A. x < 2
B. x > 2
C. x > 8
D. x < 6
6x - 6 > 2x + 2
6x > 2x + 8
4x > 8
x > 2
A. (2, 1)
B. (-2, 1)
C. (1, -2)
D. (2, -1)
दिया गया है कि
- 3 < 4(x + 2) - 3 < 9
- 3 < 4x + 8 - 3 < 9
- 3 < 4x + 5 < 9
- 3 - 5 < 4x + 5 - 5 < 9 - 5
- 8 < 4x < 4
- 2 < x < 1
हल समुच्चय (solution set) में अंतराल (- 2, 1) में उपस्थित सभी वास्तविक संख्याएँ हैं।
A. 
B. 
C. 
D. 
A. 77
B. 81
C. 87
D. 88
A. 
B. 
C. 
D. 
A. 
B. 
C. 
D. 
A. 
B. 
C. 
D. 
A. 
B. 
C. 
D. 
A. 
B. 
C. 
D. 
A. 
B. 
C. 
D. 
A. 
B. 
C. 
D. 
A. 
B. 
C. 
D. 
A. 
B. 
C. 
D. 
A. 30 ≤ x < 50
B. 30 ≤ x < 60
C. 40 ≤ x < 50
D. 50 ≤ x < 50
A. {1, 2, 3, 4, 5}
B. {1, 2, 3, 4, 5, 6}
C. {0, 1, 2, 3, 4, 5}
D. {0, 1, 2, 3, 4, 5, 6}
A. x = – 7
B. x < – 7 या x > 7
C. x = 7
D. – 7 < x < 7
माना कि ‘a’ एक धनात्मक वास्तविक संख्या (positive real number) है, तो असमिका ।x। < a के लिए हल: – a < x < a
यहाँ 3y - 5x < 30
रेखा 3y - 5x = 30 का आलेख खींचने के लिए, हमें कम से कम दो हलों की आवश्यकता है,
इस प्रकार हलों को इस आलेख में छायांकित भाग (shaded region) द्वारा प्रदर्शित किया गया है.
यहाँ 7x + 3 < 5x + 9
⇒ 2x < 6 या x < 3
हलों को आलेख के रूप में यहाँ प्रदर्शित किया गया है:
यहाँ y + 8 ≥ 2x
रेखा y + 8 = 2x के आलेख को खींचने के लिए, हमें कम से कम दो हलों की आवश्यकता है, जो हैं:
इस प्रकार हलों को इस आलेख में छायांकित भाग (shaded region) द्वारा प्रदर्शित किया गया है.
माना कि त्रिभुज की सबसे छोटी भुजा AB = x cm
तो, सबसे बड़ी भुजा होगी = 4x cm
और तीसरी भुजा होगी = 4x - 2
त्रिभुज का परिमाप न्यूनतम 61 सेमी है।
x + 4x + 4x - 2 ≥ 61
⇒ 9x - 2 ≥ 61
⇒ x ≥ 7.
अतः, सबसे छोटी भुजा की न्यूनतम लंबाई 7 सेमी है।
इन तीनों प्रतिबंधों (conditions) को मिलाने पर, हम उपर्युक्त छायांकित भाग प्राप्त करते हैं, जो असमिका निकाय के हल को निरुपित करता है।
A.
453600
B.
59421600
C.
59875200
D.
199750400
दिए गए शब्द COMBINATIONS में कुल 12 अक्षर हैं, जिनमें 2 N,2 O और 2 I हैं। C और S के बीच के शेष 10 अक्षरों को व्यवस्थित करने के तरीकों की संख्या है:
A. 10P3 - 9P2
B. 10P3
C. 9P2
D. 9P3
एक समय में 3 अंक लेने पर, दस अंकों 0, 1, 2, 3, 4, 5, 6, 7, 8, 9 के विन्यासों की कुल संख्या =
सैंकड़ा के स्थान पर शून्य वाली संख्याओं की कुल संख्या =
अतः, भिन्न-भिन्न अंकों वाली 3-अंकीय संख्याओं की कुल संख्या =
A.
637
B.
638
C.
639
D.
640
माना कि वोट डालने के तरीकों की संख्या= W अतः, W = 10C1+ 10C2+ 10C3+ 10C4+ 10C5. W = 10 + 45 + 120 + 210 + 252 W = 637
A.
216
B.
144
C.
108
D.
90
सम संख्याओं के लिए, यह आवश्यक है कि इकाई (unit) के स्थान पर 2, 4 या 6 हो। अतः, इकाई का स्थान 3 तरीकों से भरा जा सकता है। अब दहाई और सैंकड़े का प्रत्येक स्थान 6 तरीकों से भरा जा सकता है।
अतः, तरीकों की अभीष्ट संख्या = 6×6×3= 108
A.
25
B.
120
C.
125
D.
625
5 बच्चों के एक बेंच पर बैठने के तरीकों की संख्या = 5! = 1 × 2 × 3 × 4 × 5 = 120
A.
2
B.
6
C.
12
D.
24
A.
17576
B.
15600
C.
78
D.
27
चूँकि अंग्रेजी वर्णमाला में कुल 26 अक्षर होते हैं, अतः पहला स्थान 26 तरीकों से, दूसरा स्थान 25 तरीकों से और तीसरा स्थान 24 तरीकों से भरा जा सकता है। इस प्रकार, शब्दों की अभीष्ट संख्या = 26×25×24= 15600
A.
594
B.
724
C.
924
D.
992
यहाँ, 2n = 4096 = 212
n = 12; अतः मध्य पद = t7;
t7 (या t6 + 1) में गुणांक= 12C6 = 924
A.
6
B.
7
C.
8
D.
12
[(x + 4y)3 (x – 4y)3]2 = {x2 – (4y)2}]6 = (x2 – 16y2)6
प्रसार में पदों की संख्या = n + 1 = 6 + 1 = 7
A. 
B. 
C. 
D.
व्यापक पद (General term): Tr +1 = 12Cr(x2)12 – r . (–yx)r


के प्रसार में x से स्वतंत्र पद (independent term) ज्ञात कीजिए।





के प्रसार में x से स्वतंत्र पद ज्ञात कीजिए।

आइए! सिद्ध करें कि 6n - 5n को 25 से विभाजित करने पर सदैव 1 शेष बचता है।
अर्थात, 6n - 5n = 25k + 1, जहाँ k कोई प्राकृत संख्या (natural number) है।
हम जानते हैं कि (1 + a)n = nC0 + nC1a + nC2a2 + ...+ nCnan
a = 5 रखने पर, हम प्राप्त करते हैं कि
(1 + 5)n = nC0 + nC15 + nC252 + ...+ nCn5n
6n = 1 + 5n + 25(nC2 + ... +nCn5n - 2)
6n - 5n = 1 + 25k, जहाँ k = nC2 + ... +nCn5n - 2
इससे सिद्ध होता है कि 6n - 5n को 25 से विभाजित करने पर सदैव 1 शेष बचता है।


A. -nd
B. a + 2nd
C. a + nd
D. 2nd
यहाँ,
S = a - (a + d) + (a + 2d) - (a - 3d) + … + (a + 2nd)
और –S = -a + (a + d) - (a + 2d) + (a - 3d) - … + (a + (2n - 1)d) - (a + 2nd)
अर्थात, 2S = a + {-d + d -d + d… 2n पदों तक} + {a + 2nd}
या 2S = 2a + 2nd
या S = a + nd
A. 4
B. 41
C. 43
D. 45
माना कि प्रथम पद a और सार्व अनुपात (common ratio) r है।
अतः, ar2= 4 … (1)
अब, प्रथम पाँच पदों का गुणनफल (product)
a(ar)(ar2)(ar3)(ar4) = a5r10
= (ar2)5
= 45
A. 31/24
B. 31/12
C. 31/48
D. 31/60
दिया गया है कि 2/3, k, 5/8 समांतर श्रेणी में हैं, तो
2k = 2/3 + 5/8
अर्थात, 2k = 31/24
या, k = 31/48
A. 35
B. 36
C. 37
D. 38
स्पष्टतः, दी गई श्रेणी के पद एक समांतर श्रेणी का निर्माण करते हैं, जिसका प्रथम पद a = 1 और सार्व अंतर d=5
माना कि इस श्रेणी में n पद हैं।
तो,
1+6+11+16 …+x = 148 और
n पदों का योग= 148,
अर्थात,
(n/2)[2a+(n-1)d] = 148
(n/2)[2+(n-1)5] = 148
जिसका यह तात्पर्य है कि,
5n2-3n-296 =0
या
(n-8)(5n+37) = 0
n = 8 (धनात्मक)
अब, x = nवाँ पद, अर्थात
x = a+(n-1)d
x = 1+(8-1)x5
x = 36
A. 31
B. 37
C. 43
D. 49
स्पष्टतः, दी गई श्रेणी के पद एक समांतर श्रेणी का निर्माण करते हैं, जिसका प्रथम पद a = 1 और सार्व अंतर (common difference) d=6
माना कि इस श्रेणी में n पद हैं।
तो,
1+7+12+18 …+x = 225
n पदों का योग= 225,
अर्थात, (n/2)[2a+(n-1)d] = 225
(n/2)[2+(n-1)6] = 225
जिसका यह तात्पर्य है कि,
3n2-2n-225 = 0
या, (n-9)(3n+25) = 0
n = 9 (धनात्मक)
अब, x = nवाँ पद, अर्थात,
x = a+(n-1)d
x = 1+(9-1)x6 = 49
A. 35
B. 36
C. 37
D. 40
A. n2
B. a2n2
C. a2n2- d2
D. [a+(n-1)d]2
चूँकि समांतर श्रेणी का nवाँ पद a+(n-1)d द्वारा प्रस्तुत किया जाता है,
अतः अभीष्ट nवाँ पद = [a+(n-1)d]2
A. (16/7)2n
B. (16/7)(2n-1)
C. (16/7)2n-1
D. (16/7)2-n
माना कि गुणोत्तर श्रेणी का प्रथम पद a और सार्व अनुपात (common ratio) r है, तो
a + ar + ar2 = 16 …(1)
ar3 + ar4 + ar5 = 128 …(2)
इन दोनों समीकरणों को हल करने पर, हम प्राप्त करते हैं
r = 2 और a = 16/7
अतः,Sn={(16/7)(2n-1)}/(2-1)
= (16/7)(2n-1)
A. 6559
B. 6560
C. 6561
D. 6562
दी गई श्रेणी एक गुणोत्तर श्रेणी है, जिसमें
a=2, r=3 और l=4374
अतः, अभीष्ट योग = (lr-a)/(r-1)
= (4374x3-2)/3-1
= 6560
A. (2/9) [n-(1/9)(1-10n]
B. n-(1/9)(1-10-n
C. (2/9) [n-(1/9)(1-10-n]
D. 2/9
A. n – 1 – 2-n
B. 1
C. n – 1 + 2-n
D. 1 + 2-n
A. 66
B. 32
C. 34
D. 24
माना कि Sn, n पदों के योग को निरुपित करता है। तो,
Sn = 6n2+4n
S2= 24 + 8 = 32
S3= 54 + 12 = 66
श्रेणी का तीसरा पद = S3 - S2 = 34
A. n/2 + (1/4) (3n -1)
B. n/2 + (1/2) (3n -1)
C. n/2 + (3/4) (3n -1)
D. n/2 - (1/4) (3n -1)
माना कि Sn = 2 + 5 +14 + 41 + .......+ xn
A. 2
B. 3/2
C. 1
D. –1
A. 2/3
B. 4/5
C. 2
D. 3
हम जानते हैं कि गुणोत्तर श्रेणी a, ar, ar2,... के अनंत पदों (infinite terms) का योग = a/ (1-r),
जहाँ
अतः, 1 + 1/2 + 1/4 + 1/8 +...+∞ = 1/(1– 1/2) = 2
A. p2 = q2 + r2
B. q2 = pr
C. q2 = qr
D. pqr + pq + 1 = 0
माना कि G.P. का प्रथम पद ‘a’ और सार्व अनुपात (common ratio) ‘R’ है,
तो t4 = aR3 = p … (i)
t7 = aR6 = q … (ii)
t10 = aR9 = r … (iii)
समीकरण (i) , (ii) और (iii) से
q2 = pr
A. 19
B. 21
C. 23
D. 28
यहाँ, an = 3n – 2
स्पष्टतः, n में an एक रैखिक अभिव्यक्ति (linear expression) है। अतः, दिया गया अनुक्रम एक समांतर श्रेणी है, जिसका
सार्व अंतर (common difference) 3 है।
n =10 रखने पर, हम प्राप्त करते हैं
a10 = 3 x 10 – 2 = 28
A. 11
B. 13
C. 15
D. 17
माना कि Sn, n पदों के योग को निरुपित करता है। तो,
Sn = 5n2+2n,
प्रथम पद a1 = S1 = 7
प्रथम दो पदों का योग S2=24
अतः, a2 = S2-a1=17
A. 178090
B. 168090
C. 188090
D. 190090
A. 21/2
B. 22/3
C. 21/3
D. 23/2
A. 3000
B. 3010
C. 3500
D. 3550
अभीष्ट योग = (2+4+6+…+100) + (5+15+25+…+95)
= 2(1+2+…+50) + 5(1+3+5+…+19)
= 3500
A. 19
B. 20
C. 21
D. 22
किसी समांतर श्रेणी (A.P.) का योग इस प्रकार होता है:
किसी समांतर श्रेणी के लिए,
Tn = a + (n - 1)d
यहाँ, a = 2, d = 4 और n = 12
T12 = 2 + (12 - 1)4 = 2 + 44 = 46
माना कि A प्रथम पद और R सार्व अनुपात (common ratio) है।
a = T6 = AR5, b = T12 = AR11 और c = T18 = AR17
ac = (AR5).(AR17)
= A2R22
=(AR11)2
= b2
इस प्रकार, हम प्राप्त करते हैं: b2 = ac
A.
B.
C.
D.
चूँकि z-अक्ष, x, y, z-अक्षों पर क्रमशः 90°, 90°, 0° के कोण बनाता है, अतः इसके दिक्-कोसाइन (direction cosines) cos 90°, cos 90°, cos 0°, अर्थात 0, 0, 1 हैं।
A.

B.

C.
D.
A.
B.
C.
D.
A.

B.

C.

D.

A.
B.
C.
D.
A.
B.
C.
D.
A.
2/3, 2/3, 2/3
B.
1/2, 1/4, –1/4
C.
2/3, 1/3, –2/3
D.
1/3, 1/4, 1/2
A.
B.
C.
D.
A. 
B. 
C. 
D. 
A.

B.

C.

D.

z-अक्ष के समांतर किसी रेखा के दिक्-कोसाइन (direction cosines) cos 90°, cos 90°, cos 0o, अर्थात 0, 0, 1 हैं।
इस प्रकार, दिक्-कोसाइन (direction cosines) 0, 0, 1 वाले (a, b, c) से होकर जाने वाली रेखा है:
A.
B.
C.
D.
A.
B.
C.
D.
चूँकि, समतल (1, 0, 0), (0, 1, 0) और (0, 0, 1) से होकर जाता है, अतः, यह x, y और z-अक्षों पर समान अर्थात 1 अंतःखंड (intercepts) बनाता है। अतः, इसका समीकरण है: x/1 +y/1 +z/1 = 1 या x+y+z=1
A. 
B. 
C. 
D.
A.
B.
C.
D.
A.
B.
C.
D.
यदि बिंदु XY-समतल में स्थित है, तो इसका z-निर्देशांक (coordinate) शून्य होगा। अतः, इसका रूप (x, y, 0) है।
A.
B.
C.
D.
और समतल के बीच कोण
है, तो
A.
B.
C.
D.
यदि दिए गए तल में दी गई रेखा है, तो समतल (plane) पर अभिलंब (normal) रेखा पर लंब (perpendicular) होना चाहिए और इसके लिए प्रतिबन्ध (condition) al + bm + cn = 0 है।
A.
B.
C.
D.
समतल पर अभिलंब के दिक्-अनुपात 2, 2, 1 हैं। अतः, अभिलंब के दिक्-कोसाइन हैं: