CBSE - MCQ Question Banks (के. मा. शि. बो . -प्रश्नमाला )

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Q. 165401 0.75 M, HCl के 25 mL से अभिक्रिया करने के लिए आवश्यक CaCO3 के द्रव्यमान को परिकलित कीजिए
Right Answer is:

SOLUTION


Q. 165402 न्यूट्रॉन की खोज की थी


A. जे.जे. थॉमसन ने

B. इ. गोल्डस्टीन ने

C. चैडविक ने

D. पाउली ने

Right Answer is: C

SOLUTION

चैडविक ने (1932) में बेरीलियम की पतली शीट पर अल्फा-कणों से प्रहार किया। इससे विद्युत् उदासीन कण निगर्मित हुए, जिसका द्रव्यमान प्रोटॉन से थोड़ा सा ही अधिक था।


Q. 165403 इलेक्ट्रॉन की खोज की थी


A. इ. गोल्डस्टीन ने

B. जे.जे. थॉमसन ने

C. मिलिकन ने

D. चैडविक ने

Right Answer is: B

SOLUTION

जे. जे. थॉमसन ने इलेक्ट्रॉन की  खोज विसर्जन नलिका प्रयोग के दौरान की थी। मिलिकन ने इलेक्ट्रॉन का आवेश निर्धारित किया था।


Q. 165404 फॉस्फोरस परमाणु में तीन अयुग्मित इलेक्ट्रॉनों की उपस्थिति की व्याख्या की जा सकती है


A. पाउली के नियम से

B. हुंड के नियम से

C. अनिश्चता सिद्धांत से

D. ऑफबाऊ के नियम से

Right Answer is: B

SOLUTION

फॉस्फोरस, का इलेक्ट्रॉनिक विन्यास निम्न है P (Z=15) = [Ne]3s23px13py13pz1 इसे हुंड के नियम द्वारा समझाया जा सकता है जिसके अनुसार एक ही उपकोश के कक्षकों में इलेक्ट्रॉनों का युग्मन तब तक नहीं होता है, जब तक उस उपकोश के सभी कक्षकों में एक-एक इलेक्ट्रॉन न आ जाये।


Q. 165405 समभारिक वे परमाणु होते हैं, जिनकी


A. द्रव्यमान संख्या समान होती है

B. परमाणु संख्या समान होती है

C. प्रोटॉनों की संख्या समान होती है

D. इलेक्ट्रॉनों की संख्या समान होती है

Right Answer is: A

SOLUTION

विभिन्न तत्वों के परमाणु जिनकी द्रव्यमान संख्याएँ समान होती हैं परंतु परमाणु संख्याएँ अलग-अलग होती हैं, समभारिक कहलाते हैं।


Q. 165406 परमाणु कक्षक का अभिविन्यास निर्धारित होता है


A. इलेक्ट्रॉन प्रचक्रण क्वांटम संख्या द्वारा

B. दिगंशीय क्वांटम संख्या द्वारा

C. मुख्य क्वांटम संख्या द्वारा

D. चुम्बकीय क्वान्टम संख्या

Right Answer is: D

SOLUTION

परमाणु कक्षक का अभिविन्यास चुंबकीय क्वांटम संख्या द्वारा नियंत्रित होता है जिसको m द्वारा दर्शाया जाता है। चुंबकीय क्वांटम संख्या उपकोश के अंदर के ऊर्जा स्तर के बारे में बताती है।


Q. 165407 समस्थानिक वे परमाणु होते हैं


A. जिनके परमाणु द्रव्यमान समान होते हैं

B. जिनकी परमाणु संख्या समान होती है

C. जिनमें न्यूट्रॉनों की संख्या  समान होती है

D. जिनकी द्रव्यमान संख्या संख्या सामान होती है

Right Answer is: B

SOLUTION

सस्थानिक एक ही तत्व के परमाणु होते हैं जिनकी परमाणु संख्या तो समान होती हैं, परंतु द्रव्यमान संख्या अलग-अलग होती हैं।


Q. 165408 एक ही कक्षक में उपस्थित दो इलेक्ट्रॉनों में अंतर किया जाता है


A. मुख्य क्वांटम संख्या द्वारा

B. दिगंशीय क्वांटम संख्या द्वारा

C. चुंबकीय क्वांटम संख्या द्वारा

D. प्रचक्रण क्वांटम संख्या द्वारा

Right Answer is: D

SOLUTION

प्रचक्रण क्वांटम संख्या इलेक्ट्रॉन के प्रचक्रण अभिविन्यास को स्पष्ट करती है।


Q. 165409 निम्न में से किस तत्व के परमाणु में न्यूट्रॉन नहीं होते हैं


A. हाइड्रोजन

B. कार्बन

C. हीलियम

D. नियॉ

Right Answer is: A

SOLUTION

हाइड्रोजन के परमाणु में न्यूट्रॉन नहीं होते हैं, इसमें केवल एक इलेक्ट्रॉन और एक प्रोटॉन होता है।


Q. 165410 प्रति एकांक लंबाई में तरंगदैर्ध्य की संख्या कहलाती है


A. विद्युत् चुंबकीय विकिरण

B. दिखाई देने वाली तरंग

C. तरंग संख्या

D. विद्युत्-चुंबकीय स्पेक्ट्रम

Right Answer is: C

SOLUTION

प्रति इकाई लंबाई में, तरंगदैर्ध्य की संख्या को तरंग-संख्या कहते हैं। इसका मात्रक तरंगदैर्ध्य के मात्रक का व्युत्क्रम अर्थात्, m-1 होता है|


Q. 165411 कैथोड किरणें


A. प्रोटॉन पुंज होती हैं।

B. चुम्बकीय क्षेत्र द्वारा विक्षेपित हो सकती हैं।

C. दृश्य होती हैं।

D. कैथोड किरण नलिका में उपस्थित गैस की प्रकृति पर निर्भर करती है।

Right Answer is: B

SOLUTION

ये किरणें स्वयं दिखाई नहीं देतीं, परंतु इनके व्यवहार को कुछ निश्चित प्रकार के पदार्थों (स्फुरदीप्त तथा प्रतिदीप्त) की उपस्थिति में देखा जा सकता है। ये पदार्थ इनसे टकरा कर चमकते हैं। टेलीवीजन चित्र नलिका, कैथोड किरण नलिका होती है। टी.वी. पर्दा, जो स्फुरदीप्त एवं प्रतिदीप्त पदार्थों से लेपित होता है, पर चित्र प्रतिदीप्त होते हैं।


Q. 165412


A. 40 प्रोटॉन और 20 इलेक्ट्रॉन

B. 20 प्रोटॉन और 40 इलेक्ट्रॉन

C. 20 प्रोटॉन और 20 न्यूट्रॉन

D. 20 प्रोटॉन और 40 न्यूट्रॉन

Right Answer is: C

SOLUTION

परमाणु द्रवयमान (A) = 40, परमाणु क्रमांक/संख्या (Z) = 20, n= A – Z = 40 – 20 = 20


Q. 165413 प्रोटॉन की भेदन शक्ति होती है:


A. इलेक्ट्रॉन से अधिक

B. इलेक्ट्रॉन से कम

C. न्यूट्रॉन से अधिक

D. यह भेदन नहीं कर सकता है

Right Answer is: B

SOLUTION

प्रोटॉन की भेदन शक्ति इलेक्ट्रॉन से कम होती है, क्योंकि प्रोटॉन इलेक्ट्रॉन से भारी होता है, इसलिए इसका वेग इलेक्ट्रॉन से कम होता है।


Q. 165414 इलेक्ट्रॉन लब्धि एंथैल्पी निर्भर करती है


A. इलेक्ट्रॉन संख्या पर  

B. न्यूट्रॉन की संख्या पर

C. संयोजी इलेक्ट्रॉनों की संख्या पर

D. नाभिकीय आवेश पर

Right Answer is: D

SOLUTION

नाभिकीय आवेश बढ़ने पर, इलेक्ट्रॉन लब्धि एंथैल्पी अत्यधिक ऋणात्मक हो जाती है।


Q. 165415 निम्न परमाणु संख्या वाले तत्वों के IUPAC नाम लिखिए।
(i) 103 (ii)110
Right Answer is:

SOLUTION

(i) 103-लॉरेनशियम

(ii) 110-डर्मस्टेटियम


Q. 165416 चार स्पीशीज के नाम लिखिए जो Ca2+ के साथ समइलेक्ट्रॉनी हो।
Right Answer is:

SOLUTION

Ar, K+ , Cl और S2–


Q. 165417 ऑक्सीजन की प्रथम इलेक्ट्रॉन-बंधुता का मान ऋणात्मक, जबकि द्वितीय इलेक्ट्रॉन-बंधुता का मान धनात्मक होता है, क्यों?
Right Answer is:

SOLUTION

इलेक्ट्रॉन-बंधुता आने वाले इलेक्ट्रॉन और नाभिक के मध्य का आकर्षण की माप है। इसलिए, विद्युत्-ऋणात्मक परमाणुओं में एक इलेक्ट्रॉन संयोजित करते समय, ऊर्जा मुक्त होती है और विद्युत्-ऋणात्मकता का मान हमेशा ऋणात्मक होता है। परंतु, पहले से ही ऋणात्मक आयन में एक इलेक्ट्रॉन संयोजित करने के लिए ऊर्जा की आवश्यकता होती है, अतः, द्वितीय इलेक्ट्रॉन-बंधुता का मान धनात्मक होता है।


Q. 165418 निम्न को परिभाषित कीजिए– (i) सहसंयोजक त्रिज्या (ii) वांडरवाल त्रिज्या (iii) धात्विक त्रिज्या
Right Answer is:

SOLUTION

(i) सहसंयोजक त्रिज्या– यह एकल सहसंयोजी आबंध से आबंधित दो परमाणुओं के मध्य की दूरी का आधा होती है।

(ii) वांडरवाल त्रिज्या– यह दो निकटस्थ अनाबंधित परमाणुओं के मध्य की दूरी का आधा होती है।

(iii) धात्विक त्रिज्या - यह धात्विक क्रिस्टल में स्थित धातु कोरों की अंतरा नाभिकीय दूरी का आधा होता है।


Q. 165419 निम्न स्पीशीज को उनके आकार के घटते क्रम में व्यवस्थित कीजिए। कारण भी बताइए।
Right Answer is:

SOLUTION

धनायन ऋणायन से छोटे होते हैं। समइलेक्ट्रॉनिक स्पीशीज में से, अधिक धनावेशित स्पीशीज का आकार छोटा होगा। अतः, इनके आकार का घटता क्रम निम्न होगा-


Q. 165420 N और O में से किसकी प्रथम आयनन ऊर्जा अधिक होगी और क्यों?
Right Answer is:

SOLUTION

N (7) 1s2,2s2,2p3

O (8) 1s2,2s2,2p4

आयनन ऊर्जा विलगित गैसीय परमाणु से सर्वाधिक शिथिलता से बंधे इलेक्ट्रॉन को निकालने के लिए आवश्यक ऊर्जा की मात्रा होती है। आवर्त में बाएं से दाएं जाने पर इसका मान बढ़ता है। नाइट्रोजन के संयोजी कोश में p-कक्षक अर्धपूरित होता है अतएव ये अधिक स्थायी होता है। ऑक्सीजन के p-कक्षक में ऐसा नहीं होता है। अतः नाइट्रोजन (N) की प्रथम आयनन ऊर्जा ऑक्सीजन (O) की प्रथम आयनन ऊर्जा की तुलना में अधिक होती है।


Q. 165421 तत्व A और B की परमाणु संख्या 13 और 27 हैं। इनके इलेक्ट्रॉनिक विन्यास लिखिए और इनके आवर्त, वर्ग और ब्लॉक बताइये। इनमें से कौन-सा संक्रमण तत्व है?
Right Answer is:

SOLUTION

तत्व A की परमाणु संख्या 13 है, अतः इसका इलेक्ट्रॉनिक विन्यास

1s2,2s 2,2p6,3s 2,3p1 होगा।  

यह तीसरे आवर्त, p-ब्लॉक और तेरहवें वर्ग का तत्व है।

तत्व B की परमाणु संख्या 27 है, अतः इसका इलेक्ट्रॉनिक विन्यास

1s2, 2s 2, 2p6, 3s 2, 3p6,4s 2,3d7 होगा।

यह चौथे आवर्त, d-ब्लॉक और नौवें वर्ग का तत्व है।

d-ब्लॉक के तत्व को संक्रमण तत्व कहलाते हैं। अतः तत्व B जो d-ब्लॉक का सदस्य है संक्रमण तत्व है।


Q. 165422 विद्युतऋणात्मकता को परिभाषित कीजिए। आवर्त में यह किस प्रकार परिवर्तित होती है? अधिकतम विद्युतऋणात्मकता वाले तत्व का नाम लिखिए।
Right Answer is:

SOLUTION

विद्युत् ऋणात्मकता परमाणु के रासायनिक यौगिक में सहसंयोजक आबंध के इलेक्ट्रॉन युग्म को अपनी ओर आकर्षित करने की क्षमता की गुणात्मक माप होती है। आवर्त में परमाणु का आकार घटने पर विद्युत् ऋणात्मकता बढ़ती है। फ्लुओरीन की विद्युत् ऋणात्मकता पॉलिंग पैमाने पर सर्वाधिक है।


Q. 165423 निम्नलिखित परमाणु संख्या वाले तत्वों के वर्ग और आवर्त बताइए - (क) 23 (ख) 35 (ग) 55
Right Answer is:

SOLUTION

(क) परमाणु संख्या 23 वाले तत्व का इलेक्ट्रॉनिक विन्यास है:

1s2,2s2,2p6,3s2,3p6,4s2,3d3

अतः यह चौथे आवर्त और पाँचवें वर्ग का तत्व है।

(ख) परमाणु संख्या 35 वाले तत्व का इलेक्ट्रॉनिक विन्यास है:

1s2,2s2,2p6,3s2,3p6,4s2,3d10,4p5

अतः यह चौथे आवर्त और सत्रहवें वर्ग का तत्व है।

(ग) परमाणु संख्या 55 वाले तत्व का इलेक्ट्रॉनिक विन्यास है: 1s2,2s2,2p6,3s2,3p6,4s2,3d10,4p6,5 s2,4d10,5p6,6s1  

अतः यह छठे आवर्त और प्रथम वर्ग का तत्व है।


Q. 165424 निम्नलिखित के कारण बताइए: (i) Ga का आकार Al से छोटा होता है। (ii) BF3 लूईस अम्ल की तरह कार्य करता है। (iii) CCl4 का जलअपघटन नहीं होता है। (iv) PbCl2, Cl2 से अभिक्रिया करके PbCl4 नहीं बनाता है। (v) CO विषैली प्रकृति की गैस है।
Right Answer is:

SOLUTION

(i) परमाणु त्रिज्या B से Tl की ओर बढ़ती है। Ga परमाणु की परमाणु त्रिज्या में अचानक कमी का कारण इसके d-कक्षक में इलेक्ट्रॉनों की उपस्थिति है जो d-कक्षक के बड़े आकार और d-कक्षक के कम स्क्रीनिंग प्रभाव के कारण नाभिक को कम प्रभावित करता है।

(ii) इलेक्ट्रॉनग्राही लूइस अम्ल की तरह कार्य करते हैं। चूँकि BF3 में B के संयोजी कोश में 6 इलेक्ट्रॉन होते हैं, अतः यह 2 इलेक्ट्रॉन और ग्रहण कर सकता है और लूइस अम्ल की तरह कार्य करता है।

(iii) CCl4 के संयोजी कोश पूर्णपूरित होते हैं और इसलिए यह एकाकी युगल इलेक्ट्रॉन ग्रहण नहीं कर सकता है। अतः CCl4 का जल-अपघटन नहीं होता है।

(iv) Pb2+ अक्रिय युग्म प्रभाव के कारण Pb4+ से अधिक स्थायी होता है। अतः, PbCl2, Cl2 से अभिक्रिया नहीं करता है एवं PbCl4 नहीं बनाता है।

(v) कार्बन मोनोऑक्साइड ऑक्सीजन से संयुक्त होकर कार्बोक्सीहीमोग्लोबिन बनाती है। यह अभिक्रिया अनुत्क्रमणीय होती है और कार्बोक्सीहामोग्लोबिन, ऑक्सीहोमोग्लोबिन संकुल से लगभग 300 गुना अधिक स्थायी होता है। फलतः हीमोग्लोबिन नष्ट हो जाता है और घुटन होने लगती है।


Q. 165425 निम्नलिखित में कौन-सा अणु प्रसारित अष्टक रखता है


A. SF6

B. LiCl

C. BCl3

D. CO2

Right Answer is: A

SOLUTION

SF6 की संरचना निम्न है:

 


Q. 165426 इलेक्ट्रॉन न्यून यौगिक का एक उदाहरण है


A. NH3

B. PCl5

C. BeCl2

D. H2O

Right Answer is: C

SOLUTION

ऐसे यौगिक जिनमें केंद्रीय परमाणु के संयोजकता कोश में 8 से कम इलेक्ट्रॉन होते हैं, उन्हें इलेक्ट्रॉन न्यून यौगिक कहते हैं। BeCl2 में, Be के संयोजकता कोश में 2 इलेक्ट्रॉन होते हैं और यह Cl के साथ 2 इलेक्ट्रॉन का साझा करता है। अतः, इसके संयोजकता कोश में केवल 4 इलेक्ट्रॉन होते हैं और इसे अपने संयोजकता कोश को पूरा करने के लिए 4 और इलेक्ट्रॉनों की आवश्यकता होती है।


Q. 165427 हीरे में कार्बन परमाणु होते हैं


A. sp संकरित

B. sp2 संकरित

C. sp3 संकरित

D. sp3d संकरित

Right Answer is: C

SOLUTION

हीरे में, प्रत्येक कार्बन परमाणु चार अन्य कार्बन परमाणुओं से एकल आबंध द्वारा जुड़ा होता है। अतः, प्रत्येक कार्बन परमाणु sp3 संकरित होता है


Q. 165428 संयोजकता आबंध सिद्धांत की एक सीमा यह है कि


A. यह यौगिकों के ऊष्मागतिक और गतिक स्थायित्व की मात्रात्मक व्याख्या करता है।

B. यह चुम्बकीय गुणों की मात्रात्मक व्याख्या करता है।

C. इसमें अभिगृहीत नहीं होते हैं।

D. यह प्रबल और दुर्बल लिगन्डों के मध्य अंतर नहीं बताता है।

Right Answer is: D

SOLUTION

संयोजकता आबंध सिद्धांत न ही यौगिकों के ऊष्मागतिक और गतिज स्थायित्व की मात्रात्मक व्याख्या करता है और न चुंबकीय गुणों की। यह कुछ अभिगृहितों पर आधारित है।


Q. 165429 कार्बन-कार्बन आबंध की लंबाई सबसे अधिक होती है


A. ऐथेन में

B. एथीन में

C. एथाइन में

D. बेंज़ीन में

Right Answer is: A

SOLUTION

आबंध लंबाई का क्रम निम्न होता है एकल आबंध > द्विआबंध > त्रिआबंध ऐथेन, एथीन तथा एथाइन में दो कार्बन परमाणु क्रमशः एकल आबंध, द्विआबंध और त्रिआबंध से जुड़े होते हैं। अतः, सबसे अधिक कार्बन–कार्बन आबंध लंबाई एथेन में होगी।


Q. 165430 हाइड्रोजन आबंध अनुपस्थित होते हैं


A. अमोनिया में

B. डाइएथिल ईथर में

C. एथेनॉल में

D. ऐसीटिक अम्ल में

Right Answer is: B

SOLUTION

हाइड्रोजन आबंध उन अणुओं में बनते हैं जिनमें हाइड्रोजन O, N या F से जुड़ा होता हैं। डाइएथिल ईथर (CH3-O-CH3) में ऑक्सीजन परमाणु कार्बन परमाणुओं से बंधे होते हैं और O-H आबंध नहीं पाया जाता है। अतः डाइएथिल ईथर में हाइड्रोजन आबन्ध अनुपस्थित होते हैं।       


Q. 165431 त्रिकोणीय समतल संरचना वाला यौगिक है


A. BCl3

B. SF6

C. PF5

D. ClF3

Right Answer is: A

SOLUTION

BCl3 में, केंद्रीय परमाणु बोरॉन sp2 संकरित होता है। अतः इसकी आकृति त्रिकोणीय समतल होती है। 


Q. 165432 सर्वाधिक आयनिक गुण वाला आबन्ध बनता है


A. H और Cl के मध्य

B. Ca और Cl के मध्य

C. Cs और Cl के मध्य

D. Al और Cl के मध्य

Right Answer is: C

SOLUTION

तत्वों की विद्युतऋणात्मकता में अंतर जितना अधिक होगा,आयनिक गुण उतना ही अधिक होगा। Cs और Cl के मध्य विद्युतऋणात्मकता का अंतर सबसे अधिक है। अतःCs और Cl के मध्य के  आबंध में आयनिक गुण सर्वाधिक होंगे।  


Q. 165433 आयनिक यौगिकों के गुण को चुनें


A. इनके क्वथनांक निम्न होते हैं।

B. ये गलित अवस्था में विद्युत के सुचालक होते हैं।

C. ये ध्रुवीय विलायकों में अविलेय होते हैं

D. इनके गलनांक निम्न होते हैं।

Right Answer is: B

SOLUTION

आयनिक यौगिक आयनों के बने होते हैं। ये आयन गलित अवस्था में स्वतंत्रतापूर्वक गमन करते हैं जिसके कारण आयनिक यौगिक गलित अवस्था में विद्युत के सुचालक होते हैं।


Q. 165434 गैस समीकरण को दर्शाया जा सकता है:


A.

B.

C.

D.

Right Answer is: C

SOLUTION


Q. 165435 एक सिलेंडर CO और N2 के बराबर द्रव्यमान के गैसीय मिश्रण से भरा हुआ है। उनके आंशिक दाब का अनुपात होगा-


A. CO का आंशिक दाब = N2 का दोगुना आंशिक दाब

B. CO का आंशिक दाब = N2 का आंशिक दाब

C. CO का आंशिक दाब = N2 का आधा आंशिक दाब

D. CO का  आंशिक दाब = N2 का एक-चौथाई आंशिक दाब 

Right Answer is: B

SOLUTION

गैसों के आंशिक दबाव का अनुपात = गैसों के मोलों का अनुपात CO के मोल = N2 के मोल (क्योंकि उनके आणविक द्रव्यमान बराबर अर्थात 28 हैं )।


Q. 165436 यदि V cm3 आयतन वाली गैस का दाब घटाकर एक-तिहाई कर दिया जाये और परम ताप को दोगुना कर दिया जाए, तो गैस का आयतन होगा


A. V/3

B. V/6

C. 6 V

D. 9 V

Right Answer is: C

SOLUTION


Q. 165437 एक अत्याधिक गाढ़े द्रव का उदाहरण है


A. शहद

B. काँच

C. चीनी का विलयन

D. जल

Right Answer is: B

SOLUTION

श्यानता अधिक होने पर द्रव का प्रवाह बहुत धीरे होता है। हाइड्रोजन आबंध तथा वांडरवाल्स बल के कारण श्यानता बढ़ जाती है। काँच एक अत्याधिक गाढ़ा द्रव है। यह इतना गाढ़ा होता है कि इसके अधिकांश गुण ठोसों से मिलते हैं। हालाँकि, पुरानी इमारतों की खिड़की के मोटाई को मापकर काँच के प्रवाह गुण का अनुभव किया जा सकता है। ये शीर्ष की तुलना में तल में मोटे होते जाते हैं।


Q. 165438 वांडरवाल्स समीकरण लागू होता है


A. आदर्श गैसों के लिये

B. वास्तविक गैसों के लिये

C. अक्रिय गैसों के लिये

D. केवल द्वि-परमाणविक गैसों के लिये

Right Answer is: B

SOLUTION

वान्डरवाल्स समीकरण वास्तविक गैसों के लिए लागू होता है। अंतरा-आण्विक आकर्षण-बलों को वांडरवाल्स बल कहते हैं।  वांडरवाल्स बल का नाम जोहानन वांडरवाल्स (1837-1923) के सम्मान में रखा गया था। इन्होंने वांडरवाल्स बलों द्वारा आदर्श व्यवहार से वास्तविक गैसों के विचलन के विषय में समझाया था।


Q. 165439 स्थिर दाब पर, किसी गैस की निश्चित मात्रा का आयतन, समानुपाती होता है


A. द्रव्यमान के

B. घनत्व के

C. परम ताप के

D. मोलों की संख्या के

Right Answer is: C

SOLUTION


Q. 165440 300 K ताप और 740 mm दाब पर एक गैस 100 mL आयतन घेरती है। जब उसी दाब पर गैस का आयतन परिवर्तित होकर 80 mL हो जाता है तो उसका ताप होगा


A. 273 K

B. 240 K

C. 540 K

D. 400 K

Right Answer is: B

SOLUTION


Q. 165441 वास्तविक गैसों के लिए वांडरवाल समीकरण लिखिए।
Right Answer is:

SOLUTION

वांडरवाल समीकरण
(P + a/V2 ) (V – b)  =  RT


Q. 165442 यदि स्थिर ताप और दाब पर एक गैस के मोलों की संख्या दोगुनी कर दी जाये तो आयतन पर क्या प्रभाव पड़ेगा?
Right Answer is:

SOLUTION

आवोगाद्रो के नियम के अनुसार: V ∝ n

अतः आयतन भी दोगुना हो जाएगा।


Q. 165443 निम्नलिखित के मध्य किस प्रकार के अंतराअणुक बल होते हैं? (क) H2O अणु (ख) H2S अणु (ग) Cl2 और CCl4 अणु (घ) He परमाणु और HCl अणु
Right Answer is:

SOLUTION

 (क) हाइड्रोजन आबंध

(ख) द्विध्रुव-द्विध्रुव अन्योन्य क्रिया क्योंकि H2S ध्रुवीय है।

(ग) लंडन प्रकीर्णन बल क्योंकि दोनों अध्रुवी हैं।

(घ) द्विध्रुव-प्रेरित द्विध्रुव बल क्योंकि HCl ध्रुवीय है, जबकि He परमाणु सममित इलेक्ट्रॉन अभ्र है।


Q. 165444 वायु में उपस्थित गैसों में से CO2 गैस, O2 और N2 गैस से भारी होती है, परंतु यह वायुमण्डल की निचली परत नहीं बनाती है। क्यों?
Right Answer is:

SOLUTION

गैसों में विसरण का गुण होता है जो गुरुत्वाकर्षण बल से स्वतंत्र होता है। विसरण के कारण, गैसें एक दूसरे में मिश्रित हो जाती हैं और वायुमंडल में लगभग समान रूप से वितरित रहती हैं।


Q. 165445 स्थिर ताप पर निम्न के ग्राफ खींचने पर हमें किस तरह के वक्र प्राप्त होते हैं - (i) दाब और आयतन के मध्य [P Vs V] (ii) दाब और आयतन के व्युत्क्रम के मध्य [P Vs 1/V] (iii) दाब आयतन का गुणनफल और दाब के मध्य [PV Vs P]
Right Answer is:

SOLUTION

(i) दाब और आयतन के मध्य का ग्राफ [P Vs V]

(ii)  दाब और आयतन के व्युत्क्रम के मध्य ग्राफ [P Vs 1/V]

(iii) दाब आयतन का गुणनफल और दाब के मध्य ग्राफ [PV Vs P]


Q. 165446 आदर्श गैस और वास्तविक गैस में क्या अंतर है?
Right Answer is:

SOLUTION


Q. 165447 गलनांक और क्वथनांक के पदों में ठोस, द्रव और गैस में विभेद कीजिए।
Right Answer is:

SOLUTION

ठोस – यदि पदार्थ का गलनांक वायुमंडलीय दाब पर कमरे के ताप से अधिक होता है, तो पदार्थ ठोस होगा।

द्रव - यदि पदार्थ का गलनांक कमरे के ताप से कम और क्वथनांक कमरे के ताप से अधिक होता है, तो पदार्थ द्रव होगा।

गैस - पदार्थ गैस होगा यदि इसका क्वथनांक वायुमंडलीय दाब पर कमरे के ताप से कम हो।                     


Q. 165448 1 मोल SO2 गैस 27ºC ताप और 50 atm दाब पर 350 mL आयतन घेरती है। गैस के संपीड्यता कारक का परिकलन कीजिए तथा गैस द्वारा आदर्श व्यवहार से विचलन के प्रकार को भी बताइए।
Right Answer is:

SOLUTION


Q. 165449 एक खुले पात्र में 17ºC पर 200 mg वायु है। यदि पात्र को 117ºC तक गर्म किया जाये, तो वायु का द्रव्यमान प्रतिशत क्या होगा?
Right Answer is:

SOLUTION


Q. 165450 गैस समीकरण की व्युत्पत्ति कीजिए P1V1 / T1 = P2V2 / T2
Right Answer is:

SOLUTION

माना कि गैस का प्रारंभिक ताप T0 C है, प्रारंभिक दाब P1 mm और प्रारंभिक आयतन V1 mL है।

बॉयल के नियम के अनुसार (स्थिर ताप T1पर) जब, हम प्रारंभिक दाब को P1 से  P2 तक परिवर्तित करते हैं तो  प्रारंभिक आयतन V1 से  V  हो जाता है

अब, चार्ल्स के नियम के अनुसार (स्थिर दाब P2 पर) जब प्रारंभिक ताप T1 से T2 होता है तो आयतन V से  V2 हो जाता है

समीकरण (i) और (ii) की तुलना करने पर


Q. 165451 जल का आयनिक गुणनफल बढ़ता है


A. ताप बढ़ने से

B. ताप घटने से

C. दाब घटने से

D. उत्कृष्ट गैस मिलाने से

Right Answer is: A

SOLUTION

ताप में वृद्धि होने से जल के आयनन की मात्रा बढ़ जाती है। इसलिए, हाइड्रोनियम आयनों और हाइड्रॉक्साइड आयनों की सांद्रता बढ़ जाती है, परिणामतः आयनिक गुणनफल भी बढ़ जाता है।


Q. 165452 लूइस संकल्पना के अनुसार, अम्ल होता है


A. इलेक्ट्रॉन युग्म दाता

B. प्रोटॉन दाता

C. इलेक्ट्रॉन युग्म ग्राही

D. प्रोटॉन ग्राही

Right Answer is: C

SOLUTION

लूइस संकल्पना के अनुसार, अम्ल एक ऐसी स्पीशीज़ (आवेशित या अनावेशित) है, जो इलेक्ट्रॉन युग्म ग्रहण कर सकती है और क्षार ऐसी स्पीशीज़ (आवेशित या अनावेशित) है, जो इलेक्ट्रॉन युग्म निष्कासित कर सहसंयोजक बंध बनाती है। अतः लूइस अम्ल इलेक्ट्रॉनरागी तथा लूइस क्षार नाभिकरागी होते हैं।


Q. 165453 0.1 M NH4OH [pKb = 2.0] और 0.1M NH4Cl के बफर विलयन का pH है


A. 1

B. 4

C. 10

D. 12

Right Answer is: D

SOLUTION


Q. 165454 लूइस अम्ल का चुनाव करें ।


A. BF3

B. NH3

C. SnCl4

D. B2H6

Right Answer is: A

SOLUTION

BF3 एक इलेक्ट्रॉन न्यून यौगिक है, अतः यह एक इलेक्ट्रॉन युग्म ग्रहण करके लूइस अम्ल बनाता है।


Q. 165455 कमरे के ताप पर, जल में अल्प विलेय लवण CaCl2 की विलेयता 1.0 x 10-5mol2L-1 है, तो इसका विलेयता गुणनफल होगा


A.

B.

C.

D.

Right Answer is: A

SOLUTION



Q. 165456 वह स्पीशीज़ जो ब्रान्सटेड अम्ल एवं क्षारक दोनों की भांति कार्य कर सकती हैं


A. (HSO4)-

B. Na2CO3

C. NH3

D. OH-

Right Answer is: A

SOLUTION


Q. 165457 0.1 N CH3COOH के वियोजन की मात्रा होगी (वियोजन स्थिरांक = 1 × 10-5 है)


A. 10-2

B. 10-4

C. 10-3

D. 10-5

Right Answer is: A

SOLUTION


Q. 165458 साम्यावस्था में, अमोनिया के निर्माण में सहायक है


A. दाब में वृद्धि

B. ताप में वृद्धि

C. दाब में कमी

D. बाहर से अमोनिया मिलाना

Right Answer is: A

SOLUTION

चूँकि अग्र अभिक्रिया में मोलों की संख्या घटती जाती है अतः दाब बढ़ाने पर अमोनिया की अधिक मात्र  का निर्माण होगा।


Q. 165459 निम्नलिखित अभिक्रिया के लिए अनुकूल होगा-


A. उच्च ताप और निम्न दाब

B. उच्च ताप और उच्च दाब

C. निम्न ताप और उच्च दाब

D. निम्न ताप और निम्न दाब

Right Answer is: C

SOLUTION

यह एक ऊष्माक्षेपी अभिक्रिया है, जिसमें गैसों के मोलों की संख्या घटती है।  अतः अधिकतम लब्धि के लिए सबसे अनुकूल स्थिति उच्च दाब और निम्न ताप होगी।


Q. 165460 किसी निकाय में जल और बर्फ साम्यावस्था में हैं। यदि निकाय पर दाब लगाया जाये, तो


A. अधिक बर्फ बनेगी।

B. अधिक बर्फ पिघलेगी।

C. अधिक जल वाष्पित हो जाएगा।

D. जल और बर्फ की मात्रा उतनी ही रहेगी।

Right Answer is: B

SOLUTION


Q. 165461 ओस्टवाल्ड का तनुकरण नियम लागू होता है


A. प्रबल वैद्युतअपघट्य पर

B. दुर्बल वैद्युतअपघट्य पर

C. विद्युतअनपघट्य पर

D. प्रबल और दुर्बल वैद्युतअपघट्य दोनों पर

Right Answer is: B

SOLUTION

केवल दुर्बल वैद्युतअपघट्य ही साम्यावस्था प्राप्त करते हैं। प्रबल विद्युत अपघट्य के लिए  होता है।


Q. 165462 OH- का संयुग्मी क्षार है


A. O2

B. H2O

C. O2-

D. O1-

Right Answer is: C

SOLUTION

OH- का संयुग्मी क्षार O2- है।

 


Q. 165463 दी गई स्पीशीज़ में से लूइस क्षार का चुनाव करें ।


A. B2H6

B. LiAlH4

C. AlH3

D. NH3

Right Answer is: D

SOLUTION

क्षार ऐसा पदार्थ होता है, जो एकाकी इलेक्ट्रॉन युग्म त्याग कर सकता है। चूँकि, NH3 एकाकी इलेक्ट्रॉन युग्म दान कर सकता है, इसलिए यह लूइस क्षार की तरह व्यवहार करता है।


Q. 165464 जल होता है


A. प्रोटोफोबिक विलायक

B. प्रोटोफिलिक विलायक

C. एम्फिप्रोटिक विलायक

D. एप्रोटिकविलायक

Right Answer is: C

SOLUTION

जल एम्फिप्रोटिक विलायक  होता है क्योंकि यह प्रोटॉन ग्रहण भी कर सकता है और त्याग भी कर सकता है।


Q. 165465 जल में CO2 की विलेयता बढ़ती है


A. ताप में वृद्धि करने पर

B. आयतन में वृद्धि करने पर

C. गैस के दाब में वृद्धि करने पर

D. गैस के दाब में कमी करने पर

Right Answer is: C

SOLUTION

हेनरी के नियमानुसार, किसी ताप पर विलायक की एक दी गई मात्रा में घुली हुई गैस की मात्रा, विलायक के ऊपर गैस के दाब के समानुपाती होती है।


Q. 165466 किसी अभिक्रिया का साम्य स्थिरांक 200 है। यदि अभिक्रिया के आयतन को तीन गुना कर दिया जाये, तो साम्य स्थिरांक होगा


A. 50

B. 200

C. 600

D. 1000

Right Answer is: B

SOLUTION

साम्य स्थिरांक पात्र के आयतन पर निर्भर नहीं करता है।


Q. 165467 इन यौगिकों में से न्यूनतम वियोजन स्थिरांक है


A. CHCl2COOH का

B. CH2ClCOOH का

C. CH3COOH का

D. CCl3COOH का

Right Answer is: C

SOLUTION

क्लोरीन प्रतिस्थापियों के ऋणात्मक प्रेरणिक प्रभाव के कारण क्लोरीन इलेक्ट्रॉन घनत्व को बाहर की ओर खींचता है, अतः हम निष्कर्ष निकाल सकते हैं कि CH3COOH का वियोजन स्थिरांक न्यूनतम होगा, क्योंकि इसमें हाइड्रोजन का प्रेरणिक प्रभाव धनात्मक होता है।


Q. 165468 जब सोडियम ऐसीटेट और ऐसीटिक अम्ल के बफर विलयन को जल से तनुकृत किया जाता है, तो


A. एसीटेट आयनों की सांद्रता में वृद्धि होती है ।

B. H+आयनों की सांद्रता में वृद्धि होती है  ।

C. OHआयनों की सांद्रता में वृद्धि होती है  ।

D. H+ आयन अपरिवर्तित  रहते हैं ।

Right Answer is: D

SOLUTION

तनुकृत करने पर बफर का pH या [H+]  अपरिवर्तित रहते हैं।


Q. 165469 हाबर प्रक्रम में प्रयुक्त आयरन उत्प्रेरक में मॉलिब्डेनम होता है, जिसका कार्य होता है


A. गैसों के संयोजन की दर को बढ़ाना

B. गैसों में उपस्थित अशुद्धियों को दूर करना

C. उत्प्रेरक वर्धक के रूप में कार्य करना और आयरन की क्रियाशीलता को बढ़ाना

D. प्रतिकूल ताप की क्षतिपूर्ति करना

Right Answer is: C

SOLUTION

किसी भी अभिक्रिया में उत्प्रेरक अभिक्रिया के वेग को बढ़ाता है एवं उत्प्रेरकवर्धक उत्प्रेरक की क्रियाशीलता में वृद्धि करता है।


Q. 165470 एक रासायनिक साम्य में पश्च अभिक्रिया की दर अधिक होती है, जब


A. अभिकारकों की सांद्रता में वृद्धि होती है।

B. नियमित अंतराल पर कम से कम एक उत्पाद निकाल लिया जाता है ।

C. एक या एक से अधिक उत्पादों की सांद्रता में वृद्धि होती है।

D. अभिक्रिया में उत्प्रेरक डाला जाता है।

Right Answer is: C

SOLUTION

ला-शातेलिए सिद्धांत के अनुसार यदि उत्पाद की सांद्रता बढ़ती है, तो  साम्यावस्था प्रतीप दिशा में स्थापित हो जाती है तथा उत्पाद की सांद्रता घटने लगती है।


Q. 165471 रक्त का pH मान होता है


A. 7 से कम

B. 7 और 8 के मध्य

C. 8 और 9 के मध्य

D. 9 से अधिक

Right Answer is: B

SOLUTION

रक्त एक बफर विलयन है। रक्त में अम्ल-क्षार साम्य को बनाए रखने के लिए सबसे महत्वपूर्ण बफर कार्बनिक अम्ल बाइकार्बोनेट बफर है, जो रक्त के pH को 7.36-7.42 के मध्य बनाए रखता है।


Q. 165472 निम्नलिखित में से कौन लुइस अम्ल है?
NH4+ या BF3
Right Answer is:

SOLUTION

BF3 एक लुइस अम्ल है क्योंकि यह अमोनिया के साथ एकाकी इलेक्ट्रॉन युग्म ग्रहण करके अभिक्रिया करता है।


Q. 165473 H2SO4 का संयुग्मी क्षारक लिखिए।
Right Answer is:

SOLUTION


Q. 165474 निम्नलिखित यौगिकों के प्रत्येक कार्बन परमाणु के लिए संकरण का प्रकार बताइये।
(i) 1,2– ब्यूटाडाईन (ii) प्रोपीन
Right Answer is:

SOLUTION


Q. 165475 दो यौगिकों के नाम तथा संरचना दीजिए, जो अंतरा-अणुक हाइड्रोजन आबंध का निर्माण कर सकते हैं।
Right Answer is:

SOLUTION


Q. 165476 सिग्मा तथा पाई आबंधों के मध्य अंतर लिखिए।
Right Answer is:

SOLUTION

सिग्मा आबंध

पाई आबंध

1. ये s-s या s-p या p-p अथवा किसी भी संकर कक्षकों के सिरेवार अतिव्यापन से बनते हैं।

1. ये असंकरित p- कक्षकों के पार्श्व अतिव्यापन से बनते हैं ।

2. किन्हीं दो परमाणुओं के बीच प्रथम आबंध हमेशा सिग्मा होता है।

2. शेष पाई आबंध होते हैं।

3. सिग्मा आबंध प्रबल आबंध होते हैं।

3. पाई आबंध दुर्बल आबंध होते हैं।

4. ये अणु के तल में होते हैं।

4. ये अणु के तल के लंबवत होते हैं।


Q. 165477 हाइड्रोजन आबंधन क्या होता है? हाइड्रोजन आबंधन के दो प्रकारों के नाम लिखिए।
Right Answer is:

SOLUTION

आकर्षण बल, जो एक अणु के हाइड्रोजन परमाणु को दूसरे अणु के विद्युत् ऋणात्मक परमाणु (F, O अथवा N) से जोड़ता है, हाइड्रोजन आबंध अथवा हाइड्रोजन आबंधन कहलाता है। हाइड्रोजन आबंध दो प्रकार के होते हैं:

(i) अंतर-अणुक हाइड्रोजन आबंध (समान अथवा विभिन्न यौगिकों के दो अलग-अलग अणुओं के बीच बनता है)

(ii) अंतरा-अणुक हाइड्रोजन आबंध (एक ही अणु में उपस्थित हाइड्रोजन परमाणु तथा अधिक विद्युत् ऋणात्मक परमाणु के बीच बनता है)


Q. 165478 अनुनाद तथा अनुनादी संरचनाएँ क्या होती हैं?
Right Answer is:

SOLUTION

जब एक अणु को एक से अधिक इलेक्ट्रॉनिक व्यवस्थाओं द्वारा दर्शाया जा सकता है और इनमें से कोई भी व्यवस्था यौगिक के सभी गुणों की व्याख्या नहीं करती है, तो वास्तविक संरचना विभिन्न इलेक्ट्रॉन व्यवस्थाओं के मध्यवर्ती होती है, यह संरचना अनुनाद संकर कहलाती है। ये विभिन्न इलेक्ट्रॉनिक व्यवस्थायें अनुनादी संरचनाएँ कहलाती हैं। वास्तविक संरचना की ऊर्जा और सबसे स्थायी अनुनादी संरचना की ऊर्जा के मध्य का अंतर अनुनाद ऊर्जा कहलाता है। संकर संरचना किसी भी अनुनादी संरचना की तुलना में अधिक स्थायी होती है।


Q. 165479 (i) AlF3 (ii) CaO (iii) H2S (iv) C2H4 (v) HBr उपरोक्त यौगिकों की लूइस संरचनाएँ बनाइये।
Right Answer is:

SOLUTION


Q. 165480 अधिकतम श्यानता वाला द्रव है


A. कैरोसिन

B. ऐथिल ऐल्कोहॉल

C. ऐथलीन ग्लाइकोल

D. ग्लिसरॉ

Right Answer is: D

SOLUTION

ग्लिसरॉल, कैरोसिन, ऐथलीन ग्लाइकोल और ऐथिल ऐल्कोहॉल की तुलना में प्रति अणु अधिकतम हाइड्रोजन आबंध बनाता है। फलतः, ग्लिसरॉल के अणुओं के मध्य आकर्षण बल सबसे प्रबल होता है और श्यानता भी अधिकतम होती है।


Q. 165481 गैसें जो डाल्टन के आंशिक दाब के नियम का पालन करती हैं:


A. H2 और Cl2

B. NH3 और HCl

C. NH3 और HBr

D. He और Ne

Right Answer is: D

SOLUTION

डाल्टन का आंशिक दाब नियम, केवल अक्रियाशील गैसों के मिश्रण पर लागू होता है। H2 और Cl2 अभिक्रिया करके HCl बनाती हैं। NH3 और HCl अभिक्रिया करके NH4Cl बनाती हैं। NH3 और HBr अभिक्रिया करके NH4Br बनाती हैं।


Q. 165482 द्रव की बूँद की गोलाकार आकृति का कारण है


A. केशिका क्रिया

B. द्रव की श्यान प्रकृति

C. पृष्ठ तनाव

D. द्रवों के उच्च अपवर्तनांक

Right Answer is: C

SOLUTION

द्रव की निम्नतम ऊर्जा अवस्था तब होती है, जब इसका पृष्ठीय क्षेत्रफल न्यूनतम होता है। पृष्ठ तनाव द्रव के पृष्ठीय क्षेत्रफल को कम करके न्यूनतम करने की कोशिश करता है। द्रव की बूँदें गोलाकार इसलिए होती हैं, क्योंकि स्थिर आयतन के लिए गोले का पृष्ठीय क्षेत्रफल न्यूनतम होता है।


Q. 165483 वायु का घनत्व समुद्रतल पर अपेक्षाकृत अधिक होता है। यह अनुप्रयोग है-


A. बॉयल का नियम

B. चार्ल्स का नियम

C. ग्राहम का नियम

D. डाल्टन का नियम

Right Answer is: A

SOLUTION

बॉयल के नियम के अनुसार, स्थिर ताप पर गैस की निश्चित मात्रा का दाब उसके आयतन के व्युत्क्रमानुपाती होता है। समुद्रतल पर, वायुमंडलीय परतों के कारण दाब अधिक होता है। अतः, वायु का आयतन और घनत्व कम हो जाता है।


Q. 165484 25°C ताप और 2 atm दाब पर, दो फ्लास्क में समान आयतन की CO2 और SO2 गैस भरी हैं, तो उनके-


A. विसरण की दर समान होगी।    

B. अणुओं की संख्या समान होगी।  

C. द्रव्यमान समान होंगे।

D. आण्विक संरचना समान होगी।  

Right Answer is: B

SOLUTION

ताप तथा दाब की समान परिस्थितियों में समान आयतनवाली गैसों में समान संख्या में अणु होते हैं।


Q. 165485 गै-लुसैक नियम, निम्नलिखित में से किसके मध्य के संबंध को दर्शाता है-


A. गैसों के दाब और ताप  

B. गैसों के घनत्व और ताप  

C. गैसों के दाब और आयतन  

D. गैसों के घनत्व और विसरण की दर  

Right Answer is: A

SOLUTION

गै-लुसैक नियम के अनुसार,  स्थिर आयतन पर किसी निश्चित मात्रा वाली गैस का दाब उसके  ताप के समानुपाती होता है।


Q. 165486 n मोल के लिए आर्दश गैस समीकरण लिखा जाएँगा:


A. PV =RT/n

B. PT/n=RV

C. P/T = nR/V

D. P/n=RT

Right Answer is: C

SOLUTION

PV = nRT अतः, P/T = nR/V होगा।


Q. 165487 गैस का आयतन शून्य हो जाता है


A. 273°C ताप पर

B. 0°C ताप पर

C. 273 K ताप पर

D. -273.15°C ताप पर

Right Answer is: D

SOLUTION

गैस का आयतन, -273.15° C ताप पर शून्य हो जाता है। इस ताप पर पहुँचने से पहले ही प्रत्येक गैस द्रवित हो जाती है। वह न्यूनतम काल्पनिक ताप, जिसपर गैस शून्य आयतन घेरती है, को परम शून्य कहते हैं।


Q. 165488 द्रव के वाष्पीकरण के दौरान


A. द्रव का ताप बढ़ेगा।   

B. द्रव का ताप घटेगा।  

C. द्रव का ताप अपरिवर्तित रहेगा।    

D. घट या बढ़ सकता है यह द्रव की प्रकृति पर निर्भर करता है।

Right Answer is: B

SOLUTION

वाष्पीकरण के दौरान, उच्च ऊर्जा वाले अणु द्रव के पृष्ठ को छोड़ देते हैं। फलतः, द्रव की ऊर्जा घटती है। अतः द्रव का ताप घटेगा।


Q. 165489 यदि 20 cm3 गैस 1 atm दाब और स्थिर ताप पर 50 cm3 प्रसारित होती है, तो गैस का दाब होगा


A. 0.1 atm

B. 0.2 atm

C. 0.4 atm

D. 0.5 atm

Right Answer is: C

SOLUTION


Q. 165490 चार्ल्स के नियम को व्यक्त करने वाला व्यंजक है -


A.

B.
 

C.

D.

Right Answer is: D

SOLUTION

चार्ल्स नियम के अनुसार, स्थिर दाब पर एक गैस की निश्चित मात्रा का आयतन उसके परम ताप के समानुपाती होता है।


Q. 165491 दो गैसों के मिश्रण का कुल दाब, बराबर होता है -


A. उनके आंशिक दाब के अंतर के  

B. उनके आंशिक दाब के योग के  

C. उनके आंशिक दाब के वर्ग के योग के  

D. उनके आंशिक दाब के वर्गमूल के योग के  

Right Answer is: B

SOLUTION

डाल्टन के आंशिक दाब के नियम के अनुसार, अन्योन्य क्रिया से विहीन गैसों के मिश्रण का स्थिर ताप और निश्चित आयतन का कुल दाब प्रत्येक गैस के आंशिक दाब के योग के बराबर होता है, जहाँ प्रत्येक गैस स्थिर ताप पर समान आयतन घेरती है।   


Q. 165492 यदि P, V, M, R और T क्रमशः दाब, आयतन, मोलर द्रव्यमान, गैस नियतांक और परम ताप हैं तो आदर्श गैस के घनत्व d को दर्शाया जाता है


A. M/V

B. RT/PM

C. PM/RT

D. P/RT

Right Answer is: C

SOLUTION


Q. 165493 गैस नियतांक R का मात्रक है


A. L-atm K-1 mol-1

B. erg K-1

C. mole-atm K-1

D. L mole

Right Answer is: A

SOLUTION


Q. 165494 वह आवर्त जो उच्चतम धात्विक तत्व दर्शाता है


A. तीसरा आवर्त

B. चौथा आवर्त

C. पाँचवा आवर्त

D. छट्ठा आवर्त

Right Answer is: D

SOLUTION

आवर्त सारणी के छठे आवर्त में धातुओं  की संख्या अधिकतम होती है।


Q. 165495 तीसरे आवर्त में पाये जाने वाले उपधातु की परमाणु संख्या होती है


A. 13

B. 14

C. 32

D. 33

Right Answer is: B

SOLUTION

सिलिकॉन (Z = 14) एक उपधातु है।


Q. 165496 तेरहवें वर्ग और दूसरे आवर्त का तत्व है


A. बोरॉ

B. ऐलुमिनियम

C. मैग्नीशियम

D. गैलियम

Right Answer is: A

SOLUTION

बोरॉन, वर्ग-13 तथा दूसरे आवर्त का सदस्य है। तेरहवें वर्ग के अन्य सदस्य हैं- ऐलुमिनियम, गैलियम, इंडीयम, थैलियम।


Q. 165497 उभयधर्मी ऑक्साइड का एक उदाहरण है-


A. Cl2O7

B. KO2

C. SeO3

D. As2O3.

Right Answer is: D

SOLUTION

आवर्त सारणी के मध्य के तत्वों के ऑक्साइड प्रायः उभयधर्मी होते हैं।


Q. 165498 Na2O एक


A. क्षारीय ऑक्साइड है।

B. उदासीन ऑक्साइड है।

C. उभयधर्मी ऑक्साइड है।

D. अम्लीय ऑक्साइड है।

Right Answer is: A

SOLUTION

धातुओं के ऑक्साइड प्रायः क्षारीय होते हैं।


Q. 165499 आवर्त सारणी का सबसे लंबा आवर्त है


A. 4th

B. 5th

C. 6th

D. 7th

Right Answer is: C

SOLUTION

छठे आवर्त में 32 तत्व होते हैं। चौथे और पाँचवें आवर्त में 18 तत्व होते हैं और सातवाँ अपूर्ण  होता है।


Q. 165500 परमाणु संख्या 9, 17, 35, 53 और 85 वाले सभी तत्व हैं


A. क्षार धातुएँ

B. हैलोजेन

C. चल्कोजेन

D. अक्रिय गैसें

Right Answer is: B

SOLUTION

हैलोजेन के बाह्यतम कोश का इलेक्ट्रॉनिक विन्यास ns2np5 होता है।


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