CBSE - MCQ Question Banks (के. मा. शि. बो . -प्रश्नमाला )

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Q. 159801 जैव उर्वरकों से मृदा की उर्वरा शक्ति में किस प्रकार वृद्धि होती है?
Right Answer is:

SOLUTION

जैव उर्वरक निम्न प्रकार से मृदा की पोषक गुणवत्ता में वृद्धिकरते हैं :

जीवाणु-ये निम्न प्रकार से वायुमंडलीय नाइट्रोजन को उपयोग किए जाने योग्य रूप में स्थिरीकरण करते हैं:

(अ ) सहजीवी संबंध में फलीदार पौधों में मूल ग्रंथियों का निर्माण करके, जैसे: राइजोबियम)

(ब) मृदा में स्वतंत्र रूप से निवास करके, जैसे: एजोटोवेक्टर और एजोस्पाइरिलम

कवक - कवकमूल पौधों के मूलों के साथ सहजीवी संबंध स्थापित करते हैं।

कवकमूल मृदा से फॉस्फोरस का अवशोषण करते हैं और इसे पौधे तक पहुँचा देते हैं । इन पौधों में अन्य लक्षण भी विकसित होते हैं, जैसे: मूल से उत्पन्न रोगजनकों के प्रति प्रतिरोधकता, लवणता और सूखे के प्रति सहनशीलता तथा पौधे की अत्यधिक वृद्धि एवं विकास ।

सायनोबैक्टीरिया- ये स्वपोषी सूक्ष्म जीव मृदा में व्यापक रूप से फैले हुए होते हैं और वायुमंडलीय नाइट्रोजन का स्थिरीकरण करते हैं, जैसे: एनाबीना, नोस्टोक, ऑसिलैटोरिया इत्यादि।


Q. 159802 अनेक सूक्ष्म जीव मानव और पर्यावरण दोनों के लिए उपयोगी होते हैं। अपने उत्तर के लिए कारण प्रस्तुत करते हुए निम्नलिखित कथनों को तर्कसंगत सिद्ध कीजिए। (i) जीवाणुओं के द्वारा कच्चे तेल के अधिप्लावों के विखंडन में वृद्धि करने के लिए नाइट्रेट और फॉस्फेट उर्वरक मिलाई जाती है। (ii) ब्रेड निर्माण की प्रक्रिया में, आटे को गर्म स्थान पर रख दिया जाता है।
Right Answer is:

SOLUTION

(i) समुद्र में होने वाले कच्चे तेल के अधिप्लावों में अनेक हानिकारक रसायन होते हैं, जो समुद्री पर्यावरण को क्षति पहुँचाते हैं। अधिकतर पेट्रोलियम हाइड्रोकार्बन वायवीय स्थितियों में जैवनिम्नीकरणीय होते हैं। अनेक सूक्ष्म जीव हानिकारक हाइड्रोकार्बन का ऑक्सीकरण करने और मृदा का विखंडन करने में सक्षम होते हैं। जीवाणुओं की संख्या और इस प्रक्रिया की गति में वृद्धि करने के लिए, नाइट्रेट और फॉस्फेट उर्वरक डाली जाती है, जिससे कि जीवाणुओं (bacteria) के द्वारा कच्चे तेल के अधिप्लावों के विखंडन को प्रेरित किया जा सके।

(ii) ) ब्रेड निर्माण की प्रक्रिया में, यीस्ट शर्करा को कार्बन डाइऑक्साइड और ऐथानॉल में परिवर्तित कर देता है।

आटे को कुछ समय के लिए गर्म स्थान पर रख दिया जाता है, जिससे कि यीस्ट शर्करा का उपभोग कर सके और अपने इष्टतम तापमान पर जनन कर सके। सेंकने पर आटा फूल जाता है, क्योंकि गेहूँ के ग्लूटन रेशों के बीच कार्बन डाइऑक्साइड प्रवेश कर लेती है और ऐथानॉल बाहर निकल जाती है।


Q. 159803 जैव गैस एक प्रकार का जैव ईंधन है, जो जैविक अपशिष्टों के अपघटन से प्राकृतिक रूप से उत्पन्न होता है। गाँवों में, इस गैस के उत्पादन में क्रमशः वृद्धि हो रही है। (i) जैव गैस के उत्पादन में कौन सा सूक्ष्म जीव शामिल होता है? (ii) यह वायवीय होता है अथवा अवायवीय होता है? (iii) विश्वव्यापी उष्णता का सामना करने के लिए यह किस प्रकार सहायक होता है? (iv) जैव गैस किस प्रकार श्वसन रोगों की रोकथाम करती है? (v) ग्रामीण क्षेत्रों के लिए औद्योगिक जैव गैस संयंत्र अधिक उपयुक्त होते हैं। क्यों?
Right Answer is:

SOLUTION

(i) पशुओं के प्रथम आमाशय के अन्दर उपस्थित मीथेनोबैक्टीरियम घास में पाए जाने वाले सेलुलोस का पाचन करता है, अतः पशुओं के मल में इस प्रकार का जीवाणु प्रचुर मात्रा में पाया जाता है। इस पशुमल का प्रयोग जैव गैस संयंत्र में जैव गैस उत्पन्न करने के लिए किया जाता है।

(ii) जैविक अपशिष्टों का अपघटन अवायवीय पर्यावरण में होता है। अतः, जैव गैस उत्पन्न करने की प्रक्रिया को अवायवीय पाचन भी कहा जाता है। ।

(iii) जैव गैस ऊर्जा का एक नवीकरणीय, गैर-प्रदूषणकारी और स्वच्छ स्रोत है। इस प्रक्रिया में किसी प्रकार का कोई दहन नहीं होता अर्थात वायुमंडल में ग्रीनहाउस गैसों का शून्य उत्सर्जन होता है। अतः, यह विधि विश्वव्यापी उष्णता का सामना करने की सर्वाधिक उपयुक्त विधि है।

(iv) भोजन बनाने के लिए खुले में आग के बजाय गैस के स्टोव का प्रयोग करने से धुएँ के संपर्क में आने से बचा जा सकता है। इससे घातक श्वसन रोगों की रोकथाम होती है।

(v) ऐसे स्थानों पर औद्योगिक जैव गैस संयंत्रों की स्थापना की जानी चाहिए, जहाँ कच्ची सामग्री, जैसे: पशुमल, खाद्य अपशिष्ट और खाद प्रचुर मात्रा में हों। इस कारण से, नगरीय क्षेत्रों की तुलना में ग्रामीण और उपनगरीय क्षेत्र जैव गैस उत्पन्न करने के लिए अधिक उपयुक्त हैं।


Q. 159804 वह विधि जिसके द्वारा पुनर्योगज डी.एन.ए को सीधे जंतु कोशिका के केन्द्रक में अंतःक्षेपित किया जाता है उसे क्या कहा जाता है?


A. जीन गन

B. सूक्ष्म अंतःक्षेपण (माइक्रोइंजेक्शन )

C. बायोलिस्टीक

D. इलेक्ट्रोपोरेशन

Right Answer is: B

SOLUTION

सूक्ष्म अंतःक्षेपण, पुनर्योगज डी.एन.ए को कोशिका के केन्द्रक में महीन सूई द्वारा प्रवेश कराने की प्रक्रिया है |


Q. 159805 निम्न में से किस प्रक्रिया में मृत दाता कोशिका के जीनोम को प्रभावी रूप से उपयोग किया जाता है?


A. संयोजन

B. रूपांतरण

C. पारगमन

D. Hfr संयोजन.

Right Answer is: B

SOLUTION

रूपांतरण में, जीवाणु कोशिकाएँ जो मृत होती हैं, निकटवर्ती जीवित कोशिकाओं में रूपांतरित हो सकती हैं। इस स्थिती में, डी.एन.ए का अंत नहीं होता एवं इसे प्राप्तकर्ता से जीवाणु कोशिका में स्थानांतरित किया जाता है। अन्य सभी कोशिकाओं में, दो जीवित सूक्ष्मजीवी कोशिकाओं को डी.एन.ए हस्तांतरण में भाग लेना पड़ता है।


Q. 159806 जैव प्रौद्योगिकी की परिभाषा जो पारंपरिक और आधुनिक दोनों विचारों को शामिल करती है, निम्न में से किसके द्वारा दी गई है:


A. FEB.

B. EFB.

C. FBI.

D. CISF.

Right Answer is: B

SOLUTION

EFB (यूरोपीय संघ जैव प्रौद्योगिकी) द्वारा दी गई परिभाषा है “नए उत्पादों तथा सेवाओं के लिए प्राकृतिक विज्ञान व जीवों, व उनकी कोशिकाओं व उनके अंग तथा आण्विक अनुरूपों का समायोजन जैव प्रौद्योगिकी है ।


Q. 159807 विशेष प्रकार के जीवाणु जंतु  कोशिकाओं

जीवाणुभोजी हैं <div class= Right Answer is: C

SOLUTION

जीवाणुभोजी एक विषाणु होता है जो जीवाणुओं को संक्रमित करता है।


Q. 159808 वह प्रक्रिया जिसके द्वारा डी.एन.ए का एक खंड परपोषी जीवाणु में प्रवेश करता है, उसे कहा जाता है


A. स्थानांतरण

Right Answer is: C

SOLUTION

रूपांतरण, बाहरी डी.एन.ए के प्रवेश और अभिव्यक्ति के परिणामस्वरूप एक कोशिका में आनुवांशिक परिवर्तन है।


Q. 159809 अनुक्रम,जहां से डी.एन.ए में प्रतिकृति शुरू होती है, उसे कहा जाता है


A. Oir

Right Answer is: C

SOLUTION

Ori (प्रतिकृति की उत्पत्ति) एक अनुक्रम है, जिसे यदि डी.एन.ए  के किसी भी खंड में शामिल किया जाए तो वह परपोषी कोशिकाओं के भीतर प्रतिकृति  कर सकता  है ।


Q. 159810 200

अभी तक  ज्ञात प्रतिबंधित एंजाइमों की संख्या है 100<div class= Right Answer is: D

SOLUTION

अभी तक, 900 से अधिक प्रतिबंधित एंजाइम को जीवाणु के 230 से अधिक उपभेदों से पृथक किया जा चुका है,जिनमें से प्रत्येक एंजाइम अलग-अलग पहचान अनुक्रमों को पहचानता है।


Q. 159811 एंजाइमों का कौनसा वर्ग “आण्विक कैंची” से सम्बंधित है?


A. DNA लाइगेज

B. प्रतिबंधन एंजाइ

C. RNA  पॉलीमरेज

D. DNA पॉलीमरेज

Right Answer is: B

SOLUTION

विशिष्ट स्थानों पर DNA को काटना तथा कथित 'आण्विक कैंची' अर्थात प्रतिबंधन  एंजाइमों  की खोज के कारण संभव हुआ है ।


Q. 159812 आनुवांशिक इंजीनियरिंग में, संवाहक की भूमिका निभाई जाती है


A. गुणसूत्रीय DNA द्वारा

B. RNA द्वारा

C. प्लाज्मिड द्वारा

D. विरायड द्वारा

Right Answer is: C

SOLUTION

आनुवंशिक इंजीनियरिंग में प्लाज्मिड  का उपयोग किया जाता है जिन्हें संवाहक कहा जाता है। प्लाज्मिड , आनुवांशिक इंजीनियरिंग एवं  पुनर्योगज DNA प्रौद्योगिकी में महत्वपूर्ण उपकरण के रूप में कार्य करते हैं।


Q. 159813 प्लाज्मिड्स सामान्यतः प्राकृतिक रूप से होते हैं


A. प्रोटिस्टा

Right Answer is: B

SOLUTION

प्लाज्मिड जीवाणुओं (बैक्टीरिया) में प्राकृतिक रूप से उपस्थित होते हैं। वे कभी-कभी यूकैरियोटिक जीवों में भी पाए जाते हैं, उदाहरण: सैकरोमाइसिस सैरीवीसी


Q. 159814 ऊष्णकटिबंधीय प्रदेशों में जातियों की विविधता में कमी का मुख्य कारण है


A.

वनोंमूलन।

B.

प्रदूषण।

C.

मृदा अपरदन।

D.

शहरीकरण।

Right Answer is: A

SOLUTION

वनोंमूलन ऊष्णकटिबंधीय जातियों की विलुप्ति और वैश्विक जलवायु परिवर्तनों में योगदान देता है।


Q. 159815 यदि बंगाल बाघ विलुप्त हो जाएँ, तो


A.

लकड़बग्घे और भेड़िये दुर्लभ हो जाएंगे।

B.

वन्य क्षेत्र मनुष्यों और घरेलू जानवरों के लिए सुरक्षित होंगे।

C.

इसका जीन पूल हमेशा के लिए लुप्त जाएगा।

D.

हिरण जैसे सुंदर जानवरों की आबादी स्थिर हो जाएगी।

Right Answer is: C

SOLUTION

किसी जाति या आबादी का जीन पूल उस जाति के प्रत्येक जीवित सदस्य की आनुवंशिक सामग्री में उपस्थित एलील का पूरा सेट होता है। जब एक जीव विलुप्त होता है, तो उसका जीन पूल भी विलुप्त हो जाता है।


Q. 159816 प्रथम जीवमंडल संरक्षित क्षेत्र की स्थापना 1986 में भारत में हुई थी


A.

म्यांमार की खाड़ी

B.

सुंदरबन

C.

नीलगिरी

D.

नंदा देवी

Right Answer is: C

SOLUTION

नीलगिरी 1986 में भारत में स्थापित प्रथम जीवमंडल संरक्षित क्षेत्र था। यह पश्चिमी घाटों में स्थित है और इसमें भारत के 10 जैव भौगोलिक प्रांतों में से 2 शामिल हैं।


Q. 159817 'रिवेट पॉपर परिकल्पना' किसने प्रस्तुत की गई थी?


A.

थॉमस माल्टस

B.

डेविड टिलमैन

C.

पॉल एहरलिक

D.

डब्ल्यूजी रोजेन

Right Answer is: C

SOLUTION

रिवेट-पोपर परिकल्पना एक प्रसिद्ध पारिस्थितिकविद् पॉल एहरलिक ने दी थी। इस परिकल्पना में, पॉल ने पारिस्थितिक तंत्र की तुलना एक वायुयान से और इसके घटकों की तुलना वायुयान के रिवेटों से करके, पारिस्थितिक तंत्र के विभिन्न घटकों के महत्व पर प्रकाश डाला है।


Q. 159818 भूमध्य रेखा से ध्रुवों की ओर जैविक विविधता


A.

बढ़ती है।

B.

घटती है।

C.

स्थिर रहती है।

D.

यादृच्छिक होती है।

Right Answer is: B

SOLUTION

ध्रुवीय क्षेत्रों में ध्रुवीय बर्फ की टोपियाँ प्रभावी रूप से उपस्थित होती हैं और ये पृथ्वी पर सबसे असह्य स्थान हैं। इसलिए यहाँ जैव विविधता कम है |


Q. 159819 बाह्य स्थाने संरक्षण शब्द लागू होता है


A.

प्राणी उद्यान में लुप्तप्राय जातियों के जनन के लिए।

B.

जीवमंडल संरक्षण की सुरक्षा के लिए।

C.

वन्यजीव अभ्यारण्य के निर्माण के लिए।

D.

संरक्षित वनों में शिकार की रोकथाम के लिए।

Right Answer is: D

SOLUTION

चिड़ियाघर और वनस्पति उद्यान बाह्य स्थाने संरक्षण की सबसे पारंपरिक विधियाँ हैं। जब भी आवश्यक हो और संभव हो, तो इनमें जीवों को जनन के लिए आश्रय और संरक्षित किया जाता है फिर इन्हें वनों में पुनः भेज दिया जाता है |


Q. 159820 दक्षिणी घाट पश्चिम

  में जाति विविधता बहुत अधिक है<div class= A.
B.
C.
D.

Right Answer is: B

SOLUTION

जाति विविधता जातियों के स्तर पर विविधता है। उदाहरण के लिए, पश्चिमी घाटों में पूर्वी घाटों की तुलना में उभयचर जाति विविधता अधिक है।


Q. 159821 जब एक जाति विलुप्त हो जाती है, तो उस पर्यावरण में उससे संबंधित पौधे और प्राणियों की जातियाँ भी विलुप्त हो जाती हैं। इस घटना को कहा जाता है


A.

पारस्परिक विलुप्तता

B.

परा विलुप्तता

C.

पार विलुप्तता

D.

सह-विलुप्तता

Right Answer is: D

SOLUTION

उदाहरण के लिए यदि एक मछली विलुप्त हो जाती है, तो उस मछली की जाति पर निर्भर सभी परजीवी भी विलुप्त जाते हैं। सह-विलुप्तता न केवल परजीवी और पोषी के बीच सम्पन्न होती है, बल्कि शिकारी और शिकार एवं शाकाहारियों और पौधों के बीच भी सम्पन्न होती है।


Q. 159822 एक क्षेत्र में जैव विविधता की क्षति से _______ में वृद्धि हो सकती है
A.
B.
C.
D.

Right Answer is: D

SOLUTION

जब किसी क्षेत्र में जैव विविधता की क्षति होती है तो यह पौधों के उत्पादन में कमी का कारण बन सकता है जिसके कारण पारिस्थितिक तंत्र असंतुलित हो जाता है।


Q. 159823 अनुवांशिक जैव विविधता अनुवांशिक विविधता है:


A.

पौधों और प्राणियों के बीच

B.

पौधों की विभिन्न जातियों के बीच

C.

प्राणियों की विभिन्न जातियों के बीच

D.

एक ही जाति के सदस्यों के बीच

Right Answer is: D

SOLUTION

जीन या गुणसूत्र संरचना में आनुवंशिक विविधताओं के आधार पर एक ही जाति के सदस्य एक-दूसरे से भिन्न होते हैं। पर्यावरण आनुवंशिक विविधता में एक प्रमुख भूमिका निभाता है।


Q. 159824 1992 में "पृथ्वी शिखर सम्मेलन" आयोजित किया गया था


A.

बार्सिलोना।

B.

मिलान।

C.

बुखारेस्ट।

D.

रियो डी जेनेरो।

Right Answer is: D

SOLUTION

1992 में, पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक-आर्थिक विकास की तत्काल समस्याओं को हल करने के लिए ब्राजील के रियो डी जेनेरो में प्रथम अंतर्राष्ट्रीय "पृथ्वी शिखर सम्मेलन" के लिए 100 से अधिक प्रमुख राज्य मिले।


Q. 159825 भारत की लुप्तप्राय जंतु जातियों का एक उदाहरण है


A.

गौरैय्या

B.

गैंडा

C.

शेर

D.

ग्रेट इंडियन बस्टर्ड

Right Answer is: D

SOLUTION

विश्व में बस्टर्ड की 23 जातियों में से भारतीय बस्टर्ड सबसे लुप्तप्राय है। संभवतः भारत में 400-500 बस्टर्ड जीवित हैं, यदि उन्हें बचाने के लिए तत्काल कार्रवाई नहीं की गई तो ये विलुप्त हो सकती है।


Q. 159826 2002 में आयोजित "सतत विकास पर विश्व शिखर सम्मेलन" हुआ था


A.

दक्षिण अफ्रीका में प्रिटोरिया।

B.

ऑस्ट्रिया में वियेना।

C.

ब्रिटेन में डबलिन।

D.

दक्षिण अफ्रीका में जोहान्सबर्ग।

Right Answer is: D

SOLUTION

इस सम्मेलन में अन्य मुद्दों पर चर्चा के अलावा, पर्यावरण से संबंधित मुद्दे जैसे- ऊर्जा के नवीनीकरणीय स्रोत, ऊर्जा दक्षता और इसका संरक्षण थे।


Q. 159827 संरक्षण का अर्थ है


A.

संसाधनों का अधिक उपयोग।

B.

प्राकृतिक अनवीकरणीय संसाधनों का कम उपयोग।

C.

प्राकृतिक संसाधनों का बुद्धिमत्तापूर्ण उपयोग।

D.

प्राकृतिक संसाधनों का उपयोग न करना।

Right Answer is: C

SOLUTION

संरक्षण पर्यावरण और प्राकृतिक संसाधनों का रक्षण और सावधानीपूर्वक प्रबंधन है।


Q. 159828 पृथ्वी का 14% स्थलीय भाग ऊष्णकटिबंधीय वर्षा वनों द्वारा घिरा हुआ था और हाल के वर्षों में यह कम हो गया है


A.

10%

B.

8%

C.

6%

D.

4%

Right Answer is: C

SOLUTION

पृथ्वी का 14% स्थलीय भाग ऊष्णकटिबंधीय वर्षा वनों द्वारा घिरा हुआ था और हाल के वर्षों में यह 6% कम हो गया है | ये तेजी से नष्ट हो रहे हैं, जिससे आवास की क्षति हो रही है।


Q. 159829 संरक्षण की विधि जो जातियों की बड़ी संख्या को जीवित रहने में सहायक है
A.
B.
C.
D.

Right Answer is: A

SOLUTION

स्व-स्थाने संरक्षण में कुल पारिस्थितिक तंत्रों की सुरक्षा पर जोर दिया जाता है जिसमें, राष्ट्रीय उद्यानों, अभयारण्यों और जीवमंडल रिजर्व जैसे संरक्षित क्षेत्र शामिल हैं।


Q. 159830 विदेशी जातियाँ ________ में बाधा डालकर एक पारिस्थितिक तंत्र की मूल जातियों को प्रभावित करती हैं
A.
B.
C.
D.

Right Answer is: B

SOLUTION

ऐसी जाति जिसे किसी भौगोलिक क्षेत्र से अपनी प्राकृतिक सीमा से बाहर के क्षेत्र में स्थानांतरित किया गया हो उसे विदेशी जाति कहते हैं | ये विदेशी जातियाँ संसाधनों के लिए मूल जातियों के साथ प्रतिस्पर्धा करके उनके आवास, जीवनशैली, कुछ बहुमूल्य जातियों के जीवों के व्यवहार को प्रभावित करती हैं |


Q. 159831

 आनुवांशिक विविधता एक समष्टि के  में सहायक होती है<div class= A.
B.
C.
D.

Right Answer is: B

SOLUTION

आनुवांशिक विविधता किसी समष्टि को अपने पर्यावरण के अनुकूल बनाने और परिवर्तनशील स्थितियों के प्रति प्रतिक्रिया करने में सहायता करती है। अधिक विविधता वाली जातियां पर्यावरणीय परिवर्तनों के लिए अधिक अनुकूल हो सकती हैं और अगली पीढ़ी में अपनी विशेषताओं को को हस्तांतरित कर सकती हैं। इसलिए अनुवांशिक विविधता किसी जाति के अस्तित्व में सहायक होती है।


Q. 159832 अधिक सौर ऊर्जा उपलब्ध होती है


A.

ध्रुवीय क्षेत्र में।

B.

समशीतोष्ण क्षेत्र में।

C.

समशीतोष्ण पर्णपाती क्षेत्र में।

D.

ऊष्णकटिबंधीय क्षेत्र में।

Right Answer is: D

SOLUTION

ऊष्णकटिबंधीय क्षेत्रों में वर्ष भर अधिक सौर ऊर्जा उपलब्ध होती है, जो उत्पादकता को बढ़ाने में योगदान देती है; बदले में यह अप्रत्यक्ष रूप से अधिक विविधता में योगदान दे सकता है।


Q. 159833 अक्षांश सीमा में वृद्धि के साथ जैव विविधता


A.

बढ़ती है।

B.

घटती है।

C.

परिवर्तित होती रहती है।

D.

स्थिर रहती है।

Right Answer is: B

SOLUTION

अक्षांश सीमा में वृद्धि के साथ जैव विविधता कम हो जाती है। भूमध्य रेखा के पास के क्षेत्र में सजीवों की विविधता, भूमध्य रेखा से दूर स्थित क्षेत्रों की तुलना में अधिक होती है। इसलिए, समशीतोष्ण क्षेत्रों की तुलना में ऊष्णकटिबंधीय क्षेत्रों में अधिक विविधताएँ उपलब्ध हैं।


Q. 159834 कीट प्रबंधन के लिए जैविक नियंत्रण विधि के पीछे पारिस्थितिक सिद्धांत क्या है?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

कृषि कीट नियंत्रण में अपनाई गई जैविक नियंत्रण विधियां शिकार की समष्टि को नियंत्रित करने के लिए परभक्षी की क्षमता पर आधारित हैं।


Q. 159835 ‘स्तनधारी किसी भी पर्यावरण में सफलतापूर्वक जीवित रहने में सक्षम हैं’ विकासवादी जीवविज्ञानियों के इस तथ्य पर विश्वास करने का क्या कारण है ?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

इसका कारण मुख्य रूप से सर्द के साथ-साथ गर्म जलवायु में शरीर के तापमान को स्थिर बनाए रखने की उनकी क्षमता है।


Q. 159836 समुद्री एनीमोन और क्लाउन मछली द्वारा प्रदर्शित पारस्परिक क्रिया का नाम बताइए
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

समुद्री एनीमोन और क्लाउन मछली द्वारा प्रदर्शित पारस्परिक क्रिया का नाम सह्भोजिता है |


Q. 159837 डायपाज, हाइबर्नेशन से किस प्रकार भिन्न है?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

डायपाज प्रतिकूल परिस्थितियों में निलंबित विकास का चरण है, उदाहरण- अनेक जंतुप्लवक जातियाँ

हाइबर्नेशन प्राणियों में निष्क्रियता और चयापचय अवसाद की एक अवस्था है, जिसे शरीर के कम तापमान, मंद श्वसन और कम चयापचय दर द्वारा विशेषीकृत किया जाता है।


Q. 159838 यदि एक समुद्री मछली को स्वच्छ जल के एक्वेरियम में रखा जाए, तो क्या मछली जीवित रहने में सक्षम होगी? क्यों ?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

एक समुद्री मछली के लिए, स्वच्छ जल के एक्वेरियम  में जीवित रहना मुश्किल है क्योंकि मछली लवणीय जल में रहने के लिए अनुकूलित है और शारीरिक समस्याओं के कारण वह बाहरी अल्पपरासारी वातावरण का सामना करने में सक्षम नहीं होगी |


Q. 159839 आकारिकीय अनुकूलन को परिभाषित कीजिए। इसका एक उदाहरण भी दीजिए
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

आकारिकीय अनुकूलन गैर-आनुवांशिक होते हैं, अतः ये एक जीव के जीवनकाल में संपन्न होते हैं और जब परिस्थितियाँ अस्तित्व नहीं होती हैं तो उस जीव का क्षय हो जाता है, उदाहरण के लिए, पर्यनुकूलन, व्यवहारिक परिवर्तन आदि।


Q. 159840 छद्ममैथुन परागण में कैसे सहायक होता है? एक उदाहरण की सहायता से समझाइए।
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

ऑफ्रिस नामक भूमध्यसागरीय ऑर्किड, मक्षिका की एक जाति द्वारा परागित होने के लिए 'लैंगिक कपट' करता है | इस पुष्प की पंखुड़ी आकार, रंग और चिह्नों में एक मादा मक्षिका के समान दिखाई देती है।  नर मक्षिका इसे मादा समझकर इसकी ओर आकर्षित होती है और पुष्प के साथ छद्ममैथुन करने का प्रयास करती है। इस प्रक्रिया में उस पुष्प के पराग मक्षिका के शरीर पर चिपक जाते हैं। जब यह मक्षिका अन्य पुष्प के साथ छद्ममैथुन करती है, तो ये पराग उस पुष्प पर स्थानांतरित हो जाते हैं और उसे परागित करते हैं


Q. 159841 निम्न की विशेषताएँ बताइए: (अ) आयु वितरण (ब) समष्टि का साइज़ (स) समष्टि घनत्व
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

(अ) आयु वितरण:

समष्टि के लिए आयु वितरण आलेखित किया जाता है |

इस आरेख को आयु पिरामिड के रूप में जाना जाता है |

यह विभिन्न आयु समूहों में व्यक्तियों की संख्या को दर्शाता है |

पिरामिड का आकार समष्टि की स्थिति को दर्शाता है |

(ब) समष्टि का साइज़:

एक आवास में, समष्टि में जीवों की संख्या को दर्शाता है |

जीवों के बीच प्रतिस्पर्धा के परिणाम के विषय में व्याख्या करने के लिए साइज़ में परिवर्तन का उपयोग किया जा सकता है |

(स) समष्टि घनत्व:

यह एक आवास के विषय में बात करने के लिए सबसे उपयुक्त माप है |

इसे एन के रूप में निर्दिष्ट किया जाता है |

यह किसी आवास में प्रति इकाई क्षेत्र में उपस्थित एक जाति के जीवों की संख्या है |


Q. 159842 निम्नलिखित को उदाहरण सहित परिभाषित कीजिए: (अ) सह्भोजिता (ब) परजीविता (स) छद्मावरण (द) सहजीविता (ई) स्पर्धा
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

() सह्भोजिता: एक पारस्परिक क्रिया जिसमें एक जाति लाभान्वित होती है और दूसरी जाति को   लाभ होता है और हानि | उदाहरण- समुद्री एनीमोन जिनमें दंशन स्पर्शक पाए जाते हैं, और क्लाउन मछली के बीच पारस्परिक क्रिया जो उनमें रहती है। मछली परभक्षियों से सुरक्षित रहती है और यह समुद्री एनीमोन को कोई हानि या लाभ नहीं पहुंचाती है।

() परजीविता: इस संबंध में परजीवी नामक एक जीव भोजन या आश्रय के लिए पोषी नामक अन्य जीवों पर या उनके अन्दर रहता है, जो कि कुछ अन्य प्रजातियों का है। इस अन्तः क्रिया में परजीवी को सभी लाभ मिलते हैं जबकि पोषी गंभीर रूप से प्रभावित होता है। उदाहरण- मलेरिया परजीवी, मनुष्य में मलेरिया ज्वर उत्पन्न करता है, जो उनका पोषी है।

() छद्मावरण: यह प्राणियों को परिवेश के साथ मिश्रित होने की क्षमता है जिससे शत्रुओं द्वारा आसानी से पहचाना जा सके। उदाहरण- काठ कीट

() सहजीविता: यह अन्तः क्रिया दोनों जातियों को  लाभ प्रदान करती है, उदाहरण- लाइकेन, जिसमें प्रकाश संश्लेषक शैवाल और कवक एक-दूसरे को लाभान्वित करते हैं |

() स्पर्धा: समान संसाधनों के लिए प्रतिस्पर्धित दो जातियों जीवों के बीच पारस्परिक संबंध, उदाहरण- मोनार्क तितली और रानी मोनार्क


Q. 159843 उपयुक्त आरेख की सहायता से लॉजिस्टिक समष्टि वृद्धि वक्र का वर्णन कीजिए ।
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

लॉजिस्टिक समष्टि वृद्धि: प्रकृति में किसी भी जाति की समष्टि में चरघातांकी वृद्धि के लिए असीमित संसाधन उपलब्ध नहीं हैं। इससे सीमित संसाधनों के लिए जीवों के बीच प्रतिस्पर्धा होती है। प्रकृति में, किसी दिए गए आवास में अधिकतम संख्या का समर्थन करने के लिए पर्याप्त संसाधन उपलब्ध हैं, जिसके आगे और अधिक विकास संभव नहीं है। इस सीमा को उस आवास में, उस जाति के लिए प्रकृति की पोषण क्षमता (k) कहा जाता है। सीमित संसाधनों युक्त आवास में बढ़ती हुई  समष्टि, प्रारंभ में एक पश्चता प्रावस्था दर्शाती है, इसके बाद त्वरण और मंदन तथा अंत में अनंतस्पर्शी प्रावस्थाएँ आती हैं, जब समष्टि घनत्व पोषण क्षमता तक पहुंच जाती है। समय (t) के सन्दर्भ में N के आरेख से एक सिग्मोइड वक्र बन जाता है।

इस प्रकार की जनसंख्या वृद्धि विर्हुस्ट-पर्ल लॉजिस्टिक वृद्धि कहलाती है

N = समय t पर जनसंख्या घनत्व,

r = प्राकृतिक वृद्धि की इंट्रिन्जिक दर,

k = पोषण क्षमता

चूंकि, अधिकांश प्राणी समष्टियों के विकास के लिए संसाधन सीमित हैं और ये शीघ्र या बाद में सीमित होने वाले हैं, अतः लॉजिस्टिक वृद्धि मॉडल को अधिक यथार्थपूर्ण माना जाता है।


Q. 159844 गैसीय चक्र रासायनिक चक्र तलछटी चक्र पोष

सल्फर चक्र है<div class= Right Answer is: C

SOLUTION

तलछटी चक्र वे होते हैं जिनमें भंडार पृथ्वी के पटल में स्थित होता है। अवसादी चक्र के उदाहरण हैं: सल्फर चक्र और फॉस्फोरस चक्र।


Q. 159845 एक भूमि पर जलवायु और समुदाय में अनुक्रमिक परिवर्तन जाना जाता है:


A. पारितंत्र

B. अनुक्रमण

C. अनुकूलन

D. स्तरीकरण

Right Answer is: B

SOLUTION

अनुक्रमण एक दूसरे के साथ समन्वय में एक भौगोलिक क्षेत्र पर जलवायु और समुदाय में अनुक्रमिक परिवर्तन है और अंत में एक स्थिर जलवायु और समुदाय के रूप में नामित समुदाय में स्थिर हो जाता है।


Q. 159846 किन मानवीय गतिविधियों के कारण कार्बन डाइऑक्साइड के मुक्त होने की दर अत्यंत शीघ्रता से बढ़ रही है?


A. ज्वालामुखीय गतिविधि

B. कार्बनिक पदार्थों का दहन

C. ऊर्जा और परिवहन के लिए जीवाश्मी ईंधनों का संचय

D. ऊर्जा और परिवहन के लिए जीवाश्मी ईंधनों को बड़े स्तर पर जलाना

Right Answer is: D

SOLUTION

निम्न मानवीय गतिविधियों के कारण कार्बन डाइऑक्साइड के मुक्त होने की दर अत्यंत शीघ्रता से बढ़ रही है:

  • ऊर्जा और परिवहन के लिए जीवाश्मी ईंधनों को बड़े स्तर पर जलाना
  • त्वरित वनोन्मूलन


Q. 159847 प्राथमिक अनुक्रमण संपन्न होता है:


A. बंजर भूमि में

B. उपजाऊ भूमि में

C. भूकंप अनाच्छादित झेत्र में

D. हिमनदन अनाच्छादित झेत्र में

Right Answer is: A

SOLUTION

प्राथमिक अनुक्रमण तब संपन्न होता है, जब कोई क्षेत्र पूरी तरह से बंजर हो और वहाँ पहले भी कोई वनस्पति उत्पन्न न हुई हो  जबकि; द्वितीयक अनुक्रमण ऐसे क्षेत्र में संपन्न होता है, जो किसी प्राकृतिक आपदा जैसे- हिमनदन या भूकंप के कारण हाल ही में अनाच्छादित हुआ हो।


Q. 159848 पौधों में अनुक्रमण उनके आवास की प्रकृति के आधार पर ______ विभाजित होता है:


A. एक वर्ग में

B. दो वर्गों में

C. तीन वर्गों में

D. चार वर्गों में

Right Answer is: B

SOLUTION

पौधों में अनुक्रमण को उनके आवास की प्रकृति के आधार पर दो वर्गों में विभाजित कर सकते हैं- जलारंभी अनुक्रमण और मरुद्भिद अनुक्रमण।


Q. 159849 समुद्री पारितंत्र में जैवमात्रा का पिरामिड सदैव:


A. उल्टी अवस्था में मिलता है।

B. सीधी अवस्था में मिलता है।

C. टेढ़ी अवस्था में मिलता है।

D. लेटी अवस्था में मिलता है।

Right Answer is: A

SOLUTION

जैवमात्रा का पिरामिड, जैवमात्रा और पोषण स्तर के बीच संबंध को प्रदर्शित करता है। यह अधिकाँश पारितंत्रों में खड़ी अवस्था में मिलता है, किन्तु समुद्री पारितंत्र में उल्टी अवस्था में मिलता है। इसका कारण यह है कि उत्पादक संख्या में शाकाहारियों से अधिक होते हैं, जबकि शाकाहारी संख्या में मांसाहारियों से अधिक होते हैं।


Q. 159850 निम्न में से किसका जैव भार अपेक्षाकृत अधिक होता है?


A. उत्पादक

B. प्रथम उपभोक्ता

C. द्वितीयक उपभोक्ता

D. तृतीयक उपभोक्ता

Right Answer is: A

SOLUTION

जैव भार प्रत्येक स्तर बढ़ने पर घटता जाता है| इसलिए किसी भी उपभोक्ता की तुलना में उत्पादक का जैव भार हमेशा अधिक होता है|


Q. 159851 अपघटन के प्रमुख घटक होते हैं:


A. उत्पादक

B. उपभोक्ता

C. मृतपोषी

D. उत्पादक तथा उपभोक्ता

Right Answer is: C

SOLUTION

उत्पादकों और उपभोक्ताओं के मरणोप्रान्त मृतपोषियों या पूर्तिजीवियों द्वारा उनका अपघटन किया जाता है। यह पुनश्चक्रण की एक प्रक्रिया है।


Q. 159852 ________ के द्वारा सूर्य के प्रकाश में उपस्थित ऊर्जा, रासायनिक ऊर्जा में रूपांतरित की जाती है
Right Answer is: D

SOLUTION

हरे पौधे सूर्य के प्रकाश में उपस्थित ऊर्जा को ग्रहण करते हैं और इसे रासायनिक ऊर्जा में रूपांतरित कर देते हैं।


Q. 159853 पारितंत्र को प्रभावित करने वाले अजैविक कारक होते हैं:


A. जल, वायु तथा तापमान

B. मृदा, आर्द्रता तथा प्राणी

C. वायु, प्रकाश तथा सूक्ष्म जीव

D. जल, तापमान तथा वनस्पति

Right Answer is: A

SOLUTION

पारितंत्र को प्रभावित करने वाले दो मुख्य कारक होते हैं: अजैविक कारक और जैविक कारक। अजैविक कारकों में - जलवायुवीय कारक जैसे- तापमान, जल, आर्द्रता, प्रकाश, वायु आदि तथा मृदीय कारक जैसे- मृदा और अधःस्तर शामिल हैं ।


Q. 159854 पारा यौगिक युक्त औद्योगिक अपशिष्ट जल द्वारा प्रदूषित मछली खाने से होने वाला रोग है


A. मिनामाता रोग

B. वृक्क रोग

C. उपास्थि अविकसन

D. हिरोशिमा रोग

Right Answer is: A

SOLUTION

मिनामाता रोग 1950 के दशक में जापान की खाड़ी के लोगों में पारा (मरकरी) संदूषित जल वाली मछली को खाने से उत्पन्न हुआ एक रोग है ;गंभीर मस्तिष्क विकार इसका लक्षण है |


Q. 159855

निम्न में से कोई एक प्रदूषक भी है और रक्षक भी सीएफसी <div class= Right Answer is: B

SOLUTION

क्षोभमंडल में ओजोन एक प्रदूषक है (टायर की कठोरता, पत्ति के मुरझाने का कारण ) और समताप मंडल में एक संरक्षक (यूवी किरणों को पृथ्वी तक पहुंचने  से  रोकता है) |


Q. 159856 मॉन्ट्रियल प्रोटोकॉल से तात्पर्य है


A. अनवरत कार्बनिक प्रदूषण

Right Answer is: C

SOLUTION

ओजोन परत का अपक्षय करने वाले पदार्थों पर मॉन्ट्रियल प्रोटोकॉल, ओजोन के अपक्षय के लिए ज़िम्मेदार कई पदार्थों के उत्पादन को समाप्त करके, ओजोन परत की सुरक्षा के लिए बनाई गई एक अंतरराष्ट्रीय संधि है।


Q. 159857 ओजोन
Right Answer is: C

SOLUTION

प्रकाश रासायनिक स्मोग प्रदूषकों का मिश्रण है जिसमें कण, नाइट्रोजन ऑक्साइड्स, ओजोन, एल्डिहाइड ,परोक्सीएसिटाइल  नाइट्रेट (पीएएन) |


Q. 159858 ओजोन परत की मोटाई मापने की इकाई है


A. डॉबसन इकाई

B. स्वेडवर्ग इकाई

C. पास्कल

D. डेसीबेल

Right Answer is: A

SOLUTION

वायुमंडल के निचले भाग से लेकर शिखर तक के वायु स्तंभ (कॉलम) में ओजोन की मोटाई डॉबसन यूनिट (डीयू) में मापी जाती है |


Q. 159859 शैवाल प्रस्फुटन का कारण है


A. जैव आवर्धन

B. सुपोषण

C. जलीय प्रदूषण

D. स्तरविन्यास

Right Answer is: B

SOLUTION

जलीय पोषक तत्व संवर्धन की प्रक्रिया और प्रजातियों की विविधता में लगातार कमी को सुपोषण कहा जाता है। अत्यधिक पोषक तत्वों की उपलब्धता नीले-हरे शैवाल में तेजी से वृद्धि का कारण बनती है जिसके परिणामस्वरूप शैवाल प्रस्फुटन होता हैं।


Q. 159860 नवीकरणीय स्रोतों का कृषि में उपयोग है


A. संयुक्त कृषि

B. मत्स्य पालन

C. दीर्घ-उपयोगी कृषि

D. बागवानी (उद्यान कृषि )

Right Answer is: C

SOLUTION

दीर्घ-उपयोगी कृषि में नवीकरणीय स्रोतों का उपयोग होता है जिससे प्रदूषण कम होता है और यह उपज के इष्टतम स्तर को बनाए रखता है |


Q. 159861 स्वच्छता तंत्र जिसमें जल की आवश्यकता नहीं होती है


A. इकोसैन शौचालय (टायलेट)

B. फ़्लश शौचालय (टायलेट)

C. खुले शौचालय (टायलेट)

D. ऑफ साईट तंत्र

Right Answer is: A

SOLUTION

इकोसैन शौचालय वह स्वच्छता तंत्र जिसमें जल की आवश्यकता नहीं होती | यह आसपास के पर्यावरण से पूरी तरह से अलग स्थित होता है और यह भू-जल संसाधनों को दूषित नहीं कर सकता है। मानव उत्सर्जन का, बायोगैस (ऊर्जा स्रोत) और खाद उर्वरकों के उत्पादन के लिए पुनर्नवीनीकरण किया जा सकता है, क्योंकि अपशिष्ट उपयोग अपशिष्ट प्रबंधन का सबसे अच्छा तरीका है।


Q. 159862 अजैवनिम्नीकरण पदार्थ का एक उदहारण है


A. सब्जियाँ

B. लकड़ी

C. प्लास्टिक

D. कागज़

Right Answer is: C

SOLUTION

प्लास्टिक व्यापक रूप से उपयोग किए जाने वाले बहुलक हैं  | ये  अजैवनिम्नीकरणीय किन्तु पुनश्चक्रण योग्य  ठोस अपशिष्ट का निर्माण करते हैं  |प्लास्टिक का निपटान कठिन है क्योंकि जलने पर यह जहरीली गैसें उत्पन्न करती है | गाड़ने पर यह अपघटित नहीं होती और तरलों के संपर्क में आने पर  हानिकारक रसायन उत्सर्जित कर सकती है| इसलिए प्लास्टिक का सुरक्षित रूप से निपटान केवल पुनश्चक्रण / एक रूप से दूसरे रूप में पुनः उपयोग द्वारा किया जा सकता है |


Q. 159863 सुपोषित जल निकाय में ऑक्सीजन की कमी तेजी से होती है


A. सुबह

B. दोपहर

C. शाम

D. रात्रि

Right Answer is: D

SOLUTION

सुपोषित जल निकाय में दिन की अपेक्षा रात्रि के समय ऑक्सीजन की कमी तेजी से होती है क्योंकि रात्रि के समय प्रकाश संश्लेषण की क्रिया नहीं होती और पशु व पौधे दोनों केवल श्वसन करते हैं |


Q. 159864 डॉबसन

ओजोन परत की मोटाई नापने वाली इकाई का नाम बताइए <div class= Right Answer is:

SOLUTION

डॉबसन यूनिट (डीयू) ओजोन परत की मोटाई नापने वाली इकाई है|


Q. 159865 पुनर्वनीकरण एक वन को पुन

पुनर्वनीकरण को परिभाषित कीजिए<div class= Right Answer is:

SOLUTION

पुनर्वनीकरण एक वन को पुनः स्थापित करने की प्रक्रिया है जो पहले कभी उपस्थित था लेकिन अतीत में किसी समय पर नष्ट कर दिया गया था ।


Q. 159866 क्लोरोफ्लोरो कार्बन क्लोरोफ्ल

सीएफसी का विस्तार कीजिए <div class= Right Answer is:

SOLUTION

क्लोरोफ्लोरो कार्बन


Q. 159867 वाहित मल के नदी में विसर्जन से होने वाले प्रभाव क्या है ?
Right Answer is:

SOLUTION

वाहित मल में मुख्य रूप से जैव निम्नीकरणीय कार्बनिक पदार्थ होते हैं जो सूक्ष्म जीवों के विकास के लिए कार्यद्रव (सब्सट्रेट) के रूप में कार्य करता है। ये सूक्ष्मजीव बड़ी मात्रा में ऑक्सीजन का उपभोग करते हैं जिसके परिणामस्वरूप विसर्जन स्थल पर भी अनुप्रवाह (डाउनस्ट्रीम) में तेजी से गिरावट आती है। यह मछली और अन्य जलीय प्राणियों की मृत्यु का कारण बनता है।


Q. 159868 काटो और जलाओ(स्लैश एवं बर्न) कृषि क्या है और सामान्यतः इसे क्या कहते है ?
Right Answer is:

SOLUTION

यह एक कृषि पद्धति है जिसमें वनों के वृक्षों को काटते हैं और पादप अवशेष को जला देते हैं | राख का प्रयोग उर्वरक के रूप में तथा भूमि का प्रयोग खेती के लिए या पशु चरागाह के रूप में किया जाता है | खेती के बाद उस भूमि को कई वर्षो के लिए खाली छोड़ दिया जाता है ताकि वह पुनः उर्वक हो जाए | इसे सामान्यतः झूम खेती कहा जाता है |


Q. 159869 यूवी-बी विकिरण मनुष्यों को कैसे प्रभावित करती है ?
Right Answer is:

SOLUTION

यूवी-बी विकिरण मनुष्यों पर निम्नलिखित हानिकारक प्रभाव डालती है|

  • यह डीएनए को क्षतिग्रस्त करती है और उत्परिवर्तन उत्पन्न करती है |
  • यह त्वचा की उम्र को बढ़ाती है, त्वचा की कोशिकाओं को क्षतिग्रस्त करती है और विभिन्न प्रकार के त्वचा कैंसर उत्पन्न करती है
  • यह कॉर्निया की सूजन, जिसे हिमांधता मोतियाबिंद कहा जाता है और कॉर्निया को स्थायी रूप से क्षति पहुंचा सकता है।


Q. 159870 1. शोर क्या है ? 2. शोर को वायु प्रदूषण के अंतर्गत रखने के लिए कौन से अधिनियम में संशोधन किया गया है ? 3. शोर के मनुष्य पर पड़ने वाले हानिकारक प्रभाव क्या हैं ?
Right Answer is:

SOLUTION

1. शोर अवांछित उच्च स्तरीय ध्वनी है|

2. भारत के वायु (प्रदूषण निरोध और नियंत्रण) संशोधित अधिनियम 1987 के अंतर्गत शोर को वायु प्रदूषण के अंतर्गत शामिल किया गया है |

3. शोर से मनुष्यों में मनोवैज्ञानिक और शारीरिक विकार उत्पन होते हैं। कान के परदे को नुकसान पहुंचा सकता है जिससे सुनने की क्षमता स्थायी रूप से नष्ट हो सकती है। शोर से अनिंद्रा, हृदय की धड़कन में वृद्धि, श्वास पैटर्न में बदलाव होता है, इस प्रकार यह मनुष्यों में काफी तनाव उत्पन करता है।


Q. 159871 ओजोन परत का अपक्षय क्यों हो रहा है ?
Right Answer is:

SOLUTION

समताप मंडल में ओजोन और ऑक्सीजन के बीच संतुलन होता है। ओजोन गैस लगातार आण्विक ऑक्सीजन से बनती रहती है और इसका निम्नीकरण होता रहता है । हालांकि वायुमंडल के निचले भाग में उत्सर्जित CFCs के ऊपर गति करते हैं और समताप मंडल में पपहुँचने पर ये Cl परमाणु का मोचन करते हैं जिससे समताप मंडल का संतुलन बिगड़ रहा है | ये Cl, ओजोन को मुक्त करने वाली आण्विक ऑक्सीजन को क्षति पहुँचाती है और इस प्रकार ओजोन परत का अपक्षय होता है |


Q. 159872 जैविक उपकरण अपशिष्ट को नियंत्रित करने और कम करने के अच्छे साधन हैं
Right Answer is:

SOLUTION

जैविक उपकरण अपशिष्ट को नियंत्रित करने और कम करने के अच्छे साधन हैं |

मल अपशिष्ट, सब्जी और कृषि अपशिष्ट जैसे जटिल कार्बनिक अपशिष्ट को विभिन्न सूक्ष्म जीव आसानी से, सरल और उपयोग करने योग्य रूप में अपघटित कर देते है। कार्बनिक अपशिष्ट को बायोगैस (एक ईंधन) और खाद का उत्पादन करने के लिए अवायवीय रूप से पचाया जा सकता है। इसे कार्बनिक उर्वरकों का उत्पादन करने के लिए भी कंपोस्ट किया जा सकता है।

कई शैवाल और पौधों में भारी धातुओं को अवशोषित करने और बनाए रखने की क्षमता होती है, इस प्रकार पर्यावरण से, विशेष रूप से जल निकायों से विषाक्त पदार्थों को हटाया जाता है।

पौधे और कई सूक्ष्मजीवों में पर्यावरण से CO2 का उपयोग करने की क्षमता होती है।जिससे CO2 को सांद्रता में कमी आती है |

सूक्ष्मजीवों से प्राप्त बहुलक जैसे जैवनिम्नीकृत प्लास्टिक, हालांकि थोडी महंगी है, पर उपलब्ध हैं और भविष्य में प्लास्टिक को प्रतिस्थापित करने की क्षमता रखती है।

जैव ईंधन कम घातक गैसों को उत्सर्जित करता है और कार्बन को अवशोषित करके और चक्रण करके वायुमंडल में CO2 के स्तर को नियंत्रित कर सकता है।


Q. 159873 जैव आवर्धन पर टिप्पणी लिखिए और इसके प्रभावों की उदहारण सहित व्याख्या कीजिए
Right Answer is:

SOLUTION

जैव आवर्धन पदार्थ के उत्सर्जन/अपक्षय (चयापचय द्वारा) की दर में गिरावट के कारण पोषण स्तर (ट्राफिक लेवल) पर आविषाक्त की सांद्रता में वृद्धि का होना है| उदहारण के लिए, लिपोफिलिक पदार्थ मूत्र में उत्सर्जित नहीं हो सकते जो एक जल-आधारित माध्यम है, और अतः, यदि जीव में विघटनकारी एंजाइम अनुपस्थित हैं तो ये वसा ऊतकों में संचित हो जाते हैं | जब इन्हें अन्य जीव द्वारा खाया जाता है तो यह वसा उनकी आंत में अवशोषित होती है, और इस प्रकार यह उन परजीवियों में संचित हो जाती है |

DDT का जैव आवर्धन


Q. 159874 प्रकृति की एक क्रियात्मक इकाई है:


A. पारितंत्र

B. पिरामिड

C. खाद्य श्रंखला

D. खाद्य जाल

Right Answer is: A

SOLUTION

पारितंत्र प्रकृति की एक क्रियात्मक इकाई है, जिसमें जीवधारी आपस में और अपने आस पास के भौतिक पर्यावरण के साथ पारस्परिक क्रिया करते हैं।


Q. 159875 रासायनिक तत्वों का पृथ्वी के जैविक और अजैविक घटकों के बीच चक्रण का माध्यम _____ है :


A. पोषक चक्र

B. क्रेब्स चक्र

C. विनियम चक्र

D. ऊर्जा चक्र

Right Answer is: A

SOLUTION

एक पोषक चक्र के माध्यम से रासायनिक तत्व या अणु का पृथ्वी के जैविक और अजैविक घटकों के बीच चक्रण होता है।


Q. 159876 उल्टी खड़ी उल्टी अथवा

ऊर्जा पिरामिड  अवस्था में होता है<div class= Right Answer is: B

SOLUTION

ऊर्जा पिरामिड, जो सदैव खड़ी अवस्था में होता है, कभी उल्टा नहीं होता और इसका प्रत्येक स्तंभ प्रत्येक पोषण स्तर पर उपस्थित ऊर्जा की मात्रा को प्रदर्शित करता है। इस पिरामिड के अनुसार, निचले स्तर पर ऊर्जा, ऊपरी स्तर से सदैव अधिक होती है।


Q. 159877 पारिस्थितिक पिरामिड के प्रकार होते हैं:


A. दो

B. तीन

C. चार

D. पांच

Right Answer is: B

SOLUTION

पारिस्थितिक पिरामिड तीन प्रकार के होते हैं: •    संख्या का पिरामिड •    जैवमात्रा का पिरामिड •    ऊर्जा पिरामिड


Q. 159878 प्रत्येक पोषण स्तर पर स्थानांतरित ऊर्जा की मात्रा:


A. स्तर पर निर्भर होती है

Right Answer is: D

SOLUTION

पौधे केवल 1 प्रतिशत सूर्य के प्रकाश को ग्रहण करते हैं। इसमें से 10 प्रतिशत ऊर्जा अगले पोषण स्तर को स्थानांतरित हो जाती है। इस नियम को 10 प्रतिशत नियम कहा जाता है। शेष ऊर्जा का ऊष्मा के रूप में पर्यावरण में क्षय हो जाता है।


Q. 159879 पारितंत्र में ऊर्जा का प्रवाह होता है:


A. अदिशीय

B. एकदिशीय

C. द्विदिशीय

D. बहुदिशीय

Right Answer is: B

SOLUTION

पारितंत्र में ऊर्जा का प्रवाह एकदिशीय होता है। ऊर्जा का प्रवाह उत्पादकों द्वारा आरम्भ किया जाता है, जो खाद्य शृंखला और आहार जाल के आरंभिक बिंदु के रूप में भी कार्य करते हैं। यह प्राथमिक उत्पादकों से उच्च श्रेणी के उपभोक्ताओं की ओर प्रवाहित होती है और प्रत्येक चरण पर ऊष्मा के रूप में इसका क्षय होता जाता है।


Q. 159880 अपघटन की प्रक्रिया में निम्न में से कौन-सा चरण मृदा के अपघटन के समय संपन्न होता है?


A. खंडन

B. अपचय

C. निक्षालन

D. ह्यूमीफिकेशन

Right Answer is: D

SOLUTION

खंडन, निक्षालन, अपचय, ह्यूमीफिकेशन तथा खनिजीकरण अपघटन की प्रक्रिया में शामिल चरण होते हैं| ह्यूमीफिकेशन मृदा के अपघटन के समय संपन्न होता है। इसके कारण ह्यूमस का संचय होता है।


Q. 159881 तृतीय श्रेणी उपभोक्ता अपनी ऊर्जा आवश्यकताओं के लिए किस पर निर्भर होते हैं?


A. केवल मांसाहारियों पर

B. केवल शाकाहारियों पर

C. मांसाहारियों तथा शाकाहारियों पर

D. किसी पर नहीं

Right Answer is: C

SOLUTION

तृतीयक उपभोक्ता जो तृतीय श्रेणी उपभोक्ता भी कहलाते हैं, अपनी ऊर्जा आवश्यकताओं के लिए मांसाहारियों और शाकाहारियों- दोनों का शिकार करते हैं। इनके कुछ उदाहरण हैं: लोमड़ी, उल्लू, मोर आदि।


Q. 159882 निम्न में से कौन-सा युग्म प्रथम श्रेणी के उपभोक्ताओं को दर्शा रहा है:


A. हिरन तथा खरगोश

B. गाय तथा कुत्ता

C. बकरी तथा बिल्ली

D. खरगोश तथा बिल्ली

Right Answer is: A

SOLUTION

प्राथमिक उपभोक्ताओं को प्रथम श्रेणी उपभोक्ता या शाकाहारी भी कहा जाता है।    शाकाहारी प्रत्यक्ष रूप से उत्पादकों पर निर्भर होते हैं। प्राथमिक उपभोक्ताओं के कुछ उदाहरण हैं: हिरन, खरगोश, बकरी और गाय आदि।


Q. 159883 प्राथमिक उपभोक्ता:


A. भोजन के लिए दूसरे जीवों पर निर्भर रहते हैं

Right Answer is: B

SOLUTION

हरे पौधे, प्रकाश संश्लेषक जीवाणु, शैवाल और कुछ प्रोटोजोआ प्राथमिक उत्पादक हैं, जो सूर्य के प्रकाश की उपस्थिति में कार्बन डाइऑक्साइड और जल की सहायता से अपना भोजन स्वयं तैयार कर सकते हैं।


Q. 159884 पारितंत्र

पारितंत्र  क्रियाशीलता के प्रमुख पहलू लिखिए<div class= Right Answer is:

SOLUTION

पारितंत्र क्रियाशीलता के चार प्रमुख पहलू हैं: उत्पादकता, अपघटन, ऊर्जा प्रवाह और पोषक चक्रण।


Q. 159885 पोषण स्तर क्या होता है?
Right Answer is:

SOLUTION

खाद्य शृंखला के प्रत्येक चरण को पोषण स्तर कहा जाता है।


Q. 159886 उपभोक्ता वे प्राणी होते है

उपभोक्ता को परिभाषित कीजिये<div class= Right Answer is:

SOLUTION

उपभोक्ता वे प्राणी होते हैं, जो अपने भोजन के लिए उत्पादकों पर निर्भर होते हैं। ये परपोषी भी कहलाते हैं।


Q. 159887 एक पारितंत्र में ऊर्जा का प्रवाह किस प्रकार होता है?
Right Answer is:

SOLUTION

एक पारितंत्र में ऊर्जा का प्रवाह एकदिशीय होता है। ऊर्जा का प्रवाह उत्पादकों द्वारा आरम्भ किया जाता है, जो खाद्य शृंखला और आहार जाल के आरंभिक बिंदु के रूप में भी कार्य करते हैं। ये रासायनिक ऊर्जा के अंतिम उत्पादक होते हैं।यह प्राथमिक उत्पादकों से उच्च श्रेणी के उपभोक्ताओं की ओर प्रवाहित होती है और प्रत्येक चरण पर ऊष्मा के रूप में इसका क्षय होता जाता है।


Q. 159888 पारितंत्र का १० प्रतिशत नियम क्या है?
Right Answer is:

SOLUTION

पौधे केवल 1 प्रतिशत सूर्य के प्रकाश को ग्रहण करते हैं।

इसमें से 10 प्रतिशत ऊर्जा अगले पोषण स्तर को स्थानांतरित हो जाती है। इस नियम को 10 प्रतिशत नियम कहा जाता है। शेष ऊर्जा का ऊष्मा के रूप में पर्यावरण में क्षय हो जाता है।


Q. 159889 यह कितने प्रकार का होता ह

पारितंत्र को परिभाषित कीजिये<div class= Right Answer is:

SOLUTION

पारितंत्र प्रकृति की एक क्रियात्मक इकाई है, जिसमें जीवधारी आपस में और अपने आस पास के भौतिक पर्यावरण के साथ पारस्परिक क्रिया करते हैं। पारितंत्र के तीन प्रकार - स्थलीय पारितंत्र, जलीय पारितंत्र और मानव निर्मित पारितंत्र हैं।


Q. 159890 गैसीय तथा अवसादी चक्र में उदहारण की सहायता से अंतर स्पष्ट कीजिये
Right Answer is:

SOLUTION


Q. 159891 सभी के दो-दो उदहारण दीजिये-
  • स्थलीय पारितंत्र
  • जलीय पारितंत्र
  • मानव निर्मित पारितंत्र
Right Answer is:

SOLUTION

  • स्थलीय पारितंत्र: उदाहरण - जंगल, घास के मैदान और  मरूस्थल।
  • जलीय पारितंत्र: उदाहरण – तालाब, झील, दलदली क्षेत्र, नदी और ज्वारनदमुख।
  • मानव निर्मित पारितंत्र: उदाहरण- शस्य भूमि, जलजीवशाला और ज्वारनदमुख।


Q. 159892 किसी जंगल के पारितंत्र का हमारे जीवन में क्या योगदान है?
Right Answer is:

SOLUTION

जंगल के पारितंत्र का योगदान:

  • किसी जंगल का पारितंत्र अपने चारों ओर की वायु और जल को शुद्ध करता है; इस प्रकार यह हमें साँस लेने के लिए ताजी हवा और पीने के लिए सुरक्षित जल प्रदान करता है।
  • वृक्ष बाढ़ की रोकथाम करते हैं। वनस्पति मृदा कणों को बांधे रखती है और वर्षा जल के साथ उसे बहने से रोकती है। 


Q. 159893 निम्नलिखित के लिए उपयुक्त नाम दें:
  1. वैज्ञानिक जिन्होंने दस प्रतिशत नियम दिया था।
  2. किसी समुदाय के रहने का स्थान
    Right Answer is:

    SOLUTION

    1. लिन्डमान
    2. आवास
    3. हरी पौधे
    4. सामुदायिक ऊष्मा 
    5. उपभोक्ता


    Q. 159894 जब प्रतिबंधन एंडोन्यूक्लीएज द्वारा पूरक रज्जुक में एक ही स्थान के विपरीत बिंदुओं पर काटा जाता है, तो यह कहलाता है


    A. असम्मुख कट

    B. अनासंजी कट

    C. चिपचिपा कट

    D. प्रतिबंधित कट

    Right Answer is: B

    SOLUTION

    अनासंजी कट में, DNA में दो अनासंजी सिरों का उत्पादन करने के लिए विपरीत बिंदुओं पर दो DNA रज्जुकों को काटा जाता है। ऐसे कटों को जैव प्रौद्योगिकी में उपयोग में लाया जाता है।


    Q. 159895 जैल वैद्युत संचलन में सबसे अधिक उपयोग में लाया जाने वाला माध्यम है


    A. एग्रोस

    B. एगार-एगार

    C. ब्रोथ

    D. स्पिरुलिना

    Right Answer is: A

    SOLUTION

    आजकल, सबसे अधिक उपयोग किया जाने वाला मैट्रिक्स एग्रोस है, जो एक प्राकृतिक बहुलक है।


    Q. 159896 दही, ब्रेड या शराब बनाने की प्रक्रिया में ---- मध्वर्ती भूमिका निभाते हैं
    Right Answer is: B

    SOLUTION

    यह सभी प्रक्रियाएँ  सूक्ष्मजीव -मध्यस्थ प्रक्रियाएँ  हैं,अतः जैव प्रौद्योगिकी का एक रूप है।


    Q. 159897 एग्रोबैक्टीरियम ट्युमीफेसियंस से लिया गया डी.एन.ए का एक खंड,सामान्य कोशिकाओं को कैंसर कोशिकाओं में परिवर्तित करने में सक्षम होता है। यह______ डी.एन.ए के रूप में जाना जाता है
    Right Answer is: A

    SOLUTION

    यह T- DNA ट्यूमर कोशिकाओं को रोगजनक द्वारा आवश्यक रसायनों का उत्पादन करने के लिए निर्देशित करता है।


    Q. 159898 Eco Rl में ‘R’ है


    A. खोज का क्रम।

    B. जीवाणु प्रभेद

    C. सामान्य नाम

    D. प्रजाति का नाम

    Right Answer is: B

    SOLUTION

    पहला अक्षर : जीवाणु का वंश जहां से एंजाइम व्युत्पन्न हुआ है (इशचेरिचिया) • अगले दो अक्षर  : जीवाणुकी प्रजाति है  (कोलाई) चौथा बड़ा अक्षर : जीवाणु का प्रभेद (RY13) • रोमन अंक  : उस विशेष प्रभेद (प्रथम) से एंजाइम की खोज की क्रमिक संख्या


    Q. 159899 लाईगेज ----- के मध्य बंधों का निर्माण को उत्प्रेरित करता है


    A. C=C

    B. C=O

    C. C-H

    D. H-H

    Right Answer is: B

    SOLUTION

    लाईगेज एक एंजाइम है जो C एवं O के बीच एक नया रासायनिक बंधन बनाकर दो बड़े अणुओं के जुड़ने को उत्प्रेरित कर सकता है।


    Q. 159900 प्राकृतिक आनुवांशिक अभियांत्रिकी उपकरण है


    A. एग्रोबैक्टीरियम ट्युमीफेसियंस

    B. इशचेरिचिया कोलाई

    C. राईजोबियम

    D. pBR322.

    Right Answer is: A

    SOLUTION

    एग्रोबैक्टीरियम ट्युमीफेसियंस एक जीवाणु है जिसे प्राकृतिक आनुवंशिक अभियंता के रूप में उपयोग किया जा सकता है। इसमें एक प्लाज्मिड होता है जिसे संक्रमण के दौरान पौधों की कोशिकाओं में निपुणता के साथ स्थानांतरित किया जाता है।


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