CBSE - MCQ Question Banks (के. मा. शि. बो . -प्रश्नमाला )

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Q. 165701 दिये गए विकल्पों में से पाइरेक्स काँच के उपयोग का चयन करें।


A. खिड़की के काँच में

B. प्रयोगशाला में उपयोग किए जाने वाले काँच के उपकरणों में

C. फोटोक्रोमैटिक काँच में

D. हवाई जहाज की बुलेटप्रूफ शीट में

Right Answer is: B

SOLUTION

पाइरेक्स काँच एक ऊष्मारोधी काँच है जिसका उपयोग प्रयोगशाला में उपयोग किए जाने वाले काँच के पात्रों को बनाने के लिए किया जाता है। खिड़की का काँच, सोडा काँच से बना होता है। हवाई जहाज की बुलेटप्रूफ शीट सुरक्षा काँच से बनाई जातीहै।


Q. 165702 अकार्बनिक बेंजीन का अणुसूत्र है


A. B4N3H6

B. B3N3H8

C. B3N3H6

D. B6N6H6

Right Answer is: C

SOLUTION

बोराज़ीन को अकार्बनिक बेंज़ीन कहते हैं।  इसकी संरचना बेंज़ीन के समान होती है और इसका रासायनिक सूत्र B3N3H6 होता है।


Q. 165703 उभयधर्मी ऑक्साइड के उदाहरण का चयन कीजिए ।


A. Na2O

B. SiO2

C. CO2

D. SnO2

Right Answer is: D

SOLUTION

Na2O एक क्षारीय ऑक्साइड है। वर्ग-14 में ऊपर से नीचे जाने पर ऑक्साइडो की क्षारकता बढ़ती है। अतः CO2 और SiO2 अम्लीय ऑक्साइड हैं और SnO2 उभयधर्मी ऑक्साइड है।


Q. 165704 प्रयोगशाला में डाइ-नाइट्रोजन का निर्माण कैसे किया जाता है?
Right Answer is:

SOLUTION

प्रयोगशाला में, अमोनियम क्लोराइड के जलीय विलयन को सोडियम नाइट्राइट के साथ उपचारित कराने पर डाइ-नाइट्रोजन बनती है।
NH4Cl+ NaNO2N2 + 2H2O + NaCl


Q. 165705 समूह 14 के तत्वों की तुलना में समूह 15 के तत्वों की आयनीकरण ऊर्जा अधिक होती है। क्यों?
Right Answer is:

SOLUTION

समूह 14 के तत्वों की तुलना में समूह 15 के तत्वों की आयनीकरण ऊर्जा अधिक होती है क्योंकि समूह 15 के तत्वों में अतिरिक्त स्थायी अर्ध-भरित  p कक्षक विन्यास होता है  तथा उनका आकार उच्च नाभिकीय आवेश के कारण छोटा होता है।


Q. 165706 कार्बन के दो अपररूपों के नाम दीजिए।
Right Answer is:

SOLUTION

(i) हीरा
(ii) ग्रेफाइट


Q. 165707 बोरिक अम्ल की संरचना दीजिए।
Right Answer is:

SOLUTION


बोरिक अम्ल में परतीय संरचना होती है जिसमें BOइकाइयाँ हाइड्रोजन बंधों द्वारा जुड़ी होती हैं।


Q. 165708 डाइबोरेन की संरचना समझाइये।
Right Answer is:

SOLUTION


सिरेवाले चार हाइड्रोजन परमाणु तथा दो बोरॉन परमाणु एक ही तल में होते हैं। इस तल के ऊपर तथा नीचे दो सेतुबंध हाइड्रोजन परमाणु होते हैं। सिरेवाले चार B-H बंध सामान्य द्विकेंद्रीय-द्विइलेक्ट्रॉन (2c-2e) बंध होते हैं और दो सेतुबंध B-H-B त्रिकेंद्रीय-द्विइलेक्ट्रॉन (3c-2e) बंध होते हैं। 3c-2e बंध के विशिष्ट आकार के कारण इसे केलाबंध भी कहते हैं।


Q. 165709 सभी हाइड्राइडों में, अमोनिया एक दुर्बल अपचायक है जबकि BiH3 एक प्रबल अपचायक है? क्यों
Right Answer is:

SOLUTION

समूह 15 में, N से Bi तक जैसे-जैसे परमाणु का आकार बढ़ता है, तत्वों की H के साथ सहसंयोजक बंध के निर्माण की प्रवृत्ति कम होती जाती है।इसलिए समूह में नीचे जाने पर ऊष्मीय स्थायित्व घटता है तथा इनकी हाइड्रोजन मुक्त करने की प्रवृत्ति बढ़ती है। इसलिए, NHएक दुर्बल अपचायक है जबकि BiH3 अत्यधिक प्रबल अपचायक है।  


Q. 165710 शुष्क बर्फ (dry ice) क्या होती है? आप शुद्ध कार्बन मोनोऑक्साइड के नमूने का निर्माण किस प्रकार कर सकते हैं?
Right Answer is:

SOLUTION

ठोस कार्बन डाइऑक्साइड को शुष्क बर्फ (dry ice) कहा जाता है। इसके द्वारा कागज अथवा कपड़ा गीला नहीं होता है क्योंकि यह ऊर्ध्वपतित हो जाती है।

कार्बन मोनोऑक्साइड के शुद्ध नमूने का निर्माण फॉर्मिक अम्ल को सांद्र सल्फ्यूरिक अम्ल के साथ 373 केल्विन ताप पर गर्म करके किया जा सकता है।

 


Q. 165711 PCl5 यौगिक पाया जाता है किन्तु NCl5 यौगिक नहीं पाया जाता है, जबकि N और P एक ही समूह (समूह 15) के सदस्य हैं । क्यों?
Right Answer is:

SOLUTION

समूह 15 के पेंटाहैलाइडों में केंद्रीय परमाणु sp3d संकरित होता है। P, PCl5 बना सकता है क्योंकि इसके संयोजकता कोश में रिक्त d-कक्षक होते हैं जबकि N, NCl5 नहीं बना सकता क्योंकि इसकी संयोजकता कोश में रिक्त d-कक्षक नहीं होते हैं। यह 5 क्लोरीन परमाणुओं को समायोजित नहीं कर सकता है।


Q. 165712 कार्बन के रूप एवं उनके उपयोग लिखिए ।
Right Answer is:

SOLUTION

  कार्बन के रूप

    उपयोग

 हीरा

  रत्न, कटाई, ड्रिलिंग, ग्राइंडिंग, उद्योग

 ग्रेफाइट

   अपचायक कारक, पेंसिल लीड, इलेक्ट्रोड

  कोक

   स्टील निर्माण, ईंधन

  कार्बन स्याही 

  रबर उद्योग, स्याही में रंजक, पेंट तथा प्लास्टिक

 चारकोल

  ईंधन


Q. 165713 हीरा सहसंयोजक होता है फिर भी इसका गलनांक उच्च होता है। क्यों?
Right Answer is:

SOLUTION

हीरे में, प्रत्येक कार्बन परमाणु sp3 संकरित होता है तथा चतुष्फलकीय ज्यामिति से अन्य चार कार्बन परमाणुओं से जुड़ा रहता है। कार्बन परमाणु त्रिविमीय जालक का निर्माण करते हैं जिन्हें तोड़ना बहुत कठिन होता है। इसलिए, इसका गलनांक उच्च होता है।


Q. 165714 आरोही क्रम में वर्गिकी पदानुक्रम के प्रवाह चित्र को आकर्षित करें। उच्चतम श्रेणी के उदाहरण दें।
Right Answer is:

SOLUTION

दो जगत हैं:

1. जगत पादप- इसमें पौधे शामिल होते हैं।

2. जगत एनीमेलिया - इसमें प्राणी शामिल होते हैं।

 

 


Q. 165715 क्या आपने कभी जीवित जीवों की अद्भुत विविधता को महसूस किया है। विस्तार से टिप्पणी करें।
Right Answer is:

SOLUTION

पहाड़, महासागरों, जंगल-पर्णपाती या सदाबहार, झीलों, नदियों, तटीय क्षेत्रों, मार्शल स्थानों, तालाबों, रेगिस्तान, गर्म झरनों, जहां कहीं भी हम जाते हैं और बारीकी से निरीक्षण करते हैं, हम पुष्पों, पौधों, जीवों में एक अंतर पाते हैं| विभिन्न प्रकार के पक्षियों और उनके नृत्य हमें बहुत आकर्षित करते हैं। पुष्पों की घाटियाँ उपस्थित हैं। प्रत्येक घाटी में अपने कुछ विशेष प्रकार के पुष्प होते हैं। यह प्राकृतिक सौंदर्य हमें अत्यंत प्रभावित करता है।

यह सुंदरता इतनी स्वाभाविक और हमारे निकट है ​​कि हम मनुष्य इसका हिस्सा बन जाते हैं। हम मन्युष न केवल जैविक विविधता की खोज में रुचि रखते हैं बल्कि उनके बीच विभिन्न संबंधों को प्रकट करने में भी रुचि रखते हैं। इसलिए, विभिन्न जीवों के बीच संबंधों का व्यवस्थित अध्ययन करने के लिए उनकी पहचान, नामकरण और वर्गीकरण शुरू किया गया।


Q. 165716 द्विपद नाम पद्धति किसने प्रस्तुत की? द्विपद नाम पद्धति का पालन ​​करने के लिए सार्वभौमिक नियमों का उल्लेख करें।
Right Answer is:

SOLUTION

किसी जीव का दो घटकों में नामकरण करने की मानक पद्धति द्विपद नाम पद्धति कहलाती है। प्रत्येक वैज्ञानिक नाम में दो घटक होते हैं: वंश नाम और जाति नाम। कैरोलस लीनियस ने वर्ष 1735 में अपनी पुस्तक “सिस्टेमा नेचर” में द्विपद पद्धति प्रस्तुत की थी।

द्विपद नाम पद्धति के नियम:

वैज्ञानिक नाम लैटिन भाषा में दिए जाते हैं।

प्रत्येक वैज्ञानिक नाम में दो घटक होते हैं:

वंश नाम- यह जैविक नाम का पहला शब्द है, जो वंश को प्रस्तुत करता है।

जाति नाम- यह जैविक नाम का दूसरा शब्द है, जो जाति को प्रस्तुत करता है।

उदाहरण:

•आम का वैज्ञानिक नाम मेंगिफेरा इंडिका लिन है। इसमें मेंगिफेरा वंश नाम और इंडिका जाति संकेत पद है। लिन का तात्पर्य वैज्ञानिक लीनियस है, जिन्होंने इसकी सर्वप्रथम खोज की थी। छपाई में इसे तिरछा लिखा जाता है।


Q. 165717 गोलाकार छड़ा

 विब्रियम बैक्टीरिया का आकार होता है <div class= A.
B.
C.
D.

Right Answer is: C

SOLUTION

आकार के आधार पर बैक्टीरिया चार प्रकार के होते हैं: कोकस-गोलाकार, बैसिलस-छड़ाकार, स्पाइरिलम- सर्पिलाकार और विब्रियम-कॉमा-आकार |


Q. 165718 प्रॉटिस्टा

 क्राइसोफाइट्स  जगत के अंतर्गत आते हैं <div class= A.
B.
C.
D.

Right Answer is: A

SOLUTION

प्रॉटिस्टा जगत को पाँच वर्गों में विभाजित किया गया है : · क्राइसोफाइट · डायनोफ्लैजिलेट · युग्लीनॉइड · अवपंक कवक · प्रोटोजोआ


Q. 165719 युग्लीनॉइड में पोषण की विधि है:


A.

केवल स्वपोषी

B.

केवल परपोषी

C.

स्वपोषी और परपोषी

D.

मृतपोषी

Right Answer is: C

SOLUTION

युग्लीनॉइड एककोशिक जीव हैं जिन्हें प्रोटोजोआ जगत में शामिल किया गया है| ये स्वपोषी और परपोषी विधियों द्वारा पोषण प्राप्त कर सकते हैं |


Q. 165720 अमीबा में अलैंगिक प्रजनन का प्रकार है:


A.

मुकुलन

B.

विखंडन

C.

खंडन

D.

कायिक प्रवर्धन

Right Answer is: B

SOLUTION

विखंडन सबसे सामान्य प्रकार का अलैंगिक जनन है, जिसके परिणामस्वरूप दो संतति कोशिकाओं का निर्माण होता है। उदाहरण- अमीबा


Q. 165721 मोनेरा में जनन का प्रकार है:


A.

अलैंगिक जनन

B.

लैंगिक जनन

C.

मुकुलन

D.

कायिक प्रवर्धन

Right Answer is: A

SOLUTION

इस जगत में शामिल जीव प्रोकैरियोटिक और अकेन्द्रकी होते हैं । ये अलैंगिक रूप से जनन करते हैं ।


Q. 165722 बीजाणु निर्माण किस प्रकार का जनन है ?


A.

अलैंगिक जनन

B.

लैंगिक जनन

C.

मुकुलन

D.

कायिक प्रवर्धन

Right Answer is: A

SOLUTION

बीजाणु निर्माण अलैंगिक जनन का एक प्रकार है जिसमें बीजाणुओं का निर्माण एककोशिकीय और बहुकोशिकीय, दोनों प्रकार के जीवों में होता है। यह प्रक्रिया पौधों में होती है।


Q. 165723 निद्रालु व्याधि का कारक है:


A.

ट्रिपैनोसोमा

B.

एंटअमीबा

C.

प्लाज्मोडियम

D.

माइकोप्लाज़्मा

Right Answer is: A

SOLUTION

कशाभी प्रोटोजोआ एक या एक से अधिक कशाभ युक्त स्वतंत्र जीवी या परजीवी होते हैं, जिसका एक उदाहरण है ट्रिपैनोसोमा, जो निद्रालु व्याधि का एक कारक है |


Q. 165724 एनिमेलिया जगत, कवक जगत, प्रॉटिस्टा जगत तथा प्लांटी जगत शामिल हैं


A.

प्रोकैरिया अनुक्षेत्र में

B.

यूकैरिया अनुक्षेत्र में

C.

बैक्टीरिया अनुक्षेत्र में

D.

आर्की अनुक्षेत्र में

Right Answer is: B

SOLUTION

तीन अनुक्षेत्र पद्धति में बैक्टीरिया, यूकैरिया और आर्की शामिल हैं। जिनमें से यूकैरिया अनुक्षेत्र में एनिमेलिया जगत, कवक जगत, प्रॉटिस्टा जगत तथा प्लांटी जगत शामिल हैं। बैक्टीरिया अनुक्षेत्र में यूबैक्टीरिया शामिल हैं। आर्की अनुक्षेत्र में आद्य बैक्टीरिया शामिल हैं।


Q. 165725 प्रॉटिस्टा में जनन कैसे होता है?


A.

विखंडन

B.

खंडन

C.

मुकुलन

D.

कायक प्रवर्धन

Right Answer is: A

SOLUTION

विखंडन सबसे सामान्य प्रकार का अलैंगिक जनन है, जो मुख्य रूप से एक कोशिकीय जीवों जैसे मोनेरा और प्रोटिस्टा में संपन्न होता है।


Q. 165726 बेसिलाई की व्यवस्था के आधार पर बैक्टीरिया का एक प्रकार है :


A.

विब्रियम

B.

स्टेफायलोकोकस

C.

डिप्लोकोकस

D.

स्ट्रेप्टोबेसिलस

Right Answer is: D

SOLUTION

बेसिलाई की व्यवस्था के आधार पर बैक्टीरिया तीन प्रकार के होते हैं: •        डिप्लोबेसिलस •        स्ट्रेप्टोबेसिलस  •        स्टेफायलोबेसिलस


Q. 165727 स्वपोषी बैक्टीरिया को प्रकाश संश्लेषी स्वपोषी बैक्टीरिया और --------- में वर्गीकृत किया गया है:


A.

रसायन संश्लेषी स्वपोषी बैक्टीरिया

B.

ताप संश्लेषी स्वपोषी बैक्टीरिया

C.

रसायन संश्लेषी परपोषी बैक्टीरिया

D.

ताप संश्लेषी परपोषी बैक्टीरिया

Right Answer is: A

SOLUTION

पोषण की विधि के आधार पर बैक्टीरिया दो प्रकार के होते हैं: • स्वपोषी बैक्टीरिया • परपोषी बैक्टीरिया स्वपोषी बैक्टीरिया को आगे निम्न बैक्टीरिया में वर्गीकृत किया गया है: • प्रकाश संश्लेषी स्वपोषी बैक्टीरिया और • रसायन संश्लेषी स्वपोषी बैक्टीरिया


Q. 165728 बहुकोशिक क्लोरोफिल युक्त, यूकैरियोटिक, स्वपोषी जीव शामिल हैं।


A.

फंजाई जगत में

B.

पादप जगत में

C.

एनिमेलिया जगत में

D.

प्रॉटिस्टा जगत में

Right Answer is: B

SOLUTION

पादप जगत से सम्बंधित जीव बहुकोशिकीय, यूकैरियोटिक और क्लोरोफ़िल युक्त होते हैं । कुछ परजीवी और कीटभक्षी पौधों के अतिरिक्त, ये सामान्यतः स्वपोषी होते हैं और प्रकाश संश्लेषण की प्रक्रिया द्वारा अपना भोजन स्वयं बनाते हैं


Q. 165729 छः जगत वर्गीकरण प्रणाली प्रस्तुत की:


A.

कैरोलस लिनियस

B.

कार्ल वोइस

C.

जॉन रे

D.

अरस्तु

Right Answer is: B

SOLUTION

कुछ जीवों को पांच जगत वर्गीकरण पद्धति के किसी भी वर्ग में शामिल नहीं किया जा सका इसलिए कार्ल वोइस ने छः जगत वर्गीकरण प्रणाली दी जिसमें आद्य बैक्टीरिया को मोनेरा जगत से अलग किया गया था और इसे एक अलग जगत के रूप में माना जाता था।


Q. 165730 वायरोइड्स के कारण होने वाला एकमात्र मानव रोग है:


A.

मलेरिया

B.

डेंगू

C.

हेपेटाइटिस-डी

D.

पीला ज्वर

Right Answer is: C

SOLUTION

वायरोइड्स छोटे संक्रामक कारक होते हैं जिनमें आनुवंशिक पदार्थ के रूप में कम आण्विक भार युक्त, गोलाकार और एकल कुंडलित आर.एन.ए पाया जाता है। इनके कारण होने वाला एकमात्र मानव रोग हेपेटाइटिस-डी है।


Q. 165731 इन्फ्लुएंजा जंतुओं में उत्पन्न होता है :


A.

वायरस द्वारा

B.

बैक्टीरिया द्वारा

C.

कवक द्वारा

D.

प्लाज्मोडियम द्वारा

Right Answer is: A

SOLUTION

वायरस द्वारा होने वाले जंतु रोगों के कुछ उदाहरण हैं : चेचक, छोटा चेचक, हर्पीस, इन्फ्लुएंजा, पोलियो, डेंगू ज्वर और एड्स |


Q. 165732 जीवाणुओं में उपस्थित नहीं होता:


A.

माइटोकॉन्ड्रिया

B.

कोशिका भित्ति

C.

कशाभ

D.

आनुवंशिक पदार्थ

Right Answer is: A

SOLUTION

माइटोकॉन्ड्रिया जीवाणु कोशिकाओं एवं नील हरित शैवाल को छोड़कर शेष सभी सजीव पादप एवं जंतु कोशिकाओं के कोशिकाद्रव्य में अनियमित रूप से बिखरे हुए पाए जाते हैं |


Q. 165733 वायरस में पाया जाने वाला आनुवंशिक पदार्थ है:


A.

डी.एन. अथवा आर.एन.ए. 

B.

केवल डी.एन.ए.

C.

केवल आर.एन.ए.

D.

डी.एन. तथा आर.एन.ए.

Right Answer is: A

SOLUTION

वायरस में या तो एकल कुंडलित आर.एन.ए या द्विकुंडलित डी.एन.ए.पाया जाता है | 


Q. 165734 कृत

कृत्रिम संकरीकरण में सम्मिलित चरणों का उल्लेख करें<div class= Right Answer is:

SOLUTION

कृत्रिम संकरीकरण में तीन चरण सम्मिलित होते हैं:

1) विपुंसन: विपुंसन के अंतर्गत, किसी पुष्प के परागकोश हाथ से एक चिमटी की सहायता से हटा दिए जाते हैं। लेकिन, एकलिंगी पुष्पों की स्थिति में विपुंसन की आवश्यकता नहीं होती है।

2) बोरा-वस्त्रावरण या थैली: इस चरण के अंतर्गत, विपुंसित पुष्प के वर्तिकाग्रों को ढक दिया जाता है, ताकि वाँछित परागों के सिवा किसी दूसरे पराग से उनका परागण न हो पाए। इस चरण में एक विशेष प्रकार के कागज की सहायता से वर्तिकाग्रों को ढीला ढक दिया जाता है।

3) मार्जन: वाँछित पौधे के परागकोश से एकत्र किए गए परागों को वर्तिकाग्र पर झाड़ दिया जाता है और उसे फिर से ढक दिया जाता है, जिससे कि वह फलों के रूप में विकसित हो सके।


Q. 165735 अनिश्चित या असीमाक्षी पुष्पक्रम को समझाइए व् इसके प्रकार बताइये
Right Answer is:

SOLUTION

अनिश्चित या असीमाक्षी पुष्पक्रम में सबसे निचले या सबसे बाहरी पुष्प पहले खिलते हैं।  इस प्रकार के पुष्पक्रम में,  पुष्प एक अग्राभिसारी अनुक्रम में पार्श्वीय रूप से उत्पन्न होते हैं|

असीमाक्षी पुष्पक्रम का मुख्य प्रकार असीमाक्ष है, किन्तु असीमाक्षी पुष्पक्रम के कुछ अन्य प्रकार भी हैं, जिनमें शामिल हैं:

कणिश: इस प्रकार के पुष्पक्रम में, पुष्पवृंत से रहित यानी अवृंत असीमाक्ष एक लंबे केंद्रीय अक्ष पर विन्यस्त होता है।

असीमाक्षी समशिख: इस प्रकार के पुष्पक्रम में, शाखाहीन, छोटे, चपटी ऊपरी सतह वाले बाहरी पुष्पवृंत आंतरिक पुष्पवृन्तों की अपेक्षा क्रमशः लंबे होते हैं।

पुष्पछत्र: पुष्पछत्र पुष्पक्रम में, समान बिंदु से समान लंबाई वाले और छोटे अक्ष वाले अनेक पुष्पवृंत उत्पन्न होते हैं।

स्थूलमंजरी: स्थूलमंजरी पुष्पक्रम में, पुष्पों का गहन रूप से विन्यस्त कणिश होता है, जो छद नामक एक सहपत्र से ढका हुआ होता है।

नतकणिश: यह एक शल्कयुक्त, लटका हुआ कणिश या असीमाक्ष होता है।

शीर्ष या मुंडक: यह एक सघन पुष्पक्रम होता है, एक अत्यंत छोटे अक्ष से निर्मित होता है और इसमें सामान्यतया अवृन्त पुष्प होते हैं।


Q. 165736 असंगजनन

असंगजनन क्या होता है  इसके महत्त्व को समझाइये<div class= Right Answer is:

SOLUTION

असंगजनन जनन की एक विशेष विधि है |असंगजनन शब्द विंकलर ने वर्ष 1908 में प्रस्तुत किया था। सामान्य लैंगिक चक्र को असंगजनन के विपरीत उभयमिश्रण कहा जाता है। असंगजनन जनन या प्रवर्धन की अलैंगिक विधि के लिए प्रयुक्त किया जाने वाला एक सामान्य शब्द है, जिसमें भ्रूण का निर्माण और उसके बाद निषेचन सम्मिलित नहीं होता। अनिषेकबीजता में भ्रूण अभी भी जनन या प्रवर्धन का कारक होता है, लेकिन इसका निर्माण अर्धसूत्री विभाजन और युग्मक संलयन द्वारा नहीं होता।

असंगजनन का महत्त्व:

  • समान संततियाँ या क्लोन उत्पन्न होते हैं।
  • किसी व्यक्तिगत प्रजाति की उत्तरजीविता के लिए आवश्यक विशेषकों का संरक्षण होता है।
  • यह संकर फसलों के उत्पादन की सरल और बेहतर प्रतिस्थापन विधि है, जो समय और धन दोनों की बचत करती है।
  • इसमें किसी भी प्रकार के संक्रामक रोगों से रहित भ्रूणों का निर्माण होता है।


Q. 165737 एकबीजपत्री तने में जाइलम होता है:


A. मेटाजाइलम

B. प्रोटोजाइलम

C. मध्यादिदारुक

D. बाह्य आदिदारुक

Right Answer is: C

SOLUTION

एकबीजपत्री तने में जाइलम मध्यादिदारुक होता है तथा यह मेटाजाइलम और प्रोटोजाइलम नामक दो भागों में विभाजित होता है।


Q. 165738 एक वृक्ष की छाल होती है:


A. वृक्ष का उत्सर्जी उत्पाद

B. वृक्ष का सुखा हुआ भाग

C. प्राथमिक जाइलम के बाहर उपस्थित ऊतक

D. द्वितीयक जाइलम के बाहर उपस्थित ऊतक

Right Answer is: D

SOLUTION

छाल मुख्य रूप से द्वितीयक जाइलम के बाहर उपस्थित ऊतक है, जबकि वातरंध्र परिचर्म पर उपस्थित टूटे हुए भाग हैं। इसमें प्राथमिक और द्वितीयक फ्लोएम, वल्कुट और बाह्य त्वचा शामिल होते हैं।


Q. 165739 द्विबीजपत्री पौधों की पत्तियाँ होती हैं:


A. पृष्ठाधार

B. समद्विपार्श्व

C. संपार्श्विक

D. मूलीय

Right Answer is: A

SOLUTION

द्विबीजपत्री पौधों में पृष्ठाधार पत्तियाँ होती हैं, जबकि एकबीजपत्री पौधों में समद्विपार्श्व पत्तियाँ होती हैं।


Q. 165740

द्वितीयक वृद्धि होती है एकबीजपत्री तनों और मूलों में<div class= Right Answer is: B

SOLUTION

पार्श्वीय मेरिस्टेम की क्रिया से नए ऊतकों के निर्माण के कारण प्ररोह और मूल के अक्ष के व्यास या परिधि में होने वाली वृद्धि द्वितीयक वृद्धि कहलाती है। यह केवल द्विबीजपत्री तनों और मूलों में होती है।


Q. 165741 एकबीजपत्री तने के संवहन बंडल होते हैं।


A. संयुक्त, संपार्श्विक और खुले

B. संयुक्त, संपार्श्विक और बंद

C. संयुक्त, द्विसंपार्श्विक और बंद

D. संयुक्त, द्विसंपार्श्विक और खुले

Right Answer is: B

SOLUTION

एकबीजपत्री तने का प्रत्येक संवहन बंडल, एक बंडल आच्छद द्वारा घिरा हुआ होता है तथा उसमें फ्लोएम और जाइलम होते हैं।  एकबीजपत्री तने के संवहन बंडल संयुक्त, संपार्श्विक और बंद होते हैं।


Q. 165742 जाइलम के विकास की प्रक्रिया अभिकेंद्रीय होती है।


A. बाह्य आदिदारुक संवहन बंडल में

Right Answer is: A

SOLUTION

बाह्य आदिदारुक संवहन बंडल में, प्रोटोजाइलम मेटाजाइलम के बाहर स्थित होता है। इसमें जाइलम के विकास की प्रक्रिया अभिकेंद्रीय रूप से अर्थात बाहर से अन्दर संपन्न होती है।


Q. 165743 संपार

कैंबियम अनुपस्थित होता है संयुक्त संवहन बंडल में<div class= Right Answer is: D

SOLUTION

संकेंद्री संवहन बंडलों में, एक प्रकार का संवहनी ऊतक दूसरे प्रकार के संवहनी ऊतक से घिरा हुआ होता है। इनमें कैंबियम सदैव अनुपस्थित होता है।


Q. 165744 एकबीजपत्री पौधों के तनों की अधस्त्वचा प्रदान करती है:


A. जल

B. प्लवन

C. सुरक्षा

D. खनिज लवण

Right Answer is: C

SOLUTION

एकबीजपत्री पौधों के तनों में स्कलेरेंकाइमी कोशिकाओं  का एक क्षेत्र उपस्थित होता है, जो अधस्त्वचा कहलाता है। यह सुरक्षा का कार्य करती है और इसे बाहरी वल्कुट कहा जाता है।


Q. 165745 एक संगठित और विभेदित कोशिकीय संरचना जिसमें कोशिकाद्रव्य होता है लेकिन कोई केन्द्रक नहीं होता:


A. चालनी नलिकाएँ

B. सहचर कोशिकाएँ

C. फ्लोएम तंतु

D. फ्लोएम पैरेंकाइमा

Right Answer is: A

SOLUTION

फ्लोएम की चालनी नलिकाओं में कोशिकाद्रव्य उपस्थित होता है परन्तु इनमें केन्द्रक नहीं पाया जाता|


Q. 165746 अरीय संवहन बंडलों में, फ्लोएम और जाइलम पाए जाते हैं:


A. पृथक बंडलों में विभिन्न त्रिज्याओं पर

Right Answer is: A

SOLUTION

अरीय संवहन बंडलों में, फ्लोएम और जाइलम पृथक बंडलों में पाए जाते हैं और परस्पर एकांतर वाली विभिन्न त्रिज्याओं पर स्थित होते हैं। ये अधिकतर मूलों में उपस्थित होते हैं।


Q. 165747 पौधों में त्वचारोम उत्पन्न होते हैं:


A. संवहन उतक की कोशिकाओं से

Right Answer is: D

SOLUTION

पौधों में त्वचारोम वे उपांग होते हैं, जो बाह्य त्वचीय कोशिकाओं से उत्पन्न होते हैं और पौधे के लगभग सभी भागों पर पाए जाते हैं।


Q. 165748 अनावृतबीजी पौधों के फ्लोएम में पायी जाती हैं:


A. एलब्यूमिनी कोशिकाएँ और चालनी कोशिकाएँ

B. एलब्यूमिनी कोशिकाएँ और सहचर कोशिकाएँ

C. चालनी नलिकाएँ और फ्लोएम तंतु

D. चालनी नलिकाएँ और फ्लोएम पैरेंकाइमा

Right Answer is: A

SOLUTION

अनावृतबीजी पौधों के फ्लोएम में चालनी नलिकाओं और सहचर कोशिकाओं के स्थान पर एलब्यूमिनी कोशिकाएँ और चालनी कोशिकाएँ पाई जाती हैं।


Q. 165749 पौधों में जल के संवहन के लिए उत्तरदायी होता है:


A. जाइलम

B. फ्लोएम

C. भरण उतक

D. मेरिस्टेम उतक

Right Answer is: A

SOLUTION

जाइलम जल का संवहन करने वाला ऊतक होता है, जो मुख्य रूप से पौधों के मूलों से शीर्ष भाग तक जल और खनिजों के संवहन के लिए उत्तरदायी होता है।


Q. 165750

दृढ़ कोशिकाएँ पायी जाती हैं संतरे तथा तरबूज के गूदे में<div class= Right Answer is: D

SOLUTION

दृढ़ कोशिकाएँ सामान्यतया पौधे के कठोर भागों में पाई जाती हैं, उदाहरण के लिए, कुछ फलों जैसे: अखरोट, नारियल आदि की अंतः फलभित्ति में।


Q. 165751 उत्सर्जन में
Right Answer is: A

SOLUTION

वायूतक (एरेनकाईमा) अनेक जलीय पादपों की पत्तियों में पाया जाता है। यह मुख्य रूप से प्लवन में सहायता करता है।


Q. 165752 एक पौधे की लंबाई में वृद्धि के लिए उत्तरदायी होता है:


A. अंतर्वेशी मेरिस्टेम

B. शीर्षस्थ मेरिस्टेम

C. पार्श्वीय मेरिस्टेम

D. स्थायी मेरिस्टेम

Right Answer is: B

SOLUTION

शीर्षस्थ या शिखाग्री मेरिस्टेम मूल, तने के शीर्षों और शाखाओं पर पाया जाता है। यह लंबाई में वृद्धि के लिए उत्तरदायी होता है |


Q. 165753 दिए गए चित्र में किस प्रकार के उतक को दर्शाया गया है:


A. भरण ऊतक

B. संवहन ऊतक

C. मेरिस्टमी उतक

D. जाइलम

Right Answer is: C

SOLUTION

मेरिस्टमी उतक की कोशिकाओं का आकार समव्यासीय होता है। इनमें छोटी रसधानियों से युक्त सघन कोशिका द्रव्य होता है। मेरिस्टमी कोशिकाएँ एक-दूसरे से सटी हुई होती हैं और उनके बीच स्थान बहुत कम होता है।


Q. 165754 हरे शैवाल के सामान्य लक

हरा शैवाल के तीन लक्षण बताईये<div class= Right Answer is:

SOLUTION

हरे शैवाल के सामान्य लक्षण हैं:

  • ये एककोशिकीय होते हैं और इनमें कॉलोनिय या तंतुमयी काय होती है।
  • प्रकाश संश्लेषण की प्रक्रिया के लिए इनमें पर्णहरित a और b होता है।
  • प्रोटीन और स्टार्च जैसी खाद्य सामग्रियों के भंडारण के लिए इनमें पाइरीनॉइड होते हैं। कभी-कभी भोजन का भंडारण तेल के बिंदुकों के रूप में होता है।


Q. 165755

अनावृत्तबीजियों के जनन और जीवन चक्र के विषय में बताइए<div class= Right Answer is:

SOLUTION

अनावृत्तबीजियों के जीवन चक्र में एक प्रभावी बीजाणु उद्भिद और एक न्यूनीकृत युग्मकोद्भिद होता है। युग्मकोद्भिदों का स्वतंत्र मुक्तजीवी अस्तित्व नहीं होता। ये विषमबीजाणुक होते हैं, क्योंकि ये अगुणित लघुबीजाणुओं और गुरुबीजाणुओं को उत्पन्न करते हैं। इसलिए बीजाणुधानी के अन्दर उत्पन्न दो प्रकार के बीजाणु, जो सघन संरचनाओं में सर्पिल रूप में व्यवस्थित होते हैं, शंकु कहलाते हैं। इनके लिंग पृथक होते हैं। जब नर और मादा दोनों बीजाणुधानी समान पौधे पर उत्पन्न होते हैं, तो उन्हें उभयलिंगाश्रयी कहा जाता है। लेकिन जब नर और मादा दोनों बीजाणुधानी पृथक पौधों पर उत्पन्न होते हैं, तो उन्हें एकलिंगाश्रयी कहा जाता है।

नर युग्मकोद्भिद संतति अत्यधिक न्यूनीकृत और कोशिकाओं की एक सीमित संख्या तक सीमित होती है। इस न्यूनीकृत युग्मकोद्भिद को पराग कण कहा जाता है।

पराग शंकु में अनेक बीजाणुधानी होते हैं, जिनमें पराग मातृ कोशिकाएँ होती हैं, जिन्हें लघु बीजाणु मातृ कोशिकाएँ कहा जाता है। ये कोशिकाएँ अर्धसूत्री विभाजन द्वारा पराग कण उत्पन्न करती हैं, जो नर युग्मकोद्भिद होते हैं। अगुणित सपक्ष परागकण अनेक अनावृत्तबीजियों में उपस्थित होता है। यह एक विशेष लक्षण है, जो वायु के संचरण को सुगम बनाता है।

अधिकांश अनावृत्तबीजी वायु परागित होते हैं, केवल साइकैस को छोड़कर, जो भृंग परागित होते हैं।


Q. 165756 टैरिडोफाइट के चार वर्ग कौन से हैं? टैरिडोफाइट आर्थिक दृष्टि से किस प्रकार अत्यंत महत्वपूर्ण हैं
Right Answer is:

SOLUTION

टैरिडोफाइट के चार वर्ग हैं:

पहला वर्ग है- साइलोप्सीडा, उदाहरण- साइलोटम। दूसरा वर्ग है- टीरोप्सीडा, उदाहरण- ड्रायोप्टैरीस, टैरीस। तीसरा वर्ग है-लाइकोप्सीडा, उदाहरण- सेलैजिनैला, लाइकोपसीडा। चौथा वर्ग है- स्फीनोपसीडा, उदाहरण- इक्वीस्टिम।

टैरिडोफाइट आर्थिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण हैं:

  • टैरिडोफाइट का प्रयोग चिकित्सकीय उद्देश्यों के लिए किया जाता है। ड्रायोप्टैरीस के प्रकंदों और वृंतों से एन्थेलमिंटिक ड्रग का निर्माण किया जाता है।
  • इनका प्रयोग मृदा बंधकों के रूप में किया जाता है।
  • इनका प्रयोग सजावटी पौधों के रूप में भी किया जाता है।
  • जलीय फर्न और जल तिपतिया के ऐस्कोकार्प स्टार्च का प्रचुर स्रोत होते हैं। इसलिए इनका प्रयोग भोजन के रूप में किया जाता है।
  • इनका प्रयोग भारी धातुएँ, विशेषकर मृदा से आर्सेनिक निकालने के लिए भी किया जाता है।


Q. 165757 ___________ की अस्थियाँ वायवीय यानी वायु कोषों के साथ खोखली होती हैं।


A. मनुष्य

B. मछली

C. सर्प

D. पक्षी

Right Answer is: D

SOLUTION

पक्षियों की अस्थियाँ वायवीय यानी वायु कोषों के साथ खोखली होती हैं जो इनको हवा में उड़ने में सहायता प्रदान करती हैं |


Q. 165758 निम्नलिखित में से कौन-सा विकल्प स्तनधारी वर्ग की विशेषता है?


A. कार्टिलाजिनस कशेरुका

B. पिन्ना की अनुपस्थिति

C. स्तन ग्रंथियां

D. पंखों की उपस्थिति

Right Answer is: C

SOLUTION

स्तनधारी वर्ग की मादाओं में अपने शिशुओं को दुग्धपान कराने के लिए स्तन ग्रंथियाँ उपस्थित होती हैं।


Q. 165759 हीरुडिनेरिया किस संघ में पाया जाता है?


A. मोलस्का

B. प्लैटीहेल्मेन्थीस

C. ऐस्केलमिंथीज

D. ऐनेलिडा

Right Answer is: D

SOLUTION

ऐनेलिडा संघ के प्राणी स्वच्छ जलीय, समुद्री और स्थलीय आवासों में पाए जाते हैं। इस संघ में केंचुए, पॉलिकीटा, जोंक (हीरुडिनेरिया) शामिल हैं।


Q. 165760 नेफ्रेडिया

ऐस्केलमिंथीज में  द्वार  उत्सर्जन होता है <div class= Right Answer is: C

SOLUTION

ऐस्केलमिंथीज में उत्सर्जन एकल रेनेट कोशिका द्वारा होता है। इनमे परिसंचरण और उत्सर्जन तंत्र अनुपस्थित होते हैं।


Q. 165761 ओरेलिया और किस नाम से जाना जाता है?


A. समुद्र ऐनीमोन

B. जेली फिश

C. समुद्री व्यंजन

D. टीनोफोरा

Right Answer is: B

SOLUTION

ओरेलिया को जेली फिश भी कहा जाता है | यह नाइडेरिया संघ का जीव है|


Q. 165762 _____________सममिति में, शरीर को किसी एकल मध्य रेखा द्वारा दाएँ और बाएँ समरूप भागों में विभाजित किया जा सकता है
Right Answer is: B

SOLUTION

द्विपार्श्व सममिति में, शरीर को किसी एकल मध्य रेखा द्वारा दाएँ और बाएँ समरूप भागों में विभाजित किया जा सकता है, उदाहरण- रज्जुकी।


Q. 165763 विखंडावस्था इनमे से किसका विशिष्ट लक्षण है?


A. पोरीफेरा

B. ऐनेलिडा

C. नाइडेरिया

D. टीनोफोरा

Right Answer is: B

SOLUTION

विखंडावस्था ऐनेलिडा, आर्थोपोडा और रज्जुकी संघ का विशिष्ट लक्षण है।


Q. 165764 सरीसृप मनुष्य प

 में खुला रुधिर परिसंचरण तंत्र होता है<div class= Right Answer is: D

SOLUTION

कीट में रुधिर परिसंचरण तंत्र खुले प्रकार का होता है| मनुष्य, सरीसृप और पक्षी में बंद रुधिर परिसंचरण तंत्र उपस्थित होता है|


Q. 165765 पैर के 2 जोड़े पैर के 3 जोड़े पैर के

कीट में  होते हैं<div class= Right Answer is: B

SOLUTION

कीटों को अन्य आर्थ्रोपोडों से अलग किया जा सकता है क्योंकि वयस्क कीट में पैरों के 3 जोड़े होते हैं।


Q. 165766 इनमे से कौन टिनाफोरा का एक उदाहरण है ?


A. बैलैनोग्लोसस

B. पार्श्वक्लोम

C. ओरेलिया

D. एप्लाइसिया

Right Answer is: B

SOLUTION

टीनोफोरा संघ में केवल समुद्री और मांसाहारी प्राणी होते हैं। पार्श्वक्लोम टिनाफोरा का एक उदाहरण है


Q. 165767 लंबेकृमि गोल कृमि

प्लैटीहेल्मेन्थीस को  भी कहा जाता है<div class= Right Answer is: D

SOLUTION

प्लैटीहेल्मेन्थीस का शरीर पृष्ठाधर रूप से चपटा होता है, इसलिए ये चपटे कृमियों के रूप में जाने जाते हैं, जिनमें वास्तविक खंडीभवन अनुपस्थित होता है।


Q. 165768 प्लैटीहेल्मेन्थीस में उत्सर्जन और परासरण किस कोशिका के सहायता से होता है?


A. अन्तराल

B. नेफ्रिडिया

C. ज्वाला कोशिका

D. दंश कोशिका

Right Answer is: C

SOLUTION

प्लैटीहेल्मेन्थीस में कंकाल तंत्र अनुपस्थित होता है, किन्तु परिसंचरण और श्वसन तंत्र उपस्थित होते हैं| उत्सर्जन और परासरण नियमन ज्वाला कोशिकाओं द्वारा होते हैं।


Q. 165769 निडेरिया आर्थ्रोपोड़ा मोलस्का प

 दूसरा सबसे बड़ा संघ है<div class= Right Answer is: C

SOLUTION

मोलस्का यह एनिमेलिया जगत का दूसरा सबसे बड़ा संघ है। इस संघ के प्राणी स्थलीय और जलीय दोनों आवासों में पाए जाते हैं। ये द्विपार्श्व रूप से सममिति वाले, त्रिकोरकी, प्रोटोस्टोम प्रगुही प्राणी होते हैं।


Q. 165770 एंटीडोन (समुद्री लिली) किस संघ में पाये जाते हैं?


A. टेरीडोफायटा

B. निडेरिया

C. अर्थ्रोपोडा

D. एकाइनोडर्मेटा

Right Answer is: D

SOLUTION

संघ: एकाइनोडर्मेटा में सम्मलित प्राणी केवल समुद्री आवास वाले, धीमे गति करने वाले,स्थावर प्राणी होते हैं। एकाइनोडर्मेटा संघ के प्राणियों के कुछ उदाहरण हैं: एस्टेरियस (तारा मीन), ओफीयूरा (भंगुर तारा) और एंटीडोन (समुद्री लिली)|


Q. 165771 किस संघ में विशिष्ट सिर, पेशीय पाद और एक अंतरंग ककुद पाया जाता है?


A. निडेरिया

B. अर्थ्रोपोडा

C. मोलस्का

D. प्लैटीहेल्मेन्थीस

Right Answer is: C

SOLUTION

मोलस्का संघ में विशिष्ट सिर, पेशीय पाद और एक अंतरंग ककुद उपस्थित होता है। अंतरंग ककुद प्रावार नामक ऊतक की एक सतह से ढका हुआ होता है, जो कैल्सियमी कवच को स्रावित करता है।


Q. 165772 किस संघ में सबसे ज्यादा प्रजातियों की संख्या होती है?


A. निडेरिया

B. अर्थ्रोपोडा

C. ऐनेलिडा

D. प्लैटीहेल्मेन्थीस

Right Answer is: B

SOLUTION

आर्थ्रोपोडिया एनिमिया का सबसे बड़ा संघ है। इसमें कीट शामिल होते हैं। पृथ्वी पर सभी नामित प्रजातियों में से दो तिहाई से अधिक आर्थ्रोपोडा में सम्मिलित हैं।


Q. 165773 वर्गीकरण में 'संघ' शब्द किसने दिया था?


A. जी. एल. क्यूवियर

B. कैरोलस लिनेयस

C. जॉन रे

D. जे.बी. लेमार्क

Right Answer is: A

SOLUTION

वर्गीकरण में 'संघ' शब्द जी.एल. क्यूवियर द्वारा दिया गया था| संघ जानवरों और पौधों का प्रमुख वर्गिकी समूह होता है|


Q. 165774 भरण

कोशिका विभाजन की क्षमता होती है मेरिस्टमी ऊतक में<div class= Right Answer is: A

SOLUTION

मेरिस्टमी ऊतक अपरिपक्व और अविभेदित कोशिकाओं से बना होता है, जिसमें कोशिका विभाजन की क्षमता होती है।


Q. 165775 उतक होता है:


A. सामान्य कार्य को संपन्न करने वाला विभिन्न कोशिकाओं का समूह

B. सामान्य कार्य को संपन्न करने वाला कोशिकाओं का समूह

C. दो कार्यों को संपन्न करने वाला विभिन्न कोशिकाओं का समूह

D. दो या दो से अधिक कार्यों को संपन्न करने वाला विभिन्न कोशिकाओं का समूह

Right Answer is: B

SOLUTION

संरचनात्मक रूप से समान या भिन्न कोशिकाओं का एक समूह, जो किसी सामान्य कार्य को संपन्न करता है या संपन्न करने में सहायता करता है और जिनका उद्भव एक ही होता है, ऊतक कहलाता है।


Q. 165776 कुछ पौधों द्वारा उत्पादित लेटेक्स है:


A. गुप्त उत्पाद।

B. उत्सर्जित उत्पाद।

C. ग्रंथि संबंधी उत्पाद।

D. सेलुलर उत्पाद।

Right Answer is: B

SOLUTION

पौधे के उत्पाद जो किसी क्रिया में भाग नहीं लेते हैं और उत्सर्जित कर दिये जाते हैं, उन्हें उत्सर्जित उत्पाद कहते हैं| जैसे- लेटेक्स|


Q. 165777 संवहन बंडल से क्या तात्पर्य है?
Right Answer is:

SOLUTION

संवहनी ऊतक तंत्र में जटिल ऊतक अर्थात जाइलम और फ्लोएम प्रायः बंडलों में पाए जाते हैं, जिन्हें संवहन बंडल कहा जाता है।


Q. 165778 परिरंभ का मुख्य कार्य क्या होता है?
Right Answer is:

SOLUTION

परिरंभ मुख्य रूप से पौधे को यांत्रिक सहारा प्रदान करता है।


Q. 165779 जलपादपों के तने में कौनसा उतक उपस्थित होता है?
Right Answer is:

SOLUTION

जलपादपों के तने में वायूतक (ऐरेनकाईमा) उपस्थित होता है|


Q. 165780 द्वितीयक वृद्धि से क्या अभिप्राय है? यह पौधे के किस भाग में होती है?
Right Answer is:

SOLUTION

पार्श्वीय मेरिस्टेम की क्रिया से नए ऊतकों के निर्माण के कारण प्ररोह और मूल के अक्ष के व्यास या परिधि में होने वाली वृद्धि द्वितीयक वृद्धि कहलाती है। यह केवल द्विबीजपत्री तनों और मूलों में होती है।


Q. 165781 संपार्श्विक संवहन बंडल तथा द्विसंपार्श्विक संवहन बंडल में जाइलम तथा फ्लोएम की स्थिति को स्पष्ट कीजिये
Right Answer is:

SOLUTION

संपार्श्विक संवहन बंडल में, जाइलम, पिथ के अन्दर की ओर स्थित होता है और फ्लोएम वल्कुट के बाहर की ओर स्थित होता है।

द्विसंपार्श्विक संवहन बंडल में जाइलम के दोनों ओर फ्लोएम उपस्थित होता है।   कैंबियम जाइलम के अन्दर और बाहर दोनों ओर उपस्थित होती है|


Q. 165782 पर

परिचर्म में कितनी परतें होती हैं इनके नाम भी बताइये<div class= Right Answer is:

SOLUTION

परिचर्म तीन परतों से बना होता है: कागजन,  काग तथा द्वितीयक वल्कुट अथवा काग अस्तर |


Q. 165783अ चालनी नलिकाएँ आ सहच

निम्न पर संक्षिप्त टिपण्णी कीजिये<div class= Right Answer is:

SOLUTION

(अ) चालनी नलिकाएँ - ये एक विशिष्ट रैखिक पंक्ति में एक के ऊपर एक व्यवस्थित होती हैं। इन नलिकाओं की अंतःभित्तियों पर अनुप्रस्थ या तिर्यक रूप से छिद्रित पट होता है। ये सहचर कोशिकाओं से जुड़ी होती हैं। ये मुख्य रूप से भोजन के परिवहन में सहायता करती हैं। 

(आ) सहचर कोशिकाएँ - ये लंबी, संकरी और पतली भित्तियों वाली कोशिकाएँ होती हैं। ये सामान्यतया चालनी नलिका के पार्श्व भागों से जुड़ी होती हैं। ये चालनी नलिकाओं में दाब प्रवणता बनाए रखने में सहायता करती हैं।


Q. 165784 वातरंध्र क्या होते हैं? वातरंध्रों की एक काट का इसके सभी प्रमुख संरचनात्मक घटकों को दर्शाता एक चित्र बनाइये
Right Answer is:

SOLUTION

वातरंध्र परिचर्म पर टूटे हुए भाग होते हैं, जहाँ आंतरिक ऊतक बाहर निकलते हैं।


Q. 165785अ बसंत दारु तथा शरद दार

निम्न के बीच अंतर स्पष्ट कीजिये<div class= Right Answer is:

SOLUTION

(अ) बसंत दारु तथा शरद दारु में अंतर-

बसंत दारु

शरद दारु

इसका निर्माण वसंत के मौसम में होता है, जब कैंबियम अधिक सक्रिय होता है।

इसका निर्माण शरद या ठंड के मौसम में होता है, जब कैंबियम कम सक्रिय होता है।

इनमें बड़ी संख्या में काष्ठीय अवयव होते हैं, जिनमें चौड़ी गुहिकाओं वाली वाहिकाएँ होती हैं।

इसमें कुछ कम काष्ठीय अवयवों का निर्माण होता है।

इसका रंग हल्का होता है।

इस काष्ठ का रंग अधिक गहरा होता है।

इसका घनत्व कम होता है|

यह वसंत दारु की अपेक्षा, अधिक घनी होती है|

 

(आ) पैरेंकाइमा तथा कॉलेंकाइमा में अंतर-

पैरेंकाइमा

कॉलेंकाइमा

यह सजीव कोशिकाओं से बना होता है, जिनमें सेल्युलोज से बनी हुई कोशिका भित्तियाँ होती हैं।

यह सजीव कोशिकाओं से बना होता है, इनकी कोशिका भित्तियों के कोनों पर सेल्युलोज और पेक्टीन उपस्थित होता है |

इनके ढीले गठन के कारण, इनमें कोशिकाओं के बीच में अधिक अंतराकोशिकीय स्थान उपस्थित होते हैं |

इस ऊतक में अंतराकोशिकीय स्थान अनुपस्थित होते हैं ।

 

यह पौधे के सभी भागों में उपस्थित होता है, जैसे: मूल, तना, पत्तियाँ, फूल, फल और बीज।

यह शाकीय द्विबीजपत्री तने में प्रायः 3 से 4 परतों वाली अधस्त्वचा के रूप में उपस्थित होता है।

यह मुख्य रूप से भंडारण में सहायता करता है।

यह पौधे के वृद्धि कर रहे भाग, जैसे: शैशव तने और पत्ती के पर्णवृंत को यांत्रिक सहारा और लोच प्रदान करते हैं |


Q. 165786

अ  एक द्विबीजपत्री तने की अनुप्रस्थ काट का चित्र बनाइए<div class= Right Answer is:

SOLUTION

()

(आ) 

संरचना और कार्य के आधार पर, पौधों में तीन प्रकार के ऊतक तंत्र पाए जाते हैं:

  1. बाह्य त्वचीय ऊतक तंत्र
  2. मूलभूत या  भरण ऊतक तंत्र
  3. संवहन या पूलीय ऊतक तंत्र

बाह्य त्वचीय ऊतक तंत्र: यह पादप काय के बाह्य आवरण का निर्माण करता है| यह तंत्र मुख्य रूप से बाह्य त्वचा, रंध्र और त्वचारोम से बना होता है। यह अनेक प्रकार के कार्य संपन्न करती हैं, जैसे सुरक्षा, अवशोषण, उत्सर्जन, स्रवण, गैसीय विनिमय और वाष्पोत्सर्जन  का नियंत्रण, आदि।

भरण ऊतक तंत्र: यह भरण ऊतक मेरिस्टेम से विकसित होता है। इसमें सरल ऊतक जैसे: पैरेंकाइमा, कॉलेंकाइमा और स्कलेरेंकाइमा शामिल होते हैं। इसकी घटक कोशिकाएँ वल्कुट अधस्त्वचा अंतस्त्वचा, परिरंभ और पिथ जैसे भागों का निर्माण करने के लिए व्यवस्थित होती हैं। यह तंत्र मुख्य रूप से प्रकाश संश्लेषण और भंडारण के लिए सहायता एवं स्थल प्रदान करता है।

संवहनी ऊतक तंत्र: यह ऊतक तंत्र शीर्षस्थ या शिखाग्री मेरिस्टेम के प्रोकैंबियम  से उत्पन्न होता है। इसमें जटिल ऊतक अर्थात जाइलम और फ्लोएम पाए जाते हैं, जो प्रायः बंडलों में पाए जाते हैं, जिन्हें संवहन बंडल कहा जाता है।

 


Q. 165787 माइटोकॉन्ड्रिया के क्रिस्टी स्थल हैं:


A.

प्रोटीन के विघटन के लिए

B.

डी.एन.ए. संश्लेषण के लिए

C.

ग्लाइकोप्रोटीन का फॉस्फोरिलीकरण करने के लिए

D.

ऑक्सीकरण-अपचयन प्रतिक्रियाएँ के लिए

Right Answer is: C

SOLUTION

माइटोकॉन्ड्रिया के क्रिस्टे में छोटे कण पाए जाते हैं जिन्हें मूल कण कहा जाता है जिसमें ए.टी.पीएस होता है। इसलिए, ये ऑक्सीकृत- फॉस्फोरिलीकरण के दौरान ए.टी.पी. संश्लेषण का केंद्र हैं।


Q. 165788 बाह्य आवरण झिल्ली अनुपस्थित होती है:


A.

केंद्रिका में

B.

क्लोरोप्लास्ट में

C.

केन्द्रक में

D.

ल्यूकोप्लास्ट में

Right Answer is: A

SOLUTION

बाह्य आवरण झिल्ली केंद्रिका के आसपास अनुपस्थित होती है। इसकी आकृति को बनाए रखने के लिए कैल्शियम आवश्यक होता है।


Q. 165789 गोल्जीकाय रासायनिक रूप से बने होते हैं:


A.

लिपोप्रोटीन से

B.

विटामिन से

C.

फॉस्फोलिपिड्स से

D.

पॉलीसैकेराइड्स से

Right Answer is: A

SOLUTION

लिपोप्रोटीन एक जैव रासायनिक संयोजन है जिसमें प्रोटीन और लिपिड दोनों होते हैं।


Q. 165790 पाचन ऊर्जा पारगमन लिपिड क

गोल्जीकाय  के लिए विशिष्ट है<div class= Right Answer is: C

SOLUTION

गोल्जीकाय का प्राथमिक कार्य कोशिका द्वारा संश्लेषित प्रोटीन और लिपिड जैसे वृहद अणुओं को संसाधित और पैकेज करना है।


Q. 165791 ऊर्जा को अवशोषित करने में सक्षम वर्णक _______ के भीतर स्थित होते हैं
Right Answer is: B

SOLUTION

हरित लवक में वर्णक पाए जाते हैं जो प्रकाश को अवशोषित करते हैं और शर्करा के उत्पादन के लिए जल और कार्बन डाइऑक्साइड के साथ इसका उपयोग करते हैं।


Q. 165792 कोशिका का नियंत्रण केंद्र है:


A.

केंद्रिका

B.

राइबोसोम

C.

माइटोकॉन्ड्रिया

D.

केन्द्रक

Right Answer is: D

SOLUTION

केन्द्रक कोशिका का एक भाग है जो इसके कार्यों को नियंत्रित करता है और इसमें अनुवांशिक सामग्री उपस्थित होती है।


Q. 165793 'कोशिका' शब्द किसने दिया था?


A.

ल्यूवेन्हॉक

B.

रुडोल्फ

C.

रोबर्ट ब्राउन

D.

रोबर्ट हुक

Right Answer is: D

SOLUTION

रोबर्ट हुक ने जीवन की मूल इकाई का वर्णन करने के लिए "कोशिका" शब्द दिया था


Q. 165794 अमीबा किस वर्ग में आता है?


A.

प्रोटोजोआ

B.

बैक्टीरिया

C.

माइकोप्लाज़्मा

D.

वायरस

Right Answer is: A

SOLUTION

अमीबा प्रोटोजोआ वर्ग के अंतर्गत आता है| ये अनियमित आकृति वाले एककोशिकीय जीव हैं |


Q. 165795 गेहूँ के किट्ट रोग का कारक जीव है:


A.

अस्टिलैगो

B.

म्यूकर

C.

आल्टर्नेरिया

D.

पक्सीनिया

Right Answer is: D

SOLUTION

गेहूँ के किट्ट रोग का कारक जीव पक्सीनिया है जो बेसिडियोमाइसिटीज़ के अंतर्गत आता है |


Q. 165796 ‘द्विपद नामकरण पद्धति’ को किसने प्रस्तुत किया?


A.

जॉन रे

B.

जॉन हचिन्सन

C.

कैरोलस लिनियस

D.

बेन्थम और हुकर

Right Answer is: C

SOLUTION

‘द्विपद नामकरण पद्धति’ जातियों के नामकरण की एक औपचारिक पद्धति है जिसे सर्वप्रथम कैरोलस लिनियस नामक एक स्वीडिश जीव वैज्ञानिक ने प्रस्तुत किया |


Q. 165797 वर्गीकरण पदानुक्रम में सबसे निचली श्रेणी का नाम बताइए।
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

वर्गीकरण पदानुक्रम में सबसे निचली श्रेणी “जाति” है ।


Q. 165798 मोनेरा जगत को किन दो समूहों में वर्गीकृत किया गया है?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

मोनेरा जगत को निम्न दो समूह में वर्गीकृत किया गया है:

·       यूबैक्टीरिया

·       आद्यबैक्टीरिया


Q. 165799 वर्गिकी  जीवों की पहचान न

 वर्गिकी को परिभाषित कीजिए<div class= A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

वर्गिकी  जीवों की पहचान, नामकरण और वर्गीकरण का अध्ययन करना है |


Q. 165800 नीचे दी गई तालिका को पूरा कीजिए ।
मोनेरा जगत आवास जनन की विधि
माइकोप्लाज़्मा
एक्टीनोमाइसिटीज़
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

 

मोनेरा जगत

आवास

जनन की विधि

माइकोप्लाज़्मा

मलजल

मुकुलन या विखंडन

एक्टीनोमाइसिटीज़

मृदा

बीजाणु निर्माण

 


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