CBSE - MCQ Question Banks (के. मा. शि. बो . -प्रश्नमाला )

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Q. 163801 एक्सवार्इजैड़ लि INR100 वाले 10,000, 12% ऋणपत्र जारी करती है जिन पर INR 30 आवेदन पर तथा शेष आवंटन पर देय है। जनता ने 9,000 ऋणपत्रों के लिए आवेदन किया जिनका पूर्ण अभिदान किया गया तथा इससे सम्बंधित सम्पूर्ण राशि विधिवत प्राप्त हो गर्इ। एक्सवाईजैड लि0 की पुस्तकों में जर्नल प्रविष्टियाँ दीजिए तथा चिट्ठे के भाग को दीखाइये।
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

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Q. 163802 रमेश लि. ने 4,50,000 रु के क्रय प्रतिफल के लिए राम लि. की 5,00,000 रु की सम्पत्तियाँ तथा 50,000 रु के दायित्व लिये। रमेश लि. ने क्रय प्रतिफल के लिए राम लि. को 25% प्रीमियम पर 100 रु वाले 10% ऋणपत्रों का निर्गमन किया। रमेश लि. की पुस्तकों में आवश्यक जर्नल प्रविष्टियां दीजिए।
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

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Q. 163803 राघव ऑटो लि. के पास 1,00,000 रु के 12% ऋणपत्र हैं जिन पर 30 सितम्बर तथा 31 मार्च को ब्याज देय होता है। 31 मार्च 2010 को समाप्त होने वाले वर्ष के लिए ऋणपत्रों पर ब्याज से सम्बंधित आवश्यक जर्नल प्रविष्टियाँ दीजिए। यह माना जाता है कि ऋणपत्रधारियों तथा सरकार को समय पर भुगतान कर दिया जाता है। टीडीएस 10% है।
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

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Q. 163804 डीएलएफ लि. ने 3,20,000 रु के क्रय प्रतिफल के लिए के लिए अंसल लि. की 4,00,000 रु की सम्पत्तियाँ तथा 1,00,000 रु के दायित्वों का क्रय किया। अंसल लि. को 100 रु वाले 12% ऋणपत्रों का सममूल्य पर निर्गमन कर भुगतान किया जायेगा। डीएलएफ लि. की पुस्तकों में आवश्यक जर्नल प्रविष्टियां दीजिए।
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

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Q. 163805 निम्नलिखित स्थिति में ऋणपत्रों के निर्गमन के लिए जर्नल प्रविष्टियां दीजिए “जब सममूल्य पर शोधनीय ऋणपत्रों को सममूल्य पर जारी किया जाता है।” मेटलोनिक इंडस्ट्री लि. ने सममूल्य पर शोधनीय 100 रु वाले 4,000, 12% ऋणपत्रों का सममूल्य पर निर्गमन किया। इस स्थिति में चिट्ठा भी तैयार कीजिए।
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

Description: http://schoollms.extramarks.com/stryde/uploadfiles/Image/2014/04/08/201404080109500013969353891.jpgDescription: http://schoollms.extramarks.com/stryde/uploadfiles/Image/2014/04/08/201404080109500013969353892.jpg


Q. 163806 वर्ष के दौरान देय होने वाले ऋणपत्रों की राशि का 15 % विनियोजन करना क्या दर्शाता है, समझाइए?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

कम्पनी अंश पूँजी एवं ऋणपत्र की नियमावली-2014 का नियम 18 (7) (C)  के अनुसार, प्रत्येक कम्पनी जिसके लिए DRR  बनाना अनिवार्य है वह अगले वर्ष 31 मार्च को समाप्त होने वाले वर्ष के दौरान देय होने वाले (शोधनीय) ऋणपत्रों की राशि का कम से कम 15 %  प्रत्येक वर्ष 30 अप्रैल तक बैंक में जमा करेगी अथवा विनियोजित करेगी।

इस प्रकार जमा की गई अथवा विनियोजित राशि का उपयोग केवल वर्ष के दौरान शोधन होने वाले ऋणपत्रों के भुगतान करने के लिए ही किया जाएगा।


Q. 163807 ऋणपत्र निर्गमन का प्रयोजन एवं विशेषताएँ बताइए।
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

ऋणपत्र की निम्नलिखित विशेषाताएँ हैं –

 

1.   ऋणपत्र एक सर्टीफिकेट के रुप में निर्गमित किया जाता है जो कि कम्पनी द्वारा लिए गए ऋण का एक लिखित प्रमाण है।

2.   ऋणपत्र पर कम्पनी की सार्वमुद्रा अंकित होती है।

3.   यह मूल राशि की एक निश्चित तिथि पर वापसी का अनुबन्ध होता है।

4.   कम्पनी अधिनियम 2013 के अनुसार किसी भी कम्पनी को निर्गमन की तिथि से 10 बर्ष से अधिक देय तिथि वाले ऋणपत्र निर्गमन करने की अनुमति नहीं है। परन्तु एक ऐसी कम्पनी जो इन्फ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट में लगी हुई है वह 10 वर्ष से अधिक परन्तु 30 वर्ष से अधिक नहीं के ऋणपत्र निर्गमन कर सकती है।

5.   प्रायः ऋणपत्रों का निर्गमन एक निश्चित व्याज दर पर किया जाता है जिसे कूपन दर कहा जाता है। ऋणपत्र पर किसी निश्चित दर से ब्याज दिया जाता है चाहे कम्पनी लाभ अर्जित कर रही हो या नहीं।

6.   ऋणपत्र प्रायः कम्पनी की सम्पत्तियों पर सुरक्षित होते हैं। यदि कम्पनी निर्गमन की शर्तों के अनुसार इनका भुगतान नहीं कर पाती है तो ये न्यायलय में दावा करके कम्पनी की सम्पत्तियाँ बिकवा कर अपना ऋण वसूल कर सकते हैं।

7. ऋणपत्रों के द्वारा कम्पनी द्वारा लिया गया ऋण दीर्घकालीन प्रकृति का होता है और ऋणपत्रों के धन की वापसी (शोधन) प्रायः एक लम्बे समय जैसे 7 वर्ष अथवा 12 वर्ष पश्चात की जाती है। अतः ऋणपत्रों द्वारा लिए गए ऋण को ऋण पूँजी भी कहा जाता है।


Q. 163808 अंश तथा ऋणपत्रों के क्या विशेष अंतर है।
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

अंश तथा ऋणपत्र में अंतर

अंतर का आधार

अंश

ऋणपत्र

1. पूँजी अथवा ऋण

एक अंश कम्पनी की पूँजी का हिस्सा होता है। अतः अंशधारी कम्पनी से स्वामी होते हैं।

एक ऋणपत्र ऋण का हिस्सा होता है। अतः ऋणपत्रधारी कम्पनी के लेनदार होते हैं।

2. लाभांश अथवा ब्याज

इन्हें लाभों में से लाभांश दिया जाता है।

इन पर ब्याज दिया जाता है।

3. लाभांश अथवा ब्याज का परिवर्तनशील अथवा निश्चित होना

लाभांश का भुगतान लाभ होने पर ही किया जाता है। लाभांश की दर भी प्रतिवर्ष बदलती रहती है और यह लाभों पर तथा संचालको के निर्णय पर निर्भर रहती है।

इन पर ब्याज की दर निश्चित होती है और ब्याज का भुगतान करना अनिवार्य होता है चाहे कम्पनी को लाभ हो या न हो।

4. ऐच्छिक अथवा आवश्यक रुप से रुपये वापिस करना

यह कम्पनी की इच्छा पर निर्भर करता है कि यदि वह चाहे ता अपने ही अंशों को वापस क्रय करके अंशों का रुपया वापस कर सकती है।

निर्गमन की शर्तों के अनुसार इनका रुपया अवश्य ही वापस करना पड़ता है।

5. समापन पर मूलधन की वापसी अन्त में अथवा पहले

कम्पनी के समापन पर अंशों की राशि सबसे अन्त में लौटाई जाती है।

कम्पनी के समापन पर ऋणपत्रों की राशि अंश पूँजी से पहले लौटाई जाती है।

 


Q. 163809 परिवर्तनीयता के दृष्टिकोण से ऋणपत्रों के प्रकार क्या हैं
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

परिवर्तनीयता के दृष्टिकोण से ऋणपत्र दो प्रकार के होते हैः

(क) परिवर्तनीय ऋणपत्रः- परिवर्तनीय ऋणपत्र वह ऋणपत्र हैं जो एक निश्चित समय के पश्चात् ऋणपत्रधारियों अथवा कम्पनी की इच्छा पर एक निश्चित दर पर समता अंशों अथवा अन्य प्रतिभूतियों में परिवर्तनीय हैं।

(ख) गैर.परिवर्तनीय ऋणपत्रः- अपरिवर्तनीय ऋणपत्र वह ऋणपत्र हैं जिन्हें ऋणपत्रधारियों अथवा कम्पनी की इच्छा पर समता अंशों अथवा अन्य प्रतिभूतियों में परिवर्तित नहीं किया जा सकता है। कम्पनियों द्वारा निर्गमित अधिकांश ऋणपत्र इस श्रेणी में आते हैं।


Q. 163810 निम्नलिखित स्थितियों में ऋणपत्रों के निर्गमन के लिए जर्नल प्रविष्टियाँ दीजिए। जब सममूल्य पर शोधनीय ऋणपत्रों का निर्गमन बट्टे पर किया जाये। मेटलोनिक इंडस्ट्रीज लि0 ने 100 रु वाले 4,000 सममूल्य पर शोधनीय, 12% ऋणपत्रों को 2% बट्टे पर निर्गमित किया। इस स्थिति में चिटठा भी तैयार कीजिए।
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

Description: http://schoollms.extramarks.com/stryde/uploadfiles/Image/2014/03/06/201403065863450013941060121.jpgDescription: http://schoollms.extramarks.com/stryde/uploadfiles/Image/2014/03/06/201403065863450013941060122.jpg


Q. 163811 अल्का लि. ने 10 रु प्रति ऋणपत्र प्रीमियम पर 100 रु वाले 5,000, 10% ऋणपत्र निर्गमित किये जो इस प्रकार देय थेः आवेदन पर 25 रु आबंटन पर 45 रु प्रथम एवं अंतिम मांग पर 40 रु सभी ऋणपत्रों के लिए अभिदान प्राप्त हुआ तथा सम्पूर्ण राशि विधिवत प्राप्त हुई। कम्पनी की पुस्तकों में आवश्यक जर्नल प्रविष्टियां दीजिए। प्रदर्शित कीजिए कि इस राशि को चिट्ठे में कैसे दर्शाया जायेगा।
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

Description: http://schoollms.extramarks.com/stryde/uploadfiles/Image/2014/03/06/201403061451270013941086222.jpgDescription: http://schoollms.extramarks.com/stryde/uploadfiles/Image/2014/03/06/201403061451270013941086223.jpgDescription: http://schoollms.extramarks.com/stryde/uploadfiles/Image/2014/03/06/201403061451270013941086224.jpg


Q. 163812 एबीसी लि0 ने 5% बट्टे पर 100 रु वाले 10,000, 12% ऋणपत्र निर्गमित किये जो इस प्रकार देय थेः आवेदन पर 40 रु आबंटन हप 55 रु यह मानते हुए कि सम्पूर्ण किस्ते प्राप्त हो गई जर्नल प्रविष्टियां दीजिए। चिट्ठे के संबंधित भाग को भी प्रदर्शित कीजिए।
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

Description: http://schoollms.extramarks.com/stryde/uploadfiles/Image/2014/03/06/201403060363760013941088512.jpgDescription: http://schoollms.extramarks.com/stryde/uploadfiles/Image/2014/03/06/201403060363760013941088513.jpgDescription: http://schoollms.extramarks.com/stryde/uploadfiles/Image/2014/03/06/201403060363760013941088514.jpg


Q. 163813 ऋणपत्रों के शोधन के लिए कंपनी अधिनियम, 2013 के द्वारा उपलब्ध कराये गये दिशानिर्देश क्या हैं
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

ऋणपत्र शोधन संचय (डीआरआर) आधिक्य में से अलग से रखी गयी राशि होती है अर्थात ऋणपत्रों के शोधन के लिए लाभ एवं हानि विवरण में शेष। कंपनी अधिनियम की धारा 71 (4) 2013 के अनुसार लाभांश के भुगतान करने के लिए उपलब्ध लाभों में से ऋणपत्र शोधन संचय बनाया जाता है और कंपनी द्वारा इस राशि का उपयोग ऋणपत्रों के शोधन के अलावा नहीं किया जायेगा।

कम्पनियों (अंश पूँजी और ऋणपत्र) के नियमए 2014 के नियम 18(7) के अनुसारए कंपनियों को अब ऋणपत्रों के मूल्य की 25% राशि ऋणपत्र शोधन संचय खाते में क्रेडिट करनी आवश्यक होगी।

नियम 18 (7) के अनुसार अतिरिक्त प्रत्येक कम्पनियों को प्रत्येक वर्ष 30 अप्रेल या पहले डीआरआर बनानाए निर्दिष्ट प्रतिभूतियों में निवेश या जमा करनाए 31 मार्च को समाप्त हुए वर्ष के दौरान भुगतान के लिए परिपक्व होने वाले ऋणपत्रत्रों की राशि के कम से कम 15 % के बराबर होना आवश्यक होता है।


Q. 163814 एक कम्पनी के चिट्ठे में अनुसूची-3 के अनुसार समता तथा दायित्व पक्ष का प्रथम शीर्षक बताईए।
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

अंशधारियों का कोष।


Q. 163815 कम्पनी के चिट्ठे के दो पक्षों के नाम दीजिए।
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

(1) समता तथा दायित्व (2) सम्पत्तियाँ


Q. 163816 अनुसूची-3 में वित्तीय विवरणों के कैसा प्रारुप दिया गया है ?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

अनुसूची-3 में शीर्ष लम्बवत प्रारुप दिया गया है।


Q. 163817 चिट्ठे की कोई एक सीमा बताइए।
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

चिट्ठे में गुणात्मक तत्वों जैसे प्रबन्धकों की योग्यता को नहीं दर्शाया जा सकता है।


Q. 163818 कम्पनी अधिनियम, 2013 की अनुसूची-3 के अनुसार चालू दायित्व शीर्षक के अन्तर्गत दिखाए जाने वाले उप-शीर्षक बताइए।
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

(1) अल्पकालीन ऋण

(2) व्यापार देय

(3) अन्य चालू दायित्व

(4) अल्पकालीन प्रावधान


Q. 163819 कम्पनी के चिट्ठे में अंशधारियों के कोष को जिन पर उप-शीर्षक में वर्गीकृत किया जाएगा उनके नाम बताइए।
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

अंशधारियों के कोष को निम्न शीर्षकों में बांटा जाएगाः

(1) अंश पूँजी

(2) संचय एवं आधिक्य

(3) शेयर वारंट के बदले प्राप्त धन


Q. 163820 कम्पनी के चिट्ठे में संचय तथा अधिशेष में दिखाई जाने वाली तीन मदें बताइए।
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

(1) पूँजी संचय

(2) पूँजी शोधन संचय

(3) ऋणपत्र शोधन संचय

(4) प्रतिभूति प्रीमियम संचय


Q. 163821 उन प्रमुख शीर्षकों के नाम लिखिए जिनके अन्तर्गत एक कम्पनी के स्थिति विवरण के समता एवं दायित्व पक्ष की मदें वर्गीकृत और प्रस्तुत की जाती है।
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

समता और दायित्व पक्ष के प्रमुख शीर्षकः

(1) अंशधारी कोष

(2) अंश आवेदन राशि, जब तक आबंटन न हो

(3) गैर-चालू दायित्व

(4) चालू दायित्व


Q. 163822 एक कम्पनी के चिट्ठे में दिखाए जा सकने वाले आकस्मिक दायित्वों की कोई दो मदों की सूची बनाइए।
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

(1) कम्पनी के विरुद्ध ऐसे दावे जिन्हें कम्पनी ने देना स्वीकार नहीं किया है।

(2) कम्पनी द्वारा दी गई गारंटी।


Q. 163823 व्यापारिक देयता क्या है ?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

सामान्य व्यावसायिक क्रियाओं के अन्तर्गत माल के क्रय अथवा सेवाएँ प्राप्त करने के सम्बन्ध में देय राशि व्यापारिक देयता है। इनमें विविध लेनदार तथा देय विपत्रों को सम्मिलित किया जाता है।


Q. 163824 व्यापारिक प्राप्य क्या है ?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

व्यापारिक प्राप्य व्यवसाय की सामान्य व्यावसायिक क्रियओं में माल के विक्रय अथवा सेवाएँ प्रदान करने के सम्बन्ध में प्राप्य राशि से सम्बन्धित है। इनमें विविध देनदार तथा प्राप्य विपत्रों को सम्मिलित किया जाता है।


Q. 163825 संचालन चक्र से क्या आश्य है ?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

संचालन चक्र किसी सम्पत्ति को प्रक्रियण के लिए क्रय करने और इसके नकद अथवा नकद तुल्यों में परिवर्तन होने के मध्य की अवधि है।


Q. 163826 वह आवेदन राशि जो आवेदकों को न्यूनतम अभिदान न आने के कारण लौटाई जाएगी उसे कम्पनी के चिट्ठे में किस प्रकार दर्शाया जाएगा ?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

इस राशि को सकता और दायित्व पक्ष के चालू दायित्व शीर्षक के उप-शीर्षक अन्य चालू दायित्व में दिखाया जाएगा।


Q. 163827 चिट्ठा या स्थिति-विवरण क्या है ?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

चिट्ठा या स्थिति-विवरण व्यवसाय में एक निश्चित समय बिन्दू पर सम्पत्तियों, दायित्वों एवं स्वामियों के हित सम्बन्धी सूचना दर्शाता है। उदाहरणार्थ, 31 मार्च, 2016 को बनाया गया  किसी संस्था का चिट्ठा इस विशेष तिथि को संस्था की वित्तीय स्थिति प्रकट करता है।


Q. 163828 लाभ-हानि विवरण या आय विवरण क्या है ?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

लाभ-हानि विवरण अथवा आय विवरण वह विवरण है जो व्यवसाय की एक निश्चित अवधि की आय एवं व्ययों को तथा शुद्ध लाभ शुद्द हानि को प्रदर्शित करता है।


Q. 163829 कम्पनी के चिट्ठे में कम्पनी अधिनियम, 2013 की अनुसूची-3 के अनुसार चालू सम्पत्तियाँ शीर्षक के अन्तर्गत दिखाए जाने वाले उप-शीर्षक की सूची दीजिए।
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

(1) चालू निवेश

(2) स्कन्ध

(3) व्यापार

(4) नकद एवं नकद समतुल्य

(5) अल्पकालीन

(6) अन्य चालू परिसम्पत्तियाँ


Q. 163830 कम्पनी अधिनियम, 2013 की अनुसूची-3 के अनुसार कम्पनी की बैंलेंस शीट में निम्न मदें किस उप-शीर्षक में दर्शाई जाएँगी ? (1) दीर्घकालीन ऋण (2) पूँजी शोधन संचय (3) अल्पकालीन प्रावधान (4) ख्याति (5) गारण्टी का प्रावधान (6) ब्राण्ड, ट्रेड मार्क चिन्ह
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

(1) दीर्घकालीन चिन्ह

(2) संचय तथा अधिशेष

(3) अल्पकालीन प्रावधान

(4) स्थायी सम्पत्तियाँ-अमूर्त सम्पत्तियाँ

(5) दीर्घकालीन प्रावधान

(6) स्थायी सम्पत्तियाँ-अमूर्त सम्पत्तियाँ


Q. 163831 कम्पनी अधिनियम, 2013 की सारणी-3 के अनुसार कम्पनी के स्थिति-विवरण में निम्नलिखित मदें किस मुख्य शीर्षक के अन्तर्गत दर्शाई जाएँगी (1) दीर्घकालीन ऋण (2) व्यापार देयताएँ (3) कर के लिए आयोजन (4) प्रतिभूति प्रीमियम संचय (5) पेटेंटस (6) उपार्जित आय
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

(1) गैर-चालू दायित्व

(2) चालू दायित्व

(3) चालू दायित्व

(4) अंशधारी कोष

(5) गैर-चालू सम्पत्तियाँ

(6) चालू सम्पत्तियाँ


Q. 163832 कम्पनी अधिनियम, 2013 की अनुसूची-3 के अनुसार प्रमुख शीर्षक चालू सम्पत्तियोँ तथा चालू दायित्व के अन्तर्गत दिखाई जाने वाली तीन मदें बताइए।
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

चालू सम्पत्तियाँ

चालू दायित्व

(1) चालू निवेश

(1) अल्पकालीन ऋण

(2) स्टॉक

(2) व्यापार देय

(3) व्यापार प्राप्य

(3) अन्य चालू दायित्व


Q. 163833 वित्तीय विवरणों के प्रकार क्या होते हैं
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

वित्तीय विवरणों में सामान्यतः चिट्ठे तथा लाभ एवं हानि खाते के नाम से पहचाने जाने वाले दो विवरणों को शामिल किया जाता है जो बाह्य रिपोर्टिंग के लिए तथा नियोजन, नियंत्रण, निर्णयन आदि जैसी प्रबंधन की आंतरिक आवश्यकताओं के लिए भी आवश्यक होते हैं।


Q. 163834 दायित्व कब चालू दायित्व की तरह तथा कब गैर-चालू दायित्व के रुप में दिखाया जाता है ?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

किसी दायित्व को चालू दायित्व तभी माना जाएगा जब वह निम्न में से किसी एक कसौटी को पूरा करता हैः

(1) इसके कम्पनी के सामान्य संचालन चक्र की अवधि में भुगतान की सम्भावना है।

(2) यह मुख्यतः व्यापार करने के उद्देश्य से रखा गया है।

(3) इसके विवरण तैयार करने की तिथि के 12 माह से अधिक स्थगित करने का अधिकार नहीं है।

(4) इसे चिट्ठे की तिथि से शर्तरहित 12 माह से अधिक स्थगित करने का अधिकार नहीं है।

शेष सभी दायित्वों को गैर-चालू दायित्व माना जाएगा।


Q. 163835 कोई सम्पत्ति कब चालू सम्पत्ति तथा कब गैर-चालू सम्पत्ति के रुप में दिखाई जाएगी ?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

किसी सम्पत्ति को चालू सम्पत्ति तभी माना जाएगा जब वह निम्न में से किसी एक कसौटी को पूरा करती होः

(1) इसके कम्पनी के सामान्य संचालन चक्र में वसूल होने की सम्भावना है अथवा यह विक्रय करने या उपभोग करने के लिए है।

(2) यह मुख्यतः व्यापार करने के लिए रखी गई है।

(3) इसके विवरण तैयार ( रिपोर्टिंग तिथि) होने की तिथि के 12 माह के अन्दर वसूल होने की सम्भावना है।

(4) यह रोकड़ अथवा रोकड़ तुल्य है जब तक कि यह किसी ऐसे दायित्व के विनिमय या प्रयोग के लिए प्रतिबंधित है जो रिपोर्टिंग तिथि से 12 माह बाद देय है।

शेष सभी सम्पत्तियोँ को गैर-चालू सम्पत्तियाँ माना जाएगा।


Q. 163836 लेखा प्रारूप में आय विवरण तैयार करने के लिए अपनायी जाने वाली प्रक्रिया क्या होती है ?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

लेखा प्रारुप में आय विवरण तैयार करने के लिए अपनायी जाने वाली प्रक्रिया हैः-

(1) अप्राप्त परंतु कमाली गयी आयों की अग्रिम प्राप्त आयों आदि के लिए उचित समायोजन करने के पश्चात् तलपट के क्रेडिट पक्ष में दिखायी गयी सभी आयगत प्राप्तियों को आय विवरण के क्रेडिट पक्ष में रिकॉर्ड करना।

(2) अदत्त, पूर्वदत्त व्ययों, मूल्यहास, डुबत ऋणों के लिए आयोजनों, करों आदि के लिए उचित समायोजन के पश्चात् तलपट के डेबिट पक्ष में दिखाये गये सभी आयगत व्ययों को आय विवरण के डेबिट पक्ष में रिकॉर्ड करना।

(3) आय विवरण के क्रेडिट पक्ष पर गैर, परिचालन आयों एवं प्राप्तियों को रिकॉर्ड करना।

(4) आय विवरण के डेबिट पक्ष पर गैर,परिचालन व्ययों एवं हानियों को रिकॉर्ड करना।

(5) कुल क्रेडिट मदों के योग तथा कुल डेबिट मदों के योग में अंतर को निश्चित करना।

(6) यदि क्रेडिट मदें, डेबिट मदों से अधिक होती है, तो इसे शुद्ध लाभ के नाम से जाना जाता है तथा यदि यह उल्टा हो तो अंतर को शुद्ध हानि के रूप में माना जायेगा। 

(7) भारत में, कम्पनियों के लिए वित्तीय विवरण तैयार करने के लिए लेखांकन वर्ष 01 अप्रेल से 31 मार्च होता है।


Q. 163837 वित्तीय विवरणों की सीमाऐं क्या होती हैं ?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

वित्तीय विवरणों की सीमाऐः

(1) वर्तमान स्थिति को प्रदर्शित नहीं करता हैः वित्तीय विवरणों को ऐतिहासिक लागत के आधार पर तैयार किया जाता है। वित्तीय विवरणों में दर्शाये गये सम्पत्तियों तथा दायित्वों के मूल्य वर्तमान बाजार स्थिति को नहीं दर्शाते हैं।

(2) सम्पत्तियों से स्पष्टीकृत मूल्य प्राप्त नहीं होता हैः लेखांकन कुछ संकल्पनाओं के आधार पर किया जाता है। यदि कम्पनी का समापन बलपूवर्क कराया जाता है तो कुछ सम्पत्तियों से उल्लेखित मूल्य वसूल नहीं होता है। चिट्ठे में दिखायी गयी सम्पत्तियों को केवल समाप्त नहीं होने वाले मूल्य पर दिखाया जाता है।

(3) पूर्वाग्रहः वित्तीय विवरण दर्ज तथ्यों, लेखा अवधारणाओं एवं संकल्पनाओं और लेखाकार द्वारा विभिन्न स्थितियों में लिए गए व्यक्तिगत निर्णयों के परिणाम होते हैं।

(4) सकल सूचनाः वित्तीय विवरण सकल सूचनाऐं प्रदर्शित करते हैं परंतु विवरण सहित सूचनाऐं प्रदर्शित नहीं करते हैं। इसलिए ये उपयोगकर्ता की निर्णयन में अधिक मदद नहीं करते हैं।

(5) महत्वपूर्ण सूचनाओं का अभावः चिट्ठा बाजारों की हानि तथा समझौतों की समाप्ति से संबंधित जानकारी का खुलासा नहीं करता है जिनका उद्यम पर महत्वपूर्ण प्रभाव पड़ता है।

(6) कोई गुणात्मक सूचना नहीः वित्तीय विवरण में केवल मौद्रिक सूचना को ही शामिल किया जाता है बल्कि औद्योगिक संबंध, औद्योगिक वातावरण, श्रम संबंधों आदि जैसी गुणात्मक सूचनाओं को शामिल नहीं किया जाता है।


Q. 163838 संशोधित अनुसूची 3 के अनुसार सम्पत्तियों के तहत निम्नलिखित मदों को पुनः व्यवस्थित कीजिएः (1) कार्यालय उपकरण, (2) फुटकर औजार, (3) ख्याति, (4) ट्रेडमार्क, (5) प्राप्य विपत्र (6) देनदार, (7) भूमि, (8) पट्टे की भूमि, (9) व्यापार में स्टॉक, (10) स्टोर एवं अतिरिक्त पूर्जे, (11) फर्नीचर, (12) वाहन, (13) सहायको को अग्रिम, (14) बैंक में रोकड़, (15) हस्तगत रोकड़, (16) अर्धनिर्मित उत्पादन (मशीनरी), (17) प्लांट, (18) विनियोगों पर उपार्जित ब्याज, (19) विद्युत आपूर्तिकर्ता कम्पनी में जमाऐं।
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

(1.) स्थायी सम्पत्तियाँ (मूर्त)- कार्यालय उपकरण, भूमि, पट्टे की भूमि, फर्नीचर, वाहन, प्लांट।

(2.) पूँजी अर्धनिर्मित उत्पादन - अर्धनिर्मित उत्पादन, मशीनरी।

(3.) स्थायी सम्पत्तिया - अमूर्त, ख्याति, ट्रेडमार्क।

(4.) स्कंध - फुटकर औजार, व्यापार में स्टॉक, स्टोर एवं अतिरिक्त पूर्जे।

(5.) व्यापार प्राप्यताऐ - प्राप्य विपत्रए देनदार।

(6.) रोकड़ तथा रोकड़ समतुल्य - बैंक में रोकड़, हस्तगत रोकड़।

(7.) दीर्घकालीन ऋण तथा अग्रिम - सहायकों को अग्रिम, विद्युत आपूर्तिकर्ता कम्पनी में जमाऐं।

(8.) अन्य चालू सम्पत्तियाँ - विनियोगों पर उपार्जित ब्याज।


Q. 163839 वित्तीय विवरणों के आतंरिक उपयोगकर्ता हैं:


A.

व्यापार लेनदार

B.

ऋणदाता

C.

प्रबंधन के लोग

D.

शोधकर्ता

Right Answer is: C

SOLUTION

वित्तीय विवरणों के आतंरिक उपयोगकर्ता प्रबंधन के लोग हैं. वे इसे महत्वपूर्ण निर्णय लेने के लिए इस्तेमाल करते हैं


Q. 163840 तुलना के लिए आम आधार किसके द्वारा प्रदान किया जाता है


A.

प्रवृत्ति विश्लेषण

B.

तुलनात्मक विवरण

C.

तुलना विश्लेषण

D.

समान आकार विवरण

Right Answer is: D

SOLUTION

समान आकार विवरण तुलना के लिए आम आधार प्रदान करते हैं. शुद्ध बिक्री या कुल चिट्ठा एक आम आधार के रूप में लिया जा सकता है


Q. 163841 कंपनी की लघु अवधि की वितीय स्थिति की जांच किसके द्वारा की जाती है:


A.

निवेशक

B.

स्वामी

C.

देनदार

D.

लेनदार

Right Answer is: C

SOLUTION

लेनदार कम्पनी की लघु अवधि वित्तीय स्थिति के बारे में जानने के लिए इच्छुक होते हैं. व्यापार को अपने उधार कम समय में चुकाने होते हैं


Q. 163842 किसी कम्पनी की वार्षिक रिपोर्ट को किसके लिए जारी किया जाता है


A.

निदेशकों के लिए

B.

लेखापरीक्षकों के लिए

C.

प्रबन्धन के लिए

D.

शेयर धारकों के लिए

Right Answer is: D

SOLUTION

कोई भी कम्पनी अपने शेयरधारकों के लिए अपनी वार्षिक रिपोर्ट जारी करती है. निदेशक इस रिपोर्ट को शेयरधारकों के लिए जारी करते हैं


Q. 163843 संचालनों से होने वाले राजस्व में क्या सम्मिलित हैं:


A.

प्राप्त किराया

B.

सेवाओं से राजस्व

C.

प्राप्त ब्याज और लाभांश

D.

नियत परिसंपत्तियों की बिक्री से आय

Right Answer is: B

SOLUTION

संचालनों से होने वाले राजस्व से अर्थ उस राजस्व से है जो मूl राजस्व उत्पन्न करने वाली गतिविधियों से प्राप्त होती हैं जैसे किसी उपक्रमी का व्यापार


Q. 163844 दीर्घ अवधि ऋण में सम्मिलित हैं:


A.

वर्तमान दायित्व

B.

प्राथमिक शेयर पूंजी

C.

नियत परिसंपत्तियां

D.

ऋणपत्र

Right Answer is: D

SOLUTION

ऋणपत्रदीर्घ अवधि ऋण का हिस्सा होते हैं. ऋणपत्र कंपनी के द्वारा लिए गए ऋण की एक लिखित पुष्टि होती है क्योंकि वे कम्पनी की मोहर के अंतर्गत जारी किए जाते हैं


Q. 163845 गैर संचालन आय में सम्मिलित होती है:


A.

सामानों की बिक्री से आय

B.

नियत परिसंपत्तियों की बिक्री से आय

C.

सेवाएं प्रदान करने से आय

D.

रियल एस्टेट कम्पनी के लिए किराए से आय

Right Answer is: B

SOLUTION

नियत परिसंपत्तियों की बिक्री से आय गैर संचालन आय है क्योंकि यह यह व्यापार की मुख्य गतिविधियों से संबंधित नहीं है


Q. 163846 वित्तीय विवरणों की सबसे बड़ी सीमा क्या है


A.

मूल्य स्तर परिवर्तन को प्रतिबिंबित नहीं करता है

B.

निर्णय लेने के लिए प्रयोग नहीं किया जा सकता है

C.

सीमित उपयोग है

D.

केवल रोकड़ लेनदेन ही रिकोर्ड करता है

Right Answer is: A

SOLUTION

वित्तीय विवरणों की सबसे बड़ी सीमा यह है कि मूल्य स्तर परिवर्तन को प्रतिबिंबित नहीं करता है. वित्तीय विवरणों की रिकोर्डिंग भी वास्तविक लागत के आधार पर की जाती है, जहां धन का मूल्य बदलता रहता है.


Q. 163847 समान आकार विवरण में, संचालनों से होने वाले राजस्व के आंकड़े किसके सामान होने चाहिए


A. INR 1.

B. INR 10.

C. INR 100.

D. INR 1000.

Right Answer is: C

SOLUTION

एक समान आकार विवरण वह विवरण है जिसमें संचालनों से होने वाले राजस्व के आंकड़े INR100 के बराबर माने जाते हैं. विवरण के अन्य आंकड़ों की तुलना संचालनों से होने वाली आय से की जाती है


Q. 163848 गैर संचालन व्यय में सम्मिलित होते हैं:


A.

बिक्री व्यय

B.

उपभोक्ताओं के लिए नकद छूट

C.

कार्यालय व्यय

D.

नियत परिसंपत्तियों की बिक्री पर नुकसान

Right Answer is: D

SOLUTION

नियत परिसंपत्तियों की बिक्री पर नुकसान गैर संचालन व्यय है क्योंकि यह व्यापार की मुख्य गतिविधियों से संबंधित नहीं है


Q. 163849 लेखांकन प्रक्रिया का अन्तिम उत्पाद क्या कहलाता है:


A.

तलपट

B.

वित्तीय विवरण

C.

अनुपात विश्लेषण और रोकड़ प्रवाह विवरण

D.

चिट्ठा

Right Answer is: B

SOLUTION

लेखांकन प्रक्रिया जर्नल/रोजनामचा के साथ शुरु होती है और वित्तीय विवरणों की तैयारी के साथ. अर्थात लाभ और हानि विवरण एवं चिट्ठा के साथ समाप्त होती है


Q. 163850 आय कर की गणना किस पर की जाती है?


A.

संचालनों से होने वाली आय.

B.

लाभ

C.

कुल आय (संचालनों से होने वाली आय और अन्य आय)

D.

संचालन लाभ

Right Answer is: B

SOLUTION

आय कर की गणना हमेशा ही कर से पूर्व लाभ पर की जाती है


Q. 163851 निम्न जानकारी दी गयी है: सकल लाभ = INR 8,00,000.
कर्मचारी लाभ व्यय = INR 2,00,000.
अन्य व्यय = INR 2,00,000.
कर से पूर्व लाभ होगा


A. INR 8,00,000.

B. INR 6,00,000.

C. INR  7,00,000.

D. INR  4,00,000.

Right Answer is: D

SOLUTION

कर से पूर्व लाभ (या कर से पूर्व शुद्ध लाभ) = 8,00,000 - 2,00,000 - 2,00,000= INR 4,00,000.


Q. 163852 निम्न सूचना दी गयी है
विवरण राशि (INR)
सकल लाभ 15,00,000
कर्मचारी लाभ व्यय 4,00,000
ह्रास और प्रत्युसर्जन व्यय 1,00,000
अन्य संचालन व्यय 2,00,000
संचालन से होने वाली आय है:


A. INR 15,00,000.

B. INR 13,00,000.

C. INR 12,00,000.

D. INR  8,00,000.

Right Answer is: D

SOLUTION

सभी तीन संचालन व्यय श्रेणी से संबंधित हैं: संचालन से आय:=15,00,000 - 4, 00,000 - 1,00,000 - 2,00,000= INR 8,00,000.


Q. 163853 दो या दो से अधिक फर्म के वित्तीय विवरणों की तुलना को क्या कहते हैं:


A. अंत:फर्म विश्लेषण

B. अंतर्फर्म विश्लेषण

C. ऊर्ध्वाधर विश्लेषण

D. समानाकार विश्लेषण

Right Answer is: A

SOLUTION

दो या दो से अधिक फर्म के वित्तीय विवरणों की तुलना को अंतर्फर्म विश्लेषण कहते हैं. वित्तीय वक्तव्यों के विविध अंत उपयोगकर्ता दो या दो से अधिक फर्म का विश्लेषण करते हैं


Q. 163854 पेटेंट और व्यापार चिन्ह किस मद के अंतर्गत दिखलाए जाएंगे?


A.

चालू सम्पत्तियाँ

B.

अन्य गैर चालू सम्पत्तियाँ

C.

नियत सम्पत्तियाँ

D.

अन्य चालू सम्पत्तियाँ

Right Answer is: C

SOLUTION

पेटेंट और व्यापार चिन्ह को गैर चालू सम्पत्तियाँ के मद के अमूर्त सम्पत्तियाँ के रूप में नियत सम्पत्ति उपमद के अंतर्गत प्रदर्शित किया जाता है


Q. 163855 गैर वित्तीय कम्पनी के मामले में परिचालन से आय को क्या कहते हैं?


A.

सामानों और सेवाओं की बिक्री से आय

B.

स्थिर सम्पत्ति और निवेश की बिक्री पर लाभ

C.

प्राप्त ब्याज और लाभांश

D.

आयकर की वापसी

Right Answer is: A

SOLUTION

गैर वित्तीय कम्पनियों के मामले में परिचालनों से होने वाली आय में वस्तुओं और सेवाओं की बिक्री से होने वाली आय सम्मिलित होती है।


Q. 163856 बैंकों से या अन्य पक्षों से मांग पर पुनर्भुगतान होने वाले ऋण को क्या कहते हैं?


A.

व्यापार प्राप्तियां

B.

गैर चालू दायित्व

C.

व्यापार भुगतान योग्य

D.

लघु अवधि उधार

Right Answer is: D

SOLUTION

बैंकों से या अन्य पक्षों से मांग पर पुनर्भुगतान होने वाले ऋण को लघु अवधि उधार कहते हैं।


Q. 163857 अनुसूची III किस दिनांक या बाद में आरंभ होने वाले वित्तीय वर्ष में आया:


A.

1-4-2013

B.

1-10-2013

C.

1-1-2014

D.

1-4-2014

Right Answer is: B

SOLUTION

दिशानिर्देशों के अनुसार दिनांक 1-4-2014 से या उसके बाद आरंभ होने वाले वित्तीय वर्ष के लिए तैयार होने वाले कम्पनी के लाभ और हानि विवरण और चिट्ठे के लिए अनुसूची III प्रभाव में आया।


Q. 163858 शेयर धारकों को दिया जाने वाला लाभ का हिस्सा है:


A.

लाभांश

B.

ब्याज

C.

प्रतिपूर्ति

D.

कोर्पोरेट कर

Right Answer is: A

SOLUTION

शेयरधारकों को उनके निवेश पर लाभ के रूप में लाभांश का भुगतान किया जाता है।


Q. 163859 गैर चालू दायित्व के अंतर्गत उपमद है:


A.

शेयर पूंजी

B.

संचय और अधिशेष

C.

शेयर वारंट के खिलाफ प्राप्त धन

D.

दीर्घ कालीन उधार

Right Answer is: D

SOLUTION

गैर चालू दायित्व के अंतर्गत उप मद है दीर्घ कालीन उधार।


Q. 163860 कम्पनी अधिनियम की अनुसूची III के अनुसार चिट्ठे के समता और दायित्व पक्ष की तरफ पहला मद होगा:


A.

संचय और अधिशेष

B.

गैर-चालू बाध्यताएं

C.

हितधारकों का कोष

D.

शेयर पूंजी

Right Answer is: C

SOLUTION

चिट्ठे के दायित्व पक्ष की तरफ पहला मद है हितधारकों का कोष और इसे शेयर पूंजी, संचय और अधिशेष, और शेयर वारंट के लिए प्राप्त धन के उपमदों के अंतर्गत वर्गीकृत किया जाता है।


Q. 163861 वित्तीय वक्तव्यों का उद्देश्य है


A.

केवल किसी फर्म के आर्थिक संसाधनों और बाध्यताओं के बारे में सूचना प्रदान करना

B.

केवल फर्म की केवल अर्जन क्षमता के बारे में जानकारी प्रदान करना

C.

केवल नकद प्रवाह के बारे में सूचना प्रदान करना

D.

आर्थिक संसाधनों और बाध्यताओं, फर्म की केवल अर्जन क्षमता और फर्म की नकद प्रवाह क्षमता के बारे में जानकारी प्रदान करना

Right Answer is: D

SOLUTION

वित्तीय विवरणों के उद्देश्य के विषय में ये सभी सही हैं।


Q. 163862 लाभ और हानि विवरण में व्यय मद के अंतर्गत पहला और आख़िरी मद है:


A.

उपभोग की गयी सामग्री और अन्य व्यय

B.

व्यापार में स्टॉक की खरीद और अन्य व्यय

C.

उपभोग की गयी सामग्री की लागत और क्षरण और ऋणमुक्ति व्यय

D.

व्यापार और वित्त लागतों की खरीद

Right Answer is: A

SOLUTION

उपभोग की गई सामग्री की लागत और अन्य व्यय


Q. 163863 पुनर्बिक्री के लिए खरीदे हुए सामान को लाभ हानि विवरण में किस मद के अंतर्गत प्रदर्शित किया जाता है:


A.

उपभोग की गयी सामग्री की मात्रा

B.

व्यापार में माल/स्टॉक की खरीद

C.

बेचे गए सामानों की लागत

D.

चालू परिसम्पत्तियाँ

Right Answer is: B

SOLUTION

व्यापार में माल/स्टॉक की खरीद पुनर्बिक्री के लिए खरीदे गए सामान है।


Q. 163864 अनुसूची III किसके लिए तैयारी नहीं प्रदान करता है:


A.

लाभ हानि विवरण नियोजन

B.

लाभ हानि विवरण

C.

चिट्ठा

D.

लेखा विवरण

Right Answer is: A

SOLUTION

शेड्यूल/ अनुसूची III लाभ हानि विवरण नियोजन के लिए तैयारी नहीं प्रदान करता है। इसका अर्थ यह कि नियोजन को लेखा विवरण पर नहीं प्रस्तुत किया जाना चाहिए।


Q. 163865 लेखांकन के अनुसार स्कंध का मूल्यांकन किस प्रकार किया जाता है?


A.

लागत मूल्य

B.

बाज़ार मूल्य

C.

लागत या बाज़ार मूल्य जो भी अधिक हो

D.

लागत या बाज़ार मूल्य जो भी कम हो

Right Answer is: D

SOLUTION

स्कंध का मूल्यांकन लागत या बाज़ार मूल्य जो भी कम हो पर दर्शाया जाता है।


Q. 163866 आर्थिक चिट्ठे में दिखाया गया प्रगति में कार्य किसके अंतर्गत प्रदर्शित होता है:


A.

चालू दायित्व

B.

गैर चालू दायित्व

C.

समान सूची या स्टॉक

D.

अन्य चालू सम्पत्तियाँ

Right Answer is: C

SOLUTION

प्रगति में दिखाया गया कार्य स्टॉक का हिस्सा होता है और उसे उसकी सूचियों के अंतर्गत मुख्य मद के अंतर्गत दिखाया जाता है।


Q. 163867 बंधक ऋण किसके अंतर्गत आता है?


A.

दीर्घ अवधि ऋण

B.

अन्य गैर चालू दायित्व

C.

गैर चालू निवेश

D.

हितधारक कोष

Right Answer is: A

SOLUTION

बंधक ऋण वह ऋण है जो किसी ख़ास प्रकार की सम्पत्ति की सुरक्षा के बदले लिया जाता है। इस प्रकार के ऋण लम्बी अवधि के ऋण होते हैं और उनमें मुख्य मद गैर चालू दायित्वों के अंतर्गत दायित्व सम्मिलित होते हैं।


Q. 163868 सांयोगिक दायित्व क्या होते हैं ?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

सांयोगिक दायित्व वे दायित्व हैं जो वर्तमान में दायित्व नहीं हैं परम्तु इनका होना न होना भविष्य की किसी घटना पर आधारित होता है। इन दायित्वों को चिट्ठे में न दिखाकर नीचे टिप्पणी के रुप में दिखाया जाता है।


Q. 163869 अल्पकालीन ऋण के दो नाम बताइए।
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

(1) माँग पर देय ऋण (2) बैंक अधिविकर्ष


Q. 163870 जब संचालन चक्र की अवधि निर्धारित न हो तो संचालन चक्र अवधि क्या होगी?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

जब संचालन चक्र की अवधि को मापा नहीं जा सकता है तो वह अवधि 12 की मान ली जाती है।


Q. 163871 चिट्ठा क्या होता है?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

खातों की पुस्तकों को बंद करने के पश्चात् आगे लाये गये शेषों के सारांश तथा लेखांकन सिद्वांतों के अनुसार रखा जाने वाला एक सारणी रूप में विवरण होता है।


Q. 163872 गैर-चालू सम्पत्तियों के दो उदाहरण दीजिए।
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

गैर-चालू सम्पत्तियाँ  (1) भूमि एवं भवन तथा (2) संयंत्र एवं मशीनरी।


Q. 163873 चालू दायित्वों के दो उदाहरण दीजिए।
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

(1) अल्पकालीन ऋण (2) व्यापारिक देय


Q. 163874 ऋण-पत्र होते हैं


A.

वाहक

B.

बन्धक

C.

शोध्य एवं अशोध्य

D.

ये सभी

Right Answer is: D

SOLUTION

ऋण-पत्र एक कम्पनी द्वारा लिए गए ऋण की लिखित स्वीकृति है, जो कम्पनी की सामान्य मुद्रा के अन्तर्गत निर्गमित की जाती है एवं जिसमें रकम के पुनर्भुगतान एवं ब्याज की दर आदि से सम्बन्धित शर्तें लिखी रहती हैं।


Q. 163875 एक बार ऋणपत्रों के शोधन के पश्चात् ऋणपत्र शोधन संचय के शेष को हस्तांतरित किया जाता है।


A.

पूँजी संचय में।

B.

सामान्य संचय में।

C.

ऋणपत्र खाते में।

D.

संचित पूँजी में।

Right Answer is: B

SOLUTION

एक बार ऋणपत्रों के शोधन के पश्चात् ऋणपत्र शोधन संचय के शेष को सामान्य संचय में हस्तांतरित किया जाता है। इसके लिए निम्नलिखित प्रविष्टि की जाती है।   DBR A/c Dr. To General Reserve A/c


Q. 163876 ऋणपत्रों के शोधन पर प्रीमियम खाता है


A.

एक वास्तविक खाता।

B.

एक नाममात्र का खाता।

C.

एक व्यक्तिगत खाता।

D.

एक व्यक्तिगत या नाममात्र का खाता।

Right Answer is: C

SOLUTION

ऋणपत्रों के शोधन पर प्रीमियम खाता एक व्यक्तिगत खाता है क्योंकि यह ऋणपत्रधारियों के लिए कम्पनी का दायित्व होता है।


Q. 163877 ऋणपत्र शोधन संचय बनाया जाता है।


A.

परिवर्तनीय ऋणपत्रों के लिए।

B.

आंशिक परिवर्तनीय ऋणपत्रों के परिवर्तनीय भाग के लिए।

C.

गैर परिवर्तनीय ऋणपत्रों के लिए।

D.

उपरोक्त में से कोई नहीं।

Right Answer is: C

SOLUTION

ऋणपत्र शोधन संचय गैर परिवर्तनीय ऋणपत्रों या आंशिक परिवर्तनीय ऋणपत्रों के गैर-परिवर्तनीय भाग के लिए बनाया जाता है।


Q. 163878 एक कम्पनी को निम्न में से कितने प्रतिशत से ऋणपत्र शोधन संचय बनाना आवश्यक है?


A.

100%

B.

50%

C.

25%

D.

10%

Right Answer is: C

SOLUTION

कम्पनी नियम अधिनियम 2014 के साथ कम्पनी अधिनियम 2013 के धारा 71 (4) के अनुसार ऋणपत्रों के शोधन से पूर्व शोधनीय ऋणपत्रों के अंकित मूल्य का कम से कम 25% ऋणपत्र शोधन संचय में हस्तांतरित करना आवश्यक होता है।


Q. 163879 5,00,000 रु के ऋणपत्र शोधन के लिए देय हो गये। ऋणपत्र शोधन संचय में हस्तांतरित होने वाली राशि होगी


A.

1,00,000

B.

75,000

C.

1,25,000

D.

2,50,000

Right Answer is: C

SOLUTION

कम्पनी नियम अधिनियम 2014 के साथ कम्पनी अधिनियम 2013 के धारा 71 (4) के अनुसार शोधनीय ऋणपत्रों के अंकित मूल्य का कम से कम 25% ऋणपत्र शोधन संचय में हस्तांतरित करना आवश्यक होता है।


Q. 163880 ऋणपत्रों के शोधन के पश्चात ऋणपत्र शोधन संचय का शेष कहाँ हस्तान्तरित करते हैं अथवा उस खाते का नाम बताइए जिसमें समस्त ऋणपत्रों का भुगतान (शोधन) होने के पश्चात ऋणपत्र शोधन संचय का शेष हस्तांतरित कर दिया जाता है।
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

समस्त ऋणपत्रों के शोधन के पश्चात ऋणपत्र शोधन संचय का शेष सामान्य संचय खाते में हस्तांतरित करते हैं।


Q. 163881 वाहक ऋणपत्र क्या है
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

ये वह ऋणपत्र होते हैं जो केवल सुपुर्दगी द्वारा हस्तान्तरित हो जाते हैं। कम्पनी ऋणपत्र-धारकों का कोई ब्यौरा अपने पास नहीं रखती  और ब्याज के भुगतान के लिए ऋणपत्रों के साथ कूपन संलगित होते हैं।


Q. 163882 अपरिवर्तनीय ऋणपत्र क्या है
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

ये ऋणपत्र सामान्य अंशों में परिवर्तनीय नहीं होते हैं अर्थात इन ऋणपत्रों को कम्पनी द्वारा समता अंशों में बदला जा सकता।


Q. 163883 ऋणपत्र क्या है
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

ऋणपत्र से आशय एक ऐसे प्रपत्र से है जो कम्पनी द्वारा ऋणदाता को ऋण-प्राप्ति की स्वीकृति के रुप में दिया जाता है। इस प्रपत्र पर कम्पनी की सार्वमुद्रा अंकित होती है तथा उन सभी शर्तों का उल्लेख होता है  जिनके अन्तर्गत कम्पनी द्वारा ऋण लिया जा रहा है।


Q. 163884 ऋणपत्रों पर अदत्त ब्याज की प्रकृति क्या होती है?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

ऋणपत्रों पर अदत्त ब्याज खाता एक व्यक्तिगत खाता होता है क्योंकि यह ऋणपत्रधारियों को संदर्भित करता है।


Q. 163885 ऋणपत्रों पर ब्याज क्या होता है?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

ऐसी राशि जो ऋणपत्र धारकों को ऋणपत्रों के भुगतान तक कम्पनी द्वारा आवधिक रूप में एक स्थायी दर पर चुकायी जाती है। यह कम्पनी के लाभों के विरूद्ध एक प्रभार होता है तथा यह ऋणपत्र धारी के लिए एक आय होती है।


Q. 163886 आप कम्पनी के चिट्ठे में ऋणपत्रों पर उपार्जित ब्याज को कहाँ प्रदार्शित करेंगे?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

ऋणपत्रों पर उपार्जित ब्याज को चिट्ठे के समता एवं दायित्व पक्ष में चालू दायित्वों के तहत अन्य चालू दायित्वों के रूप में प्रदर्शित किया जाता है।


Q. 163887 क्रय प्रतिफल के रूप में ऋणपत्रों का निर्गमन क्या होता है?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

जब एक कम्पनी विक्रेता को क्रय प्रतिफल के नकद भुगतान के स्थान पर ऋणपत्र जारी करती है तो इसे क्रय प्रतिफल के रूप में ऋणपत्रों का निर्गमन कहा जाता है।


Q. 163888 सुरक्षा के दृष्टिकोण से ऋणपत्रों के प्रकार बतार्इए।
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

सुरक्षा के दृष्टिकोण से ऋणपत्रों के दो प्रकार होते हैं:
(1) सुरक्षित ऋणपत्र: ऐसे ऋणपत्र जो एक कम्पनी की सम्पत्तियों पर या तो स्थायी प्रभार या चल प्रभार से सुरक्षित हो।
(2) असुरक्षित ऋणपत्र: वो ऋणपत्र जो कम्पनी की किसी भी सम्पत्तियों से सुरक्षित नहीं होते है। असुरक्षित ऋणपत्र कहलाते है।


Q. 163889 शोधन के दृष्टिकोण से ऋणपत्रों के प्रकार बतार्इए।
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

शोधन के दृष्टिकोण से ऋणपत्रों के दो प्रकार होते हैं:
(1) शोधनीय ऋणपत्र: इन ऋणपत्रों का एक विशिष्ट समायावधि के समाप्त होने पर पुनर्भुगतान कर दिया जाता है।
(2) अशोधनीय ऋणपत्र: इन ऋणपत्रों को एक कम्पनी द्वारा अपने जीवनकाल में नहीं चुकाया जाता है, परंतु कम्पनी के समापन पर शोधनीय होते है।


Q. 163890 ऋणपत्रों शोधन संचय निर्माण करते समय किस प्रकार से नियमों में छूट प्रदान की जाती है?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

कम्पनी (अंश पूँजी एवं ऋणपत्र) की नियमावली-2014 का नियम 18 (7) (C) निम्न प्रकार की कम्पनियों को DRR  के निर्माण करने से छूट प्रदान करता हैः-

(i)         रिर्जव बैंक ऑफ इन्डिया द्वारा नियंत्रित All India Financial Institutions’.

(ii)        रिजर्व बैं ऑफ इन्डिया द्वारा नियंत्रित अन्य वित्तीय संस्थाएँ।

(iii)       बैंकिग कम्पनियॉ (निजी रूप से अथवा सार्वजनिक रूप से निर्गमित सभी ऋणपत्रों के लिए) ।

(iv)       National Housing Bank  के पास रजिस्टर्ड आवास वित्तीय कम्पनियॉं  (Housing Finance Companies).


Q. 163891 पंजीकरण के दृष्टिकोण से ऋणपत्रों के प्रकार बतार्इए।
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

पंजीकरण के दृष्टिकोण से ऋणपत्र दो प्रकार के होते है:
(1) पंजीकृत ऋणपत्र: ऐसे ऋणपत्र जिनको नाम, पते आदि जैसी सभी सूचनाओं के साथ कम्पनी की पुस्तकों में पंजीकृत किया जाता है पंजीकृत ऋणपत्र होते है।
(2) वाहक ऋणपत्र: ये वो ऋणपत्र होते है जो कम्पनी की पुस्तकों में पंजीकृत नहीं होते है।


Q. 163892 बॉन्ड क्या होते हैं?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

बॉन्ड भी एक संगठन की सार्वमुद्रा के तहत जारी किया गया ऋण का दस्तावेज है। पारंपरिकतौर पर सरकार बॉन्ड निर्गमित करती है परंतु आजकल बॉन्ड अर्द्धसरकारी तथा गैर-सरकारी संगठनों द्वारा भी काम में लिया जाता है। सामान्यतः बॉन्ड को कुपन दर के बिना तथा अधिक बट्टे पर जारी किया जाता है। बॉन्ड के निर्गमन मूल्य तथा अंकित मूल्य का अंतर बॉन्ड धारक के लिए आय होती है। हालांकि कम्पनियाँ बॉन्डों को ब्याज की स्थायी दर के साथ जारी कर सकती है जिसे कुपन दर कहा जाता है।


Q. 163893 एक सहायक प्रतिभूति के रूप में ऋणपत्रों का निर्गमन क्या होता है?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

एक सहायक प्रतिभूति के रूप में ऋणपत्रों का निर्गमन अर्थात सहायक या द्वितीयक प्रतिभूति के रूप में ऋणपत्रों का निर्गमन ।

सहायक प्रतिभूति अर्थात अतिरिक्त प्रतिभूति अर्थात ऋण के लिए मुख्य प्रतिभूति के अतिरिक्त प्रतिभूति। इसकी वसूली तब की जानी होती है जब मूख्य प्रतिभूति ऋण की राशि चुकाने में असफल हो जाती है।


Q. 163894 निम्नलिखित उदाहरण द्वारा ऋणपत्रों का सम-मूल्य पर निर्गमन जर्नल प्रविष्टियों कीजिए – गोविन्द लिमिटेड ने 100 रु वाले 5,000, 12 प्रतिशत ऋणपत्र सममूल्य पर निर्गमित किए, जिनका भुगतान इस प्रकार होना था – 20 रु आवेदन पर 20 रु आबंटन पर 30 रु प्रथम याचना पर और शेष 30 रु अन्तिम याचना पर। जनता ने 6,000 ऋणपत्रों के लिए आवेदन-पत्र भेजें। 4,500 ऋणपत्रों के आवेदन-पत्र को सम्पूर्ण आबंटन कर दिया गया। 800 ऋणपत्रों के आवेदन-पत्रों को 500 ऋणपत्र दे दिए गए और 700 ऋणपत्रों के आवेदन-पत्रों को अस्वीकृत कर दिया गया। आवेदन-पत्रों के साथ प्राप्त आधिक्य राशि को आबंटन में प्रयोग किया गया। जर्नल प्रविष्टयाँ कीजीए, यह मानते हुए कि 200 ऋणपत्रों पर अन्तिम याचना को छोड़कर सभी राशियाँ यथा समय प्राप्त हो गई।
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

Journal of Govind Ltd.

Particulars

Dr. INR

Cr. INR

Bank A/c                                            

Dr.

1,20,000

 

To 12% Debenture Application

 

1,20,000

(Application money received on 6,000 debentures @ INR 20 each)

 

 

12% Debenture Application

Dr.

1,20,000

 

To 12% Debentures A/c

 

1,00,000

To 12% Debenture Allotment

 

6,000

To Bank A/c

 

14,000

(Application money transferred)

 

 

12% Debenture Allotment

Dr.

1,00,000

 

To 12 % Debentures A/c

 

1,00,000

(Allotment money due on 5,000 debentures @ INR20 each)

 

 

Bank A/c                                            

Dr.

94,000

 

To 12% Debenture Allotment

 

94,000

(Balance of allotment money received

i.e. INR1,00,000 - INR6,000)

 

 

12% Debenture First Call

Dr.

1,50,000

 

To 12% Debentures A/c

 

1,50,000

(First Call due)

 

 

Bank A/c                                    

Dr.

1,50,000

 

To 12% Debenture First Call

 

150,000

(First Call money received)

 

 

12% Debenture Second & Final Call A/c         

Dr.

1,50,000

 

To 12 % Debentures A/c

 

1,50,000

(Second & Final Call due)

 

 

Bank A/c                                   

Dr.

1,44,000

 

To 12% Debenture Second & Final Call

 

1,44,000

(Second & Final Call money received on 4,800 debentures @ INR30 per debentures)

 

 


Q. 163895 ऋणपत्रों का लाभों में से शोधन का क्या अर्थ है, समझाइए ?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

लाभों में से शोधन का अर्थ है कि निर्गमित ऋणपत्रों के बराबर राशि अर्थात ऋणपत्रों की राशि का 100 प्रतिशत को लाभ-हानि विवरण के आधिक्य (Surplus of Statement of Profit and Loss) से  एक नए खोले गए ऋणपत्र शोधन संचय खाते में हस्तांतरित किया जाता है। इसे लाभों में से शोधन इसलिए कहा जाता है क्योंकि ऋणपत्र शोधन संचय में लाभ हस्तांतरित करने से लाभांश के लिए उपलब्ध लाभ घट जाते हैं। इसका अर्थ है कि ऋणपत्र शोधन संचय में हस्तांतरित किए गए लाभ लाभांश वितरण के लिए उपलब्ध न होकर ऋणपत्र शोधन में प्रयोग किए जाएँगें। अतः इस प्रकार के शोधन से कम्पनी के मौजूदा तरल साधनों पर कोई विपरीत प्रभाव नहीं पड़ता है।

 

ऋणपत्रों के शोधन के लिए सेबी द्वारा जारी दिशा-निर्देशः-

 

(i)         DRR  का निर्माण केवल गैर-परिवर्तनीय एवं अंशतः परिवर्तनीय ऋणपत्रों के केवल गैर-परिवर्तनीय हिस्से के लिए ही करना अनिवार्य है।

 

(ii)        शोधन प्रारम्भ करने से पूर्व ऋणपत्रों की कुल राशि के कम से कम 25%  के बराबर DRR  बनाया जाएगा।

अतः कोई भी कम्पनी अपने ऋणपत्रों की पूर्णतया पूँजी में से शोधन नहीं कर सकती। निर्गमित ऋणपत्रों का कम से कम 25 % लाभों में से ऋणपत्रों शोधन संचय के निर्माण द्वारा शोधन करना अनिवार्य है। शेष ऋणपत्रों को लाभों में से अथवा पूँजी में से शोधन किया जा सकता है।

 


Q. 163896 सुविधा लि. ने सप्लायर्स लि. से 1,98,000 रु की मशीनरी क्रय की। भुगतान 100 रु वाले 12% ऋणपत्रों का निर्गमन कर किया गया। निम्न स्थितियों में मशीनरी के क्रय तथा ऋणपत्रों के निर्गमन की आवश्यक जर्नल प्रविष्टियाँ दीजिएः 1. जब ऋणपत्रों को सममूल्य पर निर्गमित किया जाता है ; 2. जब ऋणपत्रों को 10% बट्टे पर निर्गमित किया जाता है ; 3. जब ऋणपत्रों को 10% प्रीमियम पर निर्गमित किया जाता है।
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

Description: http://schoollms.extramarks.com/stryde/uploadfiles/Image/2014/04/08/201404081010280013969363591.jpgDescription: http://schoollms.extramarks.com/stryde/uploadfiles/Image/2014/04/08/201404081010280013969363592.jpg


Q. 163897 सूर्या लिमिटेड ने 100 रु वाले 2,500, 15 प्रतिशत ऋणपत्र 10 प्रतिशा कटौती पर निर्गमित किए। इन पर 25 रु आवेदन पर, 25 रु0 आबंटन पर और शेष राशि प्रथम याचना पर देय थी। आवेदन 2,000 ऋणपत्रों के लिए प्राप्त हुए तथा आवंटन कर दिया गया। सभी राशियाँ प्राप्त हो गई। ऋणपत्रों के निर्गमन पर 8,000 रु व्यय हुए। संचालकों ने निर्णय किया कि प्रत्येक वर्ष लाभ-हानि विवरण से निर्गमन-व्यय तथा ऋणपत्रों पर कटौति का 1/5 हिस्सा अपलिखित किया जाए। जर्नल प्रविष्टियाँ कीजिए (केवल प्रथम वर्ष के लिए)
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

 

Journal of Surya Ltd.

Particulars

Dr. INR

Cr. INR

Bank A/c                                            

Dr.

50,000

 

To 15% Debenture Application A/c

 

50,000

(Application money received for 2,000 debentures @ INR25 each)

 

 

15% Debenture Application A/c              

Dr.

50,000

 

To 15% Debentures A/c

 

50,000

(Application money transferred)

 

 

15% Debenture Allotment A/c               

Dr.

50,000

 

Discount on Debentures A/c                  

Dr.

20,000

 

To 15 % Debentures A/c

 

70,000

(Allotment due)

 

 

Bank A/c                                             

Dr.

50,000

 

To 15% Debenture Allotment A/c

 

50,000

(Amount received on allotment)

 

 

15% Debenture First & Final Call           

Dr.

80,000

 

To 15% Debentures A/c

 

80,000

(First & Final Call due)

 

 

Bank A/c                                    

Dr.

80,000

 

To 15% Debenture First & Final Call

 

80,000

(Amount received on First & Final Call)

 

 

Expenses on Issue A/c                  

Dr.

8,000

      

To Bank A/c

 

8,000

(Expenses paid on issue of debentures.)

 

 

Statement of Profit & Loss            

Dr.

5,600

 

To Discount on Debentures A/c

 

4,000

To Expenses on Issue A/c

 

1,600

(1/5th of 'Discount on debentures' and 1/5th of Expenses on issue' written off)

 

 

 

 

यह बात नोट करने योग्य है कि यदि ऋणपत्र की पूरी राशि एक ही किश्त में प्राप्त हो जाती है तो इस राशि को 'Debenture Application A/c' में क्रेडिट करने की बजाय 'Debenture Application & Allotment A/c'  में क्रेडिट किया जाता है।


Q. 163898 यदि ऋणपत्रों का अंकित मूल्य 100 रु हो तो प्रत्येक निम्नलिखित वैकल्पिक स्थितियों में जर्नल प्रविष्टियाँ दीजिए:
1. 100 रु पर शोधनीय एक 15% ऋणपत्र का निर्गमन 120 रु पर किया गया।
2. 100 रु पर शोधनीय एक 15% ऋणपत्र का निर्गमन 80 रु पर किया गया।
3. 100 रु पर शोधनीय एक 15% ऋणपत्र का निर्गमन 100 रु पर किया गया।
4. 120 रु पर शोधनीय एक 15% ऋणपत्र का निर्गमन 100 रु पर किया गया।
5. 120 रु पर शोधनीय एक 15% ऋणपत्र का निर्गमन 80 रु पर किया गया।
6. 150 रु पर शोधनीय एक 15% ऋणपत्र का निर्गमन 120 रु पर किया गया।
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

Description: http://schoollms.extramarks.com/stryde/uploadfiles/Image/2014/03/06/201403067563890013941089971.jpg


Q. 163899 वित्तीय विवरण किससे सम्बन्धित है?


A.

अतीत

B.

भविष्य

C.

वर्तमान

D.

वर्तमान और अतीत

Right Answer is: A

SOLUTION

वित्तीय विवरण अतीत की अवधि से सम्बन्धित हैं और इस प्रकार ऐतिहासिक दस्तावेजों से सम्बन्धित हैं।


Q. 163900 चिट्ठा प्रदर्शित करता है।


A.

लेखे का सारांश

B.

वित्तीय स्थिति

C.

लाभ अर्जन क्षमता

D.

परिचालन गतिविधियाँ

Right Answer is: B

SOLUTION

चिट्ठा सम्पत्तियाँ और दायित्व का विवरण है। इस प्रकार यह किसी खास दिनांक पर वित्तीय स्थिति प्रदर्शित करता है।


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