A.
केंद्रकाभ
B.
केंद्रक
C.
गुणसूत्र
D.
केंद्रिका
प्रोकेरियोट में केंद्रकाभ कोशिका के अंदर अनियमित आकार का क्षेत्र है जहाँ आनुवांशिक पदार्थ स्थित होते हैं। न्यूक्लिक अम्ल DNA का वृत्तीय, द्विसूत्री टुकड़ा है और इसकी कई प्रतियाँ पायी जाती हैं।
A.
क्रोमेटिन
B.
क्रोमोनिमेटा
C.
इंटरफेरोन
D.
गुणसूत्र
गुणसूत्र DNA के एकल बड़े बृहदणु हैं और कोशिका में DNA के शारीरिक संगठित रूप का गठन किया है। ये बहुत लंबा DNA का सतत टुकड़ा है जिसमें कई जीन, नियामक तत्व और अन्य हस्तक्षेप न्यूक्लियोटाइड क्रम शामिल होते हैं। "गुणसूत्र" की एक व्यापक परिभाषा में DNA बाध्य प्रोटीन भी शामिल है जो DNA की पैकेजिंग का कार्य करते हैं और DNA का संचालन करते हैं।
A.
पारगम्य
B.
अपारगम्य
C.
चयनात्मक पारगम्य
D.
अभेद्य
प्लाज्मा झिल्ली कोशिका के अंदर और बाहर कुछ पदार्थों के प्रवेश और निकास के लिए अनुमति देती है। ये कुछ अन्य पदार्थों की गति को रोकती भी है। कुछ पदार्थ कोशिका झिल्ली के पार जा ही नहीं पाते हैं। इसलिए कोशिका झिल्ली को चयनात्मक पारगम्य झिल्ली कहते हैं।
A.
जीवन की संरचनात्मक इकाई
B.
जीवन की संरचनात्मक और कार्यात्मक इकाई
C.
जीवन के चयापचय इकाई
D.
जीवन के शारीरिक इकाई
कोशिका जीवों की मूलभूत निर्माणकारी इकाई है। इसलिए ये जीवन की संरचनात्मक इकाई है। उसी तरह जीवित कोशिका कुछ आधारभूत कार्य करने की क्षमता रखती है जो सभी सजीवों की विशेषता है। इसलिए कोशिका जीवन की संरचनात्मक और कार्यात्मक इकाई दोनों है ।
A.
रॉबर्ट हुक
B.
ल्यूवेनहोक
C.
पुर्किन्जे
D.
विर्चो
रॉबर्ट हुक ने सूक्ष्मदर्शी के नीचे कॉर्क की पतली परत को देखा। ये एक संयोग अवलोकन था। रॉबर्ट हुक ने छोटे डिब्बे के समान संरचना देखी जिसे उसने कोशिका नाम दिया। कोशिका एक लेटिन शब्द है जिसका अर्थ होता है छोटा कमरा ।
हरितलवक को कोशिका का रसोईघर कहते हैं क्योंकि उसमें प्रकाश संश्लेषण की प्रक्रिया होती है जिसके परिणामस्वरूप भोजन का संश्लेषण होता है।
ल्यूवेनहॉक ने उन्नत सूक्ष्मदर्शी के साथ तालाब के जल में मुक्त जीवित कोशिका की खोज की थी।
खुरदरी अन्तःप्रद्रव्यी जालिका पर राइबोसोम उपस्थित होते हैं जबकि चिकनी अन्तःप्रद्रव्यी जालिका पर अनुपस्थित होते हैं।
रॉबर्ट हुक।
यदि कोशिका का संगठन क्षतिग्रस्त होता है तो लाइसोसोम फट जाएगा और उसके एंजाइम स्वयं के कोशिकांगों को पचा लेंगे जिसके परिणाम स्वरूप कोशिका की मृत्यु हो जाएगी। इसलिए लाइसोसोम को कोशिका की आत्मघाती थैली के रूप में भी जाना जाता है।
जे.ई. पुर्किन्जे।
कोशिका की आकृति और आकार उनके कार्यों पर जो वे प्रदर्शित करती हैं उन पर निर्भर करता है।
माइटोकॉन्ड्रिया ।
|
विशेषता |
प्रोकेरियोटिक कोशिका |
यूकेरियोटिक कोशिका |
|
1. केंद्रक |
वास्तविक केंद्रक रहित होती हैं। कोशिका द्रव्य में नग्न वृत्तीय DNA होता है। केंद्रिका या केंद्रक झिल्ली रहित होते हैं। एक गुणसूत्र उपस्थित होता है। न्यूक्लिओप्लाज्मा कोशिका द्रव्य में अविभेदित होता है। |
DNA युक्त केंद्रक झिल्ली द्वारा बाध्य वास्तविक केंद्रक उपस्थित होता है। केंद्रिका और केंद्रक झिल्ली उपस्थित होते हैं। न्यूक्लिओप्लाज्मा कोशिका द्रव्य में विभेदित होता है। |
|
2. कोशिकांग |
झिल्ली बाध्य कोशिकांग जैसे गोल्जी काय, लवक, माइटोकॉन्ड्रिया और अन्तःप्रद्रव्यी जालिका अनुपस्थित होते हैं। |
झिल्ली बाध्य कोशिकांग उपस्थित होते हैं। |
|
3. कोशिका विभाजन |
सरल विखंडन द्वारा विभाजित होते हैं। तर्कु तन्तु नहीं बनते, ना तो समसुत्री विभाजन होता है और ना ही अर्धसूत्री विभाजन होता है। |
समसुत्री विभाजन या अर्धसूत्री विभाजन द्वारा विभाजित होते हैं। |
|
4. उदाहरण |
बैक्टीरिया और साइनोबैक्टीरिया (नीली हरी शैवाल) |
सभी अन्य जीव। |

A.
क्यूटिन
B.
लेटेक्स
C.
रेसिन
D.
सुबेरिन
अधिचर्म क्यूटिन नामक मोमी पदार्थ का स्राव करते हैं जो अधिचर्म पर एक मोटी परत का गठन करती है। इस परत को क्यूटिकल कहते हैं।
A.
शरीर
B.
ऊतक
C.
अंग
D.
तंत्र
ऊतक समान कोशिकाओं का समूह है जो मिलकर एक विशिष्ट कार्य करने के लिए एकीकृत होती हैं। यह कोशिकीय, कोशिकाओं और सम्पूर्ण जीव के बीच मध्यवर्ती संगठनात्मक स्तर है।
A.
स्थूलकोणोतक
B.
मृदूतक
C.
दृढ़ोतक
D.
अधिचर्म
मृदूतक कोशिकाएँ भरण ऊतक की पतली भित्ति वाली कोशिकाएँ हैं जो अकाष्ठीय संरचनाओं का थोक में गठन करती हैं।
A.
लाइसोसोम
B.
गोल्जी काय
C.
SER
D.
RER
निसल कणिकाएँ RER और राइबोसोम में प्रचुर हैं। ये तंत्रिका कोशिकाओं के साइटोन में उपस्थित होती हैं।
A.
चिकनी पेशी
B.
एच्छिक पेशी
C.
हृदयी पेशी
D.
अनेच्छिक पेशी
रेखित पेशियाँ जो अस्थि से जुड़े हुए पाई जाती हैं और गति का कारण बनती हैं उन्हें एच्छिक पेशियाँ भी कहते हैं क्योंकि एक व्यक्ति इसके संकुचन को स्वयं से नियंत्रित कर सकता है।
A.
सिनैप्स
B.
नेफ़रोन
C.
एक्सोन
D.
न्यूरोन
न्यूरोन्स विद्युतीय उत्तेजनीय कोशिकाएँ हैं जो सूचनाओं को संसाधित और प्रसारित करती हैं।
A.
सह कोशिकाएँ
B.
चालनी तत्व
C.
फ्लोएम तन्तु
D.
सूक्ष्मनलिकाएँ
सह कोशिकाएँ चालनी नलिकाओं के समानांतर स्थित पतली भित्ति के साथ जीवित लंबी कोशिकाएँ हैं।
A.
तन्तु
B.
कंडरा
C.
अस्थि
D.
उपास्थि
अस्थि, ढाँचे के निर्माण के द्वारा शरीर को सहारा प्रदान करती है। ये शरीर का सबसे कठोर ऊतक है और इसकी कठोरता इसके मैट्रिक्स के कैल्सीकरण के कारण होती है। कंकाल का मुख्य घटक अस्थि है।
A.
जाइलम
B.
फ्लोएम
C.
क्यूटिकल
D.
दृढ़ोतकी रेशे
ये सहायक ऊतक है। ये ऊतक यांत्रिक शक्ति प्रदान करता है।
A.
नियोप्लास्ट
B.
न्यूरोन्स
C.
नेफ़रोन
D.
नेफ्रीडिया
न्यूरोन्स (जिन्हें तंत्रिका कोशिकाएँ भी कहते हैं) तंत्रिका तंत्र में विद्युतीय उत्तेजनीय कोशिकाएँ हैं जो सूचनाओं को संसाधित और प्रसारित करती हैं। कशेरुक जंतुओं में न्यूरोन्स मस्तिष्क, मेरुरज्जु और परिधीय तंत्रिका तंत्र का एक मुख्य घटक है। न्यूरोन विशेष रूप से सोमा या कोशिका काय, डेंड्राइटिक का वृक्ष और एक्सोन का बना होता है।
A.
वाहिनिकाएँ
B.
वाहिकाएँ
C.
जाइलम मृदूतक
D.
जाइलम तन्तु
जाइलम में उपस्थित एकमात्र जीवित ऊतक जाइलम मृदूतक हैं जबकि वाहिनिकाएँ और तन्तु मृत ऊतक हैं।
A.
मृदूतक
B.
सरल ऊतक
C.
सरल स्थायी ऊतक
D.
जटिल स्थायी ऊतक
संवहनी ऊतक संवहनी पादपों में पाये जाने वाले जटिल ऊतक हैं, जिसका अर्थ यह है कि वे एक से अधिक प्रकार की कोशिकाओं से बने हैं। संवहनी ऊतकों के प्राथमिक घटक जाइलम और फ्लोएम हैं। ये दोनों ऊतक तरल और पोषक तत्वों दोनों को परिवहित करते हैं। विशेष पादपों के साथ सभी संवहनी ऊतक उस पादप का संवहनी ऊतक तंत्र बनाते हैं।
A.
क्यूटिन
B.
सुबेरिन
C.
लिग्निन
D.
वसा
क्यूटिन वह पदार्थ है जो रेगिस्तान के पादपों की सतह को मोमी बनाता है और इसलिए वाष्पोत्सर्जन के कारण होने वाली जल की हानि को रोकता है।
A.
अधिचर्म
B.
द्वार कोशिकाएँ
C.
खंभ कोशिकाएँ
D.
फ्लोएम
वनस्पति विज्ञान में स्टोमा छोटे छिद्र या छेद हैं जो मुख्य रूप से पत्तियों के नीचे की ओर होते हैं और गैसीय विनिमय के लिए उपयोग में लिए जाते हैं। छिद्र विशिष्ट मृदूतक कोशिकाओं की एक जोड़ी का बना होता है जिन्हें द्वार कोशिकाएँ कहते हैं जो छिद्र के बंद होने और खुलने की प्रक्रिया को नियंत्रित करती हैं।
A.
सुबेरिन
B.
मैग्नीशियम
C.
लिग्निन
D.
कैल्शियम
दृढ़ोतक एक सहायक ऊतक है। इनकी भित्ति में सेलुलोज और लिग्निन होती है। दृढ़ोतक कोशिकाएँ, पादप ऊतकों की मुख्य सहायक कोशिकाएँ हैं जो दीर्घीकरण की प्रक्रिया को बंद कर देती हैं। दृढ़ोतक तन्तुओं का आर्थिक महत्व है क्योंकि ये सान के कई तंतुओं का मुख्य स्रोत है। परिपक्व दृढ़ोतक मृत कोशिकाओं से बना होता है जिसकी अत्यधिक मोटी कोशिका भित्ति (द्वितीयक भित्ति) होती है।
A.
द्वितीयक विभज्योतक
B.
शीर्षस्थ विभज्योतक
C.
विभज्योतक
D.
मृदूतक
शीर्षस्थ विभज्योतक, प्राथमिक वृद्धि के लिए उत्तरदायी पादप ऊतक हैं जो जड़ों और प्ररोह के शीर्ष पर उपस्थित होते हैं।
A.
ऊतक
B.
अंग
C.
कोशिकाएँ
D.
अंग प्रणाली
पेशियाँ, फ्लोएम और रक्त ऊतक के उदाहरण हैं। पेशी ऊतक एक विशिष्ट प्रकार के ऊतक हैं जिनमें विद्युतीय आवेगों का संचलन करने और संकुचन की क्षमता होती है, फ्लोएम एक जटिल संवहनी ऊतक हैं और रक्त एक संयोजी ऊतक है।
A.
पेशी को अस्थि से जोड़ता है
B.
अस्थि को अस्थि से जोड़ता है
C.
गर्मी का संचालन और शरीर के तापमान को बनाए रखता है
D.
उत्सर्जन में सहायता करता है
ये मजबूत और लचीली संरचनाएँ हैं जो कंकालीय पेशियों को अस्थि से जोड़ती हैं।
A.
दूषित जल
B.
छींकने से
C.
लैंगिक संसर्ग
D.
दूषित भोजन
सूक्ष्मजीवीय रोग जैसे सिफ़लिस और एडस, रक्त से रक्त के संपर्क के मधायम से (एक संक्रमित व्यक्ति द्वारा स्तनपान, या रक्त आधान के दौरान या संक्रमित शल्य चिकित्सा उपकरणों का उपयोग करके) या लैंगिक संसर्ग के माध्यम से प्रेषित होता है।
A.
आंत
B.
यकृत
C.
फेफड़े
D.
आँखें
मलेरिया परजीवी का लक्ष्य यकृत और लाल रक्त कोशिकाएँ हैं। यह संक्रमण को बढ़ाने और अधिक परजीवियों को मुक्त करने के लिए कई विखंडन से गुजरता है।
संक्रमित रोग एक संक्रमित व्यक्ति से स्वस्थ व्यक्ति में फैल सकता है, ये रोग संचारी रोग कहलाते हैं।
डॉक्टर और नर्स सफाई पर अधिक ध्यान देते हैं। वे स्वस्थ वातावरण में वास करते हैं तथा आवश्यकता पड़ने पर बचाव के साधन अपनाते हैं एवं दवाई द्वारा इलाज करते हैं।
प्रोटोज़ोआ
स्टेफाइलोकोकस के कारण होते हैं।
अलेक्जेंडर फ्लेमिंग ने पेनिसिलियम की खोज की थी।
छात्र उसके दोस्त के मिसेल से पीड़ित होने पर बीमार हो सकता है। मिसेल एक संक्रामक रोग है और एक छात्र से दूसरे में संपर्क में आने पर फैलता है।
पेनिसिलिन एक एंटीबायोटिक है जो बैक्टीरियल प्रक्रिया को बंद कर कोशिका भित्ति के गठन को रोकती है। इसके परिणामस्वरूप विकासशील बैक्टीरिया कोशिका भित्ति का निर्माण करने में अक्षम होते हैं और मर जाते हैं।
संक्रमित रोग एक संक्रमित व्यक्ति से स्वस्थ व्यक्ति में फैल सकता है, ये रोग संचारी रोग कहलाते हैं।
SARS: सीवियर एक्यूट रेस्पिरेटरी सिंड्रोम।
संक्रामक – हैजा
असंक्रामक - रक्तचाप
अगर शरीर एक रोग से पीड़ित है, तो शरीर के एक या एक से अधिक अंग ठीक से कार्य नहीं करते हैं और सबसे खराब हालत का कारण बनते हैं।
स्वास्थ्य, शारीरिक, मानसिक और सामाजिक रूप से भलीभाँति कार्य करने की अवस्था है।
रोग से तात्पर्य असुविधा है।
जीर्ण रोग स्वास्थ्य के लिए सबसे हानिकारक हैं ।
सामाजिक समानता और सदभाव आवश्यक सामाजिक पहलू हैं।
प्लाज्मोडियम
प्रोटोजोआ जीव- लेशमैनिया, कालाजार का कारण बनता है।
a. एक तीव्र रोग कम समय के लिए रहता है, लेकिन तेजी से फैलता है और तीव्र लक्षण दर्शाता है जबकि रोग जो लंबी अवधि तक रहता है और जीवन भर के लिए हो सकता है उसे जीर्ण रोग कहते हैं।
b. जीर्ण रोग लोगों के स्वास्थ्य पर कठोर दीर्घकालिक प्रभाव डालता है और इस प्रकार हमें अधिक हानि पहुँचाता है।
चित्र में दिया गया जीव प्लेनेरिया है। ये संघ प्लेटीहेल्मिन्थीज के अंतर्गत आता है। इस संघ की चार प्रमुख विशेषताएँ इस प्रकार हैं-
1.
मुख्यतः
परजीवी होते हैं।
विशेष
उत्सर्जक कोशिकाएँ (ज्वाला
कोशिकाएँ) पाई
जाती हैं l
2. शरीर के
चारों ओर
क्यूटिकल का
आवरण पाया
जाता है l
3. परजीवी होने
के कारण पाचन
तंत्र
अविकसित होता
है l
4. शरीर
त्रिस्तरीय तथा द्विपार्श्व
सममित होता
है l
Sr30
|
Question |
नीचे दिए
गए जीव को
पहचानिए और
उसके संघ की
चार प्रमुख
विशेषताएँ
बताइए। |
|
Marks |
5 |
|
Answer |
चित्र में दिया गया जीव एस्केरिस है जो संघ एस्केहेल्मिन्थीज के अंतर्गत आता है। संघ एस्केहेल्मिन्थीज की चार मुख्य विशेषताएँ हैं- � ये स्वत्रंतजीवी अथवा परजीवी होते हैं। � संघ एस्केहेल्मिन्थीज के अंतर्गत आने वाले कृमि डोरी के समान पतले, गोल होते हैं। � इनका शरीर त्रिस्तरीय तथा द्विपार्श्व सममित वाला होता है l शरीर पर चमकदार लचीला क्यूटिकल का आवरण पाया जाता है l � ये जन्तु एकलिंगी होते हैं l Related Questions |
A.
अंग
B.
ऊतक
C.
DNA
D.
कोशिकाएँ
सभी सजीव चाहे वह पादप हो, जन्तु हो या सूक्ष्म जीव ये सभी कोशिकाओं से बने होते हैं।
A.
बैक्टीरिया में कोशिका भित्ति के निर्माण को रोकना
B.
कोशिका को नष्ट करना
C.
बैक्टीरियल कोशिका के लिए टॉक्सिक होना
D.
बक्टीरियल कोशिका का निर्जलीकरण
यह हानिकारक बैक्टीरिया को अप्रभावी बनाने का एक प्रभावी तरीका है। पेनिसिलिन सभी बैक्टीरिया पर एक ही तरीके का प्रयोग की जाती है इसलिए इसे ब्रॉडस्पेक्ट्रम एंटीबायोटिक के रूप में उपयोग में लिया जाता है।
A.
पहला व्यक्ति को पृथक करना और दूसरा आराम करना
B.
पहला ऊतक विशेष और दूसरा पर्यावरण विशेष
C.
पहला रोग के प्रभाव को कम करना और दूसरा रोग के होने वाले कारण को नष्ट करना
D.
पहला रोगी को हकीम के पास ले जाना और दूसरा अस्पताल जाना
रोग दो तरीकों से उपचरित होता है पहला रोग के प्रभाव को कम करना और दूसरा रोग के होने वाले कारण को नष्ट करना।
A.
भ्रूण का विकास
B.
प्रभावित ऊतकों के लिए कई कोशिकाओं का निर्माण होना जिससे रोग उत्पन्न करने वाले सूक्ष्मजीवों को मार सके
C.
प्रतिरक्षा प्रणाली को सक्रिय करना
D.
विशेष ऊतक को अप्रभावी बनाना
सूजन एक प्रक्रम है जिसमें प्रभावित ऊतकों के लिए कई कोशिकाओं का निर्माण होता है जिससे रोग उत्पन्न करने वाले सूक्ष्मजीवों को मार सके, ये सूजन और दर्द से प्रदर्शित होता है।
A.
जन्तु
B.
पादप
C.
सूक्ष्म जीव
D.
कवक
विभिन्न संक्रामक रोग सूक्ष जीवों द्वारा होते हैं जिसमें जीव जैसे प्रोटोजोआ, वायरस और कवक आदि शामिल हैं।
A.
बाह्य कारक या संक्रामक कारकों के कारण
B.
आर्थिक कारणों के कारण
C.
आनुवंशिक असामान्यताओं के कारण
D.
सामाजिक कारणों से
असंक्रामक रोग समुदाय में नहीं फैलते हैं क्योंकि ये बाह्य कारकों या संक्रामक कारकों के द्वारा नहीं होते हैं। ये आंतरिक कारण, मुख्य रूप से आनुवांशिक असामान्यताएं, कमी या जीवन शैली के कारण होते हैं।
A.
तत्काल कारण के रूप में सूक्ष्मजीव
B.
तत्काल कारण के रूप में शैवाल
C.
तत्काल कारण के रूप में कवक
D.
तत्काल कारण के रूप में कीट या कृमि
संक्रामक रोग में अधिकतम तत्काल कारणों के रूप में रोगाणु या सूक्ष्म जीव होते हैं और ये आसानी से समुदाय में फैल जाते हैं।
A.
संक्रामक रोग
B.
सामाजिक रोग
C.
समुदाय रोग
D.
पर्यावरण रोग
रोग जहां रोगाणु या सूक्ष्मजीव तत्काल कारण होते हैं उसे संक्रामक रोग कहा जाता है जैसे मलेरिया।
A.
एक दुर्घटना
B.
इलाज
C.
एक रोग का कारण
D.
सामाजिक वातावरण
रोग के कारणों के विभिन्न स्तर संक्रमण (प्राथमिक स्तर), घरेलू (माध्यमिक स्तर), सार्वजनिक सेवाओं (तीसरा स्तर) की कमी हैं। घर की स्थिति और अच्छी सार्वजनिक स्वच्छता की कमी सदभाव का कारण बन जाते हैं।
A.
केवल संक्रमण
B.
तत्काल और अंशदायी कारण
C.
केवल पर्यावरण
D.
केवल जन्तु
सभी रोगों में एक या एक से अधिक तत्काल और अंशदायी कारण होते हैं। उदाहरण के लिए एक संक्रामक कारक और एक दुर्लभ प्रतिरक्षा प्रणाली।
A.
पूरी तरह आराम की कमी
B.
डॉक्टर की सलाह की कमी
C.
रोगों से पीड़ित
D.
शिक्षक की सलाह की कमी
सामान्य स्वास्थ्य किसी भी रोग से प्रभावित हो सकता है जो एक लंबे समय के लिए शरीर के किसी भी भाग की कार्य प्रणाली को कम कर देता है।
A.
लक्षणों को निरीक्षण कीजिए
B.
विशेष प्रयोगशाला परीक्षणों द्वारा
C.
एक केमिस्ट की दुकान से दवाई लेना
D.
घर पर बड़ों की सलाह से
विभिन्न रोगों में कई सामान्य लक्षण हो सकते हैं। इसलिए प्रयोगशाला परीक्षण रोग का पता लगाने के लिए आवश्यक है।
A.
सार्वजनिक साफ-सफाई
B.
अच्छा स्वास्थ्य
C.
सामाजिक समानता और सदभाव
D.
प्रदूषित वातावरण
अच्छे स्वास्थ्य के लिए आवश्यक दशा सार्वजनिक साफ-सफाई, अच्छी आर्थिक स्थिति और सामाजिक समानता और सदभाव हैं।
A.
यकृत और आंत
B.
कोशिका और ऊतक
C.
अस्थि और पेशी
D.
शरीर और अन्त: मन
खाद्य कोशिका और ऊतक के कार्यों के लिए आवश्यक है। खाद्य के ऑक्सीकरण से ऊर्जा मुक्त होती है जो किसी भी कोशिका के कार्यों के लिए आवश्यक है।
A.
पोलियो
B.
हैजा
C.
मलेरिया
D.
हेपेटाइटिस
टाइफाइड, हैजा और ट्यूबरक्लोसिस बैक्टीरिया के कारण होते हैं, जबकि मलेरिया प्रोटोजोआ के कारण होता है।
A.
१ मई
B.
१ दिसंबर
C.
२० दिसंबर
D.
१ जून
एड्स दिवस विश्व में १ दिसंबर को मनाया जाता है।
A.
बैक्टीरिया
B.
कवक
C.
वायरस
D.
प्रोटोजोआ
एड्स एक गंभीर रोग है जो वायरस के कारण होता है जिसे HIV कहते हैं। यह शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली को नष्ट करता है। HIV संक्रमण में, वायरस प्रतिरक्षा तंत्र को और अधिक हानि पहुँचा कर अपना कार्य करता है।
A.
केवल एक विशेष रोग के लिए विशिष्ट
B.
एक से अधिक रोग के लिए सामान्य
C.
एक ही रोग अलग-अलग रोगियों में अत्यंत परिवर्तनशील
D.
विश्राम प्रारम्भ करने का निश्चित लक्षण
विभिन्न रोगों के लिए सामान्य लक्षण जैसे उच्च रक्तचाप के समय सर दर्द, दिमागी बुखार, आँखों में तनाव, आदि हो सकते हैं।
A. टूना
B. शार्क
C. व्हेल
D. रोहू
उपास्थि, कंकाल तंत्र का एक अन्य सामान्य घटक है जो कंकाल को सहारा देता है और उसे पूरा करता है। मानव के कान और नाक उपास्थि से बने हैं। कुछ जन्तु में किसी भी अस्थि के बिना कंकाल पूरा उपास्थि का बना होता है जैसे शार्क।
A. प्लैटीहेल्मेन्थीज़
B. एकाइनोडर्मेटा
C. प्रोटोकोर्डेटा
D. निमेटोड
एकाइनोडर्मेटा में कंकाल कैल्सीफाइड प्लेट और कंटिकाओं के छोटे टुकड़ों से बना होता है जो जीव के ऊतकों को एक मजबूत सहारा देता है।
A. एनीलिडा
B. आर्थ्रोपोड़ा
C. निमेटोड
D. पोरीफ़ेरा
आर्थ्रोपोड़ा जंतुओं का सबसे बड़ा समूह है और इसमें कीट, अर्चिन, क्रस्टेशियन और अन्य शामिल हैं।
A. एस्केरिस
B. टेरोइस
C. ऐनाबस
D. वुचेरेरिया
वुचेरेरिया बेंक्रोफटाई एक परजीवी फाइलेरिया निमेटोड कीट है जो एक मच्छर वेक्टर द्वारा फैलता है। यह तीन परजीवी में से एक है जो फीलपाँव का कारण बनता है।
A. एस्केरिस
B. प्लैनेरिया
C. नेरीस
D. वुचेरेरिया
संघ प्लैटीहेल्मेन्थीज़ में सरल नर्म अकशेरुकी जन्तु होते हैं। लगभग 25000 ज्ञात जतियों के साथ ये संघ अदेहगुहिक का सबसे बड़ा संघ है।
A. नीडेरिया
B. एनेलिडा
C. पोरीफ़ेरा
D. आर्थ्रोपोडा
संघ पोरीफ़ेरा के जन्तु स्पोंज या पोरीफेरंस हैं। आदिम, अवृन्त, ज्यादातर समुद्री, जल निवासी हैं। फिल्टर फीडर जो खाद्य पदार्थों के कणों को अपने शरीर से जल के माध्यम से बाहर निकालते हैं।
A. पेरिस्पर्म
B. भ्रूणपोष
C. मूलांकुर
D. बीजपत्र
पादप के बीज में भ्रूण का महत्वपूर्ण भाग बीजपत्र है। अंकुरण के समय, बीजपत्र पौधे की प्रथम पत्ती में परिवर्तित हो जाता है।
A. जिम्नोस्पर्म
B. आवृत्तबीजी
C. टेरिडोफाइटा
D. थैलोफाइटा
शब्द टेरिडोफाइटा सभी बीज रहित संवहनी पादप का वर्णन करता है जिसके पर्यायवाची फर्न और फर्न संबंधी हैं।
A. थैलोफाइटा
B. ब्रायोफ़ाइटा
C. आवृत्तबीजी
D. टेरिडोफाइटा
ब्रायोफ़ाइटा स्थलीय पादप हैं जिन्हें जनन की प्रक्रिया के लिए जल की अवश्यकता होती है इसलिए इन्हें पादप जगत के जलस्थलचर कहते हैं।
A. प्रोटिस्टा
B. कवक
C. ब्रायोफ़ाइटा
D. मोनेरा
मोनेरा वैज्ञानिक वर्गीकरण के पूर्व पांच जगत तंत्र का एक अप्रचलित जैविक जगत है। इसमें प्रोकेरियोटिक कोशिका संगठन के साथ कई जीव शामिल हैं जैसे माइकोप्लाज्मा।
A. पारिस्थितिकीय जीव विज्ञान
B. पर्यावरणीय जीव विज्ञान
C. जैव-विविधता
D. जैव प्रौद्योगिकी
जैव विविधता पारिस्थितिकी तंत्र, बायोम या सम्पूर्ण पृथ्वी के भीतर जीवन रूपों के वर्गीकरण की विभिन्नता है। जैव-विविधता अक्सर जैविक तंत्रों के स्वास्थ्य का एक उपाय है।
A. डार्विन
B. अरस्तू
C. लीनियस
D. हेकल
आवास, अरस्तू द्वारा जंतुओं और पौधों के वर्गीकरण की एक प्राथमिक सोच थी लेकिन वर्गीकरण एक उचित वर्गीकरण नहीं था।
कैरोलस लीनियस
Sr2
|
Question |
निम्नलिखित कौनसे वर्ग के अंतर्गत आते हैं? 1) साइकस 2) मच्छर |
|
Marks |
1 |
|
Answer |
1) साइकस - अनावृतबीजी (प्लांटी) 2) मच्छर - आर्थ्रोपोड (एनिमेलिया) |
Sr3
|
Question |
चमगादड़ उड़ सकते हैं फिर भी वे स्तनधारी हैं। क्यों? |
|
Marks |
1 |
|
Answer |
चमगादड़ उड़ सकते हैं फिर भी वे स्तनधारी हैं क्योंकि वे बच्चों को जन्म दे सकते हैं और उनमें स्तन ग्रंथियाँ उपस्थित होती हैं। |
Sr4
|
Question |
मगरमच्छ की जालयुक्त अंगुलियों का कार्य बताइए। |
|
Marks |
1 |
|
Answer |
मगरमच्छ की जालयुक्त अंगुलियाँ तैरने में उनकी सहायता करती हैं। |
Sr5
|
Question |
ब्रायोफाइटा को उदाहरण सहित समझाइए। |
|
Marks |
1 |
|
Answer |
ब्रायोफाइटा असंवहनी पादपों का वह समूह है जो तने और पत्तों जैसी संरचना में विभाजित होता है। ब्रायोफाइटा के कुछ उदाहरण हैं: रिक्सिया तथा मार्केशिया। |
Sr6
|
Question |
एकबीजपत्री को उदाहरण सहित परिभाषित कीजिए। |
|
Marks |
1 |
|
Answer |
वह पादप जिसमें बीजपत्रों की संख्या एक होती है, एकबीजपत्री कहलाता है। उदाहरण- लिली, कॉर्न, चावल आदि। |
Sr7
|
Question |
सरीसृप वर्ग के किसी जलचर जंतु का नाम बताइए। |
|
Marks |
1 |
|
Answer |
कछुआ सरीसृप वर्ग का जलचर जन्तु है। |
Sr8
|
Question |
जन्तु जगत का सबसे बड़ा संघ कौनसा है? |
|
Marks |
1 |
|
Answer |
आर्थ्रोपोडा जन्तु जगत का सबसे बड़ा संघ है। |
Sr9
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Question |
उस व्यक्ति का नाम बताइए जिसने पाँच जगत वर्गीकरण दिया था। |
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Marks |
1 |
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Answer |
रॉबर्ट हॉर्डिंग व्हिटेकर |
Sr10
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Question |
त्रिस्तरीय किसे कहते हैं? |
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Marks |
1 |
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Answer |
जंतुओं में तीन जनन परत होती हैं जिसे त्रिस्तरीय कहते हैं। |
Sr11
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Question |
हीमोसील को परिभाषित कीजिए। |
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Marks |
1 |
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Answer |
रक्त से भरी हुई अपह्रासित देहगुहा को हीमोसील कहते हैं। |
Sr12
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Question |
जिम्नोस्पर्म क्या होते हैं? |
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Marks |
1 |
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Answer |
पुष्प रहित संवहनी पादप जिनमें नग्नबीजी होते है, उन्हें जिम्नोस्पर्म कहते है। |
Sr13
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Question |
ज्वाला कोशिकाएँ कौनसे संघ की विशेषता हैं? |
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Marks |
1 |
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Answer |
ज्वाला कोशिकाएँ प्लेटीहेल्मिन्थीज संघ की विशेषता हैं। |
Sr14
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Question |
ऑरिकिल नामक उभार कौनसे जन्तु में पाये जाते हैं? |
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Marks |
1 |
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Answer |
प्लेनेरिया में ऑरिकिल नामक उभार पाये जाते हैं। |
Sr15
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Question |
इनमें से भिन्न को अलग कीजिए और अपने उत्तर के लिए प्रयुक्त कारण भी दीजिए। 1) रिक्सिया, मर्केंशिया, मर्सीलिया, फ्यूनेरिया। 2) मगरमच्छ, सैलामेंडर, स्पेरो, चमगादड़। |
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Marks |
1 |
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Answer |
1) मर्सीलिया, क्योंकि ये टेरिडोफाइट है और बाकी सब ब्रायोफाइट्स हैं। 2) सैलामेंडर, क्योंकि इसमें तीन कक्ष वाला हृदय होता है और बाकी सब में चर कक्ष वाला हृदय पाया जाता है। |
Sr16
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Question |
ब्रायोफाइट्स और टेरिडोफाइटा के दो उदाहरण दीजिए। |
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Marks |
2 |
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Answer |
1) ब्रायोफाइट्स- रिक्सिया और मर्केंशिया 2) टेरिडोफाइटा- मर्सीलिया और फर्न |
Sr17
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Question |
प्लेनेरिया की शारीरिक संरचना पर टिप्पणी कीजिए। |
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Marks |
2 |
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Answer |
यह स्वतंत्रजीवी कृमि है जो मीठे जल के तालाबों, नहरों तथा अन्य जलाशयों में पाया जाता है। इसका शरीर लम्बा, चपटा, पत्ती के समान व पारदशर्क होता है। शरीर लगभग 1.5 सेमी लम्बा होता है। |
Sr18
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Question |
निम्नलिखित के उत्तर दीजिए। 1. पादप जिनमें जननिक संरचनाएँ नहीं पाई जाती हैं । 2. पादप जगत के उभयचर के रूप में जाना जाने वाला है। |
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Marks |
2 |
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Answer |
1) अपुष्पी पादप 2) ब्रायोफाइटा |
Sr19
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Question |
नीचे दी गई सारणी को पूरा कीजिए-
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Marks |
2 |
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Answer |
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Sr20
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Question |
सरीसृप वर्ग विकसित तथा सफल वर्ग है। क्या आप इसके कोई भी दो कारण बता सकते हैं? |
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Marks |
2 |
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Answer |
दो कारण इस प्रकार हैं- i. शुष्क, अपारगम्य तथा शल्कयुक्त त्वचा जो शरीर से जल वाष्पन को रोकती है, जिससे ये शुष्क स्थलों पर भी जीवित रह सके। ii. कठोर कवच द्वारा सुरक्षित पीतक युक्त अंडे, जिनमें भ्रूण के विकास हेतु पोषण, पीतक से प्राप्त होता है। |
Sr21
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Question |
सरीसृप वर्ग के दो सामान्य लक्षण बताइए। |
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Marks |
2 |
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Answer |
सरीसृप वर्ग के दो सामान्य लक्षण इस प्रकार हैं- i.
यह
असमतापी, शीत
रुधिर वाले स्थलचर प्राणी
हैं। |
Sr22
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Question |
निम्नलिखित के लिए एक शब्द में उत्तर दीजिए- 1) शैवाल का प्रकार जो व्यवसायिक रूप से वैज्ञानिक अध्ययन में उपयोग की जाती है। 2) शैवाल में 'पादप निकाय' का दूसरा नाम है। 3) हरी शैवाल जिसमें सर्पिल आकार का हरितलवक होता है। |
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Marks |
3 |
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Answer |
1) क्लोरेला 2) थैलस 3) स्पाइरोगाइरा |
Sr23
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Question |
स्वपोषी, परपोषी और मृत्पोषी के बीच अंतर बताइए। |
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Marks |
3 |
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Answer |
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Sr24
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Question |
थेलोफाइटा के कोई तीन आर्थिक महत्व बताइए। |
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Marks |
3 |
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Answer |
थेलोफाइटा के आर्थिक महत्व निम्न प्रकार हैं: 1.
थेलोफाइटा
प्रकाश
संश्लेषण की
क्रिया द्वारा
कार्बन
डाइऑक्साइड
के
स्थिरीकरण
के लिए उत्तरदायी
होता है। |
Sr25
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Question |
जिम्नोस्पर्म के तीन गुणों के बारे में बताइए। |
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Marks |
3 |
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Answer |
जिम्नोस्पर्म
के तीन गुण इस
प्रकार हैं - |
Sr26
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Question |
जगत प्लांटी के कोई तीन गुणों के बारे में बताइए। |
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Marks |
3 |
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Answer |
जगत प्लांटी के तीन गुण इस प्रकार हैं- (a) कोशिका भित्ति की उपस्थिति - जगत प्लांटी में सम्मिलित सभी पादपों में पॉलीसैकेराइड की बनी एक बाह्य कोशिका भित्ति होती है, जो सेल्यूलोज़ कहलाती है। (b) हरितलवक की उपस्थिति - प्रत्येक कोशिका में कोशिकांग हरितलवक उपस्थित हैं जो हरे रंग के प्रकाश संश्लेषित वर्णक (पर्णहरित) के बने होते हैं। (c) स्वपोषी पोषण - पादप प्रकाश संश्लेषण प्रक्रिया द्वारा अपना स्वयं का भोजन बना सकते हैं। |
Sr27
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Question |
शाकाहारी, मांसाहारी और सर्वाहारी के बीज उदाहरण सहित अंतर बताइए। |
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Marks |
3 |
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Answer |
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Sr28
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Question |
आवृत्तबीजीयों पर संक्षिप्त में टिप्पणी कीजिए। |
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Marks |
5 |
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Answer |
� एंजियोस्पर्म एक ग्रीक शब्द है जिसमें एंजियो का अर्थ आवरण और स्पर्मा का अर्थ बीज है। � बीज एक अंग के अंदर विकसित होता है जो फल में रूपांतरित हो जाते हैं। इन्हें पुष्पित पौधों के रूप में भी जाना जाता है। बीज में पादप भ्रूण में बीजपत्र नामक एक संरचना होती है। बीजपत्र को बीज की पत्तियाँ कहते हैं क्योंकि बीज अंकुरण के समय वे कई बार उभरते हैं और हरे रंग के बन जाते हैं। � इसलिए, बीजपत्र बीज में पादप के एक पूर्व-रूप को दर्शाता है। � आवृत्तबीजी को बीज में उपस्थित बीजपत्र की संख्या के आधार पर दो वर्गों में वर्गीकृत किया गया है। � बीज में एकल बीजपत्र वाले पादप एकबीजपत्री कहलाते हैं। और बीज में दो बीजपत्र वाले पादप द्विबीजपत्री कहलाते हैं। |
Sr29
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Question |
नीचे दिए
गए जीव को
पहचानिए और
उसके संघ की
चार प्रमुख
विशेषताएँ
बताइए। |
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Marks |
5 |
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Answer |
चित्र में दिया गया जीव प्लेनेरिया है। ये संघ प्लेटीहेल्मिन्थीज के अंतर्गत आता है। इस संघ की चार प्रमुख विशेषताएँ इस प्रकार हैं- 1.
मुख्यतः
परजीवी होते हैं।
विशेष
उत्सर्जक कोशिकाएँ (ज्वाला
कोशिकाएँ) पाई
जाती हैं l |
Sr30
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Question |
नीचे दिए
गए जीव को
पहचानिए और
उसके संघ की
चा
1) मर्सीलिया,
क्योंकि ये
टेरिडोफाइट
है और बाकी सब
ब्रायोफाइट्स
हैं। 2) सैलामेंडर,
क्योंकि
इसमें तीन
कक्ष वाला
हृदय होता है
और बाकी सब
में चर कक्ष
वाला हृदय
पाया जाता
है।
प्लेनेरिया
में ऑरिकिल
नामक उभार
पाये जाते
हैं।
ज्वाला कोशिकाएँ प्लेटीहेल्मिन्थीज संघ की विशेषता हैं।
पुष्प
रहित संवहनी
पादप जिनमें
नग्नबीजी होते
है,
उन्हें जिम्नोस्पर्म
कहते है।
रक्त
से भरी हुई
अपह्रासित
देहगुहा को
हीमोसील
कहते हैं।
जंतुओं
में तीन जनन
परत होती हैं जिसे
त्रिस्तरीय
कहते हैं।
रॉबर्ट
हॉर्डिंग
व्हिटेकर
कॉर्क
कोशिकाएँ
मृत और
दृढ़तापूर्वक व्यवस्थित होती
हैं। इनमें
कोई अंतर
कोशिकीय
अवकाश नहीं
होते हैं।
इनकी भित्ति
में रसायन
होता है जिसे सुबेरिन कहते
हैं जो
इन्हें
गैसों
और जल के लिए अभेद्य बनाता
है।
फ्लोएम
के घटक हैं- (ii) सहकोशिका (iii) फ्लोएम
मृदूतक (iv)
फ्लोएम
तन्तु
(i) दृढ़ोतक
(a) (b)
(i) एक्सोन |