CBSE - MCQ Question Banks (के. मा. शि. बो . -प्रश्नमाला )

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Q. 165601 प्रकाश की उपस्थिति में एथिलबेंज़ीन का ब्रोमीनन देता है


A.

B.

C.

D.

Right Answer is: D

SOLUTION

प्रकाश की उपस्थिति में, ब्रोमीनन के कारण पार्श्व श्रृंखला प्रतिस्थापन होता है। परमाणु प्रतिस्थापन के लिए हमें हैलोजन वाहक की आवश्यकता होती है।


Q. 165602 वायु की उपस्थिति में, एल्केन को गरम करने पर बनता है


A. ऊष्मा के अवशोषण के साथ CO2 और जल

B. ऊष्मा के उत्सर्जन के साथ CO2 और जल

C. केवल CO2

D. CO2 और H2

Right Answer is: B

SOLUTION

वायु या डाइऑक्सीजन की उपस्थिति में, एल्केन को गरम करने पर यह पूर्णतः ऑक्सीकृत होकर कार्बन डाइऑक्साइड और जल बनाता है तथा बहुत अधिक मात्रा में ऊष्मा उत्सर्जित होती है। दहन के दौरान बहुत अधिक मात्रा में ऊष्मा उत्सर्जित करने  के कारण एल्केन ईंधन के रूप में उपयोग किया जाता है।


Q. 165603 बेंज़ीन सांद्र HNO3 और सांद्र H2SO4 के मिश्रण से उपचारित कराने पर देता है -


A. नाइट्रोबेंज़ीन

B. एनीलीन

C. p-डाइनाइट्रोबेंज़ीन

D. o-डाइनाइट्रोबेंज़ीन

Right Answer is: A

SOLUTION

नाइट्रेशन के दौरान हाइड्रोजन का प्रतिस्थापन नाईट्रो समूह द्वारा होता है ।


Q. 165604 औद्योगिक रूप से, डाइहाइड्रोजन का उत्पादन होता है


A. एथेन द्वारा

B. एथीन द्वारा

C. हेक्सेन द्वारा

D. मेथेन द्वारा

Right Answer is: D

SOLUTION

मेथेन, निकैल उत्प्रेरक की उपस्थिति में, 1273 K ताप पर भाप के साथ अभिक्रिया करके कार्बन मोनोऑक्साइड और डाइहाइड्रोजन बनाती है। इस विधि का प्रयोग डाइहाइड्रोजन गैस का औद्योगिक उत्पादन करने के लिए किया जाता है।


Q. 165605 X की उपस्थिति में बेंज़ीन, क्लोरीन के साथ अभिक्रिया करके बेंज़ीन हेक्साक्लोराइड बनाती है। यहाँ X है :


A. निकैल

B. AlCl3

C. तीव्र सूर्य का प्रकाश

D. जिंक

Right Answer is: C

SOLUTION


Q. 165606 परॉक्साइड की उपस्थिति में, असममित एल्कीनों में HBr का संकलन होता है


A. प्रतिमार्कोनीकॉफ नियम के अनुसार

B. मार्कोनीकॉफ नियम के अनुसार

C. सेत्जेफ नियम के अनुसार

D. हकल नियम के अनुसार

Right Answer is: A

SOLUTION

परॉक्साइड की उपस्थिति में, असममित एल्कीन जैसे प्रोपीन में HBr का संकलन मार्कोनीकॉफ नियम के विपरीत होता है। यह केवल HBr के साथ होता है, HCl और Hl के साथ नहीं। यह अभिक्रिया मुक्त-मूलक द्वारा होती है।


Q. 165607 वह स्थिति जिसमें, एथेन के दोनों कार्बन से संयोजित होने वाले हाइड्रोजन परमाणु एक दूसरे के अधिक निकट होते हैं


A. सांतरित स्थिति में

B. विषमतलीय स्थिति में

C. ग्रस्त स्थिति में

D. सांतरित तथा विषमतलीय दोनों स्थिति में

Right Answer is: C

SOLUTION

ऐथेन के असंख्य संरूपण होते हैं। हालाँकि इनमें से दो संरूपण चरम होते हैं। एक रूप में दोनों कार्बन के हाइड्रोजन परमाणु एक-दूसरे के अधिक पास होते हैं। उसे ग्रस्त रूप कहते हैं। दूसरे रूप में, हाइड्रोजन परमाणु दूसरे कार्बन के हाइड्रोजन परमाणुओं से अधिकतम दूरी पर होते हैं। उन्हें सांतरित रूप कहते हैं।


Q. 165608 प्रोपेनोइक अम्ल का प्रोपेन में रूपांतरण के लिए उपयोग किया जाने वाला अभिकर्मक है


A. LiAlH4

B. सोडा लाइम

C. लाल फ़ोस्फोरस और सांद्रित HI

D. अमल्गमीकृत जिंक और सांद्रित HCl

Right Answer is: C

SOLUTION


Q. 165609 एक ईंधन का अपस्फोटक गुण आयतन के अनुसार 70% आइसो ऑक्टेन (2,2,4-ट्राइमेथिलपेन्टेन) और 30% n-हेप्टेन के मिश्रण के अपस्फोटक गुण के बराबर है। इस ईंधन की ऑक्टेन संख्या होगी


A. 100

B. 70

C. 50

D. 30

Right Answer is: B

SOLUTION

ऑक्टेन संख्या, आइसो-ऑक्टेन और n-हेप्टेन के मिश्रण में आइसो-ऑक्टेन की प्रतिशतता है । चूँकि ईंधन मिश्रण में 70% आइसो-ऑक्टेन है, अतः इसका ऑक्टेन संख्या 70 होगी।


Q. 165610 फ्रीडेल-क्राफ्ट अभिक्रिया में AlCl3 का कार्य है


A. जल को अवशोषित करना

B. HCl अवशोषित करना

C. इलेक्ट्रॉनस्नेही उत्पन्न करना

D. नाभिकस्नेही उत्पन्न करना

Right Answer is: C

SOLUTION

फ्रीडेल-क्राफ्ट अभिक्रिया में आक्रमण इलेक्ट्रॉनस्नेही द्वारा होता है। AlCl3 इलेक्ट्रॉनस्नेही के विरचन में भाग लेता है।


Q. 165611 एक एल्कीन C6H10 का ओज़ोनी अपघटन करने पर OHC(CH2)4CHO बनता है, एल्कीन का नाम होगा


A. हेक्सीन-1

B. हेक्सीन-3

C. साइक्लोहेक्सीन

D. 1-मेथिलसाइक्लोहेक्सीन

Right Answer is: C

SOLUTION

चूँकि, एल्कीन का ओज़ोनी अपघटन करने पर दो ऐल्डिहाइड समूह वाला एकल यौगिक बनता है, अतः यह चक्रीय होगा।


Q. 165612 C6H14, 773 K तक गरम करने पर C6H12 अथवा C4H8 या C3H6 देता है। यह उदाहरण है


A. नियंत्रित ऑक्सीकरण का

B. ताप-अपघटन का

C. ओज़ोनी अपघटन का

D. बहुलीकरण का

Right Answer is: B

SOLUTION

उच्च ऐल्केन को उच्च ताप पर गर्म करने पर निम्नतर ऐल्केनों अथवा एल्कीनों में अपघटित हो जाते हैं। ऊष्मा के अनुप्रयोग से छोटे विखंड बनने की ऐसी अपघटनी अभिक्रिया को ताप-अपघटन अथवा भंजन कहते हैं।


Q. 165613 निम्नलिखित अभिक्रिया में उत्पाद का विरचन निम्न में से किसके अनुसार होगा


A. मार्कोनीकॉफ नियम

B. सेत्जेफ नियम

C. खराश प्रभाव

D. हॉफमान नियम

Right Answer is: B

SOLUTION

विहाइड्रोहैलोजनीकरण और निर्जलन, सेत्जेफ नियम का पालन करते हैं जिसके अनुसार कम संख्या वाले हाइड्रोजन परमाणु युक्त कार्बन परमाणु से, हाइड्रोजन परमाणु को प्रतिस्थापित करके ऐल्कीन बनता है।


Q. 165614 वर्ग-2 की उस धातु को पहचानें जिसकी लौ का विशिष्ट रंग नहीं होता है।


A. Ca

B. Sr

C. Mg

D. Ba

Right Answer is: C

SOLUTION

Mg की आयनन ऊर्जा उच्च होती है जिससे बर्नर पर जलने पर इसकी विशिष्ट रंग की लौ नहीं बनती है।


Q. 165615 क्षार धातुओं में सबसे प्रबल अपचायक है


A. Li

B. Cs

C. Ca

D. Cu

Right Answer is: A

SOLUTION

इलेक्ट्रॉन दाता अपचायक होते हैं। यद्यपि Li की आयनन ऊर्जा क्षार धातुओं में सबसे अधिक होती है, फिर भी यह प्रबल अपचायक होता है क्योंकि इसकी जलयोजन ऊर्जा, इसकी उच्च आयनन ऊर्जा से अधिक होती है।


Q. 165616 उस क्षार धातु को पहचानें जिसको पैराफिन मोम में लपेट कर रखा जाता है।


A. लिथियम

B. सोडियम

C. पोटैशियम

D. रुबिडियम

Right Answer is: A

SOLUTION

 लिथियम को कैरोसिन में नहीं रखा जा सकता है क्योंकि तेल से कम घनत्व होने के कारण, यह उसकी  सतह पर तैरने लगता है। अतः इसको वायु के संपर्क में आने से बचाने के लिए पैराफिन मोम में लपेट कर रखा जाता है।


Q. 165617 सड़क पर रोशनी के लिए उपयोग की जाने वाली पीली रोशनी वाली लाइट होती है


A. नियॉन लैम्प

B. हैलोजन लैम्प

C. सोडियम वाष्प लैम्प

D. मर्क्युरी लैम्प

Right Answer is: C

SOLUTION

सोडियम वाष्प लैंप एक गैस विसर्जन लैंप होता है जो उत्तेजित अवस्था में सोडियम का उपयोग करके प्रकाश उत्पन्न करता है। लैम्प के प्रकाश में सोडियम डी-लाइन का परमाणु उत्सर्जन स्पेक्ट्रम देता है।


Q. 165618 क्षार धातुओं के हाइड्राइड जल के साथ अभिक्रिया करके


A. अम्लीय विलयन बनाते हैं।

B. क्षारीय विलयन बनाते हैं।

C. उभयधर्मी विलयन बनाते हैं।

D. उदासीन विलयन बनाते हैं।

Right Answer is: B

SOLUTION

क्षार धातुओं के हाइड्राइड जल के साथ अभिक्रिया करके हाइड्रॉक्साइड बनाते हैं। जो क्षारीय प्रकृति के होते हैं।


Q. 165619 उस लवण को पहचानें जो प्लास्टर ऑफ पेरिस के जमने की गति को तीव्र कर देता है।


A. NaCl

B. KCl

C. MgCl2

D. CaCl2

Right Answer is: A

SOLUTION

प्लास्टर ऑफ पेरिस का जमना  एक रासायनिक परिवर्तन  है ।NaCl मिलाने पर परिवर्तन की गति बढ़ जाती है और यह शीघ्र कठोर होकर जम जाता है।


Q. 165620 MgCl2 और MgO का मिश्रण, जो सोरेल सीमेंट कहा जाता है, उसका उपयोग किया जाता है


A. काँच उद्योग में

B. मिट्टी के बर्तन बनाने में

C. माचिस उद्योग में

D. दाँतों की गुहाओं को भरने में

Right Answer is: D

SOLUTION

सोरेल सीमेंट (मैग्नेशिया सीमेंट कहा जाता है) मैग्नीशियम क्लोराइड और मैग्नीशियम ऑक्साइड (तापित मैग्नीशिया) का मिश्रण है। इसका सही रासायनिक सूत्र MgCl2.5MgO.xH2O है। इसका उपयोग दंत-चिकित्सा में दाँतों की गुहाओं को भरने के लिए किया जाता है।


Q. 165621 साल्वे विधि में प्रयुक्त किया जाने वाला प्रारंभिक पदार्थ है


A. ब्राइन विलयन

B. कार्बनयुक्त जल

C. क्लोरीनयुक्त जल

D. अमोनीकृत जल

Right Answer is: A

SOLUTION

जब कार्बन डाइऑक्साइड गैस को अमोनिया से संतृप्त ब्राइन विलयन (28% NaCl) से होकर प्रवाहित किया जाता है, तो यह सोडियम हाइड्रोजन कार्बोनेट देता है, जिसको गर्म करने पर सोडियम कार्बोनेट बनता है।


Q. 165622 विरंजक चूर्ण के विरंजन करने का कारण है


A. O2

B. H2O

C. Cl2

D. NO2

Right Answer is: C

SOLUTION

विरंजक चूर्ण पीला श्वेत पाउडर होता है और इसमें क्लोरीन की तेज गंध होती है। हवा में छोड़ने पर यह क्लोरीन में ऑक्सीकृत हो जाता है।


Q. 165623 पोटैशियम का भंडारण किया जाता है


A. जल में

B. एथेनॉल में

C. अमोनिया में

D. कैरोसिन में

Right Answer is: D

SOLUTION

क्षार धातुएँ अत्यंन्त अभिक्रियाशील धातुएँ होती हैं इसलिए उनको कैरोसिन में रखा जाता है। वे जल और ऐथेनॉल से अभिक्रिया करके हाइड्रोजन गैस मुक्त करती हैं। अमोनिया के साथ अभिक्रिया करके ये अमोनीकृत इलेक्ट्रॉन बनाती हैं।


Q. 165624 क्लोरोफिल अणु में पायी जाने वाली क्षारीय मृदा धातु है


A. Ca

B. Mg

C. Sr

D. Ba

Right Answer is: B

SOLUTION

पौधे प्रकाश-संश्लेषण द्वारा भोजन बनाते हैं। यह प्रक्रिया क्लोरोफिल नामक हरे वर्णक में होती है। क्लोरोफिल में मैग्नीशियम धातु पायी जाती है।


Q. 165625 वह हैलाइड जो ईथर से निष्कर्षित किया जा सकता है


A. LiCl

B. NaCl

C. MgCl2

D. KCl

Right Answer is: A

SOLUTION

लिथियम के यौगिक सहसंयोजी प्रकृति के होते हैं। अतः, वे ईथर जैसे सहसंयोजक यौगिक से निष्कर्षित किए जा सकते हैं।


Q. 165626 उस हाइड्रॉक्साइड को चुनें जो जल में अविलेय है ।


A. Be(OH)2

B. Ba(OH)2

C. Mg(OH)2

D. Ca(OH)2

Right Answer is: A

SOLUTION

वर्ग-2 के हाइड्रॉक्साइडों की विलेयता वर्ग में नीचे की ओर जाने पर बढ़ती है। अतः, Be(OH)2 की जल में विलेयता सबसे कम है।


Q. 165627 जलीय NaCl के वैद्युत अपघटन के समय कैथोड पर मुक्त होने वाली गैस है


A. ऑक्सीजन

B. क्लोरीन

C. हाइड्रोजन

D. सोडियम ऑक्साइड

Right Answer is: C

SOLUTION

जब जलीय NaCl का वैद्युत अपघटन किया जाता है तो एनोड पर क्लोरीन और कैथोड पर हाइड्रोजन मुक्त होती हैं।


Q. 165628 वह तत्व चुनें जिसकी लौ चमकीली पीली होती है।


A. Li

B. Na

C. K

D. Rb

Right Answer is: B

SOLUTION

सभी क्षार धातुओं की लौ का रंग विशिष्ट होता है क्योंकि उनकी आयनन एंथैल्पी निम्न होती है। Li की लौ का रंग गहरा लाल जबकि K  की लौ का रंग बैंगनी और और Rb  की लौ का रंग लाल -बैंगनी होता है।


Q. 165629 वह धातु जो नाइट्रोजन से सीधे अभिक्रिया करके नाइट्राइड बनाती है


A. Li

B. Na

C. K

D. Rb

Right Answer is: A

SOLUTION

क्षार धातुओं में, केवल Li ही अपने उभयधर्मी व्यवहार के कारण नाइट्रोजन के साथ अभिक्रिया करके लिथियम नाइट्राइड (Li3N) बनाता है। 6Li+N2 → 2Li3N


Q. 165630 सबसे निम्न तापीय स्थायित्व वाला कार्बोनेट है


A. K2CO3

B. Na2CO3

C. Rb2CO3

D. Li2CO3

Right Answer is: D

SOLUTION

क्षार जितना दुर्बल होगा, कार्बोनेट का स्थायित्व उतना ही कम होगा। वर्ग-1 के ऑक्साइडों में LiOH सबसे दुर्बल क्षार है; अतः Li2CO3 का तापीय स्थायित्व सबसे कम होता है।


Q. 165631 क्षार धातुओं को प्रायः उनके लवणों से निष्कर्षित किया जाता है


A. विस्थापन विधि द्वारा

B. वैद्युत अपघटनी विधि द्वारा

C. अपचयन विधि द्वारा

D. चुंबकीय विधि द्वारा

Right Answer is: B

SOLUTION

विस्थापन, अपचयन और चुंबकीय विधियों का उपयोग क्षार धातुओं के निष्कर्षण के लिए नहीं किया जा सकता है क्योंकि वे अपचायक प्रकृति के होते हैं।


Q. 165632 वह तत्व चुनें जो सहसंयोजक हाइड्राइड बनाता है।


A. Ca

B. Mg

C. Ba

D. Be

Right Answer is: D

SOLUTION

Be परमाणु के  छोटे आकार  के कारण इसकी आयनन एंथैल्पी अति उच्च होती है। इसलिए, यह सहसंयोजक हाइड्राइड बनाता है जबकि वर्ग-2 के अन्य तत्व आयनिक हाइड्राइड बनाते हैं।


Q. 165633 उस विधि का नाम लिखिए जिससे धावन सोडा तैयार किया जाता है।
Right Answer is:

SOLUTION

साल्वे अमोनिया विधि


Q. 165634 प्लास्टर ऑफ पेरिस का रासायनिक सूत्र लिखिए।
Right Answer is:

SOLUTION

CaSO4.1/2H2O


Q. 165635 Na+ और K+ आयनों के जैविक महत्त्व क्या हैं?
Right Answer is:

SOLUTION

Na+ आयन तंत्रिका आवेगों के संचरण, झिल्ली में जलप्रवाह को नियमित करने और शर्करा और एमिनो अम्लों के प्रवाह में सहायता करते हैंK+ आयन अनेक एंजाइमों को सक्रिय करते हैं तथा ग्लूकोज के ऑक्सीकरण से ATP बनने में भाग लेते हैं


Q. 165636 क्षार धातुएँ और उनके लवण ज्वाला को अभिलाक्षणिक रंग प्रदान करते हैं। व्याख्या कीजिए।
Right Answer is:

SOLUTION

अधिक वाष्पशील प्रकृति के कारण क्षार धातुएं अथवा उनके लवण ज्वाला में गर्म करने पर ऊर्जा अवशोषित करते हैं और उनके इलेक्ट्रॉन उच्च-ऊर्जा स्तर में आसानी से उत्तेजित हो जाते हैं। जब ये उत्तेजित इलेक्ट्रॉन पुनः अपनी तलस्थ अवस्था में आते हैं तो वैद्युत-चुंबकीय विकिरण के रूप में अतिरिक्त ऊर्जा उत्सर्जित करते हैं। यह उत्सर्जन दृश्य क्षेत्र में होता है और ज्वाला को अभिलाक्षणिक रंग प्रदान करता है


Q. 165637 एक जलता हुआ मैग्नीशियम फीते का एक टुकड़ा SO2 में लगातार जलता रहता है। क्यों?
Right Answer is:

SOLUTION

जब मैग्नीशियम फीते का एक टुकड़ा SO2 में जलाया जाता है, तो MgO एवं S का निर्माण होता है यह अभिक्रिया इतनी अधिक ऊष्माक्षेपी होती है कि उत्पन्न ऊष्मा से मैग्नीशियम फीता जलता रहता है
2Mg + SO2  2MgO + S

 


Q. 165638 निम्नलिखित के कारण दीजिए: i) क्षार धातुएँ केवल +1 ऑक्सीकरण अवस्था प्रदर्शित करती हैं। ii) एथेनॉल में KI की तुलना में LiI की विलेयता अधिक होती है। iii) Na2CO3 का विलयन क्षारीय होता है।
Right Answer is:

SOLUTION

i) क्षार धातुओं में कम आयनन ऊर्जा होती है, इनमें एकल धनायनों के निर्माण के लिए एकसंयोजी इलेक्ट्रॉन को मुक्त करने की प्रवृति प्रबल होती है।
ii) छोटे आकार के कारण, K+ आयन की तुलना में Li+ आयन की उच्च वैद्युत-ऋणात्मकता और उच्च जलयोजन एंथैल्पी होती है जिसके कारण LiI एथेनॉल में KI की तुलना में अधिक विलेय होता है

iii) Na2CO3 दुर्बल अम्ल (H2CO3) और एक प्रबल क्षार (NaOH) का लवण है, इसलिए इसके जल-अपघटन से प्रबल क्षार NaOH का निर्माण होता है और इसका जलीय विलयन क्षारीय होता है


Q. 165639 निम्नलिखित आधार पर क्षार धातुओं और क्षारीय मृदा धातुओं की तुलना कीजिए: i) आयनन एंथैल्पी ii) ऑक्साइडों की क्षारकता iii) हाइड्रॉक्साइडों की विलेयता
Right Answer is:

SOLUTION

i) उच्च नाभिकीय आवेश के कारण क्षारीय मृदा धातुओं की आयनन एंथैल्पी संगत क्षारीय धातुओं से अधिक होती है

ii) कम आयनन ऊर्जा के कारण क्षार धातु ऑक्साइड संगत क्षारीय मृदा धातु से अधिक क्षारीय होते हैं

iii) क्षार धातु हाइड्रॉक्साइडों की विलेयता क्षारीय मृदा धातु हाइड्रॉक्साइडों से अधिक होती है।


Q. 165640 निम्नलिखित पर टिप्पणी कीजिए: i) KO2 अनुचुंबकीय होता है। ii) BeO जल में अघुलनशील लेकिन BeSO4 जल में घुलनशील होता है। iii) लिथियम एकमात्र क्षार धातु है जो सीधे नाइट्राइड बनाती है।
Right Answer is:

SOLUTION

i) O2- की संरचना में एक अयुग्मित इलेक्ट्रॉन होता है, इसलिए यह अनुचुंबकीय है

ii) छोटे आकार, उच्च आयनन एंथैल्पी और ऑक्सीजन की उच्च वैद्युत-ऋणात्मकता के कारण BeO सहसंयोजक प्रकृति का होता है और इसीकारण यह जल में अघुलनशील होता है Be2+ आयन के छोटे आकार के कारण BeSO4 आयनिक होता है, BeSO4 की जलयोजन ऊर्जा इसकी जालक ऊर्जा से अधिक होती है इस कारण से BeSO4 जल में अत्यधिक विलेय होता है

iii) लिथियम तथा मैग्नीशियम के विकर्ण संबंध के कारण मैग्नीशियम की तरह लीथियम नाइट्राइड बनाता हैं जबकि अन्य क्षार धातुएँ ऐसा नहीं करती हैं

6Li(s) + N2(g) 2Li3N(s)


Q. 165641 लिथियम के असंगत व्यवहार की चर्चा कीजिए। साथ ही लीथियम और मैग्नीशियम के बीच कुछ समानताओं का भी उल्लेख कीजिए।
Right Answer is:

SOLUTION

लिथियम निम्नलिखित कारणों से समान वर्ग के अन्य तत्वों से असंगत व्यवहार प्रदर्शित करता है-
1. कम परमाण्विक और आयनिक त्रिज्या
2. उच्च वैद्युतऋणात्मकता और आयनन एंथैल्पी
3. धनायन की उच्च ध्रुवण क्षमता
4. संयोजी कोश में रिक्त d- कक्षकों की अनुपस्थिति


लिथियम और मैग्नीशियम में समानताएँ निम्न:-
1.
इनमें समान वैद्युत धनात्मक गुण होता है

2. इनकी परमाण्वीय और आयनिक त्रिज्या समान होती है

3. इनकी ध्रुवण क्षमता समान होती है।


Q. 165642 आवर्त सारणी में क्षार धातुओं की स्थिति की चर्चा कीजिए। साथ ही वर्ग में कुछ महत्वपूर्ण परमाण्विक और भौतिक गुणों की प्रवृत्ति की भी चर्चा कीजिए।
Right Answer is:

SOLUTION

क्षार धातुओं को आवर्त सारणी के वर्ग I में रखा गया है क्योंकि इनके संयोजी कोश का सामान्य इलेक्ट्रॉनिक विन्यास ns1 होता है यहाँ n= 2 से 7 तक है और इनके नाम लीथियम (Li), सोडियम (Na), पोटैशियम (K), रुबिडियम (Rb) और सीजियम (Cs) और फ्रेंसियम (Fr) हैं
वर्ग में परमाण्विक और भौतिक गुणों की प्रवृत्ति-

1. परमाण्वीय त्रिज्या वर्ग में ऊपर से नीचे जाने पर तत्वों की परमाण्वीय त्रिज्या कोशों की संख्या में वृद्धि के कारण बढ़ती जाती है
2. आयनन एन्थैल्पी वर्ग में ऊपर से नीचे जाने पर परमाण्वीय त्रिज्या में वृद्धि के कारण आयनन एन्थैल्पी बढ़ती जाती है
3. घनत्ववर्ग में ऊपर से नीचे जाने पर द्रव्यमान और आयतन के अनुपात में वृद्धि के कारण घनत्व बढ़ता जाता है
4.धात्विक गुण– वर्ग में ऊपर से नीचे जाने पर आयनन ऊर्जा में वृद्धि के कारण धात्विक गुण बढ़ता है
5. गलनांक और क्वथनांक– वर्ग में ऊपर से नीचे जाने पर परमाण्विक आकार में वृद्धि के कारण गलनांक और क्वथनांक घटते हैं


Q. 165643 सिलिकेट की मूल संरचनात्मक इकाई है


A.

B.

C.

D.

Right Answer is: D

SOLUTION

सिलिकेट की मूल संरचनात्मक इकाई  है जिसमें सिलिकन परमाणु चार ऑक्सीज़न परमाणुओं से चतुष्फलक के रूप में बंधित रहता है।


Q. 165644 वर्ग-14 के उदासीन मोनोऑक्साइड का चयन करें ।


A. GeO

B. SnO

C. PbO

D. CO

Right Answer is: D

SOLUTION

वर्ग-14 के मोनोऑक्साइडों में CO उदासीन है GeO अम्लीय है जबकि SnO तथा PbO उभयधर्मी हैं।


Q. 165645 सक्रियत चारकोल का उपयोग गैसों के अधिशोषण के लिए किया जाता है क्योंकि


A. यह अत्याधिक अभिक्रियाशील है

B. यह अत्याधिक संरन्ध्र है

C. यह एक प्रबल ऑक्सीकारक है

D. यह एक प्रबल अपचायक है

Right Answer is: B

SOLUTION

सक्रियत चारकोल, कार्बन का अत्यधिक संरन्ध्र रूप है। इसका सतह क्षेत्रफल अधिक होता है जिसके कारण यह अधिक मात्रा में गैसों का अधिशोषण कर सकता है।


Q. 165646 रासायनिक रूप से कार्बरन्डम


A. CaC2 है।

B. SiC है।

C. AlCl3 है।

D. Al2O3 है।

Right Answer is: B

SOLUTION

सिलिकन कार्बाइड का सामान्य नाम कार्बरन्डम है। यह एक बहुत कठोर पदार्थ है तथा इसका उपयोग अपघर्षक के रूप में किया जाता है।


Q. 165647 निम्न में से किस गैस की प्रकृति विषैली होती है?


A. CO2

B. O2

C. H2

D. CO

Right Answer is: D

SOLUTION

CO हीमोग्लोबिन के साथ संकुल बनाती है, जो ऑक्सीज़न-हीमोग्लोबिन संकुल से 300 गुना अधिक स्थायी होता है। अतः कार्बन मोनोऑक्साइड की प्रकृति विषैली होती है।


Q. 165648 उस यौगिक का चुनाव करें जिसका उपयोग ऐल्कोहॉल को सीधे गैसोलीन में परिवर्तित करने के लिए किया जाता है।


A. सिलिकन डाइ ऑक्साइड

B. सिलिकॉन्स

C. सिलिकेट

D. जिओलाइट

Right Answer is: D

SOLUTION

जिओलाइट का उपयोग व्यापक स्तर पर पेट्रोरसायन उद्योगों में हाइड्रोकार्बनों के विघटन और एल्केन के समावयवीकरण के लिए किया जाता है। ZSM-5 (एक प्रकार का  जिओलाइट) का उपयोग एल्कोहॉल को गैसोलीन में परिवर्तित करने के लिए किया जाता है।


Q. 165649 बोरेक्स का जलीय विलयन


A. अम्लीय  होता है।

B. क्षारीय होता है।

C. उदासीन होता है।

D. उभयधर्मी होता है।

Right Answer is: B

SOLUTION

बोरेक्स जल में घुलकर क्षारीय विलयन बनाता है।
Na2B4O7 + 7H2O → 2NaOH  + 4H3BO3


Q. 165650 हीरा और ग्रैफाइट


A. कार्बन के समजात हैं।

B. कार्बन के अपररूप हैं।

C. कार्बन के समावयव हैं।

D. कार्बन के समस्थानिक हैं।

Right Answer is: B

SOLUTION

शृंखलन तथा pπ -pπ आबंध निर्माण के कारण कार्बन विभिन्न अपररूप दर्शाता है। हीरे और ग्रैफाइट के रासायनिक गुण तो समान होते हैं, किंतु अलग-अलग बंध होने के कारण इनके भौतिक गुण भिन्न-भिन्न होते हैं।


Q. 165651 H3BO3


A. द्विक्षारकीय लूइस अम्ल है।

B. एकल क्षारीय लूइस अम्ल है।

C. द्विक्षारकीय लूइस क्षारक है।

D. एकल क्षारीय लूइस क्षारक है।

Right Answer is: B

SOLUTION

बोरिक अम्ल एक दुर्बल क्षारीय अम्ल है। यह प्रोटोनी अम्ल नहीं है, परंतु हाइड्रॉक्सिल आयन से एक इलेक्ट्रॉन युग्म ग्रहण करने के कारण यह लूइस अम्ल की भाँति व्यवहार करता है। H3BO3 + 2HOH → [B(OH)4]- + H3O+


Q. 165652 बोरिक अम्ल की बहुलकी प्रकृति का कारण है


A. इसका अम्लीय स्वभाव

B. इसका क्षारीय स्वभाव

C. इसकी ज्यामिती

D. इसमें हाइड्रोजन आबंधों की उपस्थिति

Right Answer is: D

SOLUTION

बोरिक अम्ल की संरचना परतीय होती है जहाँ BO3 की इकाइयां हाइड्रोजन  आबंधों  द्वारा जुड़ी रहती हैं। हाइड्रोजन आबंधों की उपस्थिति के कारण बोरिक अम्ल की प्रकृति बहुलकी होती है।


Q. 165653 BF3 अणु है


A. इलेक्ट्रॉन समृद्ध यौगिक

B. इलेक्ट्रॉन क्षुद्र यौगिक

C. इलेक्ट्रॉन परिशुद्ध यौगिक

D. आयनिक यौगिक

Right Answer is: B

SOLUTION

फ्लूओरीन के तीन परमाणुओं के साथ सहसंयोजक आबंध बनाने के बाद, बोरॉन के परमाणु में केवल 6 इलेक्ट्रॉन  होते हैं। अतः, यह एक इलेक्ट्रॉन क्षुद्र यौगिक है।


Q. 165654 विहाइड्रोहैलोजनीकरण अभिक्रिया के दौरान


A. ऐल्किल हैलाइड को जलीय KOH के साथ गरम किया जाता है ।

B. ऐल्किल हैलाइड को ऐल्कहॉलिक KOH के साथ गरम किया जाता है

C. ऐल्किल हैलाइड को बेंज़ीन के साथ गरम किया जाता है ।

D. ऐल्किल हैलाइड को जल के साथ गरम किया जाता है ।

Right Answer is: B

SOLUTION

ऐल्किल हैलाइड को ऐल्कोहॉली KOH के साथ गरम करने पर हैलोजेन अम्ल के एक अणु के विलोचन द्वारा एल्कीन बनता है । इस अभिक्रिया को विहाइड्रोहैलोजनीकरण कहते हैं, अर्थात जिसमें हैलोजन अम्ल का विलोपन होता है। यह एक β-विलोपन अभिक्रिया का उदाहरण है क्योंकि हाइड्रोजन परमाणु का विलोपन β कार्बन परमाणु से होता है।


Q. 165655 ऑर्थो एवं पैरा निर्देशी समूह है -


A. COOH

B. CN

C. COCH3

D. NHCOCH3

Right Answer is: D

SOLUTION

ऑर्थो एवं पैरा निर्देशी समूह इलेक्ट्रॉन धनी समूह होते हैं जो बेंज़ीन वलय में ऑर्थो एवं पैरा स्थितियों में इलेक्ट्रॉन घनत्व को बढ़ा देते हैं। फलतः ऑर्थो और पैरा स्थितियों में प्रतिस्थापन होता है। COOH, CN, COCH3 मेटा निर्देशी समूह हैं क्योंकि ये बेंज़ीन वलय से इलेक्ट्रॉन निकालते हैं।


Q. 165656 निम्न यौगिक के IUPAC नाम लिखिए।
Right Answer is:

SOLUTION


Q. 165657 उदाहरण सहित भंजन की परिभाषा दीजिए।
Right Answer is:

SOLUTION

वायु की अनुपस्थिति में उच्च हाइड्रोकार्बनों को गर्म करके निम्न हाइड्रोकार्बनों में विखंडित करने का प्रक्रम भंजन कहलाता है।


Q. 165658 निम्नलिखित यौगिक में σ और π आबंधों की संख्या बताइये।
Right Answer is:

SOLUTION

दिये गए यौगिक में छ: σ बंध और चार π बंध हैं।


Q. 165659 हाइड्रोकार्बन को परिभाषित कीजिए।
Right Answer is:

SOLUTION

वे कार्बनिक यौगिक जिनमें केवल हाइड्रोजन और कार्बन ही होते हैं, उन्हें हाइड्रोकार्बन कहते हैं।


Q. 165660 निम्नलिखित के सामान्य सूत्र लिखिए। (i) साइक्लोऐल्केन (ii) साइक्लोएल्कीन
Right Answer is:

SOLUTION

(i) साइक्लोऐल्केन: CnH2n
(ii) साइक्लोएल्कीन
: CnH2n-2


Q. 165661 C6H14 के सभी संभावित समावयवियों की संरचनाएँ बनाइये तथा उनके IUPAC नाम भी लिखिए।
Right Answer is:

SOLUTION


Q. 165662 क्या होता है जब (i) एथाइन को लाल तप्त लोहे की नलिका से होकर प्रवाहित किया जाता है। (ii) बेंजीन अंधेरे में AlCl3 की उपस्थिति में क्लोरीन के साथ अभिक्रिया करती है।
Right Answer is:

SOLUTION


Q. 165663 दो अभिकर्मकों के नाम बताइए जिनका उपयोग एथीन तथा एथाइन में अंतर करने के लिए किया जा सकता है। इसके परिणाम भी लिखें।
Right Answer is:

SOLUTION


Q. 165664 एल्काइन, एल्कीनों से इलेक्ट्रॉनरागी योगज अभिक्रिया के प्रति कम अभिक्रियाशील होते हैं क्यों? स्पष्ट कीजिए।
Right Answer is:

SOLUTION

एल्काइन की एल्कीन की अपेक्षा इलेक्ट्रॉरागी योगज अभिक्रिया के प्रति कम अभिक्रियाशीलता निम्नलिखित कारणों से होती है:

(i) त्रिआबंध के sp-संकरित कार्बन परमाणुओं की विद्युत ऋणात्मकता द्विआबंध के sp2-संकरित कार्बन परमाणुओं की तुलना में अधिक होती है।

(ii) एल्काइन के p-इलेक्ट्रॉन अभ्र की आकृति बेलनाकार होती है। अतः त्रिआबंध के p-इलेक्ट्रॉन, द्विआबंध के p-इलेक्ट्रॉन की तुलना में अधिक विस्थानीकृत होते हैं।


Q. 165665 (i) एथेन को बेंजीन में रूपांतरित कीजिए। (ii) HF एथाइन के साथ हाइड्रोजन आबंध क्यों बनाता है जबकि यह अध्रुवी होता है?
Right Answer is:

SOLUTION


Q. 165666 निम्नलिखित यौगिकों की संरचनाएँ दर्शाइए। (क) बेंजीन (ख) ऐन्थ्रासीन (ग) नैफ्थालीन (घ) फिनेंथ्रीन (ङ) टॉलूईन
Right Answer is:

SOLUTION


Q. 165667 वर्गिक्रिय श्रेणी ‘गण’ किसके बीच स्थित होता है?


A. वंश और कुल

B. संघ और जगत

C. कुल और वर्ग

D. जगत और वर्ग

Right Answer is: C

SOLUTION

पदानुक्रम वर्गीकरण उनके सापेक्ष आयामों के आधार पर श्रेणियों के एक निश्चित अनुक्रम में जीवों की व्यवस्था है। पदानुक्रम में सात बाध्य श्रेणियां शामिल होती हैं: जगत, संघ, वर्ग, गुण, कुल, वंश, जाति। वर्गिक्रिय श्रेणी में गण कुल और वर्ग के बीच स्थित होता है|


Q. 165668 बोटैनिकल

 दबाए गए सूखे और संरक्षित पौधों का संग्रह है<div class= Right Answer is: D

SOLUTION

पौधों के नमूने हरबेरियम शीट पर एकत्र किए जाते हैं। पौधों को समतल सुखाकर, दबाकर और कागज पर लगाकर इसे तैयार किया जाता है। यह पौधों के सुखाए गए और परिरक्षित किए गए नमूनों का एक संग्रहागार होती है।


Q. 165669 नेशनल बॉटनिकल रिसर्च इंस्टीट्यूट कहाँ स्थित है?


A. मुंबई

B. जम्मू

C. लखनऊ

D. कोलकाता

Right Answer is: C

SOLUTION

नेशनल बॉटनिकल रिसर्च इंस्टीट्यूट (एनबीआरआई) लखनऊ में सीएसआईआर इंडिया का एक शोध संस्थान है। यह वर्गीकरण और आधुनिक जीव विज्ञान के क्षेत्र में कार्य करता है।


Q. 165670 इनमें से कौन-से जीव में पुनर्जनन होता है?


A. अमीबा

B. कवक

C. बैक्टीरिया

D. चपटा कृमि

Right Answer is: D

SOLUTION

पुनर्जनन अलैंगिक जनन का एक प्रकार है जिसमें लुप्त भाग समसूत्री विभाजन द्वारा पुनर्जनन करते हैं। उपरोक्त जीवों में से चपटा कृमि में पुनर्जनन की प्रक्रिया होती है|


Q. 165671 वर्गीकरण की मूल तथा सबसे छोटी इकाई क्या है?


A. जाति

B. जगत

C. संघ

D. कुल

Right Answer is: A

SOLUTION

वर्गिकीय संवर्गों का पदानुक्रम है- जाति, वंश, कुल, गण, वर्ग, संघ या वर्ग और जगत। जाति वर्गीकरण की मूल तथा सबसे छोटी इकाई जाति है|


Q. 165672 वैज्ञानिक नाम सुनिश्चित करते हैं कि प्रत्येक जीव का केवल _____ विशिष्ट नाम हो
Right Answer is: A

SOLUTION

वैज्ञानिक नाम वैज्ञानिक नामकरण की सार्वभौमिक रूप से अनुवर्ती प्रणाली पर आधारित हैं और यह सुनिश्चित करता है कि प्रत्येक जीव का केवल एक विशिष्ट नाम हो।


Q. 165673 निम्न में से कौन-सा एक सजीवों का गुण है जिसके कारण जीव अनुक्रिया व्यक्त करते हैं?


A. चेतना

B. गति

C. वृद्धि

D. प्रजनन

Right Answer is: A

SOLUTION

चेतना सजीवों का एक विशिष्ट गुण है, क्योंकि सभी जीव बाह्य और आंतरिक उद्दीपनों के प्रति अनुक्रिया व्यक्त करते हैं।


Q. 165674 __________की उपस्थिति जल की स्थायी कठोर का कारण है।


A. Na+ और SO42-

B. Ca2+ और SO42-

C. Na+ और Cl-

D. Na+ और OH-

Right Answer is: B

SOLUTION

जल की स्थायी कठोरता Ca2+, Mg2+, Cl-, SO42- आयनों की उपस्थिति के कारण होती है जबकि जल की अस्थायी कठोरता Ca और Mg के बाइकार्बोनेटों की उपस्थिति के कारण होता है।


Q. 165675 D2O का उपयोग नाभिकीय रिएक्टरों में किया जाता है


A. ईंधन के रूप में

B. मंदक के रूप में

C. शीतलक के रूप में

D. ड्यूटीरियम के स्त्रोत के रूप में

Right Answer is: B

SOLUTION

नाभिकीय रिएक्टरों में, D2O का उपयोग न्यूट्रॉनों की गति को कम करने के लिए किया जाता है। यह मंदक के रूप में कार्य करके रिएक्टर को सुचारू रूप से चलाने में सहायता करता है।


Q. 165676 धातुएँ सामान्यतः अम्लों से हाइड्रोजन को विस्थापित करती हैं। इसका अपवाद है


A. Pb

B. Hg

C. Sn

D. Ba

Right Answer is: B

SOLUTION

सक्रियता श्रेणी में हाइड्रोजन के नीचे स्थित धातुएँ अम्ल से हाइड्रोजन को विस्थापित नहीं कर सकती हैं। चूँकि Hg सक्रियता श्रेणी में हाइड्रोजन से नीचे स्थित है, अतः यह अम्लों से हाइड्रोजन को विस्थापित नहीं करती है।


Q. 165677 पोटैशियम हाइड्राइड जल के साथ अभिक्रिया करके बनाता है


A. H2

B. H2O

C. H2O2

D. O2

Right Answer is: A

SOLUTION

KH जल के साथ अभिक्रिया करके पोटैशियम हाइड्रॉक्साइड बनाता है और हाइड्रोजन निर्मुक्त करता है।


Q. 165678 हाइड्रोजन गैस निर्मुक्त होती है, जब हाइड्रोक्लोरिक अम्ल अभिक्रिया करता है


A. Pt से

B. Cu से

C. N से

D. Mg से

Right Answer is: D

SOLUTION

सक्रियता श्रेणी में हाइड्रोजन से ऊपर रखी गई धातुएँ, अम्ल से अभिक्रिया करके हाइड्रोजन निर्मुक्त करती हैं। चूँकि सक्रियता श्रेणी में Mg को हाइड्रोजन से ऊपर रखा गया है, अतएव यह HCl से अभिक्रिया करके हाइड्रोजन निर्मुक्त करती है।


Q. 165679 जल की कठोरता का कारण है


A. CuCl2 की उपस्थिति

B. MgCl2 की उपस्थिति

C. NaHCO3 की उपस्थिति

D. KCl की उपस्थिति

Right Answer is: B

SOLUTION

जल की कठोरता का कारण उसमें उपस्थित Ca और Mg के बाइकार्बोनेट, क्लोराइड और सल्फेट हैं।


Q. 165680 सिन्गैस मिश्रण है


A. CO2 और H2 का

B. CO और H2 का

C. CO और H2O का

D. CO और N2 का

Right Answer is: B

SOLUTION

जब हाइड्रोकार्बनों को भाप के साथ गरम किया जाता है, तो CO और H2 का मिश्रण प्राप्त होता है जिसको सिन्गैस कहते हैं। इसका उपयोग ईंधन के रूप में और पेट्रोल के उत्पादन में किया जाता है।


Q. 165681 हाइड्रोजन परॉक्साइड अपचयित कर सकता है


A. PbS का 

B. O3 का

C. Na2SO3 का

D. KI का

Right Answer is: B

SOLUTION

हाइड्रोजन परॉक्साइड PbS, KI और Na2SO3 को ऑक्सीकृत करता है। यह ओजोन को ऑक्सीजन में अपचयित कर देता है।


Q. 165682 वह यौगिक चुनें जो अपचायक और ऑक्सीकारक दोनों ही रूपों में कार्य कर सकता है


A. LiAlH4

B. H2O2

C. K2Cr2O7

D. Na-ethanol

Right Answer is: B

SOLUTION

H2O2 में ऑक्सीजन की ऑक्सीकरण अवस्था 1 है, जो -2 तक अपचयित और 0 तक ऑक्सीकृत हो सकती है। इसलिए, यह ऑक्सीकारक और अपचायक दोनों ही रूपों में कार्य कर सकता है।


Q. 165683 आप नवजात हाइड्रोजन शब्द से क्या समझते हैं?
Right Answer is:

SOLUTION

तुरंत निकली हुई हाइड्रोजन नवजात हाइड्रोजन [H] कहलाती है। कम दाब पर यह आण्विक हाइड्रोजन की तुलना में अधिक अभिक्रियाशील होती है।


Q. 165684 हाइड्रोजन का कौन सा समस्थानिक रेडियोधर्मी होता है?
Right Answer is:

SOLUTION

ट्रिटियम हाइड्रोजन का एकमात्र समस्थानिक है, जो रेडियोधर्मी होता है


Q. 165685 डाइहाइड्रोजन के भौतिक गुण लिखिए।
Right Answer is:

SOLUTION

डाइहाइड्रोजन एक रंगहीन, गंधहीन, स्वादहीन तथा ज्वलनशील गैस है। यह वायु से हल्की तथा जल में अघुलनशील है।


Q. 165686 आवर्त सारणी में हाइड्रोजन का एक विशिष्ट स्थान क्यों है?
Right Answer is:

SOLUTION

हाइड्रोजन का इलेक्ट्रानिक विन्यास ns1 होता है। यह  वर्ग 1 के  क्षार धातुओं और वर्ग 17 के हैलोजनों, दोनों के समान गुणों में समानता प्रदर्शित करता  है। अतः इसके विशिष्ट व्यवहार के कारण इसे आवर्त सारणी में विशिष्ट स्थान दिया गया है।


Q. 165687 हाइड्रोजन परॉक्साइड के तीन उपयोग लिखिए।
Right Answer is:

SOLUTION

(1)हाइड्रोजन परॉक्साइड का उपयोग मंद कीटाणुनाशक और पूतिरोधी के रूप में किया जाता है। यह बाजार में परहाइड्रॉल के नाम से बेचा जाता है।

(2)इसका उपयोग सोडियम परबोरेट तथा सोडियम परकार्बोनेट जैसे रसायनों के निर्माण में किया जाता है

(3)|उद्योगों में इसका उपयोग वस्त्र, कागज की लुगदी, चमड़ा, तेल, वसा आदि के विरंजन कारक के रूप में किया जाता है।


Q. 165688 जल अणु की संरचना की व्याख्या कीजिए।
Right Answer is:

SOLUTION

गैस प्रावस्था में जल एक बंकित अणु है जिसका आबंध कोण 104.50 और O-H की आबंध लम्बाई 95.7 pm है। यह एक अत्यधिक ध्रुवीय अणु है।

द्रव प्रावस्था में जल के अणु हाइड्रोजन आबंधों द्वारा एक दूसरे से जुड़े होते हैं

ठोस प्रावस्था में, जल क्रिस्टलीकरण अवस्था (बर्फ) के रूप में होता और षट्कोणीय आकृति बनाता है


Q. 165689 भारी जल के उत्पादन की विधि का नाम लिखें। इसका उपयोग कहाँ किया जाता है?
Right Answer is:

SOLUTION

भारी जल का उत्पादन वैद्युत अपघटन द्वारा किया जाता है । इसका उपयोग विस्तृत रूप से नाभिकीय रिएक्टरों में मंदक के रूप में तथा विनिमय अभिक्रियाओं में क्रियाविधियों के अध्ययन में होता है। इसका उपयोग अन्य ड्यूटीरियम यौगिकों को बनाने के लिए किया जाता है।


Q. 165690 हाइड्रोजन परॉक्साइड की संरचना दीजिये।
Right Answer is:

SOLUTION

हाइड्रोजन परॉक्साइड की संरचना असमतलीय होती है।

(क) गैस प्रावस्था में H2O2 की संरचना में द्वितल कोण 111.50 होता है।

(ख) ठोस प्रावस्था में H2O2 की संरचना में द्वितल कोण 90.20 होता है।


Q. 165691 हाइड्रोजन बनाने की पाँच विभिन्न विधियों का वर्णन करें।
Right Answer is:

SOLUTION

(क) डाइहाइड्रोजन, धातुओं पर जल अथवा तनु खनिज अम्ल की क्रिया द्वारा तैयार किया जाता है।

(i) 2Na (s) + 2 H2O(l) → 2NaOH (aq) + H2
(ii) 2K + 2 H2O→ 2KOH + H2

(ख) प्रयोगशाला में, हाइड्रोजन तनु HCl अथवा H2SO4 के साथ दानेदार जिंक की अभिक्रिया द्वारा तैयार की जाती है
(i) Zn(s) + 2HCl(aq) ZnCl2(aq) + H2(g)

(ii) Zn(s) + H2SO4(dil) → ZnSO4 + H2(g)

(ग) गरम जल अथवा भाप की क्रिया द्वारा: धातुएँ जैसे Mg, Zn, Al गरम जल के साथ अभिक्रिया करके ऑक्साइड और H2(g) बनाती हैं।

(i) Mg + H2O(hot) MgO + H2

(ii) 3Fe + 4 H2O(steam) →Fe3O4 + 4 H2

(घ) धातु हाइड्रेट के साथ H2O की अभिक्रिया द्वारा: धातु हाइड्रॉइड जल के साथ अभिक्रिया करके धातु हाइड्रॉक्साइड और हाइड्रोजन गैस बनाते हैं।
(i) NaH + H2O NaOH + H2

(ii) CaH2 + 2 H2O→ Ca(OH)2 + 2H2

(ड.) भाप के साथ मीथेन की अभिक्रिया द्वारा
(i) CH4 + H2O (भाप) → CO + 3 H2


Q. 165692 क्षार धातुओं और हैलोजनों के साथ हाइड्रोजन की समानता की व्याख्या कीजिए।
Right Answer is:

SOLUTION

क्षार धातुओं के साथ समानता:

(i) इसका इलेक्ट्रॉनिक विन्यास 1s है और यह क्षार धातुओं के समान होता है।

(ii) यह क्षार धातुओं के समान अपचायक गुण दर्शाती है।

(iii) यह क्षार धातुओं की तरह H+ आयन बनाने के लिए एक इलेक्ट्रॉन मुक्त कर सकती है।

(iv)यह क्षार धातुओं की तरह वैद्युत धनात्मक होती है।

(v)यह क्षारीय धातुओं की तरह +1 ऑक्सीकरण अवस्था दर्शाती करती है।

हैलोजनों के साथ समानता:

(i) हैलोजनों के समान हाइड्रोजन अधात्विक होती है।

(ii) यह द्विपरमाण्विक अणु बनाती है।

(iii) यह F2 और Cl2 के सामान गैस है।

(iv) यह H- आयन बनाने के लिए एक इलेक्ट्रॉन ग्रहण कर सकती है। 

(v) यह -1 ऑक्सीकरण अवस्था दर्शाती है।

(vii) यह हैलोजनों जैसे सहसंयोजक यौगिक बनाती है।


Q. 165693 मानव परिसंचरण तंत्र में सोडियम आयन (Na+) की अधिकता से


A. उच्च रक्त दाब होता है

B. निम्न रक्त दाब होता है

C. खून की कमी होती है

D. मधुमेह होता है

Right Answer is: A

SOLUTION

बढ़ी हुई सोडियम आयन की सांद्रता ADH और Thirst system को उत्तेजित कर देती है, जिससे गुर्दे में पानी का अधिशोषण बढ़ जाता है। अधिक लवण अन्तर्ग्रहण के कारण रक्त वाहिकाओं में अधिक द्रव प्रवेश कर जाता है। इससे परिसंचरण तंत्र में रक्त का आयतन बढ़ जाता है जिससे कारण रक्त दाब बढ़ जाता है।


Q. 165694 उन लवणों का चुनाव करें जो बोरेक्स मनका परीक्षण देते हैं ।


A. कैल्सियम के लवण

B. सोडियम के लवण

C. मैग्नीशियम के लवण

D. फेरस के लवण

Right Answer is: D

SOLUTION

केवल रंगीन लवण ही बोरेक्स मनका परीक्षण देते हैं। फेरस लवण हरे रंग के होते हैं, अतः ये बोरेक्स मनका परीक्षण देते हैं।


Q. 165695 थर्माइट प्रक्रम में प्रयुक्त किया जाने वाला अपचायक है


A. C

B. Fe

C. Al

D. Mg

Right Answer is: C

SOLUTION

थर्माइट प्रक्रम में  निम्न  अभिक्रिया होती है: Fe2O3 + 2Al → 2Fe + Al2O3 + ऊष्मा यह दर्शाता कि Al थर्माइट प्रक्रम अपचायक की भांति कार्य करता है।


Q. 165696 दिये गए विकल्पों में से उपधातु का चयन करें ।


A. C

B. Sn

C. Ge

D. Pb

Right Answer is: C

SOLUTION

जैसे-जैसे हम वर्ग में नीचे की ओर जाते हैं, धात्विक अभिलक्षण बढ़ता । वर्ग-14 में, C अधातु है Si और Ge उपधातुएँ हैं तथा Sn और Pb धातुएँ हैं।


Q. 165697 बॉक्साइट का सूत्र है


A. Al2O3

B. Al2O3.H2O

C. Al2O3.2H2O

D. Al2O3.3H2O

Right Answer is: C

SOLUTION

बॉक्साइट, ऐलुमीनियम का एक अयस्क है तथा इसका रसायनिक सूत्र Al2O3.2H2O होता है।


Q. 165698 कार्बन का अधिक संख्या में यौगिक बनाने का कारण


A. इसकी संयोजकता  है।

B. इसकी निम्न इलेक्ट्रॉन बंधुता  है।

C. इसका शृंखलन का गुण है।

D. इसकी उच्च आयनन एन्थैल्पी है।

Right Answer is: C

SOLUTION

कार्बन के छोटे आकार तथा उच्च विद्युत ऋणात्मकता के कारण इसमें कार्बन-कार्बन बंध बनाने की अद्वितीय क्षमता होती है।  इसके अतिरिक्त कार्बन अन्य प्रकार के आबन्ध अर्थात द्विआबन्ध, त्रिआबन्ध आदि भी बनाता है अतः इसके यौगिकों की संख्या अधिक होती है।


Q. 165699 संश्लेषण गैस मिश्रण होती है:


A. CO + H2O का

B. CO + H2 का

C. CO2 + H2 का

D. CO2 + H2O का

Right Answer is: B

SOLUTION

वाटर गैस अथवा संश्लेषण गैस गर्म कोक पर भाप प्रवाहित करके बनाई जाती है। यह CO और H2 का मिश्रण होती है।

 


Q. 165700 लेड पेंसिल में होता है


A. लेड

B. लेड सल्फाइड

C. ग्रेफ़ाइट

D. सिलिकन

Right Answer is: C

SOLUTION

ग्रेफ़ाइट की खोज से पहले, लेड जैसी नरम धातु का उपयोग लिखने के लिए  किया जाता था।  ग्रेफ़ाइट कागज पर चिन्ह छोड़ता है। अतः, इसका उपयोग पेंसिल में किया जाता है।


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