A. दुर्बल चालक
B. अर्धचालक
C. श्रेष्ठ चालक
D. रेडिएटर
कॉपर एक श्रेष्ठ चालक है इसलिए, यह एक ईंजन से आ रहे गर्म पानी से ऊष्मा को ग्रहण कर लेता है ।
A. विकिरण।
B. रोधन ।
C. संवहन।
D. चालन।
वह वायु जो आग के संपर्क में होती है गर्म हो जाती है और अपने घनत्व में कमी होने के कारण ऊपर की ओर उठती है। ठंडी वायु इसका स्थान ले लेती है। संवहन प्रक्रिया में ऊष्मा का स्थानान्तरण अणुओं की एक स्थान से दुसरे स्थान की ओर गति के कारण होता है। इस प्रकार, हमारें हाथ आग के ऊपर रखने पर संवहन के कारण गर्म हो जाते हैं।
A. विकिरण।
B. रोधन।
C. चालन।
D. संवहन।
विकिरण दो निकायों के बीच के स्थान को बिना गर्म किए गर्म निकाय से ठंडे निकाय की ओर स्थानांतरित होती है। इस प्रकार, दो निकायों के बीच माध्यम का होना आवश्यक नहीं होता है।
A. कुचालक।
B. अर्धचालक।
C. विकिरक।
D. चालक।
चालकों में मुक्त इलेक्ट्रोनों की संख्या बहुत अधिक होती है और इस तरह से ये ऊष्मा का चालन करते हैं।
A. गर्मियों में।
B. सर्दियों में।
C. वसन्त ऋतु में।
D. वर्षा ऋतु में।
गर्मियों का मौसम सबसे गर्म मौसम होता है। हल्के रंग के कपडे कम ऊष्मा का अवशोषण करते है तथा अपने पर गिरने वाली अधिक ऊष्मा को परावर्तित कर देते है। इसके अलावा, सूती कपडे हमें ठंडक की अनुभूति भी प्रदान करते हैं।
A. लौहे की गेंद के तापमान में वृद्धि के साथ - साथ पानी के तापमान में भी वृद्धि होगी।
B. ऊष्मा का प्रवाह नहीं होगा।
C. लौहे की गेंद से पानी की ओर ऊष्मा का प्रवाह होगा।
D. पानी से लौहे की गेंद की ओर ऊष्मा का प्रवाह होगा।
ऊष्मा का प्रवाह एक निकाय से अन्य निकाय की ओर केवल तभी होता है जब दो निकायों के बीच तापमान में अन्तर होता है। ऊष्मा हमेशा उच्च तापमान के किसी निकाय से निम्न तापमान के किसी निकाय की ओर प्रवाहित होती है।
A. अनुभव से।
B. रंग से।
C. तापमान से।
D. आकार से।
तापमान वह राशि है जो किसी निकाय की तापीय अवस्था को परिभाषित करती है, अर्थात्, यह किसी निकाय की शीतलता तथा ऊष्णता की माप होती है।
A. दृष्टि की भावना।
B. रंग।
C. तापमान।
D. आकार।
तापमान एक मात्रा है जो एक शरीर की सौर स्थिति को परिभाषित करता है,यानी, यह गर्मी या एक शरीर की शीतलता की डिग्री मापन है।
A. गर्मी का संवहन।
B. गर्मी के चालन।
C. गर्मी के विकरण।
D. समुद्र के पानी वाष्पीकरण।
संवहन में ऊष्मा का स्थानांतरण आणुओं के वास्तविक आन्दोलन से होता है। तटीय क्षेत्रों में दिन के समय, थल समुंद्र की अपेक्षा में अधिक गर्म हो जाता है। इसलिए थल के ऊपर की वायु गर्म हो जाती है और ऊपर की ओर उठती है। समुंद्र से ठंडी वायु उसकी जगह लेने के लिए थल की तरफ बहती है। यह समुंद्र समीर कहलाती है। इस चक्र को पूरा करने के लिए, थल से गर्म हवा समुंद्र की ओर गति करती है।
A. सेल्सियस तापमान के रूप में जाना जाता है।
B. सामान्य तापमान के रूप में जाना जाता है।
C. थर्मामीटर तापमान के रूप में जाना जाता है।
D. फारेनहाइट तापमान के रूप में जाना जाता है।
अधिकतर व्यक्तियों का सामान्य तापमान 37 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है। यह थोड़ा कम या 37 डिग्री सेल्सियस की तुलना में थोड़ा अधिक हो सकता है। इस प्रकार, स्वस्थ व्यक्तियों की एक बड़ी संख्या का औसत तापमान सामान्य तापमान के रूप में कहा जाता है।
A. इसका परास कम होता है।
B. यह ढंग से ताप का मापन नहीं कर सकता।
C. यह काँच से बना होता है।
D. इसमें विषैले पदार्थ होते हैं।
शरीर का तापमान मापने के लिए, हम थर्मामीटर के बल्ब को जीभ के नीचे रखते हैं। जैसे ही हम प्रयोगशाला थर्मामीटर को अपने मुँह से निकालते हैं वैसे ही मर्करी का स्तर गिर जाता है क्योंकि इसमें विभंग नहीं होता जो मरकरी के स्तर को गिरने से रोकता है।
A. समान रहता है।
B. गिर जाता है।
C. बढ़ जाता है।
D. विलुप्त हो जाता है।
डॉक्टरी थर्मामीटर में विभंग होता है, जो मर्करी के स्तर को अपने आप गिरने से रोकता है। इसीलिए जब डॉक्टरी थर्मामीटर मुँह से बाहर निकाला जाता है, तब मर्करी का स्तर समान रहता है।
A. विकिरण की वजह से होता है।
B. संवहन की वजह से होता है।
C. वाष्पीकरण की वजह से होता है।
D. चालन की वजह से होता है।
ठोस पर्दार्थों में, अणु कसकर बंधे रहते है (पैक होते है) और इसलिए इनमें ऊष्मा का स्थानांतरण चालन की वजह से होता है। इस प्रक्रिया में तप्त अणु अपनी ऊष्मा अपने पड़ोसी अणु को देते हैं। यह अनु अपनी ऊष्मा का स्थानांतरण बिना हिले कंपन के द्वारा अपने पड़ोसी अणु को ऊष्मा प्रदान करके करते हैं|
A. इथाइल कार्बाइड
B. मीथेन
C. मिथाइल इसॉयनिट
D. एटैन
कार्बाइड कारखाने के लीक गैस का नाम मिथाइल इसॉयनिट था। लीक गैस एक बेहद जहरीली गैस थी।
A. 1947
B. 1948
C. 1949
D. 1950
A. अमेरिकी कंपनी
B. ऑस्ट्रेलियाई कंपनी
C. अर्जेंटीना कंपनी
D. एस्टोनिया कंपनी
A. पुनर्चक्रण कंपनी
B. विष का उत्पादन कंपनी
C. रसायन और पॉलिमर कंपनी
D. खिलौना निर्माण कंपनी
भोपाल के मध्य प्रदेश में यूनियन कार्बाइड संयंत्र ने 1984 में अपना स्थान लिया तथा यह इतिहास में सबसे पुरानी बुरी औद्योगिक दुर्घटना थी।
A. कानून बनाने पर
B. लागू करने पर
C. बनाए रखने पर
D. विपक्ष की आलोचना पर
A. आजीविका की हानि
B. प्रदूषण में वृद्धि
C. असुरक्षित वातावरण
D. मुनाफे का नुकसान
आजीविका से अपनी बुनियादी जरूरतों को पूरा करने के लिए भोजन, कपड़े, और अन्य वस्तुओं को खरीदने के लिए धन कमाना आवश्यक होता है।
A. आजीविका का अधिकार
B. बराबरी का अधिकार
C. जीवन का अधिकार
D. संपत्ति का अधिकार
A. कारखाने में काम करने वाले दल को बढ़ाना
B. सुरक्षा उपकरणों की खराबी
C. रात की पारी की पुर्नस्थापना
D. आवासीय सुविधाओं की कमी
भोपाल गैस त्रासदी के कुछ कारणों में से कारखाने के काम करने वाले दल आधा कर दिया गया और सुरक्षा प्रशिक्षण की अवधि छः माह से घटाकर पंद्रह दिन कर दी गई और प्रत्येक सुरक्षा उपाय में कमी थी।
A. कर्मचारियों का कम मजदूरी पर काम करना
B. कम घंटे काम करना
C. उच्च सुरक्षा के तंत्र
D. अधिकतम मजदूरी
कर्मचारी कम मजदूरी पर भी काम करने के लिए तैयार हो जाते है और उच्च सुरक्षा तंत्र पर पूंजी लगाने की कोई जरूरत नहीं होती है, इसलिए विदेशी कंपनियां भारत में अपने कारखानों को स्थापित करते है।
A. संरक्षित
B. तैयार
C. स्वीकृती
D. लागू करना
सरकार कानून को ठीक से लागू करना और सुनिश्चित करना महत्वपूर्ण है।
A. वर्दी
B. भोजन
C. शिक्षा
D. मजदूरी
A. उपभोक्ताओं
B. उत्पादकों
C. अमीर वर्ग
D. श्रमिकों
भारत में गरीबों के हितों की रक्षा करने के लिए सरकार द्वारा प्रयास शुरू किया गया था की न्यूनतम मजदूरी अधिनियम द्वारा श्रमिकों के हितों की रक्षा की जाती है ।
A. श्रमिकों
B. उपभोक्ताओं
C. उत्पादकों
D. सरकार को
श्रमिक, उपभोक्ताओं और उत्पादकों को बाजार में शोषण का सामना करना पड़ता है।
A. निर्माता
B. खुदरा व्यापारी
C. उपभोक्ताओं
D. कार्यकर्ता
A. निर्माता
B. खुदरा व्यापारी
C. उपभोक्ता
D. कार्यकर्ता
A. कार्यकर्ता
B. उपभोक्ता
C. निर्माता
D. सरकार
मजदुर, उपभोक्ता और उत्पादक चेन बाजार का हिस्सा हैं।
A. कारखाने के मजदूर
B. समुदाय के सदस्य
C. पर्यावरण
D. गैर सरकारी संगठन
समुदाय के सदस्य और पर्यावरण कारखाने के मजदूर भोपाल गैस की घटना से प्रभावित थे।
A. वाहन चालक द्वारा तेजी से चलाना
B. धूम्रपान क्षेत्र में धूम्रपान करना
C. शराब गैर वयस्कों को बेचना
D. पार्किंग जोन में पार्किंग से बचना
कई लोगों की वजह से गरीब व्यक्ति भी कानून की पालना नहीं कर पाते है । वाहन चालक द्वारा तेजी से चलाना, धूम्रपान क्षेत्र में धूम्रपान करना, पार्किंग जोन में गैर वयस्कों द्वारा पार्किंग पर शराब की बिक्री अक्सर देखा जाता है।
A. अनुच्छेद 21
B. अनुच्छेद 31
C. अनुच्छेद 33
D. अनुच्छेद 43
शासन व्यवस्था के अनुच्छेद 21 में "देश में कोई भी अपने जीवन या व्यक्तिगत स्वतंत्रता को छोड़कर व्यक्ति कानून द्वारा स्थापित प्रक्रिया से वंचित किया जा सकता है"।
A. भारतीय मजदूरों को उच्च मजदूरी का भुगतान करना
B. कम घंटे में काम करना
C. असुरक्षित स्थितियों
D. अतिरिक्त नियोक्ता की देखभाल
भारतीय मजदूरों को काम के अतिरिक्त घंटे के बजाय असुरक्षित परिस्थितियों में कम मजदूरी का भुगतान किया जाता है।
A. मीटर में।
B. मिलीमीटर में।
C. किलोमीटर में।
D. सेंटीमीटर में।
दो शहरों के बीच की दूरी किलोमीटर में मापी जाती है। दो शहर एक दूसरे से अधिक दूरी पर स्थित होते हैं, इसलिए हम उनके बीच की दूरी को मापने के लिए मीटर, सेंटीमीटर, मिलीमीटर आदि जैसी छोटी इकाइयों का उपयोग नहीं करते हैं।
A. पाई चार्ट
B. बार ग्राफ़
C. लाइन ग्राफ़
D. चित्रलेख
दूरी - समय ग्राफ़ लाइन ग्राफ़ का एक उदाहरण है। इसलिए,एक सरल रेखा दूरी और समय के बीच संबंध का प्रतिनिधित्व करती है।
A. Y-अक्ष पर समय को लेते हैं ।
B. X-अक्ष पर दूरी को लेते हैं।
C. X-अक्ष पर गति को लेते हैं।
D. X-अक्ष पर समय को लेते हैं।
एक दूरी समय ग्राफ़ में, हम आम तौर पर Y-अक्ष पर दूरी और X- अक्ष पर समय लेते हैं ।
A. क्षैतिज अक्ष।
B. ऊर्ध्वाधर अक्ष।
C. विकर्ण अक्ष।
D. सामान्य अक्ष।
Y अक्ष ऊर्ध्वाधर दिशा को निर्देश करता है इसलिए हम इसे ऊर्ध्वाधर अक्ष से निरुपित करते हैं।
A. दूरी।
B. विस्थापन।
C. गति।
D. समय।
वेग की परिमाण गति है जैसे कि वेग दिए गए इकाई समय में निश्चित दिशा कि और तय कि गयी दूरी को परिभाषित करती है तथा गति को हम प्रति इकाई समय में तय की गयी दुरी से परिभाषित करते हैं।
A. एक सरल लोलक।
B. एक वायलिन के तार।
C. एक कैसेट रिकॉर्डर के टेप।
D. कताई लट्टू।
एक प्रसिद्ध आवधिक गति एक सरल लोलक द्वारा प्रदर्शित किया जाता है क्योंकि प्रत्येक दोलन एक निश्चित समय अंतराल के बाद दोहराया जाता है।
A. थरथानेवाली गति में है।
B. सरल रैखिक गति में है।
C. गोलाकार गति में है।
D. दोलन गति में है।
एक कार जो सिधे सड़क पर गतिमान है वह सरल रैखिक गति में है, उसकी स्थिति में निरंतर परिवर्तन होता है ताकि हर कण एक सीधे पथ पर अनुसरण कर सके ।
A. X अक्षरेखा की ओर ।
B. Y अक्षरेखा की ओर ।
C. k अक्षरेखा की ओर।
D. Z अक्षरेखा की ओर ।
जब कभी हम ग्राफ प्लाट करते हैं तो स्वतंत्र मात्रा X अक्षरेखा की ओर तथा अस्वतंत्र मात्रा Y अक्षरेखा की ओर लिया जाता है ।
A. गति का अनुमान लगाते थे।
B. दूरी का अनुमान लगाते थे ।
C. दिशा का अनुमान लगाते थे ।
D. समय का अनुमान लगाते थे ।
रेत घड़ी में रेत भरा होता था जो एक खाने से दूसरे खाने में ऊपर से नीचे की ओर गिरती थी जिसके द्वारा पूर्वज समय का अनुमान लगा लेते थे।
A. जब वह मध्य बिंदु पर होती है ।
B. जब वह चरम स्तिथि पर होती है।
C. जब वह मध्य और चरम सीमा के बीच में होती है।
D. जब वह तुरंत स्थिर अवस्था में आने से पहले होती है।
किसी वस्तु में उसकी स्तिथि के कारण जो ऊर्जा होती है, उसे वस्तु की स्थितिज ऊर्जा कहते हैं। लोलक की अधिकतम स्थितिज ऊर्जा होती है जब वह चरम स्तिथि पर होती है।
A. भिन्न समय लेता है ।
B. समान समय लेता है ।
C. समान गति से चाल करता है ।
D. भिन्न गति से चाल करता है ।
किसी दी गई लम्बाई का लोलक हमेशा समान समय में एक दोलन पूर्ण करता है ।
A. जब वह मध्य और चरम सीमा के बीच में होती है ।
B. बायीं और चरम सीमा के बीच में होती है ।
C. दाईं और चरम सीमा के बीच में होती है ।
D. मध्य बिंदु पर होती है ।
किसी वस्तु में उसकी गति के कारण जो ऊर्जा होती है उसे वस्तु की गतिज ऊर्जा कहते हैं। लोलक की अधिकतम गतिज ऊर्जा तब होती है जब वह मध्य स्तिथि पर होता है।
A. 60 किलोमीटर कुछ घंटे में तय करेगी।
B. 60 मीटर दो घंटे में तय करेगी।
C. 30 किलोमीटर आधे घंटे में तय करेगी।
D. 70 किलोमीटर एक घंटे में तय करेगी।
कार 60 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ़्तार से चल रही है तो 30 किलोमीटर आधे घंटे में तय करेगी।
A. घंटा
B. मिनट
C. सेकंड
D. मिली सेकंड
समय की मूल इकाई सेकंड है । ये s से निरुपित की जाती है।
सरल रेखीय ग्राफ का मुख्य गुण निम्न है :
सरल रेखीय ग्राफ में, दो चर एक दूसरे से समानुपाती होते हैं, अर्थात यदि एक राशि में वृद्धि होती है तो अन्य राशि में भी वृद्धि होती है।
समय के साथ किसी निकाय की स्थिति में परिवर्तन गति कहलाती है।
निर्देशांक बिंदु (60,80) का मतलब है कि x- अक्ष निर्देशांक 60 तथा y - अक्ष निर्देशांक 80 है।
ग्राफ (आरेख), प्रयोगकर्ता द्वारा रिकॉर्ड किये गए दो भौतिक चरों का सचित्र प्रदर्शन करता है।
स्थिर वेग से गति कर रही वस्तु के लिये दूरी-समय आरेख सीधी रेखा के रूप में होता है।
चाल
दूरी का एस आई मात्रक मीटर (m) है तथा समय का एस आई मात्रक सेकंड (s) है।
इस प्रकार, चाल का एस आई मात्रक मीटर प्रति सेकेंड होता है|
जब कोई वस्तु अवतल दर्पण के बहुत निकट स्थित होती है, तो बना हुआ प्रतिबिंब
(a)आभासी
(b) सीधा, तथा
(c) आवर्धित होता है|
अवतल दर्पण के उपयोग:
1. सौर भट्टियों में ।
2. खगोलीय दूरदर्शी में।
दर्पण के ध्रुव तथा वक्रता-केंद्र को मिलाने वाली रेखा को दर्पण का मुख्य अक्ष कहते हैं।
वे प्रतिबिम्ब जिन्हें पर्दे पर प्राप्त किया जा सकता है, वास्तविक प्रतिबिम्ब कहलाते हैं।
सतह से टकराने के बाद प्रकाश समान माध्यम में वापस लौट जाता है, यह प्रकाश का परावर्तन कहलाता है।
वह परीघटना जिसके कारण वस्तु का बायां पाशर्व जब दर्पण के माध्यम से देखा जाता है तो प्रतिबिम्ब के दांये पाशर्व के रूप में प्रकट होता है या इसका विपरीत, तो यह परिघटना, पार्श्व परिवर्तन कहलाती है।
दर्पण की परावर्ती सतह का केन्द्रीय भाग, ध्रुव के रूप में जाना जाता है।
प्रकाश हमेशा सीधी रेखा में गमन करता है| प्रकाश के इस गुण को प्रकाश का सरल रेखीय संचरण कहते हैं|
नहीं, समतल दर्पण द्वारा बना वस्तु का प्रतिबिम्ब पर्दे पर प्राप्त नहीं किया जा सकता है। इसे आभासी प्रतिबिम्ब कहा जाता है।
उत्तल लेन्सः लेन्स जो बीच में से मोटा तथा किनारों पर पतला होता है उत्तल लेन्स कहलाता है।
अवतल लेन्सः लेन्स जो बीच में से पतला तथा किनारों पर मोटा होता है, अवतल लेन्स कहलाता है।
समतल दर्पण द्वारा बने प्रतिबिम्ब की विशेषताएं:
1. प्रतिबिम्ब, वस्तु के जैसे समान आकार का होता है।
2. बना हुआ प्रतिबिम्ब पर्शविक उल्टा होता है।
3. प्रतिबिम्ब, दर्पण के पीछे समान दूरी पर बनता है|
4. बना हुआ प्रतिबिम्ब आभासी तथा सीधा होता है।
समतल दर्पणों के उपयोग:
1. ये परावर्ती परिदर्शियों के बनाने में प्रयोग किया जाते हैं।
2. ये सौर कुकरों में सौर कुकर के आन्तरिक भाग में सूर्य की किरणों को परावर्तित करने के लिए प्रयोग किये जाते हैं।
3. ये बहुरूपदर्शी जैसे खिलौने बनाने मे प्रयोग किये जाते हैं।
4. ये दैनिक जीवन कि गतिविधियों के लिये घरेलु दर्पण के रूप में प्रयोग किये जाते हैं।
अवतल दर्पण: यदि किसी गोलीय दर्पण का परावर्तक पृष्ठ अवतल हो तो वह अवतल दर्पण कहलाता है|

अवतल दर्पण
उत्तल दर्पण: यदि किसी गोलीय दर्पण का परावर्तक पृष्ठ उत्तल हो तो वह उत्तल दर्पण कहलाता है|

उत्तल दर्पण
परावर्तन के निम्नलिखित दो नियम हैं:
1. आपतन कोण सदैव परावर्तन कोण के बराबर होता है।
2. आपतन कोण, परावर्तन कोण तथा आपतन बिंदु पर अभिलम्ब, तीनों एक ही तल पर स्थित होते हैं।
वास्तविक प्रतिबिम्ब : यह एक प्रतिबिम्ब है जिसे पर्दे पर प्राप्त किया जा सकता है। प्रतिबिम्ब का यह प्रकार हमेशा उल्टा होता है।
आभासी प्रतिबिम्ब : यह एक प्रतिबिम्ब है जिसे पर्दे पर प्राप्त नहीं किया जा सकता है। प्रतिबिम्ब का यह प्रकार हमेशा सीधा लेकिन पर्शविक उलटा होता है।
एक समतल दर्पण द्वारा बनाया गया प्रतिबिम्ब दर्पण के पीछे उतनी ही दूरी पर होता है जितनी दूरी पर दर्पण के आगे वस्तु होती है| इसलिए,

प्रयोग किया गया लेंस उत्तल लेंस है| उत्तल लेंस एक अभिसारी लेंस है| इसलिए, यह सूर्य की किरणों को एक बिंदु पर केन्द्रित कर देता है| प्रकाश पुंज के एक बिंदु पर केन्द्रित होने के कारण वहाँ ऊष्मा उत्पन्न होने लगती है तथा शीट जलने लगती है|
(i)यह पार्श्व परिवर्तन की परीघटना के कारण होता है जिसमें वस्तु का दायां भाग, प्रतिबिम्ब के बायें भाग के रूप में प्रकट होता है तथा वस्तु का बायां भाग, प्रतिबिम्ब के दायें भाग के रूप मे प्रकट होता है।
(ii)समतल दर्पण द्वारा बना प्रतिबिम्ब, दर्पण के पीछे उतनी ही दूरी पर होता है, जितनी दूरी पर वस्तु दर्पण के सामने होती है। जब रीटा अपने हाथ को 5 cm पीछे ले जाती है तो उसके हाथ तथा दर्पण के बीच दुरी 15 cm होगी। अर्थात उसके हाथ का प्रतिबिम्ब भी दर्पण के पीछे 15 cm दूरी पर बनेगा। इसका मतलब है कि वस्तु तथा प्रतिबिम्ब के बीच कुल दूरी 30 cm होगी।
न्यूटन की डिस्क एक वृत्ताकार डिस्क है जिसे इन्द्रधनुष के सात रंगों से पेंट किया जाता है| जब इस डिस्क को घूर्णन गति प्रदान की जाती है तो इसके सातों रंग आपस में मिल जाते हैं और यह डिस्क श्वेत दिखाई देती है|
इस डिस्क से हमें यह पता चलता है कि सूर्य का श्वेत प्रकाश सात विभिन्न रंगों से मिलकर बना है|

न्यूटन की डिस्क
जब रोगीवाहन के आगे जाने वाले वाहनों के चालक अपने पश्च दृश्य दर्पण में देखते हैं
रोगीवाहन पर लिखे
हम में से प्रत्येक का यह कर्तव्य है कि रोगीवाहन का रास्ता रोके बिना उसे आगे जाने दें।
एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय के बीच के समय को एक दिन के रूप मे मापते थे।
एक अमावस्या से अगली अमावस्या के बीच का समय एक महीना कहलाता था।
पृथ्वी द्वारा सूर्य के चारों ओर एक परिक्रमा पूरी करने में लिया गया समय एक वर्ष कहलाता था।
औसत चाल = तय की गई कुल दूरी /लिया गया कुल समय
a) 10.30 a.m. तथा 11.30a.m. के बीच तय की गई दूरी = 160 km -100km = 60km
10.30 a.m. तथा 11.30 a.m. के बीच समय अंतराल = 1 घण्टा
इस अंतराल के दौरान औसत चाल = 60 km/1 hr
= 60km/hr
b) 11.30 a.m. तथा 1.30 p.m. के बीच तय की गई दूरी = 220 km -160 km
= 60 km
11.30 a.m. तथा 1.30 p.m के बीच समय अन्तराल = 2 घण्टा
इस अन्तराल के दौरान औसत चाल = 60 km/2hr
= 30 km/hr
c) 10.30. a.m. तथा 1.30 p.m. के बीच तय की गई दूरी = 220 km – 100 km
= 120 km
10.30 a.m. तथा 1.30 p.m के बीच समय अन्तराल = 3 घण्टा
इस अन्तराल के दौरान औसत चाल = 120 km/3 hr
= 40km/hr
जब निकाय समान समयान्तराल में समान दूरी तय करता है तो इसे समरूप गति कहते हैं। उदाहरण के लिए: यदि एक कार प्रत्येक 1 घंटे में 100 किलोमीटर दूरी, आधे घंटे में 50 किलोमीटर दूरी, 15 मिनट में 25 किलोमीटर दूरी तथा इसी तरह से आगे दूरी तय करती है। तो इस तरह की गति को समरूप गति कहते हैं।
इस प्रकार, ट्रक द्वारा तय की गई कुल दूरी 30 किलोमीटर है।
A. धरातल से महासागर की ओर।
B. पश्चिम से पूर्व की ओर।
C. महासागर से धरातल की ओर।
D. पूर्व से पश्चिम की ओर।
सर्दियों में, अधिकतर महासागर का पानी धरातल के पानी की तुलना में उच्च तापमान पर होता है। इस प्रकार, पानी के ऊपर की गर्म वायु ऊपर की ओर उठती है और धरातल से ठंडी वायु महासागर की ओर प्रवाहित होती है।
A. उत्तरी ध्रुव।
B. दक्षिणी ध्रुव।
C. भूमध्य रेखा।
D. उत्तरी तथा दक्षिणी ध्रुव।
भूमध्य रेखा के ध्रुव, 0 से 60 डिग्री अक्षांश के क्षेत्र की तुलना में ठंडे होते हैं। इसलिए, इन अक्षांशों पर गर्म वायु ऊपर की ओर उठती है और इसका स्थान लेने के लिए उत्तरी तथा दक्षिणी ध्रुवों के आस - पास से ठंडी वायु अक्षांशों की ओर प्रवाहित होने लगती है।
A. ऊष्मा बाहर निकलती है।
B. ऊष्मा अवशोषित होती है।
C. ऊष्मा अवशोषित होती है और फिर बाहर निकल जाती है।
D. यहाँ निकाय तथा परिवेश के बीच ऊष्मा का कोई आदान - प्रदान नहीं होता है।
जब ऊष्मा वाष्प - अवस्था में जल अणुओं से बाहर निकलती है, तो ये जल के अणुओं की गतिज ऊर्जा में कमी के कारण द्रव - अवस्था में संघनित हो जाते हैं।
A. पृथ्वी के घूर्णन द्वारा प्रभावित।
B. पृथ्वी के घूर्णन द्वारा अप्रभावित।
C. ठीक उत्तर से दक्षिण तथा दक्षिण से उत्तर की ओर।
D. ठीक पूर्व से पश्चिम तथा पश्चिम से पूर्व की ओर।
पवन की दिशा उत्तर से दक्षिण या दक्षिण से उत्तर की ओर होगी। लेकिन, पृथ्वी के घूर्णन के कारण, पवन की दिशा में निरंतर परिवर्तन होते हैं।
टॉरनेडो गहरे रंग के कीपाकार बादल होते हैं जो आकाश से पृथ्वी तल की ओर आते हुए प्रतीत होते हैं। अधिकतर विनाशकारी टॉरनेडो भयानक विनाश करने में सक्षम होते हैं जिसका वेग 300 km/h होता है।
B. 3 – 12 m की ऊंचाई तक उठा सकता है। C. 3 km की ऊंचाई तक उठा सकता है। D. 300 m की ऊंचाई तक उठा सकता है। झंझा के समय, झंझा नेत्र में निम्न दाब, जल सतह को 3 – 12 m (मीटर) तक की ऊंचाई तक उठा सकता है।
B. घुटनों पर झुक जाते हैं और हाथों के उपयोग से सिर तथा गर्दन का बचाव करते हैं। C. कुर्सी पर तुरंत बैठ जाते हैं। D. चिकित्सक के पास जाते हैं। टॉरनेडो, की कीप जैसी संरचना उसके आधार के आस – पास की धूल, पत्थर, कंकड़, कचरे और अन्य छोटी – बड़ी वस्तुओं को अपने अन्दर खींच लेती है और फिर उन्हें अपने शीर्ष के निकट बाहर की ओर धकेलकर फेंक देती है। इस प्रकार, सुरक्षित उपायों के रूप में, हमें घुटनों पर झुक जाना चाहिए और हाथों के उपयोग से सिर तथा गर्दन का बचाव करना चाहिए।
B. रसिया तथा फिलीपिन्स में टायफून। C. अमेरिका में हरिकेन और जापान तथा फिलीपिन्स में टायफून। D. रसिया में टॉरनेडो। चक्रवात को विश्व के विभिन्न भागों में भिन्न – भिन्न नाम से जाना जाता है। अमेरिका में इसे हरिकेन और जापान तथा फिलीपिन्स में टायफून के नाम से जाना जाता है।
B. ठंडी वायु की तुलना में हल्की। C. शुन्य भार की। D. ठंडी वायु की तुलना में प्रबल। जब वायु को गर्म किया जाता है, तो अधिक स्थान ग्रहण करने के लिए प्रसारित होती है। जब वायु अधिक स्थान ग्रहण कर लेती है, तो यह हल्की हो जाती है।
B. दाब उच्च होता है। C. झंझा होता है। D. वायु दाब में कोई परिवर्तन नहीं होता है। दाबान्तरों को कम करने के लिए और साम्यावस्था प्राप्त करने तक वायु, उच्च वायुदाब वाले क्षेत्र से निम्न वायुदाब वाले क्षेत्र की ओर गति करती है।
B. आर्द्रता में वृद्धि हो जाती है। C. वायु दाब में कमी हो जाती है। D. आर्द्रता में कमी हो जाती है। जब किसी क्षेत्र का वायु दाब अन्य क्षेत्र की तुलना में कम होता है, तो पवन उच्च वायु दाब वाले क्षेत्र से निम्न दाब वाले क्षेत्र की ओर उच्च चाल से बहती है। यह क्षेत्रों के वायु दाबान्तर को कम करके साम्यावस्था प्राप्त कर लेता है। इस प्रकार, पवन की चाल में वृद्धि होने पर वायु दाब में कमी हो जाती है।
B. यह गर्म की जाती है। C. यह उच्च ताप पर गर्म की जाती है और फिर ठंडी की जाती है। D. यह बहुत निम्न ताप पर ठंडी की जाती है। वायु गर्म करने पर प्रसारित और ठंडा करने पर संकुचित हो जाती है।
B. 3 से 10 कम तक C. 10 से 30 तक D. 300 से 400 कम तक नेत्र का व्यास 10 से 30 km तक परिवर्तित होता है।
B. घूर्णी। C. मंद चाल। D. निम्न तथा उच्च चाल। झंझा (तूफ़ान) के नेत्र के आस – पास उच्च चाल का पवन क्षेत्र होता है।
B. दक्षिण से भूमध्य रेखा की ओर। C. पूर्व से भूमध्य रेखा की ओर। D. उत्तर तथा दक्षिण से भूमध्य रेखा की ओर। भूमध्य रेखा, सूर्य से अधिकतम ऊष्मा प्राप्त करती है जिसके कारण भूमध्य रेखा के चारों ओर का क्षेत्र गर्म हो जाता है। इन क्षेत्रों में वायु भी गर्म हो जाती है। गर्म वायु ऊपर उठती है और ठंडी वायु भूमध्य रेखा के दोनों ओर स्थित 0 से 30 डिग्री अक्षांश की पट्टी के क्षेत्रों से भूमध्य क्षेत्र की ओर गतिशील हो जाती है। इस प्रकार, उत्पन्न पवन धाराएँ उत्तर और दक्षिण से भूमध्य रेखा की ओर बहती है।
B. गर्मियों के समान। C. महासागर से धरातल की ओर तथा धरातल से महासागर की ओर। D. कीपाकार। पवन सर्दियों में धरातल से महासागर की ओर बहती है तथा गर्मियों में, महासागर से धरातल की ओर बहती है। यह धरातल तथा पानी के असमान तापन के कारण होता है।
झूले पर बच्चा जब वाहन किसी समय अन्तराल में अधिकतम दूरी तय करता है तो वाहन का वेग अधिकतम होता है। इस प्रकार, कार P , कार Q की तुलना में अधिक तेज़ गति करती है। किसी निकाय द्वारा प्रति एकांक समय में तय की गई दूरी उस निकाय की चाल के रूप में जानी जाती है। तीव्र गति से चल रहे किसी निकाय द्वारा कम समय में अधिक दूरी तय की जाती है। निकाय द्वारा तय कि गई दूरी निकाय कि चाल पर भी निर्भर करती है। चन्द्रमा लोलक (पेण्डुलम) द्वारा एक दोलन पूरा करने में लिया गया समय इसका समय-अन्तराल कहलाता है।
A. 100 km/h की चाल सेSOLUTION
A. 10 km की ऊंचाई तक उठा सकता है।SOLUTION
A. हाथों को ऊपर उठाकर खड़े हो जाते हैं।SOLUTION
A. जापान में हरिकेन।SOLUTION
A. ठंडी वायु की तुलना में भारी।SOLUTION
A. दाब निम्न होता है।SOLUTION
A. वायुदाब में वृद्धि हो जाती है।SOLUTION
A. यह निम्न ताप पर ठंडी की जाती है।SOLUTION
A. 300 से 400 कम तक SOLUTION
A. उच्च चाल।SOLUTION
A. उत्तर से भूमध्य रेखा की ओर।SOLUTION
A. गर्मियों के विपरीत।SOLUTION
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