CBSE - MCQ Question Banks (के. मा. शि. बो . -प्रश्नमाला )

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Q. 159201 वह सेल जिसमें रासायनिक अभिक्रिया से मुक्त ऊर्जा सीधे विद्युत में परिवर्तित होती है:


A. लैकलांशे सेल

B. सांद्रता सेल

C. ईंधन सेल

D. लेड संचायक बैटरी

Right Answer is: B

SOLUTION

सांद्रता सेल में भिन्न सांद्रता वाले एक ही पदार्थ के दो अर्ध सेल होते हैं। इनमें रासायनिक ऊर्जा सीधे विद्युत ऊर्जा में परिवर्तित होती है।


Q. 159202 वैद्युत संरक्षण विधि में लोहे का संरक्षण किया जा सकता है


A. टिन द्वारा

B. जिंक द्वारा

C. निकेल द्वारा

D. कॉपर द्वारा

Right Answer is: B

SOLUTION

वैद्युत संरक्षण विधि में लोहे की वस्तुएँ लोहे से अधिक सक्रिय धातुओं द्वारा संरक्षित होती हैं, उदाहरणार्थ- जिंक, मैग्नीशियम।


Q. 159203 ज़ंग है हाइड्रेटेड


A. आयरन कार्बोनेट

B. फ़ैरस ऑक्साइड

C. फ़ेरिक ऑक्साइड

D. आयरन परॉक्साइड

Right Answer is: B

SOLUTION

ज़ंग हाइड्रेटेड फ़ेरिक ऑक्साइड है। इसका रासायनिक सूत्र Fe2O3.xH2O होता है।


Q. 159204 पुनःआवेशित किए जा सकने वाले सेल बनाने के लिए सामान्यतः उपयोग किया जाने वाला धातु-युग्म है:


A. Zn-Cu

B. Zn-Ni

C. Cu-Cd

D. Ni-Cd

Right Answer is: D

SOLUTION

Ni-Cd संचायक सेल पुनः आवेशित किए जाने वाले सेल का उदाहरण है।


Q. 159205 ईंधन सेल में हाइड्रोजन के उपयोग का एक नुकसान है


A. यह कम प्रदूषणकारी है।

B. इसके दहन से केवल जल बनता है।

C. यह एक नवीकरणीय स्रोत है।

D. इसका संचयन आसान नहीं है।

Right Answer is: D

SOLUTION

ईंधन सेलों में हाइड्रोजन के उपयोग से उच्च दक्षता, कम प्रदूषणकारी होना, नवीकरणीय होना जैसे अनेक लाभ हैं लेकिन हाइड्रोजन का संचयन करने में आने वाली कठिनाइयों के कारण इसका व्यवहारिक रूप में अभी तक उपयोग नहीं किया जा रहा है।


Q. 159206 वह कारक जो लोहे में जंग लगने की प्रक्रिया को धीमा कर देता है:


A. अशुद्धियों की उपस्थिति

B. वायु एवं नमी की उपस्थिति

C. जिंक आवरण की उपस्थिति

D. वैद्युत अपघट्य की उपस्थिति

Right Answer is: C

SOLUTION

जब जिंक जैसी अधिक अभिक्रियाशील धातुओं से लोहे की सतह को लेपित किया जाता है, तो संक्षारण की दर धीमी हो जाती है। दूसरी ओर अशुद्धता, वैद्युतअपघट्य और नमी की उपस्थिति के कारण संक्षारण की दर बढ़ जाती है।


Q. 159207 वाहनों के लिए सामान्य ईंघन के रूप में हाइड्रोजन का उपयोग नहीं किया जाता है, क्योंकि


A. यह सबसे हल्की गैस है।

B. इसका प्रज्वलन ताप अधिक होता है।

C. इसमें प्रज्वलन ताप कम होता है।

D. इसमें प्रबलतम बंध होते हैं।

Right Answer is: C

SOLUTION

कम प्रज्वलन तापमान के कारण यह अत्यधिक ज्वलनशील होती है इसलिए इसका उपयोग सामान्य ईंधन के रूप में नहीं किया जाता है।


Q. 159208 जंग लगने का प्रक्रम अधिकतम होता है


A. आसुत जल में

B. मृदु जल में

C. कठोर जल में

D. लवणीय जल में

Right Answer is: D

SOLUTION

लवणीय जल में प्रबल वैद्युत अपघट्य जैसे- NaCl, KCl के विलयन होते हैं। जो जंग लगने की प्रक्रिया को तीव्र कर देते हैं।


Q. 159209 सेल के दो इलेक्ट्रोडों के बीच विभव अंतर emf होता है, जब


A. परिपथ में किसी धारा का प्रवाह नहीं होता है।

B. वैद्युत रासायनिक सेल में लवण सेतु का उपयोग किया जाता है।

C. वैद्युत रासायनिक सेल का द्रव सेल संयोजन विभव शून्य होता है।

D. परिपथ में न्यूनतम धारा प्रवाह होती है।

Right Answer is: A

SOLUTION

सेल का emf उसके सिरो पर अधिकतम विभव होता है।


Q. 159210 मोलर चालकता तथा विशिष्ट चालकता के बीच संबंध लिखिए।
Right Answer is:

SOLUTION


Q. 159211 सेल के मुक्त ऊर्जा परिवर्तन तथा EMF के बीच संबंध दीजिए।
Right Answer is:

SOLUTION


Q. 159212 जब 0.3 एम्पियर की धारा को कॉपर सल्फेट के जलीय विलयन में दो घंटे के लिए गुजारा जाता है, तो निक्षेपित कॉपर के द्रव्यमान की गणना कीजिए।
Right Answer is:

SOLUTION


Q. 159213 Zn – Cu सेल का emf 298 K पर 1.1 V है। अभिक्रिया के साम्य स्थिरांक की गणना कीजिए।
Right Answer is:

SOLUTION


Q. 159214 सन्धि डायोड में विसरण धारा तथा अपवाह धारा की दिशा क्या है?
Right Answer is:

SOLUTION

विसरण धारा की दिशा बहुसंख्यक आवेश वाहकों के कारण P सतह से N सतह की ओर होती है तथा अपवाह धारा की दिशा संधि डायोड में अल्पसंख्यक आवेश वाहकों के कारण N सतह से P सतह की ओर होती है।


Q. 159215 लॉ

लॉजिक गेट क्या होता है मूल लॉजिक गेटों के नाम बताइए<div class= Right Answer is:

SOLUTION

लॉजिक गेट ऐसा अंकीय परिपथ होता है जो निवेशी तथा निर्गत वोल्टताओं के बीच किसी निश्चित तार्किक सम्बन्ध का पालन करता है| एक लॉजिक गेट में एक या एक से अधिक निवेश होते हैं परन्तु इसका केवल एक ही निर्गत होता है|

मूल लॉजिक गेटों के नाम हैं: OR गेट, AND गेट तथा NOT गेट|


Q. 159216 नैज अर्धचालक क्या है? दो सिद्धान्तों का नाम बताइए जिसके द्वारा इन्हें समझा जा सकता है।
Right Answer is:

SOLUTION

नैज अर्धचालक शुद्ध अर्धचालक होते हैं जो हर प्रकार की अशुद्धि से मुक्त होते हैं। उदाहरण : जर्मेनियम तथा सिलिकन।

शुद्ध अर्धचालक की चालकता, संयोजी बैण्ड से चालन बैण्ड की ओर तापीय रूप से उत्सर्जित इलेक्ट्रॉनों की संख्या के रूप में व्यक्त की जाती है।

दो सिद्धान्त जिसके द्वारा नैज अर्धचालक को समझा जा सकता है : संयोजी बन्ध सिद्धान्त तथा ऊर्जा बन्ध सिद्धान्त।


Q. 159217 सिलिकॉन तथा जर्मेनियम का इलेक्ट्रॉनिक विन्यास दीजिए।
Right Answer is:

SOLUTION

सिलिकॉन तथा जर्मेनियम का इलेक्ट्रॉनिक विन्यास है :

सिलिकॉन परमाणु : 1s2 2s2 2p6 3s2 3p2

 जर्मेनियम परमाणु : 1s2 2s2 2p6 3s2 3p6 3d10 4s2 4p2


Q. 159218 किसी अर्धचालक की चालकता तापमान में परिवर्तन के साथ कैसे परिवर्तित होती है?
Right Answer is:

SOLUTION

जैसे - जैसे तापमान बढ़ता है, अर्धचालक की चालकता में वृद्धि होती है। यह इसलिए होता है क्योंकि ऊष्मा देने पर, कुछ सहसंयोजी बन्ध टूट जाते है तथा इलेक्ट्रॉन - हॉल युग्म उत्पन्न होने लगते हैं। चूँकि, इलेक्ट्रॉनों तथा होलों, दोनों की संख्या में वृद्धि होती है, इसलिए, इलेक्ट्रॉन धारा में वृद्धि के साथ - साथ होल धारा में समान वृद्धि होती है।


Q. 159219 अर्द्ध तरंग दिष्टकारी किसे कहते है? अर्द्ध तरंग दिष्टकारी का सिद्धान्त दीजिए।
Right Answer is:

SOLUTION

वह दिष्टकारी जो ac निवेश के केवल आधे चक्र का दिष्टकरण करता है, अर्द्ध तरंग दिष्टकारी कहलाता है।

अर्द्ध तरंग दिष्टकारी का सिद्धान्त :

जब ac निवेश संधि डायोड के सापेक्ष आरोपित की जाती है, तो यह एक अर्द्ध चक्र के दौरान अग्र बायसित तथा दूसरे विपरीत अर्द्ध चक्र के दौरान पश्च बायसित हो जाता है।

इसका तात्पर्य है कि निर्गम, a.c. निवेश के एकान्तर अर्द्ध चक्र के दौरान प्राप्त किया जायेगा।


Q. 159220 अनियंत्रित DC विधुत आपूर्ति के निर्गम को नियंत्रित करने के लिए उपयोग की जाने वाली युक्ति के बारे में जब्नकारी दें।
Right Answer is:

SOLUTION

ज़ेनर डायोड, वह युक्ति है जो अनियंत्रित DC विधुत आपूर्ति के निर्गम को नियंत्रित करने के लिए उपयोग की जाती है।

इसे भंजन क्षेत्र में पश्चदिशिक वोल्टता में प्रचालित करने के लिए डिज़ाइन किया गया है तथा इसका उपयोग वोल्टता नियंत्रक के रूप में किया जाता है|


Q. 159221 (i) दो प्रकार के अपद्रवी अर्धचालकों के नाम बताइए। दोनों में से किसकी गतिशीलता उच्च होती है? (ii) इलेक्ट्रॉन तथा होल के बीच दो अन्तर दीजिए।
Right Answer is:

SOLUTION

(i) दो प्रकार के अपद्रवी अर्धचालक है : P प्रकार का अर्धचालक तथा N प्रकार का अर्धचालक। N प्रकार के अर्धचालक की गतिशीलता P प्रकार के अर्धचालक की तुलना में अधिक होती है। यह इसलिए होता है क्योंकि, इलेक्ट्रॉनों की गतिशीलता होलों की गतिशीलता की तुलना में बहुत अधिक होती है। और इस प्रकार, N - प्रकार के अर्धचालक में, इलेक्ट्रॉन बहुसंख्यक आवेश वाहक तथा होल अल्पसंख्यक आवेश वाहक होते हैं। इसी प्रकार, P प्रकार के अर्धचालक में, होल बहुसंख्यक आवेश वाहक तथा इलेक्ट्रॉन अल्पसंख्यक आवेश वाहक होते हैं। इस प्रकार, N - प्रकार के अर्धचालक की गतिशीलता अधिक होती है।

(ii) इलेक्ट्रॉन तथा होल के बीच दो अन्तर हैं :

इलेक्ट्रॉन

होल

यह ऋणावेशित कण है।

 यह एक काल्पनिक कण है जो धनावेशित होता है। जब किसी अर्धचालक में इलेक्ट्रॉन सहसंयोजक बंध से टूटता है तो यह उत्पन्न होता है।

इसके आवेश का परिमाण = 1.6 x 10-19 C तथा इलेक्ट्रॉन की गतिशीलता होल की तुलना में अधिक होती है।

इसके आवेश का परिमाण इलेक्ट्रॉन की तुलना में समान होता है तथा होल की गतिशीलता इलेक्ट्रॉन की तुलना में कम होती है।


Q. 159222 (i) एक गेट का नाम बताइए जिसका उपयोग NOR गेट बनाने के लिए किया जा सकता है। (ii) NOR गेट का वर्णन करें और प्रतीक बनाएँ
Right Answer is:

SOLUTION

(i) OR गेट के पश्चात एक NOT संक्रिया अनुप्रयुक्त करने से NOR गेट प्राप्त होता है| इसके दो या अधिक निवेश तथा एक निर्गत होता है| इसके जब दोनों निवेश A तथा B शून्य होते हैं तो निर्गत Y 1 होता है|

 

(ii) NOR गेट के लिए सत्यमान सारणी:

निवेश 1

निवेश 2

निर्गत

0

0

1

0

1

0

1

0

0

1

1

0



 


Q. 159223 सौर सेल क्या है ? सौर सेल की बनावट को समझाइए।
Right Answer is:

SOLUTION

सौर सेल एक p-n संधि युक्ति है जो सौर ऊर्जा को विद्युत ऊर्जा में परिवर्तित करती है। यह फोटोडायोड के समान सिद्धान्त पर कार्य करता है।

सौर सेल की बनावट :

 

इसमें एक P Si पटलिका होती  है जिसके फलक पर N-Si की एक पतली परत विसरण प्रक्रिया द्वारा वर्धित की जाती है| P Si के दूसरे फलक पर कोई धातु का लेपन किया जाता है| N-Si की सतह के शीर्ष पर धातु फ़िंगर इलेक्ट्रोड निक्षेपित करतें है| यह अग्र संपर्क की भांति कार्य करता है| घात्विक ग्रिड सेल के क्षेत्रफल का बहुत थोड़ा भाग घेरती है ताकि सेल पर प्रकाश शीर्ष से आपतित हो सके|

धातु का उपरी इलेक्ट्रोड एनोड के रूप में कार्य करता है और नीचे वाला एक कैथोड के रूप में कार्य करता है। इस प्रकार उत्पादित emf को फोटो वोल्टता के रूप में जाना जाता है।


Q. 159224 दी गई आकृति विभिन्न गेटों के संयोजन को दर्शाती है।
(i) दिए गए विभिन्न प्रकार के गेटों की पहचान करें। (ii) गेटों के इस संयोजन के लिए सत्यमान सारणी को पूरा करें।
निवेश 1 निवेश 2 A B निर्गत
0 0
0 1
1 0
1 1
Right Answer is:

SOLUTION

(i) इस्तेमाल किए गए तीन प्रकार के गेट हैं: NOR गेट, AND गेट और OR गेट।

(ii )गेटों के इस संयोजन के लिए सत्यमान सारणी:

निवेश 1

निवेश 2

A

B

निर्गत

0

0

1

0

1

0

1

0

0

0

1

0

0

0

0

1

1

0

1

1


Q. 159225 निम्नलिखित में से एक आण्विक ठोस को चुनें।


A. सोडियम क्लोराइड

B. आयरन

C. बर्फ

D. ग्रेफाईट

Right Answer is: C

SOLUTION

आण्विक ठोसों के अवयवी कण ध्रुवी या अध्रुवीय हो सकते हैं। बर्फ में जल (H2O) के अणु होते हैं।  


Q. 159226 किसी पदार्थ में कमरे के तापमान पर 10-20 से 10-10 ohm-1 cm-1 के बीच चालकता होती है। यह --------का एक उदाहरण है।


A. चालक

B. अर्धचालक

C. अतिचालक

D. विद्युतरोधी

Right Answer is: D

SOLUTION

विद्युतरोधी में नगण्य चालकता होती है। सामान्यतया चालकों की चालकता 104 से 107 ohm-1cm-1 के मध्य होती है और अर्धचालकों की चालकता 10-6 ohm-1cm-1 से 104 ohm-1cm-1 के मध्य होती है जबकि विद्युतरोधी की चालकता बहुत कम 10-20 से 10-10 ohm-1cm-1 के परास के मध्य होती है।


Q. 159227 Na और Mg क्रमशः bcc और fcc प्रकार के क्रिस्टलों में क्रिस्टलीकृत हो जाते हैं, तो इनकी एकक कोष्ठिकाओं में उपस्थित Na और Mg परमाणुओं की संख्या होगी:


A. 4 और 2

B. 9 और 14

C. 14 और 9

D. 2 और 4

Right Answer is: D

SOLUTION


Q. 159228 जब SrCl2 की अल्प मात्रा वाले सोडियम क्लोराइड को क्रिस्टलीकृत किया जाता है, तो यह उत्पन्न ------------करता है।


A. चुंबकीय पदार्थ

B. धनायन रिक्तिकाएँ

C. ऋणायन रिक्तिकाएँ

D. धातु आधिक्य दोष

Right Answer is: B

SOLUTION

जब SrCl2 की अल्प मात्रा वाले सोडियम क्लोराइड को क्रिस्टलीकृत किया जाता है, तो यह धनायन रिक्तिकाओं को उत्पन्न करता है क्योंकि प्रत्येक Sr2+ दो Na+ आयनों को प्रतिस्थापित करता है,


Q. 159229 एक धात्विक क्रिस्टल AB AB AB...... परतों के क्रम वाले जालक में क्रिस्टलीकृत होता है। इस जालक का कितना प्रतिशत भाग रिक्त होगा:


A. 74

B. 50

C. 26

D. 25

Right Answer is: C

SOLUTION

संकुलन के ABABAB... प्रकार में षटकोणीय निविड संकुलन जिसमें 74% स्थान भरा होता है और 26% स्थान खाली होता है।


Q. 159230 एक यौगिक में तत्व B के परमाणुओं से hcp जालक बनता है, जिसमें तत्व A के परमाणु चतुष्फलकीय रिक्तियों के दो तिहाई भाग को भरते हैं। A और B तत्वों द्वारा बनने वाले यौगिक का सूत्र होगा:


A. A3B4

B. A4B3

C. A2B3

D. A3B2

Right Answer is: B

SOLUTION

जालक में बनने वाली चतुष्फलकीय रिक्तियों की संख्या तत्व B के परमाणुओं के संख्या के दोगुने के बराबर होगी।
केवल 2/3 रिक्तियाँ ही A के परमाणुओं से अध्यासित हैं।
इस प्रकार, A तथा B के परमाणुओं की संख्या का अनुपात होगा:
2 x (2/3) : 1 = 4:3
अतः यौगिक का सूत्र A4B3 होगा।


Q. 159231 ठोस CO2 -------- का एक उदाहरण है।


A. आयनिक ठोस

B. सह्संयोजी ठोस

C. धात्विक ठोस

D. आण्विक ठोस

Right Answer is: D

SOLUTION

आण्विक ठोस अणुओं से बने होते हैं और ये अणु ध्रुवीय या अध्रुवीय हो सकते हैं। ये अणु आण्विक ठोस में त्रिविमीय जालक में व्यवस्थित होते हैं तथा दुर्बल वान्डर वाल्स बलों द्वारा आपस में बँधे होते हैं।


Q. 159232 यूरिया का गलनांक निश्चित होता है, क्योंकि


A. यह एक अक्रिस्टलीय ठोस है।

B. यह समदैशिक होता है।

C. यह एक क्रिस्टलीय ठोस है।

D. यह आभासी ठोस है।

Right Answer is: C

SOLUTION

यूरिया एक क्रिस्टलीय ठोस होता है और इसका गलनांक निश्चित होता है जबकि अक्रिस्टलीय ठोस ताप के एक निश्चित परास पर नरम होकर पिघलते हैं। ।


Q. 159233 वह ब्रोमाइड चुनें जिसमें फ्रेंकेल दोष होता है ।


A. NaBr

B. MgBr2

C. AgBr

D. AlBr3

Right Answer is: C

SOLUTION

सिल्वर और ब्रोमाइड आयनों के आकार में बड़े अंतर के कारण AgBr में फ्रैंकेल दोष होता है ।


Q. 159234 STP पर 1F विद्युत् धारा प्रवाहित करने पर कितने ग्राम ऑक्सीजन का उत्पादन होगा?
Right Answer is:

SOLUTION


Q. 159235 कोलराउश के नियम को परिभाषित कीजिए। AxBy की सीमान्त मोलर चालकता की गणना कीजिए।
Right Answer is:

SOLUTION


Q. 159236 निम्न की परिभाषा लिखें। (i) संक्षारण (ii) गैल्वेनीकरण
Right Answer is:

SOLUTION

(i) संक्षारण, धातु और ऑक्सीजन की सतह पर वायुमंडलीय गैसों द्वारा धातु के ऑक्साइडों, सल्फाइडों, कार्बोनेटों और सल्फेटों में परिवर्तन की प्रक्रिया है।

(ii) गैल्वेनीकरण आयरन पर जिंक के लेपन की प्रक्रिया है यह लोहे को जंग से बचाती है।


Q. 159237 (i) विद्युत् रासायनिक सेल में लवण सेतु का उपयोग क्यों किया जाता है?
(ii) सन्दर्भ इलेक्ट्रोड के उपयोग किए जाने वाले इलेक्ट्रोड का नाम बताइये। इसका आरेख चित्र बनाइये एवं क्रियाविधि भी लिखिए।
(ii) विद्युत् रासायनिक श्रेणी निम्नलिखित में कैसे सहायक है:
(क) तत्वों के सापेक्ष ऑक्सीकरण या अपचायक गुणों की तुलना करने में।
(ख) अम्ल के साथ धातु की अभिक्रियाशीलता का अनुमान लगाने में।
Right Answer is:

SOLUTION

(i) विद्युत् रासायनिक सेल में, लवण सेतु का उपयोग दो अर्ध सेलों में विलयनों की विद्युत् उदासीनता बनाए रखने के लिए किया जाता है यह आयनों को दो विलयनों को मिश्रित किए बिना एक विलयन से दूसरे विलयन तक जाने देकर विद्युत् परिपथ को पूर्ण करता है

(ii) एक इलेक्ट्रोड के इलेक्ट्रोड विभव के निरपेक्ष मान को मापा नहीं जा सकता है क्योंकि अर्ध सेल का ऑक्सीकरण एवं अपचयन अकेले नहीं हो सकता हैइस कठिनाई को दूर करने के लिए, हम एक संदर्भ इलेक्ट्रोड का उपयोग करते हैं जिसका इलेक्ट्रोड विभव निश्चित मान लिया जाता है।

उदाहरण: मानक हाइड्रोजन इलेक्ट्रोड अथवा सामान्य हाइड्रोजन इलेक्ट्रॉन (SHE या NHE)- इसका इलेक्ट्रोड विभव 0 K पर 0.00 वोल्ट के रूप में लिया जाता है

किसी भी इलेक्ट्रोड के इलेक्ट्रोड विभव को निर्धारित करने के लिए इसे एक सेल के एक इलेक्ट्रोड में SHE के साथ लगाया जाता है। चूँकि SHE इलेक्ट्रोड का EMF 0.00 V माना जाता है अतः सेल का EMF उस इलेक्ट्रोड के इलेक्ट्रोड विभव का का मान बताएगा

(iii) इलेक्ट्रोड विभव के बढ़ते हुए मानों के क्रम में विभिन्न तत्वों की व्यवस्था को विद्युत रसायन श्रेणी के रूप में जाना जाता है

(a) इलेक्ट्रोड विभव का धनात्मक संकेत अपचयन विभव को निरुपित करता है। यह संकेत करता है कि अपचयन विभव का अधिक मान जितना अधिक होता है, पदार्थ उतनी सरलता से अपचयित होता है। इसे प्रबल ऑक्सीकारक कहा जाता है।

अतः, वैद्युत रासायनिक श्रेणियों के अनुसार, F2 का अपचयन विभव अधिकतम (प्रबलतम ऑक्सीकारक) होता है और Li+ आयन का अपचयन विभव न्यूनतम होता है, इसलिए यह श्रेणी में दुर्बलतम ऑक्सीकारक है

(b) अधिक ऑक्सीकरण विभव वाली धातु कम ऑक्सीकरण विभव वाली धातुओं को उनके लवण विलयन से प्रतिस्थापित कर सकती हैं।

उदाहरणार्थ: इन धातुओं के ऑक्सीकरण विभव को घटते क्रम में निम्नप्रकार लिखा जा सकता है:

Mg > Zn > Fe > Cu > Ag

अतः, प्रत्येक धातु लवण विलयनों से धातुओं को उनके दाहिनी ओर की धातु द्वारा प्रतिस्थापित किया जा सकता है


Q. 159238 (i) फैराडे के वैद्युत अपघटन के प्रथम एवं द्वितीय नियम का वर्णन कीजिए। (ii) यदि विलयन का प्रतिरोध 20 ओम है, तो उस विलयन का चालकत्व कितना होगा? (iii) किसी दुर्बल वैद्युतअपघट्य के लिए अनंत तनुता पर चालकता में वृद्धि अधिक होती है, क्यों? (iv) आप दुर्बल वैद्युतअपघट्य वियोजन स्थिरांक की गणना कैसे करेंगे?
Right Answer is:

SOLUTION

(i) फैराडे का वैद्युत अपघटन का प्रथम नियम:
किसी इलेक्ट्रोड पर निक्षेपित या मुक्त किसी पदार्थ का द्रव्यमान वैद्युत अपघट्य से होकर गुजरने वाली विद्युत् की मात्रा
के अनुक्रमानुपाती होता है
फैराडे के वैद्युत अपघटन का द्वितीय नियम:
जब श्रेणी में जुड़े विभिन्न वैद्युत-अपघट्यों से विद्युत की समान मात्रा प्रवाहित की जाती है, तो इलैक्ट्रोडों पर निक्षेपित पदार्थों के भार उनके तुल्यांकि भारों के अनुक्रमानुपाती होते हैं

(ii) चालकता प्रतिरोध का व्युत्क्रम है, इसलिए विलयन की चालकता = 1/20 = 0.05 ओम-1 होगी।

(iii) दुर्बल वैद्युतअपघट्य के लिए अनंत तनुता पर चालकता में अत्यधिक वृद्धि होती है क्योंकि दुर्बल वैद्युतअपघट्य की सांद्रता इसके आयनीकरण से अत्यधिक कम हो जाती है

(iv) दुर्बल वैद्युतअपघट्य के वियोजन स्थिरांक की गणना Kc = Ca2/1-a सूत्र से की जा सकती है, जहाँ a दुर्बल वैद्युतअपघट्य के वियोजन की मात्रा है


Q. 159239 (i) संक्षारण को परिभाषित कीजिए।
(ii) ज़ंग क्या है?
(iii) संक्षारण की प्रक्रिया को बढ़ाने वाले तीन कारकों को लिखिए।
Right Answer is:

SOLUTION

(i) वायु में उपस्थित गैसों की अभिक्रिया के कारण धातुओं के मंद गति से अपरदन की प्रक्रिया संक्षारण कहलाता है। संक्षारण के परिणामस्वरुप ऑक्साइड, सल्फाइड आदि जैसे यौगिकों का निर्माण होता है।

(ii) ज़ंग, जलयोजित फेरिक ऑक्साइड (Fe2O3.xH2O) होती है
(iii) धातु की अभिक्रियाशीलता: अधिक सक्रिय धातुएँ आसानी से संक्षारित होती हैं

वायु एवं नमी की उपस्थिति: वायु एवं नमी संक्षारण को तीव्र कर देती है

वैद्युत अपघट्यों की उपस्थिति: शुद्ध जल की अपेक्षा लवणीय जल में लोहे में तेजी से जंग लगती है


Q. 159240 अभिक्रिया O2F2 → O2 + F2 है


A. जटिल अभिक्रिया

B. एक अणुक अभिक्रिया

C. त्रि-परमाणुक अभिक्रिया

D. द्वि-परमाणुक अभिक्रिया

Right Answer is: B

SOLUTION

  इस अभिक्रिया की आणविकता एक है, अतः यह एक-अणुक अभिक्रिया है।


Q. 159241 शून्य कोटि की अभिक्रिया की अर्द्ध आयु


A. अभिकारक की प्रारंभिक सांद्रता के समानुपाती होती है

B. वेग स्थिरांक के समानुपाती होती है

C. अभिकारक की प्रारंभिक सांद्रता के व्युत्क्रमानुपाती होती है

D. ताप के व्युत्क्रमानुपाती होती है

Right Answer is: A

SOLUTION

  शून्य कोटि की अभिक्रिया की अर्द्ध आयु t1/2 = [R0]/2k होती है।


Q. 159242 इक्षु-शर्करा (सूक्रोज) का प्रतिलोमन


A. शून्य कोटि की अभिक्रिया है ।

B. प्रथम कोटि की अभिक्रिया है ।

C. द्वितीय कोटि की अभिक्रिया है ।

D. छद्म- प्रथम कोटि की अभिक्रिया

Right Answer is: D

SOLUTION

  यह छद्म- प्रथम कोटि की अभिक्रिया है, क्योंकि विलायक जल आधिक्य है।


Q. 159243 अभिकारक अणुओं का सही अभिविन्यास ______ के कारण होता है


A.

बंध निर्माण

B.

सक्रियण ऊर्जा में वृद्धि

C.

एंथैल्पी में कमी

D.

संघट्ट में कमी

Right Answer is: A

SOLUTION

अभिकारक अणुओं का सही अभिविन्यास बंध निर्माण के कारण होता है जबकि गलत अभिविन्यास के कारण वे केवल टकराते हैं, उत्पाद नहीं बनाते हैं।


Q. 159244 छद्म-प्रथम कोटि की अभिक्रिया का उदाहरण चुनें।


A.

ऑक्सैलिक अम्ल का निर्जलन

B.

एथिल ऐसीटेट का क्षार-उत्प्रेरित जलअपघटन

C.

एथिल ऐसीटेट का अम्ल-उत्प्रेरित जलअपघटन

D.

हाइड्रोजन परॉक्साइड का वियोजन

Right Answer is: C

SOLUTION

अम्ल-उत्प्रेरित अभिक्रिया वस्तुतः द्वितीय कोटि की अभिक्रिया है, परंतु विलायक (जल) के आधिक्य होने के कारण प्रथम कोटि की अभिक्रिया की तरह व्यवहार करती है।


Q. 159245 किसी अभिक्रिया का वेग, ______में अधिकतम होता है


A.

ठोस अवस्था

B.

द्रव अवस्था

C.

गैस अवस्था

D.

अर्द्ध ठोस अवस्था

Right Answer is: C

SOLUTION

किसी अभिक्रिया का वेग ठोस अवस्था में में अधिकतम इसलिए होता है क्योंकि गैसें सुगमतापूर्वक एक-दूसरे के साथ मिश्रित हो जाती हैं।


Q. 159246 आर्रेनिअस समीकरण में गुणक (e-Ea/RT) कहलाता है


A.

बोल्ट्समान गुणक

B.

आवृति गुणक

C.

गतिज कारक

D.

ऊष्मागतिकी कारक

Right Answer is: A

SOLUTION

बोल्ट्समान गुणक T ताप पर एक विशिष्ट मान E से अधिक ऊर्जा वाले अणुओं की संख्या बताता है।


Q. 159247 अभिक्रिया के वेग की इकाई चुनें।


A.

L mol-1s-1

B.

s-1

C.

mol L-1s-1

D.

L2mol-2s-1

Right Answer is: C

SOLUTION

अभिक्रिया का वेग सांद्रता बटा समय (सांद्रता / समय) के बराबर होता है।


Q. 159248 निम्न अभिक्रिया की आण्विकता है 2NO + O2 → 2 NO2


A. 1

B. 2

C. 3

D. 4

Right Answer is: C

SOLUTION

  परमाणुओं, आयनों या अणुओं की संख्या जिनके एक साथ संघट्ट के फलस्वरूप रासायनिक अभिक्रिया होती है, अभिक्रिया की आण्विकता कहलाती है।


Q. 159249 किसी अभिक्रिया की अर्द्ध-आयु घटकर आधी तब होती है जब इसके अभिकारकों की प्रारंभिक सांद्रता आधी हो जाती है। तो अभिक्रिया की कोटि होगी


A.

शून्य

B.

एक

C.

दो

D.

तीन

Right Answer is: A

SOLUTION

nवें कोटि की अभिक्रिया के लिए /stryde/uploadfiles/Image/2009/01/15/2009011581020700123202940305020316.gif .


Q. 159250 अभिक्रिया मिश्रण के प्रति इकाई आयतन में प्रति सेकंड संघट्ट को कहते हैं।


A.

अभिविन्यास गुणक

B.

ऊर्जा गुणक

C.

संघट्ट आवृति

D.

बोल्टज़मान गुणक

Right Answer is: C

SOLUTION

प्रभावी संघट्ट होने के लिए संघट्ट अणुओं की ऊर्जा देहली ऊर्जा से अधिक होनी चाहिए।


Q. 159251 उस ग्राफ का चयन कीजिए जो सक्रियण ऊर्जा की गणना के लिए log K और 1/T के मध्य खींचा जाता है।


A.


/stryde/uploadfiles/Image/2007/07/19/2007071929835400118482699417020920.gif

B.


/stryde/uploadfiles/Image/2007/07/19/2007071929835400118482699417020949.gif

C.


/stryde/uploadfiles/Image/2007/07/19/2007071929835400118482699417020950.gif

D.


/stryde/uploadfiles/Image/2007/07/19/2007071929835400118482699417020955.gif

Right Answer is: B

SOLUTION

ग्राफ (बी) आर्रेनिअस समीकरण के अनुसार है।


Q. 159252 अभिक्रिया का वेग स्थिरांक बढ़ता है


A. अभिक्रिया अधिक समय तक करवाने पर

B. ताप बढ़ाने पर

C. अभिकारकों की सांद्रता में वृद्धि करने पर

D. अभिकारकों की सांद्रता कम करने पर

Right Answer is: B

SOLUTION

 चूँकि, log k = log A – Ea/2.303 RT होता है।  अतः ताप में वृद्धि होने से k का मान बढ़ जाता है।


Q. 159253 ठोस पदार्थ सबसे सुगमतापूर्वक अभिक्रिया तब करता है, जब वह


A.

पूर्णतः शुद्ध रूप में होता है।

B.

छोटे टुकड़ों के रूप में होता है।

C.

चूर्णित रूप में होता है।

D.

बड़े टुकड़ों के रूप में होता है।

Right Answer is: C

SOLUTION

चूर्णित रूप में पृष्ठीय क्षेत्रफल अधिकतम होता है।


Q. 159254 fcc संरचना में परमाणुओं की संख्या होती है:


A. 8

B. 4

C. 2

D. 1

Right Answer is: B

SOLUTION

fcc संरचना में फलक केंद्र पर उपस्थित प्रत्येक परमाणु दो निकटवर्ती एकक कोष्ठिकाओं के मध्य सहभाजित होता है। प्रत्येक फलक के केंद्र पर उपस्थित परमाणु दो सन्निकट के मध्य सहभाजित होता है तथा प्रत्येक परमाणु का केवल ½ भाग एक एकक कोष्ठिका में सम्मलित होता है। अतः प्रति एकक कोष्ठिका परमाणुओं की कुल संख्या चार होती है।


Q. 159255 निविड संकुलन के प्रकार ABCABCABC को ------------ के रूप में भी जाना जाता है।


A. घनीय निविड संकुलन

B. षटकोणीय निविड संकुलन

C. वर्ग निविड संकुलन

D. अंतःकेन्द्रित निविड संकुलन

Right Answer is: A

SOLUTION

ccp संरचनाओं में आयरन, निकैल, कॉपर, सिल्वर, गोल्ड और एल्यूमीनियम क्रिस्टलीकृत होते हैं।


Q. 159256 जब पिघला हुआ जिंक ठंडा होकर ठोस अवस्था में आता है, तो यह hcp संरचना धारण कर लेता है। जिंक परमाणु की निकटस्थ संख्या होगी:


A. 4

B. 6

C. 8

D. 12

Right Answer is: D

SOLUTION

hcp व्यवस्था में परमाणु की उप सहसंयोजन संख्या 12 होती है।


Q. 159257 Ge के p-प्रकार अर्धचालक को किसके अपमिश्रण से बनाया जा सकता है?


A. त्रिसंयोजी अशुद्धता

B. चतुर्संयोजी अशुद्धता

C. पंचसंयोजी अशुद्धता

D. द्विसंयोजी अशुद्धता

Right Answer is: A

SOLUTION

चूँकि Ge समूह 14 का तत्व है। धनात्मक छिद्र को समूह 13 त्रिसंयोजी अशुद्धता के अपमिश्रण से बनाया जा सकता है।


Q. 159258 सिलिकॉन के साथ फॉस्फोरस का अपमिश्रण करने पर, हमें -----------प्राप्त होता है।


A. n-प्रकार अर्धचालक

B. p- प्रकार अर्धचालक

C. धात्विक चालक

D. विद्युतरोधी

Right Answer is: A

SOLUTION

फॉस्फोरस का सिलिकॉन के साथ अपमिश्रण अतिरिक्त विस्थानित इलेक्ट्रॉन प्रदान करता है जिसके परिणामस्वरुप n-प्रकार अर्धचालक प्राप्त होता है।


Q. 159259 नॉन स्टॉइकियोमीट्री दोष है:


A. फ्रेंकेल दोष

B. धातु आधिक्य दोष

C. ऊष्मागतिकी दोष

D. आंतर दोष

Right Answer is: B

SOLUTION

वे यौगिक जिसमें उपस्थित धनात्मक एवं ऋणात्मक आयनों का अनुपात भिन्न होता है जो उनके आदर्श रासायनिक सूत्र द्वारा आवश्यक होता है, नॉन स्टॉइकियोमीट्री यौगिक कहलाते हैं। धातु आधिक्य दोष में धनात्मक आयनों की अधिकता होती है।


Q. 159260 एकक कोष्ठिका की विमाओं a=0.387, b=0.387 और c=0.504nm एवं a=b=90° तथा g=120° वाले एक यौगिक का क्रिस्टल तंत्र है:


A. घनीय

B. षट्कोणीय

C. विषमलंबाक्ष

D. त्रिसमनताक्ष

Right Answer is: B

SOLUTION

चूँकि दोनों भुजाएँ a और b बराबर हैं लेकिन दोनों c i.e. a=b≠c के लिए असमान होती हैं और 90° के दो कोणों अर्थात् a=b=90° तथा g=120° षट्कोणीय क्रिस्टल तंत्र हैं।


Q. 159261 फेरीचुंबकत्व -------------द्वारा दर्शाया जाता है।


A. निकैल

B. ऑक्सीजन अणु

C. क्रोमियम ऑक्साइड (CrO2)

D. मैग्नेटाइट

Right Answer is: D

SOLUTION

मैग्नेटाइट (Fe3O4) में चुंबकीय डोमेनों का संरेखण समानांतर एवं प्रति समानांतर दिशाओं में असमान होता है जिसके परिणामस्वरुप चुंबकीय आघूर्ण होता है।


Q. 159262 p-प्रकार का अर्धचालक वैद्युत रूप से ---------होता है।


A. ऋणात्मक

B. धनात्मक

C. उदासीन

D. अशुद्धियों के सांद्रण पर निर्भर

Right Answer is: A

SOLUTION

जब सिलिकन अथवा जर्मेनियम को समूह 13 के तत्वों जैसे B अथवा Al से अपमिश्रित किया जाता है, तो वे निकटस्थ Si अथवा Ge के साथ तीन सहसंयोजक बंध बनाते हैं। इस प्रकार स्थल पर छिद्र उत्पन्न हो जाता है जहाँ चौथा इलेक्ट्रॉन नहीं होता है। निकटवर्ती परमाणु से इलेक्ट्रॉन आकर छिद्र को भर सकता है परंतु ऐसा करने पर वह अपने मूल स्थान पर छिद्र छोड़ जाता है। इससे सिलिकन अथवा जर्मेनियम अर्धचालक की वैद्युत चालकता बढ़ जाती है लेकिन यह वैद्युत रूप से उदासीन बना रहता है।


Q. 159263 क्रिस्टल में शॉट्की दोष उत्पन्न होता है, जब


A. धनायनों एवं ऋणायनों की असमान संख्या जालक से लुप्त हो जाती हैं।

B. धनायनों एवं ऋणायनों की समान संख्या जालक से लुप्त हो जाती हैं।

C. आयन अपने वास्तविक स्थान को छोड़ देता है और अंतराकाशी स्थल को ग्रहण कर लेता है।

D. क्रिस्टल का घनत्व बढ़ जाता है।

Right Answer is: B

SOLUTION

यदि प्रकार A+B- के आयनिक क्रिस्टल में धनायनों एवं ऋणायनों की समान संख्या अपने जालक स्थलों से लुप्त हो जाती हैं और क्रिस्टल वैद्युत रूप से उदासीन रहता है तो यह दोष शॉट्की दोष कहलाता है। इसके परिणामस्वरुप क्रिस्टल के घनत्व में कमी आती है।


Q. 159264 ठोस क्षारीय धातु हैलाइड में रंग की उपस्थिति का कारण होता है:


A. फ्रेंकेल दोष

B. अंतराकाशी स्थान

C. F-केंद्र

D. शॉट्की दोष

Right Answer is: C

SOLUTION

क्षारीय धातु हैलाइड में, ऋणायन रिक्तिकाएं उत्पन्न होती हैं और इन रिक्तियों में अध्यासित इलेक्ट्रॉनों को F-केंद्र के रूप में जाना जाता है। क्रिस्टल का रंग, ऋणायन रिक्तियों में उपस्थित इलेक्ट्रॉनों के उत्तेजित होने के कारण उत्पन्न होता है ।


Q. 159265 F-केंद्र से आप क्या समझते हैं?
Right Answer is:

SOLUTION

अयुग्मित इलेक्ट्रॉनों द्वारा भरी ऋणायनिक रिक्तिकाओं को, F-केंद्र कहते हैं।


Q. 159266 bcc और fcc की एकक कोष्ठिका में कितने परमाणु उपस्थित होते हैं?
Right Answer is:

SOLUTION

bcc की एकक कोष्ठिका में परमाणुओं की संख्या 2 होती है और fcc में 4 होती है ।


Q. 159267 निम्नलिखित में से प्रत्येक को एक उदाहरण के साथ समझाइए:
(i) फेरीचुंबकत्व
(ii) प्रतिलोहचुंबकत्व पदार्थ
Right Answer is:

SOLUTION

(i) (Fe3O4) जब पदार्थ में डोमेनों के चुंबकीय आघूर्ण असमान संख्याओं में समानांतर एवं प्रतिसमानांतर दिशाओं में संरेखित होते हैं, तो इसका परिणाम शुद्ध चुंबकीय आघूर्ण होता है। इसे फेरीचुंबकत्व कहा जाता है। ये लौहचुंबकत्व पदार्थों की तुलना में चुंबकीय क्षेत्र द्वारा दुर्बल रूप से आकर्षित होते हैं। उदाहरणार्थ- मैग्नेटाइट (Fe3O4)
(ii) प्रतिलोहचुंबकत्व प्रदर्शित करने वाले पदार्थ जैसे MnO में डोमेनों संरचना लोहचुंबकीय पदार्थ के सदृश होती है परंतु उनके डोमेन एक दूसरे के विपरीत दिशा में अभिविन्यासित होते हैं तथा एक दूसरे के चुंबकीय आघूर्ण को निरस्त कर देते हैं।
उदाहरणार्थ- MnO


Q. 159268 अपमिश्रण क्या होता है? n-प्रकार एवं p-प्रकार अर्धचालक कैसे निर्मित होते हैं?
Right Answer is:

SOLUTION

किसी क्रिस्टलीय पदार्थ में उचित अशुद्धि को उपयुक्त मात्रा में मिलाने की प्रक्रिया को अपमिश्रण कहते हैं। P, As, Sb जैसे इलेक्ट्रॉन धनी अशुद्धियों के साथ सिलिकन अथवा जरमेनियम के अपमिश्रण के परिणामस्वरुप n-प्रकार के अर्धचालक बनते हैं जबकि p-प्रकार के अर्धचालक B, Al, Ga जैसे समूह 13 के तत्वों को मिलाने से बनते हैं।


Q. 159269 उपयुक्त उदाहरण के साथ निम्नलिखित की व्याख्या कीजिए:
(i) अध्रुवीय आण्विक ठोस
(ii) धात्विक ठोस
Right Answer is:

SOLUTION

(i) अध्रुवी आण्विक ठोसों में, अवयवी कण अध्रुवी परमाणु या अणु होते हैं। अध्रुवी आण्विक ठोसों में परमाणु अथवा अणु दुर्बल परिक्षेपण बलों या लंदन बलों द्वारा बंधे रहते हैं। उदाहरणार्थ- I2
(ii) धात्विक ठोस, धनावेशित धातु आयनों से बने होते हैं, जो मुक्त इलेक्ट्रॉनों के समुद्र में घिरे रहते हैं। धात्विक ठोस, ऊष्मा और विद्युत के अच्छे चालक होते हैं। उदाहरणार्थ- Ag, Cu


Q. 159270 निम्नलिखित को परिभाषित कीजिए:
(i) क्रिस्टल जालक
(ii) संकुलन क्षमता
Right Answer is:

SOLUTION

(i) क्रिस्टल जालक त्रि-आयामी स्थान में क्रिस्टल के परमाणुओं, अणुओं या आयनों स्पष्ट सम व्यवस्था है।

(ii) संकुलन क्षमता कुल उपलब्ध स्थान का वह प्रतिशत है जो कणों द्वारा संपूरित होता है ।


Q. 159271 एक धातु ऑक्साइड, ऑक्साइड आयनों के षट्कोणीय निविड संकुलन में क्रिस्टलीकृत होता है जिसकी तीन अष्टफलकीय रिक्तियों में से दो पर धातु होती हैं। धातु ऑक्साइड का सूत्र ज्ञात कीजिए।
Right Answer is:

SOLUTION


Q. 159272 एक खनिज में Ca, O और Ti हैं। इसके एकक कोष्ठिकामें फलक केंद्र पर ऑक्सीज़न परमाणु, कोनों पर कैल्सियम परमाणु और घन के केंद्र पर टाइटेनियम परमाणु उपस्थित हैं। खनिज में टाइटेनियम की ऑक्सीकरण संख्या ज्ञात कीजिए।
Right Answer is:

SOLUTION


Q. 159273 (i) रिक्तियाँ क्या होती हैं?
(ii) अष्टफलकीय रिक्ति से चतुष्फलकीय रिक्ति कैसे भिन्न होती है?
(iii) चतुष्फलकीय और अष्टफलकीय रिक्ति की संरचना बनाइए।
Right Answer is:

SOLUTION

(i) परमाणु एवं आयन गोलाकार आकार में होते हैं। परमाणुओं या आयनों के निविड संकुलन द्वारा निर्मित क्रिस्टल की स्थिति में गोले एक दूसरे को केवल बिन्दुओं पर स्पर्श करते हैं और उनके बीच कुछ खाली स्थान छोड़ देते हैं। यह स्थान रिक्ति या छिद्र कहलाता है।
(ii) चतुष्फलकीय रिक्ति चार गोलों (परमाणुओं) से घिरा रहती है, जो समचतुष्फलक के सिरे पर स्थित होती है जबकि अष्टफलकीय रिक्ति छः गोलों (परमाणुओं) से घिरा रहती है।

(iii)


Q. 159274 एक मोलल जलीय विलयन में विलेय का मोल-अंश होता है


A. 0.027

B. 0.036

C. 0.018

D. 0.009

Right Answer is: C

SOLUTION

एक मोलल जलीय विलयन में 1000 ग्राम (1000/18 = 55.55 जल के मोल) जल में एक मोल विलेय होता है। अतः, विलेय का मोल-अंश = 1 / (1 + 55.55) = 0.018 होगा।


Q. 159275 किसी जलीय विलयन का ताप कम करने पर


A. उसकी मोललता बढ़ती है।

B. उसकी मोलरता बढ़ती है।

C. उसका मोल-अंश बढ़ता है।

D. उसका द्रव्यमान प्रतिशत (% w/w) बढ़ता है।

Right Answer is: B

SOLUTION

ताप कम करने पर, सामान्यतया विलयन का आयतन घटता है। विलयन की मोलरता विलयन के आयतन के व्युत्क्रमानुपाती होती है, अतः ताप घटने पर मोलरता बढ़ती है।


Q. 159276 मोलल अवनमन स्थिरांक निर्भर करता है:


A. विलेय की प्रकृति  पर

B. विलायक की प्रकृति पर

C. विलायक के हिमांक पर

D. विलयन के वाष्प दाब पर

Right Answer is: B

SOLUTION

हिमांक में अवनमन (Tf)   Δ Tf = Kf.m तनु विलयन (आदर्श विलयन) के लिए समानुपातिक स्थिरांक K, विलयन की मोललता m के अनुक्रमानुपाती होता है। Kf, जो कि विलायक की प्रकृति पर निर्भर करता है, मोलल अवनमन स्थिरांक कहलाता है।


Q. 159277 किसी जलीय विलयन के ताप में वृद्धि होने पर होती है:


A. मोललता में कमी

B. मोलरता में कमी

C. मोल-अंश में कमी

D. द्रव्यमान प्रतिशत (% w/w) में कमी

Right Answer is: B

SOLUTION

एक लीटर विलयन में घुले हुए विलेय के मोलों की संख्या को उस विलयन की मोलरता कहते हैं। ताप बढ़ाने पर, विलयन का आयतन बढ़ता है, इसलिए मोलरता घटती है।


Q. 159278 विलयन की मोललता होती है विलयन में उपस्थित


A. मोलों की संख्या

B. परमाणुओं की संख्या

C. सूत्र भार की संख्या

D. कुल परमाणुओं की संख्या

Right Answer is: A

SOLUTION

मोलरता विलयन की सांद्रता व्यक्त करने की विधि है। यह विलेय के मोलों की संख्या तथा विलयन के लीटर में आयतन का अनुपात होती है।


Q. 159279 उस नियम का नाम बताइए जो किसी द्रव में गैस की विलेयता तथा द्रव की सतह के ऊपर के दाब के बीच का संबंध बताता है। इसके साथ ही उस चर का नाम भी लिखिए जो इस नियम में स्थिर रखा जाता है।
Right Answer is:

SOLUTION

यह हेनरी नियम है तथा इस नियम में ताप को स्थिर रखा जाता है।

[हेनरी नियम के अनुसार, वाष्प प्रावस्था में गैस का आंशिक दाब स्थिर ताप पर विलयन में गैस के मोल-अंश के समानुपाती होता है।]


Q. 159280 K4[Fe(CN)6] के वान्ट हॉफ गुणक की गणना कीजिए।
Right Answer is:

SOLUTION

K4[Fe(CN)6] 4 K + + [Fe(CN)6]
चूँकि K4[Fe(CN)6] का एक अणु वियोजित होकर 5 आयनों में वियोजित होता है, इसलिए इसके वान्ट हॉफ गुणक का मान 5 होगा ।


Q. 159281 बेंजीन में घोले जाने पर ऐसीटिक अम्ल का आण्विक द्रव्यमान क्या होगा?
Right Answer is:

SOLUTION

ऐसीटिक अम्ल (CH3COOH) का सामान्य आण्विक द्रव्यमान 60 होता है। बेंजीन में घोलने पर इसका डाइमराइजेशन हो जाता है। इसलिए, बेंज़ीन में घुले होने पर ऐसीटिक अम्ल का आण्विक द्रव्यमान 120 होगा।


Q. 159282 स्थिरक्वाथी क्या होते हैं? अधिकतम क्वथनांकी स्थिरक्वाथी का एक उदाहरण दीजिए।
Right Answer is:

SOLUTION

स्थिरक्वाथी ऐसे द्विअंगी मिश्रण होते हैं, जिनका द्रव व वाष्प प्रावस्था में संघटन समान होता है तथा ये एक स्थिर ताप पर उबलते हैं। नाइट्रिक अम्ल तथा जल का मिश्रण अधिकतम क्वथनांकी स्थिरक्वाथी का एक उदाहरण है।


Q. 159283 एथेनॉल के उस द्रव्यमान की गणना कीजिए, जो जल में एथेनॉल के 1.6 मोलल विलयन की 500 ग्राम मात्रा में उपस्थित है।
Right Answer is:

SOLUTION


Q. 159284 जब 3.49 g अवाष्पशील विलेय को 125 g बेंजीन में घोला जाता है तो उसका क्वथनांक 1.23 K बढ़ जाता है। अवाष्पशील विलेय के आण्विक द्रव्यमान की गणना कीजिए। (बेंजीन के लिए Kb 2.53 K kg mol-1 है।)
Right Answer is:

SOLUTION


Q. 159285 क्लोरोफार्म तथा 50 mL ऐसीटोन को मिलाकर एक विलयन बनाया गया।
(i) परिणामी विलयन किस प्रकार का विचलन प्रदर्शित करेगा?
(ii) परिणामी विलयन का आयतन क्या होगा-100 mL अथवा 100 mL से कम या 100 mL से अधिक?
(iii) परिणामी विलयन के वाष्प दाब पर क्या प्रभाव पड़ेगा? यह बढ़ेगा अथवा घटेगा या समान रहेगा। अपने उत्तर की उदाहरण सहित व्याख्या कीजिए।
Right Answer is:

SOLUTION

(i) क्लोरोफार्म तथा ऐसीटोन को मिलाने से बना विलयन, आदर्श व्यवहार से ऋणात्मक विचलन प्रदर्शित करता है।
(ii) परिणामी विलयन आदर्श व्यवहार से ऋणात्मक विचलन प्रदर्शित करता है क्योंकि ऐसीटोन तथा क्लोरोफार्म अणुओं के मध्य अंतर-आण्विक हाइड्रोजन आबंध बनते हैं। चूँकि हाइड्रोजन आबंध तुलनात्मक रूप से प्रबल आकर्षण बल होते हैं,अतः विलयन का आयतन घटता है। इसलिए परिणामी विलयन का आयतन100mLसे कम होगा।
(iii) विलयन का वाष्प दाब घटता है क्योंकि नए बने हाइड्रोजन आबंध पृथक विलयनों में उपस्थित मूल आकर्षण बल से प्रबल होते हैं।


Q. 159286 एक विलयन में भार के अनुसार 25% जल, 25% एथेनॉल तथा 50% ऐसीटिक अम्ल है। इस विलयन के प्रत्येक घटक का मोल-अंश ज्ञात कीजिए।
Right Answer is:

SOLUTION


Q. 159287 यदि किसी अवाष्पशील विलेय को इसमें मिलाया जाता है, तो वाष्प दाब 4 mm Hg तक कम हो जाता है। विलयन की मोललता ज्ञात कीजिए।
Right Answer is:

SOLUTION


Q. 159288 296K पर जल का वाष्प दाब 19.8 mm Hg है और जब 0.1 mol ग्लूकोस को 178.2g जल में मिलाया जाता है, तो परिणामी विलयन के वाष्प दाब की गणना कीजिए।
Right Answer is:

SOLUTION


Q. 159289 निम्नलिखित विलयनों के वान्ट हॉफ गुणक का परिकलन कीजिए: 1. Al2(SO4)3 का जल में विलयन
2. MgCl2 का जल में विलयन
3. बेंजोइक अम्ल का बेंजीन में विलयन
4. ग्लूकोस का जल में विलयन
5. 10 ग्राम KCl का 1 लीटर जल में विलयन
Right Answer is:

SOLUTION

1. जब Al2(SO4)3 को जल में घोला जाता है, तो इसका एक अणु 2 Al3+ तथा 3 आयनों में वियोजित हो जाता है, इसलिए इसका वान्ट हॉफ गुणक 5 है।
2. जब MgCl2 को जल में घोला जाता है, तो इसका एक अणु 1 Mg2+ तथा 2Cl आयनों में वियोजित हो जाता है, इसलिए इसका वान्ट हॉफ गुणक 3 है।
3. जब बेंजोइक अम्ल को बेंजीन में घोला जाता है, तो इसके दो अणु संगुणित होकर द्वितय बनाते हैं। इसलिए इसका वान्ट हॉफ गुणक 1/2 है।
4. ग्लूकोस का संगुणन अथवा वियोजन नहीं होता है, इसलिए ग्लूकोस का वान्ट हॉफ गुणक 1 है।
5. जब KCl को जल में घोला जाता है, तो इसका प्रत्येक अणु दो आयनों में वियोजित हो जाता है, इसलिए इसका वान्ट हॉफ गुणक 2 है।


Q. 159290 मानक हाइड्रोजन इलेक्ट्रोड का तापमान बनाए रखा जाता है:


A. 273 K

B. 300 K

C. 298 K

D. 323 K

Right Answer is: C

SOLUTION

SHE में काँच की ट्यूब में सीलबंद प्लैटिनम तार होते हैं और इससे प्लैटिनम की पतली पट्टी संलग्न होती है। यह पट्टी प्लैटिनम ब्लैक से लेपित होती है और यह 1M HCl में डूबी रहती है। 1 atm दाब पर शुद्ध हाइड्रोजन गैस को 298 K स्थिर ताप पर विलयन में निरंतर प्रवाहित किया जाता है।


Q. 159291 वैद्युतरसायन सेल के लिए सही कथन पहचानें।


A. इलेक्ट्रॉनों का प्रवाह Cu इलेक्ट्रोड से Zn इलेक्ट्रोड की ओर होता है।

B. धारा प्रवाह Zn इलेक्ट्रोड से Cu इलेक्ट्रोड की ओर होता है।

C. धनायन Cu इलेक्ट्रोड की ओर गति करते हैं।

D. धनायन Zn इलेक्ट्रोड की ओर गति करते हैं।

Right Answer is: C

SOLUTION

Cu2+ आयन इलेक्ट्रॉनों को ग्रहण करते हैं और कॉपर इलेक्ट्रोड पर निक्षेपित होते हैं।


Q. 159292 शुष्क सेल में कैथोड होता है


A. कार्बन छड़

B. लेड डाइऑक्साइड

C. ग्रेफाइट छड़

D. निकैल ऑक्साइड

Right Answer is: C

SOLUTION

शुष्क सेल में गोल जिंक का पात्र ऐनोड का कार्य करता है और ग्रेफाईट की छड़ कैथोड का करती है।


Q. 159293 विशिष्ट चालकता की इकाई है:


A. ओम सेमी –1

B. ओम सेमी –2

C. ओम –1 सेमी

D. ओम –1 सेमी –1

Right Answer is: D

SOLUTION

विशिष्ट चालकता प्रतिरोधकता का व्युत्क्रम होती है, अर्थात्


Q. 159294
Right Answer is:

SOLUTION


Q. 159295 निम्नलिखित को परिभाषित कीजिए।
(i) शॉट्की दोष
(ii) फ़्रेंकेल दोष
(iii) बिंदु दोष
(iv) अंतराकाशी दोष
(v) रिक्तिका
Right Answer is:

SOLUTION

(i) शॉट्की दोष –जालक स्थल से बराबर संख्या में धनायन और ऋणायन लुप्त होने के कारण उत्पन्न दोष शॉट्की दोष कहलाता है। वैद्युत उदासीनता को बनाए रखने के लिए लुप्त होने वाले धनायनों एवं ऋणायनों की संख्या बराबर होती है यह दोष पदार्थ के घनत्व को घटाता है।

(ii) फ़्रेंकेल दोष –जालक स्थल से आयनों के लुप्त होने और अंतराकाशी स्थल ग्रहण करने के कारण उत्पन्न दोष को फ़्रेंकेल दोष कहते हैं । फ़्रेंकेल दोष में पदार्थ का घनत्व अपरिवर्तित रहता है।

(iii) बिंदु दोष - एक क्रिस्टलीय पदार्थ में एक बिंदु अथवा एक परमाणु के चारों ओर की आदर्श व्यवस्था में अनियमितताएँ बिंदु दोष कहलाते हैं। ये दोष क्रिस्टलीकरण के दौरान अपूर्ण संकुलन के कारण होते हैं।

(iv) अंतराकाशी दोष अंतराकाशी दोष में कुछ अतिरिक्त अवयवी कण, अंतराकाशी स्थलों पर पाये जाते हैं। अंतराकाशी दोष पदार्थ के घनत्व को बढ़ाता है।

(v) रिक्तिका –जब कोई अवयवी कण क्रिस्टल जालक से लुप्त हो जाता है, तो वह रिक्त स्थान रिक्तिका कहलाता है


Q. 159296 उस द्विअंगी द्रव मिश्रण का चयन करें जो राउल्ट के नियम से ऋणात्मक विचलन दर्शाता है ।


A. एथेनॉल और ऐसीटोन

B. बेंज़ीन और टॉलूइन

C. ऐसीटोन और क्लोरोफॉर्म

D. ऐसीटोन और कार्बन डाइसल्फाइड

Right Answer is: C

SOLUTION

ऐसीटोन और क्लोरोफॉर्म को मिश्रित करने पर, द्विध्रुव-द्विध्रुव अन्योन्यक्रिया होती हैं। अतः, इसमें राउल्ट के नियम से ऋणात्मक विचलन होता है।


Q. 159297 दिये गए विलयनों में से किन्हें मिश्रित करके न्यूनतम क्वथनांकी स्थिरक्वाथी मिश्रण बनाया जा सकता है


A. जल और हाइड्रोक्लोरिक अम्ल को

B. जल और हाइड्रोआयोडिक अम्ल को

C. जल और एथेनॉल को

D. जल और नाइट्रिक अम्ल

Right Answer is: C

SOLUTION

जल और एथेनॉल के क्वथनांक क्रमशः 373K और 351.3K होते हैं, किंतु उनके स्थिरक्वाथी मिश्रण 351.15 K पर उबलते हैं।


Q. 159298 अधिकतम क्वथनांकी स्थिरक्वाथी का एक उदाहरण है


A. जल और नाइट्रिक अम्ल का विलयन

B. जल और एथेनॉल का विलयन

C. बेंज़ीन और टॉलूईन का विलयन

D. बेंज़ीन और ऐसीटिक अम्ल का विलयन

Right Answer is: A

SOLUTION

जल और नाइट्रिक अम्ल का विलयन आदर्श व्यवहार से ऋणात्मक विचलन दर्शाता है। जल और नाइट्रिक अम्ल का क्वथनांक क्रमशः 373K और 359 K है, किंतु यह विलयन 393.5K पर उबलता है।


Q. 159299 वाष्प दाब में आपेक्षिक अवनमन अनुपात होता है


A. विलेय के मोलों और विलायक के मोलों का

B. विलेय के मोलों और विलयन के कुल मोलों का

C. विलायक के मोलों और विलयन के कुल मोलों का

D. विलायक के मोलों और विलेय के कुल आयनों का

Right Answer is: B

SOLUTION


Q. 159300 किस सांद्रता पद का मान ताप के साथ परिवर्तित नहीं होता है?


A. मोललता

B. मोलरता

C. नार्मलता

D. द्रव्यमान आयतन प्रतिशत

Right Answer is: A

SOLUTION

मोललता में विलेय और विलायक के द्रव्यमान सम्मिलित होते हैं। चूँकि द्रव्यमान ताप के साथ नहीं बदलता है, इसलिए मोललता ताप पर निर्भर नहीं करती है।


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