CBSE - MCQ Question Banks (के. मा. शि. बो . -प्रश्नमाला )

PreviousNext

Q. 165801 निम्न विशेषताओं के आधार पर एक्टीनोमाइसिटीज का वर्णन कीजिए : 1) आवास 2) पोषण का प्रकार
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

1. आवास : एक्टीनोमाइसिटीज सामान्यतः मृदा (जैसे- एक्टिनोमाइसिस), जल  (जैसे- माइक्रोमोनोस्पोरा) और खाद में पाए जाते हैं ।

2. पोषण का प्रकार : अधिकांश जातियाँ मृतपोषी होती हैं, हालांकि कुछ परजीवी भी होती हैं ।


Q. 165802 प्रकाश संश्लेषक प्रोटिस्ट क्या हैं? इनके दो उदाहरण दीजिए ।
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

प्रकाश संश्लेषक प्रोटिस्ट पौधों के समान प्रोटिस्ट होते हैं जो सूर्य के प्रकाश की उपस्थिति में स्वयं अपना भोजन बनाने में सक्षम होते हैं । उदाहरण युग्लीना और डायटम ।


Q. 165803 प्रकाश संश्लेषक प्रोटिस्ट की कोई तीन विशेषताएँ बताइए ।
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

प्रकाश संश्लेषक प्रोटिस्ट की तीन विशेषताएँ निम्न हैं :

1. ये यूकैरियोटिक जीव हैं ।

2. इनमें एक संगठित केन्द्रक पाया जाता है ।

3. इनके पोषण का प्रकार स्वपोषी या परपोषी हो सकता है ।


Q. 165804 निम्न प्रश्नों का उत्तर दीजिए:
1. कवक मूल को परिभाषित कीजिए।
2. किस कवक में कवकतंतु नहीं पाए जाते हैं?
3. कवकतन्तु और कवकजाल क्या होते हैं?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

1.  कवक और उच्च पादपों की जड़ों के बीच एक सहजीवी संबंध जिसमें दोनों जीव एक दूसरे से लाभान्वित होते      हैं, कवक मूल कहलाता है |

2. यीस्ट में कवकतंतु नहीं पाए जाते हैं |

3. कवक ततु लंबे, पतले, धागे के समान संरचनाएँ होती हैं जो अधिकाँश कवकों में पाई जाती हैं | ये कवक तंतु    मिलकर एक जाल का निर्माण करते हैं जो कवकजाल कहलाता है |


Q. 165805 निम्नलिखित कथनों में से सही या गलत कथन का चयन कीजिए और गलत कथन को सही करके पुनः लिखिए
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

1. सही |

2. सही |

3. गलत, डब्ल्यू.एम. स्टैनले ने वायरस की क्रिस्टीलिय संरचना प्रस्तुत की थी जो प्रोटीन से बनी होती है|

4. सही |

5. गलत, वायरोइड के द्वारा होने वाले ज्ञात मानव रोगों में से एक हिपेटाइटिस है |


Q. 165806 निम्नलिखित प्रश्नों का उत्तर दीजिए: 1. माइकोप्लाज्मा की कोशिका में उपस्थित निम्न संरचनाओं में से प्रत्येक का वर्णन कीजिए:
a) आनुवंशिक पदार्थ
b) कोशिका झिल्ली
c) जीव द्रव्य 2. निम्न में से प्रत्येक के बीच एक अंतर बताइए :
a) यूबैक्टीरिया और आद्यबैक्टीरिया
b) हैलोफिल्स और थर्मोएसिडोफिल्स
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

1.

a) आनुवंशिक पदार्थ: यह एक केन्द्रकाभ के रूप में जीव द्रव्य में उपस्थित होता है । इसमें डी.एन.ए. सामान्यतः द्विरज्जुकी, कुण्डलीय और वलयरूपी होता है । हालांकि, माइकोप्लाज्मा में उपस्थित आनुवंशिक पदार्थ की मात्रा, अन्य प्रोकैरियोटिक जीवों में उपस्थित आनुवंशिक पदार्थ की मात्रा की तुलना में कम होती है ।

b) कोशिका झिल्ली: माइकोप्लाज्मा की कोशिका, कोशिका झिल्ली द्वारा आवरित होती है । यह प्रोटोप्लास्ट की सबसे बाह्य परिसीमित परत होती है ।

c) जीव द्रव्य: माइकोप्लाज्मा के जीवद्रव्य में सभी झिल्ली परिबद्ध कोशिकांगों जैसे अन्तःदृव्यी जालिका, गॉल्जीकाय, केन्द्रक आदि का अभाव होता है ।

2.

a)

यूबैक्टीरिया

आद्यबैक्टीरिया

ये सबसे सरल और सबसे छोटे विषमपोषी बैक्टीरिया हैं |

ये प्राचीन बैक्टीरिया हैं जो ताप और pH की चरम स्थितियों में जीवित रह सकते हैं ।

 

b)

हैलोफिल्स

थर्मोएसिडोफिल्स

यह लवण की अतिउच्च सांद्रता युक्त मृदा में विकसित होने वाले बैक्टीरिया का अवायवीय प्रकार है |

यह अति उच्च तापमान में विकसित होने वाले बैक्टीरिया का वायवीय प्रकार है |

 


Q. 165807 शुष्क परिस्थितियों में उगने वाले पौधे को क्या कहा जाता है?


A. संवहनी

B. मरुद्भिद

C. जलोद्भिद

D. समोद्भिद

Right Answer is: B

SOLUTION

मरुद्भिदी वे पौधे होते हैं जो लंबे समय तक चरम ताप, शुष्क और न्यून आर्द्रता की स्थितियों में जीवित रहने के लिए अनुकूलित होते हैं।


Q. 165808 इनमें से किस में सबसे बड़ा अंडाणु पाया जाता है?


A. सायकस

B. पाइनस

C. स्पाइरोगायरा

D. इक्वीस्टिम

Right Answer is: A

SOLUTION

सायकस के प्रत्येक स्त्रिधानी में दो ग्रीवा कोशिका और एक अंडाणु होता है। पौधे जगत में सायकस का अंडाणु सबसे बड़ा होता है।


Q. 165809 निम्नलिखित में से किसमें संवहनी ऊतक पाया जाता है परन्तु बीज नहीं होता है?


A. टैरीस

B. वॉल्वॉक्स

C. क्लैमाइडोमोनॉस

D. स्पाइरोगायरा

Right Answer is: A

SOLUTION

टैरीस में संवहनी ऊतक होते हैं लेकिन बीज नहीं होता है। यह एक प्रकार का टैरिडोफाइट है जो टीरोपसीडा वर्ग में आता है |


Q. 165810 क्लैमाइडोमोनॉस वुल्फिय

  कीटभक्षी पौधे का एक उदाहरण है<div class= Right Answer is: D

SOLUTION

निपेंथिस कीटभक्षी पौधे का एक उदाहरण है| निपेंथिस को उष्णकटिबंधीय पिचर प्लांट्स भी कहा जाता है|


Q. 165811 इनमें से किसमें संवहनी ऊतक नहीं पाया जाता है ?


A. टैरिडोफाइट

B. शैवाल

C. अनावृत्तबीजी

D. आवृत्तबीजी

Right Answer is: B

SOLUTION

संवहनी ऊतक संवहनी पौधों में पाया जाने वाला एक जटिल संचालन ऊतक है, जो एक से अधिक प्रकार की कोशिकाओं से बना होता है| संवहनी ऊतक के प्राथमिक घटक हैं जायलम और फ्लोएम। शैवाल में सवंहन ऊतक नहीं पाया जाता है |


Q. 165812 इनमें से किस पौधों के समूह बारहमासी हैं?


A. अनावृत्तबीजी

B. आवृतबीजी

C. टेरिडोफाइट

D. ब्रायोफाइट्स

Right Answer is: A

SOLUTION

अनावृत्तबीजी पौधे मुख्य रूप से बहुवर्षीय, काष्ठीय तथा सदाहरित वृक्ष या झाड़ियाँ होते हैं |


Q. 165813 अंडाशय स्त्रिधा

ब्रायॉफाइट्स में  मादा जनन अंग होता है<div class= Right Answer is: B

SOLUTION

ब्रायॉफेट्स में स्त्रिधानी मादा जनन अंग होता है| यह स्त्रिधानी एक बहुकोशिकीय संरचना है|


Q. 165814 दो नर युग्मकों का मादा युग्मकोद्भिद की विभिन्न कोशिकाओं के साथ संलयन _________________कहलाता है।


A. संकरीकरण

B. निषेचन

C. द्विनिषेचन

D. त्रयनिषेचन

Right Answer is: C

SOLUTION

दो नर युग्मकों का मादा युग्मकोद्भिद की विभिन्न कोशिकाओं के साथ संलयन द्विनिषेचन कहलाता है। इसकी खोज सर्वप्रथम नावाशिचन ने 1898 में की थी।


Q. 165815 पुंकेसरों और अंडपों के बीच भौतिक अवरोध उपस्थित होने की स्थिति _________________कहलाती है।


A. विषमरूपी पुष्प

B. भिन्नकालपक्वता

C. स्वअनिषेच्य उभयलिंगिता

D. परनिषेचन

Right Answer is: C

SOLUTION

पुंकेसरों और अंडपों के बीच भौतिक अवरोध उपस्थित होने की स्थिति स्वअनिषेच्य उभयलिंगिता कहलाती है।


Q. 165816 ___________ पुष्पदल विन्यास में पाँच दलों में से एक दल पूरी तरह बाह्य और एक दल आंतरिक होता है, तथा दल एक-एक के द्वारा अनियमित रूप से ढके हुए होते हैं
Right Answer is: B

SOLUTION

कोरछादी पुष्पदल विन्यास में पाँच दलों में से एक दल पूरी तरह बाह्य और एक दल आंतरिक होता है, तथा दल एक-एक के द्वारा अनियमित रूप से ढके हुए होते हैं, जैसे- कैसिया, गुलमोहर।


Q. 165817 किस प्रकार के पुष्पक्रम में, शाखाएँ अकेले उत्पन्न होती हैं और केवल एक द्वितीयक अक्ष उपस्थित होता है?


A. युग्मशाखी

B. एकलशाखी

C. कणिश

D. नतकणिश

Right Answer is: B

SOLUTION

एकलशाखी पुष्पक्रम में, शाखाएँ अकेले उत्पन्न होती हैं और केवल एक द्वितीयक अक्ष उपस्थित होता है। यह ससीमाक्षी पुष्पक्रम का एक मुख्य प्रकार हैं|


Q. 165818 निम्नलिखित विकल्प में से कौन एकलिंगाश्रयी या पृथकलिंगी पौधे का उदाहरण है
Right Answer is: A

SOLUTION

एकलिंगाश्रयी या पृथकलिंगी पौधे पर अपूर्ण पुष्प होते हैं। किंतु पुंकेसरी और स्त्रीकेसरी पुष्प अलग-अलग पौधों पर उपस्थित होते हैं। उदाहरण: पपीता, कद्दू आदि।


Q. 165819 इनमें से कौन पूर्ण पुष्प का उदाहरण नहीं है?


A. आर्किड

B. कैसिया

C. मक्का

D. गुड़हल

Right Answer is: C

SOLUTION

पूर्ण पुष्प में दोनों आवश्यक चक्र उपस्थित होते हैं। इन्हें उभयलिंगी या द्विलिंगी पुष्प भी कहा जाता है। उदाहरण: गुड़हल, आर्किड, कैसिया आदि। मक्का अपूर्ण पुष्प का उदाहरण है| जिसमें केवल एक आवश्यक चक्र उपस्थित होता है|


Q. 165820 ___________ प्रकार के पुष्पक्रम में, शाखाहीन, छोटे, चपटी ऊपरी सतह वाले बाहरी पुष्पवृंत आंतरिक पुष्पवृन्तों की अपेक्षा क्रमशः लंबे होते हैं।


A. नतकणिश

B. स्थूलमंजरी

C. पुष्पछत्र:

D. असीमाक्षी समशिख:

Right Answer is: D

SOLUTION

असीमाक्षी समशिख: पुष्पक्रम में, शाखाहीन, छोटे, चपटी ऊपरी सतह वाले बाहरी पुष्पवृंत आंतरिक पुष्पवृन्तों की अपेक्षा क्रमशः लंबे होते हैं। यह असीमाक्षी पुष्पक्रम का का एक प्रकार है।


Q. 165821 मूली आलू गा

निम्नलिखित में से   के अलावा सभी जड़ें हैं<div class= Right Answer is: B

SOLUTION

आलू का जो हिस्सा हम खाते हैं, जमीन में उगता है। यह पौधे की जड़ नहीं है। यह तने का भूमिगत हिस्सा है जो मोटा हो जाता है। तने के इस हिस्से को कंद कहा जाता है।


Q. 165822 कैलोट्रोपिस पुष्प में किस प्रकार का पुष्पदल विन्यास होता है?


A. कोरस्पर्शी पुष्पदल विन्यास

B. व्यावर्तित पुष्पदल विन्यास

C. कोरछादी पुष्पदल विन्यास

D. पंचवृक्षी पुष्पदल विन्यास

Right Answer is: A

SOLUTION

कोरस्पर्शी पुष्पदल विन्यास में दल या बाह्य दल किनारों द्वारा एक दूसरे को केवल स्पर्श करते हैं और उन्हें ढकते नहीं हैं, जैसे- कैलोट्रोपिस


Q. 165823 इनमें से क्या एक पौधे का नर जननांग है ?


A. पुंकेसर

B. वर्तिकाग्र

C. वर्तिका

D. अंडाशय

Right Answer is: A

SOLUTION

पुंकेसर एक पुष्पी पौधे का नर जननांग होता है| प्रत्येक पुंकेसर एक तंतु या वृंत और एक परागकोश होता है |


Q. 165824 परागकोश से __________की ग्रहणशील सतह पर पराग कणों का स्थानांतरण या संचारण परागण कहलाता है।


A. स्त्रीकेसर

B. वर्तिकाग्र

C. अंडप

D. पुंकेसर

Right Answer is: B

SOLUTION

परागकोश की पालियों में पराग कण बड़ी संख्या में उत्पन्न होते हैं। परागकोश की भित्ति टूटकर पराग कणों का विमोचन करती है। परागकोश से वर्तिकाग्र की ग्रहणशील सतह पर पराग कणों का स्थानांतरण या संचारण परागण कहलाता है।


Q. 165825 इनमे से कौन मादा जननांग का एक अंग नहीं है ?


A. अंडप

B. अंडाशय

C. वर्तिका

D. पुंकेसर

Right Answer is: D

SOLUTION

जायांग मादा जननांग होता है, जिसमें अंडप या स्त्रीकेसर उपस्थित होते हैं। प्रत्येक अंडप में एक अंडाशय, एक वर्तिका और एक वर्तिकाग्र होता है। अंडाशय गुरुबीजाणुधानी होता है, जिसमें गुरुबीजाणु या बीजांड होते हैं।


Q. 165826 ___________ लैंगिक जनन के उद्देश्य से पौधे का जननांग होता है।


A. तना

B. जड़

C. पत्ती

D. पुष्प

Right Answer is: D

SOLUTION

पुष्प अत्यंत संघनित और रूपांतरित प्ररोह होता है। यह लैंगिक जनन के उद्देश्य से पौधे का जननांग होता है। यह फलों और बीजों के विकास में सहायक होता है।


Q. 165827 पुष्पक्रम क्या होता है?
Right Answer is:

SOLUTION

किसी पौधे पर पुष्पों के विन्यास अर्थात उनका रूपों और स्थिति को पुष्पक्रम कहा जाता है।


Q. 165828 परागकोश से वर्तिकाग्र की ग्रहणश

परागण को परिभाषित करें<div class= Right Answer is:

SOLUTION

परागकोश से वर्तिकाग्र की ग्रहणशील सतह पर पराग कणों का स्थानांतरण या संचारण परागण कहलाता है।


Q. 165829 सेम लिलिएसी कुल

लिलिएसी कुल के एक पौधे का उदाहरण दें <div class= Right Answer is:

SOLUTION

सेम लिलिएसी कुल का एक पौधा है|


Q. 165830 आवृतबीजी कितने प्रकार के होते हैं?
Right Answer is:

SOLUTION

आवृतबीजी दो प्रकार के होते हैं:

1) द्विबीजपत्री: इन आवृतबीजियों के बीज में दो बीजपत्र होते हैं।

2) एकबीजपत्री: इन आवृतबीजियों के बीज में एक बीजपत्र होता है।


Q. 165831

लिलिएसी कुल का पुष्प आरेख तथा पुष्पी सूत्र बनाइये <div class= Right Answer is:

SOLUTION


Q. 165832 परागण को व्यापक रूप से किन दो भागों में विभाजित किया जाता है?
Right Answer is:

SOLUTION

परागण को व्यापक रूप से निम्न दो भागों में विभाजित किया जाता है:

स्वयुग्मन या स्वपरागण: यह एक पुष्प के पराग कणों का उसी पुष्प के वर्तिकाग्र तक स्थानांतरण या संचारण है।

परानिषेचन या पर-परागण: यह एक पुष्प के पराग कणों का दूसरे पुष्प के वर्तिकाग्र तक स्थानांतरण या संचारण है।


Q. 165833 पुष्पदल विन्यास क्या होता है? किसी तीन प्रकार के पुष्पदल विन्यास का वर्णन करें
Right Answer is:

SOLUTION

पुष्पदल विन्यास समान चक्र के अन्य सदस्यों के संबंध में पुष्प कलिका के अन्दर दलों और बाह्य दलों के विन्यास की विधि है। यह अनेक प्रकार का होता है, जिनमें सम्मिलित हैं: कोरस्पर्शी, व्यावर्तित, कोरछादी, पंचवृक्षी और ध्वजिक।

कोरस्पर्शी पुष्पदल विन्यास: जब किसी चक्र में दल या बाह्य दल किनारों द्वारा एक दूसरे को केवल स्पर्श करते हैं और उन्हें ढकते नहीं हैं, जैसे- कैलोट्रोपिस

व्यावर्तित पुष्पदल विन्यास: प्रत्येक दल या बाह्य दल एक ओर से ढकता है और दूसरी ओर से ढका हुआ होता है। इस प्रकार, प्रत्येक दल या बाह्य दल एक किनारे पर अपने निकटवर्ती से बाहर और दूसरे किनारे पर अपने निकटवर्ती के अन्दर होता है, जैसे- हिबिस्कस का दल पुंज।

कोरछादी पुष्पदल विन्यास: पाँच दलों में से एक दल पूरी तरह बाह्य और एक दल आंतरिक होता है, तथा दल एक-एक के द्वारा अनियमित रूप से ढके हुए होते हैं, जैसे- कैसिया, गुलमोहर।


Q. 165834 इनमे से कौन-सा कीट मनुष्यों के लिए उपयोगी है?


A. दीमक

B. रेशम कीट

C. तिलचट्टा

D. टिड्डी।

Right Answer is: B

SOLUTION

रेशम कीट का वैज्ञानिक नाम बॉम्बेक्स मोरी  है। यह रेशम के धागों को उत्पन्न करते हैं| जिनका उपयोग मनुष्यों द्वारा रेशम के वस्त्र बनाने में किया जाता है|


Q. 165835 इनमे से क्या आर्थ्रोपोडा में अनुपस्थित होता है ?


A. पक्ष्माभ

B. खण्डयुक्त उपांगो

C. श्वसन अंग

D. बाह्यकंकाल

Right Answer is: A

SOLUTION

आर्थोपोडा एनिमेलिया जगत का सबसे बड़ा संघ है। इस संघ के प्राणी अलवण जलीय, समुद्री और स्थलीय आवासों में पाए जाते हैं। इनमे पक्ष्माभ अनुपस्थित होते हैं।


Q. 165836 निम्नलिखित जानवरों के समूह में से कौन स्तनधारियों के समान उच्च और स्थिर शारीरिक तापमान को बनाए रखता है?


A. उभयचर

B. पक्षी

C. सरीसृप

D. मछली

Right Answer is: B

SOLUTION

पक्षी स्तनधारियों के समान समतापी होते हैं और उच्च और स्थिर शरीर के तापमान को बनाए रखते हैं। उभयचर, सरीसृप और मछली असमतापी होते हैं|


Q. 165837 दूसरा सबसे बड़ा प्राणी संघ कौन-सा है?
Right Answer is:

SOLUTION

मोलस्का प्राणी जगत का दूसरा सबसे संघ है |


Q. 165838 द्विपक्षीय सममिति

द्विपक्षीय सममिति को परिभाषित कीजिये<div class= Right Answer is:

SOLUTION

द्विपक्षीय सममिति में, शरीर को किसी एकल मध्य रेखा द्वारा दाएँ और बाएँ समरूप भागों में विभाजित किया जा सकता है|


Q. 165839 एकाइनोडर्म में किस प्रकार की सममिति होती है ?
Right Answer is:

SOLUTION

एकाइनोडर्म में अरीय सममिति होती है |


Q. 165840

नाइडेरिया द्वारा प्रदर्शित दो शरीर रूपों का नाम लिखे <div class= Right Answer is:

SOLUTION

नाइडेरिया दो प्रकार के शरीर रूपों में पाए जाते हैं- पॉलिप और मेडुसा।


Q. 165841 पृष्ठरज्जु क्या है? पृष्ठरज्जु के आधार पर प्राणियों को किस प्रकार वर्गीकरत किया जाता है?
Right Answer is:

SOLUTION

पृष्ठरज्जु एक लचीली और शलाका के आकार की संरचना होती है, जो सभी रज्जुकी प्राणियों के भ्रूणों में पाई जाती है। पृष्ठरज्जु की उपस्थिति और अनुपस्थिति के आधार पर, प्राणियों को रज्जुकी और अरज्जुकी में वर्गीकृत किया जाता है।


Q. 165842 संघ टीनोफोरा के दो

संघ टीनोफोरा के दो उदाहरण दीजिये<div class= Right Answer is:

SOLUTION

संघ टीनोफोरा के दो उदाहरण हैं- बेरोई और पार्श्वक्लोम |


Q. 165843 एनिमेलिया जगत के दूसरे सबसे बड़े संघ की विशेषताओं का वर्णन करें।
Right Answer is:

SOLUTION

मोलस्का एनिमेलिया जगत का दूसरा सबसे बड़ा संघ है।

इस संघ की विशेषताएँ इस प्रकार हैं :

  • इस संघ के प्राणी स्थलीय और जलीय दोनों आवासों में पाए जाते हैं।
  • ये द्विपार्श्व रूप से सममिति वाले, त्रिकोरकी, प्रोटोस्टोम प्रगुही प्राणी होते हैं।
  • इन प्राणियों में विखंडावस्था अनुपस्थित होती है।
  • इनमें विशिष्ट सिर, पेशीय पाद और एक अंतरंग ककुद उपस्थित होता है।
  • अंतरंग ककुद प्रावार नामक ऊतक की एक सतह से ढका हुआ होता है, जो कैल्सियमी कवच को स्रावित करता है।
  • ये रेतीजिह्वा नामक रेती के समान घिसने के अंग द्वारा भोजन ग्रहण करते हैं।


Q. 165844 हर प्रकार का संक्षेप म

सममिति कितने प्रकार की होती हैं<div class= Right Answer is:

SOLUTION

सममिति तीन प्रकार की होती हैं: अरीय सममिति, द्विपार्श्व सममिति और द्विअरीय सममिति|

अरीय सममिति: इस सममिति के अंतर्गत, शरीर को किसी पहिए की तीलियों की तरह अनेक अरीय रेखाओं में विभाजित किया जा सकता है, उदाहरण- नाइडेरिया, एकाइनोडर्म।

द्विपार्श्व सममिति: इस सममिति में , शरीर को किसी एकल मध्य रेखा द्वारा दाएँ और बाएँ समरूप भागों में विभाजित किया जा सकता है, उदाहरण- रज्जुकी।

द्विअरीय सममिति: इस सममिति में, शरीर को केवल दो अरीय रेखाओं द्वारा समरूप भागों में विभाजित किया जा सकता है, उदाहरण- टेनोफोरा।


Q. 165845 वर्ग स्तनधारी की महत्वपूर्ण विषेशताओं का वर्णन करें। दो स्तनधारी जीवों के उदाहरण दीजिये
Right Answer is:

SOLUTION

स्तनधारी की महत्वपूर्ण विशेषताएँ इस प्रकार हैं-

  • मादाओं में अपने शिशुओं को दुग्धपान कराने के लिए स्तन ग्रंथियाँ उपस्थित होती हैं।
  • इन प्राणियों में घूमने, दौड़ने, चढ़ने, बिल में रहने, तैरने और उड़ने के लिए दो जोड़ी पैर होते हैं।
  • ये समतापी प्राणी होते हैं।
  • इनके शरीर पर बाल होते हैं।
  • इनकी त्वचा पर तैल ग्रंथियाँ और स्वेद ग्रंथियाँ उपस्थित होती हैं।
  • इनमें बाह्य कर्णपल्लव उपस्थित होता है।
  • इनके जबड़े में अनेक प्रकार के दाँत होते हैं।
  • इन प्राणियों की गर्दन में 7 ग्रीवा कशेरुक होती हैं।
  • इनके उदर और वक्ष के बीच पेशीय डायफ्राम होता है।
  • इनमें श्वसन फुफ्फुसों द्वारा होता है।
  • इन प्राणियों में पूरी तरह से 4- प्रकोष्ठों वाला हृदय होता है।
  • इनमें लाल रुधिर कणिकाएँ छोटी, वृत्ताकार, उभयावतल और केंद्रक निष्कासित होती हैं।

स्तनधारी जीव के उदाहरण हैं : फेलिस (बिल्ली) और बैलेनिप्टेरा (ब्लू व्हेल)


Q. 165846 प्रगुहा क्या है? प्राणियों को प्रगुहा के आधार पर कैसे वर्गीकृत किया जाता है? आरेखों की मदद से संक्षेप में वर्णन करें।
Right Answer is:

SOLUTION

शरीर की दीवार और आंत की दीवार के बीच जो गुहा उपस्थित होती है, उसे प्रगुहा कहते हैं |

प्रगुहा के प्रकारों के आधार पर प्राणियों का वर्गीकरण तीन प्रमुख समूहों में किया जाता है:

  • अगुहीय
  • कूटगुहिक
  • प्रगुही

अगुहीय- इन प्राणियों में पाचन तंत्र के अतिरिक्त कोई भी शरीर गुहा नहीं होती, उदाहरण- चपटे कृमि/प्लेटीहैल्मिंथीज। बाह्य त्वचा और अंतः त्वचा के बीच के स्थान को मध्य त्वचा मृदुतक द्वारा भरा जाता है।

कूटगुहिक- इन प्राणियों की कूटगुहिक नामक शरीर गुहा मध्य त्वचा द्वारा पूरी तरह आच्छादित नहीं होती, उदाहरण- रोटीफर्स और निमेटोड।

प्रगुही- इन प्राणियों में एक वास्तविक प्रगुहा होती है, जो मध्य त्वचा पर्युदर्या गुहा द्वारा आच्छादित होती है, उदाहरण- ऐनेलिडा, मोलस्का, आर्थोपोडा, एकाइनोडर्म, रज्जुकी।


Q. 165847 इनमे से कौन भ्रूणपोषी बीज का उदाहरण है?


A. चना

B. एरंड

C. मटर

D. सेम

Right Answer is: B

SOLUTION

खाद्य पदार्थों का संचय करने वाला ऊतक भ्रूणपोष भ्रूणपोषी बीजों में उपस्थित होता है, जैसे-एरंड| चना, मटर, सेम में भ्रूणपोष उपस्थित नहीं होता है |


Q. 165848 यह किस कुल का पुष्प आरेख है ?


A. फैबेसी

B. सोलैनेसी

C. लिलिएसी

D. पोएसी

Right Answer is: C

SOLUTION

यह लिलिएसी कुल का पुष्प आरेख है| लिलिएसी कुल सभी एकबीजपत्री पौधों को प्रस्तुत करता है, जो विश्वव्यापी रूप से फैले हुए हैं।


Q. 165849 चना, अरहर, सेम, सोयाबीन, मूँगफली अदि किस पादप कुल के हैं ?


A. फैबेसी

B. सोलैनेसी

C. लिलिएसी

D. पोएसी

Right Answer is: A

SOLUTION

फैबेसी कुल को फली कुल, मटर कुल, सेम कुल या दाल कुल भी कहा जाता है। आर्थिक दृष्टि से महत्वपूर्ण अनेक प्रजातियाँ इस कुल में शामिल हैं।


Q. 165850 बीज चोल प्

एक पतला और झिल्लीदार आंतरिक बीजावरण होता है<div class= Right Answer is: B

SOLUTION

बीज चोल एक कठोर और चर्मिल बाहरी बीजावरण होता है। प्रवार एक पतला और झिल्लीदार आंतरिक बीजावरण होता है । नाभिका बीजावरण पर एक क्षत-चिह्न होता है, जिसके द्वारा वृद्धि कर रहे बीज फल से जुड़े रहते हैं। बीजांडद्वार के ऊपर एक छोटा छिद्र होता है।


Q. 165851 ___________ में भ्रूणपोष केन्द्रक केन्द्रकी के चारों ओर भित्ति का निर्माण किए बिना विभाजित और पुनर्विभाजित हो जाता है।


A. हेलोबियल प्रकार

B. कोशिकीय प्रकार

C. केंद्रकी प्रकार

D. इसमें से कोई नहीं

Right Answer is: A

SOLUTION

केंद्रकी प्रकार में भ्रूणपोष केन्द्रक केन्द्रकी के चारों ओर भित्ति का निर्माण किए बिना विभाजित और पुनर्विभाजित हो जाता है। इस प्रकार, एक सामान्य कोशिकाद्रव्य में, केन्द्रकी के एक पुंज का निर्माण होता है। उदाहरण: नारियल जल।


Q. 165852 कनेर की पत्तियों में किस प्रकार का पर्णविन्यास होता है?


A. सम्मुख पर्णविन्यास

B. एकांतर पर्णविन्यास

C. चक्करदार पर्णविन्यास

D. त्रयीअरीय पर्णविन्यास

Right Answer is: A

SOLUTION

सम्मुख पर्णविन्यास में प्रत्येक पर्व पर एक चक्कर में दो से अधिक पत्तियाँ जुड़ी हुई होती हैं। उदाहरण: सप्तपर्णी, कनेर, गैलियम, आदि।


Q. 165853 कोष्ठकों की संख्या के आधार पर अंडाशय ______ प्रकार के होते है
Right Answer is: D

SOLUTION

कोष्ठकों की संख्या के आधार पर अंडाशय पांच प्रकार का होता है:एककोष्ठकी, द्विकोष्‍ठकी, त्रिकोष्‍ठकी, चतुष्कोष्ठकी और पंचकोष्ठकी|


Q. 165854 इनमें से कौन सा सबसे विशाल शैवाल है?


A. लैमिनारिया

B. क्लैमाइडोमोनॉस

C. मैक्रोक्रिस्टिस

D. वॉल्वॉक्स

Right Answer is: C

SOLUTION

मैक्रोक्रिस्टिस केल्प (शैवाल) का एक जीनस है। इस जीनस में सभी ब्राउन शैवाल का बड़ा भाग शामिल होता है।


Q. 165855 भूरा शैवाल मुख्य रूप से कहाँ पाया जाता है?


A. स्वच्छ जल की झीलों में

B. ठंडे समुद्र में

C. गर्म समुद्र में

D. नमकीन झीलों में

Right Answer is: B

SOLUTION

फेओफायसी या भूरा शैवाल, अधिकाँश समुद्री बहुकोशिकीय शैवाल का एक बड़ा समूह है, जिसमें ठंडे उत्तरी गोलार्ध के पानी के कई समुद्री शैवाल शामिल हैं।


Q. 165856 5000 8000

ब्रायोफाइट्स में कितनी  प्रजातियाँ शामिल हैं<div class= Right Answer is: C

SOLUTION

सभी ब्रायोफाइट्स भ्रूणशील और गैर-संवहनी होते हैं: इनमें ऊतक और संलग्न जनन तंत्र पाए जाते हैं, लेकिन इनमें संवहनी ऊतक की कमी होती है। वे बीजों के माध्यम से पुनरुत्पादित होते हैं।


Q. 165857 __________________ प्रथम स्थलीय पौधे हैं, जिनमें संवहन ऊतक अर्थात जाइलम और फ्लोएम होते हैं।


A. जिम्नोस्पर्म

B. टेरिडोफाइट

C. आवृतबीजी

D. ब्रायोफाइट्स

Right Answer is: B

SOLUTION

टैरिडोफाइट प्रथम स्थलीय पौधे हैं, जिनमें संवहन ऊतक अर्थात जाइलम और फ्लोएम होते हैं। ये ठंडे, गीले और छायादार स्थानों में पाए जाते हैं, किन्तु इनमें से कुछ रेतीली मिट्टी में भी उग सकते हैं।


Q. 165858 निम्न लिखित में से कौन सबसे छोटा आवृतबीजी है?


A. स्पाईरुलीना

B. ड्रोसेरा

C. यूकेलिप्टस

D. वुल्फिया

Right Answer is: D

SOLUTION

वुल्फिया बहुत छोटे और सूक्ष्मदर्शी पौधे होते हैं जिनकी ऊँचाई लगभग 0.5 मिलीमीटर होती है |


Q. 165859 जिम्नोस्पर्म के सीधे आवृत आवरण बीजांड कितने परत से बने होते हैं ?


A. एक परत

B. तीन परतें

C. चार परतें

D. पांच परतें

Right Answer is: B

SOLUTION

जिम्नोस का अर्थ है- अनावृत और स्पर्म का अर्थ है- बीज। अतः जिम्नोस्पर्म वे पौधे होते हैं, जिनमें बीजांड अंडाशय भित्ति से ढके हुए नहीं होते हैं। इसलिए, बीज अनावृत होते हैं। जिम्नोस्पर्म के सीधे आवृत आवरण बीजांड तीन परतों से बने होते हैं ।


Q. 165860 सनड्यू इनमें से किसका सामान्य नाम है?


A. ड्रोसेरा

B. निपेंथिस

C. युट्रीकूलेरिया

D. ग्रेसिलेरिआ

Right Answer is: A

SOLUTION

ड्रोसेरा, जिसे आमतौर पर सनड्यूज के नाम से जाना जाता है, 170 से अधिक प्रजातियों के साथ कीटभक्षी पौधों की सबसे बड़ी प्रजाति में से एक है।


Q. 165861

 वह शैवाल है जिसमें कम से कम गुणसूत्र एन = 2 होते हैं <div class= Right Answer is: A

SOLUTION

पोरफायरा एक लाल रंग का शैवाल है, जिसमें लगभग 70 प्रजातियां शामिल हैं।


Q. 165862 फर्न के स्पोरोगोनियम में अधिकतम कितने बीजाणु होते हैं?


A. 120

B. 64

C. 34

D. 12

Right Answer is: B

SOLUTION

फर्न के स्पोरोगोनियम में अधिकतम 64 बीजाणु होते हैं|


Q. 165863 पाइनस एक सदाबहार, विशाल वृक्ष है जो ________की ऊंचाई प्राप्त करता है
Right Answer is: B

SOLUTION

पाइनस  अनावृत्तबीजी (Gymnosperms) पौधे का उदाहरण है| पाइनस लोंगएवा (Pinus longaeva) 5000 वर्षों तक जीवित रह सकता है।


Q. 165864 बहुभ्रूणता का निरीक्षण सर्वप्रथम किसने किया था ?


A. रॉबर्टसन

B. रॉबर्ट हुक

C. लीवेनहोक

D. सिंगर

Right Answer is: C

SOLUTION

बहुभ्रूणता का सर्वप्रथम लीवेनहोक द्वारा निरीक्षण किया गया था| सन १७९१ की शुरुआत में वैन लीवेनहोक ने नारंगी के बीज में एक से अधिक भ्रूण का निरीक्षण किया था|


Q. 165865 निम्नलिखित में कौन भोजन का एक महत्वपूर्ण स्रोत है?


A. शैवाल

B. कवक

C. लाइकेन

D. आवृत्तबीजी 

Right Answer is: D

SOLUTION

एंजियोस्पर्म जंतुओं के लिए प्राथमिक खाद्य स्रोत हैं| पुष्प नामक एक विशिष्ट संरचना में आवृत्तबीजियों के पराग कण और बीजांड विकसित होते हैं। इनके बीज फलों के अंदर होते हैं।


Q. 165866 पाइनस साइकैस सेलैजिनैला

 जीवित जीवाश्म का एक उदाहरण है<div class= Right Answer is: B

SOLUTION

साइकैस जीवित जीवाश्म का एक उदाहरण है जो अनावृतबीजी का सबसे पुराना सदस्य भी है। यह पादप जगत के सबसे बड़े शंकु उत्पन्न करता है।


Q. 165867 अनावृत्तबीजी पौधे किस तरह के बीज उत्पन्न करते हैं?
Right Answer is:

SOLUTION

जिम्नोस्पर्म वे पौधे होते हैं, जिनमें बीजांड अंडाशय भित्ति से ढके हुए नहीं होते हैं। इसलिए, यह अनावृत बीज उत्पन्न करते हैं।


Q. 165868 पादप जगत का उभयचर किसे कहा जाता है?
Right Answer is:

SOLUTION

ब्रायोफाइटस को पादप जगत का उभयचर कहा जाता है|


Q. 165869 पुष्पीय पौधों के लिए वर्गीकरण की प्राकृतिक प्रणाली किसने दी?
Right Answer is:

SOLUTION

जॉर्ज बेंथम और जोसेफ डाल्टन हूकर ने पुष्पीय पौधों के लिए वर्गीकरण की प्राकृतिक प्रणाली दी|


Q. 165870 दो शैवालों के नाम लिखिए जिनका प्रयोग वाणिज्यिक रूप से किया जाता है।
Right Answer is:

SOLUTION

एल्जिन और कैरागीन का प्रयोग वाणिज्यिक रूप से किया जाता है।


Q. 165871 शैवालों के दो कुछ उदाहरण है

शैवालों के दो उदाहरण बताइए<div class= Right Answer is:

SOLUTION

शैवालों के दो कुछ उदाहरण हैं:

  • वॉल्वॉक्स
  • क्लैमाइडोमोनॉस


Q. 165872 पादप जगत को किन पाँच प्रमुख वर्गों में वर्गीकृत किया जाता है?
Right Answer is:

SOLUTION

पादप जगत में शामिल हैं: शैवाल, ब्रायोफाइट, टैरिडोफाइट, अनावृत्तबीजी और आवृत्तबीजी।


Q. 165873 ये समुद्री आवास

भूरे शैवाल के तीन सामान्य लक्षण लिखिए<div class= Right Answer is:

SOLUTION

  • ये समुद्री आवास में पाए जाते हैं।
  • ये सामान्य शाखित होते हैं, जैसे- एक्टोकार्पस। ये तंतुमयी से लेकर अत्यधिक शाखित होते हैं। इनकी ऊँचाई 100 मीटर तक होती है, जैसे- केल्प ।
  • इनकी पादप काय में छत्रिका वृंत के रूप में वृंत होता है, प्रपर्ण के समान पत्तियाँ होती हैं और काय को अधःस्तर पर धारण करने के लिए स्थापपांग होता है।


Q. 165874 दो पौधों की कोशिकाओं की कोशिका भित्तियों के बीच उपस्थित संरचना है:


A.

गुणसूत्र

B.

माइक्रोसोम

C.

लाइसोसोम

D.

मध्य पटलिका

Right Answer is: D

SOLUTION

एक पादप ऊतक में आसन्न कोशिकाओं को मध्य पटलिका नामक एक सीमेंटिंग ऊतक की एक पतली, चिपचिपी, असंगत परत द्वारा बंधित रखा जाता है। यह Ca और Mg पेक्टेट से बनी होती है।


Q. 165875 क्लोर

 प्रत्येक जीवित कोशिका में एक  उपस्थित होता है<div class= A.
B.
C.
D.

Right Answer is: B

SOLUTION

कोशिका झिल्ली (जिसे प्लाज्मा झिल्ली, प्लाज़्मालेमा , या "फॉस्फोलिपिड बाईलेयर" भी कहा जाता है) कोशिका के अंदर उपस्थित कोशिकीय मशीनरी और बाह्य तरल पदार्थ के बीच अंतरापृष्ठ है।


Q. 165876

 प्रोटोप्लाज्म का सबसे प्रचुर और महत्वपूर्ण घटक है <div class= A.
B.
C.
D.

Right Answer is: D

SOLUTION

प्रोटोप्लाज्म का सबसे प्रचुर और महत्वपूर्ण घटक जल है। यह कोशिकीय मैट्रिक्स के मूल विलायक का निर्माण करता है।


Q. 165877 वास्तविक केन्द्रक किसमें अनुपस्थित होता है?


A.

हरे शैवाल में

B.

जीवाणु में

C.

एण्टअमीबा में

D.

ट्रिपैनोसोमा में

Right Answer is: B

SOLUTION

जीवाणु एककोशिकीय प्रोकैरियोटिक जीव हैं, जिनमें केन्द्रक का अभाव होता है |


Q. 165878 कोशिका सिद्धांत को किस वैज्ञानिक ने प्रस्तुत किया था ?


A.

स्लाईडेन

B.

रॉबर्ट हुक

C.

रॉबर्ट ब्राउन

D.

अलैक्जेंडर फ्लेमिंग

Right Answer is: B

SOLUTION

रॉबर्ट हुक ने 1665 में कॉर्क में सर्वप्रथम मृत कोशिकाओं को देखा और इसकी खोज की| रॉबर्ट ब्राउन ने 1831 में सर्वप्रथम कोशिका में केन्द्रक की खोज की |


Q. 165879 प्रोकैरियोट्स तथा यूकैरियोट्स के बीच मुख्य अंतर है:


A.

राइबोसोम की उपस्थिति

B.

केन्द्रक झिल्ली की अनुपस्थिति

C.

कोशिका झिल्ली की अनुपस्थिति

D.

केन्द्रक झिल्ली की उपस्थिति

Right Answer is: B

SOLUTION

प्रोकैरियोट्स में केन्द्रक झिल्ली अनुपस्थित होती है तथा उपस्थित जीवद्रव्य कोशिका झिल्ली द्वारा घिरा होता है।


Q. 165880 आनुवंशिक पदार्थ उपस्थित होता है :


A.

गुणसूत्र में

B.

राइबोसोम में

C.

रसधानी में

D.

जीवद्रव्य में

Right Answer is: A

SOLUTION

गुणसूत्र केन्द्रक में उपस्थित एक धागेनुमा संरचना होती है | इसमें आनुवंशिक पदार्थ या डी.एन.ए उपस्थित होता है |


Q. 165881 80 S राइबोसोम की दो उपइकाइयाँ हैं:


A.

70 S और 80 S

B.

35 S और 60 S

C.

60 S और 40 S

D.

50 S और 30 S

Right Answer is: C

SOLUTION

राइबोसोम मुख्य रूप से दो प्रकार के होते हैं: प्रोकैरियोटिक राइबोसोम जो 70S होते हैं और यूकैरियोटिक राइबोसोम जो 80 S होते हैं | प्रोकैरियोटिक राइबोसोम की 50 S और 30 S उप इकाइयाँ तथा यूकैरियोटिक राइबोसोम की 60 S और 40 S उप इकाइयाँ हैं |


Q. 165882 माइटोकॉन्ड्रिया के समान स्वयं के डी.एन.ए और राइबोसोम उपस्थित होते हैं:


A.

गोल्जीकाय में

B.

लवकों में

C.

रसधानी में

D.

केन्द्रक में

Right Answer is: B

SOLUTION

माइटोकॉन्ड्रिया के समान लवकों में स्वयं के डी.एन.ए और राइबोसोम उपस्थित होते हैं|


Q. 165883 कोशिका में सिक्कों के ढेर के समान व्यवस्थित संरचनाएँ हैं :


A.

ग्रेना

B.

राइबोसोम

C.

माइटोकॉन्ड्रिया

D.

रसधानी

Right Answer is: B

SOLUTION

ग्रेना थाइलेकोइड नामक चपटी झिल्ली युक्त थैलियों से बनी होती है| ये सिक्कों के ढेर के समान व्यवस्थित होती हैं |


Q. 165884 निम्न में से कोशिका भित्ति का कार्य है :


A.

अंतर-कोशिकीय पाचन क्रियाओं में सहायता करना

B.

कोशिकाओं के बीच संपर्क में सहायता करना

C.

डी.एन.ए प्रतिकृति में सहायता करना

D.

श्वसन में सहायता करना

Right Answer is: B

SOLUTION

कोशिका भित्ति सभी पादप कोशिकाओं और कुछ जीवाणुओं का एक मुख्य लक्षण है | यह कोशिकाओं के बीच संपर्क में सहायता करता है |


Q. 165885 कोशिका झिल्ली के लिपिड घटक में शामिल होते हैं :


A.

स्टेरोइड्स

B.

फॉस्फोग्लिसराइड्स

C.

ट्राईग्लिसराइड्स

D.

फॉस्फोलिपिड्स

Right Answer is: B

SOLUTION

कोशिका झिल्ली एक अर्ध पारगम्य झिल्ली है जो प्रत्येक सजीव कोशिका के जीव द्रव्य को घेरती है। कोशिका झिल्ली के लिपिड घटक में मुख्य रूप से फॉस्फोग्लिसराइड्स शामिल होते हैं |


Q. 165886 प्रोकैरियोटिक कोशिका का उदाहरण है :


A.

जीवाणु

B.

पौधे

C.

जंतु

D.

फीताकृमि

Right Answer is: A

SOLUTION

प्रोकैरियोट्स एककोशिकीय जीव हैं जिनमें कोशिकांग या अन्य आंतरिक झिल्ली-बाध्य संरचनाएँ अनुपस्थित होती हैं। इनमें केन्द्रक के स्थान पर एक गुणसूत्र पाया जाता है | उदाहरण: जीवाणु, माइकोप्लाज़्मा, आदि |


Q. 165887 प्रोक

 प्रोकैरियोटिक कोशिकाओं के कोई दो उदाहरण दीजिए<div class= A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

प्रोकैरियोटिक कोशिकाओं के उदाहरण हैं:

·       जीवाणु

·       माइकोप्लाज्मा


Q. 165888 गुणसूत्र क्या हैं?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

गुणसूत्र केंद्रक में उपस्थित एक धागेनुमा संरचना है। इसमें आनुवंशिक पदार्थ या DNA उपस्थित होता है  


Q. 165889 कोशिका में कौन सा कोशिकांग निर्देशक के रूप में कार्य करता है?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

केन्द्रक कोशिका में निर्देशक के रूप में कार्य करता है|


Q. 165890 साइटोपंजर कोशिका के किन कार्यों में सहायता करता है?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

साइटोपंजर निम्नलिखित कार्यों में सहायता करता है:

·       कोशिकीय परिवहन

·       कोशिका विभाजन

·       कोशिकांगों की गति

·       कोशिका के आकार को बनाए रखना

·       अंतरकोशिकीय और अंतराकोशिकीय परिवहन, जैसे पुटिकाओं की गति।


Q. 165891 गोल्जी सम्मिश्र की सिस एवं ट्रांस स्थितियों के बीच अंतर बताइए
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

गोल्जी सम्मिश्र की सिस एवं ट्रांस स्थितियों के बीच अंतर:

· ट्रांस स्थिति  : इस स्थिति में, गॉल्जी सम्मिश्र का उत्तलावतल भाग कोशिका झिल्ली की ओर निर्देशित होता है। इसे परिपक्व सतह भी कहा जाता है।

· सिस स्थिति : इस स्थिति में, गॉल्जी सम्मिश्र की उन्नतोदर सतह केंद्रक की ओर निर्देशित होती है। इसे निर्माणकारी सतह भी कहा जाता है।


Q. 165892 कोशिका में

 कोशिका में रसधानी के कोई दो महत्व बताइए <div class= A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

कोशिका में रसधानी का महत्व:

·       यह जल की अधिकतम मात्रा, पोषक तत्वों और खनिजों का संचय करती है |

·        यह कोशिका की वृद्धि और दीर्घिकरण में सहायक होती है |


Q. 165893 कोशिका आवरण कोशिका का स

 कोशिका आवरण का महत्व बताइए <div class= A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

कोशिका आवरण कोशिका का सबसे बाहरी आवरण होता है, जो कोशिकाओं को आकार और कठोरता प्रदान करता है। कोशिका आवरण के तीन मूल स्तर होते हैं:

·       ग्लाइकोकेलिक्स

·       कोशिका भित्ति और

·       जीवद्रव्य झिल्ली या अर्ध पारगम्य झिल्ली


Q. 165894 अन्तः

 अन्तः प्रदव्ययी जलिका के प्रमुख कार्य बताइए <div class= A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

अन्तः प्रदव्ययी जलिका के प्रमुख कार्य निम्न हैं:

·       यह एक कोशिका को द्रव्यी ढाँचा प्रदान करती है।

·       यह केंद्रक सहित कोशिका के अनेक भागों के बीच प्रोटीनों के परिवहन के लिए चैनल के रूप में कार्य करती है।

·       यह अनेक जैव रासायनिक क्रियाओं के लिए सतह प्रदान करती है।


Q. 165895

 तारककाय की संरचना के विषय में विस्तार से वर्णन कीजिए<div class= A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

·       तारककाय या तारककेंद्र जंतु कोशिकाओं में उपस्थित होते हैं।

·       प्रत्येक तारककाय में तारककेंद्र नामक छोटी संरचनाओं का एक युग्म होता है।

·       प्रत्येक तारककाय में ट्यूब्यूलिन प्रोटीन के, समान दूरी पर स्थित परिधीय सूत्रकों के नौ समूह होते हैं।

·       परिधीय सूत्रक एक त्रिक में उपस्थित होते हैं।

·       केंद्रीय प्रोटीनयुक्त भाग धुरी कहलाता है और अरीय दंडों की सहायता से परिधीय त्रिकों की नलिकाओं से जुड़ा होता है।

·       तारककेंद्र पक्ष्माभ या कशाभिका और तर्कु तंतुओं के आधारीय शरीर का निर्माण करते हैं।


Q. 165896 निम्न प्रश्नों के उत्तर दीजिए: i. a) अंतर्विष्ट पिंड क्या हैं? b) कोशिका में इनका क्या महत्व है? c) इनके कुछ उदाहरण दीजिए
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

i.

a) अंतर्विष्ट पिंड कोशिका द्रव्य में स्वतंत्र रूप से स्थित संरचनाएँ हैं, जिनमें कोई झिल्लिका तंत्र नहीं होता।

b) अंतर्विष्ट पिंड कोशिका द्रव्य में बचे हुए पदार्थों को संचित करने के लिए उत्तरदायी होते हैं।

c) अंतर्विष्ट पिंडों के कुछ उदाहरण हैं: फॉस्फेट कणिकाएँ, साइनोफाइसिन कणिकाएँ और ग्लाइकोजन कणिकाएँ।

ii. पादप कोशिकाएँ और जंतु कोशिकाओं से भिन्न होती हैं, क्योंकि पादप कोशिकाओं में कोशिका भित्तियाँ, लवक और एक लंबी केंद्रीय रसधानी उपस्थित होती हैं, जो जंतु कोशिकाओं में नहीं पाई जाती हैं। तारककेंद्र केवल जंतु कोशिकाओं में पाया जाता है।

iii. यूकैरियोटिक जीवों के दो उदाहरण निम्न हैं:
मनुष्य और पौधे  |


Q. 165897 समसूत्री तथा अर्द्धसूत्री विभाजन की पूर्वावस्था के दौरान एक गुणसूत्र में अर्द्धगुणसूत्रों की संख्या होती है:


A.

दो समसूत्री में तथा दो अर्द्धसूत्री में

B.

दो समसूत्री में तथा चार अर्द्धसूत्री में

C.

एक समसूत्री में तथा दो अर्द्धसूत्री में

D.

दो समसूत्री में तथा एक अर्द्धसूत्री में

Right Answer is: A

SOLUTION

प्रत्येक समसूत्री तथा अर्द्धसूत्री विभाजन की पूर्वावस्था के दौरान एक गुणसूत्र में अर्द्धगुणसूत्रों की संख्या दो-दो होती है|


Q. 165898 दिए गए चित्र में किस प्रकार की कोशिका में कौनसी प्रक्रिया दर्शायी गयी है?


A.

प्राणी कोशिका, कोशिकाद्रव्य विभाजन

B.

पादप कोशिका, कोशिकाद्रव्य विभाजन

C.

प्राणी कोशिका, अर्द्धसूत्री विभाजन

D.

पादप कोशिका, अर्द्धसूत्री विभाजन

Right Answer is: A

SOLUTION

दिए गए चित्र में एक प्राणी कोशिका में कोशिकाद्रव्य विभाजन को दर्शाया गया है| इसमें जीवद्रव्य कला में एक खांच बनने से कोशिकाद्रव्य का विभाजन होता है| खांच के गहरा होने से कोशिकाद्रव्य दो नयी संतति कोशिकाओं में बंट जाता है|


Q. 165899 पूर्वावस्था के अंत में केन्द्रक आवरण टूट जाता है,क्योंकि :


A.

केंद्रिका अद्रश्य हो जाती है

Right Answer is: B

SOLUTION

पूर्वावस्था के अंत में केन्द्रक आवरण टूट जाता है, जिससे माइक्रोट्युबुल गुणसूत्र के काइनेटोकोर तक पहुँचते हैं| केन्द्रक आवरण का टूटना पूर्वावस्था के अंत को चिन्हित करता है|


Q. 165900 एक पूर्ण अर्द्धसूत्री विभाजन के दौरान कितने तर्कु का निर्माण होता है?


A.

4

B.

3

C.

2

D.

1

Right Answer is: B

SOLUTION

प्रथम अर्द्धसूत्री विभाजन के अंतर्गत एक तथा द्वितीय अर्द्धसूत्री विभाजन के दौरान दो तर्कुओं का निर्माण होता हा| अतः एक पूर्ण अर्द्धसूत्री विभाजन के दौरान तीन तर्कुओं का निर्माण होता है|


PreviousNext