A.
18-19 वर्ष
B.
21-22 वर्ष
C.
23-24 वर्ष
D.
25-26 वर्ष
किशोरावस्था जीवन चक्र की एक अवस्था है जिसमें किसी व्यक्ति के शरीर में परिवर्तन होते हैं। यह 11-12 वर्ष की आयु में आरंभ होकर लगभग 18-19 वर्ष की आयु तक रहती है।
A.
8-9 वर्ष
B.
11-12 वर्ष
C.
13-14 वर्ष
D.
15-16 वर्ष
किशोरावस्था जीवन चक्र की एक अवस्था है जिसमें किसी व्यक्ति के शरीर में परिवर्तन होते हैं। यह 11-12 वर्ष की आयु में आरंभ होता है।
A.
यौवनावस्था
B.
रजोदर्शन
C.
रजोनिवृत्ति
D.
किशोरावस्था
मासिक धर्म रक्त का गर्भाशय से निरंतर प्रवाह है। यह यौवनारम्भ से शुरू होता है। मासिक धर्म का आरंभ रजोदर्शन कहलाता है और समाप्ती रजोनिवृति कहलाती है।
A.
21.
B.
22.
C.
23.
D.
24.
गुणसूत्र धागे के समान संरचनाएं हैं जो प्रतिव्यक्ति के बारे में सूचनाएँ रकते हैं मानव की प्रत्येक कोशिका में 23 जोड़ी गुणसूत्र होते हैं।

संकटकालीन हॉर्मोन एड्रीनेलीन है यह रक्त में लवण संतुलन को नियंत्रित करता है। तथा व्यक्ति की तनाव या चिंता की स्थिति में समायोजन करने में सहायता करता है।
थायरोक्सिन
अन्तः स्त्रावी ग्रंथियाँ अपने स्त्रावों को सीधे रक्त में डालती हैं ।
दोनों में बगलों और श्रोणि क्षेत्रों में बालों का आना।
पुरुषों में वाक् कोष को कंठमणि/एडम्स एप्पल भी कहते हैं।
गर्भधारण में
25-30 दिन
फैलोपियन नलिका में
A.
B.
C.
D.
यदि a/b कोई परिमेय संख्या है तब a/b + 0 = 0+a/b = a/b . उदाहरण के लिए, 2/7 +0 = 0+2/7 = 2/7 इसलिए, 0 योज्य तत्समक है।
A.
-2/3
B.
0
C.
1
D.
2/3
चूंकि
2/3
+(-2/3) = -2/3 + 2/3= 0
इसलिए, अभीष्ट
योज्य प्रतिलोम
2/3
है।
का
मान है
A.
0
B.
5/3
C.
23/3
D.
25/3
हमें
ज्ञात है
A.
परिमेय संख्या
B.
पूर्णांक
C.
शून्य
D.
अनंत
दो
परिमेय संख्याओं
का गुणनफल सदैव
एक परिमेय संख्या
होती है।
उदाहरण
के लिए
1/5
और
3/2=
(1/5)
(3/2)
= 3/10
का
गुणनफल जो कि एक
परिमेय संख्या
है।
का मान है
A.
B.
C.
D.
A.
5/2
B.
3/2
C.
1/2
D.
-3/2
A.
- 95/6
B.
-83/6
C.
-85/7
D.
-85/9
A.
2
B.
3
C.
4
D.
अनगिणत
दो परिमेय संख्याओं के बीच हम अनगिणत परिमेय संख्याओं को ज्ञात कर सकते हैं।
A.

B.

C.

D.

दी गई संख्याओं को हर के साथ पुनः लिखने पर, हमें ज्ञात होता है -1 = -10/10 और 2 = 20/10 अतः दी गई संख्याओं के बीच तीन परिमेय संख्याएं -9/10, -8/10, -7/10 हैं ।
A.
8/7
B.
7/8
C.
5/8
D.
3/8
3/2 और 1/4 के बीच में एक परिमेय संख्या निम्न प्रकार से दी जाती है
A.
-6/7
B.
5/7
C.
-7/6
D.
-7/5
-7/8 का व्युत्क्रम -8/7 है
तब अभीष्ट गुणनफल =
3/4
-8/7= -6/7

असत्य: -1 भी अपने व्युत्क्रम के बराबर होता है।
माना कि पहली परिमेय संख्या x है।

इस प्रकार, अभीष्ट संख्या -3/2 है।

का
योज्य प्रतिलोम


-2 का प्रतिलोम -1/2 है।


A.
32, 40 और 48 क्रमशः
B.
28, 35 और 42 क्रमशः
C.
24, 30 और 36 क्रमशः
D.
20, 25 और 30 क्रमशः
मान लीजिये कि तीन संख्याएँ 4x, 5x और 6x है। इसलिए, दिये गये समीकरण से 4x + 5x + 6x = 120 या x = 8 अतः, संख्याएँ 32, 40 और 48 है।
का
हल
है
A.
-1.
B.
-2.
C.
.
D.
.
,
तब x के
बराबर
है
A.
-4.
B.
.
C.
.
D.
.
बायें
पक्ष
का
लसप
लेने
पर, हमें
ज्ञात
होता
है
हल
करने
पर, हमने
पाया
.
A.
-1.
B.
1.
C.
2.
D.
3.
दिया
है, 4x +
17 = 11 – 2x
4x + 2x = 11 – 17
6x = -6
x = -1
A.
B.
C.
D.
|
मान लीजिये कि दो क्रमागत सम संख्याएँ a और a+2 है, तब
a + (a + 2) = 234
या a = 116 इसलिए, संख्याएँ 116 और 118 है। |
A.
B.
C.
D.
माना कि संख्याएँ 5x और 8xहै, तब 5x + 8x = 182 या 13x = 182 या x =14 पहली संख्या = 5 × 14 = 70, दूसरी संख्या= 8 × 14 = 112
A.
–11/ 9.
B.
–13/ 4.
C.
–9/ 14.
D.
– 2/ 13.
समीकरण
है:
(6x + 7)/(3x + 2) = (4x + 5)/(2x + 3)
या
(6x + 7)(2x + 3) = (3x + 2)(4x +5)
या
12x2 + 32x + 21 = 12x2 + 23x + 10
या
12x2 + 32x –12x2 – 23x = 10 – 21
या
9x = –11
x = – 11/ 9.
का
हल
है
A.
–1.
B.
-2.
C.
–3.
D.
-5.
दिया
गया
समीकरण
है:
या
(3x+ 5)3 = (2x + 1)
या
9x + 15 = 2x +1
या
9x – 2x = – 14
या
7x = – 14
x
= – 2.
A.

B.
6.
C.
4.
D.
2.
A.
14.
B.
13.
C.
12.
D.
11.
तब
x
का
मान
है
A.
4.
B.
36/7.
C.
10.
D.
12.
A.
x = (pd - bq)/(aq - pc).
B.
qp = (ax + b) (cx + d).
C.
p = cx + d.
D.
q = ax +b.
(ax
+ b)/(cx + d) = p/q
q(ax + b) = p (cx + d)
aqx + bq = pcx + pd
aqx - pcx = pd - bq
x(aq - pc) = pd - bq
x = (pd - bq)/(aq - pc).
संतुष्ट
होता
है, है
A.
2.
B.
3.
C.
4.
D.
8.
दिये
गये
समीकरण
को
हल
करने
पर, हमें
ज्ञात
है
या
4x2 + 4 = 5x2 – 5
या
x2 = 9
x =
3.
A.
7/8.
B.
3/4.
C.
1/2.
D.
1/4.
दिये
गये
समीकरण
को
हल
करने
पर, हमें
ज्ञात
है
या
4x +1 = 16x – 8
या
16x – 4x = 9
या
12x = 9
x = 3/4.
A.
6.
B.
2.
C.
1.
D.
– 3.
दिये
गये
समीकरण
को
हल
करने
पर, हमें
ज्ञात
है
या 7(x +
7) = 4(3x + 16)
या
7x + 49 = 12x + 64
या
7x –12x = 64 – 49
या
5x = –15
या
x = – 3.
A.
-60/17.
B.
-70/17.
C.
-75/17.
D.
-77/17.
x/5
- x/7 = 2x + 8
(7x - 5x)/35 = 2x + 8
2x = 70x + 280
-280 = (70 - 2)x
-280 = 68x
x = -70/17.
A.
–
10.
B. –15.
C. – 20.
D. – 25.
यहाँ, 7y/5
= y - 4 or 7y = 5y –20
या 7y – 5y
= –20
या 2y = –
20
या
y
= – 10.
A.
2 / 13
B.
11/3
C.
9 / 3
D.
10 /13
यहाँ, , 3
(x – 1) = 8
या
3x – 3 = 8
या
3x = 11
या
x = 11/3.
A.
1
B.
3
C.
5
D.
7
यहाँ, 5x –
7 = 2x + 8
या
5x – 2x = 7 + 8
या
3x = 15
या
x = 5
A.
10
B.
18
C.
35
D.
45
n भुजाओं वाले बहुभुज में विकर्णो की संख्या है = n (n-1)/2 - n = 10 (10-1)/2 - 10 = 35
A.
540°
B.
360°
C.
250°
D.
125°
एक पंचभुज के कोणों का योग 540° होता है। इसलिए, 2x° = 540°- (90° + 95° + 105°) = 250° इसलिए, x° = 125°
A.
35o
B.
40o
C.
50o
D.
65o
हम
जानते
है
कि
प्रत्येक
बाह्य
कोण
=
बाह्य
कोणों
का
योग/ भुजाओं
की
संख्या
= 360o / 9 = 40o
A.

B.

C.

D.

क्योंकि इसकी चार समान भुजाएं है।
क्योंकि यह रेखाखंडो द्वारा निर्मित नहीं है।
A.
B.
C.
D.
चूंकि ABCD एक पंतग है BC = CD
2y + 4 = 3y – 5
y = 9
पंतग की सबसे बडी भुजा की लम्बाई 2y + 4 = 2 x 9 + 4
= 22
A.
5 और 9
B.
9 और 5
C.
5 और 7
D.
7 और 5
चूंकि ABCD एक पंतग है, BC = BD
2y + 4 = 3y – 5
y = 9
पुनः, 2x + 5 = y + 6 (AB = AD)
x = 5
ADE =
ABC,तब चतुर्भुज BCED है
A.
समान्तर चतुर्भुज
B.
समलम्ब चतुर्भुज
C.
आयत
D.
सम चतुर्भुज
यदि
ADE
=
ABC,
तब DE ||
BC इसलिए
चतुर्भुज BCED एक
समलम्ब
चतुर्भुज
होगा।
PQR = 90°, तब PQRS है
A.
पंतग
B.
आयत
C.
समचतुर्भुज
D.
समलम्ब चतुर्भुज
समान्तर चतुर्भुज में, यदि एक कोण 90°है, अर्थात, समकोण, तब इसके सभी कोण समकोण होते है। इसलिए, PQRS एक आयत होगा।
R = 105°, तब
P और
Q का मान क्रमशःहै
A.
B.
C.
D.
एक समान्तर चतुर्भुज में सम्मुख कोण बराबर होते है।
इसलिए ,
P =
R अर्थात,
P = 105°
पुनः, एक समान्तर चतुर्भुज के आसन्न कोणों का मान 180° होता है।
इसलिए,
P +
Q = 180°
Q = 180° -
P = 75°
BOC का मान है
A.
45°
B.
90°
C.
135°
D.
180°
AOD =
180° - (60° + 75°) (एक त्रिभुज
के
कोणों
का
योग
180°
होता
है।)
इसलिए,
AOD= 45°
इसलिए,
BOC= 45°
(सम्मुख कोण)
समलम्ब चतुर्भुज

समान्तर भुजाओं के ठीक एक युग्म वाले चतुर्भुज का नाम समलम्ब चतुर्भुज है।
समचतुर्भुज

सभी बहिष्कोणों का कुल माप
भुजाओं की संख्या
प्रत्येक बहिष्कोण का माप
या
या
या

यहाँ
विकर्णो
की
संख्या
5
है।
अष्टभुज।

x
+ 110° + 110° + 60° = 360°
x = 360° – 280°
या
x
= 80°
समान्तर चतुर्भुज में विपरीत भुजाएं समान होती है।
3x
= 18
x
= 6
और, 3y - 1
= 26
3y
= 27
y
= 9
C ज्ञात कीजिये।
आकृति ABCD में,
B
+
C = 180°
120° +
C = 180°
C = 60°
A.
3
B.
5
C.
7
D.
8
यहाँ, 8x +
3 = 27
या
8x = 27 – 3
या
8x = 24
या
x = 3.
a) असत्य
b) असत्य
5x
- 3 = 3x - 5
5x
= 3x - 5 + 3
5x
= 3x - 2
5x
- 3x = 3x - 2 - 3x (दोनो
पक्षो
से
3x
को
घटाने
पर)
2x
= -2
x
= -1


माना संख्या x है

.

0.25(4p
- 3) = 0.05(10p - 9)
या
1p
– 0.75 = 0.5p – 0.45
या
p
– 0.5p = -0.45 + 0.75
या 0.5p =
0.30
या
p = 0.6
4x
+ 7 = 10 + 2x
4x
= 10 + 2x - 7
4x
= 3 + 2x
4x
- 2x = 3
2x
= 3
x
= 3/2
माना कि 7 का पहला गुणांक x है।
दूसरे दो गुणांक (x + 7) और(x + 14) होंगे।
प्रश्नानुसार,

अतः, 7 के तीन क्रमागत पूर्णांक 252,259 और 266 है।
माना कि पहला सम पूर्णांक
तब
और
प्रश्नानुसार

अतः
माना कि पहला सम पूर्णांक x है।
तब, दूसरा पूर्णांक = x + 2
और, तीसरा पूर्णांक = x+ 4
प्रश्नानुसार ,

अतः, तीन क्रमागत सम पूर्णांक 88, 90 और 92 है।
माना कि पहली संख्या x है, तब दूसरी संख्या x+10 है।

पहली संख्या 21 है और दूसरी संख्या 31 है।

को एक संख्या से घटाया जाता है और उनके अंतर को 4 से गुणा किया जाता है, तब परिणाम 5 प्राप्त होता है। संख्या ज्ञात कीजिये।
माना कि संख्या

मान लीजिये x2 = y, तब

y = x2 का मान रखने पर

A.
श्वसन संबंधी समस्या
B.
पाचन संबंधी समस्या
C.
हृदय संबंधी समस्या
D.
उत्सर्जन संबंधी समस्या
स्मॉग धुआँ और कोहरे से बनता है । धुआँ में नाइट्रोजन के ऑक्साइड होते हैं जो अन्य वायु प्रदूषकों के साथ संयुक्त हो जाते हैं और स्मॉग बनाते हैं । स्मॉग के कारण बच्चो में साँस लेने में कठिनाई, खाँसी और छींक आना जैसी बीमारियाँ हो सकती हैं ।
नाइट्रोजन (आयतन का 78%)
पर्यावरण में सजीवों और निर्जीव घटकों के लिए हानिकारक प्रदूषकों का मिलना प्रदूषण कहलाता है ।
1985 में ।
वायु में 78% आयतन में नाइट्रोजन
पृथ्वी के औसत तापमान में वृद्धि विश्व ऊष्णन कहलाती है ।