CBSE - MCQ Question Banks (के. मा. शि. बो . -प्रश्नमाला )

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Q. 160801 मुगल शासन के दौरान राजस्व वसूली का काम .....को सौंपा गया था।


A. आमिल-गुज़ार

B. दफ्तर

C. दीवान

D. सनद

Right Answer is: A

SOLUTION

मुग़ल शासन काल में आमिल-गुज़ार राजस्व वसूली का काम अंजाम देते थे।


Q. 160802 मुग़ल सम्राट जिसने तम्बाकू सेवन पर प्रतिबन्ध लगाया था, ......था।


A. अकबर

B. बाबर

C. जहांगीर

D. शाह जहाँ

Right Answer is: C

SOLUTION

तंबाकू के पौधे शुरुवाती सत्रहवीं शताब्दी में भारत आए। सत्रहवीं सदी के अंत तक, तंबाकू - सेवन, खेती और व्यापर की एक अहम् वस्तु बन गई थी।


Q. 160803 टमाटर, आलू और मिर्च जैसी सब्ज़ियां भारत में ......से पहुंचीं।


A. महाद्वीपीय दुनिया

B. मध्य दुनिया

C. नयी दुनिया

D. पुरानी दुनिया

Right Answer is: C

SOLUTION

नई दुनिया विशेष रूप से पृथ्वी के गैर-एफ्रो-यूरेशियाई भागों, ख़ास तौर से अमेरिका के लिए प्रयोग किया जाता है। सत्रहवीं सदी के दौरान, अनानास और पपीता जैसे फल भारत में पहुंचे थे।


Q. 160804 अकबर के शुभ कथन आइन-ए अकबरी की ...... में पाए जाते हैं।


A. पहली और दूसरी जिल्द

B. दूसरी और तीसरी जिल्द

C. तीसरी और चौथी जिल्द

D. चौथी और पांचवी जिल्द

Right Answer is: D

SOLUTION

चौथी और पांचवी (दफ्तर) किताबों में भारत के लोगों की धार्मिक, साहित्यिक और सांस्कृतिक परंपराओं के बारे में चर्चा है।


Q. 160805 मुगल शासन के दौरान जिन क्षेत्रों में 40 इंच प्रति वर्ष से ऊपर वर्षा होती है वह .... के क्षेत्र हैं।


A. कपास उत्पादन

B. जूट उत्पादन

C. मक्का उत्पादन

D. धान उत्पादन

Right Answer is: D

SOLUTION

ज़मीन की बहुतायत, मजदूरों की मौजूदगी, और किसानों की गतिशीलता की वजह से कृषि का लगातार विस्तार हुआ। चूंकि खेती का प्राथमिक उद्देश्य लोगों का पेट भरना था, इसलिए रोज़मर्रा के खाने की जरूरतें जैसे चावल, गेहूँ, ज्वार इत्यादि फसलें सबसे ज़्यादा उगाई जाती थीं।


Q. 160806 आईन-ए-अकबरी की दूसरी जिल्द को ....कहा जाता है।


A. मंज़िल -आबादी

B. सिपाह -आबादी

C. मुल्क -आबादी

D. दफ्तर

Right Answer is: B

SOLUTION

दूसरी पुस्तक (सिपाह-आबादी) सैन्य और नागरिक प्रशासन और नौकर की स्थापना शामिल हैं। इस में सूचना और शाही अधिकारियों (मनसबदार), विद्वान पुरुषों, कवियों और कलाकारों की लघु जीवनी नमूने भी शामिल है।


Q. 160807 भारत की जनसँख्या सन 1600 और 1800 के मध्य .....बढ़ी।


A. 33 फीसदी

B. 34 फीसदी

C. 35 फीसदी

D. 36 फीसदी

Right Answer is: A

SOLUTION

जनसंख्या वृद्धि की गणना आर्थिक इतिहासकारों द्वारा की गई थी। वे मुगल शासन के दौरान कृषि समृद्धि को इस वृद्धि का ज़िम्मेदार मानते हैं।


Q. 160808 अंतिम मुगल सम्राट, बहादुर शाह द्वितीय को अंग्रेजों द्वारा अपदस्थ करने के बाद ...... निर्वासित किया गया था।


A. अफ़ग़ानिस्तान

B. नेपाल

C. रंगून

D. श्रीलंका

Right Answer is: C

SOLUTION

अंतिम मुगल सम्राट बहादुर शाह जफर के खिलाफ अदालत में मुक़द्दमा चला और उन्हें आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई। उनके पुत्रों की उनके सामने गोली मार कर हत्या कर दी गई थी। उन्हें व उनकी पत्नी ज़ीनत महल को अक्टूबर 1858 में रंगून जेल भेज दिया गया। बहादुर शाह ज़फर की मृत्यु 1862 में रंगून जेल में हुई।


Q. 160809 आईन-ए-अकबरी की तीसरी जिल्द, मुल्क आबादी में .....की चर्चा की गई है।


A. साम्राज्य के प्रशासन

B. साम्राज्य के नागरिक प्रशासन

C. साम्राज्य के सांस्कृतिक परंपराओं

D. साम्राज्य का राजकोषीय पक्ष

Right Answer is: D

SOLUTION

मुल्क-आबादी, वह भाग है जो साम्राज्य व प्रांतों के वित्तीय पहलुओं तथा राजस्व की दरों के आँकड़ों की विस्तृत जानकारी देने के बाद "बारह प्रांतों का बयान" देता है।


Q. 160810 मुग़ल स्रोतों के अनुसार, ..... में दो क़िस्म के किसान होते थे।


A. चौदहवीं सदी

B. पन्द्रवीं सदी

C. सोलहवीं सदी

D. सत्रहवीं सदी

Right Answer is: D

SOLUTION

सत्राहवीं सदी के स्रोत दो किस्म के किसानों की चर्चा करते हैं - खुद-काश्त व पाहि-काश्त। पहले किस्म के किसान वे थे जो उन्हीं गाँवों में रहते थे जिनमें उनकी ज़मीन थीं। दूसरे (पाहि-काश्त) वे खेतिहर थे जो दूसरे गाँवों से ठेके पर खेती करने आते थे।


Q. 160811 विजयनगर के राजाओं ने भगवान.... की ओर से शासन करने का दावा किया था।


A. दो -फसला

B. खुद -काश्त

C. पाहि-काश्त

D. रैय्यत

Right Answer is: D

SOLUTION

मुग़ल काल के भारतीय-फारसी स्रोत किसान के लिए आमतौर पर रैयत (बहुवचन, रिआया) या मुज़रियान शब्द का इस्तेमाल करते थे। सत्रहवीं सदी में दो क़िस्म के किसान होते थे - खुद-काश्त और पाहि-काश्त।


Q. 160812 बहादुर शाह द्वितीय वर्ष ...... में अंग्रेजों द्वारा अपदस्थ करके रंगून को निर्वासित किये गए थे।


A. 1853

B. 1854

C. 1856

D. 1858

Right Answer is: D

SOLUTION

बहादुर शाह द्वितीय - अंतिम मुगल सम्राट थे। उन्हें 1858 में अंग्रेजों द्वारा अपदस्त करके रंगून(मौजूदा यांगून, म्यांमार) भेज दिया गया था।


Q. 160813 आइन-ए अकबरी के अनुसार, मुग़ल प्रांत जहाँ 39 किस्मों की फसलें उगाई जाती थीं, ....था।


A. आगरा

B. बंगाल

C. दिल्ली

D. पंजाब

Right Answer is: A

SOLUTION

कुछ इलाक़ों में बारिश या सिचाई के पानी की लगातार उपलब्धि से विविध प्रकार की फसलें उगाई जाती थीं।


Q. 160814 जूझार सिंह बुन्देला के पिता का क्या नाम था?
Right Answer is:

SOLUTION

जूझार सिंह बुन्देला के पिता का नाम वीर सिंह बुन्देला था।


Q. 160815 नूरजहाँ ने अपनी लाडली बेगम का विवाह किसके साथ किया?
Right Answer is:

SOLUTION

नूरजहाँ ने अपनी लाडली बेगम का विवाह  शहरयार के  साथ किया


Q. 160816 आइन-ए-अकबरी किसके द्वारा लिखी गयी थी ?
Right Answer is:

SOLUTION

अकबरनामा की आत्मा आइन-ए-अकबरी की रचना, अकबर के दरबारी इतिहासकार अबुल-फजल द्वारा की गयी थी।


Q. 160817 मुगलकाल में दरबारियों के द्वारा बादशाह के अभिवादन के दो तरीके क्या थे?
Right Answer is:

SOLUTION

1. सिजदा व कदमबोसी 2. चार तस्लीम


Q. 160818 मुगल साम्राज्य का संस्थापक कौन था?
Right Answer is:

SOLUTION

जहीरउद्धीन बाबर।


Q. 160819 मुगलकाल में गांव की पंचायत के मुखिया को किस नाम से जाना जाता था?
Right Answer is:

SOLUTION

मुकद्धम


Q. 160820 अबुल फज़ल द्वारा रचित पुस्तक का नाम लिखिए।
Right Answer is:

SOLUTION

अकबर नामा एवं आइन-ए-अकबरी


Q. 160821 15वीं सदी में भारत की यात्रा करने वाले फारस के दूत का क्या नाम था?
Right Answer is:

SOLUTION

अब्दूररज्जाक


Q. 160822 फतेहपुर सीकरी का बुलन्द दरवाजा किसने बनाया ?
Right Answer is:

SOLUTION

महान मुगल शासक अकबर ने, गुजरात पर अपनी विजय के उपलक्ष में, फतेहपुर सीकरी का बुलन्द दरवाजा निर्मित करवाया था।


Q. 160823 बुलंद दरवाज़ा
Right Answer is:

SOLUTION

अकबर द्वारा 1601 ई. में अपनी दक्षिण विजय के बाद फतहपुर सीकरी में इस दरवाजे का निर्माण कराया गया । यह विश्व के विशाल दरवाजों में एक है।


Q. 160824 किस इतिहासकार ने मुग़ल शासन को कागजी राज्य की संज्ञा दी थी ?
Right Answer is:

SOLUTION

जदुनाथ सरकार ने मुग़ल राज्य को कागजी राज्य कहकर संबोधित करते हैं


Q. 160825 आमीर-उल-बहर किस विभाग को कहते थे?
Right Answer is:

SOLUTION

अकबर ने जल सेना का एक पृथक विभाग स्थापित किया था जल सेना का प्रमुख अधिकारी आमीर-उल-बहर कहलाता था


Q. 160826 दीवान की नियुक्ति कौन करता था ?
Right Answer is:

SOLUTION

दीवान की नियुक्ति, दीवान--अशरफ सम्राट की अनुमति से करता था |


Q. 160827 मीर आतिश का क्या कार्य था ?
Right Answer is:

SOLUTION

मीर आतिश को दरोगा--तोपखाना भी कहा जाता था पहले यह मीर बख्शी के अधीन होता था


Q. 160828 मीर बख्शी का क्या अर्थ था?
Right Answer is:

SOLUTION

मीर बख्शी को अफसर--खजाना भी कहा जाता था मीर बख्शी का मुख्य कार्य सैनिकों को वेतन देना था ।


Q. 160829 सद्रे-उल-सुदूर किस विभाग से सम्बन्धित थे ?
Right Answer is:

SOLUTION

सद्रे-उल-सुदूर  का सम्बन्ध धार्मिक धन-सम्बन्धी निर्धारण तथा दान विभाग से था।


Q. 160830 रडयार्ड किपलिंग की जंगल बुक के युवा नायक मोगली के नाम का व्युत्पन्न किससे हुआ माना जाता है ?
Right Answer is:

SOLUTION

रडयार्ड किपलिंग की जंगल बुक के युवा नायक मोगली के नाम का व्युत्पन्न भी शब्द मुगल से हुआ माना जाता है।


Q. 160831 1857 में मुगल वंश का अंतिम शासक कौन था ?
Right Answer is:

SOLUTION

बहादुरशाह जफर द्वितीय मुगल वंश का अंतिम शासक था।


Q. 160832 सोलहवीं और सत्रहवीं शताब्दी में दस्तकार समाज को किस प्रकार की सेवाएँ उपलब्द्ध कराते थे?
Right Answer is:

SOLUTION

इतिहासकारों के अनुसार विभिन्न उत्पादकों के मध्य व्यापक तौर पर विनिमय होता था।  किसान और दस्तकार -रँगरेजी, कपड़े पर छपाई, मिट्टी के बरतनों को पकाना, खेती के औजारों को बनाना या उनकी मरम्मत करना आदि कार्य करते थे। कुम्हार, लोहार, बढ़ई, नाई, यहाँ तक कि सुनार जैसे ग्रामीण दस्तकार भी अपनी सेवाएँ गाँव के लोगों को देते थे जिसके  बदले गाँव वाले उन्हें अलग-अलग तरीकों से उन सेवाओं की अदायगी करते थे। आमतौर पर तो उन्हें फसल का एक हिस्सा दे दिया जाता था।


Q. 160833
कुछ अंग्रेज अफसरों द्वारा भारतीय गाँवों को ’छोटे गणराज्य’ क्यों कहा गया?
Right Answer is:

SOLUTION

19वीं सदी में मुगल काल के अंत तक गाँव प्रायः आत्मनिर्भर थे। अपनी आवश्यकताओं की सभी चीजों का उत्पादन वह स्वयं करते थे। ग्राम स्वायत्तशासी व सामाजिक मेल-मिलाप से परिपूर्ण थे। गाँव में पंचायतें होती थीं जिसमें ग्राम में रहने वाले सभी संप्रदायों व जातियों का प्रतिनिधित्व रहता था। ग्राम पंचायतें ग्राम समुदायों के मध्य शांति व्यवस्था बनाए रखने का कार्य करती थीं। इसके अलावा गाँव की अलग-अलग जाति पंचायतें भी होती थीं जिनका कार्य जातिगत मानदण्ड़ों के अनुरूप शादी-विवाह के लिए नियमों का निर्धारण करना है। ग्रामों की इन व्यवस्थाओं को देखकर कुछ अंग्रेज अफसरों ने भारतीय को “छोटे गणराज्य“ कहा ।


Q. 160834 विजयनगर कि यात्रा करने वाले किन्हीं दो विदेशी यात्रिओं के नाम बताइए ।
Right Answer is:

SOLUTION

ईरानी यात्री अब्दुर्रज्जाक   इतालवी यात्री डोमिंगो पाएस ने विजयनगर कि यात्रा की थी इनके यात्रा वृतांत विजयनगर के इतिहास को जानने का एक प्रमुख स्रोत हैं


Q. 160835 बहमनी राज्य की स्थापना कब व किसने की ?
Right Answer is:

SOLUTION

बहमनी राज्य की स्थापना 1347 में हसन गंगू ने की


Q. 160836 निम्नलिखित वाक्यों में सही व गलत बताएं -
क. प्रशासनिक सुविधा के लिए बहमनी राज्य पांच प्रान्तों में विभाजित किया गया ।
ख. महमूद गवां बहमनी का सबसे महान शासक था ।
ग. रायचूर दोआब बहमनी व विजयनगर राज्य के बीच शत्रुता का प्रमुख कारण था ।
ध. बहमनी शासकों ने 1370 में मदुरई पर अधिकार कर लिया ।
Right Answer is:

SOLUTION

क. गलत । 
ख. गलत । 
ग. सही । 
ध. गलत । 


Q. 160837 दक्षिण में इस्लाम के उदय में बहमनी शासकों की भूमिका को स्पष्ट कीजिये।
Right Answer is:

SOLUTION

बहमनी शासकों ने, राज्य के मुख्य धर्म के रूप में इस्लाम को अपनाया था, गुलबर्ग और बीदर के राजधानी शहरों में कई खूबसूरत मस्जिदों का निर्माण किया गया था, शासकों ने, इस्लामी शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए मदरसों एवं पुस्तकालयों की स्थापना करवाई थी, फारसी और अरबी भाषाओं का प्रयोग दरबार की भाषा के रूप में किया जाता था, ये सभी कारक, दक्षिण में इस्लाम के उदय में सहायक थे


Q. 160838 हम्पी पर एक संक्षिप्त टिप्पणी लिखिए
Right Answer is:

SOLUTION

हम्पी विजयनगर की राजधानी थी,राजधानी शहर, सात दीवारों से घिरा हुआ था, और इसकी परिधि 96 किलोमीटर की थी,शहर में बगीचे, झील,भवन और मंदिर स्थित थे,हम्पी का वीरूपक्ष मंदिर एक प्रसिद्ध मंदिर था हीरे, माणिक, मोती और पन्ने, का राजधानी के बाजार में विक्रय किया जाता था


Q. 160839 बहमनी राज्य के अमीरों की स्थायी समस्या का वर्णन कीजिये।
Right Answer is:

SOLUTION

बहमनी राज्य के अमीर एक दूसरे के साथ संघर्षरत रहा करते थे, राज्य में दो प्रकार के अमीर हुआ करते थे, एक तरफ दक्कनी अथवा स्थानीय अमीर तथा दूसरी तरफ परदेसी अथवा विदेशी अमीर हुआ करते थे, अमीरों के मध्य संघर्ष ने बहमनी साम्राज्य के पतन का नेतृत्व किया


Q. 160840 तालीकोटा के युद्ध पर एक संक्षिप्त टिप्पणी लिखिए।
Right Answer is:

SOLUTION

तालीकोटा का युद्ध, विजयनगर और पांच राज्यों-बीजापुर, अहमदनगर, बरार, गोलकुंडा और बीदर की सामूहिक शक्तियों के मध्य लड़ा गया था, बहमनी राज्य के गठजोड़ ने, विजयनगर साम्राज्य को बुरी तरह से परास्त कर दिया, तालीकोटा के युद्ध ने, दक्षिण में हिन्दू साम्राज्य के पतन को चिह्नित किया


Q. 160841 मुहम्मद बिन- तुगलक के काल में दक्षिण में किन दो राज्य का उदय हुआ था?
Right Answer is:

SOLUTION

मुहम्मद बिन- तुगलक काल में दक्षिण में विद्रोह हो गया उन्होंने सुल्तान की अधीनता स्वीकार करने से इंकार कर दिया और दो नये राज्यों का उदय हुआ ये निम्न प्रकार है – 
1 - विजय नगर राज्य
2 - बहमनी राज्य


Q. 160842 सुलतानों और रायों के मध्य संबंध किस प्रकार के थे ?
Right Answer is:

SOLUTION

हालाँकि विजयनगर शहर के विध्वंस के लिए सुल्तानों की सेनाएँ उत्तरदायी थीं, फिर भी सुलतानों और रायों  के संबंध धार्मिक भिन्नताएँ होने पर भी हमेशा या अपरिहार्य रूप से शत्रुतापूर्ण नहीं रहते थे। उदाहरण के लिए कृष्णदेव राय ने सल्तनतों में सत्ता के कई दावेदारों का समर्थन किया और यवन राज्य की स्थापना करने वाला विरुद धारण करके गौरव महसूस किया। इसी प्रकार, बीजापुर के सुल्तान ने कृष्णदेव राय की मृत्यु के पश्चात विजयनगर में उत्तराधिकार के विवाद को सुलझाने के लिए हस्तक्षेप किया। वास्तव में विजयनगर शासक और सल्तनतें दोनों ही एक-दूसरे के स्थायित्व को निश्चित करने की इच्छुक थीं। यह रामराय की जोखिम भरी नीति थी, जिसके अनुसार उसने एक सुलतान को दूसरे के विरुद्ध करने की कोशिश की किन्तु वे सुल्तान  एक हो गए और उन्होंने उसे निर्णायक रूप से पराजित कर किया।


Q. 160843 विजयनगर साम्राज्य में बाजार की मुख्य विशेषताएं क्या थी ?
Right Answer is:

SOLUTION

विजयनगर मसालों, वस्त्रों तथा रत्नों के अपने बाजारों के लिए प्रसिद्ध था। ऐसे शहरों के लिए व्यापार एक प्रतिष्ठा का मानक माना जाता था। यहाँ की समृद्ध जनता मँहगी विदेशी वस्तुओं की माँग करती थी विशेष रूप से रत्नों और आभूषणों की। दूसरी ओर व्यापार से प्राप्त राजस्व राज्य की समृद्धि में महत्त्वपूर्ण योगदान देता था।


Q. 160844 कृषि-क्षेत्रों को किलेबंद भूभाग में क्यों समाहित किया जाता था?
Right Answer is:

SOLUTION

अक्सर मध्यकालीन घेराबंदियों का मुख्य उद्देश्य प्रतिपक्ष को खाद्य सामग्री से वंचित कर समर्पण के लिए बाध्य करना होता था।ये घेराबंदियाँ कई महीनों और यहाँ तक कि वर्षों तक चल सकती थीं।आम तौर पर शासक ऐसी परिस्थितियों से निपटने के लिए किलेबंद क्षेत्रों के भीतर ही विशाल अन्नागारों का निर्माण करवाते थे। विजयनगर के शासकों ने पूरे कृषि भूभाग को बचाने के लिए कृषि-क्षेत्रों को किलेबंद भूभाग में समाहित करने के रूप में एक अधिक मँहगी तथा व्यापक नीति को अपनाया।


Q. 160845 विजयनगर राज्य के किन्हीं चार ऐतिहासिक स्मारकों का उल्लेख कीजिए ।
Right Answer is:

SOLUTION

क) कमल महल ख) विरूपाक्ष मंदिर ग) हजार राम मंदिर घ) कल्याण मंडप


Q. 160846 मध्य काल में बहमनी व विजयनगर राज्य के आय स्रोतों का संक्षेप में वर्णन कीजिये ।
Right Answer is:

SOLUTION

बहमनी विजय नगर राज्यों की आय का प्रमुख स्रोत भूमि लगान था कृषकों से उत्पादन का एक भाग निर्धारित दर से लिया जाता था जो की 1 /10 से 1 /2  हो सकता था  अतिरिक्त कर भी लगाये गए थे जिनमें सिंचाई कर प्रमुख था इसके अलावा व्यापार भी राज्य की आय का एक प्रमुख साधन था व्यापारियों को अपनी वस्तुओं के मूल्य के अनुपात में निर्धारित कर देना पड़ता था  


Q. 160847 रायचूर दोआब ने मध्य काल में दक्षिण भारत की राजनीती को किस प्रकार प्रभावित किया ?
Right Answer is:

SOLUTION

रायचूर दोआब कृष्णा तुंगभद्रा नदी के मध्य स्थित था  यह बहुत ही उपजाऊ क्षेत्र था दोनों ही राज्य इस पर अपना आधिपत्य करना चाहते थे   अपने अधिक उर्वरता के कारण यह आय का धनी स्रोत था क्योंकि भूमि लगान राजस्व का एक प्रमुख स्रोत था, इसलिए इस दोआब के लिए दोनों राज्यों में कई बार युद्ध हुए  


Q. 160848 विजयनगर साम्राज्य की प्रशासनिक व्यवस्था के बारे में बताइये ।
Right Answer is:

SOLUTION

विजयनगर साम्राज्य का प्रशासन तीन भिन्न स्तर पर चलाया जाता था -

क) केन्द्रीय सरकार - राजा, प्रशासनिक व्यवस्था का प्रमुख हुआ करता था, उसमें समूर्ण शक्ति निहित थी, और उसकी इच्छा को ही कानून समझा जाता था, मंत्री परिषद, साम्राज्य के प्रशासन में उसे सहायता प्रदान किया करती थी

ख) प्रांतीय सरकार - साम्राज्य, राज्य अथवा मण्डलम् कहलाने वाले छह प्रांतों में विभाजित था, प्रत्येक प्रांत को राज्यपाल की देख रेख के अधीन रखा गया था, प्रांतों को फिर से जिलों अथवा नाडु में विभाजित किया गया था और फिर जिलों को गांवों में विभाजित किया गया था

ग) ग्राम प्रशासन - गावों में सामंतवादी व्यवस्था प्रचलित थी और वंशानुगत अधिकारी गांवों के प्रशासन को चलाया करते थे


Q. 160849 विजयनगर की सामाजिक स्थिति का वर्णन कीजिये।
Right Answer is:

SOLUTION

सामाजिक व्यवस्था- विजयनगर में प्राचीन वैदिक प्रथाओं का अनुसरण किया जाता था, समाज रूढ़िवादी था और प्राचीन धार्मिक मानदंडों का अनुसरण करता था, समाज में जाति व्यवस्था विद्यमान थी, जो प्रकृति में कठोर थी, अधिकाँश उच्च पदों पर उच्च जाति के लोग अथवा ब्राह्मण पदासीन थे

महिलाओं की स्थिति - महिलाओं की समाज में एक सम्मानजनक स्थिति थी, अधिकाँश महिलाएं, स्वतंत्रता का उपभोग नहीं करती थी,बाल विवाह, बहुविवाह और सती जैसी प्रथाओं का विजयनगर के लोगों द्वारा सामान्यतः पालन किया जाता था, उच्च वर्गीय महिलाएं, समाज में उच्च पदों पर आसीन हो सकती थीं


Q. 160850 अमर-नायक प्रणाली क्या थी ? समझाइए।
Right Answer is:

SOLUTION

अमर-नायक प्रणाली विजयनगर साम्राज्य की एक प्रमुख राजनीतिक खोज थी। ऐसा प्रतीत होता है कि इस प्रणाली के कई तत्त्व दिल्ली सल्तनत की इक्ता प्रणाली से लिए गए थे। अमर-नायक सैनिक कमांडर थे जिन्हें  राय द्वारा प्रशासन के लिए राज्य-क्षेत्र दिये जाते थे। वे किसानों, शिल्पकर्मियों तथा व्यापारियों से भू राजस्व तथा अन्य कर वसूल करते थे। वे राजस्व का कुछ भाग व्यक्तिगत उपयोग तथा घोड़ों और हाथियों के निर्धारित दल के रख-रखाव के लिए अपने पास रख लेते थे। ये दल विजयनगर शासकों को एक प्रभावी सैनिक शक्ति प्रदान करने में सहायक होते थे जिसकी मदद से उन्होंने पूरे दक्षिणी प्रायद्वीप को अपने नियंत्रण में किया। राजस्व का कुछ भाग मन्दिरों तथा  सिचाई के साधनों के रख-रखाव के लिए खर्च किया जाता था। अमर-नायक  राजा को वर्ष में एक बार भेंट भेजा करते थे और अपनी स्वामिभक्ति प्रकट करने के लिए राजकीय दरबार में उपहारों के साथ स्वयं उपस्थित हुआ करते थे। राजा कभी-कभी उन्हें एक से दूसरे स्थान पर स्थानांतरित कर उन पर अपना नियंत्रण दर्शाता था पर सत्रहवीं शताब्दी में इनमें से कई नायकों ने अपने स्वतंत्र राज्य स्थापित कर लिए। इस कारण केंद्रीय राजकीय ढाँचे का विघटन तेजी से होने लगा।


Q. 160851 विजयनगर के शासक कृष्णदेव राय द्वारा लिखित ग्रंथ अमुक्तमल्यद की विषय सामग्री क्या थी ?
Right Answer is:

SOLUTION

विजयनगर के सबसे प्रसिद्ध शासक कृष्णदेव राय (शासनकाल 1509-29) ने शासनकला के विषय में अमुक्तमल्यद नामक तेलुगु भाषा में एक कृति लिखी। व्यापारियों के विषय में उसने लिखाः एक राजा को अपने बन्दरगाहों को सुधारना चाहिए और वाणिज्य को इस प्रकार प्रोत्साहित करना चाहिए कि घोड़ों, हाथियों, रत्नों, चंदन, मोती तथा अन्य वस्तुओं का खुले तौर पर आयात किया जा सके... उसे प्रबंध करना चाहिए कि उन विदेशी नाविकों जिन्हें तूफानों, बीमारी या थकान वेफ कारण उनके देश में उतरना पड़ता है, की भली-भाँति देखभाल की जा सके... सुदूर देशों के व्यापारियों, जो हाथियों और अच्छे घोड़ों का आयात करते हैं, को रोज बैठक में बुलाकर, तोहफे देकर तथा उचित मुनाफे की स्वीकृति देकर अपने साथ संबद्ध करना चाहिए। ऐसा करने पर ये वस्तुएँ कभी भी तुम्हारे दुश्मनों तक नहीं पहुँचेंगी।


Q. 160852 विजयनगर के शासकों ने वर्षा जल संचय के क्या कार्य किये ? वर्णन करें ।
Right Answer is:

SOLUTION

दक्षिण में विजयनगर साम्राज्य (1336-1546 ई.) ने बड़े और छोटे भंडारण टैंक के निर्माण में गहरी रुचि ली थी । अनंतराज सागर टैंक, मालदेवी नदी के पार 1.37 किलोमीटर लंबे मिट्टी के बांध के साथ बनाया गया था, प्रसिद्ध कोरंगल बांध का निर्माण, राजा कृष्णदेवराय के अधीन बनाया गया था । बहमनी शासकों ने (1388-1422 ई.) दक्कन के पूर्वी प्रांतों में पहली बार, नहर सिंचाई की शुरुआत की थी, सुल्तान जैनउद्दीन (1420-1470 ई.) ने उत्पलपुर , नादशैला , बिजबिहार और कश्मीर के कुछ क्षेत्रों में नहरों का व्यापक संजाल बिछाया था ।


Q. 160853 विजयनगर का सबसे महान शासक कौन था ? उनकी किन्हीं चार उपलब्धियां बताएं ।
Right Answer is:

SOLUTION

कृष्णदेव राय विजयनगर के सबसे महत्त्वपूर्ण शक्तिशाली शासक था

क. अपने प्रशासन के लिए प्रसिद्ध थे उनहोंने राज्य को सल्तनत की भांति प्रान्तों में विभक्त किया प्रशासनिक अधिकारी जिन्हें नायक कहा जाता है नियुक्त किये । उन्होंने विजयनगर का विस्तार दक्षिण पूर्वी दिशा में किया उड़ीसा के गजपति शासकों को हराया

ख. कृष्णदेव राय ने पुर्तगालियों के साथ अरबी घोड़ों के व्यापार पर एकाधिकार स्थापित किया इस प्रकार दक्षिण के अन्य राज्य इससे वंचित रह गए

ग. कला अर्थव्यवस्था का विकास हुआ स्वयं लेखक थे - आमुक्त माल्यद नामक ग्रन्थ कि रचना की मुग़ल शासक बाबर कि आत्मकथा तुजूक बाबरी में इनका वर्णन मिलता है

ध. ऐतिहासिक स्रोतों से ज्ञात होता है कि कृष्णदेव राय ने बहमनी शासक को राज्य पाने में मदद की थी । उसने इसके उपरांत यवनराजस्थापनाचार्य की उपाधि धारण की


Q. 160854 फतेहपुर-सिकरी का निर्माण .......... द्वारा किया गया था।


A. बाबर

B. जहांगीर

C. शाह जहाँ

D. अकबर

Right Answer is: D

SOLUTION

1571 में अकबर ने फतेहपुर सीकरी का निर्माण किया था। यह आगरा में स्थित है। इसके परिसर में कई इमारतें हैं।


Q. 160855 आईन-ए-अकबरी ......द्वारा लिखी गई थी।


A. अबुल फ़ज़ल

B. फ़ैज़ी

C. टोडर मल

D. अकबर

Right Answer is: A

SOLUTION

'आईन-ए-अकबरी' अबुल फ़ज़ल द्वारा लिखी गई अकबरनामा की तीसरी जिल्द है।


Q. 160856 मुग़ल साम्राज्य में सूबा का मतलब था...


A. प्रांत

B. ज़िला

C. तालुक़

D. गाँव

Right Answer is: A

SOLUTION

आईन-ए-अकबरी में मुगल साम्राज्य के प्रशासनिक तंत्र की जानकारी विस्तार से दी गई है। इसमें दर्ज है कि साम्राज्य को कई प्रांतों में बांटा गया था जिन्हें सूबा कहा जाता था।


Q. 160857 हिन्दुओं पर लगने वाला कर


A. जजिया था ।

B. खम्स था।

C. जकात था।

D. खिराज था।

Right Answer is: A

SOLUTION

जजिया कर उन हिन्दुओं पर लगता था जो इस्लाम धर्म स्वीकार नहीं करते थे । राज्य की आय में इस कर से पर्याप्त वृद्धि होती थी। धनिक वर्ग से 48 टंका, माध्यम वर्ग से 24 टंका और साधारण लोगों से 12 टंका जजिया कर लिया जाता था।


Q. 160858 बाबरनामा की रचना


A. बाबर ने की थी

B. हुमायूँ ने की थी

C. अकबर ने की थी

D. औरंगजेब ने की थी

Right Answer is: A

SOLUTION

मुग़ल वंश का संस्थापक बाबर तुर्की एवं फारसी का बड़ा विद्वान था बाबरनामा उसकी प्रसिद्द रचना है मुग़ल-काल में फारसी ग्रंथों की रचनाओं का बाहुल्य रहा  इस काल में अनेक हिंदी एवं संस्कृत के ग्रंथों का फारसी भाषा में अनुवाद किया गया ।


Q. 160859 शेरशाह ने निर्माण कराया था


A. दिल्ली के लाल किले का

B. दिल्ली के पुराने किले का।

C. दिल्ली के सीरी किले का

D. आगरा के लाल किले का

Right Answer is: A

SOLUTION

शेरशाह ने दिल्ली के पुराने किले का निर्माण अपने शासन काल में  कराया था । 1538 ई० से 1547 ई० के बीच कराया था । पुराना किला नई दिल्ली में यमुना नदी के किनारे स्थित प्राचीन दीन-पनाह नगर का आंतरिक किला है । किले के तीन बड़े द्वार है तथा इसकी विशाल दीवार है । इसके अंदर एक मस्जिद है जिसमे दो तलीये अष्टभुजी स्तम्भ है ।


Q. 160860 शिकदार-ए-शिकदारान का कार्य


A. शांति व्यवस्था  करना था।

B. बाह्य नीति की  व्यवस्था  करना था।

C. सुल्तान की आज्ञाओं की घोषणा करना था।

D. न्याय व्यवस्था  करना था  

Right Answer is: D

SOLUTION

सरकार में शांति स्थापित करने के लिए सर्वोच्च अधिकारी के पास एक सेना रहती थी । वह अपने अधीन परगनों के शिकदारों का निरिक्षण एवं नियंत्रण करना था तथा सम्पूर्ण सरदार की व्यस्था का भार उसपर ही रहता था ।


Q. 160861 सड़क-ए-आजम कहा जाता था,


A. आगरा से बुरहानपुर तक।

B. आगरा से मारवाड़ तक।

C. मुल्तान से लाहौर तक।

D. बंगाल से सिंध तक ।

Right Answer is: A

SOLUTION

यह प्राचीन भारत की सड़क थी जो बंगाल में ताम्रलिप्ति बन्दरगाह से होती हुई । पाटलिपुत्र से पुरुषपुर (पेशावर) तक जाती थी । इसकी लम्बाई लगभग ४००० किलोमीटर थी।  शेरशाह ने इसी सड़क को ठीक करवाया ब्रिटिश शासनकाल में यही सड़क कलकत्ता से पेशावर तक कर दी गयी और इसका नाम ग्राण्ड ट्रंक रोड रखा गया ।


Q. 160862 प्रधान वजीर


A. दीवान--विजरत होता था ।

B. दीवान--आरिज होता था ।

C. दीवान--रसालत होता था ।

D. दीवान--बरीद होता था ।

Right Answer is: A

SOLUTION

दीवान-ए-विजरत  प्रधान वजीर होते था इसका कार्य अर्थ-व्यस्था एवं भूमि कर की व्यवस्था करना होता था । अन्य मंत्रियों के कार्यों की देखभाल करना भी इसका दायित्व था।


Q. 160863 जलाल खाँ ने शेरशाह से युद्ध किया था


A. अपनी सत्ता वापिस पाने के लिए।

B. गुरु को दीक्षा देने के लिए।

C. सूरजगढ़ पर अधिकार करने के लिए

D. सूरजगढ़ को लूटने के लिए।

Right Answer is: B

SOLUTION

जलाल खाँ का पिता बाहर खाँ की मृत्यु होने पर जलाल की माँ ने शेरशाह को जलाल खाँ के छोटे होने के कारण उसका संरक्षक नियुक्त किया । शेरशाह ने बिहार की लिए अच्छी व्यवस्था की। जिससे कुछ सरदारों ने युवक जलाल खाँ के कान शेरशाह के विरुद्ध भर दिए । जिस कारण जलाल खाँ ने सत्ता वापस लेने का निश्चय किया और जलाल खाँ ने शेरशाह से युद्ध किया ।


Q. 160864 जात और सवार का सम्बन्ध था


A. व्यापार से ।

B. सेना से ।

C. राजस्व से ।

D. धर्म से ।

Right Answer is: C

SOLUTION

जात और सवार का सम्बन्ध सेना से होता है । मनसबदारी प्रथा में जात और सवार होते है जात और सवार का अर्थ 
1. जात पद का अर्थ है पैदल सैनिक । 
2. सवार पद का अर्थ है घुड़सवार ।


Q. 160865 मुगलकाल का प्रथम उत्तराधिकार का युद्ध


A. 1506 ई० में हुआ था ।

B. 1656 ई० में हुआ था 

C. 1658 ई० में हुआ था ।

D. 1660 ई० में हुआ था ।

Right Answer is: D

SOLUTION

7 नवम्बर, 1627 ई० को जहाँगीर  की मृत्यु के पश्चात् उत्तराधिकारी के लिए युद्ध हुआ । इस युद्ध में शाहजहाँ ने अपने सभी विरोधियों का सफाया करके 6 फ़रवरी 1628 ई० को आगरा में सिंहासनारूढ़ हुआ ।


Q. 160866 जहाँगीर का मित्र


A. वीर सिंह बुन्देला था ।

B. अब्दुल्ला खाँ था ।

C. प्रताप था

D. शाइस्ता  खाँ था।

Right Answer is: C

SOLUTION

जहाँगीर का मित्र  वीर सिंह बुन्देला था। वीर सिंह बुन्देला के मृत्यु के पश्चात् उसका पुत्र जुझार सिंह बुन्देला को 1627 ई० में उत्तराधिकारी के रूप में गद्दी पर बैठा था ।


Q. 160867 रतनपुर का जमींदार


A. बाबू लक्षमण था

B. खान दुर्रान था

C. अब्दुल्ला खाँ था

D. अमर सिंह था

Right Answer is: A

SOLUTION

रतनपुर का जमींदार बाबू लक्षमण था जिसे अवज्ञा करने का दण्ड देने के लिए अब्दुल्ला खाँ को भेजा गया । बाबू लक्ष्मण ने भयभीत होकर अमर सिंह की मध्यस्थता से क्षमा माँग ली तथा उसे मुग़ल दरबार में भेज दिया गया ।


Q. 160868 नूरजहाँ का वास्तविक नाम


A. अरजुमंद  बेगम था 

B. मह्रुनिस्सा था

C. हरकाबाई  था

D. गुलबदन  बेगम था

Right Answer is: D

SOLUTION

नूरजहाँ का वास्तविक नाम मह्रुनिस्सा था । सन 1611  ई० में जहाँगीर ने मह्रुनिस्सा  से विवाह करके सम्पूर्ण राज्य के कार्य मह्रुनिस्सा को सौंप दिए और मह्रुनिस्सा का नाम सम्राट जहाँगीर ने बदल कर नूरजहाँ रखा था ।


Q. 160869 वितिक्ची का कार्य


A. सूबें में सेना की व्यवस्था करना था

B. आमिल की शक्ति पर नियंत्रण करना था।

C. दान दी गयी भूमि का निरिक्षण करना था।

D. घटित घटनाओं का विवरण करना था

Right Answer is: B

SOLUTION

वितिक्ची का पद आमिल के पद का समान होता था और वह आमिल की शक्ति पर अंकुश का कार्य करता था वह प्रत्येक मौसम में लगान की दर निश्चित करता था वह अपने कार्यों की वार्षिक रिपोर्ट प्रतिवर्ष केंदीय सरकार का पास भेजता था ।


Q. 160870 सम्राट द्वारा प्रयोग किये जाने वाले हाथी


A. हलकह कहलाते थे

B. खास कहलाते थे।

C. तैनतिया कहलाते थे।

D. हाजिरे रिकाब कहलाते थे।

Right Answer is: D

SOLUTION

अकबर ने हस्ति सेना के संगठन की ओर विशेष ध्यान दिया था क्योकि उसे हाथियों का विशेष शौक था सम्राट द्वारा प्रयोग किये जाने वाले हाथी खास कहलाते थे अन्य हाथियों की श्रेणियों को हलकह कहा जाता था।


Q. 160871 ज़ब्ती प्रथा का प्रचलन ।


A. फैज्दारों के लिए था।

B. जागीरदारों के लिए था

C. मनसबदारों के लिए था

D. काजी के लिए था।

Right Answer is: C

SOLUTION

ज़ब्ती प्रथा मुग़ल सम्राटों ने मनसबदारों के लिए अपनाई थी मृतक मनसबदारों की सम्पत्ति पर उसके पुत्रों अथवा संबंधियों के स्थान पर राज्य का अधिकार माना जाता था ।


Q. 160872 कृषकों से नगद धन वसूल करके शाही कोष में एकत्रित


A. कोतवाल करता था

B. वाकायानवीस करता था

C. पोतदार करता था

D. फौजदार करता था।

Right Answer is: A

SOLUTION

पोतदार का कार्य  कृषकों से नगद धन वसूल करके शाही कोष में एकत्रित करना होता था कृषकों के धन देने पर उसे रसीद देनी पड़ती थी तथा उसका पूरा हिसाब रखना पड़ता था दीवान के हस्ताक्षर के बिना वह रूपये का भुगतान नहीं कर सकता था।


Q. 160873 वजीरे-आला


A. वकील-उल-सल्तनत होता था।

B. अफसर--खजाना होता था।

C. मेरे--समाँ होता था।

D. मेरे--बहर होता था।

Right Answer is: D

SOLUTION

अकबर ने प्रधानमंत्री को वकील-उल-सल्तनत  नाम दिया था प्रधानमंत्री को वकील मुतलक अथवा वजीरे-आला भी कहते है प्रधानमंत्री प्रमुख रूप से राजस्व विभाग की देखभाल करता था।


Q. 160874 "रैय्यत" या "मुज़रियान" ..... को निरूपित करने के लिएइस्तेमाल किया जाता था।


A. किसान

B. ज़मींदार

C. पटवारी

D. गाँव का मुख्या

Right Answer is: A

SOLUTION

मुग़ल काल के भारतीय-फ़ारसी स्रोतों में किसानों को निरूपित करने के लिए अक्सर रैय्यत या मुज़रियान का इस्तेमाल किया गया है।


Q. 160875 पाहि-काश्त .... थे।


A. निवासी किसान

B. अनिवासी किसान

C. भूमिहीन मजदूर

D. राजस्व अधिकारी

Right Answer is: B

SOLUTION

पाहि-काश्त दूसरे गाँवों के रहने वाले होते थे और अनुबंध के तहत खेतों में काम करने आते थे।


Q. 160876 कारक जो सोलहवीं और सत्रहवीं शताब्दी में कृषि विस्तार के लिए जिम्मेदार था, ......था ।


A. श्रमिकों की उपलब्धि

B. पहाड़ी भूमि की उपलब्धता

C. किसानों की गतिहीनता

D. अकाल का न पड़ना

Right Answer is: A

SOLUTION

श्रम की उपलब्धता कृषि के विस्तार के लिए प्राथमिक कारकों में से एक था।


Q. 160877 मुगल काल के दौरान कृषि का प्राथमिक उद्देश्य .....था।


A. लोगों को खिलाना

B. अधिकतम लाभ कमाना

C. दूर देशों में खाद्यान का निर्यात करना

D. नकदी फसलों को महत्व देना

Right Answer is: A

SOLUTION

कृषि का मूल उद्देश्य लोगों की बुनियादी जरूरतों को पूरा करना था। प्रधान अनाज जैसे चावल, गेंहू या मोठे अनाज की खेती की जाती थी।


Q. 160878 मुगलों के तहत, अधिकांश क्षेत्रों में न्यूनतम .....का उत्पादन किया जाता था।


A. एक फसल

B. दो फसलें

C. तीन फसलें

D. चार फसलें

Right Answer is: B

SOLUTION

कृषि का आयोजन दो प्रमुख मौसमी चक्रों, खरीफ (शरद) और रबी (वसंत) के आसपास किया जाता था।


Q. 160879 जहांगीर ने .....पर प्रतिबन्ध लगा दिया था।


A. बाल विवाह

B. तम्बाकू

C. शराब

D. अफीम

Right Answer is: B

SOLUTION

जहांगीर ने तंबाकू की लत के कारण उस पर प्रतिबन्ध लगा दिया था। लेकिन सत्रहवीं सदी के अंत तक, तम्बाकू की खपत के कारण यह प्रतिबन्ध अप्रभावी हो गया था।


Q. 160880 मुग़ल काल का अधिकारी जो गाँव के मुख्या के रूप में कार्य करता था, ..... था।


A. आमिल गुज़ार

B. मुक़द्दम

C. आसामी

D. मुज़रियान

Right Answer is: B

SOLUTION

उसके कार्य में उसे गाँव का मुनीम या पटवारी सहायता प्रदान करता था।


Q. 160881 अवध (वर्तमान उत्तर प्रदेश का हिस्सा) उत्तर के पहाड़ों से सामान को मैदानों तक कैसे लाया जाता था और इसके बदले में वे वापस क्या ले जाते थे?
Right Answer is:

SOLUTION

उत्तर के पहाड़ों से सामान की मात्रा को मैदानों तक आदमी, हृष्ट-पुष्ट टट्टू, और बकरी की पीठ पर ले जाया जाता था, इसके बदले में वे वापस सफेद और रंगीन कपडे, तृणमणि, नमक, हींग, गहने, कांच और मिट्टी के बर्तन ले जाते थे


Q. 160882 शब्द, जंगली का क्या अर्थ होता है?
Right Answer is:

SOLUTION

सोलहवीं और सत्रहवीं शताब्दी की अवधि के दौरान, जो लोग जंगलों में रह रहे थे, उनको जंगली कहकर बुलाया जाता था यह शब्द उन लोगों का वर्णन करता है, जिनकी आजीविका वन उपज के संग्रहण, शिकार और स्थान्तरित कृषि पर निर्भर करती थी, वे जंगल की जनजातियाँ होती थीं


Q. 160883 जजमानी व्यवस्था क्या थी ?
Right Answer is:

SOLUTION

अठारहवीं सदी के स्त्रोत बताते हैं कि बंगाल में जमींदार उनकी सेवाओं के बदले लोहारों, बढ़ई और सुनारों तक को रोज़ का भत्ता और खाने के लिए नकदी देते थे। इस व्यवस्था को जजमानी कहते थे। एक विस्तृत प्रणाली थी जो आवश्यकता और विनिमय के आधार पर कार्य करती थी; मुख्य रूप से भू-खंड या अनाज को मुआवजे के रूप में निर्धारित किया जाता था ।


Q. 160884 सत्रहवीं सदी के स्रोत, भारत में कितने प्रकार के किसानों का उल्लेख करते हैं ?
Right Answer is:

SOLUTION

सत्रहवीं सदी के स्रोत, भारत में मुख्य रूप से तीन प्रकार के किसानों 1. खुदकाश्त 2. पाहिकाश्त एवं 3. मुजारियन का उल्लेख करते हैं ।


Q. 160885 जिन्स-ए-कामिल फसल के बारे में बताइए।
Right Answer is:

SOLUTION

मुगल काल में कपास, गन्ना जैसी नकदी फसलों को जिन्स-ए-कामिल अथवा जिन्स-ए-आला के रूप में जाना जाता था।


Q. 160886 शब्द, जंगली का क्या अर्थ होता है?
Right Answer is:

SOLUTION

सोलहवीं और सत्रहवीं शताब्दी की अवधि के दौरान, जो लोग जंगलों में रह रहे थे, उनको जंगली कहकर बुलाया जाता था यह शब्द उन लोगों का वर्णन करता है, जिनकी आजीविका वन उपज के संग्रहण, शिकार और स्थान्तरित कृषि पर निर्भर करती थी, वे जंगल की जनजातियाँ होती थीं


Q. 160887 हमें ग्रामीण समाज की गतिविधियों के बारे में जानकारी कैसे प्राप्त होती है ?
Right Answer is:

SOLUTION

चूंकि किसान अपने बारे में खुद नहीं लिखा करते थे इसलिए ग्रामीण समाज के क्रियाकलापों की जानकारी हमें उन लोगों से नहीं मिलती जो खेतों में काम करते थे। नतीजतन, सोलहवीं और सत्राहवीं सदियों के कृषि इतिहास को समझने के लिए हमारे मुख्य स्त्रोत वे ऐतिहासिक ग्रंथ व दस्तावेज हैं जो मुगल दरबार की निगरानी में लिखे गए थे। इसके अलावा प्रसिद्ध लेखकों और यात्रियों के विवरण भी इस संदर्भ में महत्वपूर्ण स्रोत हैं।


Q. 160888 जजमानी व्यवस्था क्या थी ?
Right Answer is:

SOLUTION

अठारहवीं सदी के स्त्रोत बताते हैं कि बंगाल में जमींदार उनकी सेवाओं के बदले लोहारों, बढ़ई और सुनारों तक को रोज़ का भत्ता और खाने के लिए नकदी देते थे। इस व्यवस्था को जजमानी कहते थे। एक विस्तृत प्रणाली थी जो आवश्यकता और विनिमय के आधार पर कार्य करती थी; मुख्य रूप से भू-खंड या अनाज को मुआवजे के रूप में निर्धारित किया जाता था ।


Q. 160889 सत्रहवीं सदी के स्रोत, भारत में कितने प्रकार के किसानों का उल्लेख करते हैं ?
Right Answer is:

SOLUTION

सत्रहवीं सदी के स्रोत, भारत में मुख्य रूप से तीन प्रकार के किसानों 1. खुदकाश्त 2. पाहिकाश्त एवं 3. मुजारियन का उल्लेख करते हैं ।


Q. 160890 जिन्स-ए-कामिल फसल के बारे में बताइए।
Right Answer is:

SOLUTION

मुगल काल में कपास, गन्ना जैसी नकदी फसलों को जिन्स-ए-कामिल अथवा जिन्स-ए-आला के रूप में जाना जाता था।


Q. 160891 अवध (वर्तमान उत्तर प्रदेश का हिस्सा) उन वन्य उत्त्पादों का उल्लेख कीजिये जिनकी अत्यधिक मांग थी?
Right Answer is:

SOLUTION

शहद, मधुमोम और गोंद लाख के रूप में वन उत्पादों की भारी मांग थी, सत्रहवीं सदी में कुछ जैसे कि गोंद लाख भारत से विदेशों में निर्यात की प्रमुख मद बन गए थे, हाथीयों को भी पकड़ा और बेचा जाता था, व्यापार में वस्तु-विनिमय के माध्यम से वस्तुओं की अदला-बदली भी शामिल थी


Q. 160892 हमें ग्रामीण समाज की गतिविधियों के बारे में जानकारी कैसे प्राप्त होती है ?
Right Answer is:

SOLUTION

चूंकि किसान अपने बारे में खुद नहीं लिखा करते थे इसलिए ग्रामीण समाज के क्रियाकलापों की जानकारी हमें उन लोगों से नहीं मिलती जो खेतों में काम करते थे। नतीजतन, सोलहवीं और सत्राहवीं सदियों के कृषि इतिहास को समझने के लिए हमारे मुख्य स्त्रोत वे ऐतिहासिक ग्रंथ व दस्तावेज हैं जो मुगल दरबार की निगरानी में लिखे गए थे। इसके अलावा प्रसिद्ध लेखकों और यात्रियों के विवरण भी इस संदर्भ में महत्वपूर्ण स्रोत हैं।


Q. 160893 सोलहवीं और सत्रहवीं शताब्दी में दस्तकार समाज को किस प्रकार की सेवाएँ उपलब्द्ध कराते थे?
Right Answer is:

SOLUTION

इतिहासकारों के अनुसार विभिन्न उत्पादकों के मध्य व्यापक तौर पर विनिमय होता था।  किसान और दस्तकार -रँगरेजी, कपड़े पर छपाई, मिट्टी के बरतनों को पकाना, खेती के औजारों को बनाना या उनकी मरम्मत करना आदि कार्य करते थे। कुम्हार, लोहार, बढ़ई, नाई, यहाँ तक कि सुनार जैसे ग्रामीण दस्तकार भी अपनी सेवाएँ गाँव के लोगों को देते थे जिसके  बदले गाँव वाले उन्हें अलग-अलग तरीकों से उन सेवाओं की अदायगी करते थे। आमतौर पर तो उन्हें फसल का एक हिस्सा दे दिया जाता था।


Q. 160894
कुछ अंग्रेज अफसरों द्वारा भारतीय गाँवों को ’छोटे गणराज्य’ क्यों कहा गया?
Right Answer is:

SOLUTION

19वीं सदी में मुगल काल के अंत तक गाँव प्रायः आत्मनिर्भर थे। अपनी आवश्यकताओं की सभी चीजों का उत्पादन वह स्वयं करते थे। ग्राम स्वायत्तशासी व सामाजिक मेल-मिलाप से परिपूर्ण थे। गाँव में पंचायतें होती थीं जिसमें ग्राम में रहने वाले सभी संप्रदायों व जातियों का प्रतिनिधित्व रहता था। ग्राम पंचायतें ग्राम समुदायों के मध्य शांति व्यवस्था बनाए रखने का कार्य करती थीं। इसके अलावा गाँव की अलग-अलग जाति पंचायतें भी होती थीं जिनका कार्य जातिगत मानदण्ड़ों के अनुरूप शादी-विवाह के लिए नियमों का निर्धारण करना है। ग्रामों की इन व्यवस्थाओं को देखकर कुछ अंग्रेज अफसरों ने भारतीय को “छोटे गणराज्य“ कहा ।


Q. 160895 जोतदारों की स्थिति क्या थी ? वे जमीदारों से किस प्रकार प्रभावशाली थे ?
Right Answer is:

SOLUTION

19वीं सदी के पूर्वार्द्ध में, जोतदार गाँव में धनी किसानों का वर्ग होता था उनका ग्रामीण किसानों, साहूकारी स्थानीय व्यापार पर सीधा नियंत्रण था, जबकि जमींदार शहरी क्षेत्र में रहते थे। जोतदार जमींदारों के कार्य में बाधा उत्पन्न करते थे।


Q. 160896 सोलहवीं और सत्रहवीं शताब्दी में दस्तकार समाज को किस प्रकार की सेवाएँ उपलब्द्ध कराते थे?
Right Answer is:

SOLUTION

इतिहासकारों के अनुसार विभिन्न उत्पादकों के मध्य व्यापक तौर पर विनिमय होता था।  किसान और दस्तकार -रँगरेजी, कपड़े पर छपाई, मिट्टी के बरतनों को पकाना, खेती के औजारों को बनाना या उनकी मरम्मत करना आदि कार्य करते थे। कुम्हार, लोहार, बढ़ई, नाई, यहाँ तक कि सुनार जैसे ग्रामीण दस्तकार भी अपनी सेवाएँ गाँव के लोगों को देते थे जिसके  बदले गाँव वाले उन्हें अलग-अलग तरीकों से उन सेवाओं की अदायगी करते थे। आमतौर पर तो उन्हें फसल का एक हिस्सा दे दिया जाता था।


Q. 160897
कुछ अंग्रेज अफसरों द्वारा भारतीय गाँवों को ’छोटे गणराज्य’ क्यों कहा गया?
Right Answer is:

SOLUTION

19वीं सदी में मुगल काल के अंत तक गाँव प्रायः आत्मनिर्भर थे। अपनी आवश्यकताओं की सभी चीजों का उत्पादन वह स्वयं करते थे। ग्राम स्वायत्तशासी व सामाजिक मेल-मिलाप से परिपूर्ण थे। गाँव में पंचायतें होती थीं जिसमें ग्राम में रहने वाले सभी संप्रदायों व जातियों का प्रतिनिधित्व रहता था। ग्राम पंचायतें ग्राम समुदायों के मध्य शांति व्यवस्था बनाए रखने का कार्य करती थीं। इसके अलावा गाँव की अलग-अलग जाति पंचायतें भी होती थीं जिनका कार्य जातिगत मानदण्ड़ों के अनुरूप शादी-विवाह के लिए नियमों का निर्धारण करना है। ग्रामों की इन व्यवस्थाओं को देखकर कुछ अंग्रेज अफसरों ने भारतीय को “छोटे गणराज्य“ कहा ।


Q. 160898
कृषि इतिहास लिखने में ‘आइन’ को स्त्रोत रूप में इस्तेमाल करने में क्या समस्याएँ हैं? इतिहासकार इन समस्याओं से कैसे निपटते हैं?
Right Answer is:

SOLUTION

1. आंकड़ों के जोड़ में गलतियाँ-आँकड़ो के जोड़ में कई गलतियाँ पाई गई हैं।2. शासक वर्ग का दृष्टिकोण-‘आइन’ से किसानों के बारें में प्राप्त जानकारी शासक वर्ग का दृष्टिकोण मात्र है ना कि किसानों का। 3. संख्यात्मक आँकड़ो में विषमताएँ- सभी प्रान्तों से आँकड़े एक ही मानक के अनुरूप एकत्र नहीं किये गए। कुछ प्रांतो की विस्तृत सूचनाएँ संकलित की गई हैं, जबकि बंगाल व उड़ीसा के लिए सूचनाएँ उपलब्ध नहीं हैं।4. मूल्यों और मजदूरों की दरों की अपर्याप्त सूची-‘आइन’ में मौजूद मूल्यों व मजदूरी की दरें मात्र राजधानी क्षेत्र व उसके आस-पास के क्षेत्रों से ली गई हैं ना कि संपूर्ण देश से। इन समस्याओं को सुलझाने के लिए इतिहासकार संबंधित सदियों के उपलब्ध सरकारी दस्तावेजों का प्रयोग कर सकते हैं। इसके अलावा ईस्ट इंडिया कंपनी के सरकारी दस्तावेजों की मद्द ली जा सकती है।


Q. 160899
कृषि उत्पादन में महिलाओं की भूमिका का विवरण दीजिये।
Right Answer is:

SOLUTION

1. सोलहवीं तथा सत्रहवीं शताब्दी में महिलाएँ और पुरूष कन्धे से कन्धा मिलाकर खेतों में काम करते थे। महिलाएँ बुआई, निराई व कटाई के साथ-साथ पकी हुई फसल का दाना निकालने का काम करती थीं। 2. पश्चिम भारत में महिलाओं की जैव वैज्ञानिक प्रक्रियाओं के प्रति अनेक पूर्वाग्रह थे उदाहरणस्वरूप पश्चिम भारत में रजस्वला स्त्रियों को हल या कुम्हार का चाकू छूने की इजाजत नहीं थी। 3. कृषि आधारित अन्य कार्यो में भी महिलाओं का योगदान महत्वपूर्ण था जैसे सूत कातना, बर्तन बनाने के लिए मिट्टी साफ करना और कपड़ों पर कढ़ाई जैसे दस्तकारी आदि। 4. किसी वस्तु का जितनी वाणिज्यीकरण होता था, उस वस्तु के उत्पादन के लिए महिलाओं के श्रम की उतनी अधिक माँग होती थी। जरूरत होने पर किसान व दस्तकार महिलाएँ खेतों में भी जाती थीं व नियोक्ताओं के घरों व बाजार में जाकर भी काम करती थीं।


Q. 160900 किसानों एवं उनकी भूमी पर एक टिप्पणी लिखिए।
Right Answer is:

SOLUTION

उस अवधि के भारत-फारसी स्रोतों द्वारा किसानों के लिए इस्तेमाल किया गया शब्द रैयत (बहुवचन,रियाया) अथवा मुज़ारियन था, हम किसान अथवा असामी शब्द भी प्राप्त करते हैं, 17 वी शताब्दी के स्त्रोत दो प्रकार के किसानों का वर्णन करते हैं- खुदकाश्त एवं पाहीकाश्त, खुदकाश्त, गाँव का निवासी होता था, जिसमें उनकी भूमी होती थी,पाहीकाश्त अनिवासी कृषक होते थे, जो किसी अन्य गाँव से संबंद्ध रखते थे, एवं अनुबंध के आधार पर भूमि जोतते थेअकाल के संकट का सामना करने के कारण, लोग अपनी स्वेच्छा से पाहीकाश्त बन गएकिसानों के पास बैल की एक जोड़ी और दो ​​हल से अधिक नहीं होता थागुजरात में छह एकड़ जमीन रखने वाले किसानों को धनवान समझा जाता था, और बंगाल में, एक औसत किसान के पास अधिकतम 5 एकड़ जमीन होती थी, और 10 एकड़ जमीन एक किसान को समृद्ध असामी बनाती थीखेती व्यक्तिगत स्वामित्व के सिद्धांत पर आधारित थी और किसान की भूमि को उसी तरह से खरीदा और बेचा जाता था जैसे कि अन्य संपत्ति के मालिक की भूमि को


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