CBSE - MCQ Question Banks (के. मा. शि. बो . -प्रश्नमाला )

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Q. 164801 उत्पादों के विभिन्न प्रकार क्या होते हैं?
Right Answer is:

SOLUTION

उत्पादों को मोटे तौर पर दो प्रकारों में वर्गीकृत किया जा सकता है:
1.
उपभोक्ता उत्पाद - ये ऐसे उत्पाद होते हैं जिन्हें सीधे अंतिम उपभोक्ताओं द्वारा उपयोग किया जाता है।
अ - सुविधा माल: इसमें अक्सर खरीदी जाने वाली और और कम से कम प्रयास वाली मांग वस्तुओं को शामिल किया जाता है। उदाहरण - समाचार पत्र, टूथपेस्ट, चाय, साबुन, आदि
ब - बाज़ार उत्पाद: ये तुलनात्मक ब्रांडों से तुलनात्मक विश्लेषण के बाद खरीदे गए उत्पाद होते हैं। उदाहरण - फर्नीचर, टेलीविजन, वाशिंग मशीन, आदि
स - विशिष्ट उत्पाद: इन उत्पादों को क्रय करते समय विशेष प्रयासों की आवश्यकता होती है। उदाहरण - आभूषण, फैंसी आइटम, आदि
2.
औद्योगिक उत्पाद - ऐसे उत्पाद जो अन्य उत्पादों के निर्माण में उपयोग लिए जाते हैं औद्योगिक उत्पाद कहलाते हैं।
अ - कच्चा माल: इसे तैयार माल में परिवर्तित किया जाता है। उदाहरण - गन्ना, कपास, आदि
ब - आपूर्ति: इन निर्मित माल का हिस्सा नहीं होते हैं परंतु उत्पादन के लिए आवश्यक होते हैं। उदाहरण - नट, बोल्ट, पेपर क्लिप, आदि
स - स्थापना: इसमें कारखाने साइटों, उत्पादन लाइनों, ट्रकों आदि जैसी भारी मूल्य की वस्तुओं को शामिल किया जाता है।
द - सहायक उपकरण: इसमें छोटे संजीमे, पोर्टेबल ड्रील आदि जैसी कम पूँजी मूल्यों को शामिल किया जाता है।
य - गढे़ हुए पार्ट: ये पूर्व उत्पादित पार्ट होते हैं जो तैयार उत्पाद का हिस्सा बनते हैं। उदाहरण - कंप्यूटर के लिए माउस, जूतों के लिए डोरियाँ आदि।


Q. 164802 विपणन मिश्रण की अवधारणा को स्पष्ट कीजिए।
Right Answer is:

SOLUTION

विपणन मिश्रण उद्यम उद्देश्यों की प्राप्ति सुनिश्चित करने के लिए विपणन के विभिन्न तत्वों को डिजाइन और एकीकृत करने की प्रक्रिया है।

विपणन मिश्रण में उत्पाद की उपलब्धता, मूल्य, बाजार के ग्राहकों को बोनस प्रदान करना आदि शामिल है। विपणन मिश्रण के तत्वों को चार शीर्षों उत्पाद, मूल्य, स्थान और संवर्धन के अंतर्गत वर्गीकृत किया गया है।

उत्पाद मिश्रण ग्राहकों की जरूरतों को पूरा करने के लिये मूल्य के लिए आदान-प्रदान करने में सक्षम उत्पादकी मूर्त और अमूर्त विशेषताओं का एक मिश्रण होता है। इस मिश्रण के तहत गतिविधियों में उत्पाद डिजाइन, ब्रांडिंग, पैकेजिंग और उत्पाद की लेबलिंग शामिल है।
मूल्य मिश्रण कीमतपर निर्णय से संबंधित है क्योंकि बिक्री उत्पाद के मूल्य निर्धारण पर काफी हद तक निर्भर करती है। समान उत्पाद के लिए विभिन्न बाज़ारों से वसूल समरूप मूल्य या वसूल भिन्न-भिन्न मूल्य उत्पाद की कीमत से संबंधित निर्णय के उदाहरण हैं।

स्थान मिश्रण उस स्थानया बाज़ारके निर्णय से संबंधित होता है जहाँ माल को विक्रय हेतु उलपब्ध कराया जायेगा। इसमें बिचैलियों के नेटवर्क को मिलाकर वितरण की श्रंखला और परिवहन, भंडारण, सूची नियंत्रण आदि जैसी प्रक्रियाओं को मिलाकर भौतिक वितरण को शामिल किया जाता है।

संवर्धन मिश्रण में उत्पादों के बारे में ग्राहकों को जागरूक करने के लिए और उन उत्पादों की बिक्री बढ़ाने के लिए, विज्ञापन, व्यक्तिगत बिक्री, बिक्री संवर्धन और प्रचार जैसे संवर्धन उपकरणों के उपयोग से जुड़े निर्णय शामिल होते हैं।


Q. 164803 पैकेजिंग के विभिन्न स्तरों एवं कार्यों का वर्णन कीजिए।
Right Answer is:

SOLUTION

पैकेजिंग के स्तर

पैकेजिंग के तीन स्तर होते हैं ये इस प्रकार हैं -

1. प्राथमिक पैकेज - इसका अभिप्राय उत्पाद की सीधी पैकेजिंग से है। कुछ मामलों में प्राथमिक पैकेज में ही वस्तुओं को तब तक रखा जाता है जब तक कि उपभोक्ता उनका उपभोग न करे (जैसे मोजों के लिए प्लास्टिक के पैकेट) जबकि कुछ मामलों में उत्पाद के समाप्त होने तक उसे इन्हीं में रखा जाता है जैसे टूथपेस्ट की ट्यूब, माचिस की डब्बी आदि।

2. द्वितीयक पैकेजिंग - यह सुरक्षित रखने के लिए एक अतिरिक्त परत होती है जिसे उस समय तक रखा जाता है जब तक कि इसका उपयोग प्रारंभ न हो जाए जैसे शेविंग क्रीम ट्यूब साधारणतया गत्ते के बक्से में रखी होती है। जब उपभोक्ता शेविंग क्रीम को प्रयोग करना प्रारंभ करता है तो वह बाॅक्स को तो फेंक देता है लेकिन प्राथमिक ट्यूब को रखे रखता है।

3. परिवहन के लिए पैकेजिंग - इससे अभिप्राय एक और पैकेजिंग से है जो संग्रहण, पहचान अथवा परिवहन के लिए आवश्यक है। उदाहरण के लिए एक टूथपेस्ट निर्माता वस्तुओं को फुटकर विक्रेता को 10, 20 अथवा 30 की इकाई की तह लगाकर बक्सों में भेजता है।

पैकेजिंग के कार्य -

जैसा कि ऊपर बताया जा चुका है पैकेजिंग वस्तुओं के विपणन में कई कार्य करता है। इनमें से कुछ महत्त्वपूर्ण कार्य इस प्रकार हैं -

1. उत्पाद की पहचान करना - पैकेजिंग उत्पादों की पहचान करने में बहुत सहायता करता है। उदाहरण के लिए, लाल रंग में कोलगेट या फिर पौंड्स क्रीम का जार इनके पैकेज आसानी से पहचाने जाते हैं।

2. उत्पाद संरक्षण - पैकेजिंग वस्तु को नष्ट होने, रिसने, चोरी चले जाने, नुकसान पहुँचाने, जलवायु के प्रभाव सुरक्षा प्रदान करता है। वस्तुओं के संग्रहण, वितरण एवं परिवहन के दौरान इस प्रकार की सुरक्षा की आवश्यकता होती है।

3. उत्पाद के उपयोग में सरल-पैकेज का आकार एवं स्वरूप।

4. उत्पाद प्रवर्तन - प्रवर्तन के उद्देश्य से भी पैकेजिंग का उपयोग किया जाता है। चकाचैंध करने वाली रंग योजना, फोटा या फिर छपी हुई फोटो का उपयोग क्रय के समय ध्यानाकर्षण के लिए किया जा सकता है। कभी-कभी यह विज्ञापन से अच्छा कार्य कर जाती है। स्वंय सेवी स्टोर में पैकेजिंग की यह भूमिका और अधिक महत्त्वपूर्ण हो जाती है।


Q. 164804 ब्रांड का अर्थ बताते हुए, ब्रांडिंग से विपणनकर्ताओं को होने वाले लाभ लिखिए।
Right Answer is:

SOLUTION

ब्रांडिंग - अधिकांश उपभोक्ता उत्पादों के विपणन के लिए एक विपणनकर्ता द्वारा एक महत्त्वपूर्ण निर्णय यह लिया जाता है कि इनकी बिक्री किस ब्रांड नाम से की जाये ? ब्रांड का नाम उत्पाद को अन्य उत्पादों से भिन्न बनाता है, जो किसी फर्म के उत्पाद को प्रतियोगी के उत्पाद से अन्तर का आधार बन जाता है, जिससे उत्पाद के लिए उपभोक्ता का लगाव पैदा होता है तथा इससे उसके विक्रय संवर्द्धन में सहायता मिलती है। किसी उत्पाद की सफलता में उसके सही ब्रांड नाम के चयन की महत्त्वपूर्ण भूमिका होती है। प्रत्येक उत्पाद के लिए अलग - अलग ब्रांड नाम दिये जा सकत हैं या फिर सभी उत्पादों के लिए एक ब्रांड नाम दिया जा सकता है जैसे नोकिया मोइल, टाइटन घडि़याँ, सैमसंग आदि।

ब्रांडिंग से विपणनकर्ताओं को होने वाले लाभ

1. प्रतियोगिता से बचाव - ब्राण्ड वाली वस्तुओं के क्रेताओं में ब्राण्ड के प्रति वफादारी पैदा हो जाती है, जिससे वे उसी ब्राण्ड की वस्तु को क्रय करते हैं। उनकी यह आदत निर्माता को प्रतियोगिता से बचाती है।

2. मध्यस्थों को सहज उपलब्धि - ब्राण्ड वाली वस्तु को बेचने के लिए मध्यस्थ आसानी से मिल जाते हैं। इसी के साथ ही अच्छी ब्राण्ड वाली वस्तु को बेचने के लिए इन मध्यस्थों को परिश्रमिक भी कम देना पड़ता है।

3. पुनः विक्रय को प्रोत्साहन - यह देखा गया है कि यदि ग्राहक ब्राण्ड वाली वस्तु से सन्तुष्ट है तो उसी वस्तु को पुनः खरीदेगा। परिणामस्वरूप पुनः विक्रय को प्रोत्साहन मिलता है। इसके विपरीत यदि वस्तु ब्राण्ड वाली नहीं है तो दुकानदार उस वस्तु के समाप्त होने पर अथवा दूसरी दुकान पर न होने का कारण दूसरी वस्तु उससे अच्छा बताकार दे सकता है और इस प्रकार पहली वस्तु के साथ अन्याय कर सकता है।

4. संवर्द्धन व्ययों में मितव्यायिता - ब्राण्ड वाली वस्तुओं  के सम्बन्ध में विज्ञापन, प्रचार-प्रसार, विक्रय संवर्द्धन, वैयक्तिक विक्रय आदि करने पर व्यय कम ही होते हैं क्योंकि ब्राण्ड के नाम से ही काम चल जाता है। इसके अतिरिक्त ऐसे विज्ञापन कम स्थान घेरते हैं।

5. मूल्य नियन्त्रण - एक निर्माता ब्राण्ड निश्चित करने के साथ-साथ उस ब्राण्ड का मूल्य भी निश्चित कर देता है, जिस पर उस वस्तु को उपभोक्ताओं को (अध्यस्थों एवं विक्रेताओं द्वारा) बेचा जाता है। कहने का तात्पर्य यह है कि मध्यस्थ एवं विक्रेता मूल्य में मनमानी नहीं कर सकते हैं। इस प्रकार यह निर्माता अपनी वस्तु के विक्रय पर मूल्य नियन्त्रण कर सकता है।

6. बाजार नियन्त्रण - ब्राण्ड निश्चित होने से बाजार पर नियन्त्रण किया जा सकता है। इसका कारण यह है कि निर्माता जिन बाजारों में वस्तु को बेचना चाहता है, उन्हीं बाजारों में उसको बेचता है, अन्य में नहीं। यदि उसकी वस्तु पर कोई ब्राण्ड नहीं है तो वस्तु के मध्यस्थों द्वारा कहीं भी बेचा जा सकता है जिसका पता उसको नहीं लग सकता है।


Q. 164805 विपणन के किन्ही छः कार्यों का वर्णन कीजिए ।
Right Answer is:

SOLUTION

विपणन के कार्य निम्नलिखित हैं -

1. विपणन नियोजन - संगठन के विपणन उद्देश्यों को प्राप्त करने के लिए एक विपणनकर्ता का एक और महत्वपूर्ण कार्य अथवा क्षेत्र उचित विपणन योजना का विकास करना है।

2. पैकेजिंग एवं लेबलिंग - पैकेजिंग का अर्थ है उत्पाद के पैकेज का रूपांकन करना। लेबलिंग में पैकेज पर जो लेबल लगाए जाते हैं उनका रूपांकन किया जाता है। लेबल साधारण फीता से लेकर जटिल ग्राफिक्स तक अनेक प्रकार के होते हैं।

3. ग्राहक समर्थन सेवाएँ - विपणन प्रबंध का एक महत्वपूर्ण कार्य ग्राहक समर्थक सेवाओं का विकास करना है जैसे बिक्री के बाद की सेवाएँ ग्राहकों की शिकायत को दूर करना एवं समायोजनों को देखना एवं साख सेवाएँ आदि प्रदान करना।

4. संवर्धन - वस्तु एवं सेवाओं के संवर्धन में उपभोक्ताओं को फर्म के उत्पाद एवं उसकी विशेषताओं को फर्म के उत्पाद एवं उसकी विशेषताओं के संबंध में सूचना देना तथा उन्हें इन उत्पादों को क्रय करने के लिए प्रेरित करना सम्मिलित होता है।

5. वितरण - वस्तु एवं सेवाओं के विपणन का एक और महत्वपूर्ण कार्य भौतिक वितरण का प्रबंधन है। इस कार्य में दो के संबंध में निर्णय लिए जाते हैं (1) वितरण के माध्य एवं (2) उत्पादों को उनके उत्पाद स्थलों से ग्राहक के उपभोग या उपयोग स्थल तक ले जाना।

6. परिवहन - परिवहन का अर्थ है माल को एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुँचाना। सामान्यतः उत्पादों के उपयोगकर्ता विशेषतः उपभोग की वस्तुओं के उपयोगकर्ता दूर-दूर तक फैले हुए होते हैं तथा इनके उत्पादन स्थल से अलग स्थानों पर होते हैं।


Q. 164806 विपणन की विशेषताओं का वर्णन कीजिए ।
Right Answer is:

SOLUTION

विपणन की विशेषताएँ निम्नलिखित हैं -

1. अपेक्षा एवं आवश्यकता - विपणन प्रक्रिया व्यक्ति एवं समुह को वह जो कुछ चाहते हैं उसे प्राप्त करने में सहायक करता है। अतः लोगों को विपणन प्रक्रिया में लगने के लिए प्रेरित करने का प्राथमिक कारण उनकी कुछ न कुछ आवश्यकताओ की पूर्ति करना है। दूसरे शब्दों में विपणन प्रक्रिया का पूरा ध्यान लोगों की एवं संगठनों की आवश्यकताओं पर होता है।

2. उत्पाद का सृजन - विपणनकर्ता बाज़ार के लिए उत्पाद का निर्माण करता है। बाज़ार उत्पाद से अभिप्राय किसी वस्तु अथवा सेवा की सम्पूर्ण प्रस्तावना से है जिनके लक्षण - आकार, गुणवत्ता, रूचि आदि जो एक निश्चित मूल्य पर, निश्चित दुकान अथवा स्थान पर उपलब्धता है।

3. ग्राहक के योग्य मूल्य - विपणन प्रक्रिया क्रेता एवं विक्रेता के बीच वस्तु एवं सेवाओं के विनिमय को सुगम बनाता है। क्रेता किसी वस्तु के क्रय का निर्णय लेते समय यह देखता है कि वह उनकी लागत की तुलना में उनकी आवश्यकताओं की पूर्ति कितने मूल्य तक करती है।

4. विनिमय पद्धति - विपणन प्रक्रिया विनिमय पद्धति के माध्यम से कार्य करती है। लोग (क्रेता एवं विक्रेता) विनिमय प्रक्रिया के माध्यम अपनी इच्छित तथा आवश्यक वस्तुओं को प्राप्त करते हैं।


Q. 164807 अस्थायी आय कमाने वाली एक कम्पनी कदाचित भुगतान करती हैः


A.

उच्च लाभांशों का।

B.

बहुत छोटे लाभांशों का।

C.

प्रतिद्वंदी फर्मों की तुलना में उच्च लाभांश का।

D.

अनिवार्य लाभांशों का।

Right Answer is: B

SOLUTION

आकस्मिक दायित्व वे दायित्व हैं, जो अभी तक तो नहीं आए हैं, लाभांश चालू तथा विगत आयों में से चुकाया जाता है। इसलिए, लाभांश के निर्णय के लिए आय एक मुख्य निर्धारक होती है।


Q. 164808 वित्तीय नियोजन एक भाग होता हैः


A.

विपणन प्रबंधन का।

B.

सामग्री प्रबंधन का।

C.

वित्तीय प्रबंधन का।

D.

कारखाना प्रबंधन का।

Right Answer is: C

SOLUTION

वित्तीय नियोजन आवश्यकता के लिए या होने पर पर्याप्त कोष तथा यदि कोई हो तो आदर्श कोषों के विनियोग के लिए व्यवस्था को सुनिश्चित करता है। वित्तीय प्रबंधन अर्थात लाभों को बढ़ाने के लिए व्यवसाय में या बाहर किये गये विनियोगों पर आधिक्य कोषों को प्राप्त करना या उपयोग में लेना। वित्तीय नियोजन केवल नियोजन भाग से सम्बंधित होता है जबकि वित्तीय प्रबंधन कोषों के नियोजन के साथ-साथ उनके उपयोग के नियंत्रण से भी सम्बंधित होता है।


Q. 164809 चालू दायित्वों पर चालू सम्पत्तियों के आधिक्य का कहा जाता हैः


A.

सकल कार्यशील पूँजी।

B.

शुद्ध कार्यशील पूँजी।

C.

स्थायी पूँजी।

D.

परिचालन पूँजी।

Right Answer is: B

SOLUTION

शुद्ध कार्यशील पूँजी चालू सम्पत्तियों तथा चालू दायित्वों का अंतर होता है। चालू दायित्व चालू सम्पत्तियों का क्रय करने के लिए कोषों के स्त्रोत हैं।


Q. 164810 अंश पूँजी, ऋणपत्रों, दीर्घकालीन ऋणों का मुख्यतः प्रयोग होता हैः


A.

कार्यशील पूँजी के लिए।

B.

चालू पूँजी के लिए।

C.

स्थायी पूँजी के लिए।

D.

चालू सम्पत्तियों के लिए।

Right Answer is: C

SOLUTION

ये दीर्घकालीन वित्त के मुख्य स्त्रोत होते हैं। स्थायी सम्पत्तियाँ दीर्घकालीन प्रयोग में ली जाती हैं। यही कारण है कि ये दीर्घकालीन स्त्रोतों से प्राप्त होते हैं।


Q. 164811 वित्तीय प्रबंधन में निर्णयन शामिल हैं:


A.

विनियोग, विपणन तथा कार्मिकी क्षेत्र के।

B.

विपणन, कार्मिकी तथा वित्तीयन क्षेत्र के।

C.

विनियोग, वित्तीयन तथा लाभांश क्षेत्र के।

D.

विपणन लाभांश तथा विनियोग क्षेत्र के।

Right Answer is: C

SOLUTION

वित्तीय प्रबंधन में निर्णयन शामिल हैं, विनियोग, वित्तीयन तथा लाभांश क्षेत्र के।


Q. 164812 विनियोग निर्णय में निर्णय शामिल हैः


A.

पूँजी बजटन तथा कार्यशील पूँजी निर्णयों से सम्बंधित।

B.

उत्पाद नियोजन।

C.

उत्पाद ढ़ाँचे की डिजाइन।

D.

विनियोगों का विक्रय।

Right Answer is: A

SOLUTION

विनियोग निर्णय पूँजी बजटन से सम्बंधित निर्णय होते हैं, जिसमें विनियोग के लिए सही सम्पत्ति का चयन शामिल होता है। कार्यशील पूँजी निर्णय चालू सम्पत्तियों से सम्बंधित होते हैं।


Q. 164813 अंशधारियों के धन में वृद्धि का कारण हैः


A.

अनुकूल वित्तीय उत्तोलन।

B.

प्रतिकूल वित्तीय उत्तोलन।

C.

समता पर व्यापार।

D.

पर्याप्त पूँजीगत ढ़ाँचा।

Right Answer is: D

SOLUTION

ऋण तथा समता का वह अनुपात जिसके परिणामस्वरूप समता अंशों के मूल्य में वृद्धि होती है जो कि एक पर्याप्त पूँजीगत ढ़ाँचा होता है। अन्य समता अंशधारियों तथा प्रति अंश अर्जन से सम्बंधित होते हैं।


Q. 164814 मौसमी कार्यशील पूँजी की आवश्यकता वाले व्यवसायों के 2 उदाहरण दीजिए।
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

मौसमी कार्यशील पूँजी की आवश्यकता वाले व्यवसायों के 2 उदाहरण हैं:
1.
चीनी उद्योग
2.
सूती कपड़ा/वस्त्र
3.
ऊनी वस्त्र
4.
पंखे
5.
गेहूं से बने खाद्य उत्पादों


Q. 164815 कार्यशील पूँजी की आवश्यकता बताईए।
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

कार्यशील पूँजी की आवश्यकता है:
1.
कच्चे माल और परिचालन आपूर्ति की खरीद करने के लिए।
2.
कर्मचारियों को मजदूरी और वेतन का भुगतान करने के लिए।
3.
किराया, कर, ईंधन, विज्ञापन और अन्य प्रशासनिक लागत की तरह प्रतिदिन के खर्चों को पूरा करने के लिए।


Q. 164816 कार्यशील पूँजी के घटकों को स्पष्ट कीजिए।
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

कार्यशील पूँजी के घटक हैं:
1.
रोकड़
2.
कच्चा माल
3.
अर्धनिर्मित माल
4.
तैयार माल
5.
देनदार


Q. 164817 अस्थायी कार्यशील पूँजी से आप क्या समझते हैं?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

वह कार्यशील पूँजी जो एक व्यापार की मौसमी या विशेष जरूरतों को पूरा करने के लिए आवश्यक होती है अस्थाई कार्यशील पूँजी कहलाती है।
इसकी प्रकृति में अस्थिर होती है। यह 2 प्रकार की होती है:
1.
मौसमी कार्यशील पूँजी - यह मौसमी उत्पादों के साथ कारोबार के मामले में एक विशेष सत्र के दौरान आवश्यक अतिरिक्त धन होता है।
2.
विशेष कार्यशील पूँजी - यह धन मांग में अचानक उछाल, हड़ताल, प्राकृतिक आपदाओं आदि के रूप में भविष्य के आकस्मिक व्ययों को पूरा करने के लिए आवश्यक होती है।


Q. 164818 प्रारंभिक खर्चों को संक्षेप में स्पष्ट कीजिए।
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

प्रारंभिक व्यय वे व्यय होते हैं जो एक कंपनी के गठन पर किए जाते हैं। प्रारंभिक जांच, कानूनी और तकनीकी सलाह, ड्राफ्िटंग और दस्तावेजों का मुद्रण, कानूनी फीस, प्रमोटरों को पारिश्रमिक, कार्यालय व्ययों आदि पर किये गये व्ययों को इस श्रेणी के अंतर्गत लिखा जाता है।


Q. 164819 एक व्यवसाय की प्रकृति और आकार इसकी कार्यशील पूँजी को कैसे परिभाषित करता है?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

व्यापार की प्रकृति: वस्तुओं या सेवाओं को उपलब्ध कराने के व्यापार में लगे व्यवसायों की तुलना में निर्माण व्यवसायों को अधिक कार्यशील पूँजी की आवश्यकता होती है क्योंकि उन्हें कच्चे माल और तैयार माल को बनाए रखने की आवश्यकता होती है।
व्यवसाय का आकार: एक व्यवसाय के एक छोटे पैमाने पर उत्पादन या कम मूल्य के सामान के उत्पादन की तुलना में बड़े पैमाने पर उत्पादन में लगे हुए व्यापार या उन के उत्पादन के लिए उच्च मूल्य के सामान या विभिन्न उत्पादों के निर्माण में शामिल लोगों, बड़ा कार्यशील पूँजी की आवश्यकता होती है।


Q. 164820 एक व्यापार की पूँजी संरचना पर एक निर्णय को ‘मतदान का अधिकार’ कैसे प्रभावित करता है?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

मताधिकारप्रबंधन के निर्णय लेने की प्रक्रिया में भाग लेने के अधिकार को संदर्भित करता है।
जब मौजूदा प्रबंधन कंपनी पर अपने नियंत्रण को कमजोर नहीं करना चाहे, तो वह समता अंश जारी करने के अलावा अन्य साधनों के द्वारा पूँजी जुटाने की कोशिश करेंगे।
वह या तो पूर्वाधिकार अंशों या ऋणपत्रों का निर्गमन करेंगे या बैंकों या वित्तीय संस्थाओं से ऋण लेंगे क्योंकि इनके पास मतदान का अधिकार नहीं होता है।


Q. 164821 स्थायी पूँजी और कार्यशील पूँजी में अंतर कीजिए।
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

स्थायी पूँजी वह पूँजी होती है जो एक व्यापार में भूमि एवं भवन, संयंत्र और मशीनरी, फर्नीचर और फिक्सचर, उपकरणों और वाहनों जैसी अचल संपत्तियों की खरीद के लिए आवश्यक होती है। इन परिसंपत्तियों इन सम्पत्तियाँ व्यापार के स्थायी संचालन में उपयोग हेतु होती है। इनकी प्रकृति दीर्घकालीन होती है तथा इसलिए, इसके लिए धन दीर्घकालीन संसाधनों के माध्यम से लिया जाता है।
कार्यशील पूँजी अर्थात नकद, कच्चा माल, अर्धनिर्मित माल, तैयार माल और देनदारों जैसी एक व्यापार की चालू सम्पत्तियों में निवेशित कोष। कार्यशील पूँजी ऐसा तरल कोष होता है जो एक व्यवसाय के प्रतिदिन के परिचालनों के लिए आवश्यक होता है। इनकी प्रकृति अल्पकालीन होती है तथा इसलिए, इसके लिए धन अल्पकालीन संसाधनों के माध्यम से लिया जाता है।


Q. 164822 वित्तीय प्रबंधन के उद्देश्यों को स्पष्ट कीजिए।
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

वित्तीय प्रबंधन का प्राथमिक उद्देश्य अंशधारकों के धन को अधिकतम करना होता है। एक कंपनी में वित्तीय प्रबंधक मालिकों के लिए निर्णय करते हैं और यह निर्णय शेयरधारकों की दृष्टि से लाभकारी साबित होना चाहिए।
अंशधारकों को लाभ केवल तब लाभा होता है जब बाजार में उनके अंशों का मूल्य अधिक हो, जिसके परिणामस्वरूप उनकी पूँजी में बढ़ोतरी होती है।
अंशों का बाजार मूल्य निवेश निर्णय, वित्तपोषण निर्णय और लाभांश निर्णय जैसे निर्णयों से प्रभावित होता है।
वित्तीय प्रबंधन के अन्य उद्देश्यों में शामिल हैं:
1.
लाभ अधिकतमकरण।
2.
धन का प्रभावी उपयोग।
3.
तरलता का रखरखाव।
4.
बैठक वित्तीय प्रतिबद्धता।


Q. 164823 निवेश के निर्णय को परिभाषित करें।
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

एक व्यापार द्वारा विभिन्न निवेश प्रस्तावों के लिए पूँजी या संसाधनों की खोज का निर्णय पहला और सबसे महत्वपूर्ण निर्णय होता है। इन निवेशों के लाभों को तुरंत प्राप्त नहीं किया जा सकता है क्योंकि भविष्य के लाभों का मूल्य ज्ञात नहीं होता है। इन निवेशों में जोखिम शामिल होता है। इसलिए, जोखिम कारक पर भी विचार किया जाता है। विभिन्न निवेश प्रस्तावों को उनमें शामिल उनके अपेक्षित लाभ तथा जोखिम के आधार पर मूल्यांकित किया जाता है। निवेश का फैसला दीर्घकालीन या अल्पकालीन हो सकता है। एक दीर्घकालिक निवेश के फैसले को पूँजी बजट निर्णयन और लघु अवधि के निवेश के फैसले को पूँजी निर्णयन भी कहा जाता है।


Q. 164824 आनंद बायोटेक लिमिटेड को पिछले 2 सप्ताह से इसके उत्पादन सुविधा में एक हड़ताल का सामना करना पड़ रहा है। यह इसकी नकदी की स्थिति पर दबाव डालने के लिए प्रेरित करती है। क्या ऐसा कुछ है जो प्रबंधन अपनी तरलता की रक्षा के लिए अग्रिम में कर सकता है?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

आनंद लिमिटेड के पास विशेष कार्यशील पूँजी होनी चाहिए। यह धन मांग में अचानक उछाल, हड़ताल, प्राकृतिक आपदाओं आदि के रूप में भविष्य के आकस्मिक व्ययों को पूरा करने के लिए आवश्यक होती है।
व्यवसाय को ऐसी आकस्मिकताओं से निपटने के लिए अपनी नियमित कार्यशील पूँजी के अलावा कार्यशील पूँजी के एक संचय की स्थापना करनी चाहिए।
आनंद लिमिटेड अपनी उत्पादन सुविधा में हड़ताल की अवधि के दौरान अपनी आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए अतिरिक्त कार्यशील पूँजी की स्थापना करके अपनी तरलता पर दबाव से बच सकती है।


Q. 164825 अशोक सिंह ने हाल ही में कपड़ों के खुदरा बिक्री के लिए एक दुकान खोली है। उन्होंने सोचा कि वह नगण्य कार्यशील पूँजी के साथ व्यापार चला सकते हैं। क्या आपको लगता है कि वह सही है? अपने उत्तर का समर्थन करने के लिए कारण दीजिए।
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

नहीं, अशोक सिंह का दृष्टिकोण सही नहीं है। एक व्यापार को अपने सुलभ और कुशल संचालन के लिए पर्याप्त कार्यशील पूँजी की जरूरत होती है।
कार्यशील पूँजी एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। यह एक व्यवसाय को निम्नलिखित में सक्षम बनाता है:
1. देनदारियों का समय पर भुगतान।
2. सुचारू संचालन।
3. उच्च ऋण पात्रता।
4. नकद छूट लाभ उठाने के लिए।
5. व्यापार के अवसरों के लाभ उठाने के लिए।
6. कर्मचारी मनोबल को बढ़ाने के लिए।


Q. 164826 एक व्यापार के लिए पूँजी की कोई भी 3 आवश्यकताओं को स्पष्ट कीजिए।
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

एक व्यापार की पूँजी आवश्यकताएँ:
1.
प्रारंभिक व्यय - प्रारंभिक जांच, कानूनी और तकनीकी फीस, कार्यालय व्यय जैसे एक कंपनी के गठन पर हुए व्ययों को चुकाने के लिए।
2.
कोषों की खरीद की लागत - जनता से धन की प्राप्ति पर खर्च उठाना। विज्ञापन, प्रविवरण के मुद्रण और प्रकाशन, अभिगोपन कमीशन, दलाली आदि पर व्यय।
3.
चालू संपत्तियाँ - एक व्यवसाय के प्रतिदिन के परिचालनों लिए नकद, देनदार, कच्चे माल के स्टॉक, निर्मित माल की खरीद के लिए।


Q. 164827 ऐसे महत्वपूर्ण कारकों को स्पष्ट कीजिए जो एक कंपनी की स्थायी पूँजी आवश्यकताओं को तय करने में मदद करते हैं।
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

एक व्यवसाय के स्थाई पूँजी आवश्यकताओं को निर्धारित करने वाले कारक हैं:
1.
व्यवसाय की प्रकृति - एक निर्माण व्यवसाय को एक व्यापार या एक सेवा प्रदान करने वाले कारोबार की तुलना में स्थाई परिसंपत्तियों में अधिक निवेश की आवश्यकता होती है।
2.
उत्पादन की विधियाँ - पूँजी गहन व्यापार को श्रम गहन व्यापार की तुलना में अचल पूँजी के अधिक निवेश की आवश्यकता होती है।
3.
अचल संपत्तियों के अधिग्रहण की विधि - एक व्यवसाय जो संपत्ति प्राप्त करने के लिए पट्टे की सुविधा का उपयोग करता है उसे कम स्थाई पूँजी की आवश्यकता होती है।
4.
प्रौद्योगिकी उन्नयन - ऐसा उद्योग जिसमें परिसंपत्तियाँ तकनीकी उन्नयन के कारण तेजी से अप्रचलित हो जाती है उसमें अन्य व्यवसायों की तुलना में, अपनी संपत्ति को बदलने के लिए अधिक अचल पूँजी की आवश्यकता होती है।


Q. 164828 निम्न को समझाइए: [2+2] i ब्याज आवरण अनुपात (आई सी आर) ii निवेश पर आय (आर ओ आई)
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

i  ब्याज आवरण अनुपात (आई सी आर) - ब्याज आवरण अनुपात से तात्पर्य है कि कंपनी का ब्याज, तथा कर काटने से पूर्व लाभ की मात्रा ब्याज से कितने गुना अधि है। अर्थात ब्याज के आभार को भुगतान करने के लिए लाभ की मात्रा किनत गुणा अधिक है। इसकी गणना निम्न प्रकार से की जाती है।

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ii. निवेश पर आय (आर. ओ. आई.) - यदि कंपनी की निवेश पर आय ऊँची दर की है तो प्रति अंश आय को बढ़ाने के लिए कंपनी समता पर व्यापार के उपयोग का चुनाव कर सकती है। अर्थात् इसकी ऋण उपयोग की योग्यता उच्च श्रेणी की है। हम प्रथम उदाहरण में पहले ही अवलोकन कर चुके हैं कि एक कंपनी, प्रति अंश आय में वृद्धि करने के लिए अधिक ऋणों का उपयोग कर सकती है। जबकि दूसरे उदाहरण में अधिक ऋणों का उपयोग प्रति अंश आय में कमी करता है। यह सब इसलिए कि कंपनी की निवेशों पर आय केवल 6.67 प्रतिशत है जो कि ऋणों की लागत से कम है। उदाहरण एक में निवेशों पर आय 13.3 प्रतिशत है तथा समता पर व्यापार लाभदायक है। इससे यह प्रकट होता है कि निवेशों पर आय कंपनी की समता पर व्यापार की योग्यता का एक महत्त्वपूर्ण निर्णायक है तथा इसी प्रकार पूँजी संरचना में उसकी भूमिका महत्त्वपूर्ण होती है।


Q. 164829 वित्तीय नियोजन से आप क्या समझते है ? यह महत्वपूर्ण क्यों है?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

वित्तीय नियोजन वित्त का अधिकतम उपयोग करने के लिए संस्था की वित्तीय आवश्यकताओं तथा उचित स्त्रोतों का पूर्वानुमान होता हैं।

वित्तीय नियोजन का महत्व:

1. यह इस पुर्वानुमान में सहायक होता है कि विभिन्न व्यावसायिक स्थितियों के तहत भविष्य में क्या हो सकता है।

2. यह स्पष्ट नीतियाँ तथा प्रक्रिया प्रदान करके विक्रय, उत्पादन तथा विपणन आदि जैसे विभिन्न व्यावसायिक कार्यों में समन्वय स्थापित करने में मदद करता है।

3. यह एक निरंतर आधार पर वित्तीय निर्णयों तथा विनियोगों में एक सम्बंध प्रदान करता है।


Q. 164830 (1) सकल कार्यशील पूँजी तथा (2) शुद्ध कार्यशील पूँजी से आप क्या समझते हैं?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

कार्यशील पूँजी की दो अवधारणाएँ सकल तथा शुद्ध होती है।

(1) सकल कार्यशील पूँजी:- यह गैर-चालू सम्पत्तियों जैसे रोकड़, स्कंध, देनदारों तथा पूर्वदत्त व्ययों में विनियोजित पूँजी को इंगित करता है। इसे कुल कार्यशील पूँजी भी कहा जाता है।

(2) शुद्ध कार्यशील पूँजी:- इसे चालू दायित्वों पर चालू सम्पत्तियों के आधिक्य के रूप में परिभाषित किया जा सकता है। चालू दायित्व वे दायित्व होते हैं जिन्हें एक लेखांकन वर्ष में चुकाना होता है। इसमें लेनदारों, देय विपत्रों तथा बाह्य व्ययों के जैसे दावों को शामिल किया जाता है।


Q. 164831
परिचालन चक्र से आप क्या समझते हैं? यह कार्यशील आवश्यकताओं से कैसे सम्बंधित है?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

परिचालन चक्र कच्चे माल के क्रय से देनदारों से रोकड़ के संग्रहण के मध्य की समयावधी होती है।

एक व्यापार के सम्बंध में परिचालन चक्र माल की खरीद से शुरू होता है तथा विक्रय के पश्चात् देनदारों से रोकड़ की प्राप्ति पर समाप्त होता है।

एक निर्माणी कम्पनी के लिए यह चक्र कच्चे माल की खरीद से आरंभ होता है तथा अर्धनिर्मित माल या निर्मित माल का विक्रय (जिसके जरीये कम्पनी आय प्राप्ति करती है।) करने तक समाप्त होता है।

परिचालन चक्र एक व्यवसाय की कार्यशील पूँजी आवश्यकता का मापन करने में सहायता करता है।

परिचालन चक्र जितना लम्बा होता है कार्यशील पूँजी की आवश्यकता उतनी ही अधिक होती है।

अतः व्यापारिक कम्पनियों को कम कार्यशील पूँजी की आवश्यकता होती है तथा निर्माणी कम्पनियों को अधिक कार्यशील पूँजी की आवश्यकता होती है।


Q. 164832
ब्याज व्याप्ति अनुपात तथा डुबत सेवा व्याप्ति अनुपात संगठन की पूँजी संरचना को कैसे प्रभावित करते हैं ? स्पष्ट कीजिए।
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

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Q. 164833 वित्तीय निर्णय को प्रभावित करने वाले किन्हीं चार कारकों का वर्णन कीजिए। [1+1+1+1]
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

वित्तीय निर्णय को प्रभावित करने वाले कारक - वित्तीय निर्णय विभिन्न कारकों से प्रभावित होते हैं उनमें से कुछ महत्त्वपूर्ण कारक निम्नलिखित हैं -

1. लागत - विभिन्न स्त्रोतों से वित्त प्राप्त करने की लागत भिन्न-भिन्न होती है। साधारणतया एक विवेकशील प्रबंधक उसी स्त्रोगत का चुनाव करता है जो सबसे सस्ता होता है।

2. प्रवर्तन लागत - जिस स्त्रोत की प्रवर्तन लागत अधिक होती है उसके प्रति आकर्षण कम होता है।

3. पूँजी बजार की स्थिति - पूँजी बाजार की दशा भी निधि स्त्रोता के विकल्प को प्रभावित करती है। जिस समय स्टॉक मार्केट में प्रतिभूतियों का मूल्य बढ़ रहा होता है, उस समय बहुत से लोग समता में निवेश के लिए तत्पर रहते हैं।

4. जोखिम - विभिन्न स्त्रोतों से सम्बन्धित जोखिमें भी भिन्न-भिन्न होती है।


Q. 164834 अधिक कार्यशील पूँजी का परिणाम निम्न में हो सकता हैः निगरानी को कहा जाता है क्या कहते हैं?


A.

उत्पादन प्रक्रिया में बाधा।

B.

आदर्श कोष में।

C.

अतिरिक्त सम्पत्तियों के क्रय में।

D.

उधार निधियों के पूनर्भुगतान में।

Right Answer is: B

SOLUTION

इसका परिणाम ऐसे आदर्श कोषों में होगा, जिसे बाहर विनियोजित नहीं किया जा सका तथा जो उद्यम के लिए ब्याज प्राप्त करते है।


Q. 164835 वह कारक जो स्थायी पूँजी की आवश्यकता को प्रभावित नहीं करता हैः


A.

व्यवसाय की प्रकृति।

B.

परिचालन क्षमता।

C.

परिचालन का पैमाना।

D.

तकनीकी की चयन।

Right Answer is: B

SOLUTION

ऐसे विभिन्न कारक होते हैं जो स्थायी पूँजी की आवश्यकता को प्रभावित करते हैं जैसे- व्यवसाय की प्रकृति, परिचालनों का पैमाना, विकास सम्भावना आदि। परिचालन क्षमता एक ऐसा कारक होता है जो संगठन की कार्यशील पूँजी की आवश्यकता को प्रभावित करता है।


Q. 164836 एक दीर्घकालीन विनियोग निर्णय को कहा जाता हैः


A.

एक पूँजी बजट निर्णय।

B.

कार्यशील पूँजी निर्णय।

C.

लाभांश निर्णय।

D.

वित्तीय निर्णय।

Right Answer is: A

SOLUTION

एक दीर्घकालीन विनियोग निर्णय को पूँजी बजट निर्णय कहा जाता है। ये निर्णय दीर्घकाल में व्यवसाय के विकास, लाभप्रदता तथा जोखिम को प्रभावित करते हैं।


Q. 164837 एक उद्यमी की कार्यशील पूँजी को प्रभावित करने वाले कारकों में से एक हैः


A.

तकनीकी उन्नयन।

B.

विनियोग सीमा।

C.

स्थायी समपत्तियों का क्रय।

D.

कार्यशील पूँजी आवर्ति।

Right Answer is: D

SOLUTION

कार्यशील पूँजी आवर्ति अर्थात कार्यशील पूँजी का वर्तन। कार्यशील पूँजी की आवर्ति उच्च, निम्न कार्यशील पूँजी की आवश्यकता होगी।


Q. 164838 अबेकस लिमिटेड आगामी वर्ष में अपने व्यवसाय के विस्तार की योजना बना रही है। कदाचित यह भुगतान करती हैः


A.

निम्न लाभांशों का।

B.

उच्च लाभांशों का।

C.

किसी प्रकार के लाभांशों का नहीं।

D.

प्रतिद्वंदियों की तुलना में उच्च लाभांशों का।

Right Answer is: A

SOLUTION

उच्च विकास वाली कम्पनियाँ कदाचित निम्न लाभांशों का भुगतान करती है, क्योंकि वे अपनी आयों को भविष्य में उपयोग के लिए रखते हैं। इसप्रकार, वे गैर-विकास वाली कम्पनियों की तुलना में कम लाभांश का भुगतान करती हैं।


Q. 164839 वित्तीय निर्णयन सम्बंधित नहीं हैः


A.

विनियोग निर्णय से।

B.

वित्तीयन से।

C.

लाभांश के भुगतान से।

D.

देनदारों के वित्तीय साख मूल्यांकन से।

Right Answer is: D

SOLUTION

वित्तीय निर्णयन देनदारों के वित्तीय साख मूल्यांकन से सम्बंधित नहीं होता है। देनदारों की वित्तीय साख मूल्यांकन से सम्बंधित निर्णय सामान्य क्रय तथा लेखांकन कार्य का एक भाग होता है।


Q. 164840 एक उद्यम में, कार्यशील पूँजी प्रयुक्त होती हैः


A.

स्थायी सम्पत्तियों के क्रय में।

B.

व्यवसाय संचालन में।

C.

संगठन संरचना में।

D.

उद्यम के उद्देश्य परिभाषित करने में।

Right Answer is: B

SOLUTION

कार्यशील पूँजी व्यवसाय के दैनिक कार्य संचालन में प्रयोग होती है, जिसे व्यवसाय का संचालन भी कहा जा सकता है।


Q. 164841 वित्तीय नियोजन का मुख्य उद्देश्य हैः


A.

ऐसी सभी मदों का पूर्वानुमान जो परिवर्तन से गुजरना होता है।

B.

कोषों के भण्डारण या उनके आधिक्यों जैसी उम्मीद।

C.

कोषों की आवश्यकता की उम्मीद।

D.

भविष्य के परिवर्तनों का पूर्वानुमान तथा कोषों की आवश्यकता की उम्मीद।

Right Answer is: D

SOLUTION

वित्तीय नियोजन का मुख्य उद्देश्य भविष्य के परिवर्तनों का पूर्वानुमान लगाना तथा कोषों की आवश्यकता की उम्मीद के लिए प्रबंधन को सक्षम बनाना होता है। वित्तीय नियोजन अर्थात कोषों की स्त्रोतों के साथ-साथ आवश्यकताओं का अग्रिम में निर्णयन।


Q. 164842 लाभांश के बारे में निर्णय के लिए मुख्य निर्धारकों में से एक हैः


A.

आयें।

B.

सम्पत्तियाँ।

C.

ख्याति।

D.

पूँजी बाज़ार की सम्पत्ति।

Right Answer is: A

SOLUTION

लाभांश चालू तथा विगत आयों में से चुकाये जाते हैं। यदि आय ज्यादा होती है तो कम्पनी लाभांश की उच्च दर की घोषणा करती है जबकि कम आयों की अवधि में लाभांश की दर भी कम होती है।


Q. 164843 ‘समता की लागत’ अर्थात


A.

समता पूँजी प्राप्त करने की लागत।

B.

वितरण के लिए रखा गया कर पश्चात् लाभ।

C.

समता पूँजी पर अपेक्षित प्रत्याय की दर।

D.

प्रति अंश अर्जन

Right Answer is: C

SOLUTION

समता की लागत अर्थात समता पूँजी पर अपेक्षित प्रत्याय की दर। यह अंशों पर लाभांश की दर होती है।


Q. 164844 कुल पूँजी में ऋण के अनुपात को कहा जाता हैः


A.

ऋण ढाँचा।

B.

वित्तीय उत्तोलन।

C.

अंशधारियों का कोष।

D.

विनियोगों पर प्रत्याय।

Right Answer is: B

SOLUTION

वित्तीय उत्तोलन कुल पूँजी में ऋण के अनुपात को संदर्भित करता है। इसे समता पर ऋण के द्वारा प्रस्तुत किया जा सकता है।


Q. 164845 जब स्टॉक बाज़ार अनुकूल प्रवाह दिखाता है, तो समता अंश काः


A.

निर्गमन कठिन होता है।

B.

निर्गमन आसान होता है।

C.

कम मूल्य पर बेचे जाते हैं।

D.

सेबी द्वारा इनका व्यापार बंद होता है।

Right Answer is: B

SOLUTION

यदि स्टॉक बाज़ार अनुकूल प्रवाह दिखाते हैं, तो इसका अर्थ तेजी होता है। तब समता अंशों का निर्गमन आसान होता है क्योंकि विनियोगकर्ता अपने विनियोगों में वृद्धि की आशा से विनियोग करने के लिए उत्सुक होते हैं।


Q. 164846 सभी आवर्ति व्ययों के लिए आवश्यक पूँजी को कहा जाता हैः


A.

स्थायी पूँजी।

B.

अस्थायी पूँजी।

C.

कार्यशील पूँजी।

D.

अर्धअस्थायी पूँजी।

Right Answer is: C

SOLUTION

सभी आवर्ति व्ययों के लिए आवश्यक पूँजी को कार्यशील पूँजी कहा जाता है। यह चालू सम्पत्तियों तथा चालू दायित्वों का अंतर होता है। यह आवृति प्रकृति के सभी वित्तीय व्ययों का योग होता है।


Q. 164847 वित्तीय प्रबंधन की मुख्य चिंता का विषय क्या है?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

वित्तीय प्रबंधन की मुख्य चिंता का विषय अधिकतम खरीद और संसाधनों का उपयोग है।


Q. 164848 श्री कमल को एक कंपनी में वित्त प्रबंधक के रूप में नियुक्त किया गया। उनकी भूमिका में उनके द्वारा उठाए जाने वाले तीन निर्णय को स्पष्ट कीजिए।
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

निवेश निर्णय, वित्तीय निर्णय और लाभांश निर्णय।


Q. 164849 वित्तपोषण निर्णय को प्रभावित करने वाले दो कारक बताईए।
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

1. धन जुटाने की लागत;
2.
रोकड़ प्रवाह स्थिति।


Q. 164850 उन दो तरीकों के नाम लिखिए जिनसे एक संयुक्त पूँजी कंपनी पूँजी जुटा सकती है।
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

एक संयुक्त पूँजी कंपनी नीचे दिये गये में से कोई भी 2 तरीकों के माध्यम से धन जुटा सकती हैं:
1.
अंशों का निर्गमन - समता या पूर्वाधिकार।
2.
ऋणपत्र जारी करना।
3.
वाणिज्यिक बैंकों से उधार।
4.
वित्तीय संस्थानों से उधार।


Q. 164851 अचल संपत्तियों की कोई भी 2 श्रेणियों के नाम लिखिए।
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

अचल संपत्तियों की कोई भी 2 श्रेणियाँ है:
1.
भूमि एवं भवन
2.
कारखाना और मशीनरी
3.
कार्यालय उपकरण
4.
फर्नीचर तथा फिक्सचर
5.
मोटर वाहन


Q. 164852 स्थायी कार्यशील पूँजी के दो प्रकारों के नाम लिखिए।
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

स्थायी कार्यशील पूँजी के प्रकार हैं:
1.
आरंभिक कार्यशील पूँजी।
2.
नियमित रूप से कार्यशील पूँजी।


Q. 164853 एक साझेदारी किस प्रकार धन जुटा सकते है?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

साझेदारी कोष निम्न माध्यमों से प्राप्त किये जा सकते हैं:
1.
साझेदारों द्वारा पूँजी में ला कर।
2.
वाणिज्यिक बैंकों से उधार।
3.
वित्तीय संस्थानों से उधार।


Q. 164854 एक ब्राण्ड नाम का उद्देश्य क्या होता है?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

एक ब्रांड नाम का उद्देश्य प्रतिद्वंद्वी उत्पादों से उत्पाद में भेद करना है ताकि उपभोक्ताओं को इसकी पहचान आसानी से हो सके। ब्रांड एक उत्पाद को एक नाम या एक प्रतिक देता है जिसके द्वारा इसे उपभोक्ताओं द्वारा जाना जाता है। इस तरह, ब्रांड नाम उत्पाद के लिए ग्राहकों को आकर्षित करता है। उदाहरण के लिए, नाइकी, लिवाइस आदि जैसे प्रसिद्ध ब्रांड नाम।


Q. 164855 पैकेजिंग क्या होती है यह महत्वपूर्ण क्यों होती है?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

पैकेजिंग अर्थात उत्पाद के लिए पैकेज डिजाइन करना और प्रदान करना होता है। एक पैकेज उत्पाद को सुरक्षित और आकर्षक बनाने के लिए एक कंटेनर या एक आवरण होता है। पैकेजिंग महत्वपूर्ण होती है क्योंकि:
1.
यह उत्पाद को टिकाऊ बनाता है।
2.
यह उत्पाद के उपयोग तथा लाभों के बारे में जानकारी प्रदान करता है।
3.
यह आत्म विज्ञापन के रूप में कार्य करता है।
4.
यह माल की नष्ट होने से सुरक्षा करता है।
5.
यह उत्पाद के रखरखाव को सुविधाजनक बनाता है।


Q. 164856 मानकीकरण और ग्रेडिंग के बीच अंतर कीजिए।
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

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Q. 164857 शशांक को एक जल शोधक कंपनी के उत्पादों में एक विक्रेता के रूप में नियुक्त किया गया है। आप के अनुसार उसे ग्राहकों में वृद्धि तथा विक्रय बढ़ाने के लिए कौनसे गुण को प्रदर्शित करना चाहिए?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

शशांक द्वारा प्रदर्शित किये जाने वाले एक विक्रेता के गुण हैं:
1.
मनोवैज्ञानिक गुण - उसे ग्राहकों की आवश्यकताओं को सम्भालते समय धैर्यवान, लचीला, बुद्धिमान तथा विनम्र होना चाहिए।
2.
तकनीकी गुण - उसे उत्पाद, ग्राहकों, कंपनी और प्रतियोगियों के बारे में पूरी जानकारी होनी चाहिए।
3.
सामाजिक गुण - उसे विभिन्न प्रकार के ग्राहको से सौदा करते हुए विनम्र, स्वयं अनुशासित तथा शिष्ट होना चाहिए।
4.
संचार कौशल - उसे एक विश्वास वक्ता, एक अच्छा श्रोता और ग्राहक के विश्वास को जीतने के लिए सक्षम होना चाहिए।


Q. 164858 समाज के लिए विक्रयकार्य कैसे महत्वपूर्ण हैं?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

समाज के लिए विक्रयकार्य के लाभ हैं:
1.
रोजगार अवसर: विक्रयकार्य बेरोजगार युवाओं को अच्छी आय तथा रोजगार के अवसर प्रदान करता है।
2.
कैरियर के अवसर: यह उन्नति, नौकरी से संतुष्टि, नौकरी की सुरक्षा और स्वतंत्रता, आदि के लिए अधिक से अधिक अवसर प्रदान करता है।
3.
अर्थव्यवस्था को बढ़ावा: व्यक्तिगत विक्रय खपत को बढ़ाता है जिससे उत्पादन में वृद्धि होती है और इस प्रकार अर्थव्यवस्था की स्थिति में सुधार होता है।
4.
राष्ट्रीय आय में बढोतरी: विक्रयकार्य व्यवसाय तथा विक्रेता की आय को बढ़ाता है जिससे उनके जीवन स्तर में बढ़ोतरी होती है।


Q. 164859 वे क्या गुण होते हैं जो एक विक्रेता के पास होने चाहिए?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

विक्रेता के गुण हो सकते हैं:
1.
भौतिक गुण - विक्रेता अच्छे स्वास्थ्य और आकर्षक व्यक्तित्व वाला होना चाहिए। वह अच्छी तरह से तैयार और हंसमुख होना चाहिए।
2.
सामाजिक गुण - विक्रेता को विभिन्न प्रकार के ग्राहकों साथ सौदा करने के लिए, सामाजिक, विनम्र, स्वयं अनुशासित, शिष्ट तथा बहिर्मुखी हो चाहिए।
3.
मानसिक गुण - विक्रेता को ग्राहकों को उनकी आवश्यकताओं के अनुसार संभालने के लिए बुद्धिमान, लचीला, आत्म विश्वासी, विनम्र, धैर्यवान होना चाहिए।
4.
व्यावसायिक गुण -  विक्रेता को उत्साही, महत्वाकांक्षी होने के साथ-साथ रचनात्मक क्षमता, नेतृत्व के गुण वाला होना चाहिए।


Q. 164860 विक्रयकार्य के तीन उद्देश्यों को स्पष्ट कीजिए।
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

विक्रयकार्य के उद्देश्य हैं:
1.
मांग का निर्माण - विक्रयकार्य का मुख्य उद्देश्य एक उत्पाद के लिए मांग निर्मित करना होता है। विक्रयकर्मी ग्राहकों से सीधे सम्पर्क करता है तथा उत्पाद को क्रय करने के लिए उपभोक्ताओं को प्रेरित करते हैं।
2.
आपत्तियों को संभालना - विक्रयकर्मी ग्राहकों की उत्पाद से संबंधित आपत्तियों तथा शंकाओं को संभालने में मदद करते हैं। इसका उद्देश्य मौजूदा ग्राहकों को बनाये रखने तथा नये ग्राहक बनाने के लिए ग्राहकों की शिकायतों को सम्भालना होता है।
3.
छिपी हुई इच्छाओं की खोज - विक्रयकार्य विक्रय को बढ़ाने के लिए ग्राहकों की वरीयताओं तथा इच्छाओं को प्रभावी मांग में परिवर्तित करता है। यह उत्पाद और इसकी उपयोगिता को प्रदर्शित करके संभावित ग्राहकों के साथ व्यक्तिगत संबंधों को विकसित करता है।


Q. 164861 वितरण की अप्रत्यक्ष श्रंखला क्या होती है? वितरण की दो अप्रत्यक्ष श्रंखलाओं के बारे में बताइए।
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

जब माल के वितरण के लिए निर्माता एक या एक से अधिक मध्यस्थ को शामिल करता है तो इस वितरण नेटवर्क को वितरण की अप्रत्यक्ष श्रंखलाकहा जाता है।
वितरण की दो अप्रत्यक्ष श्रंखला हैं:
1.
निर्माता-खुदरा व्यापारी-ग्राहक (एक स्तर श्रंखला): इस प्रकार के वितरण में, फर्म सीधे खुदरा व्यापारी को माल की आपूर्ति देती है तथा खुदरा व्यापारी सीधे माल को ग्राहक को बेचता है।
2.
निर्माता-थोक व्यापारी-खुदरा व्यापारी-ग्राहक (दो स्तर श्रंखला): इस प्रकार के वितरण में, फर्म द्वारा माल के विक्रय हेतु दो मध्यस्थों अर्थात थोक विक्रेता तथा खुदरा विक्रेता को लिया जाता है। इन दो मध्यस्थों की मदद से निर्माता एक बड़ा बाज़ार क्षेत्र कवर करता है।


Q. 164862 उस उत्पाद का नाम बताईए जिस पर उपभोक्ता क्रय करने से पहले वांछनीय समय खर्च करते हैं। इसके अलावा इसकी विशेषताओं को भी स्पष्ट कीजिए।
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

बाज़ारी उत्पादऐसे उपभोक्ता उत्पाद होते हैं जिसकी खरीद में क्रेता खरीद करने से पहले गुणवत्ता, शैली, मूल्य, उपयुक्तता, आदि की तुलना करने के लिए काफी समय समर्पित करते हैं।
बाज़ारी उत्पाद की विशेषताऐं हैं:
1.
ये उत्पाद प्रकृति में टिकाऊ होते हैं, अर्थात इन्हें कई तरीके से इस्तेमाल किया जाता है।
2.
इस तरह के उत्पादों का इकाई मूल्य अधिक होता है।
3.
इस तरह के उत्पादों की खरीद की पूर्वनियोजित होती है।
4.
इस तरह के उत्पाद खुदरा विक्रेता द्वारा बेचे जाते हैं।


Q. 164863 लेबलिंग का कार्य क्या हैं?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

लेबलिंग के कार्य निम्नलिखित हैं:
1.
उत्पाद का वर्णन - यह उत्पाद की विशेषताओं, इसके उपयोग, उपयोग में सावधानी के साथ-साथ इसके तत्वों को भी निर्दिष्ट करता है।
2.
वस्तु की पहचान करना - यह उत्पाद या ब्रांड की आसानी से पहचान में मदद करता है। यह निर्माता का नाम और पता, पैक करते समय शुद्ध वजन, निर्माण तिथि, अधिकतम खुदरा मूल्य और बैच संख्या आदि के रूप में जानकारी प्रदान करता है।
3.
ग्रेडिंग - यह उत्पाद की गुणवत्ता या विभिन्न विशेषताओं को इंगित करने के लिए विक्रेताओं को विभिन्न श्रेणियाँ देने की सुविधा प्रदान करता है।


Q. 164864 वितरण के चैनलों के कार्यों का विस्तृत विवरण कीजिए।
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

वितरण के चैनलों के कार्य निम्नलिखित हैं:
1.
छंटनी - प्रकृति, आकार या गुणवत्ता के आधार पर समरूप समूहों में विभिन्न स्रोतों से प्राप्त माल की छँटाई।
2.
संचय - आपूर्ति का एक सतत प्रवाह बनाए रखने के लिए बड़े समरूप स्टाॅक में माल का संचय।
3.
आवंटन - समरूप स्टाॅक को छोटे और विपणन योग्य हिस्सों में तोड़ना।
4.
वर्गीकरण - विभिन्न स्रोतों से माल की कई किस्मों का क्रय करना और संयोजन में उन्हें बेचना।


Q. 164865 विपणन की उत्पादन अवधारणा और उत्पाद अवधारणा के बीच अंतर कीजिए।
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

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Q. 164866 विपणन की सामाजिक विपणन अवधारणा क्या होती है?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

सामाजिक विपणन अवधारणा आधुनिक विपणन अवधारणा का एक विस्तार है। सामाजिक विपणन अवधारणा फर्म और उसके ग्राहकों के हितों के साथ-साथ सामाजिक कल्याण पर जोर देती है। यह अवधारणा निर्णय लेने की प्रक्रिया में सामाजिक प्रभाव को शामिल करती है। इस अवधारणा के अनुसार, कंपनियों को समाज के कल्याण के साथ ही उपभोक्ता की संतुष्टि पर ध्यान देना चाहिए।


Q. 164867 विक्रय और विपणन के बीच अंतर कीजिए।
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

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Q. 164868 बिक्री बढ़ाने के लिए विपणक द्वारा प्रयुक्त कोई भी दो बिक्री संवर्धन तकनीकों का स्पष्ट कीजिए।
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

बिक्री बढ़ाने के लिए विपणक द्वारा प्रयुक्त बिक्री संवर्धन तकनीकें हैं:
1.
छूट: यह एक विशेष कीमत पर उत्पाद के बेचान को संदर्भित करता है जो समय की एक सीमित अवधि के लिए मूल कीमत से भी कम होता है। यह प्रस्ताव आम तौर पर स्टाॅक या अतिरिक्त सकंध को खाली करने के लिए दिया जाता है। उदाहरण के लिए, एयर कंडीशनर निर्माता दिसंबर के महीने में एयर कंडीशनर बेचने के लिए 5000 रुपये की छूट प्रदान करता है।
2.
मात्रा उपहार: यह एक कम कीमत पर एक विशेष पैकेज में अतिरिक्त मात्रा की पेशकश या अतिरिक्त खरीद पर मुफ्त कुछ मात्रा की पेशकश को संदर्भित करता है। उदाहरण के लिए, साबुन पर प्रस्ताव तीन के साथ एक मुक्त पाओ


Q. 164869 आपने मच्छरों को मारने के लिए एक नये उपकरण का निर्माण किया है। आप अपने उत्पाद का विपणन करने के लिए कौनसे दो संवर्धन उपकरणों का उपयोग करेंगे तथा क्यों?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

मच्छरों को मारने के लिए एक नये उपकरण के विपणन के लिए प्रयुक्त किये जाने वाले प्रचार के साधन हैं:
1.
विशेष छूट: इसमें एक विशेष अवधि को शामिल किया जाता है जिसमें इस अवधि के दौरान की गई खरीद पर विशेष छूट प्रदान की जाती है। ये प्रस्ताव मच्छरों को मारने के लिए उपकरण की बड़ी मात्रा में खरीदने के लिए खुदरा और थोक विक्रेताओं को प्रोत्साहित करने के लिए तैयार किया गया है। विशेष छूट खुदरा विक्रेताओं या थोक व्यापारी के संभावित लाभ को बढ़ाती है। कभी कभी डीलरों अधिक विक्रय के लिए ग्राहकों पर इन छूटों को लागू करता है।
2.
भत्ता: भत्ते कुछ संबंध या अन्य में आपूर्तिकर्ता की सहायता के लिए खरीदार की ओर से समझौते के रूप में आते हैं। उदाहरण के लिए, एक भत्ता मच्छरों को मारने के लिए नए उपकरण के विशेष प्रदर्शन देने के लिए फुटकर विक्रेता को दिया जा सकता है। इस भत्ते का प्रयोजन विशेष प्रदर्शन की व्यवस्था करने के लिए फुटकर विक्रेता की भरपाई करना होता है जो एक प्रभावी तरीके से उत्पाद का विपणन करने में निर्माता की मदद करेगा।


Q. 164870 एक प्रचार उपकरण के रूप में, व्यक्तिगत विक्रय को इसकी विशेषताओं सहित स्पष्ट कीजिए।
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

व्यक्तिगत बिक्री एक उत्पाद या सेवा की बिक्री के प्रयोजन के लिए एक या एक से अधिक संभावित खरीदारों के साथ एक निजी सम्प्रेषण होता है।
व्यापार संभावित उपभोक्ताओं से संपर्क करने के लिए और उत्पाद के बारे में जागरूकता पैदा करने के लिए विक्रयकर्मियों की नियुक्ति करता है।
यह विक्रय का एक व्यक्तिगत प्रारूप होता है क्योंकि इसमें खरीदार और विक्रेता के बीच आमने-सामने बातचीत शामिल होती है। यह उन दोनों के बीच संबंध को विकसित करता है।
व्यक्तिगत विक्रय को इसकी विशेषताओं के कारण सबसे प्रभावी उपकरण के रूप में माना जाता है जिन्हें नीचे सूचीबद्ध किया गया है:
1.
इसमें व्यक्तिगत संपर्क शामिल होता है इसलिए इसमें प्रतिक्रिया तुरंत प्राप्त हो जाती है।
2.
यह काफी लचीला होता है क्योंकि विक्रेता ग्राहक के स्तर के अनुसार अपने संचार को समायोजित कर सकते हैं।
3.
यह अधिक प्रेरक होता है क्योंकि खरीदार उत्पाद की उपयोगिता के बारे में आश्वस्त हो सकते हैं।


Q. 164871 विज्ञापन तथा व्यक्तिगत विक्रय में अंतर कीजिए।
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

Description: /stryde/images/2015/05/22/20150522609820001432272140.jpg


Q. 164872 व्यक्तिगत विक्रय कंपनी के उत्पादों के लिए मांग पैदा करने और उनकी बिक्री बढ़ाने के लिए एक शक्तिशाली उपकरण होता है। क्या आप सहमत हैं? कारण दीजिए।
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

हाँ, व्यक्तिगत विक्रय एक शक्तिशाली संचार उपकरण होता है जिसे निम्न कारणों से, प्रचारक प्रयोजनों के लिए एक संगठन द्वारा इस्तेमाल किया जाता है:
1.
प्रत्यक्ष प्रतिक्रिया: जैसा कि इसमें आमने-सामने सम्प्रेषण होता है, तो यह प्रभावी ढंग से मांग पैदा करने के लिए, संभावित ग्राहकों को प्रभावित करने में मदद करता है।
2.
लचीला: विक्रयकार्य अन्य प्रचार साधनों की तुलना में अधिक लचीला होता है और व्यापारियों को खरीद स्थितियों के अनुसार उनके प्रस्ताव को अनुकूलित करने में मदद करता है।
3.
प्रयासों के नाश को कम करना: यह उत्पादन और विपणन में मितव्य्यता लाने में व्यापारियों की मदद करता है।
4.
परिचय चरण में भूमिका: यह उत्पादों के गुणों को बताकर ग्राहकों के लिए नए उत्पाद शुरू करने में मददगार होता है।


Q. 164873 ‘ग्राहकों को उत्पाद के अनुसार ढालना’ तथा ‘ग्राहकों की जरूरत के अनुसार उत्पाद का विकास करना’ विपणन प्रबंधन की दो महत्वपूर्ण अवधारणाऐं हैं। इन दोनों में अवधारणाओं की पहचान और अंतर कीजिए।
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

Description: /stryde/images/2015/07/14/20150714013162001436856725.jpg


Q. 164874 समस्तपदानि रचयत नामानि च लिखत -
विग्रहाः
न आगतम्, अनागतम् ________ _______
बहवः मत्स्याः यस्मिन् सः ­­­­­­­­­­­­________ ________
सन्ध्यायाः समयः _________ __________
प्रभातस्य समयः, तस्मिन् __________ _________
मत्स्यानां संक्षयः, तम् ________ ___________
कुलस्य क्षयः, तम् _________ ___________
दैवेन रक्षितम् __________ ____________
न अस्ति नाथः यस्य सः __________ ____________
कृतः प्रयत्नः येन सः __________ ____________
जलस्य आशयः तम् ___________ ____________
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

विग्रहाः

समस्तपदानि

समास-नाम

न आगतम्, अनागतम्

अनागतविधाता

नञ् तत्पुरुषः

बहवः मत्स्याः यस्मिन् सः

बहुमत्स्यः

बहुव्रीहिः

सन्ध्यायाः समयः

सन्ध्यासमयः

षष्ठी तत्पुरुषः

प्रभातस्य समयः

प्रभातसमये

षष्ठी तत्पुरुषः

मत्स्यानां संक्षयः

मत्स्यसंक्षयम्

षष्ठी तत्पुरुषः

कुलस्य क्षयः

कुलक्षयम्

षष्ठी तत्पुरुषः

दैवेन रक्षितम्

दैवरक्षितम्

तृतीया तत्पुरुषः

न अस्ति नाथः यस्य सः

अनाथः

बहुव्रीहिः

कृतः प्रयत्नः येन सः

कृतप्रयत्नः

बहुव्रीहिः

जलस्य आशयः तम्

जलाशयम्

षष्ठी तत्पुरुषः


Q. 164875 पठितांश-अवबोधन-परक-प्रश्नाः एकपदेन उत्तरत - 1. एते गिरयः कीदृशाः सन्ति ? 2. कः अनन्तरप्रभव: अस्ति ? 3. आस्तृतः नीलाकाशः किंवत् प्रतीयते ? 4. कस्य धर्मस्य श्वेतस्तूपः अस्ति ? 5. रात्रौ कः शान्तिं वितरति ? 6. स्टाक पैलेस-संग्रहालये कति कक्षाः सन्ति ? 7. पुरातत्व सम्बन्धीनि चित्राणि केषाम् आकर्षणकेन्द्रम् ? 8 'गम्पा' वार्षिकोत्सवः कस्मिन् ऋतौ आयाति ?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

1. धवलाः

2. हिमालय:

3. छत्रवत्

4. बौद्धानाम्

5. श्वेतस्तूपः

6. सप्तसप्ततिः

7. पर्यटकानाम्

8. शीते


Q. 164876 अवबोधन-परक प्रश्नाः निर्देशानुसारम् उत्तरत - 1. ‘नीलवर्णा भूमिः’ अनयोः विशेषणपदम् किं? 2. ‘धवला एते’ अत्र एते इति सर्वनामपदं कस्मै प्रयुक्तम्? 3. ‘प्रसिद्धाः’ इत्यस्य अत्र किं पर्यायपदं प्रयुक्तम्? 4. ‘नामानः एते’ अत्र एते इति सर्वनामपदं कस्मै प्रयुक्तं? 5. ‘यस्मिन् सप्तसप्ततिः’ अत्र यस्मिन् इति सर्वनामपदं कस्मै प्रयुक्तम् ? 6. ‘दर्शयन्ति’ इत्यस्य कर्तृपदं किम् ? 7. ‘कीदृशम्’ इति कस्य विशेषणम् ? 8. सूर्यस्य किं विलोमपदम् अत्र प्रयुक्तं ?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

1. नीलवर्णा

2. गिरिभ्यः

3. प्रख्याताः

4. बौद्धमठेभ्यः

5. संग्रहालयाय

6. ग्रीष्मपर्वाणि

7. सामाजिकजीवनम्

8. इन्दुः


Q. 164877 अवबोधन-परक प्रश्नाः पूर्णवाक्येन उत्तरत - 1. लद्दाखशब्दस्य अर्थं लिखत् ? 2. लद्दाख इति शब्दस्य विशिष्टः अर्थः कः ? 3. कुत्र आस्तृतः नीलाकाशः छत्रवत् प्रतीयते ? 4. श्वेतस्तूपः रात्रौ दीपेषु प्रज्वलितेषु किं करोति ? 5. सिन्धुनद्याः पूर्वतः प्रख्याताः बौद्धमठाः के के सन्ति ? 6. राजप्रासादस्य आन्तरिके भागे किं वर्तते ? 7. बौद्धानां ग्रीष्मपर्वाणि कं प्रति भक्तिभावं दर्शयन्ति ? 8. हिमं कस्य सौभाग्यं न विलुम्पति?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

1. ‘उत्तुंगपर्वतानाम् उपत्यकाभूमिः’ इत्येव अर्थः अस्ति।

2. उच्चपर्वतानाम् उपत्यकायाः भूमिः लद्दाखः इति उच्यते।

3. लद्दाख प्रदेशे आस्तृतः नीलाकाशः छत्रवत् प्रतीयते।

4. श्वेतस्तूपः भव्यम् प्रकाशम् वितरति शान्तिम् च सन्दिशति।

5. सिन्धुनद्याः पूर्वतः प्रख्याताः बौद्धमठाः इमे सन्ति-शे धिक्शे, हेमिस, स्तावना, माठो इति।

6. राजप्रसादस्य आन्तरिके भागे एकः विशालः स्टाकपैलेस-संग्रहालयः अस्ति।

7. बौद्धानां ग्रीष्मपर्वाणि भगवन्तं बुद्धं प्रति भक्तिभावं दर्शयन्ति।

8. हिमं हिमालयस्य सौभाग्यं न विलुम्पति।


Q. 164878 समस्तपदानि रचयत -
विग्रहाः
1. स्थानम् अनतिक्रम्य
2. उपत्यकायाः भूमिः
3. नीलः आकाशः
4. नीलः वर्णः यस्याः सा
5. श्वेतः स्तूपः
6. बौद्धानां मठाः
7. विशालः कायः यस्या: सा
8. आकर्षणस्य केन्द्रम्
9. लद्दाखे स्थितः
10. महान् चासौ कविः
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

विग्रहाः

समस्तपदानि

1. स्थानम् अनतिक्रम्य

यथास्थानम्

2. उपत्यकायाः भूमिः

उपत्यकाभूमिम्

3. नीलः आकाशः

नीलाकाशः

4. नीलः वर्णः यस्याः सा

नीलवर्णा

5. श्वेतः स्तूपः

श्वेतस्तूपः

6. बौद्धानां मठाः

बौद्धमठाः

7. विशालः कायः यस्या: सा

विशालकाया

8. आकर्षणस्य केन्द्रम्

आकर्षणकेन्द्रम्

9. लद्दाखे स्थितः

लद्दाखस्थित:

10. महान् चासौ कविः

महाकविः


Q. 164879 पठितांश-अवबोधन-परक-प्रश्नाः एकपदेन उत्तरत - 1. सज्जानां हृदयं कीदृशं भवति? 2. सज्जानां करणं कीदृशम् ? 3. चतुर्भिः उपायैः कः परीक्ष्यते ? 4. पुरुषः कतिभिः उपायैः परीक्ष्यते ? 5. पराभवं के वज्रन्ति ? 6. सर्वसम्पदः किं कुर्वते ? 7. सर्वेभ्यः श्रेष्ठं धनं किम् ? 8. किं नाम तपसः अपि अधिकं श्रेयस्करम् ?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

1. सदयम्

2. परोपकरणम्

3. कनकम् / पुरुषः

4. चतुर्भिः

5. मूढ़धियः

6. रतिम्

7. सद्विद्या

8. सत्यम्


Q. 164880 अवबोधन-परक प्रशनाः निर्देशानुसारम् उत्तरत - 1. ‘सुधामुचः’ इति विशेषणस्य विशेष्यं किम्? 2. ‘पादपाः’ अस्य विशेषणं किम् ? 3. ‘निपतन्ति’ क्रियायाः कर्तृपदं किम् ? 4. ‘सुवर्णम्’ इत्यस्य अत्र किं पर्यायपदं प्रयुक्तम् ? 5. ‘संग्रहेण’ इत्यस्य अत्र किं विलोमपदं प्रयुक्तम् ? 6. 'बुद्धिमन्तः' इत्यस्य अत्र किं विलोमपदं प्रयुक्तम् ? 7. 'योऽधिपम्' अत्र यः इति सर्वनामपदं कस्मै प्रयुक्तम् ? 8. ‘सज्जनता’ इति कृते किं पदम् अत्र प्रयुक्तम् ?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

1.वाचः इति विशेष्यम्।

2. सुबद्धमूलाः इति विशेषणम्।

3. पादपाः इति कर्तृपदम्।

4. कनकम्।

5. त्यागेन।

6. मूढ़धियः।

7. किंसखायै (कुमन्त्रिणे)।

8. 'सौजन्यम्' इति पदम्।


Q. 164881 अवबोधन-परक प्रश्नाः पूर्णवाक्येन उत्तरत - 1. के खलु जनैः वन्दनीयाः एव ? 2. किं किं तथैव तिष्ठति ? 3. कनकं केन-केन विधिना परीक्ष्यते ? 4. निशिताः इषवः (बाणाः) किं कुर्वन्ति ? 5. शठाः किं कुर्वन्ति ? 6. सर्वसम्पदः कुत्र/क्व रतिं कुर्वन्ति ? 7. किंसखा कः भवति? 8. किंप्रभुः कः भवति ?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

1. येषां वदनं प्रसादसदनम् हृदयं सदयम् वाचः सुधामुचः, करणं परोपकरणम् ते खलु जनैः वन्दनीयाः।

2. सदैव हुतं च दत्तं च तिष्ठति।

3. कनकं निघर्षण-छेदन-ताप-ताडनैः चतुर्भिः परीक्ष्यते|

4. निशिताः इषवः (बाणाः) कवचादिभिः अनावृतशरीरेषु प्रविश्य मारयन्ति।

5. शठाः सरलस्वभावान् वञ्चयित्वा घ्नन्ति विनाशयन्ति वा।

6. सर्वसम्पदः सदानुकूलेषु अमात्येषु नृपेषु च रतिम् कुर्वन्ति।

7. यः अधिपम् साधु न शास्ति स किंसखा|

8. यः हितान् न संश्रृणुते स किंप्रभुः|


Q. 164882 अधोलिखितपदेषु सन्धिं कुरुत परिवर्तनं च निर्दिशत-
1. लोभः+ चेत् लोभश्चेत् श्
2. सत् + विद्या ............ ............
3. इव + इषवः ............ ............
4. किम् + प्रभुः ............ ............
5. सदा + अनुकलेषु ............ ............
6. यदि + अस्ति ............ ............
7. धनैः + अपयशः ............ ............
8. सम् + श्रृणुते ............ ............
9. शठाः + तथाविधान् ............ ............
10. नृपेषु + अमात्येषु ............ ............
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

1. लोभः+ चेत् लोभश्चेत्ः  : - श्
2. सत् + विद्या सद्विद्या त् – द् 
3. इव + इषवः इवेषवः अ +इ = ए
4. किम् + प्रभुः किंप्रभुः म– ं
5. सदा + अनुकलेषु सदानुकूलेषु आ+अ=आ
6. यदि + अस्ति यद्यस्ति इ-य्
7. धनैः + अपयशः  धनैरपयशः विसर्ग: - र्
8. सम् + श्रृणुते संशृणुते म् - ं
9. शठाः + तथाविधान् शठास्तथाविधान् ः - स्
10. नृपेषु + अमात्येषु नृपेष्वमात्येषु उ – व्


Q. 164883 पठितांश-अवबोधन-परक-प्रश्नाः एकपदेन उत्तरत - 1. कः पर्वताद् दूरमारोप्य पातितः ? 2. नटी मुहूर्तकं प्रतिपालयितुं कं कथयति ? 3. मैत्रेयः कुत्र व्यस्तः ? 4. कस्य गृहे पूर्वं मैत्रेयः आकण्ठं खादति स्म ? 5. दुःखानि अनुभूय किं शोभते ? 6. अन्धकारात् किं शोभते ? 7. आपदः कीदृशः भवन्ति ? 8. चारुदत्तस्य सखा कीदृशः ?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

1. सूत्रधारः

2. सूत्रधारम्

3. कार्यान्तरे

4. चारुदत्तस्य

5. सुखम्

6. दीपदर्शनम्

7. स्फीताः (विशालाः, बहुलाः)

8. समदुःखसुखः


Q. 164884 अवबोधन-परक-प्रश्नाः - निर्देशानुसारम् उत्तरत - 1. ‘समृद्धम्’ इत्यस्य अत्र किं विलोमपदं प्रयुक्तम्? 2. ‘सम्पन्नम् अशनम्’ अनयोः विशेषणपदं किम् ? 3. ‘कृष्णपक्षस्य’ अर्थे किं पदमत्र प्रयुक्तम् ? 4. ‘सम्पन्नम्’ अस्य किं विलोमपदं अत्र प्रयुक्तम् ? 5. ‘प्रतिभाति’ अस्य कर्तृपदं किम् ? 6. ‘विनाशः’ अस्य कः पर्यायः ? 7. ‘सम्पदः’ इत्यस्य अत्र किं विलोमपदं प्रयुक्तम् ? 8. ‘अलं भवतः’ अत्र ‘भवतः’ इति सर्वनामपदं कस्मै प्रयुक्तम्?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

1. दरिद्रम्।

2. सम्पन्नम्।

3. बहुलपक्षस्य इति पदम्।

4. विपन्नम्।

5. माम् (चारुदत्तम्)।

6. नष्टः।

7. आपदः।

8. चारुदत्ताय।


Q. 164885 अवबोधन-परक-प्रश्नाः - पूर्णवाक्येन उत्तरत - 1. गेहनिष्क्रान्तस्य सूत्रधारस्य अक्षिणी के इव चञ्चालायते? 2. सूत्रधारः सरोषम् नटीं किं कथयति ? 3. सूत्रधारस्य रोषं शमयितुं सा किं कथयति ? 4. मैत्रेयः केन कारणेन परेषाम् आमन्त्रकानि स्वीकरोति ? 5. पूर्वम् मैत्रेयः दिवसान् कथम् अनयत्? 6. चारुदत्तस्य दरिद्रभावः कीदृशः वर्णितः ? 7. यः दुःखात् दरिद्रतां याति, तस्य विषये चारुदत्तः किं कथयति ? 8. दारिद्रस्य किं सम्भाव्यते ?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

1. गेहनिष्क्रान्तस्य सूत्रधारस्य अक्षिणी पुष्करपत्रपतितजलबिन्दु इव चञ्चालयते।

2. आः अनार्ये। मम इव तत्र अपि अभिलाषः भग्नः भवेत्।

3. नटी कथयति-त्रस्तः मा भव। धैर्यं न त्यज। क्षणम् प्रतीक्षताम् भवान्। सर्वम् सज्जम् भविष्यति।

4. मैत्रेयः चारुदत्तस्य दरिद्रता-कारणेन परेषाम् आमन्त्रकानि स्वीकरोति।

5. पूर्वम् मैत्रेयः चारुदत्तस्य गृहे अहोरात्रम् आकण्ठम् भुक्त्वा वसान् अनयत्।

6. चारुदत्तस्य दरिद्रभावः दानेन विपन्न विभवस्य बहुल पक्ष चन्द्रस्य-ज्योत्सना इव रमणीयाः वर्णितः।

7. चारुदत्तस्य कथनानुसारम् एतादृशपुरुषस्य दशा मरणमिव प्रतीयते।

8. यत् पापमयं कर्म परैः अपि कृतम् तत् दरिद्रस्य सम्भाव्यते।


Q. 164886 समस्त पदानि रचयत नामानि च लिखत -
(विग्रहाः) (समस्तपदानि) (समास नाम)
1. पुष्करस्य पत्रम् पुष्करपत्रम् षष्ठी तत्पुरुषः
2. आर्यः चासौ मैत्रेयः ............ ............
3. अहः च रात्रिः च एतयोः समाहारः ............ ............
4. विभवम् अनतिक्रम्य ............ ............
5. गृहस्य दैवतानि ............ ............
6. उच्छ्वासेन सह विद्यमानम् ............ ............
7. विपन्नः विभवः यस्य तस्य ............ ............
8. बहुलपक्षस्य चन्द्रः, तस्य ............ ............
9. दीपस्य दर्शनम् ............ ............
10. नष्टे धनश्रियौ यस्य तस्य ............ ............
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

(विग्रहाः)

(समस्तपदानि)

(समास नाम)

1. पुष्करस्य पत्रम्

पुश्करपत्रम्

षष्ठी तत्पुरुषः

2. आर्यः चासौ मैत्रेयः

आर्यमैत्रेयः

कर्मधारयः

3. अहः च रात्रिः च एतयोः समाहारः

अहोरात्रम्

द्वन्द्वः

4. विभवम् अनतिक्रम्य

यथाविभवम्

अव्ययीभावः

5. गृहस्य दैवतानि

गृहदैवतानि

षष्ठी तत्पुरुषः

6. उच्छ्वासेन सह विद्यमानम्

सोच्छ्रवासम्

बहुव्रीहिः

7. विपन्नः विभवः यस्य तस्य

विपन्नविभवस्य

बहुव्रीहि

8. बहुलपक्षस्य चन्द्रः, तस्य

बहुलपक्षचन्द्रस्य

षष्ठी तत्पुरुषः

9. दीपस्य दर्शनम्

दीपदर्शनम्

षष्ठी तत्पुरुषः

10. नष्टे धनश्रियौ यस्यतस्य

नष्टधनश्रियः

बहुव्रीहिः


Q. 164887 पठितांश-अवबोधन-परक-प्रश्नाः एकपदेन उत्तरत - 1. सभागारे कः श्रोतृन् सम्बोधयति? 2. विमानशास्त्रस्य विषये कः सूचयिष्यति? 3. त्रिपुरविमानस्य वर्णनं कुत्र समुपलभ्यते? 4. लेपः कुत्र वर्णितः? 5. नासिकाप्रत्यारोपणं विस्तरशः कुत्र वर्णितं वर्तते? 6. शालिन्याः प्रस्तुति: कीदृशीं आसीत्? 7. सभागारं कः पूरयति? 8. रसायनविषये कः वक्ष्यति?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

1. सचिवः

2. अभिनवः

3. विमानशास्त्रे

4. विमानशास्त्रे

5. सुश्रुतसंहितायाम्

6. प्रशंसनीया

7. तालिकावादनेन सह

8. नागार्जुनः


Q. 164888 पठितांश-अवबोधन-परक-प्रश्नाः निर्देशानुसारम् उत्तरत - 1. ‘गगने’ इत्यर्थे अत्र किं पदं प्रयुक्तम्? 2. ‘दृश्यताम्’ इत्यस्य अत्र किं विलोमपदं प्रयुक्तम्? 3. ‘यस्य लेपनेन’ अत्र ‘यस्य’ इति सर्वनामपदं कस्मै प्रयुक्तम्? 4. ‘भगवतः सुश्रुतस्य’ इत्यनयोः विशेषणं किम्? 5. ‘विविधाः विषयाः’ अनयोः विशेष्यपदं किम्? 6. यः विज्ञानं जानाति सः कः? 7. ‘कनकम्’ इत्यर्थें अत्र किं पदं प्रयुक्तम्? 8. ‘अहं केवलम्’ अत्र ‘अहम्’ इति सर्वनामपदं कस्मै प्रयुक्तम्?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

1. आकाशे

2. अदृश्यताम्

3. लेपाय

4. भगवतः

5. विषयाः

6. वैज्ञानिकः

7. स्वर्णम्

8. नागार्जुनाय


Q. 164889 पठितांश-अवबोधन-परक-प्रश्नाः पूर्णवाक्येन उत्तरत - 1.त्रिपुरविमानस्य भागत्रयं क्व क्व सञ्चरति? 2. अस्य कः भागः अन्तरिक्षे सञ्चरति? 3. विमानशास्त्रे कीदृशः लेपः वर्णितः? 4. सुश्रुतसंहितायां वर्णितम् अष्टविधं शल्यकार्यं लिखत। 5. जम्बूवृक्षस्य पूर्वदिशि वाल्मीके प्राप्ते किं ज्ञायते? 6. संगणकस्य कृते कति संख्ये महत्वपूर्णे? 7. अशुद्धं स्वर्णं कथं शोधनीयम्? 8. तापेन का क्रिया सम्भवति?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

1. त्रिपुरविमानस्य प्रथमः भागः पृथ्वीतले, द्वितीय भागः जलस्य अन्तः बहिः, तृतीय भागः च अन्तरिक्षे सञ्चरति।

2. अस्य तृतीय भागः अन्तरिक्षे सञ्चरति।

3. विमानशास्त्रे एतादृशः लेपः वर्णितः यस्य प्रयोगेण विमानम् अदृश्यम् भवति।

4. छेद्यम्, भेद्यम, लेख्यम्, वेध्यम्, एष्यम्, आहार्यम्, विस्राव्यम् सीव्यम् च।

5. वृक्षस्य दक्षिणदिशि पुरुषद्वये स्वादु जलं भविष्यति इति ज्ञायते।

6. संगणकस्य कृते एकं शून्यञ्च द्वे एव संख्ये महत्वपूर्णे।

7. अशुद्धं स्वर्णं चतुर्गुणेन सीसेन शोधनीयम्।

8. तापेन रसायनक्रिया सम्भवति।


Q. 164890 प्रदत्त समस्तपदानांसमासविग्रहाः कुरुत एवं नामानि च लिखत-

A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

समस्तपदानि

विग्रहाः

समास-नाम

विज्ञानजगत्

विज्ञानस्य जगत्

षष्ठी तत्पुरुषः

भागत्रयम्

भागानाम् त्रयम्

षष्ठी तत्पुरुषः

यथाक्रमम्

क्रमम् अनतिक्रम्य

अव्ययीभावः

नासिकाप्रत्यारोपणम्

नासिकायाः प्रत्यारोपणम्

षष्ठी तत्पुरुषः

त्वक्-प्रत्यारोपणम्

त्वचः प्रत्यारोपणम्

षष्ठी तत्पुरुषः

दक्षिणपार्श्वे

दक्षिणस्य पार्श्वे

षष्ठी तत्पुरुषः

तालिकावादनेन

तालिकानां वादनम् तेन

षष्ठी तत्पुरुषः

समयाभावात्

समयस्य अभावः, तस्मात्

षष्ठी तत्पुरुषः

दिल्लीस्थः

दिल्ल्याम् तिष्ठति इति

उपपद तत्पुरुषः

भारतीयवैज्ञानिकानाम्

भारतीयाः वैज्ञानिकाः तेषाम्

कर्मधारयः

गौरवगाथाम्

गौरवस्य गाथा

षष्ठी तत्पुरुषः

प्रार्थनासभायाम्

प्रार्थनायै सभा, तस्याम्

चतुर्थी तत्पुरुषः


Q. 164891 राशियाँ जो संरक्षित हैं और सदिश भी हैं का उदाहरण है,


A. कुल ऊर्जा तथा किसी वियुक्त निकाय का कुल रैखिक संवेग

Right Answer is: B

SOLUTION

रेखिय संवेग संरक्षण के नियम के अनुसार, बाह्य बल की अनुपस्थिति में, एक निकाय की रेखिय संवेग संरक्षित रहती है तथा कोणीय संवेग संरक्षण के नियम के अनुसार, यदि निकाय पर आरोपित कुल बाह्य बलाघूर्ण शून्य है, तो उस निकाय की कोणीय संवेग, संरक्षित होता है| रेखीय संवेग तथा कोणीय संवेग दोनों सदिश राशि है|


Q. 164892 अदिश ह

सभी संरक्षित राशियाँ अदिश हों यह आवश्यक नहीं है<div class= Right Answer is: A

SOLUTION

ऊर्जा एक संरक्षित अदिश राशि है। जबकि किसी वियुक्त निकाय का कुल रैखिक संवेग एवं कुल कोणीय संवेग संरक्षित राशियाँ हैं तथा दोनों सदिश हैं।


Q. 164893 प्रोटॉन और न्यूट्रॉन भी अन्य अधिक मूल अवयवों से मिलकर बने हैं जिन्हें


A. क्वार्क कहते हैं

Right Answer is: A

SOLUTION

तीन क्वार्क से मिलकर प्रोटॉन और न्यूट्रॉन बनाते है|


Q. 164894 प्रबल नाभिकीय बल


A. केवल प्रोटॉन तथा न्यूट्रॉन के बीच उपस्थित है

Right Answer is: D

SOLUTION

नाभिक में प्रबल नाभिकीय बल प्रोटोनों तथा न्यूट्रोनों को बांधे रखता है यह आवेश के प्रकार पर निर्भर नहीं करता तथा प्रोटॉन-प्रोटॉन के बीच, न्युट्रान-न्युट्रान के बीच, तथा प्रोटॉन-न्युट्रान के बीच समान रूप से कार्य करता है।


Q. 164895 विद्युत

तड़ित उत्पन्न होती है गुरुत्वाकर्षण बल के कारण<div class= Right Answer is: B

SOLUTION

बादलों के टकराव के दौरान वातावरण में परमाणु आयनीकृत होते हैं जो आवेशित कणों को उत्पन्न करते हैं, जोकि तड़ित के लिए उत्तरदायी होते हैं।


Q. 164896 पार्थिव परिघटनाओं में आमतौर पर


A. गुरुत्वाकर्षण बल का प्रभुत्व रहता है

Right Answer is: A

SOLUTION

द्रव्य अधिकांशतः विद्युत उदासीन (नेट आवेश शून्य होता है) होता है| इस प्रकार वैद्युत बल अधिकांश रूप में शून्य होता है| अन्य दो बल, अर्थात दुर्बल बल तथा नाभिकीय बल, केवल नाभिकीय पैमाने पर सक्रिय होते हैं|


Q. 164897 गुरुत्वाकर्षण बल


A. तथा विद्युत चुम्बकीय बल काफी लम्बी दूरी तक कार्य नहीं करते हैं

Right Answer is: D

SOLUTION

चूँकि पृथ्वी का द्रव्यमान चंद्रमा से बहुत अधिक है, इसलिए इसका गुरुत्वाकर्षण बल भी चंद्रमा से अधिक अधिक है।


Q. 164898 गतिशील आवेश उत्पन्न करता है


A. विद्युत प्रभाव तथा विद्युत क्षेत्र गतिशीत आवेशों पर बल आरोपित करता है।

B. चुम्बकीय प्रभाव तथा विद्युत क्षेत्र गतिशीत आवेशों पर बल आरोपित करता है।

C. विद्युत प्रभाव तथा चुम्बकीय क्षेत्र गतिशीत आवेशों पर बल आरोपित करता है।

D. चुम्बकीय प्रभाव तथा चुम्बकीय क्षेत्र गतिशीत आवेशों पर बल आरोपित करता है।

Right Answer is: D

SOLUTION

व्यापक रूप से, वैद्युत तथा चुम्बकीय प्रभाव अविच्छेद्य हैं – इसलिए इस बल को विद्युत-चुम्बकीय बल कहते हैं।


Q. 164899 गुरुत्वाकर्षण बल


A. वस्तुओं के द्रव्यमान के कारण उपस्थित है

Right Answer is: A

SOLUTION

गुरुत्वाकर्षण बल किन्ही दो पिंडों के बीच उनके द्रव्यमानों के कारण लगने वाला आकर्षण बल है| यह एक सार्वत्रिक बल है|


Q. 164900 भौतिकी की शाखा जो भौतिकी के परमाणुओं तथा नाभिकों के स्तर के सूक्ष्मतम पैमाने के सूक्ष्म प्रभाव क्षेत्र से सरोकार रखती है, को


A. चिरसम्मत भौतिकी कहते हैं

Right Answer is: B

SOLUTION

चिरसम्मत तथा न्युटनी भौतिकी मुख्य रूप से स्थूल परिघटना पर विचार करते हैं और इस प्रभावी क्षेत्र से व्यव्हार करने में सक्षम नहीं है| तापीय भौतिकी तापमान तथा ऊष्मा से संबंधित भौतिकी की शाखा है और ऊर्जा तथा कार्य से उनका संबंध है।


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