CBSE - MCQ Question Banks (के. मा. शि. बो . -प्रश्नमाला )

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Q. 159701 सायनोबैक्टीरिया ____में एक महत्वपूर्ण जैवउर्वरक के रूप में कार्य करता है।


A. गेहूँ के खेत

B. धान के  खेत

C. गन्ने के  खेत

D. कपास के  खेत

Right Answer is: B

SOLUTION

धान के खेतों में, सायनोबैक्टीरिया एक महत्वपूर्ण जैवउर्वरक के रूप में कार्य करता है। नील-हरित शैवाल भी मृदा में कार्बनिक पदार्थों की मात्रा में वृद्धि करते हैं और इसकी  उर्वरता  को बढ़ाते हैं।


Q. 159702 अपशिष्ट जल की BOD जितनी अधिक होती है


A. इसकी प्रदूषण क्षमता उतनी ही अधिक होती है।

B. इसकी प्रदूषण क्षमता उतनी ही कम होती है।

C. ऑक्सीजन की मात्रा उतनी ही अधिक होती है।

D. बायोगैस के रूप में इसकी उपयोगिता उतनी ही कम होती है।

Right Answer is: A

SOLUTION

जैव रासायनिक ऑक्सीजन माँग  एक रासायनिक क्रियाविधि है, जो जल के एक नमूने में सजीवों (living organisms) द्वारा घुली हुई ऑक्सीजन की उद्ग्रहण दर (uptake rate) का निर्धारण करती है। हालाँकि यह मात्रा संबंधी एक शुद्ध परीक्षण नहीं है, किन्तु जल की गुणवत्ता के एक संकेत के रूप में इसका व्यापक स्तर पर प्रयोग किया जाता है।


Q. 159703 जल के प्राथमिक उपचार के परिणामस्वरूप__का निर्माण होता है।


A. सक्रियीत आपंक

B. प्राथमिक आपंक

C. बायोगैस

D. ऊर्णक

Right Answer is: B

SOLUTION

जल के प्राथमिक उपचार की प्रक्रिया में प्राथमिक आपंक उत्पन्न होता है।


Q. 159704 यीस्ट द्वारा जौ माल्ट का किण्वन ____उत्पन्न करने के लिए किया जाता है।


A. वाइन

B. एसीटिक अम्ल

C. ब्रेड

D. बीयर

Right Answer is: D

SOLUTION

जौ के दाने गेहूँ के दानों के समान होते हैं। इसकी खेती अधिकतर अमेरिका और यूरोप में की जाती है। विशेष प्रकार के जौ का प्रयोग भिन्न-भिन्न प्रकार की बीयरों के निर्माण में किया जाता है। माल्टीकृत जौ (Malted barley) वह जौ होता है, जिसे अंकुरित होने दिया जाता है और फिर धीरे-धीरे सुखाया जाता है।


Q. 159705 अवायवीय आपंक संपाचित्र से उत्पन्न और ऊर्जा के स्रोत के रूप में प्रयुक्त होने वाली बायोगैस____का एक मिश्रण है।


A. ऑक्सीजन और कार्बन डाइऑक्साइड

B. मीथेन, हाइड्रोजन सल्फाइड और कार्बन डाइऑक्साइड

C. मीथेन और ऑक्सीजन

D. हाइड्रोजन और कार्बन डाइऑक्साइड

Right Answer is: B

SOLUTION

बायोगैस खाद, गाय के गोबर, नगरपालिका के ठोस अपशिष्ट आदि कार्बनिक पदार्थों के अवायवीय किण्वन से उत्पन्न गैसों का मिश्रण है। बायोगैस में प्रमुख रूप से मीथेन और कार्बन डाइऑक्साइड होती है। इसके साथ-साथ इसमें थोड़ी सी मात्रा में हाइड्रोजन और लेशमात्र हाइड्रोजन सल्फाइड भी होती है।


Q. 159706 रॉकफोर्ट चीज़ के निर्माण के लिए उत्तरदायी कौन सा जीव है?


A. पेनिसिलियम रॉकफोर्ट

B. पेनिसिलियम नोटेटम

C. प्रोपिओनी बैक्टीरियम शर्मानी

D. एस्परजिलस नाइजर

Right Answer is: A

SOLUTION

पेनिसिलियम रॉकफोर्ट एक सामान्य मृतपोषी कवक है। इसे मृदा, क्षयशील कार्बनिक पदार्थों और पौधों से प्राप्त किया जा सकता है। इस कवक का प्रमुख औद्योगिक प्रयोग पेनिसिलियम रॉकफोर्टाई नामक नीले चीज़  का उत्पादन करने में होता है।


Q. 159707 सूक्ष्मजैविक किण्वन से उत्पन्न होने वाला प्रथम जैविक अम्ल है:


A. एसीटीक अम्ल

B. सिट्रिक अम्ल

C. ऑक्सैलिक अम्ल

D. लेक्टिक अम्ल

Right Answer is: D

SOLUTION

दुग्ध शर्करा लैक्टोज के सूक्ष्मजैविक किण्वन से उत्पन्न होने वाला प्रथम जैविक अम्ल लेक्टिक अम्ल है। इसका प्रयोग कंफेक्शनरी, फलों के जूस, डिब्बाबंद सब्जियों आदि में किया जाता है। इसके साथ-साथ, यह चमड़ा शोधन, प्लास्टिक और दवा निर्माण उद्योगों में रंगबंधक के रूप में भी प्रयुक्त होता है।


Q. 159708 एगार___से प्राप्त होता है।


A. जीवाणु

B. नील-हरित शैवाल

C. लाल शैवाल

D. भूरे शैवाल

Right Answer is: C

SOLUTION

एगार मुख्यतया लंका या जाफना में पाए जाने वाले लाल शैवाल या समुद्री खरपतवार की अनेक प्रजातियों से, मॉस (ग्रेसिलेरिआ लाइकेनोइड) और जिलेडियम की प्रजातियों से प्राप्त होता है।


Q. 159709 यीस्ट के किण्वन से उत्पन्न होने वाले महत्वपूर्ण उत्पाद हैं:


A. ब्यूटेनोल और ट्राईग्लिसराइड

B. ब्यूटेनोल, ग्लिसरॉल और पायरुबिक अम्ल

C. एसीटीक अम्ल और फीनॉफ्थेलिन

D. मिथाइल सैलिसिलिक अम्ल और ग्लूकोज़

Right Answer is: B

SOLUTION

यीस्ट के किण्वन से उत्पन्न होने वाले महत्वपूर्ण उत्पाद हैं: ब्यूटेनोल, ग्लिसरॉल और पायरुबिक अम्ल


Q. 159710 पादप रोगों और पीड़कों को नियंत्रित करने वाली जैविक विधियों के लिए प्रयुक्त होने वाला शब्द है


A. जैव नियंत्रण कारक

Right Answer is: C

SOLUTION

जैव नियंत्रण कारक, पर्यावरण के प्रति अनुकूल सूक्ष्मजीव होते हैं, जिनका प्रयोग पादप पीड़कों को नियंत्रित करने के लिए किया जाता है | कीटनाशक, पीड़कनाशी और रासायनिक प्रदूषण फैलाकर पर्यावरण को क्षति पहुँचाते हैं।


Q. 159711 एक व्यक्ति की हृद धमनी में एक अस्थिर थक्के का निर्माण हो गया जिससे उसको हृदयाघात हो गया । इसके उपचार के लिए कौन से जीवाणु का प्रयोग किया जा सकता है?


A. जाइमोमोनाज

B. स्ट्रेप्टोकोकस

C. लैक्टोबैसिलस

D. क्लोस्ट्रीडियम

Right Answer is: B

SOLUTION

व्यक्ति की हृद धमनी में एक अस्थिर थक्का बन जाने के कारण उसे हृदयाघात हुआ है। उसके उपचार के लिए स्ट्रेप्टोकोकस नामक जीवाणु का प्रयोग किया जा सकता है। यह जीवाणु आनुवंशिक अभियांत्रिकी के माध्यम से रूपांतरित किया गया है और इसका प्रयोग रोगियों की रक्त वाहिकाओं से थक्के हटाने के लिए थक्का स्फोटन के रूप में किया जाता है।


Q. 159712 सक्रियीत आपंक को वायवीय टैंक में पुनः पंप किया जाता है, जिससे यह ___के रूप में कार्य कर सकें ।


A. ऊर्णक

B. निवेश द्रव्य

C. बायोगैस

D. प्राथमिक आपंक

Right Answer is: B

SOLUTION

सक्रियीत आपंक का एक छोटा भाग निवेश द्रव्य के रूप में कार्य करने के लिए वायवीय टैंक के अन्दर वापिस पंप किया जाता है। आपंक का शेष भाग अवायवीय आपंक संपाचित्र नामक बड़े-बड़े टैंकों में पंप होता है।


Q. 159713 अपमार्जक संरूपण में प्रयोग किया जाने वाला और कपड़ों से तेल के दाग हटाने में सहायक एंजाइम है


A. स्ट्रैप्टोकाइनेज

Right Answer is: D

SOLUTION

लाइपेज का प्रयोग अपमार्जक संरूपणों में और कपड़ों से तेल के दाग हटाने में किया जाता है। एंजाइम के उत्पादन में सूक्ष्मजीव महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।


Q. 159714 उन्नत प्रोटीन युक्त फसलों का संवर्धन कहलाता है:


A. जैव आवर्धन

B. जैव प्रबलीकरण

C. कृत्रिम संकरीकरण

D. जैव उर्वरक

Right Answer is: B

SOLUTION

जैव प्रबलीकरण, ऐसी खाद्य फसलों के प्रजनन की एक प्रक्रिया है, जिनमें जैवीय रूप से उपलब्ध सूक्ष्म पोषक, वसा और प्रोटीन प्रचुर मात्रा में होते हैं। इस कारण उपभोग के लिए फसल पोषक तत्वों से समृद्ध और स्वास्थ्यप्रद बन जाती है।


Q. 159715 उच्च अंडोत्सर्जन की प्रक्रिया___नामक विधि से संबंधित है।


A. नियंत्रित प्रजनन प्रयोग

B. अंतःविशिष्ट कृत्रिम संकरण

C. MOET

D. बहिःसंकरण

Right Answer is: C

SOLUTION

डेरी पशु प्रजनन के क्षेत्र में उच्च अंडोत्सर्जन और भ्रूण अंतरण  तकनीकों का सुनियोजित ढ़ंग से प्रयोग  बहु अंडोत्सर्ग भ्रूण अंतरण योजनाओं का एक उद्देश्य है।


Q. 159716 अंतःप्रजनन अवसादन उस समय संपन्न होता है, जब-


A. घनिष्ठ रूप से संबंधित पशुओं की व्यष्टियाँ संगम करती हैं।

B. पशुओं की विभिन्न प्रजातियों की व्यष्टियाँ संगम करती हैं।

C. एकलिंगाश्रयी पुष्प परागण करते हैं।

D. कृत्रिम परागण किया जाता है।

Right Answer is: A

SOLUTION

संबंधित व्यष्टियों के बीच प्रजनन के परिणामस्वरूप किसी समष्टि की योग्यता में कमी अंतःप्रजनन अवसादन कहलाती है। इसके कारण, अप्रभावी लक्षण व्यक्त होते हैं, क्योंकि इस स्थिति में उन्हें समयुग्मज दशा में व्यक्त किया जा सकता है।


Q. 159717 पौधों की नई किस्मों के बीज ___के द्वारा अनुमोदित किए जाते हैं।


A. NSC

B. NBRI

C. CCMB

D. ICGEB

Right Answer is: A

SOLUTION

NSC निरंतर इस लक्ष्य की प्राप्ति के लिए प्रयासरत है कि अनुमोदन प्रदान करने के पश्चात उत्पन्न किए गए और बाजार में बेचे जा रहे बीजों की गुणवत्ता बनाई रखी जाए। इस दिशा में, राज्य बीज प्रमाणीकरण संस्थाएँ बीजों को प्रमाणित करती हैं। NSC की एक अंतर्निहित आंतरिक गुणवत्ता नियंत्रण प्रणाली भी है।


Q. 159718 IR-8 को किसने विकसित किया था?


A. IRRI

B. CRRI

C. BRRI

D. IARI

Right Answer is: A

SOLUTION

Dee-geo-woo-gen और पेटा चावलों के बीच संकरण, IRRI ने सन् 1962 में किया था। सन् 1966 में, प्रजनन वंशक्रम एक नया कंषण बन गया, जिसे IR-8 कहा जाता है।


Q. 159719 पूसा A-4 निम्न में से किसके प्रति प्रतिरोधकता प्रदर्शित करती है:


A. ऐफिड

B. श्वेत किट्ट

C. जैसिड

D. प्ररोह और फल भेदक

Right Answer is: D

SOLUTION

पूसा A-4, भिंडी की एक किस्म है, जो प्ररोह और फल भेदक के प्रति प्रतिरोधकता प्रदर्शित करती है।


Q. 159720 धान्यों और बाजरा के प्रोटीनों में निम्न का अभाव होता है:


A. लायसीन और ट्रिप्टोफान

B. मीथियोनीन (methionine) और हिस्टीन

C. सिस्टीन (cysteine) और आरजीनीन (arginine)

D. एस्पार्टिक अम्ल (aspartic acid) और ग्लूटैमिक अम्ल (glutamic acid)

Right Answer is: A

SOLUTION

धान्यों और बाजरे में 6-12% प्रोटीन होते हैं, जिनमें सामान्यतः लायसीन और ट्रिप्टोफान का अभाव होता है।


Q. 159721 दो विभिन्न जनकों के जीवद्रव्य के संलयन द्वारा निर्मित संरचना कहलाती है:


A. किण.

B. सोमाक्लोन.

C. कायिक संकर.

D. जनन द्रव्य.

Right Answer is: C

SOLUTION

कायिक संकरों का निर्माण कोशिकाओं के संलयन से होता है। दो विभिन्न प्रजातियों से संवर्धित कोशिकाओं को संलयन के लिए प्रेरित किया जाता है, जिससे कि वे संकर कोशिकाओं का रूप धारण कर सकें। इन कोशिकाओं की केन्द्रकी में भी संलयन होता है। [विषमकेंद्रक].


Q. 159722 एकल कोशिका प्रोटीन निम्न से प्राप्त होता है:


A. शैवाल

B. ब्रायोफाइट

C. आवृतबीजी

D. टैरिडोफाइट

Right Answer is: A

SOLUTION

एकल कोशिका प्रोटीन संवर्धित शैवाल, खमीर या जीवाणु से निष्कर्षित प्रोटीन है, जिसका प्रयोग प्रोटीन से समृद्ध भोजन, विशेषकर पशु आहार के विकल्प के रूप में किया जाता है।


Q. 159723 पूर्णशक्तता पौधे को सक्षम बनाती है:


A. पर्ण कोरों पर पादपकों की वृद्धि में

B. पुष्प अक्ष पर पत्र-प्रकलिकाओं की वृद्धि में

C. कायिक मुकुलकों की वृद्धि में

D. एक पूर्ण पादप के रूप में विकसित होने में

Right Answer is: D

SOLUTION

एक कोशिका से एक सम्पूर्ण पौधा उत्पन्न किया जा सकता है, जब कोशिका का निवेशन ऐसे पोषक माध्यम में किया जाता है, जिसमें सुक्रोज, अकार्बनिक लवण, विटामिन, अमीनो अम्ल जैसे कार्बन स्रोत तथा ऑक्सिन और सायटोकाइनिन जैसे वृद्धि नियंत्रक उपस्थित होते हैं। यह घटना पूर्णशक्तता कहलाती है और पौधे इसका सर्वोत्तम उदाहरण हैं।


Q. 159724 डेरी उद्योग से क्या अभिप्राय है?
Right Answer is:

SOLUTION

डेरी-उद्योग एक पशु प्रबंधन पद्धति है, जिससे मानव उपभोग के लिए दुग्ध तथा इसके उत्पाद प्राप्त होते हैं।


Q. 159725 सूक्ष्म प्रवर्धन द्वारा पौधे उत्पन्न करने का मुख्य लाभ क्या है?
Right Answer is:

SOLUTION

सूक्ष्म प्रवर्धन द्वारा पौधे उत्पन्न करने का मुख्य लाभ यह है कि बहुत ही कम समय अवधि में एक बड़ी संख्या में पौधे उत्पन्न किए जा सकते हैं।


Q. 159726 भारत और चीन में सम्पूर्ण विश्व का कुल कितना पशुधन उपस्थित है?
Right Answer is:

SOLUTION

भारत और चीन में सम्पूर्ण विश्व का 70% से भी अधिक पशुधन उपस्थित है।


Q. 159727 पशु प्रजनन में प्रयुक्त होने वाली विधियों के नाम बताइए। आपकी दृष्टि में, कौन सी विधि सर्वश्रेष्ठ है और क्यों?
Right Answer is:

SOLUTION

पशु प्रजनन में प्रयुक्त होने वाली विधियाँ निम्नानुसार हैं:

1. प्राकृतिक विधियाँ - इनमें शामिल हैं: (i) यादृच्छिक प्रजनन (ii) नियंत्रित प्रजनन.

2. कृत्रिम विधियाँ - इनमें शामिल हैं: (i) कृत्रिम वीर्यसेचन (ii) बहु अंडोत्सर्ग भ्रूण अंतरण प्रौद्योगिकी (MOET).

पशु प्रजनन की कृत्रिम विधि सर्वश्रेष्ठ है, क्योंकि यह उत्पन्न होने वाली संतति में वाँछित गुणों को सुनिश्चित करती है। इसके अतिरिक्त, यह विधि कम व्यय वाली है, क्योंकि एक बैल से प्राप्त वीर्य का प्रयोग कई हजार गायों (यहाँ तक कि सुदूर स्थानों पर स्थित) में वीर्यसेचन के लिए किया जा सकता है।


Q. 159728 उत्परिवर्तन से क्या अभिप्राय है? इसे किस प्रकार प्रेरित किया जा सकता है?
Right Answer is:

SOLUTION

वह प्रक्रिया जिसके अंतर्गत जीनों के आधार अनुक्रम में परिवर्तनों द्वारा आनुवंशिक विविधताएँ उत्पन्न होती हैं, उत्परिवर्तन कहलाती है। इसके परिणामस्वरूप, नए लक्षण अथवा विशेषक विकसित होते हैं, जो जनकों में नहीं पाए जाते। उत्परिवर्तन को कृत्रिम रूप से रसायनों के प्रयोग द्वारा अथवा विकिरणों जैसे- गामा विकिरणों द्वारा प्रेरित किया जा सकता है।


Q. 159729 ‘नस्ल’ शब्द का क्या अभिप्राय है? पशु प्रजनन के उद्देश्य क्या हैं?
Right Answer is:

SOLUTION

पशुओं के वे समूह, जो वंश तथा सामान्य लक्षणों जैसे: सामान्य रूप, आकृति, आकार, संरूपण आदि में समान हों, समान नस्ल के कहलाते हैं।

पशु प्रजनन के उद्देश्य हैं:

  • पशुओं के उत्पादन को बढ़ाना
  • पशु उत्पादों की वाँछित गुणवत्ता में सुधार करना ।


Q. 159730 यदि आपका स्वयं का एक डेरी फार्म है, तो दूध की गुणवत्ता और मात्रा में सुधार करने के लिए आप कौन-कौन से कदम उठाएँगे?
Right Answer is:

SOLUTION

दुग्ध की गुणवत्ता में सुधार करने तथा उसके उत्पादन में वृद्धि करने के लिए, हम डेरी फार्म प्रबंधन से संबंधित निम्न संसाधनों तथा तंत्रों को ध्यान में रखेंगे।

(i) दुग्ध उत्पादन मूल रूप से फार्म में रहने वाले पशुओं की नस्ल की गुणवत्ता पर निर्भर करता है। इस प्रकार, उच्च उत्पादन क्षमता वाली अच्छी नस्ल (क्षेत्र की जलवायु परिस्थितियों के अंतर्गत) का चयन तथा उनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता को अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है।

(ii) पशुओं को समुचित आहार प्रदान करने के साथ-साथ कड़ी सफाई तथा स्वास्थ्य का भी सर्वोपरि महत्व है।

(iii) इसके अतिरिक्त, फार्म पर स्वास्थ्यकर वातावरण बनाए रखने के लिए, पशुओं की देखभाल करने वाले, दुग्धीकरण, दुग्ध उत्पादों के भंडारण तथा परिवहन पर भी समुचित ध्यान रखने की आवश्यकता है।

(iv) समय-समय पर चिकित्सकीय देखरेख जैसे: पशुओं का टीकाकरण भी अत्यंत आवश्यक है।


Q. 159731 मानव कल्याण में पशुपालन की भूमिका को संक्षेप में स्पष्ट कीजिए।
Right Answer is:

SOLUTION

पशुपालन में शामिल है: पशुओं को आहार प्रदान करना, प्रजनन और उन्हें पालना। पशुपालन का प्रमुख उद्देश्य मांस और दूध प्रदान करना है।

1. दूध मानव उपभोग के लिए सर्वोत्कृष्ट भोजन माना जाता है।

2. पशुओं के मांस में प्रचुर मात्रा में प्रोटीन होता है। कुक्कुट पक्षियों से प्राप्त अंडे और उच्च गुणवत्तापूर्ण मांस एक संतुलित आहार प्रदान करते हैं तथा पशु प्रोटीन का सस्ता स्रोत माने जाते हैं।

इस प्रकार, दूध, अंडे, मांस, ऊन, रेशम, शहद, मोम और अन्य वस्तुएँ प्रदान कर, पशुपालन मानव कल्याण में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।


Q. 159732 पादप प्रजनन में शामिल अनेक चरणों का संक्षेप में वर्णन कीजिए।
Right Answer is:

SOLUTION

पादप प्रजनन में निम्नलिखित चरण शामिल होते हैं:

i) परिवर्तनशीलता का संग्रहण अर्थात जनन द्रव्य संग्रहण: समष्टियों में उपलब्ध प्राकृतिक जीनों के प्रभावी समुपयोजन के लिए कृष्य प्रजातियों की विभिन्न जंगली किस्मों, प्रजातियों और संबंधियों का संग्रहण और परिरक्षण।

ii) जनकों का मूल्यांकन तथा चयन: वाँछनीय लक्षणों वाले पादपों की पहचान की जाती है, उन्हें बहुगुणित किया जाता है, उनका संकरण किया जाता है और उनके शुद्ध वंशक्रम प्राप्त किए जाते हैं।

iii) चयनित जनकों के बीच पर-संकरण: नर जनक के रूप में चुने गए वाँछित पौधे से पराग कण एकत्र किए जाते हैं और उन्हें मादा जनक के रूप में चुने गए वाँछित पौधे के पुष्प के वर्तिकाग्र पर डाल दिया जाता है। चुने गए जनकों में बेहतर उत्पादन और रोग प्रतिरोधकता जैसी विशेषताएँ होती हैं। यह एक कठिन प्रक्रिया है, जिसके लिए कौशल की आवश्यकता होती है।

iv) श्रेष्ठ पुनर्योगजों का चयन तथा परीक्षण : वाँछित लक्षणों में अपने दोनों जनकों से श्रेष्ठ पौधों का चयन किया जाता है, और अनेक पीढ़ियों तक उनका स्वपरागण किया जाता है, जब तक कि समयुग्मजता की स्थिति प्राप्त नहीं हो जाती है, जो यह सुनिश्चित करती है कि लक्षण विसंयोजित नहीं होंगे।

v) नए कंषणों का परीक्षण, निर्मुक्त होना तथा व्यापारीकरण : फार्मों पर तथा अनुसंधान वाले खेतों में नए चुने गए वंशानुक्रम वाले पौधों को आदर्श परिस्थितियों में उगाकर उनका मूल्यांकन किया जाता है। फिर लगातार कम से कम तीन ऋतुओं तक अनेक स्थाओं पर परीक्षण किया जाता है। यदि नया वंशानुक्रम सभी दृष्टिकोणों से सफल पाया जाता है, तो उसे नई किस्म या कंषणों पर निर्मुक्त कर दिया जाता है।


Q. 159733 एकल कोशिका प्रोटीन पर एक संक्षिप्त टिप्पणी लिखिए।
Right Answer is:

SOLUTION

एकल कोशिका प्रोटीन- सूक्ष्म जीवों से बड़े पैमाने पर खाद्य प्रोटीनों का उत्पादन एकल कोशिका प्रोटीन कहलाता है। पशुओं और मानवों की संख्या में तीव्र दर से वृद्धि होने के कारण, आवश्यक भोजन की माँग की पूर्ति करने के लिए कृषि उत्पादन पर्याप्त नहीं है। 25 प्रतिशत से भी अधिक मानव जनसंख्या भूख तथा कुपोषण की शिकार है। इसका एक समाधान एकल कोशिका प्रोटीन है।

एकल कोशिका प्रोटीन प्राप्त करने के लिए, सूक्ष्मजीवों का प्रोटीन के अच्छे स्रोत के रूप में औद्योगिक स्तर पर उत्पादन किया जा रहा है। सूक्ष्मजीव जैसे स्पाइरूलाइना को, आलू संसाधन संयंत्र से निकले अपशिष्ट जल (जिसमें स्टार्च उपस्थित होता है), घासफूस, शीरा, पशुखाद और यहाँ तक कि वाहितमल पर आसानी से उगाया जा सकता है, ताकि इसका बड़ी मात्रा में उत्पादन किया जा सके।


Q. 159734 विशिष्ट सृष्टिवाद की परिकल्पना को कठोर चुनौती दी गई


A. सोलहवीं शताब्दी के दौरान

Right Answer is: D

SOLUTION

चार्ल्स डार्विन ने अपने विश्व भ्रमण पर किये गए अवलोकनों के पश्चात, विशिष्ट सृष्टिवाद की  सभी परिकल्पनाओं  को उन्नीसवीं  शताब्दी के दौरान कठोर चुनौती दी थी |


Q. 159735 जीवन के प्रथम अकोशिकीय रूप की उत्पत्ति की अनुमानित अवधि है


A. एक अरब वर्ष पूर्व

Right Answer is: C

SOLUTION

जीवन के प्रथम अकोशिकीय रूप में, भीमकाय अणु (जैसे आर.एन.ए., प्रोटीन, पॉलीसैकराइडों आदि) की उत्पत्ति की अनुमानित अवधि तीन अरब वर्ष पूर्व है|


Q. 159736 लुईस पाश्चर के परीक्षणों के आधार पर, “जीवन


A. फ्लास्क में पैदा हो सकता है

Right Answer is: B

SOLUTION

लुई पाश्चर ने सावधानीपूर्वक प्रयोगों द्वारा  यह प्रदर्शित किया कि  जीव की उत्पत्ति जीव से ही होती है| यह प्रयोगशाला में नहीं बनाया जा सकता है |


Q. 159737 जीवन की उत्पत्ति के संबंध में सर्वबीजाणु (पैन-स्पर्मिया) का परिकल्पना के अनुसार जीवन


A. पृथ्वी पर अंतःविकसित है

Right Answer is: B

SOLUTION

सर्वबीजाणु (पैन-स्पर्मिया) एक परिकल्पना है, जो मानती है कि जीवन के बीज पूरे ब्रहमाण्ड मे उपस्थित हैं| जीवन के ये बीज अनुकूल आवासों में जीवन की उत्पत्ति करते हैं | 


Q. 159738 वर्तमान ब्रहमाण्ड की आकाशगंगाओं के निर्माण के समय गैसों के संघनित होने का क्या कारण था ?


A. निम्न ऊर्जा घनत्व

B. बादलों का गठन

C. ठंडी जलवायु

D. गुरुत्वाकर्षणीय प्रभाव

Right Answer is: D

SOLUTION

गैसें मुख्यतः गुरुत्वाकर्षणीय प्रभाव के कारण संघनित हुईं और वर्तमान ब्रह्माण्ड में आकाशगंगाओं का गठन किया  |


Q. 159739 ऑस्ट्रेलियाई द्वीप में ऑस्ट्रेलियाई मार्सुपिअल्स, एक दूसरे से भिन्न होते हैं
Right Answer is: B

SOLUTION

एक विशेष भू-भौगोलिक क्षेत्र में विभिन्न प्रजातियों के विकास का प्रक्रम एक बिंदु से शुरू होकर अन्य भू –भौगोलिक क्षेत्रों तक प्रसारित होने को अनुकूली विकिरण कहा जाता है।


Q. 159740 समरूप संरचनाएँ वह होती हैं जिनमें


A. कार्यात्मक समानता हो

Right Answer is: A

SOLUTION

दो संरचनाएँ जब समान या एक जैसा कार्य एक जैसी विधि से करती हैं , किन्तु भ्रूणीय परिवर्धन में भिन्नता प्रदर्शित करती हैं, समरूप कहलाती हैं|


Q. 159741 आर्कियोप्ट

सरीसृपों और पक्षियों के बीच संयोजी कड़ी  है<div class= Right Answer is: A

SOLUTION

आर्कियोप्टेरिक्स सरीसृपों और पक्षियों के बीच की संयोजी कड़ी है | इसमें सरीसृप की विशेषताएँ जैसे जबड़े में दांतों की उपस्थिति, अग्रपादों में नखर, मुक्त दुम कशेरुक के साथ लंबी पूंछ थी । इसमें पक्षियों की तरह पंखों की उपस्थिति, अग्रपादों का पंखों में रुपान्तर, V-आकार की फरकुला अस्थि और पक्षियों की तरह पादों की अस्थियाँ और मेखला उपस्थित थीं |


Q. 159742 इंग्लैंड में वर्ष 1920 में जब शलभ की जनसंख्या का निरीक्षण हुआ तो उनमें गहरे वर्ण पंखी शलभ की संख्या वर्ष 1850 की तुलना में अधिक पायी गयी थी
Right Answer is: D

SOLUTION

पश्च औद्योगीकरण अवधि के दौरान औद्योगिक धुआं और कालिख के कारण पेड़ों के तने काले पड़  गए थे। इस परिस्थिति में श्वेत पंखी शलभ जीवित नहीं रहे, क्योंकि वे शिकारियों द्वारा आसानी से पकडे जाते थे, जबकि काले पंख वाले या कृष्ण वर्ण शलभ आसानी से छिप सकने के कारण जीवित रह सके|


Q. 159743 दो विभिन्न प्रजातीय एक जैसे आवास या स्थान में लम्बे समय तक जीवित नहीं रह सकती हैं
Right Answer is: B

SOLUTION

जीवों की कोई भी दो जातियाँ जिनकी वातावरणीय आवश्यकताएँ  बिलकुल समान हों, बहुत समय तक एक ही स्थान पर नहीं रह सकती हैं क्योंकि उनके जीवों में समान वातावरणीय परिस्थितियों और आवास की के लिए प्रतिस्पर्धा होती है|


Q. 159744 औद्योगिक अतिकृष्णता (मेलेनिनता) में कौन-सा जीव प्रभावित हुआ था?
Right Answer is:

SOLUTION

बिस्टन बेटूलरिया (शलभ)


Q. 159745 बोगेनबिलिया

पौधों में समजातीय अंगो का एक उदाहरण दीजिए<div class= Right Answer is:

SOLUTION

बोगेनबिलिया एवं क्युकरबिटा के काँटे एवं प्रतान (टेनड्रिल्स)|


Q. 159746 उन वैज्ञानिकों के नाम बताएँ जिन्होंने वैज्ञानिक रूप से जीवन की उत्पत्ति के ओपेरिन-हैलडेन सिद्धांत की पुष्टि की
Right Answer is:

SOLUTION

स्टेनले मिलर और हैलडेन उरे|


Q. 159747 समजाती

समजात और तुल्यरूप संरचनाओं में अंतर स्पष्ट करें<div class= Right Answer is:

SOLUTION

समजातीय संरचनाओं में शरीर रचना समान होती है लेकिन उनके कार्य भिन्न-भिन्न होते हैं, उदाहरण- व्हेल, चमगादड़ और  मानव के अग्रपाद  की संरचना समान हैं लेकिन वे भिन्न –भिन्न कार्य करते हैं। समजातता अपसारी विकास का परिणाम है।

तुल्यरूप संरचनाओं में शरीर रचना समान नहीं होती है लेकिन ये समान कार्य करते हैं, उदाहरण- पेंगुइन और डॉल्फ़िन के पर। तुल्यरूपता अभिसारी विकास का परिणाम है।


Q. 159748 जीवाश्म क्या है? ये भूवैज्ञानिक कालों को किस प्रकार दर्शाते हैं?
Right Answer is:

SOLUTION

जीवाश्म चट्टानों में दबे जीवन के कठोर अंगों के अवशेष हैं।

विभिन्न अवसादी परतों में जीवाश्मों का अध्ययन उस भूगर्भीय अवधि को इंगित करता है जिसमें वे विद्यमान थे। अवसाद पृथ्वी के लंबे इतिहास में जमा की गई भूमि की परतें हैं।


Q. 159749 इसका महत्व क्या ह

हार्डी–वेनवर्ग साम्यता का वर्णन करें<div class= Right Answer is:

SOLUTION

हार्डी-वेनवर्ग साम्यता के अनुसार, एक जीव संख्या में अलील आवृत्तियाँ सुस्थिर होती है जो एक पीढ़ी से दूसरी पीढ़ी तक स्थिर रहती हैं। जीन कोश सदा अपरिवर्तनीय रहता है। सभी अलील आवृत्तियों का कुल योग एक होता है। हार्डी-वेनवर्ग साम्यता में परिवर्तन की सीमा विकास का संकेत है।


Q. 159750 जीन प्रवाह, आनुवंशिक अपवहन और संस्थापक प्रभाव किस प्रकार सम्बंधित हैं?
Right Answer is:

SOLUTION

यदि जीन स्थानांतरण एक स्थान से दूसरे स्थान पर कई बार होता है, तो इसे जीन प्रवाह कहा जाता है।

यदि यही परिवर्तन संयोगवश होता है, तो आनुवांशिक अपवाह कहलाता है।

कभी-कभी समष्टि के नए नमूने में अलील आवृत्ति में परिवर्तन इतने भिन्न होते हैं कि वे एक अलग प्रजाति बन जाते हैं। मौलिक अपवाहित समष्टि संस्थापक बन जाती है और इस प्रभाव को संस्थापक प्रभाव कहा जाता है।


Q. 159751 उत्पत्ति के समय पृथ्वी की संरचना क्या थी?
Right Answer is:

SOLUTION

पृथ्वी की उत्पत्ति से लेकर जीवन के अस्तित्व में आने तक इसकी संरचना में निम्नलिखित चरण सम्मिलित थे:
(1)
प्रारंभिक पृथ्वी पर कोई वातावरण नहीं था।
(2) चट्टानों के पिघलने से निकले जल वाष्प, मीथेन, कार्बन-डाई-ऑक्साइड और अमोनिया ने इसकी सतह को ढक लिया।
(3) सूर्य से पैराबैंगनी (UV) किरणों ने जल को हाइड्रोजन और ऑक्सीजन में तोड़ दिया और हल्का हाइड्रोजन मुक्त हो गया |
(4) ऑक्सीजन ने अमोनिया और मीथेन के साथ मिलकर जल
, कार्बनडाइऑक्साइड और अन्य यौगिक बनाये।
(5) ओजोन परत का निर्माण हुआ। 
(6)  जैसे ही तापमान का स्तर नीचे आया जल वाष्प वर्षा के रूप में नीचे बरस पड़ा| 
(7) गहरे स्थानों में जल एकत्रित होने से महासागरों का निर्माण हुआ| 
(8)  पृथ्वी की उत्पत्ति के 500 मिलियन वर्ष बाद जीवन अस्तित्व में आया|


Q. 159752 ओपेरिन-हैलडेन के जीवन उत्पत्ति के सिद्धांत की व्याख्या कीजिए
Right Answer is:

SOLUTION

(अ) ओपेरिन और हैलडेन ने प्रस्तावित किया कि जीवन का पहला स्वरूप पूर्व-विद्यमान निर्जीव पदार्थ से हो सकता है।

(ब) उस समय , पृथ्वी की अवस्था उच्च तापयुक्त, ज्वालामुखीय तूफान वाली तथा वायुमंडल में मीथेन, अमोनिया आदि की कमी वाली थी|

(स) 1953 में मिलर ने प्रयोगशाला में इसी पैमाने की स्थितियाँ उत्पन्न की और एक बंद फ्लास्क में निहित मीथेन, हाइड्रोजन, अमोनिया और जल वाष्प तथा  800oC  ताप के साथ एक विद्युत प्रवाह किया।

(द) एक सप्ताह के बाद,  उन्होंने नमूने में अमिनो अम्ल, शर्करा, नाइट्रोजन क्षारको, वर्णकों तथा वसा और अन्य कार्बनिक अणुओं के गठन का विश्लेषण किया।


Q. 159753 बिस्टन बेटुलरिया के प्रसिद्ध उदाहरण के विशेष संदर्भ के साथ प्राकृतिक चयन द्वारा विकास की प्रक्रिया की व्याख्या करें।
Right Answer is:

SOLUTION

1850 में, औद्योगिकीकरण से पहले, यह देखा गया था कि इंग्लैंड में गहरे वर्णों के पंख वाले शलभ की तुलना में श्वेत पंखी शलभ अधिक थे। 1920 में, औद्योगीकरण के बाद, उसी क्षेत्र में श्वेत पंखी शलभ की तुलना में गहरे वर्ण पंखी शलभ अभिक संख्या में पाए गए। पूर्व-औद्योगिकीकरण अवधि में, श्वेत पंखी शलभ, श्वेत लाइकेन से लदे वृक्षों पर होते थे और इसलिए शिकारियों की नज़र से बच जाते थे; जबकि शिकारी द्वारा काले शलभों को आसानी से पकड़ लिया जाता था। औद्योगिकीकरण अवधि के बाद, औद्योगिक धुआं और कालिख के कारण पेड़ों के तने काले पड़ गए| इस परिस्थिति में, श्वेत पंखी शलभ, शिकारियों के कारण जीवित नहीं रहे  और इस प्रकार काले शलभों की संख्या धीरे-धीरे बढ़ती गयी। इससे पता चलता है कि एक मिश्रित समष्टि में, जो बेहतर अनुकूलन कर सकते हैं, जीवित रह सकते हैं और अपनी समष्टि के आकार में वृद्धि कर सकते हैं।


Q. 159754 गर्भनिरोधक रोध विधि है:


A.

स्त्री जनन हार्मोनों के स्रावण में कमी

Right Answer is: D

SOLUTION

रोध विधियों के अंतर्गत, एक अंडाणु और एक शुक्राणु को कुछ रोधक साधनों की सहायता से एक दूसरे से संलयित होने से रोका जाता है। सामान्यतः उपलब्ध रोधक साधन हैं: पुरुष कंडोम तथा स्त्री कंडोम|


Q. 159755 ऋतुरोध है:


A.

बंध्यता

B.

आर्तव चक्र की अनुपस्थिति

C.

किशोरावस्था में आर्तव चक्र का प्रारम्भ

D.

एक स्त्री में आर्तव चक्र की समाप्ति

Right Answer is: B

SOLUTION

ऋतुरोध अर्थात एमेनोरिया का तात्पर्य है आर्तव चक्र की अनुपस्थिति| इसके अंतर्गत प्रसव के उपरान्त स्त्री द्वारा शिशु को स्तनपान कराने के दौरान आर्तव चक्र और अण्डोत्सर्ग प्रारम्भ नहीं होते|


Q. 159756 जनसंख्या नियंत्रण में सहायक होता है:


A.

बड़े परिवार को प्रोत्साहन

B.

गर्भनिरोधक उपाय का विरोध

C.

सुनिश्चित विवाह योग्य वैधानिक आयु

D.

बंध्यता

Right Answer is: C

SOLUTION

विवाह योग्य वैधानिक आयु स्त्री के लिए 18 वर्ष तथा पुरुष के लिए 21 वर्ष सुनिश्चित करने से जनसंख्या नियंत्रित की जा सकती है|


Q. 159757 समाज में बेहतर जनन स्वास्थ्य में सुधार का कारण है:


A.

जननक्षम युगलों की वृद्धि

B.

जननक्षमता में वृद्धि

C.

यौन संचारित रोगों की वृद्धि

D.

यौन-संबंधी समस्याओं के लिए समग्र चिकित्सा सुविधाओं

Right Answer is: D

SOLUTION

यौन संबंधी मामलों, नियंत्रित प्रसव के बारे में जागरूकता, चिकित्सकीय सहायता प्राप्त प्रसव की संख्या में वृद्धि, बेहतर प्रसवोत्तर देखभाल, बेहतर पहचान और यौन संचारित रोग का उपचार और सभी यौन-संबंधी समस्याओं के लिए समग्र चिकित्सा सुविधाओं में वृद्धि ने समाज के जनन स्वास्थ्य में सुधार किया है।


Q. 159758 जनसंख्या में औसत वार्षिक प्रतिशत परिवर्तन का मुख्य कारण है:


A.

आधुनिक सुविधाएँ

B.

एम्नियोसेंटेसिस

C.

जन्मदर की मृत्युदर से अधिकता

D.

मृत्युदर की जन्मदर से अधिकता

Right Answer is: C

SOLUTION

जनसंख्या में औसत वार्षिक प्रतिशत परिवर्तन जन्मदर की मृत्युदर से अधिकता अथवा देश में प्रवेश करने और छोड़ने वाले प्रवासियों के संतुलन में परिवर्तन के कारण हो सकता है|


Q. 159759 कानूनी रूप से एम्नियोसेंटेसिस को प्रतिबंध कर दिया गया, क्यों कि :


A.

भ्रूण में रोग की उत्पत्ति

B.

मादा भ्रूण हत्या में वृद्धि

C.

चिकित्सीय सुविधाओं में कमी

D.

परीक्षण में प्रयोग की जाने वाली किरणों द्वारा भ्रूण में विकृति की उत्पत्ति

Right Answer is: B

SOLUTION

उल्बवेधन अर्थात एम्नियोसेंटेसिस गुणसूत्र दोषों का पता लगाने के लिए प्रयोग किया जाने वाला एक परीक्षण है। लेकिन, भ्रूण लिंग निर्धारण के लिए इसका दुरुपयोग किया जाता है जिसके परिणामस्वरूप मादा भ्रूण हत्या की जाती हैं| कानूनी रूप से बढ़ती मादा भ्रूण की जांच करने के लिए लिंग निर्धारण को प्रतिबंध कर दिया गया|


Q. 159760 जनन तथा बाल स्वास्थ्य सेवा कार्यक्रम का आधार है:


A.

गर्भ निरोधक पर नियंत्रण

B.

जनसंख्या में वृद्धि

C.

जनसंख्या में वृद्धि की रोकथाम

D.

अनचाही गर्भावस्था की रोकथाम

Right Answer is: D

SOLUTION

जनन तथा बाल स्वास्थ्य सेवा कार्यक्रम के कुछ आधार निम्न हैं: अनचाहे गर्भावस्था की रोकथाम, गर्भ निरोधकों के उपयोग में वृद्धि, आपातकालीन गर्भनिरोधक, सुरक्षित गर्भपात, गर्भावस्था तथा प्रसव सेवाएँ आदि|  


Q. 159761 जनन स्वास्थ्य से तात्पर्य है:


A.

रोग की अनुपस्थिति

B.

यौन संचारित रोग की अनुपस्थिति

C.

रोग तथा यौन संचारित रोग की अनुपस्थिति,

D.

पूर्ण शारीरिक, भावनात्मक, व्यवहारिक और सामाजिक स्वास्थ्य

Right Answer is: D

SOLUTION

जनन स्वास्थ्य को न कि केवल रोग की अनुपस्थिति अपितु पूर्ण शारीरिक, भावनात्मक, व्यवहारिक और सामाजिक स्वास्थ्य की स्थिति के रूप में परिभाषित किया जा सकता है| जनन स्वास्थ्य, जनन तंत्र, प्रक्रियाएँ तथा कार्यों से सम्बंधित होता है|


Q. 159762 पूर्ण अवधि से पहले गर्भावस्था की स्वैच्छिक समाप्ति कहलाती है:


A.

एस.टी.डी

B.

एम.टी.पी

C.

एम.एम.आर

D.

ए.आर.टी

Right Answer is: B

SOLUTION

गर्भावस्था की चिकित्सीय समाप्ति (एम.टी.पी) चिकित्सा या गैर-शल्य चिकित्सा पद्धति से गर्भावस्था की समाप्ति होती है, इससे पहले कि भ्रूण स्वतंत्र रूप से विकसित हो सके|


Q. 159763 मौखिक गर्भनिरोधक गोलियों का सबसे महत्वपूर्ण घटक है:


A.

प्रोजेस्टेरोन

B.

वृद्धि हार्मोन

C.

थायरोक्सिन

D.

ल्युटिनाइजिंग हार्मोन

Right Answer is: A

SOLUTION

मौखिक गर्भनिरोधक गोलियाँ जन्म को नियंत्रित करने के लिए उपयोग की जाती हैं जिसमें सबसे महत्वपूर्ण घटक प्रोजेस्टेरोन होता है।


Q. 159764 बंध्यता से आप क्या समझते हैं?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

असुरक्षित यौन संबंध के एक या अधिक वर्षों के बाद भी गर्भ धारण करने में असमर्थता बंध्यता कहलाती है।


Q. 159765 जनन तथा बाल स्वास्थ्य सेवा कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य क्या है?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

जनन तथा बाल स्वास्थ्य सेवा कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य समाज को जनसंख्या स्थिरीकरण प्राप्त करने में सक्षम बनाना है|


Q. 159766 जनन स्वास्थ्य से क्या तात्पर्य है?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

जनन स्वास्थ्य को न कि केवल रोग की अनुपस्थिति अपितु  पूर्ण शारीरिक, भावनात्मक, व्यवहारिक और सामाजिक स्वास्थ्य की स्थिति के रूप में परिभाषित किया जा सकता है|


Q. 159767 स्तनपान अनार्तव से क्या तात्पर्य है?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

स्तनपान अनार्तव अथवा ऋतुरोध अर्थात एमेनोरिया का तात्पर्य है आर्तव चक्र की अनुपस्थिति| यह गर्भनिरोधन की एक विधि है| प्रसव के उपरान्त स्त्री द्वारा शिशु को स्तनपान कराने के दौरान आर्तव चक्र और अण्डोत्सर्ग प्रारम्भ नहीं होते| यह प्रसव के बाद छ महीने तक प्रभावी रहता है| इसलिए पुर्णतः स्तनपान कराने वाली स्त्री में गर्भधारण के अवसर लगभग शून्य होते हैं|


Q. 159768 आदर्श गर्भ निरोधक की कोई भी चार विशेषताएँ लिखें।
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

1)  उपयोगकर्ता के अनुकूल होना चाहिए।

2)  प्रभावी या कम दुष्प्रभावों के साथ उत्क्रमणीय होना चाहिए।

3)  उपयोगकर्ता की यौन इच्छा में बाधक नहीं होना चाहिए।

4)  आसानी से उपलब्ध हो सकता हो|


Q. 159769 प्राकृतिक जन्

 प्राकृतिक जन्म नियंत्रण के नाम लिखिये<div class= A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

प्राकृतिक जन्म नियंत्रण विधियाँ:

1) आवधिक संयम

2) बाह्य स्खलन या अंतरित मैथुन अर्थात कोइटस इन्ट्रप्सन

3) स्तनपान अनार्तव अर्थात लैक्टेशनल एमेनोरिया


Q. 159770 शुक्रवाहक-उच्छेदन तथा डिंबवाहिनी नलिका उच्छेदन में अंतर स्पष्ट कीजिये
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

 

शुक्रवाहक-उच्छेदन

डिंबवाहिनी नलिका उच्छेदन

पुरुषों के लिए एक स्थायी वंध्यीकरण प्रक्रिया है|

स्त्रियों के लिए एक स्थायी वंध्यीकरण प्रक्रिया है|

शुक्रवाहक को काट अथवा बाँध दिया जाता है जो नर जनन तंत्र में शुक्राणुओं को ले जाने के लिए एक प्रकार की नली होती हैं|

गर्भावस्था को रोकने के लिए डिंबवाहिनी नली को काटकर बाँध दिया जाता है|


Q. 159771 संयुक्त मौखिक गर्भ निरोधक गोलियाँ तथा प्रोजेस्टोजेन गर्भनिरोधक गोलियों में उदाहरण के साथ अंतर स्पष्ट कीजिये
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

 

संयुक्त मौखिक गर्भ निरोधक गोलियाँ

प्रोजेस्टोजेन गर्भ निरोधक गोलियाँ

एस्ट्रोजन और प्रोजेस्टोजेन दोनों का संयोजन होता है|

प्रोजेस्टोजेन उपस्थित होता है|

इनको प्रति दिन एक बार लिया जाता है|

इनको प्रति दिन एक बार लिया जाता है|

उदाहरण- माला-डी,  माला-एन|

उदाहरण: नॉरलेवो तथा प्रेग्नौन|


Q. 159772 आईवी

  पात्रे निषेचन के विषय में विस्तार में समझाइये<div class= A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

आईवीएफ के परिणामस्वरूप गर्भावस्था को पूर्ण करने के लिए, चार चरण सम्मिलित होते हैं:

उद्धिपन्न, पुनर्प्राप्ति, निषेचन तथा स्थापन|

§पहले चरण में अंडाशय को हार्मोन द्वारा कई जीवनक्षम अंडाणुओं का उत्पादन करने के लिए उद्दीपित करना है |

§दूसरे चरण में स्त्री जनन मार्ग के माध्यम से अंडाशय से अंडाणु की पुनर्प्राप्ति होती है|

§तीसरे चरण में आई.वी.एफ प्रयोगशाला में अंडाणु का निषेचन तथा भ्रूण का संवर्धन सम्मिलित होता है|

§और चौथा चरण भ्रूण स्थानांतरण अथवा .टी है जिसके अंतर्गत भ्रूण का गर्भाशय में स्थानान्तरण किया जाता है, जिसे इंट्रा यूटेराइन ट्रांसफरआई.यु.टी कहा जाता है|


Q. 159773 यौन संचारित रोग से क्या तात्पर्य है? इनकी रोकथाम कैसे की जा सकती है? इनके उदाहरण भी दीजिये
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

यौन संचारित रोग (STD) एक प्रकार का रोग अथवा संक्रमण होता है जो कि यौन संभोग के माध्यम से होता है|

इसे रतिजरोग अथवा  जनन मार्ग संक्रमण भी कहा जाता है|

उदहारण: हेपेटाइटिस बी, जननांग हर्पीस और एच.आई.वी. संक्रमण|

निम्न उपायों के द्वारा यौन संचारित रोगों की रोकथाम की जा सकती है:

·       किसी अनजान व्यक्ति अथवा बहुत से वक्तियों के साथ यौन संबंध बनाने से बचना चाहिए|

·       संभोग के समय सदैव कंडोम का प्रयोग करना चाहिए|

·       किसी प्रकार के संदेह के मामले में, रोग की प्रारम्भिक जांच के लिए डॉक्टर से परामर्श लें और रोग का पता चलने पर पूरा उपचार लिया जाना चाहिए।

केवल कुछ को छोड़कर अधिकांशतः यौन संचारित रोगों का उपचार प्रतिरक्षीयों द्वारा किया जा सकता है|


Q. 159774 भाँग )कैनेबिस सैटाइवा( किस प्रकार का पौधा है ?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

भाँग )कैनेबिस सैटाइवा( एक विभ्रांति उत्पादक पौधा है |


Q. 159775 विडाल परीक्षण का उपयोग किस लिए किया जाता है?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

विडाल परीक्षण का प्रयोग मियादी बुखार और अन्य साल्मोनेला संक्रमणों की पहचान के लिए किया जाता है।


Q. 159776 साल्म

मियादी बुखार या टाइफायड के रोगकारक का नाम लिखिए <div class= A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

साल्मोनेला टाइफी मियादी बुखार या टाइफायड का रोगकारक है |


Q. 159777 विभ्रांत

विभ्रांति उत्पादक गुण वाले पौधों के नाम लिखिए<div class= A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

विभ्रांति उत्पादक गुण वाले पौधे हैं- भाँग (कैनेबिस सैटाइवा), बेलाडोना (ऐट्रोफा बेलाडोना), धतूरा (डाटूरा स्ट्रेमोनियम)।


Q. 159778 सं

संक्रामक तथा असंक्रामक रोग में अन्तर स्पष्ट कीजिये<div class= A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

  • संक्रामक रोग रोगजनकों द्वारा उत्पन्न होते हैं और संक्रमित व्यक्ति से दूसरे व्यक्तियों तक फैलते हैं।
  • असंक्रामक रोग केवल रोगी तक सीमित रहते हैं और दूसरे व्यक्तियों तक नहीं फैलते हैं।


Q. 159779 सामान्य स्थिति में कोई ऐसा शारी

रोग को परिभाषित कीजिये<div class= A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

सामान्य स्थिति में कोई ऐसा शारीरिक या कार्यात्मक परिवर्तन, जो असुविधा अथवा अक्षमता उत्पन्न करता है अथवा किसी सजीव के स्वास्थ्य को हानि पहुँचाता है, रोग कहलाता है।


Q. 159780 “शराब पीकर गाड़ी न चलाएँ”। सामान्यतः यह स्लोगन सड़क के किनारे लिखा होता है
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

ऐल्कोहल सबसे अधिक और सामान्यतः उपभोग और कुप्रयोग किया जाने वाला मादक पदार्थ है। यह केंद्रीय तंत्रिका तंत्र को प्रभावित करती है जिस कारण चालाक अपने पर नियंत्रण रखने में असमर्थ हो जाता है तथा उचित निर्णय नहीं ले पाता| अतः शराब पीकर गाड़ी चलाना हानिकारक हो सकता है|


Q. 159781अ मियादी बुख

 निम्न रोगों के कारक जीवों के नाम लिखिए<div class= A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

अ) मियादी बुखार या टाइफायड - साल्मोनेला टाइफी
आ) क्षय रोग - माइकोबैक्टीरियम ट्यूबरक्लोसिस
इ) न्यूमोनिया - स्ट्रेप्टोकोकस नीमोनी


Q. 159782ब मलेरिया कैसे संक्रम

अ मलेरिया के रोगजनक का नाम बताइए <div class= A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

अ) मलेरिया का रोगजनक: प्रोटोज़ोन परजीवी
i. प्लाज्मोडियम वाइवेक्स या
ii. प्लाज्मोडियम फैल्सीपैरम

ब) मलेरिया का संक्रमण: मलेरिया संक्रमण आमतौर पर मादा एनोफिलीज मच्छर के काटने से किसी भी व्यक्ति को प्रेषित किया जाता है। मनुष्यों में ये परजीवी यकृत में वृद्धि करते हैं और लाल रुधिर कोशिकाओं पर आक्रमण करके उन्हें नष्ट कर देते हैं|
स) मलेरिया के लक्षण:
i. चरम ठंड के साथ बुखार।
ii. शरीर के तापमान में अचानक वृद्धि और फिर बुखार में पसीना आ जाता है। यह बार-बार निश्चित अंतराल अवधि के साथ होता है।
iii.. सिरदर्द, शरीर या पेशी दर्द
iv. मतली और उल्टी|


Q. 159783 HIV का संचारण मनुष्य में किस प्रकार होता है तथा इसके परिवर्ती लक्षणों पर प्रकाश डालिए
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

HIV का संचारण निम्न प्रकार से होता है:

  • संक्रमित व्यक्ति के साथ यौन संपर्क द्वारा।
  • संदूषित रुधिर और रुधिर पदार्थों के आधान द्वारा।
  • संक्रमित सुइयों का साझा प्रयोग करने से, जैसे अंतःशिरा ड्रग का कुप्रयोग करने वालों में।
  • संक्रमित माता से ट्रांस प्लेसेंटल अर्थात अपरा के माध्यम से शिशु में ।
  • संक्रमित माता द्वारा परिचर्या के दौरान दूध के माध्यम से उसके शिशु में ।

HIV संक्रमणों के परवर्ती लक्षण:

ऊर्जा और वजन में कमी

बारबार बुखार और पसीना आना

जीभ या मुँह में मोटी सफेद परत का जमना

गंभीर या बार-बार होने वाला योनि यीस्ट संक्रमण

दीर्घकालीन श्रोणि शोथ रोग

लंबे समय से बारबार अतिसार का रोग

कंठ, काँख या श्रोणि में स्थित ग्रंथियों में सूजन

चेतना की स्थिति में परिवर्तन, व्यक्तित्व में परिवर्तन, मानसिक ह्रास


Q. 159784 गेहूँ की अर्ध-वामन, उच्च उत्पादन, रोग-प्रतिरोधी किस्मों का विकास निम्न में से किसने किया था?


A. प्रोफेसर एम.एस.स्वामीनाथन

B. नॉर्मन अर्नेस्ट बोरलॉग

C. प्रोफेसर पंचानन माहेश्वरी

D. ग्रेगर जॉन मेंडल

Right Answer is: B

SOLUTION

नोबेल पुरस्कार विजेता नॉर्मन अर्नेस्ट बोरलॉग ने गेहूँ की अर्ध-वामन किस्में विकसित की थीं, जो भारत, पाकिस्तान और मैक्सिको में सफलतापूर्वक उगाई गईं थीं।


Q. 159785 फसलों की उपयोगी किस्मों के विकास से संबंधित चरण को नाम दिया गया है:


A. श्वेत क्रांति

B. फसल क्रांति

C. कृषि क्रांति

D. हरित क्रांति

Right Answer is: D

SOLUTION

बढ़ती हुई जनसंख्या की माँग की पूर्ति के लिए खाद्य उत्पादन में वृद्धि के उद्देश्य से सन् 1960 के दशक के मध्य में पादप प्रजनन की अनेक तकनीकों का प्रयोग करते हुए गेहूँ और चावल की उच्च उत्पादकता वाली अनेक किस्में विकसित की गई। इस चरण को हरित क्रांति कहा जाता है।


Q. 159786 भारत के सकल घरेलू उत्पाद (GDP) में कृषि का योगदान लगभग ____है।


A. 80%.

B. 55%.

C. 33%.

D. 20%.

Right Answer is: C

SOLUTION

भारत एक कृषिप्रधान देश है। भारत के सकल घरेलू उत्पाद (GDP) में कृषि का योगदान लगभग 33% है और भारत की लगभग 62% जनसंख्या कृषि क्षेत्र में संलग्न है।


Q. 159787 पादप प्रजनन के अभिलेखित प्रमाण___पुराने हैं।


A. 2,000-4,000 वर्ष

B. 5,000-8,000 वर्ष

C. 9,000-11,000 वर्ष

D. 12,000-15,000 वर्ष

Right Answer is: C

SOLUTION

पारंपरिक पादप प्रजनन की विधि का अभ्यास मानव सभ्यता के आरम्भ  के समय से किया जाता रहा है। इस प्रकार, यह प्रथा लगभग 9,000-11,000 वर्ष प्राचीन है।


Q. 159788 प्रतिनियुक्त माँ वह होती है, जो:


A. अन्य महिला के भ्रूण के लिए अपना गर्भाशय किराये पर देती है।

B. प्रसव के पश्चात बच्चे को स्तनपान कराने में सक्षम नहीं होती है।

C. एक से अधिक भ्रूणों को धारण करती है।

D. कृत्रिम वीर्यसेचन किए जाने के पश्चात अपने स्वयं के भ्रूण के साथ गर्भाधान करती है।

Right Answer is: A

SOLUTION

एक प्रतिनियुक्त माँ अन्य महिला के भ्रूण के विकास के लिए अपना गर्भाशय किराये पर देती है। वह बच्चे की जैविक माँ नहीं होती। अतः बच्चे के जन्म के पश्चात, उसे वह बच्चा उसकी वास्तविक माँ को सौंपना होता है।


Q. 159789 सामान्य संगम और गर्भाधान की समस्या का समाधान करने के लिए प्रयुक्त की जाने वाली विधि है:


A. प्राकृतिक वीर्यसेचन

B. कृत्रिम वीर्यसेचन

C. गर्भनिरोधकों का प्रयोग

D. गोलियों का सेवन

Right Answer is: B

SOLUTION

कृत्रिम वीर्यसेचन विधि के अंतर्गत, वाँछित नर से वीर्य एकत्र किया जाता है और प्रजनक इसे इंजेक्शन के माध्यम से चयनित मादा के जनन पथ के अन्दर प्रविष्ट कर देता है।


Q. 159790 खच्चर की उत्पत्ति___का परिणाम है।


A. यादृच्छिक प्रजनन

B. अंतराविशिष्ट कृत्रिम संकरीकरण

C. अंतःविशिष्ट कृत्रिम संकरीकरण

D. अंतःप्रजनन संकरण

Right Answer is: C

SOLUTION

अंतःविशिष्ट कृत्रिम संकरीकरण के अंतर्गत, दो विभिन्न प्रजातियों के नर और मादा पशुओं का संगम कराया जाता है, जिससे कि दोनों प्रजातियों की वाँछित विशेषताओं को मिलाकर एक नई जाति उत्पन्न की जा सके। खच्चर की उत्पत्ति गधे और घोड़े के बीच संकरण के फलस्वरूप होती है।


Q. 159791 भारत और चीन दोनों देशों में विश्व के कुल पशुधन की उपस्थिति का अनुमानित प्रतिशत लगभग ___है।


A. 10%.

B. 25%.

C. 40%.

D. 70%.

Right Answer is: D

SOLUTION

एक अनुमान के अनुसार, भारत और चीन में सम्पूर्ण विश्व का 70% से भी अधिक पशुधन है। किन्तु, उत्पादन के दृष्टिकोण से, यह पशुधन मात्र 25 % है अर्थात प्रति पशु उत्पादकता अत्यंत कम है। पशुधन की संख्या के अनुसार इस उत्पादकता में वृद्धि होनी चाहिए।


Q. 159792 मानव उपभोग के लिए दूध और इसके उत्पाद प्राप्त करने के लिए आवश्यक पशुओं का प्रबंधन कहलाता है:


A. पशु कृषि

B. पशुचिकित्साविज्ञान

C. पशु प्रजनन

D. डेरी उद्योग

Right Answer is: D

SOLUTION

डेरी फार्म प्रबंधन दूध प्रदान करने वाले पशुओं और प्रणालियों से संबंधित है, जिनसे दूध की गुणवत्ता में सुधार और उसके उत्पादन में वृद्धि होती है।


Q. 159793 परभणी क्रांति ___की एक नई किस्म है।


A. भिंडी

B. बैंगन

C. गेहूँ

D. चावल

Right Answer is: A

SOLUTION

परभणी क्रांति, भिंडी की एक नई किस्म है। जंगली किस्मों से भिन्न-भिन्न गुण प्राप्त करने के लिए विभिन्न जीन कृष्य किस्मों में स्थानांतरित किए जाते हैं, जिससे कि उनमें वाँछित श्रेष्ठ लक्षणों का प्रवेश कराया जा सके। उदाहरण: भिंडी में पीला मोजेक विषाणु प्रतिरोधी जीन एक जंगली प्रजाति से स्थानांतरित किया गया है और परभणी क्रांति नामक एक नई किस्म सफलतापूर्वक विकसित की गई है।


Q. 159794 एंटीबायोटिक से क्या अभिप्राय है?
Right Answer is:

SOLUTION

एंटीबायोटिक सूक्ष्मजीव द्वारा उत्पन्न होने वाला एक कार्बनिक यौगिक है, जो अन्य सूक्ष्म जीवों की वृद्धि को रोक देता है या उन्हें नष्ट कर देता है ।


Q. 159795 औद्योगिक दृष्टि से महत्वपूर्ण तीन एंजाइमों के नाम बताइए।
Right Answer is:

SOLUTION

प्रोटिएस, एमाइलेज और रेनिन।


Q. 159796 उपापचय की प्रक्रिया के समय सूक्ष्म जीव गैस उत्पन्न करते हैं। इसे सिद्ध करने के लिए एक उदाहरण प्रस्तुत कीजिए।
Right Answer is:

SOLUTION

इडली और डोसा बनाने के लिए प्रयोग किया जाने वाला आटा CO2 गैस उत्पन्न होने के कारण फूल जाता है। यह प्रदर्शित करता है कि उपापचय के समय सूक्ष्म जीव गैस उत्पन्न करते हैं।


Q. 159797 प्राथमिक और द्वितीयक वाहित मल उपचार के बीच प्रमुख अंतर क्या है?
Right Answer is:

SOLUTION

प्राथमिक उपचार पूरी तरह से यांत्रिक होता है, जिसमें निस्यंदन और अवसादन के माध्यम से छोटे और बड़े कण बाहर निकाल दिए जाते हैं। जबकि द्वितीयक उपचार जैविक होता है, जिसमें सूक्ष्म जीव मुख्य भूमिका निभाते हैं।


Q. 159798 सूक्ष्म जीवों का प्रयोग रासायनिक उर्वरकों और पीड़कनाशियों के प्रयोग को कम करने के लिए किया जा सकता है। स्पष्ट कीजिए कि ऐसा किस प्रकार किया जाता है।
Right Answer is:

SOLUTION

कृषि उत्पादों की माँग में हो रही सतत वृद्धि को ध्यान में रखते हुए रासायनिक उर्वरकों का प्रयोग किया जाता है, किन्तु इससे बड़े स्तर पर प्रदूषण भी फैलता है। इस प्रकार के प्रदूषण से बचने या इसे कम करने के लिए, यह आवश्यक है कि जैव उर्वरकों का प्रयोग करने वाली जैव खेती को अपनाया जाए।


Q. 159799 मृदा में सूक्ष्म जीवों की भूमिका पर प्रकाश डालिए।
Right Answer is:

SOLUTION

सूक्ष्म जीवों का सबसे अनुकूल आवास मृदा है, जहाँ ये बहुतायत में पाए जाते हैं। सामान्यतः, मृदा की सबसे ऊपरी परत से लेकर 5-15 सेमी की गहराई तक ये अत्यधिक संख्या (1000000 प्रति cu cm) में पाए जाते हैं। मृदा में उपस्थित सूक्ष्म जीव कार्बनिक पदार्थों का अपघटन करके और मुक्त नाइट्रोजन का उपयोग किए जाने योग्य रूप में स्थिरीकरण करके मृदा की उर्वरा शक्ति में वृद्धि करते हैं।


Q. 159800 स्थानान्तरण के पश्चात अनेक प्रोटीनों में रूपांतरण हो जाता है, क्योंकि मानवों के लिए उनके महत्व में वृद्धि करने के लिए कार्बोहाइड्रेट या लिपिड उनसे जुड़ जाते हैं। मानवों के लिए उपयोगी अनेक प्रोटीनों में कार्बोहाइड्रेट या लिपिड पाए जाते हैं, जो प्राथमिक स्थानांतरण उत्पादों से जुड़ जाते हैं। क्या इस उद्देश्य के लिए जीवाणुओं का प्रयोग किया जा सकता है? अपने उत्तर को एक उदाहरण की सहायता से तर्कसंगत सिद्ध कीजिए। क्या जैव प्रौद्योगिकी की कोई ऐसी विधि है, जिसका प्रयोग इस प्रकार के प्रोटीन उत्पन्न करने के लिए किया जा सकता है? यदि हाँ, तो उस विधि का उल्लेख करते हुए विस्तार से स्पष्ट कीजिए।
Right Answer is:

SOLUTION

नहीं! इस उद्देश्य के लिए जीवाणुओं का प्रयोग नहीं किया जा सकता, क्योंकि उनमें वे विशिष्ट एंजाइम नहीं पाए जाते हैं, जिनकी आवश्यकता प्राथमिक स्थानांतरण उत्पादों में कार्बोहाइड्रेट या लिपिड जोड़ने के लिए होती है।

स्थानान्तरण के पश्चात रूपांतरित प्रोटीन या तो किसी संवर्धन माध्यम में वृद्धि कर रही पारजीनी सुकेंद्रकी कोशिकाओं में या पारजीनी जीवों (पौधों या प्राणियों) में उत्पन्न किए जा सकते हैं। मुख्य रूप से, इस विधि का प्रयोग किसी लाभकारी प्रोटीन के उत्पादन के लिए किया जा सकता है।


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