A. स्तंभ आव्यूह (column matrix)
B. पंक्ति आव्यूह (row matrix)
C. शून्य आव्यूह (zero matrix)
D. विकर्ण आव्यूह (diagonal matrix)
एक वर्ग आव्यूह B = [bij]m×n विकर्ण आव्यूह कहलाता है, यदि इसके सभी गैर-विकर्ण अवयव शून्य होते हैं। अर्थात एक आव्यूह B = [bij]m×n को विकर्ण आव्यूह कहते हैं, यदि bij = 0, जब i ¹ j
A. स्तंभ आव्यूह (column matrix)
B. पंक्ति आव्यूह (row matrix)
C. वर्ग आव्यूह (square matrix)
D. विकर्ण आव्यूह (diagonal matrix)
A. स्तंभ आव्यूह (column matrix)
B. पंक्ति आव्यूह (row matrix)
C. वर्ग आव्यूह (square matrix)
D. विकर्ण आव्यूह (diagonal matrix)
एक आव्यूह को पंक्ति आव्यूह (row matrix) कहा जाता है, यदि इसमें केवल एक पंक्ति होती है। सामान्यतया, A = [aij]1×n को 1 n कोटि का पंक्ति आव्यूह (row matrix) कहा जाता है।
A. स्तंभ आव्यूह (column matrix)
B. पंक्ति आव्यूह (row matrix)
C. वर्ग आव्यूह (square matrix)
D. विकर्ण आव्यूह (diagonal matrix)
कोई आव्यूह स्तंभ आव्यूह (column matrix) कहलाता है, यदि इसमें केवल एक स्तंभ होता है।
सामान्यतया, A = [aij]m×1 को m 1 कोटि का स्तंभ आव्यूह (column matrix) कहा जाता है।
A. m x n
B. m – n
C. m/n
D. m + n
m पंक्तियों और n स्तंभों वाला एक आव्यूह m n कोटि का आव्यूह या m × n आव्यूह कहा जाता है। (इसे m गुणा n आव्यूह के रूप में पढ़ा जाता है।)
A.
B.
C.
D.
A. x = -4, y = 1 और z = 0
B. x = 2, y = -1 और z = 0
C. x = -2, y = -1 और z = 0
D. x = 2, y = 1 और z = 0
A. 
B. 
C. 
D. 
A. 2AB.
B. 2B
A.
C. A + B.
D. A - B.
A. n = 2
B. n = 1
C. n = - 1
D. n = - 2
A. n x 2
B. n x 3
C. 2 x 3
D. 3 x 2
A. 3
B. 5
C. 7
D. 9
A. -9
B. -1
C. 3
D. 9
A.
B.
C.
D.
A.
B.
C.
D.
A. 0.568
B. 0.586
C. 0.658
D. 0.865
A.
B.
C.
D.
A.
B.
C.
D.
A.
B.
C.
D.
A.
B.
C.
D.
A.
B.
C. 1
D. tan–1 (xyz)
A. एक सही कथन
B. एक गलत कथन
C. कथन की सत्यता या असत्यता x पर निर्भर है
A.
B.
C. 2ab
D. ab
A. 0
B. 1
C. 2
D. 3
A.
B.
C.
D.
A.
B.
C.
D.
A. 4
B. 6
C. 7
D. 8
हम जानते हैं कि एक बहुपद फलन (polynomial function) हर जगह अवकलनीय है। अतः, x = 3 पर f(x) अवकलनीय है।
A.
B.
C.
D.
A. 2
B. 1
C. 1/2
D. 0
A. -1
B. 0
C. 1
D. 2
A. λ = –1
B. λ = 0
C. λ = 1
D. λ = 2
A. /6
B. /4
C. /2
D. 3/4
, तो x = 1 पर f(x) संतत और अवकलनीय है, यदि :
A. a = 2b, c = 0
B. a = 2b, c ≠ 0
C. a = b, c = 0
D. a = b, C ≠ 0
A. f'(a)
B. a f'(a) – f(a)
C. f(a) – a f'(a)
D. f(a) - a
A. x = 0 पर f संतत है, किन्तु अवकलनीय नहीं है।
B. x = 0 पर f अवकलनीय है।
C. x = 0 पर f अवकलनीय है, किन्तु संतत नहीं है।
D. x = 0 पर f अवकलनीय नहीं है।





A. 11
B. 12
C. 13
D. 14
A. B
B. A
C. 0
D. तत्समक आव्यूह (Identity matrix)
A.
B.
C.
D.
A. –1
B. –1/2
C. 1/2
D. 1
A. A
B. 2A
C. 3A
D. 4A
A.
B.
C.
D.
A.
B.
C.
D.
A. -7
B. 0
C. 2
D. 7
A.
B.
C.
D.
A. रिक्त आव्यूह (null matrix)
B. सममित आव्यूह (symmetric matrix)
C. विषम-सममित आव्यूह (skew-symmetric matrix)
D. इकाई आव्यूह (unit matrix)
A और B सममित आव्यूह हैं। तो At = A और Bt = B (AB – BA)t = (AB)t – (BA)t = BtAt – AtBt = BA – AB = – (AB – BA) अतः, (AB – BA) एक विषम-सममित आव्यूह (skew-symmetric matrix) है।
A.
B.
C.
D.
A. -1/2
B. 0
C. 1/2
D. 1
आव्यूह A के विकर्ण के अवयव (1, 4, 7) हैं|
A. 6
(-104).
B. -104.
C. 104.
D. 6
104.
A. -4n3.
B. -n3.
C. n3.
D. 4n3.











.


A.
B.
C.
D.
A. की कोई सीमा नहीं है।
B. संतत है।
C. असंतत है।
D. अवकलनीय नहीं है।
A. की सीमा (limit) नहीं है।
B. असंतत है।
C. संतत है, लेकिन अवकलनीय नहीं है।
D. अवकलनीय है।
A.
B.
C. – t
D. t
A.
B.
C.
D.
A.
B.
C.
D.
A.
B.
C.
D.
A. 2a – 4
B. 4 – 2a
C. 2a + 4
D. 4 – a
A.
B.
C.
D.
A. 0.
B. a.
C. b.
D. c.
A. a.
B. b.
C. 1.
D. 0.
A. a और b.
B. a और -b.
C. -a और b.
D. -a और b.
A. 7.
B. 1.
C. 0.
D. -1.