CBSE - MCQ Question Banks (के. मा. शि. बो . -प्रश्नमाला )

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Q. 166001 हमारे शरीर में मृत कोशिकाओं की किस प्रकार मरम्मत की जाती है?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

हमारे शरीर में समसूत्री विभाजन कोशिका के प्रतिस्थापन में सहायता करता है क्योंकि मृत कोशिका निरन्तर नयी कोशिकाओं द्वारा प्रतिस्थापित की जाती हैं| जैसी- त्वचा की कोशिकाएँ आहारनाल की भीतरी सतह की कोशिकाएँ तथा रक्त कोशिकाएँ |


Q. 166002 कोशिका विभाजन के अंतर्गत संश्लेषण प्रावस्था क्या होती है?
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

कोशिका विभाजन के अंतर्गत संश्लेषण प्रावस्था अन्तरावस्था की एक प्रावस्था होती है| जिसके दौरान डीएनए का निर्माण तथा इसकी प्रतिकृति होती है और डीएनए की मात्रा दुगनी हो जाती है|


Q. 166003 समसूत्री विभाजन तथा अर्द्धसूत्री विभाजन में अंतर स्पष्ट कीजिये
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

 

 

समसूत्री विभाजन

अर्द्धसूत्री विभाजन

एक कोशिका द्वारा दो संतति कोशिकाओं का उत्पादन होता है|

एक कोशिका द्वारा चार संतति कोशिकाओं का उत्पादन होता है|

संतति कोशिकाओं में गुणसूत्रों की संख्या जनक कोशिका के समान होती है|

संतति कोशिकाओं में गुणसूत्रों की संख्या जनक कोशिका के आधी होती है|

यह कायिक कोशिका में संपन्न होता है|

यह जनन कोशिका में संपन्न होता है|

विनिमय की प्रक्रिया नहीं होती|

विनिमय की प्रक्रिया होती है|

इसके अंतर्गत आनुवांशिक पदार्थ का आदान-प्रदान नहीं होता|

इसके अंतर्गत आनुवांशिक पदार्थ का आदान-प्रदान होता है|

 

 


Q. 166004 प्राणी कोशिका तथा पादप कोशिका में कोशिकाद्रव्य विभाजन द्वारा नयी संतति कोशिका के निर्माण के विषय में चित्र की सहायता से अंतर स्पष्ट कीजिये
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

प्राणी कोशिका: जीवद्रव्य कला में एक खांच बनने से कोशिकाद्रव्य का विभाजन होता है| खांच के गहरा होने से कोशिकाद्रव्य दो नयी संतति कोशिकाओं में बंट जाता है|

प्राणी कोशिका में कोशिकाद्रव्य विभाजन द्वारा संतति कोशिका का निर्माण

पादप कोशिका: पादपों में एक कठोर कोशिका भित्ति होती है, जीवकला में खांच का निर्माण नहीं होता; हालांकि एक कोशिका पट्टिका का निर्माण कोशिका के केंद्र से प्रारम्भ हो जाता है जो इसे दो संतति कोशिकाओं में विभाजित करता है|

पादप कोशिका में कोशिकाद्रव्य विभाजन द्वारा संतति कोशिका का निर्माण


Q. 166005 निम्न पर संक्षिप्त में टिप्पणी कीजिये: (क) विनिमय (ख) शान्त अवस्था (ग) पश्चावस्था (घ) प्रथम पूर्वावस्था (ड) अर्द्धगुणसूत्र
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

(क) विनिमय: प्रथम पूर्वावस्था की पैकाइटिन प्रावस्था के अंतर्गत होता है जिसमें समजात गुणसूत्रों के मध्य आनुवांशिक अवयवों का आदान-प्रदान होता है|

 

(ख) शान्त अवस्था: कोशिकाएँ G1 अवस्था से निकलकर निष्क्रिय अवस्था में पहुँचती हैं, जिसे कोशिका

चक्र की शांत अवस्था (G0) कहते हैं। इस अवस्था में कोशिकाएँ विभाजित नहीं होती।

 

(ग) पश्चावस्था: इस अवस्था के अंतर्गत गुणसूत्र बिन्दु के विखंडन से अर्द्धगुणसूत्र अलग-अलग होने लगते हैं तथा विपरीत ध्रुवों की ओर जाने लगते हैं|

 

(घ) प्रथम पूर्वावस्था: यह प्रथम अर्द्धसूत्री विभाजन की सबसे लम्बी अवस्था है| जो कि आगे पांच प्रावस्थाओं में विभेदित होती है: तनुपट्ट (लिप्टोटीन), युग्मपट्ट (जाइगोटीन), स्थूलपट्ट(पैकाईटीन), द्विपट्ट (डिप्लोटीन) तथा पारगतिक्रम (डायाकाइनेसिस )|

 

(ड) अर्द्धगुणसूत्र: एक अर्द्धगुणसूत्र प्रतिकृति गुणसूत्र के दो समान हिस्सों में से एक है|


Q. 166006 प्रथम पूर्वावस्था की विभिन्न प्रावास्थों को विस्तार में समझाइये
A.
B.
C.
D.

Right Answer is:

SOLUTION

प्रथम पूर्वावस्था सबसे लम्बी होती है जो कि आगे पांच प्रावस्थाओं में विभेदित होती है:

(क) तनुपट्ट (लिप्टोटीन): गुणसूत्र धीर-धीरे स्पष्ट दिखाई देने लगते हैं| गुणसूत्रों का आपस में युग्मन प्रारम्भ हो जाता है|

(ख) युग्मपट्ट (जाइगोटीन): समजात गुणसूत्र एकसाथ आने लगते हैं| गुणसूत्र सूत्रयुग्मन के द्वारा सिनेप्टोनिमल सम्मिश्र का निर्माण होता है| एक जोड़ी सूत्रयुग्मित समजात गुणसूत्रों द्वारा चतुष्ठक का निर्माण होता है|

(ग) स्थूलपट्ट(पैकाईटीन): इसके दौरान, पुनर्योजन ग्रंथिकाएँ दिखाई देने लगती हैं, जिन पर समजात गुणसूत्रों के असंतति अर्द्धगुणसूत्रों के बीच विनयमन होता है|

(घ) द्विपट्ट (डिप्लोटीन): युगली के समजात गुणसूत्र विनिमय बिन्दु के अतिरिक्त एक-दुसरे से पृथक होने लगते हैं| विनिमय बिन्दु पर ‘X’ आकर की एक संरचना का निर्माण होता है जिसे काएज्मेटा कहते हैं|

 

(ड) पारगतिक्रम (डायाकाइनेसिस ): काएज्मेटा का अंत होने लगता है| गुणसूत्र पूर्णतया संघनित हो जाते हैं व तर्कुतंतु एकत्रित होकर समजात

गुणसूत्रों को अलग करने में सहयोग प्रदान करते हैं। अंत तक केंद्रिका अदृश्य हो जाती है और केन्द्रक-आवरण झिल्ली भी विघटित हो जाता है।


Q. 166007 परासरण तब संपन्न होता है, जब विलायक के अणु:


A. निम्न सांद्रता से उच्च सांद्रता तक गति करते हैं गति करते हैं

B. उच्च सांद्रता से निम्न सांद्रता तक गति करते हैं गति करते हैं

C. अर्ध पारगम्य झिल्लिका के माध्यम से उच्च सांद्रता से निम्न सांद्रता तक गति करते हैं

Right Answer is: C

SOLUTION

एक अर्ध पारगम्य झिल्लिका के माध्यम से जल के अणुओं की उच्च सांद्रता से निम्न सांद्रता की ओर गति परासरण कहलाती है। विलयन के अणुओं की निम्न सांद्रता से उच्च सांद्रता की ओर गति विसरण कहलाती है।


Q. 166008 सामूहिक प्रवाह परिकल्पना प्रस्तुत की


A. कैरोलस लीनियस

B. मेयर

C. अर्नेस्ट मंच

D. अर्नेस्ट हेकल

Right Answer is: A

SOLUTION

सामूहिक प्रवाह परिकल्पना का सुझाव सन् 1930 में अर्नेस्ट मंच ने प्रस्तुत किया था। इसके अनुसार ‘खाद्य पदार्थों का परिवहन सांद्रता प्रवणता के साथ फ्लोएम के माध्यम से संपन्न होता है।’


Q. 166009 वाष्पोत्सर्जन दर को प्रभावित करने वाला एक बाह्य कारक है


A. मृदा जल

B. क्लोरोफ़िल

C. जल

D. ऊर्जा

Right Answer is: A

SOLUTION

यदि जल की हानि की पूर्ति मृदा से प्रतिस्थापन द्वारा नहीं हो पाती है, तो पौधे वाष्पोत्सर्जन शीघ्रता पूर्वक निरंतर नहीं कर सकते हैं।


Q. 166010 जल के अणुओं के बीच पारस्परिक आकर्षण


A. आसंजन

B. पृष्ठ तनाव

C. सासंजन

D. वाष्पोत्सर्जन

Right Answer is: C

SOLUTION

सासंजन: जल के अणुओं  के बीच पारस्परिक आकर्षण। आसंजन : जल के अणुओं का ध्रुवीय सतहों की ओर आकर्षण। पृष्ठ तनाव : गैसीय अवस्था की अपेक्षा द्रव अवस्था में जल के अणुओं के बीच एक-दूसरे के प्रति अधिक आकर्षण | वाष्पोत्सर्जन: पौधे की सतह से जल का वाष्पीकरण |


Q. 166011 पौधों में लंबी दूरी तक परिवहन करने के लिए उत्तरदायी ऊतक हैं


A. विभज्योतक ऊतक

B. संवहनी ऊतक

C. एपिडर्मल ऊतक

D. भरण ऊतक

Right Answer is: B

SOLUTION

पौधों में लंबी दूरी तक परिवहन करने के लिए उत्तरदायी ऊतक संवहनी ऊतक हैं, जो दो प्रकार के होते हैं: जल के लिए ज़ाईलम और भोजन के लिए फ्लोएम।


Q. 166012 पौधे जल का अवशोषण करते हैं


A. मूल रोम द्वारा

B. तना द्वारा

C. मूल द्वारा

D. पत्तियों द्वारा

Right Answer is: A

SOLUTION

पौधे अपने मूल रोमों के माध्यम से मृदा से जल का अवशोषण करते हैं। ये मृदा से जल का अवशोषण करने के लिए सतह के क्षेत्र में वृद्धि करते हैं।


Q. 166013 विलयन जिसकी परासरण सांद्रता कोशिका द्रव से कम होती है,


A. अल्प परासारी

B. अतिपरासारी

C. समपरासारी

D. अपरासारी

Right Answer is: D

SOLUTION

जिस विलयन की परासरण सांद्रता कोशिका द्रव से कम होती है, वह अल्प परासारी विलयन कहलाता है। विलयन जिसकी परासरण सांद्रता कोशिका द्रव से अधिक होती है, अतिपरासारी तथा विलयन जिसकी परासरण सांद्रता कोशिका द्रव की परासरण सांद्रता के समान होती है, समपरासारी कहलाता है।


Q. 166014 एक रक्त समूह जिसमें प्रतिजन A और B दोनों उपस्थित होते हैं लेकिन प्रतिरक्षी अनुपस्थित होते हैं:


A.
A.

B. B.

C. AB.

D. O.

Right Answer is: C

SOLUTION

रक्त समूह AB वाले व्यक्ति में उसकी लाल रुधिर कणिकाओं की सतह पर A और B दोनों प्रतिजन उपस्थित होते हैं और उनके रक्त सीरम में प्रतिजन A या B  के विरुद्ध कोई भी प्रतिरक्षी नहीं होता| इसलिए रक्त समूह AB वाला व्यक्ति किसी भी समूह से रक्त ग्रहण कर सकता है किन्तु रक्तदान रक्त समूह AB वाले व्यक्ति को ही कर सकता है|


Q. 166015 बाएँ अलिंद में

फोसा ओवैलिस स्थित होता है बाएँ निलय में<div class= Right Answer is: C

SOLUTION

दायें अलिंद में स्थित फोसा ओवैलिस फोरामेन ओवैलिस का भ्रूणीय अवशेष है, जो सामान्यतः जन्म के तुरंत बाद बंद हो जाता है|


Q. 166016 यकृतीय निवाहिका तंत्र रक्त प्रवाहित करता है:


A. आहार नाल से यकृत तक

Right Answer is: B

SOLUTION

हाइपोफिसिल निवाहिका तंत्र रुधिर वाहिका का तंत्र है जो पश्च पियूष ग्रंथि और हाइपोथलमस को जोड़ता है| यह दोनों संरचनाओं के मध्य अन्तःस्रावी संचार को नियमित करता है|


Q. 166017 केशिकाओं से प्रारम्भ होकर और केशिकाओं में ही समाप्त होने वाला रुधिर परिसंचरण कहलाता है:


A. निवाहिका परिसंचरण

B. यकृत परिसंचरण

C. वृक्कीय परिसंचरण

D. लसिका  परिसंचरण

Right Answer is: A

SOLUTION

निवाहिका परिसंचरण क्रमबद्ध परिसंचरण का एक भाग है जिसमें रक्त हृदय में लौटने से पहले एक बड़ी वाहिका के माध्यम एक प्रवाह केशिका से दूसरी प्रवाह केशिका  में अपवाहित होता है |


Q. 166018 वाहिका जो डायफ्राम को रक्त की आपूर्ति करती है:


A. वृक्क धमनी

B. श्वासपटलीय धमनी

C. पुच्छ शूकधमनी

D. निम्न धमनी

Right Answer is: B

SOLUTION

निम्न श्वास पटलीय धमनियाँ दो छोटी वाहिकाएँ होती हैं,जो डायफ्राम को रक्त आपूर्ति करती हैं लेकिन उनकी उत्पत्ति में बहुत विभिन्नता होती है |


Q. 166019 स्पंदन को आसानी से पृष्ठीय धमनी पर देखा जा सकता है जैसे कि:


A. कलाई

B. डायाफ्राम

C. ह्यूमेरस

D. जंघा

Right Answer is: A

SOLUTION

स्पंदन को किसी भी जगह स्पर्श द्वारा महसूस किया सकता है जो एक धमनी को अस्थि के विरुद्ध संपीड़ित करने की अनुमति देता है। जैसे कलाई पर (रेडियल धमनी), गर्दन पर (कैरोटीड धमनी)|


Q. 166020 हृदय में
Right Answer is: B

SOLUTION

“हिज के बंडल” को “ए.वी. बंडल” या “अलिंद निलय बंडल” भी कहते है, विदधुतीय प्रवाह के लिए विशेष तौर पर हृदय मांसपेशियों की कोशिकाओं का संग्रह है जो ए.वी. पर्व से स्तब्कीय शाखाओं के शीर्ष तक विद्युत् आवेगों को संचारित करता है|


Q. 166021 मनुष्य में बायाँ अलिंद निलय छिद्र _____ के द्वारा सुरक्षित होता है
Right Answer is: A

SOLUTION

द्विवलनी कपाट हृदय के चार कपाटों में से एक है| यह कपाट बाएँ अलिंद और बाएँ निलय के मध्य स्थित होता है| यह रक्त के प्रवाह को बाँए अलिंद से बाँए निलय में एक ही दिशा में निश्चित करता है|


Q. 166022 मस्तिष

कोरडेइ तेंडीनेइ पायी जाती हैं हृदय के अलिंद में<div class= Right Answer is: D

SOLUTION

कार्डिए तेंडीनेइ अन्कुरक मांसपेशियों के साथ अनुशिथिलन के दौरान हृदय वाल्व (जैसे त्रिवलनी कपाट और द्विवलनी कपाट) बंद करने में सहायता करता है ,जो निलय से अलिंद में रक्त के विपरीत प्रवाह को रोकता है|


Q. 166023 हृदय स्पंदन को उद्दीपित करता है:


A. मेस्कालिन

B. एल.एस.डी.

C. गांजा

D. एपिनेफ्रीन

Right Answer is: D

SOLUTION

एपिनेफ्रीन अधिवृक्क ग्रंथि द्वारा स्रावित एक हार्मोन है, जो हृदय स्पंदन को तीव्र कर देता है और रक्त वाहिकाओ को संकुचित करता है|


Q. 166024 यकृत में
Right Answer is: C

SOLUTION

पुरकिंजे तंतु ठीक अंतहृर्द के नीचे हृदय की आंतरिक निलय भित्ति में स्थित होते हैं|


Q. 166025 एक व्यक्ति जिसके प्लाज्मा की लाल रुधिर कणिकाओं में प्रतिजन ‘B’ तथा ‘एंटी- A’ प्रतिरक्षी उपस्थित होती हैं, वह किस रक्त समूह से सम्बंधित होता है?


A. O.

B. AB.

C.
A.

D. B.

Right Answer is: D

SOLUTION

रक्त समूह B वाले व्यक्ति में लाल रुधिर कणिकाओं की सतह पर प्रतिजन B और रुधिर सीरम में प्रतिरक्षी A के स्थान पर IgM  प्रतिरक्षी होते हैं| इसलिए रक्त समूह B वाले व्यक्ति केवल रक्त समूह B या  O वाले व्यक्ति से ही रक्त ग्रहण कर सकते हैं (B अधिक उचित है) और रक्त समूह B या AB वाले व्यक्ति को रक्तदान कर सकते हैं|


Q. 166026 स्तनधारियों में हृदय के दायें अलिंद में रक्त कहाँ से आता है:


A. फुफ्फुस शिरा

B. प्रिकैवल्स

C. उच्च महाशिरा और निम्न महाशिरा

D. शिराकोटर

Right Answer is: C

SOLUTION

उच्च महाशिरा एक लम्बी शिरा है जो शरीर के अर्ध उर्ध्व भाग से ऑक्सीजन रहित रक्त को हृदय के दाएँ अलिंद तक ले जाती है| निम्न महाशिरा (या आईवीसी) एक लम्बी शिरा है जो ऑक्सीजन रहित रक्त को शरीर के निचले भाग से हृदय के बाएँ अलिंद तक ले जाती है|


Q. 166027 इलेक्ट्रो-एन्सेफ्लोग्र

इइजी और इसीजी का पूरा नाम लिखें<div class= Right Answer is:

SOLUTION

इलेक्ट्रो-एन्सेफ्लोग्राम और विद्युत् हृद लेख|


Q. 166028 वह कौन से दो द्रव हैं जो मानव शरीर में पदार्थो के संवहन में सहायता करते हैं?
Right Answer is:

SOLUTION

रक्त और लसिका|


Q. 166029 सीरम से क्या तात्पर्य है?
Right Answer is:

SOLUTION

सीरम भूरे रंग का द्रव है जो रक्त का थक्का बनते समय बाहर निकलता है अर्थात यह फाइब्रिनोजन को हटाकर प्लाज्मा है|


Q. 166030 खुला

खुला और बंद परिसंचरण तंत्र के बीच अंतर को लिखिये<div class= Right Answer is:

SOLUTION

खुला और बंद परिसंचरण तंत्र

-जब हृदय द्वारा रक्त को रक्त वाहिकाओं में पंप किया जाता है जो कि रक्त स्थान (कोटरों ) या देहगुहा (साइनस) में खुलता है, तो यह खुला परिसंचरण तंत्र कहलता है, जैसे- आर्थोपोंड्स और मोलस्क में|

- जब हृदय द्वारा रक्त का प्रवाह एक दूसरे से जुडी रक्त वाहिनियों के जाल में होता है तो यह बंद परिसंचरण तंत्र कहलाता है, जैसे- ऐनेलिडा और कशेरुकी में|


Q. 166031 Rh सहित (Rh+) और Rh हीन ( Rh-) वाले व्यक्तियों में क्या अंतर है?
Right Answer is:

SOLUTION

Rh सहित (Rh+) व्यक्ति की लाल रुधिर कणिकाओं (RBC) में Rh प्रतिजन उपस्थित होता है और Rh हीन (Rh-) व्यक्ति की लाल रुधिर कणिकाओं (RBC) में Rh प्रतिजन अनुपस्थित होता है |


Q. 166032 ये कैसे ऊत्पन्न होती हैं

दो हृदय ध्वनियों के नाम बताओ<div class= Right Answer is:

SOLUTION

दो हृदय ध्वनियाँ लब और डब हैं|

  • निलय संकुचन के प्रारम्भ में ए.वी. कपाट के बंद होने के कारण पहली हृदय ध्वनि लब उत्पादित होती है।
  • निलय प्रकुचन के प्रारम्भ में अर्द्ध चन्द्राकार कपाट के बंद होने के कारण दूसरी ह्रदय ध्वनि डब उत्पादित होती है|


Q. 166033क पेशीजनक हृदय और तंत्रिका

निम्न में अंतर स्पष्ट कीजिये<div class= Right Answer is:

SOLUTION

क) पेशीजनक हृदय और तंत्रिकाजनक हृदय

यदि हृदय में पेशीय तंतु में हृदय क्रिया उत्पन्न होती है और हृदय क्रियाओं को पेशीय (नोडल) ऊतकों की मांसपेशियों द्वारा नियंत्रित किया जाता है, तो हृदय को पेशीजनक (मायोजेनिक) हृदय कहते हैं|

यदि हृदय में क्रिया पेशीय तंतु द्वारा उत्पन्न नहीं होती है, लेकिन तंत्रिका उद्दिपन्न के कारण उत्पन्न होती है, तो हृदय को तंत्रीय हृदय (न्यूरोजेनिक हार्ट) कहते हैं ।

ख) प्रकुंचन और अनुशिथिलन

हृदय प्रकोष्ठों का सिकुड़ना प्रकुंचन कहलाता है |

हृदय प्रकोष्ठों का फैलना अनुशिथिलन कहलाता है |


ग) फुप्फुसीय परिसंचलन और दैहिक परिसंचलन

ऑक्सीजन रहित रक्त का दाएँ निलय से फेफड़ो तक प्रवाह और ऑक्सीजन सहित रक्त का फेफड़ो से बाएँ अलिंद में प्रवाह फुप्फुसीय परिसंचरण कहलाता है|

ऑक्सीजन सहित रक्त का बाएँ निलय से शरीर के सभी अंगो (फेफड़ो को छोड़कर) में प्रवाह और ऑक्सीजन रहित रक्त का सभी अंगो से दाएँ अलिंद में प्रवाह दैहिक परिसंचरण कहलाता है|


Q. 166034


A. x– 1

B. x2 – 2

C. x2

D. x2 + 1

Right Answer is: B

SOLUTION


Q. 166035 मान लीजिए कि f = {(1,1),(2,3),(0,1),(–1,–3)} Z से Z में, f(x)=ax + b, द्वारा परिभाषित एक फलन है, जहाँ a, b कोई पूर्णांक हैं। a, b को ज्ञात कीजिए।


A. 2,–1

B. –1,2

C. 1,2

D. –2,–1

Right Answer is: A

SOLUTION


Q. 166036


A. f एक फलन है और g एक फलन नहीं है

B. g एक फलन है और f भी एक फलन है

C. g एक फलन है और f एक फलन नहीं है

D. f एक फलन नहीं है और g भी एक फलन नहीं है

Right Answer is: A

SOLUTION

(i) f(x) = x2 तथा f(x) = 3x दिए गए अंतरालों में परिभाषित है| x = 3 के लिए, f(x) = x2 का प्रयोग करके f(3) = 32 = 9 और f(x) = 3x का प्रयोग करके f(3)= 3×3 = 9 है अतः f, x = 3 पर परिभाषित है, अतः, f फलन है। (ii)   g (x) = x2 अंतराल 0 ≤x < 2 में परिभाषित है| g (x) = x2 का प्रयोग करके g(2) = 22 = 4 g(x) = 3x अंतराल 2 ≤ x ≤ 10 में परिभाषित है g(x) = 3x का प्रयोग करके g(2) = 3 × 2 = 6 लेकिन x = 2 पर, g पर संबंध के दो मान हैं। संबंध g फलन नहीं है।


Q. 166037
Right Answer is:

SOLUTION


Q. 166038
Right Answer is:

SOLUTION


Q. 166039
Right Answer is:

SOLUTION


Q. 166040 माना कि A = {1, 2, 3, 4}, B = {1, 5, 9, 11, 15, 16} और f = {(1, 5), (2, 9), (3, 1), (4, 5), (2, 11)} a) क्या A से B में f एक संबंध है? क्यों?
b) क्या A से B में f एक फलन है? क्यों?
Right Answer is:

SOLUTION


Q. 166041
Right Answer is:

SOLUTION

a) चूँकि क्रमित युग्म समान हैं, अतः
x – 2 = 4 और y + 3 = 1
x = 4 + 2 = 6
और y = 1 3 = –2


Q. 166042
Right Answer is:

SOLUTION

 

 

 


Q. 166043 माना कि फलन f और g निम्न के द्वारा परिभाषित वास्तविक फलन हैं:
f(x) = 4x + 1 और g(x) = 6x -7 (a) कितनी वास्तविक संख्याओं x के लिए, f(x) = g(x)? (b) कितनी वास्तविक संख्याओं x के लिए, f(x) < g(x)?
Right Answer is:

SOLUTION


Q. 166044
Right Answer is:

SOLUTION


Q. 166045 माना कि फलन f, g: R→R, f(x) = x - 1, g(x) = 2x – 5 द्वारा परिभाषित है। ज्ञात कीजिए:

a) f - g.
b) f/g.
Right Answer is:

SOLUTION

a) (f – g)x = f(x) – g(x)
               = x – 1 – (2x – 5)
               = x – 1 – 2x + 5
               = 4 – x

b) (f/g)x = f(x)/g(x) = (x – 1)/(2x – 5),
जहाँ x ≠ 5/2.


Q. 166046
Right Answer is:

SOLUTION


Q. 166047 एक पहिया एक मिनट में 120 बार घूर्णन करता है। एक सेकंड में, यह _____से होते हुए घूमता है।


A. 2π रेडियन

B. 4π रेडियन

C. 6π रेडियन

D. 12π रेडियन

Right Answer is: B

SOLUTION

एक सेकंड में, एक पहिया 2 बार घूर्णन करता है और एक घूर्णन में यह 2π रेडियन से होते हुए मुड़ता है।
अतः, 2 घूर्णनों में यह 4π रेडियन से होते हुए मुड़ेगा।


Q. 166048 sin x की अवधि है:


A. 2 π

B. π

C.   π /2

D.   π /4

Right Answer is: A

SOLUTION

यदि t लघुत्तम धनात्मक वास्तविक संख्या इस प्रकार है कि सभी X के लिए f(x + t) = f(x), तो t को f(x) की अवधि कहा जाता है। हम जानते हैं कि 2 π लघुत्तम धनात्मक वास्तविक संख्या है, जिसके लिए sin (2 π + t) = sin t


Q. 166049 20°20’ _____के बराबर है।


A. 2π/9 रेडियन

B. π/9 रेडियन

C. 61 π /540 रेडियन

D. 3660/π रेडियन

Right Answer is: C

SOLUTION

20°20’ = (20+1/3)°
= (61/3)°
= (61/3)×(π/180) रेडियन
= 61π/540 रेडियन


Q. 166050 sec x का प्रांत (Domain) है:


A.

B.

C.

D. [1, - 1]

Right Answer is: C

SOLUTION


Q. 166051 sec2 θ + cosec2 θ का न्यूनतम मान (minimum value) है:


A. 0

B. 1

C. 2

D. ≥4

Right Answer is: D

SOLUTION


Q. 166052 tan x की अवधि (Period) है:


A. 2 π

B. π

C. π /2

D. π /4

Right Answer is: B

SOLUTION

यदि t लघुत्तम धनात्मक वास्तविक संख्या (smallest positive real number) इस प्रकार से है कि सभी x के लिए
f(x + t) = f(x), तो t को f(x) की अवधि कहा जाता है। हम जानते हैं कि π लघुत्तम धनात्मक वास्तविक संख्या है, जिसके लिए
tan ( π + t) = tant.


Q. 166053 यदि दो वृत्तों में समान लंबाइयों के चाप केंद्र पर 45° और 90° के कोण अंतरित (subtend) करते हैं, तो उनकी त्रिज्याओं का अनुपात है:


A. 1 : 3

B. 2 : 1

C. 1 : 4

D. 4 : 6

Right Answer is: B

SOLUTION


Q. 166054 रेनवीयर के नोड पायें जाते है जहाँ


A. तंत्रिका माइलीन आवरण से आवरित होती है

Right Answer is: C

SOLUTION

तंत्रिकाक्ष या तंत्रीय तंतुओं के चारों ओर माइलीन आवरण में सतत अंतराल पर रेनवीयर के नोड स्थित होते हैं| लगभग एक माइक्रो मीटर लम्बे ये अन्तराल तंत्रिकाक्ष झिल्ली को अतिरिक्त कोशिकीय द्रव की ओर खोलते हैं (माइलीन आवरण तंत्रिकाक्ष पर वसा ऊतकों की परत होती है)|


Q. 166055 एक संरचना जिसमें रोम कोशिकाएँ श्रवण ग्राही के रूप में कार्य करती हैं:


A. आधार झिल्ली

B. बेस्टिब्लुयर संयंत्र

C. आर्गन ऑफ कॉर्टाई

D. अर्द्धचंद्राकार नलिकाएँ

Right Answer is: C

SOLUTION

आर्गन ऑफ कॉर्टाई आधार झिल्ली में स्थित होता है जिसमें रोम कोशिकाएँ श्रवण ग्राही के रूप में कार्य करती हैं| रोम कोशिकाएँ आर्गन ऑफ कॉर्टाई की आतंरिक सतह पर श्रंखला में पाई जाती हैं|


Q. 166056 एक तंत्र जो आवेगों को केन्द्रीय तंत्रिका तंत्र से कंकाल पेशियों तक प्रसारित करता है:


A. स्वायत्त तंत्रिका तंत्र

B. कायिक तंत्रिका तंत्र

C. केंद्रीय तंत्रिका तंत्र

D. अनुकम्पी तंत्रिका तंत्र

Right Answer is: B

SOLUTION

स्वायत्त तंत्रिका तंत्र आवेगों को केंद्रीय तंत्रिका तंत्र से चिकनी पेशियों तक ले जाता है | केंद्रीय तंत्रिका तंत्र में मस्तिष्क और मेरुरज्जु सम्मिलित होते हैं जो सूचनाओं के संचारण और नियंत्रण का केंद्र है, जबकि अनुकम्पी तंत्रिका तंत्र स्वायत्त तंत्रिका तंत्र का भाग है। इसलिए, यह कायिक तंत्र है जो केंद्रीय तंत्रिका तंत्र से कंकाल की पेशियों में आवेगों को प्रसारित करता है।


Q. 166057 मस्तिष्क का कौन-सा भाग शरीर के तापमान को नियंत्रित करता है?
Right Answer is:

SOLUTION

अधश्चेतक; मस्तिष्क का वह भाग है जो शरीर के तापमान को नियंत्रित करता है|


Q. 166058 आच्छ्दी तंत्रिकोशिका में कौन-सा क्षेत्र है जहाँ माइलिन आवरण अनुपस्थित होता है
Right Answer is:

SOLUTION

रेनवीयर के नोड में माइलिन आवरण अनुपस्थित होता है|


Q. 166059 मष्तिष्क का कौन सा भाग मनोभावों को नियंत्रित करता है ?
Right Answer is:

SOLUTION

अधश्चेतक के साथ मिलकर लिंबिक तंत्र मनोभावों को नियंत्रित करता है |


Q. 166060 यूस्टेकियन नलिका का क्या कार्य है?
Right Answer is:

SOLUTION

यूस्टेकियन नलिका मध्य कर्ण को श्वास नलिका से जोड़ती है; यह मध्य कर्ण से फेरिंक्स तक जाती है| इसका उद्देश्य मध्य कर्ण के दाब को वातावरण के दाब के बराबर करना होता है| यूस्टेकियन नलिका का कार्य मध्य कर्ण को सुरक्षित, वायवीय और शुष्क रखना है। वयस्क में यूस्टेकियन नलिका दो माँसपेशियों में टेंसर तालु और लेवेटर (उन्न्मनी) तालु द्वारा खोला जाता है।


Q. 166061 नीचे दिए गए वक्तव्य की व्याख्या करें:
“मस्तिष्क का दायाँ भाग शरीर के बाएँ भाग को नियंत्रित करता है,जबकि मस्तिष्क का बायाँ भाग शरीर के दाएँ भाग को नियंत्रित करता है
Right Answer is:

SOLUTION

तंत्रिका तंतु मस्तिष्क को शरीर के बाकी भागों से जोड़ते हुए मस्तिष्क स्तम्भ से गुजरते हुए शरीर के दूसरे तरफ चले जाते हैं| जब वे मेड्यूला (मस्तिष्क तंत्र का हिस्सा) में बढ़ते हैं तो संवेदी तंतु से विनियमित हो जाते हैं। चालक तंतु मस्तिष्क के दाहिनी ओर से आते हैं और कशेरुकी स्तर तक पहुँचकर अपने पृष्ठीय आधार गैंग्लिया तक पहुँचने के लिए विनियमित हो जाते हैं|


Q. 166062 नीचे दी गई तालिका में तंत्रिकाक्ष द्वारा आयन विभव के प्रतिकूल तंत्रिका आवेगों की अवस्थाओं का उल्लेख कीजिये:
Right Answer is:

SOLUTION


Q. 166063 तंत्रिका आवेगों में उत्पत्ति और संचरण की प्रक्रिया की व्याख्या कीजिये?
Right Answer is:

SOLUTION

तंत्रिका आवेगों का एक न्यूरॉन से दूसरे न्यूरॉन तक संचरण सिनेप्सिस द्वारा होता है| सिनेप्सिस तंत्रिका संधि है जिसका निर्माण पूर्व-सिनैप्टिक की तंत्रिकाक्ष और पश्च- सिनैप्टिक की दुम्राक्ष्य या कोशिका भित्ति से होता है| सिनेप्स के आधार पर तंत्रीय आवेगों का संचलन दो प्रकार से होता है :

विद्युत् सिनेप्स पर संचलन :

तंत्रिका आवेग सीधे एक विद्युत सिनेप्स के माध्यम से प्रेषित किया जाता है, यानी, एक धुरी के साथ आवेग की चाल के समान।

रासायनिक सिनेप्स पर संचरण:

रासायनिक सिनेप्स पर तंत्रिका आवेग सिनेप्टिक पुटिकायों में निहित न्यूरोट्रांसमीटर नामक विशेष रसायनों द्वारा संचरित किया जाता है। जब छोर पर आवेग आता है, तो सिनेप्टिकपुटिकाएं झिल्ली की ओर बढ़ने के लिए उद्दीपित हो जाती हैं औरझिल्ली के साथ न्यूरोट्स के बीच के अंतर में न्यूरोट्रांसमीटर को मुक्त कर देती हैं। ये न्यूरोट्रांसमीटर पश्च-सिनैप्टिक न्यूरॉन की झिल्ली पर स्थित अपने ग्राहियों से संयोजित होते हैं। इससे पश्च-सिनैप्टिक न्यूरॉन में विकिरण के कारण पश्च -सिनैप्टिक न्यूरॉन में आयन चैनल खुल जाते हैं। इसलिए आवेग संचरित हो जाता है।


Q. 166064 एक विद्युत सिनेप्स के माध्यम से तंत्रिका आवेग का संचालन रासायनिक सिनेप्स से तीव्र क्यों होता है?
Right Answer is:

SOLUTION

एक विद्युत सिनेप्स पूर्व-और पश्च सिनेप्सटिक कोशिकाओं, के मध्य संकरा अंतराल स्थापित करती है, जिसे अन्तरालीय संधि के रूप में जाना जाता है। अंतराल संधियों पर, कोशिकाएँ एक-दूसरे के लगभग 3.5 nm समीप होती हैं, जो 20-40 nm दूरी की तुलना में बहुत छोटी दूरी है और वे कोशिकाओं को रासायनिक स्नेप्सिस से अलग करती है। रासायनिक स्नेप्सिस के विपरीत, विद्युत स्नेप्सिस में पश्च सिनेप्सटिक विभव रासायनिक ट्रांसमीटर द्वारा आयन चैनलों के खुलने के कारण नहीं होता, अपितु दोनों न्यूरॉन्स के बीच सीधे विद्युत युग्मन द्वारा होता है | अतः विद्युतसिनेप्सिस में तंत्रिका आवेग तीव्रता से प्रसारित होता है, जबकि रासायनिक सिनेप्सिस में लगभग 1 मिलीसेकंड का समय लगता है|


Q. 166065

मस्तिष्क की संरचना का वर्णन उपयुक्त आरेख द्वारा करें<div class= Right Answer is:

SOLUTION

मस्तिष्क तंत्रिका तंत्र का केंद्रीय नियंत्रण अंग है। मानव मस्तिष्क खोपड़ी के अंदर अच्छी तरह से सुरक्षित रहता है। यह तीन मेनिंजेज , ड्यूरामैटर (बाहरी परत), एरेक्नॉइड (मध्य परत) और पायामैटर (सबसे निचला) द्वारा घिरा रहता है। मस्तिष्क को तीन भागो में विभक्त किया जा सकता है:

अ) अग्रमस्तिष्क : इसमें सेरेब्रम, थैलेमस और हाइपोथैलेमस होते हैं।

• सेरेब्रम मस्तिष्क का सबसे बड़ा हिस्सा है। यह दो गोलार्द्धों में विभाजित होता है जो कि तंत्रिका तंतु की पोटली से जुड़े होते हैं जिन्हें कॉर्पस कॉलोसम कहा जाता है। सेरेब्रल गोलार्धों की सतह को सेरेब्रल कॉर्टेक्स कहा जाता है, जो भूरे पदार्थ से बना होता है और इसे फोल्ड में डाल दिया जाता है। सेरेब्रल कॉर्टेक्स में मोटर क्षेत्र, संवेदी क्षेत्र और सहभागी क्षेत्र हैं।

• थैलेमस मस्तिष्क गोलार्धों द्वारा पृष्ठीय रूप से अवरित है।

• हाइपोथैलेमस थैलेमस के आधार पर स्थित है।

ब) मध्य मस्तिष्क : यह अग्रमस्तिष्क और पश्च मस्तिष्क के बीच स्थित होता है। मध्य मस्तिष्क की ऊपरी सतह में तंतु होते हैं जो अग्रमस्तिष्क और पश्च मस्तिष्क को जोड़ते हैं। इसकी पृष्ठीय सतह में चार उभार होते है जिसे कॉर्पोरा क्वाड्रिजेमीन कहते है।

स) पश्च मस्तिष्क : इसमें अनुमस्तिष्क (सेरिबैलम), पोन्स और मध्यांश (मेडुला) शामिल हैं।

• सेरिबैलम(अनुमस्तिष्क ) सेरिब्रम के पश्च भाग से नीचे है और इसमें परत है।

• पोन्स मध्यांश (मेडुला)से ऊपर है और मस्तिष्क के विभिन्न क्षेत्रों को जोड़ता है।

• मध्यांश मस्तिष्क का सबसे निचला भाग है जो मस्तिष्क को रीढ़ की हड्डी से जोड़ता है।


Q. 166066 आच्छादित और अनाच्छादित तंत्रिका तंतु में अंतर स्पष्ट करें?
Right Answer is:

SOLUTION

एक तंत्रिका झिल्ली में चयनात्मक पारगम्य आयन चैनल होते हैं। जब एक तंत्रिका कोशिका किसी भी आवेग का संचरण नहीं करती जैसे विराम अवस्था में , तो धुरी की झिल्ली पोटैशियम आयनों (K+) के लिए अधिक पारगम्य होती है और कोशिका और सोडियम आयनों (Na +) के अंदर उपस्थित ऋण आवेशित प्रोटीन के लिए लगभग अपारगम्य है। यह आयनिक प्रवणता को कोशिका में 2 K+ और 3 Na + बाहर की ओर सक्रिय संचरण द्वारा बनाए रखता है। इसके कारण, झिल्ली के अंदर शुद्ध धन आवेश और झिल्ली के अंदर शुद्ध ऋण आवेश होता है। इस चरण में संभावित अंतर को विराम विभव कहा जाता है।

तंत्रिका आवेग की उत्पत्ति : विध्रुवीय अवस्था: एक उद्दीपन के रूप में अक्ष पर किसी भी बिंदु A पर , तंत्रिका कोशिका की झिल्ली Na+ के लिए पारगम्य हो जाती है और Na + आयन तेजी से झिल्ली की ओर जाते हैं। इससे उस बिंदु पर झिल्ली की ध्रुवीयता विपरीत हो जाती है, यानी, आंतरिक पक्ष धनात्मक हो जाता है और बाहरी पक्ष ऋणात्मक हो जाता है। इस चरण में झिल्ली को विध्रुविय और विभव अंतर को सक्रिय विभव या तंत्रिका आवेग कहा जाता है।

तंत्रिका आवेग का संचरण: बिंदु A से पहले बिंदुओं पर, यानी, B पर झिल्ली विभव विराम पर है। एक तरफ झिल्ली विभव में परिवर्तन झिल्ली की आतंरिक सतह पर A स्थल से B स्थल की ओर और B से A झिल्ली के बाहर की ओर प्रवाह को निकट आसन्न सतह पर संचलन होता है। इस प्रकार स्थल B पर झिल्ली विध्रुवित हो जाती है और A पर उत्पन्न आवेग B तक पहुंच जाता है। तंत्रिकाक्ष की लम्बाई के समांतर क्रम का पुनरावर्तन होता है और आवेग का संचरण होता है


Q. 166067


A. (i) और (iii)

B. (ii) और (iii)

C. (i) और (iv)

D. (i) और (iii)

Right Answer is: C

SOLUTION


Q. 166068 माना कि X = {1, 2, 3, 4, 5, 6, 7, 8}, तो निम्न में से कौन सा विकल्प सही है?


A.

B.

C.

D.

Right Answer is: C

SOLUTION

चूँकि रिक्त समुच्चय (empty set) प्रत्येक समुच्चय का एक उपसमुच्चय (subset) है।


Q. 166069


A. {x  R : -1< x< 7}

B. {x  R : -1< x< 3}

C. {x  R : -4< x< 7}

D. {x  R : -4< x< 3}

Right Answer is: C

SOLUTION


Q. 166070 यदि A = (2, 3, 4, 8, 10}, B = {3, 4, 5, 10, 12}, C = {4, 5, 6, 12, 14}, तो (A ∪ B) ∩ (A ∪C) का मान है:


A. {2, 3, 4, 5, 8, 10, 12}

B. {2, 4, 8, 10, 12}

C. {3, 8, 10, 12}

D. {2, 8, 10}

Right Answer is: A

SOLUTION


Q. 166071


A. {-2, -1, 0, 1, 2}

B. {0, 1, 2}

C. {-1, 0, 1}

D. {1, 2}.

Right Answer is: A

SOLUTION


Q. 166072 A = {1, 2, 3, 4, 5, 6} और B = {1, 3, 5, 7} का सममित अंतर (symmetric difference) है:


A. {1, 3, 5}

B. {2, 4, 6}

C. {2, 4, 6, 7}

D. {1, 2, 3, 4, 5, 6, 7}

Right Answer is: C

SOLUTION


Q. 166073 A और B दो समुच्चयों के लिए, n(A) = 48, n(B) = 60, n(A ∩ B) = 22, तो n(A ∪ B) का मान है:


A. 130

B. 108

C. 86

D. 12

Right Answer is: C

SOLUTION


Q. 166074 की

मैलपीगी नलिकाएँ क्या होती हैं कीटों के उत्सर्जी अंग<div class= Right Answer is: A

SOLUTION

मैलपीगी नलिकाएँ कॉकरोच सहित अधिकांश कीटों में पायी जाने वाली उत्सर्जी संरचनाएँ होती हैं| मैलपीगी नलिकाएँ  नाइट्रोजनी अपशिष्ट पदार्थो के उत्सर्जन और परासरण नियमन में सहायता करती हैं|


Q. 166075 गर्मियों में यात्रा करते समय अगर आप कुछ समय के लिए कुछ पेय पदार्थ नहीं लेते फिर भी बहुत पसीना आता है
Right Answer is: B

SOLUTION

हाइपोथेलेमस, मस्तिष्क का एक भाग रक्त की उच्च संपरासारी सांद्रता का पता लगाता है। हाइपोथैलेमस पीयूष ग्रंथि को संदेश भेजता है जो एडीएच को स्रावित करता है| यह रक्त से वृक्क में पहुँचता है, जो अधिक जल को पुनःअवशोषित करता है, जिससे मूत्र की मात्रा कम और अधिक सांद्रित हो अर्थात अतिपरासारी अथवा उच्चपरासारी मूत्र।


Q. 166076 वृक्काणु का भाग, जो यूरिया के लिए पारगम्य होता है और यूरिया को अन्तराकाश में ले जाने के लिए उत्तरदायी होता है:


A. समीपस्थ संवलित नलिका

B. हेनले का लूप

C. दूरस्थ संवलित नलिका

D. संग्रह नलिका

Right Answer is: D

SOLUTION

संग्रह नलिका यूरिया के लिए पारगम्य होती है| यूरिया संग्रहित नलिका से अन्तराकाश में वापिस प्रवाहित होता है जो मध्यांशी अन्तराकाश में यूरिया के सांद्रता परासरण को नियमित करने में सहायता करता है|


Q. 166077 परासरण नियमन क्या है?
Right Answer is:

SOLUTION

परासरण नियमन वह प्रक्रिया है जो प्राणियों के शरीर में विलेय सांद्रता और तरल पदार्थो का नियमन करती है |


Q. 166078 गुच्छीय निस्पंदन दर क्या है ? एक स्वस्थ व्यक्ति में यह दर कितनी होती है?
Right Answer is:

SOLUTION

वृक्कों द्वारा प्रति मिनट निस्यन्दित की गई रक्त की मात्रा को गुच्छीय निस्पंदन दर कहते हैं| एक स्वस्थ व्यक्ति में यह दर 125 मिली प्रति मिनट अर्थात 180 लीटर प्रति दिन होती है|


Q. 166079 मूत्रण प्रतिवर्त क्या है?
Right Answer is:

SOLUTION

वह तंत्रिका क्रियाविधि जो मूत्राशय से मूत्र उत्सर्जन करती है, मूत्रण प्रतिवर्त कहलाती है|


Q. 166080 वृक्काणुओं से नलिकाकार पुनरावशोषण की दो विधियाँ कौन-सी है? प्रत्येक विधि से अवशोषित कुछ पदार्थो के नाम बताए?
Right Answer is:

SOLUTION

नलिकाकार पुनरावशोषण की निम्न दो विधियाँ होती हैं :

अ) सक्रिय अवशोषण: इसमें उर्जा का अवशोषण शामिल होता है, जैसे: ग्लूकोज, अमीनो अम्ल, Na+, K+ और Ca++|

ब) निष्क्रिय अवशोषण: इसमें किसी प्रकार की उर्जा का अवशोषण नहीं होता, किन्तु प्रवणता को बनाए रखा जाता है| जैसे, परासरण द्वारा जल का पुनरावशोषण, क्लोराइड आयनों का पुनरावशोषण|


Q. 166081 वल्कुटीय वृक्काणुओं और सान्निध्य मध्यांश वृक्काणुओ में अंतर बतायें?
Right Answer is:

SOLUTION

सान्निध्य मध्यांश वृक्क

वल्कुटीय वृक्क

वृक्काणुओं का 85% भाग बनाते हैं

वृक्काणुओं का 15% भाग बनाते हैं |

हेनले लूप बहुत छोटे होते हैं |

हेनले लूप बहुत लम्बे होते हैं |

यह मध्यांश में बहुत कम धँसे रहते है |

यह मध्यांश में काफी गहराई तक धँसे रहते है |

वासा रेक्टा उपस्थित या ह्रासित होता है|

वासा रेक्टा हेनले लूप के

समानांतर उपस्थित होता है|


Q. 166082 निम्नलिखित तालिका में ‘a’, ‘b’, ‘c’ और ‘d’ की पहचान करें:
प्राणी उत्सर्जन की विधि उत्सर्जित पदार्थ
छिपकली यूरिकाम्ल उत्सर्जन ‘ख’
हाथी ‘क’ यूरिया
‘ग’ अमोनियोत्सर्ग अमोनिया
कॉकरोच ‘घ’ यूरिक अम्ल
Right Answer is:

SOLUTION

प्राणी

उत्सर्जन की विधि

उत्सर्जित पदार्थ

छिपकली

यूरिकाम्ल उत्सर्जन

यूरिक अम्ल

हाथी

यूरिया उत्सर्जन

यूरिया

मछली

अमोनियोत्सर्ग

अमोनिया

कॉकरोच

यूरिकाम्ल उत्सर्जन

यूरिक अम्ल


Q. 166083 मूत्र निर्माण के दौरान वृक्क नलिका के विभिन्न भागों की अवशोषण क्षमता किस प्रकार भिन्न होती है?
Right Answer is:

SOLUTION

वृक्क नलिका के विभिन्न भागों की अवशोषण क्षमता अलग-अलग होती है:

अ) समीपस्थ संवालित नलिका अवशोषण में सर्वाधिक सक्रिय होती है| यह 99% जल और गुच्छीय निस्पंदन से अधिकांश ग्लूकोज, अमीनो अम्ल, विटामिन-सी, Na+, K+ और Ca2+ का अवशोषण करती है |

ब) हेनले लूप की अवरोही भुजा जल के लिए पारगम्य होती है, जबकि आरोही भुजा जल के लिए अपारगम्य होती है लेकिन विद्युत अपघट्य के लिए पारगम्य होती है|

स) दूरस्थ संवालित नलिका और संग्रह नलिकाओ में Na+ और जल की पारगम्यता एल्डोस्टीरोन, एंटीडाइयूरेटिक हॉर्मोन और अलिन्दीय नेट्रीयेरेटिक पेप्टाइड हार्मोन द्वारा नियंत्रित होती है|


Q. 166084 उदकमेह वह स्थिति है जिसमें अत्याधिक प्यास लगती है और बार-बार मूत्र आता है
Right Answer is:

SOLUTION

इन प्रभावों के लिये ए.डी.एच. हार्मोन में असंतुलन उत्तरदायी होता है|

उदकमेह के निम्न कारण होते हैं:

(i) ए.डी.एच. के सामान्य संग्रह और पश्च पीयूष से इसके स्त्रावण का प्रभावित होना|

(ii) ए.डी.एच. के निम्न स्तर के प्रति वृक्क का कोई प्रतिक्रिया देने में अक्षम होना|

(iii) ए.डी.एच. हार्मोन की मूत्र को सांद्र करने की क्षमता का धीरे-धीरे कम होना|


Q. 166085 निम्नलिखित शब्दों को परिभाषित करें और इनका शारीरिक महत्त्व (क्यों और कैसे महत्वपूर्ण हैं) बतायें। (i) गुच्छीय आसन्न उपकरण (ii) पदाणु (iii) गुच्छीय निस्यन्दन दर (iv) प्रतिधरा क्रियाविधि (v) एंटीडाइयूरेटिक हार्मोन
Right Answer is:

SOLUTION

(i) गुच्छीय आसन्न (JG) उपकरण वृक्क के कार्यों में नियंत्रक की भूमिका निभाता है। इसमें मैक्यूला डेंसा कोशिकाएँ होती हैं जो दूरस्थ नलिका में Na + और Cl- सांद्रता के माध्यम से जीएफआर को समझ सकती हैं। रुधिर दाब में गिरावट के कारण जेजी कॉम्प्लेक्स सक्रिय होता है, जो कि रेनिन को स्रावित करता है जिस कारण एंजियोटेंसिनोजेन को एंजियोटेंसिन प्रथम में परिवर्तित किया जाता है और फिर एंजियोटेंसिन द्वितीय में परिवर्तित होता है। यह एल्डोस्टेरोन स्त्रवण के लिए अधिवृक्क वल्कुट को प्रेरित करता है, जो रक्त में Na+ और जल के पुनः अवशोषण को बढ़ाता है। इस प्रकार, जीएफआर में वृद्धि होती है।

(ii) आन्तरिक उपकला में विशेष कोशिकाएँ होती हैं जिन्हें पॉडोसाइट्स या पाद कोशिकाएँ कहा जाता है, जिनमें अपशिष्ट पदार्थों के निस्यन्दन के लिए खांच छिद्र नामक सूक्ष्म छिद्र होते हैं। इन छिद्रों में से अपशिष्ट पदार्थों और जल का उत्सर्जन होता है, लेकिन ये छिद्र लाल रक्त कणिकाओं, श्वेत रक्त कणिकाओं , प्लेटलेट्स और प्लाज्मा प्रोटीन के निस्यन्दन को रोकते हैं।

(iii) वृक्क द्वारा प्रति मिनट निस्यन्दन की मात्रा को गुच्छीय निस्यन्दन दर (जीएफआर) कहा जाता है। एक सामान्य वयस्क में जीएफआर 120 - 125 मिली/मिनट होता है। अपेक्षाकृत स्थिर गुच्छीय निस्यन्दन दर का रखरखाव महत्वपूर्ण है क्योंकि जल और विलेय का पुनःअवशोषण इस बात पर निर्भर करता है कि नलिकाओं के माध्यम से निस्यंद प्रवाह कितनी जल्दी होता है।

(iv) गुच्छीय वृक्काणु में हेनले (प्रतिधार गुणक) के दो लूप से निस्यंद प्रवाह और वासा रेक्टा (प्रतिधार परिवर्तक) में रक्त के प्रवाह के मध्य सम्बन्ध को प्रतिधारा क्रियाविधि कहते हैं|

(v) एंटीडाईयुरेटिक हार्मोन (एडीएच) के स्रवण से सांद्रित मूत्र का निर्माण होता है, जो संग्रह नलिकाओं को जल के लिए पारगम्य बनाता है और मूत्र से जल उद्ग्रहण को बढ़ा देता है।


Q. 166086 वृक्क किस प्रकार शरीर के pH को नियंत्रित करते हैं?
Right Answer is:

SOLUTION

pH का विनियमन शरीर में कार्बन डाइऑक्साइड/बाइकार्बोनेट बफरिंगतंत्र द्वारा नियंत्रित होता है, जिसमें तीन चरण होते हैं:

CO2 + H2O ↔ H2CO3 ↔ HCO3- + H+

HOH ↔ OH- + H+

CO2 + OH- + H+ ↔ HCO3- + H+

वृक्क द्वारा अम्ल का उत्सर्जन उन प्रमुख कारकों में से एक है, जो इस तंत्र को प्रभावित करते हैं। मूत्र में हाइड्रोजन आयनों (अम्ल) का उत्सर्जन प्लाज्मा में बाइकार्बोनेट की सांद्रता को बनाए रखने के लिए मुख्य रूप से उत्तरदायी होता है।

स्तनधारी मूत्र हल्का-सा अम्लीय होता है। इसका pH लगभग 6 होता है और इसमें कोई बाइकार्बोनेट नहीं होता है। हालांकि, प्रारंभिक गुच्छीय निस्यंद में उच्च बाइकार्बोनेट सांद्रता और निम्न हाइड्रोजन आयन सांद्रता होती है। इसलिए, मूत्र निर्माण की प्रक्रिया में, अम्ल को निस्यंद में समायोजित और बाइकार्बोनेट को निष्कासित होना चाहिए। इसलिए, हाइड्रोजन आयन का उत्सर्जन और बाइकार्बोनेट आयन की प्राप्ति दोनों महत्वपूर्ण क्रियाविधियाँ हैं, जिनके द्वारा वृक्क शरीर के pH को नियंत्रित करने में सहायता करते हैं।


Q. 166087 उपास्थियाँ उपस्थित होती हैं


A.

दो संधियों के संधिस्थल पर

Right Answer is: B

SOLUTION

उपास्थियाँ कोमल कंकाल ऊतक होती हैं। ये दो अस्थियों के संधिस्थल पर उपस्थित होती हैं और मुख्य रूप से संधियों या जोड़ों की सुरक्षा करती हैं। इनमें कोंड्रोइटिन लवण उपस्थित होते हैं।


Q. 166088 हँसली को किस नाम से जाना जाता है


A.

अंसफलक

B.

अक्षक

C.

जानुफलक

D.

उरास्थि

Right Answer is: B

SOLUTION

अंस मखेला में दो हड्डियाँ होती हैं: अक्षक और अंसफलक| प्रत्येक अक्षक लम्बी, पतली अस्थि होती है जिसमे दो वक्र पाए जाते हैं| इस अस्थि को साधारणतया हँसली कहते हैं|


Q. 166089 मांसपेशी तंतुओं में पाए जाने वाले समान्तर रूप से व्यवस्थित तंतुओं की एक बड़ी संख्या को कहा जाता है


A.

एक्टिन

B.

मायोसिन

C.

मायोफाइब्रिल

D.

सार्कोप्लाजमिक जालिका

Right Answer is: C

SOLUTION

पेशी तंतु की एक विशेषता पेशीद्रव्य में समान्तर रूप से व्यवस्थित अनेक तंतुओं की उपस्थिति होती है जिसे मायोफिल्मेंट्स या मायोफाइब्रिल कहा जाता है, जिसमें एक्टिन और मायोसिन प्रोटीन होते हैं।


Q. 166090 मायोसिन का मोटा तंतु बना होता है


A.

मेरोमायसिन से

B.

ट्रोपोमायसिन से

C.

ट्रोपोनिन से

D.

मायोग्लोबिन से

Right Answer is: A

SOLUTION

प्रत्येक मोटा मायोसिन तंतु एक बहुलक प्रोटीन है| कई एकलकी प्रोटीन जिन्हें मेरोमायोसिन कहते हैं, एक मोटा मायोसिन तंतु बनाती हैं |


Q. 166091 पेशियाँ, संकुचन के लिए ऊर्जा प्राप्त करती हैं


A.

ग्लूकोस (शर्करा) द्वारा

B.

जी.टी.पी द्वारा

C.

Ca2+ आयन द्वारा

D.

ए.टी.पी. द्वारा

Right Answer is: D

SOLUTION

पेशियाँ संकुचन के लिए एटीपी के जल अपघटन से ऊर्जा प्राप्त करती हैं| चक्रीय क्रास सेतु बनाने के दौरान मायोसिन शीर्ष एटीपी को अपघटित कर ऊर्जा निर्मोचित करते हैं और इसके टूटने से लगातार पेशी संकुचन होता है|


Q. 166092 मायोग्लोबिन होता है


A.

श्वेत पेशीय तंतुओं में

B.

लाल पेशीय तंतुओं में

C.

हृदयी पेशीय तंतुओं में

D.

रक्त में

Right Answer is: B

SOLUTION

पेशी में ऑक्सीजन संग्रह करने वाला लाल रंग का एक वर्णक मायोग्लोबिन होता है| कुछ पेशियों में मायोग्लोबिन की मात्रा अधिक होती है जिससे वे लाल रंग की दिखती हैं| ऐसी पेशियों को लाल पेशियाँ कहते है|


Q. 166093 मेरुदंड, करोटि और पसलियाँ गठन करते हैं


A.

अंतरंग कंकाल

B.

बाह्यकंकाल

C.

अक्षीय कंकाल

D.

उपांगीय कंकाल

Right Answer is: C

SOLUTION

मेरुदंड, करोटि और पसलियाँ, अक्षीय कंकाल का गठन करते हैं, जिसमे 80 अस्थियाँ शरीर की मुख्य अक्ष पर वितरित होती हैं|


Q. 166094 स्टेपीज सबसे छोटी अस्थि है जो पायी जाती है


A.

मनुष्य की खोपड़ी में

Right Answer is: C

SOLUTION

प्रत्येक मध्यकर्ण में तीन छोटी अस्थियाँ होती है–मैलियस, इनकस एवं स्टेपीज, इन्हें सामूहिक रूप से कर्ण अस्थिकाएँ कहते है |


Q. 166095 अंस मेखला का अंग है


A.

इलियम

B.

श्रोणिउलूखल

C.

उरोस्थि

D.

ग्लीनॉइड गुहा

Right Answer is: D

SOLUTION

अंस मेखला में, एक्रोमियन के नीचे एक गहरा गर्त होता है जिसे ग्लीनॉइड गुहा कहते है| यह ह्यूमरस के शीर्ष के साथ संधियोजन करके कंधों की जोड़ बनाती है|


Q. 166096 फीमर की संधियोजन के लिए श्रोणिमेखला में एक कप के आकर की गुहा है


A.

एक्रोमियन

B.

श्रोणिउलूखल

C.

ग्लीनॉइड गुहा

D.

इस्चियम

Right Answer is: B

SOLUTION

प्रत्येक श्रोणि अस्थि तीन अस्थियों के संलयन से बनी होती है| इन अस्थियों के संयोजन स्थल पर एक गुहा एसिटैबुलम होती है, जिससे उरु अस्थि (फीमर) संधियोजन करती है|


Q. 166097 अक्षक और शीर्षधरा के बीच की संधि है


A.

धुराग्र संधि

B.

सैडल (काठी )संधि

C.

कब्ज़ा संधि

D.

विसर्पीसंधि

Right Answer is: A

SOLUTION

अक्षक और शीर्षधरा के बीच की संधि को धुराग्र संधि कहते है जो साइनोवियल संधि का एक प्रकार है |


Q. 166098 शरी

 आंतरकशेरुक गद्दी है    दो सेंट्रा के बीच गद्दी<div class= A.
B.
C.
D.

Right Answer is: A

SOLUTION

आंतरकशेरुक गद्दी मेरुदंड के प्रत्येक कशेरुका के बीच एक चपटी वृत्ताकार प्लेट है| यह एक मोटा रेशीय छल्ला होता है जिसका केन्द्रीय भाग कोमल, गाढ़ा, तरल जैसा होता है| यह मेरुरज्जु स्तम्भ के लिए एक गद्दी और अघातरोधक की तरह काम करता है |


Q. 166099 दीर्घवृत्ताभ संधि (जोड़) निम्न में से किन के बीच पायी जाती है


A.

टिबिया और फिबुला

B.

रेडियस और कार्पल्स

C.

मैटाकार्पल्स और अंगुलियों के फैलेंजेज

D.

ह्यूमरस और रेडियस

Right Answer is: C

SOLUTION

दीर्घवृत्ताभ संधि (जोड़) साइनोविअल संधि है, जिसमे कंद दीर्घवृत्ताकार गुहा में जकड़ी होती है जैसे कलाई की संधि| एक कंदीय संधि (जोड़) किसी अक्षीय घुमाव को नहीं होने देता लेकिन लचक, विस्तारण, अभिवर्तन, अपवर्तन और पर्यावर्तन को होने देता है|


Q. 166100 सैडल जोड़ निम्न में से किन के बीच उपस्थित होता है:


A.

टिबिया और फीमर

B.

ह्यूमरस और रेडियस

C.

मेटाकार्पल और कार्पल

D.

मेटाकार्पल और फैलेंजेज

Right Answer is: C

SOLUTION

सैडल संधि(जोड़) द्विअक्षीय संधि है जो दो प्रतिपक्ष स्तरों द्वारा द्विसंचलन को प्रभावित करती है, जिसमें से प्रत्येक स्तर एक दिशा में अवतल और दूसरी दिशा में उत्तल है जैसे अंगूठे की कार्पोमैटाकार्पल अस्थि संधि|


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