A.
कार्बन और नाइट्रोजन
B.
आयरन और ऐलुमिनियम
C.
आर्सेनिक और लेड
D.
कॉपर और सिलिकॉन
तेल परिष्करणशालाएँ, कागज फैक्ट्रियाँ, वस्त्र और चीनी मिलें जल का रासायनिक संदूषण करती हैं । आर्सेनिक, लेड और फ्लोराइड युक्त मुक्त किए जाने वाले रसायन पौधों और जंतुओं के लिए विषाक्तता का कारण बनते हैं ।
A.
इलाहबाद में
B.
कानपुर में
C.
हरिद्वार में
D.
वाराणसी में
गंगा नदी का सर्वाधिक प्रदूषित फैलाव कानपुर (उ. प्र.) में है क्योंकि कानपुर उत्तरप्रदेश के अत्यधिक जनसंख्या वाले शहरों में से एक है । कानपुर में बहुत सी औद्योगिक इकाईयाँ स्थित हैं जो अपने विषैले रसायनिक अपशिष्ट सीधे नदी में प्रवाहित करती हैं ।
A.
झरने का जल
B.
वर्षा जल
C.
ऊर्जा संयन्त्रों का गर्म जल
D.
बर्फ फैक्ट्रियों का ठंडा जल
ऊर्जा संयन्त्रों और उद्योगों से निकलने वाला गर्म जल एक जल प्रदूषक है । जब इसे नदियों में मुक्त किया जाता है यह नदी के जल का तापमान बढ़ा देता है और जलीय पौधों और जन्तु जीवन पर प्रतिकूल प्रभाव डालता है ।
A.
ब्रह्मपुत्र
B.
कावेरी
C.
गंगा
D.
यमुना
विश्वव्यापी कोश (WWF) के अनुसार गंगा संसार की दस ऐसी नदियों में से एक है जिनका अस्तित्व खतरे में है ।
A.
पौधा-घर गैसों के उत्सर्जन में वृद्धि करना
B.
पौधा-घर गैसों के उत्सर्जन में कमी करना
C.
सल्फर डाइऑक्साइड के उत्सर्जन में वृद्धि करना
D.
सल्फर डाइऑक्साइड के उत्सर्जन में कमी करना
विश्व ऊष्णन विश्वव्यापी सरकारों के लिए विचारणीय विषय बन गया है । बहुत से देशों ने पौधा-घर गैसों के उत्सर्जन में कमी करने के लिए एक अनुबंध किया है । क्योटो प्रोटोकॉल एक ऐसा ही अनुबंध है ।
A.
ध्वनि प्रदूषण
B.
वायु प्रदूषण
C.
जल प्रदूषण
D.
मृदा प्रदूषण
ताजमहल का सफेद रंग वायु प्रदूषण से प्रभावित हो रहा है न कि जल, ध्वनि और मृदा प्रदूषण से । प्रदूषित वायु में सल्फर डाइऑक्साइड और नाइट्रोजन डाइऑक्साइड होते हैं जो अम्ल वर्षा का निर्माण करते हैं । अम्ल वर्षा ताजमहल को संक्षारित कर रही है ।
A.
नाइट्रोजन डाइऑक्साइड
B.
कार्बन मोनोक्साइड
C.
सल्फर डाइऑक्साइड
D.
क्लोरोफ्लोरोकार्बन
एरोसॉल फुहार और प्रशीतक उपकरण वायु में क्लोरोफ्लोरोकार्बन (CFCs) मुक्त करते हैं जो वायुमण्डल की ओज़ोन परत को क्षति पहुँचाते हैं । नाइट्रोजन डाइऑक्साइड, कार्बन मोनोक्साइड और सल्फर डाइऑक्साइड वायु प्रदूषक हैं परंतु ये ओज़ोन परत को क्षति नहीं पहुँचाते हैं ।
A.
द्रव
B.
ठोस
C.
गैस
D.
धातु
ओज़ोन एक गैस है जो वायुमण्डल में एक परत बनाती है । ओज़ोन परत सूर्य से आने वाली हानिकारक पराबैंगनी किरणों से हमारी सुरक्षा करती है ।
A.
कार्बन मोनोक्साइड गैस
B.
ऑक्सीजन गैस
C.
नाइट्रोजन गैस
D.
आर्गन गैस
ईंधनों के अपूर्ण दहन से कार्बन मोनोक्साइड गैस बनती है जो कि एक विषैली गैस है । यह रक्त की ऑक्सीजन परिवहन क्षमता को कम कर देती है ।
A.
एक वायु प्रदूषक
B.
एक जल प्रदूषक
C.
एक ध्वनि प्रदूषक
D.
एक मृदा प्रदूषक
वे पदार्थ जो वायु को संदूषित करते हैं उन्हें वायु प्रदूषक कहते हैं । कभी-कभी ये प्रदूषक प्राकृतिक स्रोतों जैसे ज्वालामुखी का फटना, वनों में लगने वाली आग से उठा धुआँ अथवा धूल द्वारा आ सकते हैं ।
A.
ध्वनि प्रदूषण
B.
वायु प्रदूषण
C.
जल प्रदूषण
D.
मृदा प्रदूषण
वायु प्रदूषण ऐसे अनचाहे पदार्थों से वायु का संदूषण है जो सजीव और निर्जीव दोनों के लिए हानिकारक हैं ।
A.
ऑक्सीजन
B.
नाइट्रोजन
C.
कार्बन डाइऑक्साइड
D.
ओज़ोन
वायु के आयतन के लगभग 78% भाग में नाइट्रोजन और 21% भाग में ऑक्सीजन होती है । कार्बन डाइऑक्साइड और ओज़ोन बहुत कम मात्रा में उपस्थित होते हैं ।
A.
शुद्धिकरण
B.
जनसंख्या वृद्धि
C.
प्रदूषण
D.
दम घुटना
पर्यावरण में ऐसे संदूषक जो जैविक और अजैविक घटक के लिए हानिकारक होते हैं, का समावेश होना प्रदूषण कहलाता है ।
लैंगिक जनन में सहायक अगुणित कोशिकाएँ
युग्मक कहलाती हैं।
|
शुक्राणु |
अंडाणु |
|
वृषण द्वारा उत्पादित नर युग्मक हैं। |
अंडाशय द्वारा उत्पादित मादा युग्मक हैं। |
मादा जनन तंत्र के अंग हैं:
• अंडाशय : ये एक जोड़ी होते हैं, और मादा युग्मक उत्पन्न करते हैं।
•डिंभवाहिनी(फैलोपियन नलिका ):: ये भी एक जोड़ी होती हैं ये संरचना में नलिका जैसी होती हैं जो डिंब या अण्ड को अंडाशय से गर्भाशय तक ले जाती हैं । जहाँ निषेचन होता है।
• गर्भाशय: यहाँ निषेचित डिंब या युग्मनज एक बच्चे के रूप में विकसित होता है।
नर जननांग हैं:
• वृषण: यह एक जोड़ी होते हैं और नर युग्मकों का उत्पादन करते हैं।
• शुक्र नलिकाएँ : यह एक नलिका जैसी संरचना है जो नर युग्मकों को वृषणों से शिश्न तक ले जाती हैं।
• शिश्न: यह मादा के शरीर में नर युग्मकों (शुक्राणुओं) को प्रवेश कराने में सहायक है।
लैंगिक जनन के दौरान होने वाली घटनाएं;-
1. युग्मकों का निर्माण : नर और मादा जननांगों में जनन कोशिकाएँ अर्धसूत्रण से नर और मदयुग्मकों का निर्माण करती हैं । जो एक कोशिकीय संरचना है ।
2. निषेचन : नर और मादा युग्मकों का संलयन निषेचन कहलाता है जिससे युग्मनज बनता है।
3. युग्मनज का विकास : युग्मनज में निरंतर विभाजन होता है यह और विकसित होकर एक नए जीव का निर्माण कर लेता है।
• अंडप्रजक जंतु: अंडप्रजक जंतुओं में निषेचन और विकास जनक के शरीर से बाहर होता है।
• जरायुज जंतु: जरायुज जंतु सीधे ही शिशु को जन्म देते हैं।
• ऊष्मायन: एक प्रक्रिया है जिसमें एक जीव गर्मी प्रदान करने के लिए अंडे पर बैठता है, जिससे भ्रूण का विकास होता है और अंडा सेने में मदद मिलती है।
|
मेंढक में विकास |
मनुष्य में विकास |
|
यह मादा के शरीर के बाहर होता है |
यह मादा के शरीर के अंदर होता है। |
|
विकास की अवस्थाएं अण्ड, लार्वा और वयस्क है। |
विकास की अवस्थाएं फीटस, शिशु और वयस्क है। |
|
लार्वा अवस्था वयस्क से भिन्न होता है। |
शिशु वयस्क के |
|
अलैंगिक जनन |
लैंगिक जनन |
|
किसी जीव के जन्म के लिए एक ही जनक की आवश्यकता होती है। |
किसी जीव के जन्म के लिए विपरीत लिंग के दो जनकों की आवश्यकता होती है। |
|
निषेचन नहीं होता है। |
दो विपरीत युग्मकों का निषेचन होता है। |
|
उदाहरण: अमीबा, हाइड्रा, आदि में होता है। |
उदाहरण: मनुष्य, पक्षियों, आदि में होता है। |
मुकुलन अलैंगिक जनन का एक प्रकार है जिसमें जीव के शरीर पर एक छोटी बल्ब के समान उभार नुमा संरचना निकलती है जो मुकुल कहलाती है। मुकुल धीरे धीरे वृद्धि करती है और जनक जीव से मुक्त हो जाती है और एक नया जीव बनती है। ऐसा हाइड्रा और यीस्ट में होता है।

द्विविखंडन जनन की एक विधि है जो एक कोशिकीय जीवों में होता है। इसमें कोशिका का केंद्रक दो केंद्रक बनाने के लिए विभाजित हो जाता है। इसके बाद कोशिका का शरीर विभाजित हो जाता है। दो कोशिकाएँ बनती हैं जो दो जीव होते हैं द्विविखंडन अमीबा में जनन की एक विधि है।
A.
जनन
B.
पोषण
C.
श्वसन
D.
कायांतरण
कायांतरण कुछ जीवों के लार्वा में धीरे धीरे परवर्तन होकर वयस्क में परिवर्तन का प्रक्रम है कीटों जैसे रेशमकीट में कायांतरण कीट हॉर्मोन द्वारा होता है।
A.
ओक्सिटोसिन
B.
एड्रीनेलीन
C.
इंसुलिन
D.
थायरोक्सिन
इंसुलिन अगनाशय द्वारा स्त्रावित एक हॉर्मोन है। यह रक्त में शर्करा की मात्र बनाए रखने का कार्य करता है। इंसुलिन की मात्रा में कमी डायबिटीज़ कर देती है।
A.
शारीरिक संपर्क
B.
संदूषित भोजन
C.
लैंगिक संपर्क
D.
संदूषित जल
AIDS एक लैंगिक रोग है जो लैंगिक संपर्क द्वारा फैलता है। ना की संदूषित जल, भोजन और वायु द्वारा।
A.
HVV.
B.
HIV.
C.
IHV.
D.
HAV.
AIDS एक लैंगिक रोग है जो एक वायरस HIV (ह्यूमन इम्युनो वायरस) के कारण होता है। यह वायरस शरीर के प्रतिरक्षा तंत्र को प्रभावित करता है।
A.
17 वर्ष
B.
18 वर्ष
C.
20 वर्ष
D.
21 वर्ष
भारत में लड़कियों की शादी के लिए न्यूनतम निर्धारित आयु 18 वर्ष है क्यों की इस आयु से पूर्व एक लड़की मानसिक और शारीरिक रूप से मातृत्व के लिए तैयार नहीं होती है ।
A.
वसा
B.
श्वेद
C.
तैलीय स्त्राव
D.
होर्मोंस
सिबेसियस ग्रंथियां तैलीय स्त्रावों को स्त्रावित करती हैं। स्वेद श्वेद ग्रंथि द्वारा स्त्रावित होता है। हॉर्मोन्स वे रसायनिक पदार्थ हैं जो किशोरावस्था के दौरान परिवर्तनों को नियंत्रित करते हैं। ये अन्तः स्त्रावी ग्रंथियों स्त्रावित होते हैं।
A.
प्राथमिक लैंगिक लक्षण
B.
द्वितीयक लैंगिक लक्षण
C.
शारीरिक लक्षण
D.
वयस्क लक्षण
लक्षण जो नर और मादा में विभेद करने में सहायता करते हैं द्वितीयक लैंगिक लक्षण कहलाते हैं। चेहरे पर बाल इनमें से एक है।
A.
शुक्र वाहिनी
B.
वृषण
C.
गर्भाशय
D.
फैलोपियन नलिका
नर और मादा जननांग क्रमशः वृषण और अंडाशय हैं। इनमें से दोनों युग्मकों के विकास में शामिल होते हैं। वृषण नर युग्मकों को और अंडाशय मादा युग्मकों को विकसित करती हैं ।
A.
वृषण और शिश्न
B.
अंडाशय और अंडवाहिनी
C.
वृषण और अंडाशय
D.
वृषण और अंडवाहिनी
नर जननांगों में, वृषण और शिश्न होते है जबकि मादा जननांगों में अंडाशय और अंडवाहिनी होती हैं।
A.
वृषण
B.
फैलोपियन नलिका
C.
शुक्राशय
D.
शिश्न
नर जनन तंत्र में एक जोड़ी वृषण, शुक्राशय और शिश्न शामिल होते हैं। फैलोपियन नलिका मादा जनन तंत्र का एक भाग है।
मेंढ़क के जीवन चक्र की विभिन्न अवस्थाएं हैं −
अँड
टेडपोल
टेडपोल
मेंढक
(वयस्क)
नर और मादा युग्मकों का संलयन निषेचन कहलाता है।
भ्रूण से मुर्गी के बच्चे के परिवर्धन में लगभग तीन सप्ताह का समय लगता है ।
एक मुर्गी अंडे पर बैठकर भ्रूण के परिवर्धन के लिए पर्याप्त गर्मी देती है।
शुक्राणु नर के वृषण में और अँड मादा के अंडाशय में विकसित होते हैं।
नए प्रतिव्यष्टियों को उत्पन्न करने का प्रक्रम जनन कहलाता है।
लार्वा का वयस्क में रूपान्तरण के दौरान होने वाले प्रबल परिवर्तन कायांतरण कहलाते हैं ।
भ्रूण के विकास की अवस्था जिसमें इसके शरीर के सभी भाग आसानी से पहचाने जा सकते है फीटस कहलाती है।
ऑस्ट्रिच
शीर्ष, मध्य भाग और पुच्छ
मादा जनांगों में शामिल हैं-
� एक जोड़ी अंडाशय
� एक जोड़ी अंडवाहिनी
� गर्भाशय
जीव अपने समान जीव उत्पन्न करने के लिए जनन करते हैं, ताकि उनकी जाति की निरंतरता बनी रहे ।
जनन दो प्रकार का होता है।
लैंगिक जनन और अलैंगिक जनन
युग्मक अगुणित कोशिकाएँ हैं जो जनन में भाग लेती हैं। नर युग्मक शुक्राणु और मादा युग्मक अण्ड कहलाते हैं जो क्रमशः वृषण और अंडाशय में परिवर्धित होते हैं।
युग्मनज के निर्माण के बाद यह एक संरचना के निर्माण के बाद यह एक संरचना का निर्माण करने के लिए विभाजित होता है जिसे भ्रूण कहते हैं । जो आगे मादा के गर्भाशय में परिवर्धित होता है।
मेंढकों और मछली में बाह्य निषेचन होता है जिसमें पानी की आवश्यकता होती है। इनके युग्मक पानी में मुक्त कर दिये जाते हैं जहां दूसरे जंतु इन्हें पोषण प्राप्त करने के लिए खा सकते हैं। और निषेचन की सुनिश्चितता के लिए ये जन्तु अत्यधिक संख्या में युग्मक उत्पन्न करते हैं।
मुर्गी का अंडा |
मेंढक का अंडा |
|
यह बाहर से कठोर आवरण से घिरा होता है। |
अंडे के चारों और कोई कठोर आवरण नहीं होता |
आंतरिक और बाह्य निषेचन के बीच अंतर:
|
आंतरिक निषेचन |
बाह्य निषेचन |
|
यह मादा के शरीर के अंदर शुक्राणु और डिंब का विलय है। |
यह मादा के शरीर के बाहर शुक्राणु और डिंब का विलय है। |
|
यह मनुष्य, मुर्गियाँ, गाय, आदि में होता है। |
यह मछली, मेंढक, आदि में होता है। |
a)
कोशिका
द्रव्य-
यह एक जैल
के समान
पदार्थ है जो
केंद्रक और
कोशिका
झिल्ली के
बीच उपस्थित
होता है।
यह दो भागों में विभाजित होता है-
1) साइटोसोल
2) कोशिकांग
साइटोसोल कोशिका द्रव्य का घुलित भाग है।
कोशिका द्रव्य में कई विशिष्ट कोशिकांग (माइटोकॉन्ड्रिया, गोल्जी काय, राइबोसोम, आदि) होते हैं। प्रत्येक कोशिकांग कोशिका के लिए विशेष कार्य करते हैं।
b) केंद्रक -
ये जीवित कोशिकाओं की गतिविधियों को नियंत्रित करने का एक महत्वपूर्ण भाग है।
अधिकतम कोशिका में केंद्रक केंद्र में उपस्थित होता है जबकि कुछ कोशिकाओं में ये परिधि के पास होता है जैसे पादप कोशिकाओं में ये परिधि के पास पाया जाता है।
केंद्रक के मुख्य घटक न्यूक्लिओप्लाज्म, क्रोमेटिन और केन्द्रिका हैं।
न्यूक्लिओप्लाज्म केंद्रक के जीवद्रव्य में होता है जो केंद्रक झिल्ली से घिरा होता है।
क्रोमेटिन गुणसूत्रों का एक तंतुमय जाल है जिसमें जीन पायी जाती हैं।
केन्द्रिका गोल और सघन भाग है।
A.
एक अण्ड और एक शुक्राणु
B.
एक अण्ड और अनेक शुक्राणु
C.
एक शुक्राणु और अनेक अण्ड
D.
अनेक अण्ड और अनेक शुक्राणु
निषेचन में एक अण्ड और एक शुक्राणु का संलयन होता है। युग्मनज में अनेक विभाजन होते हैं और अंत में बच्चे का निर्माण होता है।
A.
एक सप्ताह
B.
दो सप्ताह
C.
तीन सप्ताह
D.
एक महिना
एक मुर्गी के बच्चे का उद्भवन काल 21 दिन का होता है। अंत में, निषेचित अंडे सह जाते हैं।
A.
अंतर विटेलाइन तरल
B.
स्वस्थाने तरल
C.
इनविवो फर्टिलाइजेशन
D.
इनविट्रो फर्टिलाइजेशन
मानव में स्त्रियॉं में मादा के शरीर के बाहर निषेचन की क्रिया इनविट्रो निषेचन कहलाती है। (IVF)
A.
एक
B.
दो
C.
चार
D.
दस
अमीबा एक एकल कोशिकीय जीव है जो द्विविखंडन द्वारा जनन करता है जिसमें एक एमीबा दो पुत्री कोशिकाओं में विभाजित हो जाता है।
A.
वायरस
B.
मनुष्य
C.
मछली
D.
शेर
लैंगिक जनन में नए जीव की उत्पत्ति के लिए के लिए दो जनकों की आवश्यकता होती है। दिये गए जीवों में से वायरस के अलावा सभी जीव लैंगिक रूप से परिवर्धित हो जाते हैं।
A.
लैंगिक जनन
B.
मुकुलन
C.
द्विविखंडन
D.
कोनिडिया निर्माण
अमीबा एक एककोशिकीय जीव है जो द्विविखंडन विधि द्वारा एक अमीबा से दो में विभाजित हो जाती है।
A.
एक
B.
दो
C.
तीन
D.
अनेक
अमीबा एक एकल कोशिकीय जीव है। जैसे जीव जो एक कोशिका से बनी होती है और जीव एककोशिकीय कहलाते हैं।
A.
एक
B.
दो
C.
तीन
D.
अनेक
शुक्राणु नर युग्मक है जो वृषणों में उत्पन्न होते हैं। युग्मक एककोशिक संरचनाएं हैं।
A.
टैडपोल
B.
चिक
C.
कैटरपिल्लर
D.
फीटस
रेशम कीट का अण्ड लार्वा में विकसित हो जाता है जिसे कैटर पिल्लर कहते हैं, जो तब प्यूपा बनाता है और बाद में एक वयस्क में परिवर्धित हो जाता है।
A.
अण्ड
B.
भ्रूण
C.
अंडवाहिनी
D.
शुक्राणु
निषेचन के बाद युग्मनज जो एक संरचना में विभाजित या विकसित हो जाता है भ्रूण कहलाता है।
A.
मुर्गी
B.
ऑस्ट्रिच
C.
बाज
D.
बतख
शुतुरमुर्ग या ऑस्ट्रिच का अंडा लगभग 7.1 इंच लंबा, 5.5 इंच चौड़ा और लगभग 2.7 इंच पॉण्ड भार युक्त होता है। यह जंतुओं द्वारा दिया गया सबसे बड़ा अंडा है।
A.
अंडाशय
B.
वृषण
C.
फैलोपियन नलिका
D.
शुक्रवाहिनी
अंडवाहिनी मादा जनन तंत्र का एक भाग है। ये फ़ेलोपियन नलिका भी कहलाती हैं।
A.
अंडाशय
B.
वृषण
C.
अंड
D.
शुक्राणु
कोशिकाएं जो जनन में भाग लेती हैं युग्मक कहलाती हैं। नर युग्मकों को शुक्राणु कहते हैं और नर में वृषणों में विकसित होते हैं।
A.
अंडाशय
B.
वृषण
C.
अंड
D.
शुक्राणु
कोशिकाएं जो निषेचन में भाग लेती हैं युग्मक कहलाती हैं। मादा युग्मक अंड कहलाता है और मादा के अंडाशय में विकसित होता है।
A.
वृषण में
B.
गर्भाशय में
C.
फैलोपियन नलिका में
D.
अंडाशयों में
मनुष्यों में, निषेचन फैलोपियन नलिका में मादा के शरीर के अंदर होता है। वृषण और अंडाशय युग्मकों के उत्पादन में भाग लेते हैं। गर्भाशय में भ्रूण का विकास होता है।
A.
टोड
B.
मेंढक
C.
मछली
D.
कबूतर
यद्यपि पक्षियों में अंडे सेने के लिए ऊष्मायित किए जाते हैं और अंड पक्षी के शरीर के अंदर निषेचित होता है।
A.
अंडाशय
B. गर्भाशय
C. आमाशय
D. फैलोपियन नलिका
फैलोपियन नलिका निषेचन के बाद भ्रूण, गर्भाशय में विकसित होता है।
A.
छिपकली
B.
कुत्ता
C.
बिल्ली
D.
गाय
जन्तु जो अंडे देते हैं अंडप्रजक कहलाते हैं। छिपकलियाँ अंडे देती हैं इसप्रकार एक अंडप्रजक जन्तु है।
A.
फैलोपियन नलिका
B.
अंडाशय
C.
श्वसननली
D.
गर्भाशय
मादा जनन तंत्र में अंडाशय, फैलोपियन नलिका और गर्भाशय होते हैं। श्वसन नली श्वसन तंत्र का एक भाग है।
A.
लाल
B.
पीला
C.
हरा
D.
भूरा
हरितलवक पादप को हरे रंग का वर्णक देता है जिसे पर्णहरित कहते हैं जो पादप की प्रकाश संश्लेषण के दौरान भोजन बनाने में सहायता करता है।
A.
माइटोकॉन्ड्रिया
B.
लवक
C.
रिक्तिका
D.
केंद्रक
लवक केवल पादप कोशिका में पाये जाने वाले सबसे बड़े कोशिकांग हैं। ये तीन प्रकार के होते हैं- हरितलवक, अवर्णीलवक और वर्णीलवक ।
A.
गुणसूत्र
B.
लाइसोसोम
C.
माइटोकॉन्ड्रिया
D.
लवक
गुणसूत्र जनक से अगली पीढ़ी को विशेषताओं का स्थानांतरण करते हैं। माइटोकॉन्ड्रिया कोशिका को विभिन्न गतिविधियों को करने के लिए ऊर्जा प्रदान करता है। लाइसोसोम एक कोशिकांग है जिसमें पाचक एंजाइम होते हैं। लवक सबसे बड़ा कोशिकांग है जिसमें वर्णक होते हैं और केवल पादप कोशिका में उपस्थित होते हैं।
A.
जीव द्रव्य
B.
न्यूक्लिओप्लाज्मा
C.
कोशिका द्रव्य
D.
प्रोटीन विलयन
प्रत्येक कोशिका का केंद्रक कोशिका के केंद्र में स्थित होता है। ये तरल से भरा होता है जिसे न्यूक्लिओप्लाज्मा कहते हैं और ये एक झिल्ली से घिरा होता है जिसे केंद्रक झिल्ली कहते हैं।
A.
(i)-(A); (ii)-(D); (iii)-(C); (iv)-(B)
B.
(i)-(B); (ii)-(A); (iii)-(C); (iv)-(D)
C.
(i)-(C); (ii)-(D); (iii)-(B); (iv)-(A)
D.
(i)-(C); (ii)-(A); (iii)-(D); (iv)-(B)
जीव द्रव्य कोशिका के अंदर का एक तरल भाग है जिसमें सभी कोशिकांग होते हैं। केंद्रक कोशिका का केंद्रीय भाग है जो कोशिका की गतिविधियों को नियंत्रित करता है। गुणसूत्र सघन और अधिक मोटे क्रोमेटिन तन्तु हैं जो अगली पीढ़ी के लिए आनुवांशिक सामग्री को स्थानांतरित करते हैं। कोशिकांग कोशिका में उपस्थित घटक हैं जैसे माइटोकॉन्ड्रिया, लवक, रिक्तिका, आदि ।
A.
कोशिका को आकृति
B.
कोशिका को रंग
C.
कोशिका की लंबाई
D.
कोशिका के कार्य
प्रत्येक कोशिका की प्लाज्मा झिल्ली की उपस्थिति के कारण एक निश्चित आकार होता है। इसके अलावा, कोशिका भित्ति कोशिका को आकृति और सहारा देती है।
A.
शुतुरमुर्ग के अंडे
B.
तंत्रिका कोशिका
C.
हरी शैवाल कारा
D.
हाथी के अंडे
शुतुरमुर्ग के अंडे सबसे बड़ी कोशिका है, जो सूक्ष्मदर्शी के बिना देखी जा सकती है। इसका व्यास 170 मिमी है।
A.
बेसिलस
B.
साइनोबैक्टीरियल
C.
माइकोप्लाज्मा
D.
एसिटोबैक्टर
माइकोप्लाज्मा सबसे छोटी कोशिका है, जो आकार में 0.1 माइक्रोन है।
A.
कॉर्क
B.
अंडा
C.
पत्ती
D.
प्याज़
रॉबर्ट हुक ने कॉर्क कोशिकाओं को देखा, जो मृत कोशिकाएँ थी। वो उन्हें छोटे कक्षों के समान दिखाई दी इसलिए उन्होने उसके कोशिका नाम दिया था।
A.
i), ii) and iv)
B.
i) and ii)
C.
i), ii) and iii)
D.
i), iii) and iv)
पक्ष्माभ और कशाभ कोशिका की अतिवृद्धियाँ हैं, जो उनकी सर्पिल गति के द्वारा गति में सहायता करते हैं। पैरामीशियम में पक्ष्माभ उपस्थित होते हैं जबकि यूग्लीना में कशाभ उपस्थित होते हैं।
A.
अमीबा, ऑक्टोपस
B.
मुर्गी, ऑक्टोपस, बैक्टीरिया
C.
अमीबा, पैरामीशियम, बैक्टीरिया
D.
पैरामीशियम, मुर्गी
अमीबा, पैरामीशियम, बैक्टीरिया एककोशिकीय जीव हैं क्योंकि उनमें एक कोशिका होती है। यह एक कोशिका शरीर के सभी कार्यों को करने में सहायता करती है। जबकि मुर्गी और ऑक्टोपस का शरीर कई मिलियन कोशिकाओं से बना होता है जो उन्हें एक बहुकोशिकीय जीव बनाते हैं। इनमें समूह में विशिष्ट कोशिकाएँ होती हैं जो विभिन्न कार्यों को करने में सहायता करती हैं।
सत्रहवीं सदी से पहले कोशिकाओं का अवलोकन इसलिए नहीं किया जा सकता था क्योंकि उस समय तक सूक्ष्मदर्शी का आविष्कार नहीं किया गया था।
तंत्रिका कोशिका शाखित होती हैं।
प्लाज्मा झिल्ली।
पादप कोशिका की प्लाज्मा झिल्ली की बाहरी परत कोशिका भित्ति है।
बैक्टीरिया और नीली हरी शैवाल ।
केंद्रक कोशिका की सभी गतिविधियों को नियंत्रित करता है।
कोशिका का जीवित पदार्थ जीवद्रव्य है।
कोशिका द्रव्य
अमीबा और पैरामीशियम ।
A.
पसीना
B.
तैलीय स्त्राव
C.
हॉर्मोन्स
D.
जल
सिबेसियस ग्रंथियां तैलीय स्त्राव स्त्रावित करती हैं। पसीना या स्वेद श्वेद ग्रथियों द्वारा स्त्रावित होता है। होर्मोंस अंतस्त्रावी ग्रंथियों द्वारा स्तावित होते हैं।
A.
लड़कियों के वाककोष से बड़े
B.
लड़कियों के वाककोष से छोटे
C.
लड़कियों के वाककोष के समान आकार के
D.
आकार में बहुत बड़े
किशोरावस्था में लड़कों में वाककोष का आकार में बढ़ जाते हैं। लड़कों में आकार बढ़ जाने के कारण, लड़कियों की तुलना में इनके वाक कोश बड़े हो जाते हैं।
A.
ड्रग्स लत लगाती हैं
B.
ड्रग्स हमारे शरीर को नुकसान पहुँचाती हैं
C.
ड्रग्स स्वास्थ्य और खुशी को बेकार करती है
D.
ड्रग्स सभी के द्वारा काम में लिया जाना चाहिए
ड्रग्स एक व्यक्ति के स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है इसलिए इन्हें बिना चिकित्सक की सलाह के नहीं लेना चाहिए।
A.
शरीर के सभी भागों में समान
B.
ऊंचाई पूर्ण रूप से पोषक स्तर पर निर्भर करती है
C.
वृद्धि किशोरावस्था के पहले हो जाती है
D.
यौवनारंभ 12-14 वर्ष की आयु में होती है
वृद्धि किशोरावस्था के दौरान होती है। यह प्रतिव्यक्ति और शारीरिक भागों के अनुसार भिन्न-भिन्न होती है। एक यूयक्ति द्वारा प्राप्त की गई लंबाई उसके जनकों द्वारा प्राप्त जीनों और वातावरणीय कारकों पर निर्भर करती है। शारीरिक परिवर्तन जो शरीर को जननक्षम बनाते हैं 12 से 14 वर्ष की आयु में होता है।
A.
90%.
B.
95%.
C.
98%.
D.
99%.
ऊंचाई में वृद्धि एक निश्चित आयु तक किसी व्यक्ति की हड्डियों में वृद्धि के कारण होती है।
A.
श्वसन
B.
शादी
C.
जनन
D.
उत्सर्जन
यौवनारम्भ के दौरान जनन तंत्र की संरचना में परिवर्तन होते हैं और जनन तंत्र कार्य करने और अंत में जनन में सक्षम बनाता है।
A.
वृषण
B.
अंडाशय
C.
पीयूष ग्रंथियां
D.
एड्रीनल ग्रंथि