CBSE - MCQ Question Banks (के. मा. शि. बो . -प्रश्नमाला )

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Q. 171401 एक प्रिज़्म के अपवर्तक तल में 480 के आपतन कोण पर प्रकाश किरण गिरने पर प्रिज़्म की अल्पतम विचलन स्थिति प्राप्त होती है। यदि प्रिज़्म कोण 600 हो तो अल्पतम विचलन कोण की गणना कीजिए।
Right Answer is:

SOLUTION

आपतन कोण, i = 480

प्रिज़्म कोण, A = 600

अल्पतम विचलन कोण,

dm= 2 i – A

= (2 x 480) - 600

= 360


Q. 171402 सामान्य आदमी के लिए सुस्पष्ट दृष्टि की अल्पतम दूरी क्या होती है?
Right Answer is:

SOLUTION

एक युवा आदमी के लिए सुस्पष्ट दृष्टि की अल्पतम दूरी लगभग 25 cm होती है।


Q. 171403 सुस्पष्ट दृष्टि की अल्पतम दूरी को परिभाषित कीजिए।
Right Answer is:

SOLUTION

वह न्युनतम दूरी जिस पर आँख बिना किसी तनाव के वस्तु को देख सकती है सुस्पष्ट दृष्टि की अल्पतम दूरी कहलाती है।


Q. 171404 अन्तिम पंक्ति में बैठे हुए एक विद्यार्थी को ब्लेक बोर्ड पढ़ने में कठिनाई होती है। वह विद्यार्थी किस दोष से पीड़ित होगा तथा इसे कैसे दूर किया जा सकता है?
Right Answer is:

SOLUTION

वह विद्यार्थी दूर की वस्तुओं को देखने में सक्षम नहीं है। वह निकट दृष्टि दोष से पीड़ित है। यह दोष उपयुक्त्त शक्ति के अवतल लेन्स के उपयोग द्वारा दूर किया जा सकता है।


Q. 171405 श्वेत प्रकाश के प्रकीर्णन में कौनसा रंग कम तथा कौनसा रंग अधिक झुकता है?
Right Answer is:

SOLUTION

प्रकाश के प्रकीर्णन में बैंगनी प्रकाश अधिक झुकता है तथा लाल प्रकाश कम झुकता है।


Q. 171406 जब श्वेत प्रकाश प्रिज़्म की सतह पर गिरता है तो क्या होता है?
Right Answer is:

SOLUTION

जब श्वेत प्रकाश प्रिज़्म की सतह पर गिरता है, तो यह अपने मूल कणों में विभक्त हो जाता है।


Q. 171407 वह मुख्य कारक जिस पर निलंबित कणों द्वारा प्रकीर्णित प्रकाश का रंग निर्भर करता है कोनसा है?
Right Answer is:

SOLUTION

निलम्बित कणों द्वारा प्रकीर्णित प्रकाश का रंग कण के आकार पर निर्भर करता है।


Q. 171408 टिंडल प्रभाव किसे कहते हैं?
Right Answer is:

SOLUTION

किसी कोलॉइडी विलयन में कणों द्वारा प्रकाश का प्रकीर्णन टिंडल प्रभाव कहलाता है।


Q. 171409 यदि कोई मनुष्य 75 सेमी से कम दूरी पर स्पष्ट नहीं देख सकता है, तो उसके चश्मे में कौनसे व कितनी फोकस दूरी के लेंस की आवश्यकता है?
Right Answer is:

SOLUTION

लेंस सूत्र के अनुसार,

 

 

 

अत: f = 37.5 सेमी
मनुष्य के चश्मे में 37.5 सेमी फोकस दूरी का उत्तल लेन्स (धनात्मक
चिन्ह के कारण) लगाना होगा।


Q. 171410 आकाश में पाए जाने वाले प्राकृतिक स्पेक्ट्रम का नाम बताईए तथा इसे प्राप्त करने का कारण भी स्पष्ट कीजिए
Right Answer is:

SOLUTION

इंद्रधनुष, वर्षा के पश्चात आकाश में जल के सूक्ष्म कणों में दिखाई देने वाला प्राकृतिक स्पेक्ट्रम है| यह वायुमंडल में उपस्थित जल की सूक्ष्म बूँदों द्वारा सूर्य के प्रकाश के परिक्षेपण के कारण प्राप्त होता है।


Q. 171411 दूर दृष्टि दोष के क्या - क्या कारण होते हैं?
Right Answer is:

SOLUTION

दूर दृष्टि दोष के दो कारण होते हैं:

  • नेत्र गोलक का चपटा हो जाना अर्थात नेत्र में लेंस तथा रेटिना के बीच की दूरी सामान्य से कम हो जाती है।
  • नेत्र की समंजन क्षमता का कम या नष्ट हो जाना।


Q. 171412 जरा-दूरदृष्टता का कारण बताइए।
Right Answer is:

SOLUTION

जरा-दूरदृष्टता वृद्धावस्था में पक्ष्माभी पेशियों के धीरे-धीरे दुर्बल होने तथा क्रिस्टलीय लेंस के लचीलेपन में कमी आने के कारण उत्पन्न होता है।


Q. 171413 जलीय द्रव क्या होता है?
Right Answer is:

SOLUTION

कार्निया(Cornea) एवं नेत्र लेन्स के बीच के स्थान में जल के समान पारदर्शी द्रव भरा रहता है जिसका अपवर्तनांक 1.336 होता है। यह जलीय द्रव कहलाता है।


Q. 171414 एक परिपथ में तीन प्रतिरोध जिनका मान 1Ω , 4Ω एवं 5Ω है, श्रेणीक्रम में संयोजित हैं, तो इन प्रतिरोधों के निकाय का प्रतिरोध


A. निश्चित ही 1Ω से कम होगा

Right Answer is: D

SOLUTION

श्रेणीक्रम में संयोजित प्रतिरोधों के निकाय का प्रतिरोध परिपथ में लगे अधिकतम प्रतिरोध के मान से अधिक होता है।


Q. 171415 एक परिपथ में तीन प्रतिरोध जिनका मान 2Ω , 3Ω एवं 4Ω है, पाश्र्व क्रम में संयोजित हैं, तो इन प्रतिरोधों के निकाय का प्रतिरोध


A. निश्चित ही 2Ω से कम होगा

Right Answer is: A

SOLUTION

पाश्र्व क्रम में संयोजित प्रतिरोधों के निकाय का प्रतिरोध परिपथ में लगे न्यूनतम प्रतिरोध के मान से कम होता है।


Q. 171416 यदि एक 220V विद्युत हीटर से 15A विद्युत धारा प्रवाहित होती है, तो विद्युत हीटर द्वारा प्रयुक्त शक्ति होगी,


A. 3300 W

B. 3000 W

C. 2300 W

D. 2000 W

Right Answer is: A

SOLUTION

P = VI    = 220 V x 15A    =3300 W


Q. 171417 एक कॉपर के तार की लम्बाई आधी करने पर, उसकी प्रतिरोधकता


A. आधी हो जाती है

Right Answer is: C

SOLUTION

प्रतिरोधकता पदार्थ का एक विशेष गुण है। हर पदार्थ की प्रतिरोधकता नियत होती है जो उसके भौतिक कारकों पर निर्भर नहीं करती।


Q. 171418 यदि किसी 100 W के विद्युत बल्ब को 220 V के स्रोत से जोड़ा जाता है तो बल्ब पर उत्पन्न अवरोध होगा


A. 0.22 ओम

B. 22000 ओम

C. 100 ओम

D. 484 ओम

Right Answer is: D

SOLUTION


Q. 171419 विद्युत सेल स्रोत है


A. विद्युत धारा का

B. विद्युत आवेश का

C. इलेक्ट्रानों का

D. विद्युत ऊर्जा का

Right Answer is: A

SOLUTION

विद्युत सेल के प्रयोग से रासायनिक ऊर्जा को विद्युत ऊर्जा में परिवर्तित करते हैं। इसमें होने वाली रासायनिक प्रतिक्रियाएं विद्युत धारा का प्रवाह उत्पन्न करती हैं।


Q. 171420 X-ray नलिका पर लगाया गया विभवान्तर 5kV तथा प्रवाहित धारा 3.2 mA है। लक्ष्य पर प्रति सेकेंड टकराने वाले इलेक्ट्रानों की संख्या


A. 3 x 1012 होगी।

B. 5 x 1015 होगी।

C. 2 x 1016 होगी।

D. 4 x 1018 होगी।

Right Answer is: C

SOLUTION


Q. 171421 यदि R प्रतिरोध वाले तार, जिसकी लम्बाई ‘L’ है, को इस तरह खींचा जाए की उसकी लम्बाई दो गुनी तथा त्रिज्या आधी हो जाए, तो तार का नया प्रतिरोध


A. 16R होगा

B. 8R होगा

C. 4R होगा

D. R होगा

Right Answer is: C

SOLUTION


Q. 171422 जूल के तापन नियम के अनुसार, किसी प्रतिरोधक में उत्पन्न होने वाली उष्मा


A. दिए गए प्रतिरोधक में प्रवाहित होने वाली विद्युत धारा के वर्ग के अनुक्रमानुपाती होती है

Right Answer is: A

SOLUTION

H = I2RT जिससे यह स्पष्ट होता है कि प्रतिरोधक में उत्पन्न होने वाली उष्मा दिए गए प्रतिरोधक में प्रवाहित होने वाली विद्युत धारा के वर्ग के अनुक्रमानुपाती होती है।


Q. 171423 विद्युत आवेश का मात्रक है


A. जूल

B. कूलॉम

C. वोल्ट

D. एम्पियर

Right Answer is: B

SOLUTION

विद्युत आवेश का SI मात्राक कूलॉम(C) है, जो लगभग 6 x 1018 इलेक्ट्रोनों में समाए आवेश के तुल्य होता है।


Q. 171424 दो वैद्युत बल्बों की शक्तियाँ 100 वाट तथा 200 वाट हैं। दोनों ही 220 वोल्ट के मेन्स से जोड़े गए हैं। इनके तन्तुओं के प्रतिरोधों का अनुपात है:


A. 1 : 2

B. 2 : 1

C. 1 : 4

D. 4 : 1

Right Answer is: B

SOLUTION


Q. 171425 एक बल्ब पर 100 वाट-250 वोल्ट लिखा है। इसका प्रतिरोध होगा


A. 25000Ω

B. 625Ω

C. 25Ω

D. 2.5Ω

Right Answer is: B

SOLUTION


Q. 171426 विद्युत शक्ति(P) का सूत्र है-


A. P = V/l

B. P = l/V

C. P = Vl

D. P = V2/l

Right Answer is: C

SOLUTION

विद्युत शक्ति की परिभाषा से हमें किसी विद्युत परिपथ में उपभुक्त अथवा क्षयित विद्युत ऊर्जा की दर प्राप्त होती है।  शक्ति P को इस प्रकार व्यक्त करते हैं P = VI


Q. 171427 ओम का नियम सत्य है:


A. केवल धात्विक चालकों के लिए

B. केवल अधात्विक चालकों के लिए

C. केवल अर्ध चालकों के लिए

D. सभी के लिए

Right Answer is: A

SOLUTION

वैद्युत अभियांत्रिकी एवं इलेक्ट्रानिक्स में प्रयुक्त बहुत सी युक्तियाँ ओम के नियम का पालन नहीं करती हैं। ऐसी युक्तियों को अनओमीय युक्तियाँ कहते हैं। उदाहरण के लिये, डायोड एक अनओमीय युक्ति है।


Q. 171428 प्रतिरोध का मात्रक है -


A. ओम

B. ओम/सेमी

C. ओम-सेमी

D. वोल्ट

Right Answer is: A

SOLUTION

यदि किसी चालक के दोनों सिरों के बीच विभवांतर 1 V है तथा उससे 1 A विद्युत धारा प्रवाहित होती है, तब उस चालक का प्रतिरोध R, 1Ω होता है।


Q. 171429 1.5 ओम प्रतिरोध के तार में 1.5 एम्पियर धारा प्रवाहित करने पर तार के सिरों के बीच विभवान्तर होता है -


A. 22.5 वोल्ट

B. 1 वोल्ट

C. 0.225 वोल्ट

D. 2.25 वोल्ट

Right Answer is: D

SOLUTION


Q. 171430 वैद्युत बल्ब का तन्तु टंगस्टन का होता है क्योंकि


A. उसका गलनांक बहुत अधिक होता है।

B. उसका गलनांक बहुत कम होता है।

C. उसका प्रतिरोध उपेक्षणीय होता है।

D. इनमें से कोई नहीं।

Right Answer is: A

SOLUTION

उसका गलनांक बहुत अधिक होता है जिसके कारण वह बहुत गरम होने पर भी नहीं पिघलता।


Q. 171431 परिपथ में प्रवाहित विद्युत धारा का परिमाण मापने के लिए उपयोग किए जाने वाले यंत्र का नाम बताइए। साथ ही यह भी बताइए कि इसे परिपथ में किस क्रम में जोड़ा जाता है?
Right Answer is:

SOLUTION

परिपथ में प्रवाहित विद्युत धारा का परिमाण मापने के लिए ऐमीटर का उपयोग किया जाता है।यह विद्युत परिपथ से हमेशा श्रेणी क्रम में जोड़ा जाता है।


Q. 171432 एक ही सॉकेट से एक ही समय पर बहुत से विद्युत साधित्रों को संयोजित करने से क्या होता है ?
Right Answer is:

SOLUTION

एक ही सॉकेट से एक ही समय पर बहुत से विद्युत साधित्रों को संयोजित करने से अतिभारण हो जाता है तथा परिपथ लघुपथन दर्शाता है, साथ ही साधित्रों के जल जाने का भी खतरा रहता है।


Q. 171433 किसी विद्युत बल्ब के तन्तु में 300 कूलॉम आवेश 5 मिनट तक प्रवाहित होता है। विद्युत परिपथ में प्रवाहित विद्युत धारा का परिमाण ज्ञात कीजिए।
Right Answer is:

SOLUTION

दिया गया है,

विद्युत धारा का आवेश = 300 कूलॉम

समय = 5 मिनट

परिपथ में प्रवाहित धारा,


Q. 171434 दूरस्थ निकाय के स्पष्ट प्रतिबिम्ब को उत्तल लेंस के उपयोग द्वारा किसी पर्दे पर प्राप्त किया जाता है
Right Answer is: B

SOLUTION

इस प्रकार, किसी दूरस्थ निकाय से आ रही प्रकाश किरणें समानान्तर पुंज के रूप में किसी लेंस पर आपतित होती है तथा पर्दे पर फोकसित हो जाती है| इस प्रकार, लेंस तथा पर्दे के बीच दूरी के मापन से लेंस की फोकस दूरी की गणना की जा सकती है|


Q. 171435 लेंस का प्रकार है अवतल उत

किसी लेंस की शक्ति - 35 D है<div class= Right Answer is: A

SOLUTION

चिन्ह परिपाटी के अनुसार, सभी दूरियां प्रकाशिक केंद्र से मापी जाती हैं| आपतित प्रकाश की दिशा के अनुदिश मापी जाने वाली दूरियां धनात्मक के रूप में ली जाती है जबकि, आपतित प्रकाश की दिशा के अनुदिश मापी जाने वाली दूरियां ऋणात्मक के रूप में ली जाती हैं| यहाँ, फोकस दूरी (1/शक्ति) ऋणात्मक प्राप्त होती है| तथा इस प्रकार, यह आपतित प्रकाश की दिशा के विपरीत मापी जाती है| इसलिए, हम निष्कर्ष निकाल सकते हैं कि लेंस अपसारी अर्थात, अवतल लेंस है|


Q. 171436 किसी छात्र ने एक उत्तल लेंस का उपयोग करके पर्दे पर खिड़की की जाली का स्पष्ट प्रतिबिम्ब प्राप्त किया
Right Answer is: D

SOLUTION

लेंस को पर्दे की ओर गति कराकर, दूरस्थ निकाय (वस्तु) का स्पष्ट प्रतिबिम्ब प्राप्त किया जा सकता है| अर्थात, पेड़ प्राप्त हो जाएगा|


Q. 171437 किसी आयताकार काँच के स्लैब के माध्यम से प्रकाश - किरण के पथ के अनुरेखण के लिए सही व्यवस्था है -


A. I

B. II

C. III

D. IV

Right Answer is: B

SOLUTION

किरण आरेख में यह बिंदु दूर – दूर होने चाहिए तथा इन बिन्दुओं को मिलाने वाली रेखा और आपतन बिंदु से गुज़रने वाले अभिलम्ब के बीच 90º से कम का कोण होना चाहिए|


Q. 171438 दृश्य प्रकाश की तरंगदैर्ध्य की परास होती है:-


A. 4 × 10-7 m to 8 × 10-7 m

B. 4 × 107 m to 8 × 107 m

C. 4 × 103 m to 8 × 103 m

D. 2 × 10-3 m to 3 × 10-4 m

Right Answer is: A

SOLUTION

मानव नेत्र 4 × 10–7 m से 8 × 10–7 m तक तरंगदैर्ध्य की परास की विद्युत् चुम्बकीय तरंगों को ही संसूचित कर सकती है| इस परास की विद्युत् चुम्बकीय तरंगे दृश्य प्रकाश कहलाती हैं|


Q. 171439 चार विद्यार्थियों P, Q, R तथा S द्वारा किसी काँच के स्लैब के माध्यम से प्रकाश की किरण के पथ का पता लगाने के लिए एक प्रयोग किया गया
Right Answer is: A

SOLUTION

‘i’ का मान लगभग निर्गत कोण के मान के बराबर होता है| इनके मानों में यह अन्तर प्रयोग करते समय प्रयोग में आने वाली त्रुटियों के कारण आता है|


Q. 171440 किसी दूरस्थ पेड़ से आ रही समानान्तर प्रकाश किरणें उत्तल लेंस पर आपतित होकर पर्दे पर एक प्रतिबिम्ब बनाती है
Right Answer is: A

SOLUTION

पर्दे पर पेड़ का प्रतिबिम्ब, लम्बवत प्रतिलोमित (उल्टा) प्रतिबिम्ब होगा|


Q. 171441 राजेश अपनी नई कार के लिए पश्च दृश्यक दर्पण खरीदने बाज़ार गया
Right Answer is: D

SOLUTION

उत्तल दर्पण हमेशा सीधे प्रतिबिम्ब बनाता है| इसके अलावा, प्रतिबिम्ब छोटे आकार के होते हैं जिसके कारण, चालकको अपने पीछे आ रहे कई वाहनों के प्रतिबिम्बों को देखने के लिए व्यापक क्षेत्र मिलता है|


Q. 171442 किसी माध्यम में संचरण कर रही प्रकाश की किरण अन्य माध्यम जो प्रकाशिक सघन है में मिलती है
Right Answer is: C

SOLUTION

प्रकाश, विरल माध्यम की तुलना में प्रकाशिक सघन माध्यम में धीमी चाल से संचरण करता है| इस प्रकार, प्रकाश की किरण सघन माध्यम में प्रवेश करने पर अभिलम्ब की ओर मुड़ जाती है|


Q. 171443 यदि किसी गोलिय दर्पण की वक्रता त्रिज्या 50 cm है तो इसकी फोकस दूरी


A. 25 cm होगी

B. 50 cm होगी

C. 75 cm होगी

D. 100 cm होगी

Right Answer is: A

SOLUTION

किसी गोलिय दर्पण की फोकस दूरी उसकी वक्रता त्रिज्या की आधी होती है| f = R/2 = 50 cm/2 = 25 cm


Q. 171444 जब वस्तु अनन्त पर रखी जाती है, तो उत्तल लेंस द्वारा प्रतिबिम्ब कहा बनता है तथा इसकी प्रकृति क्या है?
Right Answer is:

SOLUTION

प्रतिबिम्ब, उत्तल लेंस के फोकस पर बनता है।

बना हुआ प्रतिबिम्ब, वास्तविक, उल्टा तथा अत्यधिक कम आकार का होता है।


Q. 171445 हम वाहनों में पीछे देखने के लिए उत्तल लेन्स को प्राथमिकता क्यों देते हैं?
Right Answer is:

SOLUTION

हम उत्तल दर्पण को प्राथमिकता देते हैं, क्योंकि यह हमेशा सीधा प्रतिबिम्ब बनाता है। साथ ही उत्तल दर्पण, समतल दर्पण की तुलना में ड्राइवर को व्यापक क्षेत्र देखने में सक्षम बनाता है।


Q. 171446 जब एक वस्तु अवतल दर्पण के वक्रता केंद्र पर रखी जाती है तो उसका प्रतिबिम्ब कहाँ बनेगा? इसके लिए किरण आरेख बनाइए।
Right Answer is:

SOLUTION

यह प्रतिबिम्ब अवतल दर्पण के सामने वक्रता केंद्र पर बनेगा।


Q. 171447 प्रत्येक के दो-दो उपयोग बताइए – a)अवतल दर्पण
b)उत्तल दर्पण2
Right Answer is:

SOLUTION

अवतल दर्पण के उपयोग :
1. शेविंग दर्पण के रूप में।
2. मोटरवाहनों तथा सर्च लाइटों के लैम्प में परावर्तकों के रूप में।


उत्तल दर्पण के उपयोग -
1.कारों में पश्च दर्शक दर्पण के रूप में।
2. दुकानों में सुरक्षा दर्पण के रूप में।


Q. 171448 यदि गोलीय दर्पण की वक्रता त्रिज्या 30 सेमी है, तो इसकी फोकस दूरी की गणना कीजिए।
Right Answer is:

SOLUTION

फोकस दूरी, f = ?

वक्रता त्रिज्या, R = 30 cm

हमें ज्ञात है कि, f = R/2

f = 30/2 cm = 15 cm


Q. 171449 उत्तल लेंस द्वारा बने प्रतिबिम्ब का किरण आरेख दीजिये जब वस्तु प्रकाशिक केंद्र तथा मुख्य फोकस के मध्य निहित हो
Right Answer is:

SOLUTION

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Q. 171450 स्नेल के नियम से आप क्या समझते हैं?
Right Answer is:

SOLUTION

स्नेल के प्रकाश के अपवर्तन के नियम के अनुसार, किन्हीं दो माध्यमों के लिए, आपतन कोण की ज्या से अपवर्तन कोण की ज्या का अनुपात एक स्थिरांक होता है।


Q. 171451 अवतल लेंस द्वारा बने प्रतिबिम्ब का आकार, स्थिति तथा प्रकृति बताइए
Right Answer is:

SOLUTION

जब वस्तु किसी अवतल लेंस के अनन्त तथा प्रकाशिक केन्द्र के बीच निहित होती है, तो प्रतिबिम्ब का आकार, स्थिति तथा प्रकृति निम्न प्रकार होती है:

प्रतिबिम्ब की स्थिति : फोकस तथा प्रकाशिक केन्द्र के बीच।

प्रतिबिम्ब का आकार : छोटे आकार का।

प्रतिबिम्ब की प्रकृति : आभासी तथा सीधा।


Q. 171452 यदि वायु से द्रव में गमन कर रही प्रकाश की एक किरण के लिए अपवर्तन का समरूपी कोण 30o है, तो वायु के सापेक्ष द्रव के अपवर्तनांक की गणना कीजिए।
Right Answer is:

SOLUTION

दिया गया है,

आपतन कोण, i = 45o

परावर्तन कोण, r = 30o

वायु के सापेक्ष द्रव का अपवर्तनांक,


Q. 171453 निरपेक्ष अपवर्तनांक को परिभाषित कीजिए।
Right Answer is:

SOLUTION

किसी माध्यम का निरपेक्ष अपवर्तनांक, निर्वात में (या वायु में) प्रकाश की चाल तथा उस माध्यम में प्रकाश की चाल के अनुपात के रूप में परिभाषित किया जाता है।


Q. 171454 काचाभ द्रव क्या होता है?
Right Answer is:

SOLUTION

नेत्र लेन्स के पीछे दृष्टि पटल तक का स्थान एक गाढ़े, पारदर्शी एवं उच्च अपवर्तनांक के द्रव से भरा होता है। इसे काचाभ द्रव कहते हैं।


Q. 171455
साहिल ने कांच के प्रिज़्म से गुजरने वाली किसी किरण का पथ दर्शाया किन्तु वह इसके प्रिज़्म कोण, आपतन कोण, निर्गत कोण और विचलन कोण को नामांकित करने में असमर्थ है
Right Answer is:

SOLUTION

दिखाए गए चित्र में,

A = प्रिज़्म कोण है ,

X = आपतन कोण

यह आपतन किरण और प्रिज़्म के पृष्ठ के अभिलम्ब के बीच का कोण है|

M = निर्गत कोण

यह निर्गत किरण और प्रिज़्म के पृष्ठ के अभिलम्ब के बीच का कोण है |

Z = विचलन कोण

यह निर्गत किरण और आपतन किरण के बीच का कोण है |

अत: विकल्प (C) सही है |


Q. 171456 ज्यों ही व्यक्ति अधिक प्रकाश से कम प्रकाश (अँधेरे) वाले कमरे में प्रवेश करता है, तो वह कुछ समय के लिए वस्तुओं को स्पष्ट रूप से क्यों नहीं देख पाता है?
Right Answer is:

SOLUTION

तीव्र प्रकाश में, परितारिका के कारण हमारे आँख की पुतली छोटी हो जाती है। इसलिए, जब हम अँधेरे कमरे में प्रवेश करते हैं, तो हमारी आँख में बहुत ही कम प्रकाश प्रवेश करता है और हम ठीक से नहीं देख पाते हैं। कुछ समय बाद, हमारी आँख की पुतली फैलती है और बड़ी हो जाती है। तब हमारी आँखों में अधिक प्रकाश प्रवेश करता है और हम स्पष्ट रूप से देख पाते हैं।


Q. 171457 प्रातः काल अथवा संध्या काल के समय, सूर्य का रंग लाल क्यों दिखाई देता है?
Right Answer is:

SOLUTION

प्रातः काल अथवा संध्या काल के समय, सूर्य का लाल रंग दिखायी देना भी प्रकाश के प्रकीर्णन का प्रभाव है। सूर्योदय या सूर्यास्त के समय सूर्य का प्रकाश वायुमंडल की बहुत गहरी परत से गुज़रता है, जिसके कारण उसके नीले अंश का अधिकांश भाग प्रकीर्णित हो जाता है तथा शेष पीला लाल अंश ही हमारे नेत्रों तक सीधे पहुँच पाता है।


Q. 171458 क्या नेत्र से वस्तु की दूरी बढ़ाने पर प्रतिबिम्ब की दूरी पर कोई प्रभाव पड़ता है? क्यों?
Right Answer is:

SOLUTION

नहीं, नेत्र से वस्तु की दूरी बढ़ाने पर प्रतिबिम्ब की दूरी पर कोई प्रभाव नहीं पड़ता| ऐसा इसलिए होता है क्योंकि मानव नेत्र की समंजन क्षमता स्थिर होती है| नेत्र के भीतर क्रिस्टलीय लेंस से दृष्टिपटल की दूरी स्थिर है| किन्तु वस्तु की दूरी बढ़ाने पर उसका प्रतिबिम्ब दृष्टिपटल पर उत्पन्न हो, ऐसा करने के लिए क्रिस्टलीय लेंस अपनी फोकस दूरी को बदलता रहता है|


Q. 171459 एक व्यक्ति दूर दृष्टि दोष से पीड़ित है। उसका निकटतम बिन्दु 50 c m है। यदि वह 30 c m दूर रखी वस्तु को पढ़ना चाहता है, तो आप उसके द्वारा उपयोग किए गए लेंस की शक्ति तथा फोकस दूरी की गणना कैसे कर सकते हैं?
Right Answer is:

SOLUTION


Q. 171460 प्रकीर्णन का क्या कारण है?
Right Answer is:

SOLUTION

जब श्वेत प्रकाश प्रिज़्म की सतह पर गिरता है, तो यह मूल कणों में विभक्त हो जाता है। यही कारण है कि विभिन्न रंग विभिन्न कोणों से विचलित हो जाते हैं। किसी निश्चित रंग में उत्पन्न विचलन उस निश्चित रंग के लिए प्रिज़्म के पदार्थ के अपवर्तनांक पर निर्भर करता है। चूँकि, बैंगनी रंग के लिए पदार्थ का अपवर्तनांक, लाल रंग के लिए पदार्थ के अपवर्तनांक की तुलना में अधिक होता है। बैंगनी रंग अधिक विचलित तथा लाल रंग बहुत कम विचलित होता है।


Q. 171461 तारे क्यों टिमटिमाते हैं?
Right Answer is:

SOLUTION

तारे की टिमटिमाहट, तारे के प्रकाश के वायुमण्डलीय अपवर्तन के कारण होती है। यह वायुमण्डल कई परतों का बना होता है तथा अपवर्तनांक वायु के घनत्व में परिवर्तन होने के कारण लगातार बदलता रहता है। परिणामस्वरूप, तारों से प्रकाश किरणों का पथ लगातार इनके पथ को परिवर्तित करता रहता है। आँखों में प्रवेश करने वाली किरणों की संख्या में समय के साथ परिवर्तन होता जाता है और तारे हमें टिमटिमाते हुए दिखाई देते हैं।


Q. 171462 निकट दृष्टि दोष से पीड़ित व्यक्ति का दूरस्थ बिंदु आँख के सामने 40 cm है। इस दोष को दूर करने के लिए आवश्यक लेंस की शक्ति तथा प्रकृति को निर्धारित कीजिए।
Right Answer is:

SOLUTION


Q. 171463 नेत्र में प्रतिबिम्ब किस प्रकार बनता है?
Right Answer is:

SOLUTION

पलकें खुलने पर वस्तु से आने वाला प्रकाश कार्निया पर पड़ता है तथा पुतली से होकर लेन्स पर आपतित होता है। परितारिका झिल्ली, पुतली के व्यास को इस प्रकार समंजित करती है कि कम प्रकाश वाली वस्तु से पर्याप्त मात्रा में तथा ज्यादा प्रकाश वाली वस्तु से सीमित मात्रा में प्रकाश नेत्र में प्रवेश कर सकें। पक्ष्माभी - पेशियाँ भी लेन्स के पृष्ठों की वक्रता त्रिज्याओं को घटा - बढ़ा कर लेन्स की फोकस दूरी को ऐसे समंजित करती हैं कि वस्तु का स्पष्ट प्रतिबिम्ब रेटिना पर बने। प्रतिबिम्ब उल्टा तथा छोटा होता है। प्रतिबिम्ब के प्रकाश से प्रभावित होकर रेटिना की तंत्रिकाओं के सिरे, मस्तिष्क को सन्देश भेजते हैं, जिससे हम वस्तु को देख पाते हैं।

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Q. 171464 सूर्य का रंग दिन के भिन्न - भिन्न समय पर भिन्न - भिन्न क्यों दिखाई देता है, समझाइए?
Right Answer is:

SOLUTION

दिन के समय सूर्य का रंग परिवर्तित होता रहता है। दोपहर के समय में, जब सूर्य हमारे सिर के ऊपर होता है, तो सूर्य का प्रकाश दिन के अन्य समय की तुलना में वायुमण्डल के माध्यम से कम दूरी तय करता है। इस प्रकार, सूर्य का प्रकाश कणों की कम संख्या से गुजरता है| परिणामस्वरूप, प्रकाश का प्रकीर्णन कम होता है। इसलिए, सूर्य दोपहर के समय श्वेत दिखाई देता है।

सूर्योदय तथा सूर्यास्त पर, सूर्य का प्रकाश अधिक दूरी तय करता है तथा कणों की अधिक संख्या से गुज़रता है| जिसके कारण प्रकाश का प्रकीर्णन भी अधिक होता है। इसलिए, शाम व सुबह के समय हमारी आँखों तक पहुँचने वाला प्रकाश मुख्यतया लाल रंग का होता है।


Q. 171465 निकट दृष्टि दोष को दूर करने के लिए हम किस लेंस का प्रयोग करते हैं तथा वह किस प्रकार इस दोष को दूर करता है?
Right Answer is:

SOLUTION

निकट दृष्टि दोष के निवारण के लिए अवतल लेंस का प्रयोग किया जाता है। अवतल लेंस आपतित समांतर किरणों को नेत्र लेंस पर पड़ने से पहले कुछ अपसरित कर देता है जिससे प्रतिबिम्ब रेटिना पर बन जाता है।

Description: http://schoollms.extramarks.com/stryde/uploadfiles/Image/2010/09/30/20100930308501001285827047image010.gif

अवतल लेंस लगाने पर वस्तु का एक आभासी प्रतिबिम्ब ‘O’ लेंस के फोकस पर बन जाता है, जो नेत्र लेंस के लिए वस्तु का कार्य करता है तथा इसका प्रतिबिम्ब रेटिना पर स्पष्ट बन जाता है। निकट दृष्टि दोष निवारण के लिए अवतल लेंस की फोकस दूरी दोष युक्त नेत्र के दूर बिंदु की दूरी के बराबर होनी चाहिए।


Q. 171466 एक प्रिज़्म श्वेत प्रकाश के प्रकीर्णन का कारण बनता है जबकि आयताकार काँच का ब्लॉक नहीं। समझाइए।
Right Answer is:

SOLUTION

प्रिज़्म में अपवर्तन दो झुकी हुई सतहों पर होता है। प्रिज़्म की पहली सतह पर, प्रकाश का प्रकीर्णन उत्पन्न होता है जहाँ, इसके मूल रंग विभिन्न कोणों के माध्यम से विचलित हो जाते हैं। दूसरी सतह पर ये विभाजित मूल रंग केवल अपवर्तन से गुज़रते हैं तथा आगे बढ़ने पर पृथक हो जाते हैं। आयताकार काँच के ब्लॉक की स्थिति में, प्रकाश का अपवर्तन दो समानान्तर सतहों पर होता है। हालांकि, पहली सतह पर श्वेत प्रकाश अपवर्तन से अपने मूल कणों में विभाजित हो जाता है लेकिन, दूसरी सतह पर अपवर्तन से गुजरने के बाद ये विभाजित रंग पुन: मिल जाते हैं तथा आपतित किरण के सापेक्ष समानान्तर किरण के रूप में बाहर निकल जाती है। इस प्रकार, पुनः मिलना श्वेत प्रकाश को प्रकट करता है।


Q. 171467 निकट दृष्टि दोष या निकट दृष्टिता किसे कहते हैं? निकट दृष्टि दोष का क्या कारण है? निकट दृष्टि दोष को दूर कैसे किया जा सकता है?
Right Answer is:

SOLUTION

निकट दृष्टि दोष या निकट दृष्टिता आँख का दोष है जिसके कारण एक व्यक्ति निकट की वस्तुओं को स्पष्ट रूप से देख सकता है लेकिन दूर की वस्तुओं को स्पष्ट नहीं देख सकता है। दूर की वस्तु का प्रतिबिम्ब रेटिना से पहले बनता है।

निकट दृष्टि दोष के कारण है :

(1) नेत्र गोलक का अत्यधिक विस्तार।

(2) अभिनेत्र लेन्स की फोकस दूरी में कमी।

निकट दृष्टि दोष उपयुक्त शक्ति के अवतल लेंस का उपयोग करके दूर किया जा सकता है।


Q. 171468 न्यूनतम विचलन का अर्थ बताइए?
Right Answer is:

SOLUTION

किसी प्रिज़्म के पृष्ठ पर विभिन्न आपतन कोणों पर प्रकाश डाल कर निर्गत किरण का मार्ग ज्ञात करके विभिन्न आपतन कोणों के लिए विचलन कोण ज्ञात किये जाए तो यह पाया जाता है कि आपतन कोण बढ़ाने से विचलन कोण का मान पहले तो घट जाता है परन्तु विचलन कोण के एक न्यूनतम मान पर पहुँच कर विचलन बढ़ने लगता है। प्रिज़्म में आपतन विचलन के इस सम्बन्ध को चित्र में आपतन विचलन ग्राफ़ द्वारा व्यक्त किया गया है। विचलन के इस न्यूनतम मान को प्रिज़्म का न्यूनतम विचलन कोण कहते हैं।

न्यूनतम विचलन की स्थिति में -

1. प्रिज़्म के भीतर अपवर्तित किरण दोनों अपवर्तक पृष्ठों से समान कोण बनाती है तथा,

2.आपतन कोण का मान निर्गमन कोण के बराबर होता है।


Q. 171469 जब अन्तरिक्ष यात्री अंतरिक्ष से देखते हैं, तो उन्हें केवल अँधेरा ही क्यों दिखाई देता है? आकाश के रंग के पीछे कारण को समझाइए ?
Right Answer is:

SOLUTION

साफ दिनों में, आकाश नीले रंग के रूप में दिखाई देता है। यह सूर्य प्रकाश वायुमण्डल के माध्यम से गुज़रने से वायु में उपस्थित गैसों के अणु, पानी की बूंदों, धूल कणों, आदि से प्रकीर्णित हो जाता है। इनमें से गैस के अणु अपनी कम तरंगदैर्ध्य के कारण अधिक नीला प्रकाश प्रकीर्णित करते हैं। यह प्रकीर्णित प्रकाश जब हमारी आँखों तक पहुँचता है तो आकाश नीले रंग का दिखाई देता है।

शहरों में वायु प्रदूषण के कारण, वायु में अधिक संख्या में कण उपस्थित होते हैं। अन्य कणों की तुलना में ये कण अन्य रंगों के प्रकाश को अधिक प्रकीर्णित करते हैं। इस प्रकार, इस प्रकीर्णित प्रकाश में नीले रंग के अतिरिक कुछ अन्य घटक भी होते हैं। इसलिए, शहरों में आकाश कम नीले रंग का दिखाई देता है।

चूँकि अन्तरिक्ष में कोई कण नहीं होते हैं। इसलिए जब अन्तरिक्ष यात्री सूर्य से दूर देखते हैं तो प्रकाश का प्रकीर्णन ना होने के कारण उन्हें केवल अँधेरा दिखाई देता है।


Q. 171470 सूर्य हमें, वास्तविक सूर्योदय से लगभग 2 मिनट पहले तथा वास्तविक सूर्यास्त के लगभग 2 मिनट बाद तक दिखाई देता है। कारण की व्याख्या कीजिए।
Right Answer is:

SOLUTION

वायुमण्डलीय अपवर्तन के कारण सूर्य हमें, वास्तविक सूर्योदय से लगभग 2 मिनट पहले तथा वास्तविक सूर्यास्त के लगभग 2 मिनट बाद तक दिखाई देता है। जब सूर्य क्षैतिज के ठीक ऊपर होता है तो वास्तविक सूर्योदय होता है। सूर्य से आ रही प्रकाश किरण विभिन्न अपवर्तनांक की परतों के माध्यम से अपवर्तन का सामना करती है। परिणामस्वरूप, सूर्य की स्पष्ट स्थिति वास्तविक स्थिति से थोड़ी सी ऊपर हो जाती है। इस प्रकार, हम सूर्य को वास्तविक सूर्यास्त के बाद तथा वास्तविक सूर्योदय के पहले देख सकते हैं। इस चित्र में, आप क्षैतिज के सापेक्ष सूर्य की वास्तविक तथा स्पष्ट स्थिति देख सकते हैं। वास्तविक सूर्यास्त तथा स्पष्ट सूर्यास्त के बीच समय अन्तराल लगभग 2 मिनट होता है।


Q. 171471 1 kWh बराबर होता है


A. 3.6 x 103 J

B. 3.6 x 104 J

C. 3.6 x 105 J

D. 3.6 x 106 J

Right Answer is: D

SOLUTION


Q. 171472 एक परिपथ में तीन प्रतिरोध जिनका मान 3Ω , 4Ω एवं 6Ω है, पाश्र्व क्रम में संयोजित हैं। यदि परिपथ में लगाई गयी बैटरी का विभवांतर 12V है तो 4Ω के प्रतिरोध पर विभावांतर का मान


A. आधा हो जाएगा

Right Answer is: C

SOLUTION

पाश्र्व क्रम में संयोजित प्रतिरोधों के निकाय में विभावांतर का मान हर प्रतिरोध पर समान रहता है।


Q. 171473 एक परिपथ में तीन प्रतिरोध जिनका मान 1Ω , 4Ω एवं 5Ω है, श्रेणीक्रम में संयोजित हैं। यदि 5A की एक विद्युत धारा 4Ω के प्रतिरोध से गुजरेगी की तो धारा का मान


A. आधा हो जाएगा

Right Answer is: C

SOLUTION

श्रेणीक्रम में संयोजित प्रतिरोधों के निकाय में विद्युत धारा का मान हर प्रतिरोध पर समान रहता है।


Q. 171474 किसी चालक के सिरों पर विभवांतर बनाए रखने के लिए किस युक्ति का उपयोग किया जाता है?
Right Answer is:

SOLUTION

किसी चालक के सिरों पर विभवांतर बनाए रखने के लिए विद्युत स्रोत जैसे - बैटरी, सेल विद्युत जनित्र आदि का उपयोग किया जाता है।


Q. 171475 समान पदार्थ के पतले तार तथा मोटे तार में से किस तार का प्रतिरोध अधिक होता है?
Right Answer is:

SOLUTION

चालक का प्रतिरोध दिए गए सूत्र से व्यक्त किया जाता है,

इस प्रकार, प्रतिरोध अनुप्रस्थ काट-क्षेत्रफल के व्युत्क्रमानुपाती होता है।

इसलिए, जब दोनों तार समान पदार्थ के बने हुए हैं तो एक मोटे तार की तुलना में पतले तार का प्रतिरोध उच्च होता है।


Q. 171476 तार की लम्बाई को दो गुणा करने पर, इसकी प्रतिरोधकता में क्या परिवर्तन होता है?
Right Answer is:

SOLUTION

चूंकि प्रतिरोधकता केवल प्रयोग किए गए पदार्थ के प्रकार पर निर्भर करती है, इसलिए तार की लम्बाई बढ़ाने या घटाने से इसके मान में कोई परिवर्तन नहीं होता है।


Q. 171477 एक विद्युत हीटर की कुण्डलियों का प्रतिरोध 40 ओम है। यदि विद्युत हीटर 220 वोल्ट के स्रोत से जुदा है तो इसकी कुंडलियों में प्रवाहित विद्युत धारा का मान ज्ञात कीजिए।
Right Answer is:

SOLUTION

दिया हुआ है, R = 40W, V = 220 V

ओम के नियम से,

I = V / R

= 220 / 40

= 5.5 A


Q. 171478 विद्युत धारा की दिशा तथा मुक्त इलेक्ट्रानों की दिशा में क्या सम्बन्ध है?
Right Answer is:

SOLUTION

किसी भी आवेश के प्रवाह को विद्युत धारा कहते हैं। परन्तु, आवेश दो प्रकार(धनात्मक तथा ऋणात्मक) के होते हैं इसलिए दोनों आवेशों के लिए धारा की दिशा अलग-अलग होती है। परम्परागत मान्यता के अनुसार, विद्युत धारा की दिशा धन आवेश की गति की दिशा में तथा ऋण-आवेश की गति की दिशा के विपरीत मानी जाती है। अत: किसी धातु-खण्ड में मुक्त इलेक्ट्रानों का प्रवाह जिस दिशा में होता है, विद्युत धारा की दिशा उसके विपरीत होती है।


Q. 171479 1किलोवाट घण्टे को जूल में रूपांतरित किजिए।
Right Answer is:

SOLUTION

1किलोवाट घंटा = 1000 वाट x 3600 सेकंड

=3.6 x 106 वाट-सेकंड

= 3.6 x 106 जूल


Q. 171480 फ्यूज़ का विद्युत परिपथ में उपयोग क्यों किया जाता है?
Right Answer is:

SOLUTION

फ्यूज़ एक ऐसी युक्ति होती है जो विद्युतपरिपथ का भंजन करने के लिए उपयोग की जाती है। अर्थात, जब परिपथ में विद्युत धारा अधिक हो जाती है, तो परिपथ फ्यूज़ के पिघलने के कारण भंजित हो जाता है।


Q. 171481 यदि 20 सेकण्ड में चालक के माध्यम से 30 कूलॉम आवेश प्रवाहित होता है, तो चालक के माध्यम से कितनी धारा प्रवाहित होती है?
Right Answer is:

SOLUTION

दिया गया है,

आवेश, Q = 30 C

समय, t = 20 s

तो चालक के माध्यम से धारा की गणना निम्न सूत्र के उपयोग से की जा सकती है,

Q = It

I = Q / t = 30 C / 20 s

= 1.5 A


Q. 171482 10 कूलॉम आवेश को एक बिंदु से अन्य बिंदु तक लाने में किया गया कार्य 40 जूल है। दो बिन्दुओं के बीच विभवान्तर क्या है?
Right Answer is:

SOLUTION

दिया गया है,

आवेश, Q = 10 कूलॉम

किया गया कार्य, W = 40 जूल

तो, विभवान्तर, V = W / Q = 40 J / 10 C

= 4 वोल्ट


Q. 171483 प्रतिरोधकता को परिभाषित कीजिए। प्रतिरोधकता को किस प्रतीक से व्यक्त करते हैं?
Right Answer is:

SOLUTION

किसी पदार्थ की प्रतिरोधकता 1 वर्गमीटर अनुप्रस्थ काट तथा 1 मीटर लम्बाई के किसी चालक के सिरों के बीच प्रतिरोध के बराबर होती है।

इसे रो प्रतीक द्वारा निरूपित करते हैं।


Q. 171484 एक चालक पर सामान्य अवस्था से 5 इलेक्ट्रॉन अधिक है। चालक पर आवेश की मात्रा बताइए।
Right Answer is:

SOLUTION

चालाक पर आवेश की मात्रा इस प्रकार व्यक्त की जाती है:


Q. 171485 विद्युत विभवान्तर से आपका क्या तात्त्पर्य है?
Right Answer is:

SOLUTION

एकांक धन आवेश को विद्युत परिपथ के एक सिरे से दूसरे सिरे तक प्रवाहित करने में जो कार्य करना पड़ता है, उसे उन दोनों सिरे के बीच का विभवान्तर कहते हैं।

विभवान्तर (V) = [कार्य(W)]/[प्रवाहित आवेश(q)]

अथवा, V = W/q


Q. 171486 एक चालक में 10 मिनट तक 4 ऐम्पियर धारा प्रवाहित होती है। 10 मिनट में चालक से होकर गुज़रने वाले मुक्त इलेक्ट्रानों की संख्या ज्ञात कीजिए।
Right Answer is:

SOLUTION

प्रवाहित आवेश = धारा x समय
= 4 ऐम्पियर x (10 x 60)सेकेण्ड
= 2400 कूलॉम
1 इलेक्ट्रान का आवेश = 1.6 x 10-19 कूलॉम
2400 कूलॉम आवेश में इलेक्ट्रानों की संख्या (n)
n = (2400 कूलॉम)/(1.6 x 10-19कूलॉम)
=1.5 x 1022


Q. 171487 220 वोल्ट की धारा से एक विद्युत हीटर कितनी धारा लेगा, जब कि हीटर की कुण्डली का प्रतिरोध 100 ओम है।
Right Answer is:

SOLUTION

दिया गया है,

विभवान्तर = 220V

कुंडली का प्रतिरोध = 100 ओम

I = V/R = (220 /100) A

= 2.2 A


Q. 171488 तीन प्रतिरोध जिनमें प्रत्येक का मान 2 ओम है। इन्हें परिपथ में किस प्रकार जोड़ें कि तुल्य प्रतिरोध 3 ओम हो जाए।
Right Answer is:

SOLUTION

दो प्रतिरोधों को पाश्र्वक्रम में जोड़ कर तीसरे प्रतिरोघ को उनके श्रेणीक्रम में जोड़ेंगे।

Description: http://schoollms.extramarks.com/stryde/uploadfiles/Image/2013/06/29/201306297831660013725077786.jpg


Q. 171489 एक पंखे की रेटिंग 60 W तथा 220 V है। इसकी कुण्डलियों का प्रतिरोध ज्ञात कीजिए।
Right Answer is:

SOLUTION

P = 60 W, V = 220 V

P = V x I

इसलिए, I = P / V

= 60 W / 220 V

= (6 / 22)A

इसके अलावा, V = I x R [ओम के नियम से]

इसलिए, R = V / I

= 220 V x (22 / 6) A

= 806.66


Q. 171490 किसी चालक के प्रतिरोध को प्रभावित करने वाले कारकों के नाम लिखिए।
Right Answer is:

SOLUTION

किसी चालक का प्रतिरोध निम्न कारकों पर निर्भर करता है :-

(1) चालक की लम्बाई पर।

(2) चालक के पदार्थ की प्रकृति पर।

(3) चालक के अनुप्रस्थ काट के क्षेत्रफल पर।

(4) चालक के ताप पर।


Q. 171491 यदि 15W के प्रतिरोध से 5A की धारा एक मिनट के लिए प्रवाहित होती है, तो कितनी ऊष्मा उत्पन्न होती है?
Right Answer is:

SOLUTION

दिया गया है,

I = 5A, R = 15 W, t = 1मिनट = 60 सेकंड

उत्पन्न ऊष्मा, H= I2 x R x t

= [(5)2 x 15 x 60] J

= 22,500 J


Q. 171492 घरेलू साधित्रों को किस क्रम में जोड़ा जाना चाहिए – श्रेणीक्रम या पाश्र्वक्रम? कारण बताइए
Right Answer is:

SOLUTION

अगर विद्युत साधित्र श्रेणी में जुड़े हैं तो हर एक को कम वोल्टता मिलेगी और अगर कोई साधित्र बंद हो गया तो परिपथ टूट जाएगा और कोई साधित्र कार्य नहीं करेगा।

इसलिए, हम घरेलू साधित्रों को पाश्र्वक्रम में जोड़ते हैं।

ऐसा करने से हर साधित्र सीधा वोल्टता स्रोत से जुड़ा होगा। चूंकि, सारे साधित्र निजी स्त्रोत से जुड़े हैं, किसी एक साधित्र के बंद हो जाने पर भी अन्य साधित्र काम करते रहेंगे।


Q. 171493 निम्न परिपथ में सेल में प्रवाहित धारा ज्ञात कीजिए। Description: http://schoollms.extramarks.com/stryde/uploadfiles/Image/2014/03/29/201403291581800013960909744.jpg
Right Answer is:

SOLUTION

प्रतिरोध में पाश्र्व क्रम में जुड़े प्रतिरोधों का तुल्य प्रतिरोध,

 

तुल्य प्रतिरोध को 2 ओम के प्रतिरोध के साथ श्रेणीक्रम में जुड़ा है,


Q. 171494 निम्न प्रश्नों के उत्तर दीजिए: (a)वैद्युत शक्ति से आप क्या समझते हैं? (b)किसी वैद्युत परिपथ की शक्ति का सूत्र (i)विभवान्तर और धारा (ii) धारा और प्रतिरोध के पदों में लिखिए।
Right Answer is:

SOLUTION

वैद्युत शक्ति: किसी वैद्युत परिपथ में विद्युत ऊर्जा के व्यय की समय दर को वैद्युत शक्ति कहते हैं

(i)विभवान्तर के पदों में

P = VI

जहाँ, V = विद्युत विभवान्तर, तथा

I = विद्युत धारा है

(ii)विद्युत धारा के पदों में

ओम के नियम अनुसार, I = V/R

इसलिए, P = I2R


Q. 171495 यह दर्शाइए की तीन प्रतिरोधकों, जिनमें प्रत्येक का प्रतिरोध 9 ओम है, को आप किस प्रकार संयोजित करेंगे कि संयोजन का तुल्य प्रतिरोध (i) 13.5 ओम (ii) 6 ओम प्राप्त हो?
Right Answer is:

SOLUTION

(i) पहले दो प्रतिरोधकों को पार्श्वक्रम में जोड़िए

प्राप्त संयोजन को तीसरे प्रतिरोध से श्रेणीक्रम में जोड़ें

 

 

(ii) दो प्रतिरोधों को श्रेणीक्रम में संयोजित करें

प्राप्त संयोजन को तीसरे प्रतिरोध से पार्श्वक्रम में जोड़ें


Q. 171496 एक चालक का प्रतिरोध 2 ओम है। 1 एम्पियर की विद्युत धारा प्रवाहित करने पर उसमें उत्पन्न होने वाले विभवान्तर का मान ज्ञात कीजियए। जब इस तार के सिरों पर उत्पन्न विभवान्तर 2.6 वोल्ट हो, तब प्रवाहित धारा का मान बताइए।
Right Answer is:

SOLUTION

भाग 1
R =2.0 ओम
i =1 ऐम्पियर
विभवान्तर(V) = i x R
= (1 ऐम्पियर) x (2.0 ओम)
= 2.0 वोल्ट
भाग 2 :
R=2.0 ओम
V= 2.6 वोल्ट
प्रवाहित धारा(i) = V/R
= 2.6वोल्ट /2.0ओम
= 1.3 ऐम्पियर


Q. 171497 एक घर में 100 वाट का एक रेफ्रीजरेटर प्रतिदिन 15 घण्टे चलता है। प्रतिमाह (30 दिन) इससे खर्च होने वाले विद्युत ऊर्जा को किलोवाट घण्टा में ज्ञात कीजिए।यदि एक विद्युत इकाई की कीमत 5 रूपये है, तो एक माह में उपभोग होने वाली विद्युत की कुल कीमत ज्ञात कीजिए।
Right Answer is:

SOLUTION

दिया गया है,

रेफ्रीजिरेटर द्वारा उपभुक्त शक्ति = 100 W

प्रतिदिन उपभोग का समय = 15 घंटे

उपभोग की प्रति इकाई कीमत = रु 5

एक महिने में विद्युत का कुल उपभोग,

=(वाट x घण्टा x दिन/1000) kW-h

=(100x15x30/1000) kW-h

= 45 kW-h

एक माह में उपभुक्त विद्युत शक्ति की कुल कीमत =रु (5 x 45)= रु 225.


Q. 171498 तीन प्रतिरोधों के श्रेणीक्रम संयोजन का सूत्र स्थापित कीजिए।
Right Answer is:

SOLUTION

माना कि तीन प्रतिरोधों का मान R1, R2 तथा R3 है जब इसे V वोल्ट की बैटरी से जोड़ा जाता है तो प्रत्येक प्रतिरोध पर विभवान्तर का मान V1, V2 तथा V3 होगा जबकि विद्युत धारा I, स्थिर रहेगी

ओम के नियम अनुसार,

V = IR …..(i)

V1 = IR1

V2 = IR2

V3 = IR3

परिपथ में कुल विभवान्तर,

V = V1 + V2 +V3

IR = IR1+ IR2+ IR3

IR = I (R1 + R2 + R3)

R = R1 + R2 + R3


Q. 171499 एक घरमें 100 वाट के 4 बल्ब तथा 60 वाट के 2 पंखे 220 वोल्ट के स्रोत से जुड़े हुए है। यदि जून के महीने में प्रत्येक बल्ब रोज़ 6 घंटे के लिए तथा पंखे 8 घंटे के लिए उपयोग किए जाते हैं। तो सम्बंधित माह के लिए कुल विद्युत खर्च क्या होगा जब लागत 3 रूपये प्रति यूनिट है?
Right Answer is:

SOLUTION

विभिन्न उपकरणों द्वारा उपभोग की गई ऊर्जा है :-

बल्ब = 4 x 100 W x 6 h = 2400 Wh

पंखा = 2 x 60 W x 8 h = 960 Wh

प्रत्येक दिन उपभोग की गई यूनिट की संख्या

= (2400 + 960) Wh

= 3360 Wh

= 3360 / 1000 kWh

= 3.36 kWh

जून के महीने में 30 दिन होते हैं।

इसलिए, 30 दिनों के लिए कुल खपत = 3.36 x 30

= 100.8 kWh या 100.8 यूनिट

एक यूनिट की लागत = 3Description: http://schoollms.extramarks.com/stryde/uploadfiles/mathimage/2014/07/08/183.gif

बिल की कुल लागत = 100.8 यूनिट x 3 Description: http://schoollms.extramarks.com/stryde/uploadfiles/mathimage/2014/07/08/183.gif/यूनिट

= 302.4 Description: http://schoollms.extramarks.com/stryde/uploadfiles/mathimage/2014/07/08/183.gif


Q. 171500 किसी खोखली नली की लम्बाई 5 m, उसका बाह्य व्यास 10 cm तथा उसकी दीवारों की मोटाई 5 mm है। नली का प्रतिरोध ज्ञात करो जब उसके पदार्थ की प्रतिरोधकता 1.7 x 10-8Wm है।
Right Answer is:

SOLUTION

 

Description: http://schoollms.extramarks.com/stryde/uploadfiles/Image/2010/11/03/201011037217350012887749231em11em2.jpg


बाहरी त्रिज्या(r2) = (10/2)cm =5 cm
= 5 x 10-2 m
आतंरिक त्रिज्या(r1) = (5 x 10-2m) – (0.5 x 10-2 m
= 4.5 x 10-2 m


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