फतेहपुर सीकरी शहर ख्वाजा सलीम चिश्ती के सम्मान में बनाया गया|
अकबर बादशाह ने कितनी साल की उम्र में पहली लड़ाई लड़ी थी?
अकबर बादशाह ने दस साल की उम्र में पहली लड़ाई लड़ी थी|
बादशाह अकबर के पास कौन आता है?
बादशाह अकबर के पास एक सिपाही आता है|
केशव अभी क्या करता था?
केशव सीधी लकीरों वाले और घुमावदार डिज़ाइन उकेरता था|
केशव कहाँ बैठ गया?
केशव एक चौकोर लाल पत्थर के पास बैठ गया|
अकबर ने केशव को क्या सिखाने के लिए कहा?
अकबर बादशाह ने केशव से कहा कि क्या वह उसे नक्काशी करना सिखाएगा| क्योंकि वह यह सीखना चाहते है|
केशव के पिता कहाँ से आकर आगरा में बसे थे?
कई साल पहले जब केशव पैदा नहीं हुआ था तो उसके पिता गुजरात से आगरा आ के बस गए थे| केशव कभी भी अपने पुश्तैनी गाँव नहीं गया था|
अकबर ने केशव से क्या कहा?
अकबर ने केशव से कहा कि तुम एक दिन बहुत बड़े फनकार बनोगे, और हो सकता है मैं तुम्हे अपने कारखानें में काम भी दे दूँ|
अकबर बादशाह के बेटे का नाम था-
सलीम
१ केशव मोची था| (गलत )
२ केशव ने सारा काम अपने दादाजी से सीखा था| (गलत )
३ केशव के सामने जो व्यक्ति खड़ा था वह बीरबल था| (गलत )
४ केशव अभी नक्काशी का सीख रहा था| (सही )
‘जहाँ चाह वहाँ राह’ कहानी किस की है?
इला नाम की एक लड़की की|
दसवीं तक|
कढ़ाई करने के लिए वह किस का सहारा लेती थी?
पैरों के अंगूठे का|
दादा और चाचा ने क्या पहना?
दादा और चाचा ने सफ़ेद चकाचक माँड लगी धोती और कुर्ता पहना|
सारा दिन कैसे गुजरता था?
सारा दिन बोरसी के आगे बैठकर हाथ तापते हुए गुजर जाता था|
गुजरात में मकर संक्रांति का त्योहार किस प्रकार मनाया जाता है?
गुजरात में मकर संक्रांति का त्योहार पतंग उड़ा कर किया जाता है|प्रत्येक गुजराती चाहे वह किसी भी धर्म या जाती या आयु का हो, पतंग उड़ाता है|
स्कूल में सब लोग किस तरह से खिचड़ी बनाते थे?
स्कूल में सब लोग मस्ती में खिचड़ी बनाते थे| सब लोग मिलकर ईंट से बने चूल्हे पर बड़े-बड़े- कढ़ाहों में खिचड़ी बनाते थे|
ऐसा इसलिए कहा गया क्योंकी अप्पी दिदिया को न तो चूड़ा-दही पसंद है और न ही खिचड़ी| और उनका फ़रमाइशी नाश्ता भी नही मिलना तय था|
दादी के सामने क्या रखा था? और क्यों रखा था?
दादी के सामने केले के कुछ पत्ते कतार में रखे थे| जिस पर तिल, गुड़, चावल आदि के छोटे - छोटे ढेर पड़े थे| घर के सभी लोगों को उन सब चीज़ों को बारी-बारी से छूना और प्रणाम करना था|सभी चीज़ें दान में देनी थीं|
दादी के बाल कैसे लग रहें थे?
दादी के बाल सफ़ेद सेमल की रूई जैसे हलके फुल्के लग रहें थे| एक भी बाल काला नहीं नज़र आ रहा था|
झाड़खंड में सरहुल कौन मनाता है और कैसे?
सरहुल आदिवासी और अन्य जन जातियों के द्वारा मनाया जता है? सरहुल के दिन विशेष तौर पर साल की पूजा की जाती है|स्त्री पुरुष सभी ढोल मंजीरे लेकर रात भर नृत्य करते हैं| घर- घर जा कर चन्दा मांगते हैं और कानो में सरई के फूल पहनते हैं| यह त्योहार चार दिन तक चलता है|
कुमाऊँ में मकर संक्रांति का त्योहार किस प्रकार मनाया जाता है?
कुमाऊँ में मकर संक्रांति को घुघुतिया भी कहते हैं|इस दिन आटे और गुड़ को गूँधकर तरह-तरह के आकार वाले पकवान बनाए जाते हैं|पकवान को तलने के बाद माला में पिरोया जाता है और बीच में संतरे और गन्ने की गंडेरी भी पिरोई जाती है|बच्चे सुबह ये माला पहन कर पहाड़ों में जाते हैं और पकवान तोड़ तोड़कर पक्षियों को खिलाते हैं और गाते हैं|इसके साथ ही जिस चीज़ की कामना हो, वह माँगते हैं|
तमिलनाडु में मकर संक्रांति का त्योहार किस प्रकार मनाया जाता है?
तमिलनाडु में मकर संक्रांति का त्योहार ‘पोंगल’ के रूप में मनाया जाता है|हर घर में मिटटी का मटका लगाया जाता है जिसमे नए चावल, दूध और गुड़ डालकर उसे पकाने के लिए धूप में रख देते हैं|साबुत हल्दी को मटके के मुहँ के चारों ओर बाँध देते हैं| जैसे ही दूध में उफान आता है और दूध-चावल मटके से बाहर गिरने लगता है तो “पोंगला-पोंगल, पोंगला-पोंगल” के स्वर सुनाई देते हैं|
कौआ आओ
------ आओ
ले कौआ बड़ौ
म कै दे जा ----------
खा लै पूरी
म कै दे जा -----------
कौआ आओ
घुघूत आओ
ले कौआ बड़ौ
म कै दे जा सोने का घड़ौ
खा लै पूरी
म कै दे जा सोने की छूरी
मिलान करो-


ईद के अवसर पर गाँव में कैसी हलचल है?
ईद के अवसर पर गाँव में विशेष हलचल है| सभी ईदगाह जाने की तैयारी में लगे हुए हैं| किसी के कुरते में बटन नहीं हैं, तो वह पड़ोसी के घर में सुई-धागा लेने दौड़ा जा रहा है| किसी के जूते कड़े हो गए हैं, तो उन्हें नरम बनाने के लिए तेली के घर से तेल लेने भागा जा रहा है और कोई बैलों को जल्दी-जल्दी सानी-पानी देने में लगा हुआ है|
हामिद ने चिमटे की उपयोगिता बताने के लिए क्या-क्या तर्क दिए?
हामिद ने चिमटे की उपयोगिता बताने के लिए निम्नलिखित तर्क दिए –
1. खिलौने के रूप में इसे कंधे पर रखो, तो बंदूक बन जाएगी|
2. हाथ में ले लो, तो फ़कीरों का चिमटा बन जाएगा|
3. चाहो तो इससे मंजीरे का काम भी लिया जा सकता है|
4. मेरा चिमटा तुम्हारे खिलौने नष्ट कर सकता है|
5. मेरा चिमटा मेरा बहादुर शेर है|
हामिद के हाथ में चिमटा देखकर अमीना क्रोधित क्यों हो गई?
हामिद को दादी ने तीन पैसे मेले में मिठाई खाने तथा खिलौने खरीदने के लिए दिए थे, लेकिन हामिद ने तीन पैसे चिमटे पर ही खर्च कर दिए थे| इसलिए अमीना को हामिद पर क्रोध आया|
हामिद के चिमटे को ‘रुस्तमे-हिंद’ क्यों कहा गया है?
हामिद का चिमटा उसके साथियों के खिलौनों को नष्ट कर सकता है तथा आग, पानी, आँधी-तूफ़ान आदि में बराबर डटा खड़ा रहेगा, इसलिए उसके चिमटे को ‘रुस्तमे-हिंद’ कहा गया है|
हामिद लोहे की दुकान पर क्यों रुक गया?
हामिद लोहे की दुकान पर चिमटा देखकर रुक गया| उसे ख्याल आया कि दादी जब तवे से रोटियाँ उतारती हैं तो उसके हाथ जल जाते हैं| अगर दादी के लिए चिमटा ले लूँ, तो वह कितनी प्रसन्न होंगी|
महमूद और मोहसिन ने मेले से क्या खरीदा?
महमूद ने खाकी वर्दी और लाल पगड़ीवाला सिपाही खरीदा, जो कंधे पर बंदूक रखे हुआ था और मोहसिन को भिश्ती पसंद आया जिसकी कमर झुकी हुई तथा ऊपर मश्क रखे हुए था|
अमीना का क्रोध किसमें बदल गया?
अमीना का हामिद के प्रति क्रोध उसके प्रति स्नेह, वात्सल्य और ममता में बदल गया|
हामिद ने मेले से क्या खरीदा?
हामिद ने मेले की मिठाइयों, खिलौनों आदि सभी आकर्षित वस्तुओं को छोड़कर ‘चिमटा’ खरीदा|
अपने इलाके की ख़राब कानून व्यवस्था के बारे में बताते हुए अपने इलाके के पुलिस अधिकारी को पत्र लिखिए
संकेत बिंदु-
क. पुलिस अधिकारी का पता और दिनांक
ख.विषय
ग. संबोधन शब्द
घ.. आपके इलाके की ख़राब क़ानून व्यवस्था
च. चेन खींचना और चोरी की वारदातें आम होना
छ. क़ानून व्यवस्था ठीक करने का अनुरोध
ज. पत्र की समाप्ति
झ.अपना पता
किसी ऐतिहासिक स्थल का विवरण देते हुए अपनी छोटी बहन को पत्र लिखिए
संकेत बिंदु-
क. अपना पता और दिनांक
ख.अभिवादन शब्द
ग. ऐतिहासिक स्थल का नाम
घ. ऐतिहासिक स्थल का महत्व
ङ. पत्र की समाप्ति
आपके विद्यालय के पुस्कालय में आपकी कक्षा की हिन्दी की पुस्तकें नहीं है, पुस्तकों को मँगवाने का आवेदन करते हुए पुस्तकालय प्रभारी को पत्र लिखें सेवा में, पुस्तकालय प्रभारी, आदर्श विद्यालय, दिल्ली| दिनांक 21-01-2014 विषय: कक्षा पाँच की हिन्दी की पुस्तकों मँगवाने का आवेदन महोदय, मैं आपके विद्यालय का कक्षा पाँच की विद्यार्थी हूँ और आपसे हिंदी की पुस्तकें मँगवाने का निवेदन करती हूँ| पुस्तकालय में कक्षा पाँच की हिंदी की पुस्तक की एक भी प्रति नहीं है जिससे सभी छात्रों को बहुत परेशानी हो रही है| आपसे अनुरोध है की कक्षा पाँच की पाठ्य पुस्तकों की यथाशीघ्र आपूर्ति करवाएँ| प्रार्थी पियाली बोस कक्षा: पंचम ‘ब’ रोल नंबर: 34 आपकी कक्षा में कुछ छात्र अनुशासन को तोड़ते हैं, इसकी सूचना देते हुए अपने कक्षाचार्य को पत्र लिखिए सेवा में, कक्षाचार्य महोदय, विद्या भारती विद्यालय, दिल्ली| दिनांक 21-01-2014 विषय: कक्षा में अनुशासनहीनता महोदय, मैं आपके विद्यालय का कक्षा पाँच-बी का छात्र हूँ और आपका ध्यान शिक्षक की अनुपस्थिति में हो रही अनुशासनहीनता की ओर दिलाना चाहता हूँ| मेरी कक्षा के कुछ छात्र बहुत शरारती हैं और शिक्षक की अनुपस्थिति में फुटबॉल खेलने लगते हैं| कल तो बॉल की जगह वे पत्थर से खेलने लगे,जिससे दो छात्रों को चोट भी लग गई| इससे कक्षा में असुरक्षा का माहौल बन गया है| आपसे अनुरोध है कि उचित कदम उठा कर इस अनुशासनहीनता को बंद करवाएँ| धन्यवाद सहित! आपका आज्ञाकारी छात्र शोएब अंसारी कक्षा: पंचम ‘ब’ रोल नंबर: 15 अपने कॉलोनी के पार्क की सफाई के लिए नगर निगम के अधिकारी को पत्र लिखिए सेवा में, नगर निगम अधिकारी, मयूर विहार, दिल्ली| दिनांक 21-01-2014 विषय: कॉलोनी के पार्क की सफाई महोदय, मैं मयूर विहार की एक स्थानीय निवासी हूँ और हमारी कॉलोनी के पार्क की दशा की ओर आपका ध्यान दिलाना चाहती हूँ| यह पार्क कई सालों से बदतर स्थिति में है और कूड़ा-करकट डालने का स्थान बन कर रह गया है| कॉलोनी के बच्चे सड़क पर खेलने के लिए मजबूर हैं| बड़ी-बड़ी झाड़ियाँ और गड्ढों की वजह से हमारे इसे साफ़ करने के सारे प्रयास विफल रहे हैं| आपसे सविनय अनुरोध है कि पार्क की सफाई करवा कर बच्चों के लिए उसे खेल का मैदान बनाने में हमें सहयोग दें| भवदीय शोभिता चौधरी मयूर विहार-2 दिल्ली अपने चचेरे भाई को जन्मदिन पर आने का निमंत्रण देते हुए पत्र लिखिए संकेत बिंदु- क. अपना पता और दिनांक ख.अभिवादन ग. जन्मदिन का निमंत्रण घ. जन्मदिन की तिथि ङ. पत्र की समाप्ति जन्मदिन के उपहार के लिए धन्यवाद देते हुए अपने भाई को पत्र लिखिए आजाद छात्रावास, माल रोड,मसूरी| 11 जनवरी, 2014. आदरणीय भैया, सादर प्रणाम, मैं यहाँ ठीक से हूँ और आशा है आप सब भी कुशलपूर्वक होंगे| कल ही मुझे मेरे लिए जन्मदिन पर भेजा हुआ आपका उपहार प्राप्त हुआ| इतनी सुन्दर घड़ी पाकर मैं बहुत खुश हूँ| मैंने अपने सभी मित्रों को दिखाई और सबने बहुत तारीफ़ की| घड़ी के साथ भेजा हुआ आपका प्रेरणा भरा पत्र भी उतना ही मूल्यवान है| आभार व्यक्त करने के लिए शब्द कम पड़ रहे हैं और आपसे मिलने की बहुत इच्छा हो रही है| शीघ्र मिलने की कामना करते हुए| आपका अनुज मयंक बी-24/10, अजय नगर,अजमेर| 10 मई, 2013 आदरणीय दादी जी, सादर चरण स्पर्श, हम सब यहाँ कुशलपूर्वक हैं और आशा है आपका स्वास्थ्य भी अच्छा होगा| इस बार दशहरे की छुट्टियों में हम मनाली गए थे| मनाली एक पर्वतीय स्थल है और इसकी प्राकृतिक छटा अनुपम है| हमने यहाँ के सभी प्रमुख पर्यटन स्थल देखे जिनमें हिडिम्बा देवी का मंदिर, रोहतांग पास, मणिकर्ण आदि प्रमुख हैं| फिर हमने विश्व प्रसिद्द कुल्लू का दशहरा मेला भी देखा| यदि आप भी हमारे साथ चलतीं तो आनंद दुगना हो जाता| अगली बार आप को भी हमारे साथ चलना होगा| अपनी सेहत का ख्याल रखिएगा| आपकी पोती शैली अपने मित्र को पत्र लिखकर अपने छात्रावास के विषय में बताइए कौशल छात्रावास, माल रोड,शिमला| 10जून, 2013 प्रिय मित्र, बहुत दिनों से तुम्हारा कोई पत्र प्राप्त नहीं हुआ, आशा है तुम कुशलपूर्वक होंगे| नई खबर यह है,कि मैंने अपना छात्रावास बदल लिया है| मेरा नया छात्रावास काफी बड़ा और साफ़-सुथरा है| यहाँ पर सभी सुविधाएँ मौजूद हैं और पठन-पाठन के लिए भी अच्छा वातावरण है| जब भी शिमला आना हो तो मिलकर अवश्य जाना| तुम्हारा मित्र सुमित अपनी नानी को पत्र लिखकर गर्मियों की छुट्टियों में आने का आग्रह कीजिए बी- 24, माल रोड,शिमला| 10 जून, 2013 आदरणीय नानी जी, सादर चरण स्पर्श, हम सब यहाँ कुशल हैं और आशा करते हैं कि आप भी बहुत कुशलता से होंगी| सभी आपको बहुत याद करते हैं| मेरी जून के प्रथम सप्ताह से गर्मियों की छुट्टियाँ हो रही हैं| आपसे अनुरोध है कि कुछ समय निकाल कर शिमला जरूर आएँ, आपका बेसब्री से इंतज़ार रहेगा| आपका नाती सुजॉय आप बीमार होने के कारण पाँच दिन विद्यालय नहीं जा सके, छुट्टी के लिए आवेदन देते हुए अपने प्रधानाचार्य को पत्र लिखिए सेवा में, प्रधानाचार्य महोदय, बाल भारती विद्यालय, दिल्ली| दिनांक 21-02-2014 विषय: बीमारी के कारण लिए गए अवकाश की सूचना देने के लिए प्रार्थना पत्र| महोदय, मैं दिनांक 14-02-2014 से बुखार से पीड़ित हूँ| चिकित्सक ने मुझे एक सप्ताह का आराम करने की सलाह दी है| अत: आपसे निवेदन है कि मुझे दिनांक 14- 02-2014 से 18-02-2014तक का अवकाश प्रदान करें| धन्यवाद सहित! आपका आज्ञाकारी छात्र रोहित कुमार कक्षा: पंचम ‘ब’ अनुक्रमांक 14 अपने पिता को पत्र लिखकर परीक्षा में प्रथम आने की सूचना दीजिये- 144 - साकेत नई दिल्ली| 4 जून, 2013 आदरणीय पिताजी, सादर चरण स्पर्श, आपको यह जानकर हर्ष होगा कि मैंने कक्षा दसवीं की परीक्षा में प्रथम स्थान प्राप्त किया है| अब विद्यालय में मेरा शुल्क भी माफ हो गया है| घर में सभी बहुत खुश हैं| आप जल्दी वापस आ जाइये| पत्र का उत्तर शीघ्र दीजियेगा| आपका पुत्र रवि दिए गए संकेत बिन्दुओं के आधार पर ‘मेरे दादा-दादी’ विषय पर संक्षिप्त निबंध लिखिए विद्यार्थी यथानुसार उत्तर दें| दिए गए संकेत बिंदुओं के आधार पर ‘अनुशासन’ विषय पर संक्षिप्त निबंध लिखिए- प्रस्तावना, अनुशासन का अर्थ और महत्त्व,अनुशासन की प्रथम पाठशाला परिवार, व्यक्तिगत और सामाजिक जीवन के लिए अनुशासन आवश्यक, प्रकृति में अनुशासन, अनुशासन-एक महत्त्वपूर्ण जीवन-मूल्य, उपसंहार यथानुसार उत्तर दें| दिए गए संकेत बिन्दुओं के आधार पर ‘मेरा गाँव’ विषय पर संक्षिप्त निबंध लिखिए यथानुसार उत्तर दें| दिए गए संकेत बिन्दुओं के आधार पर ‘मैंने ग्रीष्मावकाश कैसे बिताया’ विषय पर संक्षिप्त निबंध लिखिए यथानुसार उत्तर दें| दिए गए संकेत बिन्दुओं के आधार पर ‘व्यायाम के लाभ’ विषय पर संक्षिप्त निबंध लिखिए यथानुसार उत्तर दें| दिए गए संकेत बिन्दुओं के आधार पर ‘कंप्यूटर’ विषय पर संक्षिप्त निबंध लिखिए यथानुसार उत्तर दें| दिए गए संकेत बिन्दुओं के आधार पर ‘वर्षा-ऋतु’ विषय पर संक्षिप्त निबंध लिखिए यथानुसार उत्तर दें| दिए गए संकेत बिन्दुओं के आधार पर ‘राष्ट्रपिता महात्मा गाँधी’ विषय पर संक्षिप्त निबंध लिखिए यथानुसार उत्तर दें| दिए गए संकेत बिन्दुओं के आधार पर ‘हमारा देश- भारत’ विषय पर संक्षिप्त निबंध लिखिए यथानुसार उत्तर दें| दिए गए संकेत बिन्दुओं के आधार पर ‘टेलीविजन’ विषय पर संक्षिप्त निबंध लिखिए यथानुसार उत्तर दें| दिए गए संकेत बिन्दुओं के आधार पर ‘प्रदूषण की समस्या’ विषय पर संक्षिप्त निबंध लिखिए यथानुसार उत्तर दें| दिए गए संकेत बिन्दुओं के आधार पर ‘चिड़ियाघर’ विषय पर संक्षिप्त निबंध लिखिए यथानुसार उत्तर दें| दिए गए संकेत बिन्दुओं के आधार पर ‘मेरा प्रिय मित्र’ विषय पर संक्षिप्त निबंध लिखिए यथानुसार उत्तर दें| दिए गए संकेत बिन्दुओं के आधार पर ‘मेरा विद्यालय’ विषय पर संक्षिप्त निबंध लिखिए यथानुसार उत्तर दें| दिए गए संकेत बिन्दुओं के आधार पर ‘मेरे विद्यालय का पुस्तकालय’ विषय पर संक्षिप्त निबंध लिखिए मेरे विद्यालय का पुस्तकालय प्रत्येक विद्यालय में एक पुस्तकालय होता है| पुस्तकालय एक ऐसा स्थान है, जहाँ छात्र-छात्राएँ अपनी आवश्यकतानुसार पुस्तकें पढ़ सकते हैं तथा उन्हें घर भी ले जा सकते हैं| मेरे विद्यालय में भी एक पुस्तकालय है| पुस्तकालय एक बड़े कमरे में है| इसके पुस्तकालय अध्यक्ष श्री करण कुमार जी है| पुस्तकालय में विभिन्न भाषाओँ की बहुत सी पुस्तकें उपलब्ध हैं| पुस्तकालय में विभिन्न विषयों की विभिन्न पुस्तकें हैं, जिन्हें विद्यार्थी अपनी आवश्यकतानुसार पढ़ते हैं| हमारे पुस्तकालय अध्यक्ष ने सभी पुस्तकों को इस तरह से व्यवस्थित रूप में सजाया हैं कि किसी को भी पुस्तकें ढूँढने में परेशानी का सामना न करना पड़े| पुस्तकालय में कहानी, उपन्यास, नाटक, एकांकी, कविता, यात्रा संस्मरण इत्यादि सभी विषयों की पुस्तकें उपलब्ध हैं| पुस्तकालय में चंदा मामा, नंदन, बाल-भारती, अनुराग आदि बाल-पत्रिकाएँ भी उपलब्ध हैं| पुस्तकालय की दीवारों पर समाज-सुधारकों, कवियों और लेखकों के चित्र सजे हुए हैं| पुस्तकालय में बैठने की समुचित व्यवस्था है| इस तरह से हमारे पुस्तकालय में सभी सुविधाएँ उपलब्ध हैं| संकेत बिंदु: क. विद्यार्थी का अर्थ ख.विद्यार्थी जीवन का लक्ष्य- विद्या अर्जित करना ग. अनुशासन का महत्व घ. समय का समुचित उपयोग ङ. शिक्षकों का स्थान संकेत बिंदु: क. स्वतंत्रता दिवस का महत्व ख.पन्द्रह अगस्त को मनाया जाता है ग. लाल किले पर झंडा फहराया जाता है घ. प्रधानमंत्री का भाषण ङ. राष्ट्र के नाम सन्देश संकेत बिंदु: क. अनेकता में एकता ख.अलग-अलग संस्कृतियों का संगम ग. विभिन्न धर्मों के लोगों का मिलजुल कर रहना घ. प्राचीन समय से सभ्यताओं के मिलना ङ. एक-दूसरे का सम्मान करना च. भाईचारे व प्रेम का सन्देश विश्व भर में देना संकेत बिंदु: क. शाम के समय सागर का दृश्य ख.आसमान के रंग ग. सागर के पानी के बदलते रंग घ. अपने घोंसलों के ओर लौटते पक्षी ङ. शांति व सुकून च. आत्मंथन का समय संकेत बिंदु: क. पर्यावरण शब्द की व्याख्या ख.प्रदूषण की व्याख्या ग.विभिन्न प्रकार के प्रदूषण घ.प्रदूषण के कारण ङ.प्रदूषण का स्वास्थ्य पर प्रभाव च.प्रदूषण की समस्या का निवारण छ. निवारण में हमारा योगदान संकेत बिंदु: क.गाड़ी की प्रतीक्षा ख.यात्रा का वर्णन ग.भयंकर दुर्घटना घ. दुर्घटना का कारण संकेत बिंदु: क. राष्ट्रभाषा ख.हिंदी की महत्ता ग.हिंदी का प्रयोग घ. सरकारी दस्तावेजों में हिंदी का प्रयोग ङ.हिंदी बोलने पर ज़ोर संकेत बिंदु: क. ऋतु का नाम ख. उस ऋतु की प्राकृतिक अवस्था ग.सुहावना मौसम घ. घूमने-फिरने का मज़ा ङ.खाने-पीने का आनंद संकेत बिंदु: क. गायक का नाम ख.मधुर आवाज ग.संघर्ष व ख्याति घ. संगीत पुरस्कार ङ.आपके लिए प्रेरणा स्रोत संकेत बिंदु: क.विकास ख. बुद्धि का विकास ग.सभ्यता घ. नैतिकता ङ.वैज्ञानिक आविष्कारों का ज्ञान ‘दीपावली’ विषय पर एक अनुच्छेद लिखिए- दीपावली शब्द का अर्थ है दीपों के माला अर्थात यह प्रकाश का त्यौहार है| कहा जाता है कि इसी दिन भगवान राम रावण पर विजय प्राप्त कर अयोध्या वापिस लौटे थे| दीपक जलाना बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है|दीपावली के दिन लक्ष्मी पूजा भी की जाती है| घर-बाहर को प्रकाशमय कर हम लक्ष्मी का स्वागत करते हैं और मिठाई बाँटकर अपनी प्रसन्नता प्रकट करते हैं| इस हर्षोल्लास के माहौल में बम-पटाखे भी चलाये जाते हैं| किन्तु पर्यावरण की स्वच्छता को ध्यान में रखते हुए हमें पटाखे चलाने से बचना चाहिए| सुरक्षा के मानदंडो का ख्याल रखना भी बहुत आवश्यक है इसीलिए दीपावली के दिन अपने माता-पिता के साथ ही दीये जलाने या पटाखे चलाने चाहियें| दीपावली के प्रकाश से अपने भीतर का अंधकार भी दूर करना चाहिए और खुशियाँ बाँटने की सीख लेनी चाहिए| ‘व्यायाम’ विषय पर एक अनुच्छेद लिखिए- अच्छा खान-पान और नियमित व्यायाम स्वस्थ जीवन की कुँजी है| व्यायाम करने से शरीर तंदरुस्त और मन सक्रिय बना रहता है| व्यायाम के फायदे पूरी तरह से अर्जित करने के लिए उसे नियमित तौर पर करना अत्यंत आवश्यक है| व्यायाम के द्वारा रक्तचाप सुचारू रहता और शरीर व मस्तिष्क क्रियाशील बना रहता है| इससे दिनभर के सभी कामों को करने के लिए चुस्ती-स्फूर्ति मिलती है और हर क्रिया में हमारा मन लगता है| व्यायाम शुरू करने के लिए एक समय निर्धारित करना चाहिए और धीरे-धीरे व्यायाम की अवधि को बढ़ाना चाहिए| व्यायाम अपनी उम्र और शारीरिक अवस्था को ध्यान में रख कर करना चाहिए इसीलिए किसी कुशल प्रशिक्षक की मदद लेना अनिवार्य है| बचपन से ही व्यायाम करने से शरीर की कार्यप्रणाली अच्छे से चलती है और हमें बहुत सी बीमारियों से बचाती है| व्यायाम न केवल शरीर को ही तंदरुस्त बनाता है बल्कि मन को भी तरो-ताज़ा कर रखता है| एक स्वस्थ और सफल जीवन के लिए हम सभी को नियमित व्यायाम करना चाहिए| ‘दूसरों की मदद’ विषय पर एक अनुच्छेद लिखिए- मनुष्य एक सामाजिक प्राणी है| अर्थात् समाज में रहकर ही हम अपने सभी काम करते हैं| अत: हम सभी को एक दूसरे की मदद की आवश्यकता पड़ती रहती है| इसलिए हमें हमेशा जरूरतमंद लोगों की सहायता करनी चाहिए| दूसरों की सहायता करने से हम उस व्यक्ति को न सिर्फ उसके दुःख से बाहर आने में मदद करते हैं बल्कि इससे हमारे मन को भी खुशी मिलती है| बिना किसी स्वार्थ के किसी की सहायता करने वाले व्यक्ति परोपकारी कहलाता है और वही मानव जीवन के उच्चतम विचारों का पालन कर रहा होता है| दूसरों की मदद करने से कभी-कभी हम स्वयं की समस्याएँ भी सुलझा लेते हैं| उदाहरण के लिए, कोई पाठ अपने मित्र को समझाते हुए हमें भी बहुत से सवाल याद हो जाते हैं| इसी तरह, किसी को मानसिक पीड़ा से उबरने के लिए प्रेरित करते हुए हमारी खुद के विचारों के उलझी गुत्थियाँ भी जाने-अनजाने सुलझ जाती हैं| अत: हम कह सकते हैं कि मनुष्य की सभी समस्याओं का हल एक-दूसरे की मदद करने में है| अपने स्वार्थ साधने की बुरी भावना को नियंत्रित करना है, मेले में मिठाई और खिलौनों की दुकानें देखकर भी हामिद दूर क्यों खड़ा था? मेले में हामिद दूर खड़ा था क्योंकि उसके पास खर्च करने के लिए केवल तीन ही पैसे थे| रमज़ान एक महीने का नाम है| इस्लाम धर्म में यह अत्यंत पवित्र महीना माना जाता है| अमीना हामिद के पास क्या देखकर चौंक पड़ी? अमीना हामिद के हाथ में चिमटा देखकर चौंक पड़ी| सबील पर सभी बच्चे क्या कर रहे थे? सबील पर सभी बच्चे शरबत पी रहे थे| हामिद किसके साथ ईदगाह गया? हामिद गाँव के बच्चों के साथ ईदगाह गया| ईद के कारण बच्चे खुश हैं| ईद का त्योहार कब मनाया जाता है? रमज़ान के पूरे तीस रोज़ों के बाद ईद का त्योहार मनाया जाता है| गुड़िया ने कानो में क्या पहना है? गुड़िया कानों में बाली पहने हुए है| गुड़िया बहुत भली है| छोटी-सी सर-सर चलने वाली है| पिंजड़े में| सुभद्रा कुमारी चौहान| श्रीराम जी ने जंगल में किसे मारा? श्रीराम जी ने जंगल में तड़का को मारा था| बच्चा रामचंद्र बनना चाहता है| सरला ने अपनी माँ से क्या कहाँ? सरला ने अपनी माँ से साड़ी लेने को कहा| मोहन ने खिलौनेवाले से कौन-सा खिलौना लिया? मोहन ने खिलौनेवाले से मोटर गाड़ी ली? मन्नू ने खिलौनेवाला से कौन-सा खिलौना लिया ? मन्नू ने खिलौनेवाला से गुड़िया ली| निम्लिखित पंक्तियों का भाव स्पष्ट करो- किससे लूगाँ पैसे, रूठूगाँ, तो कौन मना लेगा कौन प्यार से बिठा गोद में मनचाही चीज़े देगा बच्चा अपनी माँ से पूछ रहा है कि जब मैं तुमसे दूर चला जाऊँगा तो पैसे किससे लूँगा? जब मैं रूठ जाऊँगा तो मुझे कौन मनाएगा? वहाँ कौन अपनी गोद में बिठाकर मेरी मनपसंद चीज़ें देगा? बच्चा किस प्रकार के खिलौने लेना चाहता है? क्यों? बच्चा तलवार, तीर कमान जैसे खिलौने लेकर तड़का को मारना चाहता है|वह जंगल में जाकर असुरों को मार भगाना चाहता है| बच्चा किस प्रकार के खिलौने नहीं लेना चाहता ? बच्चों के खेलने वाले खिलौने जैसे- तोता बिल्ली मोटर रेल आदि नहीं लेना चाहता| ‘मेरा परिवार’ विषय पर एक अनुच्छेद लिखिए- मैं कक्षा पांचवी में पढ़ने वाला एक छात्र हूँ| मेरा नाम राहुल आर्य है| मैं अपने परिवार के सभी सदस्यों से बहुत प्यार करता हूँ| हम सभी एक संयुक्त परिवार के रूप में रहते हैं| मेरे साथ माता-पिता, दादा-दादी और चाचा-चाची रहते हैं| हम सभी एक-दूसरे के कामों में हाथ बँटाते हैं जिससे जीवन बहुत सरल प्रतीत होता है| रोज सुबह माँ और चाची मिलकर हमारे लिए नाश्ता और खाना बनाती हैं और मुझे तैयार करके विद्यालय भेजती है| फिर चाचा जी मोटरसाइकल से मुझे विद्यालय छोड़ देते हैं| शाम को मैं दादी के साथ पार्क में खेलने जाता हूँ| रात को अपने पापा या दादाजी के सहयोग से गृहकार्य करता हूँ| मैं भी घर के कामों में हाथ-बँटाता हूँ और पौधों में पानी देता हूँ| रात को दादी सोने से पहले मुझे हमेशा कहानियाँ सुनाती हैं|छुट्टी वाले दिन हम बाहर घूमने जाते हैं और बहुत मज़े करते हैं|इस तरह हम काम और आराम दोनों का आनंद लेते हैं| मुझे अपने परिवार के सभी सदस्यों से जीवन में कड़ी मेहनत कर सफलता प्राप्त करने की प्रेरणा मिलती है| ‘हमारा देश’ विषय पर एक अनुच्छेद लिखिए- हमारे देश का नाम भारत है| ‘भारत’ नाम दुष्यंत और शकुन्तला के वीर पुत्र भरत के नाम पर पड़ा| भारत एक लोकतांत्रिक राष्ट्र है| जहाँ जनता द्वारा चुने गए प्रतिनिधियों के द्वारा सरकार का संचालन किया जाता है| ताजमहल, लालकिला, फ़तेहपुर सीकरी जैसे ऐतिहासिक स्मारकों के कारण हमारा देश पूरी दुनिया में जाना जाता है| भारतीय व्यंजन व गीत-संगीत भी दुनिया के अलग-अलग भागों में बहुत लोकप्रिय है|हमारे देश में मौजूद बहुरंगी संस्कृति एवं सभ्यताओं के संगम की मिसाल दुनिया भर में दी जाती है| इतिहास गवाह है कि भारत की कुछ करिश्माई हस्तियों ने विश्व को अपने विचारों और कामों से लगातार सकारात्मक रूप से प्रभावित किया है| इनमें प्रमुख हैं, सम्राट अशोक, मुग़ल बादशाह अकबर, महात्मा गाँधी, जवाहर लाल नेहरु, डॉ. होमी भाभा, डॉ. सी. वी रमन आदि| इन सभी महान शख्सियतों ने केवल देश में नहीं बल्कि दुनिया भर में लोगों के जीवन के अलग-अलग पहलुओं को छुआ और प्रभावित किया है| भारत के मिट्टी ने अनगिनत सपूतों को जन्म दिया है और यह हम सभी का यह कर्तव्य है कि हम उनकी धरोहर को न सिर्फ संभाल कर रखें बल्कि प्रेरणा स्रोत बनने की इस परंपरा को हमेशा कायम रखें| हर भारतीय को अपने देश पर गर्व है और हम दुनिया में इसे सबसे प्यारा और सुन्दर मानते हैं| क्या लोनपो गार अपने बेटे के द्वारा सौ जौ के बोर लाने पर खुश थे? लोनपो गार अपने बेटे के द्वारा सौ जौ के बोर लाने पर खुश बिलकुल नहीं थे| लड़की ने लोनपो गार के बेटे से पहली बार मिलने पर क्या कहा? लड़की ने लोनपो गार के बेटे से पहली बार मिलने पर कहा, “क्या बात है तुम बहुत दुखी क्यों हो?” लोनपो गार ने अपने बेटे से कहा| लोनपो गार के बेटे को शहर में किसने मदद की? लोनपो गार के बेटे को शहर में एक लड़की ने मदद की| लोनपो गार कौन थे?SOLUTION
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