‘दीपावली’ विषय पर अपने विचार संकेतक के रूप में लिखें जिनपर अनुच्छेद लिखा जा सके
क. प्रकाश का त्यौहार
ख. पटाखे और मिठाइयाँ
ग. प्रेम और सौहार्द
घ. अच्छाई की बुराई पर जीत का प्रतीक
‘वर्षा ऋतु’ विषय पर अपने विचार संकेतक के रूप में लिखें जिनपर अनुच्छेद लिखा जा सके
क. भारत में ऋतुएँ
ख. वर्षा ऋतु के महीने
ग. वर्षा ऋतु में क्या-क्या होता है (बादल गरजना, बिजली चमकना, इन्द्रधनुष दिखना आदि)
घ. किसानों के लिए वर्षा का महत्व
अनुच्छेद लेखन के लिए किन-किन बातों का ध्यान रखना चाहिए?
1. विषय पर विचार करना चाहिए और विचारों को क्रमबद्ध कर लेना चाहिये|
2. अपनी बात छोटे-छोटे वाक्यों में लिखनी चाहिए|
3. अनुच्छेद की भाषा स्पष्ट व सरल होनी चाहिए|
4. अंत में अपने विचार या सुझाव देने चाहिए| अनौपचारिक पत्र और औपचारिक पत्र में क्या अंतर होता है? अनौपचारिक पत्र व्यक्तिगत पत्र होते हैं जो हम अपने संबंधियों, मित्रों व प्रियजनों को भेजते हैं जबकि औपचारिक पत्र बाहरी पत्र हैं जो उन व्यक्तियों को भेजे जाते हैं जिनसे हमारा कोई व्यक्तिगत संबंध नहीं होता, जैसे कि, विद्यालय के प्रधानाचार्य या कोई सरकारी अधिकारी| ग्रीष्मावकाश साथ बिताने के लिए अपने मित्र को एक पत्र लिखें संभावित उत्तर:
औपचारिक पत्र लिखते समय ध्यान देने योग्य चार बातें लिखें
औपचारिक पत्र लिखते समय निम्नलिखित बातों का ध्यान रखना चाहिए-
क. दिनांक अवश्य डालना चाहिए|
ख. विषय लिखना चाहिए|
ग. भाषा को प्रभावी किन्तु संक्षिप्त रखना चाहिए|
घ. अंत में अपना पूरा परिचय अवश्य दें|
औपचारिक पत्र किसे कहते हैं?
किसी अधिकारी वर्ग से किसी विशेष छूट या अनुमति का आग्रह करते हुए, लिखा गया पत्र औपचारिक पत्र कहलाता है|
एक चित्र को देखने के बाद हमारे मन में बहुत तरह के भाव उत्पन्न होते हैं| इन भावों को शब्दों में व्यक्त करने को चित्र वर्णन कहते हैं| इसमें हमारी रचनात्मकता का विकास होता है| इससे हमारी भाषा की अभिव्यक्ति भी सुद्दृढ़ होती है|
चित्र वर्णन करते समय ध्यान देने योग्य चार बातें लिखिए।
क. चित्र में दिखाई गई सभी चीजों को ध्यानपूर्वक देखना चाहिए।
ख. चित्र वर्णन के वाक्य छोटे-छोटे होने चाहिए।
ग. चित्र को देखकर मन में आए भावों को क्रम से लिखना चाहिए।
घ. चित्र में देखे गए सभी चित्रों का वर्णन करना चाहिए। वृक्ष का हमारे जीवन में महत्त्व बताने वाली एक कहानी लिखिए विद्यार्थी स्वयं करेंगे| निम्नलिखित संकेतकों के माध्यम से एक लघु कथा लिखिए- क. अनेक चिड़ियाँ ख.जाल में फँसना ग.बहेलिया घ. जाल लेकर उड़ जाना विद्यार्थी स्वयं करेंगे| निम्नलिखित संकेतकों के माध्यम से एक लघु कथा लिखिए- क. बारासिंघा के सुन्दर सींग ख.घमंड ग.बदसूरत पैर घ.भेड़ियों का झुण्ड ङ.झाड़ियों में फँसना विद्यार्थी स्वयं करेंगे| निम्नलिखित संकेतकों के माध्यम से एक लघु कथा लिखिए- क. दो मित्र ख.मित्रता में धोखा ग.खेत का झगड़ा घ.पंचायत का फैसला ङ.पंच परमेश्वर विद्यार्थी स्वयं करेंगे|
सारांश
एक आलसी धोबी था| वह सोते समय किसी के उठाने पर उठता ही नहीं था|एक दिन जब वह सों रहा था तो उसके घर में चोर घुस गए| गधे ने उसको उठाने के लिए बहुत रेंगने की आवाज की तब भी वह नहीं उठा| जब वह धोबी के कुत्ते को मारने लगा तो धोबी की नीद खुल गई और उसने गधे को मार दिया|
सारांश
एक सेमल के पेड़ पर पक्षियों का घोंसला था| एक दिन बारिश के समय पक्षी अपने घोंसले में आकर बैठे थे| उसी पेड़ के नीचे बारिश से भीगे हुए बंदर ठंड के कारण कांप रहे थे| पक्षियों ने कहा कि तुम लोग हमारे जैसे घर क्यों नहीं बना लेते हो | यह सुनकर बंदरों को गुस्सा आ गया और उन्होंने पेड़ पर चढ़ कर उन पक्षियों का घोंसला भी तोड़ दिया|
निम्नलिखित कहानी का सारांश लिखिए-
एक बार की बात है एक नीम के पेड़ पर एक चिड़ियाँ का घोंसला था
सारांश
एक बार एक चिड़िया नीम के पेड़ पर बने अपने घोंसले को छोड़कर एक एक्ट में दाना लेने गई| उस खेत में बहुत-सारे गेहूँ देखकर वह खुश हो गयी और रात को भी अपने घोंसले में जाना भूल गई| कुछ समय के बाद जब वह घोंसले में गयी तो उसने देखा तो वहाँ पर एक खरगोश बैठा था| यह देखकर वह खरगोश पर बहुत क्रोधित हुई| दोनों में बहुत लड़ाई हो गई| दोनों एक धर्म पंडित बिल्ली के पास गये और बिल्ली को अपनी कहानी बताई| बिल्ली ने उनको एक धर्म पंडित बनकर पास बुलाया और एक साथ मार दिया|
निम्नलिखित कहानी का सारांश लिखिए-
एक डाल पर एक कौआ बैठा था और बैठकर रोटी खा रहा था
एक डाल पर कौआ बैठकर रोटी खा रहा था| एक लालची लोमड़ी ने उसको देकर कहा कि तुम्हारी आवाज बहुत सुन्दर है| यह सुनकर कौआ खुश हो गया और बिना सोचे-समझे काँव-काँव करने लगा| रोटी का टुकडा उसकी चोंच से नीचे गिर गया और वह दुखी हो गया| इसीलिए कहा जाता है कि बिना सोचे समझे कुछ नहीं करना चाहिए|
सारांश
एक कौआ प्यासा था| उसको दूर एक घड़े में थोड़ा पानी दिखा| उसने उस घड़े में कंकर डाले जिससे पानी घड़े के ऊपर आ गया और कौए ने प्यास बुझा कर खुश हो गया| आसमान में | ढोलक| शेरों की तरह| कविता में बादलों के गालों को कैसा बताया गया है? गुब्बारों जैसा| कल्पनाथ सिंह बादलों की गड़गड़ाहट के साथ क्या चमकती है? बादलों की गड़गड़ाहट के साथ बिजली चमकती है? कभी-कभी बादल जिद्दी बनकर क्या करते हैं? कभी-कभी बादल जिद्दी बनकर नदी-नालों में बाढ़ लाते हैं| कुछ बादल किसकी तरह पंख लगाए हैं? कुछ बादल परियों की तरह पंख लगाए हैं| कुछ बादल पानी कहाँ से बरसाते हैं? कुछ बादल अपने थैलों से झर-झर पानी बरसाते हैं बादलों के लंबे समय तक लगातार बरसने से क्या होता है? बादलों के लंबे समय तक लगातार बरसने से बाढ़ आ जाती है| कविता में कुछ बादल किसकी तरह तोंद फुलाए हुए हैं? कविता में कुछ बादल जोकर की तरह तोंद फुलाए हुए हैं| कविता में बादल के बालों को कैसा बताया गया है? कविता में बादल के झब्बर-झब्बर बालों के बारे में बताया गया है| इस कविता में बादलों का की बनावट के बारे में बताया गया है। बादलों के बाल झबरे और गाल गुब्बारे की तरह हैं। बादल आसमान में झूम-झूमकर दौड़ रहे हैं। कुछ बादल जोकर की तरह पेट फुलाए कुछ हाथी की तरह सूँड उठाए कुछ ऊँटों से कूबड़ वाले तो कुछ परियों की तरह पंख वाले हैं। आसमान में बादल शेरों की तरह एक-दूसरे से टकरा रहे हैं। कुछ बादल तो तूफ़ान के सामान लग रहें हैं तो कुछ शैतानी कर रहे हैं। कुछ बादल अपने थैलों से पानी बरसा रहे हैं। बादल किसी की सुनते नहीं हैं। कभी छत पर आ जाते हैं कभी गायब हो जाते हैं तो कभी ढोल बजाने लगते हैं। कभी-कभी तो बादल जिद्दी बनकर इतनी बारिश करते हैं कि नदी-नालों में बाढ़ ला देते हैं। फिर भी ये मन के भोले बादल बहुत अच्छे लगते हैं। कविता में बादल क्या-क्या क्रियाएँ करते हैं? कविता में बादल कभी मतवाले शेरों की तरह आपस में टकराते हैं तो कभी ढोल बजाने लगते हैं| कभी वे छत पर आ जाते हैं और कभी चुपके से उड़ जाते हैं| कुछ रह-रह कर शैतानी करते हैं| इस तरह की क्रियाएँ करते हुए बादल आसमान में दौड़ते रहते हैं| कविता में बादलों की क्या रूप-रेखा बताई गयी है? बादलों की विभिन्न आकृतियों के कारण कविता में बादलों को काले-काले झबरे बालों तथा गुब्बारे के जैसे गालों वाला बताया गया है| कुछ बादल जोकर की तरह तोंद वाले है तो कुछ बादलों की हाथी जैसी सूँड भी है| कुछ ऊँट की तरह कूबड़ वाले तो कुछ परियों की तरह सुंदर पंखो वाले हैं|
अपने पिता को पत्र लिखकर परीक्षा में उतीर्ण होने की सूचना दीजिये-
818- लक्ष्मी नगर
नई दिल्ली
5 मई 2013.
आदरणीय पिताजी,
सादर चरण स्पर्श,
मुझे आपको यह बताने में अपार हर्ष और गर्व का अनुभव हो रहा है कि मैंने कक्षा चतुर्थ की परीक्षा उत्तीर्ण कर ली है| मैने कक्षा में प्रथम स्थान प्राप्त किया है| घर में सभी बहुत खुश हैं| आप जल्दी वापस आ जाइये|पत्र का उत्तर शीघ्र दें|
आपका पुत्र,
राहुल संकेत: १. अपने प्रधानाचार्य व शिक्षकों के बारे में बताइए| २. विद्यालय से मौजूद सुविधाओं के बारे में बताइए| ३. विद्यालय में पढाई कैसे होती है बताइए| ‘मेहनत का फल मीठा होता है’ इस विषय पर एक अनुच्छेद लिखें संकेत: १. मेहनत सफलता की कुंजी है| २. मेहनत के लाभ बताएं| ३. मेहनती लोगों के उदाहरण दें| ४. मेहनत से मिला हुआ फल ही सार्थक होता है|
‘जब मेरी नई साइकिल आई’
आज जब मैं विद्यालय से घर आया, मेरी खुशी का ठिकाना ही नहीं रहा| मेरे दरवाजे पर एक चमचमाती लाल साइकल खडी थी| तभी मेरी माँ बाहर आयी और मुझे देखकर मुस्कुरा उठी| बोली यह लो बेटा तुम्हारी सफलता का उपहार| मैं तो झूम उठा| मैने चॉकलेट खरीदी और सबमें बांटा| अपने साइकिल की पूजा की और उसे लेकर अपने दोस्तों को दिखाने के लिए निकल पड़ा|
‘हमेशा दूसरों की मदद करनी चाहिए, क्योंकि..’ इस विषय पर एक अनुच्छेद लिखें-
हमेशा दूसरों की मदद करनी चाहिए क्योंकि .....
सहायता करना एक उत्कृष्ट मानवीय गुण होता है| मनुष्य सभी जीवों में सबसे बुद्धिमान और विवेकशील प्राणी है| अपने विवेक से यह अच्छे-बुरे की पहचान कर सकता है| परेशानी और अभाव में रहने वाले लोगों की सहायता करने से हम उनके दुःख को थोडा बाँट सकते हैं| किसी की पीड़ा को कम करना सबसे बड़ा धर्म है जो हमें भी सुख और संतोष का अनुभव कराता है|
प्रेम से किसी के भी कष्ट को दूर करने का प्रयास करना ईश्वर प्राप्ति का भी एक मार्ग होता है| दिए गए संकेतों के आधार पर ‘बहादुरी’ विषय पर एक अनुच्छेद लिखें- संकेत: १. बहादुरी की परिभाषा दें| २. बहादुरी के लाभ बताएं| ३. कुछ बहादुर बच्चों के नाम लिखें| ४. बच्चों को मिलने वाले वीरता पुरस्कार के बारे में बताएं| ‘वृक्ष लगाएं-पर्यावरण बचें’दिए गए संकेत शब्दों के आधार पर इस विषय पर एक अनुच्छेद लिखें- संकेत: १. पर्यावरण का स्वच्छ होना २. वृक्ष द्वारा कार्बन डाई आक्साइड का ग्रहण|
प्रदूषण
प्रदूषण आज विश्व के समक्ष उपस्थित विकत समस्याओं में से एक है| वायु प्रदूषण, जल प्रदूषण, मृदा प्रदूषण और ध्वनि प्रदूषण ने सम्पूर्ण मानवीय प्रजाति को आतंकित कर रखा है| वृक्षों की कटाई, जल में मिलने वाली गंदगी और कूड़े के फैलने से हमारा पूरा वातावरण विषैला हो गया है| प्रदूषण का यह दानव कितने ही बीमारियों और कमियों का कारण है| पर्यावरण की सुरक्षा की दृष्टि से बहुत से कदम उठाये जा रहे हैं| हमें भी इसके प्रति सचेत होना पड़ेगा| संकेत बिंदु जन्म दिन व स्थान माता पिता का नाम देशभक्ति की भावना देश के लिए शहीद होना ‘मेरे घर का बागीचा’ इस विषय पर एक अनुच्छेद लिखें- संकेत: १. फूलों के बारे में लिखें| २. आप रोज पौधों में पानी डालते हैं| ३. सुबह चिड़िया आती है| ४. वातावरण का सुगन्धित और स्वच्छ होना|
‘सत्य बोलकर मैंने पुरस्कार पाया’ इस विषय पर एक अनुच्छेद लिखें-
सत्य बोलकर मैंने पुरस्कार पाया
सत्य में बहुत शक्ति होती है| सत्य की इस शक्ति का आभास मुझे तब हुआ जब मैंने अपनी मित्रता को एक तरफ रख कर भी सत्य बोला| मैंने अपने एक मित्र को परीक्षा में नक़ल करते हुए देखा| वह एक कागज़ के टुकड़े पर लिखे जवाब जल्दी-जल्दी अपनी उत्तर पुस्तिका में उतार रहा था| पकड़े जाने पर उसने वह कागज़ दूसरे छात्र की ओर फ़ेंक दिया और उसे दोषी बना दिया| मुझसे यह देखा न गया और मैंने अध्यापक को सब कुछ सच-सच बता दिया| मैंने अपने मित्र को भी सत्य बोलने के लिए कहा और उसने अपनी गलती मानकर क्षमा-याचना की| उसे गलती मानते देख अध्यापक ने मेरे मित्र को क्षमा कर दिया और उसे पेपर पूरा करने दिया| मैं अपने मित्र के लिए हर्षित था और यही मेरे सत्य बोलने का पुरस्कार था|
‘हमारा देश’ विषय पर एक अनुच्छेद लिखें-
हमारा देश
सोने की चिड़िया कहा जाने वाला हमारा देश है भारत| भारत विभिन्न प्रकार की संस्कृतियों का घर है| यहाँ कई जाति और धर्म के लोग एकसाथ मिलकर प्रेमपूर्वक रहते हैं| कितनी ही भाषाएँ यहाँ बोली जाती हैं| हिन्दू, मुस्लिम,सिक्ख और इसाई सभी धर्म के लोग एक सूत्र में बंधे ‘भारत माता की जय’ का जयघोष करते हैं| होली, दीवाली, ईद जैसे कितने ही त्यौहार इस देश की चमक को और बढ़ाते हैं| अनगिनत वीरों और वीरांगनाओं के आत्मबलिदान से हमारा देश १९४९ में आज़ाद हुआ और फला-फूला| हमें गर्व है कि हम भारतीय हैं और हमने वीरों की इस कर्मभूमि पर जन्म लिया है| नीचे दिए चित्र में आये किसी एक वस्तु पर एक अनुच्छेद लिखें- पर्वत प्रकृति का एक खूबसूरत वरदान है :पर्वत| भारत के उत्तरीय भाग पर्वतीय है और जाने कितने ही वन्य प्राणियों का आश्रय स्थल है| पर्वत जहाँ एक और हमारी सुरक्षा करते हैं वहीँ बारिश करवाने में भी सहायक होते हैं| पर्वत कितने ही औषधीय पौधों का घर होते हैं| पर्वतों पर बसे नगर, गर्मियों में पर्यटकों का आकर्षण केंद्र होते हैं| पर्वत कितने ही झरनों, नदियों और जल स्रोतों का घर होते हैं| पर्वत हमारे जीवन का एक महत्वपूर्ण हिस्सा हैं |
मेरे प्रिय शिक्षक
मेरे प्रिय शिक्षक का नाम श्री रामचरण शुक्ल है|जो हमें चित्र बनाना सिखाते हैं|उन्होंने सबसे पहले हमें चित्र के भिन्न रंगों से हमारा परिचय कराया|वे मेरे प्रिय शिक्षक हैं क्योंकि बहुत आसान तरीकों से वे हमें चित्र बनाना सिखाते हैं और सभी छात्रों की क्षमताओं को विकसित करने में ध्यान देते हैं| अच्छे चित्र बनाने पर वे हमें पुरस्कार भी देते हैं| शुक्ल सर हमें हमेशा बेहतर करने को प्रेरित करते हैं और गलती करने पर डांटने के बजाये प्यार से सबकुछ समझाते व सिखाते हैं| अपने विद्यालय के प्रधानाचार्य को खेल प्रतियोगिता आयोजित करवाने का अनुरोध करते हुए पत्र लिखिए विद्यार्थी स्वयं करेंगे| अपने कॉलोनी की पानी की टंकी की मरम्मत करने का अनुरोध करते हुए नगर निगम के अधिकारी को पत्र लिखिए संकेत: सेवा में, दिल्ली नगर निगम अधिकारी, पटेल नगर विषय: पटेल नगर में पानी की टंकी की मरम्मत करने का अनुरोध| महोदय, सविनय निवेदन सहित मैं श्रीमान् का ध्यान पटेल नगर की पानी की टंकी की ओर आकर्षित करना चाहता हूँ| टंकी की बुरी अवस्था की वजह से घरों में पानी की कमी रहती है| हाल ही मैं गर्मियाँ अधिक हो गई हैं| पिछले एक महीने से हमारे क्षेत्र में प्रतिदिन नियमित रूप से जल की नहीं की जा रही है| प्रायः एक दिन के अंतर से जल की आपूर्ति की जा रही है| अतः आपसे नम्र निवेदन है कि मेरे मोहल्ले की इस समस्या के निकारण हेतु यथासंभव कदम उठाये जायें ताकि क्षेत्र के लोगों को आवश्यक जलपूर्ति की जा सके| धन्यवाद| करण ठाकुर पटेल नगर, दिल्ली| अपने विद्यालय में वनमहोत्सव मनाए जाने के लिए अनुरोध करते हुए प्रधानाचार्य को पत्र लिखें विद्यार्थी स्वयं करेंगे| अपने विद्यालय के प्रांगण की सफाई के लिए अनुरोध करते हुए प्रधानाचार्य को पत्र लिखें विद्यार्थी स्वयं करेंगे| आपके पुस्तकालय में आपकी कक्षा की हिन्दी की पुस्तकें नहीं है, पुस्तकों को मंगवाने का आवेदन करते हुए पुस्तकालय प्रभारी को पत्र लिखें विद्यार्थी स्वयं करेंगे| कविता की निम्नलिखित पंक्तियों को पूरा कीजिए- कुछ __________कूबड़ वाले कुछ_______लगाए कुछ ऊँटों-से कूबड़ वाले कुछ परियों से पंख लगाए| आपस में टकराते रह-रह शेरों से मतवाले बादल| बीरबल की| मंत्री बीरबल को| ख्वाजा सरा साहब ने| तीन | बीरबल से | ख्वाजा साहब का तीसरा सवाल क्या था? ख्वाजा साहब का तीसरा सवाल था, “संसार की आबादी कितनी है?” दूसरे सवाल का बीरबल ने क्या जवाब दिया? बीरबल ने एक भेड़ मँगवाकर कहा कि इस भेड़ के शरीर पर जितने बाल हैं, उतने ही आसमान में तारें हैं| ख्वाजा साहब का दूसरा प्रश्न क्या था? ख्वाजा साहब का दूसरा प्रश्न था- “आकाश में कितने तारे हैं?” बीरबल ने पहले प्रश्न का क्या जवाब दिया? बीरबल ने तुरंत ज़मीन पर अपनी छड़ी गाड़कर उत्तर दिया कि यही स्थान चारों ओर से दुनिया के बीचों-बीच पड़ता है| यदि ख्वाजा साहब को विश्वाश न हो तो वे फ़ीते से नापकर दिखा दें कि मेरी बात गलत है| ख्वाजा सारा का पहला प्रश्न क्या था? ख्वाजा सरा का पहला प्रश्न था- संसार का केन्द्र कहाँ है? ख्वाजा सरा बीरबल से क्यों जलता था? अकबर बीरबल को बहुत पसंद करते थे| वह बीरबल की हर बात मानते थे| बीरबल बहुत बुद्धिमान था |वह राजा के हर सवाल का जवाब चुटकियों में दे देता था| दरबार में बीरबल की तूती बोलती थी| इस कारण ख्वाजा सरा बीरबल से जलता था| ख्वाजा सरा ने अकबर से क्या कहा था? ख्वाजा सरा ने अकबर से कहा कि बीरबल बड़ा बुद्धिमान बनता है| आप भी उसकी लंबी-चौड़ी बातों के धोखे में आ जाते हैं| मैं चाहता हूँ कि आप मेरे तीन सवालों के जवाब पूछकर उसके दिमाग की गहराई नाप लें | उस नकली अक्ल-बहादुर की कलई खुल जाएगी| तीसरे सवाल के जवाब में बीरबल ने क्या कहा? तीसरे सवाल के जवाब में बीरबल ने कहा कि जहाँपनाह! संसार की आबादी पल-पल घटती-बढ़ती रहती है क्योंकि हर पल लोगों का मरना-जीना लगा रहता है| इसलिए यदि सभी लोगों को एक जगह इकट्ठा किया जाए तभी उनको गिनकर ठीक-ठीक संख्या बताई जा सकती है| गेंद पर कौन सा रंग का निशान बना हुआ था? गेंद पर लाल रंग का निशान बना हुआ था| पौधा| सरकंडे या तीलियों से बना हुआ पर्दा| “गाँधी जी बड़े अक्लमंद हैं, हैं न?” यह वाक्य किसने किससे कहा था? धनी ने बिंदा चाचा से कहा था| नीना बिल्ली बनी थी| रोटी बनाने का काम| दही का मट्ठा चलाने का काम| चुन्नू और टिंकू को कौन-सा काम मिला था? बाज़ार से सब्ज़ी लाने का काम| मुन्नी ने नीना से कौन-सा खेल खेलने को कहा? मुन्नी ने नीना से रोटी का खेल खेलने को कहा| सबके सो जाने के बाद किसका प्रवेश होता है? सबके सोने के बाद बिल्ली (नीना) का प्रवेश हुआ था| तरला तथा अन्य लड़कियाँ कमर पर हाथ क्यों रखी हुई थी? तरला और अन्य लड़कियाँ कमर पर हाथ रखे हुई क्योंकि वह डालिया पकड़ने का अभिनय कर रही थी| इस नाटक में कुल छः पात्र हैं| मुन्नी, नीना, चुन्नू, टिंकू, सरला तथा तरला| चुन्नू और टिंकू ने क्या बनाया था? चुन्नू और टिंकू ने दाल बनाई थी| मुन्नी अपने घर से क्या-क्या चीज़े लेकर आई थी? मुन्नी अपने घर से आटा, घी, दाल, दही, साग, चीनी और मक्खन लेकर आई थी| नीना ताली बजा कर कहती है| “अरे चुन्नू, सुनो, अब इस खेल को खेलते हुए हमें बहुत समय हो गया है| चलो, अब रोटी का खेल खेलते हैं| खूब मज़ा आएगा|” चून्नू और टिंकू आग जलाते हुए फूँकते हैं| धुएँ से दोनों का बुरा हाल हो जाता है| फिर दाल और बड़ी पकाते हैं| कलछी से दाल चलाकर चखते हैं तभी उसका हाथ जल जाता है| अंतिम दृश्य में सब बिल्ली को ढूँढ़ रहे हैं| बिल्ली के दिखते ही सब बिल्ली को पकड़ने के लिए उसके पीछे भागते हैं|बिल्ली उनको चिढ़ाती है| बिल्ली कहती है कि मैं बार-बार आऊँगी और खाना खा जाऊँगी| ऐसा कह कर बिल्ली भाग जाती है | सब बच्चे के पीछे भागते हैं| पर्दा गिरता है| उत्साह – जोश अभिनय – नाटक तरकारी – सब्ज़ी तेली से पढ़क्कू ने क्या पूछा? पढ़क्कू ने तेली से पूछा कि बिना देखे तुमको यह कैसे पता चलता है कि बैल काम कर रहा है या खड़ा है| घंटी| बैल क्या नहीं पढ़ पाया है? तर्कशास्त्र शर्मिंदा होनाSOLUTION
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