लिए स्थापित किए गए है?


A.

विदेशी निवेशक

B.

विदेशी पर्यटक

C.

घरेलू निवेशक

D.

बड़ी जनसँख्या

Right Answer is: A

SOLUTION

विदेशी निवेशकों को आकर्षित करने के लिए विशेष आर्थिक क्षेत्रों की स्थापना की गयी। विशेष आर्थिक क्षेत्र ऐसे भौगोलिक क्षेत्र हैं जहाँ देश के आर्थिक कानूनों से कुछ अलग आर्थिक कानूनों का पालन अनुसरण होता हैं।


Q. 163452 भारत और पाकिस्तान दोनों ही किस वर्ष में स्वतंत्र हुए?


A. 1945

B. 1947

C. 1957

D. 1967

Right Answer is: B

SOLUTION

भारत और पाकिस्तान दोनों ही देश वर्ष 1947 में आजाद हुए थे। चीन गणराज्य की स्थापना वर्ष 1949 में हुई थी।


Q. 163453 सुधार प्रक्रिया के रूप में, दोहरी मूल्य प्रणाली की शुरुआत निम्न में से किस देश ने अपनाई?


A. भारत

B. चीन

C. पाकिस्तान

D. बांग्लादेश

Right Answer is: B

SOLUTION

सुधार प्रक्रिया के रूप में दोहरी मूल्य प्रणाली की शुरुआत की गयी। इसका अर्थ था मूल्य का निर्धारण दो प्रकार से करना। किसानों और औद्योगिक इकाइयों अपने उत्पादन का कुछ हिस्सा सरकार के द्वारा नियत मूल्यों पर बेचना होता था और कुछ हिस्सा बाज़ार के मूल्य पर।


Q. 163454 सामाजिक आधारिक संरचना से आप क्या समझते हैं ? यह आर्थिक आधारिक संरचना से कैसे अलग है?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

सामाजिक आधारिक संरचना से अर्थ उन सेवाओं से है जो समाज की मूल आवश्यकताओं की पूर्ति करती हैं और जो बदले में उत्पादों एवं सेवाओं के उत्पादन में अप्रत्यक्ष रूप से सहायता करती है| सामाजिक आधारिक संरचना में शिक्षा, स्वास्थ्य और आवास सम्मिलित हैं सामाजिक आधारिक संरचना कुशल मानव संसाधन का निर्माण करती हैं और साथ ही लोगों के कल्याण में यह प्रत्यक्ष योगदान करती है आर्थिक आधारिक संरचना का अर्थ उन आर्थिक गतिविधियों और सेवाओं से हैं, जो कुशलता से कार्य करने के लिए एक आर्थिक प्रणाली को प्रत्यक्ष रूप से समर्थन करती है आर्थिक आधारिक संरचना प्रत्यक्ष रूप से वस्तुओं और सेवाओं के उत्पादन में सहायता करती है आर्थिक आधारिक संरचना में संचार और परिवहन आदि सम्मिलित हैं  

आर्थिक आधारिक संरचना

सामाजिक आधारिक संरचना

1) आर्थिक आधारिक संरचना आर्थिक प्रणाली को प्रत्यक्ष रूप से समर्थन करती है

1) सामाजिक आधारिक संरचना अप्रत्यक्ष रूप से आर्थिक प्रणाली को समर्थन करती है

2) यह आर्थिक संसाधनों की गुणवत्ता को बेहतर करती है और इस प्रकार उत्पादकता में वृद्धि होती है और उत्पादन की लागत कम करती है

2) यह मानव संसाधन की गुणवत्ता को बेहतर करती है और इस प्रकार मानव श्रम की कुशलता में वृद्धि करती है

3) आर्थिक आधारिक संरचना के निर्माण पर किए गए व्यय भौतिक पूंजी के भंडार में वृद्धि करते हैं

3) सामाजिक आधारिक संरचना पर व्यय अर्थव्यवस्था में मानव पूंजी के भंडार में वृद्धि करते हैं|

 

आर्थिक और सामाजिक दोनों ही आधारिक संरचनाएं परस्पर एक दुसरे निर्भर होती हैं दोनों ही देश के आर्थिक विकास में योगदान करती हैं


Q. 163455 हिमालय पर्वत में जंगलों/ वनों के संरक्षण के लिए किया गया आंदोलन है:


A.

अपिको आंदोलन

B.

चिपको आंदोलन

C.

वनीकरण आंदोलन

D.

वनों की रक्षा आंदोलन

Right Answer is: B

SOLUTION

वनों की कटाई के खिलाफ के दो प्रमुख आंदोलन है: चिपकों आंदोलन और  अप्पिको आंदोलन चिपकों आंदोलन की अंतर्गत 80 के दशक के आरंभ में उत्तरी हिमालय के ग्रामीणों ने ठेकेदारों की कुल्हाडियों से पेड़ों को बचाने के लिए उन्हें गले लगाया।


Q. 163456 केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड का गटना कब हुआ था?


A.

1972.

B.

1974.

C.

1975.

D.

1979.

Right Answer is: B

SOLUTION

भारत के वन्य एवं पर्यावरण मंत्रालय ने 1974 में केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को एक स्वायत्त निकाय के रूप में स्थापित किया था। जल, भूमि और वायु प्रदूषण की जांच करना इसका मुख्य कार्य है।


Q. 163457 क्लोरोफ्लोरोकार्बन CFC यौगिकों को __________ के अंतर्गत प्रतिबंधित किया गया था
A.
B.
C.
D.

Right Answer is: A

SOLUTION

ओजोन अपक्षय को कम करने के लिए संयुक्त राष्ट्र संघ के सदस्यों द्वारा बनाए गये एक एतिहासिक समझौते मॉन्ट्रियल प्रोटोकॉल को अपनाया गया। इस समझौते का उद्देश्य थाः ओजोन परत को बचाने के लिए सीएफसी पर रोक लगाना और हस्ताक्षर करने वाले सदस्यों द्वारा वर्ष  2013 तक सीएफसी के उपभोग और उत्पादन को बंद करना। 


Q. 163458 निम्न में से कौनसा एक गैर-नवीनीकरण योग्य संसाधन है?


A.

वृक्ष

B.

जीवाश्म ईंधन

C.

पानी.

D.

भूतापीय ऊर्जा

Right Answer is: B

SOLUTION

जीवाश्म ईंधन एक गैर-नवीनीकरण योग्य संसाधन है| गैर-नवीनीकरण योग्य संसाधन वे हैं जो कि निष्कर्षण और उपयोग से समाप्त हो जाते हैं ।


Q. 163459 पेट्रोलियम

  एक  ऊर्जा के  परम्परागत  स्रोत हैं<div class= A.
B.
C.
D.

Right Answer is: A

SOLUTION

पेट्रोलियम, कोयला, प्राकृतिक गैस, बिजली ऊर्जा के परंपरागत स्रोत हैं। ऊर्जा के परंपरागत स्रोत में जीवाश्म ईंधन, तापीय ऊर्जा और पनबिजली ऊर्जा शामिल हैं।


Q. 163460 निम्न में से जल प्रदूषण के लिए कौन सा कारक मुख्य तौर से उत्तरदायी है?


A. खेती

B. नौचालन

C. भारी बारिश

D. औद्योगिक अपशिष्ट

Right Answer is: D

SOLUTION

औद्योगिक अपशिष्ट एक मुख्य कारक है जो जल प्रदूषण के लिए जिम्मेदार है। अन्य कारक हैं अशोधित सीवेज, कृषि अपशिष्ट, आदि |


Q. 163461 पर्यावरण में सम्मिलित हैं:


A.

जैविक तत्व या जीवित तत्व

B.

जैविक तत्व या गैर-जीवित तत्व

C.

जैविक तत्व और अजैविक तत्व

D.

प्राकृतिक संसाधन या मानव निर्मित संसाधन

Right Answer is: C

SOLUTION

पर्यावरण को समस्त भूमंडलीय विरासत और सभी संसाधनों की समग्रता के रूप में परिभाषित किया जाता है। पर्यावरण के घटकों को दो वर्गा में वर्गीकृत किया जा सकता है: •          जैविक तत्व •          अजैविक तत्व सभी सजीव तत्व जैसे चिडियां, जानवर एवं पौधे, वन, मत्स्य आदि जैविक तत्वों में शामिल है। सभी निर्जीव तत्व जैसे हवा, पानी, भूमि आदि अजैविक तत्वों में शामिल हैं।


Q. 163462 पर्यावरण के मुख्य कार्य हैं:


A. संसाधनों की आपूर्ति

B. अपशिष्ट को आत्मसात करना

C. रुग्णता कम करना

D. आधारिक संरचना प्रदान करना

Right Answer is: A

SOLUTION

पर्यावरण के विभिन्न कार्य हैं : संसाधनों की आपूर्ति, जीवन धारण में सहायता करना, सौंदर्य विषयक सेवाएं प्रदान करना, अवशेषों को समाहित करना|


Q. 163463 पर्यावरण की पर्यावरणीय प्रदूषण को अवशोषित करने की क्षमता को ___________ कहते है।


A.

नियमों का उल्लंघन

B.

वैश्विक उष्णता

C.

अवशोषी क्षमता

D.

धारण क्षमता

Right Answer is: C

SOLUTION

पर्यावरण उत्पादन और उपभोग के बाद छोड़ दिये गये अवशेषों को समाहित कर लेता है। पर्यावरण की पर्यावरणीय प्रदूषण को अवशोषित करने की क्षमता को अवशोषी क्षमता कहते है।


Q. 163464 ओजोन अपक्षय का अर्थ __________ में ओजोन की मात्रा की कमी है
A.
B.
C.
D.

Right Answer is: B

SOLUTION

ओजोन अपक्षय के मुख्य कारण हैं एसी और फ्रिज में प्रयोग की जाने वाली सीएफसी (क्लोरोफ्लोरोकार्बन) और अग्निशामकों में प्रयुक्त बीएफसी (ब्रोमोफ्लोरोकार्बन्स) द्वारा फ्लोरीन, क्लोरीन एवं ब्रोमीन यौगिकों का उच्च स्तर पर उत्सर्जन होना।


Q. 163465 ऐसा विकास जो वर्तमान पीढ़ी की आवश्यकताओं को भावी पीढ़ियों की आवश्यकताओं की पूर्ति क्षमता का समझोता किये बिना पूरा करें _______________कहलाता है
A.
B.
C.
D.

Right Answer is: B

SOLUTION

धारणीय विकास ऐसा विकास जो वर्तमान पीढ़ी की आवश्यकताओं को भावी पीढ़ियों की आवश्यकताओं की पूर्ति क्षमता का समझोता किये बिना पूरा करें|


Q. 163466 ग्रीन हाउस गैसों में वृद्धि से ______ की स्थिति उत्पन्न हो गई है
A.
B.
C.
D.

Right Answer is: B

SOLUTION

कार्बन डाइऑक्साइड और अन्य ग्रीन हाउस गैसों में वृद्धि के कारण महासागरों और पृथ्वी के निचले वायुमंडल के औसत तापमान में वृद्धि देखी गयी है। इसे वैश्विक उष्णता कहते हैं |


Q. 163467 सार्वजनिक परिवहन प्रणाली में निम्न में से किसके उपयोग के कारण वायु प्रदूषण कम हो रहा है?


A.

एल पी जी

B.

सी एन जी

C.

गोबर गैस

D.

सौर ऊर्जा

Right Answer is: B

SOLUTION

उच्चदाब प्राकृतिक गैस (CNG) के उपयोग ने वायु प्रदूषण को काफी कम कर दिया है | इसका बसों, कारों आदि जैसे सार्वजनिक परिवहनों में और घरेलू गैस पाइपलाइनों में ईंधन के रूप में प्रयोग किया जाता है ।


Q. 163468 वे जीव जो सामान्यतः कंपोस्ट खाद प्रक्रिया की अपेक्षा तीव्रता से जैविक वस्तुओं को कंपोस्ट में बदल सकते हैं, वे हैं:


A. चूहे

B. केंचुए

C. फीता कृमि

D. गोलकृमि

Right Answer is: B

SOLUTION

केंचुए सामान्यतः कंपोस्ट खाद प्रक्रिया की अपेक्षा तीव्रता से जैविक वस्तुओं को कंपोस्ट में बदल सकते हैं| इस पद्धति का अब बहुत ही अधिक प्रयोग किया जा रहा है|


Q. 163469 फोटोवोल्टिक सेल किसका उत्पादन करने के लिए इस्तेमाल किए जाते है?


A.

वायु शक्ति

B.

जल शक्ति

C.

सौर शक्ति

D.

ज्वारीय ऊर्जा

Right Answer is: C

SOLUTION

फोटोवोल्टिक सेलों के माध्यम से सौर ऊर्जा को बिजली में परिवर्तित किया जाता है| यह बिजली उत्पादन का एक सस्ता तरीका है| और यह प्रदूषण से मुक्त है|


Q. 163470 निम्न से से कौन सा क्षेत्र विश्व के अत्यधिक उर्वर क्षेत्रों में से है और विशव में सबसे गहन खाती और घनत्व जनसँख्या वाला क्षेत्र है?


A. अंडमान और निकोबार द्वीप समूह

B.

तिब्बत पठार

C.

हिमालय पर्वत श्रृंखला

D.

गंगा का मैदान

Right Answer is: D

SOLUTION

गंगा के मैदान - बंगाल की खाड़ी से लेकर अरब सागर में फैले हैं और यह विश्व अत्यधिक  उर्वर क्षेत्रों में से है और विशव में सबसे गहन खाती और घनत्व जनसँख्या वाला क्षेत्र है|


Q. 163471 वे संसाधन जो कि निष्कर्षण और उपयोग से समाप्त हो जाते हैं ________ कहलाते हैं।


A.

आर्थिक संसाधन

B.

नवीकरण योग्य संसाधन

C.

गैर नवीकरण योग्य संसाधन

D.

मानव संसाधन

Right Answer is: C

SOLUTION

गैर-नवीनीकरण योग्य संसाधन वे हैं जो कि निष्कर्षण और उपयोग से समाप्त हो जाते हैं । उदाहरण के लिए: कोयला, पेट्रोल, आदि जैसे जीवाश्म ईंधन|


Q. 163472

  निम्न  में से  पर्यावरण का  एक मुख्य  कार्य है <div class= A.
B.
C.
D.

Right Answer is: A

SOLUTION

सौंदर्य विषयक सेवाएं प्रदान करना पर्यावरण के विभिन्न कार्यों में से एक है| इसके अतिरिक्त यह अपशिष्टों को एकत्र करता है, आनुवांशिकी और जैव विविधता प्रदान करने के द्वारा जीवन धारण में सहायता करता है और नवीकरणीय और गैर नवीकरणीय संसाधनों की भी आपूर्ति करता है|


Q. 163473 जैविक तत्व का एक उदाहरण है:


A.

मत्स्य

B.

चट्टान

C.

हवा

D.

भूमि

Right Answer is: A

SOLUTION

जैविक तत्वों में पर्यावरण के सभी सजीव तत्व सम्मिलित होतें हैं| जैसे पक्षी, पशु, वन, पौधे और मत्स्य आदि |


Q. 163474 ब्रिक्स से आप क्या समझते हैं?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

ब्रिक्स पांच देशों की संस्था का नाम है जिसके देश हैं ब्राजील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका। इसमें वर्ष 2010 में दक्षिण आफ्रिका भी इसका अभिन्न अंग है |


Q. 163475 चीन में जनसंख्या नियंत्रण करने के लिए किस कार्यक्रम को आरम्भ किया गया था?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

1970 के दशक में चीन ने जनसँख्या की वृद्धि को नियंत्रित करने के लिए एक संतान नीति को शुरु किया था।


Q. 163476 महान सर्वहारा सांस्कृतिक क्रांति क्या थी?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

महान सर्वहारा सांस्कृतिक क्रांति चीन की वह प्रणाली थी, जिसके अंतर्गत विद्यार्थियों और पेशेवरों को गाँव में कार्य करने के लिए और सीखने के लिए शहरों में भेजा गया था। इसे चीन में वर्ष 1966-1976  के मध्य लागू थी।


Q. 163477 कम्यून प्रणाली से आप क्या समझते हैं?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

कम्यून से अर्थ उस प्रणाली से है जिसमें लोग सामूहिक रूप से भूमि जोतते हैं। यह प्रणाली चीन में अधिक प्रचलित है |


Q. 163478 भारत, पाकिस्तान और चीन में राजनीतिक शक्तियों की स्थापना के बारे में बताएं।
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

भारत एक लोकत्रांतिक देश है, पाकिस्तान में सैन्य शक्ति का अधिक प्रभाव है तो वहीं चीन में एक नियंत्रित अर्थव्यवस्था है।


Q. 163479 SEZ का पूरा नाम बताएं।
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

SEZ का पूरा नाम है विशेष आर्थिक क्षेत्र।


Q. 163480 भारत, पाकिस्तान और चीन के सकल घरेलू उत्पाद का तुलनात्मक विवरण लिखिए
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

वर्ष 2013 में भारत का सकल घरेलू उत्पाद 6.6 ट्रिलियन डॉलर था और पाकिस्तान का सकल घरेलू उत्पाद 0.83 ट्रिलियन डॉलर था। पाकिस्तान का सकल घरेलू उत्पाद भारत के सकल घरेलू उत्पाद का 13 प्रतिशत है।

चीन का सकल घरेलू उत्पाद 15.6 ट्रिलियन डॉलर था। यह दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा सकल घरेलू उत्पाद है।


Q. 163481 संयुक्त र

  मानव  विकास  सूचकांक की  परिभाषा दें <div class= A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम 2012 के अनुसार मानव विकास सूचकांक (एचडीआई) मानव विकास के चार उपागमों आय उपागम, कल्याण उपागम, न्यूनतम आवश्यकता उपागम और क्षमता उपागम का सम्मिलित सूचकांक है ।


Q. 163482 पाकिस्तान की धीमी वृद्धि के लिए जिम्मेदार कारकों को बिन्दुसार करें
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

पाकिस्तान की वार्षिक योजना 2011-12, कई कारकों को बताती है जो अर्थव्यवस्था की धीमी वृद्धि के लिए जिम्मेदार हैं। वे हैं

·         कमजोर होती सुरक्षा स्थितियां

·         कम विदेशी प्रत्यक्ष निवेश

·         बाढ़ जो कृषि व आधारिक संरचना को प्रभावित करती है

·         उर्जा संकट


Q. 163483 आसियान क्या है?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

आसियान या दक्षिण पूर्वी एशियाई राष्ट्रों का संगठन, 10 दक्षिण एशियाई देशों का एक आर्थिक संगठन है। इसका गठन 1967 में हुआ था, जिसका लक्ष्य था क्षेत्र में आर्थिक वृद्धि, सामाजिक प्रगति, सांस्कृतिक विकास का विस्तार करना और शान्ति और स्थिरता की रक्षा करना। इसके सदस्य देशों में हैं इंडोनेशिया, मलेशिया, फिलिपिन्स, सिंगापुर, थाईलैंड, ब्रुनेई, म्यांमार, कम्बोडिया, लाओस और वियतनाम।


Q. 163484 पाकिस्तान एक ऐसा देश है जो राजनीतिक अस्थिरता से प्रभावित रहा है मगर वह सकल घरेलू उत्पाद की उच्च दर बनाए रखने में सफल रहा है। इसके कारणों की चर्चा करें
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

पाकिस्तान की उच्च वृद्धि दर बनाए रखने का मुख्य कारण उसकी विकासात्मक नीतियाँ हैं, जो उसने 1950 में आरम्भ की थी।

  • पाकिस्तान एक मिश्रित अर्थव्यवस्था का पालन कर रहा है, जहाँ निजी और सार्वजनिक क्षेत्र सह-अस्तित्व में हैं।
  • 1950 और 1960 के दशक में, इसने प्रतिस्पर्धी आयात पर आयात नियंत्रण और उपभोक्ता वस्तुओं के निर्माण के लिए कर संरक्षण के समायोजन, कई निगमन नीतियों को आरम्भ किया।
  • इसने हरित क्रांति की शुरुआत की, जिसने खाद्यान्नों के उत्पादन में आश्चर्यजनक रूप से वृद्धि की। इसने अर्थव्यवस्था की कृषि संरचना को बदल दिया।
  • इसे पश्चिमी देशों से वित्तीय समर्थन मिला। इसे मध्य पूर्व में गए प्रवासियों के द्वारा धन मिला ।


Q. 163485 पिछले दो दशकों में भारत, चीन और पाकिस्तान में हुई वृद्धि दर के रुझानों पर टिप्पणी करें।
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

निम्नलिखित तालिका सकल घरेलू उत्पाद की वृद्धि दर प्रदर्शित करती है:

देश

1980-90

2005-2013

भारत

5.7

7.6

चीन

10.3

10.2

पाकिस्तान

6.3

4.4

उपरोक्त तालिका से, हम पाते हैं कि चीन में वृद्धि दर दो अंकों में बनी हुई है जो भारत से लगभग दोहरी है। 1980-90 में पकिस्तान भारत से आगे था, मगर 2005-13 में पाकिस्तान की वृद्धि दर में गिरावट आई है।


Q. 163486 2013 में सकल घरेलू उत्पाद के प्रति भारत और पाकिस्तान के क्षेत्रीय योगदान की तुलना करें।
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

निम्नलिखित तालिका 2013 में सकल घरेलू उत्पाद के प्रति भारत और पाकिस्तान के क्षेत्रीय योगदान की तुलना प्रदर्शित करती है:

क्षेत्र

भारत

पाकिस्तान

कृषि

18

25

उद्योग

25

21

सेवा

57

54

कुल

100

100

 

उपरोक्त तालिका प्रदर्शित करती है कि भारत और पाकिस्तान दोनों ही देशों में सकल घरेलू उत्पाद में सर्वाधिक योगदान देने वाला क्षेत्र सेवा क्षेत्र है। हालांकि औद्योगिक क्षेत्र में भारत पकिस्तान से कही आगे है। जहां तक कृषि क्षेत्र की बात है तो भारत का योगदान पाकिस्तान से कम है।


Q. 163487 स्वतंत्रता संकेतकों से आप क्या समझते हैं? आपको किस सीमा तक लगता है कि इन्हें विकास के संकेतकों के रूप में स्वीकार किया जाना चाहिए? चर्चा करें
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

स्वतंत्रता संकेतक सामाजिक और राजनीतिक निर्णय- प्रक्रिया में लोकतांत्रिक भागीदारी को मापने का संकेतक है।।  

स्वतंत्रता संकेतकों को विकास के संकेतकों के घटक के रूप सम्मलित किया जाना चाहिए, क्योंकि विकास एक बहु-आयामी अवधारणा है। विकास को मापने के लिए व्यक्तिगत आय या मानव विकास सूचकांक का प्रयोग किया जाता है ये सभी महत्वपूर्ण है परंतु ये पर्याप्त नहीं हैं। स्वतंत्रता संकेतक जीवन की गुणवत्ता के बहुत ही महत्वपूर्ण घटक हैं, जो किसी भी देश के कामकाज का प्रतिनिधित्व करते हैं। इस संकेतक को सम्मिलित किए बिना मानव विकास सूचकांक का निर्माण अधूरा है।


Q. 163488 चीन में सुधार, कृषि, विदेशी व्यापार और निवेश क्षेत्रकों को विकसित करने के लिए आरम्भ किए गए, जिसके कारण औद्योगिक वृद्धि में तेजी आई? उक्त वक्तव्य को स्पष्ट करिए।
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

चीन में हालिया वृद्धि को 1978 में आरम्भ हुए आर्थिक सुधारों की दृष्टि में देखा जा सकता है। सुधारों के पहले चरण की शुरुआत कृषि, विदेशी व्यापार और निवेश क्षेत्रकों में हुई।

·         हर परिवार को कम्यून भूमि का आवंटन कर एक छोटा टुकड़ा जुताई के लिए दिया गया। मगर उसका स्वामित्व सरकार के पास ही रहा।

·         करों का भुगतान करने के बाद, इस भूमि से होने वाली आय को किसानों को अपने पास रखने की अनुमति दी गयी।  

बाद के चरणों के सुधारों को औद्योगिक क्षेत्रों में आरम्भ किया गया:

·         इस चरण में, उन निजी क्षेत्र की फर्म को सामानों का उत्पादन करने की अनुमति दी गयी जो स्थानीय संगठन के द्वारा परिचालित की जा रही थीं।

·         इसका अर्थ यह हुआ कि सरकार के स्वामित्व वाले उपक्रमों को निजी क्षेत्रों से प्रतिस्पर्धा का सामना करना पड़ा।

सुधार प्रक्रिया दोहरी मूल्य प्रणाली से भी सम्बन्धित थी, जो है:

मूल्य को दो तरीकों से तय करना:

·         किसानों और उद्योग के द्वारा उत्पादित आगत और निर्गत के एक नियत हिस्से को सरकार के द्वारा निर्धारित किए गए मूल्यों पर खरीदा और बेचा जाता था।

·         बाकी को बाज़ार के मूल्यों पर खरीदा और बेचा जाता था।

विदेशी निवेशों को आकर्षित करने के लिए विशेष आर्थिक क्षेत्र स्थापित किए गए।


Q. 163489 भारत, पाकिस्तान और चीन की विकासात्मक रणनीतियों में क्या समानताएं हैं?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

भारत, पाकिस्तान और चीन की विकासात्मक रणनीतियों में निम्नलिखित समानताएं हैं:

i)                    तीनों ही देशों ने विकास के पथ पर एक साथ ही कदम बढाए हैं|

ii)                  तीनों ही देशों ने एक समान विकास की रणनीतियों का पालन किया है। सभी तीनों देशों ने अपने विकास को पंचवर्षीय योजना के माध्यम से आरम्भ किया और सार्वजनिक क्षेत्र पर जोर दिया है।

iii)                1980 तक तीनों ही देशों में एक समान आर्थिक वृद्धि दर और प्रति व्यक्ति आय थी।

iv)                सभी तीनों देशों ने एक साथ ही आर्थिक सुधार आरम्भ किए।

 


Q. 163490 देश की वृद्धि का निर्धारण करने में जनांकिक एक महत्वपूर्ण मानक है। भारत और चीन अपनी अधिक जनसँख्या के लिए विख्यात हैं, जबकि पाकिस्तान की जनसँख्या कम है। भारत, चीन और पाकिस्तान के जनांकिक संकेतकों की तुलना करें।
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

हां, यह सत्य है कि जनांकिक मानक देशों की वृद्धि का निर्धारण करने के लिए एक बहुत ही महत्वपूर्ण कारक होता है। अच्छी शिक्षा और स्वास्थ्य स्थितियों वाली जनसँख्या मानव पूंजी में बदल जाती है और इस प्रकार देश की आर्थिक वृद्धि दर बढ़ती है। वहीं ऐसी जनसँख्या देश पर बोझ बन जाती है अगर पर्याप्त स्वास्थ्य और शिक्षा नहीं है।

भारत, चीन और पाकिस्तान के जनांकिक मानकों की तुलना निम्नलिखित है:

     जनसंख्या: विश्व में सबसे अधिक जनसँख्या चीन में है और भारत दूसरे पायदान पर है। पाकिस्तान की जनसंख्या बहुत कम है और चीन या भारत से लगभग एक दसवां हिस्सा है।

     घनत्व: चूंकि इन तीनों देशों में भौगोलिक दृष्टि से चीन सबसे बड़ा देश है, इसका जनसँख्या घनत्व इन तीनों में सबसे कम है।

     जनसंख्या वृद्धि दर: जनसंख्या की वृद्धि दर पाकिस्तान में सबसे ज्यादा है उसके बाद भारत और चीन में सबसे कम है। चीन ने 1970 में अपनी जनसंख्या वृद्धि दर कम करने के लिए एक संतान नीति का नियम लागू किया।

     प्रजनन दर: प्रजनन दर चीन की तुलना में पाकिस्तान में बहुत अधिक है।


Q. 163491 ‘भारत के वृद्धि पथ की तुलना हमेशा पाकिस्तान और चीन से होती है।” इन देशों के द्वारा अपनाई गयी विकास रणनीतियों को स्पष्ट करें। वर्णन करें
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

यह सच है कि भारत के वृद्धि पथ की तुलना हमेशा ही चीन और पाकिस्तान से की जाएगी। ऐसा इसलिए क्योंकि इन देशों में लगभग एक समान ही विकास रणनीतियां अपनाई गयी हैं। उनमें से कुछ निम्न हैं:

  1. तीनों ही देशों ने एक साथ ही प्रगति पथ पर चलना आरम्भ किया था। भारत ने अपनी पहली पंचवर्षीय योजना को स्वतंत्रता के बाद 1951 के बाद शुरु किया था तो वहीं चीन ने 1953 में और पाकिस्तान ने 1956 में आरम्भ किया था।
  2. सभी तीन देश एक समान विकास रणनीतियों का पालन कर रहे हैं। उन्होंने अपने विकास को पंचवर्षीय योजना के माध्यम से आरम्भ किया और सार्वजनिक क्षेत्र पर जोर दिया है।
  3. चीन एक साम्यवादी देश है और उसने अपने नागरिकों को उद्योग स्थापित करने के लिए प्रोत्साहित किया। भारतीय अर्थव्यवस्था एक मिश्रित अर्थव्यवस्था है जहां सार्वजनिक और निजी दोनों ही क्षेत्र अपनी अपनी भूमिका निभाते हैं। पाकिस्तान भी एक मिश्रित अर्थव्यवस्था है और इसे दूसरे देशों से समर्थन मिलता है।
  4. 1980 तक तीनों ही देशों में एक समान प्रगति दर और प्रतिव्यक्ति आय थी मगर बाद में चीनin तीनों में अधिक वृद्धि दर हासिल करने में सफल रहा।


Q. 163492 चीन, पाकिस्तान और भारत के विकास का विश्लेष्ण उनकी संबंधित एचडीआई श्रेणियों के आधार पर करें (मानव विकास रिपोर्ट 2014 के अनुसार)
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

मानव विकास सूचकांक को किसी देश के कुल विकास के लिए एक बहुत ही महत्वपूर्ण संकेतक के रूप में माना जाता है। मानव विकास सूचकांक सकल घरेलू विकास को प्रतिस्थापित नहीं करता है बल्कि देश के वास्तविक विकास की समझ के लिए जोड़ता है। इसका अर्थ हुआ कि मानव विकास के तीन मुख्य आयामों में औसत उपलब्धियां हैं:

a)      जन्म पर जीवन प्रत्याशा के द्वारा मापा गया स्वस्थ और लंबा जीवन

b)      व्यस्क साक्षरता दर के द्वारा मापा गया ज्ञान

c)      प्रति व्यक्ति सकल घरेलू अनुपात के द्वारा मापे गए जीवन के मानक

मानव विकास सूचकांक 0 के पैमाने (जो सबसे न्यूनतम मानव विकास को दिखाता है) और 1 के पैमाने पर (जो सबसे उच्च मानव विकास को परिलक्षित करता है) पर कई देशों की श्रेणी बनाता है।  

निम्न तालिका भारत, पाकिस्तान और चीन के मानव विकास सूचकांक मूल्य को प्रदर्शित करती है:

देश

मूल्य

श्रेणी

चीन

भारत

पाकिस्तान

.719

.586

.537

91

135

146

तालिका प्रदर्शित करती है कि चीन मानव विकास सूचकांक के मामले में भारत और पाकिस्तान दोनों से बहुत आगे है। (मानव विकास रिपोर्ट 2014) |

अगर हम मानव विकास के अन्य संकेतकों जैसे गरीबी रेखा के नीचे रहने वाले लोगों का अनुपात, मृत्यु दर, सफाई तक पहुँच की तुलना करते हैं तो हम पाते हैं कि पाकिस्तान भारत से कहीं आगे हैं। पाकिस्तान भारत और चीन दोनों से ही अच्छी सफाई सुविधा देने के मामले में बहुत आगे हैं। भारत में मातृत्व मृत्यु दर पाकिस्तान की तुलना में बहुत अधिक है। मगर यह चीन में बहुत कम है। हालांकि मानव विकास के उपरोक्त बताए हुए संकेतक बहुत ही महत्वपूर्ण हैं, मगर ये पर्याप्त नहीं हैं। इनके अलावा स्वतंत्रता संकेतक, नागरिकों के अधिकारों की संवैधानिक रक्षा और क़ानून के राज को भी सम्मिलित किया जाता है। इनके अभाव में मानव विकास सूचकांक की उपयोगिता सीमित हो जाएगी।


Q. 163493 चीन, पाकिस्तान और भारत के जनांककीय संकेतकों को बताएं।
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

भारत, चीन और पाकिस्तान में जनांककीय विशेषताएं हैं:

(क) जनसंख्या का आकार: चीन 2013 में 1357 मिलियन की जनसँख्या के साथ दुनिया में सबसे अधिक आबादी वाला देश है। भारत 2013 में 1252 मिलियन जनसँख्या के साथ दूसरे स्थान पर आता है। पाकिस्तान जनसंख्या के मामले में चीन और भारत का दसवां हिस्सा है। इसकी जनसँख्या 182 मिलियन है(2013 में) है।

(ख) वृद्धि दर: 2013 में 1.65% की जनसंख्या की वृद्धि दर के साथ जहां पाकिस्तान सबसे ऊपर है तो वहीं 1.24% के साथ भारत उसके पीछे है। चीन में यह 0.49%  के साथ सबसे कम है। जनसँख्या के नियंत्रण के लिए 1970 के दशक में चीन में अपनाई गयी एक संतान नीति इसका सबसे बड़ा कारण है | इसका मतलब यह हुआ कि कुछ समय के बाद चीन में एक बहुत बड़ी वृद्ध जनसँख्या की देखभाल के लिए बहुत ही कम युवा लोग रह जाएंगे। चीन में प्रजनन दर बहुत कम है जबकि यह पाकिस्तान में बहुत अधिक है।

ग) लिंगानुपात: जनसंख्या में स्त्रियों और पुरुषों की संख्या के बीच के अनुपात को लिंग अनुपात कहा जाता है। तीनों ही देषों में महिलाओं के प्रति भेदभाव देखा गया है। वर्ष 2013 में भारत में प्रति हजार पुरूषों पर 934 महिलाएं थीं। पाकिस्तान में यह आंकड़ा प्रति हजार पुरूषों पर 947 महिलाओं का था। चीन में यह प्रति एक हजार पुरूषों पर 929 महिलाओं का था।

(घ) जनसँख्या का घनत्व: जनसंख्या के घनत्व का अर्थ है प्रति वर्ग किलोमीटर में रहने वाले व्यक्तियों की औसत संख्या। यह 2013 में चीन में सबसे कम अर्थात 145 थी,  2013 पाकिस्तान में 236 था तो वहीं भारत में 2013 में 421 रही,  जो इन तीनों देशों में सबसे आधिक थी। यह ध्यान दिया जाना चाहिए कि जनसँख्या के घनत्व और आर्थिक विकास के स्तर के बीच इन तीनों देशों में कोई संबंध नहीं है।

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अनुमानित जनसँख्या (मिलियन में)

जनसँख्या की वार्षिक वृद्धि

(2001-2010)

घनत्व (प्रति वर्ग किलोमीटर)

लिंगानुपात

प्रजनन दर

शहरीकरण

(%)

भारत

चीन

पाकिस्तान

1252

1357

182

1.24

0.49

1.65

421

145

236

934

929

947

2.6

1.6

3.3

32

53

38


Q. 163494 Description: /stryde/uploadfiles/Image/2014/10/28/201410286545390014144896111.jpg
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

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Q. 163495 गैर-लाभकारी संगठन तथा लाभकारी संगठन में अंतर कीजिए।
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

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Q. 163496 आय एवं व्यय खाते तथा लाभ एवं हानि खाते में अंतर प्रदर्शित कीजिए।
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

आय एवं व्यय खाता एवं लाभ-हानि खाते में निम्नलिखित अंतर है

 

अन्तर का आधार

आय-व्यय खाता

लाभ-हानि खाता

बनाया जाना

यह गैर-व्यवसायिक संस्थाओं द्वारा बनाया जाता है।

यह व्यवसायिक संस्थाओं द्वारा बनाया जाता है।

बनाना का उद्देश्य

इसके द्वारा यह ज्ञात किया जाता है कि आय का व्यय पर आधिक्य है अथवा व्यय का आय पर आधिक्य है।

इसके द्वारा यह ज्ञात किया जाता है कि व्यापार में लाभ हो रहा है अथवा हानि हो रही है।

शुद्धता की जाँच

इसमें शुद्धता की जॉच के लिए पहले आगम-शेधन खाता बनाया जाता है।

इसमें शुद्धता की जॉच के लिए पहले तलपट बनाया जाता है।

बनाने का आधार

यह खाता प्रायः रोकड़ पुस्तक एवं अन्य सम्बन्धित सूचनाओं के आधार पर बनाया जाता है।

यह खाता प्रायः तलपट  के आधार पर बनाया जाता है।

पक्ष-शीर्षक

इस खाते में बायीं ओर व्यय तथा दायीं ओर आय शीर्षक लिखा जाता है।

इस खाते में इस प्रकार के शीर्ष नहीं डाले जाते हैं।


Q. 163497 मोर्य क्लब के 10 रू प्रतिमाह चन्दा वाले 300 सदस्य हैं । क्लब का बैंक में 10 प्रतिशत वार्षिक दर पर 80,000 रू स्थायी जमा हैं, क्लब भवन का कुछ भाग 2,000रू प्रतिदिन की दर से किराये पर उठाता हैं। निम्न सूचनाओं से क्लब का 31दिसम्बर,2011 को समाप्त होने वाले वर्ष के लिए प्राप्ति एवं भूगतान खाता बनाईए। (1) 1जनवरी,2011 को रोकड़ शेष 6,300रू (2) बैंक स्थायी जमा पर 9 माह का ब्याज प्राप्त किया। (3) 10 सदस्यों नें अन्तिम 2 माह का चंदा नहीं दिया।(4) वर्ष के दौरान भवन 10 दिन के लिए किराये पर दिया गया। (5) वेतन के 28,000 रू एवं अन्य व्ययो के 17,000 रू चुकाये।(6) 15,000रू का फर्नीचर खरीदा।
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION


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Q. 163498 अलाभकारी संस्था की निम्न सूचनाओं से खेल सामग्री मद को 31 मार्च 2011 को आय - व्यय खाते एवं चिठ्ठा में दिखाईए। 31.3.2010, 31.3.2011 खेल सामग्री का स्टॉक रू 4,500 रू 6,000 खेल सामग्री के लेनदार रू 9,000, रू 11,000 खेल सामग्री के लिये अग्रिम, पूर्तिकर्ताओं को रू 15,000, रू 25,000 वर्ष के दौरान पूर्तिकर्ताओं को, 1,50,000 रू चुकाये।
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION


Description: /stryde/uploadfiles/Image/2013/04/29/2013042962496700136722250415.jpg


Description: /stryde/uploadfiles/Image/2013/04/29/2013042962496700136722250415a.jpg


Q. 163499 Description: /stryde/uploadfiles/Image/2014/10/28/201410287979110014144912531.jpg
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

Description: /stryde/uploadfiles/Image/2014/10/28/201410287979110014144912532.jpg


Q. 163500 निम्न मदों का लेखांकन व्यवहार बताइए। (1) चन्दा (2) दान
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

मदें

प्राप्ति एवं भुगतान खाता

आय-व्यय खाता

आर्थिक चिट्ठा

चन्दा

प्राप्ति और भुगतान खाते के प्राप्ति पक्ष में वर्ष के दौरान प्राप्त चन्दा (भूत, वर्तमान या भविष्य का) लिखा जाता है।

आय-व्यय खाते के केडिट पक्ष में वर्तमान वर्ष का कुल चन्दा (प्राप्त हो चुका + अदत्त चन्दा) लिखा जाता है।

आर्थिक चिट्ठे के सम्पत्ति पक्ष में वर्तमान वर्ष का अदत्त चन्दा तथा दायित्व पक्ष में अग्रिम चन्दा लिखा जाता है। विशेष कार्य हेतु प्राप्त चन्दा तथा सामान्य चन्दे के पूँजीगत भाग को दायित्व पक्ष में लिखा जाता है।

दान

प्राप्ति और भुगतान खाते के प्राप्ति पक्ष में वर्ष के दौरान प्राप्त सामान्य दान तथा विशिष्ट दान को लिखा जाता है।

आय-व्यय खाते के क्रेडिट पक्ष में सामान्य दान को लिखा जाता है।

आर्थिक चिट्ठे के दायित्व पक्ष में विशिष्ट दान को लिखा जाता है।


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