CBSE - MCQ Question Banks (के. मा. शि. बो . -प्रश्नमाला )

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Q. 171301 इनमे से कोनसा व्यवसायिक नीति का उदाहरण नही हैः


A.

उपभोक्ता से उचित मूल्य लेना

B.

कार्यकर्ता से उचित व्यवहार करना

C.

कार्यकर्ताओ को पर्याप्त लेखन सामग्री प्रदान करना

D.

सरकार को कर चुकाना

Right Answer is: C

SOLUTION

कार्यकर्ताओ को पर्याप्त लेखन सामग्री प्रदान करना व्यवसायिक नीति का उदाहरण है लेकिन यह सामान्य व्यवयायिक गतिविधि है।


Q. 171302 व्यवसायिक नीति की एक विशेषता हैः


A.

कानुन के द्वारा दण्डनीय

B.

आचार संहिता से प्रशासित

C.

उच्च प्रबंधन से अनुसरण करना

D.

व्यवसाय के बीच ईमानदारी का पालन

Right Answer is: B

SOLUTION

व्यवसायिक नीति नियमो के एक ढाँचे से प्रशासित की जाती है जैसेः आचार संहिता।


Q. 171303 पर्यावरण से तात्पर्य उन घेरे में रहने वाली शर्तों, परिस्थितियों एवं प्रभावों से है जो कि सभी व्यक्तियों तथा जीवित वस्तुओं के जीवन को प्रभावित करती हैं । यह कथन है ।


A. फिटिंग का

B. मार्क्स का

C. वेबस्टर का

D. पी०जिस्बर्ट का

Right Answer is: C

SOLUTION

प्रसिद्ध विद्वान वेबस्टर के अनुसार “पर्यावरण से तात्पर्य उन घेरे में रहने वाली शर्तों, परिस्थितियों एवं प्रभावों से है जो कि सभी व्यक्तियों तथा जीवित वस्तुओं के जीवन को प्रभावित करती हैं ” ।


Q. 171304 वायु मण्डल, स्थल एवं जल मण्डल के ऊपर लगभग-


A. 20-30 किमी तक फैला हुआ है

B. 100-200 किमी तक फैला हुआ है।

C. 200-300 किमी तक फैला हुआ है

D. 50-100 किमी तक फैला हुआ है

Right Answer is: C

SOLUTION

वायु मण्डल, स्थल एवं जल मण्डल के ऊपर लगभग 200-300 किमी तक फैला हुआ है जिसमें विभिन्न प्रकार की गैसें पाई जाती हैं ।


Q. 171305 वाहनों से निकलने वाले धुएं से-


A. जल प्रदूषण बढ़ रहा है।

B. ध्वनि प्रदूषण बढ़ रहा है

C. वायु प्रदूषण बढ़ रहा है

D. मृदा प्रदूषण बढ़ रहा है।

Right Answer is: C

SOLUTION

वाहनों से निकलने वाले धुएं से कार्बन डाई ऑक्साइड की मात्रा वायु में बढ़ जाने के कारण वायु प्रदूषण बढ़ रहा है ।


Q. 171306 भारत में ध्वनि प्रदूषण सबसे अधिक-


A. दिल्ली में है।

B. जयपुर में है।

C. मुंबई में है

D. कोलकत्ता में है।

Right Answer is: C

SOLUTION

विमानों, वाहनों तथा मशीनों की अधिकता के कारण भारत में ध्वनि प्रदूषण सबसे अधिक मुंबई में है  ।


Q. 171307 अध्ययन की दृष्टि से पर्यावरण को-


A. तीन भागों में बांटा गया है

B. सात भागों में बांटा गया है

C. चार भागों में बांटा गया है

D. दो भागों में बांटा गया है

Right Answer is: C

SOLUTION

अध्ययन की दृष्टि से पर्यावरण को चार भागों में बांटा गया है ।
· स्थल मण्डल
· वायु मण्डल
· जल मण्डल 
· जैव मण्डल


Q. 171308 व्यक्तिगत दृष्टिकोण से एक व्यावसायिक फर्म का मूल उद्देश्य क्या होता है?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

व्यक्तिगत दृष्टिकोण से एक व्यावसायिक फर्म का मूल उद्देश्य लाभ अर्जित करना होता है।


Q. 171309 व्यक्तिगत दृष्टिकोण से एक व्यावसायिक फर्म का मूल उद्देश्य क्या होता है?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

व्यक्तिगत दृष्टिकोण से एक व्यावसायिक फर्म का मूल उद्देश्य लाभ अर्जित करना होता है।


Q. 171310 ‘नैतिक व्यापार अच्छा व्यवसाय है।’ कैसे?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

नैतिक व्यापार अच्छा व्यवसाय होता है क्योंकि नैतिक व्यापार व्यवहार एक संगठन की सार्वजनिक छवि को बेहतर बनाता है, लोगों का विश्वास और भरोसा जीतता है और व्यापार को अधिक से अधिक सफलता की ओर ले जाता है।


Q. 171311 पर्यावरण के प्रमुख अंग बताइए ?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

पर्यावरण के प्रमुख अंग भूमि, जल, वायु, उर्जा, खनिज, वनस्पति एवं जीव जन्तु हैं


Q. 171312 मृदा प्रदूषण को रोकने के कोई दो उपाय बताइए?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

मृदा प्रदूषण को रोकने के उपाय निम्नलिखित हैं
· परमाणु विस्फोटों पर रोक लगाना
· खेती में कीटनाशक दवाइयों के उपयोग पर रोक लगाना


Q. 171313 मृदा प्रदूषण से आप क्या समझते हैं ?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

अवशिष्ट पदार्थों के कारण भूमि के भौतिक, रासायनिक एवं जैविक गुणों पर विपरीत प्रभाव पड़ना मृदा प्रदूषण कहलाता है  


Q. 171314 सौर कुकर में कुचालित धात्विक बॉक्स की आंतरिक सतह को काला पेन्ट क्यों किया जाता है? समझाइए।
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

सौर कुकर में कुचालित धात्विक बॉक्स की आंतरिक सतह को काला पेन्ट इसलिए किया जाता है, क्योंकि, काली सतह उष्मीय ऊर्जा की अच्छी अवशोषक होती है जो कि कुकर के अन्दर रखे खाने को बनाने में मदद करती है


Q. 171315 भूतापीय ऊर्जा को परिभाषित कीजिए।
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

वह ऊर्जा जो पृथ्वी के अंदर पिघली हुई चट्टानों और अन्य सामग्री से बनी है, भूतापीय उर्जा कहलाती है।


Q. 171316 ऊर्जा को परिभाषित कीजिए।ks:1
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

कार्य करने की शक्ति या क्षमता ऊर्जा के रूप में जानी जाती है।


Q. 171317 ऊर्जा के अनवीकरणीय स्त्रोत किसे कहते हैं?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

ऊर्जा के वे स्त्रोत जिनको पुनः प्राप्त नहीं किया जा सकता है, ऊर्जा के अनवीकरणीय स्त्रोत कहलाते हैं। उदाहरण- पत्थर का कोयला, मिट्टी का तेल, डीजल, पेट्रोल आदि।


Q. 171318 ऊर्जा के स्रोतों को कैसे वर्गीकृत करते हैं ?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

ऊर्जा के स्रोतों को निमन्न प्रकार से वर्गीकृत किया जा सकता है:-

1. ऊर्जा के नवीकरणीय स्रोत के रूप में।

2. ऊर्जा के अनवीकरणीय स्रोत के रूप में।


Q. 171319 सौर ऊर्जा के दो गुण दीजिए।
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

सौर ऊर्जा के दो गुण हैं -

1.यह ऊर्जा का नवीकरणीय स्रोत है तथा हमारे लिए नि:शुल्क उपलब्ध है ।

2. यह प्रदूषण रहित है ।


Q. 171320 घरों में प्रयुक्त ऊर्जा के दो रूपों का नाम बताइए।
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

घरों में प्रयुक्त होने वाले ऊर्जा के दो प्रमुख रूप हैं – 1. विद्युत ऊर्जा तथा 2. एल.पी.जी के रूप में जीवाश्म ईंधन की ऊर्जा।


Q. 171321 ऊर्जा के कोई दो नवीकरणीय स्त्रोत का उल्लेख कीजिए।
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

ऊर्जा के दो नवीकरणीय स्त्रोत हैं - (1) जल ऊर्जा तथा (2) पवन ऊर्जा ।


Q. 171322 सौर सेल बनाने के लिए उपयोग किए जाने वाले दो अर्धचालक पदार्थो के नाम बताइए ?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

सौर सेल बनाने के लिए उपयोग किए जाने वाले दो अर्धचालक पदार्थों के नाम हैं -(1) जर्मेनियम तथा (2) सिलिकॉन ।


Q. 171323 क्रियात्मक पवन चक्की के लिए आवश्यक न्यूनतम पवन वेग क्या है।
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

क्रियात्मक पवन चक्की के लिए आवश्यक न्यूनतम पवन वेग लगभग 15 किमी/घंटा होता है।


Q. 171324 सौर ऊर्जा क्या है ?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

वह ऊर्जा, जो हमें सीधे सूरज से प्राप्त होती है सौर ऊर्जा कहलाती है | सौर ऊर्जा ही मौसम एवं जलवायु का परिवर्तन करती है |


Q. 171325 ऊर्जा के पारंपरिक स्रोतों के बारे में बताइए।
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

ऊर्जा के पारंपरिक स्रोत बड़े पैमाने पर इस्तेमाल किए जाते हैं और यह हमारी ऊर्जा की आवश्यकता के एक बड़े हिस्से को पूरा करते हैं। ऊर्जा का मुख्य पारंपरिक स्रोत हैं - जीवाश्म ईंधन, तापीय ऊर्जा, जलविद्युत ऊर्जा, बायोमास ऊर्जा, वायु ऊर्जा आदि।


Q. 171326 किन्हीं चार प्रकार के विद्युत संयंत्रों के नाम बताइए।
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

चार प्रकार के विद्युत संयंत्रों हैं:-

1. जल विद्युत संयंत्र,

2. ताप विद्युत संयंत्र,

3. वायु ऊर्जा विद्युत संयंत्र,

4. परमाणु ऊर्जा विद्युत संयंत्र


Q. 171327 बायोगैस किस तरह से प्राप्त की जाती है तथा इसके उपयोग भी दीजिए?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

फसलों के अवशेष, जल, मल-मूत्र, गोबर, लकड़ी आदि का ऑक्सीजन की अनुपस्थिति में अपघटन करने पर बायोगैस प्राप्त होती है। यह गैस खाना पकाने तथा प्रकाश उत्पन्न करने में उपयोग की जाती है।


Q. 171328 सौर तापन उपकरणों के चार उपयोग लिखिए।
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

सौर तापन उपकरण के चार उपयोग हैं :-
1. यह पानी को गर्म करने के लिए उपयोग किया जाता है।
2. यह विद्युत के उत्पादन के लिए उपयोग किया जाता है।
3. यह खाना बनाने के लिए उपयोग किया जाता है।
4. यह धातुओं को पिघलने के लिए उपयोग किया जाता है।


Q. 171329 भूतापीय ऊर्जा के दो लाभ लिखिए और भूतापीय ऊर्जा संयंत्र कहाँ स्थापित किए गए हैं?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

भूतापीय ऊर्जा के लाभः-

1. भूतापीय ऊर्जा का विद्युत ऊर्जा में रूपांतरण चौबीस घण्टे और प्रतिवर्ष किया जा सकता है।

2. इस ऊर्जा से पर्यावरण प्रदूषित नहीं होता व व्यय भी कम होता है। भूतापीय ऊर्जा पर आधारित संयंत्र न्यूजीलैण्ड व संयुक्त राज्य अमेरिका में स्थापित किये गए हैं।


Q. 171330 एक उत्तम उर्जा के स्त्रोत के कोई दो गुण लिखिए।
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

उर्जा का उत्तम स्त्रोत वह होता है जो :-

1. प्रति एकांक आयतन अथवा द्रव्यमान पर अधिक ऊर्जा दे

2. आसानी से उपलब्ध या निरंतर उपयोगी हो


Q. 171331 बायोगैस प्लांट का नामांकित चित्र बनाइए।
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION


Q. 171332 नाभिकीय विखण्डन तथा नाभिकीय संलयन अभिक्रियाओं के बीच तीन अंतर लिखिए ।
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

नाभिकीय विखण्डन

नाभिकीय संलयन

1 इस प्रक्रिया में एक नाभिक टूटकर ऊर्जा के मुक्त होने के साथ-साथ दो या दो से अधिक छोटे नाभिकों में विभाजित हो जाता है।

1. इस प्रक्रिया में छोटे नाभिक मिलकर एक बड़ा नाभिक बनाते हैं तथा ऊष्मा व प्रकाश ऊर्जा की भारी मात्रा मुक्त होती है।

2. इसमें भारी नाभिक प्रयोग किये जाते हैं।

2.इसमें हल्के नाभिक प्रयोग किए जाते हैं।

3. इसे नियंत्रक छड़ों द्वारा नियंत्रित किया जा सकता है ।

3.इसे साधारण तकनीकों के द्वारा नियंत्रित नहीं किया जा सकता है।


Q. 171333 एक ईंधन का चयन करते समय हमें किन - किन बातों का ध्यान रखना चाहिए?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

किसी ईंधन का चयन करते समय हम निम्न बातों का ध्यान रखते हैं-

1. गर्म होने पर वह ताप की उपयुक्त मात्रा का उत्पादन करे।

2. जलने पर कम प्रदूषण का उत्पादन करें।

3. जो आसानी से उपलब्ध हो।

4. जिसे आसानी से लाया और ले जाया जा सके।


Q. 171334 नाभिकीय ऊर्जा के लाभ क्या हैं?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

नाभिकीय ऊर्जा के प्रमुख गुण निम्नलिखित हैं -

1. नाभिकीय स्त्रोत की छोटी मात्रा से अत्यधिक ऊर्जा प्राप्त की जा सकती है ।

2. नियंत्रित नाभिकीय विखण्डन का उपयोग पनडुबियों में विद्युत उत्पादन के लिए किया जा सकता है ।

3. नाभिकीय विखण्डन के लिए वातावरणीय ऑक्सीजन की कोई आवश्यकता नहीं होती है लेकिन जीवाश्म ईंधनों में इसकी आवश्यकता होती है ।


Q. 171335 उत्तम ईंधन की चार विशेषताएँ लिखिए।
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

1. वह ईंधन जो बिना प्रदूषण उत्पन्न किए अधिक मात्रा में ऊष्मा देता है।

2. दहन के बाद हानिकारक गैसें उत्पन्न नहीं करता हो।

3. ईंधन सस्ता व उस का रख-रखाव आसान हो।

4. ज्वलन ताप मध्यम होना चाहिए।


Q. 171336 “पवन-चक्की पर्यावरण-हितैषी है।” समझाइए।
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

पवन-चक्की वह युक्ति है जिसकी सहायता से पवन ऊर्जा को यांत्रिक ऊर्जा में परिवर्तित किया जाता है। इस उर्जा का उपयोग कुओं से जल खींचकर सिंचाई में और टरबाइन चलाकर विद्युत ऊर्जा उत्पादन में किया जाता है । व्यापारिक स्तर पर उच्च पवन क्षेत्र में अधिक संख्या में पवन चक्कियाँ लगाकर उन्हें युग्मित कर लिया जाता है । जिससे विद्युत ऊर्जा उत्पादन के लिए अधिक धन खर्च नहीं करना पड़ता तथा जनित्र चलाने के लिए ईंधन की आवश्यकता नहीं पड़ती, अतः पर्यावरण प्रदूषण से बचा जा सकता है । इसी कारण पवन चक्कियों को पर्यावरण हितैषी कहते हैं


Q. 171337 पवन ऊर्जा को परिभाषित किजिए। इसके उपयोग, लाभ और सीमाओं के बारे में बताइए।
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

पवन ऊर्जा गतिमान वायु की ऊर्जा है। सौर ऊर्जा से पर्यावरण में दाब बनता है जिससे वायु गतिमान हो जाती है और पवन ऊर्जा उत्पन्न होती है ।

 

पवन ऊर्जा के निम्नलिखित उपयोग हैं:-

1. पानी खींचने वाले पंप में

2. विद्युत बनाने वाली पवन चक्की में

3. नावों के परिवहन में

 

पवन ऊर्जा के निम्नलिखित लाभ हैं: -

1. इसके द्वारा विद्युत उत्पादन के लिए बार-बार धन खर्च करने की आवश्यकता नहीं होती।

2. नवीकरणीय ऊर्जा का एक पर्यावरणीय-हितैषी एवं दक्ष स्रोत है।

 

पवन ऊर्जा की निम्नलिखित सीमाएँ हैं: -

1. इस ऊर्जा को सभी स्थानों पर और हर समय इस्तेमाल नहीं किया जा सकता है ।

2. 15 km/h से अधिक गति की हवा प्राप्त करना मुश्किल है ।

3. बहुत ज़्यादा ध्वनी प्रदूषण होता है ।

4. पवन चक्की फार्म लगाने के लिए बड़े क्षेत्र और बहुत खर्चों की आवश्यकता होती है ।

5. उच्च स्तर के रखरखाव की आवश्यकता होती है ।


Q. 171338 परमाणु संलयन के बारे में संक्षिप्त में बताइए। परमाणु बिजली उत्पादन की कुछ सीमाओं के बारे में बताइए।
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

जब दो हल्के नाभिक परस्पर संयुक्त होकर एक भारी तत्व के नाभिक की रचना करते हैं तो इस प्रक्रिया को नाभिकीय संलयन कहते हैं। नाभिकीय संलयन में जारी ऊर्जा परमाणु विखंडन में जारी ऊर्जा से अधिक होती है। हाइड्रोजन बम विनाश का सबसे शक्तिशाली हथियार है| यह नाभिकीय संलयन की प्रकिया पर आधारित है। नाभिकीय संलयन को नियंत्रित करना एक कठिन प्रक्रिया है। इसलिए, बिजली उत्पादन में , यह उपयोग में नहीं लाया जाता है।

परमाणु बिजली उत्पादन की कुछ सीमाएँ है:-

1. पर्यावरण प्रदूषण का उच्च जोखिम और स्थापना में उच्च लागत

2. यूरेनियम की सीमित उपलब्धता

3. नाभिकीय विकिरणों के आकस्मिक रिसाव का खतरा


Q. 171339 सौर कुकर क्या है? स्पष्ट चित्र कि सहायता से इसकी क्रियाविधि समझाइए ।
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

सौर कुकर एक ऐसी युक्ति है जिसमें खाना पकाने के लिए सूर्य द्वारा प्रसारित उष्मा (अवरक्त- विकिरणों के रूप में) उपयोग की जाती है ।

क्रियाविधि :- सौर कुकर की बनावट निम्नानुसार है

Description: solar cooker hindi.png

चित्र में दिखाए अनुसार जब सूर्य की किरणें परावर्तक पर गिरती है तो काँच की शीट के माध्यम से सौर कुकर की ओर परावर्तित हो जाती है। यहाँ समतल दर्पण परावर्तक के रूप में कार्य करता है। इसका कार्य सूर्य की सौर ऊर्जा को सीधे सौर कुकर की ओर प्रसारित करना है । सूर्य की यह अत्यधिक ऊर्जा सौर कुकर को तेजी से गर्म करती है । काँच की शीट के माध्यम से गुजरने पर यह ऊर्जा परावर्तित हो जाती है । यह उपकरण ऊष्मा ऊर्जा को कुकर के कॉम्पेक्ट बॉक्स से निकलने की अनुमति नहीं देता है। कुकर का बॉक्स चारों तरफ से अचालक पदार्थ से परिबद्ध होता है । बॉक्स की आंतरिक सतह भी काली धातु की बनी होती है जो उच्च ऊष्मा अवशोषण का गुण है ।इस तरह सूर्य से अवरक्त किरणें बॉक्स में चली जाती हैं तथा तापमान लगभग 100 oC से 150 oC तक बढ़ जाता है।


Q. 171340 चार छात्रों A, B, C तथा D ने काँच के किसी स्लैब से 40o के कोण पर आपतित होकर स्लैब से गुज़रने वाली प्रकाश की किरण के मार्ग को खींचा और अपवर्तन-कोण की माप ली
Right Answer is: C

SOLUTION

दिया गया है, आपतन कोण = 40o (c) विद्यार्थी R के अनुसार, अपवर्तन कोण = 25o चूंकि काँच का अपवर्तनांक 1.5 होता है, इसलिए विद्यार्थी R ने प्रयोग को सही विधि से किया है|


Q. 171341 चार छात्रों ने काँच के आयातकर स्लैब से गुज़रने वाली प्रकाश किरण का पथ अनुरेखित किया
Right Answer is: B

SOLUTION

II उत्तर सबसे अच्छा परिणाम देंगा क्योंकि इस प्रायोगिक व्यवस्था में आपतन कोण सबसे बढ़ा है, जिसके कारण आपतन तथा आकस्मिक किरण के बीच पार्श्व विस्थापन ज्यादा से ज्यादा होगा|  


Q. 171342 किसी माध्यम में संचरण कर रही प्रकाश की किरण अन्य माध्यम जो प्रकाशिक सघन है में मिलती है
Right Answer is: C

SOLUTION

प्रकाश, विरल माध्यम की तुलना में प्रकाशिक सघन माध्यम में धीमी चाल से संचरण करता है| इस प्रकार, प्रकाश की किरण सघन माध्यम में प्रवेश करने पर अभिलम्ब की ओर मुड़ जाती है|


Q. 171343 “काँच के आयात्कार स्लैब से गुज़रने वाली किसी प्रकाश किरण का पथ आरेखित करना” प्रयोग के आधार पर नीचे दिए गए निष्कर्षों में से सही निष्कर्ष है:


A. निर्गत कोण अपवर्तन कोण से छोटा है

B. आपतन कोण निर्गत कोण से बड़ा है

C. निर्गत किरण अपवर्तित किरण के समानान्तर है

D. आपतित किरण तथा निर्गत किरण एक-दूसरे के समानान्तर हैं

Right Answer is: D

SOLUTION

जब एक आपतित किरण किसी काँच के स्लैब से होकर गुज़रती है तो वह अपने पथ से कुछ विस्थापित हो जाती है किन्तु निर्गत के समय वह सदैव आपतित किरण के समानांतर रहती है|


Q. 171344 रेखीय आवर्धन का S.I. मात्रक है:-


A. सेन्टीमीटर

B. मीटर

C. डायोप्टर

D. आयामरहित

Right Answer is: D

SOLUTION

आवर्धन, प्रतिबिम्ब की ऊंचाई तथा निकाय (बिम्ब) की ऊंचाई के अनुपात के रूप में परिभाषित किया जाता है| समान इकाईओं का अनुपात होने के कारण यह आयामरहित है|


Q. 171345 किसी पदार्थ का अपवर्तनांक निर्भर करता है,


A. आपतन कोण पर

B. अपवर्तन कोण पर

C. पदार्थ की प्रकृति तथा उपयोग होने वाले प्रकाश की तरंगदैर्ध्य पर

D. केवल पदार्थ की प्रकृति पर

Right Answer is: C

SOLUTION

किसी पदार्थ का अपवर्तनांक, पदार्थ की प्रकृति के साथ - साथ उपयोग किए जाने वाले प्रकाश की तरंगदैर्ध्य पर निर्भर करता है| इस तथ्य से निष्कर्ष निकाला जा सकता है कि किसी विशेष माध्यम के लिए, बैगनी प्रकाश (सूक्ष्म तरंगदैर्ध्य) लाल प्रकाश (अधिक तरंगदैर्ध्य) की तुलना में अधिक झुकाव से गुज़रता है|


Q. 171346 वाहनों में पश्च दृश्यक दर्पण के लिए, हम विशेषतः उपयोग करते हैं


A. कोई भी गोलाकार दर्पण

B. अवतल दर्पण

C. उत्तल दर्पण

D. समतल दर्पण

Right Answer is: C

SOLUTION

एक उत्तल दर्पण हमेशा आकार में कम तथा आभासी प्रतिबिम्ब बनाता है| इस प्रकार, दृश्य क्षेत्र व्यापक होता है| इसलिए, यह वाहनों में पश्च दृश्यक दर्पण के रूप में उपयोग किया जाता है|


Q. 171347 लेंस की फोकस दूरी है 015

किसी लेंस की शक्ति + 85 D है<div class= Right Answer is: B

SOLUTION

फोकस दूरी = 1/शक्ति = (1/8.5) m = 0.12 m


Q. 171348 एक अवतल दर्पण किसी निकाय का एक वास्तविक प्रतिबिम्ब बनाता है
Right Answer is: C

SOLUTION

चूँकि, अवतल दर्पण द्वारा बने प्रतिबिम्ब वास्तविक होते हैं, यह उल्टे होने चाहिए| इसके अलावा, एक अवतल दर्पण हमेशा वस्तु की तरह समान ओर पर वास्तविक प्रतिबिम्ब बनाता है| इस तथ्य से यह निष्कर्ष निकाला जा सकता है कि वास्तविक प्रकाश किरणें वास्तविक प्रतिबिम्ब बनाने के लिए दर्पण के पीछे कभी भी नहीं मिल सकती हैं|


Q. 171349 सौर भट्टी में उपयोग किए जाने वाले दर्पण का प्रकार होता है


A. अवतल

B. उत्तल

C. समतल

D. बेलनाकार

Right Answer is: A

SOLUTION

सूर्य से आने वाली प्रकाश किरणें परावर्तन के बाद अवतल दर्पण के फोकस पर अभिसरित हो जाती हैं जो किसी अन्य प्रकार के दर्पण में सम्भव नहीं है| यह हमें अपने फोकस पर ऊष्मा की उच्च तीव्रता प्राप्त करने में सक्षम बनाता है जो वस्तुओं को गर्म करने के लिए उपयोग किया जा सकता है| इस प्रकार, सौर भट्टियों में अवतल दर्पण का उपयोग किया जाता है|


Q. 171350 लेंस की फोकस दूरी होगी 4 c

किसी लेंस की शक्ति + 4 D है<div class= Right Answer is: C

SOLUTION

किसी लेंस की फोकस दूरी, अपनी शक्ति का व्युत्क्रम (मीटर में) होती है| इस प्रकार, f = 1/4 = 0.25 m = 25 cm


Q. 171351 समतल दर्पण द्वारा इसके बनने

कोई निकाय 7 cm ऊंचाई का है<div class= Right Answer is: B

SOLUTION

किसी समतल दर्पण द्वारा बना प्रतिबिम्ब, निकाय (बिम्ब) के समान आकार का होता है| इस प्रकार, बिम्ब का आकार भी 7 cm होगा|


Q. 171352

कोई निकाय उत्तल दर्पण के वक्रता केंद्र पर रखा हुआ है<div class= Right Answer is: B

SOLUTION

एक उत्तल दर्पण, निकाय (बिम्ब) के सापेक्ष हमेशा अपने पीछे आभासी तथा सीधा प्रतिबिम्ब बनाता है|


Q. 171353 किसी अवतल दर्पण की स्थिति में, यदि आवर्धन धनात्मक है, तो इसका तात्पर्य है कि प्रतिबिम्ब-


A. आभासी तथा उल्टा है

Right Answer is: D

SOLUTION

हम जानते हैं कि आवर्धन = - ( प्रतिबिम्ब की दूरी /निकायकी दूरी) यदि आवर्धन धनात्मक है, इसका तात्पर्य है कि निकाय तथा प्रतिबिम्ब दोनों दर्पण के एक ओर है| इसलिए, किसी अवतल दर्पण के लिए, धनात्मक आवर्धन का तात्पर्य है कि प्रतिबिम्ब आभासी तथा सीधा है|


Q. 171354 आयताकार काँच के स्लैब से होने वाले प्रकाश के अपवर्तन का चित्र बनाइए
Right Answer is:

SOLUTION

जहाँ,

कोण i = आपतन कोण

कोण r = अपवर्तन कोण

कोण e = निर्गत कोण

PQ = पाश्र्विक विस्थापन


Q. 171355 उत्तल दर्पण के मुख्य फोकस से आप क्या समझते हैं?
Right Answer is:

SOLUTION

किसी उत्तल दर्पण द्वारा परावर्तित किरणें मुख्य अक्ष पर एक बिंदु से आती हुई प्रतीत होती हैं। यह बिंदु उत्तल दर्पण का मुख्य फोकस कहलाता है।


Q. 171356 लेंस की आवर्ध

लेंस की आवर्धन क्षमता को परिभाषित कीजिये<div class= Right Answer is:

SOLUTION

लेंस की आवर्धन क्षमता को प्रतिबिम्ब की ऊँचाई तथा बिम्ब की ऊँचाई से अनुपात के रूप में परिभाषित किया जाता है।


Q. 171357 जब एक प्रकाश की किरण अवतल दर्पण के वक्रता केंद्र से गुज़रती है तो इस परावर्तित किरण की विशेषताओं को अभिव्यक्त कीजिए।
Right Answer is:

SOLUTION

परावर्तित किरण की विशेषताएँ:
(a) अवतल दर्पण के वक्रता केंद्र के माध्यम से गुजर रही प्रकाश किरण, दर्पण पर अभिलंबवत गिरती है।

(b) इस प्रकार, परावर्तन के नियमों से, प्रकाश की यह किरण परावर्तन के बाद पुनः लौट जाती है।


Q. 171358 उत्तल लेंस द्वारा बने प्रतिबिम्ब का किरण आरेख दीजिये, जब वस्तु लेंस के फोकस पर निहित होती है
Right Answer is:

SOLUTION

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Q. 171359 उत्तल दर्पण के मुख्य फोकस से आप क्या समझते हैं?
Right Answer is:

SOLUTION

किसी उत्तल दर्पण द्वारा परावर्तित किरणें मुख्य अक्ष पर एक बिंदु से आती हुई प्रतीत होती हैं। यह बिंदु उत्तल दर्पण का मुख्य फोकस कहलाता है।


Q. 171360 नीचे दिए गए आरेख का अध्ययन कीजिए और बताइए कि युक्ति ‘A’ कौनसा दर्पण है तथा क्यों?
Right Answer is:

SOLUTION

:आरेख के अनुसार, समानांतर किरण युक्ति ‘A’ पर होने वाली घटना है और युक्ति से लगभग 12 cm दूर स्क्रीन पर केंद्रित है। अवतल दर्पण में समानांतर किरण प्रतिबिंब के बाद फोकस बिंदु पर मिलते हैं। तो आरेख युक्ति ‘A’ के अनुसार फोकल लम्बाई 12 cm का अवतल दर्पण है|


Q. 171361 निम्नलिखित किरण आरेखों का अध्ययन कीजिए तथा उन आरेखों को चुनीए जिनमें लेंस से गुज़रने के पश्चात प्रकाश किरण का सही पथ दर्शाया गया है
Right Answer is:

SOLUTION

किरण आरेख (I), (II) (III) सही है |

लेंस के वक्रता केंद्र से गुजरने वाली प्रकाश किरणें अपवर्तन के बाद सीधी निकल जाती हैं |

मुख्य अक्ष के समानांतर प्रकाश किरणें अपवर्तन के बाद दूसरे फ़ोकस के से गुजरती हैं।

लेंस के फोकस बिन्दु से गुजरने प्रकश किरणें अपवर्तन के बाद मुख्य अक्ष के समानांतर होती हैं।


Q. 171362 राम उत्तल लेंस के प्रकरण में यह जानने के लिए कि बिम्ब दूरी में परिवर्तन करने पर प्रतिबिम्ब दूरी में किस प्रकार परिवर्तन होता है , लेंस से काफी दूरी पर स्थित एक मोमबत्ती का पर्दे पर तीक्ष्ण प्रतिबिम्ब प्राप्त करता है
Right Answer is:

SOLUTION

(a) प्रतिबिम्ब को फोकस करते समय विद्यार्थी को लेंस से दूर जाना चाहिए क्यूंकि अगर वह लेंस की ओर सरकता है तो प्रतिबिम्ब लेंस से दूर खिसक जायेगा

(b) बिम्ब को लेंस के बहुत निकट ले जाने पर, प्रतिबिम्ब काल्पनिक|सीधा और बड़ा बनेगा,


Q. 171363 कौनसा लेंस अभिसारी लेंस के रूप में जाना जाता है तथा क्यों?
Right Answer is:

SOLUTION

उत्तल लेंस, अभिसारी लेंस के रूप में जाना जाता है क्योंकि यह इस पर गिरने वाली प्रकाश किरणों को एक बिंदु पर अभिसारित कर देता है। नीचे दिया गया किरण आरेख, उत्तल लेंस की अभिसारी क्रिया को दर्शा रहा है।

Description: http://schoollms.extramarks.com/stryde/uploadfiles/Image/2014/08/14/201408140921570014080119601.jpg


Q. 171364 हम कैसे पहचान कर सकते हैं कि काँच का दिया गया टुकड़ा उत्तल लेन्स, अवतल लेन्स या समतल काँच का टुकड़ा है?
Right Answer is:

SOLUTION

दी गई काँच की प्लेट को मुद्रित अक्षरों पर रखते हैं। काँच की प्लेट मुद्रित अक्षरों के पास होनी चाहिए।

(1) यदि यह अक्षर आवर्धित प्रतीत होते हैं, तो दिया गया काँच का टुकड़ा उत्तल लेंस है।

(2) यदि यह अक्षर आकार में कम प्रतीत होते हैं, तो दिया गया काँच का टुकड़ा अवतल लेंस है।

(3) यदि अक्षर समान आकार के प्रतीत होते हैं, तो दिया गया काँच का टुकड़ा समतल काँच का टुकड़ा है।


Q. 171365 पानी के सापेक्ष वायु का अपवर्तनांक 1.33 है। यदि वायु में प्रकाश का वेग 3 x 108 m / s है, तो पानी में प्रकाश का वेग क्या होगा?
Right Answer is:

SOLUTION

दिया गया है,

अपवर्तनांक,

हमें ज्ञात है कि,


Q. 171366 एक डॉक्टर ने + 2.0 D शक्ति के दोष निवारक लेंस को निर्धारित किया। लेंस की फोकस दूरी को प्राप्त कीजिए।
Right Answer is:

SOLUTION

लेंस की शक्ति,P = + 2.0 D

माना,लेंस की फोकस दूरी F है,

चूँकि, F = ( 1/ P)

इसलिए, = ( 1 / 2.0 D)

= (1 / 2) x ( 1 / D)

= 0.5 m [ (1/ D) = 1 m]

= 50.0 cm


Q. 171367 कोई वस्तु पानी के भीतर 10 m की गहराई पर स्थित है। यदि पानी का अपवर्तनांक 1.33 है, तो वस्तु की स्पष्ट गहराई क्या होगी जब उसे वायु से देखते हैं?
Right Answer is:

SOLUTION

दिया गया है,

पानी का अपवर्तनांक , = 1.33

वस्तु की वास्तविक गहरायी = 10 m

वस्तु की आभासित गहराई


Q. 171368 लेंस द्वारा प्रतिबिम्ब बनने के नियम बताइए?
Right Answer is:

SOLUTION

लेंस द्वारा प्रतिबिम्ब बनने के नियम :

1. मुख्य अक्ष के समानान्तर सभी किरणें अपवर्तन के बाद मुख्य फोकस के माध्यम से गुज़रती हैं या इससे आ रही प्रतीत होती हैं।

2. फोकस के माध्यम से गुज़र रही प्रकाश की किरण अपवर्तन के बाद मुख्य अक्ष के समानान्तर हो जाती है।

3. लेंस के प्रकाशिक केन्द्र के माध्यम से गुज़र रही प्रकाश की किरण अपवर्तन के बाद अविचलित गुज़रती है।


Q. 171369 वास्तविक तथा आभासी प्रतिबिम्ब के बीच अन्तर क्या है?
Right Answer is:

SOLUTION

वास्तविक तथा आभासी प्रतिबिम्ब के बीच अन्तर निम्नानुसार दिया जाता है -

वास्तविक प्रतिबिम्ब

आभासी प्रतिबिम्ब

(1) वास्तविक प्रतिबिम्ब पर्दे पर प्राप्त किया जा सकता है ।

 

 

(2) वास्तविक प्रतिबिम्ब परावर्तितया अपवर्तित प्रकाश किरण के वास्तविक प्रतिच्छेदन द्वारा बनता है।

(3) यह हमेशा उल्टा होता है।

(1) आभासी प्रतिबिम्ब पर्दे पर प्राप्तनहीं किया जा सकता है लेकिन दर्पण या लेन्स में से केवल देखा जा सकता है ।

(2) आभासी प्रतिबिम्ब, परावर्तित या अपवर्तित प्रकाश किरण के स्पष्ट प्रतिच्छेदन द्वारा बनता है जब उनकी दिशा पीछे की ओर की गई हो।
(3) यह सीधा होता है ।


Q. 171370 किसी माध्यम का अपवर्तनांक, उपयोग किए गए प्रकाश की तरंगदैर्ध्य पर किस प्रकार से निर्भर करता है?
Right Answer is:

SOLUTION

किसी माध्यम का अपवर्तनांक, उपयोग किये गए प्रकाश की तरंगदैर्ध्य पर निर्भर करता है। प्रयोगों द्वारा यह पाया गया कि किसी पदार्थ के अपवर्तनांक में कमी होने के साथ - साथ प्रकाश की तरंगदैर्ध्य में वृद्धि होती है। दृश्य स्पेक्ट्रम में लाल रंग से बैंगनी रंग की ओर जाने पर तरंगदैर्ध्य में कमी होती है। इस प्रकार, बैंगनी रंग के लिए पदार्थ का अपवर्तनांक लाल रंगकी तुलना में अधिक होता है।


Q. 171371 एक वस्तु, लेंस से 3 m की दूरी पर स्थित है जो अपना प्रतिबिम्ब रखी हुई वस्तु की ओर 1 m की दूरी पर बनाता है। लेंस की शक्ति प्राप्त कीजिए। उपयोग किया गया लेंस किस प्रकार का है?
Right Answer is:

SOLUTION

वस्तु की दूरी, u = -3 m

प्रतिबिम्ब की दूरी, v = -1 m

फोकस दूरी, f = ?

शक्ति, P = ?

लेंस सूत्र से,

उपयोग किया गया लेंस अवतल लेंस है|


Q. 171372 अवतल दर्पण के वक्रता केंद्र तथा फोकस के बीच रखी वस्तु के लिए, इसके द्वारा बने प्रतिबिम्ब की प्रकृति, स्तिथि तथा आकार बताइए । इसके लिए किरण आरेख भी बनाइए ।
Right Answer is:

SOLUTION

जब वस्तु वक्रता केंद्र तथा फोकस के बीच रखी जाती है, तो इसका प्रतिबिम्ब वास्तविक तथा उल्टा, दर्पण के सामने वक्रता केंद्र के पीछे तथा बढ़ा हुआ बनता है।

Description: http://schoollms.extramarks.com/stryde/uploadfiles/Image/2014/04/15/201404154433450013975628921.jpg


Q. 171373 (i) पार्शव विस्थापन को समझाइए? (ii) क्या होता है, जब (a)प्रकाश की किरण विरल माध्यम से सघन माध्यम में गुज़रती है। (b)प्रकाश की किरण सघन माध्यम से विरल माध्यम में गुज़रती है। (c) प्रकाश की किरण काँच की पट्टी पर अभिलंबवत गिरती है।
Right Answer is:

SOLUTION

(i) काँच के स्लैब के माध्यम से अपवर्तन के समय यह देखा गया कि प्रकाश किरण की निर्गामी किरण आपतित किरण के समानान्तर है लेकिन आपतित किरण के पथ से पार्शविक विस्थापित होती है।

निर्गामी किरण तथा आपतित किरण के वास्तविक पथ के बीच अन्तर की लम्बवत दूरी को पार्शविक विस्थापन के रूप में जाना जाता है।

(ii) (a)जब प्रकाश किरण, विरल माध्यम से सघन माध्यम में होकर गुज़रती है, तो यह अभिलम्ब की ओर मुड़ जाती है।

Description: http://schoollms.extramarks.com/stryde/uploadfiles/Image/2014/08/14/201408140211340014079898921.jpg

(b)जब प्रकाश किरण, सघन माध्यम से विरल माध्यम में होकर गुज़रती है, तो यह अभिलम्ब से दूर मुड़ जाती है।


Description: http://schoollms.extramarks.com/stryde/uploadfiles/Image/2014/08/14/201408140211340014079898922.jpg


(c)जब प्रकाश किरण, काँच के स्लैब पर अभिलम्बवत गिरती है, तो यह प्रकाश किरण, बिना विचलित हुए सीधी निकल जाती है|

Description: http://schoollms.extramarks.com/stryde/uploadfiles/Image/2014/08/14/201408140211340014079898923.jpg


Q. 171374 उदाहरण की सहायता से समझाइए कि माध्यम-1 के सापेक्ष माध्यम-2 का अपवर्तनांक तथा माध्यम-2 के सापेक्ष माध्यम-1 के अपवर्तनांक का गुणनफल एक (1) होता है।
Right Answer is:

SOLUTION

माध्यम-1 का निर्पेक्ष अपवर्तनांक n1 तथा माध्यम-2 का निर्पेक्ष अपवर्तनांक n2 मानें तो

माध्यम-1 के सापेक्ष माध्यम-2 का अपवर्तनांक,

माध्यम-2 के सापेक्ष माध्यम-1 का अपवर्तनांक,

अत:

उदाहरण-
जल का अपवर्तनांक
1.33 तथा काँच का अपवर्तनांक 1.5 हो तो

जल के सापेक्ष काँच का अपवर्तनांक (wng)= ng/nw

= 1.5/1.33 = 1.13

कांच के सापेक्ष जल का अपवर्तनांक (gnw) = nw/ng

= 1.33/1.5 = 0.89

अत: wngxgnw = 1.13 x 0.89= 1


Q. 171375 दिए गए चित्र से, पता लगाइए - (i) आपतन कोण। (ii) अपवर्तन कोण।

(iii) पदार्थ P का अपवर्तनांक।


Description: http://schoollms.extramarks.com/stryde/uploadfiles/Image/2014/08/14/201408141071430014079893541.jpg

Right Answer is:

SOLUTION

(i) आपतन कोण वह कोण है, जो आपतित किरण, अभिलम्ब के साथ बनाती है। इस प्रकार, आपतन कोण, i = 90o – 27o = 63o

(ii) अपवर्तन कोण वह कोण है, जो अपवर्तित किरण, अभिलम्ब के साथ बनाती है।

इस प्रकार, ज्यामिति से, i = r + 37o

इसलिए, अपवर्तन कोण, r = 63o – 37o = 26o

(iii) स्नैल के नियम से,


Q. 171376 दर्शाइए कि माध्यम 2 का माध्यम 1 के सापेक्ष अपवर्तनांक, माध्यम 2 के अपवर्तनांक तथा माध्यम 1 के अपवर्तनांक के अनुपात के बराबर होता है।
Right Answer is:

SOLUTION

परिभाषा के अनुसार,

=c/v [c =निर्वात में प्रकाश की चाल, v =माध्यम में प्रकाश की चाल]

यदि तथा माध्यम 1 तथा माध्यम 2 के अपवर्तनांक हैं तथा v1 एवं v2 दो माध्यमों में प्रकाश की चाल है, तो

तथा

स्नैल के नियम से,


Q. 171377 एक गोलीय दर्पण, वस्तु के आकार का तीन गुना सीधा तथा आभासी प्रतिबिम्ब बनाता है। यदि प्रतिबिम्ब तथा वस्तु की दूरी का योग 100 cm है, तो फोकस दूरी की गणना कीजिए ।
Right Answer is:

SOLUTION

चूंकि, बना हुआ प्रतिबिम्ब सीधा तथा आभासी है । इसके अलावा आवर्धन 1 से अधिक है| इससे यह पता चलता है कि उपयोग किया गया दर्पण अवतल दर्पण है। इस प्रकार, हम निष्कर्ष निकाल सकते हैं कि यह प्रतिबिम्ब दर्पण के पीछे बनता है ।

इस प्रकार प्रश्नानुसार,
वस्तु की दूरी
(u) + प्रतिबिम्ब की दूरी (v) = 100cm
या |u| + |v| = 100cm ….…(1)

आवर्धन,

 

समीकर(1) तथा (2) से,

 

समीकरण (1) तथा (3) से,

 

दर्पण सूत्र से,


Q. 171378 साहिल ने कांच के प्रिज़्म से गुजरने वाली किसी किरण का पथ दर्शाया किन्तु वह इसके प्रिज़्म कोण, आपतन कोण, निर्गत कोण और विचलन कोण को नामांकित करने में असमर्थ है
Right Answer is: C

SOLUTION

दिखाए गए चित्र में,

A = प्रिज़्म कोण है ,

X = आपतन कोण

यह आपतन किरण और प्रिज़्म के पृष्ठ के अभिलम्ब के बीच का कोण है|

M = निर्गत कोण

यह निर्गत किरण और प्रिज़्म के पृष्ठ के अभिलम्ब के बीच का कोण है |

Z = विचलन कोण

यह निर्गत किरण और आपतन किरण के बीच का कोण है |

अत: विकल्प (C) सही है |


Q. 171379 चार छात्र A, B, C तथा D काँच के प्रिज़्म से गुज़रने वाली प्रकाश किरण का पथ अनुरेखित करने का प्रयोग करते समय अपने आरेखों में आपतित किरण तथा निर्गत किरण के पथ क्रमशः नीचे दिए गए ढंग से दर्शाते हैं:
इनमें से किरण का सही पथ दर्शाने वाला छात्र तथा आरेख है:


A. A-I

B. B-II

C. C-III

D. D-IV

Right Answer is: C

SOLUTION

जब प्रकाश विरल माध्यम से सघन माध्यम में प्रवेश करता है, तब यह अभिलम्ब की ओर झुकती है और जब प्रकाश सघन माध्यम से विरल माध्यम में प्रवेश करता है, तब यह अभिलम्ब से दूर झुकती है| यह स्थिति विकल्प (C) के लिए सही है|


Q. 171380 आकाश नीला प्रतीत होता है क्योंकि:-


A. वायुमंडल में वायु के अणु तथा अन्य कण, दृश्य प्रकाश की तरंगदैर्ध्य की तुलना में बड़े होते हैं।

B. नीले प्रकाश की तरंगदैर्ध्य सूक्ष्म होती है

Right Answer is: B

SOLUTION

आकाश नीला प्रतीत होता है क्योंकि, नीले सिरे पर सूक्ष्म तरंगदैर्ध्य का प्रकाश, लाल प्रकाश जिसकी तरंगदैर्ध्य 1.8 गुना होती है, की तुलना में अधिक प्रकीर्णित होता है।


Q. 171381 वायुमंडलीय अपवर्तन के कारण, आकाश में तारों की आभासी स्थिति है:-


A. वास्तविक स्थिति की तुलना में ऊपर

B. वास्तविक स्थिति की तुलना में नीचे

C. वास्तविक स्थिति के रूप में समान

D. वास्तविक स्थिति के बाईं ओर विस्थापित

Right Answer is: A

SOLUTION

जब तारों से आता हुआ प्रकाश पृथ्वी के वायुमंडल में प्रवेश करता है, तो यह वायुमंडल की विभिन्न परतों पर पुनरावृत्तीय अपवर्तन से गुज़रता है। जब अपवर्तनांक में वृद्धि होती है, तो प्रकाश किरणें प्रत्येक परत के माध्यम से गुज़रने पर अभिलम्ब की ओर मुड़ने लगती है। परिणामस्वरूप, तारों की आभासी स्थिति वास्तविक स्थिति की तुलना में ऊपर हो जाती है।


Q. 171382 इन्द्रधनुष सामान्यतया वर्षा के बाद बनता है क्योंकि :-


A. वायुमंडलीय धूल के कणों द्वारा प्रकाश का प्रकीर्णन होता है।

B. जल - वाष्प द्वारा प्रकाश का प्रकीर्णन होता है।

C. वायुमंडल में छोटी जल बूंदों द्वारा प्रकाश का प्रकीर्णन होता है।

D. बादलों द्वारा प्रकाश का प्रकीर्णन होता है।

Right Answer is: C

SOLUTION

वायुमंडल में छोटी जल बूंदें सूक्ष्म प्रिज्मों के रूप में कार्य करती हैं और अपने पर गिरने वाली प्रकाश किरणों को प्रकीर्णित कर देती है। यह इन्द्रधनुष के निर्माण में मुख्य भूमिका निभाती है।


Q. 171383 जब अभिनेत्र - लेंस तथा वस्तु के बीच दूरी में वृद्धि होती है, तो प्रतिबिम्ब – दूरी :-


A. में वृद्धि होगी

B. स्थिर बनी रहेगी

C. में कमी होगी

D. स्थिर रह सकती है या नहीं भी

Right Answer is: B

SOLUTION

चूँकि, अभिनेत्र - लेंस तथा रेटिना के बीच दूरी नियत होती है। इसलिए, प्रतिबिम्ब - दूरी, वस्तु की दूरी के सापेक्ष समान बनी रहती है।


Q. 171384 अभिनेत्र - लेंस की फोकस दूरी के परिवर्तन के लिए मानव आँख की क्षमता उत्तरदाई होती है:-


A. समंजन क्षमता के लिए

B. वर्ण – अन्धता के लिए

C. दृष्टि के स्थाईत्व के लिए

D. दृष्टि की अल्पतम दूरी के लिए

Right Answer is: A

SOLUTION

पक्ष्माभी पेशियों की सहायता से, अभिनेत्र लेंस की फोकस दूरी देखी जाने वाली वस्तु की दूरी के अनुसार परिवर्तित की जा सकती है। आँख से विभिन्न दूरियों पर रखी वस्तुओं को देखने के लिए फोकस दूरी में परिवर्तन का यह गुण समंजन क्षमता कहलाता है।


Q. 171385 किसी त्रिभुजाकार प्रिज़्म के माध्यम से गुज़रने पर श्वेत प्रकाश का विभाजन


A. प्रिज्म के आधार के कारण होता है

B. प्रकाश के प्रकीर्णन के रूप में जाना जाता है।

C. छः रंगों का बैण्ड होता है, जो स्पैक्ट्रम के रूप में जाना जाता है

D. प्रकाश के विक्षेपण के रूप में जाना जाता है।

Right Answer is: D

SOLUTION

प्रकाश का प्रकीर्णन, श्वेत प्रकाश का त्रिभुजाकार प्रिज़्म के माध्यम से गुजरने पर सात रंगों में विभाजन है।


Q. 171386 काँच का अपवर्तनांक अधिकतम होता है


A. लाल रंग के लिए

B. बैंगनी रंग के लिए

C. पीले रंग के लिए

D. नीले रंग के लिए

Right Answer is: B

SOLUTION

बैंगनी रंग प्रिज़्म के माध्यम से गुज़रने पर अधिकतम विचलन को दर्शाता है। इसलिए, बैंगनी रंग के लिए अपवर्तनांक अधिकतम है।


Q. 171387 जब पक्ष्माभी पेशियाँ शिथिल होती हैं, तो अभिनेत्र लेंस की फोकस - दूरी होती है:-


A. अधिकतम

B. न्यूनतम

C. बिलकुल 25 c m

D. शुन्य के बराबर

Right Answer is: A

SOLUTION

जब पक्ष्माभी पेशियाँ शिथिल होती हैं, तो अभिनेत्र लेंस पतला हो जाता है। यह अभिनेत्र - लेंस की अधिकतम फोकस - दूरी के लिए मुख्य भूमिका निभाता है।


Q. 171388 दीर्घ दृष्टि दोष को इस अन्य नाम से भी जाना जाता है


A. निकट दृष्टता

B. दूर दृष्टता

C. जरा दृष्टता

D. मोतियाबिंद

Right Answer is: B

SOLUTION

दीर्घ - दृष्टि दोष, दूर - दृष्टिता के रूप में भी जाना जाता है, क्योंकि, व्यक्ति दूर की वस्तुओं को स्पष्ट रूप से देखने में सक्षम होते हैं, लेकिन, पास की वस्तुओं को नहीं देख पाते हैं।


Q. 171389 एक व्यक्ति दूर की वस्तुओं को स्पष्ट रूप से देखने में असक्षम है। वह पीड़ित है:-


A. निकट दृष्टि दोष से

B. जरा - दूर दृष्टि दोष से।

C. दीर्घ दृष्टि दोष से।

D. मोतियाबिंद से।

Right Answer is: A

SOLUTION

यह व्यक्ति निकट दृष्टि दोष से पीड़ित है जिसकी आँख का दूरस्थ – बिंदु, अनंत से कम है, इसलिए, व्यक्ति पास की वस्तुओं को स्पष्ट रूप से देख पाता है लेकिन, दूर की वस्तुओं को स्पष्ट रूप से नहीं देख पाता है।


Q. 171390 किसी आँख में, प्रकाश एक पतली झिल्ली के माध्यम से प्रवेश करता है जो कहलाती है:-


A. स्वच्छ मंडल

B. दृष्टिपटल

C. पुतली

D. परितारिका

Right Answer is: A

SOLUTION

स्वच्छ मंडल नेत्र गोलक के अग्र पृष्ठ पर उपस्थित होता है। इसलिए, मानव नेत्र में प्रवेश करने वाला प्रकाश सर्वप्रथम स्वच्छ मंडल से हो कर ही गुज़रता है।


Q. 171391 श्वेता ने दो सर्व सम प्रिज़्म लिए तथा दूसरे प्रिज़्म को पहले प्रिज़्म के सापेक्ष उलटी दिशा में रखा
Right Answer is: A

SOLUTION

पहले प्रिज़्म द्वारा प्रकाश के सात रंग विभिन कोनों पर निर्गत होते हैं| इसलिए, अलग अलग दिखाई देते हैं| किन्तु, जब एक अन्य सर्व सम प्रिज़्म पहले प्रिज़्म के सामने रखा जाता है तो सातों रंग फिर से समान कोण पर विचलित हो जाते हैं तथा संयोजित हो कर श्वेत प्रकाश बनाते हैं|


Q. 171392 वायुमंडलीय अपवर्तन के कारण, किसी दिन की आभासी अवधि में वृद्धि होती है:-


A. 2 मिनट की

B. 3 मिनट की

C. 4 मिनट की

D. 6 मिनट की

Right Answer is: C

SOLUTION

वायुमंडलीय अपवर्तन के कारण, सूर्य हमें वास्तविक सूर्योदय से 2 मिनट पहले तथा वास्तविक सूर्यास्त के 2 मिनट बाद तक दिखाई देता है। इसलिए, दिन की कुल अवधि में 4 मिनट की वृद्धि हो जाती है।


Q. 171393 निकट - दृष्टि दोष संशोधित किया जा सकता है :-


A. अवतल लेंस के उपयोग से

B. उत्तल लेंस के उपयोग से

C. अवतल दर्पण के उपयोग से

D. उत्तल दर्पण के उपयोग से

Right Answer is: A

SOLUTION

अवतल लेंस अपसारी लेंस होते हैं। निकट - दृष्टि दोष की स्थिति में, प्रतिबिम्ब, रेटिना के पहले बनता है। इसलिए, अवतल लेंस के उपयोग से नेत्रों में प्रवेश होने वाली प्रकाश किरणें अपसरित हो जाती हैं तथा प्रतिबिम्ब रेटिना पर बन जाता है।


Q. 171394 जब पेशियाँ शिथिल होती हैं तो


A. पास रखी वस्तुएँ सुस्पष्ट दिखाई देती हैं

Right Answer is: B

SOLUTION

जब पेशियाँ शिथिल होती हैं तो अभिनेत्र लेंस पतला हो जाता है तथा इसकी फोकस दूरी बढ़ जाती है| फलस्वरूप,हम दूर रखी वस्तुओं को सुस्पष्ट रूप से देख पाते हैं|


Q. 171395 परितारिका, पुतली को संकुचित करती है:-


A. तीव्र प्रकाश में

B. अधिक प्रकाश को प्रवेश करने देती है

C. अँधेरे में

D. खतरे से बचाव करते समय

Right Answer is: A

SOLUTION

परितारिका वह मांसपेशी है जो तीव्र प्रकाश में पुतली को संकुचित कर देती है तथा इस प्रकार, आँख में प्रवेश करने वाले प्रकाश की मात्रा को नियंत्रित करती है।


Q. 171396 रवि लिखते समय अक्षरों को पढ़ने में असक्षम है। वह पीड़ित है:-


A. दीर्घ दृष्टि दोष से

B. मोतियाबिंद से

C. निकट दृष्टि दोष से

D. जरा – दूरदृष्टिता से

Right Answer is: A

SOLUTION

दीर्घ - दृष्टि दोष से पीड़ित व्यक्ति की आँख का निकटतम - बिंदु 25 c m से अधिक होता है। इसलिए, व्यक्ति निकट की वस्तुओं को स्पष्ट रूप से नहीं देख पाता है, दूर की वस्तुओं को स्पष्ट रूप से देख सकता है।


Q. 171397 प्रकाश के प्रकीर्णन में निहित होता है:-


A. प्रकाश का परावर्तन

B. प्रकाश का अपवर्तन

C. प्रकाश का प्रकीर्णन

D. प्रकाश की दिशा में याद्रच्छिक परिवर्तन

Right Answer is: D

SOLUTION

वायु में स्थित सूक्ष्म कणों से टकरा कर प्रकाश किरणों की दिशा में याद्रच्छिक परिवर्तन प्रकाश का प्रकीर्णन कहलाता है|


Q. 171398 साहिल ने प्रेक्षित किया कि जब श्वेत प्रकाश किसी प्रिज़्म से होकर गुज़रता है तो


A. श्वेत प्रकाश निर्गत होता है

Right Answer is: D

SOLUTION

श्वेत प्रकाश सात विभिन्न रंगों का संयोजन होता है। जब श्वेत प्रकाश किसी प्रिज़्म द्वारा गुज़रता है, तो ये सात रंग प्रिज़्म के माध्यम से विभिन्न कोणों द्वारा विचलित हो जाते हैं तथा अलग-अलग दिखाई देते हैं| प्रकाश के सात रंगों का यह संयोजन स्पैक्ट्रम कहलाता है।


Q. 171399 किसी सामान्य आँख के लिए दृष्टि की अल्पतम दूरी है:-


A. 25 cm

B. 1 m

C. 25 m

D. अनन्त

Right Answer is: A

SOLUTION

वह अल्पतम दूरी जिस पर रखी गई वस्तु को आँख बिना किसी तनाव के स्पष्ट रूप से देख सकती है, दृष्टि की अल्पतम दूरी कहलाती है। यह सामान्य आँख के लिए 25 c m होती है।


Q. 171400 प्रकीर्णन किसे कहते हैं?
Right Answer is:

SOLUTION

सूर्य का श्वेत प्रकाश, विभिन्न रंगों का मिश्रण होता है। जब किसी प्रिज़्म पर श्वेत प्रकाश की किरण आपतित होती है तो वह इन विभिन्न रंगों की अनेक किरणों में विभाजित हो जाती है। इस प्रक्रिया को प्रकाश का प्रकीर्णन कहते हैं।


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