या गलत
का निशान लगाओ


विभिन्न विद्वानों द्वारा महासागर में नमक की मात्रा लगभग 2.
सागर के धरातल के तापमान के आधार पर निम्न तीन स्पष्ट क्षेत्र हैं -
i. उष्ण कटिबन्धीय क्षेत्र, जहाँ अधिक तापमान पाया जाता है तथा ताप परिसर की मात्रा कम होती है। औसत ताप कहीं– कहीं 30 से 35 डिग्री. सेंटीग्रेट तक हो जाता है। लाल सागर में तापमान कभी-कभी 38 डिग्री. सेंटीग्रेट से भी ऊँचा हो जाता है।
ii. शीतोष्ण कटिबन्धीय क्षेत्र - जहाँ धरातल का तापमान ग्रीष्म ऋतु में कम किन्तु शीत ऋतु में अधिक रहता है। ताप परिसर सामान्यतः ऊँचा रहता है।
iii. शीत कटिबन्धीय क्षेत्र - जहाँ तापमान बहुत ही कम रहता है, फलतः ताप परिसर भी अधिक नहीं होता।
यूरोप के उत्तरी तथा पश्चिमी तट के बंदरगाह वर्ष भर खुले रहते हैं क्योकि यहाँ
गल्फस्ट्रीम जो एक गर्म धारा है के
महासागरीय धारा - महासागर की धारा का जल कम चौड़ी और तेज गति से नदी के समान निश्चित दिशा मे बहता है जो महासागरीय धारा कहलाता है | इसकी गति 2 से 10 किलोमीटर प्रति घंटा तक होती है |
प्रवाह - जब महासागर का जल कम चौडे और धीमी गति से बहता है प्रवाह कहलाता है| इसकी गति 1 से 3 किमी प्रति घंटा होती है |
i- d
ii- c
iii- a
iv- e
v- f
vi- b
1. भूकंप
2. ठंडी
3. दाहिनी ओर
4. धारा
5. दो से दस
6. कोहरा
विभिन्न सागरों में जल की लवणता
i. खुले सागरों में जल का खारापन - जल का सबसे अधिक खारापन कर्क और मकर रेखाओं के समीप पाये जाता है। यहाँ के सागरों में 35 प्रतिशत खारापन पाया जाता है। इसका मुख्य कारण यह है, कि ये प्रदेश उच्च वायुदाब की रेखाओं में स्थित हैं, जहाँ आकाश हमेशा स्वच्छ रहता है, सूर्य बड़ी तेजी से चमकता है और वाष्प अधिक बनता है। ध्रुवों के समीप खारेपन का अनुपात अत्यंत कम है। यहाँ खारापन 20 प्रतिशत से 30 प्रतिशत पाया जाता है। खारेपन के अधिक न होने के कारण है-अधिक वर्षा, वाष्प बनने की न्यूनता, हिमखंडों के पिघलने से ताजे मीठे जल की पूर्ति और अनेक नदियों का इन सागरों में गिरना आदि।
ii. अंशत: भूमि से घिरे हुए सागरों का खारापन - खुले सागरों की अपेक्षा अंशत: भूमि से घिरे हुए समुद्रों के खारापन में अधिक विभेद पाया जाता है, जैसे खारेपन का अनुपात भूमध्यसागर में 37 प्रतिशत से 39 प्रतिशत, लाल सागर में 37 प्रतिशत से 41 प्रतिशत और फारस ही खाड़ी में 37 प्रतिशत से 38 प्रतिशत तक पाया जाता है।
iii. बन्द सागरों का खारापन - भूमि से आवृत उन जलाशयों और झीलों का खारापन कम होता है। जिसमें कुछ नदियां निरंतर रूप से जल उड़ेलती रहती हैं और कुछ बाहर निकालती रहती हैं। किन्तु जिन सागरों में जल के निकास का कोई मार्ग नहीं होता, वे अपेक्षाकृत बहुत खारे होते हैं। कैस्पियन सागर के उत्तर में खारेपन का औसत 14 प्रतिशत और दक्षिण में 17 प्रतिशत हैं। विश्व में सबसे अधिक खारापन मृत सागर में 37 प्रतिशत है।
सागर जल में खारेपन की विभिन्नता पायी जाती हैं। :
i. जब किसी सागर में वर्षा अथवा नदियों द्वारा मीठा जल अधिक मात्रा में पहुँचता है। तो वहाँ जल का खारापन घट जाता है। जैसे विषुवतीय प्रदेशों में भारी वर्षा के कारण जल का खारापन कम रहता है। किन्तु अयन रेखाओं के पास वर्षा न होने से खारापन अधिक रहता है।
ii. स्वच्छ आकाश और अधिक वाष्पीकरण वाले क्षेत्रों में नमक की मात्रा अधिक पायी जाती है। किन्तु मेघाच्छन्न स्थिति विषुवतीय क्षेत्रों में वाष्पीकरण क्रिया में बाधा डालती है। फलत: नमक की मात्रा कम पायी जाती है।
iii. न्यून तापमान वाले ध्रुवीय क्षेत्रों में ठंड के कारण वाष्पीकरण क्रिया कम हो पाती है, फलत: जल मीठा रहता है।
iv. प्रति चक्रवातीय क्षेत्रों में साधारणत: वाष्पीकरण क्रिया अधिक होती है। अयन रेखाओं में चलने वाली पवनें भाप भरी पवनों कों पश्चिम की ओर धकेल देती है। अत: खारापन बढ़ जाता है
v. पूर्वी तटों के निकट स्थलीय पवनें जल कों दूर बहा कर ले जाती है। जिससे खारापन कम हो जाता है।
ज्वार
पत्तनों
जल के तापक्रम के आधार पर समुद्री धाराओ के दो प्रकार है |
·
A.
वन
B.
घास के मैदान
C.
झाड़ियाँ
D.
झाड़
वृक्षों के लिए उपयुक्त तापमान एवं परिपूर्ण वर्षा वाले क्षेत्रों में वन उगते हैं। इन कारकों के आधार पर सघन एवं खुले वन विकसित होते हैं।
A.
तापमान और नमी पर
B.
समुद्र से दूरी पर
C.
हवा की तीव्रता पर
D.
क्षेत्र की जनसंख्या पर
ऊँचाई में परिवर्तन के साथ जलवायु में परिवर्तन होता है जो प्राकृतिक वनस्पति के परिवर्तन का कारण है। वनस्पति की वृद्धि तापमान और नमी पर निर्भर करती है। यह मिट्टी की मोटाई और उसकी ढलान जैसे कारकों पर भी निर्भर करता है।
A.
भूमध्यसागरीय प्रदेश
B.
शीतोष्ण पर्णपाती प्रदेश
C.
शंकुधारी प्रदेश
D.
सदाबहार प्रदेश
भूमध्यसागरीय प्रदेश को विश्व का 'फलोद्यान' कहा जाता है।
A.
उच्च
अक्षांशीय
क्षेत्र
B. महाद्वीपों के आंतरिक भाग
C. भूमध्य रेखा से निकटता
D. शुष्क क्षेत्र
शीतोष्ण घास के मैदान मध्य अक्षांशीय क्षेत्रों और महाद्वीपों के भीतरी भागों में पाए जाते हैं। अर्द्ध-शुष्क मध्य अक्षांश की महाद्वीपीय जलवायु (कोपेन का BSk जलवायु प्रकार) में आमतौर पर 10 और 20 इंच के बीच वर्षा प्रति वर्ष होती है।
A.
वनस्पति का वह प्रकार जो यूरोप, एशिया और उत्तरी अमेरिका के ध्रुवीय क्षेत्रों में पाया जाता है।
B.
इन्हें टैगा भी कहा जाता है।
C.
यहाँ पेड़ 40 मीटर की ऊंचाई तक बढ़ते हैं।
D.
वह क्षेत्र जिसमें जंगली भैंस, बाइसन, एंटीलोप पाए जाते हैं।
टुंडा वनस्पतियाँ यूरोप, एशिया एवं उत्तरी अमेरिका के ध्रुवीय प्रदेशों में पाई जाती हैं। यहाँ के जानवरों के शरीर पर मोटा फ़र एवं मोटी चमड़ी होती है, जो उन्हें ठंडी जलवायु में सुरक्षित रखते हैं। इस क्षेत्र में पाए जाने वाले सामान्य जानवर सील, वालरस, कस्तूरी-बैल और बर्फीली लोमड़ी हैं।
A.
दक्षिणी गोलार्ध के निम्न अक्षांशों में
B.
उत्तरी गोलार्ध के उच्च अक्षांशों में
C.
दक्षिणी गोलार्ध के निम्न अक्षांशों में
D.
भूमध्य रेखा के निकट
उत्तरी गोलार्द्ध के उच्च अक्षांशों (50°-70°) में शंकुधारी वन पाए जाते हैं।
A.
ध्रुवीय क्षेत्र
B.
यूरोप, अफ्रीका एवं एशिया के भूमध्यसागर के समीप वाले प्रदेश
C.
भूमध्य रेखा के पास के क्षेत्र
D.
कटिबंधों के पास के क्षेत्र
अधिकांश तौर पर यह यूरोप, अफ्रीका एवं एशिया के भूमध्यसागर के समीप वाले प्रदेशों में पाया जाता है।
A.
जंगली भैंस और एंटीलोप
B.
ज़ेबरा और तेंदुआ
C.
वालरस और ध्रुवीय भालू
D.
रजत लोमड़ी
उष्णकटिबंधीय घासस्थल में पाए जाने वाले जानवर हाथी, हिरण, ज़ेबरा, तेंदुआ और जिराफ़ हैं।
A.
उष्णकटिबंधीय पर्णपाती वन
B.
शीतोष्ण सदाबहार वन
C.
शीतोष्ण पर्णपाती वन
D.
उष्णकटिबंधीय सदाबहार वन
उच्च अक्षांश की ओर बढ़ने पर अधिक शीतोष्ण पर्णपाती वन मिलते हैं। ये उत्तर-पूर्वी अमेरिका, चीन, न्यूजीलैंड, चिली एवं पश्चिमी यूरोप के तटीय प्रदेशों में पाए जाते हैं। ये अपनी पत्तियाँ शुष्क मौसम में झाड़ देते हैं। इन पेड़ों में ओक, मेपल, बीच, और एल्म, आदि शामिल हैं।
A.
उष्णकटिबंधीय सदाबहार वन
B.
उष्णकटिबंधीय पर्णपाती वन
C.
शीतोष्ण सदाबहार वन
D.
शीतोष्ण पर्णपाती वन
शीतोष्ण सदाबहार वन मध्य अक्षांश के तटीय प्रदेशों में पाए जाते हैं। ये सामान्यतः महाद्वीपों के पूर्वी किनारों पर पाए जाते हैं। ये वन दक्षिण पूर्व अमेरिका, दक्षिण चीन एवं दक्षिण-पूर्वी ब्राजील में पाए जाते हैं।
A.
बाघ,
शेर
और बंदर
B. हिरण, लोमड़ी और भेड़िया
C. जेब्रा, जिराफ और तेंदुआ
D. वालरस, ध्रुवीय भालू और सील
उष्णकटिबंधीय पर्णपाती वन मानसूनी वन होते हैं, जो भारत, उत्तरी आस्ट्रेलिया एवं मध्य अमेरिका के बड़े हिस्सों में पाए जाते हैं। उष्णकटिबंधीय पर्णपाती वनों में आमतौर पर पाए जाने वाले जानवर बाघ, शेर, हाथी और लंगूर हैं।
A.
राजस्थान
B. केरल
C. उत्तर प्रदेश
D. कर्नाटक
कीकर एक छोटा कांटेदार पेड़ है। यह रेगिस्तानी भूमि में उग सकता है, जहाँ ऊपरी परत में कुछ नमी होती है। यहाँ वर्षा बहुत कम, सामान्यतः 30 सेंटीमीटर प्रति वर्ष से भी कम होती है।
A.
शीतोष्ण सदाबहार वन
B.
उष्णकटिबंधीय पर्णपाती वन
C.
उष्णकटिबंधीय सदाबहार वन
D.
शीतोष्ण पर्णपाती वन
ये क्षेत्र गर्म होते हैं एवं पूरे वर्ष यहाँ अत्यधिक वर्षा होती है। हम उष्णकटिबंधीय सदाबहार वनों में रोज़वुड, आबनूस, महोगनी के पेड़ देख सकते हैं।
A.
उष्णकटिबंधीय
पर्णपाती वन
B. शीतोष्ण सदाबहार वन
C. ऊष्णकटिबंधीय वर्षावन
D. शीतोष्ण पर्णपाती वन
ऊष्णकटिबंधीय सदाबहार वन को ऊष्णकटिबंधीय वर्षावन के रूप में भी जाना जाता है। ये घने वन भूमध्य रेखा के पास पाए जाते हैं।
A.
मकान बनाने के लिए
B.
फर्नीचर बनाने के लिए
C.
वाहन बनाने के लिए
D.
माचिस बक्से बनाने के लिए
नरम काष्ठ का उपयोग लुगदी बनाने के लिए किया जाता है, जो सामान्य तथा अखबारी कागज़ बनाने के काम आती है। नरम काष्ठ का उपयोग माचिस एवं पैकिंग के लिए बक्से बनाने के लिए भी किया जाता है।
A.
हाथी,
जेब्रा
और जिराफ
B. हिरण, लोमड़ी और भेड़िया
C. बाघ, शेर और हाथी
D. रजत लोमड़ी, मिंक, ध्रुवीय भालू
शंकुधारी वनों को टैगा भी कहा जाता है। इन वनों में घने सदाबहार पेड़ हैं जो उत्तरी अमेरिका, यूरोप और एशिया तक फैले हुए हैं। टैगा बायोम में जलवायु बेहद ठंडी होती है। टैगा की सर्दियाँ लंबी एवं औसत तापमान हिमांक के नीचे होता है। शंकुधारी वन में आमतौर पर पाए जाने जंतु रजत लोमड़ी, मिंक और ध्रुवीय भालू हैं।
A.
शीशम, आबनूस और महोगनी
B.
साल, सागौन, नीम और शीशम
C.
ओक, पाइन, और नीलगिरी
D.
बीच, ऐश और ओक
उष्णकटिबंधीय पर्णपाती वन जल संरक्षित रखने के लिए शुष्क मौसम में अपनी पत्तियाँ झाड़ देते हैं। इन वनों में पाए जाने वाले दृढ़ काष्ठ वृक्षों में साल, सागवान, नीम तथा शीशम हैं। यहाँ उष्णकटिबंधीय वर्षा वन की तरह पेड़ बहुत पास-पास नहीं होते हैं, इसलिए प्रकाश भूमि की सतह तक पहुँच सकता है| विशेषकर जब उष्णकटिबंधीय पर्णपाती वन अपनी पत्तियाँ झाड़ देते हैं।
A.
शीतोष्ण पर्णपाती
B.
भूमध्यसागरीय
C.
शंकुधारी वन
D.
उष्णकटिबंधीय पर्णपाती
इस क्षेत्र के पौधे शुष्क गर्मियों के अनुकूलन के लिए इस प्रकार की विशेषताओं को विकसित कर लेते हैं क्योंकि इनसे वाष्पोत्सर्जन रोकने में मदद मिलती है।
A.
सेब
B. केला
C. अंजीर
D. खुबानी
स्पेन भूमध्य क्षेत्र में पड़ता है, जो अपने खट्टे फलों के लिए प्रसिद्ध है। यहाँ अंजीर काफी मात्र में उगाया जाता है|
A.
टुंड्रा
B. उष्णकटिबंधीय
C. टैगा
D. शीतोष्ण
‘टैगा’ का अर्थ रूसी भाषा में ‘शुद्ध और अनछुआ’ होता है| यह उत्तरी वन के रूप में भी जाना जाता है।
संसार की प्राकृतिक वनस्पतियों को निम्नलिखित में वर्गीकृत किया गया है:
क. वनख. घासस्थल और,ग. झाड़ियाँ
टुंड्रा की मुख्य विशेषताएं इस प्रकार हैं:
क. ये ध्रुवीय क्षेत्रों में पाए जाते हैं|ख. यहाँ साल के लगभग सारे समय ज़मीन बर्फ से ढकी रहती हैं|
A.
अंतर्देशीय
जलमार्ग
B. समुद्री मार्ग
C. महासागरीय मार्ग
D. राजमार्ग
नाव्य नदियों एवं झीलों का उपयोग अंतर्देशीय जलमार्ग के लिए होता है। ये नदियों के तट पर बसे प्रमुख शहरों को जोड़ते हैं।
A.
निर्माण-स्थल
B.
बस्ती
C.
ऋतु-प्रवास
D.
गतिशीलता
लोगों के मौसमी आवागमन को ऋतु-प्रवास कहते हैं। पशु पालने वाले लोग मौसम में परिवर्तन के अनुसार नए चारागाहों की खोज में निकल जाते हैं।
A.
दो
B. तीन
C. चार
D. पाँच
आमतौर पर, बस्तियों को दो भागों - स्थायी एवं अस्थायी में वर्गीकृत किया जा सकता है।
A.
पहाड़ी क्षेत्र
B.
शहरी क्षेत्र
C.
मृदु जलवायु क्षेत्र
D.
नदी के निकट के गाँव
प्रकीर्ण बस्तियों वाले क्षेत्रों में लोगों के घर दूर-दूर व्यापक क्षेत्रों में फैले होते हैं। इस प्रकार की बस्तियाँ मुख्यतः पहाड़ी क्षेत्रों, घने जंगल एवं अतिविषम जलवायु वाले क्षेत्रों में पाई जाती हैं।
A.
मिट्टी की मोटी दीवार और फूस की छत वाले घर
B.
दीवारों एवं छतों में सूराख वाले घर
C.
प्लास्टिक की दीवारों वाले घर
D.
बिना छत वाले घर
गर्म जलवायु वाले क्षेत्रों में आमतौर पर मिट्टी की मोटी दीवार और फूस की छत वाले घर मिलते हैं। स्थानीय सामग्री, जैसे - पत्थर, मिट्टी, चिकनी मिट्टी, तृण, आदि का उपयागे घर बनाने में किया जाता है।
A.
पहियों का आविष्कार
B.
फोन का आविष्कार
C.
बल्ब का आविष्कार
D.
आग का आविष्कार
पहिए की खोज से परिवहन बहुत आसान हो गया। परिवहन के अनेक नए साधनों का विकास हुआ। प्रत्येक साधनों में कुछ न कुछ सुधार नई खोजों के अविष्कार का कारण बना।
A.
याक
B. लामा
C. ऊँट
D. खच्चर
दक्षिण अमेरिका के एंडीज पर्वत के क्षेत्र में परिवहन के लिए लामा का उपयोग किया जाता है। समय बीतने के साथ परिवहन के अनेक साधन विकसित हुए किन्तु आज भी कुछ स्थानों पर लोग परिवहन के लिए पशुओं का ही उपयोग करते हैं।
A.
यह बहुत महंगा है।
B.
इसमें किसी भी समय दुर्घटना हो सकती है।
C.
यह हर समय उड़ान नहीं भर सकता।
D.
यह बहुत समय लेता है।
ईंधन की ऊँची लागत के कारण वायुमार्ग परिवहन बहुत महंगा साधन है।
A.
सड़कमार्ग
B.
रेलमार्ग
C.
जलमार्ग
D.
वायुमार्ग
कम दूरी के यातायात के लिए सबसे अधिक उपयोग किए जाने वाले मार्ग सड़कमार्ग हैं।
A.
भूमि
के ऊपर के
मार्ग
B. भूमिगत मार्ग
C. सुरंगें
D. पटरियाँ
जमीन की नीचे बनाई जाने वाली सड़कों को भूमिगत मार्ग कहते हैं।
A.
जापान
B. चीन
C. भारत
D. पाकिस्तान
भारतीय रेल नेटवर्क एशिया में सबसे बड़ा है। भारतीय रेलवे दुनिया का सबसे विशाल और व्यस्तम रेलवे नेटवर्कों में से एक है। इससे प्रतिदिन 20 मिलियन यात्रियों और 2 लाख टन से अधिक माल की ढुलाई होती है।
A.
वाष्प
इंजन
B. पेट्रोल इंजन
C. सीएनजी इंजन
D. मोटर इंजन
वाष्प इंजन को डीजल और बिजली के इंजन के द्वारा प्रतिस्थापित कर दिया गया है। कोयले पर निर्भरता के कारण वाष्प इंजन अधिक प्रदूषण पैदा कर रहे थे।
A.
एक्सप्रेस
मार्ग
B. स्वर्णिम चतुर्भुज
C. राष्ट्रीय राजमार्ग 1
D. राष्ट्रीय राजमार्ग 2
स्वर्णिम चतुर्भुज राजमार्ग दिल्ली, मुंबई, चेन्नई और कोलकाता को जोड़ता है। भारत की इस सबसे बड़ी राजमार्ग परियोजना को भारत के तत्कालीन प्रधानमंत्री श्री अटल बिहारी वाजपेयी द्वारा शुरू किया गया था| यह राष्ट्रीय राजमार्ग विकास परियोजना (एनएचडीपी) का पहला चरण है, और 60,000 करोड़ रुपए की लागत से 5,846 किलोमीटर के चार / छह लेन एक्सप्रेस राजमार्गों के निर्माण होने हैं।
A.
मनाली-लेह
राजमार्ग
B. स्वर्णिम चतुर्भुज
C. कोल डी ला बोनेट
D. ट्रेल रिज मार्ग
मनाली-लेह राजमार्ग विश्व के सबसे ऊँचे सड़क मार्गों में से एक है। यह 5600 मीटर की ऊँचाई पर स्थित है। यह मार्ग वैसे तो पूरे वर्ष खुला रहता है, हालांकि सर्दियों में हर दूसरे दिन में एक दिशा में ही यातायात की अनुमति दी जाती है।
A.
नगरीय बस्तियाँ
B.
अस्थायी बस्तियाँ
C.
ग्रामीण बस्तियाँ
D.
स्थायी बस्तियाँ
जब मानव एक घुमंतू प्राणी था, वह गुफाओं जैसे प्राकृतिक आश्रयों में रहता था। इस प्रकार के आवास प्रथम मानव बस्तियाँ थीं।
A.
इंटरनेट
B.
शिक्षा
C.
परिवहन
D.
संचार
परिवहन लोगों एवं सामान के आवागमन के साधन होते हैं। समय बीतने के साथ अनेक परिवहन के साधनों का विकास हुआ है लेकिन आज भी अनेक स्थानों पर लोग परिवहन के लिए पशुओं का उपयोग करते हैं।
A.
प्रकीर्ण
बस्ती
B. सघन बस्ती
C. रेडियल बस्ती
D. केंद्रीय बस्ती
ग्रामीण बस्ती सघन या प्रकीर्ण हो सकती हैं। सघन बस्तियों में घर पास-पास बने होते हैं और भूमि समतल होती है।
A.
मैदान
B.
तटीय क्षेत्र
C.
चरम जलवायु के क्षेत्र
D.
नदी के तट
प्रकीर्ण बस्तियों में लोगों के घर दूर-दूर व्यापक क्षेत्रों में फैले होते हैं। इस प्रकार की बस्तियाँ मुख्यतः पहाड़ी क्षेत्रों, घने जंगल एवं अतिविषम जलवायु वाले क्षेत्रों में पाई जाती हैं।
संचार एक माध्यम है जिसके द्वारा संदेशों को प्रेषित किया जाता है|
अधिकतर शहरी क्षेत्रों में लोग उत्पादन, सेवाओं के रूप में द्वितीयक और तृतीयक गतिविधियों में लगे हुए हैं|
उष्णकटिबंधीय घास के मैदानों की मुख्य विशेषताएं इस प्रकार हैं:
क. ये भूमध्य रेखा के दोनों किनारों पर पाए जाते हैंख. इनका विस्तार ऊष्णकटिबंधीय क्षेत्रों तक है
रेगिस्तान क्षेत्र में अल्प वनस्पति होने के कारण है:
1) अल्प वर्षा
2) भीषण गर्मी।
पर्णपाती जंगलों के मुख्य पेड़ हैं: सागौन, साल, शीशम, नीम।
भारत के मानसूनी जंगलो को पर्णपाती वन भी कहा जाता है जहाँ प्रजातियों की एक ही किस्म होती है। सभी पेड़ों का अपनी पत्तियो की गिराने की समय अवधि एक ही होती है। एक वर्ष में एक विशेष समय के दौरान वृक्ष अपने पत्ते गिरा देते हैं। जिससे शाखाए दिखाई देने लगती हैं और जंगल बंजर लग रहा है।
भारत में पाए जाने वाले उष्णकटिबंधीय सदाबहार वन के मुख्य क्षेत्र हैं: पश्चिमी घाट, अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, असम और अरुणाचल प्रदेश।
भूमध्य रेखीय पेड़ उनकी मोटी छाल और मोम लेपित पत्तो की मदद से शुष्क गर्मियों में खुद को अनुकूलित करते है जो उनकी वाष्पोत्सर्जन को कम करने में मदद करता है।
कम वर्षा के क्षेत्रों में मुख्य वनस्पतियां केवल घास के होती हैं। घास की व्यापक गहरी और जड़ प्रणाली यहां तक कि सूखे महीनों में भी मिट्टी से पानी को अवशोषित करने में सक्षम है। घास की पतली ब्लेड वाष्पोत्सर्जन को कम कर पानी का संरक्षण करती है।
प्राकृतिक वनस्पति का क्षेत्र जिसका शोषित या आज तक मनुष्य के द्वारा दखल नहीं दिया गया है इसे स्वभाविक वनस्पति के क्षेत्रों के रूप में जाना जाता है।
वनों की कटाई के बुरे प्रभाव हैं:
1. पेड़ों की कटाई ग्लोबल वार्मिंग में योगदान देती है।
2. यह वर्षा को कम कर देता है क्योंकि पौधों से वाष्पोत्सर्जन की अनुपस्थिति में, बादलों के निर्माण के लिए उपलब्ध जल वाष्प को कम कर देता है।
3. पौधों के विनाश मिट्टी को भी हानि पहुँचाता है क्योकि पेड़ों की जड़े मिट्टी को एक साथ बाँधती है।
4. पेड़ों की कटाई से जंगली जीवन की आबादी पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है क्योकि उनकी संख्या उनके प्राकृतिक निवास स्थान के नुकसान के साथ कम कर देती है।
उष्णकटिबंधीय पर्णपाती वन जल संरक्षण के लिए गर्मियों के मौसम में अपने पत्ते गिराते है अन्यथा वाष्पोत्सर्जन के माध्यम से पानी की कमी काफी अधिक होती और नमी की मात्रा भी सीमित होती है।
उष्णकटिबंधीय वर्षावन को सदाबहार वन भी कहा जाता है क्योंकि कोई विशेष शुष्क मौसम नही होता है, पेड़ों को पूरी तरह अपने पत्ते नहीं गिराते है। इसलिये वे पूरे साल भर के पत्तों के साथ भरे हुए एक जंगल का दृश्य देते है।
शंकुधारी वन का अन्य नाम टैगा है। इस जंगल के मुख्य पेड़ हैं: चीड़, देवदार, देवदार।
अधिकांश रेगिस्तानी पौधों में उनकी कठोर परिस्थितियों में जीवित रहने में मदद करने के लिए विशेष विशेषताऍ होती है। उनमें से कुछ लंबी जड़ें होती है कुछ पानी की खोज में जमीन में गहराई व्याप्त होती है। जबकि कुछ मोमी, काँटेदार, रोयेदार पत्तियां वाष्पोत्सर्जन के माध्यम से पानी के नुकसान को कम करने के लिए होती है। कुछ पौधे जैसे नागफनी, उनकी मोटे गूदेदार तने में नमी को संग्रहित रखता है।
उष्णकटिबंधीय घास के मैदानों को विभिन्न क्षेत्रों में अलग-अलग नामों से पुकारा जाता है, उदा के लिए, उन्हे कहते हैं
पूर्वी अफ्रीका में सवाना
ब्राजील में कैम्पोस
वेनेजुएला में ल्लानोस।
उष्णकटिबंधीय वर्षावन के पेड़ बहुत व्यापक और मोटी छतरियां होती है। छतरियां इतनी बड़ी होती हैं कि पेड़ की पहचान करना मुश्किल है और वे एक दूसरे से फैले होते है; परिणामस्वरूप सूर्य का प्रकाश प्रवेश नहीं कर सकता और जमीन तक पहुँच नही सकता। वे एक बहुत बड़े आवरण का निर्माण करते है; इसलिये जंगलों पूरे समय अंधेरा रहता हैं।
पौधों और जानवरों को हानि पहुँचाना पारिस्थितिकी तंत्र के लिए विनाशकारी हो सकता है। उदाहरण के लिए, चरागाह पारिस्थितिकी तंत्र हिरण और शेर का समर्थन करता है। यदि सभी शेरों को मार दिया जाएगा तो मृग को मारने के लिए कोई जानवर नहीं होगा। परिणामस्वरूप हिरण की आबादी में अस्वाभाविक वृद्धि होगी। वे सारी वनस्पति खा जाएगें जिससे क्षेत्र रेगिस्तान बन जाएगा।
|
उष्णकटिबंधीय वर्षावन |
उष्णकटिबंधीय पर्णपाती वन |
|
1) ये सदाबहार वन के रूप में जाने जाते है। |
1) ये मानसून वन के रूप में जाने जाते है। |
|
2) ये 200 सेमी से अधिक वर्षा वाले क्षेत्रों में पाए जाते हैं। |
2) ये 50-200 सेमी के वर्षा के क्षेत्रों में पाए जाते हैं। |
|
3) पेड़ बहुत लंबे हैं। |
3) पेड़ो को ऊंचाई मध्यम होती हैं। |
|
4) पेड़ो की बहुत मोटी छतरियां होती है जो एक साथ जुडी हुई होती हैं। |
4) पेड़ो की छतरियां बहुत व्यापक नहीं होती है। |
|
5) मोटी जड़े पायी जाती है। |
5) जड़े बहुत गहरी नही होती है। |
|
6) पेड़ पत्तियो को एक ही समय में नही गिराते है। |
6) पेड़ एक ही समय में अपने पत्ते गिराते है। |
|
7) वे कभी बंजर नहीं रहते हैं, इसीलिए इन्हे सदाबहार वन कहा जाता है। |
7) वे बंजर जंगल का दृश्य देते है। |
|
8) यहाँ प्रजातियों की बड़ी किस्में पायी जाती है। |
8) यहाँ एक ही किस्म के पेड़ होते हैं। |
|
9) इनका दोहन व्यावसायिक रूप से नही किया जाता है। |
9) व्यावसायिक दोहन किया जाता है। |
उष्णकटिबंधीय पर्णपाती वन की मुख्य विशेषताएं इस प्रकार हैं:
A.
किताब
B. रेडियो
C. कंप्यूटर
D. टेलीग्राम
समाचार पत्रों, रेडियो और टीवी के माध्यम से हम लोगों की एक बड़ी संख्या के साथ संवाद कर सकते हैं। इसलिए इन्हें जन संचार कहा जाता है।
A.
रॉटरडैम
B. लंदन
C. हैम्बर्ग
D. एंटवर्प
रॉटरडैम का पत्तन विश्व का सबसे बड़ा पत्तन है। यह नीदरलैंड के रॉटरडैम शहर में स्थित है। 1962 से 2004 तक यह विश्व का सबसे व्यस्त बंदरगाह था।
बर्फ के घर ध्रुवीय क्षेत्रों में बनाए जाते हैं जिन्हे इग्लू कहा जाता है |
अनेक अंतर्महाद्वीपीय रेलमार्ग हैं –
1.ट्रांस साइबेरियन रेलमार्ग–यह मास्को से व्लादिवोस्तक तक जाता है व विश्व का सर्वाधिक लंबा रेलमार्ग है|
2.कनाडा-पैसिफिक रेलमार्ग- यह वेंकूवर को मोंट्रियल से जोड़ता है|
शहरों की तरफ प्रवजन के दो कारक-
1.रोजगार के अवसर
2.उचित शिक्षा
परिवहन और संचार एक राष्ट्र की धमनियों और नसों की तरह हैं क्योंकि:
1. वे लोगों, वस्तुओं और विचारों के आंदोलन में मदद करते हैं.
2. यह देश के आर्थिक विकास में योगदान देता है.
3. यह अन्य देशों के साथ व्यापार संबंध विकसित करने में मदद करता है.
4. इसकी आवश्यकता है और संकट के समय में मदद करता है.
1) यह परिवहन का सबसे तेज लेकिन महंगा साधन है|
2) इस परिवहन का मुख्य लाभ इसकी गति है|
3) यह दूरस्थ और दुर्गम क्षेत्रों के लिए परिवहन का एकमात्र साधन है|
4) द्वीप देशों और बड़े क्षेत्रफल वाले देशों के लिए बड़ा महत्व है|
5)किसी प्राकृतिक आपदा के दौरान सबसे अधिक उपयुक्त है|
सड़क परिवहन आम लोगों के जीवन को प्रभावित करता है, यह परिवहन का सबसे महत्वपूर्ण साधन है| सड़क परिवहन का प्रमुख लाभ इस प्रकार हैं:
1. सड़क परिवहन एक स्थान से दूसरे स्थान तक परिवहन की सुविधा देता है|
2. यह परिवहन का सबसे सस्ता साधन है.
3. सड़क परिवहन पहाड़ों और रेगिस्तान की तरह दूरदराज के क्षेत्रों में भी संभव हो सकता है|
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राष्ट्रीय राजमार्ग |
राज्य राजमार्ग |
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मानव पर्यावरण, पर्यावरण का महत्वपूर्ण भाग है| पृथ्वी पर मानव की उत्पत्ति लाखों वर्ष पूर्व हुई थी | उनके पर्यावरण के प्रति अनुकूलन की असाधारण क्षमता के कारण वह अब तक जीवित हैं | वे अपना पर्यावरण स्वयं निर्मित करते हैं जिन्हे मानव पर्यावरण कहा जाता है |
किस अधिवास के निर्धारण में स्थलाकृति बेहद महत्वपूर्ण तत्व है, जो निम्न से सुनिश्चित होता है –
1.मैदान लोगों को रहने के लिए आकर्षित करते हैं |
2.सपाट मैदान में परिवहन बेहद आसान है |
3.मैदानी क्षेत्रों में कृषि गतिविधियां बेहद आसान हैं अतः मैदानी क्षेत्र बेहद सघन बसे हैं |
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रोडवेज |
रेलवे |
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1.कम दूरी के लिए उपयुक्त |
4.निर्माण लागत अधिक है | 5.भारी एवेम विशालकाय माल के परिवहन के लिए उपयुक्त| 6.समय की बचत| 7.आर्थिक दृष्टि से लाभदायक | 8.एक ही समय पर अधिक लोगों को ले जाने मैं सक्षम| |
लोगों को सूचना और मनोरंजन प्रदान करने वाले साधन जैसे- रेडियो , टेलीविजन, प्रेस आदि जन संचार के विभिन्न साधन हैं . वे एक साथ बड़े पैमाने पर मीडिया कहलाते है|
रेडियो: रेडियो सबसे सस्ता और ज्ञान के हस्तांतरण का सबसे कारगर साधन है | आज की दुनिया में रेडियो लोगों के लिए जानकारी प्राप्त करने का सुलभ माध्यम है |.
टेलीविजन: इस की मदद से लोगों का घटनाओं और कार्रवाई के साथ सीधा संपर्क हो जाता है ,यह संचार का सबसे भावात्मक तरीका है. प्रतियोगिता के समकालीन समय में अनेक चैनल गुणवत्ता पूर्ण जानकारी प्रदान कर रहे हैं|
प्रेस: प्रेस जनता के बीच जानकारी का प्रसार करने के लिए सबसे पुराना तरीका है, लेकिन यह अभी भी जानकारी प्राप्त करने का एक बहुत प्रभावी तरीका है .
सिनेमा : सिनेमा आम जनता के बीच जागरूकता फैलाने का एक और सबसे महत्वपूर्ण तरीका है . सिनेमा का असर युवाओं के बीच बहुत बेहद देखा जा सकता है |काफी हद तक युवा इनसे प्रभावित होते हैं जैसे कुछ समय पहले आई-रंग दे बसंती |
संचार के यह सभी साधन राजनीतिक, आर्थिक और सांस्कृतिक रूप से लोगों को एकजुट करके राष्ट्रीय एकता लाने में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं.
सड़के राष्ट्रीय समृद्धि के विशाल भवन की आधारशिला है कृषि, उद्योग, व्यापार, वाणिज्य, शिक्षा, स्वास्थ्य, प्रशासन, और प्रतिरक्षा के विकास हेतु सड़कों एवं यातायात के अन्य साधनों का होना नितान्त आवश्यक है श्री केशपाडे - “भारत जैसे विशाल देश में जो अपने क्षेत्र और यातायात के साधनों की विभिन्न आकृतियों के लिये प्रसिद्ध है। भारतीय सड़को का महत्त्व निम्न प्रकार है - 1) कृषि विकास - ग्रामीण क्षेत्रों में सड़कों का निर्माण एवं विकास विस्तृत व गहन खेती को सम्भव बनाता है । कृषि उपजों की बिक्री पर सड़कों का उल्लेखनीय प्रभाव पड़ता है । 2) औद्योगिक विकास - कच्चे माल को औद्योगिक केन्द्रों तक पहुँचाने तथा तथा तैयार माल का बाजार या उपभोक्ताओं तक भेजने में सडकों का विशेष महत्त्व है । 3) उत्पादन क्षमता में वृद्धि - सड़के लघु, कुटीर, घरेलू तथा वृहत् आदि समस्त उद्योगों की उत्पादन क्षमता बढ़ाने तथा आर्थिक प्रगति के लिए परम आवश्यकता। 4) मूल्य समता और स्थायित्व - आवश्यकता से अधिक और कम उत्पादन वाले दो स्थानों एवं क्षेत्रों के बीच माल के स्थानान्तरण द्वारा सड़के मूल्यों में समता ओर स्थिरता उत्पन्न करने में सहायक होती है । 5) दुर्भिक्ष का वितरण - आधुनिक युग में यातायात के साधनोें का यथासम्भव विस्तार हो जाने के फलस्वरूप आकालो की भीषणता भी कम हो गई और अभाव का स्वरूप भी बदल गया है । 6) बेरोजगारी का निवारण - सड़के श्रम को गतिशील बनाकर जीविका-निर्वहन के साधनों की खोज में सहायक होती है ।
A.
गर्म और शुष्क
B.
गर्म एवं नम
C.
गर्म एवं आर्द्र
D.
ठंडा तथा गर्म
अमेज़न बेसिन भूमध्य रेखा के आस-पास फैला है और पूरे वर्ष यहाँ गर्म एवं नम जलवायु रहती है।
A.
सोन
B. गंडक
C. कोसी
D. लोहित
ब्रह्मपुत्र की सहायक नदियाँ लोहित, दिबांग तथा सुवनश्री, आदि हैं।
A.
ट्रांस-अमेज़न
महामॉर्ग
B. विभिन्न स्थानों तक पहुँचने के लिए नदियों का इस्तेमाल किया जा रहा है।
C. लोगों ने शिकार करना शुरू कर दिया है।
D. लोगों ने पका हुआ भोजन खाना शुरू कर दिया है।
1970 में ट्रांस अमेज़न महामॉर्ग बनने से अमेज़न बेसिन के लोगों का जीवन धीरे-धीरे बदल रहा है, जिससे वर्षावन के सभी भागों तक पहुँचना संभव हो गया है। विभिन्न स्थानों पर पहुँचने के लिए हवाई जहाजों तथा हेलीकॉप्टरों का भी उपयोग किया जाता है। वहाँ की मूल आबादी को उस क्षेत्र से बाहर निकलकर नए क्षेत्र में बसना पड़ा जहाँ वे अपने पुराने तरीके से खेती करते रहे हैं।
A.
गहन
B. व्यापक
C. जीवन निर्वाह
D. स्थानांतरण
स्थानांतरण कृषि पद्धति में किसान वृक्षों को काटकर भूमि साफ़ करते हैं। इस साफ़ भूमि पर कुछ वर्षों तक फ़सल पैदा की जाती हैं।
A.
बैतूल
B. तापी
C. हुगली
D. ब्रह्मपुत्र
कोलकाता पत्तन हुगली नदी पर स्थित है।
A.
मछली
और चावल
B. चावल तथा दाल
C. मछली और दाल
D. चावल एवं मोटे अनाज
गंगा-ब्रह्मपुत्र बेसिन में रहने वाले लोगों का मुख्य आहार मछली और चावल है, क्योंकि ये दोनों यहाँ बहुतायत में उपलब्ध हैं।
A.
बड़े
अपार्टमेंट
जैसे घर
जिनकी छत
तीव्र ढलान वाली
होती है।
B. छोटे फूस की छत के मकान
C. मिट्टी के घर
D. नावों पर बने घर
‘मलोका’ बड़े अपार्टमेंट जैसे घर होते हैं जिनकी छत तीव्र ढलान वाली होती है।
एक एकल नदी प्रणाली जिसका बहाव एक निश्चित क्षेत्र में होता है, नदी बेसिन कहलाती है। उदाहरणार्थ - गंगा नदी बेसिन
गंगा-ब्रह्मपुत्र क्षेत्र की मुख्य फसलें गेहूं, मक्का, गन्ना और चावल हैं।
गंगा-ब्रह्मपुत्र बेसिन विश्व की सबसे लम्बी उपजाऊ बेसिन है।
भारत का सुंदरवन डेल्टा विश्व का सबसे बड़ा डेल्टा है।
सेल्वास घने और सदाबहार वर्षावन होते हैं जो उष्णकटिबंधीय क्षेत्रों में स्थित होते हैं।
वर्षावन में कुछ लोग मधुमखी के छत्ते के आकार वाले छप्पर के घरों में रहते हैं जब कि कुछ परिवार बड़े अपार्टमेंट वाले घरों में रहते हैं जिन्हें 'मलोका' कहा जाता है। इनकी छतें तीव्र खड़ी ढलान वाली होती हैं। यहाँ घरों के लिए लकड़ी बहुतायत मात्रा में मिलती है।