CBSE - MCQ Question Banks (के. मा. शि. बो . -प्रश्नमाला )

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Q. 164701 वित्तीय बाजारों के दो प्रमुख क्षेत्रों को स्पष्ट कीजिए।
Right Answer is:

SOLUTION

वित्तीय बाजारों के दो प्रमुख क्षेत्र निम्नलिखित हैंरू

1) पूँजी बाजारः पूँजी बाजार मध्यम और दीर्घ अवधि के कोष के लिए बाजार है।

2) मुद्रा बाजारः मुद्रा बाजार अल्पावधि कोषों के लिए बाजार है।


Q. 164702 सेबी के उद्देश्यों को स्पष्ट कीजिए।
Right Answer is:

SOLUTION

सेबी के उद्देश्य हैं:
1.
स्टॉक एक्सचेंजों और प्रतिभूतियों उद्योग का विनियमन।
2.
निवेशकों के अधिकारों और हितों का संरक्षण।
3.
व्यापार के कदाचार की रोकथाम।
4.
दलालों, बैंकरों आदि जैसे बिचैलियों के लिए आचार संहिता का विकास और नियमन करना।


Q. 164703 सेंसेक्स क्या होता है?
Right Answer is:

SOLUTION

सेंसेक्स बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) पर प्रमुख क्षेत्रों में अच्छी तरह से स्थापित बड़े और आर्थिक रूप से मजबूत कंपनियों का प्रतिनिधित्व करते हुए 30 घटक शेयरों केबाजार पूंजीकरण भारित सूचकांकको दर्शाता है।
यह भारतीय पूँजी बाजार का बेंचमार्क सूचकांक होता है और यह व्यापक रूप से घरेलू और अंतर्राष्ट्रीय दोनों पूँजी बाजारों में सूचना देता है।


Q. 164704 एक शेयर बाजार क्या होता है?
Right Answer is:

SOLUTION

स्टॉक एक्सचेंज का अर्थ एक व्यवस्थित बाज़ार से है जहाँ अंशों, ऋणपत्रों, बोंड आदि, जो कम्पनियों, सरकारी संगठनों और अर्द्ध-सरकारी संगठनों द्वारा निर्गमित किए गए हों, को खरीदा बेचा जाता है। अतः ऐसे संस्थान को प्रतिभूतियों के क्रय-विक्रय के लिए एक मंच प्रदान करता है, स्टॉक एक्सचेंज कहलाता है।


Q. 164705 वित्तीय बाजार में प्रयुक्त निम्नलिखित शब्दावलियों का पूरा नाम लिखिये: 1- NSEI, 2- OTCEI, 3- SEBI
Right Answer is:

SOLUTION

वित्तीय बाजार में प्रयुक्त शब्दावलियों के पूरे नाम निम्नलिखित हैं:

1- NSEI - National Stock Exchange of India

2- OTCEI - Over the Center Exchange of India

3- SEBI - Securities and Exchange Board of India


Q. 164706 मुद्रा बाजार के महत्वपूर्ण प्रलेख अथवा प्रतिभूतियाँ कौन-कौनसी हैं?
Right Answer is:

SOLUTION

मुद्रा बाजार के महत्वपूर्ण प्रलेख अथवा प्रतिभूतियाँ हैं:-

1. ट्रेजरी बिल,

2. वाणिज्यिक पत्र,

3. माँग मुद्रा अथवा अल्प सूचना ऋण,

4. जमा प्रमाण-पत्र,

5. वाणिज्यिक बिल।


Q. 164707 प्राथमिक पूँजी बाजार क्या होता है?
Right Answer is:

SOLUTION

प्राथमिक पूँजी बाजार वह बाजार होता है जिसमें दीर्घकालीन पूँजी एकत्रित करने के लिए अंशों, ऋणपत्रों अन्य प्रतिभूतियों को पहली बार बेचा जाता है। इसका संबंध नये निर्गमनों से होता है।


Q. 164708 पूँजी बाज़ार क्या है ?
Right Answer is:

SOLUTION

"पूँजी बाज़ार वह बाज़ारहै जहाँ दीर्घकालीन निधियों में व्यवहार किये जाते हैं, तथा जहाँ लम्बी अवधि के लिए निधियों की माँग (उधार) एवं पूर्ति (उधार दिए ) की जाती है।


Q. 164709 संगठित पूँजी बाज़ार से आप क्या समझते हैं?
Right Answer is:

SOLUTION

संगठित पूँजी बाज़ार सरकार द्वारा नियंत्रित होता है, इसके अंतर्गत बैंक, बीमा  कंपनी, यूनिट ट्रस्ट ऑफ़ इंडिया और विश्व बैंक आदि आते हैं।


Q. 164710 शेयर बाजारों द्वारा कॉरपोरेट क्षेत्र के लिए प्रदत्त सेवाओं का उल्लेख कीजिए।
Right Answer is:

SOLUTION

शेयर बाजारों द्वारा कॉरपोरेट क्षेत्र के लिए प्रदत्त सेवाएँ हैं:
1.
व्यापक बाजार - यह नई प्रतिभूतियों के लिए एक बिक्री काउंटर के रूप में कार्य करता है। शेयर बाजार पर खरीदने और बेचने में प्रतिभूतियों का एक व्यापक बाजार को सम्मिलित होता है। कंपनियों द्वारा ऐसे निवेशकों के विभिन्न प्रकारों से पूँजी की बड़ी राशि प्राप्त की जा सकती है जो व्यापक रूप से बिखरे हुए हो सकते हैं।
2.
प्रतिष्ठा - प्रतिभूतियों को सूचीबद्ध करने से पहले शेयर बाजार द्वारा कंपनी की करीबी जांच की जाती है। निवेशक इस प्रकार कंपनी के लिए ख्याति और क्रेडिट उपलब्ध कराकर, ऐसी कंपनी पर भरोसा कर सकते हैं।
3.
मूल्य स्थिरता - यह मांग और आपूर्ति के दबावों के माध्यम से प्रतिभूतियों की कीमतों में उतार-चढ़ाव को कम करने में मदद करता है। यह इस प्रकार कंपनी के शेयरों और डिबेंचरों में निवेश और सट्टे में मदद करता है।


Q. 164711 बुलस और बीयर्स पर एक टिप्पणी दीजिए।
Right Answer is:

SOLUTION

बुल्स ऐसे सट्टेबाज होते हैं जो शेयर बाजार में प्रतिभूतियों की कीमतों में वृद्धि की उम्मीद करते हैं। वे लाभ बनाने के लिए एक उच्च कीमत पर भविष्य में प्रतिभूतियों को बेचने के दृष्टिकोण के साथ इनको खरीदते हैं। उन्हें भारत में तेजीवालों के रूप में भी जाना जाता है। जब शेयर बाजार में स्थिति पर बुल्स हावी होते हैं, तो इसे बुल्स बाजार के रूप में जाना जाता है। जब कीमतों में गिरावट होती है और बुल्स को एक नुकसान पर बेचान करना होता है तो इसे बुल परिसमापन के रूप में जाना जाता है।
बीयर्स ऐसे सट्टेबाज होते हैं जिन्हें शेयर बाजार में प्रतिभूतियों की कीमतों में गिरावट की उम्मीद होती है, वे भविष्य में सुपुर्दगी के लिए प्रतिभूतियों का बेचान करते हैं। वे लाभों की
आशा के साथ प्रतिभूतियों की सुपुर्दगी की तिथि से पहले एक कम कीमत पर प्रतिभूतियों खरीदने के लिए एक आशा के साथ उन्हें बेचते हैं। इन्हें भारत में मंडीवालों के रूप में जाना जाता है। जब बियर्स बाजार पर हावी होते हैं, तो इसे मंदी के बाजार के रूप में जाना जाता है।


Q. 164712 मुद्रा बाजार की प्रकृति को उसकी विशेषताओं की सहायता से भली-भाँति समझाया जा सकता है। मुद्रा बाजार की ऐसी किन्हीं तीन विशेषताओं का उल्लेख कीजिये।
Right Answer is:

SOLUTION

मुद्रा बाजार की निम्नलिखित तीन विशेषताएँ ऐसी हैं जो मुद्रा बाजार की प्रकृति को भली-भाँति समझाती है -

1. अल्यधिक तरलता - मुद्रा बाजार में अत्यधिक तरलता पायी जाती है। इसका कारण यह है कि यह एक ऐसा बाजार है जहाँ अल्पकालीन कोषों में व्यवहार करता है जिसमें विनिमय विपत्रों पर व्यवसायियों को तुरंत कार्यशील पूँजी भी उपलब्ध हो जाती है।

2. उप-बाजारों का समूह - मुद्रा बाजार अनेक उप-बाजारों का समूह है, जैसे - अल्प सूचना मुद्रा बाजार, कोषागार विपत्र बाजार, हुण्डी बाजार, वाणिज्यिक पेपर बाजार आदि। प्रत्येक बाजार में मोद्रिक क्षेत्र से सम्बंधित विषयों के विशेषज्ञ विद्यमान रहते हैं जिनके अनुभव का लाभ समय-समय पर निवेशकों को मिलता रहता है।

3. स्वरूप - मुद्रा बाजार के दो स्वरूप होते हैं - (1) संगठित बाजार में रिजर्व बैंक, सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक, निजी क्षेत्र के बैंक तथा सहकारी बैंक सम्मिलित हैं, (2) असंगठित बाजार में देशी बैंकर्स, साहूकार, चिटकोष आदि सम्मिलित हैं।


Q. 164713 सेबी के कोई चार नियामक कार्यों को लिखिये।
Right Answer is:

SOLUTION

सेबी के नियामक कार्य निम्नलिखित हैं:

1. निश्चित नियम एवं आचरण संहिता।

2. पंजीयन गतिविधियों का अभिलेख तैयार करना।

3. जाँच-पड़ताल एवं अंकेक्षण।

4. कम्पनियों के एकीकरण एवं अधिग्रहण का नियमन।


Q. 164714 राष्ट्रीय आयोग के आदेश के खिलाफ अपील कहाँ की जा सकती है?


A.

अन्यराष्ट्रीयआयोग।

B.

राज्यआयोग।

C.

जिलामंच।

D.

उच्चतमन्यायालय।

Right Answer is: D

SOLUTION

राष्ट्रीय आयोग के आदेश के खिलाफ अपील 30 दिनों के भीतर उच्चतम न्यायालय में की जा सकती है।


Q. 164715 आई एस आई चिन्ह का पुरा नाम हैः


A.

औधोगिक सुरक्षा संस्थान।

B.

औधोगिक सेवा संस्थान।

C.

भारतीय मानक संस्थान।

D.

भारतीय सुरक्षा संस्थान।

Right Answer is: C

SOLUTION

आई एस आई का पुरा नाम भारतीय मानक संस्थान है।माल पर आई एस आई चिन्ह माल की गुणवत्ता तथा मानकिकृत उत्पाद को सुनिश्चित करता है।


Q. 164716 चुनाव के अधिकार से आपका अभिप्राय है कि उपभोक्ता को अधिकार है:


A.

विवेकहीनविपणनगतिविधियोंकेलिएशिकायतकरनेका।

B.

चयनितउत्पादकेसाथखराबमालकोबदलवानेका।

C.

समानवस्तुओंकीविभिन्नकिस्मेंदेखनेका।

D.

वस्तुओंकीगुणवत्तातथामात्राकीजानकारीप्राप्तकरनेका।

Right Answer is: C

SOLUTION

एक उपभोक्ता के लिए समान प्रकार की वस्तुओं की विभिन्न किस्में होनी चाहिए। विपणनकर्ता गुणवत्ता, ब्रांड, किमत, आकार आदि से सम्बंधित विभिन्न उत्पादों को प्रस्तुत करने हेतु स्वतंत्र हो।


Q. 164717 उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम कि सवर्ष बना था।


A.

1966

B.

1976

C.

1986

D.

1996

Right Answer is: C

SOLUTION

उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम का गठन सन् 1986 में हुआ था। इसका उद्देश्य उपभोक्ताओं को उनके अधिकारों तथा जिम्मेदारियों के लिए जागरूक करना था, जिससे वे इन अधिकारों को तब लागु कर सके जब धोखेबाज उत्पादनकर्ताओं से उन्हें लुटे जाने से बचाना आवश्यक हो।


Q. 164718 उस सिद्धांत का नाम बताईए जो यह स्पष्ट करता है उपभोक्ता को माल क्रय करते समय अपनी आँखें खुलीए दिमाग सक्रिय और सावधान रहना
Right Answer is:

SOLUTION

क्रेता सावधान


Q. 164719 एक मृतक ग्राहक की ओर से कौन एक शिकायत दर्ज कर सकता है?
Right Answer is:

SOLUTION

एक मृतक ग्राहक का एक कानूनी प्रतिनिधि एक शिकायत दर्ज कर सकता है।


Q. 164720 1986 भारतीय मानक अधिनियम के ब्यूरो अधिनियम, 1986 के तहत कौनसे निशान को निर्गमित किया गया है?
Right Answer is:

SOLUTION

आईएसआई मार्क।


Q. 164721 सरिता बाजार से नूडल्स का एक पैकेट खरीदने के लिए गयी। उसे पैकेट पर कौनसे गुणवत्ता प्रमाणीकरण को देखना चाहिए?
Right Answer is:

SOLUTION

एफपीओ के निशान।


Q. 164722 अनिल कुमार ने अपने गृहनगर के जिला मंच में एक निर्माता के खिलाफ एक शिकायत दर्ज कराई है। राशि की वह अधिकतम सीमा क्या है जिसके लिए वह एक शिकायत दर्ज कर सकता है।
Right Answer is:

SOLUTION

मुआवजे के साथ-साथ माल और सेवाओं के मूल्य के लिए 20 लाख।


Q. 164723 राष्ट्रीय आयोग को किसने स्थापित किया?
Right Answer is:

SOLUTION

केंद्र सरकार।


Q. 164724 दोषपूर्ण माल के खिलाफ शिकायत दर्ज कराने के लिए खरीद के एक सबूत के रूप में क्या हो सकता है?
Right Answer is:

SOLUTION

कैश मेमो।


Q. 164725 जब एक पत्रिका को शीर्षक उपभोक्ता जागरण के तहत प्रकाशित किया जाता है तो कौनसे उपभोक्ता अधिकार पर प्रकाश डाला जाता है?
Right Answer is:

SOLUTION

उपभोक्ता शिक्षा का अधिकार।


Q. 164726 एक व्यापार फर्म अपना उपभोक्ता सेवा और शिकायत प्रकोष्ठ स्थापित करने के लिए कौनसा उपभोक्ता अधिकार स्वतंत्रता देता है?
Right Answer is:

SOLUTION

सुनवाई का अधिकार।


Q. 164727 सानिध्या ने एक ऑटोमोबाइल कंपनी से 7 लाख रुपए की एक डीजल कार खरीदी और पाया कि इसका इंजन दोषपूर्ण था। कई शिकायतों के बावजूद, दोष को सुधारा नहीं गया। उसे उपयुक्त प्राधिकारी सुझाऐं जहाँ वह उपभोक्ता संरक्षण कानून के तहत शिकायत दर्ज कर सकता है।
Right Answer is:

SOLUTION

जिला मंच।


Q. 164728 दो उपभोक्ता संगठनों का नाम दीजिए।
Right Answer is:

SOLUTION

दो उपभोक्ता संगठन हैं:
1.
सामान्य कारण
2.
उपभोक्ता शिक्षा के हित में स्वैच्छिक संगठन (वीओआईसीई)


Q. 164729 उपभोक्ता संरक्षण का क्या अर्थ है?
Right Answer is:

SOLUTION

यह विक्रेताओं द्वारा उपभोक्ता विरोधी व्यापार पद्धतियों के खिलाफ उपभोक्ताओं की रक्षा करने को संदर्भित करता है।


Q. 164730 उपभोक्ता संरक्षण परिषदों का नाम बताईए।
Right Answer is:

SOLUTION

उपभोक्ता संरक्षण परिषदें हैं:
1.
केन्द्रीय उपभोक्ता संरक्षण परिषद।
2.
राज्य उपभोक्ता संरक्षण परिषद।


Q. 164731 ‘उपभोक्ता जागरण’ नामक एक पत्रिका प्रकाशन किस उपभोक्ता अधिकार का एक उदाहरण है?
Right Answer is:

SOLUTION

उपभोक्ता शिक्षा का अधिकार।


Q. 164732 निम्नलिखित उपभोक्ता अदालतों के मुखिया के स्तर को स्पष्ट कीजिए:
- जिला मंच
- राज्य आयोग
- राष्ट्रीय आयोग
Right Answer is:

SOLUTION

स्तर है:
1.
जिला मंच - जिला अदालत के न्यायाधीश
2.
राज्य आयोग - उच्च न्यायालय के न्यायाधीश
3.
राष्ट्रीय आयोग - सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश


Q. 164733 निम्नलिखित मामलों में उपाय कहाँ प्राप्त होता है:
1. एक एलसीडी टीवी के निर्माता से - एक उपभोक्ता ने 59,000 रु के मुआवजे का दावा किया है।
2. जिला फोरम के आदेश से असंतुष्ट व्यथित पक्ष एक अपील करना चाहता था।
Right Answer is:

SOLUTION

निम्नलिखित मामलों में उपाय प्राप्त होते हैं:
1.
एक एलसीडी टीवी के निर्माता से - एक उपभोक्ता ने 59,000 रु के मुआवजे का दावा किया है - जिला आयोग
2.
जिला फोरम के आदेश से असंतुष्ट व्यथित पक्ष एक अपील करना चाहता था - राज्य आयोग


Q. 164734 राज्य आयोगों के आदेश के खिलाफ अपील दायर कहाँ की जा सकती है?
Right Answer is:

SOLUTION

राज्य आयोगों के आदेश के खिलाफ अपील राष्ट्रीय आयोगों में दायर की जा सकती है।


Q. 164735 एक कानून जो उपभोक्ताओं को संरक्षण प्रदान करते हैं बताइए।
Right Answer is:

SOLUTION

प्रंसविदा अधिनियम, 1982- यह अधिनियम शर्तं निर्धारित करता है जिनके अनुसार किसी अनुबंध के पक्षों में जो वायदे किए हैं उनको पूरा करने के लिए वे बाध्य होंगे। यह अधिनियम अनुबंध को तोड़ने पर इससे जुड़े पक्षों को उपलब्ध प्रतिकार का निर्धारण करता है।


Q. 164736 उपभोक्ताओं की दृष्टिकोण से, उपभोक्ता संरक्षण के महत्त्व को कोई एक बिंदु के द्वारा समझाइए।
Right Answer is:

SOLUTION

उपभोक्ता की अज्ञानता- उपभोक्ताओं में  व्यापक रूप से अपने अधिकारों के ज्ञान की अज्ञानता एवं उनको प्राप्त सहायता को ध्यान में रखते हुए उनको इन सबके संबंध में शिक्षा देना आवश्यक हो जाता है जिससे कि उनमें जागरुकता पैदा हो।


Q. 164737 निम्नलिखित मामलों में उल्लंघन किये जा रहे एक उपभोक्ता के प्रासंगिक अधिकारों की पहचान कीजिए।
1. तैजाब की एक बोतल बेची गई, लेकिन इसका ढक्कन ठीक से बंद नहीं किया गया।
2. दवा को इसकी पैकिंग पर बिना निर्माण तिथि और समाप्ति तिथि के बेच दिया गया।
3. मदन ने 2 साल की वारंटी के साथ एक कूलर खरीदा है। कूलर ने 6 महीने के भीतर समस्या देना शुरू कर दिया। मदन ने विक्रेता से संपर्क किया। विक्रेता ने उसकी शिकायतों को नहीं सुना।
4. विक्रेता ने उपलब्ध उत्पाद की खरीद करने के लिए उपभोक्ता को मजबूर किया।
Right Answer is:

SOLUTION

वह अधिकार जिनका उल्लंघन किया गया है निम्नलिखित हैं:
1.
तैजाब की एक बोतल बेची गई, लेकिन इसका ढक्कन ठीक से बंद नहीं किया गया - सुरक्षा का अधिकार।
2.
दवा को इसकी पैकिंग पर बिना निर्माण तिथि और समाप्ति तिथि के बेच दिया गया - सूचना का अधिकार।
3.
मदन ने 2 साल की वारंटी के साथ एक कूलर खरीदा है। कूलर ने 6 महीने के भीतर समस्या देना शुरू कर दिया। मदन ने विक्रेता से संपर्क किया। विक्रेता ने उसकी शिकायतों को नहीं सुना - सुनवाई का अधिकार।
4.
विक्रेता ने उपलब्ध उत्पाद की खरीद करने के लिए उपभोक्ता को मजबूर किया - चयन का अधिकार।


Q. 164738 ‘उपभोक्ताओं के हित के संरक्षण में मदद करने वाले भारत सरकार द्वारा पारित 5 अधिनियमों को सूचीदद्ध कीजिए।
Right Answer is:

SOLUTION

उपभोक्ताओं के हित के संरक्षण में मदद करने वाले भारत सरकार द्वारा पारित 5 अधिनियम हैं:
1.
उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम, 1986
2.
वस्तु विक्रय अधिनियम, 1930
3.
खाद्य अपमिश्रण निवारण अधिनियम, 1954
4.
आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955
5.
ट्रेड मार्क अधिनियम, 1999


Q. 164739 राज्य आयोग की संरचना और अधिकार क्षेत्र को स्पष्ट कीजिए।
Right Answer is:

SOLUTION

राज्य आयोग किसी उच्च न्यायालय के न्यायाधीश और दो अन्य सदस्यों के नेतृत्व में होता है। इसमें शिकायतें तब की जाती हैं जब मुआवजे के साथ-साथ वस्तुओं या सेवाओं का मूल्य 20 लाख रुपये से अधिक परंतु 1 करोड़ से कम का दावा किया गया हो।


Q. 164740 निवारण लेने के अधिकार को स्पष्ट कीजिए।
Right Answer is:

SOLUTION

उपभोक्ताओं के पास माल और सेवाओं के प्रदर्शन, ग्रेड, गुणवत्ता आदि से संबंधित शिकायतों के निवारण का अधिकार होता है। निवारण मंच जिले, राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर उपलब्ध हैं।
उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम के तहत उपभोक्ता को उपलब्ध राहतें हैं:
-
उत्पाद का प्रतिस्थापन।
-
उत्पाद में दोष को हटाना।
-
नुकसान के लिए मुआवजे का सामना करना।


Q. 164741 उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम के तहत उपभोक्ताओं को उपलब्ध राहतें क्या हैं?
Right Answer is:

SOLUTION

उपभोक्ता द्वारा शिकायत और राहत की प्रकृति के आधार पर निवारण मंच या कमीशन निम्नलिखित राहतों में से एक या एक से अधिक के लिए आदेश दे सकते हैं:
-
माल से दोषों का हटाना।
-
दोषपूर्ण माल का प्रतिस्थापन।
-
भुगतान की गई कीमत की वापसी।
-
नुकसान या चोट के खिलाफ पर्याप्त मुआवजा प्राप्त करना।


Q. 164742 उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम के तहत कौन एक मामला दर्ज करा सकता है?
Right Answer is:

SOLUTION

उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम 1986 के तहत निम्नलिखित व्यक्तियों द्वारा एक शिकायत दर्ज करायी जा सकती हैं:
1.
एक उपभोक्ता;
2.
किसी भी मान्यता प्राप्त स्वैच्छिक उपभोक्ता संघ द्वारा चाहे उपभोक्ता उस संघ का सदस्य हो या नहीं;
3.
केन्द्रीय या कोई भी राज्य सरकार; और जहाँ कई उपभोक्ताओं के समान मामले हों वहाँ एक या एक से अधिक उपभोक्ता।
4.
एक उपभोक्ता की मौत के मामले में वारिस या कानूनी प्रतिनिधि।


Q. 164743 कोई भी तीन उपभोक्ता दायित्वों को स्पष्ट कीजिए।
Right Answer is:

SOLUTION

उपभोक्ताओं के दायित्व हैं:
1.
अधिकारों का प्रयोग: उपभोक्ताओं को अपने अधिकारों के बारे में पता होना चाहिए। उन्हें बाजार से उत्पादों और सेवाओं की खरीद करते समय इन अधिकारों का प्रयोग करना चाहिए।
2.
पूरी जानकारी के लिए पूछना: एक उत्पाद या सेवा को खरीदने से पहले, उपभोक्ताओं को उत्पाद के बारे में पूरी जानकारी के लिए पूछना चाहिए।
3.
गुणवत्ता के प्रति जागरूक रहना: उपभोक्ताओं को आईएसआई, एफपीओ, एगमार्क आदि जैसे गुणवत्ता प्रमाणीकरण के निशानों पर ध्यान देना चाहिए।


Q. 164744 अपनी मूक विशेषताओं के साथ उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम 1986 को स्पष्ट कीजिए।
Right Answer is:

SOLUTION

उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम 1986 में पारित हुआ था तथा इसे 1 जुलाई 1987 से लागू किया गया था। इस अधिनियम का मुख्य उद्देश्य दोषपूर्ण माल और सेवाओं की कमी और अनुचित व्यापार व्यवहार के रूप में शोषण आदि के खिलाफ उपभोक्ताओं के लिए प्रभावी सुरक्षा उपायों को बेहतर करना और चैतरफा सुरक्षा प्रदान करना होता है।
उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम (सीपीए) 1986 की मुख्य विशेषताएँ इस प्रकार हैं:
1.
यह निजी, सार्वजनिक और साथ ही सहकारी क्षेत्र पर भी लागू होता है।
2.
यह जिला मंच, राज्य आयोग, राष्ट्रीय आयोग जैसे निवारण मंचों/परिषदों के माध्यम से उपभोक्ताओं के हितों को बढ़ावा एवं सुरक्षा देता है।
3.
यह उपभोक्ताओं के छः अधिकारों को एक वैधानिक मान्यता प्रदान करता है।
4.
उपभोक्ता द्वारा की शिकायत और राहत की प्रकृति के आधार पर निवारण मंच या कमीशन व्यापार को उपभोक्ताओं के लिए राहतों के लिए एक या एक से अधिक आदेश दे सकता है।


Q. 164745 जिला मंच, राज्य आयोग और राष्ट्रीय आयोग के बीच अंतर कीजिए।
Right Answer is:

SOLUTION

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Q. 164746 उपभोक्ता संरक्षण के तीन तरीकों को स्पष्ट कीजिए।
Right Answer is:

SOLUTION

उपभोक्ताओं की रक्षा करने के तीन तरीके हैं:
1.
व्यापार द्वारा स्व विनियमन - व्यापार को उपभोक्ताओं के हित के बारे में सोचने तथा निष्पक्ष व्यापार व्यवहार सुनिश्चित करने की जरूरत है और व्यापार को एक निश्चित अनुशासन और व्यापार संघों के माध्यम से बेहतर व्यवहार को लागू करना चाहिए।
2.
उपभोक्ता स्वयं सहायता - उपभोक्ताओं को अपने अधिकारों और जिम्मेदारियों के बारे में जागरूक होने की जरूरत है और उन्हें अपने हितों की रक्षा के लिए उपभोक्ता परिषदों के पास जाना चाहिए। उनके अपने हितों की रक्षा और अपनी शिकायतों का समाधान करने के लिए उपभोक्ता मंचों की सहायता लेनी चाहिए।
3.
विधान विनियमन - सरकार शोषण से उपभोक्ताओं को बचाने के क्रम में व्यापार प्रथाओं को नियंत्रित करती है। भारत सरकार ने आपूर्ति, कीमत, गुणवत्ता, उत्पादन, आदि को विनियमित करने के लिए कई अधिनियमों को पारित किया है।


Q. 164747 भारत के कानूनी ढाँचे के उपभोक्ताओं को संरक्षण प्रदान करने वाले किन्हीं चार कानूनों को संक्षेप में समझाइए। [1+1+1+1]
Right Answer is:

SOLUTION

भारत के कानूनी ढाँचे के उपभोक्ताओं को संरक्षण प्रदान करने वाले चार कानून निम्नलिखित हैं:-

(1) प्रंसविदा अधिनियम, 1982 - यह अधिनियम शर्ते निर्धारित करता है जिनके अनुसार किसी अनुबंध के पक्षों में जो वायदे किए हैं उनको पूरा करने के लिए वे बाध्य होंगे। यह अधिनियम अनुबंध को तोड़ने पर इससे जुड़े पक्षों  को उपलब्ध प्रतिकार का निर्धारण करता है।

(2) वस्तु विक्रय अधिनियम 1930 - यह अधिनियम क्रेताओं को उस स्थिति में कुछ संरक्षण प्रदान करता है जबकि उन्होंने जो वस्तुएँ खरीदी है वह  घोषित अथवा गर्भित शर्त अथवा आश्वासन के अनुरूप नह हों।

(3)आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 - यह अधिनियम आवश्यक वस्तुओं के उत्पादन, आपूर्ति एवं वितरण पर नियंत्रण, इनके मूल्यों की वृद्धि की प्रवृति   को रोकने तथा इनके समान वितरण को सुनिश्चित करता है। इस कानून में अनुचित लाभ कमाने वाले जमाखोर एवं कालाबाजारियों की समाज विरोधी कार्यवाहियों के विरूद्ध कार्यवाही करने का भी प्रावधान है।

(4) खाद्य मिलावट अवरोध अधिनियम, 1954 - यह अधिनियम खाद्य पदार्थों में मिलावट पर अंकुश लगाता है एवं जनसाधारण के स्वास्थ्य के हित में शुद्धता सुनिश्चित करता है।


Q. 164748 सेबी की स्थापना हुई थी


A.

1995में

B.

1990में

C.

1980में

D.

1987में

Right Answer is: B

SOLUTION

सेबी की स्थापना 1990 में हुई थी


Q. 164749 निम्नलिखित में से किस का स्कन्धविनिमय बाजार में क्रय एवं विक्रय नहीं किया जाता है?


A.

अंश

B.

ऋण-पत्र

C.

बॉन्ड्स

D.

प्रतिज्ञा-पत्र

Right Answer is: D

SOLUTION

प्रतिज्ञा-पत्र का स्कन्धविनिमय बाजार में क्रय एवं विक्रय नहीं किया जाता है


Q. 164750 सेबी द्वारा तय बदला सौदों पर मार्जिन है


A.

12%

B.

52%

C.

10%

D.

14%

Right Answer is: C

SOLUTION

सेबी द्वारा तय बदला सौदों पर मार्जिन10%है


Q. 164751 पूंजी बाज़ार के अंग है-


A.

दो

B.

पाँच

C.

तीन

D.

चार

Right Answer is: A

SOLUTION

पूंजी बाज़ार के दो अंगहै -संगठित पूंजीबाज़ार, असंगठित पूंजीबाज़ार।


Q. 164752 पूंजी बाज़ार के कार्य हैं –


A.

मालका क्रय विक्रय करना।

B.

माल का उत्पादन करना।

C.

वस्तुओं का क्रय विक्रय करना।

D.

प्रतिभूतियों का क्रय विक्रय करना।

Right Answer is: D

SOLUTION

पूंजी बाज़ार का कार्य दीर्घकालीन प्रतिभूतियों का क्रय विक्रय करना होता है।


Q. 164753 स्कंध बाज़ार होता है -


A.

अल्पकालीन पूंजी बाज़ार।

B.

मध्यकालीन पूंजी बाज़ार।

C.

दीर्घकालीन पूंजी बाज़ार।

D.

अंशकालिक पूंजी बाज़ार।

Right Answer is: C

SOLUTION

स्कंध बाज़ार दीर्घकालीन पूंजी बाज़ार होता है।


Q. 164754 चालू सम्पतियों के उदाहरण तरलता क्रम में बताइए ।
Right Answer is:

SOLUTION

तरलता क्रम में चालू सम्पत्तियों के उदाहरण हैं :--

(1) हस्तगत रोकड़ / बैंक रोकड़

(2) बाजा़र प्रतिभूतियाँ

(3) प्राप्य विपत्र

(4) देनदार

(5) निर्मित काल स्कंध

(6) अर्धनिर्मित माल

(7) कच्चा माल

(8) पूर्वदत्त व्यय


Q. 164755
एक कम्पनी के अंशधारक विनियोजित पूँजी में एक ऋण तत्व के साथ किस प्रकार आय प्राप्त करते हैं? एक उदाहरण की सहायता के साथ स्पष्ट कीजिए।
Right Answer is:

SOLUTION

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Q. 164756
ऐसे पांच तत्वों को स्पष्ट कीजिए जो एक कम्पनी की पूँजी संरचना को प्रभावित करते हैं।
Right Answer is:

SOLUTION

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Q. 164757
जैन लि. (टेलीविजन निर्माता कम्पनी) के वित्तीय प्रबंधक श्री एक्स, नये वित्तीय वर्ष के लिए कार्यशील पूँजी आवश्यकता के लिए बजट तैयार कर रहे हैं। जैन लित्र की कार्यशील पूँजी आवश्यकता का निर्धारण करते समय उन्हें अपने दिमाग में क्या रखना चाहिए?
Right Answer is:

SOLUTION

प्रत्येक व्यवसाय को अपने प्रतिदिन के परिचालनों को अच्छे से करने के लिए चालू सम्पत्तियों में विनियोग करने की आवश्यकता होती है। श्री एक्स को कार्यशील पूँजी की आवश्यकता को प्रभावित करने वाले निम्नलिखित तत्वों को ध्यान में रखना चाहिए:

1. व्यवसाय की प्रकृति:- व्यवसाय की रोकड़ प्रकृति की स्थिति में, स्कंध तथा ऋणों की पुस्तकें कम होती है, इसलिए कम कार्यशील पूँजी की आवश्यकता होती है। ऐसा इसलिए, सार्वजनिक आवश्यकताओं के माल तथा सेवाओं को नकद बेचा जाता है इसलिए इसे कम कार्यशील पूँजी के साथ चलाया जा सकता है।

दुसरी तरफ, व्यापारिक तथा निर्माणी व्यवसायों को बड़े स्टाॅक तथा ऋण पुस्तकें रखते हैं, इसलिए इनकी अधिक शुद्ध कार्यशील पूँजी होती है। जैसा कि जैन लि. एक निर्माणी संगठन है, तो इसे अधिक कार्यशील पूँजी की आवश्यकता होती है।

2. तकनीकी तथा उत्पादन चक्र:- उत्पादन चक्र अर्थात माल के निर्माण की प्रक्रिया में शामिल समय अर्थात कच्चे माल की खरीद और तैयार माल के उत्पादन के बीच की अवधि। उत्पादन चक्र की लंबी अवधि की स्थिति में, उच्च कार्यशील पूंजी की आवश्यकता होगी। उत्पादन में नयी तकनीकी का उपयोग, माल के लिए अग्रिम भुगतान और नकद विक्रय आदि के द्वारा कार्यशील पूंजी की मात्रा में कमी हो सकती है।

एक ही समय में, आधुनिक प्रौद्योगिकी, मशीनों और उपकरणों के उपयोग से उत्पादन की प्रक्रिया को तेज और सुविधाजनक बनाया जा सकता है। कच्चे माल को तैयार माल में तैयार करना भी तेज हो जाता है। श्रम लागत कम होती है। इस तरह कार्यशील पूंजी की आवश्यकता कम हो जाती है। जैसा कि जैन लिमिटेड की निर्माण प्रक्रिया लम्बी है तो इसे अधिक कार्यशील पूंजी की जरूरत होती है।

3. व्यापार /व्यवसाय चक्र के उतार चढ़ाव:- व्यापार चक्र के संचालन के परिणामस्वरूप अर्थव्यवस्था में उछाल, मंदी, अवसाद और वसूली होती है। उछाल की स्थितियों में, माल की मांग में वृद्धि होती है जिससे मूल्य, उत्पादन और व्यापार गतिविधियों के विस्तार की वृद्धि होती है। इस मांग को पुरा करने और संयंत्र के आधुनिकीकरण के लिए करने के लिए कार्यशील पूंजी की बड़ी राशि की आवश्यकता होगी। अवसाद और मंदी के मामले में, व्यावसायिक गतिविधियों, मांग में गिरावट, व्यपार धीमे स्तर पर चलता है तथा देनदार भी कम हो जाते हैं। इसलिए कम कार्यशील पूंजी की आवश्यकता होती है। ऐसी अवधि पर निर्भर जिसमें इसको संचालित किया जाता है, जैन लि. को कार्यशील पूँजी आवश्यकता का निर्धारण करने की आवश्यकता होती है।

4. साख नीति:- साख नीति पूंजी की मात्रा पर दोहरा प्रभाव डालती है। सबसे पहले एक कम्पनी द्वारा साख की अनुमती दी जाती तथा तत्पश्चात् अन्य कम्पनियों द्वारा कम्पनी को साख अनुमती दी जाती है। अधिक उधार विक्रय के लिए अधिक कार्यशील पूँजी की आवश्यकता होती है तथा रोकड़ विक्रय की स्थिति में कम कार्यशील पूँजी की आवश्यकता होती है। दूसरी तरफ, यदि कम्पनी आपूर्तिकर्ता से उधार में माल ले कर ग्राहक को उपलब्ध कराती है तो कम कार्यशील पूँजी की आवश्यकता होती है या इसका उल्टा होता है। अपने द्वारा दिये गये उधार की अनुमती या इसको दी गई उधार की अनुमती के अनुसार जैन लिमिटेड को कार्यशील पूंजी की आवश्यकता को निर्धारित करने की आवश्यकता है।


Q. 164758 नव नियुक्त वित्तीय प्रबंधक श्री अमन को कम्पनी के वित्त निदेशक को अपनी रिपोर्ट जमा करवानी है। वह यह समझने में सक्षम नहीं है कि रोकड़ प्रवाह, कर की दर, प्रवर्तन लागत तथा विनियोगों पर प्रत्याय एक कम्पनी की पूँजी संरचना को कैसे प्रभावित करते हैं।
इस स्थिति को समझने में श्री अमन की सहायता कीजिए।
Right Answer is:

SOLUTION

प्रत्येक निम्नलिखित तत्व एक संगठन की पूँजी संरचना को प्रभावित करता है:

1. रोकड़ प्रवाह :- ऋ़ण जारी करने से पूर्व परियोजित रोकड़ प्रवाह के आकार को लिया जाना चाहिए। रोकड़ प्रवाह केवल स्थायी रोकड़ भुगतानों को कवर नहीं करना चाहिए, बल्कि पर्याप्त आधिक्य भी होना चाहिए।

2. कर की दर :- ऋणों पर ब्याज कर में से कटौती योग्य व्यय होता है। अतः ऋण के कर की दर के पश्चात कम हो जाते हैं, तथा ये ऋण को समता पूँजी की तुलना में अधिक सस्ता बनाता है। उदाहरण के लिए, यदि ऋण पर ब्याज की दर 12: है, कर की दर 30: है, तो कर पश्चात् ब्याज दर 8.4: है।

3. प्रवर्तन लागत :- कोषों को एकत्र करने में लागत शामिल होती है। अंशों तथा ऋणपत्रों के निर्गमन के जरिए धन जुटाने में शामिल लागत काफी होती है जबकि वित्तीय संस्थाओं से ऋण के माध्यम से धन जुटाने की लागत कम होती है। इसलिए, संगठन को पूँजी में शामिल लागत पर विचार करना जरूरी होता है।

4. विनियोगों पर प्रत्याय :- विनियोगों पर प्रत्याय समता पर व्यापार को उपयोग करने की कम्पनी की क्षमता का महत्वपूर्ण निर्धारक होता है। यदि विनियोगों पर प्रत्याय अधिक होती है, तो एक संगठन अंशधारियों के लिए प्रतिअंश अर्जन को बढ़ाने के लिए समता पर व्यापार का चयन कर सकती है। अर्थात, वह पूँजी संरचना पर अधिक ऋण का उपयोग करेगी, जो सकारात्मक वित्तीय उत्तोलन होता है। दुसरी तरफ, कम विनियोगों पर प्रत्याय ज्यादा समता पूँजी उपयोग करने के लिए संगठन को प्रेरित करेगी।


Q. 164759 अधोलिखितानां पदानां स्थाने पाठे किं पदं प्रयुक्तम् - यथा – तीक्षणा = निशिता 1. घृणां न करोति 2. आसनम् 3. पदन्यासं कुर्वन्ति 4. जानीत 5. शरीराणि 6. दुःखेन गन्तम् शक्या 7. प्रियं हितकरम् (वचनम्) 8. मार्गः 9. असत्यम् 10. जलम्
Right Answer is:

SOLUTION

यथा – तीक्षणा = निशिता

1. घृणां न करोति = न विजुगुप्सते

2. आसनम् = तृणानि

3. पदन्यासं कुर्वन्ति = आक्रमन्ति

4. जानीत = निबोधत

5. शरीराणि = गात्राणि

6. दुःखेन गन्तम् शक्या = दुरत्यया

7. प्रियं हितकरम् (वचनम्) = सूनृता वाक्

8. मार्गः = पन्थाः

9. असत्यम् = अनृतम्

10. जलम् = उदकम्


Q. 164760 पठितांश-अवबोधक-परक-प्रश्नाः एकपदेन उत्तरत - 1. वयं कान् देववत् सम्मानयामः? 2. वयं सर्वान् प्राणिनः किंवत् पश्यामः? 3. अद्भिः कानि शुध्यन्ति? 4. मनः केन शुध्यति ? 5. किं जयति ? 6. सत्यस्य निधानं किम्? 7. सः कति भूतानि अनुपश्यति ? 8. मानवः सर्वाणि भूतानि कुत्र अनुपश्यति ? 9. मानवः आत्मानाम् कुत्र अनुपश्यति ? 10. सः सर्वभूतेषु कम् अनुपश्यति ?
Right Answer is:

SOLUTION

1. अतिथीन्।

2. आत्मवत्।

3. गात्राणि।

4. सत्येन।

5. सत्यम्।

6. परमम्।

7. सर्वाणि।

8. आत्मनि।

9. सर्वभूतेषु।

10. आत्मानम्।


Q. 164761 पठितांश-अवबोधन-परक-प्रश्नाः निर्देशानुसारम् उत्तरत - 1. ‘अहिंसा परमो धर्मः अत्र विशेषणपदं चिनुत। 2. ‘एकत्रितः’ इति पदस्य किं पर्यायपदम् अत्रप्रयुक्तम? 3. ‘ज्ञानम्’ इति पदस्य किं विलोमपदम् अत्र प्रयुक्तम् ? 4. ‘वयम् अतिथीन्’ अत्र ‘वयम्’ इति सर्वनामपदं केभ्यः प्रयुक्तम् ? 5. ‘उच्छिद्यन्ते’ इत्यस्य कर्तृपदं किम् ? 6. ‘शरीराणि’ इत्यर्थे अत्र किं पर्यायपदं प्रयुक्तम्? 7. ‘हिंसया’ इत्यर्थे अत्र किं विलोमपदं प्रयुक्तम्? 8. ‘ऋषयः पदस्य किं विशेषणम श्लोके प्रयुक्तम ? 9. ‘आप्तकामाः’ पदस्य समासविग्रहं कुरूत। 10. ‘सर्वाणि भूतानि' इति पदयोः विशेषणपदं किम् ?
Right Answer is:

SOLUTION

1. परमः

2. संकलित:

3. अज्ञानम्

4. भारतीयेभ्यः

5. एतानि

6. गात्राणि

7. अहिंसया

8. आप्तकामाः

9. आप्ताः कामाः यैः तैः

10. सर्वाणि


Q. 164762 पठितांश-अवबोधन-परक-प्रश्नाः पूर्णवाक्येन उत्तरत - 1. पाठे केषां सन्देशः संकलित ? 2. तानि कानि चत्वारि वस्तूनि सन्ति यानि सतां गेहे नोच्छिद्यन्ते ? 3. गात्राणि, बुद्धिः, भूतात्मा, मनः च क्रमशः केन केन शुध्यति ? 4. क्षुरस्य धारा कीदृशः भवति? 5. आप्तकामाः ऋषयः कुत्र आक्रमन्ति ?
Right Answer is:

SOLUTION

1. पाठे धर्मसूत्राणाम्, स्मृतीनाम्, उपनिषदां च सन्देशः संकलितः।

2. तृणानि, भूमिः, उदकं, चतुर्थी च सूनृता वाक् सतां गेहे नोच्छिद्यन्ते।

3. गात्राणि, बुद्धिः भूतात्मा, मनः च क्रमशः जलेन, अहिंसया, सत्येन च शुध्यति।

4. क्षुरस्य धारा निषिता दुरत्यया च भवति

5. आप्तकामाः ऋषयः सत्यपथे आक्रमन्ति।


Q. 164763 पठितांश-अवबोधन-परक-प्रश्नाः
एकपदेन उत्तरत - 1. अन्यथा निराधारा पृथ्वी कुत्र न तिष्ठेत् ? 2. बटुः कुतः निर्गच्छति ? 3. बटुः कम् प्रणमति ? 4. कः षण्णाम् ऋतूनां कारणम् ? 5. वेदाः कस्य वन्दिनः? 6. “अनेन एव कृता कल्पभेदाः।” अस्मिन् वाक्ये किम् अव्ययपदम् प्रयुक्तम्? 7. कः अहोरात्रं जनयति? 8. ‘रम्यम्’ इत्यस्य अत्र किं पर्यायपदम् प्रयुक्तम्?
Right Answer is:

SOLUTION

1. आकाशे

2. पर्णकुटीरात्

3. भास्वन्तम् (सूर्यम्)

4. सूर्यः

5. सूर्यस्य

6. एव

7. सूर्यः

8. रमणीयम्


Q. 164764 पठितांश-अवबोधन-परक-प्रश्नाः निर्देशानुसारम्उत्तरत - 1. ‘एषा पृथिवी’ अत्र विशेषणपदं किम् ? 2. ‘साधारा’ इत्यस्य किं विलोमपदम् अत्र प्रयुक्तम्? 3. ‘महत्वम्’ इत्यस्य अत्र किं पर्यायपदं प्रयुक्तम् ? 4. ‘उत्कृष्टम् उदाहरणम्’ अनयोः विशेष्यपदं चित्वा लिखत। 5. ‘षण्णाम्’ इति कस्य विशेषणम् ? 6. ‘सूर्यः एव प्रकृतेः आधारः’इति पाठः कस्माद् ग्रन्थात् संकलित ? 7. ‘गायत्री अमुम् एव गायति।’अत्र कर्तृपदं किम्? 8. ‘अहश्च रात्रिश्च‘ अनयोः स्थाने किं पदं प्रयुक्तम् ?
Right Answer is:

SOLUTION

1. एषा

2. निराधारा

3. महिमा

4. उदाहरणम्

5. ऋतूनाम्

6. ‘शिवराज विजयः' नाम ग्रन्थात्।

7. गायत्री

8. अहोरात्रम्


Q. 164765 पठितांश-अवबोधन-परक-प्रश्नाः
पूर्णवाक्येन उत्तरत - 1. सूर्यं बिना वनस्पतिनाम् का दशा भविष्यति ? 2. सूर्यस्य महिमा कुत्र-कुत्र वर्णितः ? 3. सूर्यादयस्य कीदृशम् वर्णनम् उपलभ्यते ? 4. भाषायाः सौन्दर्यस्य कीदृशम् उदाहरणं प्राप्यते ?
Right Answer is:

SOLUTION

1. सूर्यं बिना वनस्पतिनाम् अस्तित्वं समाप्तम् भविष्यति ।

2. सूर्यस्य महिमा वेदेषु उपनिषस्तु च वर्णितः ।

3. सूर्यादयस्य रम्यम् अद्भुतम् विज्ञानमयम् वर्णनम् उपलभ्यते ।

4. भाषायाः सौन्दर्यस्य उत्कृष्टम् उदाहरणं प्राप्यते ।


Q. 164766 शब्दानां मूलशब्दं विभक्तिं चं प्रदर्श्य तालिकां पूरयत-
यथा- भगवतः भगवत् षष्ठी एक्वचनम
मरीचिमालिनः मरीचिमालिन् ...... .....
चक्रवर्ती ...... प्रथमा एकवचनम्
दिशः दिश ...... एकवचनम्
प्रेयान् प्रेयस ...... ......
षण्णाम् षड् ...... ......
परमेष्ठिनः ...... षष्ठी एकवचन
वन्दिन‘ ...... प्रथमा बहुवचनम्
अमुम् अदस् ...... ......
विश्वेषाम् ...... षष्ठी बहुवचनम्
पूर्वस्याम् पूर्व ...... ......
Right Answer is:

SOLUTION

मरीचिमालिनः

मरीचिमालिन्

षष्ठी

एकवचनम्

चक्रवती

चक्रवर्तिन्

प्रथमा

एकवचनम्

दिशः

दिश्

षष्ठी

एकवचनम्

प्रेयान्

प्रेयस्

प्रथमा

एकवचनम्

षण्णाम्

षड्

षष्ठी

बहुवचनम्

परमेष्ठिनः

परमेष्ठिन्

षष्ठी

एकवचन

वन्दिन

वन्दिन्

प्रथमा

बहुवचनम्

अमुम्

अदस्

द्वितीया

एकवचनम्

विश्वेषाम्

विश्व

षष्ठी

बहुवचनम्

पूर्वस्याम्

पूर्व

सप्तमी

एकवचनम्


Q. 164767 पठितांश-अवबोधन-परक-प्रश्नाः एकपदेन उत्तरत - 1. कुसुमपुरे कस्य प्रसादः वर्तते? 2. आकाशं प्रति कः उद्वीक्षते ? 3. कुसुमपुरे आघोषितस्य महोत्सवस्य किं नाम ? 4. चन्द्रगुप्तः कं शिरसा प्रणम्य विज्ञापयति ? 5. कस्य चरणयोः कञ्चुकी प्रेषितः ? 6. वृषलः कः अस्ति ? 7. वृषलेन कः आहूत ? 8. कः अभियोक्तुम् उद्यतः ?
Right Answer is:

SOLUTION

1. चन्द्रगुप्तस्य

2. कञ्चुकी

3. कौमुदीमहोत्सवः

4. चाणक्यम्

5. चाणक्यस्य

6. चन्द्रगुप्तः

7. चाणक्यः

8. मलयकेतुः


Q. 164768 अवबोधन-परक प्रश्नाः निर्देशानुसारम् उत्तरत - 1. ‘अतिरमणीयम् कुसुमपुरम्’ अत्र विशेष्यपदं किम् ? 2. 'द्रष्टुम्' इत्यर्थे अत्र किं पर्यायपदम् ? 3. ‘विलम्बध्वम्’ इत्यस्य अत्र किं विलोमपदं प्रयुक्तम्? 4. ‘आरोहतु’ इति क्रियापदस्य कर्तृपदं किम् ? 5. 'पृथिव्याम्' इति स्थाने किं पदमत्र प्रयुक्तम् ? 6. ‘विदितः’ इत्यस्य अत्र किं समानार्थकपदं प्रयुक्तम् ? 7. ‘अभियुक्तानाम्’ इत्यस्य किं विपरीतार्थकपदम् अत्र प्रयुक्तम्? 8. ‘उद्यतः’ अस्याः क्रियायाः कर्तृपदं किम्?
Right Answer is:

SOLUTION

1. कुसुमपुरम्

2. अवलोकयितुम्

3. त्वरध्वम्

4. ‘देवः’ इति कर्तृपदम्

5. ‘भूमौ’ इति पदं प्रयुक्तम्

6. ज्ञातः

7. अनभियुक्तानाम्

8. ‘मलयकेतुः’ इति कर्तृपदम्


Q. 164769 अवबोधन-परक प्रश्नाः पूर्णवाक्येन उत्तरत - 1. चन्द्रगुप्तः कथं कुसुमपुरं रमणीयम् अवलोकयितुम् इच्छति? 2. धार्मिकनृपस्य किं महत् कष्टदायकम् ? 3. देवः चन्द्रगुप्तः कम् द्रष्टुमिच्छति? 4. चन्द्रगुप्तः आर्यं चाणक्यं किं विज्ञापयति ? 5. नेपथ्ये वैतालिकौ किम् कुरुतः ? 6. राजा वैहीनरिम् किम् आदिशति ? 7. राजा सक्रोधम् चाणक्यं किं कथयति ? 8. का गरीयसी, प्रथमं किम् ततः किम् ?
Right Answer is:

SOLUTION

1. चन्द्रगुप्तः कौमुदी-महोत्सव-कारणेन-कुसुमपुरं रमणीयम् अवलोकयितुम् इच्छति।

2. धार्मिकनृपस्य कृते राज्यं महत्कष्टदायकम्।

3. देवः चन्द्रगुप्तः आर्यचाणक्यं द्रष्टुमिच्छति।

4. चन्द्रगुप्तः चाणक्यं एवं विज्ञापयति- यदि आर्यस्य कार्यं बाधा न स्यात् तर्हिः अहम् आर्यम् द्रष्टुम् इच्छामि।

5. नेपथ्ये वैतालिकौ काव्यपाठं कुरुतः।

6. राजा आदिशति – वैहीनरिम् ! आभ्यां वैतालिकाभ्यां सुवर्णशतसहस्रं दापय।

7. राजा सक्रोधम् कथयति –आर्येण सर्वत्र मम चेष्टा अवरुध्यते| अतः राज्यं मम कृते बन्धनम् जातम् अस्ति।

8. राष्ट्रचिन्ता गरीयसी, प्रथमं राष्ट्रसंरक्षणं ततः उत्सवाः सन्ति।


Q. 164770 अधोलिखित प्रातिपदिकानां प्रथमाविभक्तौ एकवचने सम्बोधने च एकवचने रुपं लिखत -
प्रातिपदिकम् प्रथमा-एकवचने सम्बोधन-एकवचने
1. भद्र ---------- हे ---------
2. देव ---------- हे ---------
3. वत्स ---------- हे ----------
4. वृषल ---------- हे ----------
5. वैहीनरि ---------- हे ----------
Right Answer is:

SOLUTION

प्रातिपदिकम्

प्रथमा-एकवचने

सम्बोधन-एकवचने

1. भद्र

भद्रः

हे भद्र!

2. देव

देवः

हे देव!

3. वत्स

वत्सः

हे वत्स!

4. वृषल

वृषलः

हे वृषल!

5. वैहीनरि

वैहीनरिः

हे वैहीनरे!


Q. 164771 पठितांश-अवबोधन-परक-प्रश्नाः एकपदेन उत्तरत - 1. मत्स्यजीविनः किं दृष्ट्वा प्रभाते आगमनाय चिन्तयन्ति? 2. ते त्रयः मत्स्याः कुत्र प्रतिवसन्ति ? 3. कः सर्वान् मत्स्यान् आहूय अवदत्? 4. बलिनः शत्रोः अशक्तैः किं कर्तव्यम् ? 5. साम्प्रतं क्षणमपि अत्र किं कर्तुम् न युक्तम् ? 6. के देहभंगं कुलक्षयं च न पश्यन्ति ? 7. सुरक्षितं कथं विनश्यति ? 8. यद्भविष्यः कीदृशं सरः त्यक्तुं न इच्छति ?
Right Answer is:

SOLUTION

1. जलाशयम्

2. जलाशये

3. अनागतविधाता

4. प्रपलायनम्

5. अवस्थातुम्

6. विद्वांसः

7. दैवहतम्

8. पितृपैतामहिकम्


Q. 164772 अवबोधन-परक प्रश्नाः निर्देशानुसारम् उत्तरत - 1. ‘प्राप्यते इत्यस्य अत्र किं पर्यायपदं प्रयुक्तम् ? 2. 'मूर्खाः' इत्यस्य अत्र किं विलोमपदं प्रयुक्तम्? 3. 'येषाम् अन्यत्र अपि' अत्र येषाम् इति पदं कस्मै प्रयुक्तम् ? 4. ‘तिष्ठति’ इति क्रियापदस्य किं कर्तृपदम् ? 5. ‘सरोवरम्’ अस्य कः पर्यायः ? 6. 'सायम्' अस्य किं विलोमपदम् ? 7. ‘परिवारेण’ पदस्य किम् पर्यायम् अनुच्छेदे प्रयुक्तम् ? 8. "तदहं न गच्छामि।" अस्मिन् वाक्ये कर्तृपदम् किम् ?
Right Answer is:

SOLUTION

1. लभ्यते

2. विद्वांसः

3. विदुषाम्

4. अरक्षितम्

5. जलाशयम्

6. प्रभातम्

7. परिजनेन

8. अहम्


Q. 164773 अवबोधन-परक प्रश्नाः पूर्णवाक्येन उत्तरत - 1. कः दूरदर्शी भवति ? 2. अनागताविधाता किं करोति ? 3. कस्यचिदेकस्य मत्स्यस्य नाम लिखत ? 4. मत्स्यजीविनां वचः कीदृशम् आसीत् ? 5. प्रभातसमते मत्स्यजीविनः किं करिष्यन्ति ? 6. विद्वांसः किं न पश्यन्ति ? 7. यदि आयुःक्षयोऽस्ति, तर्हि अन्यत्र गतानां किं भविष्यति? 8. कौ परिजनेन सह निष्क्रान्तौ ?
Right Answer is:

SOLUTION

1. यः जनः दूरदर्शी भवति, सः सर्वान् पक्षान् विपक्षान् गणयित्वा निर्णयं करोति।

2. अनागतविधाता अनागतविपत्तेः पूर्वमेव निराकरणस्य उपायं चिन्तयति।

3. एकस्य मत्स्यस्य नाम प्रत्युत्पन्नमतिः आसीत्।

4. मत्स्यजीविनां वचः कुलिशपातोपमम् आसीत्।

5. प्रभात-समये मत्स्यजीविनः अत्र आगत्य मत्स्यानाम् विनाशं करिष्यन्ति।

6. विद्वांसः देहभंगं कुलक्षयम् न पश्यन्ति।

7. यदि आयुःक्षयोऽस्ति, तर्हि अन्यत्र गतानाम् अपि मृत्युः भविष्यति।

8. अनागतविधाता प्रत्युत्पन्नमतिश्च परिजनेन सह निष्क्रान्तौ।


Q. 164774 एक ब्रांड नाम के किन्हीं चार तत्वों को स्पष्ट कीजिए।
Right Answer is:

SOLUTION

एक ब्रांड होना चाहिए:
1. छोटा, उच्चारण, लिखने, और याद करने में आसान।
2. उत्पाद के लाभ और गुणों का सुझाव।
3. नकल करने के लिए विशिष्ट और मुश्किल।
4. विभिन्न विज्ञापन मीडिया के लिए और अलग अलग भाषाओं के लिए पैकिंग या लेबलिंग आवश्यकताओं के लिए अनुकूलनीय।


Q. 164775 एक ब्रांड नाम के किन्हीं चार तत्वों को स्पष्ट कीजिए।
Right Answer is:

SOLUTION

एक ब्रांड होना चाहिए:
1. छोटा, उच्चारण, लिखने, और याद करने में आसान।
2. उत्पाद के लाभ और गुणों का सुझाव।
3. नकल करने के लिए विशिष्ट और मुश्किल।
4. विभिन्न विज्ञापन मीडिया के लिए और अलग अलग भाषाओं के लिए पैकिंग या लेबलिंग आवश्यकताओं के लिए अनुकूलनीय।


Q. 164776 एक उत्पाद के लिए वितरण की श्रंखला का चयन करते समय बाजार से संबंधित ध्यान में रखे जाने वाले किन्हीं दो तत्वों को स्पष्ट कीजिए।
Right Answer is:

SOLUTION

एक उत्पाद के लिए वितरण की श्रंखला का चयन करते समय बाजार से संबंधित ध्यान में रखे जाने वाले दो तत्व हैं:
बाजार की प्रकृति - वाणिज्यिक या औद्योगिक माल को माल की बड़ी मात्रा के साथ व्यापार के कारण निर्माताओं द्वारा सीधा बेचा जाता है। उपभोक्ता वस्तुओं सामान्य रूप से छोटी मात्रा में बेचे जाने के कारण बिचैलियों के माध्यम से बेचा जाता है।
क्रेताओं की संख्या और स्थान - जब खरीदारों की संख्या में कम या बाजार एक सीमित क्षेत्र में स्थित होता है, तो प्रत्यक्ष बिक्री आसान होती है। व्यापक रूप से बिखरे हुए ग्राहकों या बाजार के लिए, बिचैलिये आवश्यक होते हैं।


Q. 164777 विपणन की पारंपरिक के साथ ही आधुनिक अवधारणा भी दीजिए।
Right Answer is:

SOLUTION

अ- पारंपरिक अवधारणा - पारंपरिक अवधारणा विपणन के अनुसार विपणन को ऐसी व्यावसायिक गतिविधियों के रूप में जाना जाता है जो निर्माताओं से उपभोक्ताओं के लिए माल और सेवाओं के प्रवाह को निर्देशित करती हैं।
ब- आधुनिक अवधारणा - विपणन की आधुनिक अवधारणा का उद्देश्य यह होता है कि संगठनों को ग्राहकों की जरूरतों की संतुष्टि पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए जिसके परिणामस्वरूप संगठन के लाभ को अधिकतम करने में मदद मिलेगी।


Q. 164778 विपणन के ‘भौतिक आपूर्ति’ कार्यों को स्पष्ट कीजिए।
Right Answer is:

SOLUTION

विपणन के भौतिक आपूर्तिकार्य है:
1.
परिवहन - इसमें माल को उत्पादन के स्थान से उपभोग के स्थान तक पहूँचानें को शामिल किया जाता है। यह उपभोग के स्थान पर उत्पादों के वितरण द्वारा स्थान उपयोगितानिर्माण करता है।
फर्म द्वारा परिवहन के साधन का चयन अपने उत्पाद की प्रकृति, लागत तथा लक्षित बाजार के स्थान का पता करने के बाद किया जाता है।
2.
भंडारण - यह माल के उत्पादन के समय से माल की खपत तक के समय के लिए माल के संरक्षण को संदर्भित करता है। यह उत्पादन और खपत के बीच के समय को उपयोग में लेकर समय उपयोगिताका निर्माण करता है तथा यह बाजार में उत्पादों के एक सहज प्रवाह को बनाए रखने में मदद करता है। इसमें माल की आपूर्ति में अपरिहार्य देरी, मौसमी मांग या माल की आपूर्ति के मामले में माल का पर्याप्त स्टॉक रखा जाता है।


Q. 164779 अनुसंधान विपणन के लाभ क्या हैं?
Right Answer is:

SOLUTION

विपणन अनुसंधान निम्न लाभ हैं:
1.
यह ग्राहकों की वास्तविक जरूरतों, स्वाद और प्राथमिकताओं का निर्धारण करने में मदद करता है।
2.
यह एक उत्पाद या सेवा के लिए संभावित मांग का आकलन करने में मदद करता है।
3.
यह नये उत्पाद को बाजार में उतारने से पहले उसके परीक्षण में मदद करता है।
4.
यह एक उत्पाद के प्रतिस्पर्धात्मक शक्ति और ब्रांड छवि को पहचानने में मदद करता है।


Q. 164780 आधुनिक विपणन का दृष्टिकोण ग्राहक उन्मुख कैसे है? स्पष्ट कीजिए।
Right Answer is:

SOLUTION

विपणन की विपणन अवधारणा निम्नलिखित स्तंभों पर आधारित है:
1.
बाजार या ग्राहकों - लक्ष्य की पहचान।
2.
लक्षित बाजार में ग्राहकों की जरूरतों तथा चाहतों को समझना।
3.
लक्षित बाजार की जरूरतों को पूरा करने के लिए उत्पादों या सेवाओं का विकास।
4.
प्रतियोगियों की तुलना में बेहतर लक्षित बाजार की जरूरतों को पूरा करना।
5.
लाभ के लिए इन सभी गतिविधियों को करना।
6.
इस प्रकार, विपणन की सभी गतिविधियाँ ग्राहकों के चारों ओर घूमती है।


Q. 164781 विपणन राष्ट्र के विकास में मदद करता है। कैसे?
Right Answer is:

SOLUTION

विपणन उत्पादन, उपभोग और निवेश में वृद्धि से राष्ट्रीय आय में वृद्धि करता है। यह एक अर्थव्यवस्था के उद्योग, कृषि और सेवा क्षेत्र को एकीकृत करता है। यह संसाधनों के अधिकतम उपयोग को सुविधाजनक बनाता है। यह प्रबंधकीय और उद्यमशीलता की प्रतिभा को विकसित करता है।


Q. 164782 उत्पाद नियोजन विपणन के एक कार्य के रूप में कैसे कार्य करता है?
Right Answer is:

SOLUTION

उत्पाद नियोजन में ग्राहक की मांग और जरूरत के अनुसार उत्पाद को डिजाइन और विकसित करना शामिल होता है। यह लक्षित ग्राहकों के लिए उत्पाद को आकर्षक बनाने की दिशा में योगदान देता है। उत्पाद नियोजन में नए उत्पादों का उत्पादन और मौजूदा उत्पादों के सुधार को शामिल किया जाता है। यह ग्राहक वरीयताओं के अनुसार डिजाइन, रंग, आकार, गुणवत्ता, आदि के लिए निर्णयों से संबंधित होता है। उत्पाद की एक अच्छी डिजाइन उत्पाद के प्रदर्शन में सुधार करती है और बाजार में प्रतिस्पर्धा को बढ़त प्रदान करती है।


Q. 164783 ‘जनसम्पर्क’ की अवधारणा को स्पष्ट कीजिए। इसकी भूमिका को भी स्पष्ट कीजिए।
Right Answer is:

SOLUTION

जनसम्पर्क में इसके हितधारकों के साथ सफल संबंधों के प्रबंधन द्वारा एक कंपनी की छवि या इसके उत्पादों को बढ़ावा देने और सुरक्षा प्रदान करने के लिए बहुत से कार्यक्रमों को शामिल किया जाता है।
जनसम्पर्क निम्न में सहायता करता है:
1.
व्यवसाय के सुचारू संचालन - यह विभिन्न सार्वजनिक समूहों को संतुष्ट रखता है जिससे असंतोष से उत्पन्न होने वाले अवरोधों से बचा जा सकता है।
2.
कॉर्पोरेट छवि निर्माण - यह सामाजिक कार्यों के लिए पैसे और समय के योगदान द्वारा ख्याति का निर्माण करता है।
3.
एक नए उत्पाद को प्रस्तुत करना - एक नए उत्पाद को प्रस्तुत करने से पहले प्रचार के माध्यम से बिक्री बल और डीलर के उत्साह को बढ़ाने में मदद करता है।


Q. 164784 अभिविन्यास, नियमितता और तकनीक के आधार पर विज्ञापन और बिक्री संवर्धन के बीच अंतर कीजिए।
Right Answer is:

SOLUTION

Description: /stryde/images/2015/07/14/20150714885630001436855643.jpg


Q. 164785 बिक्री संवर्धन के कोई भी तीन उद्देश्यों को स्पष्ट कीजिए।
Right Answer is:

SOLUTION

विक्रय संवर्धन के उद्देश्य हैं:
1.
उपभोक्ता शिक्षा - विक्रय संवर्धन उत्पाद की उपलब्धता और सुविधाओं के बारे में लक्षित ग्राहकों के बीच जागरूकता लाता है। यह नए उत्पाद की उपयोगिता के बारे में संभावित खरीदारों को सूचित करता है।
2.
विक्रय स्थायित्व - विक्रय संवर्धन उत्पाद की गुणवत्ता और कीमत के बारे में ग्राहकों को भरोसा दिलाता है तथा यह बंद मौसम के दौरान बिक्री बढ़ाने में मदद करता है।
3.
सम्बंध बनाए रखना - यह ग्राहकों अलग-अलग प्रीमियम आॅफर की पेशकश द्वारा अधिक खरीद करने के लिए उन्हें प्रेरित करके उनके साथ सौहार्दपूर्ण संबंध बनाए रखने में मदद करता है।


Q. 164786 विज्ञापन और बिक्री संवर्धन के बीच अंतर कीजिए।
Right Answer is:

SOLUTION

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Q. 164787 डीलरों की विक्रय संवर्धन तकनीकों को स्पष्ट कीजिए।
Right Answer is:

SOLUTION

डीलरों की विक्रय संवर्धन तकनीकें हैं:
1.
निः शुल्क प्रदर्शन सामग्री - इस तकनीक के तहत, डीलर ग्राहकों को आकर्षित करने के लिए अपनी दुकानों में बैनर और साइनबोर्ड की तरह अलग-अलग सामग्री को प्रदर्शित करते हैं।
2.
प्रदर्शन - इस तकनीक के तहत उत्पाद को संभालने तथा परिचालन की तकनीकों में डीलरों को प्रशिक्षित किया जाता है।
3.
विशेष व्यापार छूट - बंद के मौसम के दौरान बिक्री बढ़ाने के लिए व्यापारियों को कुछ विशेष छूट दी जाती है।


Q. 164788 विज्ञापन तथा विक्रयकार्य में अंतर कीजिए।
Right Answer is:

SOLUTION

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Q. 164789 ‘संवर्धन मिश्रण’ से क्या आशय है?
Right Answer is:

SOLUTION

संवर्धन फर्म के उत्पाद के बारे में ग्राहकों को सूचना देने और राजी करने से संबंधित होता है। संवर्धन मिश्रण उत्पाद को खरीदने के लिए ग्राहकों को राजी और प्रेरित करने से संबंधित गतिविधियों को दर्शाता है। संवर्धन मिश्रण में निम्न से संबंधित निर्णय शामिल हैं:
1.
विज्ञापन
2.
व्यक्तिगत विक्रय
3.
प्रचार
4.
विक्रय संवर्धन


Q. 164790 विज्ञापन की विशेषताओं को स्पष्ट कीजिए।
Right Answer is:

SOLUTION

विज्ञापन की विशेषताएं हैं:
1.
मूल्य वाला प्रारूप: विज्ञापन एक मूल्य वाला प्रारूप होता है क्योंकि प्रायोजक को संभावनाओं के साथ संचार का खर्च वहन करना पड़ता है।
2.
जानकार प्रायोजक: विज्ञापन उन जानकार व्यक्तियों या कंपनियों द्वारा किया जाता है जो विज्ञापन चलाते हैं और लागत उठाते हैं।
3.
मांग को बढ़ाते हैं: विज्ञापन ग्राहकों को एक उत्पाद की गुणवत्ता, उपयोगिता और विशेष विशेषताऐं पेश करके ग्राहक को समझाते हैं।


Q. 164791 विज्ञापन के मीडिया के रूप में प्रत्यक्ष डाक, बाहरी विज्ञापन और रेडियो विज्ञापन पर एक संक्षिप्त नोट लिखें।
Right Answer is:

SOLUTION

प्रत्यक्ष डाक विज्ञापन - प्रत्यक्ष डाक विज्ञापन का एक ऐसा तरीका होता है जिसमें विज्ञापक ध्यान से एक-एक आधार मुद्रित विज्ञापन, पत्र, परिपत्र, ब्रोशर, समाचार पत्र आदि से लक्षित संभावित ग्राहकों से संपर्क करता है। इन डाकों में एक टोल फ्री नंबर, वेबसाइट या व्यवसाय उत्तर कार्ड जैसी प्रतिक्रिया प्रणाली होती है।
बाहरी विज्ञापन - इसमें जनता को एक संदेश प्रेषित करने के लिए राजमार्ग होर्डिंग से पारगमन पोस्टर और क्षेत्र स्थानन शामिल होता है।
रेडियो विज्ञापन - ऑडियो विजुअल विज्ञापन का यह मध्यम निरक्षर आबादी सहित जनता तक पहुँचने के कारण लोकप्रिय हो गया। इसका क्षेत्र व्यापक होता है और साक्षर के साथ-साथ अनपढ़ द्वारा भी इसके माध्यम से संपर्क किया जा सकता है। यह लचीला होता है क्योंकि इस विज्ञापन को दोहराया जा सकता है। यह बड़े पैमाने पर उपयोग के उत्पादों के लिए उपयुक्त होता है।


Q. 164792 विज्ञापन एजेंसी द्वारा निष्पादित कार्यों को स्पष्ट कीजिए।
Right Answer is:

SOLUTION

विज्ञापन एजेंसी के कार्य हैं:
1.
विज्ञापन निर्माण - विज्ञापन एजेंसी उत्पाद, बाजार, प्रतियोगियों, उपलब्ध धन आदि के आधार पर विज्ञापन डिजाइन तथा निर्मित करता है।
2.
विज्ञापन उत्पादन - विज्ञापन एजेंसी अखबार, टेलीविजन के लिए विज्ञापन नकल में विचारों को परिवर्तित करता है।
3.
बाजार अनुसंधान - विज्ञापन एजेंसी ग्राहकों के स्वाद और वरीयताओं में परिवर्तन का पता करने के लिए बाजार सर्वेक्षण आयोजित करता है।


Q. 164793 विज्ञापन के तीन उद्देश्यों पर चर्चा करें।
Right Answer is:

SOLUTION

विज्ञापन के तीन उद्देश्य हैं:
1.
मांग निर्माण - विज्ञापन के नए उत्पाद के बारे में लोगों को जागरूक बनाकर मांग निर्मित करता है। यह ध्यान आकर्षित करता है और ग्राहकों के मध्य रूचि बनाता है।
2.
ख्याति निर्माण - विज्ञापन कंपनी की अच्छी छवि बनाने में तथा इसके उत्पादों के लिए प्रतिष्ठा बनाने में मदद करता है जो निर्माता के लिए आदेश के दोहरान को सुरक्षित करता है।
3.
ग्राहकों को शिक्षित करना - विज्ञापन नए उत्पादों और उनके उपयोग के बारे में उपभोक्ताओं को सूचित करता है। यह बेहतर खरीद और माल की कार्यात्मक उपयोगिता में उपभोक्ताओं को शिक्षित करता है।


Q. 164794 विज्ञापन को परिभाषित कीजिए। इसे अनावश्यक और बेकार क्यों माना जाता है? कारणों के साथ अपने उत्तर का समर्थन कीजिए।
Right Answer is:

SOLUTION

विज्ञापन एक ऐसा संवर्धनात्मक उपकरण है जो माल, सेवाओं या विचारों की प्रस्तुति या संवर्धन का अव्यक्तिगत और चुकता प्रारूप है।
विज्ञापन माल और सेवाओं को बढ़ावा देने का सबसे ज्यादा इस्तेमाल किया जाने वाला माध्यम है, यह बहुत अधिक जनता को आकर्षित करती है।
विज्ञापन के लिए विभिन्न आपत्तियों के बिन्दु निम्नलिखित हैंः
1.
बहुत ज्यादा कीमत - विज्ञापन की लागत अधिक होती है जिससे निर्माताओं की कुल लागत बढ़ जाती है, अंततः यह उच्च मूल्यों के रूप में ग्राहकों से वसूल किया जाता है।
2.
सामाजिक मूल्यों को नजरअंदाज - विज्ञापन भौतिकवाद को बढ़ावा देता है। यदि उनमें विज्ञापित नए उत्पादों के लिए क्रय शक्ति की कमी होती है तो यह ग्राहक असंतोष को जन्म देता है।
3.
भ्रामक - एक तरह का दावा करने वाले विज्ञापनों की संख्या में वृद्धि की वजह से क्रय निर्णय कर रहे ग्राहक उलझन में पड़ जाते हैं।
4.
घटिया उत्पादों की बिक्री को बढ़ावा - विज्ञापन घटिया माल खरीदने के लिए लोगों को प्रेरित करता है। कंपनियाँ ग्राहकों को प्रेरित करने के लिए आवश्यक सबूतों के बिना अपने उत्पादों के बारे में झूठे दावे कर सकती है।
5.
बुरा चयन - कुछ विज्ञापनों ऐसी चीजों को दिखाते हैं जिन्हें समाज के एक वर्ग से मंजूरी प्राप्त नहीं होती है तथा जिन्हें सामान्य जनता द्वारा सराहा नहीं जाता है।


Q. 164795 ‘‘विज्ञापन अनावश्यक और बेकार होता है।’’ क्या आप इस कथन से सहमत हैं? अपने उत्तर के समर्थन के लिए कारण दीजिए।
Right Answer is:

SOLUTION

नहीं, विज्ञापन अनावश्यक और फालतू नहीं होता है। विज्ञापन संवर्धन मिश्रण के महत्वपूर्ण तत्वों में से एक होता है। यह संचार का एक ऐसा अव्यक्तिगत प्रारूप है, जिसे किसी माल या सेवा को बढ़ावा देने के लिए निर्माता तथा विपणनकर्ता द्वारा चुकाया जाता है। विज्ञापन के सबसे आम प्रारूप समाचार पत्र’, ‘पत्रिकाऐं’, ‘टेलीविजन’, और रेडियोहै।
विज्ञापन निम्नलिखित गुणों के साथ संचार के एक माध्यम के रूप में कार्य करता है:
1. व्यापक पहुँच: विज्ञापन एक ऐसा माध्यम होता है जिसके द्वारा लोगों की एक बड़ी संख्या में एक विशाल भौगोलिक क्षेत्र में पहुंचा जा सकता है। यदि एक विज्ञापन एक अखबार में रखा जाता है, तो यह लाखों संभावित ग्राहकों तक पहुँच जाता है।
2. ग्राहकों की संतुष्टि और आत्मविश्वास बढ़ाना: विज्ञापन उत्पाद की उपलब्धता और उत्पाद की गुणवत्ता सुनिश्चित करके संभावित खरीदारों के बीच विश्वास पैदा करता है और उन्हें संतुष्ट करता है।
3. अर्थवत्ता: विज्ञापन संचार का एक ऐसा सशक्त माध्यम है जो सरल उत्पादों और आकर्षक संदेशों को बनाकर ग्राहकों पर प्रभाव डालता है।
4. मितव्य्यी: विज्ञापन संचार का किफायती तरीका होता है क्योंकि यह लोगों की एक बड़ी संख्या तक पहुँचता है जो प्रति इकाई लागत को कम करता है।


Q. 164796 ‘‘विज्ञापन हीन और संदिग्ध उत्पादों की बिक्री को प्रोत्साहित करता है’’ तथा ‘‘विज्ञापन मदद के बजाय भ्रम पैदा करता है’’ क्या आप सहमत हैं? कारण दीजिए।
Right Answer is:

SOLUTION

विज्ञापन के खिलाफ आपत्तियों में से एक यह है कि ‘‘विज्ञापन हीन और संदिग्ध उत्पादों की बिक्री को प्रोत्साहित करता है’’ क्योंकि विज्ञापन की मदद से लगभग कुछ भी बाजार में बेचा जा सकता है।
परंतु मैं इस आपत्ति से सहमत नहीं हूँ।
विज्ञापित उत्पादों के बारे में विज्ञापनदाता द्वारा किए गए बड़े दावों को सत्यापित करना हमेशा उपभोक्ताओं के हित में होता है। इसके अलावा, विज्ञापन हमेशा के लिए लोगों को गुमराह नहीं कर सकते हैं। विक्रेताओं द्वारा किये जाने वाले विज्ञापन के लिए स्वीकार्य नैतिक मानकों को सुनिश्चित करना सरकारी एजेंसियों और मीडिया का कर्तव्य होता है।

विज्ञापन के खिलाफ एक और आपत्ति है कि ‘‘विज्ञापन मदद के बजाय भ्रमित करते हैं’’ क्योंकि प्रत्येक ब्रांड अन्य की तुलना में बेहतर होने का दावा करता है और क्रेता उत्पाद क्रय करने में मुश्किल का सामना करता है।
परंतु मैं इस आपत्ति से सहमत नहीं हूँ।
उपभोक्ता अपने दिमाग को काम में लेते हैं तथा एक चयन करते हैं। विज्ञापन मूल्य, शैली आदि पर हमें उत्पादों के बीच एक का चयन करने के लिए एक अवसर प्रदान करता है। क्रेता उत्पाद पर दी गई जानकारी का विश्लेषण करके अपने निर्णय ले सकते हैं।


Q. 164797 विज्ञापन की सीमाओं को स्पष्ट कीजिए।
Right Answer is:

SOLUTION

विज्ञापन की सीमाऐं हैं:
1.
बहुत ज्यादा कीमत - विज्ञापन की लागत अधिक होती है जिससे निर्माताओं की कुल लागत बढ़ जाती है, अंततः यह उच्च मूल्यों के रूप में ग्राहकों से वसूल किया जाता है।
2.
कृत्रिम जीवन - विज्ञापन लोगों को अनावश्यक तथा उनकी पहुंच से बाहर के उत्पादों को खरीदने के लिए उकसाता है। यह सिगरेट, शराब आदि जैसे अवांछनीय उत्पादों की बिक्री को बढ़ावा देता है।
3.
भ्रामक - एक तरह का दावा करने वाले विज्ञापनों की संख्या में वृद्धि की वजह से क्रय निर्णय कर रहे ग्राहक उलझन में पड़ जाते हैं।
4.
अनैतिक - विज्ञापन सामाजिक, नैतिकता और नैतिक मूल्यों को कमजोर करता है और भौतिकवाद को बढ़ावा देता है। यदि उनमें विज्ञापित नए उत्पादों के लिए क्रय शक्ति की कमी होती है तो यह ग्राहक असंतोष को जन्म देता है।
5.
एकाधिकार का विकास - विज्ञापन बाजार में कुछ ब्रांडों के एकाधिकार को पैदा करता है। बड़े व्यापारिक घरानें विज्ञापन पर भारी मात्रा में पैसे खर्च करके एकाधिकार सत्ता हासिल करते हैं।


Q. 164798 समाज को विज्ञापन के क्या लाभ होते हैं?
Right Answer is:

SOLUTION

समाज के लिए विज्ञापन के लाभ हैं:-
1.
रोजगार सृजन - यह डिजाइनिंग, लेखन और विज्ञापनों को जारी करने के क्षेत्र में प्रत्यक्ष रोजगार प्रदान करता है।
2.
जीवन स्तर - विज्ञापन नए उत्पादों और बेहतर चीजों के बारे में ज्ञान प्रदान करके जीवन-शैली में सुधार करता है।
3.
प्रक्रिया को निरंतर रखना - यह समाचार पत्र, पत्रिकाओं, रेडियो और टेलीविजन के लिए आय का महत्वपूर्ण स्रोत प्रदान करता है।
4.
अनुसंधान एवं विकास को बढ़ावा देता है - प्रभावी विज्ञापन अनुसंधान और विकास के द्वारा मौजूदा उत्पाद को बेहतर बनाता है जिसके बदले में व्यापार की उत्पादकता और लाभप्रदता बढ़ जाती है।
5.
प्रगति करने के लिए प्रोत्साहन - विज्ञापन बेहतर जीवन स्तर के लिए लोगों को नए और बेहतर उत्पादों को खरीदने के लिए कड़ी मेहनत करने और अधिक अर्जित करने के लिए प्रेरित करता है।


Q. 164799 विक्रेता के लिए विक्रयकार्य के लाभों को स्पष्ट कीजिए।
Right Answer is:

SOLUTION

विक्रेता के लिए विक्रय कार्य के लाभ हैं:
1.
प्रभावी प्रचार उपकरण: इसे प्रभावी ढंग से मांग पैदा करने के लिए, संभावित ग्राहकों को प्रभावित करने में मदद करता है।
2.
लचीला: विक्रयकार्य अन्य प्रचार साधनों की तुलना में अधिक लचीला होता है और व्यापारियों को खरीद स्थितियों के अनुसार उनके प्रस्ताव को अनुकूलित करने में मदद करता है।
3.
प्रयासों के नाश को कम करना: यह उत्पादन और विपणन में मितव्य्यता लाने में व्यापारियों की मदद करता है।
4.
परिचय चरण में भूमिका: यह उत्पादों के गुणों को बताकर ग्राहकों के लिए नए उत्पाद शुरू करने में मददगार होता है।
5.
प्रतिक्रिया प्रदान करता है: विक्रयकार्य उत्पाद डिजाइन, गुणवत्ता, आदि में सुधार करने के लिए उपभोक्ताओं की मदद करने, उपभोक्ताओं की पसंद और नापसंद पर प्रतिक्रिया देता है।


Q. 164800 विक्रयकार्य की प्रक्रिया में शामिल चरणों को स्पष्ट कीजिए।
Right Answer is:

SOLUTION

अ - इसमें शामिल चरण हैं:
1.
पूर्वेक्षण - पहले चरण में विक्रेता को ग्राहकों के पास जाने के लिए संभावित ग्राहकों की एक सूची तैयार करनी पड़ती है। विक्रेता को ग्राहकों के चयन से पूर्व ग्रहकों की आवश्यकताओं, वरीयताओं, क्षमता, व्यवहार आदि को ध्यान में रखना होता है।
2.
बिक्री पूर्व तैयारी - विक्रेता को कंपनी से संबंधित उत्पाद, कंपनी, बाजार आदि के बारे में जानकारी हासिल करनी चाहिए। उसे लक्षित ग्राहकों के खरीद व्यवहार और इरादों को भी समझना चाहिए।
3.
विक्रय प्रदर्शन - इस चरण में विक्रेता का ग्राहक ध्यान हासिल करने के लिए उत्पाद की विशेषताओं तथा उपयोग का वर्णन करता है। उसे ग्राहकों के प्रति विनम्र और दोस्ताना रवैया अपनाना चाहिए।
4.
ग्राहकों को विश्वास दिलाना - ग्राहकों को उत्पाद के प्रदर्शन करने के बाद, उनके संदेह और प्रश्नों को ध्यान से नियंत्रित किया जाता है जिससे उनकी रुचि को बनाया जा सके।
5.
बिक्री करना - ग्राहक को समझाने के पश्चात्, विक्रेता उचित उत्पाद के चयन में ग्राहक की मदद करता है। वह भुगतान प्राप्त करता है, उत्पाद को पैक करता है तथा ग्राहक को सुपुर्द करता है।
6.
बिक्री पश्चात् गतिविधि - इस चरण में विक्रेता पिछली बिक्री से संबंधित उत्पादों को प्रदर्शित तथा उत्पाद से संबंधित राय देता है। इसमें बुद्धि और चातुर्य के साथ अतिरिक्त बिक्री शामिल होती है।


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