लोनपो गार ने लड़की के सामने क्या प्रस्ताव रखा और क्यों?
लोनपो गार ने लड़की के सामने अपने बेटे की शादी काप्रस्ताव रखा क्योंकी वह जान चुका था कि वह लड़की बहुत समझदार है|
लडकी ने लोनपो गार के बेटे के सामने क्या शर्त रखी?
लडकी ने लोनपो गार के बेटे के सामने यह शर्त रखी कि वह रस्सी तो बना देगी पर उसके पिता को वह गले में पहननी होगी|
लोनपो गार ने अपने बेटे को क्या देकर शहर भेजा और क्या लाने को कहा?
लोनपो गार ने अपने बेटे को सौ भेड़ें देकर शहर भेजा और सौ जौ के बोरे लाने को कहा|
लोनपो गार की चिंता का विषय क्या था?
लोनपो गार की चिंता का विषय उनके बेटे का भोलापन था| वह बहुत सीधा सादा था|
लोनपो गार क्यों मशहूर थे?
लोनपो गार अपनी चालाकी और हाज़िरजवाबी के लियर दूर- दूर तक मशहूर थे| कोई उनके सामने टिकता ना था|
निम्नलिखित शब्दों के अर्थ लिखो और वाक्य में प्रयोग करों लड़की ने राख की रस्सी कैसे बनाई? क्या लोनपो गार उसे पहन पाए? लडकी ने नौ हाथ लम्बी रस्सी ली| उसे पत्थर के सिल पर रखा और जला दिया| रस्सी जल गयी, मगर रस्सी के आकार की रख बाख गयी| इसे वह सिल समेत लोनपो गार के पास ले गयी| लोनपो गार जानते थे कि वह रस्से को नहीं पहन पायेंगे| लोनपो गार के बेटे ने लड़की के कहने पर सौ जौ के बोरे कैसे खरीदे? लोनपो गार के बेटे ने लड़की के कहने पर पहली भेड़ों के बाल उतारे और उन्हें बेच कर जो पैसे मिले उनसे उसने सौ जौ के बोरे खरीदे| दूसरी बार भी लड़की के कहने पर उसने भेड़ों के सींग काट लिए| उन्हें बेच कर जो पैसे मिले उनसे उसने सौ जौ के बोरे खरीदे| यह कहानी किस देश की है? तिब्बत की अब तो बिना जौ के सौ बोरों के मेरे पिता मुझे घर में घुसने नहीं देंगें लोनपो गार के बेटे ने लड़की से कहा| किस प्रकार की फसल पोंगल में कटकर घर आती है? खरीफ़ की फसल पोंगल में कटकर घर आती है मकर संक्रांति किस से जुड़ा हुआ त्योहार है? मकर संक्रांति फसलों से जुड़ा हुआ त्योहार है| अप्पी दिदिया ने क्या बड़े चाव से खाया? अप्पी दिदिया ने गुड़ और चीनी के तिलकुट बड़े चाव से खाया| यथानुसार उत्तर दें| यथानुसार उत्तर दें| यथानुसार उत्तर दें| यथानुसार उत्तर दें| यथानुसार उत्तर दें| रवि को स्टेट बैंक जाना है, वह रास्ते में किसी अनजान राही से स्टेट बैंक जाने का रास्ता पूछता है रवि- सुनिए भाईसाहब!क्या आप मुझे बता सकते है कि स्टेट बैंक कहाँ है? राही- स्टेट बैंक बस स्टैंड के पास में है| रवि- बस स्टैंड यहाँ से लगभग कितना दूर होगा? राही- बस स्टैंड यहाँ से लगभग चार किलोमीटर दूर है| रवि- यहाँ से स्टेट बैंक जाने के लिए कोई बस अथवा ऑटो मिल सकता है| राही- बस तो नहीं मिल सकती लेकिन ऑटो अवश्य मिलेगा| ऑटो आपको स्टेट बैंक पहुँचा देगा| रवि- आपका बहुत-बहुत धन्यवाद| चिंकी और पिंकी के मध्य हुए ‘मोबाईल फ़ोन’ से संबंधित संवाद(बातचीत) को लिखिए- चिंकी- पिंकी, कैसी हो? पिंकी- मैं तो अच्छी हूँ| तुम कैसी हो बहन? चिंकी- मैं भी अच्छी हूँ| अरे!तुम्हारे हाथ में यह क्या है? पिंकी- ये तो मोबाईल फ़ोन है| इसे मेरे कालू चाचा अमेरिका से लाये है| इस मोबाईल फ़ोन से में दूर बैठे अपने दोस्तों और रिश्तेदारों से बात कर सकती हूँ और उन्हें सन्देश भी भेज सकती हूँ| इससे मैं गाने भी सुनती हूँ| चिंकी- क्या मैं कुछ समय के लिए इसका उपयोग कर सकती हूँ| पिंकी- हा-हा क्यों नहीं, तुम इसका उपयोग कर सकती हो| चिंकी- धन्यवाद | निम्निलिखित चित्र जो कि एक भारत के प्रथम प्रधानमंत्री का है उनके जीवन पर प्रकाश डालते हुए एक कहानी लिखिए यथानुसार उत्तर दें| निम्निलिखित चित्र जो एक महान पुरुष का है उनके जीवन पर प्रकाश डालते हुए एक कहानी लिखिए यथानुसार उत्तर दें| यथानुसार उत्तर दें| निम्निलिखित चित्र पर आधारित एक कहानी लिखिए- यथानुसार उत्तर दें| निम्निलिखित चित्र पर आधारित एक कहानी लिखिए- यथानुसार उत्तर दें| निम्निलिखित चित्र पर आधारित एक कहानी लिखिए- यथानुसार उत्तर दें| निम्निलिखित चित्र पर आधारित एक कहानी लिखिए- यथानुसार उत्तर दें| निम्निलिखित चित्र पर आधारित एक कहानी लिखिए- यथानुसार उत्तर दें| यथानुसार उत्तर दें| यथानुसार उत्तर दें| यथानुसार उत्तर दें| एकता में बल है” इस शीर्षक पर कहानी लिखिए- यथानुसार उत्तर दें| ”लालच का फल बुरा होता है” इस शीर्षक पर कहानी लिखिए- यथानुसार उत्तर दें| रतन बाकी बच्चों के लिए कैसा था? रतन बाकी बच्चों के लिए अजूबा था| रतन मूक (जो बोल नहीं सकता) बच्चा है| रतन के आँखों में हर समय क्या दिखता था? रतन की आँखों में हर समय एक घबराहट नज़र आती थी| कवि कैसे लोगों को समझने लगा? कवि रतन की भाषा को समझने लगा है जो वह बोला नहीं सकता था| कहानी या कविता एक बार में क्यों समझ नहीं आती है? अगर हम किसी कहानी या कविता को ध्यान से धीरे-धीरे नहीं पढ़ते तो वह कहानी या कविता हमें समझ नहीं आती| हमें कविता को धीरे धीरे और हो सके तो कई बार पढ़नी चाहिए| ताकि वह ढंग से समझ आ जाए| बाकी बच्चे रतन की किन बातों को समझ नहीं पाते थे? बाकी बच्चे रतन द्वारा इशारों में की गई बातों तथा उसकी घबराहटों को समझ नहीं पाते थे| रतन बाकी बच्चों से भिन्न क्यों था? रतन बाकी बच्चों से इसलिए अलग था क्योंकि वह बोल नहीं सकता तथा| सब बच्चे आपस में बोलते हँसते थे और रतन बस सबको देखता रहता था| बच्चे बहुत परेशान होते थे क्योंकि वह रतन की बातों और उसकी घबराहटों को समझ ही नहीं पाते थे| रतन की माँ की आँखें बेबस क्यों थी? रतन के न बोल पाने के कारण उसकी माँ के आँखों में हर समय बेबसी रहती थी| उनको लगता था कि कभी तो उसका बेटा ढंग से बोल पाएगा| बच्चे रतन से क्यों घबराते थे? बच्चे रतन से इसलिए घबराते थे क्योंकि उनको रतन की बाते समझ नहीं आती थी| वह लाख कोशिश करने पर भी सारी बाते नहीं समझ पाते थे| कविता की पंक्तियाँ पूरी करो- न जाने किस_________ निकल कर ________ खेलने ___________ न जाने किस अदृश्य पड़ोस से निकल कर आता था वह खेलने हमारे साथ... भाईजान शाम को कहाँ जा रहे थे? भाईजान शाम को फिल्म देखने जा रहें थे| अब्बा ने दफ़्तर जाने के लिए कितने पैसे माँगें? अब्बा ने दफ़्तर जाने के लिए ५ रुपए पैसे माँगें| अब्बा अपने दोस्तों को क्या सुना रहे थे? अब्बा अपने दोस्तों को गज़ल सुना रहें थे| हाँ, अम्मी के दाँत गंदे थे| दादी ने नमाज़ के बाद क्या खाया था? दादी ने नमाज़ के बाद बादाम का हरीरा खाया था| भाई जान ने| एक भारी-सी साड़ी| आरिफ ने दाँत माँजने को किस को कहा? अम्मी को पोस्ट ऑफिस कहाँ था? शिमला कँवरसिंह कहाँ के रहने वाले है? हिमालय प्रदेश किसने कालेज के बाद फिल्म जाने की बात की? भाई जान ने एक भारी-सी साड़ी| आरिफ ने दाँत मांजने को किस को कहा? अम्मी को आरिफ, सलीम ने किसके सामने अपनी दरखास्त रखी? अब्बू के सामने| दादी सुबह नमाज़ के बाद क्या पी रही थी? बादाम का हरीरा दूसरी सुबह अब्बा ने सलीम से क्या कहा? दूसरी सुबह अब्बा ने सलीम से कहा कि स्कूल जाते वक्त एक चवन्नी जेब में डाल लिया करो| आपा कालेज भारी साड़ी पहन कर क्यों जा रही थी? आपा के कालेज में फंक्शन था इसलिए वह भारी साड़ी पहन कर जा रही थी| सलीम ने अब्बा को किस चीज़ के लिए डाँटा ? सलीम ने अब्बा को शेव करने के लिए डाँटा | सलीम ने खानसामा को क्या खाना बनाने को कहा? सलीम ने खानसामा को गुलाब जामुन, गाजर का हलवा और मीठे चावल बनाने को कहा| खाने में क्या अम्मी ने खानसामा को क्या बनाने को कहा? अम्मी ने खानसामा को आलू, गोश्त, और मिर्चों का सालन बनाने को कहा| दूसरे दिन जब वो दोनों उठे तो क्या हुआ? दूसरे दिन जब वो दोनों उठे तो आपा नाश्ते की मेज सजा चुकी थी भाई मेज पर तबला बजा रहे थे, अम्मी खानसामा को हुक्म दे रही थी खाने में रोज़ एक मीठी चीज़ ज़रूर बनाया करें और अब्बा बोल रहे थे कि स्कूल जाते वक्त जेब में पैसे डाल लिया करो| सलीम और आरिफ क्या चाहते थे? सलीम और आरिफ हर वक्त की पाबन्दी से हर वक्त की रोक-टोक को खत्म करना चाहते थे| वह चाहते थे की एक दिन के लिए सारे अधिकार उन्हें मिल जाए| आपा की साड़ी देखकर सलीम ने क्या कहा? यह इतनी भारी साड़ी पहन कर कालेज नहीं जाना है| यह साड़ी उतार कर कोई हल्की-सी वायल की साड़ी पहन कर कालेज जाइए| दुरस्त का क्या अर्थ होता है सही करना खानसामा ...... कहते है बावर्ची को रतन किसी अदृश्य पड़ोस से निकल आता था| रतन की माँ उसे निहारती रहती थी| रतन के पास उसकी माँ बैठी थी| सही करना बावर्ची को जनता की दुकान का प्रबंधक था| गुड़गुड़ की आवाज़| नीनी| चावल की चार रोटियाँ थी| कोको के माता-पिता कहाँ गए थे? कोको के माता-पिता खेत गए थे| कोको के घर आए सभी दोस्तों के नाम हैं- नीनी, तिन सू, मिमी| उ बा तुन कोको के घर क्यों आया? उ बा तुन कोको के घर फूलदान बदलने आया था| तिन सू कोको के घर क्या लेकर आया? तिन सू कोको के घर फूल लेकर आया था| मिमी कोको के लिए क्या लाई? मिमी कोको के लिए केले के पापड़ लाइ थी| नीनी कोको के घर क्यों आया था? परीक्षा के बारे में आने वाली खास खबर सुनाने के लिए| कोको का कमरा कैसा था? एक सादा सा कमरा, दीवारों पर बाँस की चटाइयाँ| एक दीवार के सहारे रखी अलमारी| अलमारी के ऊपर एक रेडियो, चाय की केतली, कुछ कप और खाली गुलाबी फूलदान रखा था| कमरे के बीच फर्श पर एक चटाई बिछी हुई थी जिसके ऊपर कम ऊँचाई वाली गोल मेज़ रखी थी| दो दरवाज़े थे| एक दरवाज़ा पीछे की ओर खुलता था और दूसरा एक किनारे की ओर| क्या कोको ने चावल की रोटियाँ खाई? क्यों/ क्यों नहीं ? नहीं, कोको ने चावल की रोटियाँ नहीं खाईं| कोको रोटियाँ खाने ही वाला था कि उसका दोस्त आ जात है| और वह रोटियाँ छिपा देता है| ताकि उसे रोटियाँ बाँटनी न पड़े| कोको ने चावल की रोटियाँ को कहाँ छुपाया ? कोको ने चावल की रोटियों को रेडियो के पीछे छिपा दिया| एक रेडियो, चाय के केतली और खाली कप चटाइयाँ अंत में फाँसी पर कौन चढ़ा ? अंत में फाँसी पर राजा स्वयं चढ़ गया| वहाँ का राजा बहुत ही मूर्ख था | वहाँ हर चीज़ टके सेर थी| वह सारा काम किस की सहायता से करती थी? पैरों की सहायता से कढ़ाई| इला की कशीदाकारी में कहाँ-कहाँ की झलक देखने को मिलती थी? इला की कढ़ाई में बंगाल और लखनऊ की झलक देखने को मिलती थी| इला कितनी उम्र में कशीदाकारी सीख गई थी? इला पंद्रह- सोलह साल की उम्र तक कशीदाकारी सीख गई थी| उसने कशीदाकारी किससे सीखी? इला ने कशीदाकारी अपनी माँ और दादी से सीखी| इला क्या-क्या काम पैरो से करती थी? इला कपड़े धोना, तरकारी काटना, फर्श बुहारना, तख्ती पर लिखना आदि काम अपने पैरों से काम करती थी| इला का बचपन कहाँ बीता?SOLUTION
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