CBSE - MCQ Question Banks (के. मा. शि. बो . -प्रश्नमाला )

PreviousNext

Q. 165901 यदि भ्रूणपोष की कोशिकाओं में गुणसूत्रों की संख्या 36 है तो इसके मूल शीर्ष की कोशिकाओं में कितने गुणसूत्र होंगे?


A.

12

B.

24

C.

36

D.

48

Right Answer is: B

SOLUTION

आवृतबीजी का भ्रूणपोष त्रिगुणित होता है जबकि मूल शीर्ष कोशिकाएँ द्विगुणित होती हैं| अतः भ्रूणपोष में 36 गुणसूत्र होने पर इसके मूल शीर्ष कोशिकाओं में 24 गुणसूत्र होंगे|


Q. 165902 कोशिका विभाजन में सम्मिलित अवस्थाएँ होती हैं:


A.

पूर्वावस्था और अंत्यावस्था

B.

पश्चावस्था और मध्यावस्था

C.

अंतरावस्था और समसूत्री अवस्था

D.

अंत्यावस्था और समसूत्री अवस्था

Right Answer is: C

SOLUTION

कोशिका चक्र को दो अवस्थाओं में विभेदित किया गया है: पहली अंतरावस्था जिसके अंतर्गत कोशिका विभाजन के लिए तैयार होती है तथा दूसरी अवस्था समसूत्री अवस्था है जिसके अंतर्गत कोशिका विभाजन होता है|


Q. 165903 कोशिका सिद्धांत दिया था:


A.

श्वान और शील्डन

B.

मेंडल और वीज्मान

C.

डार्विन और लैमार्क

D.

व्हीटकर और कार्प

Right Answer is: A

SOLUTION

श्वान और शिल्डिन ने कोशिका सिद्धांत दिया था जिसके अनुसार नई कोशिकाएँ पूर्ववर्ती कोशिकाओं से उत्पन्न होती हैं।


Q. 165904 यदि, हर मिनट में एक बैक्टीरिया के लगातार विभाजन से, एक घंटे में एक छोटी परखनली भर जाती है, तो परखनली कितने समय में आधा भर जाएगी:


A.

15 मिनट

B.

30 मिनट

C.

45 मिनट

D.

59 मिनट

Right Answer is: D

SOLUTION

यदि, हर मिनट एक बैक्टीरिया के लगातार विभाजन से, एक घंटे में एक छोटी परखनली भर जाती है, तो परखनली का आधा हिस्सा 59 मिनट में भर जाएगा| क्यूंकि बैक्टीरिया समसूत्री विभाजन द्वारा अपनी संख्या में वृद्धि करता है|


Q. 165905 मान लीजिये एक जीव के अंडाणु के केन्द्रक में 5pg डीएनए है तो G1 में एक द्विगुणित कोशिका के केन्द्रक में डी.एन.ए की मात्रा होगी:


A.

5pg

B.

10pg

C.

20pg

D.

40pg

Right Answer is: B

SOLUTION

अंडाणु एक अगुणित कोशिका होती है जिसमें 5pg (पिकोग्राम) डीएनए उपस्थित है. यह एक प्राणी कोशिका है जो की द्विगुणित होती है, इसमें 10pg (पिकोग्राम) डीएनए उपस्थित होगा| संश्लेषण प्रावस्था में डीएनए दुगुना होगा अतः G2 प्रावस्था में 20pg (पिकोग्राम) डीएनए तथा G1 प्रावस्था में 10pg (पिकोग्राम) डी.एन.ए उपस्थित होगा|


Q. 165906 जनन के दौरान अर्द्धसूत्री विभाजन गुणसूत्रों की संख्या को स्थायी बनाए रखने में सहायता करता है:


A.

गुणित कोशिकाओं के संलयन द्वारा

Right Answer is: D

SOLUTION

जनन के दौरान अर्द्धसूत्री विभाजन गुणसूत्रों की संख्या को स्थायी बनाए रखने में सहायता करता है क्योंकि अगुणित कोशिकाएँ निषेचन के दौरान संलयन करके द्विगुणित युग्मनज का निर्माण करती हैं।


Q. 165907 निम्न में से कौन-सी प्रावस्था सबसे लम्बी होती है?


A.

प्रथम मध्यावस्था

B.

द्वितीय मध्यावस्था

C.

प्रथम पूर्वावस्था

D.

द्वितीय पूर्वावस्था

Right Answer is: C

SOLUTION

प्रथम पूर्वावस्था सबसे लम्बी होती है जो कि आगे पांच प्रावस्थाओं में विभेदित होती है: तनुपट्ट (लिप्टोटीन), युग्मपट्ट (जाइगोटीन), स्थूलपट्ट (पैकाईटीन), द्विपट्ट (डिप्लोटीन) तथा पारगतिक्रम (डायाकाइनेसिस )|


Q. 165908 प्रथम अर्द्धसूत्री विभाजन द्वरा निर्मित संतति कोशिकाओं में गुणसूत्रों की संख्या होती है:


A.

जनक कोशिका की आधी

B.

जनक कोशिका के समान

C.

जनक कोशिका की दुगुनी

D.

जनक कोशिका की तुगुनी

Right Answer is: A

SOLUTION

प्रथम अर्धसूत्री विभाजन में संतति कोशिकाओं में गुणसूत्रों की संख्या घटकर आधी हो जाती है| जबकि द्वितीयक अर्द्धसूत्री विभाजन में संतति कोशिकाओं में गुणसूत्रों की संख्या समान ही रहती है|


Q. 165909 मध्यावस्था में सभी गुणसूत्र एक पट्टिका पर पंक्तिबद्ध हो जाते हैं, जो है:


A.

तर्कु पट्टिका

B.

गुणसूत्र पट्टिका

C.

मध्यावस्था पट्टिका

D.

अर्द्धगुणसूत्र पट्टिका

Right Answer is: C

SOLUTION

समसूत्री विभाजन में मध्यावस्था के अंतर्गत सभी गुणसूत्र एक तल पर पंक्तिबद्ध हो जाते हैं जिसे मध्यावस्था पट्टिका कहते हैं|


Q. 165910 विनिमय की प्रक्रिया संपन्न होती है:


A.

लिप्टोटीन

B.

जाइगोटीन

C.

पैकाईटीन

D.

डिप्लोटीन

Right Answer is: C

SOLUTION

दो अर्द्धगुणसूत्रों के परस्पर विनिमय (क्रॉसिंग ओवर) प्रथम पूर्वावस्था की पैकाईटीन प्रावस्था के अंतर्गत होता है|


Q. 165911 पादपों में जीवनपर्यंत वृद्धि होती है:


A.

मृत कोशिकाओं के प्रतिस्थापन द्वारा

Right Answer is: D

SOLUTION

समसूत्री विभाजन जीवों के भीतर संख्या में वृद्धि करने में सहायता करता है| यह बहुकोशिक जीवों में वृद्धि का आधार है| पादपों में, विभज्योतकीय ऊतकों में समसूत्री विभाजन के परिणामस्वरूप जीवनपर्यंत निरंतर वृद्धि होती है।


Q. 165912 समसूत्री विभाजन कायिक प्रवर्धन में सहायक होता है:


A.

जीवों के भीतर कोशिका की संख्या को घटाने में

Right Answer is: C

SOLUTION

समसूत्री विभाजन कायिक प्रवर्धन में सहायता करता है| कायिक प्रवर्धन में समसूत्री विभाजन के द्वारा आनुवांशिक रूप से समान संततियों का उत्पादन होता है| इन संततियों को प्रतिरूप अर्थात क्लोन कहते हैं|


Q. 165913 समसूत्री विभाजन द्वारा निर्मित संतति कोशिकाओं में आनुवांशिक अवयव किस प्रकार का होता है?


A.

समान

B.

दुगुना

C.

तिगुना

D.

चार गुना

Right Answer is: A

SOLUTION

समसूत्री विभाजन में, समान आनुवांशिक अवयव के साथ दो समान संतति कोशिकाएँ बनती हैं। डी.एन.ए प्रतिकृति में अक्षमता के कारण अनुवांशिक सूचनाओं में कोई परिवर्तन नहीं होता।


Q. 165914 हृदय गतिविधि कैसे नियंत्रित होती है?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

हृदय की सामान्य क्रियाओं का नियमन विशेष पेशी ऊतक (नोडल ऊतक) द्वारा स्वः नियमित होता है, इसलिए हृदय को पेशीजनक या मायोजनिक कहते हैं| 
मेड्यूला ओबलोंगाटा के विशेष तंत्रिका केंद्र स्वायत्त तंत्रिका तंत्र (ANS) के द्वारा हृदय की क्रियाओं को संयमित कर सकता है|
अनुकम्पीय तंत्रिकाओं से प्राप्त तन्त्रिय आवेग हृदय संपदन को तीव्र करते हैं, निलय संकुचन को सुदृढ बनाते हैं अतः हृद निकास बढ़ता है|

दूसरी तरफ परानुकम्पी तंत्रिकाओं से प्राप्त तन्त्रिय आवेग हृदय स्पंदन एवं क्रियाविभव की संवहन गति को कम करते हैं, अतः यह हृद निकास कम करता है|
अधिवृक्क अंतस्था (एड्रिनल मेडूला) के हार्मोन (एड्रिनलीन और नॉरएड्रिनलीन) भी ह्रदय क्रियाविधि को नियंत्रित करते हैं|


Q. 165915 निम्नलिखित को परिभाषित कीजिये:
क) एकल परिसंचरण
ख) अपूर्ण द्विसंचरण
ग) द्विसंचरण
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

क) एकल परिसंचरण: मछलियों में हृदय ऑक्सीजन रहित रक्त को पंप करता है जो कि क्लोमों द्वारा ऑक्सीकृत होता है और शरीर के अंगो में इसकी आपूर्ति करता है, जहाँ से ऑक्सीजन रहित रक्त हृदय में वापिस आता है |

ख) अपूर्ण द्विसंचरण उभयचर और सरीसृप में होता है, दायाँ अलिंद फेफड़ो से ऑक्सीजन युक्त रक्त प्राप्त करता है और बायाँ अलिंद शरीर के दूसरे अंगों से ऑक्सीजन रहित रक्त प्राप्त करता है| हालांकि, वे एक निलय में मिश्रित हो जाते हैं जो मिश्रित रक्त को पंप करता है| इस प्रकार इसे अपूर्ण द्विसंचरण भी कहा जाता है।

ग) द्विसंचरण: पक्षियों और स्तनधारियों में, बाएँ और दायें अलिंद द्वारा प्राप्त ऑक्सीजनयुक्त और ऑक्सीजन रहित रक्त क्रमशः उसी ओर के निलय तक जाता है। निलय बिना किसी मिश्रण के इसे पंप करते हैं, अर्थात, इन प्राणीयों में दो अलग-अलग परिसंचरण मार्ग उपस्थित हैं। इसे द्विसंचरण कहा जाता है।


Q. 165916 जब हमें कभी चोट लगती

रक्त स्कंदन की प्रक्रिया को समझाए<div class= A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

जब हमें कभी चोट लगती है, तो चोट में से कुछ समय तक रक्त बहता है, लेकिन शीघ्र ही रक्त का बहाव बंद हो जाता है| ऐसा इसलिए होता है क्योंकि शरीर से रक्त के अतिरिक्त प्रवाह को रोकने के लिए, रक्त में एक विधि होती है जिसे रक्त स्कंदन या थक्का कहते हैं|

 एक थक्के या स्कंदन में धागों का एक जाल होता है जिसे फाइब्रिन कहते हैं जिसमें रक्त के मृत और क्षतिग्रस्त पदार्थ उलझे रहते हैं| 

फाइब्रिन थ्रोबिन एंजाइम द्वारा प्लाज्मा में उपस्थित अक्रियाशील फाइब्रिनोजन के रूपांतरण से बनते हैं|

थ्रोम्बिन प्लाज्मा में उपस्थित दूसरे अक्रियाशील पदार्थ से बनता है|

कैल्शियम आयन स्कंदन के उपरोक्त दोनों चरणों के लिए आवश्यक होते हैं|

रक्त स्कंदन चोटग्रसत रक्त वाहिकाओं को बंद करते है और इस प्रकार रक्त प्रवाह रुक जाता है|


Q. 165917 मधुमेह के साथ उच्च रक्तचाप वृक्क के निष्क्रिय होने का कारण हो सकता है क्योंकि


A. केशिकाएँ क्षतिग्रस्त हो जाती हैं

Right Answer is: C

SOLUTION

उच्च रक्तचाप के कारण वृक्क को अत्याधिक रक्त निस्यंदित करना पड़ता है, जिससे वृक्काणु क्षतिग्रस्त हो जाते हैं| इस स्थिति को मधुमेह वृक्कविकृति कहते हैं| क्योंकि वृक्क में गुच्छीय निस्यंद निष्क्रिय हो जाता है, शरीर में अपशिष्ट पदार्थ एकत्रित हो जाते हैं| जबकि निस्यंदन और महत्वपूर्ण रक्त प्रोटीन बने रहने चाहिए|


Q. 165918 मधुमेह रोगियों के मूत्र में शर्करा पाया जाता है क्योंकि


A. सम्पूर्ण शर्करा उत्सर्जित हो जाती है

Right Answer is: C

SOLUTION

शर्करा अणुओं को समीपस्थ संवलित नलिका की ल्यूमिनल सतह पर मौजूद सोडियम-शर्करा सह-परिवहन अणुओं की क्रिया से पुनः अवशोषित किया जाता है। यदि वे मधुमेह के मामले में पूरी तरह से संतृप्त हैं, तो शर्करा के अतिरिक्त अणु मूत्र में उत्सर्जित हो जाते हैं।


Q. 165919 ए.एन.एफ इंजेक्शन उन रोगियों को दिया जा सकता है जो पीड़ित हों:


A. उच्च रक्तचाप से

Right Answer is: A

SOLUTION

ए.एन.एफ, जी.एफ.आर में वृद्धि करके, रेनिन और ऐल्डोस्टीरोन स्राव में कमी करके और संगृहीत नलिका द्वारा नमक के  पुनः अवशोषण को रोककर, नमक और जल के उत्सर्जन में वृद्धि करता है| अभिवाही धमनिका में वाहिकासंकुचन और अपवाही धमनिका में वाहिकासंकीर्णन से जीएफआर में वृद्धि होती है|


Q. 165920 एक रोगी जिसके अधिवृक्कों को निकाल दिया गया हो, उसको निम्न में से किससे सम्बंधित जटिलता का सामना करना पड़ सकता है?


A. सोडियम–पोटैशियम संतुलन

B. भूख

C. प्यास

D. पोषक तत्वों का अवशोषण

Right Answer is: A

SOLUTION

अधिवृक्क वल्कुट एल्डोस्टीरोन हार्मोन स्रावित करता है जो शरीर में सोडियम-पोटैशियम को संतुलित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है|


Q. 165921

प्रतिधारा क्रियाविधि होती है- समीपस्थ संवलित नलिका में<div class= Right Answer is: C

SOLUTION

हेनले लूप और वासा रेक्टा के बीच छोटे क्षैतिज प्रवणता को एक बड़े लंबवत परासरणीय प्रवणता में परिवर्तित कर दिया जाता है। यह वृक्क को नाइट्रोजन के उपापचय  से बने यूरिया की उच्च सांद्रता के साथ मूत्र उत्सर्जन की अनुमति देता है|


Q. 165922 यदि किसी व्यक्ति की गुच्छीय निस्पंदन दर (GFR) 30मिली/मि. है, तो यह संकेत है:


A. क्षतिग्रस्त वृक्क का

Right Answer is: A

SOLUTION

जीएफआर की सामान्य दर 90-125 मिली/मि. है| यदि दर में लगातार कमी आ रही हो,तो यह वृक्क की निष्क्रियता का संकेत है|


Q. 165923 हमें सर्दियों में प्यास महसूस नहीं होती क्यूंकि:


A. शरीर में जल की अधिक मात्रा होती है

Right Answer is: A

SOLUTION

क्यूंकि सर्दियों में पसीना नहीं आता, अतः रक्त का आयतन बढ़ जाता है, इसलिए रक्त की परासरण क्षमता कम हो जाती है| परासरण ग्राहियाँ निष्क्रिय हो जाती हैं और प्यास केंद्र के संकेत भी निष्क्रिय हो जाते हैं|


Q. 165924 हेनले-लूप की आरोही भुजा से विसरित सोडियम क्लोराइड पुनः अवशोषित होता है:


A. हेनले-लूप की अवरोही भुजा द्वारा

B. वासा रेक्टा की आरोही भुजा द्वारा

C. वासा रेक्टा की अवरोही भुजा द्वारा

D. अन्तराकाशी द्वारा

Right Answer is: C

SOLUTION

हेनले-लूप की अवरोही भुजा भी वासा रेक्टा की आरोही भुजा  के साथ प्रतिधारा उत्पन्न करती है और हेनले-लूप की आरोही भुजा अवरोही वासा रेक्टा के साथ प्रतिधारा उत्पन्न करती है। चूंकि दोनों भुजाएं स्वतंत्र रूप से पारगम्य होती हैं, सोडियम क्लोराइड आरोही भुजा से अवरोही तक विसरित हो जाएगा जबकि जल अवरोही से आरोही भुजा तक विसरित हो जाएगा।


Q. 165925 मूत्राशयी अवरोधिनी के शिथिलन के कारण स्रावित होता है:


A. मूत्र

B. लार

C. हार्मोन

D. रक्त

Right Answer is: A

SOLUTION

मूत्राशय में मूत्र भर जाने से उसके फैलने के कारण केन्द्रीय तंत्रिका तंत्र द्वारा संदेश उत्पन्न होता है| मूत्राशय भित्ति से इन आवेगों को केंद्रीय तंत्रिका तंत्र में भेजा जाता है| केंद्रीय तंत्रिका तंत्र में (CNS) मूत्राशय की चिकनी पेशियों के संकुचन तथा मूत्राशयी अवरोधिनी के शिथिलन हेतु एक प्रेरक संदेश जाता है, जिससे मूत्र का उत्सर्जन होता है|


Q. 165926 वृक्क में सांद्रित मूत्र के उत्पादन में निम्न में से कौन-सा भाग एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है?


A. बोमेन संपुट

B. समीपस्थ संवलित नलिका

C. दूरस्थ संवलित नलिका

D. हेनले का लूप

Right Answer is: D

SOLUTION

सांद्रित मूत्र निर्माण में हेनले-लूप वासा रेक्टा के साथ महतवपूर्ण भूमिका निभाता है| हेनले-लूप की दो भुजाओं में निस्यंद का प्रवाह विपरीत दिशा में होता है और प्रतिधारा उत्पन्न करता है| यह प्रतिधारा तंत्र मध्यांश के अन्तराकाशी की प्रवणता को बनाए रखती है, जो संग्रहित नलिका द्वारा जल के सहज अवशोषण में योगदान करती है इस प्रकार सान्द्र मूत्र उत्सर्जन होता है|


Q. 165927 रणधीर पिछले दो सप्ताह से पीठ दर्द और मूत्र विसर्जन में दर्द की शिकायत कर रहा है
Right Answer is: A

SOLUTION

वृक्क पथरी के लक्षण तब तक नहीं दिखते जब तक वह मूत्र वाहिनी (जिसके माध्यम से मूत्र मूत्राशय में जाता है) में नीचे आने न लगे| ऐसी परिस्थिति में, पथरी वृक्क से मूत्र के प्रवाह को अवरुद्ध करती है| जिसके कारण वृक्क में सूजन या वृक्क में दर्द होता है| यह दर्द सामान्यतः गंभीर होता है|


Q. 165928 सांद्रित मूत्र निर्माण में हेनले-लूप वासा रेक्टा के साथ महतवपूर्ण भूमिका निभाता है
Right Answer is: C

SOLUTION

कृत्रिम वृक्क एक निस्यंद उपकरण है जिसका प्रयोग शरीर से अतिरिक्त द्रव और अपशिष्ट पदार्थो को निकालने के लिए कृत्रिम वृक्क यंत्र के साथ किया जाता है| इसका उपयोग दोनों वृक्कों के क्षतिग्रस्त होने पर किया जाता है |


Q. 165929 यदि स्तनधारी के वृक्काणुओ में हेनले-लूप उपस्थित न होते तो क्या होता सकता था?


A. मूत्र निर्माण नहीं होता

B. मूत्र की मात्रा और गुण में कोई परिवर्तन नहीं होता

C. अधिक सांद्रित मूत्र का निर्माण होता

D. अधिक तनु मूत्र का निर्माण होता

Right Answer is: D

SOLUTION

सांद्रित मूत्र निर्माण में हेनले-लूप वासा रेक्टा के साथ महतवपूर्ण भूमिका निभाता है| हेनले-लूप की दो भुजाओं में निस्यंद का प्रवाह विपरीत दिशा में होता है और प्रतिधारा उत्पन्न करते हैं| यह प्रतिधारा तंत्र मध्यांश के अन्तराकाशी की प्रवणता को बनाए रखती है, जो संग्रहित नलिका द्वारा जल के सहज अवशोषण में योगदान करती है इस प्रकार सान्द्र मूत्र उत्सर्जित होता है|


Q. 165930 अपवाही धमनिका से निकलने वाली एक सूक्ष्म वाहिका हेनले–लूप के समांतर चलते हुए U-आकार की संरचना बनती है
Right Answer is: A

SOLUTION

गुच्छ से निकलने वाली अपवाही धमनिका, वृक्कीय नलिका के चारों ओर सूक्ष्म केशिकाओं का जाल बनाती है, जिसे परिनालिका केशिका जाल कहते हैं| इस जाल से निकलने वाली एक सूक्ष्म वाहिका हेनले–लूप के समांतर चलते हुए U-आकार की संरचना वासा रेक्टा बनाती है|


Q. 165931 हेनले लूप की आरोही भुजा जल के लिए _____ है। जबकि अवरोही भुजा जल के लिए _____ है।


A. पारगम्य, पारगम्य

B. अपारगम्य, पारगम्य

C. पारगम्य, अपारगम्य

D. अर्ध पारगम्य, चयनात्मक

Right Answer is: B

SOLUTION

हेनले के लूप की अवरोही भुजा जल के लिए पारगम्य है परन्तु वैद्युत अपघट्य के लिए लगभग अपारगम्य है।  यह नीचे की ओर जाते हुए निस्यंद को सांद्र करती है| आरोही भुजा जल के लिए अपारगम्य होती है, लेकिन वैद्युत अपघट्य के लिए पारगम्य है। इसलिए आरोही भुजा में निस्यंद सांद्र क्षारीय हो जाता है|


Q. 165932 निम्नलिखित में से कौन-सी ग्रंथि उत्सर्जन से संबंधित नहीं होती?


A. स्वेद ग्रंथि

B. थायरॉइड ग्रंथि

C. यकृत

D. तैल ग्रंथि

Right Answer is: B

SOLUTION

यकृत पित्त का स्राव करती है जिसमें कॉलेस्ट्रोल,निम्नीकृत स्टीरॉयड हार्मोन,विटामिन और औषध होते हैं| त्वचा में उपस्थित स्वेद और तैलीय ग्रन्थियाँ अपने स्राव के द्वारा कुछ पदार्थो जैसे नमक, लैक्टिक अम्ल, स्टेरोल्स,हाइड्रोकार्बंस आदि का निष्कासन करती हैं|


Q. 165933 रक्त में यूरिया की उपस्थति कहलाती है:


A. यूरीमिया

B. हीमेटूरिया

C. डाईयूरिया

D. एनयूरिया

Right Answer is: A

SOLUTION

वृक्क की कुसंक्रिया से रक्त में यूरिया का संचय हो सकता है, जिसे यूरीमिया कहा जाता है, जो अत्यधिक हानिकारक है और इससे वृक्क कार्य करने में विफल हो सकते हैं।


Q. 165934 वक्ष गुहा और उदर गुहा का गठन एक विभाजन द्वारा होता है जिसे______कहते हैं


A. उदर भित्ति

Right Answer is: C

SOLUTION

डायाफ्राम पसली पंजर के नीचे तक फैली मांसपेशियों की एक शीट है। डायाफ्राम आमाशय की गुहा से वक्ष गुहा को अलग करता है और श्वसन में एक महत्वपूर्ण कार्य करता है।


Q. 165935 कार्बोनिक एनहाइड्रेज द्वारा क्रिया करने के लिए ______तत्व की आवश्यकता होती है
Right Answer is: A

SOLUTION

कार्बनिक एनहाइड्रेज  एक जिंक युक्त एंजाइम है जो कार्बन डाइऑक्साइड के हाइड्रेशन को उत्प्रेरित करता है।


Q. 165936 यदि वायुमंडलीय दाब की तुलना में अन्तः फुफ्फुसीय दाब में वृद्धि हो तो -----------होता है
Right Answer is: D

SOLUTION

अन्तः फुफ्फुसीय दाब वायुमंडलीय दाब से कम होता है तो अंतःश्वसन में वायु बलपूर्वक, बाहर से फेफड़ों के अन्दर जाती है जबकि वायुमंडलीय दाब की तुलना में अन्तः फुफ्फुसीय दाब में थोड़ी सी वृद्धि से निःश्वसन होता है|


Q. 165937 निम्न के श्वसन अंगों के नाम बताइए (i) तितली (ii) मेंढक का लार्वा
Right Answer is:

SOLUTION

क्रमशः (i) श्वसन नलिकाएँ (ट्रेकिआ) (ii) क्लोम (गिल)


Q. 165938 जीवों में ऑक्सीजन का क्या उपयोग है?
Right Answer is:

SOLUTION

जीवों द्वारा ऑक्सीजन (O2) का उपयोग अप्रत्यक्ष रूप से पोषक अणुओं जैसे ग्लूकोस को तोड़ने और जीवन की विभिन्न क्रियाओं के लिए ऊर्जा प्राप्त करने के लिए किया जाता है |


Q. 165939 केंचुए में गैसों का विनिमय किस प्रकार होता है ?
Right Answer is:

SOLUTION

केंचुए में गैसों का विनिमय शरीर की सतह की आर्द्र क्यूटिकल द्वारा होता है |


Q. 165940 जैव क्षमता से आप क्या समझते हैं ? ऐसे दो वर्ग समूह के व्यक्तियों की सूची बनाइए जिनमें सामान्य व्यक्तियों की तुलना में जैव क्षमता उच्च होती है
Right Answer is:

SOLUTION

वायु की वह मात्रा (आयतन) जो बलपूर्वक निःश्वसन के बाद एक व्यक्ति अंतः श्वासित कर सकता है उसे जैव क्षमता (वीसी) कहते हैं | एथलीट (धावकों) और पर्वत निवासियों में वीसी उच्च होती है |


Q. 165941 रक्त में द्वारा ऑक्सीजन परिवहन का प्रतिशत क्या है और रक्त में ऑक्सीजन किस रूप में प्रवाहित होती है ? रक्त में रक्ताणु (इरिथ्रोसाइट) द्वारा कितने प्रतिशत ऑक्सीजन का परिवहन किया जाता है और रक्त में ऑक्सीजन किस रूप में होता है?
Right Answer is:

SOLUTION

रक्ताणु (इरिथ्रोसाइट) लगभग 97% ऑक्सीजन का शरीर में परिवहन करते हैं | शेष 3% का परिवहन प्लाज्मा में विलीन होता है | ऑक्सीजन रक्त में ऑक्सीहीमोग्लोबिन के रूप में होती है | एक हीमोग्लोबिन अणु अधिकतम चार ऑक्सीजन अणुओं का वहन करता है |


Q. 165942 रुधिर बफर (ब्लड बफर) कैसे होता है ?
Right Answer is:

SOLUTION

बाइकार्बोनेट आयन और विलीन कार्बन डाइऑक्साइड को कार्बनिक अम्ल के रूप में परिवर्तित कर pH में प्रबल परिवर्तन रुधिर मध्यक (ब्लड बफर) कहलाता है । रक्त की अम्लता या क्षारीयता को अम्लीय या क्षारीय पदार्थों के मिश्रण द्वारा बदला जा सकता है। कार्बोनेट/बाई कार्बोनेट बफर तंत्र इस मिश्रण के लिए क्षतिपूर्ति करता है और आवश्यक सीमा के भीतर pH को बनाए रखता है


Q. 165943 निम्नलिखित पदों का विस्तारपूर्वक वर्णन कीजिए : (i) दमा (अस्थमा) (ii) वातस्फीति (iii) व्यावसायिक श्वसन रोग
Right Answer is:

SOLUTION

(i)दमा में श्वसनी और श्वसनिकाओं की शोथ के कारण श्वसन के समय घबराहट तथा कठिनाई होती है |

(ii) वातस्फीति एक चिरकालिक रोग है जिसमें कूपिका भित्ति क्षतिग्रस्त होने के कारण गैस विनिमय सतह घट जाती है| ध्रूमपान इसके मुख्य कारको में से एक है |

(ii) व्यावसायिक श्वसन संबंधी विकार उन व्यक्तियों में श्वसन तंत्र की सूजन है जो कुछ उद्योगों में जैसे पत्थर की पिसाई या पत्थर तोड़ने का काम करते हैं | वहां इतने धूल कण निकलते है कि शरीर का सुरक्षा तंत्र उन्हें पूरी तरह निष्कासित नहीं रोक पाता है |अधिक समय तक इन धूल कणों के संपर्क में रहने से फाइब्रोसिस (रेशमी ऊतकों की प्रचुरता) हो जाता है, जिससे फेफड़ों को गंभीर नुकसान पहुँचता है |


Q. 165944 मनुष्य शरीर में कोमल अंग सदैव झिल्लीदार आवरण में सुरक्षित रहते हैं, फेफड़ों के ऐसे ही आवरण का नाम बताइए और उसकी परतों का वर्णन कीजिए ?
Right Answer is:

SOLUTION

फेफड़े द्विस्तरीय फुफ्फुसावरण से ढके होते हैं जिसे प्ल्यूरा कहते हैं | दो प्ल्यूरा झिल्लियाँ एक पतली सतह फुफ्फुस गुहा जिसमें फुफ्फुसावरणी द्रव भरा होता है, द्वारा पृथक होती है| यह फेफड़ों की सतह पर घर्षण को कम करता है |

दो प्रकार के प्ल्यूरा हैं :

(i) पेराइटल प्ल्यूरा :यह बाह्य फुफ्फुसावरणी झिल्ली है जो वक्षीय स्तर के निकट संपर्क में रहती है |

(ii) विसरल प्ल्यूरा :यह आतंरिक फुप्फुसावरणी झिल्ली है जो

फेफड़ों की सतह के संपर्क में रहती है |


Q. 165945 मानव श्वसन

मानव श्वसन तंत्र की संरचना का वर्णन कीजिए <div class= Right Answer is:

SOLUTION

मानव श्वसन तंत्र में एक जोड़ी बाह्य नासाद्वार, नासा गुहा कक्ष, नासाग्रसनी, कंठनली, वायु–नली, श्वसनिकाएं और वायु कूपिकाएं शामिल होते हैं ।

बाह्य नासाद्वार होंठो के ठीक ऊपर उपस्थित होते हैं | ये नासा मार्ग द्वारा नासा कक्ष तक पहुँचते हैं।

नासा कक्ष नासाग्रसनी में खुलता है, जो ग्रसनी का एक भाग है, यह आहार और वायु के लिए उभयनिष्ट मार्ग है।

कंठ एक उपास्थिमय पेटिका है जो ध्वनि उत्पादन में सहायता करता है; यह श्वासनली तक जाता है।

श्वासनली एक सीधी नलिका है, जो वक्ष गुहा के मध्य तक 5वीं वक्षीय कशेरुकी तक जाकर दायीं और बायीं दो प्राथमिक श्वसनियों में विभाजित हो जाती है।

प्रत्येक श्वसनी द्वितीयक और तृतीयक स्तर की श्वसनी, श्वसनिकाओं और बहुत पतली अंतस्थ श्वसनिकाओं में समाप्त हो जाती है।

श्वासनली, प्राथमिक, द्वितीयक और तृतीयक श्वसनी, और प्रारंभिक श्वसनिकाएं अपूर्ण उपास्थिल वलयों से आलंबित होती हैं।

प्रत्येक अंतस्थ श्वसनिका अनेक पतली अनियमित भित्ति युक्त और वाहिकायुक्त थैली जैसी संरचनाओं का निर्माण करती है जिन्हें वायु कूपिका कहा जाता है।

श्वसन नाल, श्वसनिकाएं और वायु कूपिकाओं का शाखित जाल फेफड़ों की रचना करता है |

फेफड़े द्विस्तरीय झिल्ली जिसमें फुफ्फुसावरणी द्रव भरा होता है, से ढके होते हैं जिसे प्ल्यूरा कहते हैं | बाह्य फुफ्फुसावरणी झिल्ली वक्षीय परत के निकट संपर्क में रहती है |जबकि आतंरिक फुफ्फुसावरणी झिल्ली फेफड़ों की सतह के संपर्क में रहती है |


Q. 165946

श्वसन नियमन  प्रक्रिया या क्रियाविधि का वर्णन कीजिए <div class= Right Answer is:

SOLUTION

श्वसन का नियमन :

तंत्रिका तंत्र के कारण शरीर के ऊतकों में माँग के अनुरूप श्वसन की लय को संतुलित और स्थिर बनाए रखने की क्षमता होती है |

मस्तिष्क के मेड्यूला क्षेत्र में एक विशिष्ट श्वसन लयकेंद्र विद्यमान होता है, जो मुख्य रूप से श्वसन के नियमन के लिए उत्तरदायी होता है

मस्तिष्क के पोंस में एक अन्य केंद्र स्थित होता है जिसे श्वसन प्रभावी केंद्र कहते हैं |जो श्वसन लयकेन्द्र के कार्यों को संयत(सुधार) कर सकता है |

लयकेंद्र के पास एक रसोसंवेदी केंद्र स्थित होता है जो लयकेंद्र के लिए अति संवेदी होता है | यह CO2 और हाइड्रोजन आयनों के लिए अतिसंवेदी होता है | CO2 और हाइड्रोजन आयनों की सांद्रता में वृद्धि इस केंद्र को सक्रिय कर सकती है जो बदले में श्वसन प्रक्रिया में आवश्यक समायोजन करने के लिए लयकेन्द्र को संकेत भेजता है| महाधमनी चाप और ग्रीवा धमनी से जुडी संवेदी संरचनाएं भी CO2 और H+ सांद्रता के परिवर्तन को पहचान सकती हैं तथा प्रतिकारक क्रिया हेतु लयकेंद्र को आवश्यक संकेत भेज सकती हैं| श्वसन लय के नियमन में ऑक्सीजन की भूमिका महत्त्वहीन होती है |


Q. 165947 एक विकार जिसमें पर्याप्त ऑक्सीजन दिल की मांसपेशियों तक नहीं पहुँचने के कारण वक्ष में तेज दर्द होता है:


A. हृदशूल

B. उच्च रक्तदाब

C. हृदय अघात

D. एथिरोकांठिय

Right Answer is: A

SOLUTION

हृदय की मांसपेशियों को पर्याप्त रक्त नहीं मिलने से वक्ष में दर्द या असुविधा होती है जिसे हृद शूल (एंजिना) कहते हैं| यह वक्ष में दबाव या संकुचन के दर्द की तरह महसूस की जा सकती है। दर्द कंधे, बाहों, गर्दन, जबड़े या पीठ में भी हो सकता है। मध्यम आयु वर्ग और वृद्ध व्यक्तियों में यह सामान्य है।


Q. 165948 दो तत्व जो रक्त स्कंदन के दौरान पहले क्रियाशील होते हैं:


A. फाइब्रिनोजन और थ्रोमबोप्लास्टिन

B. कैल्सियम और फाइब्रिन

C. कैल्सियम और कॉलम

D. प्रोथ्रोम्बिन और थ्रोम्बोप्लास्टीन

Right Answer is: D

SOLUTION

रक्त स्कंदन तंतुओ का एक जाल है जिसे फ्रीब्रिन कहते है जो प्लाज्मा में एंजाइम थ्रोम्बिन द्वारा अक्रियाशील फिब्रीनोजन के रूपांतरण द्वारा बनता है, जो बदले में एंजाइम कॉम्प्लेक्स थ्रोम्बोकिनेज द्वारा प्रोथ्रोम्बीन नामक प्लाज्मा में मौजूद एक अन्य निष्क्रिय पदार्थ से बनता है। प्रोथ्रोम्बिन का निर्माण थ्रोम्बोप्लास्टिन द्वारा किया जाता है।


Q. 165949 हृद चक्र की अवधि होती है:


A. 1.0 मिनट

B. 1.0 सेकंड

C. 0.8 मिनट

D. 0.8 सेकंड

Right Answer is: D

SOLUTION

हृदय प्रति मिनट 72 बार स्पंदन करता है, अर्थात प्रति मिनट कई हृद चक्र होते है, इससे यह निष्कर्ष निकाला जा सकता है कि हृद चक्र की अवधि 0.8 सेकंड है|


Q. 165950 वाहिका के भीतर रक्त स्कंदन कहलाता है:


A. थ्रोम्बोसिस

B. थक्का

C. फिब्रिनोल्य्सिस

D. थ्रोम्बस

Right Answer is: D

SOLUTION

थ्रोम्बस रक्त का एक थक्का है जो अपने मूल स्थान से जुड़ी हुई रक्त वाहिका में बनता है|


Q. 165951 रक्त शर्करा का सामान्य स्तर से ऊपर बढ़ना कहलाता है:


A. ग्लुकोसुरिया

B. हाइपरग्लाइसिमिया

C. हाइपोग्लाइसिमिया

D. ग्लाईकोलिसिस

Right Answer is: B

SOLUTION

हाइपरग्लाइसिमिया एक ऐसी स्थिति है जो रक्त में ग्लूकोज के अत्यधिक उच्च स्तर से होती है, जब शरीर में पर्याप्त इंसुलिन नहीं होता है या इंसुलिन का उपयोग नहीं कर पाता है। यह ग्लूकोज को ऊर्जा में परिवर्तित करता है। हाइपरग्लाइसिमिया अक्सर मधुमेह को इंगित करता है जो नियंत्रण से बाहर होता है|


Q. 165952 हृदय स्

ईसीजी के द्वारा रिकार्डिंग होती है ह्रदय दर की<div class= Right Answer is: D

SOLUTION

ई.सी.जी. हृदय से विद्युत आवेगों की रिकॉर्डिंग है जो हृदय रोगों, अतालता और चयापचय विकारों की जाँच और निदान में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है|


Q. 165953 प्रोथ्रोम

रक्त स्कंदन को रोका जाता है थ्रोम्बिन द्वारा<div class= Right Answer is: D

SOLUTION

हिपेरिन बसोफिल्स द्वारा स्रावित एक प्राकृतिक स्कंदन रोधक है जो स्वतः रक्त स्कंदन को रोकता है|


Q. 165954 अल्प परासारी, अतिपरासारी और समपरासारी विलियनों में अंतर स्पष्ट कीजिए
Right Answer is:

SOLUTION

  • अल्प परासारी- जिस विलयन की परासरण सांद्रता कोशिका द्रव से कम होती है, वह अल्प परासारी विलयन कहलाता है।
  • अतिपरासारी- जिस विलयन की परासरण सांद्रता कोशिका द्रव से अधिक होती है, वह अतिपरासारी कहलाता है।
  • समपरासारी- समपरासारी विलयन की परासरण सांद्रता कोशिका द्रव की परासरण सांद्रता के समान होती है।


Q. 165955

विसरण दर को प्रभावित करने वाले कारकों का वर्णन कीजिए <div class= Right Answer is:

SOLUTION

विसरण दर को प्रभावित करने वाले कारक:

  • सांद्रता प्रवणता: विसरण उस समय अधिक तीव्रता से होता है, जब दो क्षेत्रों के बीच सांद्रता प्रवणता में अंतर अधिक होता है। सांद्रता में अंतर कम होने पर विसरण कम होता है।
  • तापमान: विसरण दर तापमान की अनुक्रमानुपाती होती है।
  • अणु का आकार: छोटे अणु अधिक तेजी से   विसरण करते हैं।
  • विसरण के माध्यम की सांद्रता: माध्यम जितना अधिक सघन होगा, विसरण की दर उतनी ही कम होगी।
  • विसरण दाब प्रवणता: विसरण की दर विसरण दाब प्रवणता की अनुक्रमानुपाती होती है।
  • घनत्व: विसरण की दर अपने घनत्वों के वर्गमूल की व्युत्क्रमानुपाती होती है अर्थात ऑक्सीजन की अपेक्षा हाइड्रोजन 4 गुना अधिक तीव्र गति से विसरण करता है।


Q. 165956 विसरण

विसरण और परासरण में अंतर बताइए <div class= Right Answer is:

SOLUTION

विसरण

परासरण

किसी भी माध्यम में संपन्न हो सकता है

केवल द्रव माध्यम में संपन्न होता है

विसरण करने वाले अणु गैस, द्रव या ठोस हो सकते हैं

विलायक के अणुओं की गति का समावेश होता है

अर्ध पारगम्य झिल्लिका आवश्यक नहीं होती

केवल अर्ध पारगम्य झिल्लिका के माध्यम से संपन्न होता है

अन्य पदार्थों की उपस्थिति महत्वहीन होती है|

अन्य पदार्थों की उपस्थिति द्वारा प्रभावित होता है

विसरण दाब द्वारा प्रभावित होता है|

तंत्र के द्रवस्थैतिक दबाव द्वारा प्रभावित होता है


Q. 165957 जिंक
Right Answer is: A

SOLUTION

कार्बनिक एनहाइड्रेस में जिंक धातु होती है | जंतुओं में एंजाइम का प्राथमिक कार्य  रक्त और अन्य ऊतकों में अम्ल-क्षार के संतुलन को  बनाए रखने के लिए कार्बन डाईऑक्साइड का बाईकार्बोनेट में अंतःपरिवर्तन करना है| यह ऊतकों से बाहर कार्बन-डाईऑक्साइड का परिवहन करने में भी सहायता करता है |


Q. 165958 तो चिकित्सक ने

मेरे दादाजी को सांस लेने में दिक्कत थी <div class= Right Answer is: B

SOLUTION

श्वसन मापी(स्पाइरोमीटर) एक उपकरण है जो फेफड़ों द्वारा ली गई और छोड़ी गई  वायु का आयतन मापने के लिए उपयोग किया जाता है |


Q. 165959 श्वासन के लिए कार्बन मोनोऑक्साइडहानिकारक है और घातक सिद्ध हो सकता है क्योंकि यह ..................को प्रदर्शित है
Right Answer is: A

SOLUTION

ऑक्सीजन की तुलना में कार्बन मोनोऑक्साइड में हीमोग्लोबीन के प्रति अधिक बंधुता होती है | यदि ये दो अणु,अर्थात्  कार्बन-डाईऑक्साइड और ऑक्सीजन एक ही समय पर उपस्थित हो तो,अधिक बंधुता युक्त अणु, उपलब्ध ग्राही बंधन स्थल  पर  बंधित होंगे | इस प्रकार कार्बन मोनोऑक्साइड, हीमोग्लोबिन से बंधने के लिए ऑक्सीजन के साथ प्रतिस्पर्धा कर सकता है, जिसके परिणामस्वरूप कार्बन मोनोऑक्साइड विषाक्तता उत्पन्न हो सकती है।


Q. 165960 कशेरुकियों में समान्य ऑक्सीजन परिवहन प्रोटीन है


A. हीमोग्लोबीन

Right Answer is: A

SOLUTION

हीमोग्लोबिन लौह युक्त ऑक्सीजन-परिवहन धात्वीय प्रोटीन (मेटलप्रोटीन) है जो कशेरुकाओं की लाल रक्त कोशिकाओं और कुछ अकशेरुकाओ के ऊतकों में होता है। रक्त में हीमोग्लोबिन फेफड़ों या क्लोमों (गिलों) से ऑक्सीजन को शरीर के बाकी भागों में परिवहन करता है (अर्थात् ऊतक) जहां यह कोशिका के उपयोग के लिए ऑक्सीजन मुक्त करता है।


Q. 165961 परिसंचरण
Right Answer is: B

SOLUTION

प्रकाश संश्लेषण और कोशिकीय श्वसन पूरक  प्रक्रियाएँ हैं क्योंकि इनमें जल, ऊर्जा, कार्बन-डाईऑक्साइड, ऑक्सीजन और ग्लूकोस के समान तत्व शामिल होते हैं  | लेकिन प्रत्येक  प्रक्रिया अन्य से विपरीत होती है| अभिकारक और उत्पाद भी विपरीत होते हैं |


Q. 165962 झींगुर (टिड्डे) में .............के द्वारा गैसीय विनिमय होता है


A. क्लोम (गिल)

Right Answer is: C

SOLUTION

कीटों में श्वसन तंत्र को श्वसन नलिका तंत्र कहते हैं | इसमें वायु से भरी नलिकाओं में सीधे वातावरण से ऑक्सीजन का  विसरण होता है |


Q. 165963 हीमोग्लोबीन द्वारा धारण की गई ऑक्सीजन का निर्धारण........के द्वारा होता है
Right Answer is: B

SOLUTION

गैसों के मिश्रण में  प्रत्येक गैस की दाब में भागीदारी को आंशिक दाब कहते हैं और इसे ऑक्सीजन के लिए pO2 द्वारा दर्शाते हैं |हीमोग्लोबीन के साथ ऑक्सीजन का बंधन प्राथमिक तौर पर O2 के आंशिक दाब से सम्बंधित है | ऑक्सीजन की सांद्रता में वृद्धि हीमोग्लोबीन की बंधन क्षमता को बढ़ाती है|


Q. 165964 वायु कूपिकाओं में _______ द्वारा गैसों का विनिमय होता है


A. अवशोषण

Right Answer is: D

SOLUTION

रक्त और गैसीय वातावरण के बीच, मुख्यतः दाब/सांद्रता प्रवणता के आधार पर फेफड़ो के कूपीय तंत्र में, ऑक्सीजन और कार्बन डाईऑक्साइड के अणुओं का सरल विसरण द्वारा निष्क्रिय विनियम होता है|


Q. 165965

अंतः श्वसनके संकुचन के प्रारंभ से ही शुरू हो जाता है <div class= Right Answer is: A

SOLUTION

अंतः श्वसन तब प्रारंभ हो सकता है जब फेफड़ों का दाब ( आंतर  फुफ्फुसीय दाब) वायुमंडलीय दाब से कम हो | अंतःश्वसन डायाफ्राम के संकुचन के प्रारंभ से ही शुरू हो जाता है, जिसके परिणामस्वरूप बॉयल नियम के अनुसार आंतर  फुफ्फुसीय  सतह का विस्तार होता है और सापेक्ष दाब में वृद्धि होती है | वायुमंडलीय और वायु कूपिका दाब के बीच अंतर के कारण सापेक्ष दाब वायु प्रवाह उत्पन्न करता है |


Q. 165966 सामान्य श्वसन के दौरान अंतःश्वसन/निःश्वसन का आयतन ______होता है
Right Answer is: A

SOLUTION

सामान्य श्वसन के दौरान अंतःश्वसन या निःश्वसन का आयतन ज्वारीय आयतन होता है| यह लगभग 500मिली होता है, जो कि एक न्यूनतम मान है | इसमें आईआरवी(IRV) औसतन 2500-3000 मिली है | ERV औसतन  1000-1100 मिली है |  वीसी (VC) में ERV, IRV और TV सम्मिलित  हैं |


Q. 165967 O2 का आंशिक दाब 104 mm Hg होता है जब यह ...........में उपस्थित हो
Right Answer is: D

SOLUTION

O2 का आंशिक दाब 104 mm Hg होता है जब यह वायु कूपिका में उपस्थित हो|


Q. 165968 129 mm Hg

वायुमंडलीय वायु में ऑक्सीजन का आंशिक दाब है <div class= Right Answer is: B

SOLUTION

वायुमंडलीय वायु में ऑक्सीजन का आंशिक दाब 159 mm Hg होता है और वायु कूपिका में यह 104 mm Hg होता है वातावरण में कार्बन डाईऑक्साइड का आंशिक दाब 0.3 mm Hg होता है और वायु कूपिका में यह 40 mm Hg होता है |


Q. 165969 कंठ श्वास न

कंठच्छद  के प्रवेश द्वार की रक्षा करता है <div class= Right Answer is: B

SOLUTION

निगलने के दौरान, कंठच्छद कंठद्वार को आवरित करता है, जिससे  भोजन श्वासनली या ट्रेकिआ में प्रवेश नहीं करता है।


Q. 165970 2000 मिली
Right Answer is: C

SOLUTION

जैव  क्षमता वायु का अधिकतम आयतन है जो एक व्यक्ति अधिकतम अंतः श्वसन के पश्चात बाहर छोड़ सकता है |


Q. 165971 रुधिर में हीमोग्लोबिन और ऑक्सीहीमोग्लोबिन का अनुपात ________पर आधारित है
Right Answer is: C

SOLUTION

ऑक्सीजन तनाव एक द्रव में विलीन ऑक्सीजन अणुओं का आंशिक दबाव होता है, जैसे रक्त प्लाज्मा।


Q. 165972

अवायवीय श्वसन में कार्बन डाइऑक्साइड अंदर ली जाती है <div class= Right Answer is: D

SOLUTION

अवायवीय श्वसन ऑक्सीजन के उपयोग के बिना कोशिकीय श्वसन के माध्यम से  ऊर्जा उत्पन्न करने की प्रक्रिया है |


Q. 165973 श्वासोच्छ्वास की कमी
Right Answer is: C

SOLUTION

व्यायाम के दौरान या उसके बाद या जब शरीर में ऑक्सीजन (हाइपोक्सिया) की कमी होती है, उदाहरण के लिए उच्च ऊंचाई या एनीमिया के परिणामस्वरूप ऑक्सीजन मांग को पूरा करने के लिए गहरा श्वासोच्छ्वास ही अतिश्वासन (हाईपरनिआ) है |


Q. 165974 _________दाब का निर्माण परासरण और कोशिका भित्ति की शक्ति के कारण, पादप कोशिकाओं में होता है।


A. स्फीति

B. जीवद्रव्यकुंचन

C. विसरण

D. समपरासारी

Right Answer is: A

SOLUTION

परासरण और कोशिका भित्ति की शक्ति के कारण, पादप कोशिकाओं में स्फीति दाब का निर्माण होता है। पादप कोशिकाओं में स्फीति दाब का नियमन कोशिका वृद्धि और जैव स्थिरता/सम अवस्था- दोनों में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।


Q. 165975 अंतःशोषण करने पर गेहूँ के बीजों की तुलना में मटर के बीज


A. अधिक फूलते हैं।

B. कम फूलते हैं।

C. फूलते नहीं हैं

Right Answer is: A

SOLUTION

स्टार्च और सेलुलोज की तुलना में प्रोटीनों में अत्यंत उच्च अंतःशोषण क्षमता होती है। इसलिए, अंतःशोषण करने पर स्टार्च युक्त गेहूँ के बीजों की तुलना में प्रोटीन युक्त मटर के बीज अधिक फूलते हैं।


Q. 165976 ________ कोशिकीय ऊर्जा का व्यय किए बिना, किसी झिल्ली में पदार्थों का परिवहन है।


A. परासरण

B. सक्रिय परिवहन

C. निष्क्रिय परिवहन

D. वाहक परिवहन

Right Answer is: C

SOLUTION

कोशिकीय ऊर्जा का व्यय किए बिना, किसी झिल्ली में पदार्थों की गति निष्क्रिय परिवहन कहलातीहै। यह किसी सांद्रता प्रवणता के अनुसार संपन्न होती है।


Q. 165977 पौधों में सबसे महत्वपूर्ण प्रकार का वाष्पोत्सर्जन है


A. उपत्वचीय

B. वातरंध्रीय

C. रंध्रीय

D. त्वचीय

Right Answer is: C

SOLUTION

पौधों में सबसे महत्वपूर्ण प्रकार का वाष्पोत्सर्जन रंध्रीय वाष्पोत्सर्जन है। यह रंध्रों के माध्यम से संपन्न होता है, जो पत्ती में और हरे तनों की बाह्य त्वचा पर उपस्थित सूक्ष्म छिद्र होते हैं।


Q. 165978

अंतः परासरण के कारण पादप कोशिकाएँ स्फीत हो जाती हैं <div class= Right Answer is: A

SOLUTION

अंतः परासरण के कारण पादप कोशिकाएँ स्फीत हो जाती हैं जबकि,  बहिः परासरण के कारण पादप कोशिकाएँ ढीली हो जाती हैं।


Q. 165979 परासरण की दिशा और दर


A. केवल सांद्रता प्रवणता दोनों पर निर्भर होती है।

B. केवल दाब प्रवणता पर निर्भर होती है।

C. दाब प्रवणता और सांद्रता प्रवणता दोनों पर निर्भर होती है।

D. दाब प्रवणता और सांद्रता प्रवणता दोनों पर निर्भर नहीं होती है।

Right Answer is: C

SOLUTION

परासरण की दिशा और दर, दाब प्रवणता और सांद्रता प्रवणता दोनों पर निर्भर होती है।


Q. 165980 जल खंड में तनाव के कारण, ज़ाईलम वाहिकाओं और वाहिनिकियों का दाब विभव


A. सकारात्मक होता है

Right Answer is: D

SOLUTION

जल खंड में तनाव के कारण, ज़ाईलम वाहिकाओं और वाहिनिकियों का नकारात्मक दाब विभव होता है।


Q. 165981 विसरण का एक प्रकार है, जिसके द्वारा जल का अवशोषण ठोस या कोलाइड्स करते हैं


A. अंतःशोषण

B. अन्तः परिवहन

C. परिवहन

D. वाष्पीकरण

Right Answer is: C

SOLUTION

अंतःशोषण विसरण  का एक प्रकार है, जिसके द्वारा जल का अवशोषण ठोस या कोलाइड्स करते हैं, जिससे उनका आयतन अत्यधिक बढ़ जाता है।


Q. 165982 जल विभव की इकाई है


A. पास्कल

B. हर्ट्ज़

C. मेगावाट

D. वाट

Right Answer is: A

SOLUTION

जल विभव को दाब के रूप में मापा जाता है और इसकी इकाई पास्कल होती है, जिसे Pa के रूप में प्रकट किया जाता है।


Q. 165983 मक्के का पौधा एक दिन में _____ जल का अवशोषण करता है?


A. लगभग 2 लीटर

B. लगभग 3 लीटर

C. लगभग 4 लीटर

D. लगभग 5 लीटर

Right Answer is: B

SOLUTION

स्थलीय पौधे प्रतिदिन अत्यधिक मात्रा में जल अवशोषित करते हैं, जो वाष्पोत्सर्जन के माध्यम से वायु में निर्मुक्त हो जाता है। मक्के का एक परिपक्व पौधा एक दिन में लगभग 3 लीटर जल का अवशोषण करता है|


Q. 165984 मृदा के कणों को बांधे रखता है और पौधों के लिए उपलब्ध नहीं होता।


A. आर्द्रता जल

B. प्राप्य मृदाजल

C. गुरुत्वीय जल

D. केशिका जल

Right Answer is: A

SOLUTION

आर्द्रता जल मृदा के कणों को बांधे रखता है और पौधों के लिए उपलब्ध नहीं होता।


Q. 165985 1 मेगा पास्कल =


A. 20 bars

B. 10 bars

C. .10 bars

D. 1 bars

Right Answer is: B

SOLUTION

जल विभव को दाब के रूप में मापा जाता है और इसकी इकाई पास्कल होती है, जिसे Pa के रूप में प्रकट किया जाता है। 1 मेगा पास्कल = 10 bars होती है।


Q. 165986 Pa p Ψp Psi ψ

दाब विभव को  द्वारा व्यक्त किया जाता है <div class= Right Answer is: B

SOLUTION

दाब विभव साई p (Ψp) के द्वारा प्रकट किया जाता है। यह स्फीति दाब के कारण होता है।


Q. 165987 दाब में वृद्धि का जल विभव पर क्या प्रभाव पड़ता है?
Right Answer is:

SOLUTION

दाब में वृद्धि से जल विभव बढ़ जाता है।


Q. 165988 जल विभव को किस चिन्ह द्वारा दर्शाया जाता है ?
Right Answer is:

SOLUTION

जल विभव को ग्रीक चिह्न Psi (ψ) द्वारा दर्शाया जाता है।


Q. 165989 सक्रिय परिवहन में ऊर्जा का उपयोग क्यों होता है?
Right Answer is:

SOLUTION

सक्रिय परिवहन में सांद्रता प्रवणता के विपरीत अणुओं को खींचने के लिए ऊर्जा का उपयोग होता है ।


Q. 165990 जीवद्रव्यकुंचन जल की

जीवद्रव्यकुंचन को परिभाषित कीजिए <div class= Right Answer is:

SOLUTION

जीवद्रव्यकुंचन जल की गति के प्रति पादप कोशिकाओं या ऊतकों की प्रतिक्रिया है, जो आस-पास के विलयन पर निर्भर होती है।


Q. 165991 जल विभव को कौन से कारक प्रभावित करते हैं? उनके बीच संबंध बताइए?
Right Answer is:

SOLUTION

एक कोशिका का जल विभव विलेय और दाब विभव दोनों द्वारा प्रभावित होता है। उनके बीच संबंध निम्नानुसार है: Ψw = Ψp + Ψs


Q. 165992 पोरिन क्या हैं? उन छिद्रों का नाम बताइए जिनके माध्यम से बिन्दुस्राव संपन्न होता है।
Right Answer is:

SOLUTION

पोरिन प्लास्टिड्स, माइटोकॉन्ड्रिया और कुछ जीवाणुओं की बाह्य झिल्ली में विशाल छिद्रों का निर्माण करने वाले प्रोटीन हैं जो, छोटे प्रोटीनों के आकार तक के अणुओं को पारित होने देते हैं। बिन्दुस्राव जल रंध्रों के माध्यम से संपन्न होता है।


Q. 165993 निम्न में से प्रत्येक के कार्य का उल्लेख कीजिए:
  1. मूल रोम कोशिकाएँ
  2. ज़ाईलम वाहिकाएँ
  3. फ्लोएम नलियाँ
Right Answer is:

SOLUTION

  1. मूल रोम कोशिकाएँये कोशिकाएँ पादप शरीर में ::जल और खनिज लवणों के प्रवेश के लिए उत्तरदायी होती हैं।
  2. ज़ाईलम वाहिकाएँ ज़ाईलम वाहिकाएँ जल और खनिजों को ऊपर की ओर ले जाती हैं।

फ्लोएम नलियाँ– फ्लोएम नलियाँ शर्करा और अन्य ‘भोजनों’ को ऊपर और नीचे दोनों दिशाओं में ले जाती हैं।


Q. 165994 संकोशिका (सिन्सीटियम) का निर्माण होता है:


A.

जीवों की जनन कोशिकाओं में

Right Answer is: D

SOLUTION

कुछ जीवों में केन्द्रक के विभाजन के पश्चात कोशिकाद्रव्य का विभाजन नहीं होता| इसके परिणामस्वरुप बहुकेन्द्रकी स्थिति बनती है जिससे संकोशिका अर्थात सिन्सीटियम का निर्माण होता है। जैसे कि नारियल के तरल भ्रूणपोष में|


Q. 165995 समसूत्री विभाजन की एक अवस्था है:


A.

अन्तरावस्था

B.

अंत्यावस्था

C.

संश्लेषण प्रावस्था

D.

एम प्रावस्था

Right Answer is: B

SOLUTION

समसूत्री विभाजन को निम्न चार अवस्थाओं में विभाजित किया गया है: पूर्वावस्था अर्थात प्रोफेज़ मध्यावस्था अर्थात मेटाफ़ेज़ पश्चावस्था अर्थात एनाफेज तथा अंत्यावस्था अर्थात टीलोफ़ेज़


Q. 165996 आक

 कोशिका विभाजन द्वारा कोशिका   अद्रश्य हो जाती है<div class= A.
B.
C.
D.

Right Answer is: C

SOLUTION

कोशिका विभाजन वह प्रक्रिया है जिसके द्वारा कोशिका दो या दो से अधिक कोशिकाओं में विभाजित होती है| कोशिका विभाजन मुखयतः दो प्रकार का होता है- समसूत्री विभाजन तथा अर्द्धसूत्री विभाजन|


Q. 165997 सम

 समसूत्री विभाजन की विभिन्न अवस्थाओं के नाम लिखिए<div class= A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

समसूत्री विभाजन को चार अवस्थाओं में विभाजित किया जाता है:

1) पूर्वावस्था अर्थात प्रोफेज़

2) मध्यावस्था अर्थात मेटाफ़ेज़

3) पश्चावस्था अर्थात एनाफेज तथा

4) अंत्यावस्था अर्थात टीलोफ़ेज़


Q. 165998 समसूत्री विभाजन के परिणामस्वरुप किस प्रकार की कोशिकाओं का निर्माण होता है?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

समसूत्री विभाजन के परिणामस्वरुप दो आनुवांशिक रूप से समान संतति कोशिकाओं का निर्माण होता है|


Q. 165999 कोशिका विभाजन वह प

 कोशिका विभाजन को परिभाषित कीजिये<div class= A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

कोशिका विभाजन वह प्रक्रिया है जिसके द्वारा कोशिका दो या दो से अधिक कोशिकाओं में विभाजित होती है|


Q. 166000 विनिमय का क्या महत्त्व है?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

विकास के दृष्टिकोण से विनिमय बहुत महत्वपूर्ण है इसके परिणामस्वरुप आनुवांशिक अवयवों का आदान-प्रदान होता है|


PreviousNext