A.
झारखंड
B.
ओड़िशा
C.
कर्नाटक
D.
छत्तीसगढ़
भारत में सभी उद्योगों के लिए लौह अयस्क आधारभूत सामग्री है। कर्नाटक लौह अयस्क भंडार का सबसे समृद्ध राज्य है।
A.
इस्पात उद्योग
B.
विद्युत उद्योग
C.
रबर उद्योग
D.
उर्वरक उद्योग
अभ्रक का व्यापक पैमाने पर उपयोग विद्युत उद्योग में किया जाता है।
A.
असम
B.
मणिपुर
C.
अरुणाचल प्रदेश
D.
मेघालय
जोवाई व चेरापूँजी में कोयले का खनन परिवार के सदस्य द्वारा एक लंबी संकीर्ण सुरंग के रूप में किया जाता है, जिसे रैट होल खनन कहते हैं।
A.
सीसा
B.
सोना
C.
निकल
D.
लौह अयस्क
सोना, चांदी, टिन जैसे बहुमूल्य खनिज जलोढ़क संस्तर में नदी निक्षेप से बनते हैं।
A.
कोयला
B.
ताँबा
C.
सोना
D.
प्लैटिनम
कोयले का निर्माण पादप एवं जीवावशेष पदार्थों के लाखों वर्षों तक संपीडन से हुआ है। भूगर्भ में उच्च ताप एवं दबाव के कारण ये जीवावशेष कोयले में परिवर्तित हो गए।
A.
लोहा
B.
जस्ता
C.
बॉक्साइट
D.
कोयला
बॉक्साइट का निर्माण एल्यूमिनियम सिलिकेटों से समृद्ध व्यापक भिन्नता वाली चट्टानों के विघटन से होता है।
A.
तांबा
B.
सीसा
C.
अभ्रक
D.
निकल
अभ्रक, नमक, सल्फर, आदि अधात्विक खनिज हैं। ये खनिज व्यावसायिक रूप से बहुत महत्वपूर्ण हैं।
A.
सोना
B.
हीरा
C.
लोहा
D.
कोयला
घाटी तल के रेत में जलोढ़ जमाव के रूप में पाए जाने वाले खनिज प्लेसर निक्षेप के नाम से जाने जाते हैं। इनमें सोना, चाँदी, टिन व प्लेटिनम प्रमुख रूप से पाए जाते हैं।
A.
पर्यावरणविद
B.
वनवासी
C.
भूगोलवेत्ता
D.
भूविज्ञानी
वह भूवैज्ञानिक होता है जो खनिज की संरचना, उनके निर्माण, उम्र और खनिजों की रासायनिक संरचना के बारे में अध्ययन करता है।
A.
उथले समुद्र में ड्रिलिंग
B.
गहरे समुद्र में ड्रिलिंग
C.
भूमि क्षेत्र में ड्रिलिंग
D.
पर्वतीय क्षेत्र में ड्रिलिंग
उथले समुद्र में ड्रिलिंग अपतटीय ड्रिलिंग है।
A.
पेट्रोलियम का
B.
कोयले का
C.
पवन ऊर्जा का
D.
सौर ऊर्जा का
भुज में मधापुर सौर ऊर्जा का सबसे बड़ा उत्पादक है, जबकि पेट्रोलियम का सबसे बड़ा उत्पादक बॉम्बे हाई है। दामोदर घाटी कोयले का सबसे बड़ा उत्पादक है और तमिलनाडु में पवन ऊर्जा का सबसे अधिक उत्पादन होता है।
A.
तेल
B.
यूरेनियम
C.
थोरियम
D.
कोयला
थोरियम केरल के मोनाजाइट रेत में पाया जाता है। यह मुख्य रूप से परमाणु रिएक्टरों में प्रयोग किया जाता है।
A.
पेट्रोलियम
B. सौर ऊर्जा
C. पवन ऊर्जा
D. बायोगैस ऊर्जा
पेट्रोलियम, कोयला, प्राकृतिक गैस, विद्युत ऊर्जा के पारंपरिक स्रोत हैं।
मुग़ल-सराय उत्तर भारत का व्यस्ततम रेलवे जंक्शन है|
इलेक्ट्रिक रेलवे इंजन का उत्पादन चितरंजन में किया जाता है|
भारत का सबसे बड़े बंदरगाह मुंबई बंदरगाह है|
भारत के दक्षिणी रेलवे स्टेशन का नाम कन्याकुमारी है|
भारतीय रेलवे के तीन गेज इस प्रकार हैं:
1. ब्रॉड गेज - 1.675 मी०
2. मीटर गेज – 1 मी०
3. नैरो गेज -0.762 मी०
मनाली (हिमाचल प्रदेश) को लद्दाख में लेह (जम्मू-कश्मीर)से जोड़ने वाली सड़क भारत की ही नहीं बल्कि विश्व की उच्चतम सड़क है|
एक्सप्रेस–वे राष्ट्रीय राजमार्ग चार या छह लेन के होते हैं, जिनका निर्माण देश के तेजी से बढ़ते हुए यातायात को देखते हुए कराया गया है|
STD का अर्थ है- सब्सक्राइबर ट्रंक डायलिंग|
भौगोलिक सूचना प्रणाली पृथ्वी की सतह से संबंधित सूचनाओं का एकत्रण, परिवर्तन, विश्लेषण और सूचना का उत्पादन करने का एक उपकरण है|
‘संचार’ सूचनाओं और विचारों के आदान-प्रदान की एक प्रक्रिया है| इसमें संकेतीकरण, संचारण, संदेशों का वर्णन आदि शामिल है| संचार के कई साधन तथा कई विभिन्न भाषा प्रणालियाँ होती हैं| भाषा और भाष्य संचार का हिस्सा मात्र हैं|
यह तीन ओर से स्थल का एक घिरा होता है, जहाँ से समुदी या महासागरीय जल गुजर नहीं सकता है|
वह पत्तन जिसमें ज्वार-भाटा के दौरान प्रचालन क्रियाएं होती हैं, अथवा ज्वार के समय, नावें पत्तन पर आती हैं और भाटा के साथ ही समुद्र की ओर लौट जाती हैं|
राष्ट्रीयजलमार्ग-5मातई नदी,महानदी के डेल्टा चैनल, ब्राह्मणी नदी और पूर्वी तटीय नहर तक फैला हुआ है| इसकी लम्बाई 588 किलोमीटर है|
भारत के पहले रेल-मार्ग को मुंबई और ठाणे आपस में जोड़ते हैं|
कोलकाता एक अंतः स्थलीय नदीय पत्तन है।
उत्तर-दक्षिणगलियाराश्रीनगर से जालंधर, दिल्ली, आगरा, ग्वालियर, झांसी, नागपुर, हैदराबाद, बंगलुरु, सलेम, मदुरई से होते हुए कन्याकुमारी को आपस में जोड़ता है|
पूर्व-पश्चिमगलियाराअसम में सिलचर से होते हुए गुवाहाटी, पूर्णिया, गोरखपुर, लखनऊ, कानपुर, झांसी, उदयपुर, पालनपुर, राजकोट और गुजरात के पोरबंदर को आपस में जोड़ता है|
राष्ट्रीय राजमार्ग-7 का दक्षिणी टर्मिनल कन्याकुमारी है|
राष्ट्रीय राजमार्ग वे राजमार्ग होते हैं जिनकी अपनी एक राष्ट्रीय महत्ता होती है तथा जो विभिन्न राज्यों को आपस में जोड़ते हैं| इनका रख-रखाव और निर्माण केन्द्रीय सरकार द्वारा कराया जाता है|
तूतीकोरिन पत्तन, तमिलनाडु में एक नया पत्तन है।यह पत्तन हमारे पड़ोसी देशों जैसे श्रीलंका, मालदीव आदि तथा भारत के तटीय क्षेत्रों की भिन्न वस्तुओं के व्यापार कोसंचालित करता है।
A. अनुसूचित राज्यों
B. अनुसूचित भाषाओं
C. अनुसूचित जनजातियों
D. अनुसूचित संस्कृतियों
A. खासी
B. कोंकणी
C. संथाली
D. बोडो
A.
जम्मू और कश्मीर
B. गोवा
C. संघ आतंकवाद
D. उत्तर-पूर्वी राज्यों (असम, नागालैंड, अरुणाचल प्रदेश, मिजोरम, आदि)
A. विचारधारा
B. गठबंधन
C. मुख्यालय
D. पुराने और अनुभवी नेता
A. समवर्ती सूची
B. संघ सूची
C. राज्य सूची
D. अवशिष्ट विषय
A. अनुच्छेद 370
B. अनुच्छेद 371
C. अनुच्छेद 356
D. अनुच्छेद 352
किसी भी राज्य में राष्ट्रपति शासन के लिए अनुच्छेद 356 प्रदान करता है। जब संविधान के उपबंधों के अनुसार एक ऐसी स्थिति उत्पन्न हो गई है जिसमें राज्य सरकार संविधान के प्रावधानों के अनुसार नहीं चलाया गया जब इस्तेमाल किया जा रहा था। यह केंद्र सरकार द्वारा राज्य सरकार के अधिग्रहण परिणाम है।
A. पंचायती राज
B. नगर निगम
C. नगर परिषद
D. वार्ड परिषदों
पंचायती राज नामक एक ग्रामीण स्थानीय सरकार जिला परिषद, पंचायत समितियों और ग्राम पंचायत अर्थात् तीन स्तरों के होते हैं।
A. राज्य
B. संघ
C. समवर्ती
D. अवशिष्ट
शिक्षा समवर्ती सूची का हिस्सा है। जिसके परिणामस्वरूप संघ और राज्य सरकार दोनों इस पर कानून तैयार कर सकती हैं।
A.
B.
C.
D.
A.
मजबूत राज्य सरकारे
B. राज्यों को निर्णय लेने की स्वतंत्रता की अनुमति केंद्र द्वारा दी जाती है
C. राज्य की शक्तियों को कम केंद्र
D. राज्य प्रमुख विषयों का स्थानांतरित केंद्र।
A. गठबंधन
B. क्लब
C. महासंघ
D. संघ
A.
छत्तीसगढ़
B. उत्तराखंड
C. झारखंड
D. तेलंगाना
A. भारत
B. बेल्जियम
C. स्पेन
D. स्विट्जरलैंड
''महासंघों का एक साथ आने" में जैसे स्विट्जरलैंड, घटक राज्यों को संघीय सरकार के बराबर अधिकार प्राप्त है।
A. स्वयं केंद्र सरकार द्वारा प्रशासित
B. स्वयं राज्य विधायिका द्वारा प्रशासित
C.
D. न्यायायिक पीठ द्वारा प्रशासित
A. दमन और दीव
B. चंडीगढ़
C. लक्षद्वीप
D. दिल्ली
दिल्ली में 1991 में राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र बनाया गया था। दिल्ली हमेशा राजनीतिक गतिविधियों से भरा पड़ा है, के बाद से जब से यह केंद्र सरकार की सीट है और क्षेत्र में सबसे बड़ा महानगर है।
A. क्षेत्र की पहचान
B. नए राज्य बनाने
C. प्रवासियों के पुनर्वास
D. भागीदारी सुनिश्चित
A. पंचायत समिति
B. ग्राम पंचायत
C. नया पंचायत
D. जिला परिषद
एक पंचायत समिति एक प्रतिनिधि संस्था है, जिसके सदस्य उस क्षेत्र में सभी पंचायत के सदस्यों द्वारा निर्वाचित किये जाते है।
A. महात्मा गांधी
B. सरदार पटेल
C. इंदिरा गांधी
D. पं
A. बांदा
B. गढ़वाल
C. रूद्रप्रयाग
D. लक्षद्वीप
A. अनिवासी भारतीय
B. जम्मू के निवासी
C. गैर स्थायी निवासी
D. श्रीनगर के निवासी
केन्द्र सरकार के पास केंद्र शासित प्रदेशों में शासन संचालन का विशेष अधिकार प्राप्त है। उन्हे राज्य की शक्तियों की जरूरत नहीं है।
(1) प्रान्तीय सरकारें केन्द्र के आदेशों का पालन कराने वाले प्रतिनिधि के रूप में कार्य करती है।
(2) सम्पूर्ण राज्य में प्रशासन की एकरूपता बनी रहती है।
ग्रामीण स्थानीय सरकार के विकेन्द्रीकरण की 3 स्तरीय प्रणाली इस प्रकार है:-
(i) जिला परिषद (जिला पंचायत), जिला स्तर पर शीर्ष निकाय (स्थिति जनसंख्या के हिसाब से है) है। खण्ड स्तर पर पंचायत समितियाँ द्वितीय स्तर के रूप में इसका अनुसरण करती है,और आगे तृतीय स्तर के रूप में ग्राम स्तर पर ग्राम पंचायते इसका अनुसरण करती है। प्रत्येक गांव में एक ग्राम पंचायत होती है जिसके सदस्य गांव के पूरे वयस्क लोगों द्वारा चुना जाते है।
(ii) कुछ ग्राम पंचायतों में एक ब्लॉक या पंचायत समिति के निर्माण के लिए एक साथ शामिल होते है जो सामूहिक रूप से जिला परिषद में आते है।
1. द्वितीय सदन जनता की स्वतंत्रता की रक्षा करता है।
2. द्वितीय सदन कानून की बुराईयों को दूर कर निम्न सदन पर नियंत्रण बनाए रखता है।
संविधान लिखित या अलिखित नियमों का एक प्रारूप है जो सरकार के स्वरूप, सरकार की शक्तियो, नागरिकों और सरकार और उसके नागरिकों के बीच संबंध के अधिकारो का निर्धारण करता है।
संविधान के अनुसार, पंचायतों को शक्ति और अधिकार निम्नलिखित मामलों के संबंध में दिये जाएगे:
(i) आर्थिक विकास और गांव के सामाजिक न्याय के लिए योजना तैयार करना।
(ii) गांवों के आर्थिक विकास के लिए योजनाओं का क्रियान्वयन।
(iii) सभी करों कर्तव्यों और फीस का संग्रह।
भारतीय संघीय व्यवस्था की तीन प्रमुख विशेषताएँ1) त्रि-स्तरीय सरकारें - मूल रूप से संविधान में दो स्तर की शासन व्यवस्था को मान्यता दी गई थी बाद में तीसरे स्तर को भी मान्यता प्रदान की गई ।(1) संघ या केन्द्र सरकार (2) राज्य सरकारंे(3) पंचायती राज/स्थानीय स्वशासन2) शक्ति विभाजन - विधायी अधिकारों का स्पष्ट बंटवारा राज्य व केंद्र सरकारों के मध्य किया गया है । जिन्हें निम्न सूचियों में स्पष्ट किया गया - 1) राज्य सूची 2) संघ सूची 3) समवर्ती सूची । 3) संविधान की सर्वोच्चता - संविधान की सर्वोच्चता से आशय है कि सरकार द्वारा पारित किसी नियम के संविधान विरूद्ध होने पर न्यायालय उसे रद्द कर सकती है ।
1) राज्य में द्विस्तरीय सरकार होती है-(1) केन्द्र स्तर पर (2) राज्य/प्रांतीय स्तर पर 2) दोनों ही स्तरों में कानून निर्माण क्षेत्रों का स्पष्ट बंटवारा होता है। 3) विभिन्न स्तरों पर सरकार के राजस्व स्त्रोत अलग-अलग होते हैं।4) संविधान के मौलिक स्वरूप को किसी एक स्तर द्वारा बदला नहीं जा सकता।
संघीय व्यवस्था में सरकार दो स्तर पर कार्य करती है, केन्द्र व राज्य स्तर पर । केन्द्र सरकार पूरे देश के लिये कार्य करती है, जिसके अधिकार क्षेत्र में राष्ट्रीय महत्त्व के विषय होते हैं । दूसरी तरफ राज्य सरकार के या प्रान्तों के अधिकार क्षेत्र में स्थानीय महत्त्व के विषय होते हैं सत्ता के दोनों स्तरों की सरकारें अपने-अपने स्तर पर स्वतंत्र रूप से कार्य करती हैं व दोनों ही सरकारें जनता के प्रति जवाबदेह होती हैं । भारत में संघवाद का स्वरूप -(i) त्रिस्तरीय सरकारें:- प्रारंभ में दो स्तरीय सरकार का ही प्रावधान किया गया था। पर बाद में स्थानीय शासन व्यवस्था के लिए तीसरे स्तर के तौर पर पंचायती राज व्यवस्था को मान्यता दे दी गई है । तीनों ही स्तरों की शासन व्यवस्थाओं के अधिकार क्षेत्र अलग-अलग हैं । (ii) शक्ति विभाजन - विधायी अधिकारों का स्पष्ट बंटवारा केन्द्र सरकार व प्रांतीय सरकारों के मध्य (i) संघ सूची (ii) राज्य सूची व समवर्ती सूची के अधीन किया गया है। (i) संघ सूची - राष्ट्रीय महत्त्व के विषयों का समावेश है, जिस पर कानून बनाने का अधिकार केन्द्र को है । (ii) राज्य सूची - प्रान्तीय व स्थानीय महत्त्व के विषय जिन पर कानून बनाने का अधिकार राज्य सरकारों का है । (iii) समवर्ती सूची - वह विषय जो दोनों के महत्त्व के हैं । इन विषयों पर कानून दोनों सरकारें बना सकती हैं पर टकराव की स्थिति में केन्द्र का कानून ही मान्य होगा । (iv) अवशिष्ट विषय - शेष बचे सभी विषय केन्द्र सरकार के अधीन हैं । (iii) कठोर संविधान - संविधान के द्वारा केन्द्र व राज्यों के बीच सत्ता का स्पष्ट बंटवारा किया गया हैं। इस बँटवारें मंे किसी भी परिवर्तन के लिये या संविधान में संशोधन के लिये संसद में संशोधन विधेयक 2/3 बहुमत से पारित होना आवश्यक है साथ ही कम से कम आधे राज्यों की विधानसभाओं की स्वीकृति आवश्यक है । (iv) संविधान की सर्वोच्चता:- संविधान सर्वोपरि है । उसकी भावना के विपरीत पारित कोई भी संशोधन या कानून विधि द्वारा रद्द किया जा सकता है । (iv) न्यायपालिका की सर्वोच्चता -संघीय व्यवस्था द्वारा न्यायपालिका को स्वतंत्र व सर्वोच्च स्थान प्रदान किया गया है। शक्ति के बँटवारे पर किसी भी विवाद में अंतिम फैसला सर्वोच्च न्यायालय द्वारा किया जाता है ।
इसका प्रयास सभी इकाइयों को समान प्रतिनिधित्व देने का है।
घटक इकाइयों को भाषा,धर्म एवं संस्कृति के लिए सम्मान के साथ जनसंख्या के हिसाब से महत्व दिया गया है।
यह विभिन्न सामाजिक समूहों के लिए समान अवसर और आवाज देता है। यहाँ कुछ श्रेणियों के लिए आरक्षण है जैसे अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति।
संघवाद उन्हें राजनीतिक प्रणाली में बराबर का मौका देकर समाज का सामाजिक रूप से कमजोर वर्ग के लिए शक्ति देने का है।
|
संघीय सरकार |
एकात्मक सरकार |
|
1. संघीय सरकार में सत्ता राज्य और स्थानीय स्तर की सरकारो में आवंटित की गयी है। |
1. एकात्मक सरकार में शक्ति केंद्रीय सत्ता में केंद्रित है। |
|
2.इस प्रणाली में सत्ता केंद्रीय व गैर केंद्रीय स्तर की सरकार को अलग से आवंटित की गयी है और संविधान में संहिताबद्ध है। |
2. इस प्रणाली में शक्तियाँ संहिता में वर्णित नही है। |
|
3.इस में ध्यान राष्ट्रीय और राज्य के मुद्दों पर होता है। |
3. उनका ध्यान सत्ता पाने पर होता है। |
|
4.भारत, जर्मनी आदि में सरकार की संघीय व्यवस्था है। |
4. ब्रिटेन और फ्रांस आदि में एकात्मक सरकार है। |
भारत में न्यायपालिका एक स्वतंत्र निकाय है जो विभिन्न कानूनों और प्रक्रियाओं के कार्यान्वयन को सुनिश्चित करने में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
(i) भारत के सुप्रीम कोर्ट को दो राज्यों के बीच विवाद निपटाने के अनन्य अधिकार है। यह भारतीय न्यायिक प्रणाली के शीर्ष पर है।
(ii) उच्च न्यायालय राज्य न्यायिक प्रशासन के शीर्ष पर स्तिथ है। यहां तक कि संघ राज्य क्षेत्रों के राज्य उच्च न्यायालय के अधिकार क्षेत्र में आते हैं।
(iii) उच्च न्यायालय सभी अधीनस्थ अदालतों के ऊपर हैं, अर्थात जिला या सत्र अदालत। इस प्रकार, भारत में न्यायपालिका एक और टियर प्रणाली या पदानुक्रम का पालन करती है।
केंद्रीय और राज्य के बीच शक्तियो का एक स्पष्ट विभाजन है इन तीन सूचियों के तहत: -
(i) संघ सूची (ii) राज्य सूची (iii) समवर्ती सूची
i) संघ सूची (97 विषय)
इसमें राष्ट्रीय महत्व के मामले शामिल है जिसका विभाजन केन्द्रीय सरकार का कार्य होगा। इसमें देश की रक्षा, विदेशी मामले, बैंकिंग और मुद्रा जैसे विषय शामिल है।
(ii) राज्य सूची (66 विषय)
इसमें राज्य स्तरीय एवं स्थानीय स्तर के महत्व के मामले शामिल है जिन पर राज्य सरकार द्वारा निर्णय लिया जाता है। इसमें राज्य की नीतियों, व्यापार, वाणिज्य, कृषि एवं सिंचाई आदि विषय शामिल है।
(iii) समवर्ती सूची (47 विषय)
यह वे विषय शामिल है जिनके हितो का साझा केंद्रीय और राज्य सरकार द्वारा किया जाता है। इसमे शिक्षा, वन, विवाह और ट्रेड यूनियन आदि शामिल है।
संघात्मक सरकार - संघात्मक को अंग्रेजी में फैडरल कहते है। फैडरल शब्द फैडरेशन से बना है । ”फैडरेशन“ लैटिन भाषा के फोर्डस शब्द से बना है । ‘फोर्डस’ का अर्थ है ‘समझौता’। इसलिये संघात्मक शासन में अनेक स्वतंत्र राज्य अपनी पृथक् स्वतंत्रता राते हुये सामान्य उद्देश्यों की पूर्ति के लिये एक केन्द्रीय सरकार रखते हैं। संघात्मक सरकार का कुछ परिभाषाएँ निम्न प्रकार हैं-
1) फ्रीमैन - “वह सरकार जो अन्य राष्ट्रों के सम्बन्ध में एक राज्य के रूप में कार्य करती है लेकिन शासन के लिये आन्तरिक रूप में अनेक राज्य होते हैं, संघीय सरकार कहलाती है।”
(2) डायसी - “संघवाद एक राजनीतिक समझौता है जिसके अनुसार राज्य के अधिकारों को निश्चित करने के साथ-साथ सारे राष्ट्र की एकता को भी सुनिश्चित किया जाता है।
संघात्मक एवं एकात्मक सरकारों में अन्तर -
(1) संघात्मक शासन में निरंकुशता नहीं पनप पाती, जबकि एकात्मक शासन में केन्द्रीय सरकार की निरंकुशता का भय रहता है।
(2) संघात्मक शासन में संविधान का लिखित होना आवश्यक है, जबकि एकात्मक शासन में लिखित संविधान होना आवश्यक नहीं है।
(3) संघात्मक शासन में स्वतंत्र न्यायपालिका का होना अनिवार्य है, जबकि एकात्मक शासन में इस प्रकार के न्यायलय की कोई आवश्यकता नहीं है।
(4) संघीय सरकार में दोहरी नागरिकता होती है, जबकि एकात्मक शासन में इकहरी नागरिकता होती है।
(5) संघात्मक शासन में द्विसदनात्मक व्यवस्थापिका का होना आवश्यक है, जबकि एकात्मक शासन में द्विसदनात्मक व्यवस्थापिका का होना आवश्यक नहीं है।
(6) संघात्मक शासन बड़े राज्य के लिये उपयुक्त होता है जबकि एकात्मक शासन छोटे राज्यों के लिये उपयुक्त है।
संघवाद का मतलब केंद्रीय व गैर केंद्रीय अधिकारियों के बीच सत्ता के बंटवारे है। यह देश के बड़े क्षेत्र में अच्छी तरह से काम करता है और जहां आबादी भी बहुत अधिक होती है। सरकार को केवल एक ही स्तर के माध्यम से प्रबंधित किया जाना कठिन बना देता है और ऐसी स्थिति में विभिन्न स्तरों की जरूरत होती है। हालांकि, यह कहना गलत है कि संघवाद भी छोटे देशों में बड़े देशों में ही काम करता है। जातीय, धार्मिक और सभी भाषाओ के मतभेद के संबंध में जटिल विविधता है, जिसका संघवाद में प्रयोग किया जाता है। संघवाद का मुख्य उद्देश्य सभी सामाजिक समूहों को समान प्रतिनिधित्व देना है इस प्रकार, कुशल प्रशासन के लिए यह दोनों बड़े और छोटे देशों में प्रचलित है।
A. 1932
B. 1936
C. 1964
D. 1968
A. जाति
B. त्वचा का रंग
C. जन्म
D. धर्म
A. धर्म
B. संस्कृति
C. सभ्यता
D. महाकाव्य
किसी भी देश के क्षेत्र में प्रवासियों द्वारा व्यवस्थित सांस्कृतिक परिवर्तन लाना प्राकृतिक घटना है। संयुक्त राज्य अमेरिका में अमेरिकियों का सबसे अच्छा उदाहरण अफ़्रीकी का है।
A. गरीब
B. बदसूरत
C. शत्रु
D. भिक्षु
A. रिजर्व सूची
B. तटस्थ सूची
C. अवशिष्ट सूची
D. न्यायिक सूची
'कंप्यूटर सॉफ्टवेयर' जैसे विषयों के अंतर्गत समवर्ती सूची में गिरावट हैं। केन्द्रीय सरकार ने इन विषयों पर कानून बनाने का अधिकार है।
A. 62
B. 52
C. 42
D. 32
A. बड़े शहरों
B. कस्बों
C. गांवों
D. पिछड़े क्षेत्रों
शहर के प्रशासन के कार्यकरण बहुत महत्वपूर्ण है और नगर पालिकाओं में यह एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाते है। इन नगर पालिकाओं के लोगों के प्रतिनिधियों से मिलकर निर्वाचित निकायों द्वारा चलाए जाते हैं।
A. जम्मू
B. पोखरण
C. काशी
D. लुधियाना
A. राज्यों का एकीकरण
B. विभाजन से संबंधित समस्याओं
C. भाषायी राज्यों का सृजन
D. गोवा की आजादी
भाषायी राज्यों पर समाचार राज्यों की मांग के लिए आंदोलन में देश के कुछ हिस्सों में हिंसक बदलने के रूप में यह राष्ट्रीय नेताओं के लिए सबसे बड़ी चुनौती थी। अंत में। भाषायी आधार पर राज्यों का पुनर्गठन राज्य पुनर्गठन आयोग की सिफारिशों पर आधारित 1956 में जगह ले ली।
A. पुडुचेरी
B. लक्षद्वीप
C. दमन और दीव
D. दिल्ली
भारत का सबसे छोटा संघ लक्षद्वीप क्षेत्र है। द्वीपों के इस समूह में अरब सागर में केरल के तट पर 200 से 300 किमी दूर स्थित है।
A. हरित प्रदेश
B. ललित प्रदेश
C. हरि स्वदेश
D. साहरनपुर
विषय जो संघ, राज्य या समवर्ती सूचियों में से किसी में नहीं होते है उन पर फैसला संघ करती है।
राज्य सूची में राज्य स्तरीय और स्थानीय स्तर के महत्व के मामल शामिल है। राज्य सरकारे इन पर निर्णय लेती है। इसमें कृषि और सिंचाई के विषय शामिल है।
संघ सूची में राष्ट्रीय महत्व के मामले शामिल है जिस पर केंद्रीय सरकार के फैसले लेती है इसमें देश की सुरक्षा जैसे विषय शामिल हैं।
A. 1956
B. 1968
C. 1978
D. 1996
1956 में, तमिल समुदाय के विरोध के बावजूद, सिंहाला को शासकीय भाषा बनाने हेतु, संसद में एक अधिनियम पारित किया गया|
A. तीन राजनितिक दल
B. दो राजनितिक दल
C. चार राजनितिक दल
D. पाँच राजनितिक दल
आमतौर पर, जब संसद में, किसी भी एक राजनितिक दल के पास बहुमत समर्थन नहीं है, तब दो या अधिक राजनितिक दल के मेल से गठबंधन सरकार बनती है|
बेल्जियम में, द्वीसद्नीय सरकार हैं| इसमें, एक 72 सदस्यों की सीनेट, और एक 150 सीटों वाली प्रतिनिधित्वों का कक्ष शामिल हैं|
A. समुदाय सरकार
B. क्षेत्रीय सरकार
C. धर्मशासित सरकार
D. लोकप्रिय सरकार
बेल्जियम में, सरकार की ताकतें, समान रूप से, विभिन्न भाषाई समुदायों – फ्रेंच, डच और जर्मन - के बीच में विभाजित हैं|
A. नीतियों व फैसलों पर प्रभाव डालना
B. राजनितिक संगर्ष चालू करना
C. राजनितिक दलों को संगठित करना
D. शस्त्र संगर्ष को आयोजित करना
दबाव समूह राजनीतिक व सामाजिक प्रणालियों के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते रहें हैं|
A. बेरूत
B. बेका
C. बेंट जबैल
D. बाबदा
बेरूत, जो एक प्रायद्वीप में स्तिथ है, लेबनान देश की सबसे बड़ी और प्रमुख बंदरगाह का कार्य करता है|
A. नीदरलैंड्स, फ्रांस और जर्मनी
B. फ्रांस, जर्मनी और स्पेन
C. स्पेन, नीदरलैंड्स और फ्रांस
D. जर्मनी, स्पेन और नीदरलैंड्स