A.
अमीबा
B.
पैरामीशियम
C.
युग्लीना
D.
प्लाज्मोडियम
अमीबा सरलतम शारीरिक संगठन वाला एक कोशिकीय जीव है।
A.
प्रोटोजोआ
B.
मोल्ड्स
C.
मशरूम
D.
राइजोपस
प्रोटोजोआ एककोशिकीय जीव हैं और इन्हें प्रकाश संश्लेषण के लिए क्लोरोफिल की आवश्यकता नहीं होने के कारण ये परपोषी होते हैं।
A.
बैक्टीरिया
B.
वायरस
C.
शैवाल
D.
यीस्ट
यीस्ट ब्रेड बनाने के लिए आटे के किण्वन में सहायता करता है।
A.
शैवाल
B.
कवक
C.
बैक्टीरिया
D.
वायरस
कवक किण्वन में सहायता करते हैं, जो एथिल एल्कोहल के निर्माण में आवश्यक है।
परिरक्षक वे रसायन हैं जो सामान्यतया सूक्ष्मजीवों की वृद्धि को रोकते हैं जैसे सोडियम बेंजोएट औए सोडियम मेटाबाइसल्फाइट सामान्य परिरक्षक हैं।
सूक्ष्मजीवों से प्राप्त ऐसे उपापचयी पदार्थ जो सूक्ष्म मात्रा में किसी भी अन्य सूक्ष्मजीव पर हानिकारक तथा निरोधी प्रभाव डालते हैं, प्रतिजैविक कहलाते हैं।
राइजोबियम
मिट्टी, जल और जन्तु का शरीर
ब्रेड और डोसा
यीस्ट
नहीं पृथ्वी पर ऐसा कोई स्थान नहीं है जहां सूक्ष्मजीव न पाये जाते हों।
बेसिलस एन्थ्रेसिस
एडवर्ड जैनर
मृत और कमजोर सूक्ष्मजीव टीके के निर्माण में काम में लिए जाते हैं।
- एंटीबायोटिक निर्माण में
- मृत कार्बनिक पदार्थों के अपघटन में
वायु
सूक्ष्मजीव वे सजीव हैं जिन्हें नग्न आँखों से नहीं देखा जा सकता। इनमें उपलब्धता का प्रतिशत अधिक होता है और ये किसी भी पर्यावरण में जीवनयापन कर सकते हैं जैसे गरम झरनों, हिमशीतित जल, ठंडा जल, मरुस्थलीय मृदा, कीचड़ और यहाँ तक कि मानव शरीर के अंदर भी रह सकते हैं।
लुईस पाश्चर
शब्द स्यूडो से तात्पर्य झूठे या कूट और पोडिया से तात्पर्य पैर से है। कूटपाद कोशिकाद्रव्यी प्रवर्ध हैं जो जीव को चलने और खाने के कणों को पचाने में सहायता करते हैं।
रोग जो संक्रमित व्यक्ति या जन्तु से स्वस्थ व्यक्ति या जन्तु को संचारित हो जाता है संक्रामक रोग कहलाता है। जैसे हैजा, चिकन पॉक्स और ट्यूबरकुलोसिस
सूक्ष्मजीव जो भोजन में उपस्थित होते हैं विषाक्त पदार्थ उत्पन्न करते हैं और उसे विषैला बना देते हैं। इस खराब भोजन का उपभोग भोजन के विषाक्तन को प्रेरित करता है।
सामान्यतया सूखे मेवे और सब्जियाँ वायुरोधी सील लगे पैकेट में पैक किए जाते हैं क्योंकि इससे इन्हें सूक्ष्मजीवों के प्रवेश से बचाया जाता है जो कि वायु और जल में उपस्थित होते हैं और इनपर आक्रमण कर इन्हें खराब न कर दे।
पाश्चुरीकरण में तरल को गरम कर उसमें से वायरस और हानिकारक सूक्ष्मजीवों जैसे बैक्टीरिया, प्रोटोजाओ, मोल्ड्स और यीस्ट आदि को नष्ट कर दिया जाता है।
मादा एनोफिलीज़ मलेरिया के परजीवी प्लाज्मोडियम को और मादा एडीज़ मच्छर डेंगू के वाइरस को ले जाता है।
नील हरित शैवाल स्थिरीकरण द्वारा वायुमंडलीय नाइट्रोजन को उपयोग क्षम रूप में परिवर्तित कर मृदा की उर्वरकता को बढ़ाता है।
1. यीस्ट का प्रयोग खाद्य पदार्थ के रूप में किया जाता है । एगेरिकस तथा मारसेला नामक कवक सब्जी के रूप में प्रयोग किये जाते हैं । कुछ समुद्री शैवाल भी भोजन के रूप में प्रयुक्त होते हैं ।
2. किण्वन, मुख्यतः यीस्ट द्वारा अवायवीय दशाओं में शर्करा का एल्कोहल में रूपान्तरण है।
3. पुस्तकें, वस्त्र आदि सामानों को सूर्य के प्रकाश में रखने पर इन वस्तुओं पर लगे सूक्ष्मजीव नष्ट हो जाते हैं ।
1. जीवाणु वायु में से नाइट्रोजन को अवशोषित करके नाइट्रोजन यौगिक को नाइट्रेट और नाइट्रराइट में परिवर्तित कर मिटटी में नाइट्रोजन का स्थिरीकरण करते हैं । इससे मृदा की उर्वरता बढती है ।
2. स्टरलाइजेशन एक विधि है जिसके द्वारा खाद्य पदार्थों को सूक्ष्म जीवों से मुक्त किया जाता है । इससे खाद्य पदार्थ एक निश्चित समय तक खराब नहीं होते । फ्रिज एक उपकरण है जिसके द्वारा सामान्य ताप से कम ताप उत्पन्न कर सूक्ष्म जीवों की उपापचयी क्रियाएं तथा वृद्धि को नियंत्रित किया जाता है ।
3. खाद्य परिरक्षण की एक विधि है ।
खाने योग्य पदार्थों की सुरक्षा हेतु तीन उपाय:
i. अचार में नमक और तेल मिलाकर रखने से, नमक संरक्षक का कार्य करता है । इसके द्वारा उत्पन्न माध्यम में एंजाइम निष्क्रिय हो जाते हैं जो सामान्य तापक्रम में भोजन को विखंडित कर देते हैं ।
ii. जैम, जेली व शरबत जिन बर्तनों में सुरक्षित रखे जाते हैं उनको जीवाणु रहित या स्टरलाइज किया जाता है। इसके लिए बर्तनों को निश्चित समय के लिए पानी में खौलाया जाता है। इसके अतिरिक्त इन सामग्रियों में सोडियम मेटा बाई सल्फाईट तथा सोडियम बेंजोएट की निश्चित मात्रा मिलायी जाती है जो परिरक्षक का कार्य करती है ।
iii. सॉस, चटनी को एसीटिक अम्ल या सिरके द्वारा परिरक्षित किया जाता है।
अमीबा

पैरामीशियम
1. कुछ सूक्ष्म जीव पौधों तथा जंतुओं के मृत शरीर पर वृद्धि करके जटिल कार्बनिक पदार्थों को सरल अकार्बनिक पदार्थों में अपघटित कर देते हैं । चूँकि जीवों का मृत शरीर पृथ्वी पर ही सूक्ष्म जीवों के द्वारा अपघटन से नष्ट हो जाता है अतः मृत शरीर का तत्व मिटटी में मिल जाता है । इस प्रकार ये जीव मृदा में पौधों के लिए उपयोगी पोषक तत्व संचयित करते हैं ।
2. रोगजनक को ताप, पराबैंगनी किरणों, अल्कोहल आदि द्वारा मारकर स्वस्थ बच्चे/व्यक्ति के शरीर में प्रवेश करवाकर उस रोग के प्रति प्रतिरक्षी उत्पन्न करवा दिये जाते हैं जो दोबारा संक्रामण होने की दशा में उन जीवाणुओं पर आक्रमण कर उन्हें नष्ट कर देते हैं इसप्रकार रोग के प्रति प्रतिरोधकता उत्पन्न करना टीकाकरण कहलाता है।
3. मटर, चना, मेथी, अरहर के पौधों की जड़ों में गाठें पायी जाती है । इन गाठों में राइजोबियम नामक जीवाणु पाए जाते हैं।
विभिन्न सामग्रियों को सूक्ष्म जीवों से बचाया जा सकता है:
i. सूक्ष्म जीवों से बचाव हेतु कपड़ों, सूखी वस्तुओं को उचित रख रखाव तथा संरक्षण से जीवाणुओं द्वारा हानि पहुँचाने से रोक सकते हैं । ऊष्ण तथा नम वातावरण से सूक्ष्मजीव इन वस्तुओं पर उग आते हैं और उन्हें ख़राब कर देते हैं अतः नमी से दूर रखकर इन्हें बचा सकते हैं ।
ii. फैब्रिक तथा चमड़े के सामानों को: फैब्रिक तथा चमड़े के सामान का क्षरण सूक्ष्म जीवों द्वारा न हो इसके लिए चमड़े को टैनिंग करके सुरक्षित रखा जा सकता है । सूर्य के प्रकाश में चमड़े पर लगे सूक्ष्म जीव नष्ट हो जाते है ।
iii. टिम्बर को सूक्ष्म जीवों से बचाव हेतु पेन्ट किया जाता है ।
iv. भोजन को रेफ्रिजरेटर में व स्टरलाइजेशन विधि के द्वारा सूक्ष्म जीवों से मुक्त किया जाता है । इससे खाद्य पदार्थ एक निश्चित समय तक खराब नहीं होते । फ्रिज एक उपकरण है जिसके द्वारा सामान्य से कम ताप उत्पन्न कर सूक्ष्म जीवों की उपापचयी क्रियाएं तथा वृद्धि को नियंत्रित किया जाता है ।
v. भोज्य पदार्थों को उबालकर: डिब्बों में भरने से पहले खाद्य पदार्थों को 15 पौण्ड दाब तथा 120�C से 126�C तापमान पर लगभग 12 से 19 मिनट गर्म करते हैं जिससे जीवाणु और उनके अन्तः बीजाणु पूर्णतया मृत हो जाते हैं ।
Sr2
|
Question |
रोगों से बचने के उपाय समझाएं । |
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Marks |
5 |
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Answer |
संक्रमणीय रोग के फैलने के लिए माध्यम की आवश्यकता होती है । मिट्टी तथा जल को प्रदूषण मुक्त करके तथा रोग वाहक (मक्खी, मच्छर) से बचाव और स्वच्छता की आदतों को ध्यान में न रखने से हम अनेक प्रकार के रोगों से ग्रसित होते हैं । रोगों से बचने के उपाय: i. बरसात के मौसम में हमें पानी उबालकर पीना चाहिए । ii. पानी के बर्तनों को ढ़ककर व उससे पानी निकालने के लिए लम्बे हैंडल वाले बर्तन का प्रयोग करना चाहिए । iii. हमारे आस पास गड्ढ़े नहीं होने चाहिए । iv. घर की नालियों या अन्य जगहों पर पानी को एकत्रित नहीं होने देना चाहिए । v. घर के दरवाजों तथा खिड़कियों में जाली लगी हो । vi. सोते समय मच्छरदानी का प्रयोग करना चाहिए । vii. हमें प्रतिदिन स्नान करना चाहिए और अपने शरीर की सफाई जैसे नाखून काटना, हाथ को साबुन या राख से धोना चाहिए । |
Sr3
|
Question |
संक्रामक रोग से क्या अभिप्राय है? रोगाणु किस प्रकार एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुँचते हैं? |
|
Marks |
5 |
|
Answer |
ऐसे रोग जो रोगी व्यक्ति से स्वस्थ व्यक्ति में वायु, जल, भोजन अथवा व्यक्तिगत संपर्क द्वारा फैलते हैं उन्हें संक्रामक रोग कहते हैं । जैसे हैजा, सर्दी, चेचक । i. वायु द्वारा जुकाम से पीड़ित व्यक्ति की छींक के साथ पानी जैसे द्रव्य की अत्यंत सूक्ष्म बूंदें वायु में फैल जाती हैं । इसके साथ जुकाम रोग के लाखों विषाणु हवा में फैल जाते हैं। ii. मनुष्य में कई संक्रमणीय रोग दूषित जल के पीने से होते हैं । जैसे हैजा से ग्रसित रोगी के अपशिष्ट पेय जल में मिल जाते है जिसे पीने से हैजा के रोगाणु स्वस्थ व्यक्ति तक पहुँच जाते हैं । iii. प्रोटोजोआ की कई जातियाँ मिट्टी में पायी जाती हैं । जैसे अमीबिक पेचिस पैदा करने वाले रोगाणु सब्जियों के साथ मनुष्य तक पहुँच जाते हैं और संक्रमित करते हैं । iv. संक्रमित व्यक्ति द्वारा जब एक स्वस्थ व्यक्ति को मादा एनोफिलीज मच्छर काटती है तो स्वस्थ व्यक्ति मलेरिया के कीटाणुओं से संक्रमित हो जाता है । |
Sr 4
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Question |
निम्नांकित
मानव रोगों
के रोगकारक
और संचरण की
विधि लिखिए। |
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Marks |
3 |
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Answer |
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ऐसे रोग जो रोगी व्यक्ति से स्वस्थ व्यक्ति में वायु, जल, भोजन अथवा व्यक्तिगत संपर्क द्वारा फैलते हैं उन्हें संक्रामक रोग कहते हैं । जैसे हैजा, सर्दी, चेचक ।
i. वायु द्वारा जुकाम से पीड़ित व्यक्ति की छींक के साथ पानी जैसे द्रव्य की अत्यंत सूक्ष्म बूंदें वायु में फैल जाती हैं । इसके साथ जुकाम रोग के लाखों विषाणु हवा में फैल जाते हैं।
ii. मनुष्य में कई संक्रमणीय रोग दूषित जल के पीने से होते हैं । जैसे हैजा से ग्रसित रोगी के अपशिष्ट पेय जल में मिल जाते है जिसे पीने से हैजा के रोगाणु स्वस्थ व्यक्ति तक पहुँच जाते हैं ।
iii. प्रोटोजोआ की कई जातियाँ मिट्टी में पायी जाती हैं । जैसे अमीबिक पेचिस पैदा करने वाले रोगाणु सब्जियों के साथ मनुष्य तक पहुँच जाते हैं और संक्रमित करते हैं ।
iv. संक्रमित व्यक्ति द्वारा जब एक स्वस्थ व्यक्ति को मादा एनोफिलीज मच्छर काटती है तो स्वस्थ व्यक्ति मलेरिया के कीटाणुओं से संक्रमित हो जाता है ।
Sr 4
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Question |
निम्नांकित
मानव रोगों
के रोगकारक
और संचरण की
विधि लिखिए। |
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Marks |
3 |
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Answer |
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Sr5
|
Question |
1. वातावरण में कार्बनिक पदार्थ का अपघटन कैसे होता है? 2. टीकाकरण क्या है? 3. लेग्युमिनस पादपों की जड़ों में पाये जाने वाले जीवाणु का क्या नाम है? |
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Marks |
3 |
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Answer |
1. कुछ सूक्ष्म जीव पौधों तथा जंतुओं के मृत शरीर पर वृद्धि करके जटिल कार्बनिक पदार्थों को सरल अकार्बनिक पदार्थों में अपघटित कर देते हैं । चूँकि जीवों का मृत शरीर पृथ्वी पर ही सूक्ष्म जीवों के द्वारा अपघटन से नष्ट हो जाता है अतः मृत शरीर का तत्व मिटटी में मिल जाता है । इस प्रकार ये जीव मृदा में पौधों के लिए उपयोगी पोषक तत्व संचयित करते हैं । 2. रोगजनक को ताप, पराबैंगनी किरणों, अल्कोहल आदि द्वारा मारकर स्वस्थ बच्चे/व्यक्ति के शरीर में प्रवेश करवाकर उस रोग के प्रति प्रतिरक्षी उत्पन्न करवा दिये जाते हैं जो दोबारा संक्रामण होने की दशा में उन जीवाणुओं पर आक्रमण कर उन्हें नष्ट कर देते हैं इसप्रकार रोग के प्रति प्रतिरोधकता उत्पन्न करना टीकाकरण कहलाता है। 3. मटर, चना, मेथी, अरहर के पौधों की जड़ों में गाठें पायी जाती है । इन गाठों में राइजोबियम नामक जीवाणु पाए जाते हैं। |
Sr6
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Question |
निम्नांकित के चित्र बनाइये। 1. अमीबा 2. पैरामीशियम |
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Marks |
3 |
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Answer |
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Sr7
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Question |
नमक, तेल चीनी और सिरके की खाद्य परिरक्षण में भूमिका का वर्णन कीजिये। |
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Marks |
3 |
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Answer |
खाने योग्य पदार्थों की सुरक्षा हेतु तीन उपाय: i. अचार में नमक और तेल मिलाकर रखने से, नमक संरक्षक का कार्य करता है । इसके द्वारा उत्पन्न माध्यम में एंजाइम निष्क्रिय हो जाते हैं जो सामान्य तापक्रम में भोजन को विखंडित कर देते हैं । ii. जैम, जेली व शरबत जिन बर्तनों में सुरक्षित रखे जाते हैं उनको जीवाणु रहित या स्टरलाइज किया जाता है। इसके लिए बर्तनों को निश्चित समय के लिए पानी में खौलाया जाता है। इसके अतिरिक्त इन सामग्रियों में सोडियम मेटा बाई सल्फाईट तथा सोडियम बेंजोएट की निश्चित मात्रा मिलायी जाती है जो परिरक्षक का कार्य करती है । iii. सॉस, चटनी को एसीटिक अम्ल या सिरके द्वारा परिरक्षित किया जाता है। |
Sr8
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Question |
1. नाइट्रोजन स्थिरीकरण क्या है? 2. स्टरलाइजेशन के विधि को समझाएं । 3. उच्च तापमान अल्प समय क्या है? |
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Marks |
3 |
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Answer |
1. जीवाणु वायु में से नाइट्रोजन को अवशोषित करके नाइट्रोजन यौगिक को नाइट्रेट और नाइट्रराइट में परिवर्तित कर मिटटी में नाइट्रोजन का स्थिरीकरण करते हैं । इससे मृदा की उर्वरता बढती है । 2. स्टरलाइजेशन एक विधि है जिसके द्वारा खाद्य पदार्थों को सूक्ष्म जीवों से मुक्त किया जाता है । इससे खाद्य पदार्थ एक निश्चित समय तक खराब नहीं होते । फ्रिज एक उपकरण है जिसके द्वारा सामान्य ताप से कम ताप उत्पन्न कर सूक्ष्म जीवों की उपापचयी क्रियाएं तथा वृद्धि को नियंत्रित किया जाता है । 3. खाद्य परिरक्षण की एक विधि है । |
Sr9
|
Question |
1. भोजन के रूप में प्रयुक्त होने वाले सूक्ष्म जीवों का वर्णन करें । 2. किण्वन से आप क्या समझते हैं? 3. पुस्तकों को सूक्ष्म जीवों से कैसे बचाया जा सकता है? |
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Marks |
3 |
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Answer |
1. यीस्ट का प्रयोग खाद्य पदार्थ के रूप में किया जाता है । एगेरिकस तथा मारसेला नामक कवक सब्जी के रूप में प्रयोग किये जाते हैं । कुछ समुद्री शैवाल भी भोजन के रूप में प्रयुक्त होते हैं । 2. किण्वन, मुख्यतः यीस्ट द्वारा अवायवीय दशाओं में शर्करा का एल्कोहल में रूपान्तरण है। 3. पुस्तकें, वस्त्र आदि सामानों को सूर्य के प्रकाश में रखने पर इन वस्तुओं पर लगे सूक्ष्मजीव नष्ट हो जाते हैं । |
Sr10
|
Question |
नील हरित शैवाल कैसे मृदा की उर्वरकता को बढ़ाता है समझाइए? |
|
Marks |
2 |
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Answer |
नील हरित शैवाल स्थिरीकरण द्वारा वायुमंडलीय नाइट्रोजन को उपयोग क्षम रूप में परिवर्तित कर मृदा की उर्वरकता को बढ़ाता है। |
Sr11
|
Question |
कीट का नाम बताइये जो मलेरिया और डेंगू के परजीवी को ले जाता है? |
|
Marks |
2 |
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Answer |
मादा एनोफिलीज़ मलेरिया के परजीवी प्लाज्मोडियम को और मादा एडीज़ मच्छर डेंगू के वाइरस को ले जाता है। |
Sr12
|
Question |
पाश्चुरीकरण को परिभाषित कीजिये। |
|
Marks |
2 |
|
Answer |
पाश्चुरीकरण में तरल को गरम कर उसमें से वायरस और हानिकारक सूक्ष्मजीवों जैसे बैक्टीरिया, प्रोटोजाओ, मोल्ड्स और यीस्ट आदि को नष्ट कर दिया जाता है। |
Sr13
|
Question |
सामान्यतया सूखे मेवे और सब्जियाँ वायुरोधी सील लगे पैकेट में पैक क्यों किए जाते हैं? |
|
Marks |
2 |
|
Answer |
सामान्यतया सूखे मेवे और सब्जियाँ वायुरोधी सील लगे पैकेट में पैक किए जाते हैं क्योंकि इससे इन्हें सूक्ष्मजीवों के प्रवेश से बचाया जाता है जो कि वायु और जल में उपस्थित होते हैं और इनपर आक्रमण कर इन्हें खराब न कर दे। |
Sr14
|
Question |
खाद्य विषाक्तन से आप क्या समझते हैं? |
|
Marks |
2 |
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Answer |
सूक्ष्मजीव जो भोजन में उपस्थित होते हैं विषाक्त पदार्थ उत्पन्न करते हैं और उसे विषैला बना देते हैं। इस खराब भोजन का उपभोग भोजन के विषाक्तन को प्रेरित करता है। |
Sr15
|
Question |
संक्रामक रोग क्या हैं? इनमें से कुछ के नाम बताइये। |
|
Marks |
2 |
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Answer |
रोग जो संक्रमित व्यक्ति या जन्तु से स्वस्थ व्यक्ति या जन्तु को संचारित हो जाता है संक्रामक रोग कहलाता है। जैसे हैजा, चिकन पॉक्स और ट्यूबरकुलोसिस |
Sr16
|
Question |
स्यूडोपोडिया शब्द से आप क्या समझते हैं? इनका कोई एक कार्य बताइये। |
|
Marks |
1 |
|
Answer |
शब्द स्यूडो से तात्पर्य झूठे या कूट और पोडिया से तात्पर्य पैर से है। कूटपाद कोशिकाद्रव्यी प्रवर्ध हैं जो जीव को चलने और खाने के कणों को पचाने में सहायता करते हैं। |
Sr17
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Question |
किण्वन की खोज किसने की? |
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Marks |
1 |
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Answer |
लुईस पाश्चर |
Sr18
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Question |
सूक्ष्मजीवों से आप क्या समझते हैं? |
|
Marks |
1 |
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Answer |
सूक्ष्मजीव वे सजीव हैं जिन्हें नग्न आँखों से नहीं देखा जा सकता। इनमें उपलब्धता का प्रतिशत अधिक होता है और ये किसी भी पर्यावरण में जीवनयापन कर सकते हैं जैसे गरम झरनों, हिमशीतित जल, ठंडा जल, मरुस्थलीय मृदा, कीचड़ और यहाँ तक कि मानव शरीर के अंदर भी रह सकते हैं। |
Sr19
|
Question |
टीबी के संचरण का माध्यम क्या है? |
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Marks |
1 |
|
Answer |
वायु |
Sr20
|
Question |
कवकों के दो महत्वपूर्ण उपयोगों को लिखिए। |
|
Marks |
1 |
|
Answer |
- एंटीबायोटिक निर्माण में - मृत कार्बनिक पदार्थों के अपघटन में |
Sr21
|
Question |
सूक्ष्मजीव किस रूप में टीके के निर्माण में काम में लिए जाते हैं? |
|
Marks |
1 |
|
Answer |
मृत और कमजोर सूक्ष्मजीव टीके के निर्माण में काम में लिए जाते हैं। |
Sr22
|
Question |
चेचक के टीके का आविष्कार किसने किया? |
|
Marks |
1 |
|
Answer |
एडवर्ड जैनर |
Sr23
|
Question |
एन्थ्रेक्स रोग करने वाले बैक्टीरिया का नाम बताइये। |
|
Marks |
1 |
|
Answer |
बेसिलस एन्थ्रेसिस |
Sr24
|
Question |
क्या आप प्रकृति में बिना सूक्ष्मजीव के कोई स्थान बता सकते हैं? |
|
Marks |
1 |
|
Answer |
नहीं पृथ्वी पर ऐसा कोई स्थान नहीं है जहां सूक्ष्मजीव न पाये जाते हों। |
Sr25
|
Question |
कौनसे सूक्ष्मजीव एल्कोहल के उत्पादन में काम में लिए जाते हैं? |
|
Marks |
1 |
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Answer |
यीस्ट |
Sr26
|
Question |
दो खाद्य पदार्थों के नाम बताइये जो यीस्ट के द्वारा तैयार किए जाते हैं। |
|
Marks |
1 |
|
Answer |
ब्रेड और डोसा |
Sr27
|
Question |
सूक्ष्मजीवों के कोई तीन आवासों के नाम बताइये। |
|
Marks |
1 |
|
Answer |
मिट्टी, जल और जन्तु का शरीर |
Sr28
|
Question |
लेग्युमिनस पादपों में नाइट्रोजन के स्थिरीकरण में शामिल बैक्टीरिया का नाम बताइये। |
|
Marks |
1 |
|
Answer |
राइजोबियम |
Sr29
|
Question |
प्रतिजैविक पदार्थ क्या होते हैं? |
|
Marks |
1 |
|
Answer |
सूक्ष्मजीवों
से प्राप्त
ऐसे उपापचयी
पदार्थ जो सूक्ष्म
मात्रा में
किसी भी अन्य
सूक्ष्मजीव
पर हानिकारक
तथा निरोधी
प्रभाव
डालते हैं,
संक्रमणीय
रोग के फैलने
के लिए
माध्यम की
आवश्यकता
होती है । मिट्टी
तथा जल को
प्रदूषण
मुक्त करके
तथा रोग वाहक
(मक्खी, मच्छर)
से बचाव और
स्वच्छता की
आदतों को
ध्यान में न
रखने से हम
अनेक प्रकार
के रोगों से
ग्रसित होते
हैं । रोगों
से बचने के
उपाय: i. बरसात के
मौसम में
हमें पानी
उबालकर पीना
चाहिए । ii. पानी के
बर्तनों को
ढ़ककर व उससे
पानी निकालने
के लिए लम्बे
हैंडल वाले बर्तन
का प्रयोग
करना चाहिए । iii. हमारे आस
पास गड्ढ़े
नहीं होने
चाहिए । iv. घर की
नालियों या
अन्य जगहों
पर पानी को
एकत्रित
नहीं होने
देना चाहिए । v. घर के
दरवाजों तथा
खिड़कियों
में जाली लगी
हो । vi. सोते समय
मच्छरदानी
का प्रयोग
करना चाहिए । vii. हमें
प्रतिदिन
स्नान करना
चाहिए और
अपने शरीर की
सफाई जैसे
नाखून काटना,
हाथ को
साबुन या राख
से धोना
चाहिए । जब सूर्य का प्रकाश किसी काँच के प्रिज़्म से गुज़रता है तो यह अपवर्तन के पश्चात् प्रिज़्म के आधार की ओर झुकने के साथ-साथ विभिन्न रंगों के प्रकाश में बंट जाता है। इस प्रकार से प्राप्त रंगों के समूह को वर्ण-क्रम (स्पेक्ट्रम) कहते हैं तथा प्रकाश के इस प्रकार अवयवी रंगों में विभक्त होने की प्रक्रिया को विक्षेपण कहते हैं। बैंगनी रंग का विक्षेपण सबसे अधिक एवं लाल रंग का विक्षेपण सबसे कम होता है। विक्षेपण का सबसे अच्छा उदाहरण आकाश में वर्षा के बाद दिखाई देने वाला इंद्रधनुष है। B. आसान है। C. बहुतकम समय लेता है । D. शुरू में आसान फिर मुश्किल है । दाब = बल/क्षेत्रफल, यदि बल बराबर हो तो सतह का क्षेत्रफल जितना अधिक होगा उस पर दाब उतना ही कम होगा। कुंठित चाकू के सतह का क्षेत्रफल अधिक होता है इसलिए कुंठित चाकू के साथ सब्जियों को काटना मुश्किल होता है।
B. स्थिर वैद्युत बल का उदहारण है। C. चुंबकीय बल का उदहारण है। D. गुरूत्वाकर्षण बल का उदहारण है। पृथ्वी, समस्त वस्तुओं को स्वयं की ओर आकर्षित करती है, इसीलिए, सभी वस्तुएँ इसकी ओर गिरती हैं। इस आकर्षण बल को गुरूत्व कहते हैं। गुरुत्व केवल पृथ्वी का ही गुण नहीं है। वास्तव में सभी वस्तुएँ, चाहे वे छोटी हों या बड़ी हो, एक दूसरे के ऊपर बल लगाती हैं। यह गुरुत्वाकर्षण बल कहलाता है।
B. चलती हुई वस्तुओं पर लगता है । C. जीवित वस्तुओं पर लगता है । D. निर्जीव वस्तुओं पर लगता है। घर्षण बल, दो वस्तुओं के बीच लगने वाला बल है यदि वे गति करते हैं या एक दूसरे के सापेक्ष गति करने की कोशिश करते हैं।
B. स्थिर वैद्युत बल का उदहारण है। C. पेशीय बल का उदहारण है। D. गुरूत्वाकर्षण बल का उदहारण है। हमारी पेशीयों द्वारा आरोपित बल पेशीय बल कहलाता है।यह बल, वस्तु को उठाने, धकेलने और खींचने में सहायक होता है।
B. दाब कम हो जाएगा। C. दाब लगातार बना रहेगा । D. कुछ हद तक दाब बढ़ेगा फिर कम होना शुरू हो जाएगा। दाब = बल/क्षेत्रफल
ध्यान दीजिए कि उपरोक्त व्यंजक में क्षेत्रफल ‘हर’ में है। इसलिए यदि बल बराबर हो तो सतह का क्षेत्रफल जितना अधिक होगा उस पर दाब उतना ही कम होगा।
B. पास्कल है । C. जौल है । D. किलोग्राम है। दाब का S.I मात्रक पास्कल है तथा इसे Pa के रूप में व्यक्त करते हैं।
दाब = बल/क्षेत्रफल
B. चुंबकीय बल कहते हैं । C. घर्षण बल कहते हैं । D. गुरूत्वाकर्षण बल कहते हैं। गुरूत्वाकर्षण बल एक आकर्षण बल है। गुरुत्व बल प्रत्येक वस्तु पर लगता है किन्तु इसका परिमाण वस्तु के द्रव्यमान के सीधे अनुपाती होता है| पृथ्वी का द्रव्यमान उस पर स्थित सभी वस्तुओं से बहुत अधिक है| इसलिए, इसके द्वारा लगाए गये गुरुत्वाकर्षण बल के कारण सभी वस्तुएं इसकी तरफ आकर्षित होती हैं तथा किसी बाह्य बल के आभाव में नीचे की तरफ गिरने लगती हैं|
B. इसके गोल और चौड़े पैर होते हैं । C. इसके सपाट और चौड़े पैर होते हैं । D. इसके गोल और पतले पैर होते हैं । ऊंट के सपाट और चौड़े पैर होते है। इस प्रकार वह अपने पैरों के सम्पर्क क्षेत्रफल को बढ़ा देता हैं। अतः रेत पर लगने वाला दाब कम हो जाता है और ऊंट आसानी से रेत में चल पता है।
B. गुरूत्वाकर्षण दबा उस पर कार्य करता है। C. पृथ्वी का दबा उस पर कार्य करता है। D. आस पास का दबा उस पर कार्य करता है। जब आप चूषक को दबाते हैं तो इसके तथा सतह के बीच की अधिकांश वायु बाहर निकल जाती है। चूषक पर वायुमंडलीय दाब लगता है इसलिए यह सतह के साथ चिपक जाता है।
B. दूसरी टीम की ओर गति करती है। C. स्थिर रहती है जब दोनों टीमें, समान बल के साथ विपरीत दिशाओं में रस्सी खींचते हैं तो रस्सी किसी भी दिशा में गति नहीं करती है। इसका परिणामी बल, शून्य हो जाता है, क्योंकि, बल बराबर व विपरीत होने पर, एक दूसरे को समाप्त कर देते हैं।
B. संकीर्ण कर देते हैं। C. चौड़ा कर देते हैं। D. वृत्तीय कर देते हैं। इस प्रकार वे अपने शरीर से बोझ के सम्पर्क क्षेत्रफल को बढ़ा देते हैं। अतः उनके शरीर पर लगने वाला दाब कम हो जाता है और वे बोझ को आसानी से उठा सकते हैं।
B. यह चुंबकीय बल का उदहारण है। C. यह घर्षण बल का उदहारण है। D. यह गुरूत्वाकर्षण बल का उदहारण है। स्थिर वैद्युत बल, एक बल है जो एक आवेशित द्वारा, अन्य आवेशित या अनावेशित वस्तु पर आरोपित किया जाता है।
B. चुंबकीय बल C. घर्षण बल D. गुरूत्वाकर्षण बल घर्षण बल, एक प्रतिकर्षण बल है जो, संपर्क में आने वाली दो वस्तुओं के बीच कार्य करता है, जब एक वस्तु, दूसरी वस्तु पर गति या गति का प्रयास करती है।
गुरूत्वाकर्षण बल,स्थिर वैद्युत बल तथा चुंबकीय बल कुछ महत्वपूर्ण प्रकार के असम्पर्क बल है।
B. घर्षण कहता हैं। C. अभिकेंद्री बल कहते हैं । D. बल कहते हैं । बल धक्का देना या खींचना हो सकता है। बल लगने के लिए कम से कम दो वस्तुओं में अन्योन्यक्रिया होनी आवश्यक है। इस प्रकार दो वस्तुओं के बीच अन्योन्यक्रिया के कारण उनके बीच बल लगता है।
B. पेशीय बल का उदहारण है। C. स्थिर वैद्युत बल का उदहारण है। D. गुरूत्वाकर्षण बल का उदहारण है। हमारी पेशीयों द्वारा आरोपित बल पेशीय बल कहलाता है।
यह बल, वस्तु को उठाने, धकेलने और खींचने में सहायक होता है।
B. घनत्व के C. आयतन के D. क्षेत्रफल के दाब = बल/क्षेत्रफल
बल तथा क्षेत्रफल का अनुपात दाब के बराबर होता है।
B. चुंबकीय बल है। C. घर्षण बल है। D. गुरूत्वाकर्षण बल है। स्थिर वैद्युत, चुंबकीय बल तथा गुरूत्वाकर्षण बल असम्पर्क बल के उदहारण है। घर्षण बल सम्पर्क बल का उदहारण है।
किसी सतह के प्रति एकांक क्षेत्रफल पर लगने वाल बल को दाब कहते हैं। वायु पृथ्वी के तल पर कई किलोमीटर ऊपर तक फैली हुई है। इस वायु द्वारा लगाए दाब को वायुमंडलीय दाब कहते हैं।
B. सूर्य तथा पृथ्वी के बीच लगता है। C. सूर्य तथा चंद्रमा के बीच लगता है। D. सभी वस्तुएँ एक दुसरे पर लगाती हैं। मुक्ताकाश में सभी वस्तुएँ चाहे वो छोटी हो या बड़ी़ प्रत्येक अन्य वस्तुओ पर आकर्षण का बल लगाती है। इस बल को गुरुत्वाकर्षण के बल के रूप में जाना जाता है।
B. घनत्व के बराबर होता है। C. अभिकेंद्री बल के बराबर होता है। D. आयतन के बराबर होता है। किसी सतह के प्रति एकांक क्षेत्रफल पर लगने वाल बल को दाब कहते हैं।यहाँ पर हम केवल उन बलों पर विचार करते हैं जो उस सतेह के लम्बवत् हैं जिस पर दाब ज्ञात करना है।
वायु प्रत्येक दिशा में दाब लगाती है। फुले हुए गुब्बारे की सतह पर भी चारों ओर से वायु का दाब लगता है। इसलिए जब हम एक सूराख हुए गुब्बारे को फुलाएंगे है तो वायु सुराख़ से बहार निकल जाएगी। इसलिए हम गुब्बारे को नहीं फुला पाएँगे। राम ने क्या लगाया अभिकर्षण। हाँ, गैसें जिस बर्तन में रखी जाती हैं उसकी दीवारों पर दाब डालती हैं। असम्पर्क बल वह बल है, जिसमें दो वस्तुओं के बीच कोई भौतिक संपर्क नहीं होता है। चुम्बक द्वारा लगाया गया बल असम्पर्क बल का उदाहरण है। यह दो चुंबकों के विपरीत या समान ध्रुवों के बीच हमारे चारों ओर वायु है |वायु के इस आवरण को वायुमंडल कहते हैं। वायु पृथ्वी के तल पर कई किलोमीटर ऊपर तक फैली हुई है। इस वायु द्वारा लगाए गए दाब को वायुमंडलीय दाब कहते हैं। बल, खींचने या धक्का मारने के रूप में परिभाषित किया जाता है जो विराम या एकसमान गति करने वाले निकाय की स्थिति में परिवर्तन लाता है। बल किसी निकाय की दिशा तथा आकार में भी परिवर्तन ला सकता है। बल का मुक्ताकाश में सभी वस्तुएँ चाहे वो छोटी हो या बड़ी़ प्रत्येक अन्य वस्तुओं पर आकर्षण का बल लगाती है। इस बल को गुरुत्वाकर्षण के बल के रूप में जाना जाता है। वह बल जो संबधक के द्वारा किसी निकाय पर कार्यरत होता है सम्पर्क बल कहलाता है। उदाहरण के लिए: दरवाजे को बंद करना। घर्षण बल एक विरोधी बल होता है जो गति कर रहे वस्तु पर कार्यरत होता है या दुसरे वस्तु की सतह के ऊपर गति करने की कोशिश करता है। यदि किसी वस्तु पर दो बल विपरीत दिशा में कार्यरत है, तो वह निकाय परिणामी बल की दिशा में गति करेगा। यह परिणामी बल या कुल बल दो बलों के बीच के अन्तर के बराबर होता है। शरीर की मांसपेशियों के क्रिया के कारण शरीर पर लगने वाला बल पेशीय बल के रूप में जाना जाता है। हाथों के माध्यम से पानी की बाल्टी को ऊपर उठाना वह बल जो अन्य आवेशित या अनावेशित वस्तु पर आवेशित वस्तु द्वारा लगाया जाता है, स्थिर वैघुत बल के रूप में जाना जाता है। पृथ्वी प्रत्येक वस्तु को अपनी ओर खींचती है। इस बल को गुरुत्वाकर्षण बल या साधारणतया गुरूत्व कहते हैं। दाब = बल / क्षेत्रफल जिस पर यह लगता है ध्यान दीजिए कि उपरोक्त व्यंजक में क्षेत्रफल ‘हर’ में है। इसलिए यदि बल बराबर हो तो सतेह का क्षेत्रफल जितना कम होगा उस पर दाब उतना ही अधिक होगा। तेज चाकू के सतेह का क्षेत्रफल कुंठित चाकू के सतेह के क्षेत्रफल से कम होता है, इसीलिए तेज चाकू का दाब सब्जियों पर अधिक लगता है, जिस के कारण सब्जियों को तेज चाकू से कटना ज्यादा आसान होता है। सम्पर्क बल: दो वस्तुओं के बीच कोई भौतिक संपर्क होता है। असम्पर्क बल: दो वस्तुओं के बीच कोई भौतिक संपर्क नहीं होता है। 1. असम्पर्क बल। यदि किसी वस्तु में पर्याप्त बल लगता है तो वस्तु की स्थिति में परिवर्तन आ सकता है, वस्तु स्थिर से गतिमान अवस्था में आ सकती है, वस्तु की गति की दिशा बदल सकती है एक बंद तथा सतत पथ जिसके माध्यम से विद्युत धारा प्रवाहित होती है विद्युत परिपथ कहलाता है। चालक के अन्दर आवेशों का प्रवाह, धारा कहलाता है। विद्युत धारा के दो स्त्रोतों के निम्न प्रकार है:- जब विद्युत अपघट्य (चालित द्रव) के माध्यम से विद्युत धारा प्रवाहित की जाती है तो अपघट्य का अपने घटको में अपघटन, विद्युत अपघटन कहलाता है। शुष्क सेल में, रासायनिक ऊर्जा विद्युत ऊर्जा में रूपान्तरित हो जाती है। द्वितीयक सेलों को संचायक सेल के रूप में भी जाना जाता है क्योंकि ये आवेशन (चार्जिंग) के समय ऊर्जा संचित करते हैं और निर्वहन (डिस्चार्ज) के समय ऊर्जा मुक्त करते हैं। जब विद्युत धारा, तार के माध्यम से प्रवाहित की जाती है तो धारावाही तार चुम्बक की तरह व्यवहार करता है। जब चुम्बकीय सुई इसके पास लाते है तो सुई विक्षेपण दिखाती है। यह प्रभाव विद्युत धारा का चुम्बकीय प्रभाव कहलाता है। सुचालक उस पदार्थ का बना होता है, जो अपने में से विद्युत धारा को प्रवाहित होने की अनुमति देते हैं। उदाहरण: धारा का रासायनिक प्रभाव उपयोग किया जाता है: बल्ब तब जलता है जब बल्ब तथा संयोजन तार जब विद्युत धारा कॉपर सल्फेट विलयन के माध्यम से गुजरती है तो कॉपर सल्फेट, कॉपर तथा सल्फेट में विघटित हो जाता है। चालक द्रव के माध्यम से विद्युत धारा के गुजरने पर किसी धातु पर किसी वांछित धातु की परत निक्षेपित होने की प्रक्रिया विद्युत लेपन कहलाती है। इसलिए स्वर्ण चढ़ित आभूषण कम कीमत की धातुएँ जैसे सिल्वर 1. एनोड, क्योंकि यह धनात्मक टर्मिनल से जुड़ा होता है। 2. कैथोड, क्योंकि यह ऋणात्मक टर्मिनल से जुड़ा होता है। 3. धातुओं का शोधन। निम्न आवश्यक शर्ते जो एक चिकनी और स्थिर जमा सुनिश्चित करे: 1. दिष्ट धारा का इस्तमाल होना चाहिए। 2. अधिक समय के लिए सूक्ष्म धारा का प्रयोग करना चाहिए। 3. वस्तु की सतह तेल अथवा गन्दगी से मुक्त होने चाहिए। 4. विद्युत अपघटन के दौरान उचित तापमान बनाए रखना चाहिए। निम्न दी गयी कुछ बातें विद्युत लेपन के समय याद राखी जानी चहिए: ठोस सोडियम क्लोराइड विद्युत का चालन नहीं करती है क्योंकि इसके कण स्थिर - वैधुत आकर्षण के तीव्र बल द्वारा एक साथ बंधे होते है। पिघली हुई अवस्था में आयन, मुक्त अवस्था में गति करते हैं और विद्युत का चालन करते हैं क्योंकि गर्म करने पर आयनों के बीच बंध दुर्बल हो जाते हैं। इलेक्ट्रोड चालक होते हैं, जो विद्युत परिपथ में चालित द्रव के माध्यम से विद्युत धारा का चालन करते हैं। सरल वैद्युत सेल दो प्लेटों को मिलकर बना होता है, जिसे इलेक्ट्रोड कहा जाता है। एक प्लेट कॉपर की तथा दूसरी परत जिंक की होती है। ये दोनों तनु सल्फ्यूरिक अम्ल में डूबी हुई होती है, जिसे विद्युत अपघट्य कहते हैं। इलेक्ट्रोड तथा विद्युत अपघट्य काँच के पात्र में होते हैं। जब दोनों इलेक्ट्रोड बाह्य रूप से धारामापी से जुड़े होते हैं, तो धारामापी में सूक्ष्म विक्षेपण देखा जाता है। विद्युत धारा के उपयोग द्वारा अन्य पदार्थ के ऊपर एक विशिष्ट धातु की परत जमा होना विद्युत् लेपन होता है। एक स्टील की चम्मच पर चांदी (सिल्वर) का लेपन करने के लिए सिल्वर नाइट्रेट विलयन का इलेक्ट्रोलाइट लिया जाता है। चम्मच तथा शुद्ध सिल्वर की रोड इलेक्ट्रोलाइट में डाली जाती है। चम्मच को बैटरी के ऋणात्मक टर्मिनल से तथा सिल्वर को बैटरी के ऋणात्मक टर्मिनल से जोड़ा जाता है। जब विद्युत धारा सिल्वर नाइट्रेट विलयन से गुज़रती है · · · प्रेक्षण: हम यह देखते हैं कि इन तीनों स्थितियों के लिए कम्पास सूई में विक्षेपण हुआ। निष्कर्ष: इस क्रियाकलाप द्वार हम यह निष्कर्ष निकालते है कि अम्ल, क्षार ओर नमक विद्युत के चालक होते हैं। दालें
B.
तिलहन
C.
रोपण
फसलें D.
अनाज
ये
अनाज कहलाते
हैं क्यों की
इनके दाने
मुख्य भोजन
की श्रेणी
में रखा जाता
है।
एक
जगह पर
विकसित होने
वाले एक ही प्रकार
के पौधों को
फसल कहते
हैं।
खाद
तथा उर्वरक।
गेहूं
और चावल
बीज, मृदा, वायु
के माध्यम से स्थानांतरित
होते हैं।
क्योंकि, इससे
परिश्रम तथा
समय दोनों की
बचत होती है। |