CBSE - MCQ Question Banks (के. मा. शि. बो . -प्रश्नमाला )

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Q. 159401 (i) ऐनिलीन की अनुनादी संरचनाएँ बनाइए। (ii) ऐनिलीन की तुलना में o-टॉलूईडीन दुर्बल क्षार है, क्यों?
Right Answer is:

SOLUTION

(ii) आर्थो प्रभाव के कारण ऐनिलीन की तुलना में o-टॉलूईडीन दुर्बल क्षार होता है


Q. 159402 बाईयूरेट टेस्ट द्वारा किसकी उपस्थिति ज्ञात की जाती है।


A. संतृप्त तेल  की

B. शर्करा की

C. प्रोटीन की

D. वसा की

Right Answer is: C

SOLUTION

प्रोटीन के क्षारीय विलयन में कॉपर सल्फेट का तनु विलयन मिलाने पर, बैंगनी रंग उत्पन्न होता है। यह परीक्षण (– CO – NH –) बंध की उपस्थिति दर्शाता है।


Q. 159403 गोलिकाकार प्रोटीन के संबंध में कौन सा कथन असत्य है?


A. उनकी आकृति मुड़ी हुई गोलाकार होती है।

B. ये जल में विलेय होते हैं।

C. वे ताप और pH परिवर्तन पर स्थायी होते हैं।

D. इसकी पॉलीपेप्टाइड शृंखलाएं दुर्बल अंतराआण्विक हाइड्रोजन आबंधों द्वारा एक साथ जुड़ी होती हैं।

Right Answer is: C

SOLUTION

गोलिकाकार प्रोटीन ताप तथा pH परिवर्तन के प्रति अत्यंत संवेदनशील होते हैं।


Q. 159404 विटामिन A का रासायनिक नाम है


A. रेटिनॉल

B. ऐस्कॉर्बिक अम्ल

C. राइबोफ्लेविन

D. थायमीन

Right Answer is: A

SOLUTION

विटामिन A का रासायनिक नाम रेटिनल है और इसका रासायनिक सूत्र C20H30O है।


Q. 159405 प्रोटीन का कार्य नहीं है-


A. एंजाइम का निर्माण

B. मांसपेशियों  का निर्माण

C. हीमोग्लोबिन का निर्माण

D. भोजन का निर्माण

Right Answer is: D

SOLUTION

कुछ प्रोटीन भोजन संग्रह के रूप में भी व्यवहार करते हैं।


Q. 159406 दिये गए विकल्पों में से, कौन ज़्विटर आयन के रूप में विद्यमान रहता है?


A. ऐस्पिरिन

B. ऐमीनो अम्ल

C. DDT

D. ग्लूकोस

Right Answer is: B

SOLUTION

ऐमीनो अम्ल ज़्विटर आयन के रूप में विद्यमान रहते हैं। जलीय विलयन (pH = 7) में कार्बोक्सिल समूह एक प्रोटॉन मुक्त कर सकता है जबकि ऐमीनो समूह एक प्रोटॉन ग्रहण कर सकता है जिसके फलस्वरूप एक द्विध्रुवीय आयन बनता है जिसे ज़्विटर आयन कहते हैं।


Q. 159407 ऐस्कॉर्बिक अम्ल रासायनिक नाम है


A. विटामिन A का

B. विटामिन B का

C. विटामिन C का

D. विटामिन K का

Right Answer is: C

SOLUTION

विटामिन C का रासायनिक नाम ऐस्कॉर्बिक अम्ल है और इसका सूत्र C6H8O6 है।


Q. 159408 दिये गए विकल्पों में से उस विकल्प का चयन कीजिए जो प्रोटीन से नहीं बना है।


A. पंख

B. सींग

C. नाख़ून

D. डीएनए

Right Answer is: D

SOLUTION

डीएनए एक प्रकार का न्यूक्लीक अम्ल है।


Q. 159409 न्यूक्लीक अम्ल बहुलक है


A. न्यूक्लिओसाइड का

B. न्यूक्लिओटाइड का

C. फास्फेट और पेन्टोस शर्करा का

D. नाइट्रोजनयुक्त क्षार और शर्करा का

Right Answer is: B

SOLUTION

न्यूक्लीक अम्ल, न्यूक्लिओटाइडों का बहुलक है जो नाइट्रोजनयुक्त क्षार, पेन्टोस शर्करा तथा  फास्फेट अर्धांश से मिलकर बनता है।


Q. 159410 कोबाल्ट उपस्थित होता है-


A. विटामिन D में

B. हीमोग्लोबिन में

C. विटामिन B-12 में

D. विटामिन C में

Right Answer is: C

SOLUTION

विटामिन B-12 जल में विलेय विटामिन है जिसकी मस्तिष्क और तंत्रिका तंत्र की  कार्यप्रणाली और रक्त के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका होती है। संरचनात्मक रूप से यह एक जटिल विटामिन होता है और इसमें कोबाल्ट होता है।


Q. 159411 मैग्नीशियम पाया जाता है


A. क्लोरोफिल में

B. विटामिन B-12 में

C. हीमोग्लोबिन में

D. कार्बोनिक एनहाइड्रेज में

Right Answer is: A

SOLUTION

पौधों में उपस्थित क्लोरोफिल में मैग्नीशियम होता है।


Q. 159412 ऑक्सीटॉसिन एक


A. एन्जाइम है ।

B. प्रतिरक्षी है ।

C. हॉर्मोन है ।

D. ग्रंथि है ।

Right Answer is: C

SOLUTION

ऑक्सीटॉसिन पीयूष ग्रंथि द्वारा स्रावित होने वाला एक हॉर्मोन है।


Q. 159413 जल में विलेय विटामिन हैं


A. A, C और D

B. A, B-समूह और C

C. B-समूह और C

D. B-समूह और D

Right Answer is: C

SOLUTION

विटामिन-B-समूह और विटामिन-C जल में विलेय विटामिन हैं जबकि विटामिन A, D, E और K वसा में विलेय विटामिन हैं।


Q. 159414 ऐमीनो अम्ल रचनात्मक खंड होते हैं-


A. कार्बोहाइड्रेट के

B. विटामिन के

C. वसा के

D. प्रोटीन के

Right Answer is: D

SOLUTION

दो या दो से अधिक ऐमीनो अम्ल के संघनन से पेप्टाइड बनता है। 10000 u से अधिक आण्विक  द्रव्यमान वाले पेप्टाइड, प्रोटीन कहलाते हैं।


Q. 159415 डीएनए की संरचना द्विकुंडलित होती है। कुंडलन के दोनों रज्जुक एक दूसरे से जुड़े रहते हैं-


A. आयनिक आबंध द्वारा

B. द्विध्रुव-द्विध्रुव अन्योन्यक्रिया द्वारा

C. लंडन बल द्वारा

D. हाइड्रोजन आबंध द्वारा

Right Answer is: D

SOLUTION

ग्वानीन और साइटोसीन के मध्य तीन हाइड्रोजन आबंध तथा ऐडेनीन और थायमीन के मध्य दो हाइड्रोजन आबंध होते हैं।


Q. 159416 विटामिन-D की कमी से बच्चों


A. की भूख कम हो जाती है।

B. को रिकेट्स हो जाता है।

C. को ऑस्टियोमेलेशिया हो जाता है।

D. की मांसपेशियाँ कमजोर हो जाती हैं।

Right Answer is: B

SOLUTION

विटामिन-D की कमी से हड्डियाँ कमज़ोर हो जाती हैं और अस्थिमृदुता की बीमारी हो जाती हैं, जैसे कि बच्चों में रिकेट्स और वयस्कों में ऑस्टियोमेलेशिया। इसकी कमी से ऑस्टियोपोरोसिस भी हो सकता है।


Q. 159417 सभी एन्जाइम


A. कार्बोहाइड्रेट होते हैं

B. वसा होते हैं

C. रेशेदार प्रोटीन होते हैं

D. गोलिकाकार प्रोटीन होते हैं

Right Answer is: D

SOLUTION

लगभग सभी एन्जाइम गोलिकाकार प्रोटीन होते हैं।


Q. 159418 ग्लूकोस को वर्गीकृत किया जा सकता है


A. अनअपचायी शर्करा में

B. पेन्टोस में

C. ऐल्डोस में

D. ओलिगोसैकैराइड में

Right Answer is: C

SOLUTION

ग्लूकोस एक मोनोसैकैराइड है, यह एक  ऐल्डोहैक्सोज है।


Q. 159419 दूध में पाया जाने वाला डाइसैकैराइड है।


A. सूक्रोस

B. लेक्टोस

C. फ्रक्टोस

D. गैलैक्टोस

Right Answer is: B

SOLUTION

दूध में पाया जाने वाला डाइसैकैराइड लैक्टोस (दुग्ध-शर्करा) होता है, जो ग्लूकोस और गैलैक्टोस अणुओं के जुड़ने से बनता है। इसका उपयोग पनीर बनाने में किया जाता है क्योंकि लैक्टिक बैक्टीरिया इसे लैक्टिक अम्ल में बदल देता है। इसके कारण दूध खट्टा हो जाता और दही जमता है।


Q. 159420 मोनोसैकैराइड इकाइयाँ डाइसैकैराइड में किन बंधों द्वारा संयुक्त रहती हैं?


A. हाइड्रोजन बंध

B. पेप्टाइड बंध

C. ग्लाइकोसाइडी बंध

D. एस्टर बंध

Right Answer is: C

SOLUTION

दो मोनोसैकैराइड इकाइयों के मध्य निर्मित बंध ग्लाइकोसाइडी बंध कहलाता है।


Q. 159421 उस कार्बोहाइड्रेट का चुनाव करें जो मोनोसैकैराइड नहीं है।


A. राइबोज

B. ग्लाइकोजन

C. गैलैक्टोस

D. ग्लूकोस

Right Answer is: B

SOLUTION

ग्लाइकोजन एक पॉलिसैकैराइड है, जो जंतुओं के यकृत और पेशियों में संग्रहीत होता है।


Q. 159422 विटामिनों के मुख्य स्रोत लिखें।
Right Answer is:

SOLUTION

विटामिनों के मुख्य स्रोत दूध, मक्खन, पनीर, फल, हरी सब्जियाँ, माँस, मछली, अंडे इत्यादि हैं।


Q. 159423 ग्लाइकोसाइडी बंध की परिभाषा दीजिए।
Right Answer is:

SOLUTION

डाइसैकैराइड अथवा पॉलीसैकैराइड में दो मोनोसैकैराइड इकाइयाँ H2O के एक अणु के निष्कासन के उपरान्त बने ऑक्साइड बंध द्वारा जुड़ी रहती हैं। ऑक्सीजन परमाणुओं के माध्यम से दोनों मोनोसैकैराइड इकाइयों के बीच इस तरह के बंध को ग्लाइकोसाइडी बंध कहते हैं।


Q. 159424 अपचायी तथा अनपचायी कार्बोहाइड्रेटों के मध्य अंतर बताइये।
Right Answer is:

SOLUTION

वे सभी कार्बोहाइड्रेट जिनमें हेमीऐसीटैल या हेमीकीटल में ऐल्डिहाइडिक अथवा कीटोनिक समूह होते हैं तथा टॉलेन अभिकर्मक अथवा फेलिंग विलयन को अपचयित कर देते हैं, अपचायी कार्बोहाइड्रेट कहलाते हैं जबकि अन्य जो इन अभिकर्मकों को अपचयित नहीं करते हैं उन्हें अनपचायी कार्बोहाइड्रेटों कहा जाता है।


Q. 159425 जैव-अणु को परिभाषित कीजिए।
Right Answer is:

SOLUTION

जैव अणुओं को जटिल निर्जीव रासायनिक पदार्थों के रूप में परिभाषित किया जा सकता है जो जीवन के आधार का निर्माण करते हैं, अर्थात ये ना केवल जैव तंत्रों (प्राणियों) का निर्माण करते हैं बल्कि उनकी वृद्धि, अनुरक्षण तथा पुनर्जनन की उनकी क्षमता के लिए भी उत्तरदायी होते हैं।


Q. 159426 विटामिनों को जल में विलेयता के आधार पर वर्गीकृत कीजिये । प्रत्येक वर्ग का उदाहरण भी दीजिये ।
Right Answer is:

SOLUTION

विटामिन जटिल कार्बनिक अणु हैं। इन्हें व्यापक रूप से निम्नलिखित वर्गों में वर्गीकृत किया जा सकता है।
(i) जल में विलेय विटामिन: इनमें विटामिन B-कॉम्प्लेक्स तथा विटामिन C शामिल हैं।
(ii) वसा विलेय विटामिन: ये तैलीय पदार्थ होते हैं जो जल में आसानी से घुलनशील नहीं होते हैं। हालांकि ये तेल में विलेय होते हैं। इनमें विटामिन A, D, E और K शामिल होते हैं।


Q. 159427 प्रोटीनों के विकृतीकरण से आप क्या समझते हैं?
Right Answer is:

SOLUTION

जब प्रोटीन के मूल रूप की भौतिक अवस्था, जैसे ताप में परिवर्तन अथवा रासायनिक परिवर्तन जैसे pH में परिवर्तन आदि, परिवर्तन किए जाते हैं, तो हाइड्रोजन आबंधों में अनियमितता उत्पन्न हो जाती है। इसके कारण गोलिका खुल जाती है तथा हैलिक्स अकुंडलित हो जाती है तथा प्रोटीन अपनी जैविक सक्रियता खो देता है। इसे प्रोटीन का विकृतीकरण कहते हैं।


Q. 159428 कार्बोहाइड्रेटों को परिभाषित कीजिए। जलअपघटन के आधार पर कार्बोहाइड्रेटों का वर्गीकरण कीजिए।
Right Answer is:

SOLUTION

कार्बोहाइड्रेट रासायनिक रूप से ध्रुवण घूर्णक पॉलिहाइड्रॉक्सी ऐल्डिहाइड अथवा कीटोन होते हैं।
इन्हें मुख्यतः निम्नलिखित रूप में वर्गीकृत किया गया है:
(i) मोनोसैकैराइड
(ii) ओलिगोसैकैराइड
(iii) पॉलिसैकैराइड


Q. 159429 पेप्टाइड कैसे बनते हैं? आरेख की सहायता से पेप्टाइड आबंध के निर्माण को प्रदर्शित कीजिए।
Right Answer is:

SOLUTION

पेप्टाइड वे एमाइड होते हैं जिनका निर्माण एक α ऐमीनो अम्ल के ऐमीनो समूह के दूसरे α एमीनो अम्ल के अणु के कार्बोक्सिलिक समूह के साथ संघनन करने से होता है और जिसमें जल का एक अणु मुक्त होता है। इस संघनन में भाग लेने वाले ऐमीनो अम्ल समान अथवा भिन्न हो सकते हैं। उन्हें डाइ, ट्राई, टेट्रा आदि के रूप में वर्गीकृत किया जाता है।
उदाहरणार्थ :


Q. 159430 ज़्विटर आयन पर संक्षिप्त टिप्पणी दीजिए।
Right Answer is:

SOLUTION

ऐमीनो अम्ल सामान्यतः रंगहीन, क्रिस्टलीय ठोस होते हैं। ये जल में विलेय तथा उच्च गलनांक वाले ठोस होते हैं। ये सामान्य ऐमीनों तथा कार्बोक्सिलिक अम्लों की भांति व्यवहार नहीं करते हैं बल्कि लवणों की भाँति व्यवहार करते हैं। इनका लवणों की भांति व्यवहार करने का कारण एक ही अणु में अम्लीय तथा क्षारकीय समूहों की उपस्थिति है। जलीय विलयन में कार्बोक्सिलिक समूह एक प्रोटॉन मुक्त कर सकता है और एमीनो समूह एक प्रोटॉन ग्रहण कर सकता है, जिसके फलस्वरूप एक द्विध्रुवीय आयन बनता है, जिसे ज़्विटर आयन कहते हैं।


Q. 159431 (i) मोनोसैकैराइड क्या होते हैं? मोनोसैकैराइडों के दो उदाहरण लिखिए।
(ii) निम्नलिखित से ग्लूकोस बनाने की विधियाँ लिखिए।
(क) सूक्रोस से
(ख) स्टार्च से
Right Answer is:

SOLUTION

(i) मोनोसैकैराइड सरलतम कार्बोहाइड्रेट होते हैं, जिनको पॉलिहाइड्रॉक्सी ऐल्डिहाइड अथवा कीटोन के और अधिक सरल यौगिकों में जल अपघटित नहीं किए जा सकता है।
ग्लूकोस और फ्रक्टोज मोनोसैकैराइड हैं।
ग्लूकोस: (C6H12O6)
फ्रक्टोज: (C6H12O6)
(ii) ग्लूकोस बनाने की विधियाँ:
(क) सूक्रोस से: जब सुक्रोस को तनु HCl अथवा H2SO4के साथ ऐल्कोहॉलिक विलयन में उबाला जाता है, तो ग्लूकोस तथा फ्रक्टोज समान मात्रा में प्राप्त होते हैं।


(ख) स्टार्च से: जब स्टार्च को तनु H2SO4 के साथ 393 K ताप तथा 2 से 3 atm दाब पर उबाला जाता है, तो ग्लूकोस प्राप्त होता है।



Q. 159432 रबर के वल्कनीकरण का सर्वप्रथम प्रयोग 1839 में __________ के द्वारा किया गया था।


A. त्सीग्लर

B. नट्टा

C. गुडइयर

D. इंगोल्ड

Right Answer is: C

SOLUTION

रबर के वल्कनीकरण का सर्वप्रथम प्रयोग गुडइयर द्वारा किया गया था। वल्कनीकरण द्वारा प्राकृतिक रबर के गुणों में सुधार किया गया।


Q. 159433 त्सीग्लर-नट्टा उत्प्रेरक का उपयोग _________ बनाने में किया जाता है।


A. नाइलॉन

B. टेफलॉन

C. अल्प घनत्व पॉलिथीन

D. उच्च घनत्व पॉलिथीन

Right Answer is: D

SOLUTION

त्सीग्लर-नट्टा उत्प्रेरक का उपयोग उच्च घनत्व पॉलिथीन के निर्माण में किया जाता है।


Q. 159434 फेरिक क्लोराइड कट जाने से होने वाले रक्तस्त्राव रोकने के लिए लगाया जाता है, क्योंकि


A. Fe3+ आयन रक्त, जो ऋणावेशित सॉल होता है, को स्कंदित कर देते हैं।

B. Fe3+ आयन रक्त, जो धनावेशित सॉल होता है, को स्कंदित कर देते हैं।

C. Cl- आयन रक्त, जो धनावेशित सॉल होता है, को स्कंदित करते हैं।

D. Cl- आयन रक्त, जो ऋणावेशित सॉल होता है, को स्कंदित करते हैं।

Right Answer is: A

SOLUTION

Fe3+ आयन (रक्त प्लाज्मा में मौजूद) घुलनशील प्रोटीन को स्कंदित कर देते हैं, जो ऋणावेशित होता है।


Q. 159435 स्याही तैयार करने में गोंद का कार्य होता है


A. स्कंदन

B. पेप्टन

C. संरक्षणात्मक क्रिया

D. अधिशोषण

Right Answer is: A

SOLUTION

गोंद एक रक्षी कोलॉइड की तरह कार्य करता है।


Q. 159436 एक उत्प्रेरक अभिक्रिया के वेग को बढा देता है, क्योंकि यह


A. सक्रियण उर्जा को बढ़ाता है।

B. अभिक्रिया के उर्जा अवरोध को कम कर देता है।

C. संघट्ट व्यास को कम कर देता है।

D. ताप गुणांक को बढ़ा देता है।

Right Answer is: B

SOLUTION

उत्प्रेरक उर्जा अवरोध को कम कर देता है, और इसलिए सक्रियण उर्जा कम हो जाती है।


Q. 159437 अच्छे अधिशोषक में होता है


A. कम पृष्ठीय क्षेत्रफल

B. उच्च एन्थैल्पी

C. अधिक पृष्ठीय क्षेत्रफल

D. उच्च अनुत्क्रमणीयता

Right Answer is: C

SOLUTION

अधिशोषण का परिमाण अधिशोषक के पृष्ठीय क्षेत्रफल के बढ़ने के साथ बढ़ता है। अतः महीन चूर्णित धातुएँ एवं सरंध्र पदार्थ जिनका पृष्ठीय क्षेत्रफल अधिक होता है, अच्छे अधिशोषक होते हैं।


Q. 159438 समांगी उत्प्रेरण का एक उदाहरण लिखिए।
Right Answer is:

SOLUTION


Q. 159439 ब्राउनी गति को परिभाषित कीजिए।
Right Answer is:

SOLUTION

ब्राउनी गति, परिक्षेपण माध्यम के अणुओं द्वारा कोलॉइडी कणों के असमान टक्कर के कारण उत्पन्न होती है।


Q. 159440 गैस के क्रांतिक ताप का क्या अर्थ है?
Right Answer is:

SOLUTION

क्रांतिक ताप वह न्यूनतम ताप है जिसके ऊपर किसी भी गैस को द्रवित नहीं किया जा सकता, भले ही कितना अधिक दाब क्यों न लगाया जाये|


Q. 159441 अधिशोषण के दो अनुप्रयोग लिखिए।
Right Answer is:

SOLUTION

(i) झाग प्लवन प्रक्रम में: चीड़ का तेल तथा झाग कारक का उपयोग करके एक निम्न श्रेणी के सल्फाइड अयस्क को सिलिका एवं अन्य मृदा पदार्थों से पृथक कर सांद्रित किया जा सकता है।

(ii) गैस मास्क में: गैस मास्क (एक युक्ति, जिसमें साक्रियित चारकोल अथवा अधिशोषकों का मिश्रण होता है) का उपयोग वायुमंडल में मौजूद विषैली गैसों को अधिशोषित करने के लिए किया जाता है।


Q. 159442 कोलॉइडी कणों पर विद्युत आवेश उत्पन्न होने के दो कारण दीजिए।
Right Answer is:

SOLUTION

कोलॉइडी कणों पर विद्युत आवेश उत्पन्न होने के दो कारण ये हैं:

i) धातुओं के वैद्युतपरिक्षेपण के समय सॉ कणों के द्वारा इलेक्ट्रॉन प्रग्रहण के कारण और विलयन से आयनों के अधिमान्य अधिशोषण के कारण होता है।

ii) कोलॉइडी सॉ के विघटन के कारण होता है।


Q. 159443 विलयन और कोलॉइड के मध्य दो अंतर लिखिए।
Right Answer is:

SOLUTION


Q. 159444 सूर्यास्त के समय सूर्य लाल क्यों दिखता है? कोलॉइडी गुणों के आधार पर व्याख्या कीजिए।
Right Answer is:

SOLUTION

सूर्यास्त के समय, सूर्य क्षैतिज पर रहता है। सूर्य द्वारा उत्सर्जित प्रकाश को वायुमंडल में अधिक दूरी तय करनी पड़ती है। फलतः, प्रकाश का नीला भाग वायुमंडल में धूलकणों द्वारा प्रकीर्णित हो जाता है। अतः, केवल लाल भाग ही दिखाई देता है।


Q. 159445 उत्प्रेरक के तीन गुण लिखिए।
Right Answer is:

SOLUTION

उत्प्रेरक के तीन गुण निम्न हैं:

i) सक्रियता: - यह इसकी रासायनिक अभिक्रिया के वेग को बढ़ाने की क्षमता है।

ii) चयनात्मकता: - यह इसकी किसी अभिक्रिया को दिशा देकर एक विशेष उत्पाद बनाने की क्षमता है।

iii) विशिष्टता: - एक पदार्थ केवल एक विशेष अभिक्रिया के लिए उत्प्रेरक के रूप में कार्य कर सकता है न कि सभी अभिक्रियाओं के लिए।


Q. 159446 उन तीन कारकों का उल्लेख कीजिए जिन पर गैस का ठोस पर अधिशोषण निर्भर करता है।
Right Answer is:

SOLUTION

गैस का ठोस पर अधिशोषण निम्न कारकों पर निर्भर करता है:

i) अधिशोषक का पृष्ठीय क्षेत्रफल: - पृष्ठीय क्षेत्रफल जितना अधिक होता है अधिशोषण भी उतना ही अधिक होता है।

ii) ताप: - ताप बढ़ने से गैस का अधिशोषण घट जाता है।

iii) दाब: - एक निश्चित ताप पर दाब बढ़ने से अधिशोषण बढ़ जाता है।


Q. 159447 द्रवरागी कोलॉइड उत्क्रमणीय सॉल कहलाते हैं, जबकि द्रवविरागी सॉल अनुत्क्रमणीय सॉल। क्यों? प्रत्येक का एक-एक उदाहरण दीजिए।
Right Answer is:

SOLUTION

द्रवरागी कोलॉइड में यदि परिक्षेपण माध्यम को परिक्षिप्त माध्यम से अलग कर दिया जाता है तो सॉल को केवल परिक्षेपण माध्यम के साथ मिश्रित करके पुनः प्राप्त किया जा सकता है। अतः ये उत्क्रमणीय सॉल कहलाते हैं। उदाहरणार्थ: स्टार्च।

द्रवविरागी सॉल में यदि वैद्युत अपघट्य की थोड़ी सी मात्रा मिलायी जाती है, तो ये आसानी से अवक्षेपित हो जाते हैं तथा केवल परिक्षेपण माध्यम से मिलाने मात्र से पुनः कोलॉइडी सॉल नहीं बनाते हैं। अतः इनको अनुत्क्रमणीय सॉल कहते हैं। उदाहरणार्थ: धातु सल्फाइड।


Q. 159448 फेन प्लवन सांद्रण विधि के दौरान ZnS तथा PbS को पृथक करने के लिए उपयोग किया जाने वाला अवनमक है -


A. Mg(CN)2

B. Ca(CN)2

C. NaCN

D. HCN

Right Answer is: C

SOLUTION

सोडियम सायनाइड ZnS की सतह पर सोडियम टेट्रासायनोजिंकेट (II) बनाता है जो इसके झाग को रोकता है।


Q. 159449 मैलाकाइट खनिज है:


A. आयरन का

B. मैग्नीशियम का

C. कॉपर का

D. लेड का

Right Answer is: C

SOLUTION

मैलाकाइट एक कार्बोनेट खनिज है जिसको सामान्यतः “कॉपर कार्बोनेट” कहा जाता है और इसका रसायनिक सूत्र CuCO3.Cu (OH)2 होता है।


Q. 159450 ऐलुमीनियम के धातुकर्म में शुद्ध Al2O3 में क्या मिलाया जाता है?


A. Na3AlF6 अथवा CaF2

B. Na2AlF6 अथवा CaF2

C. Na2AlF6 अथवा CaF3

D. Na3AlF6 अथवा CaF3

Right Answer is: A

SOLUTION

ऐलुमीनियम के धातुकर्म में, शुद्ध Al2O3 में Na3AlF6 या CaF2 मिलाया जाता है, जिससे मिश्रण का गलनांक कम हो जाता है और उसकी चालकता बढ़ जाती है।


Q. 159451 वॉन-आरकैल विधि का उपयोग निम्न में से किसका शोधन करने के लिए किया जाता है?


A. क्रायोलाइट

B. मैंगनीज

C. निकैल

D. जिरकोनियम

Right Answer is: D

SOLUTION

यह विधि Zr और Ti जैसी धातुओं में से ऑक्सीजन और नाइट्रोजन के रूप में उपस्थित अशुद्धियों को हटाने के लिए बहुत उपयोगी होती है। परिष्कृत धातुओं को निर्वातित पात्र में आयोडीन के साथ गर्म किया जाता है। धातु आयोडाइड सहसंयोजी यौगिक होने के कारण आसानी से वाष्पीकृत हो जाते हैं ।


Q. 159452 आयरन का सबसे शुद्धतम रूप है


A. ढलवाँ लोहा

B. कच्चा लोहा

C. इस्पात

D. पिटवाँ लोहा

Right Answer is: D

SOLUTION

पिटवाँ लोहे  में सिर्फ 0.2-0.5% तक कार्बन की अशुद्धि होती है।


Q. 159453 धातुकर्म में, निस्तापन का उपयोग ______को निकालने के लिए किया जाता है।


A. जल और सल्फाइड

B. जल और कार्बन डाइऑक्साइड

C. कार्बन डाइऑक्साइड और हाइड्रोजन सल्फाइड

D. जल और हाइड्रोजन सल्फाइड

Right Answer is: B

SOLUTION

निस्तापन का प्रयोग, वाष्पशील अशुद्धियों को हटाने तथा उनके अपघटन के लिए किया जाता है।


Q. 159454 यदि किसी धातु अयस्क में सिलिका की अशुद्धि है तो उसे निष्कर्षित करने के लिए किस प्रकार के गालक की आवश्यकता होगी?


A. अम्लीय गालक की

B. क्षारीय गालक की

C. अम्लीय और क्षारीय दोनों गालकों की

D. अम्लीय और क्षारीय दोनों गालकों की जरूरत नहीं होगी।

Right Answer is: B

SOLUTION

चूँकि सिलिका अम्लीय अशुद्धि है, अतः गालक क्षारीय होना चाहिए। जैसे कि, CaO + SiO2 → CaSiO3


Q. 159455 मिश्रधातु निम्न में से किसको मिश्रित करके बनाई जा सकती है ?


A. Zn और Pb

B. Fe और Hg

C. Pt और Hg

D. Fe और C

Right Answer is: D

SOLUTION

Fe और C, सीमेनटाइट (Fe3C) नामक मिश्रधातु बनाते हैं। यह कठोर तथा भंगुर होती है।


Q. 159456 वह धातु जो प्रकृति में कभी-कभी मूल अवस्था में भी पायी जाती है


A. ऐलुमीनियम

B. कॉपर

C. आयरन

D. मैग्नीशियम

Right Answer is: B

SOLUTION

कॉपर धातु वायु, आर्द्रता और कार्बन डाइऑक्साइड से आसानी से प्रभावित नहीं होती है, इसलिए कभी-कभी यह मूल अवस्था में पायी जाती है।


Q. 159457 व्यवसायिक रूप से लेड का एक महत्वपूर्ण अयस्क है


A. गेलेना

B. सिडेराइट

C. हेमेटाइट

D. स्फेलेराइट

Right Answer is: A

SOLUTION

गेलेना (PbS) लेड का एक महत्वपूर्ण अयस्क है तथा यह भूपर्पटी में प्राकृतिक रूप से पाया जाता है। यह व्यापक रूप से पाये जाने वाले सल्फाइड अयस्क में से एक है।


Q. 159458 सल्फर को पृथक करने के लिए पाइराइट को गर्म करने की प्रक्रिया को कहा जाता है-


A. द्रावगलन परिष्करण

B. भर्जन

C. निस्तापन

D. प्रगलन

Right Answer is: B

SOLUTION

भर्जन प्रक्रम में सल्फर, सल्फाइड अयस्क (पाइराइट) से सल्फर ऑक्साइड के रूप में पृथक किया जाता है। इस विधि में,अयस्क को ऑक्सीजन की उपस्थिति में गर्म किया जाता है। जिसके परिणामस्वरूप, सल्फर, सल्फर-डाइऑक्साइड गैस के रूप में बाहर निकल जाता है।


Q. 159459 अयस्क के प्रगलन के दौरान गालक का कार्य होता है:


A. ऑक्सीकरण को सुगम बनाना

B. अयस्क को सरंध्र बनाना

C. अपअयस्क को निकालना

D. अपचयन को सुगम बनाना

Right Answer is: C

SOLUTION

गालक वह पदार्थ है जो धातु की अशुद्धियों अर्थात अपअयस्क को निकालने के लिए  प्रगलन भट्टी  में डाला जाता है। आयरन और इस्पात भट्टियों में उपयोग किया जाने वाला गालक चूना पत्थर होता है, जिसे आयरन और ईंधन के साथ उचित अनुपात में मिलाया जाता है।


Q. 159460 पाइरोलुसाइट , एक


A. ऑक्साइड अयस्क है ।

B. एक सल्फाइड अयस्क है ।

C. एक कार्बाइड अयस्क है ।

D. कार्बोनेट अयस्क है ।

Right Answer is: A

SOLUTION

पाइरोलुसाइट (MnO2) मैंगनीज का एक महत्वपूर्ण ऑक्साइड अयस्क है।


Q. 159461 उस विधि का चुनाव करें जिसके द्वारा अतिउच्च शुद्धता वाले अर्धचालक प्राप्त किए जाते हैं


A. वाष्प प्रावस्था परिष्करण

B. मंडल परिष्करण

C. स्तंभ-वर्णलेखन

D. वैद्युतअपघटन परिष्करण

Right Answer is: B

SOLUTION

यह विधि इस सिद्धांत पर आधारित है कि अशुद्धियों की विलेयता धातु की ठोस अवस्था की अपेक्षा गलित अवस्था में अधिक होती है। अशुद्ध धातु की छड़ के एक किनारे पर एक वृत्ताकार गतिशील तापक लगा रहता है। तापक जैसे जैसे आगे की ओर बढ़ता है, गलित से शुद्ध धातु क्रिस्टलित होती जाती है।


Q. 159462 अयस्कों में उपस्थित अशुद्धियाँ


A. धातुमल कहलाती हैं ।

B. गालक कहलाती हैं ।

C. अपअयस्क कहलाती हैं ।

D. खनिज कहलाती हैं ।

Right Answer is: C

SOLUTION

बहुत कम ऐसे अयस्क होते हैं जिनमें केवल वांछित पदार्थ होते हैं। अयस्क सामान्यतया मृदा तथा अवांछित पदार्थों द्वारा संदूषित होते हैं, जिन्हें अपअयस्क अथवा गैंग कहते हैं।


Q. 159463 Au और Ag अयस्कों के सांद्रण की प्रक्रिया उनकी ______ में विलेयता पर आधारित है।


A. NH3

B. NaCN

C. HNO3

D. HCl

Right Answer is: B

SOLUTION

Au और Ag का निष्कर्षण, CN आयन के साथ अयस्क में उपस्थित धातु के निक्षालन से होता है। वस्तुतः Ag और Au दोनों NaCN में विलेय होते हैं और CN आयनों के साथ संकुल बनाते हैं।


Q. 159464 ऐसे अयस्क जिसमें दो भिन्न-भिन्न धातुओं के परमाणु होते हैं:


A. मैग्नेटाइट

B. गेलेना

C. कॉपर पाइराइट

D. हेमेटाइट

Right Answer is: C

SOLUTION

कॉपर पाइराइट CuFeS2 होता है। अतः, इसमें Cu और Fe दोनों धातुएँ उपस्थित  होती हैं। अतः आयरन और कॉपर दोनों का निष्कर्षण कॉपर पाइराइट से किया जा सकता है।


Q. 159465 कैसीटेराइट अयस्क है


A. Sn का

B. Pb का

C. Zn का

D. Mn का

Right Answer is: A

SOLUTION

कैसीटेराइट (SnO2) टिन ऑक्साइड है तथा यह टिन का एक अयस्क है। यह प्रायः अपारदर्शी होता है, किंतु इसका पतला क्रिस्टल पारभासी होता है। कैसीटेराइट टिन का मुख्य अयस्क है।


Q. 159466 कॉपर पाइराइट से कॉपर के निष्कर्षण में आयरन को किस रूप में निकाला जाता है?


A. FeSiO3

B. FeSO4

C. Fe3O4

D. Fe2O3

Right Answer is: A

SOLUTION

कॉपर पाइराइट CuFeS2 है। कॉपर पाइराइट का भर्जन करने पर FeO और FeS प्राप्त होते हैं तथा SO2 जैसी वाष्पशील अशुद्धियाँ निकल जाती हैं। जब भर्जित अयस्क को रेत और कोक के साथ मिश्रित करके भट्टी में डाला जाता है, तो गर्म हवा FeO को FeSiO3 में परिवर्तित कर देती है। FeO + SiO2 → FeSiO3


Q. 159467 सिल्वर, Na[Ag(CN)2] और ________की अभिक्रिया द्वारा प्राप्त किया जा सकता है।


A. गोल्ड

B. ज़िंक

C. प्लैटिनम

D. कॉपर

Right Answer is: B

SOLUTION

सिल्वर, का निष्कर्षण Ag2S अयस्क से किया जाता है। अयस्क को चूर्णित तथा संवर्धित किया जाता और इसकी NaCN विलयन के साथ अभिक्रिया कराई जाती है। Ag2S + 4NaCN → 2Na[Ag(CN)2] + Na2S Na[Ag(CN)2] विलयन को ज़िंक डस्ट से अभिकृत कराया जाता है जिसके परिणामस्वरूप सिल्वर अवक्षेप के रूप में प्राप्त हो जाती है। 2Na[Ag(CN)2]+ Zn → 2Na[Zn(CN)4] + 2Ag


Q. 159468 आयरन के निष्कर्षण के दौरान वात्या भट्टी में


A. सल्फाइड अयस्क का ऑक्सीकरण होता  है ।

B. सल्फाइड अयस्क का धातु में अपचयन होता  है ।

C. ऑक्साइड का धातु में अपचयन होता  है ।

D. सल्फाइड अयस्क का अपचयन होता  है ।

Right Answer is: C

SOLUTION

आयरन के ऑक्साइड अयस्कों को निस्तापन या भर्जन (जल को निष्कासित करने के लिए, कार्बोनेटों का अपघटन करने के लिए तथा सल्फाइडों को ऑक्सीकृत करने के लिए) के द्वारा सांद्रण के उपरांत चूना पत्थर तथा कोक के साथ वात्या भट्टी में ऊपर से डाल देते हैं। यहाँ ऑक्साइड धातु में अपचयित हो जाता है।


Q. 159469 NaCl के जलीय विलयन का वैद्युत अपघटन करने पर बनने वाले उत्पादों के नाम लिखें ।
Right Answer is:

SOLUTION

NaCl के जलीय विलयन का वैद्युत अपघटन करने पर NaOH,H2 तथा Cl2 प्राप्त होते हैं ।


Q. 159470 फेन प्लवन विधि में अवनमक की क्या भूमिका होती है?
Right Answer is:

SOLUTION

फेन प्लवन विधि में अवनमक दो अयस्कों के मिश्रण में एक अयस्क को चयनित रूप से फेन तक आने से रोकता है। इस प्रकार फेन से दूसरे अयस्क को अलग करने में सक्षम बनाता है।


Q. 159471 द्रवीय धावन, गुरुत्वीय पृथक्करण का एक प्रकार होता है। क्यों?
Right Answer is:

SOLUTION

द्रवीय धावन की प्रक्रिया अयस्क तथा गैंग कणों के गुरुत्वीय अंतर पर निर्भर करती है और इसलिए गुरुत्वीय पृथक्करण के रुप में जानी जाती है


Q. 159472 धातुकर्म की परिभाषा लिखिए।
Right Answer is:

SOLUTION

अयस्कों से धातु पृथक्करण में प्रयुक्त होने वाली सम्पूर्ण वैज्ञानिक तथा प्रौद्योगिक प्रक्रिया धातुकर्म कहलाती है।


Q. 159473 अयस्कों की सांद्रता के लिए चुंबकीय पृथक्करण की प्रक्रिया की व्याख्या कीजिए।
Right Answer is:

SOLUTION

चुंबकीय पृथक्करण में अयस्क को एक घूमते हुए पट्टे (conveyer belt)पर डाला जाता है, जो चुंबकीय रोलर पर लगा होता है। यदि अयस्क या गैंग चुंबकीय क्षेत्र की ओर आकर्षित होता है तो वह रोलर के निकट एकत्रित हो जाएगा तथा अचुंबकीय व्यवहार प्रदर्शित करने वाले कण रोलर से दूर एकत्रित हो जाएंगे। 


Q. 159474 डेक्रॉन एक संघनन बहुलक है जिसके एकलक हैं


A. एथिलीन ग्लाइकॉल तथा थैलिक अम्ल

B. एथिलीन ग्लाइकॉल तथा आइसोथैलिक अम्ल

C. एथिलीन ग्लाइकॉल तथा टेरेफ्थैलिक अम्ल

D. एथिलीन ग्लाइकॉल तथा डाइनाइट्रोथैलिक अम्ल

Right Answer is: C

SOLUTION

डेक्रॉन अथवा टेरिलीन पॉलिएस्टर का उदाहरण है। यह एथिलीन ग्लाइकॉल तथा टेरेफ्थैलिक अम्ल के मिश्रण को 420K से 460K ताप तक ज़िंक ऐसीटेट-एंटिमनी ट्राइऑक्साइड उत्प्रेरक की उपस्थिति में गर्म करने पर प्राप्त होता है।


Q. 159475 बैकालाइट __________ का बना होता है।


A. एथेनॉल और मेथेनैल

B. फ़ीनॉल और मेथेनैल

C. एथेनॉल और मेथेनॉल

D. फ़ीनॉल और मेथेनॉल

Right Answer is: B

SOLUTION

बैकालाइट फ़ीनॉल तथा फार्मेल्डीहाइड (मेथेनैल) का संघनन बहुलक है।


Q. 159476 थर्मोप्लास्टिक का उदाहरण चुनें ।


A. पॉलिथीन

B. नाइलॉन

C. ब्यूना-S

D. मेलामाइन

Right Answer is: A

SOLUTION

ये रैखिक अथवा किंचित शाखित शृंखला बहुलक होते हैं, जो कमरे के ताप पर कठोर होते हैं, गरम करने पर मृदुल और ठंडा करने पर पुनः कठोर हो जाते हैं।


Q. 159477 शीतल पेय और शिशु आहार की बोतलों को बनाने में सामान्यतः उपयोग किया जाने वाला बहुलक है:


A. पॉलिस्टाइरीन

B. पॉलियुरेथेन

C. पॉलियूरिया

D. पॉलिऐमाइड

Right Answer is: A

SOLUTION

पॉलिस्टाइरीन, स्टाइरीन का बहुलक है।


Q. 159478 F2C = CF2 एकलक है


A. टेफलॉन का

B. ग्लिप्टल का

C. ब्यूना-S का

D. नाइलॉन -6 का

Right Answer is: A

SOLUTION

F2C = CF2 टेफलॉन का एकलक है। इसका उपयोग नॉन-स्टिक सतह से लेपित बर्तन बनाने के लिए किया जाता है।


Q. 159479 सल्फर के साथ रबर को गर्म करने की प्रक्रिया को कहा जाता है:


A. गैल्वेनीकरण

B. वल्कनीकरण

C. हाइड्रोजनीकरण

D. सल्फ़ोनीकरण

Right Answer is: B

SOLUTION

वल्कनीकरण एक प्रक्रिया है जिसमें प्राकृतिक रबर को सल्फर तथा उपयुक्त योगजों के साथ 373K से 415K के ताप परास के मध्य गरम किया जाता है।


Q. 159480 एस्टर बंध निम्न में से किसमें पाया जाता है।


A. PVC

B. नाइलॉन

C. टेरिलीन

D. टेफलॉन

Right Answer is: C

SOLUTION

टेरिलीन एक पॉलिएस्टर होता है। बहुलक जिनमें एस्टर बंध होते हैं, पॉलिएस्टर कहलाते हैं।


Q. 159481 रैखिक बहुलक का उदाहरण है:


A. बैकेलाइट

B. ग्लाइकोजन

C. निम्न घनत्व पॉलिथीन

D. उच्च घनत्व पॉलिथीन

Right Answer is: D

SOLUTION

रैखिक बहुलको में एकलक एक दूसरे से लंबी एवं सीधी श्रृंखलाओं में जुड़े होते हैं।


Q. 159482 ब्यूना-S बहुलक है


A. एथिलीन ग्लाइकॉल और एडिपिक अम्ल का

B. मेलामाइन और फार्मेल्डीहाइड का

C. 1,3-ब्यूटाडाईन और वाइनिल क्लोराइड

D. 1,3- ब्यूटाडाईन और स्टाइरीन

Right Answer is: D

SOLUTION

ब्यूना-S 1,3- ब्यूटाडाईन और स्टाइरीन का सहबहुलक है।


Q. 159483 उच्च घनत्व पॉलिथीन के निर्माण में उपयोग किया जाना वाला उत्प्रेरक है:


A. विलकिंसन उत्प्रेरक

B. HCl - ZnCl2

C. त्सीग्लर-नट्टा उत्प्रेरक

D. आयरन उत्प्रेरक

Right Answer is: C

SOLUTION

त्सीग्लर-नट्टा उत्प्रेरक में ट्राईएथिलएलुमिनियम और टाइटेनियम टेट्राक्लोराइड होता है। इसका उपयोग उच्च घनत्व पॉलिथीन के निर्माण में किया जाता है।


Q. 159484 टेफलॉन और नियोप्रीन _____________ के उदाहरण हैं।


A. संघनन बहुलक

B. समबहुलक

C. सहबहुलक

D. तिर्यकबंधित बहुलक

Right Answer is: B

SOLUTION

समबहुलक एक ही एकलक स्पीशीज के बहुलकन से बनने वाले योगज बहुलक हैं। टेफलॉन टेट्राफ्लुओरोएथीन का बहुलक है और नियोप्रीन क्लोरोप्रीन का बहुलक है।


Q. 159485 वह बहुलक जो प्रकृति में जैवनिम्नकरणीय है:


A. नाइलॉन -66

B. टेफलॉन

C. सेलुलोस

D. बैकेलाइट

Right Answer is: C

SOLUTION

जीवित प्राणियों द्वारा उत्पादित बहुलक जैव बहुलक कहलाते हैं। स्टार्च, सेलुलोस, प्रोटीन आदि सभी जैवबहुलकों के उदाहरण हैं।


Q. 159486 नॉनस्टिक बर्तन में __________ का विलेपन होता है।


A. PVC

B. PTFE

C. PETE

D. पॉलिस्टाइरीन

Right Answer is: B

SOLUTION

PTFE या टेफलॉन नॉनस्टिक बर्तन पर लेपित होता है।


Q. 159487 कैप्रोलैक्टम __________का एकलक है।


A. नाइलॉन -6

B. टेरिलीन

C. नाइलॉन -610

D. PMMA

Right Answer is: A

SOLUTION

नाइलॉन -6 कैप्रोलैक्टम का समबहुलक है।


Q. 159488 निम्न में से एकलक का उदाहरण चुनें।


A. स्टार्च

B. RNA

C. बैकेलाइट

D. क्लोरोप्रीन

Right Answer is: D

SOLUTION

क्लोरोप्रीन (2- क्लोरोब्यूटा -1, 3-डाईन) नियोप्रीन (संश्लेषित रबर के एक प्रकार) का  एकलक है, जो मुक्त मूलक बहुलकन द्वारा निर्मित होता है।


Q. 159489 जिस बहुलक में ऐमाइड बंधन होते हैं, वह है


A. ऑरलॉन

B. टेरिलीन

C. टेफलॉन

D. नाइलॉन

Right Answer is: D

SOLUTION

पॉलिएमाइड एक ऐसा बहुलक है जिसमें एकलक, ऐमाइड बंधों (-CONH-) से जुड़े होते हैं। ये प्राकृतिक रूप से (प्रोटीन, जैसे कि ऊन और रेशम) में पाए जा सकते हैं और पदशः वृद्धि बहुलकन (नाइलॉन, अरामिड आदि) के माध्यम से कृत्रिम रूप से बनाए जा सकते हैं।


Q. 159490 प्राकृतिक रबर का बहुलक चुनें।


A. 1,3-ब्यूटाडाईन

B. आइसोप्रीन

C. क्लोरोप्रीन

D. 1,2-ब्यूटाडाईन

Right Answer is: B

SOLUTION

प्राकृतिक रबर आइसोप्रीन (2-मेथिल1, 3- ब्यूटाडाईन) का बहुलक है।


Q. 159491 संघनन बहुलक का उदाहरण है:


A. ब्यूना-S

B. ऑरलॉन

C. स्टाइरीन

D. बैकेलाइट

Right Answer is: D

SOLUTION

बैकेलाइट एक संघनन बहुलक है जबकि अन्य सभी योगज बहुलक हैं।


Q. 159492 प्रत्यास्थ बहुलकों को परिभाषित कीजिए।
Right Answer is:

SOLUTION

प्रत्यास्थ बहुलक प्रत्यास्थ गुण युक्त रबर के समान ठोस होते हैं। प्रत्यास्थ बहुलकों में बहुलक की शृंखलाएँ आपस में दुर्बल अंतराआण्विक बलों द्वारा जुड़ी रहती हैं, जो बहुलक को तानित होने देते हैं। उदाहरण- ब्यूना-S, ब्यूना-N, निओप्नीन


Q. 159493 प्राकृतिक रबर की संरचना दीजिए।
Right Answer is:

SOLUTION


Q. 159494 जल कुंभी में _______ अत्यंत तीव्र गति से होता है।


A. कायिक प्रवर्धन

B. एकजनकीय

C. विखंडन

D. खंडन

Right Answer is: A

SOLUTION

जल कुंभी एक उष्णकटिबंधीय, प्लावी जलीय पादप है। इसमें कायिक प्रवर्धन अत्यंत तीव्र गति से होता है। यह ठहरे हुए जल में सबसे अधिक वृद्धि करने वाली खरपतवार है।


Q. 159495 _____एक ऐसी स्थिति है, जिसमें केवल एक जनक से गुणसूत्र संतति में स्थानांतरित होते हैं।


A. एकजनकीय

B. विखंडन

C. खंडन

D. कायिक प्रवर्धन

Right Answer is: A

SOLUTION

एकजनकीय एक ऐसी स्थिति है, जिसमें केवल एक जनक से गुणसूत्र संतति में स्थानांतरित होते हैं। जीव केवल एक जनक से गुणसूत्र की दो प्रतियाँ या एक भाग प्राप्त करता है। दूसरा जनक गुणसूत्र की कोई भी प्रति स्थानांतरित नहीं करता।


Q. 159496 हाइड्रा में किस प्रकार का अलैंगिक प्रजनन होता है?


A. मुकुलन

B. विखंडन

C. खंडन

D. कायिक प्रवर्धन

Right Answer is: A

SOLUTION

मुकुलन की स्थिति में, जनक जीव से  उद्वर्ध के रूप में एक नया जीव उत्पन्न होता है। मुकुलन के समय कोशिकाद्रव्य का विभाजन असमान होता है और छोटी कलिकाएँ उद्वर्ध के रूप में उत्पन्न होती हैं। उदाहरण- हाइड्रा


Q. 159497 अमीबा में किस प्रकार का अलैंगिक जनन होता है?


A. मुकुलन

B. विखंडन

C. खंडन

D. कायिक प्रवर्धन

Right Answer is: B

SOLUTION

विखंडन सबसे सामान्य प्रकार का अलैंगिक जनन है, जिसके परिणामस्वरूप दो संतति कोशिकाओं का निर्माण होता है। उदाहरण- अमीबा


Q. 159498 कायिक प्रवर्धन किस प्रकार का जनन हैं ?


A. अलैंगिक जनन

B. लैंगिक जनन

C. मुकुलन

D. कायिक प्रवर्धन

Right Answer is: A

SOLUTION

अलैंगिक जनन में केवल एक जनक संतति को उत्पन्न करता है। इसमें न तो युग्मक का निर्माण होता है और न ही निषेचन की प्रक्रिया होती है। संततियों में कोई विविधताएँ दिखाई नहीं देतीं, अतः इसके कारण कोई विकासमूलक परिवर्तन नहीं होते।


Q. 159499 बीजाणु निर्माण किस प्रकार का जनन हैं ?


A. अलैंगिक जनन

B. लैंगिक जनन

C. मुकुलन

D. कायिक प्रवर्धन

Right Answer is: A

SOLUTION

अलैंगिक जनन में केवल एक जनक संतति को उत्पन्न करता है। इसमें न तो युग्मक का निर्माण होता है और न ही निषेचन की प्रक्रिया होती है।


Q. 159500 जिस प्रक्रिया से जड़ें, तने और पत्तियां एक नए पौधों को जन्म देती हैं उसे ______ कहते हैं
Right Answer is: D

SOLUTION

कायिक प्रवर्धन पौधों में अलैंगिक जनन के लिए प्रयुक्त होने वाला पारिभाषिक शब्द है। कायिक प्रवर्धन में नए पौधे या तो भूमिगत तनों,  भूपृष्‍ठीय तनों, आदि के द्वारा प्राकृतिक रूप से उत्पन्न होते हैं अथवा वे तने या मूल के कर्तन, रोपण या सूक्ष्म प्रवर्धन जैसी जैव प्रौद्योगिकी विधियों के द्वारा कृत्रिम रूप से उत्पन्न होते हैं|


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