CBSE - MCQ Question Banks (के. मा. शि. बो . -प्रश्नमाला )

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Q. 163601 एक क्लब द्वारा प्राप्त किये गये आजीवन सदस्यता शूल्क को दर्शाया जाता है।


A.

चिट्ठा में।

B.

लाभ एवं हानि खाते में।

C.

आय एवं व्यय खाते में।

D.

केवल प्राप्ति एवं भुगतान खाते में।

Right Answer is: A

SOLUTION

इसे सीधे पूँजी कोष में जोड़ दिया जाता है इसलिए, इसे चिट्ठे के दायित्व पक्ष में प्रदर्शित किया जाता है।


Q. 163602 आय एवं व्यय खाते को तैयार किया जाता है।


A.

गैर-व्यापारिक संस्थाओं।

B.

व्यापारिक संस्थाओं।

C.

साझेदारी फर्मों।

D.

एकल स्वामित्वों।

Right Answer is: A

SOLUTION

गैर-व्यापारिक संस्थाओं द्वारा लाभ एवं हानि खाते के स्थान पर आय एवं व्यय खाता तैयार किया जाता है, क्योंकि ये संस्थाऐं लाभ उद्देश्य के लिए कार्य नहीं करती हैं। यह खाता या तो आधिक्य अर्थात व्ययों से ज्यादा आय या घाटा अर्थात आय से ज्यादा व्यय प्रदर्शित करता है।


Q. 163603 प्राप्ति एवं भुगतान खाता समान होता है।


A.

रोकड़ खाता।

B.

आय एवं व्यय खाता।

C.

लाभ एवं हानि खाता।

D.

व्यापारिक खाता।

Right Answer is: A

SOLUTION

प्राप्ति एवं भुगतान खाता रोकड़ खाते की तरह तैयार किया जाता है। हालांकि रोकड़ खाते को तिथिवार तैयार किया जाता है जबकि प्राप्ति एवं भुगतान खाते को अवधि के अंत में तैयार किया जाता है।


Q. 163604 प्राप्ति एवं भुगतान खाता होता है।


A.

व्यक्तिगत खाता।

B.

नाममात्र का खाता।

C.

वास्तविक खाता।

D.

पूँजी खाता।

Right Answer is: C

SOLUTION

एक प्राप्ति एवं भुगतान खाता एक संगठन की रोकड़ प्राप्ति तथा भुगतान को रिकॉर्ड करता है। यह एक वास्तविक खाता होता है।


Q. 163605 एक विशेष उद्देश्य के लिए प्राप्त दान होता है।


A.

आय।

B.

पूँजीगत प्राप्ति।

C.

आयगत प्राप्ति।

D.

सम्पत्ति।

Right Answer is: B

SOLUTION

एक विशेष उद्देश्य के लिए प्राप्त दान एक पूँजीगत प्राप्ति होती है क्योंकि इस राशि को आगामी वर्षों में एक विशिष्ट उद्देश्य के लिए उपयोग किया जाता है।


Q. 163606 एक क्लब द्वारा प्राप्त अग्रिम अभिदान को दिखाया जाता है।


A.

दायित्व।

B.

आय।

C.

सम्पत्तियाँ।

D.

व्यय।

Right Answer is: A

SOLUTION

अभिदान आय का मुख्य स्त्रोत होता है। अभिदान में कुछ भाग पिछले वर्ष से तथा कुछ भाग आगामी वर्ष से सम्बंधित होते हैं। अग्रिम में प्राप्त अभिदान को चिट्ठे के दायित्व पक्ष में प्रदर्शित किया जाता है।


Q. 163607 आय एवं व्यय खाता लेनदेनों को रिकॉर्ड करता है।


A.

आयगत प्रकृति।

B.

पूँजीगत प्रकृति।

C.

पूँजीगत कोष।

D.

विशिष्ट कोष।

Right Answer is: A

SOLUTION

आय एवं व्यय खाता केवल आयगत प्रकृति के लेनदेनों को रिकॉर्ड करता है। सभी व्ययों तथा हानियों को इसके डेबिट पक्ष में रिकॉर्ड किया जाता है तथा आयों को क्रेडिट पक्ष में रिकॉर्ड किया जाता है।


Q. 163608
वर्ष के दौरान 2,400 रु का बीमा प्रीमियम चुकाया गया। वर्ष के प्रारंभ तथा अंत में पुर्वदत्त बीमा प्रीमियम क्रमश: 200 रु तथा 250 रु था। आय तथा व्यय खाते में अभिलेखित राशि होगी।


A.

रु 2,350.

B.

रु 2,400.

C.

रु 2,600.

D.

रु 2,850.

Right Answer is: A

SOLUTION

वर्ष के लिए बीमा = वर्ष के दौरान चुकाया गया + प्रारंभ में पूर्वदत्त - अंत में पूर्वदत्त। (2,400 + 200 - 250 = 2,350)


Q. 163609 निम्नलिखित सूचना से आय एवं व्यय में दिखायी जाने वाली राशि को स्पष्ट कीजिए। चुकता वेतन 80,000 रु (इसमें पिछले वर्ष के लिए 15,000 रु शामिल है)। वर्ष के अंत में 5,000 अदत्त वेतन।


A.

रु 1,00,000.

B.

रु 90,000.

C.

रु 70,000.

D.

रु 60,000

Right Answer is: C

SOLUTION

80,000 - 15,000 + 5,000 = 70,000 क्योंकि 15,000 रु गत वर्ष से सम्बंधित है, इसे घटाया जायेगा।


Q. 163610
टूर्नामेंट कोष INR 20,000 , टूर्नामेंट व्यय INR6,000 , टूर्नामेंट से प्राप्ति INR8,000 चिट्ठे में टूर्नामेंट के लिए अभिलेखित राशि होगी


A.

INR34,000.

B.

INR 22,000.

C.

INR 28,000.

D.

INR 20,000.

Right Answer is: B

SOLUTION

टूर्नामेंट कोष को चिट्ठे के दायित्व पक्ष में (20,000 + 8,000 - 6,000) दर्शाया जायेगा।


Q. 163611 Description: Description: /stryde/uploadfiles/Image/2014/05/30/201405308245440014014328521.jpg


A.

रु 4,500.

B.

रु 24,000.

C.

रु 25,000.

D.

रु 28,500.

Right Answer is: C

SOLUTION

जब सभी सदस्यों ने वार्षिक अभिदान का भुगतान कर दिया, तो हम अभिदान की गणना इस प्रकार करेंगे -
(2500 × 10)


Q. 163612 Description: Description: /stryde/uploadfiles/Image/2014/05/30/201405303213970014014323461.jpg


A.

रु 50,000.

B.

रु 45,000.

C.

रु 10,500.

D.

रु 5,500.

Right Answer is: D

SOLUTION


Q. 163613 Description: Description: /stryde/uploadfiles/Image/2014/05/30/201405307544380014014321221.jpg


A.

रु 17,500

B.

रु 18,000

C.

रु 19,000

D.

रु 19,500

Right Answer is: C

SOLUTION

Details Amount
Payment made for the purchase of Stationery as per Receipts and Payments AC Less: Payment for 2004-05 Payment made for the yr-2005-06 Add: Payment not yet made (i.e. creditors at the end) Stationery Purchased for the year 2005-06 Add: Stock in the beginning Stationery available for consumption during 2005-06 Less: Stock at the end Stationery consumed during 2005-06 to be taken to the Expenditure side of the Income and Expenditure Account   25,000  11,000 14,000 3000 17000 5,000   22,000  3,000   19,000


Q. 163614 ए, बी और सी एक फर्म में साझेदार है। जो लाभों का विभाजन बराबर करते है। 1 जनवरी, 2011 को उनके पूँजी खातों के शेष इस प्रकार थे- ए-30,000 रू., बी-50,000 रू. और सी-10,000 रू.। 2011 वर्ष की लेखा पुस्तके बंद करने पर ज्ञात हुआ कि साझेदारी संलेख के अनुसार लाभो को विभाजन से पूर्व साझेदारों की पूँजी पर 10 प्रतिशत की दर से देना भूल गये। इस भूल के सुधार हेतु अगले वर्ष के प्रारंभ में एक आवश्यक समायोजन प्रविष्टि दीजिए।
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION


Description: Description: /stryde/uploadfiles/Image/2013/04/26/2013042693731200136697821717.jpg


Q. 163615 आहरण एवं शुद्ध लाभों के लिए आवश्यक समायोजन करने के पश्चात अ, ब और स की पूँजी वर्ष के अन्त में क्रमशः 25,000 रु0, 20,000 रु0 एवं 15,000 रु0 थी। बाद में पता लगा कि पूँजी पर 10% वार्षिक ब्याज और आहरण पर ब्याज क्रमशः 150 रु0, 100 रु0 एवं 50 रु0, लगाना भूल गये। वर्ष का लाभ 10,000 रु0 था। उनके आहरण क्रमशः 1,500 रु0, 1,000 रु0 एवं 500 रु0 थे। साझेदार लाभ-हानि को 2: 1: 1 के अनुपात में बाँटते हैं। खातों को सुधार के लिए वर्ष के अन्त में आवश्यक प्रविष्टियाँ कीजिए।
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

 

 

A

B

C

Total

Int. on capital (Cr.)

2,500

2,000

1,500

6,000

Less- Int. on Drawing (Dr.)

150

100

50

300

 

2,350

1,900

1,450

5,700

Less- Profit already distributed in 2:1:1

2,850

1,425

1,425

5,700

Net Profit

Dr. 500

Cr. 475

Cr. 25

-

 

भूल के लिए समायोजन प्रविष्टि:-

 

 

Date

Particular

L.F.

Dr.

Cr.

 

A's Capital A/c Dr.

To B's Capital A/c

To C's Capital A/c

(Adjustment for omission)

 

500

 

475

25

कार्यशील टिप्पणी:-

पूँजी पर ब्याज की राशि की गणना :-

Description: Description: /stryde/images/2015/04/23/20150423520622001429765127.gif


Q. 163616 साझेदारी संलेख से आप क्या समझते हैं? साझेदारी संलेख के तत्व क्या होते हैं?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

साझेदारी फर्म के सभी नियम एवं शर्तों को लिखित में रखा जाने वाले दस्तावेज को साझेदारी संलेख कहा जाता है। साझेदारी संलेख में निम्नलिखित विवरण शामिल होता है:-

1. साझेदारों एवं फर्म का स्पष्टिकरण।

2. व्यवसाय का मुख्य स्थान।

3. व्यवसाय की प्रकृति।

4. साझेदारी का प्रारंभ।

5. पूँजी योगदान।

6. पूँजी पर ब्याज तथा आहरण पर ब्याज।

7. लाभ विभाजन अनुपात।

8. ऋण पर ब्याज।


Q. 163617 एक साझेदार के अधिकार क्या होते हैं? (कोई चार)
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

एक साझेदार के अधिकार:

1. प्रत्येक साझेदार को व्यवसाय के प्रबंधन में भाग लेने का अधिकार होता है।

2. प्रत्येक साझेदार को साझेदारी व्यवसाय के लेनदेनों के बारे में राय देने का अधिकार होता है।

3. सभी साझेदारों को खातों की पुस्तकों की जाँच करने एवं इनकी एक प्रतिलिपी प्राप्त करने का अधिकार होता है।

4. एक साझेदार के पास एक नये साझेदार के प्रवेश की अनुमति देने का अधिकार होता है।


Q. 163618 पवन तथा राजू एक फर्म में साझेदार हैं जिन्होंने 1 अप्रैल, 2012 की पूँजी के 2,00,000 रूपये व 3,00,000 रूपये क्रमशः लगाए। वर्ष के दौरान उन्होंने साझेदारी में निम्न प्रकार अतिरिक्त पूँजी लगायी। पवन द्वारा लगायी गयी पूँजीः 1 जुलाई, 2012 को 50,000 रूपये और 1 दिसम्बर, 2012 को 1,00,000 रू.। राजू द्वारा लगायी गयी पूँजीः 1 सितम्बर, 2012 को 1,20,000 रूपये। वर्ष 2012-2013 के लिए पवन तथा राजू की पूँजी पर 10 प्रतिशत की वार्षिक दर से ब्याज की गणना कीजिए।
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

पवन तथा राजू की पूँजी :- 2,00,000 : 3,00,000

पवन 2,00,000 x 12 = 24,00,000

50,000 x 9 = 4,50,000

1,00,000 x 4 = 4,00,000

             32,50,000

Description: Description: /stryde/uploadfiles/Image/2014/04/19/201404197418550013978884344.jpg


Q. 163619 ए, बी तथा सी एक फर्म में साझेदार हैं। 1 जनवरी 2011 को उनके पूँजी खाते क्रमशः 2,00,000 रु, 1,00,000 रु तथा 1,00,000 रु थे। प्रत्येक साझेदार वर्ष के दौरान 10,000 रु का आहरण करता है। साझेदारी संलेख निम्नलिखित प्रदान करती है: 1. पूँजी पर ब्याज 10% वार्षिक लगाया गया। 2. आहरण पर ब्याज 10% वार्षिक लगाया गया। 3. बी को 15,000 रु वार्षिक वेतन दिया गया। 4. लाभों एवं हानियों को 3: 2: 1 के अनुपात में विभाजित किया गया। संलेख की सभी शर्तों को नजरअंदाज करते हुए, 31 दिसम्बर 2011 को समाप्त हुए वर्ष के शुद्ध लाभ के 1,00,000 रु को साझेदारों में समान रूप से विभाजित किया गया। सही लाभ एवं हानि नियोजन खाता तैयार कीजिए।
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

Profit and Loss Appropriations A/c

For the ending 31st December, 2011

Particulars

Particulars

To Interest on Capital

 

By Net Profit

1,00,000

A

20,000

 

By Interest on Drawings

 

B

10,000

 

A

500

 

C

10,000

40,000

B

500

 

To B’s Salary

15,000

C

500

1,500

To Profit t/fd to Capitals

 

 

 

A

23,250

 

 

 

B

15,500

 

 

 

C

7,750

46,500

 

 

 

 

 

 

 

1,01,500

 

1,01,500


Q. 163620 स्थायी तथा परिवर्तनशील खातों में अंतर स्पष्ट कीजिये?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

अंतर का आधार

स्थायी खाते

परिवर्तनशील खाते

शेष

इनका शेष प्रतिवर्ष सामान रहता है।

इनका शेष प्रतिवर्ष परिवर्तित होता है।

 

चालू खाते

इसमें चालू खाते खोले जाते हैं  

इसमें चालू खाते खोलने की आवश्यकता नहीं होती

 

लेखे की मदें

इस विधि में पूँजी पर ब्याज साझेदार का वेतन आहरण पर ब्याज आदि का लेखा चालू खातों में किया जाता है।

इसमें पूँजी खाते से सम्बंधित सभी लेखे पूँजी खाते में ही किये जाते हैं

 

 पूँजी की स्थिरता

 

इस खाते में पूँजी हमेशा स्थिर रहती है।  

इस खाते में पूँजी हमेशा परिवर्तित होती रहती

है


Q. 163621 काकू एवं पॉलू ने 1 जनवरी 2001 को एक साझेदारी व्यवसाय प्रारंभ किया। उन्होंने अपनी पूँजी के रूप में क्रमशः 80,000 रु तथा 60,000 रु दिये। साझेदारी संलेख की शर्तें इस प्रकार हैं:- 1. पूँजी तथा आहरण पर 12% वार्षिक की दर से ब्याज। 2. काकू तथा पॉलू को क्रमशः 2,000 रु तथा 3,000 रु मासिक वेतन मिलता है। 3. लाभ एवं हानि का विभाजन 4:3 के अनुपात में होगा। उपरोक्त समायोजनों पूर्व 31 दिसम्बर 2001 को समाप्त हुये वर्ष के लिए लाभ की राशि 1,00,300 रु है। काकू तथा पॉलू के आहरण क्रमशः 40,000 रु तथा 50,000 रु थे। काकू के आहरणों पर 2,000 रु तथा पॉलू के आहरणों पर 2,500 रु ब्याज लगाया गया। उनकी पूँजी को अस्थायी मानते हुए जर्नल प्रविष्टियाँ दीजिए तथा लाभ एवं हानि नियोजन खाता तथा साझेदारों के पूँजी खाते तैयार कीजिए।
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

 

 

Date

Particulars

L.F.

Dr.

Cr.

1)

2001

Dec. 31

Interest on capital A/c………Dr.

 

16,800

 

    To Kaku’s Capital A/c

 

 

9,600

    To Polu’s Capital A/c

 

 

7,200

(Being interest on Capital allowed to Kaku

& Polu)                                              

 

 

 

2)

 

P & L Appropriation A/c……Dr.

 

16,800

 

    To Interest on Capital A/c

 

 

16,800

(Being interest on capital transferred to P & L appropriation A/c)                    

 

 

 

3)

 

Salaries A/c          Dr.

 

60,000

 

    To Kaku’s Capital A/c

 

 

24,000

    To Polu’s Capital A/c

 

 

36,000

(Being salaries due to Kaku and Polu)

 

 

 

4)

 

P & L Appr. A/c      Dr.

 

60,000

 

    To Salaries A/c

 

 

60,000

(Being salaries transferred to P & L Appropriation A/c)

 

 

 

5)

 

Kaku’s Capital A/c   Dr.

 

2,500

 

Polu’s Capital A/c    Dr.

 

2,500

 

    To Int. on Drawings A/c

 

 

4,500

(Being interest on drawings charged)

 

 

 

6)

 

Int. on Drawings A/c    Dr.

 

4,500

 

    To P & L Appr. A/c

 

 

4,500

(Being interest on drawings transferred to P & L appropriation A/c)

 

 

 

7)

 

P & L Appropriation A/c  Dr.

 

28,000

 

    To Kaku’s capital A/c

 

 

16,000

    To Polu’s capital A/c

 

 

12,000

(Being profit transferred to Kaku’s and Polu’s capital accounts)                       

 

 

 

 

                                                   P & L Appropriation A/c

 

Particulars

Amount

Particulars

Amount

To Interest on capital

 

By profit

1,00,300

Kaku

9,600

 

By Interest on Drawing

 

Polu

7,200

16,800

Kaku

2,000

 

To salaries

 

Polu

2,500

4,500

Kaku

24,000

 

 

 

Polu

36,000

60,000

 

 

To Profit Transferred

 

 

 

Kaku

16,000

 

 

 

Polu

12,000

28,000

 

 

 

1,04,800

 

1,04,800

     

                                           Kaku’s Capital A/c

 

 

Date

Particulars

Amount

Date

Particulars

Amount

2001

 

 

 

 

 

Dec. 31

To Drawings A/c

40,000

Jan.31

By balance b/d

80,000

Dec. 31

To Int. on Drawings A/c

 2,000

Dec.31

By Interest on capital

 9,600

 

To balance c/d

87,600

Dec.31

By Salaries A/c

24,000

 

 

 

Dec.31

 

By P&L Appropriation

 

16,000

1,29,600

1,29,600

 

                                                       Polu’s Capital A/c

Date

Particulars

Amount

Date

Particulars

Amount

Dec. 31

To Drawings A/c

50,000

Jan.31

By balance b/d

60,000

Dec.31

To Int. On Drawings A/c

 

2,500

Dec.31

By Interest on capital

 7,200

Dec.31

To balance c/d

62,700

Dec.31

By Salaries A/c

36,000

 

 

 

Dec.31

 

By P&L Appropriation    

12,000

1,15,200

 1,15,200


Q. 163622 प्रवेश के समय यदि पुस्तकों में लाभ का शेष दिया हो,तो उसे हस्तांतरित किया जायेगा-


A.

सभी साझेदारों के पूँजी खातों में।

B.

पुराने साझेदारों के पूँजी खातों में।

C.

लाभ-हानि समायोजन खाते में।

D.

पुनर्मूल्यांकन खाते में।

Right Answer is: B

SOLUTION

क्योंकि प्रवेश के समय वाले लाभ पर नये साझेदार का कोई भी अधिकार नहीं होता है।


Q. 163623 प्रवेश के समय,यदि कोई ऐसी सम्पत्ति है, जो अभी तक पुस्तकों में नहीं दिखायी गयी है, तो उसे-


A.

पुनर्मूल्यांकन खाते में डेबिट किया जायेगा

B.

पुनर्मूल्यांकन खाते में क्रेडिट किया जायेगा

C.

ख्याति खाते में डेबिट किया जायेगा

D.

ख्याति खाते में क्रेडिट किया जायेगा

Right Answer is: A

SOLUTION

क्योंकि इसकी रोजनामचा प्रविष्टी स्पष्ट दर्शाती है सम्पत्ति खाता  Dr. और पुनर्मूल्यांकन खाता Cr.


Q. 163624 प्रवेश के समय,यदि पुनर्मूल्यांकन खाता लाभ प्रदर्शित करता है,तो इसे जमा किया जायेगा-


A.

पुराने साझेदारों के पूँजी खातों में उनके नये लाभ-विभाजन अनुपात में।

B.

सभी साझेदारों के पूँजी खातों में उनके नये लाभ-विभाजन अनुपात में।

C.

पुराने साझेदारों के पूँजी खातों में उनके पुराने लाभ-विभाजन अनुपात में।

D.

पुराने साझेदारों के पूँजी खातों में उनके त्याग अनुपात में।

Right Answer is: C

SOLUTION

क्योंकि प्रवेश के समय पुनर्मूल्यांकन पर होने वाले लाभ पर नये साझेदार का कोई भी अधिकार नहीं होता है ।


Q. 163625 यदि नया साझेदार अपने हिस्से की ख्याति नकद नहीं लाता है, तो -


A.

पुराने साझेदारों के पूँजी खाते डेबिट किये जायेंगे

B.

पुराने साझेदारों के पूँजी खाते क्रेडिट और नए साझेदार का पूँजी खाता डेबिट किया जायेंगे

C.

सभी साझेदारों के पूँजी खाते डेबिट किये जायेंगे

D.

सभी साझेदारों के पूँजी खाते क्रेडिट किये जायेंगे

Right Answer is: B

SOLUTION

क्योकि पुराने साझेदारों द्वारा किये गए त्याग के प्रतिफल में उनको ख्याति मिलती है,


Q. 163626 फर्म में नए साझेदार द्वारा ख्याति की रकम नकद लाने पर पुराने साझेदारों में ख्याति की रकम बाँटी जाती है-


A.

लाभ-हानि के पुराने अनुपात में

B.

लाभ-हानि के नए अनुपात में

C.

पूँजी के अनुपात में

D.

पुराने साझेदारों द्वारा त्याग किये गए अनुपात में

Right Answer is: D

SOLUTION

क्योकि पुराने साझेदारों द्वारा किये गए त्याग के प्रतिफल में उनको ख्याति मिलती है,जिसको वो त्याग के अनुपात में ही बाँटेंगे ।


Q. 163627 एक्स तथा वाई साझेदार हैं जो 2:1 के अनुपात में लाभ बाँटते हैं, वे जेड को 1/ 4 भाग के लिए फर्म में साझेदार बनाते हैं। वह फर्म में रु 20,000 की पूँजी लाता है। एक्स तथा वाई की समायोजित पूँजी होगी।


A.

रु 40,000 , रु 20,000 क्रमशः

B.

रु 32,000, तथा रु 16,000 क्रमशः

C.

रु 60,000 तथा रु0 30,000 क्रमशः

D.

रु 12,000 तथा रु 17,000 क्रमशः

Right Answer is: A

SOLUTION

कभी-कभी साझेदारों में यह समझौता हो जाता है कि उनकी पूँजी का वही अनुपात होगा, जिस अनुपात में वे लाभ-हानि बाँटते हैं। यदि एक्स तथा वाई 3:2  अनुपात में लाभ-हानि बाँटते हैं तो एक्स  और वाई की पूँजी का अनुपात भी 3:2 होना चाहिए। यदि एक्स की पूँजी रु 30,000 है तो वाई की पूँजी रु 20,000 होनी चाहिए।


Q. 163628 नये साझेदार के प्रवेश पर यह तय हुआ कि कुछ सम्पत्तियों एवं दायित्वों का मूल्य परिवर्तित किया जाए। इस हेतु तैयार किया जाने वाला आवश्यक खाता बताइए


A.

स्मरणार्थ पुनर्मूल्यांकन खाता

B.

पुनर्मूल्यांकन खाता

C.

वसूली खाता

D.

रोकड़ खाता

Right Answer is: B

SOLUTION

नया साझेदार फर्म में प्रवेश करने की तिथि से पूर्व की सम्पत्तियों एवं दायित्वों के मूल्य में परिवर्तन के कारण हानि के लिए न तो उत्तरदायी होता है और न ही उनमें उत्पन्न लाभों में भागीदार हो सकता है। ऐसी स्थिति में नये साझेदार के प्रवेश करने की तिथि पर सम्पत्तियों का पुनर्मूल्यांकन एवं दायित्वों का पुनर्निर्धारण करना तथा उन्हें पुस्तकों में वास्तविक मूल्य पर दिखलाना पुराने तथा नये साझेदारों के हित में होता है।


Q. 163629 समस्त संचित हानियों को साझेदारों के पूँजी खातों में हस्तांतरित करते हैं


A.

नए लाभ-हानि विभाजन अनुपात में

B.

पुराने लाभ-हानि विभाजन अनुपात में

C.

त्याग के अनुपात में

D.

ख्याति के अनुपात में

Right Answer is: B

SOLUTION

Reserves and accumulated Profits/Loss पुराने साझेदारों में लाभ-विभाजन के अनुपात में अवश्य बाँटे जाएँगे, चाहे प्रश्न में कोई संकेत न हो।


Q. 163630 यदि ए और बी जो लाभ को 2/3 व 1/3 के अनुपात में बाँटते हैं, सी को 1/ 4 हिस्से में शामिल करते हैं तो लाभ-विभाजन का नया अनुपात होगा


A.

ए 1/2, बी 1/ 4, सी 1/4

B.

ए 1/3, बी 1/3, सी 1/3

C.

3/8, बी 3/8, सी 3/8

D.

2/1, बी 2/2, सी 2/3

Right Answer is: B

SOLUTION

जब नया साझेदार अपने भाग को पुराने साझेदारों से पुराने लाभ-विभाजन के अनुपात में प्राप्त करता है, इस स्थिति में नये साझेदार के लाभ का भाग दिया होता है तथा यह माना जाता है कि पुराने  साझेदार शेष लाभ को अपने पुराने लाभ-विभाजन अनुपात में बाँटेगे। पुराने साझेदारों को आपस के अनुपात में कोई परिवर्तन नहीं होगा।


Q. 163631 जब नया साझेदार ख्याति की राशि रोकड़ में लाता है तो बहियों मे उस राशि को डेबिट में लिखा जाता है


A.

ख्याति खाते में

B.

नए हिस्सेदार के पूँजी खाते में

C.

उपर्युक्त में से कोई नहीं

D.

रोकड़ खाते में

Right Answer is: D

SOLUTION

इस स्थिति में ख्याति की राशि पुराने साझेदारों के पूँजी अथवा चालू खातों में त्याग अनुपात में बाँट दी जाएगी।


Q. 163632 यदि ए और बी जो लाभ को 3:2 के अनुपात में बाँटते हैं, सी को भविष्य के लाभ में से 1/5 हिस्से में शामिल करते हैं (स्पष्ट अनुबन्ध नहीं हो कि सी का हिस्सा कौन देगा) तो यह गर्भित है कि


A.

ए और बी बराबर-बराबर देंगे।

B.

ए और बी अपने लाभ-विभाजन अनुपात में देंगे।

C.

ए और बी अपनी पूँजी के अनुपात में देंगे।

D.

उपर्युक्त में कोई नहीं।

Right Answer is: B

SOLUTION

जब नया साझेदार अपने भाग को पुराने साझेदारों से पुराने लाभ-विभाजन के अनुपात में प्राप्त करता है, इस स्थिति में नये साझेदार के लाभ का भाग दिया होता है तथा यह माना जाता है कि पुराने  साझेदार शेष लाभ को अपने पुराने लाभ-विभाजन अनुपात में बाँटेगे। पुराने साझेदारों को आपस के अनुपात में कोई परिवर्तन नहीं होगा।


Q. 163633 पूँजीकरण विधि मे ख्याति ज्ञात करने का फार्मूला है


A.

अधिलाभ को लाभ दर से गुणा

B.

औसत लाभ को लाभ दर से गुणा

C.

अधिलाभ को लाभ दर से भाग

D.

औसत लाभ को लाभ दर से भाग

Right Answer is: C

SOLUTION

इस विधि में सर्वप्रथम हम औसत लाभ ज्ञात करते हैं और फिर यह ज्ञात करते हैं कि सामान्य प्रतिफल की दर से इन औसत लाभों को अर्जित करने के लिए कितनी पूँजी की आवश्यकता होगी। ऐसी पूँजीं को औसत लाभों का पूँजीकृत मूल्य भी कहा जाता है।


Q. 163634 समापन के समय दर्शाए गये रोकड़ और बैंक शेषों को किस खाते में लिखा जाता है?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

समापन के समय दर्शाए गए रोकड़ और बैंक शेषों को, खोले गए नए रोकड़ या बैंक खाते लिखा में जाता है।


Q. 163635 वसूली खाते से आप क्या समझते हैं ?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

वसूली खाता एक नाममात्र(प्रकृति) का खाता है । तथा फर्म के समापन पर बनाया जाता है 


Q. 163636 समापन की दशा में संचयों और संचित लाभों का क्या किया जाता है ?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

संचय और संचित लाभों को साझेदारों के पूँजी खातों के क्रेडिट में हस्तांतरित करते हैं


Q. 163637 समापन की दशा में देनदारों का लेखा किस प्रकार किया जाता है ?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

देनदारों को उनके सकल मूल्य पर (देनदारों पर प्रावधान एवं संचय सहित) वसूली खाते के डेबिट में हस्तांतरित किया जाता है ।


Q. 163638 फर्म के समापन पर रु 16,000 की मशीन की बिक्री से 3/4 राशि वसूल हुई। वसूली की प्रविष्टि कीजिए।
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION


Description: Description: Description: /stryde/uploadfiles/Image/2013/04/29/201304293702290013672199934.jpg


Q. 163639 फर्म के समापन से क्या आशय है ?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

साझेदारी फर्म के समापन से आशय, सभी साझेदारों के आपसी साझेदारी सम्बन्ध का विच्छेद होने के साथ साझेदारी व्यवसाय का बन्द होना है ।


Q. 163640 साझेदारी फर्म के समापन पर बैंक या रोकड़ शेष को वसूली खाते में हस्तांतरित क्यों नहीं किया जाता?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

चूँकि बैंक या रोकड़ शेष स्वंय तरल रुप में होते हैं, उनका नकदीकरण नहीं करना होता, अतः उन्हें वसूली खाते में हस्तांतरित नहीं किया जाता।


Q. 163641 वसूली खाते की प्रकृति बताइए।
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

वसूली खाता एक नाममात्र खाता है।


Q. 163642 वसूली खाता क्यों बनाया जाता है?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

फर्म के समापन पर सम्पत्तियों के विक्रय तथा दायित्वों के भुगतान से होने वाले लाभ-हानि को ज्ञात करने के लिए वसूली खाता बनाया जाता है।


Q. 163643 क्या आपकी दृष्टि से फर्म के समापन पर साझेदारी का समापन आवश्यक है?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

फर्म के समापन पर साझेदारी का समापन आवश्यक है।


Q. 163644 क्या यह कहना उचित है कि साझेदारी के समापन पर फर्म का व्यवसाय बन्द हो जाता है?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

साझेदारी के समापन पर नहीं बल्कि फर्म के समापन पर व्यवसाय बन्द हो जाता है।


Q. 163645 किसी साझेदार की पत्नी द्वारा फर्म को दिए गए ऋण का लेखा किस प्रकार किया जाता है ?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

जब किसी भी साझेदार की पत्नी फर्म को कोई भी ऋण देती है तो हम इसका लेखा एक बाहरी दायित्व की तरह करते है साझेदार की पत्नी के ऋण का भुगतान वसूली खाते में हस्तांतरण करके किया जायेगा


Q. 163646 साझेदार द्वारा फर्म को दिए गए ऋण का लेखा किस प्रकार किया जाता है ?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

साझेदार द्वारा फर्म को दिए गए ऋण को वसूली खाते में हस्तांतरित नहीं करते हैं । इसका भुगतान सीधे ही रोकड़ या बैंक खाते के क्रेडिट में लेखा करके कर दिया जाता है ।


Q. 163647 समापन की दशा में कौन-कौन से खाते बनाये जाते हैं और क्यों ?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

विघटन सम्बन्धी लेखे-
1. वसूली
 खाता बनाना (संपत्तियों एवं दायित्वों के निपटारे पर होने वाले लाभ-हानि का निर्धारण करने के लिए  
2. पूँजी
 खाते बनाना (साझेदारों की पूँजी का निपटारा करने के लिए) । 
3. रोकड़
 खाता/बैंक खाता बनाना (आने और जाने वाले नकद व्यवहारों का लेखा रखने के लिए)।


Q. 163648 किन मदों को वसूली खाते में हस्तांतरित नहीं किया जाता है ।
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

i. रोकड़ एवं बैंक शेष 
ii. कृत्रिम सम्पत्तियाँ
iii. लाभ-हानि खाते का डेबिट शेष
iv. साझेदारों के ऋण और पूँजी
v. संचय
vi. ऐसे आयोजन  जिनके सम्बन्ध में कोई दायित्व नहीं है


Q. 163649 गंगा और जमुना 2:5 के अनुपात में लाभ-हानि बाँटती हुई क्रमशः 1,00,000 रू. व 2,00,000 रू. की पूँजी से साझेदार है। सामान्य संचय खाते का शेष 21,000 रू. है। फर्म के समापन के समय सामान्य संचय खाते को बंद करने के लिए जर्नल प्रविष्टि दीजिए।
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION


Description: Description: /stryde/uploadfiles/Image/2013/04/25/201304257081820013668863674.jpg


Q. 163650 साझेदारी के समापन और फर्म के समापन में क्या अंतर है ?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

साझेदारी का समापन

फर्म का समापन

1. विद्यमान साझेदारी समझौते में परिवर्तन।

1. सभी साझेदारों के बीच साझेदारी का टूटना ।

2. फर्म का व्यवसाय जारी रहता है।

2. फर्म का व्यवसाय बन्द हो जाता है।

3. यह आपसी समझौते पर आधारित है।

3. जबकि फर्म का समापन न्यायालय के आदेशानुसार भी हो सकता है ।


Q. 163651 पुनर्मूल्यांकन खाता और वसूली खाता में क्या अंतर है ?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

पुनर्मूल्यांकन खाता

वसूली खाता

1. साझेदार के प्रवेश, अवकाश अथवा म्रत्यु की दशा में यह खाता बनाया जाता है।

1. जबकि यह साझेदारी फर्म के समापन की दशा में ही बनाया जाता है।

2. इसका उद्देश्य संपत्तियों और दायित्वों के पुनर्मूल्यांकन के परिणामस्वरूप होने वाले लाभ और हानि का निर्धारण करना है।

2. जबकि इसमें संपत्तियों और दायित्वों के निपटारा के परिणामस्वरूप होने वाले लाभ-हानि का निर्धारण करना है।

3. सिर्फ पुस्तक मूल्य में हुये परिवर्तन को लिखा जाता है

 

3. जबकि इसमें कुल पुस्तक मूल्य और वसूली मूल्य को लिखा जाता है


Q. 163652 वसूली खाते का प्रारूप बनाइए।
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

वसूली खाता

 

विवरण

रु

विवरण

रु

सभी परिसम्पत्तियां खाता

 

सभी बाह्य दायित्व खाता

 

(पुस्तक मूल्य)

 

(पुस्तक मूल्य)

 

(रोकड़ एवं बैंक के अतिरिक्त)

 

रोकड़/बैंक खाता

 

रोकड़/बैंक खाता

 

(विभिन्न परिसम्पत्तियों के विक्रय

 

(बाह्य दायित्वों के भुगतान पर)

 

से वसूल राशि)।

 

साझेदार का पूंजी खाता

 

साझेदार का पूंजी खाता

 

(साझेदार द्वारा दायित्व का

 

(यदि परिसम्पत्ति साझेदार द्वारा

 

भुगतान करने पर)

 

ली गई)

 

रोकड़/बैंक खाता

 

साझेदार का पूंजी खाता

 

(वसूली पर व्यय)

 

(वसूली पर हानि का हस्तांतरण)

 

साझेदार का पूंजी खाता

 

 

 

(वसूली व्यय का भुगतान साझेदार

 

 

 

द्वारा करने पर)

 

 

 

साझेदार का पूंजी खाता

 

 

 

(वसूली पर लाभ का हस्तांतरण)

 

 

 


Q. 163653 गैर-अभिलेखित परिसम्पत्तियों एवं दायित्वों से क्या समझतें हैं।
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

कभी-कभी कुछ परिसम्पत्तियां एसी भी होती हैं जिनका पूर्णतया पिछले वर्षो में अपलिखित किया जा चुका है अतः उनको स्थिति विवरण में नहीं दिखाया जाता है लेकिन प्रत्यक्ष मे वे परिचालन के लिए विद्यमान हैं। उदाहरण के लिए, एक पुराना कम्प्यूटर है जो कि अभी भी कार्य करने की स्थिति में है लेकन इसका बहियों में मूल्य शून्य है। इसी प्रकार कुछ दायित्व ऐसे  होते हैं जिनको स्थिति विवरण में नहीं दिखाया गया है लेकिन ये अभी तक विद्यमान हैं। उदाहरण के लिए बैंक से भुनाए गए विपत्र, जिनका निरादरण हो जाता है लेकिन समापन पर फर्म द्वारा भुगतान के उद्देश्य से ले लिए जाते हैं।


Q. 163654 अग्रिम याचनाएँ अर्थात


A.

अभी अचुकता बकाया।

B.

अंशधारियों को देय राशि की एक मांग करना।

C.

अभी तक न मांगी गई राशि का अंशधारी द्वारा भुगतान।

D.

कम्पनी द्वारा पहले से मांगी गई राशि का अंशधारी द्वारा भुगतान।

Right Answer is: C

SOLUTION

अग्रिम याचना अर्थात अंशधारी द्वारा अग्रिम में चुकता ऐसी मांग जिसे कम्पनी द्वारा अभी तक नहीं मांगा गया है।


Q. 163655 कम्पनी द्वारा अंशधारियों से सम्पूर्ण राशि मांग लेनी चाहिए


A.

3 वर्षों के भीतर।

B.

1 वर्ष के भीतर।

C.

6 माह के भीतर।

D.

120 दिनों के भीतर।

Right Answer is: B

SOLUTION

सेबी के दिशानिर्देशों के अनुसार, एक कम्पनी को आवेदन की तिथि से 12 माह के भीतर सम्पूर्ण राशि मांग लेनी होती है।


Q. 163656 अंशों का हरण अर्थात


A.

अंशों की पुनर्खरीद।

B.

मांग राशि के गैर-भुगतान के कारण कम्पनी अंशों को वापस ले लेती है।

C.

अंशों को आवेदनों के अनुसार आवंटित नहीं किया गया।

D.

अंशधारियों के गलत व्यवहार के कारण कम्पनी अंशों को वापस ले लेती है।

Right Answer is: B

SOLUTION

अंशों का हरण अर्थात अंशों पर बकाया राशि के भुगतान नहीं होने पर कम्पनी द्वारा उन्हें वापस ले लेना।


Q. 163657 कम्पनी द्वारा प्रतिभूति संचय प्रीमियम खाते का उपयोग किया जाता है


A.

स्थायी सम्पत्तियों के विक्रय पर किसी भी प्रकार की हानि को समाप्त करने के लिए।

B.

ऋणपत्रों पर ब्याज के भुगतान के लिए।

C.

पूँजीगत व्ययों को समाप्त करने के लिए।

D.

लाभांश के भुगतान के लिए।

Right Answer is: C

SOLUTION

कम्पनी द्वारा प्रतिभूति संचय प्रीमियम खाते का उपयोग ऋणपत्रों के निर्गमन पर बट्टे तथा अंशों या ऋणपत्रों के शोधन पर प्रतिभूति प्रीमियम आदि जैसे पूँजीगत व्ययों को समाप्त करने के लिए किया जाता है।


Q. 163658 अंशों के निर्गमन पर प्राप्त राशि को चिट्ठे के किस शीर्षक के तहत दिखाया जाता है?


A.

सम्पत्ति -- चालू सम्पत्तियाँ -- बैक रोकड़

B.

सम्पत्ति -- चालू सम्पत्तियाँ -- रोकड़ एवं रोकड़ समतुल्य

C.

सम्पत्ति -- रोकड़ एवं रोकड़ समतुल्यँ -- बैक रोकड़

D.

सम्पत्ति -- अन्य चालू सम्पत्तियाँ -- रोकड़ एवं रोकड़ समतुल्य

Right Answer is: B

SOLUTION

चिट्ठे में इस राशि को सम्पत्ति -- चालू सम्पत्तियाँ -- रोकड़ एवं रोकड़ समतुल्य के रूप में दिखाया जाता है। हालांकि लेखा नोट में रोकड़ एवं रोकड़ समतुल्य का विवरण दिया जाता है।


Q. 163659 अंशों के हरण की स्थिति में, अंश हरण खाते को क्रेडिट किया जाता है


A.

हरण किये गये अंशों पर मांगी गई पूँजी से।

B.

हरण किये गये अंशों पर बकाया याचना से।

C.

हरण किये गये अंशों पर प्राप्त राशि से।

D.

दिये गये बट्टे से।

Right Answer is: C

SOLUTION

अंशों के हरण के समय अंश हरण खाते को हरण किये गये अंशों पर प्राप्त राशि से क्रेडिट किया जाता है।


Q. 163660 अंशधारी कम्पनी से प्राप्त करते हैं


A.

ब्याज।

B.

लाभांश।

C.

लाभ।

D.

कमीशन।

Right Answer is: B

SOLUTION

अंशधारी कम्पनी से लाभांश प्राप्त करते हैं। लाभांश की दर कम्पनी के लाभों पर निर्भर करती है।


Q. 163661 हरण किये गये अंशों का पूनर्निगमन प्रीमियम पर किया गया, प्रीमियम की राशि को क्रेडिट किया जायेगा।


A.

अंश हरण खाते में।

B.

प्रतिभूति प्रीमियम संचय खाते में।

C.

पूँजी संचय खाते में।

D.

अंशों के निर्गमन पर बट्टे खाते में।

Right Answer is: B

SOLUTION

हरण किये गये अंशों का पूनर्निगमन प्रीमियम पर किया गया, प्रीमियम की राशि को प्रतिभूति प्रीमियम संचय खाते में क्रेडिट किया जायेगा।


Q. 163662 समता अंशों को निर्गमित नहीं किया जा सकता है


A.

नकद प्राप्तियों के लिए।

B.

सम्पत्तियों की खरीद के लिए।

C.

ऋणपत्रों के शोधन के लिए।

D.

लाभांश वितरण के लिए।

Right Answer is: D

SOLUTION

अंशों के निर्गमन से प्राप्तियाँ पूँजीगत प्राप्तियाँ होती हैं तथा इसे लाभांश के भुगतान के लिए उपयोग में नहीं लिया जा सकता है।


Q. 163663 कम्पनी के प्रवर्तन के लिए किये गये व्ययों को डेबिट किया जाता है


A.

अंशों के निर्गमन खाते में।

B.

निगमन व्यय खाते में।

C.

प्रवर्तकों के खाते में।

D.

समता अंश पूँजी खाते में।

Right Answer is: B

SOLUTION

कम्पनी के प्रवर्तन के लिए किये गये व्ययों को कंही भी नहीं दिखाया जाता है इसे निगमन लागत या निगमन व्यय खाते में दिखाया जा सकता है।


Q. 163664 कम्पनी में प्रत्येक अंशधारी का दायित्व उसे आबंटित अंशो के........ तक सीमित होता है


A.

चुकता मूल्य

B.

याचित मूल्य

C.

अंकित मूल्य

D.

सुरक्षित मूल्य

Right Answer is: C

SOLUTION

कम्पनी के अंशधारी का दायित्व उसके अंशों के अदत्त मूल्य तक ही सीमित होता है। उदाहरण के लिए, यदि किसी कम्पनी के एस अंश का अंकित मूल्य 10 रु है और यदि किसी अंशधारी ने पहले ही 8 रु चुका दिए हैं तो उससे 2 रु प्रति अंश से अधिक नहीं मँगाए जा सकते।


Q. 163665 अंशों के हरण (जब्त) से क्या अभिप्राय है
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

अंशों के हरण से आशय है कि आबंटन को रद्द करना तथा ऐसे अंशों पर प्राप्त राशि को जब्त किया हुआ समझना।


Q. 163666 प्रतिभूति प्रीमियम का क्या तात्पर्य है
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

अंशो या ऋणपत्रों के अंकित मूल्य से निर्गमन मूल्य का आधिक्य, प्रतिभूति प्रीमियम कहलाता है।


Q. 163667 अंशों को सम-मूल्य पर निर्गमन से क्या आशय है
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

जब अंशों का निर्गमन उनके अंकित मूल्य पर ही किया जाए जैसे रु 10 वाला अंश रु 10 में ही निर्गमित किया जाए तो यह अंशों का सम-मूल्य पर निर्गमन है।


Q. 163668 नकदी के अतिरिक्त प्रतिफल में अंशों के निर्गमन का क्या आशय है
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

सम्पत्ति के विक्रेता को क्रय प्रतिफल का भुगतान करने के लिए अथवा कम्पनी के प्रवर्तकों को उनकी सेवाओं के लिए कम्पनी द्वारा अंशों का सम-मूल्य पर निर्गमन है।


Q. 163669 माँग की बकाया राशि या अदत्त माँगे क्या है
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

आबंटित अंशो पर आबंटन, प्रथम याचना, द्वितीय याचना आदि किस्तों की राशि को माँगा जाता है। जिन किस्तों पर कुछ अंशों की राशि प्राप्त नहीं  होती है उन्हें बकाया याचना या अदत्त माँग कहते हैं।


Q. 163670 माँगी गई पूँजी का अर्थ दीजिए।
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

कम्पनी द्वारा अंशधारियों से निर्गमित अंशो पर जितनी राशि माँगी जाती है उसे माँगी गई पूँजी कहते हैं।


Q. 163671 अंशों के अधि-अभिदान से क्या आशय है
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

प्रायः लोकप्रिय कम्पनियों में जितने अंशों के लिए आवेदन-पत्र आमंत्रित किए जाते हैं उनसे अधिक के लिए आवेदन पत्र आ जाते हैं। इस स्थिति को अधि-अभिदान कहते हैं।


Q. 163672 एक कम्पनी की अधिकृत पूँजी का क्या अर्थ है
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

अधिकृत पूँजी- यह कम्पनी की अधिकतम पूँजी होती है, जिससे अधिक अंश कम्पनी अपने जीवन में निर्गमित नहीं कर सकती। इस पूँजी का उल्लेख पार्षद-सीमा नियम में होता है।


Q. 163673 प्रारम्भिक व्यय क्या होते हैं।
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

कम्पनी के समामेलन के सम्बन्ध में किए गए व्यय, प्रारम्भिक व्यय कहलाते हैं।


Q. 163674 साझेदारी फर्म का समापन हो जाता है


A.

किसी साझेदार द्वारा लिखित सूचना देने पर

B.

किसी साझेदार की मृत्यु या दिवालिया हो जाने पर

C.

फर्म का व्यापार अवैध हो जाने पर

D.

उपर्युक्त में से कोई भी एक

Right Answer is: D

SOLUTION

निम्नलिखित परिस्थितियों में साझेदारी फर्म का समापन या अन्त हो सकता हैः (1) समझौते द्वारा समापन (2) अनिवार्य समापन (3) आकस्मिक घटनाओं के घटने पर समापन (4) सूचना द्वारा समापन (5) न्यायालय द्वारा समापन


Q. 163675 अन्नु, बीना और चरण साझेदार हैं। फर्म ने बीना को 20,000 रु का ऋण दिया हुआ है। समापन पर ऋण को चुकता किया जाएगा।


A.

वसूली खाते के डेबिट पक्ष को हस्तांतरित किया जाएगा

B.

वसूली खाते के क्रेडिट पक्ष को हस्तांतरित किया जाएगा

C.

बीना के पूँजी खाते के डेबिट पक्ष को हस्तांतरित किया जाएगा

D.

बीना अनु और चरण को घ्यक्तिगत भुगतान कर रही है

Right Answer is: C

SOLUTION

फर्म बीना के ऋण का भुगतान उसके पूँजी खाते के डेबिट पक्ष में हस्तांतरित करके करेगी


Q. 163676 एक फर्म के विघटन के समय साझेदारों के पूँजी खातों का शेष 63,000 ऱु, लेनदारों का शेष 12,000 रु तथा लाभ-हानि खाते का डेबिट शेष 6,000 रु था। सम्पत्तियों की वसूली पर 7,800 रु का लाभ हुआ। सम्पत्तियों से कुल कितनी राशि वसूल हूई


A.

रु 81,000

B.

रु 71,000

C.

रु 64,700

D.

रु 62,900

Right Answer is: C

SOLUTION

(63,000 + 12,000) – 6000 + 7,800 = 64,700


Q. 163677 एक फर्म के विघटन के समय फर्म के चिट्ठे का योग 77,000 रु है। चिट्ठे के सम्पत्ति पक्ष में प्रारम्भिक व्यय प्रारम्भिक व्यय 2,000 रु तथा लाभ-हानि खाते का (डेबिट) शेष 4,000 रु एवं रोकड़ बाकी 1,800 रु लिखी गई है। वसूली पर हानि 6,300 रु हुई। रोकड़ सहित सारी सम्पत्तियोँ में कुल वसूली होगी।


A.

रु 69,200

B.

रु 71,000

C.

रु 64,700

D.

रु 62,900

Right Answer is: C

SOLUTION

77,000 – 2,000 – 4,000 – 6,300 = 64,700


Q. 163678 एक्स, वाई तथा जैड एक फर्म मे 4:3:2 के अनुपात में साझेदार हैं। फर्म के समापन के समय फर्म की कुल सम्पत्तियाँ 70,000 रु है। लेनदार 15,000 रु है। समापन व्यय 2,100 रु है। सम्पत्तियों से 15 प्रतिशत अधिक वसूल हुआ। लेनदारों को 2 प्रतिशत अधिक भुगतान किया गया। वसूली पर लाभ/हानि के लिए वाई का पूँजी खाता डेबिट/क्रेडिट खाता होग।


A.

क्रेडिट रु 1,800

B.

क्रेडिट रु 2,700

C.

डेबिट रु 2,700

D.

डेबिट रु 2,400

Right Answer is: B

SOLUTION

10,500 – 300 – 2100 = 8,100 x 3/9 = 2,700


Q. 163679 फर्म के समापन के समय चिट्ठे मे 17,000 रु के देनदार दिखाए गए हैं। इनमें से 2,000 रु के देनदार अप्राप्त हो गए। एक देनदार दिवालिया हो गया। उससे 5,000 रु में से 70 प्रतिशत वसूल हो सका। शेष देनदारों से पूरी राशि वसूल हो गयी। इस मद के कारण वसूली खाते में हानि होगी


A.

रु 5,100

B.

रु 1,500

C.

रु 3,500

D.

रु 2,000

Right Answer is: C

SOLUTION

5000 x 70% = 3,500


Q. 163680 स्थिति विवरण में कुल देनदार 50,000 रु हों, सदिग्ध ऋण आयोजन 1,500 रु हों तो समापन पर देनदारों से कितनी राशि प्राप्त होगी यदि डूबत ऋण 10,000 रु हो जाएँ और शेष देनदारों से 5% कटौती पर रुपया प्राप्त हो


A.

रु 38,000

B.

रु 36,500

C.

रु 36,575

D.

रु 39,500

Right Answer is: A

SOLUTION

50,000 – 10,000 = 40,000 40,000 – 2,000 (40,000 का 5%)  = 38,000


Q. 163681 फर्म के समापन पर साझेदार द्वारा स्वेच्छा से अपनी निजी सम्पत्ति फर्म के लेनदार को भुगतान स्वरुप दिए जाने पर क्रेडिट होगा


A.

वसूली खाता

B.

साझेदारों का पूंजी खाता

C.

रोकड़ खाता

D.

उपरोक्त सभी

Right Answer is: B

SOLUTION

साझेदार के पूंजी खाते को क्रेडिट किया जाएगा क्योकि वह अपनी निजी सम्पत्ति फर्म के लेनदार को भुगतान स्वरुप देता है


Q. 163682 साझेदार के मध्य वर्तमान ठहराव में परिवर्तन कहलाता है


A.

फर्म का समापन

B.

साझेदारी का समापन

C.

व्यवसाय का समापन

D.

उपरोक्त सभी

Right Answer is: B

SOLUTION

इससे आशय साझेदारों के मध्य वर्तमान ठहराव में परिवर्तन से है।


Q. 163683 साझेदारी फर्म के समापन के समय कृत्रिम सम्पत्तियोँ को हस्तांतरित किया जाता है


A.

साझेदारों के पूँजी खाते में

B.

वसूली खाते में

C.

रोकड़ खाते में

D.

साझेदारों के ऋण खाते में

Right Answer is: A

SOLUTION

वेवल वास्तविक सम्पत्तियाँ, जो बिक सकती है, वसूली खाते में हस्तांतरित की जाती हैं। यदि सम्पत्ति पक्ष में कृत्रिम सम्पत्तियाँ जैसे कि लाभ-हानि खाते का डेबिट शेष, स्थगित खर्चे जैसे, Advertisement Suspense A/c  आदि हैं तो इन्हें हस्तांतरित नहीं किया जाता है क्योंकि इनके बदले नकद धनराशि प्राप्त नहीं हो सकती अर्थात ये बिक नहीं सकते।


Q. 163684 समापन पर ख्याति खाता हस्तांतरित किया जाता है


A.

साझेदारों के पूँजी खाते में

B.

रोकड़ खाते के क्रेडिट में

C.

वसूली खाते के डेबिट में

D.

वसूली खाते के क्रेडिट में

Right Answer is: C

SOLUTION

ख्याति यदि सम्पत्तियों में दी हूई हो तो इसे भी अन्य सम्पत्तियों की तरह वसूली खाते के डेबिट में हस्तांतरित कर दिया जाता है।


Q. 163685 एक साझेदारी फर्म का अनिवार्य रुप से विघटन हो जाता है


A.

जबकि फर्म का व्यवसाय अवैध घोषित हो जाता है

B.

जब फर्म का एक साझेदार मर जाता है

C.

जम फर्म का एक साझेदार दिवालिया हो जाता है

D.

जम एक साझेदार अन्य साझेदारों की सहमति के बिना अपना अंश किसी अन्य व्यक्ति को हस्तांतरित कर देता है

Right Answer is: A

SOLUTION

निम्न दशाओं में एक फर्म का अनिवार्य समापन हो जाता हैः (1) जब फर्म के सभी साझेदार या एक साझेदार को छोड़कर शेष सभी साझेदार दिवालिया हो जाते हैं। (2) जब फर्म का व्यवसाय अवैधानिक हो जाता है।


Q. 163686 फर्म के समापन पर भुगतान किए गए अलिखित दायित्व को डेबिट किया जाता है


A.

साझेदारों के पूँजी खाते

B.

वसूली खाता

C.

दायित्व खाता

D.

सम्पत्ति खाता

Right Answer is: B

SOLUTION

केवल तीसरे पक्ष को देय दायित्व ही वसूली खाते में हस्तांतरित किए जाते हैं। जैसे लेनदार, देय बिल, बाह्य ऋण, भविष्य निधि, अदत्त व्यय, साझेदार की पत्नी का ऋण आदि।


Q. 163687 समापन की दशा में यदि कोई साझेदार फर्म का कोई दायित्व ग्रहण करता है तो........ डेबिट किया जाता है


A.

लाभ-हानि खाता

B.

वसूली खाता

C.

साझेदार का पूँजी खाता

D.

रोकड़ खाता

Right Answer is: B

SOLUTION

यदि कोई साझेदार फर्म के समापन पर फर्म की किसु सम्पत्ति को लेता है तो इसके लिए उस साझेदार के पूँजी खाते को डेबिट तथा वसूली खाते को क्रेडिट किया जाता है।


Q. 163688 साझेदारी फर्म का समापन किस दशा में माना जाता है ?


A.

साझेदार का प्रवेश होने पर

B.

किसी साझेदार के अवकाश ग्रहण करने पर

C.

साझेदारी की अवधि समाप्त होने पर

D.

साझेदारी में हानि होने पर

Right Answer is: C

SOLUTION

साझेदारी फर्म के समापन का  अर्थ है कि फर्म अपना व्यवसाय बन्द कर देती है और फर्म की समाप्ती हो जाती है। फर्म के समापन की दशा में लेखा पुस्तकें बन्द करनी पड़ती हैं। अतः फर्म के समापन पर साझेदारी का समापन भी अनिवार्य है।


Q. 163689 समापन की दशा में लाभ-हानि के डेबिट शेष को हस्तांतरित किया जाता है


A. वसूली खाते में।

B. साझेदारों के पूँजी खाते में।

C. बैंक खाते में।

D. लाभ-हानि खाते में

Right Answer is: B

SOLUTION

क्योंकि लाभ-हानि का डेबिट शेष एक कृत्रिम सम्पत्ति है । तथा सभी कृत्रिम सम्पत्तियों को साझेदारों के पूँजी खातों के डेबिट में सीधा हस्तांतरित किया  जाता है ।


Q. 163690 साझेदारी फर्म के विघटन की दशा में सबसे पहले कौन सा खाता बनाया जाता है ?


A. पुनर्मूल्यांकन खाता

B. वसूली खाता

C. बैंक खाता

D. पूँजी खाता

Right Answer is: B

SOLUTION

क्योंकि सबसे पहले सम्पत्तियों और दायित्वों खातों को हम बंद करते हैं , जो की वसूली खाते के द्वारा किया जाता है ।


Q. 163691 समापन के समय 'अशोध्य देनदार आयोजन' खाते के शेष को किस खाते में हस्तांतरित किया जाता है ?


A. साझेदारों के पूँजी खाते में

B. देनदारों के खाते में

C. वसूली खाते में

D. डूबत ऋण खाते में

Right Answer is: C

SOLUTION

क्योंकि सभी सम्पत्तियों को पुस्तक मूल्य पर वसूली खाते में हस्तांतरित किया जाता है । इसलिए उन सम्पत्तियों से सम्बंधित आयोजनों को भी हम वसूली खाते में हस्तांतरित करते हैं ।


Q. 163692 सम्पत्तियों की बिक्री से मिली राशि का उपयोग सबसे पहले किया जायेगा-


A. लेनदारों के भुगतान के लिए

B. साझेदारों के ऋण भुगतान के लिए।

C. साझेदारों की पूँजी भुगतान के लिए।

D. साझेदारों के वेतन भुगतान के लिए।

Right Answer is: A

SOLUTION

क्योंकि नियमानुसार, वसूल हुई राशि से सबसे पहले भुगतान बाहरी लेनदारों को किया जाता है ।


Q. 163693 वसूली खाता है-


A. प्रतिनिधि व्यक्तिगत खाता।

B. व्यक्तिगत खाता।

C. वास्तविक खाता।

D. नाममात्र खाता

Right Answer is: D

SOLUTION

क्योंकि यह समापन पर हुई लाभ-हानि को जानने के लिए बनाया जाता है ।


Q. 163694 सेवानिवृत/मृत साझेदार के उत्तराधिकारी फर्म की ख्याति में हिससा पाने के अधिकारी क्यों होते हैं
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

सेवानिवृत/मृत साझेदार के उत्तराधिकारी फर्म की ख्याति में हिस्सा पाने के अधिकारी इसलिए हैं क्योंकि फर्म द्वारा अर्जित ख्याति सभी साझेदारों के भूत में किये प्रयासों का प्रतिफल है। सेवानिवत/मृत साझेदार फर्म को छोडकर जा रहा है, अतः उन्हें फर्म की ख्याति में हिस्सा पाने का अधिकार है।


Q. 163695 साझेदार के अवकाश ग्रहण करने पर ख्याति के लेखांकन की आवश्यकता बताइए।
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

किसी साझेदार के फर्म से अवकाश ग्रहण करने पर उसे देय ख्याति की राशि शेष बचे साझेदारों में लाभ-प्राप्ति अनुपात में वहन करेंगे। अतः ख्याति का समायोजन करने के लिए साझेदार के अवकाश ग्रहण करने पर फर्म की पुस्तकों में ख्याति का लेखा आवश्यक है।


Q. 163696 किसी साझेदार के अवकाश ग्रहण करने पर, वह स्थिति बताइए जब लाभ-प्राप्ति अनुपात की गणना करने की आवश्यकता नही होती।
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

जब शेष साझेदार उसी अनुपात में भविष्य में लाभ-हानि को बॉटने के लिए सहमत हो जाते हैं जो उनके मध्य अवकाश-ग्रहण से पूर्व था। इस स्थिति में लाभ-प्राप्ति अनुपात ज्ञात करने की आवश्यकता नहीं होती।


Q. 163697 लाभ-प्राप्ति अनुपात क्या है ?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

वह अनुपात जो किसी साझेदार के अवकाश ग्रहण करने या मृत्यु पर बचे हुए साझेदारों को प्राप्त होता है। लाभ-प्राप्ति अनुपात कहलाता है।


Q. 163698 साझेदार की मृत्यु की तिथि तक, समय को आधार मानते हुए लाभ की गणना करते हुए एक उदाहरण दॆ।
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

माना पिछले वर्ष कुल लाभ रु 1,25,000 है एवं साझेदार की पिछले वर्ष की समाप्ति के तीन महीने बाद मृत्यु हुई है तो तीन महीने का लाभ रु 31,250 होगा (रु 1,25,000 x 3/12) यदि मृतक साझेदार का लाभ में 2/10 भाग है तो मृत्यु की तिथि तक उसका भाग रु 6,250 होगा (रु 31,250 x  2/10)


Q. 163699 साझेदार की मृत्यु की तिथि तक के लाभ की गणना करने की विधि बताइए।
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

यदि साझेदार की मृत्यु वर्ष के दौरान होती है तब मृतक साझेदार का उत्तराधिकारी, मृत्यु की तिथि तक अर्जित किए गए लाभ में उसके भाग का अधिकारी होगा। इस लाभ का निर्धारण निम्न में से किसी विधि द्वारा किया जाएगाः

(1)   समय का आधार

(2)   विक्रय या आवर्त आधार


Q. 163700 पिछले उदाहरण की संख्याओं को लेकर यह मानें की देय राशि का 40 प्रतिशत तुरंत भुगतान किया गया एवं शेष राशि को 3 बराबर वार्षिक किश्तों में दिया जाएगा। ब्याज 12 प्रतिशत वार्षिक दर से देय है
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

हल

देय राशि  =  रु 1,52,000

राशि का तुरंत भुगतान = 1,52,000 x 40/100 = रु 60,800

तीन बराबर किश्तों की राशि = 1,52,000 –  60,800/3

                        = 91,200/3 = रु 30,400

पहली किश्त प्रथम वर्ष के समाप्त होने पर = 30,400 + 10,944

                                    = रु 41,344

ब्याज 12  वार्षिक की दर से = 91,200 x 12/100

                        = रु 10,944

दूसरी किस्त, द्वितीय वर्ष के समाप्त होने पर    = 30,400 + 7,296

                                          = रु 37,696

ब्याज 12 वार्षिक की दर से = 60,800 x 12/100

                        = रु 7,296

 तीसरी किस्त, तृतीय वर्ष के समाप्त होने पर = 30,400 + 3,648

                                      = रु 34,048

12 वार्षिक की दर से ब्याज = 30,400 x 12/100

                        = रु 3,648


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