A.
चिल्का
B.
तोस्कर
C.
पिछोला
D.
पुष्कर
चिल्का झील एक खारे पानी की झील है| यह ओड़िसा के पुरी, खुर्दा और गंजाम जिले से लेकर दया नदी के मुहाने तक फैली हुई है| यह बंगाल की खाड़ी में मिलती है| यह भारत का सबसे बड़ा और विश्व का दूसरा सबसे बड़ा तटीय लैगून है|
A.
प्रायद्वीपीय पठार के
B.
उत्तरी मैदान के
C.
तटीय मैदानों के
D.
हिमालयी पर्वतों के
प्रायद्वीपीय पठार प्राचीन क्रिस्टल, आग्नेय और रूपांतरित शैलों के बने हुए हैं| पठार के दो विभाजन हैं- मध्य उच्चभूमि और दक्कन का पठार|
A.
मालाबार तट
B.
कन्नड़ मैदान
C.
कोंकण
D.
कोडाइकनाल
कोंकण तट को करावली भी कहा जाता है| यह भारत के पश्चिमी तटरेखा से मंगलुरु (मैंगलोर) के बीहड़ क्षेत्र तक है| कोंकण तट, अरब सागर से दक्षिणी छोर तक फैला हुआ है|
A.
चम्बल
B. सोन
C. रावी
D. केन
रावी नदी हिमाचल प्रदेश के कांगडा जिले में रोहतांग दर्रे से निकल कर हिमाचल प्रदेश जम्मू कश्मीर तथा पाकिस्तान के बहती हुयी, चिनाव नदी में मिल जाती हैं|
A.
बांगर
B. तराई
C. खादर
D. भाबर
नयी जलोढ़ मिट्टी को खादर कहा जाता है| यह बहुत अधिक उपजाऊ होती है| नयी जलोढ़ सिन्धु-गंगा बाढ़ के मैदानों में पाई जाती है|
A.
दो
शब्दों से
B. तीन शब्दों से
C. एक शब्द से
D. चार शब्दों से
दोआब एक फ़ारसी शब्द है| यह ‘दो’ और ‘आब’ से मिलकर बना है| ‘दो’ का अर्थ है- दो और ‘आब’ का अर्थ है- नदियाँ|
A.
सांभर
B. लूनी
C. चम्बल
D. साबरमती
राजस्थान की एकमात्र बारहमासी नदी चम्बल है| यह विंध्य पहाड़ियों की उत्तरी ढलानों से आरम्भ होकर राजस्थान में चौरासीगढ़ से प्रवेश करती है|
A.
अनाई मुडी
B. महेंद्रगिरी
C. खासी
D. कंचनजंगा
पूर्वी घाट का सबसे ऊँचा शिखर महेंद्रगिरी, 1500 मी॰ है। पूर्वी घाट के दक्षिण-पश्चिम में शेवराय तथा जावेडी की पहाड़ियाँ स्थित हैं।
A.
महान
हिमालय में
B. दक्कन के पठार में
C. उत्तरी मैदान में
D. तटीय क्षेत्रों में
प्रायद्वीपीय पठारों के विशिष्ट लक्षणों में से एक वहां की काली मिट्टी का क्षेत्र है| यह दक्कन ट्रैप के नाम से जाना जाता है, इसका निर्माण ज्वालामुखी चट्टानों के अपरदन से हुआ हैं|
A.
हिमाद्री
B.
मध्य हिमालय
C.
शिवालिक
D.
पूर्वांचल
हिमालय की सबसे बाहरी श्रृखंला शिवालिक कहलाती है| इनका विस्तार 10-50 किमी० की चौड़ाई तक है और इनकी ऊंचाई 900-1100 मीटर तक है|
A.
पूर्वांचल
B.
शिवालिक
C.
हिमाद्रि
D.
हिमाचल
हिमालय की उत्तरी भाग हिमाद्रि के नाम से जाना जाता है| इसकी औसत ऊंचाई 6000 मीटर है| इसमें हिमालय की सभी विख्यात चोटियाँ शामिल हैं|
दक्कन क्षेत्र में अधिकांश नदी प्रणालियाँ, जैसे गोदावरी, कृष्णा, कावेरी, महानदी आदि पूर्व की ओर बहती हैं क्यूंकि इन सभी नदियों का जन्म पश्चमी घाट की पहाड़ियों से होता है, जो पूर्वी घाट से ऊँची है तथा ढाल पूर्व की ओर है |
हिमालय पर्वत की रचना प्लाइस्टोसीन काल में टेथिस सागर में अवसादों के निरंतर जमाव एवं यूरेशियन प्लेट तथा गोंडवाना लैंड के एक दुसरे की तरफ खिसकने के कारण हुई है l
A.
नर्मदा
B.
गोदावरी
C.
महानदी
D.
कृष्णा
गोदावरी नदी की कुल लम्बाई 1465 किमी० है और इसका प्रवाह क्षेत्र 3,12,812 वर्ग किमी० के क्षेत्र में फैला हुआ है|
A.
कोसी
B.
दामोदर
C.
गोमती
D.
सिन्धु
कोसी पूर्वी नेपाल से बहती हुयी बिहार के सहरसा जिले में प्रवेश करती है|
A.
कृष्णा
B.
तुंगभद्रा
C.
पेरियार
D.
कावेरी
कावेरी नदी में गर्मियों में दक्षिण-पश्चिम मानसून से जल आता है और सर्दियों में लौटते मानसून से इसमें जल बना रहता है|
A.
महानदी
पर
B. नर्मदा पर
C. तापी पर
D. गंगा पर
हीराकुंड बांध विश्व के सबसे लंबे बांधों में से एक हैं | यह ओड़िसा राज्य में है|
A.
कोसी की
B.
सिन्धु की
C.
गंगा की
D.
यमुना की
गंगा में उत्तर की ओर से आकर मिलने वाली प्रमुख सहायक नदियाँ यमुना, रामगंगा, करनाली (घाघरा), ताप्ती, गंडक, कोसी और काक्षी हैं तथा दक्षिण के पठार से आकर इसमें मिलने वाली प्रमुख नदियाँ चंबल, सोन, बेतवा, केन, दक्षिणी टोस आदि हैं।
A.
ब्रह्मपुत्र
B. सिन्धु
C. गंगा
D. झेलम
ब्रह्मपुत्र का उद्गम स्थान तिब्बत में है| यह भारत और बांग्लादेश से होकर बहती है|
A.
अहमदाबाद में
B.
इलाहाबाद में
C.
हरिद्वार में
D.
आगरा में
इलाहाबाद का त्रिवेणी संगम तीन नदियों; गंगा, यमुना और सरस्वती का संगम-स्थल है| इन तीनों नदियों में सरस्वती अदृश्य है|
यू आकार की घाटी का निर्माण हिमनदों द्वारा होता है|पर्वतीय भागों मे हिमानियों द्वारा बनायी गयी घाटियां पार्श्ववर्ती और तली अपरदन के कारण सपाट तल वाली तथा चौरस खुली हुई होती हैं।
A.
गंगा
B.
सिन्धु
C.
ब्रह्मपुत्र
D.
यमुना
सिन्धु नदी तिब्बत की मानसरोवर झील के निकट से निकलती है| पश्चिम में बहती हुई यह भारत के जम्मू और कश्मीर के लद्दाख जिले में प्रवेश करती है| सिन्धु नदी बल्तिस्तान और गिलगिट से बहती है|
A.
कोसी
B. महानदी
C. गोदावरी
D. कृष्णा
नेपाल से भारत की ओर बहने वाली कोसी नदी ‘बिहार के अभिशाप’ के नाम से जानी जाती है| इसमें आने वाली बाढ़ से बड़े पैमाने पर जान-माल की हानि होती है|
A.
कावेरी की
B.
तापी की
C.
कृष्णा की
D.
महानदी की
कृष्णा नदी महाबलेश्वर के निकट एक झरने से निकलती है| यह लगभग 1400 किमी० तक बहती है फिर यह बंगाल की खाड़ी में मिल जाती है| तुंगभद्रा, कोयना, घटप्रभा, मूसी और भीमा इसकी प्रमुख सहायक नदियाँ हैं|
A.
मिजोरम
B. मणिपुर
C. मेघालय
D. महाराष्ट्र
लोगों की सामाजिक-आर्थिक और सांस्कृतिक जीवन में इसकी महत्ता के कारण लोकटक झील को मणिपुर की जीवन-रेखा माना जाता है| यह भारत के उत्तरी-पूर्वी क्षेत्र की सबसे लंबी ताजे जल की झील है| यह इस प्रदेश की पारिस्थितिकी और आर्थिक सुरक्षा में सहायक है|
A.
गंगोत्री हिमनद से
B.
सियाचिन हिमनद से
C.
बाल्तोरो हिमनद से
D.
यमुनोत्री हिमनद से
यमुनोत्री हिमानी को कालिंदा पर्वत के नाम से जाना जाता है| यह उत्तरांखंड के टिहरी गढ़वाल जिले में स्थित है| यह हिमानी यमुना नदी का उद्गम स्थान है| यह 4420 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है|
A.
सिंचाई
के लिए
B. विद्युत उत्पादन के लिए
C. नौकायन के लिए
D. नमक बनाने के लिए
राजस्थान की सांभर झील खारे पानी की झील है| इसका उपयोग नमक उत्पादन में किया जाता है|
A.
2900 किमी०
B.
3800 किमी०
C.
2800 किमी०
D.
3900 किमी०
यह दक्षिणी एशिया की ट्रांस-हिमालयी नदी है| यह विश्व की सबसे लंबी नदियों में से एक है| इसकी कुल लम्बाई 2900 किलोमीटर है|
A.
1000 किमी०
B.
1200 किमी०
C.
1400 किमी०
D.
1500 किमी०
गोदावरी सबसे लंबी प्रायद्वीपीय नदी है| यह महाराष्ट्र के नासिक जिले के पश्चिमी घाट की ढलानों से निकलती है| इसकी कुल लम्बाई लगभग 1500 किमी० है| यह बंगाल की खाड़ी में मिलती है|
A.
नर्मदा और तापी
B.
कोसी और कावेरी
C.
गोदावरी और महानदी
D.
ब्रह्मपुत्र और सिन्धु
हिमालयी नदियों की दो प्रमुख नदियाँ सिन्धु और ब्रह्मपुत्र हैं| ये नदियाँ हिमालय के उत्तरी शृंखला से निकलती हैं|
A.
चिल्का झील
B.
पेरियार झील
C.
नैनी झील
D.
वुलर झील
यह भारत की सबसे बड़ी ताजे जल की झील है| यह जम्मू और कश्मीर राज्य में स्थित है|
A.
बेतवा
B.
यमुना
C.
सोन
D.
ब्यास
ब्यास सिन्धु की एक सहायक नदी है, जो भारत से पकिस्तान तक बहती है|
A.
छत्तीसगढ़
से
B. बैतूल से
C. अमरकंटक से
D. नासिक से
नर्मदा नदी अमरकंटक पठार के पश्चिमी भाग से लगभग 1057 मी० की ऊंचाई से निकलती है| यह अरब सागर में मिलती है|
तापी नदी मध्य प्रदेश में बेतूल जिले में सतपुड़ा श्रेणियों में निकलती है। यह नर्मदा नदी के समानांतर भ्रंश घाटी में बहती है। इसकी लंबाई लगभग 724 किलोमीटर है। यह गुजरात के सूरत जिले में अरब सागर के खंभात की खाड़ी में गिरती है। इसकी सहायक नदियाँ पूर्णा नदी, गिर्णा नदी, पंजारा नदी, बोरी नदी और आनेर नदी हैं। इसके अपवाह द्रोणी का क्षेत्र मध्य प्रदेश, गुजरात और महाराष्ट्र तक फैला है।
गंगा नदी की मुख्य सहायक नदियाँ यमुना, घाघरा, गंडक, कोसी, चम्बल, बेतवा और सोन हैं।
सिंधु नदी तिब्बत में मान सरोवर झील के निकट से निकलती है। यह पश्चिम की ओर बहती है और लद्दाख से होते हुए भारत में प्रवेश करती है।
किसी एक नदी तंत्र द्वारा सिंचित क्षेत्र अपवाह बेसिन कहलाता है |
नर्मदा एवम तापी दो प्रायद्वीपीय नदियाँ हैं जो द्रौणी के माध्यम से बहती हैं|
गंगा की दो प्रमुख धाराएं भागीरथी एवम अलकनंदा हैं, जो देवप्रयाग में मिलकर गंगा का निर्माण करती हैं|
जल विभाजक उच्चभूमि की एक रेखा है जहाँ से नदी की एक धारा एक नदी में व अन्य धारा दूसरी नदी में गिरती है | जैसे प्रायद्वीपीय भारत में पश्चिमी घाट |
हिमाचल प्रदेश में रोहतांग दर्रे से निकल कर रावी नदी भारत –पकिस्तान की सीमा रेखा बनाती है| यह सिन्धु नदी की सहायक नदी है |
हिमनद की मुख्य गतिविधि पिघलना है |
भारत के दो प्रसिद्द हिमनद हैं –
1.गंगोत्री
2.यमुनोत्री
1.नदियाँ भोजन के लिए मछलियां, पीने,नहाने एवं भोजन पकाने के लिए जल प्रदान करती हैं |
2.नदियों का जल सिंचाई के काम आता है इसे विद्युत उत्पादन के स्त्रोत के रूप काम में भी लिया जाता है|
3.नदियाँ परिवहन के लिए सस्ता माध्यम हैं व घरों एवं उद्योगों के लिए जलविद्युत प्रदान करती हैं |
अरीय स्वरुप प्रतिरूप को रेडियल प्रतिरूप भी कहते हैं|
यह शंकुधारी पहाड़ों या ज्वालामुखी क्षेत्रों में विकसित होते हैं|
नदियाँ अपने केंद्र से चारों दिशाओं में बहती हैं, जो केंद्र बिंदु से अपवाह का अरीय प्रतिरूप बनाती हैं |
1.नदियाँ अपने उपरी अपवाह में तेजी से बहती हैं |
2.जल प्रवाह तीव्र एवं नदियाँ सीधी बहती हैं |
3.इस चरण में नदियों का मुख्य कार्य अपरदन है, जिससे गहरी घाटियों, गर्तों एवं जलप्रपातों का निर्माण होता है |
4.इस अवस्था को पर्वतीय चरण भी कहते हैं |
लैगून खारे पानी की झीलें हैं जो तट एवम अवरोध के मध्य स्थित होती हैं | भारत के पूर्वी तट पर स्थित दो लैगून हैं – ओडिशा की चिल्का झील एवं चेन्नई के समीप पुलिकट झील |
मानव इतिहास में नदियों का बुनियादी महत्त्व रहा है –
1.नदी जल प्राकृतिक संसाधन है जो विभिन्न मानवीय गतिविधियों के लिए आवश्यक है |
2.नदी तट प्राचीन काल से ही मानव को स्थायी रूप से बसने के लिए आकर्षित करते रहे हैं | यह छोटी-छोटी बस्तियां अब विशाल नगरों में बदल गई हैं |
3.नदियाँ सिंचाई के लिए, परिवहन के लिए, जल विद्युत उत्पादन के लिए भारत जैसे देश में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं|
1.इसका प्रारंभ 1985 मैं हुआ था एवं इसका प्रथम चरण वर्ष 2000 में समाप्त घोषित किया गया |
2.राष्ट्रीय नदी संरक्षण प्राधिकरण इसकी निगरानी समिति है जो GAP की प्रगति की समीक्षा एवं त्रुटियों को सुधाराती है |
3.(NRCP) राष्ट्रीय नदी संरक्षण योजना के अधीन देश की प्रमुख प्रदूषित नदियों की सुधार प्रक्रिया लागू करना है | GAP (द्वितीय चरण) का अब NRCP के अधीन विलय कर दिया गया है |
दोनों नदियों के मध्य यह समानता है कि यह दोनों ही लोगों द्वारा दुःख या शोक की नदियाँ मानी जाती हैं | यह प्रतिवर्ष विनाशकारी बाढ़ लाती हैं जिससे जान-माल की भारी तबाही होती है | दामोदर नदी पर अब नियंत्रण स्थापित कर लिया गया है जबकि कोसी नदी पर आंशिक सफ़लता ही हासिल की जा सकी है |
1.गंगा नदी गंगोत्री हिमनद के गोमुख से निकलती है जो यहाँ भागीरथी कहलाती है | देवप्रयाग में अलकनंदा नदी का संगम होता है तब यह गंगा कहलाती है | यह 3892 मीटर की ऊंचाई से बहती है |
2.सिन्धु नदी का उद्गम वृहत हिमालय की केलाश पर्वत श्रेणी के पास स्थित मानसरोवर झील के पास एक चोटी से होता है |यह 5000 मीटर की ऊंचाई से समुद्र तल तक बहती है |
1. नदी का निचला अपवाह दर्शाया गया है |
2. नदियों के बहुत से वलय हैं एवं अनेक सहायक नदियाँ उसमें मिलती हैं एवं धनुष के आकार की झीलों का निर्माण करती हैं|
A. 1958-1961
B. 2000-2001
C. 2002-2003
D. 1999-2000
दुनिया की सबसे भयंकर अकाल में लोगों की अधिक से अधिक 3 करोड़ रुपए की हत्याओं का सामना करना पड़ा।
A. राष्ट्र
B. राजनीतिक नेता
C. नागरिक
D. मंत्रिपरिषद
लोकतंत्र नागरिक की गरिमा को बढ़ाता है, क्योंकि लोकतांत्रिक सरकार शासन करने का बेहतर तरीका है।
A. सभी नागरिकों को बराबर निवेश करना
B. अधिक बहुमत की आवाज
C. प्रतिनिधियों का अंतिम निर्णय लेना
D. नागरिक कर्तव्यों का सुधार
लोकतांत्रिक निर्णय में अलग राय, विचार-विमर्श और बैठक में शामिल होने के बाद निर्णय लेने की गुणवत्ता बढ़ती है।
A. स्थिर सरकार
B. अस्थिर
C. भ्रष्ट
D. कुशल
लोकतंत्र में सभी राजनीतिक नेताओं को प्रतिस्पर्धा और सत्ता खेल द्वारा अस्थिर सरकार होने पर बदला जाता है।
A. राजा
B. शासक
C. कानून
D. राष्ट्रपति
कानून की नजर में नागरिकों का अधिकार समान होना चाहिए, और सरकार द्वारा सभी को सुरक्षित किया जाना चाहिए।
A. पार्टी के नेता
B. सैन्य अधिकारी
C. लोग
D. अल्पसंख्यक
A. लोकतंत्र
B. सैन्य तानाशाही
C. समाजवादी लोकतंत्र
D. कुलीनतंत्र
बर्मा जनरल थान श्वे राज्य के प्रमुख सैन्य शासकों द्वारा शासित है। उन्होंने कहा, "राज्य शांति और विकास परिषद के अध्यक्ष" के पदों के लिए आयोजित किया जाता है।
A. विपक्षी पार्टी गतिविधियां
B. पार्टी संस्करण सत्तारूढ़
C. सरकार सुधारक
D. लोगों की मांग
जिम्बाब्वे की सरकार को टेलीविजन और रेडियो द्वारा नियंत्रित किया जाता था।
A. राष्ट्रपति शक्ति में वृद्धि
B. निरंकुश सरकार को लाना
C. अपदस्थ अध्यक्ष
D. राष्ट्रपति शक्ति में कमी
A. चार साल
B. पांच साल
C. छः साल
D. सात साल
मेक्सिको के बाद हर छह साल में अध्यक्ष के लिए चुनाव आयोजित किया जाता है।
A. आर्थिक समानता
B. राजनीतिक समानता
C. सामाजिक समानता
D. स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव
A. लापता लोग
B. भारतीय -फीजियन
C. कॉकेशियन
D. चीनी
A. बेनजीर भुट्टो
B. नवाज शेरिफ
C. शौकत अजीज
D. यूसुफ रजा गिलानी
नवाज शेरिफ 12 अक्टूबर 1999 को 17 फ़रवरी 1997 से पाकिस्तान के प्रधानमंत्री थे।
A. 1965
B. 1974
C. 1980
D. 1985
जिम्बाब्वे में सफेद अल्पसंख्यक शासन से 1980 में स्वतंत्रता प्राप्त कर ली थी।
A. 1961
B. 1962
C. 1963
D. 1964
A. मेला
B. अनुचित
C. लोकतांत्रिक
D. गैर लोकतांत्रिक
A. चीनी साम्यवादी पार्टियां
B. राज्य परिषद
C. राष्ट्रीय जनवादी कांग्रेस
D. रूस की कम्युनिस्ट पार्टियों
A. लोग
B. रूस की साम्यवादी पार्टी
C. सेना
D. कार्यकारी
सेना चीन की राष्ट्रीय जनवादी कांग्रेस के कुछ सदस्यों द्वारा चुना जाता है।
A. 1500 सदस्य
B. 2350 सदस्य
C. 2657 सदस्य
D. 3000 सदस्य
राष्ट्रीय जनवादी कांग्रेस लगभग 3000 सदस्य हैं। इसे राष्ट्रपति को नियुक्त करने की शक्ति होती है।
A. ऑस्ट्रेलिया
B. अमेरीका
C. जापान
D. चीन
चीन को देश की संसद कांगुओ रेनमिन डैबिओ दहुई (राष्ट्रीय जनवादी कांग्रेस) कहा जाता है। राट्रीय जनवादी कांग्रेस को देश का राष्ट्रपति नियुक्त करने की शक्ति है। चीन भर से चुने गए लगभग 3,000 सदस्य हैं।
भारत में जनसंख्या वितरण के निर्धारक कारक भौगोलिक स्थिति और जलवायु हैं|
2011 की जनगणना के प्रारम्भिक आंकड़ों के अनुसार, मुम्बई 1.84 करोड़ लोगों के साथ देश का सर्वाधिक जनसंख्या वाला शहर है। 1.63 करोड़ जनसंख्या के साथ दिल्ली दूसरे और 1.41 करोड़ की जनसंख्या के साथ कोलकाता सूची में तीसरे स्थान पर हैं। इसके बाद चौथे स्थान पर चेन्नई (89.1 लाख), पांचवें स्थान पर बेंगलुरू (84 लाख) एवं हैदराबाद 77.4 लाख की जनसंख्या के साथ छठवें स्थान पर है।
विश्व जनसंख्या में चीन (135 करोड़) के बाद भारत (121 करोड़) का दूसरा स्थान है|
जनसंख्या के आकार में वृद्धि के लिए निर्धारक तत्व इस प्रकार हैं:
ii) अप्रवास
जनसंख्या के
आकार में कमी के
लिए निर्धारक
तत्व इस प्रकार
हैं:
i) मृत्यु
ii) प्रवास
वर्तमान समय में बढ़ते हुए औद्योगीकरण एवं शहरीकरण में वृद्वि होने के कारण द्वितीय एवं तृतीय क्षेत्रों में व्यावसायिक परिवर्तन हुआ है।
यह अनुमान लगाया गया है कि भारत की जनसंख्या में प्रतिवर्ष लगभग 180 लाख (ऑस्ट्रेलिया के आकार के समान) की वृद्धि होती रहेगी। भारत की जनसंख्या 2050 तक 153 करोड़ हो जाएगी। तब भारत विश्व का सबसे अधिक आबादीवाला देश होगा क्योंकि 2050 तक चीन की जनसंख्या अनुमानतः लगभग 139 करोड़ होगी।
प्रति एक हजार (१०००) पुरुषों पर स्त्रियों की संख्या लिंग अनुपात कहलाती हैं। यह जानकारी पुरुषों और महिलाओं के मध्य समानता की सीमा के मापन के लिए महत्वपूर्ण सामाजिक सूचक है|
आर्थिक रूप से क्रियाशील जनसंख्या का प्रतिशत, विकास का एक महत्त्वपूर्ण सूचक होता है। विभिन्न प्रकार के व्यवसायों के अनुसार किए गए जनसंख्या के वितरण को व्यावसायिक संरचना कहा जाता है। किसी भी देश में विभिन्न व्यवसायों को करने वाले भिन्न-भिन्न लोग होते हैं। व्यवसायों को सामान्यतः प्राथमिक, द्वितीयक एवं तृतीयक श्रेणियों में वर्गीकृत किया जाता है।
प्राथमिक क्रियाकलाप प्रकृति से कच्चे माल के निष्कर्षण से संबंधित हैं| इसमें कृषि, पशुपालन, वृक्षारोपण एवं मछली पालन तथा खनन आदि क्रियाएँ शामिल हैं।
तृतीयक क्रियाकलापों में परिवहन, संचार, वाणिज्य, प्रशासन तथा सेवाएँ शामिल हैं।
2011 की जनगणना के आंकड़ों के अनुसार, हमारे देश में 72,597,565 जनसंख्या में से 20,059,666 जनसंख्या शहरों में निवास करती है| यह कुल जनसंख्या का 27.6 प्रतिशत है| भारत में वर्ष 2011 में 10 लाख या उससे भी अधिक की जनसंख्या वाले 53 शहर हैं| जबकि वर्ष 2001 में इनकी संख्यां 35 ही थी| रोजगार, बेहतर शिक्षा की गुणवत्ता, माल परिवहन और जनसंचार तंत्र की तलाश में ग्रामीण क्षेत्रों से एक बड़ी आबादी शहरी क्षेत्रों की ओर पलायन कर रही है| इस प्रकार, शहरी क्षेत्रों की जनसंख्या लगातार तीव्र गति से बढ़ रही है|
जनसंख्या वृद्धि का अर्थ होता है, किसी विशेष समय अंतराल में, जैसे 10 वर्षों के भीतर, किसी देश/राज्य के निवासियों की संख्या में परिवर्तन। इस प्रकार के परिवर्तन को दो प्रकार से व्यक्त किया जा सकता है। पहला, सापेक्ष वृद्धि तथा दूसरा, प्रति वर्ष होने वाले प्रतिशत परिवर्तन के द्वारा।
वर्ष 1981 से जनसंख्या
वृद्धि दर गिरने
के दो महत्वपूर्ण
कारक इस प्रकार
हैं:
(i) बेहतर
चिकित्सा सुविधाएँ
(ii) साक्षरता
के स्तर में वृद्धि
भारत के मानव
संसाधनों के तीन
विशेष लक्षण इस
प्रकार हैं:
(i) भारत
का मानव संसाधन
काफी विशाल है|
(ii)
इसका
वितरण काफी असमान
है|
(iii) इसमें
काफी तीव्र वृद्धि
दर्ज की गयी है|
|
कुल जनसंख्या |
जनसंख्या का औसत घनत्व |
|
i) यह किसी क्षेत्र के लोगों की वास्तविक संख्या होती है| |
i) कुल जनसंख्या एकरूपता के वितरण के बाद यह एक इकाई क्षेत्र में लोगों की संख्या होती है| |
|
ii) इसके मापन की इकाई व्यक्तियों की संख्या होती है| |
ii) इसके मापन की इकाई प्रति इकाई क्षेत्र में लोगों की संख्या होती है| |
|
iii) इसका मान केवल लोगों की संख्या पर निर्भर करता है| |
iii) इसका मान व्यक्तियों की संख्या और कुल क्षेत्र दोनों पर निर्भर करता है| |
जनसंख्या वृद्धि के पर्यावरणीय प्रतिरोध इस प्रकार हैं:
i) भोजन और आवास की कमी
ii) प्राकृतिक आपदाएं; जैसे सूखा, बाढ़
iii) जैविक कारक; जैसे रोगाणु, परजीवी, परभक्षी
· सर्वाधिक लिंगानुपात वाले राज्य - केरल
· सबसे कम जनसंख्या घनत्व वाला राज्य - अरुणाचल प्रदेश
· न्यूनतम जनसंख्या वाला राज्य - सिक्किम
· न्यूनतम लिंगानुपात वाला राज्य - हरियाणा (879)

जलवायु: जिन क्षेत्रों में माध्यम जलवायु पाई जाती है, वहां उच्च जलवायु परिस्थितियों की तुलना में अधिक जनसंख्या निवास करती है|
मृदा के प्रकार: भारत के उत्तरी मैदानों में जलोढ़ मिटटी पाई जाती है, जो बहुत उपजाऊ होती है| इसलिए यहाँ घनी आबादी पाई जाती है| दूसरी ओर पर्वतीय और मरुस्थलीय क्षेत्र कम आबादी वाले होते हैं|
धार्मिक और ऐतिहासिक स्थान: इलाहाबाद, बनारस, रामेश्वरम, आगरा आदि क्षेत्र घनी आबादी वाले हैं|
|
विकास दर |
जन्म दर |
|
i) यह वह दर है जिस पर किसी विशिष्ट अवधि में किसी क्षेत्र की जनसंख्या वृद्धि करती है| |
i) यह एक निश्चित अवधि में एक निश्चित क्षेत्र में जन्म लेने वालों की संख्या होती है| |
|
ii) इसका मान किसी निश्चित अवधि में जन्म दर और मृत्यु दर के अंतर से ज्ञात किया जाता है| |
ii) जन्म दर क्षेत्र के जन्म और मृत्यु पंजीकरण कार्यालय से प्राप्त किया जा सकता है| |
|
iii) वर्तमान में, प्रजनन आयु समूह में जनसंख्या के विशाल आकार के कारण उच्च जनसंख्या विकास दर है| |
iii) विश्व बैंक की रिपोर्ट के अनुसार, 2009 में जन्म दर 22.50 (प्रति 1000 लोगों में) थी| |
A. भारत
B. चीन
C.
अमेरीका
D. संयुक्त राज्य अमेरिका
संयुक्त राज्य अमेरिका 1776 में अमेरिका के लोकतांत्रिक देश अपनी स्थापना के बाद से लोकतंत्र राष्ट्रपति का रूप है।
A. यह सैन्य का नियम है
B. यह राजा का नियम है
C. यह लोगों के प्रतिनिधित्व पर आधारित का नियम है
D. यह तानाशाही का शासन है
लोकतंत्र शासकों के लोगों द्वारा चुना जाता है जो सरकार का रूप है।
A.
कश्मीर
घाटी
B. नुब्रा घाटी
C. लेह-लद्दाख
D. कुल्लू-मनाली
लेह-लद्दाख क्षेत्र में अल्प वर्षा होती है क्योंकि यह हिमालय के वृष्टिछाया क्षेत्र के अंतर्गत आता है| इस प्रकार, इसे ठंडा मरुस्थल कहा जाता है|
कर्क रेखा के दो छोर बिन्दु पश्चिम में कच्छ का रन और पूर्व में मिजोरम हैं|
भारत में वार्षिक वर्षण की सीमा 10 सेमी० से 400 सेमी० तक होती है|
उष्णकटिबंधीय चक्रवात की उत्पत्ति तब होती है जब नम हवा के ऊपर उठने से गर्मी पैदा होती है, जिसके फलस्वरूप नम हवा में निहित जलवाष्प का संघनन होता है।
बंगाल में उष्णकटिबंधीय तूफ़ानों को ‘काल बैशाखी’ कहा जाता है क्योंकि ये बैशाख के महीने; जैसे अप्रैल में आते हैं| इनसे अधिक मात्रा में विनाश होता है|
ITCZ से तात्पर्य अंतः उष्णकटिबंधीय अभिसरण क्षेत्र से है| यह कम वायुदाब का क्षेत्र होता है, जो गर्मी के मौसम में उत्तरी भारत में बनता है| ऊपर उठने वाली वायु धाराएं वैश्विक वायु अभिसरण तथा ताप जनित संवहन द्वारा बनती हैं।