A.
ग्रह
B.
खगोलीय पिंड
C.
तारे
D.
उपग्रह
कोई भी प्राकृतिक वस्तु, जो पृथ्वी के वायुमंडल के बाहर स्थित हो; जैसे चन्द्रमा, सूर्य, छोटे तारे, ग्रह और तारे खगोलीय पिंड कहलाते हैं|
A.
पहाड़ियां और पर्वत
B.
ऊष्मा और प्रकाश
C.
नदियाँ और तालाब
D.
वायु और जल
सभी आठ ग्रह, बौने ग्रह, प्राकृतिक उपग्रह, क्षुद्रग्रह, सूर्य के प्रकाश से प्रतिबिंबित होते हैं|
पृथ्वी
सौर मंडल का
एक अनोखा
ग्रह है
क्योंकि यहाँ
पर जीवन के
अनुकूल
परिस्थितियां
पाई जाती हैं|
पृथ्वी न तो
अधिक गर्म है
और न ही अधिक ठंडी
है| यहाँ जल और
वायु
उपस्थित हैं,
जो हमारे जीवन
के लिए
अत्यधिक
आवश्यक हैं|
यहाँ के वायुमंडल
में
जीवनदायी
गैस ‘ऑक्सीजन’
पाई जाती है|
B.
नील
आर्मस्ट्रांग
C.
यूरी
गागरिन D.
कल्पना
चावला
नील
आर्मस्ट्रांग
का जन्म 5
अगस्त 19 30 को
हुआ था| वे 20
जुलाई 1969 को
चाँद पर पैर
रखने वाले
प्रथम व्यक्ति
थे|
B.
किरण
बेदी C.
राकेश
शर्मा D.
मेजर
ध्यानचंद अंतरिक्ष में जाने वाले प्रथम भारतीय राकेश शर्मा थे| उनका जन्म 13 जनवरी 1949 को पंजाब के पटियाला में हुआ था| वे भारतीय वायु सेना में एक स्कवॉड्रन लीडर थे| उन्होंने अंतरिक्ष में आठ दिन गुजारे थे| 6 मिनट
B.
8 मिनट C.
10 मिनट D.
25 मिनट
सूर्य
से पृथ्वी की
औसत दूरी
लगभग 14,96,00,000
किलोमीटर है
तथा सूर्य के
प्रकाश को
पृथ्वी तक
पहुँचने में 8
मिनट 16.6
सेकेण्ड का
समय लगता है।
पृथ्वी
के चक्कर की B.
पृथ्वी
के घूर्णन की C.
ध्वनि
की D.
प्रकाश
की
निर्वात
में प्रकाश
की गति प्रति
सेकंड 300,000 किमी०
है| प्रकाश की
गति ध्वनि की
गति से तेज है|
B.
पूर्व
में C.
पश्चिम
में D.
उत्तर
में
सूर्य,
सौर मंडल के
केंद्र में
है और सभी
ग्रह इसके
चारों ओर
चक्कर लगाते
हैं| यह
अपकर्ष बल प्रदान
करता है,
जिससे सौर
मंडल बना
रहता है|
50 मिलियन
किमी० B.
100 मिलियन
किमी० C.
125 मिलियन
किमी० D.
150 मिलियन
किमी०
सूर्य
पृथ्वी से
लगभग 150 मिलियन
किमी० दूरी
पर है| सूर्य
का प्रकाश
पृथ्वी तक
पहुँचाने
में लगभग आठ
मिनट का समय
लेता है|
B.
मंगल
ग्रह C.
अरुण
ग्रह (यूरेनस) D. वरुण ग्रह (नेपच्यून)
हमारे
सौर मंडल में
आठ ग्रह हैं|
सूर्य से दूरी
के आधार पर
ग्रह इस
प्रकार से
हैं: बुध,
शुक्र, पृथ्वी,
मंगल,
बृहस्पति,
शनि, अरुण और
वरुण|
मिल्की-वे
B.
हेवेनली-वे
C.
वाटर-वे
D.
पथ-वे
आकाश
गंगा को
मिल्की-वे भी
कहा जाता है|
कभी-कभी
मिल्की-वे को
गैलेक्सी भी
कहा जाता है|
गैलेक्सी
में हमारे
सौर मंडल
स्थित है|
शुक्र
B.
पृथ्वी
C.
मंगल
D.
बुध
बुध
सूर्य के
सबसे निकट
स्थित ग्रह
है| यह सूर्य
का एक चक्कर
लगाने में 88
दिनों का समय
लेता है| वरुण ग्रह
सूर्य से
सबसे दूर
स्थित ग्रह
है| यह सूर्य
का एक चक्कर
लगाने में
पृथ्वी के 164
वर्षों का
समय लेता है|
तारे
बहुत दूर
स्थित हैं: B.
तारों
में बहुत कम प्रकाश
है
चूँकि
तारे हमसे
अरबों
किलोमीटर
दूर स्थित है|
इसलिए उनमें
कम प्रकाश
दिखाई पड़ता
है|
(क) गलत (क) सही भारत में 82 ° 30 ' पूर्व को मानक मध्याह्न के रूप में लिया जाता है क्योंकि प्रत्येक 1 डिग्री देशांतर समय का अंतर 4 मिनट होता है। भारत का कुल देशांतरीय विस्तार 30 डिग्री (97 ° ई-67 ° ई = 30 डिग्री ई) है। इसीलिए कुल समय का अंतर 30 * 4 = 120 मिनट या 2 घंटे है। इसका मतलब गुजरात और अरुणाचल प्रदेश के बीच समय के अंतर 2 घंटे का होगा। इस तरह के भ्रम की स्थिति से बचने के लिए और पूरे देश में एक ही समय के लिए हम एक मानक मध्याह्न लेते है। स्थानीय समय: जब सूरज आकाश में उच्चतम बिंदु तक पहुँच जाता है, किसी भी जगह मध्याह्न समय को पार करते हुए तो यह समय दोपहर (12.00) का है। कुछ स्थानों पर घड़ियाँ इस समय के अनुसार समायोजित की जाती हैं। यह समय स्थानीय समय के रूप में जाना जाता है। स्थान जो एक ही देशांतर के मध्याह्न पर स्थित है वहाँ स्थानीय समय समान होता है। मानक समय: पूर्व-पश्चिम सीमा पर विस्तार वाले देशों में स्थानीय समय में बदलाव बहुत अधिक होता है। यह ट्रेन के समय, उड़ान के समय आदि में भ्रम पैदा करता है। इस समस्या को हल करने के लिए विशेष मध्याह्न देश के पूरे क्षेत्र के मानक समय के रूप में स्थानीय समय लिया जाता है। प्रत्येक देश अपनी केन्द्रीय देशांतर रेखा को सम्पूर्ण देश का प्रमाणिक समय मान लेता है। भारत ने 82.5 अक्षांश और देशांतर से एक जगह के सही स्थान का पता लगाया जा सकता हैं लेकिन ये माप की अपरिवर्तनीय इकाई नहीं हैं। क) यदि आप ग्लोब में देखते है, तो आप देखेंगे कि देशांतर बहुत पास हैं जैसे ही आप भूमध्य रेखा के उत्तर और दक्षिण की ओर जाते है। ख) केवल भूमध्य रेखा के पास दूरी को 1 डिग्री द्वारा दर्शाया जाता है देशांतर दूरी के बराबर होती है 1 डिग्री द्वारा दर्शाया जाता है। अक्षांश और देशांतर को डिग्री में व्यक्त किया जाता हैं। हालांकि एक डिग्री से कम वृद्धि को एक दशमलव या मिनट और सेकंड के रूप में व्यक्त किया जा सकता है। 60 मिनट को एक डिग्री और 60 सेकंड को एक मिनट माना जाता है। देशांतर में पूर्व को ई और पश्चिम के लिए डब्ल्यू लिखा जा सकता है। अक्षांश में उत्तर के लिए एन या दक्षिण के लिए एस लिखा जा सकता है। अक्षांश और देशांतर आपको पृथ्वी पर किसी भी बिंदु को परिभाषित करने के लिए दो निर्देशांको का उपयोग करने की अनुमति देते हैं। अक्षांश और देशांतर नाविक, भूगोल, मानचित्रकार और एक लंबे समय के लिए सर्वेयर के लिए उपयोगी है। अक्षांश और देशांतर रेखाएँ ग्लोबल पोजिशनिंग सिस्टम, जीपीएस और कम्प्यूटरीकृत मानचित्रण हेतु लोगो की बड़ी संख्या के लिए एक दैनिक आधार पर उपयोगी होती हैं। अक्षांश और देशांतर के प्रयोग से हर तरह की चीजो की गणना करना संभव है जैसे कि एक शहर से दूसरे शहर में दूरी की गणना, पृथ्वी पर किसी भी बिंदु से दूसरे बिंदु की दूरी की गणना। उदाहरण के लिए, हम स्कूल से अपने घर की दूरी की गणना कर सकते हैं। अंतर्राष्ट्रीय दिनांक रेखा (आईडीएल) मुख्य मध्याह्न के विपरीत पृथ्वी की सतह पर एक काल्पनिक रेखा है। जहां तिथि में परिवर्तन पूर्व या पश्चिम में यात्रा करने पर हो जाता है। मोटे तौर पर 180 डिग्री देशांतर लगभग -12 और +12 घंटे ग्रीनविच मीन टाइम (जीएमटी) से अलग समय क्षेत्र सीमा से मेल खाती है। अंतर्राष्ट्रीय दिनांक रेखा पार करने पर पूर्व में एक दिन में यात्रा करने का परिणाम या 24 घंटे जोड़े जाते है और पश्चिम पार करने पर परिणाम 24 घटाये जाते है। घंटे की सही संख्या समय क्षेत्रों पर निर्भर करती है। चित्र में तीन स्थानों को ए, बी और सी के रूप में चिह्नित किया गया है। आइए कल्पना करते है कि 'ए' 'बी' और 'सी' के बीच के समय का अंतर 1 घंटा है। यदि स्थान 'बी' का समय सुबह 6 है तो स्थान 'ए' का समय सुबह में 5 होगा और 'सी' का समय सुबह 7 होगा। स्थान 'ए' का समय 1 घंटा कम है क्योंकि यह 'बी' के पश्चिम में है और 'सी' का समय 1 घंटा अधिक है क्योंकि यह 'बी' के पूर्व में है। ऐसा इस तथ्य के कारण है कि पृथ्वी पश्चिम से पूर्व की और घुमाती है। जैसे ही सूरज पूरब में उगता है स्थान 'सी' में 7:00 बजे का समय होता है, स्थान 'बी' में 06:00 बजे का समय होता है और स्थान 'ए' में 05:00 बजे का समय होता है। इससे पता चलता है कि हमारे पूरब की ओर जाने पर समय बढ़ जाता है और पश्चिम की ओर जाने पर समय कम हो जाता है। अक्षांश देशांतर 1) भूमध्य रेखा से ध्रुवो तक सभी समानांतर गोलाकर आकृतियो को अक्षांश समानांतर रेखाएँ कहा जाता है। उत्तरी ध्रुव से दक्षिणी ध्रुव की सभी अर्द्ध संदर्भ रेखाओं को देशांतर शिरोबिंदु कहा जाता है। 2) कुल मिलाकर 180 अक्षांश रेखाएँ हैं जो कि 90 उत्तर और 90 दक्षिण में है। कुल मिलाकर 360 देशांतर रेखाएँ हैं जो कि 180 पूर्व और 180 पश्चिम में है। 3) डिग्री अक्षांश को भूमध्य रेखा के रूप में जाना जाता है। 0 डिग्री देशांतर रेखा को मुख्य मध्याह्न के रूप में जाना जाता है। 4) वे स्थानों की जलवायु का अनुमान लगाने में मदद करती हैं। ये स्थानों के समय के बारे में जानकारी प्रदान करने में मदद करती है। मानक समय की आवश्यकता है क्योंकि: 1. अलग-अलग शिरोबिंदु पर अलग अलग समय होता है जिसके कारण ट्रेनों और उड़ानों के लिए एक समय सारणी तैयार करना मुश्किल होता है। 2. यह देश भर में समय की एकरूपता को बनाए रखने में मदद करता है। भारतीय मानक समय: भारत में 82 30' पूर्व को देशांतर मानक मध्याह्न के रूप में जाता है और इस मध्याह्न से पूरे देश के लिए मानक समय के रूप में स्थानीय समय लिया जाता है। यह भारतीय मानक समय (आईएसटी) के रूप में जाना जाता है। पृथ्वी की आकृति गोलाकार है अतः इसकी सभी 360˚ देशांतर रेखाएं 24 घंटे में बारी-बारी से सूर्य के सामने आती है, इसलिए इसके सभी स्थानों पर एक ही समय पर सूर्य उदय नहीं होता। पृथ्वी की पृथ्वी की घूर्णन गति 15˚ देशांतर प्रति घंटा है, अतः प्रत्येक 15˚ देशांतर पर 1 घंटे का अंतर आ जाता है। इसलिए 0˚ देशांतर रेखा को ‘प्रधान मध्याह्न रेखा’ तथा इसके समय को विश्व का मानक समय माना गया है। यह रेखा ब्रिटेन के ग्रीनविच नामक स्थान से गुजरती है। प्रधान मध्याह्न रेखा से 180˚ पूर्वी देशांतर की ओर चले तो 12 घंटे का समय बढ जाता है तथा 0˚ से 180˚ पश्चिम देशांतर की ओर यात्रा करें तो 12 घंटे का समय कम हो जाता है। अक्षांश रेखाएं भूमध्य रेखा से उत्तर एवं दक्षिण दिशा की ओर खिंची गई कोणीय दूरी होती है। अक्षांश रेखाओं को हम अंश या डिग्री द्वारा प्रदर्शित करते है। दोनों गोलार्द्धों में कुल 180 अक्षांश हैं। उत्तरी गोलार्द्ध की अक्षांश रेखाओं को उत्तरी अक्षांश तथा दक्षिणी गोलार्द्ध की अक्षांश रेखाओं को दक्षिणी अक्षांश कहते हैं। पृथ्वी में पाँच मुख्य अक्षांश रेखाएं है ;- (क) - (v) (ख) - (iii) (ग) - (iv) (घ) - (vi) (ड़) - (i) (क) कर्क रेखा (ख) उत्तरी गोलार्ध (ग) दक्षिणी ध्रुव (घ) मकर रेखा (ड़) 15 (च) अंतर्राष्ट्रीय तिथि रेखा B.
दक्षिणायन C.
उत्तरायण D.
समआयन
सूर्य
की स्थिति
मकर रेखा से
कर्क रेखा की
ओर बढ़ने को
उत्तरायण
एवं कर्क
रेखा से मकर
रेखा को
वापसी को
दक्षिणायन
कहते हैं। इस
प्रकार वर्ष
६-६ माह के में
दो अयन होते
हैं।
चन्द्रमा
से B.
छोटे
तारों से C.
सूर्य
से D.
उपग्रह
से
सूर्य
पृथ्वी को
ऊष्मा और
प्रकाश देता
है| सूर्य एक
तारा है,
जिसकी अपनी
ऊष्मा और
प्रकाश है| पृथ्वी
को मिलाकर
सभी ग्रह
सूर्य से
ऊष्मा और प्रकाश
प्राप्त
करते हैं|
B.
29 दिन C.
30 दिन D.
31 दिन
एक
लीप वर्ष वह
वर्ष होता है,
जिसमें एक
अतिरिक्त
वदिन जोड़ा
जाता है|
चूँकि एक
वर्ष में 365¼ दिन
होते हैं, इस
प्रकार एक
लीप वर्ष में
प्रत्येक
चार वर्ष में
एक वर्ष जोड़ा
जाता है| यह दिन
फरवरी के माह
में जोड़ा
जाता है|
ध्रुवीय रात होती है जब रात 24 घंटे से अधिक होती है। यह केवल ध्रुवीय क्षेत्रो के अंदर होता है। इसके विपरीत घटना है, जब सूरज एक लंबे समय के लिए क्षितिज के ऊपर रहता है तो उसे ध्रुवीय दिन या आधी रात का सूरज कहा जाता है। पृथ्वी द्वारा अपनी धुरी के चारों ओर एक चक्कर पूरा करने के लिए लिया गया समय अर्थात 24 घंटे को पृथ्वी दिवस के रूप में जाना जाता है। सूर्य की किरणे 21 मार्च को भूमध्य रेखा पर सीधी गिरती हैं। जब भूमध्य रेखा पर सूर्य की किरणें सीधी पड़ती हैं और पूरी पृथ्वी पर दिन और रात बराबर होते हैं तो उस स्थिति को विषुव कहते हैं l 16 जून को उत्तरी गोलार्द्ध सूर्य की ओर झुका होता है और सूर्य की किरणें कर्क रेखा पर सीधी पड़ती हैं l इस स्थिति को कर्क संक्रांति या उत्तरायण कहते हैं l पृथ्वी को सूर्य के सामने अपने अक्ष पर एक चक्कर पूरा करने मे २४ घंटे का समय लगता है, उसे हम पृथ्वी की दैनिक गति या परिभ्रमण कहते हैं | पृथ्वी का अपने अक्ष पर घूमते हुए सूर्य का पूरा चक्कर लगाना पृथ्वी का परिक्रमण कहलाता है| पृथ्वी पश्चिम से पूर्व की और अपनी धुरी पर घूमती है और 24 घंटे में यह इसे पूरा करती है। जब पृथ्वी घूमती है, सूरज का सामने पृथ्वी का आधा हिस्सा आता है जिसके कारण दिन बनता है और दूसरे आधे में अंधेरे के कारण रात होती है। इस प्रकार घूर्णन वजह से दिन और रात एक सतत घटना है। जो भाग सूरज के सामने की और होता है वहाँ हमेशा दिन और गर्म होगा, जबकि दूसरे आधे भाग पर अंधेरा होगा और हर समय यह ठंडा होगा। जीवन ऐसी चरम स्थितियों में संभव नहीं होगा। 1. सही 1. गलत क) घूर्णन:- यह पृथ्वी का अपनी ही धुरी पर घूमना है जो 24 घंटे में एक बार पूरा होता है। ख) गोधूलि बेला:- यह शाम का वह समय है जिसका प्रकाश सूर्यास्त के बाद दूर तक फैल जाता है। ग) भोर: - यह सुबह की वह अवधि है, जो सिर्फ सूर्योदय से पहले दूर तक फैला हुआ प्रकाश है। दोपहर में सूरज की किरणे सुबह और शाम की सूरज की किरणों की तुलना में सबसे गर्म होती हैं। ऐसा इसीलिए क्योंकि सूरज की किरणे दोपहर में लगभग सीधी पड़ती हैं। ये छोटे से क्षेत्र पर गिरती है और इसलिए गर्मी अधिक होती है। इसका मतलब है कि प्रति इकाई ऊष्मा का क्षेत्र बढ़ जाता है। सूर्य की किरणे सुबह और शाम को तिरछी पड़ती हैं। ये एक व्यापक क्षेत्र में फैली हुई होती है और इसलिए ये बड़े क्षेत्र को कवर करती है लेकिन गर्मी कम होती है। इसलिए वह स्थान गर्म होता है जहाँ सूरज की किरणें सीधी पड़ती हैं। हमारी छाया सुबह और शाम के समय में लंबी लेकिन दोपहर में छोटी होती है। यह सूरज की किरणों के झुके और सीधी होने का असर है। जब यह सूरज की किरणे दोपहर में भूमि के ऊपर होती हैं, तो छाया कम से कम होती है और जब सूरज की किरणें शाम और सुबह के दौरान तिरछी होती हैं तो छाया लम्बी होती हैं। जिस प्रकार लट्टू अपनी कीली पर गोल -गोल घूमता है और आगे भी बढ़ता है, ठीक उसी प्रकार हमारी पृथ्वी भी अपने अक्ष एवं सूर्य के सामने लगातार चक्कर लगाते हुए सूर्य के चारों ओर घूमती है l भू-अक्ष के सदा एक ही दिशा में झुके होने एवं पृथ्वी के परिक्रमण के कारण, वर्ष में 6 महीने उत्तरी गोलार्द्ध और 6 महीने दक्षिणी गोलार्द्ध सूर्य की ओर झुका रहता है l अतः उत्तरी व दक्षिणी ध्रुव पर 6 माह का दिन होता है l (i) - (f) 1. 365 जब हम तेज़ गति से चलती हुई रेलगाड़ी या बस से बाहर देखते हैं, उस समय हमें पेड़, खम्भे, मकान तथा अन्य वस्तुएं रेलगाड़ी या बस के चलने की दिशा के विपरीत भागती दिखाई पड़ती है l जब की सच यह है कि पेड़, मकान, खम्भे तथा वस्तुएं नहीं चलती हैं l चलती है रेलगाड़ी या बस l ठीक इसी प्रकार हमें सूर्य पूर्व से पश्चिम चलता हुआ प्रतीत होता है l जबकि सूर्य नहीं चलता वरन पृथ्वी अपने अक्ष पर सूर्य का चक्कर लगाते हुए पश्चिम से पूर्व दिशा की ओर घूमती है l पृथ्वी का अपने अक्ष पर निश्चित दिशा में झुके होने के कारण तथा लगातार सूर्य का चक्कर लगाने की वजह से पृथ्वी पर ऋतु परिवर्तन होता है l दक्षिणी गोलार्द्ध में ग्रीष्म ऋतु २२ दिसम्बर को आती है l चूंकि इस समय दक्षिणी गोलार्द्ध के सूर्य की ओर झुके होने के कारण सूर्य की किरणें सीधी मकर रेखा पर पड़ती हैं , तदोपरांत यहाँ ग्रीष्म ऋतु का आगमन होता है l उल्का वृष्टि अत्यधिक मात्रा में धूमकेतु से पीछे छोड़े गए मलबे का परिणाम हैं हालांकि कुछ क्षुद्रग्रहों के मलबे की वजह से भी हैं। क्षुद्रग्रह ज्यादातर मंगल और बृहस्पति की कक्षाओं के बीच क्षुद्रग्रह क्षेत्र में पाए जाते हैं। धूमकेतु मुख्य रूप से काइपर क्षेत्र में नेप्च्यून की कक्षा से परे पाए जाते हैं। पृथ्वी प्रतिवर्ष इन छोटी वस्तुओं में से एक की कक्षाओं को पार करती हैं, जिससे वातावरण में मलबे की बारिश होती है यही वार्षिक उल्का बौछार का कारण है। प्लूटो को बौने ग्रह के रूप में माना जाता है क्योकि 1 ) यह सूर्य के चारों ओर कक्षा में विद्यमान है। 2) यह अपने गुरुत्वाकर्षण बनाने के लिए काफी भारी है। 3) यह किसी ग्रह का उपग्रह नहीं है। सूर्य हमारे सौर मंडल के केंद्र में स्थित तारा है l इसका निर्माण हाइड्रोजन, हीलीयम जैसी बहुत गर्म गैसों से हुआ है l सौरमंडल में प्रकाश एवं ऊर्जा का एकमात्र स्त्रोत सूर्य है l सभी ग्रह एवं उपग्रह निरंतर सूर्य की परिक्रमा करते हैं l पृथ्वी पर जल की मात्रा अधिक है इस कारण अंतरिक्ष से देखने पर यह नीले रंग की दिखाई देती है i- e 1. चन्द्रमा पृथ्वी की तुलना में मंगल ग्रह पर अत्यधिक रूप से कठोर वातावरण है। इसकी खोज के दौरान यह सत्यापित हुआ कि यह ग्रह दुर्गम, ठंडा और शुष्क है। इसकी सतह पर विशाल गढ्डे और ज्वालामुखी अटे पड़े है और इस ग्रह पर धूल के तूफान तीव्र वेग से आते है। वायुमंडलीय दबाव बहुत कम है और वास्तव में अल्ट्रा वायलेट सौर विकिरण से कोई सुरक्षा के रूप में ऑक्सीजन न के बराबर है। इस ग्रह पर दिन से रात के तापमान में अत्यधिक उतार-चढ़ाव का अनुभव किया जाता है। चट्टानों सौरमंडल के सभी 2 अपराह्न
B.
12 अपराह्न
C.
1 अपराह्न
D.
3
अपराह्न
चूँकि
पृथ्वी 24 घंटे
में 3600 का
चक्कर लगाती
है| इसलिए, एक
घंटे में 15° का और
चार मिनट में 10
का|
30° पूर्व
का अर्थ है – 30 x 4 = ग्रीनविच
से 120 मिनट
आगे|
यह
तब लागू होता
है जब 30°
पूर्व पर
दोपहर के 2 बजे
हों तब
ग्रीनविच पर
समय होगा-
2 अपराह्न – 2
घंटे = 12
अपराह्न|
एक
जलबायु
क्षेत्र में B.
दो
जलबायु
क्षेत्रों
में C.
तीन
जलबायु
क्षेत्रों
में D.
चार
जलबायु
क्षेत्रों
में
पृथ्वी
को तीन
जलबायु
क्षेत्रों
में विभाजित
किया गया है|
ये इस प्रकार
से हैं- उष्म,
शीतोष्ण और
ठंडे
क्षेत्र|
गोलाकार B.
वृत्ताकार
C.
आयाताकार
D.
जियोड
(भूआभ)
पृथ्वी
जियोड के
आकार की है| यह
ध्रुवों पर
चपटी है तथा
किनारों पर
उभरी हुई है|
इसकी कल्पना
एक संतरे के
आकार की मानी
जाती है|
B.
56½° दक्षिण
C.
66° दक्षिण
D.
66½° दक्षिण
अंटार्कटिक
वृत्त
दक्षिणी
दोलार्द्ध
पर तथा 66½° दक्षिण
पर स्थित है| अंटार्कटिक
वृत्त
दक्षिणी
गोलार्द्ध
में दक्षिणी
ध्रुव के
प्रदेश में
स्थित है|
B.
भूमध्य
रेखा के
दक्षिण में C.
भूमध्य
रेखा पर D.
भूमध्य
रेखा के
पश्चिम में
अंटार्कटिक
वृत्त भूमध्य
रेखा के
दक्षिण में 66½° दक्षिण
पर स्थित है|
यह सबसे
दक्षिणतम
बिंदु पर
स्थित है,
जहाँ से
सूर्य को
दक्षिणायन (22
जून के आसपास) पर
देख सकते हैं|
B.
1 सप्ताह C.
1 पखवाड़ा
D.
1 माह
360° का
चक्कर लगाने
में पृथ्वी 24
घंटे (एक दिन)
का समय लगाती
है| इसका अर्थ
है कि एक घंटे
में 150 या चार
मिनट में 10
का चक्कर|
B.
10 डिग्री C.
15 डिग्री D.
20 डिग्री
24
घंटे में
पृथ्वी 3600 का
चक्कर लगाती
है| इसका
तात्पर्य यह
हुआ कि एक
घंटे में
पृथ्वी 15
डिग्री अथवा
चार मिनट में 1 डिग्री
का चक्कर
लगाती है| ( 3600 / 24
घंटे)
B.
दोपहर C.
शाम D.
मध्य
रात्रि
जब
ग्रीनविच पर
दोपहर के 12 बजे
हों, तब 1800 पर
मध्य रात्रि
होगी| ये
दोनों
एक-दूसरे से
बिल्कुल
विपरीत हैं|
B.
7°4' उत्तर
और 36°6' उत्तर C.
8°4' उत्तर
और 37°6' उत्तर D.
9°4' उत्तर
और 38°6' उत्तर
भारत 8°4'
उत्तर
और 37°6' उत्तरी
अक्षांशों
के मध्य
स्थित है| यह
उत्तरी
गिलार्द्ध
में स्थित है|
कर्क रेखा
भारत से होकर
गुजरती है|
B.
एक
घंटा 15 मिनट C.
एक
घंटा 30 मिनट D.
दो
घंटे
ग्रीनविच
के 30° पश्चिम पर,
समय
ग्रीनविच से
दो घंटा पीछे
होगा| कुल
देशान्तर
रेखाओं की
संख्या 360
परिभ्रमण
समय 24 घंटे या 1440
मिनट
प्रत्येक
देशान्तर के बीच
में समय का
अन्तर 1440/360=4 मिनट
हैं|
B.
98°24' 47" पूर्व
C.
99°24' 47" पूर्व
D.
100°24' 47" पूर्व
भारत
पूर्ण रूप से
उत्तरी और
पश्चिमी
गोलार्द्ध
में स्थित है|
भारत की
मुख्य भूमि
का विस्तार 8° 4' 28" उत्तर
से 37° 17' 53" उत्तरी
अक्षांश तथा 68° 7' 53"
पूर्व से 97° 24' 47"
पूर्वी
याम्योत्तर
तक है| भारत का
अक्षांशीय और
देशंतारीय
विस्तार
लगभग सामान 300
है|
पूरब तथा दक्षिण के बीच की दिशा दक्षिण-पूर्व कहलाती है । दिशासूचक यंत्र से दिशा की जानकारी प्राप्त की जाती है। कन्याकुमारी भारत के दक्षिण दिशा में स्थित है। अरब सागर भारत के दक्षिण-पश्चिम दिशा में है। दिशाओं की कुल संख्या 10 है। प्रमुख दिशाएँ चार हैं –उत्तर,दक्षिण ,पूरब और पश्चिम । वर्तमान युग में ध्रुव तारा खगोलीय गोले के उत्तरी ध्रुव के निटक स्थित है। किसी छोटे क्षेत्र का खींचा हुआ वाह्य स्वरुप योजना कहलाता है l उदाहरण – घर, कक्षा या बाजार की योजना l मानचित्र मुख्यतः दो प्रकार के होते हैं - ग्लोब मानचित्र विश्व का गोलाकार प्रदर्शन विश्व का समतल रूप में प्रदर्शन सम्पूर्ण विश्व के अध्ययन के लिए उपयोगी विश्व के किसी एक भाग के अध्ययन के लिए उपयोगी भारत के पूरब में बंगाल की खाड़ी, पश्चिम में अरब सागर ,उत्तर में हिमालय पर्वत तथा दक्षिण में हिन्द महासागर स्थित है । उत्तर तथा पूरब के बीच की दिशा उत्तर-पूर्व कहलाती है । यदि हम अपनी पीठ पूरब दिशा की ओर करके खड़े हैं तो हमारा दायाँ हाथ उत्तर दिशा एवं हमारा बायाँ पैर दक्षिण दिशा में होगा। यदि हम अपना मुख पूरब दिशा की ओर करके खड़े हैं तो हमारी पीठ पश्चिम दिशा एवं हमारा बायाँ हाथ उत्तर दिशा में होगा। बिहार भारत के पूर्वी क्षेत्र में स्थित है। इसकी राजधानी पटना है। रूपरेखा की दो विशिष्टताएं : मानचित्र को सामने रखने पर ऊपर की तरफ उत्तर, नीचे की तरफ दक्षिण, दाँयीं ओर पूरब और बाँयी ओर पश्चिम दिशा होती है। उगते सूर्य की ओर मुँह कर खड़ा होने पर सामने पूरब दिशा, पीछे पश्चिम दिशा, बाँयी हाथ की ओर उत्तर दिशा एवं दाहिनी हाथ की ओर दक्षिण दिशा होती है। B.
समतल
C.
अक्ष
D.
रास्ता
उत्तरी
ध्रुव से
दक्षिणी
ध्रुव की ओर
चलने वाली
काल्पनिक
रेखा अक्ष
कहलाती है|
पृथ्वी के अक्ष
समकोण से
समतल की ओर 23½° का
कोण बनाते
हैं|
B.
सर्दियों
में C.
वसंत
में D.
शरद
ऋतु में
सर्दियों
में दिन छोटे
और रातें
लंबी होती हैं|
आकाश में
सूर्य की
अधिकतम
स्थिति भी कम
हो जाती है|
परिक्रमण
के कारण B.
घूर्णन
के कारण C.
सूर्य
की गति के
कारण D.
चन्द्रमा
की गति के
कारण
पृथ्वी
के सूर्य के
चारों ओर
परिक्रमण के
कारण ऋतु
परिवर्तन
होता है|
पृथ्वी के
सूर्य की
परिक्रमा के
परिणामस्वरूप
दिन की अवधि, तापमान,
वर्षा,
आर्द्रता
इत्यादि
मौसमी दशाएँ
एक चक्रीय रूप
में बदलती
हैं।
सूर्य
के चारों ओर
पृथ्वी का
चक्कर B.
पृथ्वी
का अपन अक्ष
पर घूमना C.
चन्द्रमा
के चारों ओर
पृथ्वी का
चक्कर D.
मिल्की-वे
में पृथ्वी
का घूमना
पृथ्वी
का अपने अक्ष
पर घूमना,
घूर्णन
कहलाता है|
B.
शीत
ऋतु में C.
शरद
ऋतु में D.
वसंत
ऋतु में
न्यूज़ीलैंड
दक्षिणी
गोलार्द्ध
में स्थित है|
क्रिसमस
दिसंबर के
माह में
मनाया जाता
है और
न्यूज़ीलैंड
में दिसंबर
एक माह में
ग्रीष्म ऋतु
होती है|
B.
21 जून
C.
22 सितम्बर
D.
22 दिसंबर
22 दिसंबर
के दिन सूर्य
की किरणें
कर्क रेखा पर
तिरछी पड़ती
हैं| इस दिन को
‘दक्षिणायन’
के नाम से जाना
जाता है|
ऋतुएँ
B.
पृथ्वी
का झुकाव C.
सूर्य
की स्थिति
में बदलाव D.
दिन
और रात
A.
यह
सूर्य से
तीसरा ग्रह
हैSOLUTION
A.
राकेश
शर्मा SOLUTION
A.
कल्पना
चावला SOLUTION
A.
SOLUTION
A.
SOLUTION
A.
केंद्र
में SOLUTION
A.
SOLUTION
A.
बृहस्पति
SOLUTION
A.
SOLUTION
A.
SOLUTION
A.
SOLUTION
(क) कर्क रेखा ऑस्ट्रेलिया के मध्य से होकर गुजरती है। ( )
(ख) देशांतर रेखाओं की कुल संख्या 340 है। ( )
(ग) भूमध्य रेखा को विषुवत वृत्त भी कहते हैं । ( )
(घ) अफ्रीका एकमात्र ऐसा महाद्वीप है जिससे होकर कर्क, मकर एवं भूमध्य रेखा गुजरती है । ( )
B.
C.
D.
Right Answer is: SOLUTION
(ख) गलत
(ग) सही
(घ) सही
(क) शून्य डिग्री या प्रधान मध्याह्न रेखा ग्रीनविच से होकर गुजरती है। ( )
(ख) उत्तरी ध्रुव को दक्षिणी ध्रुव से मिलाने वाली रेखाओं को अक्षांश रेखाएं कहते हैं। ( )
(ग) भारतीय मानक रेखा मिर्जापुर से होकर गुजरती है। ( )
(घ) उत्तरी ध्रुव अंटार्कटिक रेखा के मध्य स्थित है। ( )
B.
C.
D.
Right Answer is: SOLUTION
(ख) गलत
(ग) सही
(घ) गलत
B.
C.
D.
Right Answer is: SOLUTION
B.
C.
D.
Right Answer is: SOLUTION
B.
C.
D.
Right Answer is: SOLUTION
B.
C.
D.
Right Answer is: SOLUTION
B.
C.
D.
Right Answer is: SOLUTION
B.
C.
D.
Right Answer is: SOLUTION
B.
C.
D.
Right Answer is: SOLUTION
B.
C.
D.
Right Answer is: SOLUTION

B.
C.
D.
Right Answer is: SOLUTION
B.
C.
D.
Right Answer is: SOLUTION
B.
C.
D.
Right Answer is: SOLUTION
भारत ने 82½˚ पूर्वी देशांतर रेखा को भारतीय प्रमाणिक देशांतर रेखा तथा उसी देशांतर के समय को 'भारतीय प्रमाणिक समय' या 'मानक समय' माना है। जो प्रधान मध्याहन रेखा के पूर्व में है अतः इसका समय अंतर्राष्टीय प्रमाणिक समय से 5½ घंटे आगे है।
B.
C.
D.
Right Answer is: SOLUTION
(i)
(ii)
(iii)
(iv)
(v) अंटार्कटिक वृत्त - 66½
B.
C.
D.
Right Answer is: SOLUTION

(क) 180˚ देशांतर रेखा (i) भूमध्य रेखा
(ख) 23½˚ उत्तरी अक्षांश (ii) मकर रेखा
(ग) 66½˚ दक्षिणी अक्षांश (iii) कर्क रेखा
(घ) 90˚ दक्षिणी अक्षांश (iv) अंटार्कटिक वृत्त
(ड़) 0˚ अक्षांश (v) अंतर्राष्ट्रीय तिथि रेखा
(च) 23½˚ दक्षिणी अक्षांश (vi) दक्षिणी ध्रुव
B.
C.
D.
Right Answer is: SOLUTION
(च) - (ii)
(क) ---------- रेखा भारत के मध्य से होकर गुजरती है।
(ख) भूमध्य रेखा के ऊपरी आधे भाग को ------------- कहते हैं ।
(ग) पृथ्वी के दक्षिणी सिरे को ----------- कहते हैं।
(घ) ------------ रेखा 23½˚ दक्षिणी अक्षांश से होकर गुजरती है।
(ड़) पृथ्वी की घूर्णन गति -------------- प्रतिघंटा है।
(च) 180˚ देशांतर रेखा को --------------- कहते हैं ।
B.
C.
D.
Right Answer is: SOLUTION
A.
विषमआयन
SOLUTION
A.
SOLUTION
A.
28 दिन
SOLUTION
B.
C.
D.
Right Answer is: SOLUTION
B.
C.
D.
Right Answer is: SOLUTION
B.
C.
D.
Right Answer is: SOLUTION
B.
C.
D.
Right Answer is: SOLUTION
B.
C.
D.
Right Answer is: SOLUTION
B.
C.
D.
Right Answer is: SOLUTION
B.
C.
D.
Right Answer is: SOLUTION
B.
C.
D.
Right Answer is: SOLUTION
B.
C.
D.
Right Answer is: SOLUTION
1. 23 सितम्बर को दक्षिणी गोलार्द्ध में शरद ऋतु होती है l ( )
2. सूर्य प्रतिदिन पूर्व से पश्चिम की ओर चलता है
B.
C.
D.
Right Answer is: SOLUTION
2. गलत
3. सही
4. गलत
1. प्रत्येक तीसरा वर्ष लीप वर्ष होता है l ( )
2. भू-अक्ष सदा एक ही दिशा में झुका रहता है l ( )
3. वार्षिक गति के कारण दिन एवं रात होते हैं l ( )
4. पृथ्वी अपने भ्रमण कक्ष के झुकाव पर 66½° का कोण बनाती है l ( )
B.
C.
D.
Right Answer is: SOLUTION
2. सही
3. गलत
4. सही
B.
C.
D.
Right Answer is: SOLUTION
B.
C.
D.
Right Answer is: SOLUTION
B.
C.
D.
Right Answer is: SOLUTION
B.
C.
D.
Right Answer is: SOLUTION
B.
C.
D.
Right Answer is: SOLUTION
(i) पृथ्वी की दैनिक गति (a) विषुव
(ii) पृथ्वी की वार्षिक गति (b) 365¼ दिन
(iii) सूर्य का उत्तरायण होना (c) कर्क संक्रांति
(iv) सूर्य का दक्षिणायन होना (d) परिक्रमण
(v) दिन रात का बराबर होना (e) मकर संक्रांति
(vi) पृथ्वी की परिक्रमण अवधि (f) परिभ्रमण
B.
C.
D.
Right Answer is: SOLUTION
(ii) - (d)
(iii) - (c)
(iv) - (e)
(v) - (a)
(vi) - (b) A.
B.
C.
D.
Right Answer is: SOLUTION
2. 22
3. विषुवत
4. 22½°
5. प्रकाश वृत्त
6. धुरी
B.
C.
D.
Right Answer is: SOLUTION
B.
C.
D.
Right Answer is: SOLUTION
B.
C.
D.
Right Answer is: SOLUTION
B.
C.
D.
Right Answer is: SOLUTION
B.
C.
D.
Right Answer is: SOLUTION
B.
C.
D.
Right Answer is: SOLUTION
i. सौरमंडल में ऊर्जा का श्रोत a). मंदाकिनी l
ii. तारों का समूह b). ब्रह्माण्ड l
iii. मंदाकिनी का समूह c). अंतरिक्ष l
iv तारामंडल का समूह d). प्रकाश वर्ष l
v. आकाशीय पिंडों युक्त e). सूर्य l
वायु रहित रिक्त स्थान
vi. दूरी का मापक f). तारामंडल l
B.
C.
D.
Right Answer is: SOLUTION
ii- f
iii- b
iv- a
v- c
vi- d A.
B.
C.
D.
Right Answer is: SOLUTION
2. आठ
3. उल्का पिंड
4. 8.3 सेकेंड्स
5. परिक्रमण
6. 4 लाख
B.
C.
D.
Right Answer is: SOLUTION
B.
C.
D.
Right Answer is: SOLUTION
B.
C.
D.
Right Answer is: SOLUTION
A.
SOLUTION
A.
SOLUTION
A.
SOLUTION
A.
56° दक्षिण
SOLUTION
A.
भूमध्य
रेखा के
उत्तर में SOLUTION
A.
1 दिन
SOLUTION
A.
5 डिग्री
SOLUTION
A.
सुबह
SOLUTION
A.
6°4' उत्तर
और 35°6' उत्तर SOLUTION
A.
दो
घंटा SOLUTION
A.
97°24' 47" पूर्व
SOLUTION
B.
C.
D.
Right Answer is: SOLUTION
B.
C.
D.
Right Answer is: SOLUTION
B.
C.
D.
Right Answer is: SOLUTION
B.
C.
D.
Right Answer is: SOLUTION
B.
C.
D.
Right Answer is: SOLUTION
B.
C.
D.
Right Answer is: SOLUTION
B.
C.
D.
Right Answer is: SOLUTION
B.
C.
D.
Right Answer is: SOLUTION
B.
C.
D.
Right Answer is: SOLUTION
i. राजनैतिक मानचित्र - जिनमें राज्य तथा विभिन्न देशों की सीमाएं दर्शाई जाती हैंl
ii भौतिक मानचित्र - जिनमें पृथ्वी के भौतिक स्वरुप जैसे - नदी, पर्वत, पठार आदि का प्रदर्शन किया जाता है l
B.
C.
D.
Right Answer is: SOLUTION
B.
C.
D.
Right Answer is: SOLUTION
B.
C.
D.
Right Answer is: SOLUTION
B.
C.
D.
Right Answer is: SOLUTION
B.
C.
D.
Right Answer is: SOLUTION
B.
C.
D.
Right Answer is: SOLUTION
B.
C.
D.
Right Answer is: SOLUTION
ii दिशा एवं अन्य विवरण अस्पष्ट होते हैं l
1. मानचित्र में दिशाएँ तीर द्वारा दर्शाई जाती हैं l ( )
2. मानचित्र पर जलाशय को नीले रंग द्वारा दर्शाया जाता है l ( )
3. पर्वत का प्रदर्शन काले रंग द्वारा किया जाता है l ( )
4. मानचित्र पृथ्वी की गोलाकृत्ति का वास्तविक प्रतिरूप है l ( )
B.
C.
D.
Right Answer is: SOLUTION
1. मानचित्र में ऊपर की ओर दक्षिण दिशा होती है l ( )
2. प्राचीन काल में दक्षिणी गोलार्द्ध में लोग चमकते तारों से दिशा का अनुमान लगाते थेl ( )
3. योजना द्वारा किसी बड़े क्षेत्र की विस्तृत जानकारी मिलती है l ( )
4. रूपरेखा का निर्माण मापक के आधार पर होता है l ( )
B.
C.
D.
Right Answer is: SOLUTION
B.
C.
D.
Right Answer is: SOLUTION
B.
C.
D.
Right Answer is: SOLUTION
A.
कक्षा
SOLUTION
A.
गर्मियों
में SOLUTION
A.
SOLUTION
A.
SOLUTION
A.
ग्रीष्म
ऋतु में SOLUTION
A.
21 मार्च
SOLUTION
A.