A.
![]()
B.
2![]()
C.
3![]()
D.
4![]()
A. 3
B. 9
C. 18
D. 36
A.
B.
C.
D.

A. ![]()
B. ![]()
C. 16
D. 8
A.
![]()
B.
![]()
C.
![]()
D.










y
x} द्वारा प्रदत्त क्षेत्र का क्षेत्रफल ज्ञात कीजिए।




8, x+2y
8, x
0 और y
0 से घिरे क्षेत्र का क्षेत्रफल समाकलन की विधि का प्रयोग करते हुए ज्ञात कीजिए।




A. ![]()
B. ![]()
C. ![]()
D. ![]()
A.
1
B.
2
C.
3
D.
4
A.

B.

C.
![]()
D.
![]()
A.
![]()
B.
![]()
C.
![]()
D.
![]()
A.

B.

C.

D.
![]()
A.

B.

C.

D.

A.
![]()
B.
![]()
C.
![]()
D.
![]()
A.
![]()
B.
![]()
C.
![]()
D.
![]()
A.
e2x
B.
e-2x
C.
![]()
D.
![]()
A.

B.

C.
![]()
D.
![]()
A.

B.

C.

D.

A.
8y13 = 27y
B.
4y13 = 27y
C.
2y13 = 27y
D.
y13 = 27y
A.
x – y = C(1 – xy)
B.
x – y = C(1 + xy)
C.
x + y = C(1 – xy)
D.
x + y = C(1 + xy)
A.

B.
![]()
C.
![]()
D.
![]()
A.
B.
C.
D.
दिए गए अवकल समीकरण में उच्चतम कोटि अवकलज (highest order derivative) 1 है और इसकी घात (degree) 1 है। अतः, दिया गया अवकल समीकरण 1 कोटि और 1 घात का है।
A.

B.

C.

D.

A.

B.

C.

D.

A.
x = y
B.
y = x
C.
y = vx
D.
x = vy
दिया गया समीकरण एक समघातीय अवकल समीकरण (Homogeneous differential equation) है। इस प्रकार के समीकरणों को हल करने के लिए, सदैव y = vx रखिए।





A. (0, 0)
B. (4, 1)
C. (1, 2)
D. (2, 1)
x + y < 3 में (0, 0) रखने पर, हम 0 < 3 प्राप्त करते हैं, जो सही है। इस प्रकार, असमीकरण x + y < 3 के आलेख में मूल बिंदु सम्मिलित होता है।
A. सुसंगत क्षेत्र (feasible region) के बाहर कोई बिंदु.
B. सुसंगत क्षेत्र के केंद्र
C. सुसंगत क्षेत्र के किसी शीर्ष (vertex)
D. शीर्ष, जो (0, 0) से न्यूनतम दूरी पर है
उद्देश्य फलन (objective function) का इष्टतम मान (optimal value) (अधिकतम या न्यूनतम) सुसंगत क्षेत्र (feasible region) के किसी कोनीय बिंदु (corner point) पर स्थित होता है।
A. सुसंगत क्षेत्र (feasible region) के बाहर
B. कोनीय बिंदुओं (corner points) को छोड़कर सुसंगत क्षेत्र की सीमा (boundary) पर
C. केवल सुसंगत क्षेत्र के कोनीय बिंदुओं पर
D. सुसंगत क्षेत्र के अन्दर
सुसंगत क्षेत्र (feasible region) की सीमा (boundary) के अन्दर या सीमा पर बिंदु सुसंगत हलों (feasible solutions) को निरुपित करते हैं। इस क्षेत्र से बाहर स्थित बिंदु दी गई LPP के लिए असुसंगत हल (infeasible solutions) होते हैं।
A. ‘उद्देश्य फलन (objective function) एक रैखिक फलन (Linear function) नहीं है।’
B. ‘उद्देश्य फलन (objective functions) एक से अधिक हो सकते हैं।’
C. ‘सभी निर्णायक चरों (decision variables) को ऋणेतर मान (non-negative values) ग्रहण (assume) करने चाहिएँ।’
D. ‘निर्णायक चरों की अनंत(infinite) संख्या होती है।’
किसी उद्देश्य फलन Z = ax + by में, जहाँ a और b अचर (constants) हैं, चर (variables) x और y निर्णायक चर कहलाते हैं और इनके ऋणेतर मान (non-negative values) होने चाहिएँ, जिससे रैखिक प्रोग्रामन समस्या की सुसंगतता (feasibility) बनाई रखी जा सके।
A. कोई एकल (single) वस्तु
B. दो वस्तुएँ
C. तीन वस्तुएँ
D. तीन से अधिक वस्तुएँ
यह रैखिक प्रोग्रामन समस्या की सीमा है कि यह किसी एकल वस्तु का इष्टतमीकरण करने से संबंधित है। व्यवहार में, वहाँ अनेक वस्तुएँ हो सकती हैं, किन्तु उनमें से केवल एक वस्तु का इष्टतमीकरण करने के लिए किसी एकल LPP का प्रयोग किया जा सकता है।
A. 0
B. 900
C. 1000
D. 1250
Z = 50x + 15y में x = 10, y = 50 प्रतिस्थापित करने पर, हम Z = 1250 प्राप्त करते हैं, जो इष्टतम मान (optimal value) है।
A. द्विघातीय समीकरण (quadratic equation).
B. घन समीकरण (cubic equation).
C. रैखिक समीकरण (linear equation).
D. ऋण व्यवरोध (negative constraint).
रैखिक फलन (Linear function) Z = ax + by, जहाँ a, b अचर (constants) हैं, जिसका अधिकतमीकरण या न्यूनतमीकरण किया जाना है, एक रैखिक उद्देश्य फलन (linear objective function) कहलाता है।
A.
B.
C.
D.
A. बंद अर्ध तल (closed half plane), जिसमें मूल बिंदु (origin) सम्मिलित होता है।
B. बंद अर्ध तल, जिसमें मूल बिंदु सम्मिलित नहीं होता है।
C. पूर्ण xy-तल, जिसमें रेखा y - 2x = -1 पर स्थित बिंदु सम्मिलित नहीं हैं
D. पूर्ण xy-तल
A. असुसंगत क्षेत्र (infeasible region).
B. सुसंगत क्षेत्र (feasible region).
C. असंगत क्षेत्र (inconsistent region).
D. प्रतिबंधित क्षेत्र (restricted region).
किसी रैखिक प्रोग्रामन समस्या के सभी व्यवरोधों द्वारा निर्धारित उभयनिष्ठ क्षेत्र सुसंगत क्षेत्र (feasible region) कहलाता है। इसे उत्तल (convex) कहा जाता है, यदि इस क्षेत्र में कोई दो बिंदु एक सरल रेखाखंड (straight line segment) द्वारा मिला दिए जाते हैं, तो इस रेखाखंड के सभी बिंदु इस क्षेत्र में भी स्थित होते हैं।
A. ऐसा अर्ध तल, जिसमें बिंदु (h, k) सम्मिलित हैं, किन्तु ax + by = 4 के बिंदु सम्मिलित नहीं हैं।
B. ऐसा अर्ध तल, जिसमें बिंदु (h, k) और ax + by = 4 के बिंदु सम्मिलित हैं।
C. पूर्ण (whole) xy-तल
D. पूर्ण xy-तल, जिसमें बिंदु (h, k) और ax + by = 4 के बिंदु सम्मिलित नहीं हैं।
एक असमिका ax + by c बंद अर्ध तल (closed half plane) को निरुपित करती है, जिसमें ax + by = c के बिंदु सम्मिलित होते हैं। साथ ही, यदि बिंदु (h, k) इस असमिका को संतुष्ट करता हैं, तो उपर्युक्त अर्ध तल (half plane) में बिंदु (h, k) भी सम्मिलित होगा।
A.
B.
C.
D.
A. आकृति 1
B. आकृति 2
C. आकृति 3
D. आकृति 4
किसी उत्तल समुच्चय (convex set) में, यदि कोई दो बिंदु किसी सरल रेखाखंड (straight line segment) द्वारा मिलाए जाते हैं, तो इस रेखाखंड के सभी बिंदु इस समुच्चय में भी स्थित होते हैं। आकृति 3 में, यदि हम इस समुच्चय में किन्हीं दो बिंदुओं को मिलाते हैं, तो इन बिंदुओं को मिलाने वाली रेखा इस क्षेत्र के अन्दर रहेगी।
A. इसका अपरिबद्ध सुसंगत क्षेत्र (unbounded feasible region) है।
B. इसका अवतल सुसंगत क्षेत्र (concave feasible region) है।
C. यह दो इष्टतम हल (optimal solutions) स्वीकार करती है।
D. यह एक इष्टतम हल स्वीकार करती है।
किसी रैखिक प्रोग्रामन समस्या के अनंत हल होंगे, यदि यह दो इष्टतम हल स्वीकार करती है। इस प्रकार की स्थिति में, सुसंगत क्षेत्र (feasible region) के इन दोनों शीर्षों (vertices) को जोड़ने वाले रेखाखंड (line segment) पर सभी बिंदु इष्टतम मान (optimal value) प्रदान करते हैं।
A.
B.
C.
D.
रैखिक फलन (Linear function) Z = ax + by, जहाँ a, b अचर (constants) हैं, जिसका अधिकतमीकरण या न्यूनतमीकरण होना है, एक रैखिक उद्देश्य फलन कहलाता है।
A. अवतल (concave)
B. उत्तल (convex)
C. परिबद्ध (bounded)
D. अपरिबद्ध (unbounded)
किसी रैखिक प्रोग्रामन समस्या के सभी व्यवरोधों (constraints) द्वारा निर्धारित उभयनिष्ठ क्षेत्र (common region) सुसंगत क्षेत्र (feasible region) कहलाता है। सुसंगत क्षेत्र सदैव एक उत्तल समुच्चय (convex set) होता है।
A. 17
B. 29
C. 41
D. 46
Z = x + 5y में (1, 8), (6, 8), (2, 3), (4, 5) प्रतिस्थापित करने पर, हम क्रमशः Z = 41, 46, 17, 29 प्राप्त करते हैं। इनमें से 46 अधिकतम मान है।
A. 28
B. 20
C. 6
D. 4
Z = 3x + 4y में x = 4, y = 2 प्रतिस्थापित करने पर, हम प्राप्त करते हैं: Z = 3(4) + 4(2) = 12 + 8 = 20, जो कि रैखिक प्रोग्रामन समस्या का इष्टतम मान (optimal value) है।
A. अद्वितीय हल (unique solution)
B. दो हल
C. अनंत (infinitely many) हल
D. कोई भी हल नहीं
यदि किसी रैखिक प्रोग्रामन समस्या के दो इष्टतम मान (optimal value) हैं, तो इन मानों का कोई रैखिक संयोजन भी (linear combination) समस्या का इष्टतम मान प्रदान करेगा, जो वस्तुतः इष्टतम मान का एक गुणज (multiple) होगा। सामान्यतया, इन दोनों शीर्षों (vertices) को जोड़ने वाले रेखाखंड (line segment) के सभी बिंदु इष्टतम मान प्रदान करते हैं और कहा जाता है कि रैखिक प्रोग्रामन समस्या के अनंत हल हैं।
A. केवल अधिकतम मान है
B. केवल न्यूनतम मान है
C. दोनों, एक अधिकतम और एक न्यूनतम मान है
D. न तो अधिकतम मान और न ही न्यूनतम मान है
रैखिक असमीकरणों (linear inequalities) का एक सुसंगत क्षेत्र (feasible region) परिबद्ध (bounded) कहलाता है, यदि यह एक वृत्त के अंतर्गत परिबद्ध किया जा सकता है। परिबद्ध होने पर, सुसंगत क्षेत्र में कोनीय बिंदुओं का अस्तित्व होगा। इष्टतम मान (optimal value) (अधिकतम या न्यूनतम) सुसंगत क्षेत्र के एक कोनीय बिंदु पर स्थित होता है।
रैखिक फलन (Linear function) Z=ax + by में x और y निर्णायक चर कहलाते हैं।
रैखिक फलन (Linear function) Z = ax + by, जहाँ a, b अचर हैं, जिसका अधिकतमीकरण और न्यूनतमीकरण होना है, एक रैखिक उद्देश्य फलन (linear objective function) कहलाता है।
3y+2x>6 का आलेख खींचिए|
अभीष्ट क्षेत्र छायांकित (shaded) है।
आलेख से यह स्पष्ट है कि छायांकित भाग (shaded portion) इष्टतम हल (optimum solution) है। अधिकतम Z के लिए संभव बिंदु हैं: A(30,0), B(20,30) और C(0,50)
|
कोनीय बिंदु |
Z=60x+15y |
मान |
|
A(30,0) |
1800+0 |
1800 [अधिकतम] |
|
B(20,30) |
1200+450 |
1650 |
|
C(0,50) |
0+750 |
750 |
इस प्रकार, A(30,0) पर Z अधिकतम है, अर्थात, x=30, y=0
माना कि x कार्यकारी वर्ग के बेचे गए टिकटों की संख्या है
और y आर्थिक वर्ग के बेचे गए टिकटों की संख्या है
अधिकतम लाभ: Z = 1000x + 600y (1)
कार्यकारी वर्ग के 20 टिकट आरक्षित हैं (दिया गया है)
इस प्रकार, लाभ को अधिकतम करने के लिए, कार्यकारी वर्ग के 40 टिकट और आर्थिक वर्ग के 160 टिकट बेचे जाने चाहिएँ। अधिकतम लाभ
1,36,000 है।
A.
B.
C.
D.
A.
B.
C.
D.
A. P(F।E)
B. P(F।E’)
C. P(E’।F)
D. P(E’।F’)
A. 0
B.
C.
D. 1
A. ए.एन. कौल्मोग्रोब (
A.N. Kolmogorov)
B. पियरे द फेर्मा (Pierre de Fermat).
C. जॉन बेज (John Bayes’)
D. बरनौली (Bernoulli)
प्रायिकता के अभिगृहीतीय दृष्टिकोण का प्रतिपादन रुसी गणितज्ञ ए.एन. कौल्मोग्रोब ने किया था।
A. 3/4
B. 5/8
C. 1/2
D. 3/8
A. 0.44
B. 0.76
C. 0.86
D. 0.96
A. 3
B. 4
C. 5
D. 6
A.
B.
C.
D.
ताश के पत्ते चार रंगों के होते हैं। अतः, दिए गए विवरण वाले ताश के पत्तों की संख्या 16 है।
A.
B.
C.
D. 1
A.
B.
C. 2.
D.
A.
B.
C.
D.
A.
B.
C.
D.
A. 1/5
B. 1/3
C. 3/8
D. 2/3
A. 1/2
B. 3/14
C. 7/15
D. 14/15
A. 1/2
B. 1/6
C. 1/12
D. 1/24
| X | 1 | 2 | 3 | 4 |
| P(X) | 0.1 | 0.5 | 0.3 | 0.1 |
A. 4.00
B. 2.00
C. 1.07
D. 0.64
A.
B.
C.
D.
A. 0
B. 1/3
C. 1/2
D. 1
A. 4/9
B. 1/3
C. 2/9
D. 1/9
माना कि X दो पत्तों को निकालने में इक्कों के आने की संख्या को निरुपित करता है।
तो, X = 0, 1, या 2
अब, P(X = 0) = P(इक्का नहीं और इक्का नहीं)
= P(इक्का नहीं) x P(इक्का नहीं)
= 48/52 x 48/52 = 144/169
P(X = 1) = P(इक्का और इक्का नहीं अथवा इक्का नहीं और इक्का)
= P(इक्का और इक्का नहीं) x P(इक्का नहीं और इक्का)
= 48/52 x 4/52 + 4/52 x 48/52 = 24/169
P(X = 2) = P(इक्का और इक्का)
= P(इक्का) x P(इक्का)
= 4/52 x 4/52 = 1/169
इस प्रकार, अभीष्ट प्रायिकता बंटन (probability distribution) है:
|
X |
0 |
1 |
2 |
|
P(X) |
144/169 |
24/169 |
1/169 |
माना कि E1= विद्यार्थी उत्तर जानता है
E2= विद्यार्थी उत्तर का अनुमान लगाता है
और A = उत्तर सही है
माना कि घटनाएँ B1, B2, B3 निम्नानुसार हैं:
B1 = बोल्ट मशीन A द्वारा बनाया गया है
B2 = बोल्ट मशीन B द्वारा बनाया गया है
B3 = बोल्ट मशीन C द्वारा बनाया गया है
और E = ‘बोल्ट त्रुटिपूर्ण है।’
P(B1) = 0.25 P(E।B1) = 0.05
P(B2) = 0.35 P(E।B2) = 0.04
P(B3) = 0.40 P(E।B3) = 0.02
बेज़ प्रमेय के अनुसार:
माना कि निशानेबाज n बार गोली चलाता है। स्पष्टतः, n बार गोली चलाना n बरनौली परीक्षण (Bernoulli trials) है।
प्रत्येक परीक्षण में,
p = लक्ष्य भेदन की प्रायिकता = 3/4
और q = लक्ष्य को न भेदने की प्रायिकता = 1- p = 1 - 3/4 = 1/4
ताश के 52 पत्तों की एक गड्डी में से चार पत्ते 52C4 तरीकों से निकाले जा सकते हैं।
(a) ताश की गड्डी में पत्ते चार प्रकार (suits) के होते हैं: ईंट, चिड़ी, हुकुम और पान तथा प्रत्येक प्रकार के 13 पत्ते होते हैं। एक ही प्रकार (suit) के सभी चारों पत्ते प्राप्त करने के तरीकों की कुल संख्या = 13C4 + 13C4 + 13C4 + 13C4 = 4 (13C4)
प्रायिकता = अनुकूल परिणामों की संख्या /कुल संभव परिणाम = 4(13C4)/52C4 = 44/4165
(b) ताश की गड्डी में 26 पत्ते लाल रंग के और 26 पत्ते काले रंग के होते हैं। लाल रंग के 26 पत्तों में से 2 पत्ते 26C2 तरीकों से निकाले जा सकते हैं। इसी प्रकार, 2 काले पत्ते 26C2 तरीकों से निकाले जा सकते हैं।
प्रायिकता = (26C2 x 26C2)/52C4 = 4225/10829
(c) 26 पत्ते लाल और 26 पत्ते काले होते हैं। 26 लाल पत्तों में से, 4 पत्ते 26C4 तरीकों से निकाले जा सकते हैं। इसी प्रकार, 26 काले पत्तों में से, 4 पत्ते 26C4 तरीकों से निकाले जा सकते हैं।
प्रायिकता = (26C4 + 26C4)/52C4 = 1196/10829
(d) ताश की गड्डी में पत्ते चार प्रकार (suits) के होते हैं: ईंट, चिड़ी, हुकुम और पान तथा प्रत्येक प्रकार के 13 पत्ते होते हैं। प्रत्येक प्रकार का एक पत्ता होने का यह तात्पर्य है कि एक पत्ता ईंट का, एक पत्ता चिड़ी का, एक पत्ता हुकुम का और एक पत्ता पान का हो।
गड्डी में ईंट के 13 पत्ते होते हैं, उनमें से 1 पत्ता 13C1 तरीकों से निकाला जा सकता है।
अतः, अनुकूल परिणाम = 13C1 ×13C1 × 13C1 × 13C1 = (13C1)4
प्रायिकता = (13C1)4/52C4 = 2197/20825
1. The cat purred as I gently stroked its fur.
2. Cows and bulls don't make the same sound; cows moo and bulls bellow.
3. The wolf howled at the moon.
4. The lion let out a loud roar as the ringmaster cracked his whip.
5. I could hear their buzzing, so I knew there was a bee's nest around here somewhere.