जलवायु का संबंध कुल मौसमी स्थितियों के योग से है और यह एक लम्बी अवधि (30 सालों से भी अधिक) के लिए विशाल क्षेत्रों में परिवर्तित होती है|
मौसम और जलवायु के तत्व सामान ही होते हैं| ये इस प्रकार हैं: तापमान, वायुमंडल, आर्द्रता, वर्षण|
मानसून में विराम में एक परिघटना है जिसमें मानसूनी वर्षा एक समय में कुछ दिनों तक ही होती है। इनमें वर्षा रहित अंतराल भी होते हैं। ये विराम मानसूनी गर्त की गति से संबंधित होते हैं।
ऋतु एक वर्ष से छोटा कालखंड है जिसमें मौसम की दशाएँ एक खास प्रकार की होती हैं। महीनों के लिए मौसम का सामान्य प्रतिरूप (जैसे शीत या ग्रीष्म, बादल या स्वच्छ) ऋतुएँ कहलाती हैं| ये सामान्य तौर पर शीत, ग्रीष्म, वर्षा ऋतु होती हैं, जबकि वसंत, ग्रीष्म, वर्षा, पतझड़ या हिमवर्षा आदि भारत की विशेष ऋतुएँ होती हैं|
उष्णकटिबंधीय
जलवायु की दो विशेषताएं
इस प्रकार हैं:
i) वर्षभर
उच्च तापमान
ii) शुष्क
शीत
यह वह बल है, जो पृथ्वी के घूर्णन से उत्पन्न होता है| यह उत्तर-पूर्व की व्यापारिक पवनों को उत्तरी गोलार्द्ध में दायीं दिशा में तथा दक्षिणी गोलार्द्ध में बायीं दिशा में विक्षेपित करता है|
पृथ्वी के घूमने से पूर्वी प्रशांत महासागर और पूर्वी हिन्द महासागर के विशिष्ट क्षेत्रों में कम और उच्च वायुदाब की स्थितियों के स्थानांतरण से होने वाले परिणामी परिवर्तन दक्षिणी दोलन कहलाते हैं|
ग्रीष्म ऋतु के खत्म होने से पहले खासतौर पर केरल व कर्नाटक के तटीय क्षेत्रों में मानसून बौछारें पड़ती हैं । इस तूफानी वर्षा का स्थानीय नाम आम्र वर्षा है क्योंकि इससे आम जल्दी पक जाते हैं । आम्र वर्षा आम की फ़सल के लिए काफ़ी उपयोगी है।
भारत के केन्द्रीय पठारों में अल्प वर्षा होती है क्योंकि ये पठार पूर्वी घाटों की तरह ही, पश्चिमी घाटों के वृष्टि छाया क्षेत्रों के अंतर्गत आते हैं|
कठोर जलवायु स्थितियों के कारण राजस्थान के घरों में मोटी दीवारें और समतल छतें बनायीं जाती हैं| ये दीवारें वहां के लोगों को दिन के समय अधिक गर्मी से तथा रात के समय अधिक सर्दी से बचाती हैं| यहाँ के घरों में समतल छतें वर्षा के जल का संग्रहण के लिए बनायीं जाती हैं, ताकि आवश्यकता पड़ने पर उसका उपयोग किया जा सके|
तराई क्षेत्रों, गोवा और मैंगलोर में घरों की छतें ढालनुमा बनायीं जाती हैं, ताकि वर्षा का जल नीचे आ जाये और वह एकत्रित ना हो पाए| ये क्षेत्र उच्च वर्षा वाले क्षेत्रों के अंतर्गत आते हैं|
पश्चिमी घाट एवं पूर्वोत्तर राज्य भारत एक दो सर्वाधिक नम प्रदेशों में से एक हैं | इसका मुख्य कारण हैं:
(i) वर्षा ऋतु के आरम्भ में, पश्चिमी घाटों की हवाओं की ओर के क्षेत्रों में अधिक (250 सेमी० से भी अधिक) वर्षा होती है| ऐसा इसलिए होता है कि पश्चिमी घाट, नमीयुक्त हवाएं को आगे बढ़ने से रोकते हैं|
(ii) इसी तरह पूर्वोत्तर राज्यों में भी होता है, जहाँ दक्षिण-पूर्वी मानसून को बंगाल की खाड़ी तक पहुँचने के मार्ग में पूर्वी हिमालय बाधा पहुंचाता है|
प्रचुर मात्रा
में वर्षा होने
के बावजूद भी, भारत
जल से प्यासी भूमि
कही जाती है क्योंकि:
1. वर्ष
के कुछ ही महीनों
में वर्षा होती
है|
2. तीव्र
अपवाह
3. त्वरित
वाष्पीकरण
4. वर्षा
का असमान वितरण
A.
प्राकृतिक संसाधनों का दोहन
B.
प्रौद्योगिकी
C.
बैंकिंग
D.
सूचनाओं का संग्रहण
द्वितीयक क्रियाओं से तात्पर्य संसाधनों की प्रौद्योगिकी से है| उदाहरण : इस्पात का निर्माण, ब्रेड का बनना और कपड़ों की बुनाई आदि|
A.
चीन
B. नाइजीरिया
C. जापान
D. ब्राज़ील
केवल बांग्लादेश (1,106.95 प्रति वर्ग किमी०, 20 नवम्बर, 2015) में भारत से अधिक जनसंख्या घनत्व है| जापान का जनसंख्या घनत्व प्रति वर्ग किमी० 335.58 व्यक्ति (1 सितम्बर, 2015) है| नाइजीरिया में प्रति वर्ग किमी० 193 व्यक्ति (1 जुलाई, 2015) और ब्राज़ील का जनसंख्या घनत्व प्रति वर्ग किमी० 23.8 व्यक्ति (1 जुलाई, 2014) है|
A.
प्रति
हजार
पुरुषों पर 1001 महिलाएं
B. प्रति हजार पुरुषों पर 821 महिलाएं
C. प्रति हजार पुरुषों पर 861 महिलाएं
D. प्रति हजार पुरुषों पर 1084 महिलाएं
किसी स्थान पर प्रति हजार पुरुषों पर महिलाओं की संख्या को लिंग अनुपात से प्रदर्शित किया जाता है| केरल एकमात्र ऐसा राज्य है, जहाँ अनुकूल लिंग अनुपात है| वर्ष 2011 की जनगणना के अनुसार केरल का लिंग अनुपात 1084 है|
A.
पश्चिम
बंगाल
B. उत्तर प्रदेश
C. राजस्थान
D. महाराष्ट्र
राजस्थान भारत का सबसे बड़ा राज्य है| इसका क्षेत्रफल 342,239 वर्ग किमी० है|
A.
84.64%
B. 74.46%
C. 64.84%
D. 74.04%
वर्ष 2011 की जनगणना के अनुसार साक्षरता दर 74.04% थी|
A.
10 हजार
व्यक्ति
B. 64 हजार व्यक्ति
C. 75 हजार व्यक्ति
D. 1 लाख व्यक्ति
वर्ष 2011 की जनगणना के अनुसार लक्ष्यद्वीप की कुल जनसंख्या 64,473 है| जिसमें से 33,123 पुरुष जनसंख्या और 31,350 महिला जनसंख्या है| यह 36 द्वीपों का एक समूह है और इसका कुल इलाका 32 वर्ग किलोमीटर का है जो कि अरब सागर में 30,000 वर्ग मील तक बिखरा हुआ है।
A.
छह राज्यों में
B.
पांच राज्यों में
C.
सात राज्यों में
D.
आठ राज्यों में
उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, बिहार, पश्चिम बंगाल और आंध्र प्रदेश में भारत की कुल जनसंख्या की लगभग आधी जनसंख्या निवास करती है| क्षेत्रफल की दृष्टि से राजस्थान सबसे बड़ा राज्य है, जहाँ भारत की कुल जनसंख्य की 5.5 प्रतिशत जनसंख्या निवास करती है|
A.
निम्न जन्म और निम्न मृत्यु दर
B.
निम्न मृत्यु दर और उच्च जन्म दर
C.
उच्च जन्म और उच्च मृत्यु दर
D.
निम्न जन्म दर निम्न और उच्च मृत्यु दर
चीन और भारत जैसे देशों में जनसंख्या वृद्धि दर अधिक होती है क्योंकि यहाँ स्वास्थ्य सुविधाएँ में निरंतर सुधार हो रहा हैं, जिससे मृत्यु दर में कमी आ रही है और जन्म दर में वृद्धि होती है; जिससे जनसंख्या बढ़ती है|
A.
3.11
लाख
B. 4.11 लाख
C. 5.11 लाख
D. 6.11 लाख
वर्ष 2011 की जनगणना के आंकड़ों के अनुसार, सिक्किम की जनसंख्या 6.11 लाख है|
A.
तृतीयक क्षेत्र
B.
प्राथमिक क्षेत्र
C.
द्वितीयक क्षेत्र
D.
औद्योगिक क्षेत्र
नागरिक सेवाएं, तृतीयक क्षेत्र का एक हिस्सा होती हैं|
A.
सन 2035
B.
सन 2045
C.
सन 2055
D.
सन 2025
ऐसा अनुमान लगाया जाता है कि वर्ष 2045 तक भारत सबसे अधिक आबादी वाला देश होगा|
A.
1870 में
B.
1871 में
C.
1880 में
D.
1883 में
इसका आयोजन ब्रिटिश सरकार ने वर्ष 1871 में किया था, लेकिन तब यह जल्दबाजी में करा ली गयी थी| वास्तविक आंकड़ें वर्ष 1882 के मिलते हैं|
2011 की जनगणना के अनुसार, केरल में साक्षरता दर 93.91 प्रतिशत तथा मिजोरम में 91.58 प्रतिशत है|
जनसंख्या के तीन प्रमुख पहलू इस प्रकार हैं:
1. जनसंख्या का आकार एवं वितरण
2. जनसंख्या
वृद्धि एवं जनसंख्या
परिवर्तन की प्रक्रिया
3. जनसंख्या के गुण या विशेषताएं
यदि तीव्रता से बढ़ती हुई जनसंख्या को नियंत्रित नहीं किया गया, तो हमारे देश में भोजन, कपड़ों और मकानों, स्वास्थ्य, शिक्षा की कमी, बेरोजगारी और जीवन के अन्य मानकों की समस्या उत्पन्न हो सकती है|
मृत्यु दर में कमी होने से भारत की जनसंख्या तीव्रता से बढ़ रही है|
उत्तरी मैदानी भाग एवं दक्षिण में केरल का जनसंख्या घनत्व बहुत अधिक है, क्योंकि यहाँ समतल मैदान एवं
उपजाऊ मिट्टी पायी जाती है तथा पर्याप्त मात्रा में वर्षा होती है।
2011 की जनगणना के अनुसार भारत का जनसंख्या घनत्व 382 व्यक्ति प्रति वर्ग किलोमीटर है| वर्ष 2001 में भारत का जनसंख्या घनत्व 324 प्रति वर्ग कि.मी.था।
गंगा, ब्रह्मपुत्र, महानदी, गोदावरी, कृष्णा, कावेरी के मैदानी भाग तथा मालाबार तटीय क्षेत्र भारत के सर्वाधिक घनी आबादी वाले भाग हैं|
भारत मे साक्षरता के मामले मे पुरुष और महिलाओं मे काफ़ी अंतर है जहा पुरुषों की साक्षरता दर 82.14 है वहीं महिलाओं में इसका प्रतिशत केवल 65.46 है। महिलाओं मे कम साक्षरता का कारण अधिक आबादी और परिवार नियोजन की जानकारी कमी है।
A.
सर्दियों में
B.
गर्मियों में
C.
वसंत में
D.
पतझड़ में
शीत ऋतु के दौरान हमारे देश की जलवायु अन्य उष्णकटिबंधीय देशों की भांति अत्यधिक ठंडी नहीं होती है| कुछ पक्षी जो इस प्रकार की जलवायु में जीवित नहीं रह पाते हैं, वे दिसंबर के माह में भारत आ जाते हैं और मार्च तक यहीं निवास करते हैं|
A.
संग्रहालय
B. जल संरक्षण
C. तेल संरक्षण
D. जैवमंडल निचय
संरक्षित जैवमंडल या बायोस्फेयर रिज़र्व, यूनेस्को द्वारा अपने कार्यक्रम मानव और जैवमंडल के अंतर्गत दिया जाने वाला एक अंतरराष्ट्रीय संरक्षण उपनाम है| देश के पारिस्थितिकी तंत्र के संरक्षण तथा आनुवांशिक विविधता के परिक्षण के उद्देश्य से जैव मंडल संरक्षित क्षेत्रोँ की स्थापना की गई है।
पर्णपाती वन के वृक्षों की लकड़ियाँ कठोर होती हैं| ये सभी वृक्ष अक्टूबर- नवम्बर के माह में अपनी पत्तियां गिराते हैं|
A.
50 सेमी० से कम
B.
50-60 सेमी०
C.
100-200 सेमी०
D.
200 सेमी० से अधिक
बांस, साल, शीशम, चन्दन, खैर, कुसुम, अर्जुन और शहतूत के वृक्ष 70-200 सेमी० वर्षा वाले क्षेत्रों में पाए जाते हैं| इस प्रकार के वनों के वृक्ष शुष्क ग्रीष्म के मौसम में छह से आठ माह के लिए अपनी पत्तियां गिराते हैं|
A.
मणिपुर
B.
मेघालय
C.
मिजोरम
D.
नागालैंड
नोकरेक राष्ट्रीय उद्यान या नोकरेक जैवमंडल संरक्षण मेघालय की गारो पहाडियों के जिले में तुरा चोटी से दो किमी० दूर स्थित है| यूनेस्को ने इस राष्ट्रीय उद्यान को मई 2009 में अपनी जैवमंडल संरक्षण की सूची में शामिल कर लिया है|
A.
मध्य प्रदेश
B.
आंध्र प्रदेश
C.
नागालैंड
D.
मिज़ोरम
क्षेत्रफल की दृष्टि से सर्वाधिक वनावरण वाले 5 राज्य क्रमशः मध्य प्रदेश, अरुणाचल प्रदेश, छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र एवं ओडिशा हैं| सर्वाधिक वनावरण प्रतिशतता वाले भारत के 5 राज्य क्रमशः मिजोरम, अरुणाचल प्रदेश, नागालैंड, मेघालय एवं मणिपुर हैं|
A.
मरुस्थल में
B.
पहाड़ी ढलानों पर
C.
तटीय क्षेत्रों में
D.
मैदानों में
शंक्वाकार वृक्ष पहाड़ी ढलानों पर पाए जाते हैं| प्राकृतिक वनस्पति पर जलवायु और ऊंचाई का प्रभाव पड़ता है| बुरांस (रोडोडेंड्रॉन), हरिता (मॉस), लाइकेन जैसे वृक्ष और जंगली फूल; जैसे नीला खसखस व एडलवाइस आदि भी पहाड़ी ढलानों पर पाए जाते हैं|
A.
49
B. 50
C. 70
D. 89
वनस्पतियों की दुर्लभ प्रजातियों के संरक्षण तथा वनस्पतियों व जीवों को उनका प्राकृतिक आवास प्रदान करने के लिए सम्पूर्ण भारतवर्ष में राष्ट्रीय उद्यानों की स्थापना की गयी है| भारत का पहला राष्ट्रीय उद्यान 1935 में स्थापित किया गया था| वर्तमान में सरकार के प्रयासों से भारत में 89 राष्ट्रीय उद्यान हैं|
A.
शीत ऋतु में
B.
पतझड़ के मौसम में
C.
ग्रीष्म ऋतु में
D.
वसंत ऋतु में
सूर्य के प्रकाश की अवधि अधिक होने के कारण वृक्ष गर्मियों में अधिक तेजी से वृद्धि करते हैं| अक्षांश, ऊंचाई और मौसम में भिन्नता होने के कारण भिन्न स्थानों पर सूर्य के प्रकाश की अवधि भिन्न-भिन्न होती है|
A.
हरियाणा और पंजाब
B.
केरल और कर्नाटक
C.
असम और अरुणाचल प्रदेश
D.
नागालैंड और ओड़िसा
हरियाणा और पंजाब राज्यों में भूमि का अधिकांश क्षेत्र कृषि के अंतर्गत है| इसलिए यहाँ वन क्षेत्र सबसे कम पाया जाता हैं|
A.
पर्वतीय वन
B.
आर्द्र मानसूनी वन
C.
उष्णार्द्र पतझड़ वन
D.
उष्णार्द्र सदाबहार वन
उष्णार्द्र सदाबहार वनों का विस्तार उत्तर में हिमालय की तराई वाले क्षेत्रों, पूर्वी हिमालय के पाद-प्रदेश (असम, पश्चिम बंगाल), पश्चिमी घाट पर्वत के ढालों पर, नीलगिरि तथा अन्नामलाई की पहाड़ियों पर एवं अण्डमान निकोबार द्वीप समूह में पाया जाता है।
पारिस्थितिक तंत्र की रचना में किसी क्षेत्र के पादप तथा जीव अपने भौतिक वातावरण में परस्पर निर्भर व संबंधित होते हैं| मानव भी पारिस्थितिक तंत्र के अभिन्न अंग होते हैं क्योंकि वे वन्य जीवन और वनस्पतियों का उपयोग करते हैं|
प्राकृतिक वनस्पतियों के निर्धारण में सहायक सर्वाधिक महत्वपूर्ण कारक भूमि, तापमान, भूमध्य रेखा से दूरी, समुद्र तल से ऊंचाई और मृदा आदि हैं|
कच्छ के रन, राजस्थान के भरतपुर तथा ओडिशा की चिल्का झील में एक बड़ी संख्या में प्रवासी पक्षी आते हैं| ये क्षेत्र साईबेरियाई सारस और राजहंसों जैसे प्रवासियों पक्षियों के लिए सबसे अच्छे स्थान हैं|
उष्णकटिबंधीय पर्णपाती वन मानसूनी वन होते हैं| ये वन 70 सेमी० से 200 सेमी० वर्षा वाले क्षेत्रों में पाए जाते हैं| ये वन देश में बड़े पैमाने पर व्याप्त हैं|
किसी विशिष्ट वातावरण में पादप और जीवों की भिन्न प्रजातियों की उपस्थिति जैव- विविधता कहलाती है|
उभयचर वे जीव होते हैं, जो जल और भूमि दोनों स्थानों पर निवास कर सकते हैं|
दलदली अथवा ज्वार भाटा क्षेत्रों के वन गंगा.ब्रह्मपुत्र डेल्टा क्षेत्र तथा पूर्वी घाट पर्वत श्रेणियों के तटीय भागों के ज्वार भाटा वाले क्षेत्रों में मिलते हैं। इसके अतिरिक्त तमिलनाडु एवं आन्ध्र प्रदेश के तटवर्ती ज़िलों तथा महानदीए गोदावरी, कृष्णा, कावेरी आदि नदियों के डेल्टा क्षेत्रों में ताड़, नारियल, फोनिक्स, केवड़ा, सुपारी, रोजीफोरा आदि प्रजातियों के वृक्ष पाये जाते हैं।
जैवमण्डल पृथ्वी के चारों तरफ व्याप्त 30 किमी मोटी वायु, जल, स्थल, मृदा, तथा शैल युक्त एक जीवनदायी परत होती है, जिसके अंतर्गत पादपों एवं जन्तुओं का जीवन सम्भव होता है। जैवमण्डल में पृथ्वी के हर उस अंग का समावेश है जहाँ जीवन पनपता है।
पृथ्वी की सतह पर पाए जाने वाले सभी प्रकार के जीव ‘पशुवर्ग’ के अंतर्गत आते हैं|
भारत
की जलवायु निम्न
के द्वारा नियंत्रित
की जाती है:
1. अक्षांश
2. ऊंचाई
3. दाब और
पवनें
4. समुद्र
से दूरी
5. महासागरीय
धाराएं
6. भौगोलिक
स्थिति
भारत में जलवायु के मानसूनी प्रकार निम्न कारणों से पाए जाते हैं:
शब्दावली ‘पश्चिमी विक्षोभ’ का प्रयोग भारत, पाकिस्तान, अफगानिस्तान और नेपाल में भूमध्यसागर से उत्पन्न अतिरिक्त उष्णकटिबंधीय तूफानों का वर्णन करने के लिए किया जाता है, जिनसे अचानक शीत ऋतू में वर्षा होती है तथा भारतीय उपमहाद्वीप के उत्तर-पश्चिमी भागों में हिमपात होता है| यह पछुआ पवनों का एक गैर-मानसूनी वर्षा प्रतिरुप होता है| इन हवाओं को भूमध्य सागर व अटलांटिक महासागर से आद्रता प्राप्त होती है|
अल
नीनों गर्म महासागरीय
धाराएँ होती हैं,
जो दो से पांच वर्ष
के अंतराल में
पेरू में बहती
हैं| ‘अल नीनो’ शब्द
स्पेनिश भाषा
से लिया गया है,
जिसका अर्थ होता
है: ‘बच्चा’; जैसे
‘छोटे ईसा मसीह’|
ये दिसंबर के माह
में बहती हैं|
इसके
प्रभाव इस प्रकार
हैं:
i) समुद्र
में सतही तापमान
बढ़ जाता है|
ii) प्रदेशों में व्यापारिक पवनें कमजोर पड़ जाती हैं|
i) मौसिनराम
और चेरापूंजी
ii) लेह तथा
थार मरुस्थल
मानसूनी
वर्षा की तीन विशेषताएँ
इस प्रकार हैं:
i) मानसून
ऋतु के आरम्भ में,
पश्चिमी घाटों
की वायु के ओर के
क्षेत्रों में
भारी वर्षा (250 सेमी०
से भी अधिक) होती
है|
ii) दक्कन
के पठार तथा मध्य
प्रदेश के कुछ
भागों के वृष्टि
छाया क्षेत्र
में अल्प वर्षा
होती है| देश के
उत्तर-पूर्वी
भागों में अधिकतम
वर्षा होती है|
iii) उष्णकटिबंधीय
न्यूनता की आवृत्ति
और तीव्रता मानसूनी
वर्षा की मात्रा
और अवधि निर्धारित
करती है|
|
मौसम |
जलवायु |
|
i. मौसम का संबंध किसी विशिष्ट समय और स्थान की वातावरणीय स्थितियों से होता है| |
i. जलवायु का संबंध कुल मौसमी परिस्थतियों के योग तथा एक लम्बी अवधि (30 सालों से भी अधिक) तक किसी क्षेत्र में व्याप्त विविधताओं से है| |
|
ii. मौसमी परिस्थितियों में कुछ दिनों या कुछ घंटों में परिवर्तन देखा जा सकता है| |
ii. जलवायु बार-बार परिवर्तित नहीं होती है| |
|
iii. मौसमी आंकड़े एक विशिष्ट समय पर रिकॉर्ड किये जाते हैं| |
iii. जलवायु मौसम के कुछ तत्वों के औसत मान से संबंधित है| |
भौगोलिक विविधता के कारण कारण भारत की जलवायु परिस्थतियों में भी विविधता पाई जाती है| लेकिन ये विविधताएँ मानसून के कारण होती हैं, जो पूरे देश में व्याप्त हैं|
1. भारत
में मानसून का
स्वागत कुछ त्योहारों
को मनाकर किया
जाता है|
2. मानसूनी
वर्षा से हमें
कृषि के लिए पानी
मिलता है|
3. मानसून हमें भीषण गर्मी से राहत देता है|
इस प्रकार भारत के लोगों का सम्पूर्ण जीवन मानसून के चारों ओर घूमता रहता है|
एक वृष्टि छाया प्रदेश शुष्क भूमि का वह क्षेत्र होता है, जो पर्वतों पर वायु की दिशा के विपरीत क्षेत्र में अवस्थित होता है| समुद्र के ऊपर से गुजरने वाली पवनें अपने साथ लायी जलवाष्प को पर्वतो के ऊपरी भाग तक ले जाती हैं| कम तापमान होने के कारण पवनें वर्षण के रूप में अपनी अधिकतर नमी छोड़ती जाती हैं| पर्वतों के दूसरी ओर पहुँचने पर ये हवायें शुष्क होकर नीचे आती है तथा निचले परिदृश्य से उपस्थित नमी ग्रहण करती है| इसी भाग में वृष्टि छाया प्रदेश का निर्माण होता हैं |
उत्तर-पश्चिमी भारत में नवम्बर माह के आस-पास कम वायुदाब की स्थिति बनी रहती है, जो बंगाल की खाड़ी की ओर स्थानांतरित हो जाती है| यह स्थानांतरण बार-बार होने वाली चक्रवाती घटना से संबंधित होता है, जो अंडमान सागर में बनता है, जिससे भारत के पूर्वी तटों में भारी वर्षा होती है| गोदावरी, कृष्णा और कावेरी के डेल्टा में बार-बार चक्रवात आते रहते हैं, जिनसे अधिक जान-माल की हानि होती है| कभी-कभी ये चक्रवात ओडिशा, पश्चिम बंगाल और बांग्लादेश के तटीय क्षेत्रों में विनाशकारी वर्षा का कारण बनते हैं|
|
दक्षिण-पश्चिम मानसून |
उत्तर-पूर्वी मानसून |
|
i) यह ऋतु जून से सितम्बर तक रहती है| |
i) यह ऋतु दिसंबर से आरम्भ होकर फरवरी के अंत तक तक रहती है| |
|
ii) इस मौसम के मध्य में कभी ककभी वर्षा नहीं होती हैं| |
ii) इस समय में वर्षा में निरन्तरता होती है| |
|
iii) यह मानसून भारत में अरब सागर शाखा और बंगाल की खाड़ी की शाखाओं के रूप में होता हैं| |
iii) इसकी कोई शाखा नहीं हैं| |
|
iv) भारत में अधिकतर वार्षिक वर्षण इसी मानसून के कारण होता है| |
iv) भारत में वार्षिक वर्षण का न्यूनम भाग इसी मानसून के कारण होता है| |
A.
अल्पाइन घास के मैदान
B.
गंगा के मैदान
C.
दक्कन का पठार
D.
मरुस्थलीय भूमि
हिमालय में 3600 मी॰ से अधिक ऊंचाई पर शीतोष्ण कटिबंधीय वनों तथा घास के मैदानों का स्थान अल्पाइन वनस्पति ले लेती है। अल्पाइन घास के मैदानों का उपयोग गुज्जर तथा बक्करवाल जैसी घुमक्कड़ जातियों द्वारा पशुचारण के लिए किया जाता है।
A.
सूर्य
के कम प्रकाश
के कारण
B. वृक्षों की मोटी कैनोपी के कारण
C. गहरी जड़ों के कारण
D. वृक्षों के मोटे तनों के कारण
सदाबहार वनों के वृक्ष बहुत लम्बे होते हैं और उनमें विशाल शीर्ष कवर होता है| शीर्ष कवर बहुत घना होता है ताकि वे अपने से बगल वाले वृक्षों में मिल जाएँ| जिससे सूर्य का प्रकाश बाधित हो जाता है|
A.
पर्वतीय वन
B.
कँटीले वन
C.
उष्ण कटिबंधीय शुष्क पर्णपाती वन
D.
ज्वारीय वन
कँटीले वन गुजरात से लेकर राजस्थान और पंजाब के उन भागों में मिलता है, जहाँ वार्षिक वर्षा 70 से.मी. से कम होती है| बबूल, खैर, खजूरी तथा खेजरी इन वनों के कुछ प्रमुख उपयोगी वृक्ष हैं ।
A.
मैंग्रोव वन
B.
वर्षा वन
C.
काँटेदार वनस्पति
D.
मानसूनी वन
मानसूनी वन हमारे देश की प्रमुख वनस्पति हैं, जो लगभग सम्पूर्ण भारत में फैली हुई है| इनकी वृद्धि वर्षा की मात्रा पर निर्भर करती है| मानसूनी वर्षा के कारण इन्हें मानसूनी वन कहा जाता है|
A.
उष्णकटिबंधीय
पर्णपाती
वनों के
B. उष्णकटिबंधीय वर्षा वनों के
C. ज्वारीय वनों के
D. शंकुधारी वनों के
उष्णकटिबंधीय वर्षा वन 200 सेंटीमीटर से अधिक वर्षा वाले क्षेत्रों में पाये जाते हैं|
A.
पश्चिम
बंगाल में
B. केरल में
C. राजस्थान में
D. पंजाब में
सुंदरी वृक्ष सुंदर वनों के प्रमुख वृक्ष होते हैं| सुंदरवन पश्चिम बंगाल के गंगा-ब्रह्मपुत्र डेल्टा पर स्थित हैं|
A.
गुजरात
में
B. असम में
C. मध्य प्रदेश में
D. केरल में
गैंडे मुख्य रूप से नम भूमि पर रहते हैं| भारत में नम भूमि असम में पायी जाती है|
A.
हिमालय में
B.
अरावली में
C.
नीलगिरी में
D.
सतपुड़ा में
लाल पांडा और ओबैक्स केवल हिमालय तक ही सीमित हैं| उन्हें जीवन के लिए बहुत अधिक ठंडी जलवायु की आवश्यकता होती है, जो केवल हिमालय में ही पाई जाती है|
A.
पीपल
B.
बांस
C.
रबर
D.
घास
जैसे-जैसे हम ऊपर जाते हैं, पर्वतों की मृदा की परत पतली होती जाती है| तापमान भी धीरे-धीरे घटने लगता है| इस प्रकार की जलवायुवीय स्थितियों में केवल झाड़ियाँ और घास ही देखने को मिलती हैं|
विभिन्न पर्यावरणीय तथा पारितंत्रीय परिवेश में जो कुछ भी प्राकृतिक रूप में उगता है, उसे प्राकृतिक वनस्पति कहते हैं| इसमें वन, घासभूमि और झाड़ियां शामिल हैं|
सामान जलवायु परिस्थितियों में पाए जाने वाले पादप समुदाय जो भिन्न समूहों में होते हैं, बायोम कहलाते हैं|
हिमालय की दक्षिणी ढलानों की तुलना में उत्तरी ढलानों पर सूर्य के प्रकाश की अवधि बहुत कम होती है| दक्षिणी ढलानें नदियों से जल ग्रहण करती हैं तथा इनकी मृदा भी उपजाऊ होती है, जो घनी वनस्पतियों के विकास में सहायक होती हैं|
जीव मंडल निचय जैव-विविधता के संरक्षण के लिए लौकिक व तटीय पारिस्थितिकी होते हैं|
भारत के चार जीव मंडल निचयों ₹₹के नाम, जो जैवमंडल आरक्षण के विश्व नेटवर्क में शामिल कर लिए गए हैं, इस प्रकार हैं:
(i)
(ii)
(iii)
(iv)
वन मानव जीवन में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं:
|
कंटीले वन |
मैंग्रोव वन |
|
1. ये वन 70 सेमी० से कम वर्षा वाले क्षेत्रों में पाए जाते हैं| 2. यहाँ पाई जाने वाली वनस्पतियाँ बबूल, ताड़, कैक्टस और कीकर हैं| |
1. ये वन ज्वार से प्रभावित डेल्टा क्षेत्रों में पाए जाते हैं| 2. यहाँ पाई जाने वाली वनस्पतियों में क्योड़ा एवं ऐंगोर प्रकार के वृक्ष शामिल हैं| 3. ये वन गंगा, महानदी, कावेरी, कृष्णा और गोदावरी के डेल्टा में पाए जाते हैं| |
पर्वतीय वन और मैंग्रोव वनों में प्रमुख अंतर इस प्रकार हैं:
|
पर्वतीय वन |
मैंग्रोव वन |
|
1. पर्वतीय क्षेत्रों में तापमान की कमी तथा ऊँचाई के साथ-साथ प्राकृतिक वनस्पति में भी अंतर दिखाई देता है। |
1. ये वन उन तटीय क्षेत्रों में पाए जाते हैं, जहाँ कीचड़ और तलछट संचित होते हैं| |
|
2. ये वन प्रमुख रूप से हिमालय की दक्षिणी ढलानों और उत्तर-पूर्वी-भारत के उच्च स्थानों पर पाए जाते हैं| |
2. गंगा, महानदी, कृष्णा, गोदावरी और कावेरी के डेल्टा इन वनों की वनस्पतियों से ढके होते हैं| |
|
3. 1500 और 2000 मीटर के मध्य शीतोष्ण वनों में शंकुधारी वृक्ष जैसे; चीड़, देवदार, सिल्वर फर, स्प्रूस और सीडर आदि पाए जाते हैं| |
3. घने मैंग्रोव पौधें की जड़ें पानी में डूबी रहती हैं। ताड़, नारियल, क्योड़ा और ऐंगोर आदि के वृक्ष इन भागों में उगते हैं| |
i. नोकरेक राष्ट्रीय उद्यान भारत के मेघालय राज्य में पश्चिम गारो हिल्स ज़िले में स्थित एक राष्ट्रीय उद्यान है जिसका क्षेत्रफल 47.48 वर्ग कि॰मी॰ है।
ii. नोकरेक गारों पहाडियों का सबसे ऊँचा बिन्दु है और यहाँ हाथी तथा हू लॉक गिब्बन सहित अनेक प्रकार की वन्य प्रजातियाँ पाई जाती हैं।
iii. नोकरेक राष्ट्रीय उद्यान में सिट्रस इंडिका की अत्यंत दुर्लभ प्रजातियाँ पाई जाती है जिसका नाम है मेमांग नारंग।
iv. नोकरेक राष्ट्रीय उद्यान की स्थापना नोकरेक में तथा इसके आस पास वाले स्थानों में जंगली हाथियों के समूह, पक्षियों की दुर्लभ किस्में तथा दुर्लभ ऑर्किड के संरक्षण के लिए की गई थी।

|
उष्णकटिबंधीय सदाबहार वन |
उष्णकटिबंधीय पर्णपाती वन |
|
1. ये वन 200 सेमी० या उससे अधिक वर्षा वाले क्षेत्रों में पाए जाते हैं| यहाँ के वृक्ष अलग-अलग समयों पर अपने पत्ते गिराते हैं, जिससे ये वर्षभर ही हरे-भरे दिखाई पड़ते हैं| 3. ये दुर्गम होते हैं, इसलिए इनका व्यावसायिक रूप से उपयोग कम किया जाता है| इन वनों के कुछ महत्वपूर्ण वृक्ष आबनूस, महोगनी और शीशम हैं| |
1. ये वन 70 सेमी० से 200 सेमी० वर्षा वाले क्षेत्रों में पाए जाते हैं| इन वनों के वृक्षों की पत्तियां शुष्क ग्रीष्म ऋतु में गिरती हैं| 3. ये वन अन्य किसी उपयोग की तुलना में व्यावसायिक रूप से अधिक उपयोग किये जाते हैं| इन वनों के कुछ महत्वपूर्ण वृक्ष साल, शीशम, चन्दन और खैर आदि हैं| |
1971 में यूनेस्को द्वारा ‘आदमी और जैवमंडल’ (MAB) के तत्वावधान में जैवमंडल आरक्षण कार्यक्रम की शुरुआत की गयी थी| जैवमंडल आरक्षण के गठन का उद्देश्य इसकी समर्थन प्रणाली के साथ जीवन के सभी रूपों का संरक्षण करना है| ताकि इसे निगरानी व प्राकृतिक पारिस्थितिक तंत्र में परिवर्तन के मूल्यांकन के लिए परामर्श तंत्र के रूप में पेश किया जा सके|

जैवमंडल निचय का उपयोग इस प्रकार हैं:
भारत में पाई जाने वाली कुछ प्रमुख वनस्पतियां इस प्रकार हैं:
अधिक ऊंचाई वाली वनस्पतियाँ:
ये वनस्पतियाँ टुन्ड्रा और अल्पाइन वनस्पतियों के नाम से जानी जाती हैं तथा इस प्रकार की वनस्पतियाँ सामान्यतः समुद्र के तल से 3600 मीटर की ऊंचाई पर पाई जाती हैं| इस प्रकार की वनस्पतियों की कुछ प्रमुख विशेषताएं इस प्रकार हैं:
i. ये वनस्पतियाँ हिमरेखा से ऊंचाई पर उगती हैं|
ii. इन वनों में सिल्वरफर, हपुषा, चीड़ और भूर्ज वृक्ष पाए जाते हैं|
iii. यहाँ बकरवाल और गुज्जर जनजातियाँ पाई जाती हैं|
A.
मिजोरम
B. सिक्किम
C. जम्मू और कश्मीर
D. अरुणाचल प्रदेश
वर्ष 2011 की जनगणना के अनुसार, अरुणाचल प्रदेश में जनसंख्या घनत्व सबसे कम (प्रति वर्ग किमी० 17 व्यक्ति) है|
A.
6.
B.
3.
C.
2.
D.
1.
लोगों का प्रवास दो प्रकार का होता है; जैसे देश के अंदर ही प्रवास और अन्य देशों में प्रवास|
A.
रोजगार
B. बाढ़
C. स्थानीय संघर्ष
D. भूख
प्रवास के लिए दो कारक उत्तरदायी होते हैं- अपकर्ष कारक और प्रतिकर्ष कारक| अपकर्ष कारक चुम्बक की भांति कार्य करते हैं, जो लोगों को वह क्षेत्र छोड़ने और अन्य जगह जाने के लिए बाध्य करते हैं|
A.
एनीमिया
B. क्वशिओर्कोर
C. सूखा रोग
D. शक्ति की कमी
एनीमिया किशोरियों में होने वाली एक सामान्य बीमारी है| भारत की अधिकतर महिलाएं अल्पपोषित होती हैं| उन्हें पर्याप्त भोजन नहीं दिया जाता है| उन्हें कठिन परिश्रम करना पड़ता है|
A.
बीमा
B.
प्रगलन
C.
खनन
D.
बुनाई
तृतीयक क्रियाओं में सेवा क्षेत्र आते हैं| और सेवा क्षेत्र के अंतर्गत बीमा आता है|
A.
जनसंख्या
संघठन
B. जनसंख्या घनत्व
C. वृद्धि दर
D. जीवन प्रत्याशा
जनसंख्या संघठन पुरुषों औ महिलाओं की संख्या जानने में हमारी मदद करता है| उनका संबंधित समूह, वे कैसे शिक्षित हुए हैं, वे किस तरह का व्यवसाय कर रहे हैं, उनकी आय और स्वास्थ्य स्थितियों का स्तर क्या है? यह जनसंख्या की संरचना से संबंधित है|
A.
अंटार्कटिक
B.
ऑस्ट्रेलिया
C.
अफ्रीका
D.
उत्तरी अमेरिका
अंटार्कटिक में स्थायी रूप से मानवीय जनसंख्या शून्य पायी जाती है| हालांकि, सर्दियों के समय लगभग एक हजार वैज्ञानिक वहां रहते हैं| गर्मियों में यह संख्या लगभग 4000 तक बढ़ जाती है|
A.
1994
B. 1985
C. 1996
D. 1987
मानव संसाधन विकास मंत्रालय की स्थापना भारत सरकार ने 1985 में की थी| इसका मुख्य उद्देश्य लोगों के जीवन में सुधार करना है|
A. संसद
B. न्यायपालिका
C. निर्वाचित प्रतिनिधियों
D. राष्ट्रीय या प्रांतीय विधानसभाओं
A. संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद
B. राष्ट्रीय जनवादी कांग्रेस
C. राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद
D. मंत्रिपरिषद
पाकिस्तान में सिविलियन कैबिनेट का काम सैन्य अधिकारियों के वर्चस्व में किया गया था, जो राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद की देखरेख में किया गया था।
A. डेमोक्रेटिक पार्टी
B. साम्यवादी पार्टी
C. रिपब्लिकन पार्टी
D. लेबर पार्टी
A.
रेनमिन दहुई
B.
रेनमिन डैबिओ दहुई
C. रेनमिन
D. कांगुओ रेनमिन डैबिओ दहुई
यह चीनी संसद का नाम है।
A. मंत्रिमंडल का कार्य
B. भ्रष्टाचार और धोखाधड़ी
C. लोकतांत्रिक सिद्धांत
D. स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव
A. कांग्रेस
B. सीनेट
C. सुप्रीम
D. राष्ट्रीय
चीन में (लगभग 3ooo) संसद होते हैं, जो राष्ट्रीय जनवादी कांग्रेस के सदस्यों के रूप में जाना जाता है।
A. चार साल
B. पांच साल
C. छह साल
D. सात साल