CBSE - MCQ Question Banks (के. मा. शि. बो . -प्रश्नमाला )

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Q. 169501 MR और AR के बीच तब क्‍या संबंध होगा?,जब एक फर्म:
(1) एक समान कीमत पर उत्‍पादन की अधिक मात्रा बेचने में सक्षम है।
(2) कीमत कम करके उत्‍पादन की अधिक मात्रा बेचने में सक्षम है।
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

(1) जब एक फर्म एक समान कीमत पर अधिक मात्रा बेचने में सक्षम है, तो यह पूर्ण प्रतिस्‍पर्धात्‍मक बाजार स्थिति को दर्शाती है। तब MR और AR उत्‍पादन के सभी स्‍तरों पर बराबर होंगे।
(2) जब एक फर्म एक वस्‍तु की कीमत को कम करके उत्‍पादन की अधिक मात्रा बेचने में सक्षम है, तो यह एकाधिकारात्‍मक बाजार या एकाधिकारी बाजार की स्थिति को दर्शाती है। ऐसी स्थिति में, MR उत्‍पादन के सभी स्‍तरों परARसे कम होगा।


Q. 169502 कुल संप्राप्ति क्‍या होता है जब सीमांत संप्राप्ति होता है: (1) सकारात्मक (2) शून्‍य (3) नकारात्मक
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

TR वक्र निम्‍नलिखित स्थितियों में बदल जायेगा:
(1) जब MR घटता जाता है लेकिन सकारात्मक  रहता है, तब TR एक गिरती हुयी दर से वृद्धि करता है।
(2) जब MR शून्‍य होता है, तब TR अधिकतम होता है।
(3) जब MR  नकारात्मक हो जाता है, तब TR घटता है।


Q. 169503 पूर्ण प्रतियोगिता के अंतर्गत एक फर्म दीर्घ काल में सामान्‍य लाभ कैसे अर्जित करती है समझाए?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

दीर्घ काल में एक फर्म की संतुलन अवस्‍था:
MC = MR = AR = LAC
नीचे दिये गये चित्र में:- 
   LAC कीमत अर्थात् 'P' को स्‍पर्श करती है।
   E बिंदु पर, MC = MR= AR = LAC
   फर्म सामान्‍य लाभों को अर्जित करती है।


Q. 169504 पूर्ति नियम की मान्‍यताएं बताइए।
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

पूर्ति नियम की मान्‍यताएं हैं:-
(1) अन्‍य संबंधित वस्‍तुओं की कीमत में परिवर्तन नहीं होना चाहिए।
(2) उत्‍पादन की तकनीक में परिवर्तन नहीं होनी चाहिए।
(3) उत्‍पादन के कारकों की लागत एक समान रहनी चाहिए।
(4) फर्म के लक्ष्‍य (उद्देश्‍य) परिवर्तित नहीं होने चाहिए।
(5) सरकार की करारोपण की नीति परिवर्तित नहीं होनी चाहिए।


Q. 169505 उस प्रक्रिया का वर्णन कीजिए जिसमें फर्मों का अल्‍पकालीन असाधारण लाभ दीर्घकाल में समाप्‍त हो जाते हैं।
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

यदि वर्तमान फर्में अल्‍प काल में असाधारण मुनाफा कमा रही हैं, तो वर्तमान फर्में अपने उत्‍पादन में वृद्धि करेगी और एक नई फर्म उद्योग में प्रवेश करेगी।इस प्रकार, उद्योग की कुल आपूर्ति बढ़ेगी भले ही मांग अपरिवर्तित बनी रहे। परिणामस्‍वरूप, कीमतें नीचे गिर जायेगी और फर्में सामान्‍य लाभ अर्जित करेगी।


Q. 169506 निम्‍नलिखित से क्‍या तात्‍पर्य है: (1)इकाई लोचदार पूर्ति
(2)पूर्णत: बेलोचदार पूर्ति
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

(1)इकाई लोचदार पूर्ति: जब कीमत में प्रतिशत परिवर्तन पूर्ति में प्रतिशत परिवर्तन के बराबर होता है, तब एक वस्‍तु की पूर्ति को इकाई लोचदार होना कहा जाता है। ऐसी स्थिति में पूर्ति की लोच 1 के बराबर होती है।
(1)पूर्णत: बेलोचदार पूर्ति: जब वस्‍तु की कीमत में परिवर्तन के फलस्‍वरूप पूर्ति की मात्रा बिल्‍कुल भी परिवर्तन नहीं होती है, तो इसकी पूर्ति को पूर्णत: बेलोचदार होना कहा जाता है। ऐसी स्थिति में पूर्ति की लोच 0 के बराबर होती है।


Q. 169507 AR और MR के बीच अंतर बताए।
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

AR  बेचे गये उत्‍पाद की प्रति इकाई संप्राप्ति  है। बेची गयी इकाइयों की संख्‍या से कुल संप्राप्ति को विभाजित करके AR  की गणना की जाती है। मान लो, फर्म 200 मोबाइल फोन को बेचकर 45,000 रूपये की कुल संप्राप्ति  अर्जित करती है। ऐसी स्थिति में,

रुपये   

सीमांत संप्राप्ति (MR) एक वस्‍तु की अतिरिक्‍त इकाई के विक्रय द्वारा कुल संप्राप्ति का योग है। जब उत्‍पादन की एक और अतिरिक्‍त इकाई को बेच दिया जाता है, तब यह कुल संप्राप्ति  का शुद्ध योग है।

प्रतीकात्‍मक रूप में: MR = TRn – TRn-1

जहां: n = बेची गयी उत्‍पादन की इकाइयों की संख्‍या|


Q. 169508 एक फर्म की कुल संप्राप्ति, फर्म द्वारा बेची गयी मात्रा और बाजार कीमत से कैसे संबंधित है?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

कुल संप्राप्ति दिये हुये उत्‍पादन की बिक्री से फर्म द्वारा प्राप्‍त धन की कुल राशि को दर्शाती  है। इसे उत्‍पादन की बेची गयी मात्रा के साथ वस्‍तु की प्रति इकाई कीमत को गुणा करके प्राप्‍त किया जाता है। उदाहरण के लिए, यदि एक फर्म 3000 रूपये प्रति स्‍कूटर की कीमत पर 100 स्‍कूटरों को बेचती है, तो इसकी कुल संप्राप्ति होगी:

कुल संप्राप्ति = कीमत x उत्‍पादन

TR= P x Q= ( 100 x 3000)

=30,000 रुपये


Q. 169509 एक फर्म का अल्‍पकालीन पूर्ति वक्र क्‍या होता है?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

एक फर्म का पूर्ति वक्र एक वस्‍तु की विभिन्‍न मात्राओं को दर्शाता है जिसकी फर्म विभिन्‍न कीमतों पर पूर्ति करने के लिए तैयार है। यह MC और MR  वक्रों की पारस्‍परिक क्रिया द्वारा निर्धारित होता है।
* नीचे दिये गये चित्र में: P0 कीमत पर, फर्म Q0 मात्रा उत्‍पादित करती है।
* P1कीमत पर, फर्म Q1 मात्रा उत्‍पादित करती है।
* P2 कीमत पर, फर्म Q2 मात्रा उत्‍पादित करती है।
 

E0, E1  और E2 को जोड़ने पर, हमें फर्म का अल्‍पकालीन पूर्ति वक्र प्राप्‍त होता है, जिसे एक अलग चित्र में दिखाया गया है।


Q. 169510 पूर्ण प्रतिस्पर्ध के अंतर्गत, औसत और सीमांत संप्राप्ति वक्र एक जैसे होते हैं(अर्थात् AR = MR)। इस कथन की सत्‍यता को सिद्ध कीजिए।
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

पूर्ण प्रतिस्पर्ध के अंतर्गत, उद्योग कीमत निर्धारक है और फर्में कीमत-स्‍वीकारक हैं। इसलिए, एक वस्‍तु की सभी इकाइयों को एक ही कीमत पर बेचा जाता है।MR AR के बराबर है इसलिए फर्में एक दी हुयी कीमत पर वस्‍तु की किसी भी मात्रा को बेच सकती हैं।

इसका अर्थ यह है कि प्रत्‍येक अतिरिक्‍त इकाई की बिक्री के साथ ही, अतिरिक्‍त संप्राप्ति (MR) और औसत संप्राप्ति (AR) कीमत के बराबर हो जाएगी (AR=MR=P). AR और MR वक्र x-अक्ष के समानांतर एक क्षैतिज सीधी रेखा में एक समान हो जाते हैं।


Q. 169511 एक उपयुक्‍त आरेख के साथ पूर्ति के संकुचन को परिभाषित कीजिए।
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

अन्‍य चीजें स्थिर रहते हुए जब एक वस्‍तु की पूर्ति इसकी कीमत में कमी के साथ कम हो जाती है तो इसे पूर्ति का संकुचन कहा जाता है।

एक वस्‍तु की पूर्ति में वृद्धि या कमी से तात्‍पर्य उसी पूर्ति वक्र पर साथ साथ गति करना है। ऐसा इसलिए कहा जाता है क्‍योंकि उसी वक्र पर मात्रा में हुए परिवर्तन को दर्शाया जाता है। चित्र में, जब कीमत OP1 थी तब पूर्ति की मात्रा OQ1 थी और OP तक कीमत में गिरावट के साथ ही पूर्ति की मात्रा भी संकुचित होकर OQ हो गयी। A से C बिंदु तक की गति को पूर्ति के संकुचन के रूप में जाना जाता है।


Q. 169512 एक वस्तु की कीमत में 10 प्रतिशत परिवर्तन से इसकी पूर्ति 200 इकाइयों से बढ़कर 225 इकाइयाँ हो जाती है
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

दिया है, कीमत में प्रतिशत परिवर्तन= 10 प्रतिशत, Q=200 इकाइयाँ, Q1=225 इकाइयाँ

इकाइयाँ

पूर्ति की गई मात्रा में प्रतिशत परिवर्तन= =प्रतिशत

पूर्ति की कीमत लोच (Es)==


Q. 169513 पूर्ति में वृद्धि को परिभाषित कीजिए। यह पूर्ति के विस्‍तार से कैसे भिन्‍न है? आरेखीय रूप में स्थिति की व्‍याख्‍या कीजिए।
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

पूर्ति में वृद्धि एक ऐसी स्थिति को दर्शाती है जहां उत्‍पादक वस्‍तु की अपनी कीमत के अलावा अन्‍य कारकों में परिवर्तन के कारण उसी कीमत पर एक बहुत बड़ी मात्रा की पूर्ति करने को तैयार रहते हैं। पूर्ति वक्र के दायीं ओर खिसकने को नीचे दिये गये चित्र में दर्शाया गया है-

चित्र में OP कीमत पर पूर्ति की मात्रा OQ1 थी, वस्‍तु की कीमत के अलावा अन्‍य कारकों में परिवर्तन के साथ ही उसी कीमत पर अब OQ2 वस्‍तु की मात्रा की पूर्ति की जाती है और नया पूर्ति वक्र S1 है। A से B बिंदु तक का स्‍थानांतरण पूर्ति में वृद्धि का संकेत देता है।

पूर्ति के विस्‍तार की दशा में, स्‍वयं वस्‍तु की कीमत में परिवर्तन के कारण पूर्ति की मात्रा बढ़ जाती है। पूर्ति मात्रा में परिवर्तन को एक विशिष्‍ट पूर्ति वक्र के साथ गति के द्वारा दर्शाया जाता है। पूर्ति वक्र के साथ ऊपर की ओर चलने वाली गति को पूर्ति का विस्‍तार कहा जाता है।

चित्र में OP1 कीमत पर पूर्ति की  मात्रा OQ1 थी, वस्‍तु की कीमत के OP2  तक बढ़ने के साथ अब OQ2  वस्‍तु की मात्रा की पूर्ति की जाती है। A से B बिंदु तक का स्‍थानांतरण पूर्ति में विस्‍तार का संकेत देता है।


Q. 169514 एक पूर्ण प्रतिस्पर्ध फर्म के लिए कीमत______ होती है:


A. MR से अधिक

B. AR के बराबर

C. MR के बराबर

D.

दोनों (b) तथा (c)

Right Answer is: D

SOLUTION

इस प्रतिस्पर्ध में फर्म को प्रचलित कीमत स्वीकार करनी पड़ती है जिस कारण औसत संप्राप्ति और सीमांत संप्राप्ति स्थिर रहती है और P=AR=MR होता हैं|


Q. 169515 संप्राप्ति के सही समीकरण को चुनिए:


A. लागतें + लाभ

B. लागतें - लाभ

C. लागतें × लाभ

D. लागतें ÷ लाभ

Right Answer is: A

SOLUTION

कुल लाभ, कुल संप्राप्ति घटा कुल लागत होता है जिससे संप्राप्ति को किल लागत जोड़ कुल लाभ भी कहा जा सकता है|


Q. 169516 Es>1 की स्तिथि में पूर्ति वक्र होता है:


A.

x-अक्ष के समांतर एक क्षैतिज सरल रेखा

B.

Y-अक्ष के समांतर एक खड़ी सरल रेखा

C.

Y-अक्ष से शुरू होती एक सरल रेखा

D.

x-अक्ष से शुरू होती एक सरल रेखा

Right Answer is: C

SOLUTION

Es>1 जब एक सरल रेखा धनात्मक ढलान वाला पूर्ति वक्र Y-अक्ष से शुरू होता है|


Q. 169517 टिकाऊ वस्तुओं की पूर्ति _____ होती है:


A.

अधिक लोचदार

B.

कम लोचदार

C.

पूर्णतया लोचदार

D.

पूर्णतया बेलोचदार

Right Answer is: A

SOLUTION

टिकाऊ वस्तुओं को जमा या स्टोर करके रखने और उनके उपभोग होने तक की अवधि लम्बी होती है|


Q. 169518 पूर्ति अधिक से लोचदार कब होती हैं:


A.

अति अल्पकाल की स्थिति में

B.

अल्पकाल की स्तिथि में

C.

दीर्धकाल की स्तिथि में

D. दोनों (b) तथा (c)

Right Answer is: C

SOLUTION

एक सरल रेखा पूर्ति वक्र, जो Y-अक्ष से शुरू होता है यह दर्शाता है की Es>1 चाहे यह कोई भी कोण बनाए|


Q. 169519 पूर्ति की लोच क्या होती है जब पूर्ति वक्र x-अक्ष के सामानांतर होता है:


A.

शून्य

B.

इकाई

C.

अनंत

D.

नकारात्मक

Right Answer is: C

SOLUTION

जब Es=∞ होता है, तब कीमत में मामूली परिवर्तन भी पूर्ति की मात्रा में अनंत परिवर्तन लता है|


Q. 169520 निम्न में से क्या x-अक्ष से आरंभ होता ऊपर की ओर ढलान वाला सरल रेखा पूर्ति वक्र दर्शाता हैं:


A. पूर्ति की लोच एक के बराबर है

B. पूर्ति की लोच शून्य के बराबर है

C.

पूर्ति की लोच एक से कम है

D.

पूर्ति की लोच एक से अधिक है

Right Answer is: C

SOLUTION

Es<1 जब एक सरल रेखा, धनात्मक ढलान वाला पूर्ति वके x-अक्ष से शुरू होता है चाहे यह कोई भी कोण बनाए|


Q. 169521 एक सरल रेखा पूर्ति वक्र जो 60 डिग्री का कोण बनाता है और मूल बिंदु से आरंभ होता हैं, क्या दर्शाता है :


A.

Es=0

B.

Es>1

C.

Es=1

D.

Es<1

Right Answer is: C

SOLUTION

चाहे यह कोई भी कोण बनाए, एक सरल रेखा पूर्ति वक्र जो मूल बिंदु से शुरू होता है, वह दर्शाता है की Es=1


Q. 169522 वह कौन-सी लोचदार पूर्ति है जिसमे पूर्ति वक्र एक खड़ी सीधी रेखा होता है:


A.

इकाई लोचदार पूर्ति

B.

पूर्णतया लोचदार पूर्ति

C.

पूर्णतया बेलोचदार पूर्ति

D.

सापेक्षतया लोचदार पूर्ति

Right Answer is: C

SOLUTION

वह स्थिति जिसमें कीमत में पूर्ति स्थिर रहती है चाहे वस्तु की कीमत में कोई भी परिवर्तन क्यों ना हो|


Q. 169523 आर्थिक सहायता के कारण वस्तु के उत्पादन में क्या परिवर्तन होता हैं:


A.

पूर्ति में कमी होती है

B.

पूर्ति में कोई परिवर्तन नहीं होता

C.

पूर्ति में वृद्धि होती है

D. दोनों (b) तथा (c)

Right Answer is: C

SOLUTION

उत्पादकों के लिए परिणामी हानि की क्षतिपूर्ति आर्थिक सहायता के माध्यम से की जाती है| अतः जब आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है तब वस्तु का पूर्ति वक्र दाई ओर खिसक जाता है|


Q. 169524 पूर्ति वक्र किस ओर खिसकता है प्रति इकाई कर के लगने से:


A.

दाई ओर

B.

दाई ओर के साथ बाई ओर

C.

बाई ओर

D. इनमें से कोई नहीं

Right Answer is: C

SOLUTION

जब कर लगाया जाता है तब पूर्ति वक्र बाई ओर खिसकता हैं| वस्तु की वर्त्तमान कीमत पर कम मात्रा में पूर्ति की जाती है|


Q. 169525 हम पूर्ति की वृद्धि की स्थिति में किस ओर जाते हैं:


A. दूसरे पूर्ति वक्र पर दाई ओर

B. दूसरे पूर्ति वक्र पर बाई ओर

C. पूर्ति वक्र के ऊपरी बिंदु से निचले बिंदु की ओर

D. पूर्ति वक्र के निचले बिंदु से ऊपरी बिंदु की ओर

Right Answer is: A

SOLUTION

पूर्ति में वृद्धि से अभिप्राय पूर्ति वक्र के दाई ओर खिसकाव से है| यह वह स्थिति है जिसमें उत्पादक वर्तमान कीमत पर वस्तु की अधिक मात्रा बेचने के लिए तैयार हैं|


Q. 169526 हम पूर्ति की संकुचन की स्थिति में किस ओर जाते हैं:


A. ऊपरी बिंदु से निचले बिंदु की ओर

B. दूसरे पूर्ति वक्र पर दाई ओर

C. दूसरे पूर्ति वक्र पर बाई ओर

D. दोनों (b) तथा (c)

Right Answer is: A

SOLUTION

पूर्ति का संकुचन तब होता है जब वस्तु की अपनी कीमत में कमी के फलस्वरूप पूर्ति की गई मात्रा में कमी होती हैं|


Q. 169527 ______ एक वस्तु की अपनी कीमत के अतिरिक्त दुसरे तत्वों के कारण यदि पूर्ति में कमी होती है तो यह दर्शाता है:


A. पूर्ति में कमी

B. पूर्ति में संकुचन

C. पूर्ति में विस्तार

D. इनमें से कोई नहीं

Right Answer is: A

SOLUTION

तकनीक या प्रोघोगिकी का पुराना पड़ जाना जिसके कारण कुशलता में कमी होती हैं तथा उत्पादन लागत में वृद्धि होती हैं| अतः उत्पादकों को पूर्ति को सीमित करने के लिए प्रोत्साहित करती हैं| 


Q. 169528 कीमत में कमी के कारण पूर्ति में कमी को निम्न में से क्या कहा जाता है:


A. पूर्ति में वृद्धि

B. पूर्ति में कमी

C. पूर्ति में संकुचन

D. इनमें से कोई नहीं

Right Answer is: C

SOLUTION

पूर्ति में संकुचन के कारण पूर्ति वक्र में निचे की ओर संचलन होता है|


Q. 169529 किस कारण से पूर्ति वक्र पर संचलन होता है:


A.

वस्तु की अपनी कीमत के अतिरिक्त अन्य तत्वों के कारण

B.

वस्तु की अपनी कीमत में वृद्धि के कारण

C.

वस्तु की अपनी कीमत में कमी के कारण

D.

दोनों (2) तथा (3)

Right Answer is: D

SOLUTION

पूर्ति का विस्तार वस्तु की अपनी कीमत में वृद्धि के कारण पूर्ति की गई मात्रा में वृद्धि से होता हैं और पूर्ति में संकुचन वस्तु की अपनी कीमत में कमी के कारण पूर्ति की गई मात्रा में कमी से होता हैं|


Q. 169530 निम्न में से किस कारण से पूर्ति वक्र में दाईn ओर खिसकाव होता है:


A. कारक कीमत में कमी के कारण

B. उच्च व्यवसायिक आशंसाओं के कारण

C. बाज़ार में फर्मो की वृद्धि के कारण

D. उपरोक्त सभी

Right Answer is: D

SOLUTION

किसी वस्तु की पूर्ति में वृद्धि या कमी, जब वस्तु की कीमत के अतिरिक्त अन्य निधार्रक तत्वों में परिवर्तन होता है|  


Q. 169531 पूर्ति का नियम किस स्तिथि में लागू नहीं होता:


A. औघोगिक वस्तुओं पर

B. कृषि उत्पादित वस्तुओं पर

C. नाशवान वस्तुओं पर

D.

दोनों (b) तथा (c)

Right Answer is: D

SOLUTION

चावल की कीमत बढ़ने पर भी उसकी पूर्ति कम रह सकती है, यदि प्रकृतिक प्रकोपों के कारण चावल का उत्पादन ही सीमित हुआ हो|


Q. 169532 पूर्ति का विस्तार निम्न में से किस कारण होता हैं:


A. फर्म के उदेश्य के कारण

B. वस्तु की अपनी कीमत के कारण

C. फर्मो की संख्या के कारण

D. उत्पादन की तकनीक के कारण

Right Answer is: B

SOLUTION

पूर्ति के विस्तार का अर्थ है कि वस्तु की अपनी कीमत में वृद्धि के कारण पूर्ति की गई मात्रा में वृद्धि होती हैं|


Q. 169533 माँग के नियम के अनुसार पूर्ति तथा कीमत के बिच केसा संबंध होता हैं:


A. नकारात्मक संबंध

B. स्थिर संबंध

C. धनात्मक संबंध

D. कोई संबंध नहीं होता

Right Answer is: C

SOLUTION

वस्तु की अपनी कीमत बढ़ने पर पूर्ति की गई मात्रा में वृद्धि होती है तथा कीमत कम होने पर पूर्ति की गई मात्रा में कमी होती है|


Q. 169534 निम्न में से ______ बाज़ार में एक व्यक्तिगत फर्म के पूर्ति वक्र का ग्राफिक प्रस्तुतीकरण कहलाता है:


A. उत्पादक का माँग वक्र

B. उपभोक्ता का माँग वक्र

C. व्यक्तिगत पूर्ति वक्र

D. बाज़ार पूर्ति वक्र

Right Answer is: C

SOLUTION

व्यक्तिगत पूर्ति वक्र के निचे से ऊपर की ओर ढलान से ज्ञात होता है कि वस्तु की कीमत तथा उसकी पूर्ति की गई मात्रा में धनात्मक संबंध होता हैं|


Q. 169535 नीचें दिए गए कथनों में से कौन-सा कथन सही हैं:


A. पूर्ति तथा भण्डार में अंतर होता है

B. पूर्ति सरकार की कर नीति पर निर्भर नहीं करती

C. भण्डार वह मात्रा है जो बाज़ार में बिकने के लिए आती है

D. भण्डार तथा पूर्ति हमेशा बराबर होते हैं

Right Answer is: A

SOLUTION

वस्तु की वह मात्रा जो निश्चित समय पर फर्म के पास उपलब्ध होती है उसे भण्डार  कहते हैं| जबकि भण्डार की वह मात्रा जो फर्म वर्तमान में एक निश्चित कीमत पर बेचने के लिए तैयार हो उसे पूर्ति कहते हैं|   


Q. 169536 निम्नलिखित कथनों में से कौन-सा सही है अतिरिक्त माँग की स्थिति में:


A. बाज़ार पूर्ति बाज़ार माँग से कम होगी

B. संतुलन कीमत तथा संतुलन मात्रा बढ़ेगी

C. दोनों (a) तथा (b)

D. न तो (a) और न ही (b)

Right Answer is: C

SOLUTION

अतिरिक्त माँग के दबाव के कारण बाज़ार कीमत में वृद्धि होती है| इसके फलस्वरूप माँगी गई मात्रा में कमी तथा पूर्ति की गई मात्रा में वृद्धि होती है|


Q. 169537 जब माँग तथा पूर्ति दोनों वक्रों में खिसकाव समानुपात में माँग एवं पूर्ति में वृद्धि को व्यक्त करता है तब संतुलन कीमत तथा मात्रा में क्या परिवर्तन होगा:


A. संतुलन कीमत अपरिवर्तित रहती है परन्तु संतुलन मात्रा बढ़ती है

B. केवल संतुलन कीमत अपरिवर्तित रहती है

C. संतुलन कीमत अपरिवर्तित रहती है परन्तु संतुलन मात्रा घटती है

D. केवल संतुलन मात्रा अपरिवर्तित रहती है

Right Answer is: A

SOLUTION

जब माँग में वृद्धि पूर्ति में वृद्धि के बराबर होती है तब न तो अतिरिक्त माँग और न ही अतिरिक्त पूर्ति की स्थिति उत्पन्न होती है| इसलिए कीमत में कोई परिवर्तन नहीं होता| हालांकि संतुलन मात्रा में वृद्धि होती है|


Q. 169538 निम्नकोटी वस्तुओं की स्थिति में उपभोक्ताओं की आय में वृद्धि से संतुलन कीमत तथा मात्रा पर क्या प्रभाव पड़ेगा:


A. संतुलन कीमत तथा मात्रा बढ़ेगी

B. संतुलन कीमत घटेगी तथा मात्रा बढ़ेगी

C. संतुलन कीमत तथा मात्रा घटेगी

D. संतुलन कीमत बढ़ेगी तथा मात्रा घटेगी

Right Answer is: C

SOLUTION

उपभोक्ताओं की आय में वृद्धि होने पर निम्न्कोटी वस्तुओं जैसे की ज़ोवार, बाजरा आदि की माँग में कमी होती है जिस कारण माँग वक्र बाई ओर खिसकता है जिससे संतुलन कीमत तथा मात्रा में कमी होती है|


Q. 169539 संतुलन कीमत में क्या परिवर्तन होगा उपभोक्ताओं की संख्या में कमी होने पर:


A.

संतुलन कीमत बढ़ जाती है

B.

संतुलन कीमत में कोई परिवर्तन नहीं होता

C.

संतुलन कीमत घट जाती है

D.

इनमे से कोई नहीं

Right Answer is: C

SOLUTION

उपभोक्ताओं की संख्या में कमी के कारण बाज़ार में वस्तुओं की माँग में कमी होगी जिस से माँग वक्र में दाई ओर खिसकाव होगा और वस्तुओं की कीमतें घट जाएगी|


Q. 169540 PX=10 पर, वस्तु-X के लिए माँग 50 इकाइयाँ हैं तथा वस्तु-X की पूर्ति 30 इकाइयाँ हैं, यह स्थिति है:


A. अतिरिक्त पूर्ति की

B. अतिरिक्त माँग की

C. संतुलन की

D. इनमें से कोई नहीं

Right Answer is: B

SOLUTION

यह स्थिति है असंतुलन की जिसमें दी हुई कीमत पर उपभोक्ताओं द्वारा वस्तु की माँग उत्पादकों द्वारा वस्तु की पूर्ति से अधिक है|


Q. 169541 निम्न में से किस अवधि में नाशवान वस्तुओं का बाज़ार पूर्ति वक्र एक खड़ी सीधी रेखा Y-अक्ष के बराबर होता है:


A. अति अल्पकाल

B. दीर्धकाल

C. अल्पकाल

D.

उपरोक्त सभी

Right Answer is: D

SOLUTION

टिकाऊ वस्तुओं की तुलना में नाशवान वस्तुओं जैसे की फल-सब्जियों को जमा या स्टोर करके रखने और उपभोग होने तक की अवधि अल्प होती है जिस कारण नाशवान वस्तुओं की पूर्ति पूर्ण बेलोचदार होती है|


Q. 169542 पूर्ति के पूर्णतया बेलोचदार होने की स्थिति में माँग में वृद्धि या कमी कीमत तथा संतुलन मात्रा पर ______ प्रभाव सालती है:


A. कीमत पर कोई प्रभाव नहीं पढता

B. कीमत में क्रमशः वृद्धि या कमी होती है

C. संतुलन मात्रा पर कोई प्रभाव नहीं पढता

D.

दोनों (b) तथा (c)

Right Answer is: D

SOLUTION

जब माँग वक्र दाई ओर खिसकता है तब कीमत में वृद्धि होती है ओर जब माँग वक्र बाई ओर खिसकता है तब कीमत में कमी होती है किन्तु पूर्ति में और मात्रा में कोई परिवर्तन नहीं होता|


Q. 169543 आगतों की कीमत में कमी होने के कारण संतुलन कीमत तथा मात्रा में क्या परिवर्तन आता है:


A. संतुलन कीमत बढ़ेगी तथा मात्रा घटेगी

B. संतुलन कीमत तथा मात्रा घटेगी

C. संतुलन कीमत घटेगी तथा मात्रा बढ़ेगी

D. संतुलन कीमत तथा मात्रा बढ़ेगी

Right Answer is: C

SOLUTION

आगतों की कीमत में कमी होने पर फर्म की लागत में कमी होती है जिस कारण वह अपनी पूर्ति बढाती है जिस कारण पूर्ति वक्र में दाई ओर खिसकाव होता है जिससे संतुलन कीमत में कमी होती है और मात्रा बढ़ती है|


Q. 169544 अतिरिक्त पूर्ति की स्थिति में, बाज़ार की कीमत में क्या परिवर्तन आता है
A.
B.
C.
D.

Right Answer is: C

SOLUTION

अतिरिक्त पूर्ति की स्थिति में दी गई कीमत पर उत्पादक उस मात्रा से अधिक मात्रा बेचने के  लिए इच्छुक होते है जो मात्रा उप्भोक्ता खरीदने के लिए इच्छुक है| इस दबाव के कारण कीमतों में कमी होती है| 


Q. 169545 बाज़ार निम्न में से किस स्थिति पर संतुलित होता है:


A. बाज़ार माँग = बाज़ार पूर्ति

B. बाज़ार माँग < बाज़ार पूर्ति

C. बाज़ार माँग > बाज़ार पूर्ति

D. इनमें से कोई नहीं

Right Answer is: A

SOLUTION

संतुलन की स्थिति में बाज़ार में nन ही कुछ आधिक्य और न ही कोई कमी होती है| जो कीमत और मात्रा बाज़ार में प्रचलन में होती है वह संतुलन कीमत ओर संत्तुलन मात्रा कहलाती है|


Q. 169546 पूर्ण प्रतिस्पर्ध के अंतर्गत AR और MR के बीच क्‍या संबंध होता है?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

पूर्ण प्रतिस्पर्धा के अंतर्गत AR=MR  होता है क्‍योंकि बाजार में एक ही कीमत का प्रचलन होता है।


Q. 169547 यदि किसी वस्तु की माँग कम होती है तो इसका संतुलन कीमत पर क्या प्रभाव पड़ेगा?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

संतुलन कीमत में कमी होगी|


Q. 169548 पूर्ण प्रतिस्पर्ध में एक वस्तु की संतुलन कीमत किस्से निधारित होती हैं?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

माँग तथा पूर्ति दोनों की सहायिता से|


Q. 169549 एक फर्म के संतुलन के लिए आवश्‍यक शर्तों का उल्‍लेख कीजिए।
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

संतुलन प्राप्‍त करने हेतु एक फर्म के लिए निम्‍नलिखित दो शर्तों को पूरा करना जरूरी है;
(अ) MC=MR
(ब) MC को नीचे से MR को काटना चाहिए।


Q. 169550 औसत संप्राप्ति (TR) को परिभाषित कीजिए।
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

बेचे गए उत्पाद की प्रति इकाई पर प्राप्त संप्राप्ति को औसत संप्राप्ति कहते हैं।


Q. 169551 (क) पूर्ति में वृद्धि और (ख) पूर्ति में कमी की स्थिति में पूर्ति वक्र में क्‍या घटित होगा?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

(क) पूर्ति में वृद्धि की स्थिति में पूर्ति वक्र दायीं तरफ खिसक जायेगा।

(ब) पूर्ति में कमी की स्थिति में, पूर्ति वक्र बायीं ओर खिसक जायेगा।


Q. 169552 पूर्ति में परिवर्तन से क्‍या तात्‍पर्य है?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

जब परिवर्तन (वृद्धि या कमी) कीमत के अलावा अन्‍य कारकों में परिवर्तन के कारण होती है, तो इसे मात्र पूर्ति में परिवर्तन कहा जाता है। आरेखीय रूप से, इसका अर्थ पूर्ति वक्र में खिसकाव है।

 

 


Q. 169553 एक लागत बचत तकनीकी प्रगति का पूर्ति वक्र पर क्‍या प्रभाव पड़ता है?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

लागत बचत तकनीकी प्रगति के कारण पूर्ति वक्र दायीं ओर खिसक जायेगा।


Q. 169554 बाज़ार संतुलन की स्थिति में:


A.

बाज़ार माँग < बाज़ार पूर्ति

B.

बाज़ार माँग > बाज़ार पूर्ति

C.

बाज़ार माँग=बाज़ार पूर्ति

D.

बाज़ार माँग = 0

Right Answer is: C

SOLUTION

बाज़ार संतुलन की स्थिति में बाज़ार माँग बाज़ार पूर्ति के बराबर होती है |


Q. 169555 पूर्ण प्रतियोगिता में एक वस्तु की संतुलन कीमत __________ द्वारा निर्धारित होती है
A.
B.
C.
D.

Right Answer is: C

SOLUTION

पूर्ण प्रतियोगिता में एक वस्तु की संतुलन कीमत माँग तथा पूर्ति दोनों के द्वारा निर्धारित होती है|


Q. 169556 सामान्‍य कीमत क्‍या है?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

दीर्घकाल में प्रचलित कीमत को सामान्‍य कीमत कहा जाता है।


Q. 169557 निम्‍न के बीच किस प्रकार का संबंध है- (अ) कीमत और मांग
(ब) आय और मांग
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

मांग और कीमत के बीच प्रतिकूल (विपरीत) संबंध है जिसका अर्थ है जैसे ही वस्‍तु की कीमत बढ़ती है वैसे ही इसकी मांग में कमी हो जाती है। आय और मांग के बीच सीधा संबंध होता है जिसका अर्थ है जैसे ही एक व्‍यक्ति की आय बढ़ती है, वैसे ही वस्‍तु के लिए मांग भी बढ़ जाती है।


Q. 169558 एक वस्‍तु की संतुलन की कीमत तब क्‍या होती है जब उस वस्‍तु की मांग बढ़ जाती है?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

पूर्ति को स्थिर मानते हुए जब एक वस्‍तु की मांग बाजार में बढ़ जायेगी, तो संतुलन कीमत में वृद्धि हो जायेगी।


Q. 169559 बाजार कीमत क्‍या होती है?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

कीमत जोकि अल्‍प अवधि में बाजार में प्रचलित होती है उस को बाजार कीमत कहा जाता है।


Q. 169560 जब स्‍थानापन्‍न वस्‍तु की कीमत गिरती है तो एक वस्‍तु के लिए क्‍या मांग होती है?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

जब स्‍थानापन्‍न वस्‍तु की कीमत गिरती है, तब दी हुयी वस्‍तु की मांग भी गिर जाती है। उदाहरण के लिए, यदि चाय की कीमत कम होती है तब कॉफी जो चाय का एक स्‍थानापन्‍न है की मांग भी कम हो जाती है क्‍योंकि लोग चाय पीना पसंद करते है जोकि कॉफी की तुलना में सस्‍ती है।


Q. 169561 मांग में परिवर्तन को परिभाषित कीजिए।
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

बाजार में कीमत या अन्‍य कारकों में परिवर्तन होने के कारण मांग में वृद्धि या कमी होना ही मांग में परिवर्तन है।


Q. 169562 ''अतिरिक्‍त पूर्ति'' को परिभाषित कीजिए।
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

बाजार में जब आपूर्तिकर्ता द्वारा पूर्ति की मात्रा क्रेता द्वारा मांगी गयी मात्रा से अधिक होती है, तब इसे अतिरिक्‍त पूर्ति कहा जाता है।


Q. 169563 बाजार में जब अतिरिक्‍त पूर्ति होती है तब लाभ में कौन होता है, उपभोक्‍ता या उत्‍पादक?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

बाजार में जब अतिरिक्‍त पूर्ति होती है तो उपभोक्‍ता लाभ में होता है क्‍योंकि अतिरिक्‍त पूर्ति के कारण वस्‍तु की कीमत गिर जायेगी। इससे उपभोक्‍ताओं की क्रय क्षमता बढ़ जाती है।


Q. 169564 जब बाजार में पूर्ति की तुलना में मांग अधिक(D > S)होती है तब कीमत पर क्‍या प्रभाव पड़ता है?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

बाजार में जब पूर्ति की तुलना में मांग अधिक हो जाती है, तो कीमत संतुलन स्‍तर से ऊपर उठ जायेगी।


Q. 169565 संतुलन सभी के लिए क्‍यों आवश्‍यक है?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

संतुलन साम्‍य की स्थिति है। यह सभी प्रक्रियाओं में एक साथ घटित होने वाली बाधाओं से बचने के लिए आवश्‍यक है।


Q. 169566 अपने दैनिक जीवन में देखे गये संतुलन का एक उदाहरण दीजिए।
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

एक साईकिल में दो पहियों का संतुलन अपने दैनिक जीवन में देखे गये संतुलन का एक उदाहरण है।


Q. 169567 संतुलन से क्‍या तात्‍पर्य है?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

संतुलन एक ऐसी स्थिति को दर्शाता है जिसमें मांग की मात्रा बाजार में वस्‍तु की पूर्ति के बराबर होती है।


Q. 169568 बाजार की दो प्रमुख विशेषताओं का उल्‍लेख कीजिए।
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

बाजार की दो प्रमुख विशेषताएं है:
* बाजार को एक विशेष स्‍थान या क्षेत्र की आवश्‍यकता नहीं होती है। यह एक भौतिक या आभासी क्षेत्र में हो सकता है।
* क्रेता और विक्रेता क्रय और विक्रय करने हेतु कीमत और मात्रा के बारे में सौदेबाजी को प्रभावित करने के लिए सक्षम होने चाहिए।


Q. 169569 संपूरक वस्‍तुएं क्‍या होती है? एक उदाहरण दीजिए।
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

संपूरक वस्‍तुओं को ऐसी वस्‍तुओं के रूप में परिभाषित किया जाता है जिनकी मांग तब बढ़ती है जब अन्‍य वस्‍तुओं की कीमत कम हो जाती है और मांग तब कम होती है जब अन्‍य वस्‍तुओं की कीमत बढ़ जाती हैं। इन वस्‍तुओं की मांग संयुक्‍त होती हैं। उदाहरण के लिए, जब पेट्रोल की कीमत बढ़ती है तो कार की मांग कम हो जाती है क्‍योंकि कार पेट्रोल पर चलती है।


Q. 169570 अतिरिक्‍त पूर्ति से आप क्‍या समझते है?एक उदाहरण देते हुए इसके प्रभाव की व्‍याख्‍या कीजिए।
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

जब पूर्तिकर्ता द्वारा बाजार में क्रेता द्वारा मांगी गयी मात्रा से अधिक मात्रा की पूर्ति की जाती है तब इसे अतिरिक्‍त पूर्ति कहा जाता है।

अतिरिक्‍त पूर्ति कीमत को कम कर देती है और जब तक कीमतें संतुलन स्‍तर पर नहीं पहुंचती तब तक प्रक्रिया जारी रहती है।


Q. 169571 ''मांग और पूर्ति एक कैंची के दो फलक है।'' व्‍याख्‍या कीजिए।
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

काटने के लिए कैंची के दो फलक की आवश्‍यकता होती है। दोनों जरूरी हैं और दोनों महत्‍वपूर्ण है। उसी प्रकार, संतुलित कीमत और मात्रा का निर्धारण करने के लिए मांग और पूर्ति दोनों का संयुक्‍त रूप से प्रतिस्‍पर्धी बाजार में होना आवश्‍यक है। मांग या पूर्ति अकेले बाजार में किसी भी परिवर्तन को निर्धारित नहीं कर सकती है। इसलिए, यह कहना सही है कि मांग और पूर्ति एक कैंची के दो फलक है।


Q. 169572 चिरकालिक अवधि क्‍या होती है। इसकी विशेषताएं बताइए।
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

एक बहुत लंबी अवधि जिसमें मांग और पूर्ति के बीच पूर्ण समायोजन किया जा सकता है को चिरकालिक अवधि कहा जाता है।

चिरकालिक अवधि की विशेषताएं निम्‍नलिखित हैं:
* उत्‍पादन के कारकों को मांग और पूर्ति में परिवर्तन के कारण बदला जा सकता है।
* मांग, पूर्ति, आय, जनसंख्‍या, उत्‍पादन की तकनीक, नए आवष्किार आदि में परिवर्तन किया जा सकता है।
* क्‍योंकि समय अवधि बहुत लंबी होती है,इसलिए कोई सामान्‍यकरण इस बारे में नहीं बनाया जा सकता है।


Q. 169573 अल्‍प काल की तुलना में दीर्घ काल अधिक लोचदार कैसा होता है व्‍याख्‍या कीजिए?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

अल्‍प काल की तुलना में दीर्घ काल अधिक लोचदार होता है क्‍योंकि दीर्घ काल में वस्‍तु की पूर्ति को मांग में वृद्धि के कारण बाजार में हुये परिवर्तनों के अनुसार समायोजित किया जा सकता है। नई फर्में बाजार में प्रवेश कर सकती हैं। पुरानी फर्में बाजार छोड़ सकती हैं और वर्तमान फर्में अपने उत्‍पादन के स्‍तर को बदल सकती हैं।


Q. 169574 एकाधिकार और पूर्णत: प्रतिस्‍पर्धी फर्मों के बीच अंतर स्‍पष्‍ट कीजिए।
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

पूर्णत: प्रतिस्‍पर्धी

एकाधिकार

बहुत सारे विक्रेता

एक विक्रेता

क्रेता और विक्रेताओं को सौदेबाजी का कोई अधिकार नहीं होता है।

विक्रेता कीमत निर्धारित करता है और क्रेता को सौदेबाजी का कोई अधिकार नहीं होता है।

मांग वक्र लोचदार होता है

मांग वक्र बेलोचदार होता है

प्रवेश और निकास की स्‍वतंत्रता

प्रवेश के लिए बाधांए

फर्म केवल सामान्‍य लाभ कमाती है

फर्म असामान्‍य लाभ कमाती है


Q. 169575 विक्रय लागत से क्‍या तात्‍पर्य है? किस प्रकार के बाजार को विक्रय लागत की आवश्‍यकता नहीं होती है?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

विक्रय लागत विभिन्न  प्रचार उपायों केमाध्यमों से बिक्री हेतु बाजार में उत्पाद को बढ़ावा देने के लिए लगायीजाती है। यह एकाधिकारी बाजार संरचना की एक प्रमुख विशेषता है।

पूर्णत: प्रतिस्‍पर्धी बाजार और एकाधिकार बाजार में बिक्री को बढ़ावा देने के उपायों के लिए कोई जगह है।

पूर्ण प्रतियोगिता में,उत्‍पाद सजातीय होते है और विज्ञापनों के माध्‍यम से उत्‍पाद को बढ़ावा देने की कोई आवश्‍यकता नहीं होती है। पूर्णत: प्रतिस्‍पर्धी बाजार में क्रेता और विक्रेता कीमत स्‍वीकारक होते हैं क्‍योंकि संतुलन की कीमत और मात्रा का निर्धारण बाजार की प्रतिरोधी शक्तियों द्वारा किया जायेगा।

एकाधिकार में, बाजार में केवल एक ही विक्रेता होता है, इसलिए कोई प्रतिस्‍पर्धा नहीं होती है। बाजार में विक्रेता कीमत निर्धारक है। क्‍योंकि बाजार में उत्‍पादित वस्‍तुओं की कोई स्‍थानापन्‍न वस्‍तुएं उपलब्‍ध नहीं होती है। कोई विक्रय लागत मौजूद नहीं होती है इसलिए उत्‍पाद को बढ़ावा देने या विज्ञापन की कोई आ‍वश्‍यकता नहीं होती है।


Q. 169576 अपूर्ण प्रतियोगिता की मुख्य विशेषताओं को स्पष्ट कीजिए।
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

अपूर्ण प्रतियोगिता की मुख्य विशेषताएं निम्नांकित है-

(1)फर्मों (विक्रेताओं) की अधिक संख्या - बाजार की ऐसी अवस्था में किसी वस्तु का उत्पादन करने वाली फर्मों की संख्या काफी अधिक होती है।

(2)क्रेताओं की अधिक संख्या -ऐसे बाजार में किसी वस्तु के प्रत्येक ब्रान्ड को खरीदने वाले अनेक क्रेता होते हैं।

(3)वस्तु विभेद - अनेक फर्में मिलती जुलती वस्तुओं का उत्पादन करती हैं,अर्थात रंग,रूप,आकार,डिजाइन,पैंकिंग,आदि के आधार पर वस्तु विभेद पाया जाता है। वस्तुओं एक दूसरे की निकट स्थानापन्न होती है।

(4)फर्मों के प्रवेश एवं बहिर्गमन की स्वतन्त्रता - अपूर्ण प्रतियोगिता के अन्तर्गत नर्इ फर्मों को बाजार में प्रवेश करने तथा पुरानी फर्मों को बाजार को छोड़ने की पूर्ण स्वतंत्रता होती है।

(5)बाजार का अपूर्ण ज्ञान - क्रेता यह नहीं जान पाते हैं कि कौन-सी फर्में वस्तु को सबसे कम कीमत पर बेच रही है। इसलिए क्रेताओं तथा विक्रेताओं को बाजार का अपूर्ण ज्ञान रहता है।

(6)समझौता नहीं - कीमत या उत्पादन के संबंध में फर्मों के बीच कोर्इ समझौता नहीं होता है। प्रत्येक फर्म अपनी वस्तु की कीमत तथा उत्पादन के बारे में स्वतंत्र निर्णय ले सकती है।

(7)विक्रय लागतें - फर्मों की वस्तुएं एक दूसरे की निकट स्थानापन्न होती हैं इसलिए सभी फर्में अपनी वस्तु की बिक्री बढ़ाने के लिए समाचारपत्रों,पत्रिकाओं,सिनेमा,रेडियों,टेलीविजन,आदि में विज्ञापन पर पर्याप्त धनराशि व्यय करती हैं।

(8)गैर कीमत प्रतियोगिता - पूर्ण प्रतियोगिता में फर्में अपनी वस्तुओं को अधिक से अधिक मात्रा में बेचने के लिए गिफ्ट योजना चलाकर, ग्राहकों को विशेष सुविधाएं प्रदान कर गैर-कीमत प्रतियोगिता के विभिन्न तरीके अपनाती है।

(9)औसत तथा सीमांत आय वक्र - अपूर्ण प्रतियोगिता के अन्तर्गत प्रत्येक फर्म की अपनी स्वतंत्र कीमत नीति होती है। वस्तु को अधिक मात्रा में बेचने के लिए प्रत्येक फर्म को अपनी कीमत कम करनी पड़ती है। इसलिए फर्म के औसत आय वक्र और सीमांत आय वक्र बार्इं ओर नीचे को झुके होते है।

(10)लागत तथा पूर्ण वक्र - ऐसे बाजार में औसत लागत,सीमांत लागत,औसत परिवर्तनशील लागत तथा विक्रय लागत के वक्र U - आकार के होते हैं।


Q. 169577 संतुलित कीमत और मात्रा के प्रभाव को एक आरेख चित्र की मदद से दिखाए, जब:
(1) मांग पूर्णत: लोचदार है और पूर्ति घट जाती है।
(2) पूर्ति पूर्णत: बेलोचदार है और मांग बढ़ जाती है।
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

(1) यदि मांग पूर्णत: लोचदार है और पूर्ति घटती है, तो कीमत में कोई परिवर्तन नहीं होगा। जब पूर्ति SS  से घटकर S2S2 हो जाती है, तो कीमत OP पर स्थिर बनी रहती है लेकिन मात्रा OQ से घटकर OQ2 हो जाती है।

 

(2) जब पूर्ति पूर्णत: बेलोचदार होती है और मांग बढ़ जाती है, तो वस्‍तु की कीमत बढ़ जायेगी और मात्रा स्थिर बनी रहेगी। आरेख में जब मांग DD से बढ़करD1D1हो जाती है, तो कीमत भी OP से बढ़करOP1हो जाती है लेकिन मात्राOQपर वैसी ही बनी रहती है।

 


Q. 169578 हर डेबिट के लिए एक समराशि क्रेडिट भी होगा यह वाक्य दर्शाता है


A.

मिलान की अवधारण

B.

लागत की अवधारणा

C.

मुद्रा मापांकन अवधारणा

D.

द्वि-पहलू अवधारणा।

Right Answer is: B

SOLUTION

द्वि-पक्षीय अवधारणा के अनुसार, प्रत्येक लेन-देन के दो पहलू होते हैं, अतः यदि कोई लेन-देन या घटना घटित होती है तो उसके भी दो प्रभाव होंगे।


Q. 169579 वित्तीय लेखांकन का आधारभूत कार्य‘


A.

सभी व्यावसायिक व्यवहारों का लेखा करना

B.

वित्तीय ऑकडों की व्याख्या करना

C.

प्रबन्ध को कुशलतापूर्वक कार्य करने में सहयोग देना

D.

उपरोक्त में कोई नहीं।

Right Answer is: A

SOLUTION

लेखांकन की इस शाखा का मुख्य उद्देश्य व्यायसायिक लेन-देनों का नियमानुसार लेखा करना, लाभ-हानि खाता बनाकर लेखांकन अवधि के लाभ-हानि को ज्ञात करना और स्थिति विवरण बनाकर व्यवसाय की वित्तीय स्थिति को प्रकट करना है। लेखांकन की यह शाखा प्रबन्धकों एवं व्यवसाय में हित रखने वाले अन्य पक्षकारों को उनके द्वारा वांछित सूचनाएँ प्रदान करती है।


Q. 169580 निम्न में से कौन लेखांकन की शाखा हैः


A.

वित्तीय लेखाकंन

B.

लागत लेखांकन

C.

प्रबन्धकीय लेखांकन

D.

उपरोक्त सभी।

Right Answer is: D

SOLUTION

आधुनिक प्रबन्ध को अपने कार्यो को अधिक कुशलतापूर्वक सम्पादन करने के लिए विभिन्न प्रकार की सचनाओं की आवश्यकता होती है। प्रबन्ध की बढती हुई आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए लेखांकन की विशिष्ट शखओं का विकास हुआ है जैसे कि वित्तीय लेखांकन, लागत लेखांकन, प्रबन्धकीय लेखांकन, कर लेखांकन, सामाजिक दायित्व लेखांकन इत्यादि।


Q. 169581 लेखों में ..... व्यवहारों का लेखा किया जाता है।


A.

वित्तीय

B.

प्राकृतिक

C.

मानवीय

D.

उपर्युक्त में से कोई नहीं।

Right Answer is: A

SOLUTION

लेखांकन उन व्यावसायिक लेन-देनों और घटनाओं को लेखांकन करने एवं वर्गीकरण करने का विज्ञान है जो मुख्यतः वित्तीय प्रकृति के हैं और यह इन लेन-देनों और घटनाओं का सारांश, वर्गीकरण एवं व्याख्या करने एवं परिणामों को इनमें रूचि रखने वाले व्यक्तियों को संवहन करने की कला भी है जिनके आधार वह अपने निर्णय ले सकें।


Q. 169582 निम्न में लेखांकन प्रक्रिया का अन्तिम चरण हैः


A.

व्यवहारों का लिखना

B.

वित्तीय विवरण तैयार करना

C.

वित्तीय सूचनाओं का सम्प्रेषण।

D.

वित्तीय सूचनाओं का विश्लेषण एवं व्याख्या

Right Answer is: C

SOLUTION

लेखांकन की विशेषताओं में वित्तीय डाटा को इसके उपयोकर्ताओं तक प्रेषित करना (संवहन करना) भी सम्मिलित है जो अपनी व्यक्तिगत आवश्यकताओं के अनुसार इनका विश्लेषण करते हैं।


Q. 169583 पुस्तपालन व्यावसायिक व्यवहारों को निश्चित सिद्धान्तों के आधार पर शुद्धतापूर्वक लिखने का:


A.

विज्ञान है

B.

कला है

C.

विज्ञान एवं कला है।

D.

उपर्युक्त में से कोई नहीं।

Right Answer is: C

SOLUTION

यह मुख्य रूप से लेखा पुस्तकें रखने से सम्बन्धित है। लेखा पुस्तकें रखने में निम्न चार क्रियाओं को सम्मिलित किया जाता है : (i)  विभिन्न लेन-देनों में से ऐसे लेन-देनों की पहचान करना जो वित्तीय प्रकृति के हैं। (ii) पहचान किए गए लेन-देनों को मुद्रा के रूप में मापना (iii) पहचान किए गए लीन-देनों की प्रारम्भिक लेखें की पुस्तकों में प्रविश्टि करना (iv) इनका खाताबही में वर्गीकरण करना।


Q. 169584 निम्न में से किसे लेखा-बहियों में नहीं लिखा जाएगा


A.

माल का विक्रय

B.

वेतन का भुगतान

C.

स्टाफ की गुणवत्ता

D.

उपर्युक्त में से कोई नहीं।

Right Answer is: C

SOLUTION

पुस्तकों में प्रत्येक लेन-देन का मुद्रा के रूप में ही लेखा किया जाता है जैसे कि एक व्यवसायी ने 200 कुर्सियों व 10 मेजें खरीदी तो इनका मुदा के रूप में जो मूल्य होगा उसी का लेखा किया जाएगा।


Q. 169585 वित्तीय विवरण किसका भाग है-


A.

लेखांकन

B.

पुस्तपालन

C.

उपर्युक्त सभी

D.

उपर्युक्त में से कोई नहीं।

Right Answer is: A

SOLUTION

सारांश तैयार करना एक ऐसी कला है जिसके अंतर्गत वर्गीकृत किए गए आंकड़ो को इस ढंग से पेश किया जाता है कि वह प्रबन्धकों एवं अन्य व्यक्तियों की समझ में आ जाएँ और उनके लिए उपयोगी सिद्ध हों। इसके लिए खाताबही के समस्त खातों के षेश निकाले जाते हैं एवं उनकी सहायता से तलपट तैयार किया जाता है। तलपट की सहायता से अन्तिम खाते तैयार किए जाते हैं जिनमें व्यापारिक खाता, लाभ-हानि खाता, तथा स्थिति विवरण सम्मिलित होते हैं।


Q. 169586 पुस्तपालन मुख्यतः सम्बन्ध रखती है।


A.

वित्तीय संमकों का सारांश तैयार करने की विधि तैयार करना

B.

आनतरिक और बाह्य उपयोगकर्ताओं के लिए संमकों के निष्कर्ष तैयार करना

C.

व्यवसायिक संस्था के वित्तीय विवरण तैयार करना

D.

उपर्युक्त में से कोई नहीं।

Right Answer is: D

SOLUTION

पुस्तपालन उन सब व्यापारिक व्यवहारों को जिनमें मुद्रा या मुद्रा के तुल्य मूल्य का हस्तांतरण होता हो, बहियों में सही-सही लिखने की विज्ञान व कला है।


Q. 169587 पुस्तपालन के मुख्य उद्देश्य हैं-


A.

लेन-देन का पूर्ण अभिलेखन,

B.

व्यवसाय पर वित्तीय प्रभावों का निर्धारण

C.

डाटा का विशलेषण तथा निर्वचन

D.

(i) तथा (ii) दोनों

Right Answer is: D

SOLUTION

पुस्तपालन व्यावसायिक अथवा वित्तीय लेन-देनों के मौद्रिक पहलू को लेखे की पुस्तकों में लेखांकन करने की कला है।


Q. 169588 निम्न में से कौन सी लेखांकन की उप-शाखा नहीं है?


A.

वित्तीय लेखांकन

B.

पुस्तपालन

C.

प्रबधकीय लेखांकन

D.

लागत लेखांकन

Right Answer is: B

SOLUTION

पुस्तपालन का क्षेत्र सीमित है। इसमें व्यवहारों को प्रारम्भिक लेखा-पुस्तकों में लिखा जाता है। प्रारम्भिक लेखा-पुस्तकों से खाताबही में पोस्टिंग की जाती है तथा खातों का शेष ज्ञात किया जाता है।


Q. 169589 लेखांकन सूचनाओं के आंतरिक उपयोगकर्ता है।


A.

सम्भावित विनियोक्ता

B.

लेनदार

C.

प्रबंधक

D.

कर्मचारी

Right Answer is: C

SOLUTION

लेखांकन सूचनओं के आन्तरिक प्रयोगकर्ता वे व्यक्ति अथवा समूह हैं जो संगठन के अन्दर कार्यरत हैं।


Q. 169590 लेखांकन का ..... और घटनाओं की रिकार्डिग और निर्णयन हेतु उपयुक्त सूचनाओं के प्रदर्शन हेतु सार्वभौमिक रूप से उपयोग होता है।


A.

प्रविष्टि

B.

लेन-देन

C.

डाटा

D.

ऑकडे

Right Answer is: B

SOLUTION

लेन-देनों को दो भागों में वर्गीकृत किया जा सकता है : बाह्य एवं आन्तरिक। बाह्य लेन-देन दो स्वतन्त्र व्यावसायिक इकाईयों के बीच हुई आथिर्क क्रियाओं को कहा जाता है जैसे कि माल का क्रय अथवा विक्रय।


Q. 169591 निम्न में घटना क्या है-


A.

रू 5,000 माल का विक्रय

B.

रू 4,000 का अन्तिम रहतिया

C.

रू 8,000 के माल का क्रय

D.

रू 2,000 का किराया भुगतान

Right Answer is: B

SOLUTION

घटना किसी लेनदेन का निष्कर्ष या परिणाम होती है।


Q. 169592 वित्तीय वर्ष के अन्त में एक्स ने ₹57,000 का लाभ कमाया अपने व्यापार से यह होगा-


A. एक लेन-देन

B. एक घटना

C. लेन-देन तथा घटना दोनों

D. न ही लेन-देन न ही घटना।

Right Answer is: B

SOLUTION

घटना किसी लेनदेन का निष्कर्ष या परिणाम होती है।


Q. 169593 निम्न में से लेखांकन प्रक्रिया का पहला चरण कौन सा होगा


A. व्यवसाय मे हित रखने वाले विभिन्न पक्षकारों को सूचनाएँ प्रदान करना

B. पुस्तकों मं लेन-देनों का लेखांकन करना

C. वित्तीय विवरणें के रूप में सारांश तैयार करना

D. लेन-देनों का खाताबही में अलग-अलग शीर्षकों में वर्गीकरण करना

Right Answer is: B

SOLUTION

लेखांकन का उद्देश्य व्यावसायिक क्रियाओं के बारे में सम्बन्धित पक्षों को वित्तीय विवरण (लाभ-हानि खाता तथा चिट्ठा) द्वारा वित्तीय सूचना उपलब्ध कराना है जिससे वे सही आर्थिक निर्णय ले सकें।


Q. 169594 एक आरेख की मदद से 'अतिरिक्‍त मांग' का अर्थ समझाए।
Right Answer is:

SOLUTION

अतिरिक्‍त मांग के अर्थ को निम्‍न आरेख की मदद से समझाया जा सकता है:

आरेख में, कीमत को X- अक्ष पर दिखाया गया है और मात्रा कोY- अक्ष पर दिखाया गया है।E संतुलन बिंदु है जहां मांग पूर्ति के बराबर है। OP संतुलन कीमत है। OQ संतुलन मात्रा है।

जब कीमतOP1 तक कम हो जाती है तब मांगOQ से बढ़ कर OQ2 हो जाती है और पूर्ति OQ से कम होकर OQ1 हो जाती है। यहां, मांग(OQ2) पूर्ति (OQ1) से अधिक है। इसे अतिरिक्‍त मांग के रूप में जाना जाता है।


Q. 169595 क्‍या मांग और पूर्ति वक्र एक दूसरे को दो बिंदुओं पर काट सकते हैं? कारण बताइए।
Right Answer is:

SOLUTION

नहीं, सामान्‍य परिस्थितियों में मांग और पूर्ति वक्र दो बिंदुओं पर एक दूसरे नहीं काट सकते हैं, क्‍योंकि नीचे ओर झुका हुआ मांग वक्र कीमत और मांगी गयी मात्रा के बीच विपरीत संबंध को दिखाता है। दूसरी ओर, पूर्ति वक्र कीमत और पूर्ति के बीच सकारात्‍मक संबंध के कारण बायें से दायें ऊपर की ओर झुका हुआ है। इसलिए, ये दोनों वक्र केवल एक ही बिंदु पर एक दूसरे को काटेगे।


Q. 169596 कभी कभी अर्थव्‍यवस्‍था में कृत्रिम रूप से अतिरिक्‍त मांग पैदा कर दी जाती है। इसके पीछे कया कारण हैं?
Right Answer is:

SOLUTION

अर्थव्‍यवस्‍था को मंदी सेउभारने या इसे हानियों से बचाने के लिए मांग पैदा की जाती है। ऊंची कीमतें रखते हुए और आवश्‍यक मुनाफा कमाने के लिए वस्‍तुएं कम मात्रा में बाजार में बेची जाती हैं।


Q. 169597 ऐसा कहा जाता है कि कीमत में वृद्धि होते ही मांग घट जाती है और पूर्ति बढ़ जाती है। क्‍या आप सहमत है? कारण दीजिए।
Right Answer is:

SOLUTION

हां यह कहना सही है कि कीमत में वृद्धि होते ही मांग घट जाती है और पूर्ति बढ़ जाती है।

जब कीमत में वृद्धि होती है तो उपभोक्‍ता कम खरीदारी करने में सक्षम होते हैं और इसलिए मांग घट जाती है। दूसरी ओर, जब कीमत में वृद्धि होती है तो उत्‍पादक अधिक पूर्ति करना चाहते हैं क्‍योंकि वे अधिक मुनाफा कमाना चाहते हैं।


Q. 169598 अति‍रिक्‍त पूर्ति के बावजूद भी अर्थव्‍यवस्‍था में कीमतें ऊंची बनी रहती है। इसके क्‍या कारण हैं?
Right Answer is:

SOLUTION

भले ही अतिरिक्‍त पूर्ति होती है तो भी आपूर्तिकर्ताओं द्वारा जमाखोरी, कालाबाजारी और अत्‍यधिक निर्यातों आदि जैसी अवैध प्रक्रियाओं के कारण अर्थव्‍यवस्‍था में वस्‍तु की कीमतें ऊंची बनी रहती है।


Q. 169599 मांग की विशेषताएं बताइए। किस अवधि में मांग मूल्‍य निर्धारण में एक महत्‍वपूर्ण भूमिका निभाती है?
Right Answer is:

SOLUTION

मांग की तीन विशेषताएं निम्‍नलिखित हैं:
* यह खरीदने की इच्‍छा और क्षमता है।
* यह सदैव एक कीमत होती है।
* इसे सदैव एक विशिष्‍ट समय के संदर्भ में व्‍यक्‍त किया जाता है।

मांग बहुत ही अल्‍प अवधि या बाजार अवधि में मूल्‍य निर्धारण में एक महत्‍वपूर्ण भूमिका निभाती है। ऐसा इसलिए है क्‍योंकि पूर्ति को बहुत कम अवधि में परिवर्तित नहीं किया जा सकता है और इसलिए मांग बाजार में वस्‍तु की कीमत का निर्धारण करती है।


Q. 169600 मांग और पूर्ति सारणी की मदद से बाजार संतुलन के निधारण दिखाए।
Right Answer is:

SOLUTION

संतुलन कीमत को मांग और पूर्ति की शक्तियों द्वारा निर्धारित किया जाता है। यह एक कीमत है जिस पर एक वस्‍तु की मांग और पूर्ति बराबर होती हैं तथा मांग और पूर्ति वक्र एक दूसरे को काटते हैं। 

निम्‍न अनुसूची संतुलन कीमत के निर्धारण को दर्शाती है:

कीमत

(रूपये)

मांग

(इकाइयां)

पूर्ति

(इकाइयां)

5

100

500 अतिरिक्‍त पूर्ति

4

200

400 अतिरिक्‍त पूर्ति

3

300

300 मांग=पूर्ति

2

400

200अतिरिक्‍त मांग

1

500

100अतिरिक्‍त मांग

Eबिंदु पर, संतुलन कीमतOP और संतुलन मात्राOQ है।


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