CBSE - MCQ Question Banks (के. मा. शि. बो . -प्रश्नमाला )

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Q. 159501 कायिक प्रवर्धन ब्रायोफिलम में किसके द्वारा होता हैं ?


A. पर्ण कलिकाओं

B. कक्षीय कलिकाओं

C. भूमिगत तने।

D. भूमिगत जड़

Right Answer is: A

SOLUTION

प्रवर्धन की इस विधि में, मांसल पत्तियों के किनारों पर उपस्थित अपस्थानिक कलिकाओं से नए पौधे उत्पन्न होते हैं। ये कलिकाएँ ज़मीन पर गिर जाती हैं और नए पौधों के रूप में वृद्धि करने लगती हैं।


Q. 159502 प्रॉटिस्टा में जनन कैसे होता है ?


A. विखंडन द्वारा

B. खंडन द्वारा

C. मुकुलन द्वारा

D. कायिक प्रवर्धन द्वारा

Right Answer is: A

SOLUTION

विखंडन सबसे सामान्य प्रकार का अलैंगिक जनन है, जो मुख्य रूप से एक कोशिकीय जीवों जैसे मोनेरा और प्रोटिस्टा में संपन्न होता है।


Q. 159503 केले किस प्रकार उगाये जाते हैं?


A. लैंगिक जनन

B. अनिषेक जनन

C. खंडन

D. अनिषेक जनन

Right Answer is: B

SOLUTION

केले अनिषेकजनित होते हैं | वे बिना निषेचन के फल विकसित करते हैं |


Q. 159504 जैस्मीन और गुलाब के पादपों को उगाने के लिए किस विधि का उपयोग किया जाता है?


A. कायिक प्रवर्धन

B. बहु विखंडन

C. बीजाणु निर्माण

D. खंडन

Right Answer is: A

SOLUTION

कायिक प्रवर्धन पौधों में अलैंगिक जनन के लिए प्रयुक्त होने वाला पारिभाषिक शब्द है।  इस विधि में, किसी कायिक कोशिका से नए पौधे उत्पन्न होते हैं। कायिक प्रवर्धन में नए पौधे या तो भूमिगत तनों, भूपृष्‍ठीय तनों, आदि के द्वारा प्राकृतिक रूप से उत्पन्न होते हैं, उदाहरण- जैस्मीन, गुलाब आदि |


Q. 159505 निम्नलिखित में से कंद किसमें पाया जाता है?


A. आलू

B. अदरक

C. लिली

D. स्पाइडर पादप

Right Answer is: A

SOLUTION

कंद पर कक्षीय कलिकाओं से नए प्ररोह उत्पन्न होते हैं, जो पतले भूमिगत प्रकंदों के परिवर्धित अग्र भाग होते हैं। आलू के कंद में तना फूला हुआ होता है और आसंधि भागों को आँख (कलिका) कहा जाता है। प्रत्येक आँख में कक्षीय कलिकाएँ होती हैं, जो कंद को रोपने पर नए पौधों के रूप में विकसित हो जाती हैं।


Q. 159506 स्ट्रॉबेरी में किस प्रकार का कायिक प्रवर्धन होता है?


A. कंद

B. अंतः भूस्तारी

C. उपरिभूस्तारी

D. प्रकंद

Right Answer is: C

SOLUTION

उपरिभूस्तारी भूमि के ऊपर स्थित क्षैतिज तनों  की पर्वसंधियों से उत्पन्न होते हैं। उदाहरण- स्ट्रॉबेरी


Q. 159507 प्रॉटिस्टा और मोनेरा में नए जीव कैसे उत्पन्न होते हैं?


A. विखंडन

B. खंडन

C. मुकुलन

D. कायिक प्रवर्धन

Right Answer is: A

SOLUTION

विखंडन सबसे सामान्य प्रकार का अलैंगिक जनन है, जो मुख्य रूप से एक कोशिकीय जीवों जैसे मोनेरा और प्रोटिस्टा में संपन्न होता है। इस विधि द्वारा दो संतति कोशिकाओं का निर्माण होता है।


Q. 159508 प्याज में किस प्रकार का कायिक प्रवर्धन होता है?


A. कंद

B. अंतः भूस्तारी

C. शल्क कंद

D. प्रकंद

Right Answer is: C

SOLUTION

छोटे भूमिगत तनों पर कक्षीय कलिकाओं से नए शल्क कंद उत्पन्न होते हैं। इनमें तना बहुत छोटा और बिंब के समान होता है।


Q. 159509 ग्लेडियोलस में कायिक प्रवर्धन किसके द्वारा होता है ?


A. प्रकंद

B. घनकंद

C. अंतः भूस्तारी

D. कंद

Right Answer is: B

SOLUTION

घनकंद में, छोटे, मोटे और ऊर्ध्वाधर भूमिगत तनों पर कक्षीय कलिकाओं से नए पौधे उत्पन्न होते हैं।


Q. 159510 लैंगिक प्रजनन में कितने जनक होते हैं?


A. 1

B. 2

C. 3

D. 4

Right Answer is: B

SOLUTION

लैंगिक जनन लिए एक मादा और एक नर जनक की आवश्यकता होती है। इसमें युग्मक के निर्माण और निषेचन की प्रक्रिया सम्मिलित होती है। प्रत्येक जनक आधे गुणसूत्रों का योगदान करता है।


Q. 159511 उस चरण का नाम बताइए जो दो पीढ़ियों के बीच की एक महत्वपूर्ण कड़ी मानी जाती है
Right Answer is: C

SOLUTION

युग्मनज अगली पीढ़ी का प्रारंभिक चरण है | जो माता-पिता के युग्मकों के संयुग्मन द्वारा निर्मित होता है। यह लैंगिक प्रजनन करने वाले सभी जीवों में सर्वव्यापी होता है।


Q. 159512 निम्न में से कौन सी संतति की जीवित रहने की संभावना अधिक है ?


A. मुर्गी

B. सांप

C. रोहू  

D. चूहा

Right Answer is: D

SOLUTION

चूहा एक सजीव प्रजक है | सही भ्रूणीय देखभाल और संरक्षण के कारण इनमें संततियों की उत्तरजीविता के अवसर बढ़ जाते हैं।


Q. 159513 अंजली अपने रसोईघर के बगीचे में पुदीना लगाना चाहती है। उसे निम्न में से किसका उपयोग करना चाहिए ?


A. बीज

B. जड़ें

C. तने

D. पत्ते।

Right Answer is: C

SOLUTION

पुदीना एक जड़ी बूटी है जो उपरिभूस्तारी विधि के माध्यम से कायिक प्रवर्धन करता है| इस विधि में भूमि के ऊपर स्थित क्षैतिज तनों की पर्वसंधियों से नए पौधे उत्पन्न होते हैं।  


Q. 159514 ऑक्सीटॉसिन प्रसव प्रक्रिया में सहायक होता है, यह:


A. दुग्धस्रवण को उद्दीपित करता है

Right Answer is: D

SOLUTION

ऑक्सीटॉसिन प्रसव प्रक्रिया में सहायक होता है, यह मजबूत गर्भाशय संकुचनों को प्रेरित करता है, जिससे शिशु माँ के गर्भाशय से जनन नाल के द्वारा निष्कासित हो जाता है।


Q. 159515 भ्रूणीय विकास के प्रक्रम में, भ्रूण की ह्रदय की धड़कन को सुना जा सकता है:


A. 24 सप्ताह में

Right Answer is: D

SOLUTION

भ्रूणीय विकास के प्रक्रम में लगभग 3 सप्ताह में, भ्रूण की ह्रदय की धड़कन को सुना जा सकता है।


Q. 159516 अपरा द्वारा स्रावित किया जाता है:


A. एच.पी.एल

B. एफ.एस.एच

C. एल.एच

D. एच.सी.एन.जी

Right Answer is: A

SOLUTION

एच.पी.एल (ह्यूमन प्लेसेंटल लैक्टोजन अर्थात मानव अपरा लैक्टजन) अपरा द्वारा स्रावित किया जाता है, यह स्तनपान के लिए स्तन ग्रंथियों के विकास को उद्दीपित करता है|


Q. 159517 यूरि

अपरा भ्रूण के लिए सहायक होता है जल की आपूर्ति में<div class= Right Answer is: C

SOLUTION

अपरा विकासशील भ्रूण को ऑक्सीजन तथा पोषण की आपूर्ति करता है| यह भ्रूण द्वारा निर्मुक्त कार्बन डाईऑक्साइड तथा उत्सर्जी पदार्थों को बहार निकालता है|


Q. 159518 एक स्त्री में अंतर्रोपण होता है:


A. संभोग के बाद चौदहवें दिन

B. संभोग के बाद चौदहवें दिन

C. निषेचन के बाद सातवें दिन

D. निषेचन के बाद चौदहवें दिन

Right Answer is: C

SOLUTION

अंतर्रोपण यानि इम्प्लांटेशन के दौरान, भ्रूण 32-कोशिका वाले चरण में गर्भाशय की दीवार से जुड़ा होता है| यह निषेचन के बाद सातवें दिन होता है|


Q. 159519 भ्रूणीय विकास की घटनाओं का अनुक्रम है:


A. युग्मनज, तूतक, कोरक

B. युग्मनज, कोरक, तूतक

C. कोरक, युग्मनज तूतक

D. कोरक, तूतक, युग्मनज

Right Answer is: A

SOLUTION

एक युग्मनज निरंतर विभाजन जिसे विदलन कहा जाता है के द्वारा पहले कोशिकाओं की एक गेंद - तूतक अर्थात मेरुला फिर द्रव से भरी कोशिकाओं का समूह कोरक अर्थात ब्लास्टुला का निर्माण करता है|


Q. 159520

निषेचन की प्रक्रिया संपन्न होती है अंडवाहिनी नली में<div class= Right Answer is: A

SOLUTION

संभोग के परिणामस्वरुप शुक्राणु गर्भाशय में प्रवेश करते हैं और तैरते हुए अंडवाहिनी नली के संकीर्ण पथ (इस्थमस) तथा तुंबिका (एंपुला) के संधिस्थल तक पहुँचते हैं जहां निषेचन होता है।


Q. 159521 गर्भावस्था को बनाये रखने में सहायक होता है:


A. एंड्रोजन

B. एस्ट्रोजन

C. प्रोजेस्टेरोन

D. रेलैक्सिन

Right Answer is: C

SOLUTION

प्रोजेस्टेरोन द्वारा अन्तः स्तर का पुनर्निर्माण और रखरखाव, अंतर्रोपण के लिए अन्तः स्तर को तैयार करना तथा सफल अंतर्रोपण के पश्चात गर्भावस्था की निरन्तरता नियंत्रित की जाती है|


Q. 159522 एक दो त

आर्तव चक्र के दौरान  अंडाणु का निर्माण होता है<div class= Right Answer is: A

SOLUTION

आर्तव चक्र अर्थात मेन्सट्रूअल साइकिल के दौरान एक माह में एक ही द्वितीयक अंडक का निर्माण होता है| जो कि बाद में एक परिपक्व अंडाणु में परिवर्तित हो जाता है|


Q. 159523 अन्डोत्सर्ग के उपरान्त ग्राफी पुटक का परिवर्तन होता है:


A. अंडाणु में

Right Answer is: B

SOLUTION

अन्डोत्सर्ग के उपरान्त ग्राफी पुटक एक पीले कोशिकाओं के समूह में परिवर्तित हो जाता है जिसे पीत पिंड अर्थात कार्पस ल्युटियम कहते हैं जो अंत में कार्पस एल्बीकेन्स बनाता है|


Q. 159524 गोनैडोट्रापिन रिलीजिंग हार्मोन में वृद्धि के कारण होता है:


A. पित पिंड तथा पुट कोददीपक हार्मोन स्रवण

Right Answer is: B

SOLUTION

गोनैडोट्रापिन रिलीजिंग हार्मोन में वृद्धि अग्र पीयूष ग्रन्थि पर कार्य करती है तथा निम्न दो गोनैडोट्रापिनस के स्रावण को उद्दीपित करती है: पित पिंडकर तथा पुट कोददीपक हार्मोन|


Q. 159525 दुग्ध स्रवण में सहायक होती हैं:


A. कुपिकाएँ

B. पाली नलिकाएँ

C. स्तन तुम्बिका

D. स्तन ग्रन्थियाँ

Right Answer is: C

SOLUTION

एक स्त्री में, अनेक स्तन वाहिनियाँ मिलकर एक स्तन तुम्बिका का निर्माण करती हैं, जो दुग्ध वाहिनी से जुड़ी होती है, जिससे दूध स्तन से बाहर निकलता है |


Q. 159526 मानव में निषेचन के दौरान निर्मित युग्मनज में गुणसूत्रों की संख्या होती है:


A. 46

B. 23

C. 28

D. 14

Right Answer is: A

SOLUTION

मानव में निषेचन के दौरान, 23 गुणसूत्रों वाला एक अंडाणु 23 गुणसूत्रों वाले एक शुक्राणु से संलयन करता है, जिससे 46 गुणसूत्रों वाले एक युग्मनज का निर्माण होता है|


Q. 159527 गोनैडोट्रोपिन रिलीज़िंग होर्मोन द्वारा उद्दीपित होता है:


A. एच.पी.एल तथा एच.सी.जी का स्रवण

B. एल.एच तथा एफ़.एस.एच का स्रवण

C. प्रोजेस्ट्रोन तथा एस्ट्रोजन का स्रवण

D. एंड्रोजनस तथा ऐस्ट्रोजेन का स्रवण

Right Answer is: B

SOLUTION

अधश्चेतक या हाइपोथैलेमस द्वारा स्रावित होने वाला गोनैडोट्रोपिन रिलीज़िंग होर्मोन (जीएनआरएच), पियूष ग्रंथि से एल.एच या ल्यूटिनाइजिंग होर्मोन तथा एफ़.एस.एच या फ़ॉलिकल स्टिमुलेटिंग होर्मोन के स्रवण को उद्दीप्त करता है |


Q. 159528 बल्बोयूरेथ्रल ग्रंथियाँ सहायक होती हैं:


A. प्रोजेस्ट्रोन के उद्दिपन्न में

Right Answer is: C

SOLUTION

बल्बोयूरेथ्रल ग्रंथियाँ पुरस्थ ग्रंथि के भीतर स्थित होती हैं| ये मूत्रमार्ग की अम्लता को निष्क्रिय करने के लिए एक क्षारीय तरल उत्पादित करती हैं। ये स्खलन से पहले एक तरल पदार्थ स्रावित करती हैं, जो शिश्न के स्नेहन में सहायक होता है।


Q. 159529 शुक्राणुजनन की प्रक्रिया को संश्लेषित तथा स्रावित किया जाता है:


A. अधिवृषण द्वारा

Right Answer is: D

SOLUTION

शुक्राणुजनन की प्रक्रिया को लिडीग कोशिकाओं द्वारा संश्लेषित तथा स्रावित किया जाता है|


Q. 159530

प्रोस्टाग्लैंडिन होर्मोन्स उपस्थित होते हैं वृषण में<div class= Right Answer is: C

SOLUTION

शुक्राशय तरल में प्रोस्टाग्लैंडिन नामक होर्मोन्स पाए जाते हैं, जो शुक्राणु कोशिकाओं को अंडाणु तक स्थानांतरित करने के लिए मादा गर्भाशय की मांसपेशियों को उत्तेजित करते हैं


Q. 159531 एक पुरुष सहायक ग्रन्थि है:


A. शुक्राशय

B. शुक्रवाहिका

C. पीयूष

D. थाइरोइड

Right Answer is: A

SOLUTION

पुरुष सहायक ग्रंथियाँ होती हैं- शुक्राशय, पुरस्थ ग्रंथि तथा काउपर की ग्रंथियाँ या बल्बोयुरेथ्रल ग्रंथियाँ |


Q. 159532 वृषण द्वारा स्रावित किया जाता है:


A. प्रोजेस्टेरोन

B. टेस्टोस्टेरोन

C. एस्ट्रोजन

D. रेलैक्सिन

Right Answer is: B

SOLUTION

वृषण नर जनन हार्मोन (टेस्टोस्टेरोन) का स्रावण करते हैं और नर युग्मकों का उत्पादन अर्थात शुक्राणुजनन में सहायक होते हैं |


Q. 159533 युग्मनज का निर्माण होता है:


A. अंडाणु में समसूत्री विभाजन द्वारा

Right Answer is: D

SOLUTION

अर्धसूत्री विभाजन द्वारा स्त्री में अंडाणु और पुरुष में शुक्राणु उत्पादित होते हैं । ये कोशिकाएँ निषेचन के दौरान संलयित होकर युग्मनज का निर्माण करती हैं।


Q. 159534 उस बहुलक का नाम दीजिए जिसका उपयोग अभंजनीय बर्तनों के निर्माण में किया जाता है।
Right Answer is:

SOLUTION

मैलामाइन-फॉर्मेल्डीहाइड बहुलक


Q. 159535 संघनन बहुलक कैसे निर्मित होते हैं? एक उदाहरण देते हुए समझाएँ।
Right Answer is:

SOLUTION


Q. 159536 योगज एवं संघनन बहुलक के मध्य अंतर समझाइए।
Right Answer is:

SOLUTION

क्र. सं.

योगज बहुलक

संघनन बहुलक

1.

ये बहुलक द्वि अथवा त्रि-आबंध युक्त एकलक अणुओं के पुनरावृत्त योग से बनते हैं।

ये बहुलक दो भिन्न द्विक्रियात्मक अथवा त्रिक्रियात्मक एकलक इकाइयों के बीच पुनरावृत्त संघनन अभिक्रिया द्वारा बनते हैं।

2.

उदाहरण: पॉलिथीन

उदाहरण: नाइलॉन-6,6


Q. 159537 सहबहुलकन को परिभाषित कीजिए। सहबहुलक के निर्माण को प्रदर्शित करने वाली रासायनिक अभिक्रिया दीजिए।
Right Answer is:

SOLUTION

सहबहुलकन वह बहुलकन प्रक्रिया है जिसमें एक से अधिक प्रकार एक एकलकों के मिश्रण का बहुलकन करने पर एक सहबहुलक बनता है। उदाहरण के लिए- 1, 3 ब्यूटाडाईन और स्टाइरीन का मिश्रण एक सहबहुलक बनाता है।


Q. 159538 रबर के वल्कनीकरण की प्रक्रिया को समझाइए
Right Answer is:

SOLUTION

प्राकृतिक रबर उच्च ताप पर नरम और निम्न ताप पर भंगुर होती है। इसमें उच्च जल अवशोषण क्षमता होती है। यह अध्रुवीय विलायकों में घुलनशील और ऑक्सीकरण कर्मकों के प्रति प्रतिरोधी नहीं है।

इन भौतिक गुणों में सुधार के लिए वल्कनीकरण की प्रक्रिया की जाती है। इसमें 373 K से K ताप परास के बीच अपरिष्कृत रबर को सल्फर के साथ गरम किया जाता है।

वल्कनीकरण से, द्विबंधों की अभिक्रियाशीलता स्थितियों पर सल्फर तिर्यक बंध बनाता है और इस प्रकार रबर कठोर हो जाती है।


Q. 159539 नाइलॉन-6 के निर्माण की विधि और उसके दो उपयोग दीजिए।
Right Answer is:

SOLUTION

नाइलॉन-6, उच्च ताप पर जल के साथ कैप्रोलैक्टम को गरम करके प्राप्त किया जाता है।

1. नाइलॉन-6 का उपयोग टायर बनाने में किया जाता है।

2. नायलॉन -6 का उपयोग पर्वतारोहण की रस्सियों के निर्माण के लिए किया जाता है।


Q. 159540 संरचनात्मक बहुलकों के तीन विभिन्न प्रकारों के विषय में लिखिए। प्रत्येक के उदाहरण भी दीजिए।
Right Answer is:

SOLUTION

संरचना के आधार पर बहुलक तीन विभिन्न प्रकार के होते हैं:

(1) रैखिक बहुलक: इन बहुलकों में लंबी एवं रेखीय शृंखलाएँ होती हैं।

उदाहरण: पॉलिथीन, पॉलिवाइनिल क्लोराइड आदि।

(2) शाखित शृंखला बहुलक: इन बहुलकों में रेखीय शृंखलाओं में कुछ शाखाएँ होती हैं। उदाहरण: निम्न घनत्व पॉलिथीन

(3) तिर्यकबंधित बहुलक: यह सामान्यतः द्विक्रियात्मक और त्रिक्रियात्मक एकलकों से बनते हैं तथा विभिन्न रेखीय बहुलक शृंखलाओं के बीच प्रबल सहसंयोजक बंध होते हैं।

उदाहरण: बैकेलाइट, मैलामाइन आदि।


Q. 159541 (क) पॉलिएक्रीलोनाइट्राइल और पॉलिएस्टर के बीच क्या अंतर होता है? एक उदाहरण भी दीजिए। (ख) यह –[–CH2–CH(C6H5)–]–n एक समबहुलक अथवा सहबहुलक है? (ग) प्रोटीन एक प्राकृतिक बहुलक अथवा मानव-निर्मित बहुलक? (घ) टेरिलीन दो एकलकों का एक बहुलक है। इसके एकलकों का नाम दीजिए।
Right Answer is:

SOLUTION

(ख) इस बहुलक–[–CH2–CH(C6H5)–]–n का एकलक स्टाइरीन (CH2=CHC6H5) है। इसलिए यह स्टाइरीन का समबहुलक है।

(ग) प्रोटीन एक प्राकृतिक बहुलक है।

() टेरिलीन बहुलक के दो एकलक एथिलीन ग्लाइकॉल और टेरेफ्थैलिक अम्ल हैं।


Q. 159542 एक औषध जिसका उपयोग पीड़ाहारी तथा ऐंटीपायरेटिक दोनों के रूप में किया जा सकता है:


A.

एनालजीन

B.

ऐस्पिरिन         

C.

फेनासेटिन 

D. नेपरोक्सन

Right Answer is: B

SOLUTION

ऐस्पिरिन में पीड़ाहारी तथा ऐंटीपायरेटिक दोनों के गुणधर्म होते हैं।


Q. 159543 प्रतिजैविक पेनिसिलिन की खोज करने वाले वैज्ञानिक थे:


A. नील बोर

B. मैक्स प्लांक

C. एलेक्जेंडर फ्लेमिंग

D. डॉल्टन

Right Answer is: C

SOLUTION

पेनिसिलिन पहला प्रतिजैविक है, जिसे एलेक्जेंडर फ्लेमिंग ने खोजा था।


Q. 159544 दुर्गंध को कम करने के लिए साबुन में मिलाया जाने वाला पूतिरोधी है:


A. डेटॉल

B. बाइथायोनॉल

C. बोरिक अम्ल

D. आयोडोफ़ार्म

Right Answer is: B

SOLUTION

बाइथायोनॉल एक पूतिरोधी है, जो जीवाणु अपघटन द्वारा उत्पन्न दुर्गंध को कम करने के लिए साबुन में मिलाया जाता है।


Q. 159545 मैग्नीशियम हाइड्रॉक्साइड _________ का एक उदाहरण है।


A.

प्रतिअम्ल              

B. पीड़ाहारी

C.

निद्राजनक

D. प्रतिअवसादक

Right Answer is: A

SOLUTION

मैग्नीशियम हाइड्रॉक्साइड एक प्रतिअम्ल है और यह पेट में अम्ल के आधिक्य को उदासीन करता है।


Q. 159546 डेटॉल में होते हैं:


A.

ज़ाइलिनॉल + टर्पीनिऑल

B.

क्लोरोज़ाइलिनॉल + टर्पीनिऑल

C.

क्रीसॉल + एथेनॉल

D. क्लोरोज़ाइलिनॉल + क्रीसॉल

Right Answer is: B

SOLUTION

डेटॉल क्लोरोज़ाइलिनॉल तथा टर्पीनिऑल का मिश्रण होता है।


Q. 159547 एथेनॉल में घोलकर और फिर विलायक के आधिक्य को वाष्पित करके बनाए जाने वाला साबुन होता है:


A.

औषध साबुन                      

B. दाढ़ी बनाने का साबुन

C.

पारदर्शी साबुन 

D. पानी में तैरने वाले साबुन

Right Answer is: C

SOLUTION

पारदर्शी साबुन, साबुन को एथेनॉल में घोलकर और फिर विलायक के आधिक्य को वाष्पित करके बनाए जाते हैं।


Q. 159548 जब स्टीऐरिक अम्ल, पॉलीएथिलीन ग्लाइकॉल के साथ अभिक्रिया करता है तो


A.

धनायनी अपमार्जक बनता है

B.

ऋणायनी अपमार्जक बनता है  

C.

अनायनिक अपमार्जक बनता है  

D. साबुन बनता है

Right Answer is: C

SOLUTION

जब स्टीऐरिक अम्ल, पॉलीएथिलीन ग्लाइकॉल के साथ अभिक्रिया करता है, तो अनायनिक अपमार्जक बनता है। अनायनिक अपमार्जकों की संरचना में कोई आयन नहीं होता है।


Q. 159549 धनायनी अपमार्जक जो सामान्यतः केश कंडीशनर में उपयोग किया जाता है:


A.

सेटिलट्राइमेथिल अमोनियम क्लोराइड

B.

सेटिलटेट्रामेथिल अमोनियम ब्रोमाइड

C.

सेटिलटेट्रामेथिल अमोनियम क्लोराइड

D.

सेटिलट्राइमेथिल अमोनियम ब्रोमाइड

Right Answer is: D

SOLUTION

यह केश कंडीशनिंग के अतिरिक्त जीवाणुनाशी के रूप में भी कार्य करता है।


Q. 159550 प्रतिहिस्टैमिन का एक उदाहरण है:


A.

ऐम्पिसिलिन

B.

पेनिसिलिन

C.

ल्यूमिनल

D. सेलडेन

Right Answer is: D

SOLUTION

सेलडेन प्रतिहिस्टैमिन का एक उदाहरण है। प्रतिहिस्टैमिन शरीर में मुक्त हिस्टैमिन के प्रमुख प्रभावों को समाप्त करती है तथा एलर्जी के कारणों को रोकती है।


Q. 159551 संकीर्ण स्पेक्ट्रम प्रतिजैविक का एक उदाहरण है:


A. वेंकोमाइसिन

B. पेनिसिलिन

C.

नॉरएथिनड्रान

D.

सोफ्रामाइसिन

Right Answer is: B

SOLUTION

पेनिसिलिन एक संकीर्ण स्पेक्ट्रम प्रतिजैविक है। जो प्रधानतः ग्रैम -ग्राही अथवा ग्रैम-अग्राही जीवाणुओं की विरुद्ध प्रभावी होते हैं संकीर्ण स्पेक्ट्रम प्रतिजैविक कहलाते हैं।


Q. 159552 डेटॉल एक _______ है।


A. ऐन्टीपायरेटिक

B. पूतिरोधी

C. संक्रमणहारी

D. पीड़ाहारी

Right Answer is: B

SOLUTION

डेटॉल एक पूतिरोधी है और यह क्लोरोज़ाइलिनॉल तथा टर्पीनिऑल का मिश्रण होता है।


Q. 159553 उस कृत्रिम मधुरक का चुनाव करें जो कैलोरी प्रदान नहीं करता है।


A.

एलिटेम

B.

ऐस्पार्टेम

C.

सुक्रालोस

D. डल्सिन

Right Answer is: C

SOLUTION

सुक्रालोस सुक्रोस का ट्राइक्लोरो व्युत्पन्न है। यह कैलोरी नहीं देता है।   


Q. 159554 खाद्य परिरक्षक के रूप में उपयोग किया जाने वाला रसायन है:


A. सुक्रालोस

B.

चीनी

C. विटामिन

D. ऐस्पार्टेम

Right Answer is: B

SOLUTION

परिरक्षक वह पदार्थ होते हैं, जो सूक्ष्मजीवों, खमीर तथा फंफूदी से खाद्य पदार्थों को बचाने के लिए उपयोग किए जाते हैं। उदाहरणार्थ – चीनी, नमक आदि।  


Q. 159555 संश्लिष्ट अपमार्जक है:


A.

साबुन

B.

उत्प्रेरक

C.

शोधन अभिकर्मक  

D. झाग

Right Answer is: C

SOLUTION

संश्लिष्ट अपमार्जक वह शोधन अभिकर्मक होते हैं जिनमें साबुन के सभी गुण होते हैं परंतु ये वास्तव में साबुन नहीं होते हैं।


Q. 159556 संश्लिष्ट ऋणायनी अपमार्जकों में सामान्यतः पाया जाने वाला समूह है:


A.

-SO3Na

B.

-CO3Na

C.

-OH

D.

-SO3NH2

Right Answer is: A

SOLUTION

ऋणायनी अपमार्जक दीर्घ शृंखला वाले ऐल्कोहॉलों अथवा हाइड्रोकार्बनों के सल्फोनेटित व्युत्पन्न होते हैं। संश्लिष्ट ऋणायनी अपमार्जकों में सामान्यतः -SO3Na समूह उपस्थित होता है।


Q. 159557 प्रतिअवसादक औषध का उदाहरण चुनें है।


A.

इप्रोनाइज़ि

B. क्लोरफेनिरामिन

C. ओमेप्राजोल

D. ऑफ्लोक्सासिन

Right Answer is: A

SOLUTION

इप्रोनाइज़िड एक प्रतिअवसादक औषध है। प्रतिअवसादक औषधियाँ नॉरएड्रीनेलिन का निम्नीकरण उत्प्रेरित करने वाले एंजाइमों को संदमित करती हैं।


Q. 159558 साबुन होते हैं:


A.

वसा अम्लों के कैल्सियम लवण

B.

वसा अम्लों के सोडियम लवण

C.

एस्टर

D.

वसा अम्लों के खनिज लवण

Right Answer is: B

SOLUTION

सफाई के लिए प्रयोग किए जाने वाले साबुन, दीर्घ शृंखला वाले वसा-अम्लों के सोडियम अथवा पोटैशियम लवण होते हैं। उदाहरणार्थ- स्टिऐरिक, ओलीक तथा पामिटिक अम्ल। सोडियम लवण युक्त साबुन (अर्थात् वसा अम्लों के ग्लिसरिल एस्टर) सोडियम हाइड्रॉक्साइड के जलीय विलयन के साथ वसा अम्लों को गर्म करके बनाए जाते हैं।


Q. 159559 कृत्रिम मधुरक अभिकर्मक के रूप में प्रयोग किया जाने वाला रासायनिक पदार्थ है:


A.

आयोडोफार्म

B.

सोफ्रामाइसिन

C.

डेटॉल

D.

ऐस्पार्टेम

Right Answer is: D

SOLUTION

ऐस्पार्टेम एक कृत्रिम मधुरक अभिकर्मक है जबकि डेटॉल, सोफ्रामाइसिन तथा आयोडोफार्म पूतिरोधी हैं।


Q. 159560 प्रतिजनन क्षमता औषध का एक उदाहरण है:


A.

क्लोरोज़ाइलिनॉल

B.

ऑफ्लोक्सासिन

C.

नॉरएथिनड्रान

D.

वैलियम

Right Answer is: C

SOLUTION

नॉरएथिस्टेरोन (अथवा नॉरएथिनड्रान) एक अणु है, जिसका उपयोग जनन नियंत्रण औषधियों में किया जाता है। यह एक प्रोजेस्टोजेन है जिसका उपयोग पीड़ायुक्त मासिक धर्म, असामान्य अति रक्तस्राव, अनियमित मासिक धर्म, रजोनिवृत्ति लक्षण, रुके हुए मासिक धर्म के उपचार के लिए किया जाता है।     


Q. 159561 प्रशांतक वे पदार्थ होते हैं, जिनका उपयोग _________ के उपचार के लिए किया जाता है।


A.

एड्स

B.

मानसिक रोगों

C.

संक्रमण

D.

बुखार

Right Answer is: B

SOLUTION

प्रशांतकों का उपयोग मानसिक बीमारियों के इलाज लिए किया जाता है। मानसिक बीमारी किसी व्यक्ति में होने वाला एक मनोवैज्ञानिक अथवा व्यावहारिक परिवर्तन है, जो कि पीड़ा या अक्षमता का कारण बनता है।  


Q. 159562 पीड़ाहारी का एक उदाहरण है:


A.

ऐम्पिसिलिन

B.

पेनिसिलिन  

C.

ल्यूमिनल

D.

2-एसीटॉक्सीबेंज़ोइक अम्ल

Right Answer is: D

SOLUTION

पीड़ाहारी (एनैलजेसिक) शरीर के दर्द को  कम करते हैं। 2- एसीटॉक्सीबेंज़ोइक अम्ल एक पीड़ाहारी है, जिसे सामान्यतः ऐस्पिरिन के रूप में जाना जाता है।


Q. 159563 दो प्रति-अम्लों के नाम और उनकी संरचना दीजिए।
Right Answer is:

SOLUTION

1. रैनिटिडीन

2. सिमेटिडीन :


Q. 159564 डॉक्टरों से परामर्श लिए बिना दवाएँ क्यों नहीं लेनी चाहिए?
Right Answer is:

SOLUTION

जब एक औषध एक से अधिक ग्राही स्थलों को प्रभावित करती है, तो यह दुष्प्रभाव का कारण बनती है। दूसरी ओर दवा की खुराक का भी प्रभाव पड़ता है क्योंकि कुछ दवाओं की अधिक खुराक हानिकारक होती है। इसलिए सही दवा चुनने के लिए डॉक्टर से परामर्श लेना चाहिए।


Q. 159565 पूतिरोधी, विसंक्रामी से भिन्न कैसे होते हैं?
Right Answer is:

SOLUTION

पूतिरोधी वे रसायन होते हैं, जो सूक्ष्मजीवों की वृद्धि को रोकने अथवा उनको मारने के लिए उपयोग किए जाते हैं लेकिन ये सजीव ऊतकों के लिए हानिकारक नहीं होते हैं।
उदाहरण: डेटॉल, सोफ्रामाइसिन आदि।

विसंक्रामी वे रसायन होते हैं जिनका उपयोग सूक्ष्म जीवों को मारने के लिए किया जाता है लेकिन ये सजीव ऊतकों के लिए हानिकारक होते हैं
उदाहरण: फीनॉल, क्लोरीन आदि।


Q. 159566 टिंक्चर आयोडीन क्या है? इसका एक उपयोग दीजिए।
Right Answer is:

SOLUTION

ऐल्कोहॉल तथा जल में आयोडीन का 2-3% विलयन, टिंक्चर आयोडीन कहलाता है। यह घावों के लिए पूतिरोधी के रूप में प्रयोग किया जाता है।


Q. 159567 निम्नलिखित औषधियों का वर्गीकरण कीजिए:
(क) इक्वैनिल
(ख) मॉर्फीन
(ग) माइफप्रिस्टन
(घ) आप्रेज़ोल
Right Answer is:

SOLUTION

(क) इक्वैनिल: प्रशांतक
(ख) मॉर्फीन: पीड़ाहारी
(ग) मिफेप्रिस्टोन
: प्रतिजननक्षमता औषध
(घ) आप्रेज़ोल: प्रति-अम्ल


Q. 159568 निम्नलिखित शब्दों को उपयुक्त उदाहरणों द्वारा समझाइए।
(क) ऋणायनी अपमार्जक
(ख) धनायनी अपमार्जक
(ग) अनायनिक अपमार्जक
Right Answer is:

SOLUTION

क) ऋणायनी अपमार्जक:
ऋणायनी अपर्माजक, दीर्घ शृंखला वाले ऐल्कोहॉलों अथवा हाइड्रोकार्बनों के सोडियम लवण होते हैं।
ये दो प्रकार के होते हैं:
i) सोडियम एल्किल सल्फेट: उदाहरण- सोडियम लॉराइल सल्फेट
(C11H23CH2OSO3Na)
ii) सोडियम एल्किलबेंजीनसल्फोनेट: उदाहरण- सोडियम डोडेसिल बेंजीनसल्फोनेट

(ख) धनायनी अपमार्जक:
धनायनी अपमार्जक ऐमीनों के ऐसीटेट, क्लोराइड अथवा ब्रोमाइड ऋणायनों के साथ बने चतुष्क अमोनियम लवण होते हैं। उदाहरण: सेटिलट्राइमेथिल अमोनियम ब्रोमाइड
(ग) अनायनिक अपमार्जक:

ये ऐल्कोहॉल तथा वसीय अम्लों वाले उच्च आण्विक द्रव्यमान के एस्टर होते हैं। उदाहरण- पॉलीएथिलीन ग्लाइकॉल स्टिएरेट

[CH3(CH2)16COO(CH2CH2O)nCH2CH2OH]


Q. 159569 साबुन की शोधन क्रिया की व्याख्या कीजिए।
Right Answer is:

SOLUTION

मान लीजिए कुछ वसा अथवा तेल एक कपड़े की सतह पर लगा हुआ है। जब यह साबुन के विलयन के संपर्क में आता है, तो स्टिऐरेट आयन का जलविरागी भाग तेल की ओर होता है और जलरागी भाग तेल के बाहर की ओर होता है । चूँकि जलरागी भाग ध्रुवीय होता है, इसलिए यह तेल की बूंदों के चारो ओर उपस्थित जल अणुओं के साथ अंतः क्रिया करता है। परिणामस्वरुप तेल की बूँद कपड़े की सतह से निकल कर जल में गिरती हैं तथा आयनिक मिसेल का निर्माण करती हैं, जो जल के आधिक्य के साथ बह जाती हैं।


Q. 159570 निम्नलिखित को उदाहरण के साथ परिभाषित कीजिए:
(i) खाद्य परिरक्षक
(ii) जैव-निम्ननीकृत अपमार्जक
(iii) कृत्रिम मधुरक कर्मक
Right Answer is:

SOLUTION

(i) खाद्य परिरक्षक: वे रासायनिक पदार्थ, जो खाद्य पदार्थों को सूक्ष्मजीवों जैसे - जीवाणुओं, यीस्ट तथा कवक की वृद्धि के कारण होने वाली खराबी से बचाते हैं
उदाहरण – सोडियम बेंजोएट, नमक, चीनी इत्यादि

(ii) जैव निम्नीकृत अपमार्जक: सीधी हाइड्रोकार्बन शृंखला वाले अपमार्जक सूक्ष्मजीवों से आसानी से अपघटित होते हैं।
उदाहरण: सोडियम लॉराइल सल्फेट आदि।

(iii) कृत्रिम मधुरक कर्मक : वे रासायनिक पदार्थ जो खाद्य पदार्थों को मीठा बनाने के लिए तथा उनकी महक तथा स्वाद को बढ़ाने के लिए प्रयुक्त किए जाते हैं कृत्रिम मधुरक कर्मक कहलाते है।
उदाहरण: ऐस्पार्टेम, सूक्रालोस आदि।


Q. 159571 उदाहरण सहित निम्नलिखित के विषय में समझाएं । (i) प्रशांतक
(ii) प्रतिजननक्षमता औषध
(iii) प्रतिहिस्टैमिन
Right Answer is:

SOLUTION

(i) प्रशांतक: ऐसे रसायन जिसका उपयोग तनाव तथा छोटी या बड़ी मानसिक बीमारियों के उपचार में किया जाता है, प्रशांतक कहलाते है। उदाहरण- क्लोरडाइजेपॉक्साइड तथा मेप्रोबमेट आदि।
 

(ii)प्रतिजननक्षमता औषध: ऐसे रसायन जिनका उपयोग गर्भाधान या निषेचन में अवरोध डालकर गर्भावस्था को नियंत्रित करने के लिए किया जाता है, प्रतिजननक्षमता औषध कहलाते हैं। उदाहरण- नॉरएथिनड्रान, माइफप्रिस्टॉन।

(iii)प्रतिहिस्टैमिन: औषधियाँ, जो हिस्टैमिन के बनने को रोकती हैं, उन्हें प्रतिहिस्टैमिन कहा जाता है।
उदाहरण-
ब्रोमफ़्रेनिरामिन और टरफेनाडीन


Q. 159572 क) ऐंटीपायरेटिक को परिभाषित कीजिए। ख) औषधियों के वर्गीकरण के चार भिन्न आधारों को लिखिए और उनकी व्याख्या कीजिए।
Right Answer is:

SOLUTION

क) ऐसे रसायन जिनका उपयोग तीव्र ज्वर में शरीर के तापमान को कम करने के लिए किया जाता है, ऐंटीपायरेटिक अथवा ज्वरनाशी कहलाते है।

ख) औषधियों को निम्न आधारों पर वर्गीकृत किया जाता है:
1. भेषजगुणविज्ञानीय प्रभाव:


i. पीड़ाहारी: पीड़ानाशक प्रभाव

ii. ऐन्टीपायरेटिक: तीव्र ज्वार में शरीर के तापमान को कम करता है


iii. पूतिरोधी: सूक्ष्म जीवों को नष्ट करते हैं अथवा उनकी वृद्धि को रोकते हैं

iv. प्रतिअवसादक : मनः स्थिति बदलने में सहायक होते हैं।

 

2. औषध प्रभाव
हिस्टैमिन यौगिक के प्रभाव को सभी प्रतिहिस्टैमिन कम करते हैं, जो कोशिकाओं में विमोचित होती है और शरीर में एलर्जी अथवा सूजन का कारण बनती है
 

3. रासायनिक संरचना

समान रासायनिक संरचना वाली औषधियों की समान भेषजगुणविज्ञानीय क्रियाशीलता हो सकती है।

सभी सल्फोनेमाइडों के संरचनात्मक सूत्र समान होते हैं और उन सभी में जीवाणुरोधी गुण होते है।

4. लक्ष्य अणु

औषध जैव अणुओं जैसे- कार्बोहाइड्रेट, लिपिड, प्रोटीन तथा न्यूक्लीक अम्लों से अन्योन्यक्रिया करती है, जिन्हें लक्ष्य – अणु अथवा औषध – लक्ष्य कहते हैं। समान संरचनात्मक विशेषताओं वाली औषधों की लक्ष्यों पर क्रियाविधि समान हो सकती है।

 


Q. 159573 उस चरण का नाम बताइए जो दो पीढ़ियों के बीच की एक महत्वपूर्ण कड़ी मानी जाती है
Right Answer is: C

SOLUTION

युग्मनज अगली पीढ़ी का प्रारंभिक चरण है | जो माता-पिता के युग्मकों के संयुग्मन द्वारा निर्मित होता है। यह लैंगिक प्रजनन करने वाले सभी जीवों में सर्वव्यापी होता है।


Q. 159574 बीजाणुजनन का क्या अर्थ है ?


A. भ्रूण का गठन।

B. युग्मनज का गठन।

C. बीजाणुओं का अंकुरण।

D. बीजाणुओं का विकास और गठन।

Right Answer is: D

SOLUTION

बीजाणुजनन की प्रक्रिया बीजाणुधानी मे होती है | इस प्रक्रिया में बीजाणुधानी कोशिकाएं विभाजित होकर बीजाणु उत्पन्न करती हैं |


Q. 159575 निम्न मे से किस पादप मे एकबीजपत्र पाया जाता है ?


A. सेब

B. गन्ना

C. सरसों

D. मटर

Right Answer is: B

SOLUTION

गन्ना एकबीजपत्री पादप है, इसके बीज में एक बीजपत्र होता है |


Q. 159576 निम्न मे से उस भाग का नाम बताये जो युग्मकों को अंडाशय तक स्थानांतरित करने मे मदद करता है ?


A. परागनली

B. कशाभिका।

C. वर्तिका

D. युग्मकों

Right Answer is: A

SOLUTION

निषेचन की प्रक्रिया के दौरान युग्मकों को परागनली द्वारा अंडाशय तक स्थानांतरित किया जाता है।


Q. 159577 स्ट्रॉबेरी फल का कौन-सा भाग आप खाते हैं?


A. अंडाशय

B. वर्तिकाग्र

C. बीज

D. पुष्पासन

Right Answer is: D

SOLUTION

निषेचन के बाद स्ट्रॉबेरी का पुष्पासन गूदेदार या मांसल हो जाता है और फल में परिवर्तित हो जाता है। जिसको हम फल के रूप में खाते हैं|


Q. 159578 गैर-एल्बुमिनसबीज वाले पादप का उदाहरण है:


A. गेहूं

B. मूंगफली

C. सूरजमुखी

D. मक्का

Right Answer is: B

SOLUTION

गैर-एल्बुमिनसबीजों में कोई अवशिष्ट भ्रूणपोष नहीं होता क्योंकि भ्रूण के विकास के दौरान यह पूरी तरह से उपयोग हो जाता है। जैसे- मूंगफली| बाकी पादप एल्बुमिनस बीजों को उत्पादित करते हैं।


Q. 159579 किस पादप का विकासशील भ्रूण अपने ही भ्रूणपोष को पोषण के लिए उपयोग करता है?


A. मटर

B. अरंडी

C. नारियल

D. लिची

Right Answer is: A

SOLUTION

मटर के पौधे में, भ्रूण के विकास के दौरान भ्रूणपोष पूरी तरह उपयोग किया जाता है जबकि अन्य पौधों में यह परिपक्व बीज में बना रहता है।


Q. 159580 निम्न में से युक्का पुष्प की क्या विशेषता है ?


A. हवा परागित

B. पानी परागित

C. पक्षी परागित

D. कीट परागित

Right Answer is: D

SOLUTION

किसी पुंकेसर के परागकोश से पराग कण का किसी स्त्रीकेसर के वर्तिकाग्र में स्थानांतरण/संचारण परागण कहलाता है। युक्का पुष्प मे परागण कीट के द्वारा होता है |


Q. 159581 वि

एकलिंगता वह स्थिति है जिसमें एकलिंगी पुष्प होते हैं<div class= Right Answer is: A

SOLUTION

एकलिंगता वह स्थिति है जिसमें एकलिंगी पुष्प होते हैं| इस स्थिति में परानिषेचन अनिवार्य होता है।


Q. 159582 गेहूं और चावल में पराग कितने समय तक दिखाये देता है?


A. एक महीना

B. एक सप्ताह

C. 30 मिनिट

D. 60 सेकंड

Right Answer is: C

SOLUTION

गेहूं और चावल में, पराग 30 मिनट तक दिखाई देते है।


Q. 159583 निम्न में से किस पौधे में एक से अधिक अंडप होते हैं?


A. आम

B. लीची

C. काजू

D. आर्किड

Right Answer is: D

SOLUTION

ऑर्किड में एक से अधिक अंडप होते हैं जबकि आम, लिची और काजू प्रत्येक में एक-एक ही अंडप होता है।


Q. 159584 पक्षिओं द्वारा परागित पुष्प लाल और नारंगी जैसे समृद्ध रंग के होते हैं क्योंकि पक्षी इन रंगों के प्रति संवेदनशील होते हैं। इस प्रकार का अनुकूलन किस परागण रणनीति से मेल खाता है?
Right Answer is:

SOLUTION

ऑर्निथोफिलिस


Q. 159585 चिरॉपटेरोफिलिस पादप का अर्थ क्या होता है?
Right Answer is:

SOLUTION

चमगादड़ द्वारा परागित पौधों को चिरॉपटेरोफिलिस पौधे कहते हैं|


Q. 159586 जल परागण प्राणी परागण तथा

परागण की तीन विधियाँ लिखये <div class= Right Answer is:

SOLUTION

जल परागण, प्राणी परागण तथा वायु परागण|


Q. 159587

पुष्प के सहायक चक्र के नाम लिखये <div class= Right Answer is:

SOLUTION

बाह्य दल पुंज: बाह्य दल सामान्यतः हरे होते हैं। कभी-कभी ये चमकीले रंग के होते हैं और इन्हें दलाभ कहा जाता है। कभी-कभी बाह्य दल पुंज के बाहर एक या एक से अधिक बाह्य चक्र होते हैं, जो अभिबाह्यदलपुंज कहलाते हैं।


Q. 159588 द्विलिंगी पौधे और एकलिंगी पौधों मे अंतर लिखये ?
Right Answer is:

SOLUTION

  1. द्विलिंगी पौधे: इन पौधों पर सभी अपूर्ण पुष्प होते हैं। लेकिन नर पुष्प यानी पुंकेसरी और मादा पुष्प यानी स्त्रीकेसरी दोनों एक ही पौधे पर उपस्थित होते हैं। उदाहरण: मक्का, स्क्वैश आदि।
  2. एकलिंगी पौधे: इन पौधों पर भी अपूर्ण पुष्प होते हैं। किंतु पुंकेसरी और स्त्रीकेसरी पुष्प अलग-अलग पौधों पर उपस्थित होते हैं। उदाहरण: पपीता, कद्दू आदि।


Q. 159589 अपूर्ण पुष्प और पूर्ण पुष्प मे अंतर लिखये ?
Right Answer is:

SOLUTION

  1. अपूर्ण पुष्प: इन पुष्पों में पुमंग और जायांग में से केवल एक आवश्यक चक्र होता है। उदाहरण: हेजल, मक्का, कद्दू आदि।
  2. पूर्ण पुष्प: इन पुष्पों में दोनों आवश्यक चक्र उपस्थित होते हैं। इन्हें उभयलिंगी या द्विलिंगी पुष्प भी कहा जाता है। उदाहरण: गुड़हल, आर्किड, कैसिया आदि।


Q. 159590 बहुभ्रूणता किसे कहते है ?
Right Answer is:

SOLUTION

  1. एक समान बीजांड के अन्दर अनेक भ्रूणों के विकास की स्थिति बहुभ्रूणता कहलाती है। कुछ बीजांडकायी कोशिकाएँ विभाजित होकर भ्रूण कोश को घेर लेती हैं और भ्रूण कोश से होते हुए बाहर निकल आती हैं, जिससे कि ये अतिरिक्त भ्रूणों के रूप में विकसित हो सकें।
  2. इसे प्रायः सिट्रस फलों और आम में देखा जाता है, जहाँ एक बीज के अन्दर अनेक भ्रूण होते हैं। उनमें एक भ्रूण यथार्थ या वास्तविक होता है और अन्य भ्रूण असंगजननीय होते हैं।
  3. संतरे के बीजों में अनेक भ्रूण होते हैं और इस प्रकार वे बहुभ्रूणता प्रदर्शित करते हैं।


Q. 159591 इसके बारे में संक्षिप

असंगजनन जनन की एक विशेष विधि है <div class= Right Answer is:

SOLUTION

असंगजनन शब्द विंकलर ने वर्ष 1908 में प्रस्तुत किया था। असंगजनन जनन या प्रवर्धन की अलैंगिक विधि के लिए प्रयुक्त किया जाने वाला एक सामान्य शब्द है, जिसमें भ्रूण का निर्माण और उसके बाद निषेचन सम्मिलित नहीं होता। अनिषेकबीजता में भ्रूण अभी भी जनन या प्रवर्धन का कारक होता है, लेकिन इसका निर्माण अर्धसूत्री विभाजन और युग्मक संलयन द्वारा नहीं होता। सामान्य लैंगिक चक्र को असंगजनन के विपरीत उभयमिश्रण कहा जाता है।


Q. 159592 एक पुष्प में पुमंग और जायांग की स्थिति को संक्षिप्त में समझाइये
Right Answer is:

SOLUTION

पुमंग

  1. जब चार पुंकेसरों में से दो पुंकेसर लंबे और दो पुंकेसर छोटे होते हैं, तो यह स्थिति द्विदीर्घक पुंकेसर कहलाती है।
  2. जब छह पुंकेसरों में से चार पुंकेसर लंबे और दो पुंकेसर छोटे होते हैं, तो यह स्थिति चतुर्दीर्घक पुंकेसर कहलाती है।
  3. पुंकेसर एक-दूसरे से संयुक्त अथवा एक-दूसरे से पूरी तरह मुक्त हो सकते हैं। कभी-कभी पुंकेसर के तंतु नीचे मिलकर एक लंबी पुंकेसरी नलिका का निर्माण करते हैं, जैसे: गुड़हल। यह एकसंघी स्थिति होती है।

जायांग

  1. जब जायांग में केवल एक अंडप उपस्थित होता है, तो उसे एकांडपी या सामान्य जायांग कहा जाता है।
  2. यदि जायांग में अंडप एक से अधिक संख्या में होते हैं, तो जायांग को बहु-अंडपी या संयुक्त जायांग कहा जाता है।
  3. बहु-अंडपी जायांग में, यदि अंडप संयुक्त होते हैं, तो इसे युक्तांडपी स्थिति कहा जाता है, लेकिन यदि अंडप एक-दूसरे से मुक्त होते हैं, तो इसे वियुक्तांडपी स्थिति कहा जाता है।
  4. युक्तांडपी अंडाशय में, अंडाशय में कोष्ठकों की संख्या अंडपों की उस संख्या की ओर संकेत करती है, जो युक्तांडपी अंडाशय को उत्पन्न करने के लिए जुड़े हुए होते हैं।


Q. 159593 दिये गये शब्दों का अर्थ लिखो
  1. परनिषेचन
  2. सजातपुष्पी परागण
  3. समपुष्पता
  4. द्विनिषेचन
  5. विपुंसन
Right Answer is:

SOLUTION

  1. परनिषेचन : इस विधि में, एक पुष्प के पराग कण भिन्न पौधे पर स्थित दूसरे पुष्प के वर्तिकाग्र पर स्थानांतरित हो जाते हैं।
  2. सजातपुष्पी परागण: इसमें किसी पुष्प के पराग कण अन्य पुष्प के वर्तिकाग्र पर गिरते हैं, लेकिन दोनों पुष्प समान पौधे पर स्थित होते हैं। सजातपुष्पी परागण क्रियात्मक रूप से स्व-परागण के समान होता है, जिसमें पराग कण और अंडप आनुवंशिकतः संबंधित होते हैं।
  3. समपुष्पता : यह एक अन्य माध्यम है, जिसका सूत्रपात प्रकृति द्वारा स्व-परागण में वृद्धि करने के उद्देश्य से किया गया है। इस विधि में किसी पुष्प के पुंकेसर और अंडप एक ही समय पर परिपक्व हो जाते हैं। यह विधि स्वयुग्मन को आवश्यक बनाने के बजाय इसका मात्र समर्थन करती है।
  4. द्विनिषेचन : दो नर युग्मकों का मादा युग्मकोद्भिद की विभिन्न कोशिकाओं के साथ संलयन द्विनिषेचन कहलाता है।
  5. विपुंसन : इसके अंतर्गत, किसी पुष्प के परागकोश एक चिमटी की सहायता से हटा दिए जाते हैं। लेकिन, एकलिंगी पुष्पों की स्थिति में विपुंसन की आवश्यकता नहीं होती है।


Q. 159594 निषेचन युग्मकों के युग्मन क

निषेचन को परिभाषित कीजिये <div class= Right Answer is:

SOLUTION

निषेचन युग्मकों के युग्मन की प्रक्रिया है। इसके परिणामस्वरूप द्विगुणित युग्मनज का निर्माण होता है।यह लैंगिक जनन की सर्वाधिक महत्वपूर्ण घटना है।


Q. 159595 प्रॉटिस्टा और मोनेरा में नए संततियों के निर्माण की विधि क्या है?
Right Answer is:

SOLUTION

प्रॉटिस्टा और मोनेरा में अलैंगिक जनन द्वारा संततिओं का निर्माण होता हैं|


Q. 159596 कवक में किस प्रकार का जनन होता है ?
Right Answer is:

SOLUTION

कवक में अलैंगिक जनन होता है |
 


Q. 159597

जंतुओं में अलैंगिक जनन के चार प्रकार  लिखिए <div class= Right Answer is:

SOLUTION

जंतुओं में अलैंगिक जनन के चार प्रकार निम्न हैं :

  1. मुकुलन
  2. पुनर्जनन
  3. खंडन
  4. बीजाणु निर्माण


Q. 159598    

अलैंगिक जनन और लैंगिक जनन में अंतर लिखिए <div class= Right Answer is:

SOLUTION


 


Q. 159599 अलैंगिक जनन क्या है?
Right Answer is:

SOLUTION

अलैंगिक जनन जीवों में जनन की वह विधि है जिसमें संतति को उत्पन्न करने के लिए केवल एक जनक की आवश्यकता होती है। इसमें न तो युग्मक का निर्माण होता है और न ही निषेचन की प्रक्रिया होती है। इसके अंतर्गत संततियों में कोई विविधताएँ दिखाई नहीं देतीं, अतः इसके कारण कोई विकासमूलक परिवर्तन नहीं होते।


Q. 159600 निम्नलिखत प्रशनों का उत्तर दीजिए -
  1. बाह्य निषेचन और अंतःनिषेचन के बीच अंतर लिखिए
    Right Answer is:

    SOLUTION

    i.

    ii.

    बाह्य निषेचन से हानियाँ:

    निषेचित अंडों और संततियों के, परभक्षियों और पर्यावरणीय परिवर्तनों द्वारा शिकार होने की संभावना होती है, जो वयस्कावस्था तक उनकी उत्तरजीविता को जोखिम में डाले रखते हैं।


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