CBSE - MCQ Question Banks (के. मा. शि. बो . -प्रश्नमाला )

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Q. 171501 किसी विद्युत जनित्र में विद्युत-चुंबकीय प्रेरण होता है


A. आर्मेचर में

B. क्षेत्र चुंबकों में

C. सर्पी वलयों में

D. विभक्त वलयों में

Right Answer is: D

SOLUTION

किसी आर्मेचर को चुंबकीय क्षेत्र में घुमाने पर उसमें से गुज़रने वाली फ्लक्स रेखाओं में निरंतर परिवर्तन होता रहता है, जिसके कारण आर्मेचर में एक प्रेरित विद्युत-वाहक बल और बाह्य परिपथ व आर्मेचर में प्रेरित विद्युत धारा बहती है।


Q. 171502 किसी विद्युत गीज़र को चलाने के लिए प्रयुक्त परिपथ होता है


A. 5 एम्पियर

B. 15एम्पियर

C. 20एम्पियर

D. 25एम्पियर

Right Answer is: A

SOLUTION

प्रायःघरोंमेंदोपृथक परिपथहोतेहैं, एक 15 एम्पियरविद्युतधाराअनुमतांककेलिएजिसकाउपयोगउच्चशक्ति वालेविद्युतसाधित्रोंजैसेगीज़र, वायुशीतित्र, आदिकेलिएकिया जाताहै।दूसराविद्युतपरिपथ 5 एम्पियरविद्युतधाराअनुमतांककेलिएहोताहैजिससेबल्ब पंखेआदिचलाएजातेहैं।


Q. 171503 एक भौतिक राशि जिसका S.I.मात्रक टेसला है:-


A. चुंबकीय क्षेत्र रेखाएँ हैं

Right Answer is: B

SOLUTION

चुंबकीय क्षेत्र का S.I.मात्रक टेसला प्रसिद्द वैज्ञानिक निकोला टेसला के सम्मान में रखा गया|


Q. 171504 किसी चालक में विद्युत् धारा पूर्व से पश्चिम की ओर प्रवाहित हो रही है। चालक के ऊपर किसी बिन्दु पर चुंबकीय क्षेत्र की दिशा है:-


A. पूर्व की ओर

B. पश्चिम की ओर

C. उत्तर की ओर

D. दक्षिण की ओर

Right Answer is: C

SOLUTION

दक्षिण हस्त के नियम के अनुसार, यह देखा जा सकता है कि जब किसी चालक में विद्युत् धारा पूर्व से पश्चिम की ओर प्रवाहित होती है, तो चालक के ऊपर किसी बिंदु पर चुंबकीय क्षेत्र उत्तर की ओर होता है।


Q. 171505 यदि प्रत्यावर्ती धारा की दिशा प्रत्येक 0.01s के बाद परिवर्तित होती है, तो प्रत्यावर्ती धारा की आवृति होगी:-


A. 50 Hz

B. 25 Hz

C. 30 Hz

D. 0 Hz

Right Answer is: A

SOLUTION


Q. 171506 किसी विद्युत् मोटर में, कुंडली में विद्युत् धारा की आपूर्ति की जाती है:-


A. दिक् – परिवर्तक वलय के द्वारा

B. चुंबक के द्वारा

C. बैटरी के द्वारा

D. कार्बन ब्रुश के द्वारा

Right Answer is: D

SOLUTION

कार्बन ब्रुश, दिक् परिवर्तक की घूर्णी वलयों के साथ संपर्क बनाते हैं तथा कुंडली को विद्युत् धारा प्रदान करते हैं।


Q. 171507 एक चालक को किसी चुंबकीय क्षेत्र में गति करा कर:-


A. उसमें विद्युत प्रवाह का परिमाण कम कर सकते हैं

Right Answer is: D

SOLUTION

वह प्रक्रम जिसके द्वारा किसी चालक के परिवर्ती चुंबकीय क्षेत्र के कारण अन्य चालक में विद्युत धारा प्रेरित होती है, वैद्युत चुंबकीय प्रेरण कहलाता है। व्यवहार में हम किसी कुंडली में प्रेरित विद्युत धारा को या तो उसे किसी चुंबकीय क्षेत्र में गति कराकर अथवा उसके चारों ओर के चुंबकीय क्षेत्र को,परिवर्तित करके, उत्पन्न कर सकते हैं।


Q. 171508 सीता एक छड़ चुंबक को पहले अनेक फेरों वाली एक तार की कुंडली के पास ले कर गई और फिर उसे दूर लेकर गयी
Right Answer is: D

SOLUTION

कुंडली के सापेक्ष चुंबक की गति एक प्रेरित विभवांतर उत्पन्न करती है, जिसके कारण परिपथ में प्रेरित विद्युत धारा प्रवाहित होती है।इस उत्पन्न धारा के कारण गैल्वेनोमीटर की सुई अपने स्थान से विक्षेपित हो जाती है|


Q. 171509 यदि किसी चुंबकीय छेत्र में चालक की दिशा दक्षिणावर्त है तथा चुंबकीय क्षेत्र की दिशा पूर्व से पश्चिम की तरफ है तो, उत्पन्न धारा की दिशा होगी :-


A. ऊपर की तरफ

B. नीचे की तरफ

C. अनियमित

D. दिशा बताने के लिए और मानकों की आवश्यकता है

Right Answer is: A

SOLUTION

फ्लेमिंग के दक्षिण हस्त नियम के अनुसार, यदि हम दाहिने हाथ के अंगूठे, तर्जनी तथा मध्यमा को इस तरह से फैलाएं कि तर्जनी चुंबकीय क्षेत्र की दिशा की ओर संकेत करती है, अंगूठा चालक की दिशा की ओर संकेत करता है, तो फिर मध्यमा उत्पन्न धारा की ओर संकेत करती है|


Q. 171510 हमारे अधिकतर घरेलु साधित्र कार्य करते हैं :-


A. 220 V, 100 Hzपर

Right Answer is: B

SOLUTION

भारत में सामान्य घरेलु विद्युत् आपूर्ति 220 V , 50 Hz है। इसलिए, हमारे भारत में प्रयोग किए जाने वाले अधिकतर घरेलु साधित्र 220 V , 50 Hz पर कार्य करते हैं|


Q. 171511

राम ने एक कार्ड बोर्ड पर एक छड़ चुंबक उसके मध्य में रखी<div class= Right Answer is: C

SOLUTION

जब लौह चूर्ण को छड़ चुंबक के आस पास फैला कर उसे थपथपाया जाता है तो वे स्वयं को चुंबकीय क्षेत्र रेखाओं के अनुसार निरुपित कर लेती हैं| इस कारण वे चुम्बक के ध्रुवों के मध्य एक ऐसा पैटर्न बना लेती हैं जो चुंबकीय क्षेत्र रेखाओं को दर्शाती हैं|


Q. 171512 किसी परिनालिका के अन्दर उत्पन्न चुंबकीय क्षेत्र पर्याप्त प्रबल होता है:-


A. जब चुंबकित चुंबकीय पदार्थ को कुंडली के अन्दर रखा जाता है

Right Answer is: A

SOLUTION

परिनालिका के अन्दर चुंबकीय बल रेखाएँ समानान्तर सरल रेखाओं के रूप में होती है। यह इंगित करती हैं कि चुंबकीय क्षेत्र परिनालिका के अन्दर सभी बिन्दुओं पर समान है। अर्थात्, समरूप क्षेत्र। इस प्रकार, कुंडली के अन्दर रखने पर उत्पन्न प्रबल चुंबकीय क्षेत्र का उपयोग चुंबकीय पदार्थ को चुम्बकित करने के लिए किया जा सकता है और परिणामस्वरूप, एक विद्युत चुंबक बन जाता है।


Q. 171513 जब एक धातु के चालक को एक नाल चुंबक के ध्रुवों के मध्य रख कर उसके द्वारा विद्युत धारा प्रवाहित की जाती है तो


A. चालक स्थिर रहता है

Right Answer is: C

SOLUTION

धातु के चालक से विद्युत धारा प्रवाहित करनेपर चालक एक छड़ चुंबक की भाँती कार्य करने लगता है| तथापि, नाल चुंबक के ध्रुवों के पास आने पर यह आकर्षण तथा प्रतिकर्षण बल के कारण विस्थापित हो जाता है|


Q. 171514 एक विद्युत चुंबक बनाने के लिए आवश्यकता होती है एक परिनालिका तथा :-


A. लकड़ी की क्रोड़ की

B. नर्म लौहे की क्रोड़ की

C. प्लास्टिक की क्रोड़ की

D. रबर की क्रोड़ की

Right Answer is: B

SOLUTION

किसी परिनालिका के अन्दर उत्पन्न प्रबल चुंबकीय क्षेत्र एक चुंबकीय पदार्थ को विद्युत चुंबक बना सकता है।नर्म लोहेकी क्रोड़ भी एक चुंबकीय पदार्थ है| इसलिए, परिनालिका तथानर्म लोहेकी क्रोड़ का प्रयोग करके विद्युत चुंबक बनायी जा सकती है|


Q. 171515 निम्न में से चुंबकों का विशेष गुण नहीं है


A. जब इसे मुक्त रूप से निलंबित किया जाता है, ये उत्तर – दक्षिण दिशा में संरेखित हो जाती है

Right Answer is: C

SOLUTION

समान ध्रुव एक दूसरे को प्रतिकर्षित तथा असमान ध्रुव एक दूसरे को आकर्षित करते हैं।


Q. 171516 किसी चुंबक का बल पता लगाया जा सकता है:-


A. चुंबकीय क्षेत्र के भीतर

B. विद्युत् क्षेत्र के भीतर

C. चुंबकीय ध्रुव के भीतर

D. विद्युत् ध्रुव के भीतर

Right Answer is: A

SOLUTION

चुंबकीय क्षेत्र किसी चुम्बक के चारों ओर वह क्षेत्र होता है जहाँ, चुंबकीय आकर्षण बल तथा प्रतिकर्षण बल अनुभव किया जाता है| तथापि, इसके भीतर किसी चुंबक का बल पता लगाया जा सकता है|


Q. 171517 विद्युत जनित्र स्रोत है


A. ऊष्मा उत्पन्न करने का

B. विद्युत ऊर्जा का

C. यांत्रिक ऊर्जा का

D. विद्युत आवेश का

Right Answer is: B

SOLUTION

विद्युत जनित्र एकऐसीयुक्तिहै जोयांत्रिक ऊर्जा कोविद्युत ऊर्जा में परिवर्तित करदेती है।


Q. 171518 निकट चुंबकीय बल रेखाएँ


A. क्षेत्र की तीव्रता को दुर्बल करती हैं

Right Answer is: B

SOLUTION

चुंबकीय क्षेत्र रेखाओं की निकटता, चुंबकीय क्षेत्र के सापेक्ष तीव्रता का वर्णन करती हैं। इसलिए चुंबकीय क्षेत्र रेखाओं की निकटता के कारण चुंबकीय क्षेत्र प्रबल होगा।


Q. 171519 चुंबकीय क्षेत्र कोई बल नहीं लगा सकता है:-


A. गतिशील चुंबक पर

B. स्थाई चुंबक पर

C. स्थाई आवेश पर

D. गतिशील आवेश पर

Right Answer is: C

SOLUTION

स्थायी आवेश कोई चुंबकीय प्रभाव नहीं दर्शाता है| इसलिए, एक दूसरा चुंबकीय क्षेत्र, स्थाई आवेश पर बल नहीं लगाता है।


Q. 171520 धातु के चालक से विद्युत धारा प्रवाहित करने पर दिक्सूचक सुई :-


A. स्थिर रहती है

Right Answer is: C

SOLUTION

धातु के चालक से विद्युत धारा प्रवाहित करनेपर चालक के आस-पास चुंबकीय छेत्र उत्पन्न हो जाता है जिसके कारण दिक्सूचक सुई विस्थापित हो जाती है|


Q. 171521 दो विधियाँ दीजिए जिसके द्वारा हम धारावाही वृताकार कुंडली द्वारा उत्पन्न चुंबकीय क्षेत्र की तीव्रता को बढ़ा सकते हैं?
Right Answer is:

SOLUTION

निम्न विधियों द्वारा हम चुंबकीय क्षेत्र की तीव्रता में वृद्धि कर सकते हैं -
1. कुण्डली में फेरों की संख्या में वृद्धि करने से।
2. कुण्डली के माध्यम से प्रवाहित विद्युत धारा में वृद्धि से।


Q. 171522 ओर्स्टेड ने अपने प्रयोग से क्या निष्कर्ष निकाला?
Right Answer is:

SOLUTION

ओर्स्टेड ने निष्कर्ष निकाला कि किसी विद्युत धारावाही चालक के चारों ओर चुंबकीय क्षेत्र उत्पन्न किया जा सकता है।


Q. 171523 धारावाही कुंडली द्वारा उत्पन्न चुंबकीय रेखाओं को दर्शाने के लिए एक चित्र बनाइए।
Right Answer is:

SOLUTION

जब विद्युत धारा परिनालिका के माध्यम से गुज़रती है, तो इसके चारों ओर चुंबकीय क्षेत्र उत्पन्न हो जाता है। निम्न चित्र परिनालिका के चारों ओर चुंबकीय क्षेत्र को दर्शाती है।

Description: http://schoollms.extramarks.com/stryde/uploadfiles/Image/2014/07/07/201112099477550013234278141em11em2.jpg


Q. 171524 फ्लेमिंग के वाम - हस्त का नियम दीजिए।
Right Answer is:

SOLUTION

फ्लेमिंग के वाम - हस्त नियम के अनुसार, यदि हमारे हाथ की तर्जनी चुंबकीय क्षेत्र की दिशा में संकेत करती है, मध्यमा धारा की दिशा में संकेत करती है, तो अंगूठा चालक पर बल की दिशा में संकेत करेगा।
Description: http://schoollms.extramarks.com/stryde/uploadfiles/Image/2014/07/05/201407057379550014045563851.jpg


Q. 171525 प्रत्यावर्ती धारा किसे कहते हैं, तथा घरों में कौनसी धारा प्रवाहित होती है?
Right Answer is:

SOLUTION

प्रत्यावर्ती धारा वह धारा होती है जिसका मान, परिमाण व दिशा समय के साथ बदलते हैं तथा एक निश्चित समय के पश्चात उसी दिशा में उसी परिमाण के साथ उसकी पुनरावृत्ति होती है। घरों में विद्युत मेंस से प्राप्त धारा प्रत्यावर्ती धारा होती है।


Q. 171526 यदि प्रत्यावर्ती धारा की दिशा प्रत्येक 0.05 सेकंड बाद परिवर्तित होती है तो इसकी आवृत्ति क्या होगी?
Right Answer is:

SOLUTION

एक चक्र का समय अन्तराल ( T) होगा = 2 x (0.05 s) = 0.1 s

आवृत्ति, f = 1 / T

इस प्रकार, f = (1 / 0.1) = 10 Hz


Q. 171527 फ्लेमिंग के दक्षिण-हस्त का नियम दीजिए?
Right Answer is:

SOLUTION

फ्लेमिंग के दक्षिण-हस्त नियम के अनुसार, यदि हमारे हाथ की तर्जनी चुंबकीय क्षेत्र की दिशा में संकेत करती है, तथा अंगूठा चालक की गति की दिशा में संकेत करता है, तो मध्यमा प्रेरित धारा की दिशा में संकेत करेगी।


Q. 171528 चुंबकीय क्षेत्र क्या है?
Right Answer is:

SOLUTION

चुंबक के चारों ओर वह क्षेत्र जहाँ आकर्षण या प्रतिकर्षण का बल चुम्बकीय पदार्थ द्वारा अनुभव किया जा सकता है, चुंबकीय क्षेत्र कहलाता है।


Q. 171529 विद्युत मोटर का नामांकित चित्र बनाइए ।
Right Answer is:

SOLUTION


Q. 171530 कुछ उपकरणों के नाम बताइए जिनमें विद्युत मोटर उपयोग की जाती है।
Right Answer is:

SOLUTION

विद्युत पंखे, वाशिंग मशीन, पानी चढ़ाने वाले पम्प, म्यूज़िक प्लेयर, तथा अन्य कई उपकरणों में विद्युत मोटर का उपयोग किया जाता है।


Q. 171531 विद्युत तथा चुम्बकत्व के बीच सम्बन्ध की खोज करने वाले वैज्ञानिक का नाम बताइए।
Right Answer is:

SOLUTION

विद्युत तथा चुम्बकत्व के बीच सम्बन्ध हैन्स क्रिश्चियन ओर्स्टेड द्वारा दिया गया था।


Q. 171532 परिनालिका क्या होती है?
Right Answer is:

SOLUTION

परिनालिका, विद्युतरोधी तार की एक बड़ी संख्या की निकट फेरों वाली लम्बी कुण्डली होती है जो अपने में से विद्युत धारा के गुज़रने पर चुंबकीय क्षेत्र उत्पन्न करती है।


Q. 171533 दिष्ट धारा से आप क्या समझते हैं? किसी सेल से प्राप्त विद्युत धारा का ग्राफ़ बनाइए
Right Answer is:

SOLUTION

दिष्ट धारा वह धारा है जिसकी दिशा तथा परिमाण समय के साथ नहीं बदलते हैं अर्थात जिसकी दिशा व परिमाण सदैव नियत रहते हैं। किसी सेल या बैटरी से प्राप्त धारा दिष्ट धारा होती है।
किसी सेल से प्राप्त विद्युत धारा का ग्राफ़:-

Description: http://schoollms.extramarks.com/stryde/uploadfiles/Image/2011/03/10/2011031071421400129975433573m.jpg


Q. 171534 वसा युक्त भोजन के विकृतगंधित होने का कारण है:


A.

ऑक्सीकरण अभिक्रिया

Right Answer is: A

SOLUTION

जब वसा और तेल ऑक्सीकृत होते हैं तो ये विकृतगंधित हो जाते हैं और उनकी गंध और रंग परिवर्तित हो जाते हैं | सामान्यतः वसा और तेल युक्त भोजन में ऑक्सीकरण को रोकने वाले पदार्थ (प्रतिऑक्सीकारक) मिलाये जाते हैं |


Q. 171535 संतुलित रासायनिक समीकरण हमें सम्पूर्ण जानकारी देती है:


A.

अभिक्रिया में भाग लेने वाले विभिन्न अभिकारकों की भौतिक अवस्था के बारे में

Right Answer is: D

SOLUTION

एक संतुलित रासायनिक अभिक्रिया अभिकारकों और उत्पादों की भौतिक अवस्था के साथ अभिक्रिया के लिए आवश्यक ताप, दाब आदि जैसी भौतिक अवस्थाओं के बारे में भी बताती है |


Q. 171536 वह रसायन जिसे सूर्य के प्रकाश में खुला छोड़ने पर उसका रंग परिवर्तित हो जाता है:


A.

FeSO4 (s)

B.

Pb(NO3)2 (s)

C.

AgCl (s)

D.

BaCl(aq)

Right Answer is: C

SOLUTION

सिल्वर क्लोराइड का श्वेत रंग प्रकाश की उपस्थिति में धूसर रंग में परिवर्तित हो जाता है | ऐसा सिल्वर क्लोराइड के सूर्य के प्रकाश के कारण सिल्वर और क्लोरीन में अपचयन के कारण होता है | Description: /stryde/uploadfiles/Image/2007/07/17/200707171628780011846548070103.gif


Q. 171537 कैल्शियम ऑक्साइड से कैल्शियम हाइड्रॉक्साइड का निर्माण एक उदाहरण है:


A.

ऊष्माक्षेपी अभिक्रिया

Right Answer is: A

SOLUTION

इस अभिक्रिया में कैल्शियम ऑक्साइड और जल संयुक्त होकर एक उत्पाद बनाते हैं | ऐसी अभिक्रिया जिसमें दो या अधिक अभिकारकों से एक उत्पाद का निर्माण होता है, संयोजन अभिक्रिया कहलाती है | कैल्शियम ऑक्साइड जल के साथ तीव्र अभिक्रिया करके बुझा हुआ चूना (कैल्शियम हाइड्रॉक्साइड) बनाता है और एक बड़ी मात्रा में ऊष्मा मुक्त करता है | अतः यह एक ऊष्माक्षेपी अभिक्रिया भी है |


Q. 171538 अभिक्रिया Description: /stryde/uploadfiles/Image/2007/07/17/2007071745113700118465552415021457.gifमें अपचयित होने वाला पदार्थ है:


A.

MnO2

B.

HCl

C.

MnCl2

D.

H2O

Right Answer is: A

SOLUTION

दी गयी अभिक्रिया में MnO2 ऑक्सीजन त्याग रहा है इसलिए यह MnCl2 में अपचयित हो रहा है |


Q. 171539 विकृतगंधिता को धीमा किया जा सकता है:


A.

वसा और तेल युक्त भोजन को सल्फर गैस से भरे पात्र में रखकर

Right Answer is: D

SOLUTION

विकृतगंधिता को तेल और वसा युक्त भोजन में प्रतिऑक्सीकारक मिलाकर रोका जा सकता है | जब भोजन में प्रतिऑक्सीकारक मिलाये जाते हैं उनमें उपस्थित वसा और तेल आसानी से ऑक्सीकृत नहीं होते हैं और इसलिए विकृतगंधित नहीं होते हैं | इसलिए भोजन बहुत लम्बे समय तक खाने के लिए उपयुक्त बना रहता है |


Q. 171540 ऑक्सीजन

  अपचयन  का अर्थ है     ऑक्सीजन  की कमी <div class= A.
B.
C.
D.

Right Answer is: A

SOLUTION

जब एक परमाणु अपचयित होता है, यह ऑक्सीजन मुक्त करता है या हाइड्रोजन ग्रहण करता है | ऑक्सीकरण और अपचयन के दौरान उस परमाणु की ऑक्सीकरण अवस्था परिवर्तित होती है |


Q. 171541 ऑक्सीकारक
Right Answer is: A

SOLUTION

प्रतिऑक्सीकारक अपचायक होते हैं जो भोजन के ऑक्सीकरण को रोकते हैं | ऑक्सीकरण अभिक्रिया में मुक्त मूलक सम्मिलित होते हैं और ये प्रतिऑक्सीकारक मुक्त मूलक मध्यवर्तियों को हटाकर श्रृंखला अभिक्रिया को रोक देते हैं |


Q. 171542 एक उपचयन-अपचयन

लोहे पर ज़ंग लगाना  तीव्र अभिक्रिया है <div class= Right Answer is: B

SOLUTION

लोहे के संक्षारण (या ज़ंग) के दौरान आयरन धातु जल (नमी) की उपस्थिति में वायु में उपस्थित ऑक्सीजन से ऑक्सीकृत होकर जलयोजित आयरन (III) ऑक्साइड का निर्माण करती है जो कि ज़ंग कहलाता है |
Description: /stryde/uploadfiles/Image/2007/07/17/2007071726259200118465606915021510.gif
ध्यान दीजिए ज़ंग में जल के अणुओं की संख्या (x) निश्चित नहीं होती है, यह परिवर्तित होती रहती है |


Q. 171543 ऑक्सीकारक जिसका उपयोग भोजन की विकृतगंधिता को रोकने के लिए किया जाता है :


A.

ब्युटिलीकृत हाइड्रॉक्सी एनिसोल

Right Answer is: A

SOLUTION

BHA (ब्युटिलीकृत हाइड्रॉक्सी-एनिसोल) और BHT (ब्युटिलीकृत हाइड्रॉक्सी-टॉलुईन) भोजन में विकृतगंधिता को रोकने के लिए उपयोग किये जाने वाले दो सामान्य प्रतिऑक्सीकारक है |


Q. 171544 आलू चिप्स का प्लास्टिक पैकेट एक प्रतिऑक्सीकारक से भरा होता है वह है:


A.

ऑक्सीजन

B.

नाइट्रोजन

C.

हाइड्रोजन

D.

कार्बन मोनोक्साइड

Right Answer is: B

SOLUTION

नाइट्रोजन गैस एक अनभिक्रियाशील गैस है और यह ऑक्सीजन (वायु) को चिप्स तक पहुँचने तथा इसका ऑक्सीकरण करने से रोकती है | इसलिए चिप्स के निर्माता चिप्स के प्लास्टिक पैकेट को नाइट्रोजन से भर देते हैं जो इसे ऑक्सीकृत तथा विकृतगंधित होने से रोकती है |


Q. 171545 बेरियम क्लोराइड विलयन और ऐलुमिनियम सल्फेट विलयन से बेरियम सल्फेट के निर्माण का संतुलित रासायनिक समीकरण है :


A.

Description: /stryde/uploadfiles/Image/2007/07/17/200707172260240011846570983018k.gif

B.

Description: /stryde/uploadfiles/Image/2007/07/17/2007071722602400118465709830182k.gif.

C.

Description: /stryde/uploadfiles/Image/2007/07/17/2007071722602400118465709830183k.gif.

D.

Description: /stryde/uploadfiles/Image/2007/07/17/2007071722602400118465709830184k.gif.

Right Answer is: C

SOLUTION

विकल्प 3 में दर्शाया गया अभिक्रिया समीकरण अभिक्रिया का सही रूप प्रदर्शित कर रहा है क्योंकि यह सभी अभिकारकों और उत्पादों की अवस्थाओं को सही प्रदर्शित कर रहा है और यह संतुलित भी है |


Q. 171546 सोडियम कार्बोनेट और जल से सोडियम बाइकार्बोनेट का निर्माण एक उदाहरण है:


A.

विस्थापन अभिक्रिया

Right Answer is: C

SOLUTION

स्पष्टीकरण:एक अभिक्रिया जिसमें दो या अधिक अभिकारकों से एकल उत्पाद बनता है संयोजन अभिक्रिया कहलाती है | उपरोक्त अभिक्रिया में हमारे पास दो अभिकारक है और एक उत्पाद है |


Q. 171547 प्रकाश की उपस्थिति में होने वाली एक अभिक्रिया है:


A.

प्रकाश रासायनिक अभिक्रिया

Right Answer is: A

SOLUTION

एक प्रकाश रासायनिक अभिक्रिया में अभिकारक प्रकाशिक सक्रिय होते हैं | ये फोटोन का अवशोषण कर उत्पाद का निर्माण करते हैं |


Q. 171548 ऊष्माक्षेपी अभिक्रिया के दौरान:


A.

ऊर्जा का अवशोषण होता है

Right Answer is: B

SOLUTION

ऊष्माक्षेपी अभिक्रिया में अभिकारकों की कुल बन्ध ऊर्जा उत्पादों की कुल बन्ध ऊर्जा से अधिक होती है | इसलिए ऊष्माक्षेपी अभिक्रिया के दौरान ऊर्जा मुक्त होती है |


Q. 171549 अभिक्रिया Description: /stryde/uploadfiles/Image/2007/07/17/2007071796034300118465693615021422.gifमें Ca(OH)2 की भौतिक अवस्था है :


A.

द्रव

B.

जलीय

C.

गैसीय  

D.

ठोस

Right Answer is: B

SOLUTION

CaO का जलीय विलयन बुझा हुआ चूना  Ca(OH)2 या जलयोजित चूना कहलाता है | यह एक सफेद पाउडर होता है जो CaO को जल के साथ मिलाने पर प्राप्त होता है |


Q. 171550 कुछ रासायनिक परिवर्तनों को दर्शाते समय प्रतीक Description: /stryde/uploadfiles/mathimage/2007/07/17/70.gifका उपयोग क्यों किया जाता है?


A.

प्रकाश

B.

ऊष्मा

C.

उत्प्रेरक

D.

दाब

Right Answer is: B

SOLUTION

प्रतीक डेल्टा यह दर्शाता है की रासायनिक परिवर्तन के दौरान ऊष्मा अवशोषित की गयी है | ऊष्माशोषी अभिक्रिया में हम इस प्रतीक का उपयोग करते हैं क्योंकि इन अभिक्रियाओं में ऊष्मा अवशोषित की जाती है |


Q. 171551 क्या यहाँ दर्शायी गई अभिक्रिया संयोजन अभिक्रिया का उदाहरण है? MgO (aq) + CaS →MgS (s) + CaO( aq)
Right Answer is:

SOLUTION

नहीं, यह द्विविस्थापन अभिक्रिया का उदाहरण है|

 


Q. 171552 निम्न समीकरण को सही और संतुलित कीजिये ।
Right Answer is:

SOLUTION

 

 


Q. 171553 वियोजन अभिक्रिया क्या होती है ?
Right Answer is:

SOLUTION

ऐसी अभिक्रिया जिसमें एकल पदार्थ वियोजित होकर दो या दो से अधिक पदार्थ देता है, वियोजन अथवा अपघटन अभिक्रिया कहलाती है।


Q. 171554 विद्युत जनित्र का नामांकित चित्र बनाइए।
Right Answer is:

SOLUTION


Q. 171555 आर्मेचर या कुण्डली किसे कहते हैं?
Right Answer is:

SOLUTION

आर्मेचर नर्म लोहे के एक क्रोड पर लिपटी हुई तथा बहुत अधिक संख्या में लिए गए पृथककृत विद्युतरोधी तारों की कुण्डली है।
Description: /stryde/uploadfiles/Image/2011/03/10/2011031085258800129975417172m.jpg


Q. 171556 चुंबकीय बल रेखाओं से क्या तात्पर्य है। इनके प्रमुख गुण लिखिए।
Right Answer is:

SOLUTION

चुंबकीय क्षेत्र के भीतर खींचा गया वह सतत् वक्र जो चुंबकीय क्षेत्र की दिशा का अवितरित प्रदर्शन करता है, चुंबकीय बल रेखा कहलाता है।

चुंबकीय बल रेखाओं के गुणः-

1. चुंबक के बाहर इन बल रेखाओं की दिशा उत्तरी ध्रुव से दक्षिणी ध्रुव की ओर तथा चुंबक के अंदर दक्षिणी ध्रुव से उत्तरी ध्रुव की ओर होती है। इस प्रकार ये बंद वक्र होते हैं।

2. चुंबकीय बल रेखा के किसी बिंदु पर खींची गयी स्पर्श रेखा उस बिंदु पर चुंबकीय क्षेत्र की दिशा को प्रदर्शित करती है।

3. चुंबकीय बल रेखाएँ एक दूसरे को कभी नहीं काटती, क्योंकि एक बिंदु पर चुंबकीय क्षेत्र की दो दिशाएँ संभव नहीं है।


Q. 171557 धारावाही परिनालिका की सहायता से किसी नर्म लोहे की छड़ को चुंबबक मेंकैसे परिवर्तित किया जा सकता है?
Right Answer is:

SOLUTION

धारावाही परिनालिका के भीतर प्रबल चुंबकीय क्षेत्र का उपयोग किसी चुंबकीय पदार्थ, जैसे-गर्म लोहे को परिनालिका के भीतर रखकर चुंबक बनाने में किया जा सकता है। अर्थात किसी नर्म लोहे की छड़ को परिनालिका के भीतर स्थित प्रबल चुंबकीय क्षेत्र में रख कर चुंबक में परिवर्तित किया जा सकता है।इस प्रकार निर्मित चुंबक, विद्युत चुंबक कहलाते हैं।


Q. 171558 दो चुंबकीय बल रेखाएँ एक - दूसरे को प्रतिच्छेदित क्यों नहीं करती हैं?
Right Answer is:

SOLUTION

चुंबकीय बल रेखाओं से स्पर्श रेखा , चुंबकीय क्षेत्र की दिशा प्रदान करती है। यदि हम मानें कि किसी बिंदु पर चुंबकीय बल रेखाएँ प्रतिच्छेदित करती हैं तो इस स्थिति में, दो स्पर्श रेखाएँ चुंबकीय क्षेत्र की दो दिशाओं को प्रदर्शित करेंगी, जो प्रायोगिक रूप से संभव नहीं है। इस प्रकार, दो चुंबकीय बल रेखाएँ एक – दूसरे को प्रतिच्छेदित नहीं करती हैं।


Q. 171559 जनित्र या डायनमो कौनसी ऊर्जा को किस ऊर्जा में परिवर्तित करता है तथा यह किस सिद्धांत पर कार्य करता है? डायनमो में प्रेरित विद्युत वाहक बल किस प्रकार उत्पन्न किया जाता है?
Right Answer is:

SOLUTION

जनित्र, यांत्रिक ऊर्जा को विद्युत ऊर्जा में परिवर्तित करता है। जनित्र, विद्युत-चुंबकीय प्रेरण के सिद्धांत पर कार्य करता है। जनित्र में चुंबकीय क्षेत्र में कुण्डली को घुमाकर, प्रेरित विद्युत-वाहक बल उत्पन्न किया जाता है ।


Q. 171560 प्रत्यावर्ती वोल्टेज किसे कहते हैं? दिष्ट धारा की तुल्ना में प्रत्यावर्ती धारा का लाभ लिखिए।
Right Answer is:

SOLUTION

ऐसी वोल्टेज जिसका परिमाण व दिशा समय के साथ-साथ बदलते रहते हैं तथा एक निश्चित समय के पश्चात् उसी दिशा में उसी परिमाण के साथ उसकी पुनरावृत्ति होती है, प्रत्यावर्ती वोल्टेज कहलाती है।
दिष्ट धारा की तुलना में प्रत्यावर्ती धारा का लाभ यह है कि प्रत्यावर्ती धारा के रूप में विद्युत शक्ति को सुदूर स्थानों पर भेजने में ऊर्जा क्षय बहुत कम होता है|


Q. 171561 वह महत्वपूर्ण कारक बताइए जिन पर परिनालिका के कारण उत्पन्न चुम्बकीय क्षेत्र की तीव्रता निर्भर करती है।
Right Answer is:

SOLUTION

निम्नलिखित कुछ महत्वपूर्ण कारक हैं जिस पर परिनालिका द्वारा उत्पन्न चुम्बकीय क्षेत्र निर्भर करता है :

1. परिनालिका के माध्यम से प्रवाहित धारा की मात्रा पर।

2. परिनालिका में कुल फेरों की संख्या पर।

3. परिनालिका के भीतर उपस्थित क्रोड की प्रकृति पर।


Q. 171562 चुंबकीय क्षेत्र की क्षेत्र रेखाओं के चार गुण लिखिए। किसी धारावाही परिनालिका के भीतर एवं चारों ओर चुंबकीय क्षेत्र रेखाओं को प्रदर्शित करने वाला चित्र बनाइए ।
Right Answer is:

SOLUTION

चुंबकीय क्षेत्र रेखाओं के गुण -

(a) चुंबकीय क्षेत्र रेखाओं की दिशा उत्तरी ध्रुव से दक्षिणी ध्रुव की ओर होती है अर्थात ये रेखाएँ बंद वक्र बनाती हैं।

(b) चुंबकीय क्षेत्र रेखाएँ उत्तर दिशा को निरूपित करती हैं।

(c) चुंबकीय क्षेत्र रेखाएँ एक दूसरे को नहीं काटती।

(d) चुंबकीय क्षेत्र रेखाएँ चुंबकीय क्षेत्र का निर्धारण करती हैं।


Description: http://schoollms.extramarks.com/stryde/uploadfiles/Image/2013/04/11/2013041191204100136565936627.jpg


Q. 171563iiदिक्परिवार्तक से आप क

iविद्युत मोटर को परिभाषित कीजिए<div class= Right Answer is:

SOLUTION

(i)विद्युत मोटर एक ऐसी घूर्णन-युक्ति है जिसमें विद्युत ऊर्जा का यांत्रिक ऊर्जा में रूपांतरण होता है। विद्युत पंखों, विद्युत मिश्रकों, वाशिंग मशीनों,आदि में एक महत्वपूर्ण अवयव के रूप में विद्युत मोटर का उपयोग किया जाता है।

(ii)वह युक्ति जो परिपथ में विद्युत धारा के प्रवाह को उत्क्रमित कर देती है, दिक्परिवर्तक कहलाती है|विद्युत मोटर में विभक्तवलय दिक्परिवर्तक का कार्य करता है।


Q. 171564 सीधे धारावाही चालक के कारण उत्पन्न चुम्बकीय बल रेखाओं की कुछ महत्वपूर्ण विशेषताएँ लिखिए।
Right Answer is:

SOLUTION

निम्न सीधे धारावाही चालक के कारण उत्पन्न चुम्बकीय बल रेखाओं की कुछ महत्वपूर्ण विशेषताएँ हैं :

1. चुंबकीय क्षेत्र रेखाएँ सीधे धारावाही चालक पर उभयनिष्ठ केन्द्र से संकेंद्रित वृतों के रूप में उत्पन्न होती हैं।

2. चुंबकीय बल रेखाओं की दिशा बदलने पर चालक के माध्यम से गुज़र रही धारा की दिशा भी परिवर्तित हो जाती है।

3. चुंबकीय क्षेत्र तथा चालक की लम्बाई के बीच कोण 90o होता है।

4. प्रति एकांक क्षेत्रफल बल रेखाओं की संख्या चालक के माध्यम से प्रवाहित धारा के परिमाण पर निर्भर करती है। धारा के परिमाण में वृद्धि से इसमें वृद्धि होती है।

5. धारावाही चालक के निकट चुंबकीय बल रेखाएँ वृताकार होती हैं जबकि चालक से दूर थोड़ी दीर्घ वृताकार होती हैं।


Q. 171565 चित्र की सहायता से प्रत्यावर्ती धारा जनित्र की रचना समझाइए।
Right Answer is:

SOLUTION

रचना : ए. सी. जनित्र के विभिन्न भाग निम्न से मिलकर बने होते हैं :
Description: http://schoollms.extramarks.com/stryde/uploadfiles/Image/2014/07/05/201407057215390014045575531.jpg

(1) आर्मेचर (ABCD): ए. सी. जनित्र में एक आयताकार कुंडली ABCD होती है जो आर्मेचर कहलाती है। यह क्षेत्र चुंबक के दो ध्रुवों के बीच घूर्णन करने में सक्षम होती है।

(2) क्षेत्र चुंबक: आर्मेचर, चुम्बक के दो ध्रुवों के बीच रखा जाता है। छोटे जनित्र की स्थिति में, स्थाई चुंबक का उपयोग किया जा सकता है जबकि बड़े जनित्र में विद्युत चुंबक का उपयोग किया जा सकता है। यह समरूप चुंबकीय क्षेत्र प्रदान करते हैं।

(3) सर्पण वलय (R1 तथा R2) : आयताकार कुंडली के दो मुक्त सिरे दो वलय ‘R1तथा ‘R2से जुड़े होते हैं।

(4) कार्बन ब्रुश : यह सर्पण वलय R1 तथा R2, ब्रुश B1 तथा B2 से जुड़ी होती है।

(5) लोड (L) : लोड (L) दो कार्बन ब्रुशों‘ B1तथा ‘B2के बीच जुड़ा होता है। यह वह उपकरण है जिसके माध्यम से AC धारा गुज़रती है।


Q. 171566 छड़ चुंबक तथा विद्युत चुंबक के बीच क्या अन्तर है?
Right Answer is:

SOLUTION

छड़ चुंबक

विद्युत चुंबक

छड़ चुंबक एक स्थाई चुम्बक है।

यह अस्थाई चुंबक होती है तथा इसे अचुंबकित किया जा सकता है।

इसकी तीव्रता स्थिर रहती है।

चुंबकीय तीव्रता को बढ़ाया या घटाया जा सकता है।

इसकी ध्रुवता स्थिर रहती है।

इसकी ध्रुवता को परिवर्तित किया जा सकता है।

इसके लिए किसी विद्युत शक्ति की आवश्यकता नहीं होती है।

इसमें विद्युत शक्ति की आवश्यकता होती है।


Q. 171567 प्रत्यावर्ती धारा जनित्र के मुख्य भागों के नाम एवं व्याख्या संक्षेप में लिखिए।
Right Answer is:

SOLUTION

प्रत्यावर्ती धारा जनित्र के तीन प्रमुख भाग होते हैं-
(i) क्षेत्र चुंबक:- यह एक बहुत शक्तिशाली नाल चुंबक होती है जिसके ध्रुवों के मध्य लगभग समरूप एवं शक्तिशाली चुंबकीय क्षेत्र विद्यमान होते हैं। इस चुंबकीय क्षेत्र में एक कुण्डली को तीव्र गति से घुमाया जाता है।
(ii) आर्मेचर या कुण्डली:- यह ताम्बे के पृथककृत तारों की एक कुण्डली होती है जिसे आर्मेचर भी कहते हैं। इस आर्मेचर को चुंबकीय क्षेत्र में तीव्र गति से घुमाया जाता है।
(iii) सर्पी वलय तथा ब्रुश:- ये ताम्बे के बने दो छल्ले होते हैं जिन्हें सर्पी वलय भी कहते हैं। इनका सम्बन्ध एक ओर तो कुण्डली से आये ताम्बे के तारों से कर दिया जाता है तथा दूसरी ओर ग्रेफाईट के दो ब्रुशों से होता है। इन ब्रुशों का सम्बन्ध बाह्य परिपथ से कर देते हैं जिससे धारा प्रवाहित करनी होती है।


Q. 171568 दिष्ट धारा जनित्र का सिद्धांत एवं कार्य विधि लिखिए।
Right Answer is:

SOLUTION

सिद्धांत:- जब कुण्डली को क्षेत्र चुम्बक द्वारा उत्पन्न चुंबकीय क्षेत्र में घुमाते हैं, तब कुण्डली से सहबद्ध चुंबकीय फ्लक्स में परिवर्तन होने के कारण कुण्डली में विद्युत चुंबकीय प्रेरण से विद्युत-वाहक बल उत्पन्न होता है, जिससे कुण्डली तथा बाह्य परिपथ में धारा प्रवाहित होती है। कुण्डली में उत्पन्न विद्युत-वाहक बल प्रत्यावर्ती होता है, परन्तु विभक्त वलय दिशा परिवर्तन द्वारा बाह्य परिपथ में दिष्ट धारा प्रदान करता है।

कार्यविधि:- जब कुण्डली को क्षेत्र
चुंबक के N-S ध्रुवों के मध्य-दक्षिणावर्त दिशा में घुमाया जाता है, तब कुण्डली ABCD में प्रेरित धारा उत्पन्न होती है। पहले आधे चक्र में कुण्डली में प्रेरित धारा की दिशा ABCD होती है।
Description: http://schoollms.extramarks.com/stryde/uploadfiles/Image/2011/03/10/2011031071625100129975501476m.jpg

इस स्थिति में P का सम्बन्ध ब्रुश X तथा Q का सम्बन्ध ब्रुश Y से होता है, इसलिए बाह्य परिपथ में धारा X से Y की ओर प्रवाहित होती है। दूसरे आधे चक्र में विभक्त सर्पीवलय P का सम्बन्ध ब्रुश Y से तथा Q का सम्बन्ध X से होता है, जिससे कुण्डली में विद्युत धारा की दिशा DCBA होने पर भी बाह्य परिपथ में विद्युत धारा X से Y की ओर प्रभावित होती है।
Description: http://schoollms.extramarks.com/stryde/uploadfiles/Image/2011/03/10/2011031071625100129975501477m.jpg
इस तरह यह प्रक्रिया चलती रहती है, तथा दिष्ट धारा जनित्र के द्वारा बाह्य परिपथ में धारा स्थाई रूप में प्राप्त की जाती है।


Q. 171569 घरेलू विद्युत परिपथों के बारे में संक्षिप्त में समझाइए।
Right Answer is:

SOLUTION

विद्युतघर सामान्यतया उन स्थानों से दूर होते हैं जहाँ विद्युत का उपयोग किया जाता है। यह विद्युत ऊर्जा विद्युत संयंत्र से 11,000 V पर उत्पन्न की जाती है। इस विभव की आवृत्ति 50 Hz होती है।

घरेलु विद्युत परिपथ :
Description: http://schoollms.extramarks.com/stryde/uploadfiles/Image/2014/07/05/201407058250910014045580771.jpg

हमारे घरों में विद्युत ऊर्जा तीन तार विधुन्मय तार, उदासीन तार तथा भू - तार के माध्यम से आती है। हम इन तारों के रोधक के लिए रंग कोड का उपयोग करते हैं। लाल तार विधुन्मय तार कहलाता है तथा काला तार उदासीन तार कहलाता है। हरे रंग का तार भू - तार होता है।

लाल तार 220 V के उच्च विभव पर होता है जबकि उदासीन तार शून्य विभव पर होता है। इस प्रकार, विधुन्मय तार तथा उदासीन तार के बीच विभवान्तर (220 – 0) V = 220 V होता है।


Q. 171570 प्रत्यावर्ती धारा जनित्र का सिद्धांत एवं इसकी कार्यविधि का चित्र सहित वर्णन कीजिए।
Right Answer is:

SOLUTION

किसी बंद कुण्डली को चुम्बकीय क्षेत्र में घुमाने पर उसमें से गुज़रने वाली फ्लक्स रेखाओं में निरंतर परिवर्तन होता है, जिस कारण से कुण्डली में एक प्रेरित विद्युत-वाहक बल और बाह्य परिपथ व कुण्डली में प्रेरित विद्युत धारा बहती है। कुण्डली को घुमाने में व्यय यांत्रिक ऊर्जा, विद्युत ऊर्जा में परिवर्तित हो जाती है।

क्रिया विधि:- मान लेते हैं कि प्रारंभ में कुण्डली ABCD का तल चुंबकीय क्षेत्र के लम्बवत है। कुण्डली का सिरा A, सर्पी वलय P से तथा D सर्पी वलय Q से जुड़ा होता है। ब्रुश X वलय P को तथा ब्रुश Y वलय Q को स्पर्श करता है। इस स्थिति में कुण्डली से सम्बन्ध चुम्बकीय फ्लक्स का मान अधिकतम होता है, परन्तु इस अवस्था में प्रेरित विद्युत-वाहक बल शून्य होता है। अब कुण्डली को इस तरह घुमाया जाए कि कुण्डली की भुजा AB ऊपर की ओर तथा भुजा CD नीचे की ओर हो तब कुण्डली से सम्बन्ध चुंबकीय फ्लक्स का मान घटता है, तथा कुण्डली में प्रेरित धारा की दिशा ABCD होती है।
Description: http://schoollms.extramarks.com/stryde/uploadfiles/Image/2011/03/10/2011031039919400129975457974mem11em2.jpg

इससे बाह्य परिपथ में धारा की दिशा ब्रुश Y से X की ओर होती है।

जब कुण्डली 90 डिग्री घूमती है, तब (अर्थात जब कुण्डली का तल चुंबकीय क्षेत्र के समंतार होता है तो) कुण्डली से सम्बन्ध चुंबकीय फ्लक्स का मान शून्य हो जाता है, तथा प्रेरित विद्युत-वाहक बल का मान अधिकतम होता है। कुण्डली के पुन: 90 डिग्री घूमने पर कुण्डली की भुजा AB, CD के स्थान पर तथा CD , AB के स्थान पर आ जाती है। सर्पी वलय P Q भी अपने स्थान पर घूमजाते है। अतः ब्रुश X का सम्बन्ध सर्पी वलय P से तथा ब्रुश Y का सम्बन्ध सर्पी वलय Q से ही बना रहता है। इस स्थिति में पुन: कुण्डली से सम्बन्ध चुंबकीय फ्लक्स अधिकतम होता है, तथा प्रेरित विधुत-वाहक बल शुन्य होता है।अब कुण्डली को और घुमाने पर कुण्डली की भुजा AB नीचे की ओर तथा भुजा CD ऊपर की ओर आ जाती है, जिससे कुण्डली से सम्बन्ध चुंबकीय फ्लक्स बदलता है, तथा प्रेरित धारा DCBA दिशा में बहती है।
Description: http://schoollms.extramarks.com/stryde/uploadfiles/Image/2011/03/10/2011031039919400129975457975mem11em2.jpg
इससे बाह्य परिपथ में धारा की दिशा ब्रुश X से ब्रुश Y की ओर होती है।

अब कुण्डली के 90 डिग्री घूमने पर कुण्डली का तल चुंबकीय क्षेत्र के समान्तर हो जाता है, जिससे कुण्डली से सम्बन्ध चुंबकीय फ्लक्स का मान घटता है, तथा शून्य हो जाता है और विधुत-वाहक बल अधिकतम हो जाता है। अब यदि कुण्डली 90 डिग्री और घुमती है, तब कुण्डली का तल चुंबकीय क्षेत्र के लम्बवत हो जाता है, जिससे कुण्डली से सम्बन्ध चुंबकीय फ्लक्स अधिकतम हो जाता है, तथा कुण्डली में प्रेरित विधुत-वाहक बल शून्य हो जाता है। कुण्डली के एक चक्कर घूमने में बाह्य परिपथ में प्रेरित धारा की दिशा आधे चक्कर में एक दिशा में होती है तथा शेष आधे चक्कर में विपरीत दिशा में होती है। तथा हमें प्रत्यावर्ती धारा प्राप्त होती है


Q. 171571 आयतन

रासायनिक अभिक्रियाओं में ऊष्मा परिवर्तित होती है <div class= Right Answer is: D

SOLUTION

नए पदार्थ का बनना रासायनिक अभिक्रिया होने की पहली शर्त है |


Q. 171572 फोटोग्राफी में इस्तेमाल किया जाने वाला रसायन है:


A.

सिल्वर ब्रोमाइड

Right Answer is: A

SOLUTION

सिल्वर ब्रोमाइड सूर्य के प्रकाश से अभिक्रिया करके सिल्वर देता है जो की धूसर रंग का होता है | अपघटन अभिक्रियाओं में अभिकारकों को तोड़ने के लिए ऊष्मा, प्रकाश या विद्युत के रूप में ऊर्जा की आवश्यकता होती है | अभिक्रियाएँ जिनमें ऊर्जा का अवशोषण किया जाता है ऊष्माशोषी अभिक्रियाएँ कहलाती है |


Q. 171573 जब ज़िंक की छड़ को फैरस सल्फेट के विलयन में डूबोया जाता है तो विलयन का रंग होगा:


A.

वही रहेगा

Right Answer is: C

SOLUTION

ज़िंक आयरन से अधिक अभिक्रियाशील होता है | इसलिए यह आयरन सल्फेट में से आयरन को प्रतिस्थापित कर देता है और विलयन का हरा रंग गायब हो जाता है |


Q. 171574 (अ) रासायनिक समीकरण में सब्स्क्रिप्ट तथा गुणांक क्या बताते हैं? (ब) रेडॉक्स अभिक्रियाएँ क्या होती है ? रेडॉक्स अभिक्रियाओं के दो उदाहरण दीजिए
Right Answer is:

SOLUTION

(अ) सब्स्क्रिप्ट से यह ज्ञात होता है कि एक यौगिक में एक तत्व विशेष के कितने परमाणु हैं। गुणांक यौगिक की मात्रा अथवा अणुओं की संख्या को बताता है।

(ब) वह अभिक्रिया जिसमें उपचयन और अपचयन साथ-साथ होते हैं उपचयन-अपचयन अभिक्रिया अथवा रेडॉक्स अभिक्रिया कहलाती हैं |

उदाहरण-

 


Q. 171575 रासायनिक अभिक्रियाऐं कितने प्रकार की होती हैं? उनके नाम दीजिए। संयोजन व वियोजन अभिक्रियाओं को उदाहरण देकर समझाइये ।
Right Answer is:

SOLUTION

रासायनिक अभिक्रियाएँ मुख्यतः निम्न प्रकार की होती है −

1. संयोजन अभिक्रिया

2. वियोजन अभिक्रिया

3. विस्थापन अभिक्रिया

4. द्विविस्थापन अभिक्रिया

5. उपचयन व अपचयन अभिक्रिया

6. अवक्षेपण अभिक्रिया

1. संयोजन अभिक्रिया- वह अभिक्रिया जिसमें दो या दो से अधिक अदार्थ एक नया पदार्थ (एकल उत्पाद) बनाते हैं, इसे संयोजन अभिक्रिया कहते हैं |

उदाहरण − कैल्शियम ऑक्साइड (बिना बुझा चूना) जल के साथ तीव्रता से अभिक्रिया करके कैल्शियम हाइड्रॉक्साइड (बुझा हुआ चूना) बनाता है तथा इस अभिक्रिया में अत्यधिक ऊष्मा उत्पन्न होती है |

इस Ca(OH)2 विलयन का उपयोग दीवारों पर सफेदी करने के लिए किया जाता है | यह वायुमंडल में उपस्थित के CO2 के साथ 2-3 दिन में धीरे-धीरे क्रिया करके दीवारों पर CaCO3 की पतली परत बनाता है |

2. वियोजन अभिक्रिया- वह अभिक्रिया जिसमें एक पदार्थ टूटकर एक से अधिक छोटे-छोटे उत्पाद बनाता है उसे वियोजन अभिक्रिया कहते हैं |

उदाहरण- लैड नाइट्रेट को गर्म करने पर लैड ऑक्साइड NO2 तथा O2 बनाता है | NO2 के कारण इसमें भूरे रंग का धुआँ निकलता है |

 

 

 


Q. 171576 वियोजन क्रिया को संयोजन क्रिया के विपरीत क्यों कहा जाता है? उन वियोजन अभिक्रियाओं मे एक-एक समीकरण लिखिए जिनमें प्रकाश, ऊष्मा एवं विद्युत के रूप में ऊर्जा प्रदान की जाती है।
Right Answer is:

SOLUTION

वियोजन अभिक्रिया संयोजन अभिक्रिया की विपरीत होती है क्योंकि वियोजन अभिक्रिया में एक अभिकर्मक टूटकर छोटे-छोटे एक से अधिक उत्पाद बनाता है जबकि संयोजन अभिक्रिया में दो या दो से अधिक पदार्थ मिलकर एक नया पदार्थ बनाते है |

1. वह वियोजन अभिक्रिया जिसमें ऊष्मा के रूप में ऊर्जा प्रदान की जाती है, ऊष्मीय वियोजन कहलाता है |

2. वियोजन अभिक्रिया जिसमें प्रकाश के रूप में ऊर्जा दी जाती है |

(सिल्वर क्लोराइड) धूसर रंग

3. वियोजन अभिक्रिया जिसमें विद्युत के रूप में ऊर्जा दी जाती है |


Q. 171577 निम्नलिखित रासायनिक अभिक्रियाओं के लिए संतुलित रासायनिक समीकरण लिखिए - (a) सोडियम + जल Description: /stryde/uploadfiles/Image/2007/07/09/20070709076743001183983062image002.jpgसोडियम हाइड्रॉक्साइड + हाइड्रोजन
(b) बेरियम क्लोराइड + एलुमिनियम सल्फेटDescription: /stryde/uploadfiles/Image/2007/07/09/20070709076743001183983062image002.jpg बेरियम सल्फेट + एलुमिनियम क्लोराइड (c) हाइड्रोजन सल्फाइड + ऑक्सीजन Description: /stryde/uploadfiles/Image/2007/07/09/20070709076743001183983062image002.jpgजल + सल्फर डाइऑक्साइड
Right Answer is:

SOLUTION

(a) 2Na + 2H2O Description: /stryde/uploadfiles/Image/2007/07/09/20070709076743001183983062image002.jpg2NaOH + H2

(b) 3BaCl2 + Al2(SO4)3 Description: /stryde/uploadfiles/Image/2007/07/09/20070709076743001183983062image002.jpg3 BaSO4 + 2AlCl3

(c) 2H2S +3O2 Description: /stryde/uploadfiles/Image/2007/07/09/20070709076743001183983062image002.jpg2H2O +2SO2


Q. 171578 निम्नलिखित को संतुलित रासायनिक समीकरण द्वारा दर्शाइये । (a) लोहे की कील को कॉपर सल्फेट विलयन मे रखा जाता है ।
(b) सिल्वर क्लोराइड को सूर्य के प्रकाश मे रखा जाता है ।
(c) फेरस सल्फेट को गर्म किया जाता है ।
(d) सिल्वर नाइट्रेट हाइड्रोक्लोरिक अम्ल से अभिक्रिया करता है ।
(e) वायु की उपस्थिति में मेथेन का दहन किया जाता है।
Right Answer is:

SOLUTION

Description: /stryde/uploadfiles/Image/2011/02/09/201102097157570012972473590511.gif


Q. 171579 निम्न कथनों को रासायनिक समीकरणों मे निरूपित कीजिये और उन्हे संतुलित भी कीजिये । a) बेरियम क्लोराइड जिंक सल्फेट के साथ अभिक्रिया करके जिंक क्लोराइड और बेरियम सल्फेट देता है। b) फास्फोरस ऑक्सीजन की उपस्थिति में जल कर फास्फोरस पेंटाऑक्साइड देता है । c) ज़िंक धातु हाइड्रोक्लोरिक अम्ल से अभिक्रिया करके ज़िंक क्लोराइड बनाता है । d) सिल्वर नाइट्रेट,सोडियम क्लोराइड के साथ अभिक्रिया करके सिल्वर क्लोराइड और सोडियम नाइट्रेट बनाता है । e) मैग्निशियम ऑक्सीजन की उपस्थिती मे जलता है और मैग्निशियम ऑक्साइड मे परिवर्तित हो जाता है ।
Right Answer is:

SOLUTION

Description: /stryde/uploadfiles/Image/2015/01/28/2015012836373900142242167528jan6.jpg


Q. 171580 एक संतुलित रासायनिक अभिक्रिया से क्या जानकारी प्राप्त होती है?
Right Answer is:

SOLUTION

एक संतुलित रासायनिक अभिक्रिया से निम्नलिखित जानकारी प्राप्त होती है

1. अभिकारकों एवं उत्पादों के सूत्र

2.अभिकारकों एवं उत्पादों के प्रतीक, नाम तथा भौतिक अवस्था

3.रासायनिक अभिक्रिया में भाग लेने वाले अभिकारकों तथा उत्पादों के परमाणुओं तथा अणुओं की सापेक्षिक संख्या

4.अभिकारकों तथा उत्पादों के मोलों तथा द्रव्यमानों का अनुपात

5.गैसीय अभिकारकों तथा उत्पादों के आयतनों का अनुपात


Q. 171581 जब कॉपर ऑक्साइड और तनु HCl को मिलाया जाता है तो विलयन का हरा रंग किसके कारण होता है ?


A.

कॉपर (II) क्लोराइड

B.

कॉपर (I) क्लोराइड

C.

कॉपर (III) क्लोराइड

D.

कॉपर (IV) क्लोराइड

Right Answer is: A

SOLUTION

जब कॉपर ऑक्साइड और HCl को मिलाया जाता है तो विलयन का रंग नीला-हरा हो जाता है और कॉपर ऑक्साइड घुल जाता है | विलयन का नीला-हरा रंग अभिक्रिया में कॉपर (I) क्लोराइड के बनने के कारण होता है |


Q. 171582 अधातुओं के ऑक्साइड होते हैं -


A.

अम्लीय प्रकृति के

B.

क्षारीय प्रकृति के

C.

उदासीन

D.

स्वाद में कड़वे

Right Answer is: A

SOLUTION

अधातुओं के ऑक्साइड अम्लीय प्रकृति के होते हैं क्योंकि ये जल से अभिक्रिया करते हैं और अम्ल बनाते हैं |


Q. 171583 सूचक वे पदार्थ हैं -


A.

जिनका रंग अम्लीय या क्षारीय माध्यम में परिवर्तित हो जाता है

Right Answer is: A

SOLUTION

सूचक वे पदार्थ होते हैं जिनका रंग अम्लीय या क्षारीय माध्यम में परिवर्तित हो जाता है | उदाहरण के लिए फिनॉल्फथैलिन अम्लीय माध्यम में रंगहीन होता है जबकि क्षारीय माध्यम में यह गुलाबी हो जाता है |


Q. 171584 अम्ल और क्षार आपस में संयुक्त होकर लवण और जल का निर्माण करते हैं
A.
B.
C.
D.

Right Answer is: D

SOLUTION

उदासीनीकरण अभिक्रियाएँ वे अभिक्रियाएँ हैं जिनमें अम्ल और क्षार संयुक्त होकर लवण और जल का निर्माण करते हैं |


Q. 171585 जो

क्षार वे पदार्थ हैं  जो स्वाद में खट्टे होते हैं <div class= Right Answer is: B

SOLUTION

क्षारों की pH > 7 होती है और ये स्वाद में कड़वे होते हैं | ये विलयन में OH- आयन मुक्त करते हैं |


Q. 171586 अधिकाँश धातुएँ अम्लों के साथ संयुक्त होती है


A.

कार्बन डाइऑक्साइड के निर्माण के लिए

B.

एक क्षार के निर्माण के लिए

C.

अम्लों से हाइड्रोजन को प्रतिस्थापित कर हाइड्रोजन गैस के निष्कासन के लिए

D.

अम्लीय लवण के निर्माण के लिए

Right Answer is: C

SOLUTION

अधिकांश धातुएँ अम्लों के साथ अभिक्रिया कर हाइड्रोजन को अम्लों से प्रतिस्थापित कर देती है और धात्विक लवण तथा हाइड्रोजन गैस बनाती हैं |


Q. 171587 ज़िंक जैसी कुछ धातुएँ प्रबल क्षारों अर्थात NaOH से अभिक्रिया कर मुक्त करती हैं


A.

ऑक्सीजन

B.

जल

C.

हाइड्रोजन गैस

D.

कार्बन डाइऑक्साइड गैस

Right Answer is: C

SOLUTION

ज़िंक जैसी कुछ धातुएँ प्रबल क्षारों अर्थात NaOH से अभिक्रिया कर हाइड्रोजन गैस मुक्त करती हैं |


Q. 171588 धातु कार्बोनेट और हाइड्रोजन कार्बोनेट अम्लों के साथ अभिक्रिया करके देते हैं


A.

कार्बन डाइऑक्साइड

B.

हाइड्रोजन

C.

सल्फर डाइऑक्साइड

D.

कार्बन मोनोक्साइड

Right Answer is: A

SOLUTION

धातु कार्बोनेट और हाइड्रोजन कार्बोनेट अम्लों के साथ अभिक्रिया करके कार्बन डाइऑक्साइड, जल और लवण देते हैं |


Q. 171589 एक अम्ल में जल मिलाने से बचा जाता है क्योंकि


A.

अभिक्रिया ऊष्माशोषी है

Right Answer is: B

SOLUTION

एक अम्ल या क्षार में जल मिलाना एक अत्यधिक ऊष्माक्षेपी अभिक्रिया है, जिसके कारण मिश्रण के छींटे उछल सकते हैं या गर्म होने के कारण काँच का पात्र भी टूट सकता है |


Q. 171590 सोडियम हाइड्रोक्साइड का बड़े स्तर पर उत्पादन किया जाता है


A.

लवण जल विलयन या समुद्री जल से

B.

सोडियम धातु को जल में घोलकर

C.

बॉक्साइट से

D.

सोडियम, ऑक्सीजन और हाइड्रोजन के सीधे संयोजन से

Right Answer is: A

SOLUTION

लवण जल या समुद्री जल प्रमुख कच्चा माल हैं क्योंकि यह बहुत कम लागत में आसानी से उपलब्ध है |


Q. 171591 सार्वत्रिक सूचक है


A.

सूचक जो भिन्न हाइड्रॉक्सिल आयन सांद्रता पर अपना रंग परिवर्तित कर लेता है

Right Answer is: B

SOLUTION

सार्वत्रिक सूचक कुछ अलग-अलग सूचकों का मिश्रण होता है जो हाइड्रोजन आयन की भिन्न सान्द्रताओं पर अलग-अलग रंग दर्शाता है और विलयन में उपस्थित अम्ल और क्षार के सामर्थ्य के बारे में बताता है |


Q. 171592 अम्ल वर्षा हानिकारक होती हैं क्योंकि


A.

सजीव क्षारीय pH की परिस्थितियों में जीवित रह सकते हैं

Right Answer is: B

SOLUTION

अम्ल वर्षा हानिकारक होती है क्योंकि ऐसे वर्षा जल की pH 5.6 से कम होती है जो नदियों के जल को भी अम्लीय बना देता है | सजीव 7.0 से 7.8 की एक छोटी pH सीमा में जीवित रह सकते हैं |


Q. 171593 मुँह में दन्तक्षय प्रारम्भ होता है क्योंकि


A.

जीवाणुओं की संख्या बढ़ जाती है

Right Answer is: B

SOLUTION

मुँह में उपस्थित जीवाणु शर्करा और खाने के बाद मुँह में बचे हुए खाद्य कणों के अपघटन से अम्लों का निर्माण करते हैं | मुँह में दन्तक्षय प्रारम्भ हो जाता है क्योंकि जब pH का मान 5.5 से कम हो जाता है तो अघुलनशील कैल्शियम फॉस्फेट क्षयित हो जाता है |


Q. 171594 हाइड्रोजन तथा ऑक्सीजन की अभिक्रिया द्वारा जल का बनना किस प्रकार की अभिक्रिया है ?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

हाइड्रोजन तथा ऑक्सीजन की अभिक्रिया द्वारा जल का बनना संयोजन अभिक्रिया है ι


Q. 171595 विस्थापन अभिक्रिया किसे कहते हैं ?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

वह आभिक्रिया जिसमें एक तत्व दूसरे तत्व को उसके विलयन से विस्थापित कर देता है विस्थापन अभिक्रिया कहलाती है ।


Q. 171596 संक्षारण का एक उदाहरण बताएं।
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

लोहे पर ज़ंग लगना संक्षारण का एक उदाहरण है।


Q. 171597 सिल्वर ब्रोमाइड का रंग क्या होता है ?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

हल्का पीला


Q. 171598 संतुलित रासायनिक समीकरण को लिखने के लिए रासायनिक संयोजन के किस नियम का उपयोग किया जाता है ?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

संतुलित रासायनिक समीकरण को लिखने के लिए द्रव्यमान संरक्षण के नियम का उपयोग किया जाता है |


Q. 171599 रेडॉक्स अभिक्रिया का एक उदाहरण दीजिए।
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

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Q. 171600 ऊष्माक्षेपी और ऊष्माशोषी अभिक्रियाओ मे अंतर बताइये ।
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

ऊष्माक्षेपी अभिक्रिया वह अभिक्रिया है जिसमे ऊष्मा का उत्सर्जन होता है ।

ऊष्माशोषी अभिक्रिया वह अभिक्रिया है जिसमे ऊष्मा का अवशोषण होता है ।


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