CBSE - MCQ Question Banks (के. मा. शि. बो . -प्रश्नमाला )

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Q. 169601 मांग वक्र नीचे की ओर ढालू क्‍यों होता है?
Right Answer is:

SOLUTION

कीमत और मांग में विपरीत संबंध होने के कारण मांग वक्र नीचे की ओर ढालू होता है। इसे निम्‍न चित्र में दिखाया गया है:

उपरोक्‍त चित्र मेंOP2पर मांग की मात्राOQ2है। OP1कीमत पर, वस्‍तुओं के लिए मांग  OQ2से बढ़करOQ1 हो जाती है। जब कीमतOP1 सेकम होकरOP हो जाती है तो मांग की मात्राOQ1सेबढ़करOQहो जाती है।

इस प्रकार, हम देखते है कि कीमत कम होते ही मांग बढ़ती जाती है। इस आधार पर हमें नीचे की ओर ढालू मांग वक्रDDप्राप्‍त होता है।

कीमत और मांग के बीच एक विपरीत संबंध होता है क्‍योंकि जैसे ही कीमत बढ़ती है, वैसे ही उपभोक्‍ता अपनी सीमित आय से वस्‍तु की कम इकाइयां खरीद पाने में सक्षम होंगे। उसी तरह से, जैसे ही कीमत कम होती है वैसे ही उपभोक्‍ता अपनी सीमित आय से वस्‍तु की अधिक इकाइयां खरीद पाने में सक्षम होंगे। इसलिए, मांग वक्र हमेशा प्रतिकूल रूप से ढालू होता है।


Q. 169602 अतिरिक्‍त पूर्ति की अवधारणा को आरेखीय रूप में समझाए।
Right Answer is:

SOLUTION

अतिरिक्‍त पूर्ति एक ऐसी स्थिति है जहां पूर्ति मांग की तुलना में अधिक है जिसे नीचे स्‍पष्‍ट किया गया है:

जब कीमत OP1तक बढ़ जाती है तो उपभोक्‍ता अपनी मांग को OQ से OQ1तक कम कर देता है। दूसरी ओर, विक्रेता पूर्ति को OQ से OQ2तक बढ़ाता है। OP1कीमत पर, पूर्ति (OQ2) मांग (OQ1) की तुलना में अधिक है। इसे अतिरिक्‍त पूर्ति के रूप में जाना जाता है। त्रिभुज AEB अतिरिक्‍त पूर्ति को दर्शाता है।


Q. 169603 एक चित्र की सहायता से बाजार संतुलन की व्‍याख्‍या कीजिए।
Right Answer is:

SOLUTION

बाजार संतुलन में उस बिंदु पर होता है जहां मांग पूर्ति के बराबर होती है। इसे निम्‍न चित्र की सहायता से दिखाया गया है:

चित्र में, कीमत कोX- अक्ष पर दिखाया गया है और मात्रा कोY- अक्ष पर दिखाया गया है। DDमांग वक्र है।SS पूर्ति वक्र है। जब मांग वक्रDD पूर्ति वक्रSSको काटता है, तब परस्‍पर कटान बिंदु को संतुलन बिंदु के रूप में जाना जाता है। जहां उपभोक्‍ता द्वारा मांगी गयी मात्रा बाजार में पूर्ति की गयी मात्रा के बराबर होती है वहां परE संतुलन बिंदु होता है।


Q. 169604 संतुलन कीमत तथा मात्रा पर मांग में वृद्धि की अपेक्षा पूर्ति में कम वृद्धि के प्रभाव को रेखा चित्र द्वारा प्रस्तुत करिये
Right Answer is:

SOLUTION

संतुलन कीमत तथा मात्रा पर मांग में वृद्धि की अपेक्षा पूर्ति में वृद्धि का प्रभाव अधिक इस प्रकार पड़ेगा:

उपरोक्‍त आरेख में, X - अक्ष कीमत को दर्शाता है और Y - अक्ष वस्‍तु की मात्रा को दर्शाता है। मांग वक्र को DDके रूप में दिखाया जाता है और पूर्ति वक्र को SSके रूप में दिखाया जाता है। जब मांग वक्र DD पूर्ति वक्र SSको काटता है, तो Eबिंदु पर संतुलन होता है। संतुलन कीमत OPहै और संतुलन मात्रा OQ है। जब वस्‍तु की मांग DD से घटकर D1D1और पूर्ति SS से घटकर S1S1,हो जाती है, तो इसके परिणामस्‍वरूप संतुलन बदलकर E1हो जाता है। हालांकि पूर्ति में कमी की अपेक्षा मांग में कम कमी होती है, इसलिए, कीमत में कमी इतनी ज्‍यादा नहीं होती जितनी कि पूर्ति में कमी होती है।

बाजार मात्राOQ से घटकर OQ1 हो जायेगी और बाजार कीमत OP से बढ़करOP1 हो जायेगी। मांग की तुलना में पूर्ति का अभाव OP1तक कीमत को बढ़ा देगा।


Q. 169605 संतुलन कीमत और मात्रा पर मांग और पूर्ति दोनों में हुई एक समान वृद्धि के प्रभाव की आरेख चित्र के रूप में व्‍याख्‍या कीजिए।
Right Answer is:

SOLUTION

संतुलन कीमत और मात्रा पर मांग और पूर्ति दोनों में हुई एक समान वृद्धि का प्रभाव इस प्रकार होगा:

उपरोक्‍त आरेख में, X - अक्ष कीमत को दर्शाता है औरY- अक्ष वस्‍तु की मात्रा को दर्शाता है। मांग वक्र कोDD के रूप में दिखाया गया है और पूर्ति वक्र को SS के रूप में दिखाया गया है।

जब मांग वक्र DD पूर्ति वक्र SS को काटता है, तो संतुलन Eबिंदु पर होता है। संतुलन कीमत OP है और संतुलन मात्रा OQहै।

मांग और पूर्ति दोनों में एक समान वृद्धि की दशा में, वस्‍तु की मांग DD से बढ़कर D1D1हो जाती है और पूर्ति SS से बढ़कर S1S1हो जाती है, बाजार संतुलन बदलकर E1हो जाता है। इसके परिणामस्‍वरूप बाजार में मात्रा OQ से बढ़कर OQ1हो जाती है हालांकि बाजार कीमत OP.पर स्थिर बनी रहती है।

इसलिए हम ऊपर से कह सकते हैं कि जब वस्‍तु की मांग और पूर्ति में एक साथ समान वृद्धि होती है, तब वस्‍तु की मात्रा बढ़ती है हालांकि, कीमत वैसी ही बनी रहती है।


Q. 169606 तब बाजार में क्‍या होगा यदि कीमत है,
(1) संतुलन कीमत से ऊपर
(2) संतुलन कीमत से नीचे
Right Answer is:

SOLUTION

(1) संतुलन कीमत से अधिक किसी भी कीमत पर, एक वस्‍तु की पूर्ति मात्रा मांग की मात्रा से अधिक होती है। इसे अतिरिक्‍त पूर्ति की स्थिति कहा जाता है। विक्रेताओं के बीच प्रतिस्‍पर्धा होने से कीमत में गिरावट के कारण अतिरिक्‍त पूर्ति होती है। कीमत में गिरावट के कारण मांग का विस्‍तार और पूर्ति का संकुचन होता है। कीमत में गिरावट तब तक जारी रहती है जब तक कि यह संतुलन कीमत पर नहीं पहुंचता है जिस पर मांग की मात्रा पूर्ति की मात्रा के बराबर होती है।

(2) संतुलन कीमत सेकमकिसी भी कीमत पर, एकवस्‍तुकी मांग की मात्रापूर्ति की मात्रासे अधिक होती है।इसे अतिरिक्‍त मांग की एक स्थिति कहा जाता है। क्रेताओं के बीच प्रतिस्‍पर्धा होने से बाजार कीमत ऊपर उठने के कारण अतिरिक्‍त मांग होती है। कीमत में वृद्धि के कारण मांग का विस्‍तार और पूर्ति का संकुचन होता है। कीमत में वृद्धि तब तक जारी रहती है जब तक कि यह संतुलन कीमत पर नहीं पहुंचती है जिस पर मांग की मात्रा पूर्ति की मात्रा के बराबर होती है।


Q. 169607 बाजार में कमी से आप क्‍या समझते है? अतिरिक्‍त मांग की अवधारणा को आरेखीय रूप में समझाए।
Right Answer is:

SOLUTION

बाजार में उपभोक्‍ताओं द्वारा वस्‍तुओं की मांग की जाती है। ऊंची कीमत पर मांग कम होती है और कम कीमत पर मांग अधिक होती है। उसी तरह से, उत्‍पादक बाजार में पूर्ति को नियंत्रित करते हैं। आमतौर पर, एक ऊंची कीमत पर पूर्ति अधिक होती है और एक कम कीमत पर पूर्ति कम होती है। इसी तथ्‍य के कारण, मांग वक्र नीचे की ओर ढालू होता है और पूर्ति वक्र ऊपर की ओर ढालू होता है।

अतिरिक्‍त मांग की स्थिति तब होती है जब मांग पूर्ति से अधिक होती है। पूर्ति के संबंध में अतिरिक्‍त मांग होने के कारण, वस्‍तुओं की कमी हो जाती है जैसा कि नीचे दर्शाया गया है:

जब कीमत OP1तक गिर जाती है तो उपभोक्‍ता अपनी मांग को OQ से OQ2तक बढ़ाते हैं। दूसरी तरफ, विक्रेता पूर्ति को OQ से OQ1 तक कम कर देते हैं। इसलिए, OP1कीमत पर, मांग (OQ2)पूर्ति (OQ1) की तुलना में अधिक है।

इसे अतिरिक्‍त मांग के रूप में जाना जाता है और त्रिभुज AEB अतिरिक्‍त मांग को दर्शाता है।


Q. 169608 निम्न में से कौन सी एकाधिकार की विशेषता है?


A.

नई फर्मों का कठिन प्रवेश

B.

बहुत सारे विक्रेता

C.

निकट स्थानापन्न वस्तुएं

D.

इनमें से कोई नहीं

Right Answer is: A

SOLUTION

एकाधिकार एक ऐसी बाजार स्थिति होती है, जिसमें एक अकेली फर्म, बड़ी संख्या में खरीदारों को वस्तुओं या सेवाओं का विक्रय करती है, क्योंकि उनके द्वारा उत्पादित वस्तु का कोई नजदीकी स्थानापन्न उलपब्ध नहीं होता है।


Q. 169609 विक्रय ल

अल्पाधिकार के अंतर्गत कीमत कठोरता काकारण है  <div class= Right Answer is: C

SOLUTION

अल्पाधिकारएक ऐसी बाजार संरचना है जिसमें एक उद्योग में कुछ ही फर्में होती हैं, जो कि सजातीय अथवा बहुत निकट भिन्नता वाले उत्पादों का उत्पादन करती हैं।यहाँ उत्पाद का मूल्य निर्धारण करते समय अथवा फर्म द्वारा कोई प्रस्ताव किये जाते समय, अन्य विरोधी फर्मों की अपेक्षित प्रतिक्रिया को ध्यान में रखा जाता है।


Q. 169610 एकाधिकार की तुलना मैं पूर्ण प्रतिस्पर्धा मैं माँग वक्र के अधिक लोचदार होनी का क्या कारण है?


A.

निकट स्थानापन्न वस्तु का होना

B.

भारी विक्रय लगत

C.

कीमत नेता का होना

D.

इनमें से कोई नहीं

Right Answer is: C

SOLUTION

एकाधिकार की तुलना मैं पूर्ण प्रतिस्पर्धा मैं माँग वक्र के अधिक लोचदार होनी का क्या कारण है निकट स्थानापन्न वस्तु का होना ।


Q. 169611 गठबंधन अल्पाधिकार के अंतर्गत कीमत का प्रायः निर्धारण _________किया जाता है
A.
B.
C.
D.

Right Answer is: C

SOLUTION

यहाँ उत्पाद का मूल्य निर्धारण करते समय अथवा फर्म द्वारा कोई प्रस्ताव किये जाते समय, अन्य विरोधी फर्मों की अपेक्षित प्रतिक्रिया को ध्यान में रखा जाता है।


Q. 169612 अल्पाधिकार के संबंध में, निम्नलिखित में से कौन-सा सही नहीं है?


A.

बड़ी फर्मों की छोटी संख्या

B.

क्रेताओं के मध्य पूर्ण ज्ञान

C.

फर्मों का अनिर्धारणीय माँग वक्र

D.

गैर-कीमत प्रतियोगिता

Right Answer is: B

SOLUTION

अल्पाधिकारएक ऐसी बाजार संरचना है जिसमें एक उद्योग में कुछ ही फर्में होती हैं, जो कि सजातीय अथवा बहुत निकट भिन्नता वाले उत्पादों का उत्पादन करती हैं। यहाँ उत्पाद का मूल्य निर्धारण करते समय अथवा फर्म द्वारा कोई प्रस्ताव किये जाते समय, अन्य विरोधी फर्मों की अपेक्षित प्रतिक्रिया को ध्यान में रखा जाता है।


Q. 169613 जब एक एकाधिकार कीमत विभेद को अपनाता है तो उस बाज़ार में कीमत अधिक होगी जहाँ माँग:


A. इकाई लोचदार होती है

B. लोचदार होती है

C. बेलोचदार होती है

D. इनमें से कोई नहीं

Right Answer is: C

SOLUTION

जब एक एकाधिकार कीमत विभेद को अपनाता है तो उस बाज़ार में कीमत अधिक होगी जहाँ माँग बेलोचदार होती है|


Q. 169614 AR= MR किस प्रकार के बाज़ार में होता है


A.

एकाधिकार की स्थिति में

B.

अल्पाधिकार की स्थिति में

C.

पूर्ण प्रतियोगिता की स्थिति में

D.

इनमें से कोई नहीं

Right Answer is: A

SOLUTION

पूर्ण प्रतियोगिता की स्थिति में AR= MR होता है|


Q. 169615 एकाधिकार प्रतियोगिता में उत्पाद:


A. केवल समरूपी होते हैं

B. विज्ञापन आधारित समरूपी होते हैं

C. केवल विभेदी होते हैं

D. विज्ञापन आधारित विभेद होते हैं

Right Answer is: D

SOLUTION

एकाधिकार एक ऐसी बाजार स्थिति होती है, जिसमें एक अकेली फर्म, बड़ी संख्या में खरीदारों को वस्तुओं या सेवाओं का विक्रय करती है, क्योंकि उनके द्वारा उत्पादित वस्तु का कोई नजदीकी स्थानापन्न उलपब्ध नहीं होता है। एकाधिकार के अंतर्गत फर्म का कीमत पर पूर्ण नियंत्रण होता है|


Q. 169616 एक बाज़ार व्यवस्था जिसमें केवल दो उत्पादक ही होते हैं उसे कहते हैं:


A.

एकाधिकार

B.

द्वैदाधिकार

C.

अल्पाधिकार

D.

इनमें से कोई नहीं

Right Answer is: C

SOLUTION

अल्पाधिकारएक ऐसी बाजार संरचना है जिसमें एक उद्योग में कुछ ही फर्में होती हैं, जो कि सजातीय अथवा बहुत निकट भिन्नता वाले उत्पादों का उत्पादन करती हैं।


Q. 169617 एकाधिकार प्रतियोगिता की तुलना में, एकाधिकार के अंतर्गत एक फर्म का माँग वक्र:


A.

लोचदार होगा

B.

इकाई से कम लोचदार होगा

C.

इकाई से अधिक लोचदार होगा

D.

अनंत लोचदार होगा

Right Answer is: B

SOLUTION

एक एकाधिकारी प्रतिस्पर्धाफर्म का मांग वक्र, नजदीकी स्थानापन्न की उपलब्धता के कारण एकाधिकार फर्म की तुलना में अधिक लोचदार होता है।


Q. 169618 __________ एक फर्म दीर्घकाल में भी, असामान्य लाभ अर्जित कर सकती है
A.
B.
C.
D.

Right Answer is: B

SOLUTION

एकाधिकार के अंतर्गत एक फर्म दीर्घकाल में भी, असामान्य लाभ अर्जित कर सकती है|


Q. 169619 यदि एक फर्म का माँग वक्र क्षैतिज सरल रेखा है तो:


A.

फर्म प्रचलित कीमत पर कितनी भी मात्रा बेच सकती है

B.

फर्म प्रचलित कीमत पर एक निर्धारित मात्रा बेच सकती है

C. सभी फर्में एक वस्तु की समान मात्रा बेचेंगे

D.

फर्में अपने उत्पाद में विभिन्नता ला सकती है

Right Answer is: A

SOLUTION

यदि एक फर्म का माँग वक्र क्षैतिज सरल रेखा है तो फर्म प्रचलित कीमत पर कितनी भी मात्रा बेच सकती है|


Q. 169620 एकाधिकारी प्रतियोगिता बाज़ार की कौन-सी विशेषता एकाधिकार बाज़ार के साथ मेल खाती है?


A.

एक विक्रेता तथा क्रेताओं की बड़ी संख्या

B.

कीमत पर पूर्ण नियंत्रण

C.

प्रवेश और निकासी की स्वतंत्रता

D.

माँग वक्र का ढलान नीचे की ओर होना

Right Answer is: D

SOLUTION

एकाधिकारी प्रतियोगिता बाज़ार और  एकाधिकार बाज़ार दोनों में माँग वक्र का ढलान नीचे की ओर होती है |


Q. 169621 निम्नलिखित कथनों में से कौन-सा कथन एकाधिकार प्रतियोगिता के संदर्भ में सही है?


A. कीमत पर पूर्ण नियंत्रण होना

B. माँग वक्र क्षैतिज सरल रेखा होना

C. प्रवेश तथा निकासी की स्वतंत्रता

D. विक्रय लागतों का अधिक होना

Right Answer is: C

SOLUTION

एकाधिकार प्रतियोगिता में उत्पादक बिना किसी बाधा के बाजार में प्रवेश कर सकते हैं व बाहर जा सकते हैं।


Q. 169622 कौन-सा बाज़ार व्यापार-गुट के लिए अनुकूल है?


A.

पूर्ण प्रतियोगिता

B.

एकाधिकार

C.

अल्पाधिकार

D.

इनमें से कोई नहीं

Right Answer is: C

SOLUTION

अल्पाधिकार बाज़ार व्यापार-गुट के लिए अनुकूल है| अल्पाधिकारएक ऐसी बाजार संरचना है जिसमें एक उद्योग में कुछ ही फर्में होती हैं, जो कि सजातीय अथवा बहुत निकट भिन्नता वाले उत्पादों का उत्पादन करती हैं।


Q. 169623 एकाधिकार के अंतर्गत फर्म का:


A. कीमत पर आंशिक नियंत्रण होता है

B.

कीमत पर पूर्ण नियंत्रण होता है

C.

कीमत पर कोई नियंत्रण नहीं होता है

D.

इनमें से कोई नहीं

Right Answer is: B

SOLUTION

एकाधिकार एक ऐसी बाजार स्थिति होती है, जिसमें एक अकेली फर्म, बड़ी संख्या में खरीदारों को वस्तुओं या सेवाओं का विक्रय करती है, क्योंकि उनके द्वारा उत्पादित वस्तु का कोई नजदीकी स्थानापन्न उलपब्ध नहीं होता है। एकाधिकार के अंतर्गत फर्म का कीमत पर पूर्ण नियंत्रण होता है|


Q. 169624 एक ही वस्तु के लिए विभिन्न क्रेताओं से भिन्न-भिन्न कीमतें वसूल करना ­­______ कहलाता है
A.
B.
C.
D.

Right Answer is: A

SOLUTION

एक ही वस्तु के लिए विभिन्न क्रेताओं से भिन्न-भिन्न कीमतें वसूल करना ­­कीमत विभेद कहलाता है|


Q. 169625 एकाधिकार के अंतर्गत फर्म का माँग वक्र दर्शाता है:


A. कीमत तथा माँग में कोई संबंध नहीं

B. कीमत तथा माँग के बीच में धनात्मक संबंध

C. कीमत तथा माँग के बीच विपरीत संबंध

D. इनमें से कोई नहीं

Right Answer is: C

SOLUTION

एक एकाधिकारी फर्म का मांग वक्र नीचे की ओर ढालू होता है, जो संकेत देता है कि मूल्य कम करके अधिक मात्रा का विक्रय किया जा सकता है।


Q. 169626 ‘ एक फर्म केवल कम कीमत पर ही वस्तु की अधिक मात्रा बेच सकती है’
A.
B.
C.
D.

Right Answer is: B

SOLUTION

एक एकाधिकारी फर्म का मांग वक्र नीचे की ओर ढालू होता है, जो संकेत देता है कि मूल्य कम करके अधिक मात्रा का विक्रय किया जा सकता है।


Q. 169627 किस प्रकार के बाज़ार में एक फर्म कीमत स्वीकार होती है?


A.

एकाधिकार

B.

पूर्ण प्रतियोगिता

C.

एकाधिकारात्मक प्रतियोगिता

D.

अल्पाधिकार

Right Answer is: B

SOLUTION

पूर्ण प्रतिस्पर्धा की स्थिति में, बाज़ार में किसी वस्तु के क्रेता और विक्रेता काफ़ी अधिक मात्रा में होते हैं और वह समांगी या समरूप वस्तुएँ बनाते हैं| उद्योग कीमत निर्माता तथा फर्म कीमत  प्राप्तकर्ता या स्वीकार होते हैं|


Q. 169628 एकाधिकार या एकाधिकारी प्रतिस्‍पर्धा कौन से प्रकार के बाजार का अधिक लोचदार मांग वक्र रहता है?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

दोनों प्रकार के बाजार के ऋणात्‍मक प्रवणता वाले मांग वक्र होते हैं लेकिन एकाधिकार की तुलना में क्रेताओं और विक्रेताओं की बड़ी संख्‍या में उपस्थिति के कारण एकाधिकारी प्रतिस्‍पर्धा का मांग वक्र अधिक लोचदार होता है।


Q. 169629 हम कैसे कह सकते हैं कि एकाधिकारी प्रतिस्‍पर्धा एकाधिकार की विशेषताओं को रखती है?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

एकाधिकारी प्रतिस्‍पर्धा के अंतर्गत, फर्में अलग अलग उत्‍पादों को बेचती हैं और प्रत्‍येक फर्म अपने उत्‍पाद के ब्रांड पर एकाधिकार शक्तियों का लाभ उठाती है।


Q. 169630 अल्‍पाधिकारी को परिभाषित कीजिए।
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

'Oligo' का अर्थ है कुछ और 'poly' का अर्थ है विक्रेता।अल्‍पाधिकार एक ऐसे बाजार स्‍वरूप को दर्शाता है जिसमें कुछ बड़े विक्रेता बहुत सारे क्रेताओं को नजदीकी स्‍थानापन्‍न वस्‍तुएं बेच रहे हैं।


Q. 169631 एकाधिकारी प्रतिस्‍पर्धा के अंतर्गत बेची जाने वाली वस्‍तुओं के प्रकार का उल्‍लेख कीजिए।
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

एकाधिकारी प्रतिस्‍पर्धा के अंतर्गत, बहुत सी फर्में नजदीकी स्‍थानापन्‍न वस्‍तुओं को बेचती है। ट्रेड मार्क या ब्रांड नामों के द्वारा वस्‍तुओं में अंतर किया जाता है।


Q. 169632 एकाधिकार और पूर्ण प्रतिस्‍पर्धा दोनों की विशेषताओं वाले बाजार के प्रकार का नाम बताइए।
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

एकाधिकारी प्रतिस्‍पर्धा में एकाधिकार और पूर्ण प्रतिस्‍पर्धा दोनों की विशेषता होती है।


Q. 169633 कार्टेल क्‍या होते हैं?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

कार्टेल प्रतिस्‍पर्धा से बचने के लिए अल्‍पाधिकार जैसे बाजार के अंतर्गत फर्मों के बीच एक औपचारिक कपटपूर्ण समझौता होता है।


Q. 169634 निम्नलिखित में से कौन सा लेन-देन वित्तीय प्रकृति का नहीं है?


A.

उधार सम्पत्ति खरीदना

B.

नकद सम्पत्ति खरीदना

C.

स्वामी द्वारा व्यवसाय से रू निकालना

D.

कर्मचारियों द्वारा हड़ताल कर देना

Right Answer is: D

SOLUTION

कर्मचारियों द्वारा हड़ताल कर देना लेखा की पुस्तकों में रिकार्ड नहीं होगा क्योंकि इसको मुद्रा में नहीं मापा जा सकता है।


Q. 169635 लेखांकन सूचनाओं के उपभोगकर्ताओं में शामिल है।-


A.

अंशधारी

B.

सरकार,

C.

लेनदार

D.

ये सभी।

Right Answer is: D

SOLUTION

लेखांकन सूचनाऐं ऐसे बहुत से पक्षकारों द्वारा उपयोग की जाती है। जिनका व्यावसायिक संस्था से संबंध है। वह इन सूचनाओं का उपयोग अपनी विभिन्न प्रकार की आवश्यकताओं की संतुष्टि के लिए करते हे। इन उपयोगकर्ताओं को दो भागों में वर्गीकृत किया जा सकता है (i)  आतंरिक उपयोगकर्ता, एवं (ii)  बाह्य उपयोगकर्ता


Q. 169636 घनश्याम एक फर्नीचर व्यापारी है। निम्न में से कौन से लेन-देन का उसकी पुस्तकों में लेखा नहीं किया जाएगा?


A.

रू 10,000 की लकडी खरीदना

B.

रू 20,000 का सोफा सैट अपने घर ले जाना

C.

रू 2,000 का घरेलू फर्नीचर बेचना

D.

रू 15,000 की डाइनिंग टेबल मित्र को उपहार में देना

Right Answer is: C

SOLUTION

क्योंकि घनश्याम ने घरेलू फर्नीचर बेचा है इसका व्यवसाय से कोई लेना-देना नहीं है।


Q. 169637 चालू दायित्व है


A. देय विपत्र

B.

लेनदार

C.

अदत्त व्यय

D.

उपरोक्त सभी

Right Answer is: D

SOLUTION

चालू दायित्व – ऐसे दायित्व जिनका भुगतान निकट भविष्य में (सामान्यतः एक वर्ष के अन्दर) ही करना है उन्हें चालू दायित्व कहते हैं जैसे बैंक अधिविकर्ष, देय विपत्र, लेनदार, न चुकाये गए व्यय, अल्पकालीन ऋण आदि।


Q. 169638 दोहरा लेखा प्रणाली में प्रत्येक लेन-देन को कौन से दो पक्षों में लिखा जाता है ?
Right Answer is:

SOLUTION

दोहरा लेखा प्रणाली में प्रत्येक लेन-देन को दो पक्षों में लिखा जाता है- पहला ऋणी दूसरा धनी l


Q. 169639 ऋणदाता अथवा लेनदारों को परिभाषित कीजिये?
Right Answer is:

SOLUTION

वह व्यक्ति अथवा संस्था जिसे दूसरों से धन लेना होता है लेनदार कहलाता है l


Q. 169640 लेखांकन के रूप बताईये ?
Right Answer is:

SOLUTION

लागत लेखांकन, वित्तीय लेखांकन, प्रबंधकीय लेखांकन,कर लेखांकन


Q. 169641 संपत्ति के दो उदाहरण बताईये?
Right Answer is:

SOLUTION

संपत्ति के दो उदाहरण- स्टॉक, मशीनरी l


Q. 169642 वित्तीय लेखांकन की दो विशेषताएं बताईये?
Right Answer is:

SOLUTION

वित्तीय लेखांकन की दो विशेषताएं-

व्यवसाय की आर्थिक स्थिति का ज्ञान करवाना  

भावी योजनाओं के निर्माण में सहायक होना


Q. 169643 वित्तीय वर्ष कब प्रारंभ होता है ?
Right Answer is:

SOLUTION

वित्तीय वर्ष की अवधि १ अप्रैल से ३१ मार्च की होती है l


Q. 169644 लेखांकन अवधि का अर्थ बताईये?
Right Answer is:

SOLUTION

वह अवधि जिसमें  व्यवसायी व्यवसाय के सम्बन्ध में लाभ, हानि तथा वित्तीय स्थिति ज्ञात कर सके l यह अवधि एक वर्ष की होती है l


Q. 169645 किस प्रकार के लेनदेनों को लेखा पुस्तकों में अभिलेखित किया जाता हैं?
Right Answer is:

SOLUTION

लेखा पुस्तकों में केवल व्यावसायिक लेनदेनों को अभिलेखित किया जाता है।


Q. 169646 पुस्तपालन का कार्य क्या है?
Right Answer is:

SOLUTION

(1) वित्तीय व्यवहारों को प्रारम्भिक लेख-पुस्तकों में लिखना, तथा

(2) प्रारम्भिक लेखा-पुस्तकों से खाता बही में पोस्टिंग करना एवं खातों का शेष ज्ञात करना।


Q. 169647 दायित्व पूँजी से अलग कैसे होते हैं?
Right Answer is:

SOLUTION

दायित्व फर्म द्वारा बाह्य पक्षों उदाहरण के लिए लेनदारों, बैंक अधिविकर्ष, देय विपत्र आदि से उधार ली गयी राशि होती है।
जबकि पूँजी वह धन या धन की कीमत (कच्चा माल, भूमि, भवन आदि) होती है जो व्यवसाय में स्वामी द्वारा विनियोजित की जाती है। इसकी गणना सम्पत्तियों के उपर बाह्य दायित्वों के रूप में की जा सकती है।


Q. 169648 दायित्व पूँजी से अलग कैसे होते हैं?
Right Answer is:

SOLUTION

दायित्व फर्म द्वारा बाह्य पक्षों उदाहरण के लिए लेनदारों, बैंक अधिविकर्ष, देय विपत्र आदि से उधार ली गयी राशि होती है।
जबकि पूँजी वह धन या धन की कीमत (कच्चा माल, भूमि, भवन आदि) होती है जो व्यवसाय में स्वामी द्वारा विनियोजित की जाती है। इसकी गणना सम्पत्तियों के उपर बाह्य दायित्वों के रूप में की जा सकती है।


Q. 169649 कटौती व छूट का आशय बताईये?
Right Answer is:

SOLUTION

बिक्री बढाने या धन वसूल करने के उद्देश्य से ग्राहकों को वास्तविक मूल्य से कम मूल्य पर वस्तुओं का विक्रय करना कटौती या छूट कहलाता है l


Q. 169650 दोहरा लेखा प्रणाली को एक जटिल प्रक्रिया के रूप में समझाईये?
Right Answer is:

SOLUTION

दोहरा लेखा प्रणाली के अंतर्गत व्यापारिक लाभ हानि तथा आर्थिक स्थिति की जानकारी के लिए एक लम्बी प्रक्रिया का अनुपालन करना पड़ता है केवल प्रारम्भिक लेखों से यह संभव नहीं होता प्रारम्भिक लेखों की खतौनी तथा लाभ-हानि खाता और आर्थिक चिट्ठा तैयार करने के बाद ही लाभ हानि का निर्धारण हो पाता है इसलिए यह एक जटिल प्रक्रिया है l


Q. 169651 लागत लेखांकन से उपभोक्ताओं को लाभ बताईये?
Right Answer is:

SOLUTION

लागत लेखांकन से  उपभोक्ताओं  को लाभ -

·         सस्ती वस्तुओं की प्राप्ति

·         मूल्यों में स्थिरता

·         नवीनतम वस्तुओं की प्राप्ति


Q. 169652 प्रबंधकीय लेखाविधि की सीमाएं बताईये?
Right Answer is:

SOLUTION

प्रबंधकीय लेखाविधि की सीमाएं 
· अत्यधिक व्ययशील प्रणाली है
· ऐसे व्यक्तियों पर आधारित है जो आंकड़ों को विश्लेषित कर तथा प्रबंधकों के लिए सम्प्रेषित करते हैं 
· वित्तीय तथा लागत लेखंकानो पर आधारित होती है इसलिए उनकी सीमाओं से वंचित नहीं है  


Q. 169653 वित्तीय लेखांकन के कार्य बताईये?
Right Answer is:

SOLUTION

वित्तीय लेखांकन के कार्य 
· व्यवसाय के स्वामियों  तथा कर्मचारियों के लिए महत्वपूर्ण सूचनाएँ प्रदान करना 
· विभिन्न व्यावसायिक कानूनों के लिए आवश्यक विवरण तैयार करना 
· कर दायित्व का निर्धारण करना 
· व्यापार की समस्त संपत्तियों एवं दायित्वों की सूचना प्रदान करना  


Q. 169654 अल्‍पाधिकार की एक विशेषता बताइए।
Right Answer is:

SOLUTION

फर्मों के बीच परस्‍पर निर्भरता का स्‍तर बहुत अधिक होती है। एक फर्म की कीमत और उत्‍पादन नीति प्रतिस्‍पर्धी फर्मों की कीमत और उत्‍पादन नीति को प्रभावित करती है।


Q. 169655 एकाधिकारी प्रतियोगिता के अंतर्गत औसत राजस्‍व और सीमांत राजस्‍व वक्रों की आकृति क्‍या होती है?
Right Answer is:

SOLUTION

एकाधिकारी प्रतियोगिता के अंतर्गत AR और MRदोनों वक्र बायें से दायें नीचे की ओर ढालू होते हैं।MR वक्रAR वक्र के नीचे होता है।


Q. 169656 बाजार में 'निर्बाध प्रवेश और बहिर्गमन' से आप क्‍या समझते हैं?
Right Answer is:

SOLUTION

'निर्बाध प्रवेश और बहिर्गमन' का अर्थ है कि एक व्‍यक्ति स्‍वतंत्र रूप से बाजार में प्रवेश कर सकता है और बाजार से बाहर जा सकता है। यह पूर्णत: प्रतिस्‍पर्धी बाजार की महत्‍वपूर्ण विशेषता है।


Q. 169657 गैर-प्रतिस्‍पर्धी बाजारों के नाम बताइए।
Right Answer is:

SOLUTION

एकाधिकार, एकाधिकारी, अल्‍पाधिकार आदि गैर-प्रतिस्‍पर्धी बाजार हैं।


Q. 169658 किस बाजार संरचना की विशेषता है कि बहुत सारे क्रेताओं को उत्‍पाद बेचने के लिए केवल एक ही विक्रेता होता है?
Right Answer is:

SOLUTION

एक विक्रेता और बहुत सारे क्रेता एकाधिकार बाजार संरचना का लक्षण है।


Q. 169659 बाजार संरचनाओं के दो मुख्‍य प्रकारों का उल्‍लेख कीजिए।
Right Answer is:

SOLUTION

बाजार संरचना दो प्रकार की हो सकती है- प्रतिस्‍पर्धी बाजार और गैर प्रतिस्‍पर्धी या प्रतिस्पर्धारहित बाजार।


Q. 169660 पूर्णत: प्रतिस्‍पर्धी बाजार में मांग वक्र की आकृति क्‍या होती है?
Right Answer is:

SOLUTION

पूर्ण प्रतिस्‍पर्धा के अंतर्गत फर्म का मांग वक्र X- अक्ष के समानांतर अर्थात् पूर्णत: लोचदार होता है।


Q. 169661 बाजार वर्गीकरण के लिए कोई दो आधार बताइए।
Right Answer is:

SOLUTION

बाजार वर्गीकरण के लिए दो आधार हैं:

अ) क्रेताओं और विक्रेताओं की संख्‍या

ब) वस्‍तु की प्रकृति


Q. 169662 क्‍या पूर्ण प्रतियोगिता के अंतर्गत कोई विक्रय लागत होती है?
Right Answer is:

SOLUTION

पूर्ण प्रतियोगिता के अंतर्गत कोई विक्रय लागत नहीं होती है क्‍योंकि सभी फर्में उद्योग द्वारा निर्धारित कीमत पर समरूप वस्‍तुओं को बेचती है। उद्योग कीमत निर्धारक है और फर्म कीमत स्‍वीकारक है।


Q. 169663 पूर्ण प्रतियोगिता के अंतर्गत MR = AR क्‍यों होता है?
Right Answer is:

SOLUTION

पूर्ण प्रतियोगिता के अंतर्गत, प्रत्‍येक और हर इकाई एक ही कीमत पर बेची जाती है। इसलिए, इस प्रकार के बाजार में: 

 AR = MR = कीमत।


Q. 169664 एकाधिकार और एकाधिकारात्‍मक बाजार संरचना में से प्रत्‍येक का एक उदाहरण दीजिए।
Right Answer is:

SOLUTION

भारत में रेलवे पर सरकार का एकाधिकार है। टूथपेस्‍ट, जूतों आदि के लिए बाजार एकाधिकारात्‍मक बाजार का एक उदाहरण है।


Q. 169665 अल्‍पाधिकार बाजार की किन्‍हीं दो विशेषताओं का उल्‍लेख कीजिए।
Right Answer is:

SOLUTION

अल्‍पाधिकार बाजार की विशेषताएं-

1. अल्‍पाधिकार बाजार में विक्रेताओं की संख्‍या बहुत कम होती है।

2. अल्‍पाधिकार बाजार में प्रत्‍येक उत्‍पादक कुल उत्‍पादन का एक बड़ा भाग उत्‍पादित करता है और वह अपने उत्‍पादन अथवा मूल्‍य में परिवर्तन करके अन्‍य उत्‍पादकों के मूल्‍य व उत्‍पादनको काफी बड़ी सीमा तक प्रभावित कर सकता है।


Q. 169666 'एकाधिकार' की किन्‍हीं दो विशेषताओं का उल्‍लेख कीजिए।
Right Answer is:

SOLUTION

एकाधिकार की विशेषताएं-

1. एक उत्‍पाद का केवल एक ही विक्रता (फर्म) होता है।

2. कोई नजदीकी स्‍थानापन्‍न उपलब्‍ध नहीं होता है।


Q. 169667 एकाधिकार और एकाधिकारी बाजार के बीच दो अंतर बताइए।
Right Answer is:

SOLUTION

एकाधिकार और एकाधिकारी फर्मों के बीच दो अंतर हैं:
* एकाधिकार बाजार में, केवल एक ही विक्रेता होता है लेकिन एकाधिकारी बाजार में, कई विक्रेता होते हैं।
* एकाधिकार में, फर्मों के लिए बाजार में प्रवेश और निकास की बाधाए होती हैं जबकि एकाधिकारी बाजार में, फर्मों के प्रवेश और निकास के लिए कोई अवरोध मौजूद नहीं होता है।


Q. 169668 'पेटेंट अधिकार' की व्‍याख्‍या कीजिए और इसके बाजार संरचना पर क्‍या प्रभाव पड़ते हैं?
Right Answer is:

SOLUTION

पेटेंट उन अधिकारों को दर्शाता है जिन्‍हें विशेष रूप से उस आविष्‍कारक या व्‍यक्ति के लिए के सुरक्षित किया जाता है जिनके लिए कानून के अनुसार पेटेंट जारी किये गये हैं। यह अधिकार बाजार में गला काट प्रतिस्‍पर्धा से विशेष फर्म की रक्षा करता है और बाजार में एक प्रमुख फर्म के रूप में विकसित करने के लिए इसकी मदद करता है।


Q. 169669 'एक एकाधिकार फर्म एक कीमत निर्धारक होती है', कैसे?
Right Answer is:

SOLUTION

एका‍धिकार एक ऐसी बाजार स्थिति है जहां बेची जाने वाली वस्‍तु की केवल एक ही फर्म होती है। एकाधिकारी द्वारा बेची जानी वाली वस्‍तु का कोई नजदीकी स्‍थानापन्‍न उपलब्‍ध नहीं होता है। एक एकाधिकार फर्म कीमत निर्धारक होती है क्‍योंकि यह एक वस्‍तु की कीमत के साथ साथ उत्‍पादन को प्रभावित करने की शक्ति रखती है। एकाधिकारी का मुख्‍य उद्देश्‍य अधिक से अधिक लाभ कमाना होता है।


Q. 169670 एकाधिकार बाजार क्‍या होता है?
Right Answer is:

SOLUTION

एक एकाधिकार (ग्रीक भाषा के मोनोस, one + polein, बेचने के लिए से लिया गया है) को एक स्‍थायी बाजार स्थिति के रूप में परिभाषित किया गया है जहां एक उत्‍पाद या सेवा का केवल एक ही प्रदाता होता है।दूसरे शब्‍दों में, एक फर्म जिसका अपने उद्योग में कोई प्रतिस्‍पर्धी नहीं है को एकाधिकारी फर्म कहा जाता है। दूसरे शब्‍दों में, यह एक ऐसी बाजार संरचना है जिसमें एक वस्‍तु का केवल ही विक्रेता और बहुत सारे क्रेता होते हैं।  एकाधिकारी अपने उत्‍पाद के लिए किसी भी कीमत को बदलने के लिए स्‍वतंत्र होता है।


Q. 169671 एकाधिकारी बाजार की विशेषताएं क्‍या हैं?
Right Answer is:

SOLUTION

एकाधिकारी बाजार की विशेषताएं हैं:

1. एक वस्‍तु विशेष का केवल एक ही उत्‍पादक होता है।

2. वस्‍तु के लिए कोई स्‍थानापन्‍न उपलब्‍ध नहीं होता है।

3. फर्मों के प्रवेश और निकास पर प्रतिबंध होता है।

4. सामान्‍यता फर्म असामान्‍य लाभ कमाती है।


Q. 169672 एकाधिकारी प्रतिस्‍पर्धा की क्‍या लक्षण होते हैं?
Right Answer is:

SOLUTION

एकाधिकारी प्रतिस्‍पर्धी बाजारों के निम्‍नलिखित लक्षण होते हैं:

1. एक निर्धारित बाजार में बहुत से उत्‍पादक और बहुत से विक्रेता होते हैं।

2. उपभोक्‍ताओं की स्‍पष्‍ट रूप से निर्दिष्‍ट वरीयताएं होती है और विक्रेता अपने उन प्रतिस्‍पर्धीयों से अपने उत्‍पादों को अलग करने का प्रयास करते हैं। वस्‍तुएं एवं सेवाएं विजातीय होती हैं।

3. प्रवेश या निकास की स्‍वतंत्रता होती है।

4. उत्‍पादकों का एक सीमा तक कीमत पर नियंत्रण होता है।


Q. 169673 एकाधिकार को परिभाषित कीजिए। एकाधिकार की कोई तीन शर्तें समझाइए।
Right Answer is:

SOLUTION

''एकाधिकारी से आशय उस एकाकी फर्म/उद्योग से है, जहां पर फर्म की वस्‍तु एवं बाजार में बेची जाने वाली वस्‍तुओं के बीच मांग की लोच शून्‍य होती है।''

एकाधिकार की शर्तें-

1. एकाधिकार में केवल एक ही उत्‍पादक/विक्रता होता है।

2. नई फर्में उद्योग में प्रवेश नहीं कर सकती है।

3. वस्‍तु की कोई निकट प्रतिस्‍थापन वस्‍तु नहीं होती है।


Q. 169674 मुद्रा मापन सिद्धान्त के अनुसार


A.

सभी व्यवहारों तथा घटनाओं का लेखा कीजिए।

B.

उन व्यवहारों तथा घटनाओं का लेखा कीजिए जिसे मुद्रा में अनुमानित किया जा सकता है।

C.

उन व्यवहारों तथा घटनाओं का लेखा कीजिए जिसे मुद्रा में मापा जा सकता है।

D.

उपरोक्त में कोई भी नहीं।

Right Answer is: C

SOLUTION

इस सिद्धान्त के अनुसार लेखांकन में केवल उन्हीं लेन-देनों एवं घटनाओं का लेखा किया जाता है जिन्हें मुद्रा में व्यक्त किया जा सकता है, अन्य घटनाएँ नहीं, चाहे वे कितनी ही महत्वपूर्ण क्यों न हों। उदाहरणतया, विक्रय प्रबन्धक और उत्पादन प्रबन्धक के बीच झगडा हो जाता है। इससे व्यवसाय को अवश्य ही हानि होगी, किन्तु कोई भी व्यक्ति मौद्रिक अंकों में यह नहीं बता सकता है कि फर्म को इससे कितनी हानि होगी और कब होगी। अतः इसे लेखा-पुस्तकों में नहीं लिखा जाएगा।


Q. 169675 व्यवसाय का स्वामी व्यवसाय का लेनदार माना जाता है


A.

लागत अवधारणा के अनुसार

B.

पृथक अस्तित्व अवधारणा के अनुसार

C.

द्विपक्षीय अवधारणा के अनुसार

D.

मुदा मापन अवधारणा के अनुसार

Right Answer is: B

SOLUTION

यदि सिद्धान्त व्यावसायिक संगठन के सभी स्वरूपों ( अर्थात एकाकी व्यापार, साझेदार तथा कम्पनी) में लागू होता है। इस सिद्धान्त को अपनाने का कुल प्रभाव इस प्रकार हैः ·         लेखों में केवल व्यवसाय के लेन-देनों को लिखा एवं प्रस्तुत किया जाता है, न कि स्वामी के व्यक्तिगत लेन-देनों को। ·         आय तथा लाभ व्यवसाय का होता है जब तक कि उसे बॉटा न जाए। व्यवसाय की सम्पतियों की सूची में स्वामियों अथवा अंशधारियों की निजी सम्पत्तियों पर विचार नहीं किया जाता।


Q. 169676 रूढिवादी परम्परा के अनुसार अन्तिम स्कन्ध का मूल्यांकन किया जाता है


A.

लागत मूल्य पर

B.

बाजार मूल्य पर

C.

लागत एवं बाजार मूल्य दोनों में जो कम हो

D.

उपर्युक्त में से कोई नहीं

Right Answer is: C

SOLUTION

इस परम्परा के अनुसार भविष्य में होने वाले लाभों की आशा नहीं करनी चाहिए किन्तु समस्त सम्भावित हानियों के लिए व्यवस्था अवश्य करनी चाहिए, अतः देनदार के दिवालिया होने पर डूबत ऋणों का प्रावधान अवश्य किया जाना चाहिए।


Q. 169677 लेखांकन की मान्यताएँ हैं


A.

विनिमय

B.

अवधि

C.

माप की इकाई

D.

ये सभी

Right Answer is: D

SOLUTION

सामान्यतया स्वीकृत लेखांकन सिद्धान्तों का आशय लेखांकन के उन नियमों व प्रथाओं से है। जिन्हें सर्वसाधारण द्वारा लेखांकन पेशे में मार्गदर्शन हेतु तथा व्यवहार के आधार के रूप में स्वीकृत कर लिया गया है।


Q. 169678 निम्न में से किस लेखांकन अवधारणा के अनुसार व्यापार खाते में अन्तिम रहतिये को क्रेडिट किया जाता है।


A.

लागत

B.

वसूली

C.

सतत व्यवसाय

D.

मिलान

Right Answer is: D

SOLUTION

लागत ज्ञात करते समय केवल उन्हीं व्ययों को ही नहीं जोडा जाता है जो उस अवधि विशेष में आगम को अर्जित करने हेतु किए गए हैं। वास्तव में लेखांकन अवधि से सम्बन्धित सभी व्ययों को जोडा जाता है।


Q. 169679 यदि वित्तीय विवरण पत्रों में लेखांकन की मूल अवधारणओं के बारे में कुछ न लिखा गया हो तो यह माना जाता है कि...।


A.

वह वित्तीय विवरणों में शामिल नहीं की गई है

B.

वह वित्तीय विवरणों में शामिल की गई है

C.

वह कुछ सीमा तक वित्तीय विवरणों में शामिल की गई है

D.

इनमें से कोई नहीं

Right Answer is: B

SOLUTION

वित्तीय विवरणों को तैयार करते समय कुछ लेखांकन सम्बन्धी मूलभूत मान्यताएँ काम करती हैं। सामान्यतया उनका विशेष रूप से उल्लेख नहीं किया जाता क्योंकि उनके लिए स्वीकृति और उनका उपयोग मानकर चला जाता है। इन मान्यताओं को अवधारणाएँ भी कहते हैं।


Q. 169680 यदि स्वामी की समता पूँजी रू 90,000 हो तथा वर्ष का लाभ रू 60,000 हो तो व्यवसाय की कुल सम्पत्ति की गणना कीजिए


A.

रू 1,50,000

B.

रू 1,20,000

C.

रू 30,000

D.

रू 1,70,000

Right Answer is: A

SOLUTION

कोई भी लेन-देन लेखा समीकरण में परिवर्तन तो कर सकता है परन्तु लेखा समीकरण को तोड़ नहीं सकता अर्थात चिटठे के दोनों पक्षों-सम्पत्ति पक्ष तथा दायित्व पक्ष का योग सदैव समान रहता है अथा्र्रत् एक व्यवसाय की कुल सम्पत्तियॉं सदैव ही उस व्यवसाय के कुल दायित्वों के बराबर होगी और यह समानता किसी भी नए व्यवहार के कारण समाप्त नहीं होती।


Q. 169681 ACE ट्रेडर्स ने रू 30,00,000 का माल क्रय किया गया तथा 70 प्रतिशत माल 31 मार्च 2012 को समाप्त होने वाले वर्ष के अन्त तक बेच दिया। शेष बचे माल का बाजार मूल्य रू 6,00,000 था। ACE ट्रेडर्स ने अन्तिम रहतिये का मूल्यांकन रू 6,00,000 पर किया न कि रू 9,00,000 पर। इसका कारण ...... अवधारणा थी।


A.

मुद्रा मापांकन

B.

अवधिगत

C.

लागत

D.

रूढिवादिता

Right Answer is: D

SOLUTION

लाभों का लेखा तब तक नहीं करना चाहिए जब तक कि वे वास्तव में अर्जित न हो जाएॅ और सम्भावित हानियों के लिए पहले से ही पर्याप्त प्रावधान कर लिया जाना चाहिए। इस सिद्धान्त का उद्देश्य पूर्ण सुरक्षा के साथ व्यवसाय का संचालन करना होता है। इसके द्वारा व्यवसाय में जोखिमों के प्रति सावधानी तथा सतर्कता का प्रयोग किया जाता है, ताकि भविष्य में व्यवसाय को कभी बुरे दिन न देखने पडें। शेष माल का मूल्यांकन बाजार मूल्य अथवा लागत मूल्य में जो भी कम हो सिद्धान्त के अनुसार करना तथा अप्राप्य ऋण तथा बट्टे से सम्बन्धित हानि होने के पूर्व ही देनदारों की राशि पर संदिग्ध ऋण तथा बट्टे की व्यवस्था करना, इस सिद्धान्त के प्रमुख उदाहरण है।


Q. 169682 निम्न में से कौन-सी लेखांकन नीति रोकड प्राप्ति और रोकड प्राप्ति के अधिकार के मध्य अन्तर करती है


A.

मुद्रा मापांकन अवधारणा

B.

सतत संस्थान अवधरणा

C.

वसूली अवधरणा

D.

उपार्जन अवधारणा

Right Answer is: D

SOLUTION

इस अवधारणा के अनुसार आय व व्यय की मदों को लेखा-पुस्तकों में उस समय लिखते हैं जबकि वे देय हो जाती है। आय/व्यय की वास्तविक प्राप्ति/भुगतान का महत्व नहीं है। कारखाने का किराया अदत्त है, अतः इसका लेखा किया जाएगा।


Q. 169683 वित्तीय विवरणों में तुलनीयता बनाए रखने के लिए यह आवश्यक है कि जिस एक अवधि में जो लेखांकन नीतियॉं अपनायी जाएॅ दूसरी अवधि में भी वहीं लेखांकन नीतियॉ अपनायी जाएँ। इसका कारण......


A.

सारता

B.

सततता

C.

रूढिवादिता

D.

सतत संस्थान

Right Answer is: B

SOLUTION

इस परम्परा के अनुसार एक व्यावसायिक संस्था के तुलनात्मक अध्ययन हेतु वर्ष-प्रतिवर्ष एक सी लेखांकन पद्धतियों, विधियों एवं कार्य-प्रणालियों को अपनाना चाहिए, और उनमें बार-बार परिवर्तन नहीं करना चाहिए। कम्पनी Inventory Valuation की पद्धति में परिवर्तन कर सकती है परन्तु इस परिवर्तन का लाभ-हानि पर प्रभाव स्पष्ट करना होगा।


Q. 169684 एकल व्यवसायी के व्यक्तिगत यातायात व्ययों को व्यवसाय के खाते में नहीं चार्ज किया जाना चाहिए। इसका कारण.... अवधारणा है।


A.

सारता की,

B.

रूढिवादिता की

C.

सतत संस्थान की

D.

पृथक सत्ता की

Right Answer is: D

SOLUTION

यदि लेखांकन में यह मान्यता नहीं होती तो व्यवसाय के स्वामी के निजी व्यय व आय व्यवसाय के व्यय व आय में सम्मिलित हो जाते तथा व्यावसायिक आय का सही निर्धारण नहीं हो पाता। इसी प्रकार यदि व्यवसाय की सम्पत्तियों में निजी सम्पतितयों को मिलाकर लिखा जाता तथा व्यवसाय के दायित्वों में निजी दायित्वों को मिला दिया जाता तो व्यवसाय की सही आर्थिक स्थिति का निर्धारण नहीं हो पाता।


Q. 169685 कौन-सी अवधारणा आय मापन और सम्पत्ति व दायित्व की पहचान के साथ काम करती है-


A.

लागत, सतत व्यवसाय और वसूली

B.

लागत, उर्पाजन और मिलान

C.

उपर्जान, मिलान और अवधिगत

D.

सतत व्यवसाय, अवधिगत और वसूली

Right Answer is: C

SOLUTION

इस मान्यता कर करप तह है  आय व व्यय की मदें लेखा-पुस्तकों में उस समय लिखी जाती हैं जबकि वे देय हो जाती हैं।


Q. 169686 एक फर्म का स्वामी अपने चिकित्सा व्ययों को फर्म के आय विवरण में लेखांकित करता है। वह सिद्धान्त बताईए जो भँग हुआ है।


A.

लागत सिद्धान्त

B.

सतकर्ता

C.

पूर्ण प्रकटीकरण

D.

अस्तित्व सिद्धान्त

Right Answer is: D

SOLUTION

इस सिद्धान्त के अनुसार व्यावसायिक संस्था को एक पृथक और स्वतन्त्र इकाई माना जाता है जिसका अस्तित्व इसके स्वामियों, लेनदारों, प्रबन्धकों एवं अन्य व्यक्तियों से पृथक है। दूसरे शब्दों में, व्यवसाय के स्वामी को उस व्यवसाय से बिल्कुल पृथक माना जाता है जिसका वह स्वामी है।


Q. 169687 ......... के अनुसार, एक व्यवसाय के स्वामी को उसके द्वारा व्यवसाय में लगाई गई पूँजी के लिए व्यवसाय के लेनदार के समान माना जाता है।


A.

मुद्रा मापांकन

B.

उपार्जन

C.

पृथक इकाई

D.

रूढिवादिता

Right Answer is: C

SOLUTION

इस सिद्धान्त के अनुसार प्रत्येक व्यावसायिक संस्था अपने स्वामी, लेनदार तथा अन्य पक्षों से पृथक इकाई मानी जाती है। लेखांकन के लिए व्यवसाय अपने स्वामी से एक अलग इकाई है। व्यवसाय में लेखांकन व्यापारिक व्यवहारों का किया जाता है। मालिक भी व्यवसाय में लगाई पूँजी के लिए व्यवसाय का लेनदार है। इसलिए मालिक द्वारा लगाई गई पूँजी के लिए व्यापार में रोकड खाते को डेबिट करके मालिका खाता पूँजी खाता क्रेडिट किया जाता है। तथा मालिक द्वारा व्यवसाय से आहरण करने पर मालिक का आहरण खाता डेबिट करके रोकड या माल खाता क्रेडिट किया जाता है। इस पूँजी को चिट्ठे के दायित्व पक्ष में दर्शाया जाता है।


Q. 169688 ज्ञान ने एक ग्राहक से रू 5,000 पेशगी लिए। उसने इस राशि को अपनी आय के रूप में दिखाया। कौन-सी लेखांकन अवधारणा का पालन नहीं किया गया है


A.

मुद्रा मापांकन

B.

उर्पाजन

C.

सततता

D.

रूढिवादिता

Right Answer is: D

SOLUTION

इस सिद्धान्त के अनुसार भविष्य में होने वाले लाभों की आशा नहीं करनी चाहिए किन्तु समस्त सम्भावित हानियों के लिस व्यवस्था अवश्य करनी चाहिए।


Q. 169689 ........... की अवधारणा के अनुसार किसी एक अवधि में जिस लेखांकन नीति को अपनाया जाता है तो आगे आने वाली अन्य अवधियों में भी उसका पालन किया जाता है।


A.

सतत संस्थान,

B.

विवेकशीलता

C.

सततता

D.

सारता

Right Answer is: C

SOLUTION

इस मान्यता के अनुसार, एक व्यावसायिक संस्था में वर्ष-प्रतिवर्ष एकसी ही लेखांकन पद्धतियों, विधियों एवं कार्य-प्रणालियों को अपनाना चाहिए और उनमें बार-बार परिवर्तन नहीं करना चाहिए। जब विभिन्न अवधियों में एक ही प्रकार की लेखा विधियों एवं सिद्धान्तों को अपनाया जाता है तो एक अवधि के लेखों का दूसरी अवधि के लेखों से तुलनात्मक अध्ययन किया जा सकता है। तुलनात्मक अध्ययन व्यवसाय के विकास की प्रगति को मापने में सहायक होता है।


Q. 169690 मिलान की अवधारणा के अनुसार


A.

सम्पत्तियॉं दायित्व पूँजी

B.

लेन-देन को वास्तविक लागत पर दर्ज करना

C.

एक निश्चित अवधि के व्यय का अन्य आय से मिलान

D.

एक निश्चित अवधि की आय का व्यय से मिलान

Right Answer is: D

SOLUTION

किसी भी व्यवसाय का मुख्य उद्देश्य समय-समय पर लाभ ज्ञात करना है, अतः किसी लेखावधि के लाभ का निर्धारण करने के लिए उस अवधि के आगम एवं उस आगम से सम्बन्धित लागतों का मिलान आवश्यक है। अनुरूपता अवधारणा के अनुसार लाभ ज्ञात करने के लिए आगम एवं लागत में अनुरूपता के आधर पर तुलना की जाती है।


Q. 169691 हर डेबिट के लिए एक समराशि क्रेडिट भी होगा यह वाक्य दर्शाता है


A.

मिलान की अवधारण

B.

लागत की अवधारणा

C.

मुद्रा मापांकन अवधारणा

D.

द्वि-पहलू अवधारणा।

Right Answer is: D

SOLUTION

द्वि-पक्षीय अवधारणा के अनुसार, प्रत्येक लेन-देन के दो पहलू होते हैं, अतः यदि कोई लेन-देन या घटना घटित होती है तो उसके भी दो प्रभाव होंगे।


Q. 169692 लेखांकन के मूल समीकरण के अनुसार, सम्पत्ति पूँजी, दायित्व होता है। यदि राम ने रू 5,50,000 रोकड तथा रू 1,50,000 का माल मदन से उधार लेकर व्यवसाय का प्रारम्भ किया तो निम्नलिखित में कौन-सा समीकरण उचित होगा-


A.

रू 7,00,000 = रू 5,5,0,000 + रू 1,50,000

B.

रू 7,00,000 = रू 6,5,0,000 - रू 50,000

C.

रू 5,50,000 = रू 5,00,000 + रू 50,000

D.

रू 5,50,000 = रू 7,00,000 - रू 1,50,000

Right Answer is: A

SOLUTION

लेखा समीकरण द्वि-पक्ष अवधारणा पर आधारित है, जिसके अनुसार प्रत्येक व्यावसायिक लेन-देन के दो पक्ष होते हैं- डेबिट पक्ष तथा क्रेडिट पक्ष। प्रत्येक लेन-देन का इन दोनों पक्षों पर समान प्रभाव पडता है, इसलिए इन दोनों पखों का योग सदैव समान होता है। इस समानता को दर्शाने के लिए लेखांकन में समीकरणों का प्रयोग किया जाता है। व्यवसाय के पास जितनी सम्पत्तियॉं होती हैं, उसकी कुल देनदारी या समता भी उतनी ही होती है।


Q. 169693 भारतीय ल

भारतीय  लेखा मानक 27 के शीर्षक का वर्णन कीजिए<div class= A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

भारतीय लेखा मानक 27- पृथक वित्तीय विवरण


Q. 169694 रोकड़ लेनदेन तथा उधार लेनदेन में अंतर कीजिए।
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

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Q. 169695 निम्नलिखित लेनदेनों को व्यावसायिक तथा गैर-व्यावसायिक लेनदेनों में वर्गीकृत कीजिए।
अ- श्रीमान सोमेश को नौकरी से निकाल दिया गया।
ब- श्रीमान गणेश ने अपने घरेलु उपयोग के लिए अपने व्यवसाय से रोकड़ निकाली।
स- उधार में बेचा खरीदा।
द- कम्पनी में एक हड़ताल हुई।
य- फर्म के कर्मचारी की मृत्यु हो गई।
र- घर के उपयोग के लिए रोकड़ में कम्प्यूटर खरीदा।
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

अ- गैर-व्यावसायिक लेनदेन।
ब- व्यावसायिक लेनदेन।
स- व्यावसायिक लेनदेन।
द- गैर-व्यावसायिक लेनदेन।
य- गैर-व्यावसायिक लेनदेन।
र- गैर-व्यावसायिक लेनदेन।


Q. 169696 दोहरा लेखा प्रणाली की विशेषताएं बताईये?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

दोहरा लेखा प्रणाली की विशेषताएं :-
· यह एक न्यायपूर्ण प्रणाली है- प्रत्येक सौदे दो खातों को प्रभावित करते हैं इसलिए ये न्यायपूर्ण प्रणाली है l
· इसमें दो खाते प्रभावित होते हैं- प्रत्येक माल या धन का लेन देन कम से कम दो खातों को प्रभावित करता हैl
· इसमें निश्चित नियमों के आधार पर लेखा होता है- दोहरा लेखा प्रणाली के अंतर्गत प्रत्येक खाते को ऋणी तथा धनी निश्चित नियमो के आधार पर किया जाता है l


Q. 169697 वित्तीय लेखांकन तथा लागत लेखांकन में अंतर स्पष्ट कीजिये?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

नियंत्रण :-

वित्तीय लेखांकन -यह रोकड़ पर नियंत्रण रखता है

लागत लेखांकन -यह सामग्री तथा स्टोर के निर्गमन पर विशेष नियंत्रण रखता है

प्रति इकाई लागत ज्ञात करना:-

वित्तीय लेखांकन- इन लेखों की सहायता से उत्पादन की प्रति इकाई की लागत आसानी से ज्ञात नहीं की जा सकती

लागत लेखांकन -इन लेखों की सहायता से उत्पादन की प्रति इकाई की लागत आसानी से ज्ञात की जा सकती

तुलनात्मक अध्ययन:-

वित्तीय लेखांकन -इसमें प्रत्येक किस्म की उत्पादित इकाई की लागत का तुलनात्मक अध्ययन नहीं किया जाता

लागत लेखांकन -इसमें पिछले वर्षों की उत्पादन लागतों का तुलनात्मक अध्ययन करके कारणों की जाँच की जाती है


Q. 169698 प्रबंधकीय लेखांकन के महत्त्व तथा सीमाओं का उल्लेख कीजिये?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

प्रबंधकीय लेखांकन की विशेषताएं  
· नीति निर्धारण में सहायक 
· नियोजन, निर्णयन तथा नियंत्रण के कार्यों के निष्पादन  में सरलता 
· समस्या के कारण व उसके प्रभाव के बारे में अध्ययन 
· पूर्वानुमान में सहायक 
· कर्मचारियों को अभिप्रेरित करने में सहायक 
· प्रबंधकीय लेखांकन की सीमायें-
· अत्यधिक व्ययशील प्रणाली है
· ऐसे व्यक्तियों पर आधारित है जो आंकड़ों को विश्लेषित कर तथा प्रबंधकों के लिए सम्प्रेषित करते हैं 
· वित्तीय तथा लागत लेखंकानो पर आधारित होती है इसलिए उनकी सीमाओं से वंचित नहीं है


Q. 169699 लेखांकन के किन्हीं छः लाभों को स्पष्ट कीजिए।
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

लेखांकन के लाभ हैं:
1. यह व्यवसाय के नियंत्रण एवं प्रबंधन में सहायक होता है।
2. यह पूर्ण तथा व्यवस्थित रिकाॅर्ड उपलब्ध कराता है।
3. यह लाभ एवं हानि तथा सम्पत्तियों एवं दायित्वों की वित्तीय स्थिति के संबंध में सूचनाऐं प्रदान करता है।
4. यह तुलनात्मक अध्ययन को संभव बनाता है।
5. यह एक व्यवसाय के बेचान की स्थिति में, इसके मूल्यांकन में सहायक होता है।
6. यह व्यवसाय में त्रुटियों का पता लगाता है तथा इनकी रोकथाम करता है।


Q. 169700 लेखांकन की शाखाओं का वर्णन कीजिए।
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

लेखांकन की तीन शाखाऐं निम्नलिखित हैं:
1. वित्तीय लेखांकन - इसमें वित्तीय लेनदेनों का अभिलेखन, सारांशिकरण एवं उनकी व्याख्या तथा इसके परिणामों को रूचिकर उपयोगकर्ताओं को संप्रेषित करना शामिल होता है। इसलिए इसमें अंतिम खातों अर्थात लाभ एवं हानि खाते तथा चिट्ठे को तैयार करना शामिल किया जाता है।
2. लागत लेखांकन - इसमें उत्पादों तथा सेवाओं के उत्पादन की लागत के निर्धारण को शामिल किया जाता है जिससे यह उत्पाद का मूल्य निर्धारण करने तथा कमीं की लागत को सुनिश्चित करने के लिए प्रबंधन को सक्षम बनाता है।
3. प्रबंधन लेखांकन - यह संभी ऐसी प्रासंगिक लेखांकन सूचनाऐं प्राप्त करने से संबंधित होता है जो व्यवसाय के सुलभ संचालन के लिए प्रभावी निर्णयन के लिए प्रबंधन को सक्षम बनाती हैं।


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