इसके परा-विद्युत सामर्थ्य एवं कम ऊर्जा ह्रास के कारण अभ्रक का उपयोग विद्युत उद्योग में किया जाता है|
परमाणु ऊर्जा यूरेनियम, थोरियम जैसे परमाणु पदार्थों के विघटन से उत्पन्न की जाती है|
वे पदार्थ जो पृथ्वी की परत का निर्माण करते हैं, ‘चट्टान’ कहलाते हैं| चट्टानें विभिन्न प्रकार के खनिजों से मिलकर बनी होती हैं| इसलिए इनमें कोई विशेष रासायनिक गुण नहीं पाया जाता है|
जल-शक्ति
के गुण इस
प्रकार हैं:
1.जल ऊर्जा
का एक अक्षय
स्रोत है, तथा यह
प्रचुर
मात्रा में
उपलब्ध है|
2. जीवाश्म ईंधन की तरह इससे किसी तरह का प्रदूषण नहीं होता है| इसलिए यह प्रदूषण-मुक्त और स्वच्छ है|
खनिज तांबा और जस्ता, भारत में कम मात्रा में पाए जाते हैं|
लोहा और अभ्रक में भारत आत्मनिर्भर है|
सबसे बड़ा पवन-चक्की संयंत्र तमिलनाडु के मुप्पंडल में स्थापित है|
सबसे बड़ा सौर ऊर्जा संयंत्र भुज के निकट माधोपुर में स्थापित है|
मुंबई हाई और कोयली में पेट्रोलियम पाया जाता है|
सौर ऊर्जा, पवन ऊर्जा, ज्वारीय ऊर्जा, बायोमास तथा अपशिष्ट पदार्थों जैसे अक्षय ऊर्जा के संसाधनों के उपयोग से प्राप्त ऊर्जा को गैर-परंपरागत संसाधन कहा जाता है|
कोयला, पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैसों जैसे जीवाश्म ईंधनों से उत्पादित ऊर्जा को पारंपरिक ऊर्जा कहा जाता है|
ओडिशा और मध्य प्रदेश मैगनीज अयस्क के उत्पादक के रूप में जाने जाते हैं|
झारखण्ड और आंध्र प्रदेश अभ्रक उत्पादन के राज्यों के रूप में जाने जाते हैं|
मुंबई और अहमदाबाद अपने सूती वस्त्र उद्योग के लिए प्रसिद्द हैं|
चीनी उद्योग को सहकारी क्षेत्र के लिए अधिक उपयुक्त माना जाता है क्योंकि यह एक मौसमी उद्योग है|
तलचर, ओडिशा राज्य में स्थित है|
पेट्रो-रसायन उद्योग मुंबई और वडोदरा में स्थित हैं|
भारत में सिंदरी और नांगल उर्वरक उद्योगों के दो केंद्र हैं|
नरौरा परमाणु ऊर्जा संयंत्र उत्तर प्रदेश में स्थित है तथा कैगा परमाणु ऊर्जा संयंत्र कर्नाटक में स्थित है|
नेपानगर में अखबारी कागज उद्योग स्थापित किया गया है|
बोकारो झारखण्ड में स्थित है|
संयुक्त उद्योग वे उद्योग हैं जो राज्य सरकार और निजी क्षेत्र के संयुक्त प्रयास से चलाये जाते हैं|
उपभोक्ता उद्योग वे उद्योग हैं जो एक बड़े पैमाने पर लोगों के उपभोग के लिए माल तैयार करते हैं| ‘दिल्ली मिल्क योजना’ इसका एक उदहारण है|
आधारभूत उद्योग वे उद्योग हैं जिन पर अन्य उद्योगों का विकास निर्भर करता है| जैसे; लौह एवं इस्पात उद्योग, पर रांची का मशीन निर्माण उद्योग निर्भर करता हैं|

इसके कारण निम्नवत हैं:
1. उच्च लागत तथा भोजन पकाने के कोयले की सीमित उपलब्धता|
2. श्रम की निम्न उत्पादकता
3. ऊर्जा की अनियमित आपूर्ति एवं ख़राब अवसंरचना|
विनिर्माण उद्योग मशीन आधारित तथा विद्युत् चालित उत्पादन इकाई होते हैं| इनमें कच्चे माल से माल तैयार किया जाता है और बिक्री के लिए अधिक मूल्यवान वस्तुएं प्राप्त होती हैं| ये उद्योग देश की आर्थिक स्थिति मापने के पैमाने की तरह उपयोग किये जाते हैं| ये उद्योगों की एक बड़ी शाखा होते हैं तथा द्वितीयक उत्पादक होते हैं| उदहारण: वस्त्र उद्योग और खनिज आधारित उद्योग|
उद्योगों से हमें कई लाभ होते हैं, लेकिन दूसरी ओर उद्योग पर्यावरण विनाश का कारण भी बनते हैं| पर्यावरण विनाश की रोकथाम के लिए निम्न उपाय किये जाने चाहिए:
a.उचित जल प्रबंधन: इसमें जलकादोयाअधिकउत्तरोत्तरअवस्थाओं मेंपुनर्चक्रणद्वारापुनःउपयोग करना, वर्षा के जल से सिंचाई करना शामिल है|
b.वायु प्रदूषण पर नियंत्रण: हानिकारक गैसों और कणों को वातावरण में मुक्त करने से रोकना क्योकि कल-कारखानों से निकलने वाले धुंए में हानिकारक गैसे मौजूद होती हैं| कोयले की जगह तेल और गैस का उपयोग वायु प्रदूषण को भी कम करता है|c. ठोस अपशिष्ट का उचित निपटान:ठोस अपशिष्ट कोजैव-निम्नता और गैर-जैव-निम्नता अपशिष्ट से पृथक किया जाना चाहिए और तब उनका निपटान किया जा सकता है| इसके लिए पुनर्चक्रण की आवश्यकता होती है तथा अजैविक अपशिष्टका पुनउपयोग किया जाना चाहिए|

अब तक, उत्तर भारत को चीनी उद्योग का मुख्य केंद्र माना जाता था| उत्तर प्रदेश में भारत की कुल चीनी मिलों का लगभग आधा भाग था| लेकिन, हाल ही में, चीनी उद्योग दक्षिण भारत की ओर पलायन कर रहे हैं| इसके निम्न कारण हो सकते हैं:
उद्योगों
का वर्गीकरण
निम्न चार
आधारों पर किया
जाता है:
1. तैयार माल
के आधार पर:
a. आधारभूत उद्योग
b. उपभोक्ता उद्योग
2. क्रमिक श्रमिकों की संख्या के आधार पर:
a. बड़े पैमाने के उद्योग
b. मध्यम पैमाने के उद्योग
c. निम्न पैमाने के उद्योग
d. ग्रामोद्योग
e. कुटीर उद्योग
3. प्रयुक्त कच्चे माल के आधार पर:
a. कृषि आधारित उद्योग
b. खनिज आधारित उद्योग
4. स्वामित्व के आधार पर:
a. सार्वजनिक क्षेत्र
b. निजी क्षेत्र
c. संयुक्त क्षेत्र
d. सहकारी क्षेत्र

झारखण्ड और ओडिशा कच्चा लोहा उत्पादन के दो महत्वपूर्ण राज्य हैं|
भारत में पवन ऊर्जा के मुख्य परियोजनाएं नागरकोइल से मदुरई तक अवस्थित है।
इसके अतिरिक्त आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, गुजरात, केरल, महाराष्ट्र तथा लक्षद्वीप में भी महत्वपूर्ण पवन ऊर्जा के फार्म हैं।
भारत के छह परमाणु ऊर्जा स्टेशन इस प्रकार हैं:
1. महाराष्ट्र और गुजरात की सीमा पर स्थित तारापुर स्टेशन
2. राजस्थान के कोटा के निकट स्थित रावतभाटा
3. तमिलनाडु स्थित कलपक्कम
4. उत्तर प्रदेश स्थित नरौरा
5. गुजरात स्थित काकरापार
6. कर्नाटक स्थित कैंगा
भारत
में पाए जाने
वाले कोयले
के चार
प्रकार इस
प्रकार हैं:
1. एन्थ्रेसाइट
2. बिटूमिनस
3. लिग्नाइट
4. पीट
भारत
में पाई जाने
वाले तांबे
की खानों में
तांबे की मात्रा
बहुत कम
मात्रा में
पाई जाती है|
इसके मुख्य क्षेत्र
इस प्रकार
हैं:
1. मध्य
प्रदेश – यह देश
का सर्वाधिक
तांबा
उत्पादक
राज्य है| देश
के कुल तांबा
उत्पादन का 52
प्रतिशत
उत्पादन
बालाघाट में
होता है|
2.राजस्थान
– यह
देश का दूसरा
सर्वाधिक
तांबा
उत्पादक राज्य
है| यहाँ के
खेतड़ी क़स्बा
तांबा
उत्पादक क मुख्य
क्षेत्र है|
3. यहाँ
झारखण्ड के
बाद पड़ता है,
जहाँ
सिंहभूम जिला
प्रमुख
उत्पादक है|
भारत में कोयले की दो भू-वैज्ञानिक संरचनाएं पाई जाती हैं: 1. गोंडवाना कोयला: ये मेटलर्जिकल कोयला होता है| यह दामोदर घाटी, झरिया, रानीगंज और बोकारो में पाया जाता है| 2. टरशियरी कोयला: यह मेघालय, असम, अरुणाचल प्रदेश और नागालैंड के उत्तर-पूर्वी राज्यों में पाया जाता है|
खनिज
तेल का
उत्पादन
निम्न
क्षेत्रों
में किया
जाता है:
(1) मुंबई
हाई –कुल
उत्पादन का 63% उत्पादन
(2) गुजरात
–18%
उत्पादन, अंकलेश्वर
मुख्य तेल
उत्पादक
क्षेत्र है|
(3) असम –16% उत्पादन, तेल उत्पादन के मुख्य क्षेत्र डिगबोई, नूनमाती और नाहरकटिया|
बायोगैस
से किसानों
को कई लाभ
प्राप्त
होते हैं:
i) इनसे
घरों को
ऊर्जा
प्राप्त होती
है|
ii) इनसे
अच्छी
गुणवत्ता की
खाद प्राप्त
होती है|
iii) बायोगैस
पेड़ों के
ह्रास और
उससे जुड़े
प्रभावों को
कम करती है|
भारत
में पाए जाने
वाले
प्राकृतिक
गैस के
क्षेत्र:
1. मुंबई
हाई
2. खंभात
की खाड़ी
3. कृष्णा-गोदावरी
घाटी
ऊर्जा के विभिन्न स्रोत इस प्रकार हैं:

कोयले
के मुख्य
भंडार
दामोदर घाटी
और झारखण्ड-बंगाल
कोयला
क्षेत्र हैं|
रानीगंज,
झरिया, बोकारो
और करनपुरा
इस क्षेत्र
के मुख्य
कोयला-क्षेत्र
हैं| कोयले के
अन्य
क्षेत्र
गोदावरी, वर्धा,
सोनऔर
महानदी की
घाटियों में
पाए जाते हैं|
इस क्षेत्र
के मुख्य
कोयला-क्षेत्र
सिंगरौली,
उमरिया,
सोहागपुर,
सोनहतम
कोरबा और छत्तीसगढ़
का रायगढ़, उड़ीसा
के केंदुझर और
तालचेर,
महाराष्ट्र
का
चन्द्रपुर
तथा तेलंगाना
का सिंगरेनी हैं|
कुछ कोयला
दार्जिलिंग
के निकट
पश्चिम
बंगाल, असम के
मकुम और
लखीमपुर
क्षेत्रों
में पाया जाता
है|
लिग्नाइट
कोयला भंडार
तमिलनाडु के
नेवेली, राजस्थान
के पल्लू
क्षेत्रों
तथा जम्मू के
उच्च
क्षेत्रों
में पाए जाते
हैं| इस कोयले
को गुणवत्ता निम्न
होने के कारण इसका
उपयोग विद्युत
उत्पादन में किया
जाता है| इस
कोयले से तमिलनाडु
में लगभग 600
मेगावाट की
तापीय ऊर्जा
उत्पादित की
जाती है| इस
प्रकार का कोयला
तमिलनाडु के
लिए बड़ा
वरदान साबित
हुआ है|
भारत
के
भूवैज्ञानिक
सर्वेक्षण
के अनुसार, हमारे
देश में लगभग
214,000 मिलियन टन
कोयले का
भंडार है|
भारत के चार तेल रिफ़ाइनरी क्षेत्र: 1) डिगबोई 2) जामनगर 3) मंगलूरू 4) विशाखापत्तनम
भारत के चार पेट्रोलियम उत्पादक राज्य: 1)असम 2) पश्चिम बंगाल 3) आंध्र प्रदेश और 4) गुजरात

A.
चंडीगढ़
B.
भटिंडा
C.
मोहाली
D.
पिंजौर
चंडीगढ़ के निकट मोहाली एक व्यावसायिक शहर है। पंजाब सरकार ने यहाँ सॉफ्टवेयर प्रौद्योगिकी पार्क विकसित करने के लिए भारी धनराशि निवेश करने का फैसला किया है।
A.
सीमेंट उद्योग
B.
उर्वरक उद्योग
C.
ऑटोमोबाइल उद्योग
D.
चीनी उद्योग
हरित क्रांति के बाद, कृषि के क्षेत्र में संकर बीज की शुरूआत के कारण उर्वरकों की मांग में काफी वृद्धि हुई है।
A.
1905
B. 1965
C. 2005
D. 2001
जूट उत्पादकता बढ़ाने और गुणवत्ता में सुधार लाने के उद्देश्य से राष्ट्रीय जूट नीति को 2005 में तैयार किया गया था।
A.
प्रथम स्थान पर
B.
द्वितीय स्थान पर
C.
तीसरे स्थान पर
D.
चौथे स्थान पर
विश्व में भारत का स्थान 340 लाख तकुओं की क्षमता के साथ चीन के बाद आता है। भारत इसका निर्यात जापान, संयुक्त राज्य अमेरिका, ब्रिटेन, रूस और अफ्रीकी देशों को करता है।
A.
इलेक्ट्रॉनिक उद्योग
B.
सीमेंट उद्योग
C.
ऑटोमोबाइल उद्योग
D.
तेल उद्योग
भारत में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश की शुरूआत के बाद, दिल्ली, गुड़गांव, आदि के आसपास कार विनिर्माण की संख्या में काफी वृद्धि हुई है।
A.
लोहा तथा इस्पात
B.
चीनी
C.
सीमेंट
D.
हथकरघा
सीमेंट उद्योग के लिए चूना पत्थर मुख्य कच्चा माल है। भारत के सभी राज्यों में आवासों की बढ़ती माँग के कारण यह उद्योग सबसे उभरते उद्योगों में से एक है।
A.
1000
B.
1200
C.
1400
D.
1600
देश में सार्वजनिक और निजी क्षेत्र के अंतर्गत आने वाली कुल सूती वस्त्र मिलों की संख्या लगभग 1600 है, जिसमें से 80% निजी क्षेत्र और 20% सार्वजनिक क्षेत्र के अंतर्गत आती हैं।
A.
1824
B.
1854
C.
1864
D.
1884
पहला सफल सूती वस्त्र उद्योग 1854 में मुंबई में स्थापित किया गया था।
A.
27%
B.
17%
C.
20%
D.
30%
यह भारत में विकास का सबसे महत्वपूर्ण पहलू है, अब सकल घरेलू उत्पाद में उद्योगों की हिस्सेदारी धीरे-धीरे बढ़ रही है।
A.
सीमेंट उद्योग
B.
तेल उद्योग
C.
बॉक्साइट उद्योग
D.
एल्यूमिनियम प्रगलन उद्योग
एल्यूमिनियम प्रगलन उद्योग विमान, बर्तन और तार के लिए आधारभूत कच्चे माल उपलब्ध कराता है।
A.
इस्पात उद्योग
B.
एल्यूमिनियम उद्योग
C.
इलेक्ट्रॉनिक उद्योग
D.
सूचना प्रौद्योगिकी उद्योग
इलेक्ट्रॉनिक उद्योग भारत में विस्तारशील उद्योगों में से एक है। उत्तर भारत में सभी प्रमुख शहरों में जहाँ बिजली की पर्याप्त आपूर्ति उपलब्ध है, वहाँ इलेक्ट्रॉनिक सामानों का बड़े पैमाने पर उपयोग किया जाता है।
A.
पेट्रो रसायन उद्योग के लिए
B.
जहाज निर्माण उद्योग के लिए
C.
हैवी इंजीनियरिंग और मशीन उपकरण उद्योग के लिए
D.
कपास उद्योग के लिए
झारखण्ड में रांची, हैवी इंजीनियरिंग और मशीन उपकरण उद्योग के लिए प्रसिद्ध है।
A.
वाराणसी
B.
श्रीनगर
C.
मिर्जापुर
D.
आगरा
कश्मीर घाटी में, रेशम उद्योग और पारंपरिक ऊनी उद्योग को कई वर्षों में कंधे से कंधा मिलाकर विकसित किया गया है।
A.
तमिलनाडु - केरल
B.
झारखंड - पश्चिम बंगाल
C.
गुजरात - महाराष्ट्र
D.
उत्तर प्रदेश - उत्तराखंड
सूती वस्त्र उद्योग एक स्थानीय उद्योग है। कपास की उपलब्धता, नमीयुक्त जलवायु और श्रमिक, वस्त्र उद्योग के विकास के लिए महत्वपूर्ण कारक हैं।
A.
सार्वजनिक क्षेत्र का
B.
निजी स्वामित्व का
C.
सहकारी क्षेत्र का
D.
आधारभूत उद्योग का
भेल सार्वजनिक क्षेत्र का एक उपक्रम है।
A.
लोहा और इस्पात
B.
पेट्रोलियम
C.
सूती वस्त्र
D.
सीमेंट
सूती वस्त्र उद्योग सबसे पुराने उद्योगों में से एक है। यह लाखों लोगों को रोजगार प्रदान करता है।
A.
कृषि क्षेत्र
B.
निर्माण क्षेत्र
C.
निगमित क्षेत्र
D.
बैंकिंग क्षेत्र
विनिर्माण उद्योग सामान्यतः विकास की तथा विशेषतः आर्थिक विकास की रीढ़ समझे जाते हैं।
A.
कृषि उद्योग
B.
उपभोक्ता उद्योग
C.
आधारभूत उद्योग
D.
खाद्य उद्योग
टूथपेस्ट और कागज सीधे उपभोक्ता द्वारा इस्तेमाल किया जाने वाला उत्पाद हैं, इसलिए इन्हें उपभोक्ता उद्योग कहा जाता है | जबकि इस्पात और तांबा प्रगलन उद्योग के उत्पादों को सीधे उपभोक्ताओं द्वारा इस्तेमाल नहीं किया जा सकता है और ये दूसरे उद्योग के लिए कच्चे माल का उत्पादन करते हैं, इसलिए इन्हें आधारभूत उद्योग कहा जाता है।
A.
खनिज आधारित उद्योग
B.
कृषि आधारित उद्योग
C.
सूचना प्रौद्योगिकी उद्योग
D.
निजी स्वामित्व वाले उद्योग
उपरोक्त सभी उद्योग कृषि आधारित उद्योग हैं अर्थात वे अपने कच्चे माल कृषि क्षेत्र से प्राप्त करते हैं।
A.
संयुक्त क्षेत्र के उद्योग
B.
निजी क्षेत्र के उद्योग
C.
सार्वजनिक क्षेत्र के उद्योग
D.
सहकारी क्षेत्र के उद्योग
निजी क्षेत्र के उद्योगों का स्वामित्व और संचालन एक व्यक्ति या व्यक्तियों के समूह द्वारा किया जाता है, जैसे - टिस्को, बजाज ऑटो प्राइवेट लिमिटेड, आदि।
वे उद्योग जिनमें हल्के कच्चे माल का उपयोग होता है तथा जिनमें हल्के माल का उत्पादन होता है, हल्के उद्योग कहलाते हैं|
प्रगलन वह प्रक्रिया है जिसमें अशुद्धियाँ दूर करने के लिए खनिजों को पिघलाया जाता है|
एकीकृत इस्पात संयंत्र एक बहुत बड़ा एवं जटिल संयंत्र होता है, जिसमें इस्पात बनाने और उसे आकार देने के लिए सभी कच्चे माल को साथ में डाला जाता है|
मिनी इस्पात संयंत्र एक छोटा संयंत्र होता है, जिसमें विद्युत भट्टियाँ लगी होती हैं| इसमें इस्पात अपशिष्ट और स्पंज आयरन का उपयोग किया जाता है| इसमें पुनःरोलर लगे होते हैं, जो इस्पात की सिल्लियों को वैसा ही बनाये रखते हैं| इसमें दिए गए निर्देशों के अनुसार हल्के और मिश्र धातु के इस्पात का उत्पादन किया जाता है|
प्रयुक्त कच्चे माल के स्रोत के आधार पर उद्योगों को निम्न दो भागों में विभाजित किया जा सकता है:
1. कृषि आधारित उद्योग
2. खनिज आधारित उद्योग
कर्नाटक
भद्रावती लौह एवं इस्पात संयंत्र कर्नाटक में स्थित है|
A.
केरल
B.
तमिलनाडु
C.
गोवा
D.
पुडुचेरी
तूतीकोरिन पत्तन केरल राज्य में स्थित है।
A.
मुंबई और नागपुर
B.
मुंबई और कोलकाता
C.
सिलचर और पोरबंदर
D.
नागपुर और सिलिगुड़ी
पूर्व-पश्चिम गलियारा सिलचर तथा पोरबंदर को जोड़ता है।
A.
मुंबई
B.
विशाखापत्तनम
C.
कांडला
D.
गोवा
विभाजन के फलस्वरूप जब कराची का बंदरगाह पाकिस्तान के अधिकार में चला गया, तो इसकी कमी पूरी करने हेतु 1950 ई. में पश्चिम भारत में कांडला बंदरगाह की स्थापना की गई थी, ताकि मुम्बई के व्यापार भार को कम किया जा सके।
A.
पाइपलाइन
B.
जल मार्ग
C.
रेलवे मार्ग
D.
वायु मार्ग
जल मार्ग में निर्माण और रखरखाव की लागत नहीं के बराबर होती है। किसी भी ट्रैक या सड़कों की आवश्यकता नहीं होती है।
A.
83,589 किलोमीटर
B.
63,221 किलोमीटर
C.
60,371 किलोमीटर
D.
1,08,486 किलोमीटर
31 मार्च 2004 तक भारतीय रेल परिवहन की मार्गीय लंबाई 63,221 किमी थी, जिस पर 7031 स्टेशन थे।
A.
दिल्ली विकास प्राधिकरण
B.
नेशनल थर्मल पावर कॉरपोरेशन
C.
भारतीय रेल
D.
भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण
भारतीय रेल एशिया का सबसे बड़ा रेल नेटवर्क है तथा विश्व का दूसरा सबसे बड़ा रेल नेटवर्क है। यह 150 वर्षों से भी अधिक समय तक भारत के परिवहन क्षेत्र का मुख्य संघटक रहा है। यह विश्व का सबसे बड़ा नियोक्ता है| इसके 16 लाख से भी अधिक कर्मचारी हैं।
A.
स्वर्णिम चतुर्भुज
B.
उत्तर-दक्षिण गलियारा
C.
पूर्व-पश्चिम गलियारा
D.
शेरशाह सूरी मार्ग
दिल्ली से चेन्नई को जोड़ने वाला मार्ग स्वर्णिम चतुर्भुज के नाम से जाना जाता है। श्रीनगर से कन्याकुमारी को जोड़ने वाला मार्ग उत्तर-दक्षिण गलियारा, सिलचर से पोरबंदर पूर्व-पश्चिम गलियारा और दिल्ली से कोलकाता को जोड़ने वाला मार्ग शेरशाह सूरी मार्ग के रूप में जाना जाता है।
A.
राष्ट्रीय राजमार्ग-1
B.
राष्ट्रीय राजमार्ग-2
C.
राष्ट्रीय राजमार्ग-7
D.
राष्ट्रीय राजमार्ग-8
यह राजमार्ग वाराणसी से कन्याकुमारी के बीच है, इसकी कुल लंबाई 2,369 किलोमीटर है। यह पाँच प्रमुख राज्यों से होकर गुजरता है।
A.
अंतर्राष्ट्रीय व्यापार
B.
परिवहन और संचार
C.
इंजीनियरिंग उद्योग
D.
इलेक्ट्रॉनिक उद्योग
परिवहन और संचार देश की जीवन रेखा के रूप में सेवा करते हैं।
A.
रेलवे
B.
पाइपलाइन
C.
सड़कमार्ग
D.
जलमार्ग
पाइपलाइन परिवहन का नया साधन है। पाइपलाइन बिछाने की प्रारंभिक लागत अधिक होती है, किन्तु बिना देरी के त्वरित साधन है।
A.
एयरटेल - हच
B.
भारती टेलीकॉम - सी-डेक
C.
एमटीएनएल - बीएसएनएल
D.
रिलायंस - टाटा
एमटीएनएल - बीएसएनएल के अलावा दी गयी अन्य सभी कम्पनियाँ निजी स्वामित्व वाली हैं।
A.
कोच्चि
B.
विशाखापत्तनम
C.
मुंबई
D.
चेन्नई
विशाखापत्तनम में स्थल से घिरा सबसे गहरा पत्तन स्थित है।
A.
ब्रह्मपुत्र नदी
B.
गंगा नदी
C.
दामोदर नदी
D.
कोम्मन नदी
हल्दिया तथा इलाहाबाद के मध्य राष्ट्रीय जलमार्ग गंगा नदी पर स्थित है।
A.
पीडब्ल्यूडी द्वारा
B.
सीपीडब्ल्यूडी द्वारा
C.
बीआरओ द्वारा
D.
एनएचएआई द्वारा
सीमा सड़क संगठन, केंद्रीय सरकार का निकाय है जो सभी सीमा सड़कों का निर्माण एवं रखरखाव करता है।
A.
हजीरा
B.
जगदीशपुर
C.
विजयपुर
D.
लखनऊ
एचबीजे पाइपलाइन दो से अधिक राज्यों को जोड़ती है और उर्वरक संयंत्रों और रिफाइनरियों को मिलाती है।
A.
भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण
B.
राज्य लोक निर्माण विभाग
C.
जिला परिषद
D.
केंद्रीय लोक निर्माण विभाग
भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग का निर्माण तथा रखरखाव भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) द्वारा किया जाता है।
A.
बाह्य व्यापार
B.
स्थानीय व्यापार
C.
आंतरिक व्यापार
D.
अंतर्राष्ट्रीय व्यापार
दो देशों के बीच के व्यापार को अंतर्राष्ट्रीय व्यापार कहा जाता है, जबकि स्थानीय व्यापार शहरों, कस्बों और गांवों में किया जाता है। अंतर्राष्ट्रीय व्यापार एक देश का आर्थिक पैमाना माना जाता है।
A.
राष्ट्रीय एकीकरण
B.
ग्रामीण पिछड़ापन
C.
आर्थिक असमानता
D.
उद्योगों का स्थानीयकरण
पर्यटन राष्ट्रीय एकता को प्रोत्साहित करता है तथा स्थानीय हस्तकला व सांस्कृतिक उद्यमों को प्रश्रय देता है। यह हमारी संस्कृति तथा सभ्यता के बारे में अंतर्राष्ट्रीय समझ विकसित करने में भी सहायक है।
A.
राष्ट्रीय राजमार्ग-1
B.
राष्ट्रीय राजमार्ग-2
C.
राष्ट्रीय राजमार्ग-3
D.
राष्ट्रीय राजमार्ग-4
दिल्ली व अमृतसर के मध्य ऐतिहासिक शेरशाह सूरी मार्ग राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या-1 के नाम से जाना जाता है। यह शेरशाह सूरी द्वारा बनवाई गई एक ऐतिहासिक सड़क है, जो दिल्ली से होते हुए कोलकाता और लाहौर को जोड़ती है।
A.
अंतर्देशीय जलमार्ग
B.
वायु मार्ग
C.
रेल मार्ग
D.
सड़क मार्ग
रेलवे भारत में यात्रियों और माल की ढुलाई का प्रमुख साधन है। अधिकांश भारतीय आबादी रेलों के माध्यम से यात्रा करती है। इसके अलावा, रेलवे से उद्योग और कृषि के विकास की दर में तेजी आती है।
कपास के लिये
उत्पादक राज्य - महाराष्ट्र , गुजरात , मध्य प्रदेश, पंजाब , तमिलनाडु, कर्नाटक, उत्तर प्रदेश, पश्चमी बंगाल, आन्ध्र प्रदेश व हरियाणा l
1. महत्वपूर्ण व्यवसाय
2. पक्षी
3. आधुनिक
4. 70
5. गेहूँ
6. काली
A.
झारखंड में सिंहभूम
B.
राजस्थान में खेतड़ी खदानें
C.
मध्य प्रदेश में बालाघाट खदानें
D.
बिहार में गया खदानें
मध्य प्रदेश की बालाघाट खदानें देश का लगभग 52 प्रतिशत ताँबा उत्पादित करती हैं।
A.
तलछटी चट्टानें
B.
आग्नेय चट्टानें
C.
कायांतरित चट्टानें
D.
ग्रेनाइट चट्टानें
कायांतरित चट्टान के स्तरों में खनिजों का निक्षेपण और संचयन होता है|
A.
बॉक्साइट
B.
अभ्रक
C.
लौह अयस्क
D.
ताँबा
झारखंड की कोडरमा-गया-हजारीबाग पेटी अभ्रक का प्रमुख अग्रणी उत्पादक क्षेत्र है।
A.
ओड़िशा
B.
उत्तर प्रदेश
C.
पंजाब
D.
कर्नाटक